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लॉर्ड्स टेस्ट का फैसला आज, इंग्लैंड ने कर दिया मुश्किल, भारत के लिए जीत नहीं आसान

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भारत और इंग्लैंड के बीच खेली जा रही 5 मैचों की सीरीज में आज का दिन बेहद अहम है. लॉर्ड्स टेस्ट रोमांचक मोड़ पर पहुंच चुका है. मैच के आखिरी दिन टीम इंडिया को 135 रन की जरूरत है और इंग्लैंड को चाहिए भारत के 6 विकेट. मैच किसकी तरफ जाएगा कुछ भी कहना मुश्किल है. सीरीज में 1-1 की बराबरी पर खड़ी दोनों ही टीम यहां जीत हासिल कर बढ़त बनाना चाहेगी. चौथे दिन का खेल खत्म होने के वक्त भारत ने 4 विकेट पर 58 रन बनाए थे. इंग्लैंड ने 193 रन का लक्ष्य रखा है.
लॉर्ड्स टेस्ट मैच में आज क्या होगा बताना मुश्किल है. 387 रन बनाने के बाद दूसरी पारी में इंग्लैंड की टीम 192 रन पर सिमट गई. भारत ने पहली पारी में 387 रन ही बनाए थे. दूसरी पारी में ऑलराउंडर वाशिंगटन सुंदर ने 4 विकेट निकालकर मैच का रुख मोड़ दिया. उन्होंने कहा कि लंच के बाद पांचवें दिन भारत जीत हासिल करने का इरादा रखता है. वहीं इंग्लैंड के बैटिंग कोच मार्कस ट्रेस्कोथिक ने कहा उनकी टीम ने कम रन बनाए हैं लेकिन मैच जीतने की स्थिति में है.

कौन जीतेगा तीसरा टेस्ट?
जीत के लिए 193 रनों का लक्ष्य पीछा करते हुए भारत ने चौथे दिन का खेल 58 रन पर 4 विकेट गंवा दिए थे. स्टंप्स के समय केएल राहुल 33 रन बनाकर नाबाद थे, जबकि बेन स्टोक्स ने दिन की आखिरी गेंद पर नाइट-वॉचमैन आकाश दीप को आउट किया. भारत ने ओपनर यशस्वी जायसवाल (0), करुण नायर (14), और कप्तान शुभमन गिल (6) को सस्ते में खो दिया, और अंतिम दिन में 135 रनों से पीछे है. भारत जीत के करीब नजर आ रहा है लेकिन उसके लिए शुरुआती सेशन में इंग्लैंड के गेंदबाजों से बचना आसान नहीं होगा. सीरीज में जीत हासिल करने का मौका दोनों टीम के पास है.

इंग्लैंड अपनी दूसरी पारी में 62.1 ओवर में 192 रन पर ऑल आउट हो गया. स्पिन ऑलराउंडर वॉशिंगटन सुंदर ने 22 रन देकर चार विकेट लिए, जबकि मोहम्मद सिराज (2/31) और जसप्रीत बुमराह (2/38) ने दो-दो विकेट लिए. आकाश दीप ने भी एक विकेट लिया. तीसरे सेशन में 175/6 पर खेल शुरू करते हुए, इंग्लैंड ने अपने आखिरी चार विकेट सिर्फ 17 रन पर खो दिए. वॉशिंगटन ने टी ब्रेक के बाद स्टोक्स (33) को आउट किया और आखिरी खिलाड़ी शोएब बशीर (2) को भी पवेलियन भेजा. बुमराह ने क्रिस वोक्स (10) और ब्राइडन कार्स (1) के विकेट लिए.

बिना ड्राइवर के दौड़ती है ये कार, मैदान-पहाड़ हर जगह सफल! भोपाल के IIT इंजीनियर का दिमाग

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भोपाल की सड़कों पर इन दिनों एक अनोखी गाड़ी लोगों का ध्यान खींच रही है. बोलेरो जैसी दिखने वाली यह गाड़ी फुल्ली ऑटोमेटिक है, जिसे चलाने के लिए किसी ड्राइवर की जरूरत नहीं पड़ती. इसे भोपाल के इंजीनियर संजीव शर्मा ने तैयार किया है, जिन्होंने आईआईटी रुड़की से पढ़ाई की है. संजीव ने इस गाड़ी को बनाने में आठ साल लगाए. पिछले साल ही इसका सफल ट्रायल किया.
राजधानी में अब भी यह गाड़ी बिना ड्राइवर के खुद-ब-खुद रास्ता तय करती नजर आ जाती है. खास बात ये कि इलेक्ट्रिकल इंजीनियर संजीव शर्मा की ये ड्राइवरलेस कार अगले साल तक मार्केट में आ सकती है. संजीव शर्मा अपने स्टार्टअप के जरिए इस कार को इंटरनेशनल मार्केट तक ले जाने की तैयारी में हैं. बताया गया कि ये गाड़ी AI की मदद से कंट्रोल होती है. इसकी अधिकतम रफ्तार 60 km/h है.
गाड़ी की ये खूबियां
सबसे खास बात ये कि यह गाड़ी सामने आने वाली गाड़ियों और इंसानों को पहले से देखकर अपना रास्ता बदल लेती है. रोबोटिक तकनीक की मदद से यह गाड़ी सामने से आने वाले वाहनों को साइड भी देती है. पैदल यात्रियों का भी ध्यान रखती है. लंबी दूरी की यात्रा में यह गाड़ी बेहद मददगार साबित हो सकती है. इसे एक बार स्टार्ट कर देने के बाद इंसानी दखल की जरूरत नहीं पड़ती. संजीव का कहना है कि उन्होंने इसे भारतीय सड़कों की चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए डिजाइन किया है.

लोगों के बीच पहुंचाने की तैयारी
यह भारतीय गाड़ी किसी फिल्मी टार्जन की वंडर कार से कम नहीं लगती. अपनी खासियतों की वजह से यह गाड़ी भोपाल में चर्चा का केंद्र बनी रहती है. लोग इसे देखने के लिए खासतौर पर आते हैं. संजीव शर्मा अब इसे लॉन्च करने का मन बना चुके हैं, ताकि यह तकनीक आम लोगों की जिंदगी आसान बनाए. भारत के हर हिस्से में उपयोगी साबित हो.

इनकम टैक्स रिफंडआने में हो रही देरी कितने दिन में आता है रिफंड, किस वजह से अटक सकता है आपका पैसा

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इनकम टैक्स रिटर्न फाइल (Income Tax Return Filing) कर दिया है और अब रिफंड का इंतजार कर रहे हैं? अगर हां, तो आप अकेले नहीं हैं. इस साल कई टैक्सपेयर्स को बहुत जल्दी रिफंड (Income Tax Refund) मिल गया, लेकिन बड़ी तादाद में लोग अब भी परेशान हैं. हफ्तों बीत चुके हैं, फिर भी पैसा नहीं आया. ऐसे में सवाल उठता है कि रिफंड (Income Tax Refund Delay) आने में कितना समय लगता है? देरी क्यों हो रही है? क्या रिफंड अटक सकता है? और अगर पैसा नहीं आया तो क्या किया जाए?

इस बार सिस्टम पहले से कहीं ज्यादा तेज हुआ है, लेकिन साथ ही टैक्स डिपार्टमेंट की जांच भी ज्यादा सख्त हो गई है. एक ओर आयकर विभाग ने एडवांस टेक्नोलॉजी को अपनाकर रिफंड प्रोसेस (ITR Refund Process) को पहले से कहीं ज्यादा तेज कर दिया है, वहीं, दूसरी ओर बहुत से टैक्सपेयर्स परेशान हैं कि उनका पैसा अब तक क्यों नहीं आया. ऐसे में अगर आप भी इन सवालों से जूझ रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए है. यहां हम आपको रिफंड से जुड़ी हर जानकारी, हर अपडेट और हर सवालों के जवाब आसान भाषा में देने जा रहे हैं…

अब तक 1.16 करोड़ से ज्यादा ITR फाइल, 1.09 करोड़ रिटर्न्स वेरीफाई
असेसमेंट ईयर 2025–26 के लिए अभी तक 1.16 करोड़ से ज्यादा ITR फाइल हो चुके हैं, जिनमें से 1.09 करोड़ रिटर्न्स को वेरीफाई भी कर दिया गया है. यानी टेक्निकली रिफंड आने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है.

अब रिफंड में लगते हैं सिर्फ 17 दिन, पहले लगते थे 3 महीने
टैक्सपेयर्स के लिए सबसे बड़ी राहत की बात ये है कि अब आयकर रिफंड के लिए महीनों इंतजार नहीं करना पड़ता. साल 2013 में जहां औसतन 93 दिन लगते थे, वहीं अब 2024 में यह समय घटकर सिर्फ 17 दिन रह गया है. यह बदलाव आयकर विभाग की डिजिटल पहल, ऑटोमेशन और ट्रासपेरेंट सिस्टम के कारण संभव हो पाया है.

e-filing पोर्टल पर प्री-फिल्ड रिटर्न, रियल टाइम TDS एडजस्टमेंट, ऑटो प्रोसेसिंग और ऑनलाइन शिकायत समाधान जैसी सुविधाओं ने इस प्रक्रिया को पहले से कई गुना बेहतर बना दिया है.

टैक्सपेयर्स क्यों हैं परेशान ? क्यों अटक रहे हैं रिफंड?
इसके बावजूद , बहुत से टैक्सपेयर्स सोशल मीडिया पर शिकायत कर रहे हैं कि उन्होंने रिटर्न फाइल कर दिया, वेरीफिकेशन भी पूरा कर लिया, लेकिन 3 से 4 हफ्ते बाद भी पैसा नहीं आया. इसकी एक बड़ी वजह है इस बार विभाग की सख्त जांच प्रक्रिया.इस साल सिर्फ चालू साल के रिटर्न ही नहीं, पुराने रिटर्न्स की भी स्क्रूटनी हो रही है. यानी आयकर विभाग रिटर्न की बारीकी से जांच कर रहा है ताकि गलत या फर्जी क्लेम रोके जा सकें. इससे उन टैक्सपेयर्स को थोड़ी देरी का सामना करना पड़ रहा है जिनके रिटर्न में कुछ भी संदेहजनक है या दस्तावेजों की पुष्टि में समय लग रहा है.

रिफंड स्टेटस कैसे चेक करें और शिकायत कैसे करें?
अगर आपने ITR फाइल कर दिया है और ई-वेरिफिकेशन भी पूरा हो गया है, फिर भी पैसा नहीं आया, तो सबसे पहले इनकम टैक्स पोर्टल पर लॉग इन करें. वहां “View Filed Returns” या “Refund/Demand Status” सेक्शन में जाकर अपने रिफंड की स्थिति देख सकते हैं.

अगर आपका बैंक खाता पोर्टल से लिंक और प्री-वैलिडेटेड है और सब सही है फिर भी रिफंड नहीं आया है, तो आप “e-Nivaran” सुविधा के ज़रिए ऑनलाइन शिकायत दर्ज कर सकते हैं. जरूरत पड़ने पर मामला CPC (Centralized Processing Centre) या अपने क्षेत्र के असेसिंग ऑफिसर तक भी भेजा जा सकता है.

अगर रिफंड देर से आए तो मिलेगा ब्याज
टैक्सपेयर्स को राहत देने वाली एक और बात यह है कि अगर विभाग तय समय के बाद रिफंड देता है, तो इनकम टैक्स एक्ट की धारा 244A के तहत उस पर ब्याज देने का प्रावधान है. यानी पैसा देर से मिलेगा तो उस पर थोड़ी कमाई भी होगी.

रिफंड सिस्टम पहले से हुआ बेहतर
साल 2013-14 में जहां इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने करीब 83 हजार करोड़ रुपये का रिफंड जारी किया था, वहीं 2024-25 में यह आंकड़ा 4.76 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है यानी 474% की बढ़त.इसी तरह टैक्स रिटर्न भरने वालों की संख्या 3.8 करोड़ से बढ़कर 8.89 करोड़ हो गई है और कुल डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन भी 274% बढ़कर 27 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है.

अगर आपका रिफंड आ गया है और अगर अब भी इंतजार कर रहे हैं तो परेशान न हों. सिस्टम अब पहले से ज्यादा तेज है लेकिन जांच की सख्ती के कारण थोड़ी देर हो सकती है. आप पोर्टल पर जाकर स्टेटस चेक करें, जरूरत पड़े तो शिकायत दर्ज करें, और अपने डॉक्युमेंट्स में कोई कमी न छोड़ें . इ सब े बाद आपका रिफंड जरूर आएगा.

खरगोन के मेनगांव में नकली कम्पोस्ट खाद फैक्ट्री पर प्रशासन का छापा, 650 बैग जब्त

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खरगोन जिले के मेनगांव में नकली कम्पोस्ट जैविक खाद तैयार करने के एक मामले में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है. सोमवार रात एसडीएम बीएस कलेश की अगुवाई में कृषि विभाग की टीम ने एक खेत में छापेमारी कर करीब 650 बैग कम्पोस्ट खाद जब्त किए हैं. बिना किसी वैध अनुमति के इस खाद की पैकिंग और निर्माण किया जा रहा था.

छापे के दौरान एसडीएम की मौजूदगी में कृषि विभाग ने पंचनामा तैयार किया और खाद को सहकारी समिति के सुपुर्द किया जा रहा है. मामले में बड़े फर्जीवाड़े की आशंका जताई जा रही है. प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि रिसर्च के नाम पर खाद का निर्माण हो रहा था और प्रति बोरी ₹500 कीमत अंकित की गई थी.

वरिष्ठ विकासखंड कृषि अधिकारी गिरीधारीलाल भंवर ने बताया कि बिना अनुमति के कम्पोस्ट खाद तैयार किया जा रहा था. मौके से 650 बोरी खाद जब्त की गई है. किसी भी प्रकार की अनुमति नहीं ली गई थी. जांच के बाद वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.

यह छापेमारी मेनगांव थाना क्षेत्र के अंतर्गत विद्युत ग्रिड के पीछे एक खेत में की गई. मुंबई की एबीसी नामक कंपनी द्वारा यह खाद तैयार किया जा रहा था, जिसमें लकड़ी और मक्का जलाकर कम्पोस्ट बनाया जा रहा था. मौके पर मौजूद मैनेजर रोहित मालवीय बिस्टान से प्रशासन की टीम पूछताछ कर रही है.

जिला मुख्यालय से महज 10 किलोमीटर दूर इस कार्रवाई से स्थानीय स्तर पर हड़कंप मच गया है. खाद की किल्लत के बीच नकली कम्पोस्ट के इस मामले ने प्रशासन को भी सतर्क कर दिया है. जांच के बाद दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है.

ईडी अफसर बनकर दंपत्ति को किया डिजिटल अरेस्ट, डराया-धमकाया फिर ट्रांसफर करवा लिए 8.5 लाख रुपए

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राजधानी रायपुर में एक और डिजिटल अरेस्ट का मामला सामने आया है. ONLINE अपराधियों ने ईडी अधिकारी बनकर एक दंपत्ति से 8.5 लाख रुपए ठग लिए. ठगों ने दंपत्ति को ईडी लॉन्ड्रिंग और उनके विभिन्न खातों में 200 करोड़ रुपए होने का डर दिखाकर डिजिटल अरेस्ट किया और अपने खाते में दंपत्ति से 8.5 लाख रुपए जमा करवा लिए.

ONLINE ठगी के शिकार हुए दंपत्ति दावड़ा कॉलोनी का बताए जा रहे हैं. ONLINE ठगों ने दावड़ा कालोनी निवासी विनोद शर्मा और उसकी पत्नी मनोरमा शर्मा को ईडी अधिकारी बनकर डिजिटल अरेस्ट किया और फिर कार्रवाई का डरा दिखाकर अपने खाते में 8.5 लाख रुपए जमा करवाए.

दंपत्ति के विभिन्न खातों में मनी लॉन्ड्रिंग के 200 करोड होने की सूचना दे किया डिजिटल अरेस्ट
रिपोर्ट के मुताबिक ONLINE ठगों ने दंपति विनोद शर्मा और उनकी पत्नी मनोरमा शर्मा को उनके विभिन्न खातों में मनी लॉन्ड्रिंग के 200 करोड रुपए होने की दी जानकारी देकर डिजिटल अरेस्ट किया और फिर अपने खाते में 8.5 लाख रुपए जमा करवा लिए. मामले की शिकायत के बाद टिकरापारा थाना पुलिस ने केस दर्ज कर तहकीकात शुरू कर दी है.

एक रिटायर्ड महिला GM को डिजिटल अरेस्ट कर ठगों ने वसूल लिए 2 करोड़ 83 लाख रुपए
गौरतलब है इससे पूर्व राजधानी रायपुर के विधानसभा थाना इलाके में रहने वाली एक रिटायर्ड महिला जनरल मैनेजर को डिजिटल अरेस्ट कर 2 करोड़ 83 लाख रुपए वसूल लिए थे. ठगों ने डिजिटल अरेस्ट महिला को डराया-धमकाया और जब डरकर महिला कई किस्तों में पैसे रुपए ट्रांसफर किए तो ठगों ने महिला को मैसेज कर कहा कि फ्रॉड हो गया.

दंपति विनोद शर्मा और उनकी पत्नी मनोरमा शर्मा के साथ हुई डिजिटली ठगी की शिकायत के बाद टिकरापारा थाना पुलिस ने केस दर्ज कर मामले की तहकीकात शुरू कर दी है. ठगों ने दंपत्ति के विभिन्न खातों में 200 करोड रुपए होने की दी जानकारी देकर डिजिटल अरेस्ट किया था.

करीब 2 महीनों में महिला ने ठगों के खातों में ट्रांसफर किए 2 करोड़ 83 लाख 65 हजार रुपए
पीड़ित महिला को ठगों ने पहली बार 13 जून को 25 लाख, फिर 17 जून को 21 लाख, 18 जून को 90 लाख और 21 जून को 40 लाख रुपए मोवा के बैंक के खाते से भेजे. इसके बाद 25 जून को 35 लाख, 1 जुलाई को 22 लाख रुपए भेजे. इस तरह करीब 2 महीनों में महिला ने 2 करोड़ 83 लाख 65 हजार रुपए ठगों के बताए खातो में ट्रांसफर किए थे.

जिला स्तरीय सलाहकार समिति DLCC की बैठक आयोजित बैंकिंग सुविधाओं के विस्तार पर विशेष जोर

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जिला स्तरीय सलाहकार समिति की बैठक कलेक्टर कार्यालय सभागार में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता कलेक्टर श्री संबित मिश्रा ने की। बैठक में विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधि, अग्रणी जिला प्रबंधक एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

बैठक में वर्ष 2025-26 की वार्षिक साख योजना की समीक्षा की गई तथा केन्द्र एवं राज्य शासन की विभिन्न वित्तीय योजनाओं के क्रियान्वयन की प्रगति पर चर्चा की गई। कलेक्टर श्री मिश्रा ने जिले के दूरस्थ और वनांचल क्षेत्रों में बैंकिंग सुविधाओं के विस्तार की आवश्यकता पर बल देते हुए, सभी बैंकों को इस दिशा में ठोस पहल करने के निर्देश दिए।

कलेक्टर ने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि जिले के सुदूर क्षेत्रों में निवासरत प्रत्येक व्यक्ति को सरकार की सभी वित्तीय और कल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिले। उन्होंने बैंकों को निर्देशित किया कि वित्तीय समावेशन की दिशा में सक्रिय भूमिका निभाएं और शाखा विस्तार एवं मोबाइल बैंकिंग सेवाओं पर ध्यान केंद्रित करें।
बैठक में SBI, यूनियन बैंक, HDFC सहित विभिन्न बैंकों द्वारा संचालित शाखाओं एवं उनकी उपलब्धियों की भी समीक्षा की गई। पामेड़ स्थित ग्रामीण बैंक शाखा द्वारा एक माह में 1500 से अधिक नए खाते खोले जाने की सराहना करते हुए कलेक्टर श्री मिश्रा ने शाखा प्रबंधक को प्रोत्साहित किया और इसे अन्य बैंकों के लिए अनुकरणीय बताया।

अग्रणी जिला प्रबंधक ने बताया कि बैठक का उद्देश्य वित्तीय योजनाओं की जमीनी स्थिति की समीक्षा करना, बैंकों एवं प्रशासन के बीच समन्वय स्थापित करना और आगामी कार्ययोजना पर मार्गदर्शन प्राप्त करना था।

उप अभियंता भर्ती परीक्षा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से नकल करते हुए एक परीक्षार्थी पकड़ी गई, एफआईआर दर्ज

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छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल, रायपुर द्वारा आयोजित उप अभियंता (सिविल) एवं उप अभियंता (विद्युत/यांत्रिकी) भर्ती परीक्षा के अंतर्गत परीक्षा केन्द्र क्र. 1309 – शासकीय बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, सरकंडा, बिलासपुर (छ.ग.) में एक गंभीर नकल प्रकरण प्रकाश में आया। कक्ष क्रमांक 07 में परीक्षार्थी रोल नंबर 13091014 – कु. अन्नु सूर्या, पिता – कलेश्वर राम द्वारा संदिग्ध गतिविधियों की सूचना पर त्वरित संज्ञान लेते हुए परीक्षा कक्ष में तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान उक्त परीक्षार्थी के अंतःवस्त्र में हिडन कैमरा व कान से माइक्रो स्पीकर जैसे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण छिपाकर रखे गए पाए गए, जिन्हें तत्काल जब्त किया गया।

परीक्षा केन्द्र परिसर के बाहर नकल में सहायता करने हेतु उपस्थित कु. अनुराधा बाई के पास से वॉकी-टॉकी, टैबलेट, ब्लूटूथ डिवाइस और मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं। यह स्पष्ट रूप से एक संगठित इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से नकल करने का प्रयास था।

प्रशासन द्वारा नियमानुसार तत्काल नकल प्रकरण तैयार कर छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापम) को प्रेषित कर दिया गया है। साथ ही, थाना सरकंडा पुलिस को सूचित कर एफआईआर दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई है। संबंधित व्यक्तियों पर उचित कानूनी कार्यवाही की जा रही है।

व्यावसायिक परीक्षा मंडल एवं जिला प्रशासन द्वारा इस पूरे प्रकरण को अत्यंत गंभीरता से लिया गया है। परीक्षा की निष्पक्षता एवं पारदर्शिता सुनिश्चित करने हेतु ऐसी घटनाओं पर “जीरो टॉलरेंस नीति” अपनाई गई है। भविष्य में भी किसी भी प्रकार की अनुचित गतिविधियों पर कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।

मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय की पहल पर ग्राम केनाडांड़ में बदला गया ट्रांसफार्मर

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मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय की पहल पर ग्राम केनाडांड़ में विद्युत आपूर्ति पुनः प्रारंभ हो गई है। ट्रांसफार्मर खराब होने के कारण बिजली संकट से जूझ रहे ग्रामीणों को इससे बड़ी राहत मिली है। विद्युत आपूर्ति पुनः बहाल होने पर ग्रामवासियों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त किया है।
उल्लेखनीय है कि विकासखंड कांसाबेल के ग्राम केनाडांड़ के ग्रामीणों ने कैंप कार्यालय में आवेदन प्रस्तुत कर बताया कि ट्रांसफार्मर खराब होने की वजह से बिजली की आपूर्ति बाधित है। उनका गांव हाथी विचरण क्षेत्र में भी आता है। इस वजह से उन्हें कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कैंप कार्यालय ने मामले को गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की, जिसके तहत विद्युत विभाग द्वारा ग्राम केनाडांड़ में ट्रांसफार्मर बदल दिया गया। इससे बिजली आपूर्ति सुचारू रूप से बहाल हो गई है।
मुख्यमंत्री साय द्वारा बगिया में स्थापित मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में जनसमस्याओं का तत्परता के साथ समाधान किया जाता है। विशेषकर बिजली, पानी और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी आवश्यकताओं से संबंधित समस्याओं पर प्राथमिकता से कार्रवाई की जा रही है।

जिस सड़क के लिए नितिन गडकरी ने मांगी थी माफी और हुई थी मरम्मत, वह फिर से हो गई जर्जर

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मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के मंडला से गुजरने वाला नेशनल हाईवे 30 एक बार फिर सवालों के घेरे में है. यह वही सड़क है, जिसका निर्माण कार्य साल 2014 – 15 से शुरू हुआ था. लेकिन, यह सड़क बनते ही इतनी खस्ता हाल हो गई कि इसके लिए कुछ साल पहले केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी को सार्वजनिक तौर पर माफी मांगनी पड़ी थी. तब इस सड़क की हालत इतनी खराब थी कि यह देश भर में चर्चा का विषय बन गई थी. इस हाईवे को सुधारने के लिए हाल ही में 53 करोड़ रुपये की लागत से मेंटेनेंस का काम किया गया था.

डामरीकरण फिर हुई खराब
मेंटेनेंस के नाम पर सड़क पर डामरीकरण का काम हुआ, जिससे उम्मीद थी कि यह रास्ता अब सुगम हो जाएगा. लेकिन, आज हालात फिर वही हैं. सड़क पर जगह-जगह इतने बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं कि छोटी गाड़ियां तो क्या, भारी वाहनों का भी चलना मुश्किल हो गया है. बता दें कि यह हाईवे कोई साधारण रास्ता नहीं है, बल्कि यह मध्य प्रदेश को छत्तीसगढ़ से जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण मार्ग है और यही हाईवे जबलपुर से कान्हा नेशनल पार्क तक जाता है. इस हाईवे की खराब हालत से आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

कलेक्टर ने की जांच की बात
वही इस मामले को लेकर जिले के अपर कलेक्टर ने जांच के आदेश दे दिए हैं और एमपीआरडीसी को काम करने के निर्देश दे दिए हैं. बता दें कि जिस सड़क की मरम्मत 53 करोड़ रुपये से की गई थी, उसकी हालत फिर से खराब हो गई और जगह-जगह गड्डे बन गए हैं.

छत्तीसगढ़ में व्यापम की PWD सब इंजीनियर की परीक्षा में नकल माफियाओं का कब्जा, हाईटेक नकल का पर्दाफाश

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छत्तीसगढ़ में व्यापम की ओर से PWD सब इंजीनियर की परीक्षा आयोजित की गई थी. प्रदेश के कई जिलों में परीक्षा केंद्र बनाए गए थे. इसके लिए सुबह 10 से 12 बजे तक का समय निर्धारित किया गया था. इस दौरान नकल प्रकरण का एक ऐसा मामला सामने आया है, जो आपको चौंका देगी.

PWD सब इंजीनियर की परीक्षा के लिए बिलासपुर के सरकंडा स्थित पंडित रामदुलार दुबे परीक्षा केंद्र में हाईटेक नकल प्रकरण का मामला सामने आया है. इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेस से लैस दो युवतियां परीक्षा में नकल करती पकड़ी गईं. एक परीक्षा हॉल के अंदर थी, तो दूसरी बाहर ऑटो में बैठकर गैजेट्स के जरिए उत्तर भेज रही थी.

एनएसयूआई कार्यकर्ता ने नकल गिरोह का पकड़ा
बिलासपुर के सरकंडा स्थित रामदुलारे शासकीय स्वामी आत्मानंद स्कूल में रविवार को सब इंजीनियर भर्ती परीक्षा का आयोजन चल रहा था. इसी दौरान नकल की एक हाईटेक साजिश का खुलासा हुआ. इस गुनाह में शामिल एक युवती परीक्षा केंद्र के बाहर ऑटो में बैठकर लैपटॉप और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के जरिए अंदर परीक्षा दे रही अपनी सहेली की मदद कर रही थी. युवती के संदिग्ध व्यवहार पर एक सतर्क ऑटो चालक को शक हुआ और उसने एनएसयूआई नेता को सूचना दे दी. सूचना मिलने पर एनएसयूआई कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे और युवती को रंगे हाथों पकड़ लिया.

आरोपियों से मिले ये इलेक्ट्रॉनिक्स गैजेट
केंद्र अध्यक्ष पी मण्डल ने बताया कि जांच में दोनों युवतियों के पास से लैपटॉप, माइक्रो डिवाइस और कई हाईटेक गैजेट बरामद किए गए, जिनसे उत्तर भेजे जा रहे थे. पुलिस ने दोनों को हिरासत में लिया है और पूछताछ कर रही है. दोनों युवतियां छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के गृह जिला जशपुर के बताए जा रहे हैं.