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टूर पैकेज के नाम पर online ठगी का भंडाफोड़, विदेशी गैंग को देते थे भारतीयों के बैंक खातों की जानकारी

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मुंबई की उत्तर प्रादेशिक online पुलिस ने एक नई ऑनलाइन ठगी के रैकेट का भंडाफोड़ किया है, जिसमें टूर पैकेज के बहाने लोगों के बैंक खाते की जानकारी लेकर करोड़ों कीonline ठगी की जा रही थी. इस मामले में दो आरोपियों – मूकबशीर हिदायतुल्ला राहतकीकर और सूरज खेडकर को गिरफ्तार किया गया है. पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपी अंतरराष्ट्रीय साइबर अपराधियों के संपर्क में थे और भारतीय बैंक खातों की जानकारी उन्हें मुहैया कराते थे.

शिकायतकर्ता उत्तर मुंबई का निवासी है, जिसे हाल ही में एक ऑनलाइन निवेश घोटाले में करीब ₹20 लाख की चपत लगी. आरोपी खुद को शेयर ट्रेडिंग कंपनी का प्रतिनिधि बताकर पीड़ित से बैंक की संवेदनशील जानकारी ले गए थे. इसके बाद सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम और भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया और online सेल ने जांच शुरू की. जांच में सामने आया कि पीड़ित के पैसे कई अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर किए गए थे, जिनमें से दो खाते मूकबशीर और सूरज के नाम पर खोले गए थे. इन दोनों को पुणे के कात्रज और अहिल्यानगर से हिरासत में लिया गया.

आरोपियों से पूछताछ में खुलासा हुआ कि महाबलेश्वर निवासी मूकबशीर लोगों को पुणे और महाबलेश्वर के रिसॉर्ट्स में 2–3 दिन की मुफ्त छुट्टियों का झांसा देता था. टूर पैकेज बुकिंग के नाम पर वह लोगों से बैंक खाता जानकारी हासिल करता और फिर उसी का इस्तेमाल ऑनलाइन फ्रॉड के लिए करता था. इस जाल में कई लोग फंस चुके हैं.

पुलिस के मुताबिक, यह गिरोह लोगों से कमीशन पर बैंक खाता खुलवाता था और फिर वह खाता विदेशी online ठगों को सौंप दिया जाता था. इन खातों के जरिए ठगी की रकम इधर-उधर भेजी जाती थी. मूकबशीर की सीधी बातचीत एक अंतरराष्ट्रीय फ्रॉडस्टर से होती थी, जो कंबोडिया में सक्रिय है. आरोप है कि मूकबशीर इन खातों से नगद पैसे निकालता और सूरज खेडकर की मदद से विदेश भेजता था. दोनों को इसके बदले मोटा कमीशन मिलता था. गिरफ्तारी के बाद दोनों आरोपियों को अदालत में पेश किया गया, जहां उन्हें पुलिस हिरासत में भेज दिया गया.

राजस्थान के चूरू में सेना का फाइटर जेट क्रैश, मलबे से मिला पायलट का शव

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भारतीय वायु सेना का एक जगुआर लड़ाकू विमान राजस्थान के चुरू जिले के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया. फिलहाल मलबे से पायलट का शव मिला है. फाइटर जेट तेज आवाज के बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गया. वहीं घटना के बाद खेत में आग की लपटें और धुआं उठता देखा गया. इलाके में अफरा-तफरी का माहौल है. सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके के लिए रवाना हो गईं. यह दुर्घटना रतनगढ़ के भानुदा गांव में हुआ है.

राजसथान में सेना का जगुआर लड़ाकू विमान दुर्घटनाग्रस्त
चूरू के रतनगढ़ क्षेत्र के भानुदा गांव में सेना का जगुआर लड़ाकू विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया. घटना के तुरंत बाद पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके के लिए रवाना हो गई हैं. ग्रामीणों की सूचना के अनुसार आसमान में तेज आवाज के बाद खेतों में आग की लपटें और धुआं उठता देखा गया.

पायलट का शव बरामद
प्राथमिक जानकारी के अनुसार, मलबे के पास से एक पायलट का शव बरामद हुआ है, जो पूरी तरह से क्षतिग्रस्त अवस्था में मिला है. शव के पहचान की प्रक्रिया सेना और स्थानीय प्रशासन द्वारा की जा रही है.

मचा हड़कंप, मौके पर पहुंचा प्रशासन
जैसे ही हादसे की खबर फैली रतनगढ़ में हड़कंप मच गया. कलेक्टर अभिषेक सुराना और स्थानीय पुलिस अधिकारी मौके के लिए रवाना हो चुके हैं. सेना की रेस्क्यू टीम भी मौके पर पहुंचने वाली है, ताकि घटनास्थल को सील कर जांच शुरू की जा सके.

गांववालों ने बताया कि विमान क्रैश के तुरंत बाद खेतों में आग लग गई थी, जिसे ग्रामीणों ने अपनी ओर से बुझाने का प्रयास किया.

दिल्ली-NCR में भूकंप के तेज झटके, घरों से बाहर निकले लोग, दहशत का माहौल

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इस वक्त की एक बड़ी खबर है. दिल्ली-NCR में भकंप के तेज झटके महसूस हुए हैं. भूकंप के झटके महसूस होते ही लोग अपने-अपने घरों- दफ्तरों से बाहर निकल गए. लोगों में दहशत का माहौल है.

अचानक कांपी धरती
गुरुवार सुबह 9 बजकर 4 मिनट पर जोरदार भूकंप आया. यहां अचानक धरती कांपने लगी. भूकंप की तीव्रता अनुमानित 4.4 मापी गई है. दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद में करीब 10 सेकेंड तक भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं. फिलहाल, किसी नुकसान की खबर नहीं है. लेकिन जैसे ये तेज झटके महसूस हुए लोग अपने घरों और दफ्तरों से बाहर निकल गए. इसके बाद लोगों में दहशत का माहौल देखने को मिला.

10 KM गहराई में था
जानकारी के मुताबिक भूकंप 10 किमी.की गहराई में था.भूकंप का केंद्र दिल्ली से 51 किमी. दूर हरियाणा के झज्जर में था. इससे पहले, 17 फरवरी को दिल्ली और पूरे एनसीआर में सोमवार सुबह 5:36 बजे तेज भूकंप के झटके महसूस किए गए थे. भूकंप के झटके इतने तेज थे कि जो लोग सो रहे थे, उनकी नींद टूट गई, और जो जाग रहे थे, वे दहशत में आ गए. लोगों ने तत्काल अपने घरों से बाहर निकलकर सुरक्षित स्थानों पर शरण ली और कुछ समय तक बाहर ही रुके रहे. भूकंप का केंद्र नई दिल्ली था और इसकी गहराई 5 किलोमीटर रही.

राणा दग्गुबाती से लेकर विजय देवरकोंडा ED के शिकंजे में फंसे

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तेलंगाना में ईडी ने 29 एक्टर्स, यूट्यूबर, इंस्टाग्राम इनफ्लुएंसर के खिलाफत सट्टा बाजी एप्स को बढ़ावा देने के आरोप में मामला दर्ज किया है. इस लिस्ट में राणा दग्गुबाती , प्रकाश राज , निधि अग्रवाल ,विजय देवरकोंडा जैसे तमाम सेलिब्रिटीज के नाम शामिल हैं. जहां कार्रवाई पुलिस द्वारा FIR के आधार पर की गई है. इसके अलावा और पूरा मामला है क्या, चलिए आपको बताते हैं.

ये है पूरा मामला
इस मामले की शुरुआत जब हुई तब एक 32 वर्षीय एक बिजनेसमैन ने शिकायत में कहा कि कई युवा और आम लोग इस सट्टेबाजी ऐप्स में पैसा लगा रहे हैं. जिसका मशहूर एक्टर्स द्वारा प्रचार किया जा रहा है. शिकायत के अनुसार यह ऐप्स मध्यम वर्ग के परिवारों को संकट में डाल रहा है. 29 मार्च को 25 सेलिब्रिटीज के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी. अभी इस मामले को धन शोधन निवारण अधिनियम के तहत आगे बढ़ाया है और इन सेलिब्रिटीज के प्रचार के लिए मिला भुगतान, लेनदेन और रिकॉर्ड की जांच भी शुरू कर दी गई है.

विजय देवरकोंडा की टीम ने क्या कहा ?
एक्टर विजय देवरकोंडा की टीम ने यह साफ किया है कि उन्होंने केवल कौशल आधारित गेमिंग प्लेटफार्म ए23 का प्रचार किया था, जो 2023 में समाप्त हो चुका है. वहीं प्रकाश राज ने कहा कि उन्होंने 2016 में एक एप का प्रचार किया था. लेकिन बाद में इसे गलत मानकर दूरी बना ली थी. राणा दग्गुबाती ने भी कानूनी अनुपालन की बात कही है. यह मामला तेलुगू फिल्म इंडस्ट्री में एक बहुत बड़ा विवाद बन गया है. जहां इन हस्तियों पर जुर्माना और कानूनी कार्रवाई का खतरा बढ़ता जा रहा है. इससे पहले भी काफी सेलिब्रिटीज इस तरीके के एप के कारण मुसीबत में आ चुके हैं.

माता-पिता और भाई के सामने नाबालिग से गैंगरेप मामले में आया बड़ा फैसला, कोर्ट ने तीनों आरोपियों को दी ये सजा

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आदिवासी परिवार की नाबालिग बेटी के साथ हुए परिजनों के सामने ही किये सनसनीखेज गैंगरेप के केस मे ग्वालियर कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया हैं.

बदमाशों ने 30 जनवरी 2024 की रात बच्ची के माता, पिता और मासूम भाई की कनपटी पर कट्टा रखकर 15 साल की नाबालिग के साथ उनके सामने ही रेप की घटना को अंजाम दिया था.
घटना के बाद पीड़ित परिवार ने गांव से पलायन तक कर दिया था. यह मामला काफी चर्चित हुआ था. इस मामले में ग्वालियर की विशेष अदालत ने आरोपी जंडेल गुर्जर, संजीव गुर्जर और आकाश गुर्जर को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है. कोर्ट ने प्रत्येक पर अलग-अलग धाराओं में जुर्माना भी किया गया है.

अभियोजन के अनुसार
शिवपुरी से एक आदिवासी परिवार मजदूरी की तलाश में नवंबर 2023 में घाटीगांव के भंवरपुरा इलाके में पहुंचा था. यहां स्थित एक पत्थर की खदान पर आदिवासी युवक और उसकी पत्नी मजदूरी करते थे. उनके साथ घर पर एक 6 साल का बेटा और 15 साल की बेटी रहती थी. 30 जनवरी 2024 की आधी रात को जब नाबालिग किशोरी अपने छोटे भाई को टॉयलेट कराने के लिए अपनी झोपड़ी से निकलकर बाहर मैदान में आई थी तभी उनके घर के बाहर तीन युवक खड़े मिले. इनमें से 2 युवकों ने नाबालिग को पकड़ लिया और एक युवक हाथ के सहारे पीड़िता के भाई को रोककर खड़ा हो गया.

बच्ची और उसके भाई के चिल्लाने पर उसके माता-पिता भी दौड़कर बाहर आ गए. दोनों ने उनके बच्चों को छोड़ने के लिए मिन्नतें की तो तीनों ने लाठी और डंडों से उनकी मारपीट की जिससे पीड़ित की मां के हाथ की कलाई और कंधे में चोट आई. पिता को पीठ और कमर में काफी चोट आई थी.

उफनते नाले में बही पुलिया पार कर रही यात्री बस, आफत में आ गई दो दर्जन यात्रियों की जान

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दमोह जिले में एक बड़ा हादसा ग्रामीणों की समझदारी से टल गया. जिले में लगातार हो रही मानसूनी बारिश से नदियां और नाले लबालब पानी से भर गए हैं. बुधवार को एक नाले की पुलिया को पार कर रही यात्री बस उफनते नाले में गिर गई और बस नाले में बहने लगी, जिससे बस में सवार दो दर्जन यात्रियों की सांसें अटक गई.

दमोह समेत पूरे MP में मानसूनी बारिश जारी है.लगातार हो रही बारिश से सभी नाले-नदियां उफान पर हैं. ऐसे में दो दर्जन यात्रियों को लेकर पुलिया क्रॉस कर रही एक बस उफनते नाले में गिरकर बहने लगी. गनीमत ये रही कि स्थानीय ग्रामीणों की मदद से सभी यात्रियों की जान बच गई.

दुर्घटना की शिकार हुई यात्री बस नाला की पुलिया से गुजर रही थी
मामला इमलिया चौकी क्षेत्र की है, जहां दुर्घटना की शिकार हुई यात्री बस लकलका झापन मार्ग पर स्थित नाला की पुलिया से गुजर रही थी. नाला बारिश के पानी से पानी से लबालब था. यात्री बस चालक ने लापरवाही बरतते हुए पुलिया को पार करने लगा, लेकिन बस नाले के उफनते हुए पानी में बहने लग गया, जिससे मौके पर कोहराम मच गया.

मदद के लिए स्थानीय लोगों ने यात्रियों को बस से सुरक्षित निकाला
रिपोर्ट के मुताबिक उफनते नाले के पानी में बस को बहता देख वहां से गुजर रहे राहगीरों और स्थानीय लोग मदद के लिए आगे आए और किसी तरह सभी यात्रियों को बस से सुरक्षित निकाल लिया गया.लोगों ने बताया कि बस वाला जबरन पुल पर से बस को पार कर रहा था इसलिए अनियंत्रित होकर बस पुलिया के नीचे उतर गई.

मध्य प्रदेश में पिछले एक सप्ताह से जारी मूसलाधार बारिश के चलते नदियां और नाले के पानी उफान पर हैं, लेकिन राहगीर और वाहन चालक सावधानी बरतने की बजाय लापरवाही बरत रहे हैं, जिससे लगातार दुर्घटनाएं हो रही है. नाले में बहा यात्री बस इसका बड़ा उदाहरण है.
बस यात्री जान बचाने के लिए पुलिया के पास लगे पेड़ पर चढ़ गए
बताया जाता है जब यात्री बस उपनते नाले में बहने लगा तो बस में सवार यात्री अपनी जान बचाने के लिए पुलिया करते पास लगे पेड़ पर चढ़ गए. हालांकि राहगीरों और स्थानीय लोगों मदद आगे आए तब जाकर बस में सवार लोगों की जान बची. बाद में मौके पर पहुंची पुलिस ने बचाव राहत कार्य शुरू किया.

यहां किसान के पैरों तले सरक गई 3 एकड़ ज़मीन, बोला, नहीं मिली तो आत्महत्या कर लूंगा

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छत्तीसगढ़ के कबीरधाम (कवर्धा) जिले में एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है. एक पीड़ित किसान ने अपनी 3 एकड़ जमीन की चोरी का आरोप लगाया है. चोरी हुई जमीन की सुनवाई के लिए किसान पटवारी से लेकर कलेक्टर ऑफिस का चक्कर काट रहा है. किसान ने चेतावनी दी है कि जमीन नहीं मिली तो वह सुसाइड कर लेगा.

जमीन चोरी की घटना हैरान करने वाली है, लेकिन किसान जनक चंद्राकर ने अपनी 3 एकड़ जमीन चोरी होने का दावा किया है. जमीन तलाशने के लिए किसान ने पटवारी से लेकर कलेक्ट्रेट ऑफिस से संपर्क किया है. पीड़ित का कहना है कि उसकी जमीन नहीं मिली तो अपनी जान दे देगा.

किसान की 3 एकड़ जमीन पर गांव के दबंग ने कर रखा है अवैध कब्ज़ा
मामला कुंडा तहसील के भरेवापूरन गांव का है. पत्नी के साथ मंगलवार को कवर्धा कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचे पीड़ित किसान जनक चंद्राकर ने ज़मीन चोरी होने की शिकायत दर्ज कराते हुए बताया कि उसकी पुश्तैनी 3 एकड़ जमीन पर गांव के एक दबंग व्यक्ति ने अवैध कब्ज़ा कर रखा है, जबकि वर्षों से उसके पूर्वज उस जमीन पर कृषि कार्य करते आ रहे हैं.

अवैध कब्जे के खिलाफ 4 माह पू्र्व तहसील कार्यालय में दिया था आवेदन
पीड़ित किसान ने बताया कि उसके तीन एकड़ खेत पर गांव के दंबग रामकुमार चंद्राकर ने अवैध कब्जा कर रखा है. अपनी तीन एकड़ जमीन पर दबंग द्वारा किए गए अवैध कब्जे के खिलाफ किसान ने 4 माह पू्र्व तहसील कार्यालय में आवेदन किया था, लेकिन सीमांकन आदेश के बाद भी पटवारी और आर आई द्वारा सीमांकन नहीं किया जा रहा है.

पत्नी के साथ कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचे पीड़ित किसान जनक चंद्राकर ने ज़मीन चोरी होने की शिकायत दर्ज कराई. पीड़ित किसान के मुताबिक उसकी 3 एकड़ जमीन पर गांव के एक दबंग व्यक्ति ने अवैध कब्ज़ा कर रखा है, जबकि वर्षों से उसके पूर्वज उस जमीन पर खेती करते आ रहे हैं.
दुल्हन!
पुश्तैनी जमीन पर कई वर्षों से खेती करता आ रहा है पीड़ित किसान
पीड़ित किसान दम्पति का कहना है चोरी हुई तीन एकड़ जमीन पर पुश्तैनी जमीन पर वो वर्षों से खेती करता आ रहा है. किसान ने बताया कि वो हर वर्ष धान की फसल उगाकर सोसायटी में बेंचते है और उस जमीन पर कर्ज भी लेते है, लेकिन जमीन पर अवैध कब्जे को लेकर हर जगह गुहार लगा चुके है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई है, जिससे वो आहत हैं.

पंडरिया SDM बोले, जल्द विवादित जमीन का किया जाएगा सीमांकन
मामले पर पंडरिया एसडीएम संदीप ठाकुर ने कहा किसान जनक चंद्राकर और रामकुमार के बीच जमीन को लेकर विवाद चल रहा है, पहले भी विवादित जमीन का सीमांकन किया जा चूका है और दूसरी बार सीमांकन के लिए गई टीम गई थी लेकिन मौसम के चलते सीमांकन नहीं हो पाई. उन्होंने कहा, जल्द विवादित जमीन का सीमांकन कर लिया जाएगा.

निर्माणाधीन हाईवे और खराब डायवर्जन ने बढ़ाई मुश्किलें, लापरवाही के आरोप

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बिलासपुर-पेंड्रा राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-45) एक बार फिर जाम का कारण बना. बुधवार तड़के करीब 3:00 बजे से कारीआम गांव के पास हाईवे पर दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं. सैकड़ों यात्री बसें, छोटे-बड़े वाहन और मालवाहक गाड़ियां घंटों जाम में फंसी रहीं, जिससे आमजन को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा.

इस मार्ग पर निर्माणाधीन हाईवे की हालत पहले से ही खराब है. जगह-जगह गड्ढे, अधूरे निर्माण कार्य और अव्यवस्थित डायवर्जन के चलते आए दिन जाम की स्थिति उत्पन्न हो रही है.

लोगों का फूटा गुस्सा
स्थानीय लोगों और यात्रियों ने निर्माण एजेंसी और जिला प्रशासन पर लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए हैं. वाहन चालकों का कहना है कि हर दिन जान जोखिम में डालकर इस मार्ग से गुजरना पड़ता है.

एक ड्राइवर ने बताया, “बरसात के मौसम में सड़क पर मिट्टी कीचड़ में बदल जाती है. वाहनों का चलना लगभग नामुमकिन हो जाता है. कभी भी हादसा हो सकता है.”

जनता में बढ़ रहा आक्रोश
बार-बार लगने वाले जाम और निर्माण कार्य में हो रही अनियमितताओं को लेकर अब लोगों का गुस्सा उबाल पर है. नागरिकों का कहना है कि संबंधित एजेंसियों और प्रशासन को इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करना चाहिए, ताकि लोगों को रोज़ाना इस तरह की समस्या से दो-चार न होना पड़े.

इस मार्ग की स्थिति न केवल यात्रियों की सुरक्षा के लिए खतरा बन चुकी है, बल्कि यह स्थानीय अर्थव्यवस्था और परिवहन व्यवस्था को भी प्रभावित कर रही है.

कैश कांड: जस्टिस यशवंत वर्मा की जाएगी कुर्सी! मानसून सत्र में होगा बड़ा फैसला, ‘इंडिया’ गठबंधन से भी मिला समर्थन

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दिल्ली हाईकोर्ट के पूर्व जज और वर्तमान में इलाहाबाद हाईकोर्ट में कार्यरत जस्टिस यशवंत वर्मा के खिलाफ आने वाले मानसून सत्र में सांसदों द्वारा बड़ा फैसला लेते हुए उन्हें पद से हटाने की प्रक्रिया पर अंतिम मोहर लग सकती है. सूत्र बताते हैं कि केंद्र सरकार की तरफ से 21 जुलाई से शुरू होने वाले आने वाले मानसून सत्र में सांसदों द्वारा जस्टिस यशवंत वर्मा को उनको उनके पद से हटाने के वाले प्रस्ताव को संसद में पेश किया जाएगा. हालांकि, पहले इसे लोकसभा में पेश किया जाएगा या पहले राज्यसभा में… इस मामले में कुछ कन्फर्म नहीं है. इस मामले में केंद्र सरकार को विपक्षी पार्टी के कई सांसदों का भी समर्थन मिलता हुआ दिखाई दे रहा है.
जस्टिस यशवंत वर्मा के खिलाफ आरोप उस वक्त लगा था जब वो दिल्ली हाईकोर्ट में जस्टिस पद पर कार्यरत थे. घटना मार्च की है, जब दिल्ली स्थित जस्टिस वर्मा के आवास के बाहरी हिस्से में आग लग गई थी. नोट की गड्डियों के बारे में खुलासा आग बुझाने के लिए पहुंचे फायरब्रिगेड टीम ने किया था. इसका एक वीडियो भी खूब वायरल हुआ था. इसके बाद न्यायमूर्ति वर्मा पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे. उन्होंने आरोपों से इनकार किया और उसे साजिश बताया था. नकदी वाले वीडियो के बाद उनका मामला पूरे देश भर में चर्चा का विषय बना था. फिलहाल वो इलाहाबाद हाईकोर्ट में हैं, लेकिन उन्हें कोई भी न्याययिक प्रक्रिया में हिस्सा नहीं ले सकते हैं.
कोलकाता हाईकोर्ट के जस्टिस सौमित्र सेन के जैसे ही दिल्ली हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश रहें जस्टिस यशवंत वर्मा का महाभियोग का मामला हो सकता है. दरअसल, जस्टिस यशवंत वर्मा कैश कांड से जुड़े मामले की तफ्तीश रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट के मार्फत से देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को भेज दिया गया था. दरअसल, सुप्रीम कोर्ट के तत्कालीन सीजेआई रहें संजीव खन्ना ने जांच रिपोर्ट और इस रिपोर्ट के साथ-साथ इस मामले में जस्टिस यशवंत वर्मा के जवाब को भी एक साथ जोड़कर उसे राष्ट्रपति के पास संज्ञान लेने और उचित निर्णय लेने के लिए भेजा गया था. जिससे देश की राष्ट्रपति जांच कमेटी की उस रिपोर्ट के आधार पर अब तय कर सकती हैं की अब आगे क्या कार्रवाई करना है?

इस मामले की विस्तार से पड़ताल करने के लिए सुप्रीम कोर्ट की कॉलेजियम के द्वारा तीन न्यायमूर्ति की एक कमेटी बनाई गई थी. जिसमें जस्टिस शील नागू ,जो पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश थे, इसके साथ ही हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस जी.एस. संधावालिया और कर्नाटक हाईकोर्ट के जस्टिस अनु शिवरामन शामिल थे. इस मामले की पड़ताल के बाद पांच मई को तत्कालीन सीजेआई संजीव खन्ना को रिपोर्ट सौंप दी गई थी.

सुप्रीम कोर्ट के द्वारा इस मामले में आठ मई को औपचारिक पर एक प्रेस नोट जारी किया गया है और सुप्रीम कोर्ट के वेबसाइट पर अपलोड करके ये जानकारी साझा की गई है कि सुप्रीम कोर्ट के द्वारा जस्टिस वर्मा के केस से संबंधित तीन जजों की आंतरिक जांच समिति की तफ्तीश रिपोर्ट को सुप्रीम कोर्ट में भेज दिया गया है सूत्र तो यह भी बता रहे हैं कि तीन जजों की जो आंतरिक रिपोर्ट तैयार की गई है, उसके मुताबिक तत्कालीन सीजेआई संजीव खन्ना द्वारा जस्टिस यशवंत वर्मा को इस्तीफा देने का विकल्प देते हुए कहा गया कि आप या तो अपना इस्तीफा दे दें या उनके खिलाफ महाभियोग के लिए जांच रिपोर्ट को राष्ट्रपति को भेजा जाएगा.
किसी भी न्यायमूर्ति के खिलाफ महाभियोग चलाने का क्या है नियम
किसी भी न्यायमूर्ति के खिलाफ महाभियोग चलाने के लिए अपनाई जाने वाली प्रक्रिया न्यायाधीश जांच अधिनियम, 1968 में निर्धारित है. इस अधिनियम की धारा तीन के मुताबिक, महाभियोग प्रस्ताव लाने के लिए इसे लोकसभा में कम से कम 100 सांसदों और राज्य सभा में कम से कम 50 सदस्यों का समर्थन होना जरूरी होता है. इसके साथ ही लोकसभा और राज्यसभा में उस महाभियोग की प्रक्रिया को लेकर जाने से पहले एक और महत्वपूर्ण प्रक्रिया है – लोकसभा और राज्यसभा के सदस्यों का दस्तखत लेकर समर्थन जुटाना… आने वाले दिनों में कुछ नेताओं के द्वारा इस प्रक्रिया को शुरू किया जा सकता है.
ये तो पहली प्रकिया थी, लेकिन उसके बाद की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने से पहले इस मामले की औपचारिक तौर पर जानकारी लोकसभा के अध्यक्ष और राज्यसभा के सभापति को देनी पड़ती है. उसके बाद दूसरी प्रक्रिया के तहत लोकसभा के अध्यक्ष और राज्यसभा के सभापति के मार्गदर्शन में तीन सदस्यों की एक कमेटी बनाई जाएगी, जिस कमेटी की अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश या कोई जज करता है. हालांकि, इस कमेटी में एक ऐसा भी प्रावधान है कि किसी हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को भी शामिल किया जा सकता है.

कैल्शियम की दवा के आर्डर में सोफे का Specification, स्वास्थ्य मंत्री ने जांच कराने का दिया आश्वासन

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छत्तीसगढ़ का स्वास्थ्य विभाग भ्रष्टाचार के मामले में लगातार सबसे ज्यादा सुर्ख़ियों में बना हुआ है. आए दिन नए-नए भ्रष्टाचार के मामले सामने आ रहे है. ताजा कारनामा सक्ती जिला स्वास्थ्य अधिकारी का उजागर हुआ है. सक्ती सीएमएचओ ने जेम पोर्टल के जरिए कैल्शियम डी-3 टैबलेट की जगह सोफे के स्पेसिफिकेशन का अनुबंध जारी कर दिया है. सीएमएचओ सक्ती ने 30 जून को वीजे एंटरप्राइज के नाम से जो अनुबंध जारी किया है, उसमें प्रोडक्ट स्पेसिफिकेशन उल्लेखित है, वो किसी सोफे का स्पेसिफिकेशन है.

दवाई की जगह सोफे का स्पेसिफिकेशन
दवा की स्पेसिफिकेशन के अनुसार, प्रोडक्ट की लंबाई 60 इंच, चौड़ाई 635 इंच, ऊंचाई 55 इंच है… साथ ही, सीट की संख्या दो दर्ज है. अनुबंध में दिए गए वीजे एंटरप्राइज के नंबर पर NDTV रिपोर्टर ने बात की, तो एंटरप्राइज के प्रबंधक सुकेश मखीजा ने बताया कि उनका दवाई का काम है. सीएमएचओ से उनकी फर्म को दवा की सप्लाई का आर्डर है. मेरी फर्म ने सोफे की कोई सप्लाई नहीं दी है. स्टाफ काम को देखता है. उसे चेक करना होगा.

स्वास्थ्य मंत्री ने कही जांच की बात
सक्ती सीएमएचओ के मामले में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल से कहा कि इस मामले की जांच कराई जाएगी. जो दोषी होगा, उसपर कार्रवाई होगी.

CGMC में अरबों रुपये दवा खरीदी का घोटाला
छत्तीसगढ़ का स्वास्थ्य विभाग भ्रष्टाचार के मामले में सबसे ज्यादा सुर्खियों में रहने वाला विभाग बन गया है. छत्तीसगढ़ मेदिकल सर्विसेज कारपोरेशन में रीएजेंट मेडिकल उपकरण खरीदी में 750 करोड़ रुपये से ज्यादा का भ्रष्टाचार हुआ है, जिसकी ACB और EOW जांच कर रही है. इस मामले में 6 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है.