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एयरपोर्ट पहुंचे यात्री के बैग से मिली ये चीज, शख्स को फ्लाइट लेने से रोका और पुलिस को सौंपा

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जबलपुर के डुमना एयरपोर्ट पर मंगलवार को पहुंचे एक यात्री के बैग से कारतूस मिला तो हड़कंप मच गया. वह इंडिगो विमान (Indigo Flight) से जबलपुर से बेंगलुरु जा रहा था. यात्री की पहचान शहडोल के रहने वाले अतीक अहमद के रूप में हुई. आनन-फानन विमान तल की सुरक्षा में तैनात जवानों ने युवक को यात्रियों की कतार से दूर किया और पुलिस को सूचना दी.

मौके पर पहुंची खमरिया थाना पुलिस ने युवक को अपनी हिरासत में लेते हुए पूछताछ शुरू कर दी है. बताया जाता है कि मध्य प्रदेश के शहडोल जिले के निवासी अतीक का बैग जांच के लिए एक्स-रे मशीन से गुजारा गया तो बैग में कुछ संदिग्ध सामान होना पाया गया. बैग खुलवा कर जब देखा तो उसमें दो कारतूस मिले.

इस पर अतीक अहमद को डुमना विमानतल पर रोक लिया गया, एयरपोर्ट अथॉरिटी ने थाना खमरिया पुलिस को सूचना दी. खमरिया पुलिस युवक से पूछताछ कर रही है.

300 करोड़ से बनी एयरपोर्ट की बाउंड्री वॉल 10 महीने में गिरी
लगभग 6 महीने पहले रीवा एयरपोर्ट का उद्घाटन हुआ था. एयरपोर्ट की दीवार का एक बड़ा हिस्सा पूरी तरीके से गिर गया. पिछली बारिश में भी एयरपोर्ट की दीवार टूटी थी. वहीं दूसरी तरफ, गुढ़ विधायक नागेंद्र सिंह के मकान में पानी भर गया. विधायक ने कहा कि रीवा शहर को तालाब में कन्वर्ट कर दिया गया है. जब तक नदी गहरी नहीं होगी, तब तक शहर की बाढ़ की समस्या दूर नहीं होगी.

30 बांग्लादेशी नागरिकों का छत्तीसगढ़ से किया गया डिपोर्ट, बॉर्डर पर BSF को सौंपेंगी रायपुर पुलिस

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छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) में अवैध तरीके से रह रहे 30 बांग्लादेशी नागरिकों (Bangladeshis living illegally) को पहली बार उनके देश वापस भेजा जा रहा है. केंद्र सरकार से डिपोर्ट की अनुमति मिलने के बाद मंगलवार, 15 जुलाई को 30 बांग्लादेशी नागरिकों को रायपुर एयरपोर्ट (Raipur Airport) से फ्लाइट के जरिए गुवाहटी भेजा गया.

30 बांग्लादेशी नागरिकों किया जा रहा डिपोर्ट
जानकारी के मुताबिक, इन घुसपैठी बांग्लादेशी नागरिकों को रायपुर पुलिस बीएसएफ के हवाले करेगी. इसके बाद असम से बांग्लादेश बॉर्डर पर बीएसएफ (BSF) के जरिए डिपोर्ट प्रक्रिया पूरी की जाएगी. ये प्रकिया आज पूरी होगी.

छत्तीसगढ़ के इन जिलों से पकड़े गए थे बांग्लादेशी नागरिक
बता दें कि ये बांग्लादेशी छत्तीसगढ़ के रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, मोहला मानपुर और रायगढ़ से पकड़े गए हैं. हालांकि जिन बांग्लादेशी नागरिकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज है, उन्हें उनके देश वापस नहीं भेजा जा रहा है और वो मामले की सुनवाई पूरी होने तक यहीं रहेंगे. कोर्ट के फैसले के बाद ही उन्हें बांग्लादेश भेजा जाएगा.

बांग्लादेशी नागरिकों को भारत से क्यों वापस भेजा रहा है?
प्रदेश में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों की पहचान पिछले कुछ सालों में इंटेलिजेंस इनपुट और स्थानीय शिकायतों के आधार पर की गई थी. जिसके बाद बिना वैध दस्तावेजों के छत्तीसगढ़ में रह रहे नागरिकों को रायपुर समेत कई जिलों से पकड़ा गया था.

बीएसएफ वापस भेजेगी बांग्लादेश
भारत-बांग्लादेश बॉर्डर पर बीएसएफ तैनात है और बॉर्डर की सुरक्षा की जिम्मेदारी उनकी है इसलिए केंद्र सरकार ने उन्हें ये जिम्मेदारी दी है.

PWD सब इंजीनियर की परीक्षा में नकल ! युवतियों ने ऑनलाइन मंगवाया था हाईटेक डिवाइस, आरोपी 2 दिनों की पुलिस रिमांड पर

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छत्तीसगढ़ में आयोजित PWD सब इंजीनियर भर्ती परीक्षा में सामने आए हाईटेक नकल मामले में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है. मामले में गिरफ्तार की गई दोनों युवतियों को कोर्ट से दो दिन की पुलिस रिमांड मिल गई है. पुलिस अब उनसे गहराई से पूछताछ करेगी, ताकि इस रैकेट से जुड़े अन्य लोगों की भी जानकारी सामने लाई जा सके.

परीक्षा नकल करने के लिए ऑनलाइन मंगवाया था हाईटेक डिवाइस
जानकारी के मुताबिक, आरोपी युवतियों ने परीक्षा में नकल करने के लिए ऑनलाइन हाईटेक डिवाइस मंगवाया था. वहीं इस डिवाइस को चलाने की तकनीक दोनों बहनों ने यूट्यूब से सीखी थी. इतना ही नहीं दोनों आरोपी आपस में सगी बहनें हैं, जो पहले से इस योजना को अंजाम देने की तैयारी कर रही थीं.

दो युवतियों के पास से बरामद किए गए थे ब्लूटूथ-अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण
यह पूरा मामला बिलासपुर के सरकंडा थाना क्षेत्र का है, जहां पंडित राम दुलारे स्वामी आत्मानंद स्कूल को परीक्षा केंद्र बनाया गया था. यहीं पर परीक्षा के दौरान संदेह होने पर पर्यवेक्षकों ने युवतियों की तलाशी ली, जिसमें उनके पास से ब्लूटूथ और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए गए.

विशेष जांच टीम गठित
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक द्वारा मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष जांच टीम गठित की गई है. जांच टीम ने साइबर सेल के विशेषज्ञों के साथ सरकंडा थाना प्रभारी को शामिल किया गया है. टीम यह पता लगाने में जुटी है कि नकल के इस पूरे नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं और डिवाइस की आपूर्ति कहां से की गई थी.

पुलिस का कहना है कि इस हाईप्रोफाइल नकल कांड की परतें धीरे-धीरे खुल रही हैं और जल्द ही इसके पीछे की पूरी साजिश का पर्दाफाश किया जाएगा. फिलहाल आरोपी युवतियों से पूछताछ जारी है और तकनीकी जांच भी की जा रही है.

बीजापुर में नक्सलियों ने शिक्षक समेत दो लोगों की हत्या की, पीलूर गांव के जंगल में मिली लाश, मुखबिरी का आरोप

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छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में स्थित पिलूर गांव के जंगलों में मंगलवार को दो लोगों की हत्या कर दी गई. मृतकों में से एक की पहचान विनोद माडे के रूप में हुई, जो कोंडापड़गु स्कूल में शिक्षक थे. जानकारी के मुताबिक, नक्सलियों ने उन्हें सोमवार की शाम अगवा कर लिया था. विनोद का शव और एक अन्य अज्ञात व्यक्ति का शव फरसगढ़ पुलिस स्टेशन के पास मिला है.

नक्सलियों ने स्थानीय शिक्षक की हत्या की
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस माओवादियों की तलाश में गांव पहुंच गई है. स्थानीय लोगों का आरोप है कि पुलिस मुखबिरी के संदेह में उनकी हत्याएं की गई हैं. हालांकि पुलिस ने अभी इसकी पुष्टि नहीं की है.

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, नक्सलियों ने शवों के पास पर्चे छोड़े, जिसमें पीड़ितों पर सुरक्षा बलों को जानकारी देने का आरोप लगाया गया था. इस घटना ने क्षेत्र में फिर से डर पैदा कर दिया है, जो लंबे समय से माओवादी विद्रोह का गढ़ रहा है.

नक्सलियों ने सात जिलों में 1,821 लोगों की हत्या की
बता दें कि पिछले दो हफ्तों में बीजापुर में ऐसी ही छह हत्याएं हो चुकी हैं, जिनमें दो छात्र भी शामिल हैं. माओवादियों ने मुखबिरी के शक में उनकी हत्या कर दी थी. 2000 में छत्तीसगढ़ राज्य बनने के बाद से नक्सलियों ने बस्तर के सात जिलों में कम से कम 1,821 लोगों की हत्या की है, जिसमें बीजापुर में सबसे ज्यादा मौतें हुई हैं. मृतकों में आम नागरिक, आत्मसमर्पण करने वाले नक्सली और निर्वाचित प्रतिनिधि शामिल हैं.

ब्रह्मोस, अग्नि, आकाश से भी बड़ा धमाका… भारत ने बनाई 8 MAC वाली मिसाइल, S-500 भी हो जाएगा फेल

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भारत ने एक बार फिर दुनिया को चौंका दिया है. रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) ने एक ऐसी हाइपरसोनिक मिसाइल तैयार की है, जिसकी रफ्तार और मारक क्षमता अब तक के सभी भारतीय मिसाइल सिस्टम ब्रह्मोस, अग्नि और आकाश से कहीं ज्यादा है. इसे ‘एक्सटेंडेड ट्रैजेक्टरी लॉन्ग ड्यूरेशन हाइपरसोनिक क्रूज मिसाइल (ET-LDHCM)’ नाम दिया गया है. यह मैक 8 की रफ्तार यानी ध्वनि की गति से आठ गुना तेज उड़ान भर सकती है और 1,500 किलोमीटर दूर तक लक्ष्य को भेद सकती है.
इस मिसाइल को DRDO के ‘प्रोजेक्ट विष्णु’ के तहत विकसित किया गया है. यह भारत की अब तक की सबसे उन्नत रणनीतिक मिसाइल मानी जा रही है, जो ब्रह्मोस, अग्नि-5 और आकाश से कही ज्यादा ताकतवर है.
भारत का नया ब्रह्मास्त्र
ET-LDHCM मिसाइल भारत की रक्षा तकनीक में एक क्रांतिकारी कदम है. यह मिसाइल स्क्रैमजेट इंजन से लैस है, जो वायुमंडल की ऑक्सीजन का उपयोग करके पारंपरिक रोटेटिंग कंप्रेसर के बिना काम करता है. यह तकनीक इसे MAC-8 की गति देती है, जो ब्रह्मोस की मच-3 गति (3,675 किमी/घंटा) से तीन गुना ज्यादा है. ब्रह्मोस की शुरुआती रेंज 290 किमी थी, जिसे बाद में बढ़ाकर 450 किमी किया गया, लेकिन ET-LDHCM की रेंज सीधे 1,500 किलोमीटर है. यह इसे भारत का अब तक का सबसे लंबी दूरी वाला और तेज मिसाइल बनाता है.

दुश्मनों की नींद उड़ाने वाला हथियार

यह मिसाइल 1,000 से 2,000 किलोग्राम तक के पारंपरिक या परमाणु हथियार ले जा सकती है. इसकी खासियत यह है कि यह कम ऊंचाई पर उड़ान भरती है, जिससे इसे रडार से पकड़ना मुश्किल हो जाता है. यह मिसाइल उड़ान के दौरान अपनी दिशा बदल सकती है, जिससे यह युद्धक्षेत्र में अत्यधिक लचीली और प्रभावी बन जाती है. यह 2,000 डिग्री सेल्सियस तक के तापमान को सहन करने में सक्षम है, जो हाइपरसोनिक गति के दौरान स्थिरता और सटीकता सुनिश्चित करता है.

कांग्रेस MLA के बेटे ने गश्त में खड़े कांस्टेबल पर दौड़ा दी कार, बिना नंबर की गाड़ी ड्राइव रहा था आरोपी

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अलीराजपुर जिले में सोमवार को कांग्रेस विधायक के बेटे पर गश्त कर रहे पुलिसकर्मियों पर गाड़ी चढ़ाने का गंभीर आरोप लगा है. घटना का एक वीडियो सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो में सामने से आती एक तेज रफ्तार कार बस स्टैंड चौराहे पर गश्त कर रहे पुलिसकर्मियों को चढ़ाती हुई नजर आती है.

घटना का वीडियो वायरल हो रहा है. वायरल वीडियो में कार सवार शख्स जोबट से कांग्रेस विधायक सेना पटेल के बेटा पुष्पराज सिंह बताया जा रहा है. आरोप है कि तेज रफ्तार से कार चलाते हुए चालक ने गश्त में तैनात कांस्टेबल को टक्कर मारने की कोशिश कर रहा है.
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सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हुए वारदात के वीडियो में सवार था विधायक पुत्र
रिपोर्ट के मुताबिक घटना सोमवार देर रात की है. सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हुए वारदात के वीडियो में देखा जा सकता है कि गश्त में तैनात पुलिसकर्मी बिना नंबर की कार चला रहे शख्स को रूकने का इशारा करते हैं, लेकिन चालक कार उनके ऊपर ही दौड़ा देता है, जिससे पुलिसकर्मियों को भागकर जान बचानी पड़ी. घटना में एक कांस्टेबल थोड़ा चोटिल हो गया.

घटना में घायल कांस्टेबल का अलीराजपुर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया
माना जा रहा है चूंकि मामला विधायक के बेटे से जुड़ा है इसलिए पुलिस कार्रवाई करने से बच रही है. इतना ही नहीं, पुलिसकर्मी मामले पर कैमरे पर कुछ भी बोलने से भी बच रहे हैं. घटना में घायल कांस्टेबल का अलीराजपुर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज जारी है.

कांग्रेस विधायक पुत्र पुष्पराज सिंह बिना नंबर की कार चला रहा है. गश्त में खड़े कांस्टेबल ने जब उसे रौकना चाहा तो उसने तेज रफ्तार एसयूवी कार कांस्टेबल पर दौड़ा, जिससे कांस्टेबल राकेश गुजारिया चोटिल हो गए. कार की रफ्तार इतनी तेज थी कि वह एक खंभे से टकरा गई.
MLA महेश सेना पटेल के बेटे पुष्पराज सिंह पर पहले भी लगे हैं गंभीर आरोप
गौरतलब ह यह पहली बार नहीं है जब जोबाट विधायक महेश सेना पटेल के बेटे पुष्पराज सिंह पर आरोप लगे हैं. पिछले साल आरोपी पुष्पराज पर एक 25 वर्षीय युवती को आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगा था.युवती की खुदकुशी के बाद आरोपी के खिलाफ पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की थी.

छत्तीसगढ़ पुलिस पर क्यों भड़की TMC सांसद महुआ मित्रा, वीडियो पोस्ट कर लगाया किडनैपिंग का आरोप

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बिलासपुर (Bilaspur) में लोक निर्माण विभाग (PWD) की उप अभियंता भर्ती परीक्षा में एक महिला परीक्षार्थी के हाईटेक उपकरणों की मदद से नकल करने का मामला सामने आने के बाद प्रदेश की राजनीति गरमा गई है. यह परीक्षा 13 जुलाई 2025 को सुबह 10:00 से दोपहर 12:15 बजे तक सरकंडा स्थित शासकीय रामदुलारे बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में आयोजित की गई थी.

मामले में चौंकाने वाला पहलू तब सामने आया, जब एक महिला परीक्षार्थी ने माइक्रो कैमरा, कॉलर माइक, ईयर पीस और वॉकी-टॉकी जैसे उपकरणों की मदद से प्रश्न पत्र स्कैन कर बाहर बैठी अपनी सहयोगी को भेजा. इसके बाद वहां उत्तर हासिल कर पेपर देती रहीं. ये पूरा मामला किसी जासूसी फिल्म के दृश्य से कम नहीं मालूम पड़ता है.

PWD Deputy Engineer Recruitment Exam Nakal Case: एनएसयूआई का प्रदर्शन और विरोध
इस खुलासे के बाद एनएसयूआई ने राज्य सरकार की परीक्षा तंत्र की नाकामी का आरोप लगाते हुए सख्त कार्रवाई की मांग शुरू कर दी है. इसी कड़ी में धमतरी जिले में एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का पुतला दहन कर विरोध जताया.

पुलिस के साथ जमकर हुई झूमाझटकी
प्रदर्शन के दौरान जब सिविल ड्रेस में पुलिसकर्मी कांग्रेस भवन पहुंची और पुतला छीनने की कोशिश की, तो एनएसयूआई कार्यकर्ता उग्र हो गए. वे दौड़ते हुए कोतवाली थाना पहुंचे और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करने लगे. इस दौरान दोनों पक्षों के बीच झूमाझटकी हुई और कुछ कार्यकर्ता व सुरक्षाकर्मी चोटिल हो गए.

एनएसयूआई ने की सीबीआई जांच की मांग
धमतरी एनएसयूआई के जिला अध्यक्ष राजा देवांगन ने कहा कि प्रदेश में भर्ती प्रक्रिया मज़ाक बन चुकी है. 14 हजार से अधिक छात्र परीक्षा देने पहुंचे थे, लेकिन एक ऑटो में बैठी युवती हाईटेक नकल करा रही थी. यह सिस्टम पर तमाचा है. उन्होंने मांग की है कि इस पूरे मामले की सीबीआई जांच कराई जाए और परीक्षा को तत्काल प्रभाव से रद्द किया जाए, ताकि दोषियों की पहचान हो सके और पढ़ाई कर परीक्षा देने वाले विद्यार्थियों के भविष्य से खिलवाड़ न हो.

पुलिस की सफाई और कार्रवाई की चेतावनी
वहीं, इस पूरे घटनाक्रम पर डीएसपी मोनिका मरावी ने कहा कि कोतवाली थाने के भीतर एनएसयूआई कार्यकर्ताओं की ओर से किए गए बवाल में पुलिसकर्मियों को चोटें आई हैं, एक महिला सुरक्षाकर्मी की वर्दी भी खींची गई है. उन्होंने कहा कि नियमों के तहत दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी.

कांग्रेस और एनएसयूआई ने अपनाया कड़ा रुख
इसके अलावा बिलासपुर में भी सोमवार को NSUI और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जिला कलेक्ट्रेट के सामने प्रदर्शन किया और परीक्षा को रद्द करने की मांग की. प्रदर्शनकारियों ने कहा कि इस नकल कांड ने छत्तीसगढ़ की परीक्षा प्रणाली की पोल खोल दी है. एनएसयूआई के प्रदेश महासचिव विकास सिंह ठाकुर ने चेतावनी दी कि अगर सरकार चुप रही, तो यह आंदोलन पूरे प्रदेश में उग्र रूप लेगा. इसके अलावा, छात्र नेता पुष्पराज साहू ने कहा कि इस घटना के पीछे एक संगठित गिरोह हो सकता है, जिसकी जांच बेहद ज़रूरी है.

प्रशासन की प्रतिक्रिया और जांच प्रक्रिया
वहीं, इस पूरे मामले पर बिलासपुर एसएसपी रजनेश सिंह ने कहा कि एक परीक्षार्थी और उसकी बहन को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है. चार सदस्यीय विशेष जांच टीम बनाई गई है, जो परीक्षा केंद्र में ड्यूटी कर रहे कर्मचारियों व केंद्राध्यक्ष से पूछताछ कर रही है.

अब सबकी निगाहें व्यापम की ओर से गठित जांच रिपोर्ट पर है, जिससे यह साफ होगा कि किन स्तरों पर चूक हुई और किन लोगों की मिलीभगत थी. दरअसल, बिलासपुर में PWD परीक्षा में सामने आए हाईटेक नकल कांड ने छत्तीसगढ़ में परीक्षा निगरानी प्रणाली और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है. जहां एक ओर अभ्यर्थियों का भविष्य अधर में लटक गया है. वहीं, दूसरी ओर इस घटना ने प्रदेश सरकार को भी कटघरे में खड़ा कर दिया है. ऐसे में सवाल यह है कि क्या इस बार दोषियों को सजा मिलेगी, या फिर यह मामला भी अन्य घोटालों की तरह फाइलों में दफन होकर रह जाएगा?

CM साय के नेतृत्व में मलेरिया पर प्रहार, मिशन मोड में सरकार

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छत्तीसगढ़ सरकार ने मलेरिया के स्थायी उन्मूलन की दिशा में एक बार फिर बड़ी पहल की है. मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के मार्गदर्शन में राज्य ने ‘मलेरिया मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान’ के 12वें चरण की शुरुआत की है, जिसमें दस जिलों में गहन सर्वेक्षण, जांच और जनजागरूकता अभियान चलाया गया.

25 जून से शुरू हुए इस चरण में अब तक 19,402 घरों का दौरा कर 98,594 लोगों की जांच की गई है, जिनमें 1,265 लोग मलेरिया पॉजिटिव पाए गए. सभी संक्रमितों को मौके पर ही भोजन कराकर दवा दी गई और उपचार कार्ड जारी किया गया, जिससे उनकी निगरानी सुनिश्चित हो सके. यह सावधानी इस बात को दर्शाती है कि छत्तीसगढ़ सरकार स्वास्थ्य अभियान को कितनी संवेदनशीलता और व्यावहारिकता से संचालित कर रही है.

बस्तर संभाग में इस अभियान का विशेष असर दिखा है. वर्ष 2015 की तुलना में यहां मलेरिया के मामलों में 71% तक की गिरावट दर्ज की गई है. वहीं राज्य का वार्षिक परजीवी सूचकांक (API) भी 27.40 से घटकर 7.11 हो गया है, जो इस बात का संकेत है कि मलेरिया नियंत्रण की दिशा में छत्तीसगढ़ ने निर्णायक सफलता हासिल की है.

स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने अभियान को लेकर कहा, “अब मलेरिया से लड़ाई सिर्फ इलाज नहीं, रणनीति और जनसहभागिता की भी लड़ाई बन चुकी है. हम 2027 तक ‘शून्य मलेरिया’ और 2030 तक ‘पूर्ण मलेरिया मुक्त छत्तीसगढ़’ के लक्ष्य को सिर्फ दस्तावेज़ नहीं, जमीनी हकीकत बना रहे हैं.”

स्वास्थ्य विभाग की आयुक्त डॉ. प्रियंका शुक्ला ने बताया कि अब फोकस लक्षणरहित (Asymptomatic) मामलों पर है, ताकि बीमारी का जड़ से उन्मूलन किया जा सके. उन्होंने कहा कि यह अभियान अब सिर्फ सरकारी कार्यक्रम नहीं, जनआंदोलन का स्वरूप ले चुका है.

इस सफलता में मितानिनों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, पंचायतों और स्वयंसेवी संगठनों की अहम भूमिका रही है. राज्य सरकार ने मच्छरदानी के प्रयोग, जलजमाव की रोकथाम और स्वच्छता जैसे व्यवहारिक उपायों के प्रति भी लोगों को जागरूक किया है.

छत्तीसगढ़ सरकार का यह प्रयास न केवल राज्य के लिए एक मजबूत और स्थायी समाधान प्रस्तुत करता है, बल्कि यह सार्वजनिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक राष्ट्रीय मॉडल के रूप में उभर रहा है. मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की राजनीतिक इच्छाशक्ति और स्वास्थ्य मंत्री की रणनीतिक दृष्टि इस अभियान की रीढ़ साबित हो रही है. आने वाले वर्षों में यह मॉडल अन्य राज्यों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन सकता है.

दुर्ग के होटल व्यवसायी और रेलवे ठेकेदार विजय अग्रवाल के ठिकानों पर ED का छापा

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छत्तीसगढ़ के दुर्ग शहर में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने आज सुबह होटल व्यवसायी और रेलवे ठेकेदार के ठिकानों पर छापेमारी की. ईडी की टीम होटल व्यवसायी और रेलवे ठेकेदार विजय अग्रवाल के ठिकानों पर आज सुबह 7 बजे दबिश दी. इस कार्रवाई के दौरान काफी संख्या में पुलिस बल में मौजूद है.

दुर्ग के होटल व्यवसायी विजय अग्रवाल के ठिकानों पर छापा
आज सुबह करीब 7 बजे केंद्रीय जांच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय ने दुर्ग के प्रमुख व्यापारी और होटल व्यवसायी विजय अग्रवाल के ठिकाने पर छापेमारी की. यह कार्रवाई विजय अग्रवाल के दुर्ग दीपक नगर स्थित आवास में की गई. सूत्रों के अनुसार, इस रेड में ED की एक विशेष टीम शामिल है, जिसमें 5-7 अधिकारी मौजूद हैं. फिलहाल घर के परिवार से पूछताछ की जा रही है.

विवादों में रहा मिड-डे मील योजना का ठेका
हालांकि केंद्रीय जांच एजेंसी ने इस कार्रवाई के सटीक कारणों की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं की है, लेकिन सूत्रों का दावा है कि यह छापेमारी छत्तीसगढ़ में हाल के वर्षों में सामने आए विभिन्न घोटालों में से किसी एक से संबंधित हो सकती है. विशेष रूप से, विजय अग्रवाल व उनके परिवार के व्यवसायिक समूह, RK ग्रुप, पर पहले भी रेल नीर घोटाले में संलिप्तता के आरोप लगे थे. इसके अलावा उनके समूह ने पिछली राज्य सरकार के कार्यकाल में मिड-डे मील योजना के तहत भी बड़ा ठेका हासिल किया था, जो विवादों का विषय रहा है. हालांकि इस पारिवारिक व्यवसाय में अब बंटवारा हो चुका है.

मनी लॉन्ड्रिंग या वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े किसी मामले की जांच का हिस्सा हो सकती है. छत्तीसगढ़ में हाल के वर्षों में कई बड़े घोटाले जैसे शराब घोटाला और अन्य वित्तीय अनियमितताएं, ED और CBI जैसी केंद्रीय एजेंसियों के निशाने पर रहे हैं.

कौन है विजय अग्रवाल?
विजय अग्रवाल दुर्ग के एक प्रमुख व्यापारी हैं. वो होटल सागर इंटरनेशनल के मालिक हैं, जो दुर्ग का एक जाना माना होटल है. इसके अलावा अग्रवाल का व्यवसाय कई क्षेत्रों में फैला हुआ है, जिसमें रेलवे के लिए खाद्य आपूर्ति का कार्य प्रमुख है. उनके RK ग्रुप के तहत कई फर्म्स संचालित होती हैं, जो रेलवे के लिए खानपान और अन्य लॉजिस्टिक सेवाएं प्रदान करती हैं. रेल नीर, जो रेलवे द्वारा संचालित बोतलबंद पानी की आपूर्ति का ब्रांड है, इससे जुड़े घोटाले में उनके समूह का नाम पहले भी चर्चा में रहा है.

नवा रायपुर में वेटलैण्ड एवं जैव विविधता संरक्षण पर उच्चस्तरीय कार्यशाला का आयोजन

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जैव विविधता एवं आर्द्रभूमियों (वेटलैण्ड्स) के संरक्षण के उद्देश्य से आज नवा रायपुर स्थित दण्डकारण्य अरण्य भवन में एक उच्चस्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत, उपमुख्यमंत्रीद्वय श्री अरुण साव एवं श्री विजय शर्मा सहित कैबिनेट के सभी मंत्री एवं विधायकगण उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री साय ने कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ की परिकल्पना केवल आधारभूत ढांचे के विकास से नहीं, बल्कि पर्यावरणीय संतुलन और जैविक विविधता की रक्षा से ही पूर्ण होती है। उन्होंने आह्वान किया कि हर जनप्रतिनिधि व नागरिक जैव विविधता एवं वेटलैण्ड संरक्षण के लिए व्यक्तिगत दायित्व समझें और ‘वेटलैण्ड मित्र’ बनकर इस अभियान को जनांदोलन में परिवर्तित करें।

कार्यशाला की अध्यक्षता करते हुए वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री कश्यप ने कहा कि जैव विविधता और वेटलैण्ड्स का संरक्षण केवल पर्यावरणीय आवश्यकता नहीं, बल्कि यह हमारी भावी पीढ़ियों की सुरक्षा का सवाल भी है। उन्होंने सभी जनप्रतिनिधियों से जैव विविधता के संरक्षण में भागीदारी सुनिश्चित करने और “वेटलैण्ड मित्र” बनकर जनजागरण फैलाने का आग्रह किया।

कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ जैव विविधता बोर्ड के अध्यक्ष राकेश चतुर्वेदी ने व्यापक प्रस्तुति दी। उन्होंने 1992 के अर्थ सम्मिट, जैव विविधता अधिनियम 2002, राष्ट्रीय जैव विविधता बोर्ड की भूमिका और जैव विविधता प्रबंधन समितियों की संरचना एवं कार्यों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने यह भी बताया कि छत्तीसगढ़ देश का तीसरा राज्य है, जहां जैव विविधता प्रबंधन समितियाँ प्रभावी रूप से कार्य कर रही हैं।

आर्द्रभूमि संरक्षण के संदर्भ में प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्री अरुण कुमार पाण्डेय ने बताया कि वेटलैण्ड्स पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखने में अहम भूमिका निभाते हैं। उन्होंने राज्य आर्द्रभूमि प्राधिकरण की कार्यप्रणाली और जिला स्तरीय आर्द्रभूमि संरक्षण समितियों के गठन की प्रक्रिया की जानकारी देते हुए बताया कि इन समितियों के माध्यम से स्थानीय स्तर पर वेटलैण्ड्स की निगरानी एवं संरक्षण को मजबूती मिल रही है।

कार्यक्रम में यह जानकारी दी गई कि राज्य का गिधवा-परसदा पक्षी अभ्यारण्य अंतरराष्ट्रीय मानकों पर आधारित रामसर साइट बनने की पात्रता रखता है। इसके अतिरिक्त, बलौदाबाजार जिले के खोखरा ग्राम को छत्तीसगढ़ की पहली रामसर साइट के रूप में सूचीबद्ध करने की प्रक्रिया प्रगति पर है।

कार्यशाला के अंत में सभी जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों से “वेटलैण्ड मित्र” के रूप में जुड़कर जैव विविधता और आर्द्रभूमियों के संरक्षण हेतु सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की गई। यह भागीदारी राज्य में पर्यावरणीय चेतना को जनआंदोलन का रूप देने में सहायक होगी।

इस अवसर पर मुख्य सचिव अमिताभ जैन, अपर मुख्य सचिव (वन) ऋचा शर्मा, छत्तीसगढ़ वन बल प्रमुख श्री व्ही. राव, जैव विविधता बोर्ड के सदस्य सचिव श्री राजेश कुमार चंदेले सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी एवं विशेषज्ञ उपस्थित थे।