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बगैर परमिशन RCB ने बुलाए फैन्स… बेंगलुरु भगदड़ पर बड़ा खुलासा, क्या विराट कोहली तक पहुंचेगी जांच की आंच

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बेंगलुरू के चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर चार जून को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) की पहली आईपीएल जीत के जश्न के दौरान हुए भगदड़ में 11 लोगों की जान चली गई थी. इस हादसे में 50 से अधिक लोग घायल हुए थे. अब कर्नाटक सरकार की हाईकोर्ट में सौंपी गई स्टेटस रिपोर्ट ने इस मामले में सनसनीखेज खुलासा किया है. रिपोर्ट के अनुसार RCB ने बिना पुलिस की अनुमति या परामर्श के विक्ट्री परेड के लिए फैन्स को आमंत्रित किया, जिसके चलते यह हादसा हुआ.

यह खुलासा न केवल RCB की लापरवाही को उजागर करता है, बल्कि यह सवाल भी उठाता है कि क्या इस मामले में RCB के पूर्व कप्तान और चेहरा विराट कोहली भी कानूनी पचड़े में फंस सकते हैं? कर्नाटक सरकार की रिपोर्ट में कहा गया है कि RCB ने तीन जून को अहमदाबाद में अपनी जीत के बाद सोशल मीडिया पर सुबह 7:01 बजे एक पोस्ट के जरिए मुफ्त प्रवेश और विक्ट्री परेड की घोषणा की. यह परेड विधान सौधा से शुरू होकर चिन्नास्वामी स्टेडियम पर खत्म होनी थी. यह घोषणा बिना पुलिस की अनुमति के की गई थी. कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ (KSCA) ने तीन जून की शाम 6:30 बजे पुलिस से अनुमति मांगी थी, लेकिन अपेक्षित भीड़, व्यवस्था और संभावित जोखिमों की जानकारी न होने के कारण कब्बन पार्क पुलिस स्टेशन के इंस्पेक्टर ने अनुमति देने से इनकार कर दिया था. इसके बावजूद RCB ने अपने इवेंट को आगे बढ़ाया, जिसके परिणामस्वरूप भारी भीड़ जमा हुई और गेट नंबर 1, 2 और 21 पर भगदड़ मच गई.

जांच समिति ने इन्हें ठहराया जिम्मेदार

जस्टिस माइकल डी’कुन्हा की अध्यक्षता वाली जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट में कर्नाटक स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन, RCB, इवेंट मैनेजर डीएनए एंटरटेनमेंट और बेंगलुरु पुलिस को इस हादसे का जिम्मेदार ठहराया है. रिपोर्ट में कहा गया है कि आयोजकों ने स्टेडियम के गेटों को समय पर और समन्वित तरीके से नहीं खोला, जिसके कारण भीड़ ने गेट तोड़ दिए. गेट नंबर 2, 2A, 6, 7, 15, 17, 18, 20 और 21 पर बार-बार भगदड़ की स्थिति बनी.
इस हादसे के बाद RCB, KSCA और डीएनए एंटरटेनमेंट के खिलाफ लापरवाही और गैर-इरादतन हत्या के आरोप में कई FIR दर्ज की गईं. कर्नाटक हाईकोर्ट ने सरकार की स्थिति रिपोर्ट को गोपनीय रखने की मांग को खारिज करते हुए इसे KSCA, RCB और डीएनए के साथ साझा करने का आदेश दिया, ताकि पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित हो. कोर्ट ने कहा कि यह मामला राष्ट्रीय सुरक्षा या गोपनीयता से संबंधित नहीं है और जनता को सच जानने का हक है.
विराट कोहली का नाम इस मामले में सीधे तौर पर नहीं आया है, लेकिन सोशल मीडिया पर कुछ यूजर्स ने उनके खिलाफ तो कुछ उनके पक्ष में पोस्ट लिख रहे हैं. इस रिपोर्ट पर RCB की ओर से अभी तक कोई बयान नहीं आया है. आरसीबी के मुख्य मार्केटिंग अधिकारी निखिल सोसले के गिरफ्तार किया गया था लेकिन वह जमानत पर जेल से बाहर हैं. RCB ने ‘RCB Cares’ फंड की स्थापना कर पीड़ितों के लिए मुआवजे की घोषणा की है.

बालासोर कांड पर घिरी सरकार…..जगह-जगह किया चक्का जाम

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बालासोर घटना को लेकर आज ओडिशा बंद है. कांग्रेस समेत आठ विपक्षी राजनीतिक दलों ने बालासोर की 20 वर्षीय छात्रा की मौत के मामले में एकजुट होकर आज यानी 17 जुलाई को ‘ओडिशा बंद’ का आह्वान किया है. कांग्रेस की अगुवाई में विपक्ष राज्य के उच्च शिक्षा मंत्री का इस्तीफा और न्यायिक जांच की मांग कर रहा है. आज संयुक्त विपक्ष ओडिशा बंद रख रहा है. इससे पहले ओडिशा के बालासोर जिले में छात्रा की मौत के विरोध में विपक्षी बीजू जनता दल (बीजद) ने मंगलवार को बंद रखा था. इस दौरान बाजार, स्कूल-कॉलेज बंद रहे और अधिकतर वाहन सड़कों से नदारद दिखे.बालासोर घटना को लेकर आज ओडिशा बंद है. कांग्रेस समेत आठ विपक्षी राजनीतिक दलों ने बालासोर की 20 वर्षीय छात्रा की मौत के मामले में एकजुट होकर आज यानी 17 जुलाई को ‘ओडिशा बंद’ का आह्वान किया है. कांग्रेस की अगुवाई में विपक्ष राज्य के उच्च शिक्षा मंत्री का इस्तीफा और न्यायिक जांच की मांग कर रहा है. आज संयुक्त विपक्ष ओडिशा बंद रख रहा है. इससे पहले ओडिशा के बालासोर जिले में छात्रा की मौत के विरोध में विपक्षी बीजू जनता दल (बीजद) ने मंगलवार को बंद रखा था. इस दौरान बाजार, स्कूल-कॉलेज बंद रहे और अधिकतर वाहन सड़कों से नदारद दिखे.बालासोर घटना को लेकर आज ओडिशा बंद है. कांग्रेस समेत आठ विपक्षी राजनीतिक दलों ने बालासोर की 20 वर्षीय छात्रा की मौत के मामले में एकजुट होकर आज यानी 17 जुलाई को ‘ओडिशा बंद’ का आह्वान किया है. कांग्रेस की अगुवाई में विपक्ष राज्य के उच्च शिक्षा मंत्री का इस्तीफा और न्यायिक जांच की मांग कर रहा है. आज संयुक्त विपक्ष ओडिशा बंद रख रहा है. इससे पहले ओडिशा के बालासोर जिले में छात्रा की मौत के विरोध में विपक्षी बीजू जनता दल (बीजद) ने मंगलवार को बंद रखा था. इस दौरान बाजार, स्कूल-कॉलेज बंद रहे और अधिकतर वाहन सड़कों से नदारद दिखे.बालासोर घटना को लेकर आज ओडिशा बंद है. कांग्रेस समेत आठ विपक्षी राजनीतिक दलों ने बालासोर की 20 वर्षीय छात्रा की मौत के मामले में एकजुट होकर आज यानी 17 जुलाई को ‘ओडिशा बंद’ का आह्वान किया है. कांग्रेस की अगुवाई में विपक्ष राज्य के उच्च शिक्षा मंत्री का इस्तीफा और न्यायिक जांच की मांग कर रहा है. आज संयुक्त विपक्ष ओडिशा बंद रख रहा है. इससे पहले ओडिशा के बालासोर जिले में छात्रा की मौत के विरोध में विपक्षी बीजू जनता दल (बीजद) ने मंगलवार को बंद रखा था. इस दौरान बाजार, स्कूल-कॉलेज बंद रहे और अधिकतर वाहन सड़कों से नदारद दिखे.बालासोर घटना को लेकर आज ओडिशा बंद है. कांग्रेस समेत आठ विपक्षी राजनीतिक दलों ने बालासोर की 20 वर्षीय छात्रा की मौत के मामले में एकजुट होकर आज यानी 17 जुलाई को ‘ओडिशा बंद’ का आह्वान किया है. कांग्रेस की अगुवाई में विपक्ष राज्य के उच्च शिक्षा मंत्री का इस्तीफा और न्यायिक जांच की मांग कर रहा है. आज संयुक्त विपक्ष ओडिशा बंद रख रहा है. इससे पहले ओडिशा के बालासोर जिले में छात्रा की मौत के विरोध में विपक्षी बीजू जनता दल (बीजद) ने मंगलवार को बंद रखा था. इस दौरान बाजार, स्कूल-कॉलेज बंद रहे और अधिकतर वाहन सड़कों से नदारद दिखे.बालासोर घटना को लेकर आज ओडिशा बंद है. कांग्रेस समेत आठ विपक्षी राजनीतिक दलों ने बालासोर की 20 वर्षीय छात्रा की मौत के मामले में एकजुट होकर आज यानी 17 जुलाई को ‘ओडिशा बंद’ का आह्वान किया है. कांग्रेस की अगुवाई में विपक्ष राज्य के उच्च शिक्षा मंत्री का इस्तीफा और न्यायिक जांच की मांग कर रहा है. आज संयुक्त विपक्ष ओडिशा बंद रख रहा है. इससे पहले ओडिशा के बालासोर जिले में छात्रा की मौत के विरोध में विपक्षी बीजू जनता दल (बीजद) ने मंगलवार को बंद रखा था. इस दौरान बाजार, स्कूल-कॉलेज बंद रहे और अधिकतर वाहन सड़कों से नदारद दिखे.बालासोर घटना को लेकर आज ओडिशा बंद है. कांग्रेस समेत आठ विपक्षी राजनीतिक दलों ने बालासोर की 20 वर्षीय छात्रा की मौत के मामले में एकजुट होकर आज यानी 17 जुलाई को ‘ओडिशा बंद’ का आह्वान किया है. कांग्रेस की अगुवाई में विपक्ष राज्य के उच्च शिक्षा मंत्री का इस्तीफा और न्यायिक जांच की मांग कर रहा है. आज संयुक्त विपक्ष ओडिशा बंद रख रहा है. इससे पहले ओडिशा के बालासोर जिले में छात्रा की मौत के विरोध में विपक्षी बीजू जनता दल (बीजद) ने मंगलवार को बंद रखा था. इस दौरान बाजार, स्कूल-कॉलेज बंद रहे और अधिकतर वाहन सड़कों से नदारद दिखे.बालासोर घटना को लेकर आज ओडिशा बंद है. कांग्रेस समेत आठ विपक्षी राजनीतिक दलों ने बालासोर की 20 वर्षीय छात्रा की मौत के मामले में एकजुट होकर आज यानी 17 जुलाई को ‘ओडिशा बंद’ का आह्वान किया है. कांग्रेस की अगुवाई में विपक्ष राज्य के उच्च शिक्षा मंत्री का इस्तीफा और न्यायिक जांच की मांग कर रहा है. आज संयुक्त विपक्ष ओडिशा बंद रख रहा है. इससे पहले ओडिशा के बालासोर जिले में छात्रा की मौत के विरोध में विपक्षी बीजू जनता दल (बीजद) ने मंगलवार को बंद रखा था. इस दौरान बाजार, स्कूल-कॉलेज बंद रहे और अधिकतर वाहन सड़कों से नदारद दिखे.बालासोर घटना को लेकर आज ओडिशा बंद है. कांग्रेस समेत आठ विपक्षी राजनीतिक दलों ने बालासोर की 20 वर्षीय छात्रा की मौत के मामले में एकजुट होकर आज यानी 17 जुलाई को ‘ओडिशा बंद’ का आह्वान किया है. कांग्रेस की अगुवाई में विपक्ष राज्य के उच्च शिक्षा मंत्री का इस्तीफा और न्यायिक जांच की मांग कर रहा है. आज संयुक्त विपक्ष ओडिशा बंद रख रहा है. इससे पहले ओडिशा के बालासोर जिले में छात्रा की मौत के विरोध में विपक्षी बीजू जनता दल (बीजद) ने मंगलवार को बंद रखा था. इस दौरान बाजार, स्कूल-कॉलेज बंद रहे और अधिकतर वाहन सड़कों से नदारद दिखे.

  • ओडिशा भर के सभी शैक्षणिक संस्थान, जिनमें स्कूल और कॉलेज शामिल हैं, आज पूरे दिन बंद रहेंगे. बंद सुबह से ही शुरू हो चुका है और शाम 6 बजे तक जारी रहेगा.
  • बालासोर कांड पर विपक्ष ने सरकार को घेरा है और कांग्रेस जगह-जगह चक्का जाम कर रही है.
  • जानिए आज क्या-क्या रहेगा बंद
    -कई जिलों में प्राइवेट और सरकारी बस सेवा प्रभावित होंगी.
    -बाजार बंद रह सकते हैं.
    -स्कूल और कॉलेज भी बंद को देखते हुए बंद हो सकते हैं.
    -सरकारी दफ्तरों में छुट्टी नहीं है, मगर काम जरूर प्रभावित हो सकता है.
  • क्या बंद नहीं होगा
    -अस्पताल और स्वास्थ्य सेवा
    -अनिवार्य सेवा
    -दूध-सब्जी की दुकानें
  • सोमवार को बालासोर स्थित फकीर मोहन स्वायत्त महाविद्यालय की 20 वर्षीय छात्रा की मौत हो गई थी. उसने आत्मदाह का प्रयास किया था. अपने कॉलेज के विभागाध्यक्ष की ओर से कथित तौर पर लंबे समय तक यौन उत्पीड़न का सामना करने के बाद उसने खुद को आग लगा ली थी. औपचारिक शिकायत दर्ज कराने और प्राचार्य से मदद मांगने के बावजूद उसकी दलीलों को नज़रअंदाज़ कर दिया गया, जिसके कारण यह दुखद घटना घटी. यह घटना फकीर मोहन (स्वायत्त) महाविद्यालय में हुई.
    इस बीच कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने मंगलवार को इस मौत को भाजपा के तंत्र की ओर से सुनियोजित हत्या करार दिया और भाजपा पर पीड़िता की रक्षा करने में विफल रहने का आरोप लगाया. राहुल गांधी ने लिखा,’ओडिशा में न्याय के लिए लड़ रही एक बेटी की मौत भाजपा के सिस्टम द्वारा की गई हत्या से कम नहीं है. उस बहादुर छात्रा ने यौन उत्पीड़न के खिलाफ आवाज उठाई, लेकिन न्याय दिलाने के बजाय उसे धमकाया गया, प्रताड़ित किया गया और बार-बार अपमानित किया गया. जिन पर उसकी रक्षा करने की ज़िम्मेदारी थी, वे ही उसे तोड़ते रहे.’

जो प्लॉट दिखाया गया उसकी जगह दूसरे प्लॉट की रजिस्ट्री कर दी गई,10 हजार रुपए की रिश्वत मांगते हुए कैद हुआ

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ग्वालियर जिले में एक रिटायर्ड फौजी ने एक पुलिसवाले को घूस मांगते कैमरे में कैद कर लिया, जो दिनदहाड़े 10 हजार रुपए की रिश्वत मांग रहा था. वायरल वीडियो में ASI फौजी से 10 हजार रुपए रिश्वत मांगते हुए कैद हुआ है. कैमरे पर एएसआई फौजी से कहता है, 12 लाख रुपए नहीं दिख रहे हो, 10 हजार दिख रहे हैं, तो घूमो!

वीडियो में एएसआई पीड़ित से 10 हजार रुपए की रिश्वत मांगते हुए कैद हुआ है. बड़ागांव चौकी प्रभारी एएसआई राजकुमार शर्मा की हरकत का वीडियो पीड़ित ने मोबाइल से बनाया है. वीडियो में एएसआई कहता है, 12 लाख रुपया नहीं देख रहे हो. जो 10 हजार रुपए की चिंता कर रहे हो.

जो प्लॉट दिखाया गया उसकी जगह दूसरे प्लॉट की रजिस्ट्री कर दी गई
रिपोर्ट के मुताबिक भिंड जिले के असहोना निवासी रिटायर्ड फौजी मुन्नालाल ज्योतिषी का कहना है उन्होंने दो साल पहले पत्नी बेजती के नाम से बबलू बुंदेला की पत्नी रागिनी से 25X45 वर्ग फीट का प्लॉट 13 लाख 90 हजार रुपए में खरीदा था, लेकिन उनके साथ धोखा हो गया, उन्हें जो प्लॉट दिखाया गया उसकी जगह दूसरे प्लॉट की रजिस्ट्री कर दी गई.

ASI 12 लाख 50 हजार रुपए के चेक देने के बदले रिश्वत मांगने लगा
पीड़ित का आरोप है कि गलत प्लॉट ही नहीं, पूरी रजिस्ट्री भी गड़बड़ थी. उसके मुताबिक दबाव बनाने पर बबलू बुंदेला ने 13 लाख रुपए में से एक लाख रुपए तत्काल लौटा दिए, लेकिन शेष रकम 12 लाख 50 हजार रुपए का चेक देने वाला था, लेकिन वह चेक मामले की जांच कर रहे बड़ागांव चौकी प्रभारी एएसआई राजकुमार शर्मा ने बबलू से ले लिया.

पीड़ित फौजी के मुताबिक आरोपी बबलू बुंदेला से चेक लेकर मामले की जांच कर रहे एएसआई राजकुमार शर्मा ने चेक देने के बदले उससे रिश्वत मांगने शुरू कर दिए. फौजी ने एएसआई को रिश्वत मांगते कैमरे पर रिकॉर्ड कर लिया और एएसपी से मामले की शिकायत कर दी.

एएसपी ने मुरार थाना प्रभारी को मामले की जांच के निर्देश दिए
पीड़ित के मुताबिक बबूला बुंदला द्वारा दिया गया 12 लाख 50 हजार का चेक देने के बदले एएसआई फौजी से 10 हजार रुपए रिश्वत की मांगने लगा. फौजी ने इसकी शिकायत अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कृष्ण लालचंदानी से शिकायत कर दी है. एएसपी ने पीड़ित की शिकायत पर मुरार थाना प्रभारी को मामले की जांच के निर्देश दिए हैं.

ID दिखाएं, तब मिलेगी सीट…! तत्काल टिकट बुकिंग का नया फॉर्मूला, बदला रेलवे का नियम

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भारतीय रेलवे की ट्र्रेनो में सफर करते है और ऑनालइन टिकट बुकिंग करते है तो अब आप जान ले क्योकि अब 15 जुलाई के बाद से टिकट बुकिंग के नियमों के बड़ा बदलाव हो चुका है. अब रेलवे के ऑनलाइन तत्काल टिकट बुकिंग करने के लिए आपको आधार ओटीपी सत्यापन करवाना अनिवार्य होगा इसके बिना आप तत्काल टिकट बुक नही कर पाएंगे.
रेलवे ने यात्रियों को तत्काल टिकट निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से आसान कराने और यात्रियों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए तत्काल टिकट बुकिंग कार्य में महत्वपूर्ण संशोधन किए हैं ताकि ये पता लग सके कि इस योजना का लाभ वास्तव में उस पैसेंजर को मिल रहा है.

यह नई व्यवस्था जिसको किया अनिवार्य
उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी शशि किरण के अनुसार 15 जुलाई 2025 से रेलवे के ऑनलाइन तत्काल बुकिंग के लिए आधार ओटीपी सत्यापन अनिवार्य हो गया है. यात्री मोबाइल ओटीपी की सत्यापन के बिना तत्काल टिकट हासिल नहीं कर पाएंगे. नई व्यवस्था के तहत रेलवे की तत्काल टिकटें आईआरसीटीसी की आधिकारिक वेबसाइट और मोबाइल एप या भारतीय रेलवे के पीआरएस काउंटर अथवा अधिकृत एजेंटों के माध्यम से बुकिंग के लिए तभी उपलब्ध होगी जब रेलवे आरक्षण सिस्टम द्वारा जेनरेटेड ओटीपी का प्रमाणीकरण होगा जो बुकिंग के समय उपयोगकर्ता द्वारा दिए गए मोबाइल नंबर पर सिस्टम के माध्यम से भेजा जाएगा. तत्काल आरक्षण टिकट लेने वालों को अब आधार नंबर से जुड़े सिम वाला मोबाइल टिकट बुकिंग के दौरान अपने साथ रखना होगा.

ऐजेंट जान ले यह नया नियम
साथ ही रेल आरक्षण की शुरुआती समय में बल्क बुकिंग रोकने के लिए भारतीय रेलवे के अधिकृत टिकटिंग एजेंट को बुकिंग विंडो के पहले 30 मिनट के दौरान तत्काल टिकट बुक करने की अनुमति नहीं दी जाएगी. वातानुकूलित श्रेणियों में यह प्रतिबंध सुबह 10 से 10:30 बजे तक और गैर-वातानुकूलित श्रेणियां के लिए सुबह 11:00 से 11:30 बजे तक लागू होगा. रेल प्रशासन अनुरोध करता है कि सभी यात्री इन परिवर्तनों को ध्यान रखें तथा असुविधा से बचने के लिए अपने प्रोफाइल आधार नंबर के साथ जोड़ना सुनिश्चित करें.

LCH, रुद्र रह गए पीछे? भारत आ गया दुश्मन का असली शिकारी अपाचे हेलिकॉप्टर, पलक झपकते ही रेत में खोद देगा कब्र

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भारत और पाकिस्तान के बीच लंबे समय से चले आ रहे तनाव, घुसपैठ और आतंकी हमलों की पृष्ठभूमि में अब भारतीय सेना के पास एक ऐसा ‘हथियार’ आ गया है जो न सिर्फ देखे बिना दुश्मन को मार सकता है बल्कि उसके मन में लगातार डर बनाए रखेगा. अमेरिका से मिले AH-64E अपाचे अटैक हेलिकॉप्टर अब सीधे भारतीय थल सेना के हवाले हैं. ये तैनात किए गए हैं ठीक पाकिस्तान की सीमा के पास जोधपुर में. इसका मतलब साफ है कि जब दुश्मन सीमा पर चुपचाप साजिश रच रहा हो तब जवाब भी ऐसा होना चाहिए जो हवा में ही उसकी सांसें रोक दे.
ये कोई साधारण हेलिकॉप्टर नहीं बल्कि ‘उड़ते हुए शिकारी’ हैं जो रात, धूल, कोहरा या दुश्मन के किले किसी से नहीं रुकते. पहली बार थलसेना खुद इन्हें ऑपरेट करेगी. यानी अब सेना के पास जमीनी ऑपरेशन में रुकावट डालने वाले हर दुश्मन को आसमान से पल में तबाह करने की ताकत है. पाकिस्तान के खिलाफ भारत की रणनीति अब सिर्फ सीमा की रक्षा नहीं बल्कि हमले से पहले ही हमलावर को खत्म करने की हो गई है. और अपाचे इसका सबसे सटीक औजार साबित हो सकता है.

क्या है अपाचे हेलिकॉप्टर, क्यों हैं ये इतना खतरनाक?
AH-64E अपाचे दुनिया के सबसे एडवांस अटैक हेलिकॉप्टर्स में गिना जाता है. अमेरिका की डिफेंस कंपनी Boeing द्वारा बनाए गए इस ‘शिकारी’ हेलिकॉप्टर को अमेरिका, ब्रिटेन, इजरायल, मिस्र और अब भारत जैसे देशों की सेनाएं इस्तेमाल कर रही हैं. इसमें 30mm की चेन गन, हेलफायर मिसाइलें और रॉकेट पॉड्स लगे होते हैं. ये दुश्मन के टैंकों से लेकर छुपे ठिकानों तक को सेकंडों में खत्म कर सकते हैं. यह हेलिकॉप्टर अपने खास रडार की मदद से खुद को छुपाकर दूर के टारगेट को देख और निशाना बना सकता है. इसकी टेक्नोलॉजी इतनी एडवांस है कि यह रात, बारिश, धूल और कोहरे में भी साफ-साफ टारगेट को देख सकता है और मार सकता है.

क्यों खास है जोधपुर में अपाचे की तैनाती?
मार्च 2024 में बनाए गए 451 आर्मी एविएशन स्क्वाड्रन को यह पहली अपाचे यूनिट मिली है. इसका बेस जोधपुर में है… यानि पाकिस्तान बॉर्डर से बस कुछ ही किलोमीटर दूर. इसका मतलब साफ है राजस्थान के रेगिस्तान में अगर किसी तरह की घुसपैठ या आक्रमण हुआ तो अपाचे हेलिकॉप्टर सीधे एक्शन में आ जाएंगे. एंटी टैंक ऑपरेशन, क्लोज एयर सपोर्ट, रेपिड स्ट्राइक, अब ये सब कुछ ग्राउंड यूनिट्स के साथ सिंक्रनाइज़ होकर होगा.

डिलीवरी में हुई देरी और अब क्या होगा?
2020 में करीब 600 मिलियन डॉलर की डील के तहत भारत ने ये 6 अपाचे ऑर्डर किए थे. पहले इन्हें जून 2024 में आना था, लेकिन सप्लाई चेन की वजह से डिलीवरी जुलाई 2025 तक खिसक गई. अब पहली तीन अपाचे अगले हफ्ते आ रहे हैं, बाकी तीन इस साल के अंत तक पहुंचेंगे.
केवल फायरपावर नहीं, रणनीतिक संकेत भी हैं
इन हेलिकॉप्टर्स की तैनाती महज एक तकनीकी कदम नहीं बल्कि एक रणनीतिक संदेश है. ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत ने पाकिस्तान को ये स्पष्ट कर दिया है कि सीमा पार से कोई हरकत अब बिना जवाब के नहीं जाएगी. अपाचे हेलिकॉप्टर सिर्फ दुश्मन को मारने के लिए नहीं उसे डराने के लिए भी है. जब दुश्मन जानता है कि उसकी हर हरकत पर नजर है और जवाब सेकंडों में मिल सकता है तो वो दो बार सोचता है.
अपाचे हेलिकॉप्टर: भारत के लिए क्या बदलेगा?
अब आर्मी के पास अपनी खुद की एयर फायरपावर होगी, इसके लिए एयरफोर्स का इंतजार नहीं करना पड़ेगा. दुश्मन की निगरानी और उसकी जानकारी जुटाने वाले मिशन अब और भी तेज और सटीक होंगे. जमीन और आसमान से एक साथ होने वाले ऑपरेशन में यह हेलिकॉप्टर गेमचेंजर साबित होगा.

सबसे ज्यादा भारतीय सऊदी अरब के जेलों में क्यों बंद हैं, क्या अपराध किए उन्होंने

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भारतीय नर्स निमिषा प्रिया यमन में 2017 से जेल में बंद हैं. उन्हें एक यमनी नागरिक की हत्या के मामले में मौत की सजा सुनाई गई है. उनकी फांसी की सजा फिलहाल टाल दी गई है. आप को यह जानकर हैरत होगी कि निमिषा प्रिया विदेश में जेल में अकेली बंदी नहीं है. दस हजार से ज्यादा भारतीय नागरिक 86 देशों की जेलों में या तो विचाराधीन कैदी के रूप में या विभिन्न अपराधों के दोषी के रूप में बंद हैं. हालांकि अधिकांश भारतीय नागरिक खाड़ी देशों और अन्य एशियाई देशों की जेलों में बंद हैं. साल 2025 की शुरुआत में लोकसभा में विदेश मंत्रालय द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार सबसे ज्यादा 2633 भारतीय नागरिक सऊदी अरब की जेलों में बंद हैं. उसके बाद संयुक्त अरब अमीरात (2518) और नेपाल (1317) का नंबर आता है.
सऊदी अरब में लगभग 27 लाख भारतीय रहते हैं, जो वहां सबसे बड़ा प्रवासी समुदाय है. इनमें से अधिकांश लोग कम वेतन वाली नौकरियों जैसे निर्माण, घरेलू सेवा और खुदरा क्षेत्र में काम करते हैं. इनमें से ज्यादातर प्रवासी वहां के स्थानीय कानूनों, रीति-रिवाजों और न्यायिक प्रक्रियाओं से अनजान होते हैं. सऊदी अरब में शरिया कानून लागू होता है, जो पश्चिमी देशों के कानूनों से काफी अलग है. छोटी-मोटी गलतियां जो भारत में सामान्य मानी जा सकती हैं, वहां गंभीर अपराध हो सकती हैं. सऊदी अरब में बड़ी संख्या में भारतीयों का जेल में बंद होना मुख्य रूप से बड़ी प्रवासी आबादी, वहां के कठोर कानूनी नियमों और वहां के कानूनों की अज्ञानता का परिणाम है.
मामूली अपराध और गंभीर दंड
भारतीयों को जिन अपराधों के लिए अक्सर जेल होती है, उनमें शामिल हैं..वीजा और निवास नियमों का उल्लंघन: कई भारतीय पर्यटक वीजा पर जाते हैं और फिर काम करने की कोशिश करते हैं. या उनका वीजा समाप्त हो जाता है. सऊदी अरब में यह एक गंभीर अपराध है.
ड्रग्स और शराब से संबंधित अपराध: सऊदी अरब में शराब का सेवन, उत्पादन या बिक्री सख्त रूप से प्रतिबंधित है. ड्रग्स से संबंधित अपराधों के लिए मृत्युदंड तक की सजा हो सकती है.
छोटे-मोटे अपराध: कई मामलों में भारतीय लोग छोटी-मोटी गलतियों के कारण जेल में फंस जाते हैं. जैसे कि ट्रैफिक सिग्नल तोड़ना या बिना अनुमति के सब्जियां या पानी बेचना.
आर्थिक अपराध: कर्ज न चुकाना या वित्तीय धोखाधड़ी भी जेल जाने का एक कारण है.
गलत एजेंटों के जाल में फंसना: कई बार, भारतीय कामगार गलत एजेंटों के झांसे में आकर सऊदी अरब जाते हैं. जहां उन्हें झूठे वादों के साथ भेजा जाता है. जब उनकी स्थिति कानूनी रूप से अस्थिर होती है तो वे आसानी से जेल के चक्कर में फंस जाते हैं.

गंभीर अपराधों में शामिल
कम संख्या में भारतीय नागरिक हत्या, अपहरण और रिश्वतखोरी जैसे गंभीर अपराधों में भी शामिल पाए गए हैं. कुछ मामलों में, मौत की सजा भी सुनाई गई है. ऐसे मामलों में भारतीय दूतावास कानूनी सहायता प्रदान करने का प्रयास करते हैं और पीड़ितों के परिवारों के साथ मिलकर ‘ब्लड मनी’ (के भुगतान के लिए बातचीत करते हैं. ताकि मृत्युदंड को आजीवन कारावास में बदला जा सके.

किस देश की जेल में कितने भारतीय
केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह द्वारा लोकसभा में दिए गए आंकड़ों के अनुसार अमेरिका की जेलों में 169 और ब्रिटेन की जेलों में 288 भारतीय नागरिक बंद हैं. इसके अलावा कतर की जेलों में 611, कुवैत में 387, मलेशिया में 338, पाकिस्तान में 266, बहरीन में 181, चीन में 173, इटली में 168, ओमान में 148, श्रीलंका में 98, सिंगापुर में 92, भूटान में 69, फ्रांस और जॉर्जिया में 45-45, फिलीपींस में 44, आर्मेनिया में 39, थाईलैंड में 37, स्पेन में 34, जॉर्डन में 28, ऑस्ट्रेलिया, म्यांमार और रूस में 27-27, जर्मनी में 25, कनाडा में 23, कंबोडिया में 22, साइप्रस और इंडोनेशिया में 21-21, ईरान में 18, कोट डी आइवरी कोस्ट में 14, युगांडा में 11, अजरबैजान, मालदीव और मॉरीशस में 10-10, बेलारूस में 9, अफगानिस्तान और दक्षिण अफ्रीका में 8-8 भारतीय नागरिक बंद हैं. ये आंकड़े 18 फरवरी, 2025 तक के हैं.

‘उद्धवजी, इधर आ जाइए’, विधान परिषद में फडणवीस ने दिया ऑफर, भाई के साथ गठबंधन पर राज ठाकरे ने साधी चुप्पी

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महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर हलचल मच गई है. विधान परिषद में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) प्रमुख उद्धव ठाकरे को सत्ता पक्ष में आने का सार्वजनिक न्योता दे दिया है. फडणवीस ने हंसते हुए कहा कि ’29 तक तो कोई स्कोप नहीं है… लेकिन उद्धवजी, आपको यहां (सत्ता पक्ष) में शामिल करने पर विचार किया जा सकता है.’ फडणवीस ने भले ही हल्के-फुल्के अंदाज में तंज कसा, लेकिन इसके सियासी मायने गहरे हैं. फडणवीस के ऑफर पर उद्धव ने कहा, ‘यह सब बातें हंसी-मजाक में हो रही थी, हंसी-मजाक में ही रहने दें…’

उधर राज ठाकरे की चुप्पी ने बढ़ाई हलचल

उसी दिन महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे ने उद्धव ठाकरे के साथ संभावित गठबंधन पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया. उन्होंने ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट में कहा कि मीडिया ने उनके नाम से बयान चलाए जो उन्होंने दिए ही नहीं.

राज ठाकरे ने साफ किया कि इगतपुरी में आयोजित मनसे पदाधिकारियों के सम्मेलन के दौरान पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत हुई थी. ‘मुझसे शिवसेना (उबाठा) से गठबंधन को लेकर सवाल पूछा गया, तो मैंने हल्के अंदाज़ में कहा कि क्या मुझे अब आपके साथ गठबंधन की रणनीति पर चर्चा करनी चाहिए?’ उन्होंने यह भी कहा कि कुछ पत्रकारों ने इस बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया और यह दिखाया कि नगर निगम चुनाव से पहले गठबंधन की संभावना पर विचार होगा.
राज ठाकरे ने कहा कि अनौपचारिक बातचीत को ‘बयान’ की तरह पेश करना पत्रकारिता की गरिमा के खिलाफ है. उन्होंने पत्रकारों को भी नसीहत देते हुए कहा कि वह भी 1984 से पत्रकारिता से जुड़े हैं और कुछ का बर्ताव शोभनीय नहीं रहा.
ठाकरे भाइयों की दुर्लभ जुगलबंदी
5 जुलाई को हुए ‘विजय उत्सव’ के मंच पर उद्धव और राज ठाकरे दो दशक बाद साथ दिखे थे. मंच का उद्देश्य महाराष्ट्र सरकार के उस आदेश को रद्द कराने का जश्न मनाना था, जिसमें राज्य के स्कूलों में पहली कक्षा से हिंदी को तीसरी भाषा के रूप में लागू करने की बात थी. यह मंच मराठी अस्मिता की जीत के रूप में देखा गया.
इस मंच ने राजनीतिक गलियारों में यह अटकलें तेज कर दी थीं कि ठाकरे परिवार के दोनों धड़े एक बार फिर साथ आ सकते हैं, खासकर मुंबई और अन्य नगर निगम चुनावों से पहले. लेकिन जहां उद्धव इस गठबंधन के प्रति उत्साहित दिख रहे हैं, वहीं राज ठाकरे ने फिलहाल चुप्पी साध रखी है.

सोनम की तरह इस महिला ने भी पति को ठिकाने लगाने की रची थी साजिश, पर युवक की जागरुकता से बच गई जान

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मेरठ में मुस्कान रस्तोगी और इंदौर की सोनम रघुवंशी की तरह कई मामले सामने आए हैं, जिन पर पति की हत्या करने आरोप है. मेरठ और इंदौर के मामले ने तो देशभर में सनसनी फैला दी थी. अब एक और ऐसा ही मामला सामने आया है, जहां पत्नी ने पति को जहर देकर मारने का प्रयास किया. यह घटना मध्य प्रदेश के नीमच जिले की है.

जहर खाने के बाद बाद पति की तबीयत बिगड़ गई और उसे नीमच जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया. नीमच में जावद नगर के रहने वाले शाहरुख (30) पिता युसुफ ने आरोप लगाया है कि वह सुबह करीब 10 बजे अपने घर से मिस्त्री का काम करने को निकल रहा था तो उसने अपनी पत्नी को दूध लाने के लिए कहा. इस पर पत्नी ने उसे एक ग्लास दूध पीने को दिया, मगर आधा गिलास दूध पीने के बाद पति को शक हुआ कि दूध में कुछ मिलाया गया है.

ग्लास में झांका तो दिखा जहर
जब पति ने ग्लास में झांका तो देखा कि ग्लास के पेंदे में कुछ जमा हुआ है, जो जहरीला पदार्थ है. शक होने पर बीवी से पूछा तो उसने बताया गया कि तवे की खुरचन जमा हो गई है. मगर जब अलमारी खुली मिली तो उसमें चूहे मारने की दवा का पैकेट पति के हाथ लग गया. इसके बाद पति को जावद शासकीय अस्पताल दिखाया गया और प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर कर दिया.

पत्नी का चल रहा अफेयर
पीड़ित शाहरुख का कहना है कि उसकी शादी 2018 में नीमच शहर के बघाना से हुई थी. मेरी पत्नी का अफेयर किसी और व्यक्ति के साथ चल रहा है. इस मामले में जावद थाना प्रभारी जितेंद्र कुमार वर्मा ने कहा कि आरोपी पत्नी को हिरासत में लेकर पूछताछ जारी है. जल्द ही मामले का खुलासा किया जाएगा. इस मामले में पुलिस हर पहलू से जांच में जुटी हुई है और सभी आरोपों की जांच की जा रही है.

मसला- बिजली दरों में बढ़ोतरी का पर छत्तीसगढ़ में नेता प्रतिपक्ष और CM ने एक-दूसरे को ‘थैंक्यू’ क्यों कहा?

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छत्तीसगढ़ की सियासत में बुधवार को तब एक सुखद वाक्या देखने को मिला जब विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष चरण दास महंत ने मुख्यमंत्री साय को धन्यवाद कहा वो भी राज्य में बिजली की बढ़ोतरी के मुद्दे पर. आप ये जानकर थोड़ा और चौंक सकते हैं कि बिजली के टैरिफ को बढ़ाए जाने के मुद्दे पर ही कांग्रेस राज्य भर में सड़क पर उतर कर आंदोलन कर रही है. बहरहाल फैक्ट ये है कि छत्तीसगढ़ विधानसभा के इतिहास में पहली बार स्थगन प्रस्ताव के बाद किसी दल के नेता प्रतिपक्ष ने मुख्यमंत्री को धन्यवाद कहा. पहली बार हुई इस थैंक्यू-थैंक्यू पर सत्ता पक्ष ने भी नेता प्रतिपक्ष को धन्यवाद कहा.

चरणदास ने बताया- क्यों कहा CM को धन्यवाद
बता दें कि छत्तीसगढ़ में 2 सालों में लगभग 80 पैसे प्रति यूनिट बिजली की दर बढ़ गई है. इसी मुद्दे पर विपक्षी दल कांग्रेस सत्ताधारी दल भाजपा पर हमलावर है और सड़क पर प्रदर्शन कर रही है. लेकिन विधानसभा के मानसून सत्र में सदन में इसी मुद्दे पर लाये स्थगन प्रस्ताव पर मुख्यमंत्री विष्णु देव सहाय के जवाब के बाद नेता प्रतिपक्ष का अंदाज चर्चा में आ गया. नेता प्रतिपक्ष डॉक्टर चरण दास महंत ने कहा- सरकार पर आरोप लगाने का अर्थ ये है कि हमारे उपभोक्ता लोग परेशान है…बड़े-बड़े उपभोक्ताओं से वसूली करने के बजाय आम उपभोक्ताओं और किसानों को परेशान किया जा रहा है. मगर जिस ढंग से मुख्यमंत्री जी ने उस पर ध्यान देने की बात कही है और जिस ढंग से सौर ऊर्जा की बात कही है उससे लगा कि ये ध्यान दे रहे हैं. इसके अलावा हमारे स्थगन पर मुख्यमंत्री द्वारा जवाब दिए जाने से मुझे लगा कि वे इस पूरे मसले पर गंभीर हैं. इसलिए मैंने उन्हें धन्यवाद दिया. जिसके बाद जब पत्रकारों ने CM से इस मसले पर सवाल किया तो उन्होंने भी कहा- हम उनके धन्यवाद पर उन्हें धन्यवाद कहते हैं. कई मुद्दे ऐसे होते हैं जिन पर राजनीति नहीं करनी चाहिए.

रूस से व्यापार पर 100% टैरिफ की धमकी दे रहे ट्रंप! भारत से चीन तक, पुतिन के साथ कौन-कितना बिजनेस कर रहा?

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप धमकी दे रहे हैं कि अगर व्लादिमीर पुतिन ने सितंबर की शुरुआत तक यूक्रेन के खिलाफ अपना युद्ध बंद नहीं किया तो रूस के व्यापारिक साझेदार देशों पर 100 प्रतिशत तक टैरिफ लगा दिया जाएगा. कुछ ऐसी ही धमकी नाटो ने भी दोहराई है. नाटो के महासचिव मार्क रुटे ने बुधवार, 15 जुलाई को चेतावनी दी कि अगर ब्राजील, चीन और भारत जैसे देश रूस के साथ अपना व्यापार करना जारी रखते हैं तो उन पर भी आर्थिक प्रतिबंध (सेकेंडरी सैंक्शंस के रूप में) लगाए जा सकते हैं.

सवाल है कि भारत, चीन से लेकर तुर्की जैसे देश रूस के साथ कितना व्यापार करते हैं. खास बात यह है कि नाटो में अधिकतर बड़े यूरोपीय देश शामिल हैं और यूरोपीय यूनियन खुद रूस से बड़े पैमाने पर व्यापार करता है. चलिए आंकड़ों की जुबानी आपको सच्चाई से वाकिफ कराते हैं.
भारत
इकोनॉमिक थिंक टैंक ब्रुएगेल के अनुसार, भारत रूस का तीसरा सबसे बड़ा व्यापार भागीदार है. इस साल मई तक दोनों देश के बीच कुल 68 अरब डॉलर का व्यापार हुआ. भारत रूस से मुख्य रूप से जीवाश्म ईंधन (तेल-गैस) खरीदता है. रूस से होने वाले कुल निर्यात में जीवाश्म ईंधन का हिस्सा 90 प्रतिशत है. भारत दुनिया में रूसी तेल का सबसे बड़ा खरीदार है. वहीं रूस को भारत मूलतः परमाणु रिएक्टर, मशीनरी और फार्मास्युटिकल कंपाउंड बेचता है.

चीन
ब्रुएगेल थिंक टैंक के अनुसार, चीन अब तक रूस का सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार है. दोनों के बीच वार्षिक आयात और निर्यात लगभग 240 बिलियन डॉलर का है. ब्रुएगेल के अनुसार, रूस के व्यापार प्रवाह में चीन की हिस्सेदारी 48 प्रतिशत है.

मई 2025 तक, रूस ने प्राकृतिक गैस और तेल, चिकित्सा उपकरण और रासायनिक उत्पादों सहित 125 बिलियन डॉलर का सामान चीन को निर्यात किया. वहीं चीन से रूस को होने वाला आयात 113 अरब डॉलर का था, जिसमें मुख्य रूप से इस्पात, उपकरण, इलेक्ट्रॉनिक्स और कपड़ा शामिल था.

चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान ने मंगलवार को ट्रंप की धमकी का जवाब देते हुए कहा कि यूक्रेन पर उनके देश की स्थिति हमेशा “स्पष्ट और सुसंगत रही है – हमने हमेशा माना है कि बातचीत ही यूक्रेन संकट का एकमात्र व्यवहार्य समाधान है”. उन्होंने कहा, “चीन सभी अवैध एकतरफा प्रतिबंधों और दीर्घकालिक अधिकार क्षेत्र का दृढ़ता से विरोध करता है”. उन्होंने कहा: “टैरिफ युद्ध में कोई विजेता नहीं होता है.”

बेलारूस
बेलारूस, रूस का करीबी सहयोगी है. यूक्रेन के खिलाफ युद्ध में रूस की मदद करने के लिए अमेरिका और यूरोपियन यूनियन ने खुद बेलारूस पर प्रतिबंध लगा रखे हैं. बेलारूस अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए रूसी तेल और गैस पर बहुत अधिक निर्भर करता है.

रूसी सीमा शुल्क आंकड़ों के अनुसार, जनवरी और अक्टूबर 2024 के बीच दोनों के बीच 60 अरब डॉलर का व्यापार हुआ. लेकिन संयुक्त राष्ट्र कमोडिटी ट्रेड स्टैटिस्टिक्स डेटाबेस के अनुसार, खतरे वाले अमेरिकी टैरिफ को लेकर बेलारूस का जोखिम सीमित हो सकता है, क्योंकि बेलारूस अमेरिका को केवल 21 मिलियन डॉलर मूल्य के उत्पादों का निर्यात करता है. जब वह अमेरिका को इतना कम निर्यात करता है तो ट्रंप केवल इतने ही मूल्य के उत्पादों पर ही टैरिफ लगा पाएंगे न.

यूरोपियन यूनियन और तुर्की
भले ही यूरोपियन यूनियन ने रूस पर कई दौर के प्रतिबंध लगाए हैं, लेकिन वह रूसी गैस का बड़ा खरीदार बना हुआ है. ब्रुएगेल के अनुसार, यूरोपियन यूनियन संभवतः रूस का दूसरा सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार है. मई तक इस साल कुल $71 बिलियन का व्यापार दोनों के बीच हुआ है. रूस के कुल आयात-निर्यात का 14 प्रतिशत हिस्सा यूरोपियन यूनियन के साथ ही हुआ है.

यूरोपियन कमिशन उस व्यापार को कम करने की कोशिश कर रहा है. उसने कहा है कि कि वह 2027 के अंत तक रूसी प्राकृतिक गैस आयात को चरणबद्ध तरीके से समाप्त करने की योजना बना रहा है.

अब बात तुर्की की जो यूरोपियन यूनियन का हिस्सा नहीं है. ब्रुएगेल के अनुसार, रूस का चौथा सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार है, जिसने पिछले साल 52 बिलियन डॉलर मूल्य का व्यापार किया था. तुर्की ने बड़े पैमाने पर रूसी जीवाश्म ईंधन का आयात किया और इलेक्ट्रॉनिक्स का निर्यात किया.