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मुख्यमंत्री श्री साय ने वन क्लिक सिंगल विंडो सिस्टम 2.0 का किया शुभारंभ

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मुख्यमंत्री साय ने आज रायपुर में आयोजित छत्तीसगढ़ इंडस्ट्री डायलॉग-2 के शुभारम्भ अवसर पर संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ अब केवल कोर सेक्टर तक सीमित नहीं, बल्कि सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, फार्मा, डिफेंस, एयरोस्पेस और ग्रीन हाइड्रोजन जैसे अत्याधुनिक उद्योगों का राष्ट्रीय केंद्र बनने के लिए तैयार है।

मुख्यमंत्री साय ने निवेशकों का स्वागत करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक नीति रोजगार और आर्थिक समृद्धि पर केंद्रित है। हम अपने राज्य को नक्सल प्रभावित अतीत से बाहर निकालकर देश का सबसे गतिशील औद्योगिक और तकनीकी हब बना रहे हैं। यह प्रदेश अब निवेश का सबसे आकर्षक गंतव्य बन चुका है।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री साय ने कहा कि एक दिन पूर्व ही आयोजित केबिनेट की बैठक में हमने छत्तीसगढ़ राज्य लॉजिस्टिक पॉलिसी-2025 के प्रारूप का अनुमोदन किया है। यह नीति छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय लॉजिस्टिक हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में मील का पत्थर सिद्ध होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की भौगोलिक स्थिति देश की कनेक्टिविटी का केंद्र बिंदु है। यह नीति लॉजिस्टिक सेक्टर और ई-कॉमर्स में राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय निवेश को आकर्षित करेगी, निर्यात अधोसंरचना को मजबूत करेगी और सस्ती भंडारण सुविधाओं का विस्तार करेगी। लॉजिस्टिक नीति से राज्य में ड्राई पोर्ट, इनलैंड कंटेनर डिपो की स्थापना को प्रोत्साहन मिलेगा, उद्योग, व्यापार और किसानों को आधुनिक, सस्ती भंडारण और वितरण सुविधा प्राप्त होगी, लॉजिस्टिक लागत में कमी के माध्यम से व्यापार और निर्यात को बढ़ावा मिलेगा।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जन विश्वास विधेयक से व्यवसाय और नागरिक जीवन में अनावश्यक जटिलताएं दूर होंगी। कुछ कानूनों के प्रावधानों का गैर-अपराधीकरण करने से व्यवसायियों को बेवजह न्यायालयीन प्रकरणों में फंसने से राहत मिलेगी और न्यायिक खर्च में कमी आएगी। उन्होंने कहा कि इस विधेयक के माध्यम से व्यापार व जीवनयापन में सहजता सुनिश्चित की जाएगी। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में सुधार होगा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि छत्तीसगढ़ सरकार का प्रयास है कि निवेशकों, उद्योगपतियों और नागरिकों के लिए ऐसा परिवेश बने जिसमें न्यूनतम बाधाएं हों और विकास के हर क्षेत्र में अधिकतम संभावनाएं खुलें।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पिछले डेढ़ वर्षों में 350 से अधिक संरचनात्मक सुधार लागू किए गए हैं, जिनसे ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और स्पीड ऑफ डूइंग बिजनेस में अभूतपूर्व सुधार हुआ। प्रदेश में निवेश का वातावरण इतना सशक्त हुआ कि सिर्फ छह महीनों में साढ़े पांच लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए, जो छत्तीसगढ़ के औद्योगिक इतिहास में रिकॉर्ड है। उन्होंने कहा कि दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु में आयोजित इंवेस्टर्स समिट से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय निवेशकों ने भारी उत्साह दिखाया। दिल्ली समिट में 15,184 करोड़ रूपए, मुंबई में 6,000 करोड़ रूपए और बेंगलुरु में ऊर्जा क्षेत्र में वृहद निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए। छत्तीसगढ़ ने वित्तीय वर्ष 2025 में 1,63,749 करोड़ रूपए का निवेश आकर्षित किया, जो भारत के कुल निवेश का 3.71 प्रतिशत है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि पॉलीमैटेक कंपनी को सेमीकंडक्टर निवेश के लिए मात्र तीन महीनों में ज़मीन आवंटित कर एनओसी जारी की गई और अब कंपनी ने 1,143 करोड़ रूपए के प्रोजेक्ट पर कार्य आरंभ कर दिया है, जहां प्रतिवर्ष 10 अरब चिप उत्पादन का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य नवा रायपुर को सिलिकॉन वैली ऑफ छत्तीसगढ़’ के रूप में स्थापित करना है। निवेशकों की सुविधा के लिए सिंगल विंडो सिस्टम 2.0 विकसित किया गया है। यह प्रणाली ऑनलाइन आवेदन, विभागीय अनुमोदन और सब्सिडी वितरण को एकीकृत करती है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारी व्यवस्था इतनी पारदर्शी और तेज़ है कि उद्योग स्थापना की सभी स्वीकृतियां एक क्लिक में प्राप्त हो सकेंगी।

कनेक्टिविटी और अधोसंरचना में क्रांतिकारी पहल

मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि रावघाट से जगदलपुर तक 3,500 करोड़ रूपए की रेललाइन की मंजूरी मिल चुकी है। कोठागुडेम से किरंदुल तक रेललाइन पर सर्वे शुरू हो गया है और खरसिया-परमालकसा रेललाइन औद्योगिक केंद्रों को जोड़ेगी। जलमार्ग संबलपुर से नवा रायपुर तक आरंभ होगा। एयर कार्गाे सेवाएं भी सक्रिय हो चुकी हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में एआई डाटा सेंटर पार्क देश का पहला पार्क है। फार्मा सेक्टर में फार्मा हब और मेडिसिटी का निर्माण हो रहा है। टेक्सटाइल और फार्मा में विशेष अनुदान उपलब्ध हैं।

बस्तर और सरगुजा : विकास की नई गाथा

मुख्यमंत्री ने कहा कि कभी नक्सलवाद से प्रभावित बस्तर अब ‘विकसित बस्तर’ के सपने को साकार कर रहा है। 90,000 युवाओं को कौशल विकास और 40,000 से अधिक युवाओं को रोजगार मिला है। वहां विशेष निवेश प्रोत्साहन भी दिए जा रहे हैं। बस्तर में अंतरराष्ट्रीय मान्यता के लिए बस्तर दशहरा का पंजीकरण कराया जा रहा है। तीरथगढ़ ग्लास ब्रिज और बस्तर टूरिज्म सर्किट विकसित किए जा रहे हैं। आदिवासी उद्यमियों के लिए रॉयल्टी रिइंबर्समेंट और सब्सिडी का प्रावधान किया गया है।

युवाओं को अवसर, निवेशकों को विश्वास

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि नई औद्योगिक नीति में अगले पांच वर्षों में 5 लाख से अधिक रोजगार सृजित करने का रोडमैप है। उन्होंने कहा कि टेक्सटाइल, फार्मा, एआई, डिफेंस, ऊर्जा और मेडिकल टूरिज्म – इन सभी क्षेत्रों में छत्तीसगढ़ अगले दशक की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बनेगा।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि मैं सभी उद्यमियों से आग्रह करता हूं कि छत्तीसगढ़ में निवेश करें। यहां हर सुविधा और भरोसे के साथ विकास में सहभागी बनें। हम मिलकर विकसित भारत के निर्माण में छत्तीसगढ़ की अग्रणी भूमिका सुनिश्चित करेंगे।

मुख्यमंत्री श्री साय ने वन क्लिक सिंगल विंडो सिस्टम 2.0 का शुभारंभ किया। इससे अनुमतियों में लगने वाला समय घटकर रिकॉर्ड समय में आएगा। यह इज ऑफ डूइंग बिजनेस में छत्तीसगढ़ को देश के अग्रणी राज्यों में स्थापित करेगा।

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने अपने संबोधन में कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार उद्योगों के लिए सरल, पारदर्शी और तेज प्रक्रियाओं को प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा कि वन क्लिक सिंगल विंडो सिस्टम 2.0 के माध्यम से निवेशकों को आवश्यक स्वीकृतियाँ अब न्यूनतम समय में प्राप्त होंगी, जिससे प्रदेश में निवेश का माहौल और मजबूत होगा। उन्होंने भरोसा जताया कि नई औद्योगिक नीतियों और सहज अनुमतियों की व्यवस्था से छत्तीसगढ़ देश के प्रमुख औद्योगिक राज्यों में अपनी अलग पहचान बनाएगा। उद्योग मंत्री श्री देवांगन ने उपस्थित उद्यमियों से अपील की कि वे छत्तीसगढ़ में निवेश कर रोजगार सृजन और आर्थिक विकास में सक्रिय भागीदारी निभाएं। नवीन औद्योगिक क्षेत्रों और पार्कों में भू खंड ऑनलाइन आबंटन हेतु उपलब्ध कराए गए हैं।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने 11 प्रमुख कंपनियों से प्राप्त 1 लाख 23 हजार 73 करोड़ के निवेश प्रस्ताव के लिए उन्हें इनविटेशन टू इन्वेस्ट पत्र सौंपा, जिससे 20 हजार 627 लोगों को रोजगार मिल सकेगा। जिन निवेशकों को इनविटेशन टू इन्वेस्ट पत्र सौंपा गया उनमें मेसर्स सारडा हाइड्रोपावर रायपुर, मेसर्स आर्टिफिशियल इलेक्ट्रॉनिक्स इंटेलिजेंस मटेरियल्स लिमिटेड चेंगापट्टू तमिलनाडू, मेसर्स केजेएसएल कोल एंड पावर प्राइवेट लिमिटेड कोरबा, मेसर्स जुपिटर इंटरनेशनल लिमिटेड कोलकाता, मेसर्स ईएसडीएस सॉफ्टवेयर सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड नासिक महाराष्ट्र, मेसर्स करमवीर इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड मेरठ उत्तरप्रदेश, मेसर्स एसजी ग्रीन बिल्डिंग्स प्राइवेट लिमिटेड नई दिल्ली, मेसर्स जिंदल स्टील छत्तीसगढ़ लिमिटेड रायगढ़, मेसर्स जिंदल पावर लिमिटेड (थर्मल पावर), मेसर्स जिंदल पावर लिमिटेड (सोलर पावर) और मेसर्स वीटेक प्लास्टिक प्राईवेट लिमिटेड शामिल हैं।

कार्यक्रम में मुख्य सचिव अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत, वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के सचिव रजत कुमार, सीएसआईडीसी के चेयरमैन राजीव अग्रवाल, सीएसआईडीसी के प्रबंध निदेशक विश्वेश कुमार, सीजी स्पंज आयरन मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. मनीष कुमार मंडल तथा लघु उद्योग भारती के अध्यक्ष श्री ओम प्रकाश सिंघानिया सहित अनेक उद्योग प्रतिनिधि एवं वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री साय से केंद्रीय राज्यमंत्री श्री रामदास अठावले ने की सौजन्य मुलाकात

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मुख्यमंत्री साय से आज मंत्रालय महानदी भवन में केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री श्री रामदास अठावले ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री साय ने शॉल, श्रीफल एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर उनका आत्मीय स्वागत किया।

मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर राज्य शासन द्वारा सामाजिक एवं शैक्षणिक रूप से पिछड़े वर्गों, संचालित योजनाओं के संबंध में विस्तृत चर्चा की। उन्होंने केंद्र प्रवर्तित योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के प्रति राज्य सरकार के प्रयासों की जानकारी दी।

केंद्रीय राज्यमंत्री अठावले ने छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा चलाए जा रहे सामाजिक कल्याण कार्यक्रमों की सराहना करते हुए कहा कि राज्य सरकार केंद्र की योजनाओं को जमीनी स्तर तक पहुंचाने में सक्रिय भूमिका निभा रही है। उन्होंने कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार समन्वय के साथ समाज के कमजोर वर्गों के उत्थान के लिए समर्पित भाव से कार्य करती रहेंगी। इस अवसर पर वन मंत्री श्री केदार कश्यप भी उपस्थित थे।

रेत प्रकरण मे एक और गिरफ्तारी….. सन्जय सिंह की तलाश जारी

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प्रार्थी ने रिपोर्ट दर्ज कराया दिनांक 11/06/2025 को रात्रि 07ः00 से 07ः30 बजे के बीच ग्राम मोहड नदी में अवैध तरीके से रेत निकालने के लिए रैम्प निर्माण के लिए जेसीबी चालक पहुॅचा था। जिसे रोकने के लिए कुछ ग्रामीण घटना स्थल पर पहुचे जहां कार में सवार 7-8 लोग उतर कर ग्रामीणो से मारपीट करते हुए फायरिंग किये है कि रिपोर्ट पर थाना बसंतपुर मे अपराध क्रमांक 257/2025 धारा 109(2), 191(2), 191(3), 190, 296, 115(2), 351(2) बीएनएस 25, 27 आर्मस एक्ट एवं मायनिंग एक्ट की धारा 21 कायम कर विवेचना मे लिया गया है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक राजनांदगांव श्री मोहित गर्ग के निर्देशन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राहुल देव शर्मा के मार्गदर्शन में तथा नगर पुलिस अधीक्षक पुष्पेन्द्र नायक के पर्यवेक्षण में थाना प्रभारी बसंतपुर निरीक्षक श्री एमन साहू, सायबर सेल प्रभारी निरीक्षक श्री विनय पम्मार, थाना प्रभारी घुमका श्री बसंत बघेल, सायबर सेल उप निरीक्षक कैलाश मरई एवं ओ.पी. चिखली प्रभारी श्री उमेश बघेल की संयुक्त 05 टीम गठित कर आरोपी पतासाजी एवं उनकी शीघ्र गिरफ्तारी हेतु अलग-अलग जगह इनके विभिन्न ठिकाने उत्तर प्रदेश झॉसी, नागपुर, भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, भिण्ड, मुरैना आदि जगहों में दबिश दे रही थी। विवेचना के दौरान पूर्व में आरोपी जेसीबी चालक भगवति निषाद पिता परदेशी निषाद उम्र 49 साकिन ग्राम झोला थाना अंडा जिला दुर्ग, संजय रजक पिता शंकर लाल रजक उम्र 48 वर्ष साकिन मोहड़ जिला राजनांदगांव , अभिनव तिवारी पिता श्री केशर तिवारी उम्र 42 साल निवासी ग्राम सोमनी थाना सोमनी जिला राजनांदगांव ,अतुल सिंह तोमर पिता अमोल सिंह तोमर उम्र 24 साल निवासी गायत्री विहार कॉलोनी, पिन्टो पार्क मुरार ग्वालियर, जिला ग्वालियर (म0प्र0), जितेन्द्र नारौलिया पिता जवाहर शर्मा उम्र 30 साल निवासी सिंगपुर रोड, देसाई नगर मुरार ग्वालियर जिला ग्वालियर म0प्र0, अमन सिंह परिहार पिता सुनील सिंह परिहार उम्र 27 साल निवासी विजय नगर कॉलोनी, आमखो लक्सर, ग्वालियर जिला ग्वालियर म0प्र0 , अभय सिंह तोमर पिता अमोल सिंह तोमर उम्र 20 साल निवासी ग्राम घनैता थाना इंडोरी तहसील गोहद जिला भिण्ड म0प्र0 हाल पता गायत्री विहार कॉलोनी, पिन्टो पार्क मुरार ग्वालियर, जिला ग्वालियर (म0प्र0) को भोपाल को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमाण्ड पर जिला जेल राजनांदगांव भेजा गया है।
प्रकरण के विवेचना के दौरान प्रकरण के अन्य फरार आरोपी की पतासाजी गठित टीम द्वारा की जा रही थी कि घटना में संलिप्त आरोपी कृष्णा उर्फ गोलू गुर्जर उर्फ गोलू दनगस पिता हरेन्द्र गुर्जर उम्र 24 साल निवासी डी0डी0नगर शताब्दीपुरम थाना महराजपुर जिला ग्वालियर म0प्र0 को ग्वालियर से हिरासत में लेकर राजनांदगांव लाया गया। आरोपी से सख्ती से पूछताछ करने पर जुर्म कारित करना स्वीकार किया एवं *आरोपी के कब्जे से घटना में प्रयुक्त एक नग देशी कट्टा एवं 01 नग जिंदा कारतूत तथा महिन्द्रा एक्स0 यू0 व्ही0 300- क्रमांक एम0पी0 33/सी/9084 जप्त *कर आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया।
प्रकरण के आरोपी कृष्णा उर्फ गोलू गुर्जर उर्फ गोलू दनगस पिता हरेन्द्र गुर्जर उम्र 24 साल निवासी डी0डी0नगर शताब्दीपुरम थाना महराजपुर जिला ग्वालियर म0प्र0 आदतन बदमाश प्रवृत्ति का है, जिसके विरूद्व मध्यप्रदेश में पूर्व से निम्न अपराध पंजीबद्व है।
01. अपराध क्रमांक 28/20 धारा 294,323,506,34 भादवि.,
02. अपराध क्रमांक 553/20 धारा 294,323,506,34 भादवि0,
03. अपराध क्रमांक 228/21 धारा 294,354,506,34 भादवि0
04. अपराध क्रमांक 738/21 धारा 147,148,149,201,294,323,327,427,440,458,506,34 भादवि0,
05. अपराध क्रमांक 204/22 धारा 25, 27 आर्म्स एक्ट
मामले से संबंधित संजय सिंह बघेल व अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी हेतु अलग-अलग टीम गठित कर सरगर्मी से पता तलाश किया जा रहा है।

गाड़ी चलाना और खाना पकाना हो सकता है महंगा, नेचुरल गैस की कीमतें बढ़ी

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आम आदमी की जेब पर एक और बोझ बढ़ सकता है. दरअसल, गाड़ियों के लिए सीएनजी (CNG) और खाना पकाने के लिए पीएनजी (PNG) बनाने में इस्तेमाल होने वाली नेचुरल गैस की कीमत जुलाई के लिए 5 फीसदी बढ़ाई गई है. ईरान-इजरायल तनाव के कारण तेल की कीमतों में उछाल के बाद ऐसा किया गया.
पेट्रोलियम मंत्रालय के पेट्रोलियम प्लानिंग एंड एनालिसिस सेल (PPAC) की नोटिफिकेशन के अनुसार, मंथली रिवीजन के तहत पब्लिक सेक्टर की कंपनियों की ओर से ऑपरेट लिगेसी फील्ड से नेचुरल गैस की कीमत 6.41 अमेरिकी डॉलर से बढ़ाकर 6.75 अमेरिकी डॉलर प्रति यूनिट (mmBtu) कर दी गई है.
CNG-PNG के बढ़ सकते हैं दाम
लिगेसी फील्ड से गैस की मैक्सिमम कीमत 6.75 डॉलर प्रति एमएमबीटीयू है, जिसे एपीएम गैस के रूप में जाना जाता है. इसका इस्तेमाल सीएनजी और पाइपलाइन से आने वाली रसोई गैस में किया जाता है. गैस की लागत बढ़ने से शहरी क्षेत्रों में गैस रिटेलर्स का मार्जिन कम होगा और वे सीएनजी की कीमतों को बढ़ाने का विकल्प चुन सकते हैं.

सरकारी कर्मियों के लिए पेंशन फंड को मंजूरी, किसानों के लिए CM साय ने लिया ये फैसला

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छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में सोमवार को मंत्रालय महानदी भवन कैबिनेट बैठक आयोजित की गई, जहां राज्य सरकार ने कई महत्वपूर्ण फैसले लिए. राज्य सरकार ने सरकारी कर्मियों के लिए छत्तीसगढ़ पेंशन फंड के गठन की मंजूरी दे दी है. इसके अलावा “कृषक उन्नति योजना” का दायरा बढ़ा दिया है, जिससे किसानों को अच्छा फायदा मिलेगा. यहां जानिए कैबिनेट मीटिग में राज्य सरकार ने कौन से महत्वपूर्ण फैसले लिए…

कृषक उन्नति योजना के प्रचलित निर्देशों को संशोधित किया है और इसका दायरा भी बढ़ा दिया है. इस योजना के तहत धान की फसल की जगह दलहन, तिलहन, मक्का आदि की फसल लगाने वाले किसानों को भी सहायता राशि दी जाएगी.
छत्तीसगढ सरकार के अधिकारी-कर्मचारियों के हित में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है. कर्मचारियों के भविष्य में सेवानिवृत्ति (रिटायर) के समय पेंशन भुगतान संबंधी दायित्वों के बेहतर वित्तीय प्रबंधन के लिए छत्तीसगढ़ पेंशन फंड के गठन की अनुमति दी गई है.
राज्य लंबे समय तक आर्थिक विकास के साथ मंदीर और राजस्व संकट से निपटने के लिए छत्तीसगढ़ ग्रोथ एंड स्टेबिलिटी फंड के गठन को मंजूरी दी गई. इसके साथ ही इसके प्रबंधन एवं विनियमन संबंधी विधेयक-2025 के प्रारूप को मंजूरी दी गई.

राज्य में लॉजिस्टिक सेक्टर EDC के समग्र विकास के लिए छत्तीसगढ राज्य लॉजिस्टिक पॉलिसी-2025 के ड्राफ्ट को मंजूरी दी गई. इस पॉलिसी से छत्तीसगढ़ राज्य लॉजिस्टिक हब के रूप में विकसित होगा और निर्यात को मजबूती मिलेगी. इस पॉलिसी से राज्य में निवेश बढ़ेगा. साथ ही सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों और स्थानीय उत्पादकों का निर्यात हो सकेगा

राज्य के कुछ कानूनों के प्रावधानों का गैर-अपराधीकरण करने के लिए छत्तीसगढ़ जन विश्वास (प्रावधानों का संशोधन) विधेयक-2025 के ड्राफ्ट को मंजूरी दी गई. जन विश्वास विधेयक से व्यवसाय व जीवनयापन में सहजता बढ़ेगी. अनावश्यक न्यायालयीन प्रकरणों और उनमें होने वाले व्यय में कमी आएगी.

सरकारी की पुरानी संपत्तियों और भवनों का पुनर्विकास किया जाएगा. इनमें 7 योजनाओं को मंजूरी दे दी है. इनमें शांति नगर रायपुर, बीटीआई शंकर नगर रायपुर, कैलाश नगर राजनांदगांव, चांदनी चौक फेस-2 जगदलपुर, सिविल लाइन कांकेर, क्लब पारा महासमुंद, कटघोरा कोरबा शामिल हैं.
वाणिज्यिक कर (पंजीयन) विभाग के अंतर्गत उच्च श्रेणी पंजीयन लिपिक/रिकॉर्ड कीपर से तृतीय श्रेणी कार्यपालिक, उप पंजीयक के पद पर पदोन्नति के लिए निर्धारित न्यूनतम अर्हकारी सेवा 5 वर्ष के स्थान पर एक बार के लिए 2 वर्ष निर्धारित करने का निर्णय लिया गया.

पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा के खिलाफ कोर्ट में चालान पेश

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छत्तीसगढ़ के पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा के खिलाफ कोर्ट में चालान पेश किया गया है, जिसमें उनकी अहम भूमिका का उल्लेख है. यह मामला 2000 करोड़ रुपये से अधिक के शराब घोटाले से जुड़ा है.

कांग्रेस नेता लखमा करीब 5 महीने से रायपुर की सेंट्रल जेल में बंद हैं और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट में पेश हुए. चलन 1200 पन्नो समेत 66 पन्नो की समरी का है. इसे ACB/EOW की विशेष अदालत में पेश किया गया.

गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ में हुए 2161 करोड़ रुपये के शराब घोटाले की ईडी जांच कर रही है. छत्तीसगढ़ शराब घोटाला साल 2019 से 2022 के बीच हुआ था. इस समय कांग्रेस की भूपेश बघेल की सरकार सत्ता में थी. उस समय कवासी लखमा राज्य के आबकारी मंत्री थे.

आरोपों के मुताबिक, कवासी लखमा को 36 महीनों में अवैध सिंडिकेट के माध्यम से 72 करोड़ रुपये मिले थे. यह मामला छत्तीसगढ़ में शराब कारोबार से जुड़ा हुआ है और ईडी इसकी जांच कर रही है.

लखमा को इसी वर्ष 15 जनवरी को पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया था. इससे पहले 28 दिसंबर 2024 को ईडी ने लखमा और उनके करीबियों के घरों पर छापेमारी की थी. 3 जनवरी और 9 जनवरी को भी कांग्रेस नेता लखमा से पूछताछ की गई थी. इसके बाद 15 जनवरी को पूछताछ के दौरान उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया था. लखमा तभी से जेल में है.

शिक्षा विभाग की गाइडलाइन से पैरेंट्स परेशान और स्कूल हैरान, आदेश सस्ती लोकप्रियता की कोशिश तो नहीं ?

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छत्तीसगढ़ में पढ़ाई अप्रैल से शुरू होती है, लेकिन शिक्षा विभाग का आदेश जून के आखिरी हफ्ते में ऐसे आता है, जैसे बच्चों के सिलेबस से ज़्यादा विभाग को सरप्राइज टेस्ट पसंद हो. दरअसल, रायपुर के जिला शिक्षा अधिकारी ने 25 जून को ऐसा फरमान जारी किया, जिससे किताबें पहले खरीद चुके मां-बाप और स्कूल दोनों उलझन में पड़ गए हैं. अभिभावक पूछ रहे हैं कि ये आदेश पढ़ाई के लिए है, या परेशानी बढ़ाने के लिए?

राज्य में शिक्षा विभाग ने अप्रैल नहीं, बल्कि 25 जून को अचानक आदेश निकाल दिया, जैसे गर्मी की छुट्टियों के बाद आदेश भी छुट्टी से लौटा हो. ऐसे में अभिभावकों को अब समझ में नहीं आ रहा है कि उन्होंने अपने बच्चों की किताबें पढ़ाई के लिए खरीदी थीं, या फिर टाइमपास के लिए? रायपुर के ढालेन्द्र साहू की तीन बेटियां हैं. वे आठवीं, तीसरी और नर्सरी में पढ़ती हैं. ढालेन्द्र ने अप्रैल में ही दस हज़ार की किताबें खरीद डालीं, क्योंकि स्कूलों ने कहा था. अब शिक्षा विभाग ने आदेश जारी कर दिया है कि अब प्राइवेट पब्लिकेशन की किताबें नहीं पढ़ाई जाएंगी. अब किताबें सिर्फ सरकार ही बांटेगी.

स्कूल संचालकों ने आदेश का शुरू किया विरोध
ऐसे में सबसे बड़ी बात ये है कि किताबें ही नहीं आईं, पर गाइडलाइन पहले आ गई. जैसे शादी का कार्ड पहले छप गया और बारात ही गायब है. इस आदेश से पैसे की बर्बादी के साथ ही अभिभावक और स्कूल संचालक मानसिक परेशानी से भी दो चार हो रहे हैं. लिहाजा, 25 जून को शिक्षा विभाग ने आठ बिंदुओं वाला जो आदेश जारी किया था. निजी स्कूल संचालक अब इसका विरोध कर रहे हैं.

मांगने के बावजूद नहीं मिली किताबें
निजी स्कूल एसोसिएशन की अध्यक्ष राजीव गुप्ता बताते हैं कि 16 जून से प्रदेश के स्कूल खुल गए हैं. आज 15 दिन होने वाले हैं. शासन से किताबें अभी तक नहीं मिली हैं. समय लगातार बीतता जा रहा था, तो हमने अपने स्कूलों से कहा कि अपने प्राइवेट पब्लिशर्स की किताबें लगा लें, जब यह किताबें आएगी तब देखा जाएगा. बीच में हमने मांग भी की थी, लेकिन किताब नहीं मिली. पाठ्यपुस्तक निगम ने किताब बांटने का जो शेड्यूल जारी किया है. उसके मुताबिक एक जुलाई से किताबें बांटी जाएंगी. लेकिन, रायपुर अकेले जिले में आठ सौ से ज़्यादा स्कूल हैं और दो लाख बच्चे हैं. ऐसे में किताबें 20 जुलाई तक भी नहीं बंट पाएंगी?edc

युक्तियुक्तकरण से शिक्षा व्यवस्था में आया बड़ा सुधार, 39 विद्यालयों को मिले विषय विशेषज्ञ शिक्षक

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छत्तीसगढ़ शासन द्वारा प्रदेशभर में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और विद्यालयों में शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से चलाए गए युक्तियुक्तकरण अभियान के सकारात्मक परिणाम अब स्पष्ट रूप से सामने आने लगे हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में क्रियान्वित इस नीति ने कबीरधाम जिले की शैक्षणिक व्यवस्था को नई दिशा दी है।
दूरस्थ ग्रामीण अंचलों में लंबे समय से विषय-विशेषज्ञ शिक्षकों की कमी के कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई बाधित हो रही थी। अब यह समस्या युक्तियुक्तकरण के माध्यम से दूर हो गई है। कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा के मार्गदर्शन में जिले के 39 शासकीय विद्यालयों में 43 विषय-विशेषज्ञ शिक्षकों की नियुक्ति की गई है, जिससे छात्रों को उनकी कक्षा और विषय के अनुसार गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल रही है। इस योजना के तहत गणित, विज्ञान, रसायन, भौतिकी, वाणिज्य, हिंदी, अंग्रेज़ी, संस्कृत, अर्थशास्त्र और जीवविज्ञान जैसे विषयों के लिए योग्य शिक्षकों की तैनाती की गई है। यह पहल न केवल शिक्षण व्यवस्था को संतुलित कर रही है, बल्कि ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थियों को शिक्षा के समान अवसर भी प्रदान कर रही है।
अब तक जिन विद्यालयों में एकल शिक्षक व्यवस्था के कारण विषय-विशेष की पढ़ाई बाधित थी, वहाँ अब विषय के लिए विशेषज्ञ शिक्षक उपलब्ध हैं। इससे न केवल छात्रों की शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार आया है, बल्कि उनके आत्मविश्वास में भी वृद्धि हुई है। जिले में हिंदी, अंग्रेजी, भौतिकी, गणित, विज्ञान, रसायन, अर्थशास्त्र और वाणिज्य विषय विशेषज्ञ की नियुक्ति जिले के 39 स्कूलों में की गई है। इसमें शासकीय हाई स्कूल सूखाताल में हिंदी विषय के विषय विशेषज्ञ शिक्षक, रूसे में अंग्रेजी विषय, बिरकोना में भौतिकी विषय, शासकीय हाई स्कूल अचानकपुर, मोतीपुर खड़ौदाकला, मरका, कोडापुरी, लघान में संस्कृत विषय, बोदा, झलमला, उड़िया खुर्द, बाजार चारभाठा, रवेली में गणित विषय, शासकीय हाई स्कूल कुसमुंडा, दशरंगपुर सारंगपुर कला, मिनमिनिया जंगल में जीव विज्ञान विषय, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मरका कापादाह, कोडापुरी, पोलमी, कुंडा, नेउर, राजानवागांव, जुनवानी जंगल, समनापुर, सिंघनगढ़ में रसायन विषय, कुंडा, दशरंगपुर में अर्थशास्त्र, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय खैरबना कला, रेंगाखर कला, रामपुर, गेंदपुर, सिलहटी, सूरजपुर वन, नवघटा, कुकदूर खैरझीटी पुराना, पलानसारी, कन्या पंडरिया और सिंघारी में विषय विशेषज्ञ की नियुक्ति की गई है।

युक्तियुक्तकरण से न केवल विद्यालयों की शैक्षणिक व्यवस्था मजबूत हुई है, बल्कि विद्यार्थियों को अब प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं की तैयारी के लिए भी उचित मार्गदर्शन मिल रहा है। शासन की यह नीति केवल शिक्षकों के पुनर्वितरण की योजना भर नहीं है, बल्कि यह शिक्षा के क्षेत्र में संतुलन, पारदर्शिता और प्रभावशीलता लाने का एक दूरदर्शी और क्रांतिकारी प्रयास है। इससे ग्रामीण अंचलों के विद्यार्थियों को भी वह शैक्षणिक आधार मिल रहा है, जिसकी अब तक उन्हें कमी थी।

राज्यपाल डेका से विधायक श्री शर्मा ने सौजन्य भेंट की

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राज्यपाल रमेन डेका से आज राजभवन में धरसींवा क्षेत्र के विधायक श्री अनुज शर्मा ने सौजन्य भेंट की।

मुख्यमंत्री साय की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट की बैठक में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए –

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1 मंत्रिपरिषद ने किसानों के हित में एक बड़ा फैसला लिया है। कृषक उन्नति योजना के प्रचलित निर्देशों को संशोधित करते हुए इसके दायरे को और विस्तृत कर दिया है। अब इस योजना का लाभ खरीफ 2025 में धान उत्पादक किसानों के साथ-साथ पंजीकृत धान फसल के स्थान पर अब दलहन, तिलहन, मक्का आदि की फसल लगाने वाले किसानों को भी मिलेगा।

खरीफ 2024 में पंजीकृत कृषक जिन्होंने धान की फसल लगाई थी और समर्थन मूल्य पर धान बेचा था, उनके द्वारा खरीफ 2025 में धान फसल के स्थान पर दलहन, तिलहन, मक्का आदि फसल की खेती की जाती है, तो उन्हें भी अब कृषक उन्नति योजना के तहत आदान सहायता राशि प्रदान की जाएगी।

2 मंत्रिपरिषद द्वारा छत्तीसगढ सरकार के अधिकारी-कर्मचारियों के हित में एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए भविष्य में सेवानिवृत्ति के समय पेंशन भुगतान संबंधी दायित्वों के बेहतर वित्तीय प्रबंधन हेतु छत्तीसगढ़ पेंशन फंड के गठन तथा इसके प्रबंधन एवं विनियमन संबंधी विधेयक-2025 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया।

3 मंत्रिपरिषद द्वारा राज्य के दीर्घकालिक आर्थिक विकास एवं राजकोषीय स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए छत्तीसगढ़ ग्रोथ एंड स्टेबिलिटी फंड के गठन तथा इसके प्रबंधन एवं विनियमन संबंधी विधेयक-2025 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया। इससे राज्य के राजस्व में असामान्य वृद्धि/कमी का समुचित प्रबंधन एवं आर्थिक मंदी के समय वित्तीय सुरक्षा प्राप्त होगी।

4 मंत्रिपरिषद द्वारा राज्य में लॉजिस्टिक सेक्टर के समग्र विकास के लिए छत्तीसगढ राज्य लॉजिस्टिक पॉलिसी-2025 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया। इस पॉलिसी से छत्तीसगढ़ राज्य लॉजिस्टिक हब के रूप में विकसित होगा तथा निर्यात अधोसंरचना को मजबूती मिलेगी।

राज्य की भौगोलिक स्थिति का लाभ लेते हुए लॉजिस्टिक सेक्टर तथा ई-कॉमर्स की राष्ट्रीय एवं बहुराष्ट्रीय कम्पनियों को लॉजिस्टिक हब की स्थापना के लिए निवेश के लिए आकर्षित किया जाएगा। राज्य की भंडारण क्षमता में वृद्धि होगी, जिससे प्रदेश के उद्योगोें, व्यापारियों और किसानों को सस्ती भंडारण सुविधा मिलेगी। प्रदेश में लॉजिस्टिक में लगने वाले लागत कम होने से व्यापार, निवेश एवं आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।

इस नीति के माध्यम से ड्राई पोर्ट/इन्लैंण्ड कंटेनर डिपो की स्थापना को प्रोत्साहित करने से सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों तथा स्थानीय उत्पादकों को निर्यात बाजारों तक पहुंचने का अवसर मिलेगा। राज्य के प्रचुर वन संसाधन, वनोपज एवं वनौषधि उत्पाद के निर्यात हेतु इको सिस्टम तैयार होगा। यह पॉलिसी राज्य के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित करेगी साथ ही राज्य को लॉजिस्टिक्स एवं निर्यात क्षेत्र में एक अग्रणी भूमिका में स्थापित करेगी।

5 मंत्रिपरिषद द्वारा महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए राज्य के कुछ कानूनों के प्रावधानों का गैर-अपराधीकरण करने के लिए छत्तीसगढ़ जन विश्वास (प्रावधानों का संशोधन) विधेयक-2025 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया। जन विश्वास विधेयक से व्यवसाय व जीवनयापन में सहजता बढ़ेगी। अनावश्यक न्यायालयीन प्रकरणों और उनमें होने वाले व्यय में कमी आएगी।

6 मंत्रिपरिषद ने प्रदेश के विभिन्न विभागों/निगम/मण्डल/कम्पनी/बोर्ड के पूर्व निर्मित एवं जर्जर भवनों तथा इनके स्वामित्व की अनुपयोगी शासकीय भूमि के व्यवस्थित विकास और सदुपयोग के लिए रिडेव्हलपमेंट योजना अंतर्गत 7 योजनाओं को स्वीकृति प्रदान की है। इसमें शांति नगर रायपुर, बीटीआई शंकर नगर रायपुर, कैलाश नगर राजनांदगांव, चांदनी चौक फेस-2 जगदलपुर, सिविल लाइन कांकेर, क्लब पारा महासमुंद, कटघोरा कोरबा शामिल हैं।

7 मंत्रिपरिषद द्वारा वाणिज्यिक कर (पंजीयन) विभाग के अंतर्गत उच्च श्रेणी पंजीयन लिपिक/रिकार्ड कीपर से तृतीय श्रेणी कार्यपालिक, उप पंजीयक के पद पर पदोन्नति के लिए विहित 05 वर्ष की न्यूनतम अर्हकारी सेवा को केवल एक बार के लिए न्यूनतम अर्हकारी सेवा 02 वर्ष निर्धारित करने का निर्णय लिया गया।