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छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव में हाथ धोते समय कुछ युवकों से विवाद, हत्या कर दी

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छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव में एक युवक की वॉश बेसिन (Wash Basin) में हाथ धोते समय कुछ युवकों से विवाद हो गया. इस दौरान उन्होंने युवक की हत्या कर दी. पुलिस ने मामले में 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. आरोपियों में 4 नाबालिग हैं. मामला सोमनी थाना क्षेत्र के देवादा स्थित हमारा ढाबा का है, जहां 1 जून की देर रात वॉश बेसिन में हाथ धोने को लेकर झगड़ा हो गया था. उसकी भिलाई के सेक्टर-9 में अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई.

देवादा के हमारा ढाबा में 1 जून की देर रात युवक वॉश बेसिन में हाथ धोए थे. इसके बाद जब उसने हाथ छिड़के तो पानी के छींटे अन्य युवकों पर चले गए. यह युवक दोस्त के बर्थडे पर पार्टी करने ढाबे पर आए हुए थे, जो भिलाई के रहने वाले थे. छींटे जाने के बाद युवकों ने धारदार हथियार से हमला कर दिया, जिससे उसकी मौत हो गई. मृतक की पहचान प्रशांत तिवारी के रूप में हुई है.

हत्या करके हो गए थे फरार
हत्या के बाद ढाबे पर मौजूद लोगों ने एक आरोपी को वहीं पकड़ लिया और बाकी आरोपी फरार हो गए थे. घटना की सूचना मिलते ही पुलिस पहुंच गई थी और युवक को अस्पताल ले जाया गया था. उसकी इलाज के दौरान मौत हो गई. पुलिस ने मामला दर्ज अन्य आरोपियों की तलाश शुरू कर दी थी. तलाशी के दौरान पुलिस ने दुर्ग जिले में भिलाई के रहने वाले आरोपी सौरभ गुरुम और प्रेम यादव के साथ चार अन्य नाबालिग को पकड़ा है.

इनके पास से घटना में प्रयुक्त दो चाकू और दो एक्टिवा वाहन को जब्त किया गया है. आरोपी सौरभ और प्रेम और दो अन्य नाबालिग के खिलाफ पहले से कई अपराधिक मामले दर्ज हैं. पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया है.

नक्सल पुनर्वास नीति के तहत आईईडी विस्फोट पीड़ित को 5 लाख रुपए की सहायता राशि

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नक्सल हिंसा से प्रभावित व्यक्तियों के पुनर्वास हेतु राज्य सरकार द्वारा संचालित नक्सल पुनर्वास नीति के अंतर्गत कलेक्टर संबित मिश्रा द्वारा जिले के माड़वी नंदा को 5 लाख रुपए की आर्थिक सहायता राशि प्रदान की गई है।
माड़वी नंदा नक्सलियों द्वारा लगाए गए प्रेशर आईईडी विस्फोट की चपेट में आकर दाहिना पैर कट जाने के कारण स्थायी असमर्थ हो गए।

दण्डाधिकारी जांच हेतु उपस्थित होने की सूचना

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सर्व साधारण को सूचित किया जाता है कि थाना बासागुड़ा के क्षेत्रांतर्गत घटना 29 मार्च 2025 को ग्राम कोंजेर व नरसापुर के जंगल पहाड़ के बीच जंगल में हुए पुलिस नक्सली मुठभेड की घटना घटित हुई है। जिसमें पुलिस और नक्सलियों के बीच फायरिंग हुई। फायरिंग रूकने के बाद सुरक्षा बलों द्वारा सुरक्षा नियमों का पालन करते हुए घटना स्थल का बारिकी से सर्च किया गया। सर्चिग के दौरान घटना स्थल पर एक अज्ञात पुरूष माओवादी का शव मिला। शव के पास से 12 बोर बंदूक, नक्सल पोच जिसमें 12 बोर बंदूक का 05 नग जिन्दा कारतूस, 03 किलोग्राम का टिफीन बम 01 नग, कमाण्ड आईईडी 02 नग, कार्डेक्स वायर, सेफ्टी फ्यूज वायर सहित नक्सली सामग्री बरामद किया गया है। इसी तरह थाना उसूर क्षेत्रांतगर्त घटना 24 अप्रैल 2025 को ग्राम नीलम सरई झरना कर्रेगुट्टा के पहाड़ मे पुलिस एवं नक्सली के बीच घटित हुई थी। जिसमें फायरिंग रूकने के बाद सुरक्षा बलों द्वारा सुरक्षा नियमों का पालन करते हुए घटना स्थल का बारिकी से सर्च किया गया। सर्चिग के दौरान घटना स्थल पर 03 अज्ञात महिला माओवादी का शव सहित नक्सल सामग्री बरामद किया गया। थाना ईलमिड़ी क्षेत्रांतर्गत घटना 08 मई 2025 को ग्राम उटलापल्ली व लंकापल्ली के बीच पहाड़ में हुए पुलिस नक्सली मुठभेड़ में सर्चिंग के दौरान घटना स्थल पर 04 अज्ञात महिला माओवादी तथा 01 अज्ञात पुरूष माओवादी का शव सहित नक्सल सामग्री बरामद किया गया। थाना उसूर एवं ईलमिड़ी क्षेत्रांतर्गत घटना 06 मई 2025 से 07 मई 2025 तक ग्राम कर्रेगुट्टा पहाड़ में हुए पुलिस नक्सली मुठभेड़ की घटना घटित हुई जिसमें फायरिंग रूकने के बाद घटना स्थल पर 14 अज्ञात पुरूष एवं 08 महिला माओवादी का शव सहित भारी मात्रा में नक्सल सामग्री बरामद किया गया।

इन सभी घटनाओं के संबंध में जिस किसी को भी किसी प्रकार की जानकारी हो तो 15 जुलाई 2025 तक न्यायालय अनुविभागीय दण्डाधिकारी उसूर में उपस्थित होकर साक्ष्य प्रस्तुत कर सकतें हैं।

एकमुश्त चावल वितरण की समयावधि 31 जुलाई 2025 तक बढ़ाई गई

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राज्य शासन के खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग द्वारा सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत माह जून से अगस्त 2025 का एकमुश्त चावल वितरण की समयावधि 31 जुलाई 2025 तक वृद्धि की गई है। इस संबंध में आवश्यक कार्रवाई हेतु समस्त जिला कलेक्टर व प्रबंध संचालक छत्तीसगढ़ स्टेट सिविल सप्लाईज कार्पोरेशन को निर्देशित किया गया है।

उप मुख्यमंत्री अरुण साव चार नगरीय निकायों में अटल परिसरों का करेंगे लोकार्पण

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उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव 3 जुलाई को सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के चार नगरीय निकायों में नवनिर्मित अटल परिसरों का लोकार्पण करेंगे। वे 3 जुलाई को सवेरे साढ़े नौ बजे नवा रायपुर से सड़क मार्ग द्वारा सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के पवनी के लिए रवाना होंगे। वे दोपहर साढ़े 12 बजे पवनी नगर पंचायत पहुंचकर अटल परिसर का लोकार्पण करेंगे। श्री साव दोपहर सवा बजे पवनी से भटगांव के लिए प्रस्थान करेंगे। वे दोपहर डेढ़ बजे भटगांव नगर पंचायत में अटल परिसर को जनता को समर्पित करेंगे।

उप मुख्यमंत्री साव दोपहर तीन बजे सरसींवा नगर पंचायत में नवनिर्मित अटल परिसर का लोकार्पण करेंगे। वे शाम पौने चार बजे सरसींवा से सारंगढ़ के लिए रवाना होंगे। वे शाम चार बजे सारंगढ़ नगर पालिका में अटल परिसर का लोकार्पण करेंगे। श्री साव शाम पौने पांच बजे सारंगढ़ से नवा रायपुर के लिए प्रस्थान करेंगे। वे शाम सात बजे वापस नवा रायपुर पहुंचेंगे।

मुख्यमंत्री साय ने जीएसटी विभाग की समीक्षा बैठक में कर अपवंचन पर सख्ती के दिए निर्देश

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मुख्यमंत्री साय ने आज मंत्रालय स्थित महानदी भवन में वाणिज्यिक कर (जीएसटी) विभाग की समीक्षा बैठक ली। उन्होंने विभाग के कार्यों एवं राजस्व संग्रहण की विस्तार से जानकारी प्राप्त की और कर संग्रहण बढ़ाने के उपायों पर कार्य करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि कर की राशि का उपयोग देश और प्रदेश के विकास कार्यों में होता है, इसलिए सभी को ईमानदारी पूर्वक कर अदा करना चाहिए। श्री साय ने कहा कि जो लोग कर (जीएसटी) की चोरी करते हैं, उनके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए तथा उनसे कर की वसूली सुनिश्चित की जाए। बैठक के दौरान अधिकारियों ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में राज्य को जीएसटी एवं वैट से कुल 23,448 करोड़ रुपये का कर राजस्व प्राप्त हुआ, जो राज्य के कुल कर राजस्व का 38% है। छत्तीसगढ़ ने 18% की जीएसटी वृद्धि दर हासिल की है, जो देश में सर्वाधिक है।

बैठक में वित्त एवं वाणिज्यिक कर (जीएसटी) मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने विभागीय जानकारी साझा की। मुख्यमंत्री साय ने जीएसटी संग्रहण हेतु विभाग द्वारा किए गए प्रयासों की सराहना की और कहा कि आगे भी नियमों के अनुरूप संग्रहण बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयास किए जाएं। उन्होंने विभागीय अधिकारियों के साथ कर अपवंचन के मामलों एवं उनसे निपटने के उपायों पर भी विस्तार से चर्चा की।

मुख्यमंत्री साय ने फर्जी बिल, दोहरी बहीखाता प्रणाली और गलत टैक्स दरों का उपयोग कर अनुचित लाभ लेने वाले लोगों पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने विभाग की नवाचारी पहलों की प्रशंसा करते हुए कहा कि जीएसटी पंजीकरण की औसत समय सीमा को 13 दिन से घटाकर 2 दिन कर दिया गया है।

बैठक में अधिकारियों ने जीएसटी विभाग द्वारा हाल ही में की गई बड़ी कार्रवाइयों एवं कर चोरी की राशि की वसूली की जानकारी दी। बैठक में बताया गया कि विभाग द्वारा की गई कार्रवाइयों से शासन के कर राजस्व में निरंतर वृद्धि हो रही है।

उल्लेखनीय है कि प्रदेश के सभी 33 जिलों में जीएसटी कार्यालय स्थापित किए गए हैं, जिससे कर संग्रहण एवं जीएसटी से जुड़ी सेवाओं का कार्य पारदर्शिता और समयबद्धता के साथ संपादित किया जा रहा है।

बैठक में मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव मुकेश कुमार बंसल, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत तथा आयुक्त वाणिज्यिक कर पुष्पेंद्र मीणा सहित वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।

अब छत्तीसगढ़ के सरकारी कर्मचारी शेयर बाजार में नहीं कर पाएंगे ट्रेड सरकार ने जारी किया नया फरमान

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छत्तीसगढ़ साय सरकार ने अपने सरकारी कर्मचारी और अधिकारियों के लिए एक बड़ा फैसला लिया है, जो राज्य के अधिकारियों और कर्मचारियों को दुखी कर सकता है.

दरअसल, छत्तीसगढ़ सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग ने 30 जून को गजट नोटिफिकेशन जारी कर सभी सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए शेयर ट्रेडिंग को गलत व्यवहार की श्रेणी में डाल दिया है. अगर कोई सरकारी अधिकारी व कर्मचारी राजपत्र में प्रकाशित नियमों का पालन नहीं करेंगे, तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.

ट्रेडिंग बना कदाचार
छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम 1965 की धारा 19 में सरकार ने संशोधन करते हुए उप-नियम (5) के खंड (1) में इंट्राडे ट्रेडिंग, क्रिप्टोकरेंसी, फ्यूचर एंड ऑप्शन (F&O), और BTST (Buy Today, Sell Tomorrow) में निवेश को कदाचार की श्रेणी में डाल दिया गया है.

इसके तहत सरकारी कर्मचारी शेयर मार्केट में इंट्राडे ट्रेडिंग, बीटीएसटी, फ्यूचर एंड ऑप्शन और क्रिप्टो करंसी में ट्रेडिंग और निवेश नहीं कर पाएंगे. यानी स्टॉक एक्सचेंज में होने वाली सिक्योरिटी या किसी और चीज की खरीदी बिक्री अब नहीं कर पाएंगे.

जमीन के नीचे आग, ऊपर इंग्लिश मीडियम स्कूल… बच्चों की जान से हो रहा खिलवाड़

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साउथ ईस्‍टर्न कोलफील्‍ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) चिरमिरी एरिया के गोदरीपारा क्षेत्र को वर्ष 2018 में एसईसीएल द्वारा ‘डेंजर जोन’ घोषित किया गया था. कंपनी ने स्पष्ट चेतावनी दी थी कि इस क्षेत्र में भूमिगत कोयला खदानों के कारण जमीन धंसने और खिसकने का गंभीर खतरा है. बावजूद इसके, इसी संवेदनशील इलाके में स्वामी आत्मानंद गवर्नमेंट इंग्लिश मीडियम स्कूल संचालित किया जा रहा है, जिससे छोटे-छोटे बच्चों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं.

एसईसीएल द्वारा जारी दस्तावेजों के अनुसार, गोदरीपारा क्षेत्र में भूमिगत आग की आशंका के साथ-साथ जमीन कभी भी धंस सकती है. वर्ष 2018 में इस संबंध में जिला प्रशासन को औपचारिक पत्र के जरिए सूचित भी किया गया था, लेकिन प्रशासन की ओर से इस चेतावनी को गंभीरता से नहीं लिया गया.

जब इस विषय पर जिला शिक्षा अधिकारी से प्रतिक्रिया जानने की कोशिश की गई तो अधिकारी ने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया. इससे मामले में प्रशासनिक लापरवाही की आशंका और गहरी हो गई है.

भरतपुर-सोनहत के पूर्व विधायक गुलाब कमरों ने बताया कि मैंने अपने कार्यकाल में इस गंभीर मामले को कई बार उठाया था. यह क्षेत्र माइंस एरिया है, जिसे खुद एसईसीएल ने 2018-19 में डेंजर जोन घोषित किया है.

वहां जमीन के नीचे आग लगी हुई है, किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है. इसके बावजूद न सिर्फ स्कूल चलाया जा रहा है, बल्कि उसी क्षेत्र में जिला अस्पताल का निर्माण भी किया जा रहा है. यह पूरी तरह से बच्चों की जान के साथ खिलवाड़ है. सरकार को इस पर तुरंत संज्ञान लेना चाहिए.

कांग्रेस ने भी लगाया लापरवाही का आरोप
वहीं, जिला कांग्रेस प्रवक्ता सौरव मिश्रा ने आरोप लगाया कि एसईसीएल ने स्पष्ट रूप से नोटिस जारी किया था कि यह क्षेत्र बच्चों के लिए असुरक्षित है. फिर भी स्वामी आत्मानंद स्कूल का संचालन किया जा रहा है, जो शिक्षा विभाग और एसईसीएल की संयुक्त लापरवाही को दर्शाता है. यदि कल को किसी बच्चे के साथ कोई अप्रिय घटना घटती है तो इसका जिम्मेदार कौन होगा? जिला शिक्षा अधिकारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज होनी चाहिए.

केंद्रीय मंत्री अठावले ने दिया बड़ा बयान, बोले- निजी क्षेत्र में भी लागू किया जाए जाति आधारित आरक्षण

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केंद्र सरकार इस बार जाति आधारित जनगणना कराने जा रही है. इससे पहले देश में निजी क्षेत्र में जाति आधारित आरक्षण लागू करने मांग जोर पकड़ने लगी है. इसी कड़ी में रायपुर दौरे पर मंगलवार को केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता राज्य मंत्री रामदास अठावले ने कहा कि निजी क्षेत्र में जाति आधारित आरक्षण लागू किया जाना चाहिए.

‘त्रि-भाषा’ नीति के कार्यान्वयन पर आदेश वापस लेने के महाराष्ट्र सरकार के फैसले की सराहना करते हुए, रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (ए) के प्रमुख अठावले ने कहा कि देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाली सरकार ने इसके खिलाफ आंदोलन शुरू होने से पहले आदेश को रद्द करके ‘छक्का’ मार दिया है.

निजी क्षेत्र में भी आरक्षण लागू किया जाना चाहिए
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए अठावले ने जाति जनगणना को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार का ऐतिहासिक फैसला बताया. वहीं, निजी क्षेत्र में आरक्षण लागू किए जाने को लेकर पूछे गए एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि यह हमारी मांग रही है. मैंने, रामविलास पासवान और उदित राज (जब वह भाजपा में थे) एक साथ मांग की थी कि निजी क्षेत्र में आरक्षण दिया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि अब सरकारी उद्योगों का निजीकरण किया जा रहा है. छत्तीसगढ़ में बाल्को कंपनी का भी निजीकरण किया गया. निजी क्षेत्र में कोई आरक्षण नहीं है, जबकि हम अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, ओबीसी और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों (सरकारी क्षेत्र में) को आरक्षण देते रहे हैं. केंद्रीय मंत्री ने कहा, हालांकि मैं सरकार में हूं, लेकिन मेरी पार्टी की मांग है कि निजी क्षेत्र में भी आरक्षण लागू किया जाना चाहिए.”

जाति जनगणना मोदी जी का ऐतिहासिक फैसला
जाति जनगणना के फैसले के बारे में पूछे जाने पर अठावले ने कहा कि जाति जनगणना मोदी जी का ऐतिहासिक फैसला है. कांग्रेस के कार्यकाल में ऐसा नहीं हुआ. मैंने कई बार मांग की थी कि ओबीसी की जनगणना होनी चाहिए. यह मांग काफी उठाई गई है. जब मैं लोकसभा में कांग्रेस पार्टी के साथ था, तब भी मैंने मांग की थी कि हर जाति की जनगणना होनी चाहिए जिससे हर जाति की जनसंख्या का प्रतिशत पता चल सके. उनमें से कितने लोग रोजगार करते हैं, कितनों के पास उद्योग हैं, उनके पास कितनी कृषि भूमि है, यह सब जनगणना से पता चलेगा. जाति जनगणना से सरकार को उन्हें सुविधाएं देने में मदद मिलेगी.

CBI ने छत्तीसगढ़ में तीन डॉक्टरों सहित छह लोगों को किया गिरफ्तार रिश्वत के बदले देते थे मनचाही रिपोर्ट

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सीबीआई कर्नाटक, राजस्थान, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश, दिल्ली और मध्य प्रदेश में 40 से अधिक स्थानों पर तलाशी ले रही है. मामले में आगे की जांच जारी है.
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने रिश्वत के बदले अनुकूल निरीक्षण रिपोर्ट प्रस्तुत करने में मदद करने के आरोप में तीन डॉक्टरों और तीन अन्य को गिरफ्तार किया है. छत्तीसगढ़ के रायपुर के रावतपुरा सरकार इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च के पदाधिकारियों, निरीक्षण करने वाले डॉक्टरों और अन्य बिचौलियों के खिलाफ मेडिकल कॉलेज की मान्यता के लिए आयोजित वैधानिक निरीक्षण प्रक्रिया में हेरफेर करने के लिए रिश्वत लेने का मामला दर्ज किया गया था.

क्या है मामला?
प्राप्त जानकारी के अनुसार कथित तौर पर नामित मूल्यांकनकर्ताओं ने रिश्वत के बदले में विभिन्न मेडिकल कॉलेजों को अनुकूल रिपोर्ट दी गई. केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने तीन डॉक्टरों सहित कुल छह लोगों को चिकित्सा महाविद्यालय के पक्ष में अनुकूल निरीक्षण रिपोर्ट प्रस्तुत करने के बदले रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया है. रिश्वत की राशी 55 लाख रुपये है, और वह बेंगलुरु में दी गई.

रावतपुरा सरकार संस्थान के अधिकारियों द्वारा निरीक्षण के लिए नियुक्त मूल्यांकनकर्ताओं को रिश्वत के बदले अनुकूल रिपोर्ट देने की सूचना पर कार्रवाई करते हुए सीबीआई ने जाल बिछाया और रिश्वत की रकम का लेन-देन करते समय छह व्यक्तियों को गिरफ्तार कर लिया.
गिरफ्तार आरोपियों को संबंधित स्थानों पर न्यायालयों के समक्ष पेश किया जाएगा. कथित तौर पर आरोपियों ने निरीक्षण करने वाले डॉक्टरों को अवैध रूप से प्रभावित करके प्रक्रिया में हेरफेर करने के लिए अलग-अलग तौर-तरीकों का इस्तेमाल किया. सीबीआई कर्नाटक, राजस्थान, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश, दिल्ली और मध्य प्रदेश में 40 से अधिक स्थानों पर तलाशी ले रही है. मामले में आगे की जांच जारी है. गिरफ्तार किए गए सभी आरोपियों को संबंधित न्यायालयों में प्रस्तुत किया जाएगा. आरोपियों द्वारा निरीक्षण प्रक्रिया को प्रभावित करने के लिए विभिन्न प्रकार की रणनीतियों का उपयोग किए जाने की बात भी सामने आई है.