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ऑनलाइन पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति के लिए विद्यार्थियों को आधार सीडिंग एवं बैंक खाता सुधार की अपील

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आदिवासी विकास विभाग, अंबिकापुर के सहायक आयुक्त ने जानकारी दी है कि वर्ष 2022-23 से 2024-25 तक की ऑनलाइन पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति (कॉलेज स्तर) का भुगतान विद्यार्थियों के आधार सीडेड बैंक खातों के माध्यम से किया जा रहा है।
यह देखा गया है कि कई विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति इस कारण प्राप्त नहीं हो पा रही है क्योंकि उनके बैंक खाते में आधार सीडिंग इनएक्टिव है,बैंक खाता त्रुटिपूर्ण हैया संबंधित खाता बंद हो चुका है।
ऐसे सभी विद्यार्थी जिनकी छात्रवृत्ति अटकी हुई है, उनसे अनुरोध किया जाता है कि वे अपनी स्टूडेंट आई.डी. के माध्यम से सुधार कर आधार सीडेड बैंक खाता की प्रविष्टि अविलंब पूर्ण करें।

आईटीआई में प्रवेश हेतु पंजीयन 23 जुलाई तक

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जिले में संचालित औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) में सत्र 2025-26 और 2025-27 के लिए प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ हो गई है। जिले के कोण्डागांव, फरसगाँव, माकड़ी, मर्दापाल, बडेराजपुर, विश्रामपुरी, केशकाल और धनोरा स्थित आईटीआई संस्थानों में ऑनलाइन पंजीयन हेतु पुनः आवेदन 16 जुलाई प्रातः 10 बजे से 23 जुलाई 2025 को रात 11ः59 बजे तक कर सकते हैं। जिसमें जिले में संचालित विभिन्न व्यवसायों में छमाही व्यवसाय डीसीएम तथा एक वर्षीय कोपा, वेल्डर, मैकेनिक डीजल, स्टेनो हिन्दी एवं द्वि वर्षीय व्यवसाय फिटर, इलेक्ट्रिशियन में प्रवेश के लिए रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। इच्छुक अभ्यर्थी पोर्टल लिंक
https://cgiti.admissions.nic.in/
पर या निकटतम च्वाइस सेंटर के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों से संपर्क किया जा सकता है।

EPFO ने घर खरीदने वालों को दी बड़ी राहत, PF निकासी के नियम आसान किए, घर खरीदने के लिए निकाल सकते हैं इतने पैसे

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सरकार ने हाल ही में EPF से जुड़े नियमों में बदलाव किया है. इससे खास तौर पर उन नौकरीपेशा लोगों को राहत मिलेगी जो पहली बार घर खरीदने जा रहे हैं, लेकिन डाउन पेमेंट का इंतजाम करना उनके लिए मुश्किल हो रहा था.

दरअसल, अब एम्प्लॉई अपने PF अकाउंट से डाउन पेमेंट के लिए पैसा निकाल सकते हैं, जिससे घर खरीदने का प्रोसेस अब पहले से ज्यादा आसान हो जाएगा. एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस बदलाव से हाउसिंग सेक्टर की मांग को बढ़ावा मिलेगा.

घर खरीदारों के लिए नए PF विड्रॉल रूल
अब EPF में पैसा जमा करने वाले वो एम्प्लॉई अपने फंड का इस्तेमाल घर खरीदने के लिए कर सकते हैं, जिनका अकाउंट खुले हुए 3 साल हो गए हों. EPF स्कीम 1952 में नया नियम (पैरा 68-BD) जोड़ा गया है, जिसके तहत EPFO मेंबर अपने अकाउंट में जमा कुल पैसे का 90% तक निकाल सकते हैं. यह पैसा डाउन पेमेंट या EMI का पेमेंट करने या नया घर बनाने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है.

पहले क्या था नियम?
पहले के नियमों के मुताबिक, आप PF से पैसा तभी निकाल सकते थे जब कम से कम 5 साल तक EPFO सदस्य रहे हों. मैक्सिमम विड्रॉल लिमिट की कैलकुलेशन एम्प्लॉई और कंपनी के 36 महीनों के कुल योगदान के साथ ब्याज की राशि या प्रॉपर्टी की कॉस्ट में जो कम हो, उसी के आधार पर तय होती थी. साथ ही अगर कोई मेंबर किसी हाउसिंग स्कीम का हिस्सा होता था, तो वह PF से पैसा नहीं निकाल सकता था.

नए नियम से क्या बदला?
अब PF से सिर्फ 3 साल बाद पैसा निकाला जा सकता है. लेकिन यह सुविधा सिर्फ एक बार ही दी जाती है, यानी आप एक बार ही PF से घर खरीदने के लिए पैसा निकाल सकते हैं.

PF विड्रॉल से जुड़े दूसरे बड़े बदलाव
EPFO ने सिर्फ घर खरीदने के लिए नहीं, बल्कि कई और जरूरी बदलाव भी किए हैं:

UPI और ATM से तुरंत विड्रॉल
EPFO अब ऐसी सुविधा देगा जिससे सदस्य UPI या ATM के जरिए ₹1 लाख तक का पैसा तुरंत निकाल सकते हैं. इससे इमरजेंसी में तुरंत कैश मिल सकेगा.

ऑटो सेटलमेंट की लिमिट बढ़ी
पहले ₹1 लाख तक का क्लेम ऑटोमेटिक प्रोसेस होता था, अब यह लिमिट बढ़ाकर ₹5 लाख कर दी गई है, जिससे प्रोसेस पहले से ज्यादा तेज से और आसान हो गया है.

क्लेम प्रोसेस हुआ आसान
पहले PF निकालने के लिए 27 डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन की जरूरत पड़ती थी, लेकिन अब सिर्फ 18 पैरामीटर चेक किए जाएंगे. 95% मामलों में क्लेम 3 से 4 दिन में सैटल किया जा रहा है.

इन चीजों के लिए भी PF से पैसा निकालना हुआ आसान
अब शादी, इलाज और पढ़ाई जैसे जरूरी खर्चों के लिए PF से पैसा निकालने का प्रोसेस भी आसान और तेज हो गया है.

अब 100 फीसदी डिजिटल होगी सांसदों की उपस्थिति: लोकसभा में शुरू हुआ ऑनलाइन अटेंडेंस सिस्टम

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लोकसभा में सांसदों की उपस्थिति दर्ज करने की प्रणाली को अब डिजिटल बना दिया गया है. नई व्यवस्था के तहत, सांसद अब मल्टी मीडिया डिवाइस (MMD) के माध्यम से ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज कर सकेंगे. इससे उन्हें उपस्थिति रजिस्टर में हस्ताक्षर करने के लिए लाइन में खड़ा होने की आवश्यकता नहीं होगी. यह सुविधा फिलहाल केवल लोकसभा में शुरू की गई है, राज्यसभा में अभी पारंपरिक पद्धति ही जारी रहेगी.

डिजिटल बदलाव: अब सीट से ही लगेगी हाजिरी
नई संसद भवन में सांसद अब अपनी निर्धारित सीट पर बैठकर ही अपनी उपस्थिति दर्ज कर सकेंगे. पहले उन्हें संसद में प्रवेश से पूर्व टैबलेट पर स्टाइलस के माध्यम से हस्ताक्षर करने होते थे, जिससे समय भी लगता था और कई बार कतारें भी लगती थीं. अब यह प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल हो गई है.

तीन विकल्पों से दर्ज होगी उपस्थिति
MMD सिस्टम के ज़रिए सांसद निम्नलिखित तरीकों से अपनी हाजिरी लगा सकेंगे
अंगूठे की छाप (थंब इम्प्रेशन)
पिन नंबर
स्मार्ट कार्ड
यह प्रणाली आसान, सुरक्षित और तेज़ है, जिससे उपस्थिति की प्रक्रिया अधिक सटीक व विश्वसनीय होगी.

इसी सत्र से लागू, समय की होगी बचत
लोकसभा अध्यक्ष द्वारा शुरू की गई इस पहल को इसी संसद सत्र से लागू किया जा रहा है। पुराने तरीके में जहाँ उपस्थिति दर्ज करने में औसतन 2 से 3 मिनट लगते थे, वहीं अब यह कुछ ही सेकंड्स में संभव होगा. वर्ष भर में संसद लगभग 70 दिन चलती है. इस हिसाब से हर सांसद को सालाना लगभग साढ़े तीन घंटे का समय बचेगा, जिसे वे अन्य महत्वपूर्ण कार्यों में लगा सकेंगे।

राज्यसभा में अभी जारी रहेगी पुरानी प्रणाली
फिलहाल यह डिजिटल उपस्थिति प्रणाली केवल लोकसभा में लागू की गई है. राज्यसभा में अभी भी सांसदों को पुराने तरीके से ही उपस्थिति दर्ज करनी होगी. निकट भविष्य में राज्यसभा में भी इस प्रणाली को अपनाने की संभावना है. नई संसद भवन में शुरू हुआ यह ऑनलाइन अटेंडेंस सिस्टम न केवल सांसदों के समय की बचत करेगा, बल्कि संसदीय प्रक्रिया को भी अधिक आधुनिक, कुशल और पारदर्शी बनाएगा। यह डिजिटल पहल भारतीय संसद के भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. संसदीय सूत्रों की माने तो लोकसभा और राज्यसभा सचिवालय की तरफ से ऐसा सिस्टम लाने की प्रक्रिया चल रही है, जिससे दोनों सदनों में डिजिटल उपस्थिति दर्ज़ की जा सकेगी। इसके साथ ही, भविष्य में सांसदों को अपनी उपस्थिति दर्ज़ कराने के लिए सदन में बैठना भी अनिवार्य होगा. इसके पीछे सोच है कि सदन की कार्यवाही में अधिक से अधिक सांसदों भागीदारी सुनिश्चित की जा सके.

असदुद्दीन ओवैसी की AIMIM के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल, पार्टी की मान्यता रद्द करने की मांग

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असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (All India Majlis-e-Ittehadul Muslimeen) के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में याचिका दायर की गई है. याचिका में AIMIM की राजनीतिक पार्टी के तौर पर मान्यता रद्द करने की मांग की गई है. दिल्‍ली हाईकोर्ट ने 16 जनवरी 2025 को याचिका को खारिज कर दिया था, जिसके बाद अब हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है.

याचिकाकर्ता का कहना है कि AIMIM पूरी तरह धर्मनिरपेक्षता के सिद्धांत का उल्लंघन करती है. इसलिए इसकी मान्यता रद्द की जानी चाहिए. अब इस मामले में सुप्रीम कोर्ट मंगलवार को सुनवाई करेगा.

AIMIM के पंजीकरण और मान्यता को चुनौती
यह याचिका तिरूपति नरसिम्हा मुरारी की ओर से दाखिल की गई है. याचिकाकर्ता ने भारत के चुनाव आयोग द्वारा “ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन” (AIMIM) के राजनीतिक दल के रूप में पंजीकरण और मान्यता को चुनौती दी है. याचिका में कहा गया है कि AIMIM जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 29A के तहत पंजीकृत है. भले ही उसका स्पष्ट धार्मिक चरित्र और उद्देश्य केवल मुस्लिम समुदाय के हितों की पूर्ति करता हों.

वकील जैन द्वारा दाखिल याचिका में कहा गया है कि AIMIM स्पष्ट रूप से अपनी पहचान एक ऐसी पार्टी के रूप में प्रकट करती है जो मुस्लिम समुदाय के हितों की रक्षा के लिए बनाई गई है. यह एक सांप्रदायिक इकाई है. इसलिए, यह धर्मनिरपेक्षता के सिद्धांत का घोर उल्लंघन है जो कि चुनाव आयोग द्वारा पंजीकृत धर्मनिरपेक्षता के मूल सिद्धांत का उल्लंघन है.

साथ ही कहा कि इसमें निम्नलिखित उद्देश्यों की रूपरेखा दी गई है:-

इस्लामी शिक्षा (दीनी आलिम) को बढ़ावा देनाशरीयत कानूनों के प्रति प्रतिबद्धतामुस्लिम समुदाय के भीतर संप्रदायों (सुमति, शिया, अबुल हदीस, आदि) के अनिवार्य प्रतिनिधित्व के साथ एक मजलिस शूरा का गठनमुस्लिम समुदाय के रोजगार, शिक्षा और आर्थिक कल्याण को प्राथमिकता देना.

यह निर्धारित करने का सवाल है कि क्या हाईकोर्ट को भारत के संविधान की धारा 226 के तहत शक्तियों का प्रयोग करते हुए पंजीकरण की वैधता तय करने का अधिकार है और क्या कोई राजनीतिक दल अवैध रूप से पंजीकृत है और धारा 2 का उल्लंघन करता है.

सुप्रीम कोर्ट में सात जजों के संविधान पीठ ने 2017 में कहा था कि धर्म, नस्ल, संप्रदाय या भाषा के आधार पर मतदान करने की कोई भी अपील जन प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 12,3(3) के तहत भ्रष्ट आचरण है.

माली में अलकायदा से जुड़े आतंकी संगठन की गिरफ्त में 3 भारतीय…जानें क्‍या कर रहे थे वहां

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राजस्‍थान, ओडिशा और तेलंगाना के रहने वाले तीन भारतीयों को पश्चिमी अफ्रीकी देश माली में अगवा कर लिया गया है. एक जुलाई को इस घटना को अंजाम दिया गया है. बताया जा रहा है कि अल कायदा से जुड़े आतंकी संगठन जमात नुसरत अल-इस्‍लाम वल-मुसलमीन (JNIM) ने इन तीनों का अपहरण किया है. यह घटना पश्चिमी माली मे स्थित डायमंड सीमेंट फैक्‍ट्री में हुई है. इन तीनों को एक आतंकी हमले में अगवा किया गया है. माना जा रहा है कि हमले को JNIM ने ही अंजाम दिया है.

सीमेंट की फैक्‍ट्री में कर रहे थे काम
अभी तक इस संगठन ने सार्वजनिक तौर पर इसकी जिम्‍मेदारी नहीं ली है लेकिन इस हमले को जेएनआईएम द्वारा हाल ही में किए गए अभियानों से जोड़ा जा रहा है. यह आतंकी संगठन पहले भी माली, नाइजर और बुर्किना फासो में विदेशी कर्मचारियों, सरकारी प्रतिष्‍ठानों और मिलिट्री पोस्‍ट्स को निशाना बना चुका है. पीड़ितों में से एक की पहचान जयपुर निवासी प्रकाश चंद जोशी के रूप में हुई है.

दूसरे की पहचान तेलंगाना के मिरयालगुडा निवासी 45 वर्षीय अमरलिंगेश्वर राव के रूप में हुई है जो साल 2015 से माली में काम कर रहे थे. तीसरे व्यक्ति का नाम पी. वेंकटरमन बताया जा रहा है और उनकी उम्र 28 साल है. वह ओडिशा के गंजम जिले के रहने वाले हैं और मुंबई स्थित ब्लू स्टार प्राइवेट लिमिटेड में कार्यरत थे. करीब छह महीने से पी वेंकटरमन डायमंड सीमेंट फैक्ट्री में काम कर रहे थे.

मामले पर क्‍या बोला विदेश मंत्रालय
भारतीय विदेश मंत्रालय ने अपहृत व्यक्तियों की पहचान की पुष्टि की है. विदेश मंत्रालय ने कहा है कि वह माली के अधिकारियों, स्थानीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों और संबंधित परिवारों के साथ नियमित संपर्क में है. जयपुर से बात करते हुए, प्रकाश चंद जोशी की पत्नी सुमन जोशी ने बताया कि उनके पति को सीमेंट फैक्ट्री परिसर से ‘हथियारबंद लोगों ने जबरन उठा लिया. उन्होंने बताया कि अपहरण के बाद से उनसे कोई सीधा संपर्क नहीं हो पाया है. परिवार ने विदेश मंत्रालय से मदद मांगी है और भारत सरकार से उनकी जल्द से जल्द रिहाई की अपील की है.

घरवाले परेशान, मां का बुरा हाल
मिर्यालगुडा में, अमरलिंगेश्वर राव की पत्नी वेंकटरमण ने कहा कि जिस कंपनी में वे काम करते थे वहां से उन्हें अपहरण के बारे में जानकारी मिली. उन्होंने न्‍यूज एजेंसी पीटीआई को बताया, ‘मैंने उनसे आखिरी बार 30 जून की रात को बात की थी. उसके बाद से कोई संपर्क नहीं हुआ है. हमें अभी तक सरकार से कोई आधिकारिक जानकारी नहीं मिली है.’ दंपति के तीन बच्चे हैं और परिवार ने सार्वजनिक तौर पर हस्तक्षेप की अपील की है.

ओडिशा में, वेंकटरमण की मां पी. नरसम्मा ने बताया कि उन्हें 4 जुलाई को कंपनी के एक अधिकारी का फोन आया था जिसमें बताया गया था कि उनका बेटा ‘पुलिस हिरासत में’ है, लेकिन बाद में उन्हें अपुष्ट खबरें सुनने को मिलीं कि उनका बेटा शायद अपहरण कर लिया गया है. उन्होंने परेशान होते हुए कहा, ‘पहले उन्होंने कहा कि वह हिरासत में है, अब हम सुन रहे हैं कि वह बंधक है.’

कंपनी ने साधी चुप्‍पी
जिस डायमंड सीमेंट फैक्‍ट्री में अपहरण की घटना हुई है उसे प्रसादित्य ग्रुप की तरफ से संचालित किया जाता है. यह एक भारतीय बिजनेस ग्रुप है और जिसके कई अफ्रीकी देशों में व्यावसायिक हित हैं. इसमें भारतीय नागरिकों समेत विदेशी कर्मी भी काम करते हैं. कंपनी की तरफ से 14 जुलाई तक कोई भी सार्वजनिक बयान जारी नहीं किया गया है. दूसरी तरफ माली की राजधानी बामाको में भारतीय दूतावास घटना के बाद से स्थानीय अधिकारियों और कानूनी एजेंसियों के साथ ‘निरंतर और करीबी संपर्क ‘में है.

माली के साहेल क्षेत्र में माली, नाइजर और बुर्किना फासो शामिल हैं. वहां पर साल 2012 से हिंसा में लगातार इजाफा हो रहा है. उस समय विद्रोह की शुरुआत उत्‍तरी माली से हुई थी. इस साल आए ग्‍लोबल टेाररिस्‍ट इंडेक्‍स (GTI) ने इस क्षेत्र को ग्‍लोबल टेररिजम का एपिक सेंटर बताया था. जीटीआई ने कहा था कि यह वह क्षेत्र बन गया है जहां दुनिया भर में आतंकवाद से जुड़ी भी मौतों में से आधे से ज्‍यादा मौतें यही होती हैं. सरकारी आंकड़ों के अनुसार करीब 400 भारतीय इस समय माली में रहते और काम करते हैं. इनमें से कई कंस्‍ट्रक्‍शन, माइनिंग और इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर सेक्‍टर में काम करते हैं.

SBI क्रेडिट कार्ड यूजर्स ध्यान दें, कल यानी 15 जुलाई से बदल जाएंगे ये नियम?

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एसबीआई क्रेडिट कार्ड होल्डर्स के लिए 15 जुलाई का दिन बड़ा होने वाला है. बैंक ने क्रेडिट कार्ड नियम में बड़ा बदलाव किया है, जिसका असर लाखों एसबीआई कार्ड होल्डर्स पर पड़ना तय है. बैंक ने क्रेडिट कार्ड मिनिमम अमाउंट ड्यू, पेमेंट सेटेलमेंट प्रक्रिया और प्रीमियम कार्डर्स पर मिलने वाले फ्री इंश्योरेंस में बड़ा फेरबदल किया है.

एसबीआई ने 15 जुलाई, 2025 से लागू हो रहे नए फेरबदल के तहत मिनिमम अमाउंट ड्यू (MAD), पेमेंट सेटलमेंट प्रक्रिया और प्रीमियम क्रेडिट कार्ड पर मिलने वाली फ्री इंश्योरेंस सुविधा में बदलाव किए हैं. इससे क्रेडिट कार्ड यूजर्स को बड़ा झटका लगना तय माना जा रहा है.

प्रीमियम क्रेडिट कार्ड पर बैंक ने फ्री बीमा बंद करने का फैसला
एसबीआई बैंक ने प्रीमियम और एलीट क्रेडिट कार्ड पर फ्री इंश्योरेंस सेवाएं बंद करने का फैसला किया है, जो 15 जुलाई से प्रभावी हो जाएगा. इनमें प्रीमियम क्रेडिट कार्ड क्रमशः SBI Card Elite, Miles Elite, Miles Prime और SBI Card Prime, SBI Pulse कार्ड शामिल हैं.

इन क्रेडिट कार्ड्स पर नहीं मिलेगा एयर एक्सीडेंट बीमा का लाभ
क्रेडिट कार्ड होल्डर्स के लिए जारी किए गए नियम के मुताबिक एलीट क्रेडिट कार्ड क्रमशः SBI Card Elite, Miles Elite, Miles Prime पर अब ग्राहकों को 1 करोड़ रुपए तक का एयर एक्सीडेंट बीमा नहीं मिलेगा. वहीं, क्रेडिट कार्ड क्रमशः SBI Card Prime, SBI Pulse पर ग्राहकों को अब 50 लाख रुपए का एयर एक्सीडेंट बीमा नहीं मिलेगा.

मिनिमम अमाउंट ड्यू बकाया बिल का वो हिस्सा होता है, जो आप हर महीने निश्चित रूप से चुकाते हैं. इसलिए ताकि लेट पेमेंट से बचा जा सके. यह कुल बकाया राशि का 2% या 5% होता है, जो डिफॉल्ट से बचने का रास्ता मात्र है, इससे कार्ड होल्डर का क्रेडिट स्कोर खराब नहीं होता है.

अब बदल जाएगा एसबीआई कार्ड से पेमेंट सेटलमेंट का तरीका
बैंक ने एसबीआई कार्ड ने पेमेंट सेटलमेंट के तरीके में बदलाव कर दिया है, जो कल से प्रभावी होगा. अब कार्ड से पेमेंट को किन हिस्सों में कैसे समायोजित किया जाएगा, उसे भी बदल दिया गया है. अब पेमेंट सबसे पहले जीएसटी, फिर EMI, फिर अन्य चार्ज, फिर फाइनेंस चार्ज, फिर बैलेंस ट्रांसफर, उसके बाद रिटेल खर्च और अंत में कैश विदड्रॉल में एडजस्ट होगा.

MAD का भुगतान करने वाले ग्राहकों को ज्यादा करना पड़ेगा पेमेंट
एसबीआई कार्ड के नए नियम के मुताबिक, अब कुल बकाया बिल के 2 फीसदी अमाउंट के साथ ही GST का 100 फीसदी अमाउंट, EMI बैलेंस, फीस, फाइनेंस चार्जेज, ओवरलिमिट अमाउंट (अगर कोई है) को भी मिनिमम अमाउंट ड्यू में शामिल किया जाएगा. यानी अब मिनिमम अमाउंट ड्यू का भुगतान करने वाले कार्डधारकों को ज्यादा भुगतान करना पड़ेगा.

बैंक ने एसबीआई कार्ड ने पेमेंट सेटलमेंट के तरीके में बदलाव कर दिया है. अब पेमेंट सबसे पहले जीएसटी, फिर EMI, फिर अन्य चार्ज, फिर फाइनेंस चार्ज, फिर बैलेंस ट्रांसफर, उसके बाद रिटेल खर्च और अंत में कैश विदड्रॉल में एडजस्ट होगा.
क्रेडिट कार्ड होल्डर्स जानें क्या होता है मिनिमम अमाउंट ड्यू?
दरअसल, क्रेडिट कार्ड का मिनिमम अमाउंट ड्यू आपके बकाया बिल का वो हिस्सा होता है, जो आप हर महीने निश्चित रूप से चुकाते हैं. इसलिए ताकि लेट पेमेंट से बचा जा सके. यह आमतौर पर आपके कुल बकाया राशि का 2% या 5% होता है, जो डिफॉल्ट से बचने का रास्ता मात्र है, इससे कार्ड होल्डर का क्रेडिट स्कोर खराब नहीं होता है.

छत्तीसगढ़ विधानसभा में गूंजा खाद संकट का मुद्दा, राजस्व निरीक्षक भर्ती परीक्षा पर सदन में जोरदार हंगामा

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छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज से मानसून सत्र शुरू हो गया है. आज का सत्र काफी हंगामेदार रहा. प्रश्नकाल के दौरान विभागीय परीक्षा में अनियमितता का मुद्दा तो शून्यकाल के दौरान नेता-प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने राज्य में खाद-बीज संकट का मुद्दा उठाया.

सदन में उठाया गया राजस्व निरीक्षक की विभागीय परीक्षा में अनियमितता का मुद्दा
विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन प्रश्नकाल के दौरान विधायक राजेश मूणत ने राजस्व निरीक्षक की विभागीय परीक्षा में अनियमितता का मुद्दा उठाया गया. इस दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जमकर हंगामा भी हुआ. विपक्ष ने इस सरकार में परीक्षा होने दोषियों को बचाने का आरोप लगाया. साथ ही भूपेश बघेल ने इस मामले को सीबीआई की जांच की मांग की. इसके बाद विपक्ष ने बहिर्गमन किया. मूणत ने पूछा क्या राजस्व निरीक्षक कुल कितने अभ्यर्थी परीक्षा में सम्मिलित हुए और प्रक्रिया क्या थी?

इसके जवाब में राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने कहा कि परीक्षा की प्रक्रिया विधानसभा चुनाव से पहले हुआ. परिणाम आने के बाद शिकायत आया. जांच में पाया गया कि अनियमितता हुई है, रिश्तेदार एक साथ बैठे थे. इस मामले में EOW जांच कर रहा है. किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा. सीजीपीएससी की तरह इसमें भी बड़ी जांच होगी. निचले स्तर तक जांच हो रही है…

राजेश मूणत ने रिपोर्ट में बताया जीटीए पत्नी जीजा, साली सब साथ बैठे दिखे फिर भी विभागीय कार्रवाई क्यों नहीं हुई? जिसपर मंत्री टंक राम ने कहा कि दोषियों को सजा दिलाने के लिए जांच EOW को दी गई है. आने वाले सत्र से पहले इसपर कार्रवाई हो ये सुनिश्चित करेंगे.

छत्तीसगढ़ के बीजापुर में आईईडी विस्फोट में तीन घायल, मशरूम एकत्र करने गए थे ग्रामीण

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छत्तीसगढ़ के बीजापुर (Bijapur) जिले में आईईडी विस्फोट (IED blast) में 16 वर्षीय एक लड़की समेत तीन ग्रामीण घायल हो गए. ये सभी ग्रामीण जंगल में मशरूम (फुटु) एकत्र करने गए थे. सभी घायलों को बीजापुर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है. यह जानकारी पुलिस अधिकारियों ने दी.

आईईडी विस्फोट की चपेट में आए 3 ग्रामीण
अधिकारियों ने बताया कि मद्देड़ थाना क्षेत्र के धनगोल गांव के निकट रविवार शाम हुई इस घटना में घायल लोगों की पहचान कविता कुड़ियम (16), कोरसे संतोष (26) और चिड़ेम कन्हैया (24) के रूप में हुई है. उन्होंने बताया कि ग्रामीण जंगल में मशरूम (फुटु) एकत्र करने गए थ तभी वे माओवादियों द्वारा किए गए आईईडी विस्फोट की चपेट में आ गए.

पैर और चेहरे में आईं चोटें, अस्पताल में भर्ती
अधिकारियों ने बताया कि ग्रामीणों के पैर और चेहरे में चोटें आई हैं. घायलों को रात में ही बीजापुर के जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया. उन्होंने बताया कि आम लोगों से अपील की गई है कि वो जंगल में जाते समय विशेष सतर्कता बरतें और किसी भी संदिग्ध वस्तु या गतिविधि की जानकारी तत्काल पुलिस थाना या निकटतम सुरक्षा शिविर को दें.

जेन स्‍ट्रीट ने लौटाए 4843 करोड़ रुपये, किसके खाते में जाएगा पैसा, कौन कर सकता है क्‍लेम

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अमेरिकी ट्रेडिंग कंपनी जेन स्‍ट्रीट ग्रुप एक बार फिर शेयर बाजार में उतरने को तैयार है. कंपनी ने बाजार नियामक सेबी के निर्देश पर 4,843 करोड़ रुपये वापस लौटा दिए हैं. सेबी ने मामला उजागर होने के बाद 3 जुलाई को निर्देश दिया था कि जेन स्‍ट्रीट ने जो भी पैसे गलत तरीके से कमाए हैं, उन पैसों को वापस एस्‍क्रो अकाउंट में जमा करा दे. कंपनी ने अब इन पैसों को सेबी के नियंत्रण वाले एस्‍क्रो अकाउंट में जमा करा दिए हैं. माना जा रहा है कि कंपनी के इस कदम के बाद उसे शेयर बाजार में फिर से ट्रेडिंग करने की अनुमति मिल जाएगी.
जेन स्‍ट्रीट की यह घपलेबाजी उजागर होने के बाद दुनियाभर में उसकी आलोचना हुई थी. अब ताजा मामले के उजागर होने के बाद इस हाईप्रोफाइल केस ने पूरी दुनिया के फाइनेंशियल मार्केट का ध्‍यान अपनी ओर खींचा है. मामले से जुड़े सूत्रों का कहना है कि जेन स्‍ट्रीट ने शुक्रवार को ही सेबी के कंट्रोल वाले एस्‍क्रो अकाउंट में 4,843.5 करोड़ रुपये जमा करा दिए थे.

फिर से ट्रेडिंग कर सकेगी कंपनी
सूत्रों कहना है कि जेन स्‍ट्रीट ग्रुप ने सेबी के निर्देश के अनुसार ही सारे पैसे जमा करा दिए हैं. साथ ही सेबी के सभी निर्देशों का पालन भी किया गया है. माना जा रहा है कि इसके बाद जेन स्‍ट्रीट शेयर बाजार में अपनी ट्रेडिंग वापस शुरू कर सकती है. सेबी ने अपने अंतरिम आदेश में कहा था कि जेन स्‍ट्रीट को उन सभी पैसों को लौटाने होंगे, जो उसने गलत तरीके से ट्रेडिंग करके कमाए हैं. इन पैसों को भारत के किसी भी शिड्यूल्‍ड कॉमर्शियल बैंक में जमा कराने होंगे. इसके साथ ही क्‍लॉज 62.2 के तहत जेन स्‍ट्रीट को शेयर बाजार में ट्रेड्रिंग करने से रोक दिया गया था. सेबी ने अपने आदेश में कहा था कि जेन स्‍ट्रीट प्रत्‍यक्ष या अप्रत्‍यक्ष किसी भी तरीके से बाजार में कोई भी गतिविधि नहीं कर सकेगी.

सेबी ने घेर लिया था जेन स्‍ट्रीट को
सेबी ने अपने आदेश में बैंक, कस्‍टोडियन, जमाकर्ता, रजिस्‍ट्रार और ट्रांसफर एजेंट को भी निर्देश दिया था. इसमें कहा था कि पैसे जमा होने तक जेन स्‍ट्रीट अपने किसी भी एसेट को इधर-उधर न कर सके, इसका ध्‍यान रखना होगा. सेबी ने कहा है कि जेन स्‍ट्रीट को दोबारा गलत तरीके की ट्रेडिंग या ऐसे किसी भी क्रियाकलाप में संलग्‍न नहीं होना चाहिए. अब जबकि जेन स्‍ट्रीट ने सेबी के नियामक की सभी शर्तें पूरी कर ली हैं, लेकिन अभी यह स्‍पष्‍ट नहीं है कि कंपनी को तुरंत ट्रेडिंग में वापस आने का मौका मिलेगा. साथ ही एक्‍सचेंज को निर्देश दिया है कि भविष्‍य में कंपनी के सभी लेनदेन पर कड़ी नजर रखी जाएगी.