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सड़क पर अधेड़ को 20 सेकेंड तक रौंदते रहे तीन ट्रक, पीड़ित हिट एंड रन में हुआ था घायल

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ग्वालियर में हिट एंड रन का एक रोंगटे खड़े करने वाला मामला सामने आया है. दरअसल, सड़क दुर्घटना में घायल एक अधेड़ को 20 सेकेंड में तीन ट्रकों कुचल दिया, जिससे उसने दम तोड़ दिया. एक ट्रक ने टक्कर मारकर घायल किया और फिर सड़क पर तड़प रहे अधेड़ के ऊपर पीछे आ रहीं दो और ट्रक उसे कुचलते हुए निकल गए.

मृतक हिट एंड रन का शिकार होकर अधमरी हालत में सड़क पर घायल पड़ा था और सड़क से गुजरे दो और ट्रक उसे कुचलकर निकल गए. गंभीर हालत में उसे अस्पताल ले जाया गया जहां उसकी मौत हो गई. हृदय विदारक बात यह थी कि घटना वाले दिन मृतक की बेटी की सगाई थी.

ट्रक चालकों की अमानवीयता का वीभत्स सीसीटीवी वीडियो आया सामने
गौरतलब है सड़क पर घायल पड़े अधेड़ पर ट्रक चालकों के अमानवीय हरकत का दिल दहलाने वाला सीसीटीवी वीडियो सामने आया है, जिसमें एक के बाद एक तीन ट्रक अधेड़ को कुचलकर आगे निकलते हुए दिखाई दे रहे हैं. वीडियो इतना हृदय विदारक है कि किसी भी सामान्य इंसान को विचलित कर देगा.

ट्रक की टक्कर से घायल हुए अधेड़ को कुचलते हुए गुजर गए और दो ट्रक
रिपोर्ट के मुताबिक हादसा ग्वालियर के जनकगंज थाना क्षेत्र के एबी रोड पर लक्ष्मीगंज पुलिया पर हुआ. बताया जाता है बीती रात मृतक देवेंद्र जाटव होटल से सब्जी लेने जा रहे थे, इसी दौरान एक ट्रक ने उन्हें टक्कर मार दी, जिससे वे सड़क पर गिर गया, लेकिन इस बीच वहां से गुजर रहे दो और ट्रक उन्हें कुचलते हुए गुजर गए.

मृतक देवेंद्र जाटव की दो बेटियां और एक बेटा है. मंगलवार को उसकी बड़ी बेटी की सगाई थी, लेकिन वह ट्रक चालकों की अमानवीयता का शिकार हो गया. कलर पट्टी का ठेका लेकर काम करने वाले देवेंद्र की मौत ने पूरे परिवार को झकझोर दिया है. उसकी मौत से परिवार अवाक है.

मृतक की देह पर गुजरे तीन ट्रक, ​​सड़क से चिपक गए थे उसके दोनों पैर
बताया जाता है सड़क पर ट्रक की टक्कर से घायल होकर गिरे मृतक देवेंद्र की जान बच सकती थी, लेकिन घायल अवस्था में देवेंद्र उठता इससे पहले वहां से एक के बाद एक गुजर रहे तेज रफ्तार दो ट्रकों ने उसे बुरी तरह से घायल कर दिया. मृतक के दोनों पैर सड़क से चिपक गए थे. इलाज के लिए अधेड़ को ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया, जहां उसने दम तोड़ दिया.

वीडियो में दिखा कैसे एक के बाद एक 3 ट्रक मृतक के ऊपर से गुजरे थे
सीएसपी मनीष यादव ने बताया कि घटनास्थल के पास एक दुकान के सीसीटीवी कैमरे में पूरा हादसा रिकॉर्ड हुआ है. फुटेज में साफ दिखाई दे रहा है कि कैसे एक के बाद एक तीन ट्रक देवेंद्र के ऊपर से गुजरते हैं. सीसीटीवी फुटेज के आधार पर हादसे में शामिल ट्रकों की पहचान की जा रही है. फिलहाल जांच के बाद पुलिस द्वारा कार्रवाई की जाएगी.

नक्सलियों के गढ़ रहे पीपरढाबा के पास पत्थरों के बीच छिपाकर रखी गई ‘भरमार बंदूक’ बरामद

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नक्सल प्रभावित बलरामपुर जिले में बुधवार को बलरामपुर पुलिस ने नक्सलियों के पुराने गढ़ रहे पीपरढाबा के पास एक भरमार बंदूक बरामद की है. बलरामपुर पुलिस द्वारा बरामद किया गया भरमार गन पीपरढाबा के जंगल में पत्थरों के बीच छिपाकर रखा गया था. पुलिस भरमार बंदूक छिपाकर रखने वाले आरोपी की तलाश कर रही है.

देसी और पारंपरिक भरमार बंदूक विशेषकर आदिवासी क्षेत्रों में उपयोग की जाती है. स्थानीय स्तर पर निर्मित यह बंदूक सस्ती और उपयोग में आसान होती है. इसे “पेनक” भी कहा जाता है. हालांकि भरमार बंदूकों को अक्सर अवैध माना जाता है और पुलिस द्वारा जब्त किया जाता है.
पीपरढाबा के जंगल में सर्च के दौरान बरामद हुआ भरमार बंदूक
मामला सामरी पाठ थाना क्षेत्र का है. बलरामपुर पुलिस नक्सलियों के गढ़ रहे पीपरढाबा के जंगल में बीडीएस की टीम के साथ सर्च अभियान चला रही थी, तभी जंगल के पास पत्थरों के बीच छुपाकर रखे गए भरमार बंदूक को बरामद करने में सफलता पाई. पुलिस अब आरोपी की तलाश में जुट गई है.

जल जीवन मिशन योजना पर भूपेश बघेल-डिप्टी CM के बीच तीखी बहस, छत्तीसगढ़ सदन में जोरदार हंगामा

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छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन जल जीवन मिशन को लेकर सदन में जोरदार बहस देखने को मिली. पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और डिप्टी सीएम अरुण साव के बीच इस मुद्दे पर तीखी नोकझोंक हुई.

सदन में भूपेश बघेल-डिप्टी सीएम के बीच जोरदार बहस
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा, ‘हमारी कांग्रेस सरकार ने जल जीवन मिशन में 5 हजार करोड़ रुपए खर्च किए थे, लेकिन बीजेपी की ट्रिपल इंजन सरकार सिर्फ 3 हजार करोड़ ही खर्च कर पाई है.

बघेल ने सदन में उठाया जल जीवन मिशन का मुद्दा
भूपेश बघेल ने कहा, ’21 लाख कनेक्शन देने की बात कही गई, जबकि 20 महीने में सिर्फ 10 लाख कनेक्शन ही दिए गए. उन्होंने सदन में पूछा कि जिन जगहों पर कनेक्शन दिए गए, क्या वहां सच में पानी पहुंच रहा है.’

अरुण साव ने दिया ये जवाब
राज्य के उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने भूपेश बघेल को जवाब देते हुए कहा, ‘कांग्रेस सरकार की अव्यवस्थाओं के कारण जल जीवन मिशन दो साल विलंब से शुरू हुआ. कांग्रेस काल में 36 लाख नल कनेक्शन की बात कही गई, लेकिन जांच में सामने आया कि केवल 21 लाख कनेक्शनों में ही पानी आया. 15 लाख फॉल्स एंट्री के मामले में एक्जीक्यूटिव इंजीनियर पर कार्रवाई की गई है और दो ठेकेदारों पर एफआईआर दर्ज की गई है. राज्य सरकार तेज गति से काम कर रही है, लेकिन कांग्रेस सदन में अनावश्यक प्रश्न उठाकर जनता को गुमराह कर रही है.’

धान खरीदी केंद्र में 54 लाख की गड़बड़ी, FIR दर्ज

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बिलासपुर के मस्तूरी विकासखंड स्थित रिसदा धान खरीदी केंद्र में बड़ा घोटाला सामने आया है. खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 के दौरान रिकॉर्ड में खरीदी गई 1763 क्विंटल धान का कोई भौतिक स्टॉक मौजूद नहीं मिला. अनुमानित मूल्य करीब 54 लाख रुपए आंका गया है.

यह गड़बड़ी सहकारी बैंक की जांच में उजागर हुई. इसके बाद शाखा प्रबंधक ने मस्तूरी थाने में शिकायत दर्ज कराई. पुलिस ने धान खरीदी केंद्र प्रभारी कृष्ण कुमार करियारे और कंप्यूटर ऑपरेटर सुखसागर जांगड़े के खिलाफ IPC की धारा 420, 409 और अन्य सरकारी कार्य में भ्रष्टाचार से जुड़ी धाराओं के तहत FIR दर्ज की है.

जांच में खुलासा हुआ है कि यह घोटाला योजनाबद्ध तरीके से किया गया. रिकॉर्ड में धान खरीदी दिखाकर स्टॉक में गड़बड़ी की गई. दस्तावेजों में हेराफेरी कर फर्जी प्रविष्टियाँ दर्ज की गईं और धान को बाजार में खपाने की आशंका भी जताई जा रही है.

सूत्रों के मुताबिक इस मामले की चर्चा सोशल मीडिया पर पहले से थी, जिसके बाद संबंधित विभाग हरकत में आया और जांच टीम गठित की गई. अब पुलिस पूरे मामले की परतें खोलने में जुटी है और अन्य कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है.

मुख्यमंत्री साय से राज्य पुलिस सेवा अधिकारियों ने की सौजन्य भेंट

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मुख्यमंत्री साय से विधानसभा स्थित कार्यालय में राज्य पुलिस सेवा के अधिकारियों ने सौजन्य भेंट कर मंत्रिपरिषद की बैठक में वर्ष 2005 से 2009 बैच तक के अर्हकारी सेवा अवधि पूर्ण कर चुके अधिकारियों को वरिष्ठ प्रवर श्रेणी वेतनमान प्रदान किए जाने के निर्णय हेतु आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा भी उपस्थित थे।

उल्लेखनीय है कि 11 जुलाई 2025 को आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में राज्य पुलिस सेवा संवर्ग के समुचित प्रबंधन हेतु 30 सांख्येतर पदों का सृजन करते हुए वरिष्ठ प्रवर श्रेणी वेतनमान प्रदान करने का निर्णय लिया गया। यह निर्णय उन अधिकारियों के लिए लिया गया है जिन्होंने सेवा में निर्धारित अर्हता अवधि पूर्ण कर ली है।

इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लखन पटले, कीर्तन राठौर, अनंत साहू, डॉ. संगीता माहेलकर एवं प्रज्ञा मेश्राम उपस्थित थीं।

मुख्यमंत्री साय से भारत सरकार में भूमि संसाधन सचिव ने की सौजन्य भेंट

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मुख्यमंत्री साय से आज विधानसभा परिसर स्थित कार्यालय में भारत सरकार के भूमि संसाधन विभाग के सचिव श्री मनोज जोशी ने सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर भू-अभिलेख प्रणाली को सुदृढ़ करने, भूमि सर्वेक्षण में तकनीकी नवाचारों के उपयोग, तथा राजस्व न्यायालयों में लंबित मामलों के शीघ्र निराकरण को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। बैठक में राजस्व मंत्री श्री टंकाराम वर्मा भी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार भू-राजस्व दस्तावेजों को अद्यतन करने और आवश्यक सुधार के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि राजस्व रिकॉर्ड जितने व्यवस्थित होंगे, राजस्व न्यायालयों में मामलों का निपटारा उतना ही शीघ्र और प्रभावी रूप से हो सकेगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भूमि अभिलेखों में सुधार संबंधी केंद्र सरकार की सभी पहल के साथ राज्य सरकार कंधे से कंधा मिलाकर कार्य करेगी, ताकि यह प्रणाली और अधिक प्रभावशाली व जनहितकारी बन सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा तकनीक आधारित नवाचारी पहलों के माध्यम से भू-राजस्व रिकॉर्ड में पारदर्शिता, गति और सटीकता लाने का महत्वपूर्ण प्रयास किया जा रहा है, जिससे किसानों और आम नागरिकों को सीधा लाभ मिलेगा। उन्होंने राजस्व विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे इस दिशा में सभी आवश्यक कदम तत्परता से सुनिश्चित करें।

केंद्रीय भूमि संसाधन सचिव श्री मनोज जोशी ने बताया कि छत्तीसगढ़ में भू-अभिलेखों की स्थिति अपेक्षाकृत बेहतर है और राज्य सरकार के सक्रिय सहयोग से इसमें और अधिक सुधार लाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पूर्व में पारंपरिक पद्धति से किए जाने वाले भूमि सर्वेक्षण में समय अधिक लगता था, किंतु अब आधुनिक तकनीकों के उपयोग से यह प्रक्रिया तेज़, अधिक सटीक और भरोसेमंद हो गई है।

जोशी ने कहा कि केंद्र सरकार भू-अभिलेख संधारण प्रणाली को दुरुस्त करने के लिए विशेष प्रयास कर रही है, जिसके अंतर्गत राज्यों को वित्तीय और तकनीकी सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने बताया कि जमीन की खरीद-बिक्री के दौरान नक्शों के अद्यतन में कई बार तकनीकी समस्याएं उत्पन्न होती हैं, जिन्हें डिजिटल सर्वेक्षण के माध्यम से प्रभावी रूप से दूर किया जा सकेगा। इससे प्रत्येक नागरिक को अद्यतन और प्रमाणिक नक्शा प्राप्त होगा, जिससे गड़बड़ियों में कमी आएगी और शहरी क्षेत्रों के विस्तार को बेहतर ढंग से नियोजित किया जा सकेगा।

बैठक में मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, भारत सरकार के संयुक्त सचिव कुणाल सत्यार्थी, राजस्व सचिव श्री अविनाश चंपावत, संचालक भू-अभिलेख श्री विनीत नंदनवार सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

रोजगार पंजीयन हेतु दिशा- निर्देश जारी, ऑनलाइन अथवा ऑफलाइन माध्यम से कर सकते हैं आवेदन

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उपसंचालक रोजगार ने बताया कि जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केंन्द्र में रोजगार पंजीयन ऑनलाईल
https://erojgar.cg.gov.in/
अथवा प्ले स्टोर पर उपलब्ध “छत्तीसगढ़ रोजगार एप“ के माध्यम से अथवा जिला रोजगार कार्यालय अम्बिकापुर में किसी भी कार्यालयीन दिवस में अपने समस्त दस्तावेज जैसे शैक्षणिक अहर्ता प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, निवास प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र एवं आधार से लिंक मोबाईल नम्बर के साथ उपस्थित होकर अपना पंजीयन करवा सकते हैं। उन्होंने बताया कि वर्तमान में जिला रोजगार कार्यालय में रोजगार पंजीयन का आधार कार्ड से लिंक करवाना अनिवार्य है। जो आवेदक वर्ष 2024 में अपना पंजीयन रोजगार कार्यालय में कराए हैं, उनके लिए पंजीयन में अपना आधार लिंक कराना आवश्यक है।

जीरो टैक्स, फुल इनकम! दुनिया के इन देशों में कमाई पर नहीं देना पड़ता टैक्स

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आप भी सोचते हैं कि हर महीने की सैलरी से कटने वाला टैक्स आपकी जेब पर भारी पड़ता है, तो यह खबर आपके लिए है. दुनिया में कुछ ऐसे देश भी हैं, जहां आम लोगों की कमाई पर कोई इनकम टैक्स नहीं लिया जाता. यानी वहां रहने वाले लोग जो भी कमाते हैं, वह सबकुछ उनके अपने पास ही रहता है.

भारत की बात करें तो यहां इनकम टैक्स स्लैब के हिसाब से लोगों पर टैक्स लगाया जाता है, जो ज्यादा कमाते हैं, उन्हें ज्यादा टैक्स देना पड़ता है. देश में इनकम टैक्स की सबसे ऊंची दर करीब 39 फीसदी तक जाती है. लेकिन दुनिया के कुछ देश ऐसे भी हैं, जहां कमाई पर जीरो टैक्स लगता है. सवाल ये उठता है कि फिर इन देशों की सरकारें अपना खर्च कैसे चलाती हैं? आइए जानते हैं दुनिया के उन देशों के बारे में जहां आपकी इनकम पर कोई टैक्स कटौती नहीं होती है.

ये है टैक्स फ्री देशों की लिस्ट
टैक्स फ्री देशों की लिस्ट में सबसे पहले खाड़ी देशों का नाम आता है. जैसे संयुक्त अरब अमीरात (UAE), सऊदी अरब, कतर, बहरीन, ओमान और कुवैत. इन देशों में आम लोगों की सैलरी या इनकम पर कोई डायरेक्ट टैक्स नहीं लगता. सरकारें अपनी कमाई के लिए तेल और गैस के बिजनेस, टूरिज्म और वैट (VAT) जैसे इनडायरेक्ट टैक्स पर निर्भर करती हैं. यही वजह है कि इन देशों में लोग टैक्स से पूरी तरह फ्री हैं और इनकम का पूरा फायदा खुद उठा पाते हैं.

UAE बना टैक्स फ्री इनकम का सबसे बड़ा हब
UAE को टैक्स फ्री देशों में सबसे खास माना जाता है. यहां सरकार आम लोगों से कोई इनकम टैक्स नहीं लेती. तेल से होने वाली कमाई और टूरिज्म से मिलने वाली भारी आमदनी ही यहां की इकोनॉमी को चलाती है. यही कारण है कि दुनिया भर के प्रोफेशनल्स UAE को जॉब और कमाई के लिए बेस्ट डेस्टिनेशन मानते हैं.

सऊदी अरब और कतर में भी कमाई पूरी आपकी
सऊदी अरब ने भी अपने देश में इनकम टैक्स जैसी कोई व्यवस्था नहीं रखी है. यहां भी लोगों को अपनी कमाई पर कोई टैक्स नहीं देना होता. वही हाल कतर का भी है, जो अपनी मजबूत ऑयल इकोनॉमी की वजह से टैक्स फ्री रह पाता है. इन देशों में आम लोगों को टैक्स देने की टेंशन नहीं होती, जिससे उनकी इनकम पूरी तरह उनके हाथ में रहती है.

बहरीन और कुवैत भी टैक्स फ्री देशों की लिस्ट में शामिल
बहरीन और कुवैत जैसे देशों में भी इनकम टैक्स का कोई नामोनिशान नहीं है. इनकी अर्थव्यवस्था भी पूरी तरह से तेल और दूसरे प्राकृतिक संसाधनों पर निर्भर है. यही वजह है कि यहां की सरकारें जनता से सीधा टैक्स नहीं लेतीं.

एशिया से लेकर यूरोप तक ये भी हैं जीरो टैक्स वाले देश
खाड़ी देशों के अलावा ब्रुनेई, मोनाको, नौरू और द बहमास जैसे छोटे लेकिन अमीर देश भी पूरी तरह से इनकम टैक्स फ्री हैं. ब्रुनेई में तेल और गैस की भारी भरकम कमाई सरकार को टैक्स वसूले बिना ही मजबूत बनाती है. वहीं, नौरू और बहमास जैसे देशों में टूरिज्म सरकार की कमाई का बड़ा जरिया है, जिससे आम नागरिकों पर टैक्स डालने की जरूरत ही नहीं पड़ती.

ये देश टैक्स के बिना भी मजबूत कैसे हैं?
ये सभी देश या तो तेल और गैस के बड़े भंडारों से कमाई करते हैं या फिर टूरिज्म के जरिए अपनी अर्थव्यवस्था को चलाते हैं. यही वजह है कि इन्हें लोगों से इनकम टैक्स लेने की जरूरत ही नहीं होती. हालांकि, इन देशों में वैट और दूसरे चार्जेज के जरिए सरकारें अपना खर्च निकालती हैं.

दुनिया में टैक्स से जुड़ी यह हकीकत दिखाती है कि हर देश की व्यवस्था अलग होती है. जहां एक तरफ भारत जैसे देश में टैक्स सिस्टम बहुत जरूरी है, वहीं कुछ देश ऐसे भी हैं जो टैक्स लिए बिना भी चल रहे हैं. अगर आप टैक्स से परेशान हैं और सोचते हैं कि कहां मिले जीरो टैक्स की जिंदगी, तो ये देश आपके लिए एक दिलचस्प ऑप्शन हो सकते हैं.

तत्काल टिकट बुकिंग का नया नियम लागू, सिर्फ आधार OTP से होगी बुकिंग – आम लोगों को राहत, एजेंट्स के लिए आफत!

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भारतीय रेलवे ने तत्काल टिकट बुकिंग को ज्यादा पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है. आज यानी 15 जुलाई 2025 से नया नियम लागू हो गया है, जिसके बाद अब तत्काल टिकट सिर्फ आधार OTP से ही बुक किया जा सकेगा. इस बदलाव का सबसे बड़ा फायदा उन आम लोगों को मिलेगा, जो हर बार ट्रेन टिकट बुकिंग की कोशिश करते हैं लेकिन एजेंट्स की वजह से चूक जाते हैं.

अब सिर्फ आधार से जुड़े मोबाइल नंबर पर OTP आएगा, तभी होगी टिकट बुकिंग
अगर आप IRCTC की वेबसाइट या मोबाइल ऐप से तत्काल टिकट बुक करने की सोच रहे हैं, तो अब आपको अपने आधार कार्ड (Aadhaar Card) से जुड़ा मोबाइल नंबर जरूर रखना होगा. टिकट बुक करने से पहले OTP आएगा और OTP डाले बिना बुकिंग पूरी नहीं होगी. यानी, अब बिना आधार ऑथेंटिकेशन के तत्काल टिकट बुक करना संभव नहीं होगा.

एजेंट्स पर बड़ी सख्ती, पहले 30 मिनट तक टिकट बुकिंग पर रोक
रेलवे ने उन एजेंट्स के खिलाफ बड़ा कदम उठाया है जो हर बार तत्काल बुकिंग (IRCTC Tatkal Booking Time) खुलते ही सभी टिकट अपने कब्जे में कर लेते थे. अब AC क्लास के लिए सुबह 10:00 से 10:30 बजे तक और स्लीपर क्लास के लिए 11:00 से 11:30 बजे तक एजेंट्स टिकट बुक नहीं कर पाएंगे. ये समय अब सिर्फ आम यात्रियों के लिए होगा, जिससे उन्हें भी कन्फर्म टिकट मिलने का मौका मिलेगा.

IRCTC अकाउंट में आधार लिंक करना जरूरी
अगर आपने अभी तक अपने IRCTC अकाउंट में आधार नंबर लिंक नहीं किया है, तो तुरंत कर लीजिए. क्योंकि अब जब आप टिकट बुक करने जाएंगे, तब आपके IRCTC अकाउंट में आधार लिंक न होने पर OTP प्रोसेस पूरा नहीं होगा और आपकी टिकट बुकिंग फेल हो सकती है.

पहली बार तत्काल टिकट बुकिंग में आया ये नियम
पहले टिकट बुक करते वक्त कोई OTP नहीं आता था. एजेंट्स सॉफ्टवेयर के जरिए सेकंडों में दर्जनों टिकट बुक कर लेते थे. लेकिन अब रेलवे ने अपने पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम (PRS) में तकनीकी बदलाव किया है, जिससे आधार OTP वेरिफिकेशन अनिवार्य हो गया है.

ये नियम पूरे देश में लागू होंगे
ये नया सिस्टम पूरे भारत के सभी रेलवे जोन में लागू किया गया है. चाहे आप दिल्ली से बेंगलुरु जा रहे हों या पटना से मुंबई अब हर जगह तत्काल टिकट सिर्फ आधार OTP से ही बुक होगा.

काउंटर से टिकट बुक करने वालों को भी देना होगा आधार नंबर
अगर आप रेलवे स्टेशन जाकर टिकट बुक करते हैं तो अब वहां भी बदलाव दिखेगा. काउंटर से बुकिंग के समय भी आपको आधार नंबर देना होगा और OTP वेरिफाई करना पड़ेगा. टिकट तभी बुक होगा जब मोबाइल नंबर आधार से लिंक होगा.

अगर आधार लिंक नहीं है तो नहीं मिलेगा टिकट
अगर आपका मोबाइल नंबर आपके आधार से लिंक नहीं है, तो तत्काल टिकट बुक नहीं किया जा सकेगा. इसलिए ये जरूरी है कि आधार और मोबाइल एक-दूसरे से लिंक हों. साथ ही अगर आप किसी और के लिए टिकट बुक कर रहे हैं, तो उसका भी आधार नंबर और OTP चाहिए होगा.

फिलहाल ये नियम सिर्फ तत्काल टिकट पर लागू
रेलवे की ओर से बताया गया है कि ये नया नियम सिर्फ तत्काल टिकट बुकिंग के लिए है. सामान्य टिकट या वेटिंग लिस्ट टिकट के लिए अभी आधार की जरूरत नहीं है. लेकिन आने वाले समय में काउंटर से बुक होने वाले टिकटों पर भी यही प्रक्रिया लागू की जा सकती है.

अगर कोई परेशानी हो तो यहां करें संपर्क
अगर आपको OTP नहीं मिल रहा है, या आधार लिंक करने में दिक्कत है, तो आप IRCTC की हेल्पलाइन 139 या UIDAI हेल्पलाइन 1947 पर कॉल कर सकते हैं. साथ ही नजदीकी रेलवे स्टेशन के रिजर्वेशन काउंटर पर जाकर भी सहायता ली जा सकती है.

मॉनसून सत्र के लिए सरकार का प्लान-8: जानिए कौन-कौन से बिल लाने की तैयारी

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संसद का मॉनसून सत्र 21 जुलाई से शुरू हो रहा है. 21 अगस्त तक चलने वाले सत्र में कुल 21 बैठकें होंगी. 12 अगस्त से 18 अगस्त तक संसद नहीं बैठेगी. सरकार सात नए बिल ला रही है, जिन्हें पारित कराने का प्रयास होगा. नेशनल स्पोर्ट्स गवर्नेंस बिल और नेशनल एंटी डोपिंग संशोधन बिल इस सत्र में लाए जाएंगे. खेल संगठनों में सुशासन लाने और विवादों को निपटाने का तंत्र बनाने का प्रावधान किया जाएगा. माइन्स एंड मिनरल्स संशोधन बिल, जिओहैरिटेज साइट्स एंड जिओरेलिक्स प्रिजर्वेशन एंड मेटेंनेंस बिल,आईआईएम संशोधन बिल भी लाए जा रहे हैं. इनके अलावा मणिपुर जीएसटी संशोधन बिल, टैक्सेशन संशोधन बिल और जनविश्वास संशोधन बिल भी पेश किए जाएंगे. इनके अलावा आठ बिल लंबित हैं, जिन्हें सरकार पारित कराने का प्रयास करेगी. इनमें इनकम टैक्स बिल 2025, इंडियन पोर्टस बिल आदि शामिल हैं

“खान और खनिज (विकास और विनियमन) संशोधन विधेयक” के चार प्रमुख उद्देश्य हैं:

यह विधेयक महत्वपूर्ण खनिजों की व्यावहारिक पुनर्प्राप्ति (Recovery) की व्यवस्था करने का प्रस्ताव करता है. यह गहराई में स्थित खनिजों के वैज्ञानिक और बेहतर खनन के लिए पट्टे में लगे हुए (Contiguous) क्षेत्रों को शामिल करने का प्रावधान करता है. यह राष्ट्रीय खनिज अन्वेषण न्यास (National Mineral Exploration Trust) के कार्यक्षेत्र को व्यापक बनाने का प्रस्ताव करता है. यह उन खनिजों की पुरानी (Legacy) जमा का उपयोग सुनिश्चित करने का प्रावधान करता है, जिन्हें स्वयं उपयोग (Captive Use) में नहीं लाया जा सकता. ‘भू-धरोहर स्थल और भू-अवशेष (संरक्षण और रखरखाव) विधेयक’ का उद्देश्य राष्ट्रीय महत्व के भू-धरोहर स्थलों और भू-अवशेषों की घोषणा, संरक्षण, सुरक्षा और रखरखाव की व्यवस्था करना है. यह भूवैज्ञानिक अध्ययन, शिक्षा, अनुसंधान, जन-जागरूकता फैलाने और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए लाया गया है.

राष्ट्रीय खेल प्रशासन विधेयक (National Sports Governance Bill) का उद्देश्य खेलों के विकास और प्रोत्साहन, खिलाड़ियों के लिए कल्याणकारी उपायों तथा खेलों में नैतिक आचरण को सुशासन के माध्यम से सुनिश्चित करना है. यह विधेयक खेल महासंघों के प्रशासन के लिए ऐसी संस्थागत क्षमता और विवेकपूर्ण मानक स्थापित करने का प्रस्ताव करता है, जो ओलंपिक और खेल आंदोलन के बुनियादी सार्वभौमिक सिद्धांतों, ओलंपिक चार्टर, पैरा ओलंपिक चार्टर, अंतरराष्ट्रीय सर्वोत्तम प्रथाओं और स्थापित कानूनी मानकों पर आधारित हों. साथ ही यह खेल संबंधी शिकायतों और विवादों के समाधान के लिए एकीकृत, न्यायसंगत और प्रभावी उपायों की स्थापना का भी प्रावधान करता है.

खेल से संबंधित एक अन्य विधेयक वर्ष 2022 के राष्ट्रीय डोपिंग रोधी अधिनियम (National Anti-Doping Act) में संशोधन के लिए प्रस्तावित है. यह संशोधन, लागू होने के बाद, वर्तमान अधिनियम की कुछ परिभाषाओं और प्रावधानों को अंतरराष्ट्रीय सर्वोत्तम प्रथाओं और विश्व डोपिंग रोधी एजेंसी (WADA) कोड के अनुरूप बनाएगा.

साथ ही, यह राष्ट्रीय डोपिंग रोधी अपील पैनल की संस्थागत और संचालन संबंधी स्वतंत्रता सुनिश्चित करने का भी प्रावधान करेगा. अन्य चार नए विधेयकों में शामिल हैं-

मणिपुर माल और सेवा कर (संशोधन) विधेयक – यह एक अध्यादेश को विधेयक द्वारा प्रतिस्थापित करने के लिए लाया गया है.
जन विश्वास (प्रावधानों में संशोधन) विधेयक – इसका उद्देश्य “ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस” (कारोबार करने में आसानी) और ‘ईज़ ऑफ लिविंग’ (जीवन को सरल बनाने) को बढ़ावा देना है.
भारतीय प्रबंधन संस्थान (संशोधन) विधेयक- यह विधेयक आईआईएम गुवाहाटी को अधिनियम की अनुसूची में शामिल करने के लिए लाया गया है.
कराधान कानून (संशोधन) विधेयक – यह कर कानूनों में कुछ विशेष संशोधनों का प्रस्ताव करता है.