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अवैध रूप से संचालित फैक्ट्री हुआ सीलबंद

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नियंत्रक खाद्य एवं औषधि प्रशासन छत्तीसगढ़ के निर्देशानुसार खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत खाद्य सुरक्षा अधिकारी जिला दुर्ग द्वारा ग्राम कोनारी में अवैध रूप से संचालित फैक्ट्री कोमल फूड प्रोडक्टस का औचक निरीक्षण किया गया। उक्त फैक्ट्री में फर्म के संचालक सागर जुमनानी पिता गुरूमुख जुमनानी द्वारा बिना खाद्य अनुज्ञप्ति के मशीनों द्वारा भारी मात्रा में खड़ी सुपाडी का कटींग कार्य किया जा रहा था। इस संबंध में फैक्ट्री के मालिक द्वारा भारी मात्रा में कच्ची सुपाडी, कटींग सुपाडी के प्रोसेसिंग के संबंध में मौके पर संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया।

खाद्य सुरक्षा अधिकारी जिला दुर्ग द्वारा फैक्ट्री में अवैध रूप से भण्डारित 50 किलोग्राम से भरी 1297 बोरी को जब्त कर नमूना जांच हेतु प्रयोगशाला भेजा गया। खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग द्वारा 1297 बोरी में कुल 64850 किलोग्राम सुपाडी बरामद की गयी, जिसकी अनुमानित कीमत रूपये 1,54,09,500 (एक करोड़ चौवन लाख नौ हजार पांच सौ रूपये) हैं। विभाग द्वारा बिना खाद्य अनुज्ञप्ति के अवैध रूप से संचालित पाये जाने पर फैक्ट्री को सील कर संचालक के विरूद्ध प्रकरण तैयार किया जा रहा है।

जन सामान्य को स्वच्छ एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध हो सके इसके लिए खाद्य एवं औषधि प्रशासन प्रतिबद्ध हैं। नियंत्रक खाद्य एवं औषधि प्रशासन श्री दीपक कुमार अग्रवाल के द्वारा प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए जल्द से जल्द जांच पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं। नियंत्रक खाद्य एवं औषधि प्रशासन छत्तीसगढ़ द्वारा समस्त खाद्य कारोबारकर्ताओं से अपील की गयी की आवश्यक एवं वैध दस्तावेज प्राप्त करने उपरांत ही खाद्य कारोबार का संचालन किया जाये अन्यथा खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम 2006 के अंतर्गत विधिक कार्यवाही की जायेगी।

बांग्लादेशी घुसपैठियों की पहचान हेतु उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के निर्देश पर टोल फ्री नम्बर 1800-233-1905 हेल्पलाइन जारी, चौबीसों घण्टे कार्यरत रहेगा

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छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रदेश में आंतरिक सुरक्षा को और अधिक सुदृढ़ बनाने तथा अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी घुसपैठियों की पहचान हेतु उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री श्री विजय शर्मा के निर्देश पर पुलिस विभाग द्वारा टोल फ्री हेल्पलाइन नम्बर 1800-233-1905 जारी किया गया है, जो 24 घंटे और सप्ताह के सभी दिनों में सक्रिय रहेगा। इस हेल्पलाइन के माध्यम से राज्य का कोई भी नागरिक, अपने क्षेत्र में मौजूद संदिग्ध बांग्लादेशी नागरिकों अथवा उनकी गतिविधियों के संबंध में सूचना सीधे पुलिस प्रशासन को दे सकता है। सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी, ताकि लोग बिना किसी भय के राष्ट्रहित में सहयोग कर सकें।

उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि देश की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की सुशासन की सरकार राज्य को घुसपैठियों और अवैध गतिविधियों से मुक्त रखने के लिए प्रतिबद्ध है। जब तक ऐसी ताकतों को जड़ से नहीं उखाड़ा जाएगा, तब तक हमारे नागरिकों की सुरक्षा और शांति खतरे में रहेगी। यह हेल्पलाइन आम जनता को एक सीधा, सुरक्षित और प्रभावी माध्यम प्रदान करती है जिससे वे देशहित में अपनी भागीदारी निभा सकें। राज्य में अवैध बांग्लादेशी नागरिकों की सूचना पर पूरी ताकत के साथ जांच और पहचान कर रही है।

उपमुख्यमंत्री ने पुलिस विभाग को निर्देश दिए हैं कि वे इस हेल्पलाइन पर प्राप्त हर सूचना को गंभीरता से लें, आवश्यक सतर्कता बरतें और जल्द से जल्द आवश्यक कार्रवाई करें। साथ ही इस अभियान को लेकर आम नागरिकों में जागरूकता फैलाने हेतु प्रचार-प्रसार के निर्देश भी दिए गए हैं। पुलिस विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि घुसपैठ के मामलों की पुष्टि के लिए प्राप्त सूचनाओं की सत्यता की पूर्ण जांच की जाएगी, ताकि निर्दोष लोगों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।

उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने राज्य के सभी नागरिकों से अपील की है कि यदि उन्हें अपने आस-पास किसी संदिग्ध व्यक्ति की गतिविधि अथवा पहचान पर संदेह हो तो वे तुरंत टोल फ्री नम्बर 1800-233-1905 पर संपर्क करें। यह हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है कि हम छत्तीसगढ़ को सुरक्षित, शांतिपूर्ण और सशक्त बनाए रखें।

राज्यपाल ने खैरागढ़ जिले में गोद ग्राम सोनपुरी के विकास कार्यों का लिया जायजा

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राज्यपाल रमेन डेका दो दिवसीय दौरे पर खैरागढ़-छुईखदान-गंडई पहुंचे। अपने प्रवास के दौरान उन्होंने अधिकारियों के साथ बैठक लेकर विकास कार्यों की जानकारी ली। विशेष रूप से उन्होंने अपने गोद लिए ग्राम सोनपुरी में संचालित योजनाओं की प्रगति पर विस्तार से चर्चा की।

राज्यपाल ने शिक्षा, स्वास्थ्य, प्रधानमंत्री आवास योजना, कृषि, उद्यानिकी और जल जीवन मिशन जैसे बुनियादी सेवाओं की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि सभी योजनाओं का लाभ प्रत्येक ग्रामीण तक पहुँचना चाहिए, यह सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

खेती और प्रोसेसिंग पर बल

राज्यपाल श्री डेका ने ग्राम सोनपुरी में टमाटर की खेती की संभावनाओं को देखते हुए बाड़ी में टमाटर उत्पादन करने कहा। उन्होंने कहा कि टमाटर के अधिक उत्पादन को देखते हुए उसकी प्रोसेसिंग को बढ़ावा देना जरूरी है, ताकि किसानों को बेहतर मूल्य मिले और फसल की बर्बादी न हो।

शत-प्रतिशत योजना लाभ का देने निर्देश

उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि आयुष्मान भारत योजना के तहत शत-प्रतिशत कार्ड बनाए जाएं। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि से वंचित किसानों को शीघ्र लाभान्वित किया जाए।

जल जीवन मिशन के तहत नल-जल पहुंच सुनिश्चित करें

जल जीवन मिशन की प्रगति पर चर्चा करते हुए राज्यपाल ने सोनपुरी में प्रत्येक घर तक नल से शुद्ध पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने जल स्रोतों की सततता बनाए रखने के लिए वर्षा जल संग्रहण, सोखता गड्ढे और पारंपरिक जल स्रोतों के संरक्षण जैसे उपायों को प्राथमिकता देने को कहा।

शिक्षा में ड्रॉपआउट रोकने निर्देश

स्कूल छोड़ चुके बच्चों की जानकारी लेते हुए राज्यपाल ने ऐसे बच्चों को दोबारा विद्यालय से जोड़ने के लिए ठोस पहल करने को कहा। उन्होंने ग्रामीणों को साक्षर बनाने की भी अपील की, ताकि वे कम से कम अपना नाम लिख सकें।

महिला समूहों की सराहना

राज्यपाल ने स्व-सहायता समूहों द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना की और अधिकारियों को निर्देशित किया कि समूहों को आवश्यक संसाधन एवं प्रशिक्षण प्रदान कर उनकी आर्थिक स्थिति को और सशक्त किया जाए। राज्यपाल श्री रमेन डेका ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि तीन माह के भीतर ग्राम सोनपुरी में चल रहे समस्त विकास कार्यों की जानकारी ली जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि किसी भी योजना में कोई कमी या बाधा पाई गई, तो उसे तत्काल दूर करते हुए गुणवत्ता युक्त कार्य सुनिश्चित किया जाएगा।

दुर्घटनाओं की रोकथाम हेतु निर्देश

राज्यपाल श्री रमेन डेका ने पुलिस विभाग के कार्यों की जानकारी लेते हुए सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए समुचित उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने खासकर मोटरसाइकिल दुर्घटनाओं की बढ़ती घटनाओं पर चिंता जताई और जागरूकता अभियान चलाने पर बल दिया।

उन्होंने शहर में भारी वाहनों की गति को नियंत्रित करने के लिए वाहन मालिकों को अपने चालकों को समझाइश देने को कहा। साथ ही दुर्घटना संभावित क्षेत्रों की पहचान कर वहां सुरक्षा उपाय जैसे स्पीड ब्रेकर, चेतावनी बोर्ड आदि लगाने के निर्देश दिए।

लोकतंत्र केवल एक शासन प्रणाली नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक पद्धति:लोकतंत्र सेनानियों का संघर्ष हम सबके लिए प्रेरणास्रोत – मुख्यमंत्री साय

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लोकतंत्र केवल एक शासन प्रणाली नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक पद्धति है। आज हम लोकतंत्र की फिजा में जिस आज़ादी का अनुभव कर रहे हैं, उसकी कीमत आपातकाल के दौरान कुछ लोगों ने यातना, अपमान और जेलों में समय काटकर चुकाई थी। इन लोकतंत्र सेनानियों की पीड़ा और संघर्ष को हर पीढ़ी तक पहुँचाना हमारा कर्तव्य है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज अपने निवास कार्यालय में आयोजित आपातकाल स्मृति दिवस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह बात कही।

मुख्यमंत्री साय ने लोकतंत्र विरोधी ताकतों से सावधान रहने और लोकतंत्र को सशक्त बनाने के लिए निरंतर प्रयत्नशील रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले लोकतंत्र सेनानियों को बेड़ियों में जकड़कर शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया। यह सब स्वतंत्र भारत में हुआ, लेकिन उस अमानवीयता ने अंग्रेजी हुकूमत की क्रूरता की याद दिला दी। आपातकाल के दौरान असहनीय कष्ट सहने वाले लोकतंत्र सेनानी आज भी हमारे लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।

मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर लोकतंत्र सेनानियों को सम्मानित किया। कार्यक्रम में उन्होंने श्री सच्चिदानंद उपासने द्वारा लिखित पुस्तक ‘वो 21 महीने: आपातकाल’ का भी विमोचन किया।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि 25 जून 1975 को भारत के लोकतांत्रिक इतिहास का सबसे काला दिन माना जाता है। आपातकाल में हजारों लोगों को बिना अपराध के जेलों में ठूंस दिया गया, मौलिक अधिकार छीन लिए गए और लोकतंत्र का गला घोंट दिया गया। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि उन्होंने इस त्रासदी को बहुत करीब से देखा है। उनके द्वारा सुनाए गए किस्से आज भी रोंगटे खड़े कर देते हैं। उन्होंने बताया कि किस प्रकार लोकतंत्र सेनानियों को बेड़ियों में जकड़कर शारीरिक और मानसिक यातनाएं दी गईं। यह सब स्वतंत्र भारत में हुआ, लेकिन उस अमानवीयता ने अंग्रेजी हुकूमत की क्रूरता की पुनः याद दिला दी। उन्होंने कहा कि आपातकाल में कलाकारों की स्वतंत्रता तक छीनी गई। पार्श्व गायक किशोर कुमार द्वारा सरकारी प्रचार गीत गाने से इनकार करने पर उनके गीतों पर आकाशवाणी में प्रतिबंध लगा दिया गया था।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार ने लोकतंत्र सेनानियों को सम्मान राशि देने की शुरुआत की थी, जिसे पूर्ववर्ती सरकार ने बंद कर दिया। हमारी सरकार ने न केवल यह सम्मान राशि पुनः प्रारंभ की, बल्कि पूर्व सरकार द्वारा रोकी गई पिछले पाँच वर्षों की बकाया राशि का भी भुगतान किया।

मुख्यमंत्री ने बताया कि अब लोकतंत्र सेनानियों की अंत्येष्टि राजकीय सम्मान के साथ की जाएगी और उनके परिजनों को ₹25,000 की सहायता राशि प्रदान की जाएगी। इसके अतिरिक्त, विधानसभा में एक अधिनियम पारित कर यह सुनिश्चित किया गया है कि भविष्य में कोई भी सरकार इस सम्मान योजना को समाप्त न कर सके।

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने अपने उद्बोधन में आपातकाल की भयावहता और लोकतंत्र सेनानियों के बलिदान पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आपातकाल के 21 महीनों की प्रताड़ना और लोकतंत्र पर हुए आघात को देश के हर नागरिक तक पहुँचाना आज की पीढ़ी की ज़िम्मेदारी है। डॉ. सिंह ने कहा कि यह हम सबका सौभाग्य है कि आज मीसाबंदी आंदोलन के सहभागी और उनके परिजन हमारे बीच हैं। उन्होंने आपातकाल को असंवैधानिक करार देते हुए कहा कि उस समय पूरे देश को एक विशाल जेल में बदल दिया गया था। लोकतंत्र के स्तंभ—न्यायपालिका, कार्यपालिका, विधायिका और मीडिया—को निष्क्रिय कर दिया गया था। प्रेस पर सेंसरशिप थोप दी गई थी और सच्चाई बोलने वालों को जेलों में डाल दिया गया था।उन्होंने बताया कि देश उस समय गहरे आर्थिक और सामाजिक संकट से गुजर रहा था—मंहगाई, बेरोज़गारी और भ्रष्टाचार चरम पर थे। जनता के भीतर आक्रोश पनप रहा था और उसी को कुचलने के लिए आपातकाल थोपा गया। उन्होंने कहा कि यदि आज लोकतंत्र जीवित और मजबूत है, तो इसका श्रेय उन सेनानियों को जाता है जिन्होंने अपार कष्ट सहकर भी संविधान और देश की आत्मा की रक्षा की।

इस अवसर पर श्री पवन साय और लोकतंत्र सेनानी संघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री सच्चिदानंद उपासने ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया।

कार्यक्रम में उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन, विधायक तीलाल साहू, सीजीएमएससी के अध्यक्ष दीपक म्हस्के, नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव, अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष अमरजीत छाबड़ा, रायपुर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष नन्द कुमार साहू, लोकतंत्र सेनानी संघ के प्रदेश अध्यक्ष श्री दिवाकर तिवारी सहित बड़ी संख्या में लोकतंत्र सेनानी एवं उनके परिजन उपस्थित थे।

टैक्सपेयर्स सावधान! ITR में फर्जी डिडक्शन दिखाया तो लगेगा 200% तक जुर्माना, इन जरूरी बातों का रखें ध्यान

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अगर आप अपना इनकम टैक्स रिटर्न भरने की तैयारी में हैं तो जरा सावधानी बरतें. नए ITR रूल्स के तहत अगर आपने फर्जी डिडक्शन क्लेम किया या इनकम छिपाई, तो आपको भारी जुर्माना झेलना पड़ सकता है. इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने साफ कहा है कि अगर आपने अपनी रिटर्न में गलत जानकारी दी, तो जितना टैक्स बनता है, उसका 200% तक पेनल्टी लग सकती है. इसके अलावा 24% सालाना ब्याज और सेक्शन 276C के तहत केस भी हो सकता है. यानि छोटी सी गलती या झूठा क्लेम आपको बड़ी मुसीबत में डाल सकता है.

इससे बचना है तो जरूरी है कि आप अपनी इनकम और डिडक्शन की डिटेल एकदम सही भरें.यहां हम आपको बताने जा रह हैं कि कौन-सी आम गलतियों से आपको बचना चाहिए और कैसे आप पेनल्टी से बच सकते हैं.

ये हैं ITR में की जाने वाली कुछ आम गलतियां जो आप पर भारी पड़ सकती हैं…

बिल या प्रूफ के बिना 80C के डिडक्शन क्लेम करना
अगर आपने LIC, PPF या ट्यूशन फीस जैसी चीजों पर जो पैसा खर्च किया है, उसका प्रूफ नहीं है, तो वो क्लेम टैक्स डिपार्टमेंट खारिज कर सकता है.
पहले पुराने टैक्स रेजीम चुनना और बाद में नए पर स्विच करना
पुराने टैक्स रेजीम में डिडक्शन का फायदा मिलता है, लेकिन अगर बाद में आप नए रेजीम चुन लेते हैं, तो वो सारा फायदा खत्म हो जाता है.
बिना रेंट एग्रीमेंट या मकान मालिक के PAN के HRA क्लेम करना
अगर आप HRA क्लेम कर रहे हैं, तो आपके पास किराए का सबूत और मकान मालिक का PAN होना जरूरी है.
पर्सनल खर्च को बिजनेस खर्च बताना
मोबाइल बिल, खाना या ट्रैवल जैसे खर्च अगर पर्सनल हैं, तो उन्हें बिजनेस खर्च की तरह दिखाना गलत होगा.
फ्रीलांसिंग, क्रिप्टो या साइड इनकम छिपाना
अगर आपने किसी भी तरह की एक्स्ट्रा इनकम कमाई है, तो उसे छिपाना भारी पड़ सकता है. हर इनकम सोर्स को रिपोर्ट करना जरूरी है.

पेनाल्टी से बचने के लिए क्या करें?
जिस चीज पर डिडक्शन क्लेम कर रहे हैं, उसका प्रूफ जरूर रखें और वो असली होना चाहिए
अपनी Annual Information Statement(AIS) से इनकम मैच करें
हर इनकम सोर्स को डिक्लेयर करें
डेडलाइन से पहले ITR फाइल करें
ITR से जुड़े इन बातों का रखें ध्यान
अगर डिपार्टमेंट को पता चला कि आपने जानबूझकर गलत जानकारी दी है तो revised return फाइल करने का कोई फायदा नहीं होगा. ये भी जान लें कि अगर CA या कंसल्टेंट से गलती हो गई तो भी ये जिम्मेदारी आपकी ही मानी जाएगी. भले ही रिटर्न किसी और ने भरी हो, लेकिन कानून के हिसाब से जवाबदेही टैक्सपेयर्स की ही होती है. ये नियम सिर्फ सैलरीड लोगों पर नहीं बल्कि नौकरीपेशा, फ्रीलांसर, प्रोफेशनल और बिजनेस करने वालों यानि सभी पर लागू होते हैं.

दो खौफनाक हादसे, उत्तराखंड में अलकनंदा में समाई बस, इटावा में बस के परखच्चे उड़े

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देश में आज दो सुबह अलग-अलग स्थानों पर दो भीषण बस दुर्घटनाएं हुई है. जिनमें से एक उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में हुई. जहां यात्रियों को बद्रीनाथ ले जा रही एक भरी बस उफनती नदी अलकनंदा में जा गिरी, इस हादसे में 2 लोगों की मौत हो चुकी है. वहीं 8 लोगों को रेस्क्यू कर लिया गया है. जबकि 10 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं, जिनकी तलाश में रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा. वहीं दूसरी ओर उत्तर प्रदेश के इटावा जिले में लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे पर एक स्लीपर बस हादसे भीषण हादसे का शिकार हुई, इस हादसे में 2 यात्रियों की मौत हो गई और 50 से अधिक घायल हो गए.

बद्रीनाथ जा रही बस अलकनंदा नदी में गिरी, 10 लापता
उत्तराखंड में ऋषिकेश से बद्रीनाथ जा रही एक यात्री बस अचानक पहाड़ी पर चढ़ते समय घोलतीर के पास फिसलकर उफनती अलकनंदा नदी में जा गिरी. बस में 20 यात्री सवार थे. अब तक की जानकारी के अनुसार 2 व्यक्ति की मौत हुई है. वहीं 10 लोग लापता है जबकि 8 यात्रियों को बचा लिया गया. हादसा उस समय हुआ जब बस चालक ने गाड़ी से नियंत्रण खो दिया. भारी बारिश के चलते सड़क फिसलन भरी थी. SDRF, NDRF और पुलिस टीमों ने तत्काल रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया, जिसमें स्थानीय लोग भी शामिल हुए. स्थानीय प्रशासन ने अफवाहों से बचने की अपील करते हुए कहा है कि बस अभी भी आंशिक रूप से नदी में डूबी है, जिससे सटीक यात्री संख्या की पुष्टि नहीं हो पाई है.

सुबह 8 बजे रुद्रप्रयाग में स्टेट बैंक मोड़ के बस खाई में गिरी

बस में ड्राइवर समेत 20 लोग थे सवार

फिलहाल 20 में से 8 लोगों को बचाया गया

हादसे में दो लोगों की मौत की खबर

अभी भी 10 लोग हैं लापता

रेस्क्यू ऑपरेशन है जारी

बस में गुजरात और राजस्थान के लोग थे सवार

बद्रीनाथ जा रही थी बस

पहलगाम की जगह बलूचिस्तान का नाम… भारत ने SCO के दस्तावेज पर साइन करने से किया इनकार

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भारत ने पाकिस्तान, चीन समेत पूरी दुनिया को एक बार फिर आंतकवाद पर सख्त संदेश दिया है. भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शंघाई सहयोग संगठन की बैठक में एक संयुक्त बयान पर हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया है क्योंकि इसमें पहलगाम आतंकवादी हमले का उल्लेख नहीं किया गया था जिसमें 26 निर्दोष लोगों की जान चली गई थी. भारत का साफ कहना है कि यह संयुक्त बयान आतंकवाद के खिलाफ भारत के मजबूत स्टैंड को नहीं दिखाता है. हद तो यह है कि पहलगाम हमले का कोई जिक्र नहीं है बल्कि उसकी जगह डॉक्यूमेंट में बलूचिस्तान का उल्लेख किया गया है, और भारत पर वहां सांकेतिक रूप से अशांति पैदा करने का आरोप लगाया गया है.

राजनाथ सिंह अभी शंघाई सहयोग संगठन की रक्षा मंत्रियों की बैठक में भाग लेने के लिए चीन के किंगदाओ में हैं. शिखर सम्मेलन में क्षेत्रीय और अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षा से संबंधित मुद्दों पर चर्चा करने के लिए रूस, पाकिस्तान और चीन सहित सदस्य देश भाग ले रहे हैं. 2001 में स्थापित, शंघाई सहयोग संगठन का उद्देश्य सहयोग के माध्यम से क्षेत्रीय स्थिरता को बढ़ावा देना है. इस ब्लॉक में वर्तमान में 10 सदस्य देश हैं – बेलारूस, चीन, भारत, ईरान, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, पाकिस्तान, रूस, ताजिकिस्तान और उज्बेकिस्तान.

आतंकवाद और शांति-समृद्धि साथ-साथ नहीं चल सकते”
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने यहां पाकिस्तान पर निशाना साधते हुए कहा कि आतंकवाद के दोषियों, वित्तपोषकों व प्रायोजकों को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए और इससे निपटने में ‘‘दोहरा” मापदंड नहीं अपनाया जाना चाहिए. अपने संबोधन में राजनाथ सिंह ने कहा कि कुछ देश आतंकवादियों को पनाह देने के लिए सीमा पार आतंकवाद का इस्तेमाल ‘नीतिगत साधन’ के रूप में कर रहे हैं.

उन्होंने कहा, ‘हमारे क्षेत्र में सबसे बड़ी चुनौतियां शांति, सुरक्षा और विश्वास की कमी से संबंधित हैं और इन समस्याओं का मूल कारण बढ़ती कट्टरता, उग्रवाद और आतंकवाद है.” राजनाथ सिंह ने कहा कि शांति-समृद्धि और आतंकवाद साथ नहीं चल सकते. उन्होंने कहा कि सरकार से इतर तत्वों और आतंकवादी समूहों के हाथों में सामूहिक विनाश के हथियार सौंपने के साथ भी शांति कायम नहीं रह सकती.

रक्षा मंत्री ने कहा, ‘इन चुनौतियों से निपटने के लिए निर्णायक कार्रवाई की आवश्यकता है और हमें अपनी सामूहिक सुरक्षा के लिए इन बुराइयों के खिलाफ एकजुट होकर लड़ना होगा.’ उन्होंने कहा कि अपने संकीर्ण एवं स्वार्थी उद्देश्यों के लिए आतंकवाद को प्रायोजित, पोषित व इस्तेमाल करने वालों को इसके परिणाम भुगतने होंगे.
राजनाथ सिंह ने कहा कि एससीओ को इस खतरे से निपटने में दोहरे मानदंड अपनाने वाले देशों की आलोचना करने में संकोच नहीं करना चाहिए. उन्होंने यहां कहा कि पहलगाम आतंकी हमले का तरीका भारत में लश्कर-ए-तैयबा के पिछले आतंकी हमलों जैसा था.

फार्म हाउस पर पड़ी RAID, 216 Kg से अधिक गांजा बरामद, कीमत करीब 45 लाख रुपए

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छतरपुर पुलिस ने बुधवार को एक फार्म हाउस में छापेमारी कर भारी मात्रा में गांजा बरामद किया है. बरामद गांजे की बाजार कीमत 45 लाख रुपए से अधिक बताई जा रही है. छतरपुर पुलिस ने मिली टिप के आधार पर फार्म हाउस में छापेमारी को अंजाम दिया और वहां से कुल 216 किलोग्राम गांजा बरामद किया.

दरअसल, थाना नौगांव पुलिस को ग्राम कीरतपुरा में स्थित एक फार्म हाउस में अवैध मादक पदार्थ गांजा के परिवहन व संग्रह की सूचना मिली थी. पुलिस टीम ने फार्म हाउस में छापेमारी की कार्रवाई को अंजाम दिया और वहां से 216 किलोग्राम गांजा बरामद करने में सफल रही.

फार्म हाउस रेड में मिला 45 लाख रुपए से अधिक कीमत का गांजा
मामला नौगांव थाना क्षेत्र के ग्राम कीरतपुरा का है, जहां स्थित फार्म हाउस में स्थानीय पुलिस ने छापेमारी की कार्रवाई की और मौके से 45 लाख रुपए से अधिक कीमत का 216 किलोग्राम अवैध मादक पदार्थ गांजा बरामद किया. बताया जाता है जिस फार्म हाउस से भारी मात्रा में गांजा बरामद किया वह किसी रविंद्र यादव का है.

फार्म हाउस में खड़ी एक संदिग्ध क्रेटा कार में मिला 26 किलो गांजा
रिपोर्ट के मुताबिक जब पुलिस की टीम फार्म हाउस पर छापेमारी की कार्रवाई के लिए पहुंची तो मौके पर एक संदिग्ध हुंडई क्रेटा कार खड़ी मिली. पुलिस टीम ने कार की तलाशी ली, तो कार से 26 किलो से अधिक गांजा बरामद हुआ. पुलिस ने फिर फार्म हाउस के कमरों की तलाशी ली, तो कमरे के अंदर भी भारी मात्रा में गांजा बरामद हुआ.

फार्म हाउस में मौजूद हुंडई क्रेटा कार व कमरे से पुलिस ने कुल 216 किलोग्राम से अधिक गांजा बरामद किया. बरामद गांजे की बाजार कीमत करीब 45 लाख रुपए बताई जा रही है, पुलिस मौके से दो लोगों को गिरफ्तार किया है, जो गांजे के अवैध कारोबार में संलिप्त बताए जा रहे हैं.
216 किग्रा गांजे के साथ पुलिस ने दो आरोपियों को भी गिरफ्तार किया
गौरतलब है फार्म हाउस में छापेमारी से अवैध मादक पदार्थ गांजे की बरामदगी के साथ पुलिस ने दो आरोपी क्रमशः धीर सिंह और रविंद्र यादव को भी गिरफ्तार किया है.एसओडीपी नौगांव अमित मेश्राम ने बताया कि पुलिस ने उनके विरुद्ध एनडीपीएस अधिनियम की विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया गया है. हाालंकि आरोपी रविंद्र यादव फरार बताया जा रहा है.

छत्तीसगढ़ में IPS अफसरों का हुआ ट्रांसफर, प्रमोशन भी मिला, देखें लिस्ट

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छ्त्तीसगढ़ से एक बड़ी खबर है. यहां आईपीएस अफसरों का ट्रांसफर और प्रमोशन हुआ है. इन अफसरों के ट्रांसफर की सूची जारी कर दी गई है. आइए जानते हैं इस सूची में किन अफसरों के नाम हैं?

देर शाम जारी हुई लिस्ट
प्रदेश में बुधवार की देर शाम को 9 आईपीएस अफसरों के ट्रांसफर की सूची जारी की गई है. नारायणपुर के एसपी बदले गए हैं. यहां के एसपी प्रभात कुमार को पुलिस मुख्यालय रायपुर भेजा गया है. जबकि नारायणपुर के ही एएसपी को इस जिले का एसपी बनाया गया है.

इन अफसरों का हुआ है ट्रांसफर
नारायणपुर के एसपी प्रभात कुमार को पुलिस मुख्यालय नवा रायपुर का एसपी बनाया गया है. सहायक पुलिस महानिरीक्षक विकास कुमार को भी पुलिस मुख्यालय नवा रायपुर का एसपी, दंतेवाड़ी की एडिशनल एसपी पूजा कुमार को पुलिस अधीक्षक रेडियो बिलासपुर, बीजापुर के एएसपी मयंक गुर्जर को सेनानी 15वीं वाहिनी छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल बीजापुर, भानुप्रतापपुर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार पटेल को सेनानी 16वीं वाहिनी छस बल नारायणपुर,दंतेवाड़ा के एएसपी राजनला स्मृतिक को पुलिस अधीक्षक एसटीएफ बघेरा दुर्ग, नारायणपुर के एएसपी रॉबिन्सन गुरिया को नारायणपुर का ही एसपी बनाया गया है.

इनका भी हुआ तबादला
जिन अफसरों का ट्रांसफर हुआ है उनमें दुर्ग के नगर पुलिस अधीक्षक चिराग जैन भी शामिल हैं. इन्हें अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मोहला-मानपुर भेजा गया है. वहीं सुकमा के एएसपी उमेश प्रसाद गुप्ता को सेनानी 14वीं वाहिनी छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल धनोरा बालोद भेजा गया है.

सुरक्षाबल और नक्सली आमने-सामने, सुरक्षाबलों ने मार गिराए गए दो महिला नक्सली

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छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ जारी है. पुलिस अधिकारियों ने गुरुवार को जानकारी हुए बताया कि नक्सलियों के साथ मुठभेड़ जिले के अबूझमाड़ इलाके में चल रहा है. मुठभेड़ में अब तक सुरक्षाबलों ने दो महिला नक्सलियों को मार गिराया है और हथियार और बारूद बरामद किया है.

अबूझमाड़ क्षेत्र में बुधवार को एक मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने दो महिला नक्सलियों को मार गिराया है. बुधवार शाम को जब सुरक्षाबल के जवान क्षेत्र में थे तभी नक्सलियों के साथ सुरक्षाबलों की मुठभेड़ शुरू हुई और सुरक्षाबलों ने दो महिला नक्सलियों को मार गिराने में सफलता पाई.
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नक्सलियों के शव, एक इंसास राइफल, एक 315 राइफल व अन्य सामान बरामद हुआ
अधिकारियों ने बताया कि माओवादियों के माड़ डिवीजन के नक्सलियों के होने की सूचना पर नारायणपुर और कोंडागांव जिले के जिला रिजर्व गार्ड (DRG) और STF के संयुक्त दल को नक्सल विरोधी अभियान में रवाना किया गया था. मुठभेड़ के बाद घटनास्थल से नक्सलियों के शव, एक इंसास राइफल, एक 315 राइफल और अन्य सामान बरामद किया गया.

नक्सलियों की गोलीबारी पर जवाबी कार्रवाई में दो महिला नक्सलियों को मार गिराया
अधिकारियों ने बताया कि यह मुठभेड़ अबूझमाड़ क्षेत्र में नक्सल विरोधी अभियान के तहत किया गया. उन्होंने बताया कि सुरक्षाबलों की टीम जब क्षेत्र में था तभी नक्सलियों ने सुरक्षाबलों पर गोलीबारी शुरू कर दी. इसके बाद सुरक्षाबलों ने भी जवाबी कार्रवाई की, जिसमें दो महिला नक्सली मारी गईं. उन्होने बताया कि क्षेत्र में मुठभेड़ अभी जारी है.

अधिकारियों ने बताया कि माओवादियों के माड़ डिवीजन के नक्सलियों के होने की सूचना पर नारायणपुर और कोंडागांव जिले के जिला रिजर्व गार्ड (DRG) और STF के संयुक्त दल को अभियान में रवाना किया गया था. घटनास्थल से नक्सलियों के शव और हथियार बरामद किया गया है.
केंद्र और राज्य सरकार सयुंक्त रूप से छत्तीसगढ़ में एंटी नक्सल ऑपरेशन चला रही है
उल्लेखनीय है देश से नक्सलवाद के सफाए के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मार्च, 2026 की तारीख तय की है. तय समय में नक्सलवादियों के उन्मूलन के लिए केंद्र और राज्य सरकार द्वारा सयुंक्त रूप से छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित जिलों में ऑपरेशन चलाया जा रहा है. मुहिम का व्यापक असर दिखा है, जिससे नक्सली लगातार सरेंडर कर रहे हैं.