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टैक्सपेयर्स सावधान! ITR में फर्जी डिडक्शन दिखाया तो लगेगा 200% तक जुर्माना, इन जरूरी बातों का रखें ध्यान

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अगर आप अपना इनकम टैक्स रिटर्न भरने की तैयारी में हैं तो जरा सावधानी बरतें. नए ITR रूल्स के तहत अगर आपने फर्जी डिडक्शन क्लेम किया या इनकम छिपाई, तो आपको भारी जुर्माना झेलना पड़ सकता है. इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने साफ कहा है कि अगर आपने अपनी रिटर्न में गलत जानकारी दी, तो जितना टैक्स बनता है, उसका 200% तक पेनल्टी लग सकती है. इसके अलावा 24% सालाना ब्याज और सेक्शन 276C के तहत केस भी हो सकता है. यानि छोटी सी गलती या झूठा क्लेम आपको बड़ी मुसीबत में डाल सकता है.

इससे बचना है तो जरूरी है कि आप अपनी इनकम और डिडक्शन की डिटेल एकदम सही भरें.यहां हम आपको बताने जा रह हैं कि कौन-सी आम गलतियों से आपको बचना चाहिए और कैसे आप पेनल्टी से बच सकते हैं.

ये हैं ITR में की जाने वाली कुछ आम गलतियां जो आप पर भारी पड़ सकती हैं…

बिल या प्रूफ के बिना 80C के डिडक्शन क्लेम करना
अगर आपने LIC, PPF या ट्यूशन फीस जैसी चीजों पर जो पैसा खर्च किया है, उसका प्रूफ नहीं है, तो वो क्लेम टैक्स डिपार्टमेंट खारिज कर सकता है.
पहले पुराने टैक्स रेजीम चुनना और बाद में नए पर स्विच करना
पुराने टैक्स रेजीम में डिडक्शन का फायदा मिलता है, लेकिन अगर बाद में आप नए रेजीम चुन लेते हैं, तो वो सारा फायदा खत्म हो जाता है.
बिना रेंट एग्रीमेंट या मकान मालिक के PAN के HRA क्लेम करना
अगर आप HRA क्लेम कर रहे हैं, तो आपके पास किराए का सबूत और मकान मालिक का PAN होना जरूरी है.
पर्सनल खर्च को बिजनेस खर्च बताना
मोबाइल बिल, खाना या ट्रैवल जैसे खर्च अगर पर्सनल हैं, तो उन्हें बिजनेस खर्च की तरह दिखाना गलत होगा.
फ्रीलांसिंग, क्रिप्टो या साइड इनकम छिपाना
अगर आपने किसी भी तरह की एक्स्ट्रा इनकम कमाई है, तो उसे छिपाना भारी पड़ सकता है. हर इनकम सोर्स को रिपोर्ट करना जरूरी है.

पेनाल्टी से बचने के लिए क्या करें?
जिस चीज पर डिडक्शन क्लेम कर रहे हैं, उसका प्रूफ जरूर रखें और वो असली होना चाहिए
अपनी Annual Information Statement(AIS) से इनकम मैच करें
हर इनकम सोर्स को डिक्लेयर करें
डेडलाइन से पहले ITR फाइल करें
ITR से जुड़े इन बातों का रखें ध्यान
अगर डिपार्टमेंट को पता चला कि आपने जानबूझकर गलत जानकारी दी है तो revised return फाइल करने का कोई फायदा नहीं होगा. ये भी जान लें कि अगर CA या कंसल्टेंट से गलती हो गई तो भी ये जिम्मेदारी आपकी ही मानी जाएगी. भले ही रिटर्न किसी और ने भरी हो, लेकिन कानून के हिसाब से जवाबदेही टैक्सपेयर्स की ही होती है. ये नियम सिर्फ सैलरीड लोगों पर नहीं बल्कि नौकरीपेशा, फ्रीलांसर, प्रोफेशनल और बिजनेस करने वालों यानि सभी पर लागू होते हैं.

दो खौफनाक हादसे, उत्तराखंड में अलकनंदा में समाई बस, इटावा में बस के परखच्चे उड़े

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देश में आज दो सुबह अलग-अलग स्थानों पर दो भीषण बस दुर्घटनाएं हुई है. जिनमें से एक उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में हुई. जहां यात्रियों को बद्रीनाथ ले जा रही एक भरी बस उफनती नदी अलकनंदा में जा गिरी, इस हादसे में 2 लोगों की मौत हो चुकी है. वहीं 8 लोगों को रेस्क्यू कर लिया गया है. जबकि 10 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं, जिनकी तलाश में रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा. वहीं दूसरी ओर उत्तर प्रदेश के इटावा जिले में लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे पर एक स्लीपर बस हादसे भीषण हादसे का शिकार हुई, इस हादसे में 2 यात्रियों की मौत हो गई और 50 से अधिक घायल हो गए.

बद्रीनाथ जा रही बस अलकनंदा नदी में गिरी, 10 लापता
उत्तराखंड में ऋषिकेश से बद्रीनाथ जा रही एक यात्री बस अचानक पहाड़ी पर चढ़ते समय घोलतीर के पास फिसलकर उफनती अलकनंदा नदी में जा गिरी. बस में 20 यात्री सवार थे. अब तक की जानकारी के अनुसार 2 व्यक्ति की मौत हुई है. वहीं 10 लोग लापता है जबकि 8 यात्रियों को बचा लिया गया. हादसा उस समय हुआ जब बस चालक ने गाड़ी से नियंत्रण खो दिया. भारी बारिश के चलते सड़क फिसलन भरी थी. SDRF, NDRF और पुलिस टीमों ने तत्काल रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया, जिसमें स्थानीय लोग भी शामिल हुए. स्थानीय प्रशासन ने अफवाहों से बचने की अपील करते हुए कहा है कि बस अभी भी आंशिक रूप से नदी में डूबी है, जिससे सटीक यात्री संख्या की पुष्टि नहीं हो पाई है.

सुबह 8 बजे रुद्रप्रयाग में स्टेट बैंक मोड़ के बस खाई में गिरी

बस में ड्राइवर समेत 20 लोग थे सवार

फिलहाल 20 में से 8 लोगों को बचाया गया

हादसे में दो लोगों की मौत की खबर

अभी भी 10 लोग हैं लापता

रेस्क्यू ऑपरेशन है जारी

बस में गुजरात और राजस्थान के लोग थे सवार

बद्रीनाथ जा रही थी बस

पहलगाम की जगह बलूचिस्तान का नाम… भारत ने SCO के दस्तावेज पर साइन करने से किया इनकार

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भारत ने पाकिस्तान, चीन समेत पूरी दुनिया को एक बार फिर आंतकवाद पर सख्त संदेश दिया है. भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शंघाई सहयोग संगठन की बैठक में एक संयुक्त बयान पर हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया है क्योंकि इसमें पहलगाम आतंकवादी हमले का उल्लेख नहीं किया गया था जिसमें 26 निर्दोष लोगों की जान चली गई थी. भारत का साफ कहना है कि यह संयुक्त बयान आतंकवाद के खिलाफ भारत के मजबूत स्टैंड को नहीं दिखाता है. हद तो यह है कि पहलगाम हमले का कोई जिक्र नहीं है बल्कि उसकी जगह डॉक्यूमेंट में बलूचिस्तान का उल्लेख किया गया है, और भारत पर वहां सांकेतिक रूप से अशांति पैदा करने का आरोप लगाया गया है.

राजनाथ सिंह अभी शंघाई सहयोग संगठन की रक्षा मंत्रियों की बैठक में भाग लेने के लिए चीन के किंगदाओ में हैं. शिखर सम्मेलन में क्षेत्रीय और अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षा से संबंधित मुद्दों पर चर्चा करने के लिए रूस, पाकिस्तान और चीन सहित सदस्य देश भाग ले रहे हैं. 2001 में स्थापित, शंघाई सहयोग संगठन का उद्देश्य सहयोग के माध्यम से क्षेत्रीय स्थिरता को बढ़ावा देना है. इस ब्लॉक में वर्तमान में 10 सदस्य देश हैं – बेलारूस, चीन, भारत, ईरान, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, पाकिस्तान, रूस, ताजिकिस्तान और उज्बेकिस्तान.

आतंकवाद और शांति-समृद्धि साथ-साथ नहीं चल सकते”
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने यहां पाकिस्तान पर निशाना साधते हुए कहा कि आतंकवाद के दोषियों, वित्तपोषकों व प्रायोजकों को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए और इससे निपटने में ‘‘दोहरा” मापदंड नहीं अपनाया जाना चाहिए. अपने संबोधन में राजनाथ सिंह ने कहा कि कुछ देश आतंकवादियों को पनाह देने के लिए सीमा पार आतंकवाद का इस्तेमाल ‘नीतिगत साधन’ के रूप में कर रहे हैं.

उन्होंने कहा, ‘हमारे क्षेत्र में सबसे बड़ी चुनौतियां शांति, सुरक्षा और विश्वास की कमी से संबंधित हैं और इन समस्याओं का मूल कारण बढ़ती कट्टरता, उग्रवाद और आतंकवाद है.” राजनाथ सिंह ने कहा कि शांति-समृद्धि और आतंकवाद साथ नहीं चल सकते. उन्होंने कहा कि सरकार से इतर तत्वों और आतंकवादी समूहों के हाथों में सामूहिक विनाश के हथियार सौंपने के साथ भी शांति कायम नहीं रह सकती.

रक्षा मंत्री ने कहा, ‘इन चुनौतियों से निपटने के लिए निर्णायक कार्रवाई की आवश्यकता है और हमें अपनी सामूहिक सुरक्षा के लिए इन बुराइयों के खिलाफ एकजुट होकर लड़ना होगा.’ उन्होंने कहा कि अपने संकीर्ण एवं स्वार्थी उद्देश्यों के लिए आतंकवाद को प्रायोजित, पोषित व इस्तेमाल करने वालों को इसके परिणाम भुगतने होंगे.
राजनाथ सिंह ने कहा कि एससीओ को इस खतरे से निपटने में दोहरे मानदंड अपनाने वाले देशों की आलोचना करने में संकोच नहीं करना चाहिए. उन्होंने यहां कहा कि पहलगाम आतंकी हमले का तरीका भारत में लश्कर-ए-तैयबा के पिछले आतंकी हमलों जैसा था.

फार्म हाउस पर पड़ी RAID, 216 Kg से अधिक गांजा बरामद, कीमत करीब 45 लाख रुपए

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छतरपुर पुलिस ने बुधवार को एक फार्म हाउस में छापेमारी कर भारी मात्रा में गांजा बरामद किया है. बरामद गांजे की बाजार कीमत 45 लाख रुपए से अधिक बताई जा रही है. छतरपुर पुलिस ने मिली टिप के आधार पर फार्म हाउस में छापेमारी को अंजाम दिया और वहां से कुल 216 किलोग्राम गांजा बरामद किया.

दरअसल, थाना नौगांव पुलिस को ग्राम कीरतपुरा में स्थित एक फार्म हाउस में अवैध मादक पदार्थ गांजा के परिवहन व संग्रह की सूचना मिली थी. पुलिस टीम ने फार्म हाउस में छापेमारी की कार्रवाई को अंजाम दिया और वहां से 216 किलोग्राम गांजा बरामद करने में सफल रही.

फार्म हाउस रेड में मिला 45 लाख रुपए से अधिक कीमत का गांजा
मामला नौगांव थाना क्षेत्र के ग्राम कीरतपुरा का है, जहां स्थित फार्म हाउस में स्थानीय पुलिस ने छापेमारी की कार्रवाई की और मौके से 45 लाख रुपए से अधिक कीमत का 216 किलोग्राम अवैध मादक पदार्थ गांजा बरामद किया. बताया जाता है जिस फार्म हाउस से भारी मात्रा में गांजा बरामद किया वह किसी रविंद्र यादव का है.

फार्म हाउस में खड़ी एक संदिग्ध क्रेटा कार में मिला 26 किलो गांजा
रिपोर्ट के मुताबिक जब पुलिस की टीम फार्म हाउस पर छापेमारी की कार्रवाई के लिए पहुंची तो मौके पर एक संदिग्ध हुंडई क्रेटा कार खड़ी मिली. पुलिस टीम ने कार की तलाशी ली, तो कार से 26 किलो से अधिक गांजा बरामद हुआ. पुलिस ने फिर फार्म हाउस के कमरों की तलाशी ली, तो कमरे के अंदर भी भारी मात्रा में गांजा बरामद हुआ.

फार्म हाउस में मौजूद हुंडई क्रेटा कार व कमरे से पुलिस ने कुल 216 किलोग्राम से अधिक गांजा बरामद किया. बरामद गांजे की बाजार कीमत करीब 45 लाख रुपए बताई जा रही है, पुलिस मौके से दो लोगों को गिरफ्तार किया है, जो गांजे के अवैध कारोबार में संलिप्त बताए जा रहे हैं.
216 किग्रा गांजे के साथ पुलिस ने दो आरोपियों को भी गिरफ्तार किया
गौरतलब है फार्म हाउस में छापेमारी से अवैध मादक पदार्थ गांजे की बरामदगी के साथ पुलिस ने दो आरोपी क्रमशः धीर सिंह और रविंद्र यादव को भी गिरफ्तार किया है.एसओडीपी नौगांव अमित मेश्राम ने बताया कि पुलिस ने उनके विरुद्ध एनडीपीएस अधिनियम की विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया गया है. हाालंकि आरोपी रविंद्र यादव फरार बताया जा रहा है.

छत्तीसगढ़ में IPS अफसरों का हुआ ट्रांसफर, प्रमोशन भी मिला, देखें लिस्ट

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छ्त्तीसगढ़ से एक बड़ी खबर है. यहां आईपीएस अफसरों का ट्रांसफर और प्रमोशन हुआ है. इन अफसरों के ट्रांसफर की सूची जारी कर दी गई है. आइए जानते हैं इस सूची में किन अफसरों के नाम हैं?

देर शाम जारी हुई लिस्ट
प्रदेश में बुधवार की देर शाम को 9 आईपीएस अफसरों के ट्रांसफर की सूची जारी की गई है. नारायणपुर के एसपी बदले गए हैं. यहां के एसपी प्रभात कुमार को पुलिस मुख्यालय रायपुर भेजा गया है. जबकि नारायणपुर के ही एएसपी को इस जिले का एसपी बनाया गया है.

इन अफसरों का हुआ है ट्रांसफर
नारायणपुर के एसपी प्रभात कुमार को पुलिस मुख्यालय नवा रायपुर का एसपी बनाया गया है. सहायक पुलिस महानिरीक्षक विकास कुमार को भी पुलिस मुख्यालय नवा रायपुर का एसपी, दंतेवाड़ी की एडिशनल एसपी पूजा कुमार को पुलिस अधीक्षक रेडियो बिलासपुर, बीजापुर के एएसपी मयंक गुर्जर को सेनानी 15वीं वाहिनी छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल बीजापुर, भानुप्रतापपुर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार पटेल को सेनानी 16वीं वाहिनी छस बल नारायणपुर,दंतेवाड़ा के एएसपी राजनला स्मृतिक को पुलिस अधीक्षक एसटीएफ बघेरा दुर्ग, नारायणपुर के एएसपी रॉबिन्सन गुरिया को नारायणपुर का ही एसपी बनाया गया है.

इनका भी हुआ तबादला
जिन अफसरों का ट्रांसफर हुआ है उनमें दुर्ग के नगर पुलिस अधीक्षक चिराग जैन भी शामिल हैं. इन्हें अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मोहला-मानपुर भेजा गया है. वहीं सुकमा के एएसपी उमेश प्रसाद गुप्ता को सेनानी 14वीं वाहिनी छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल धनोरा बालोद भेजा गया है.

सुरक्षाबल और नक्सली आमने-सामने, सुरक्षाबलों ने मार गिराए गए दो महिला नक्सली

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छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ जारी है. पुलिस अधिकारियों ने गुरुवार को जानकारी हुए बताया कि नक्सलियों के साथ मुठभेड़ जिले के अबूझमाड़ इलाके में चल रहा है. मुठभेड़ में अब तक सुरक्षाबलों ने दो महिला नक्सलियों को मार गिराया है और हथियार और बारूद बरामद किया है.

अबूझमाड़ क्षेत्र में बुधवार को एक मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने दो महिला नक्सलियों को मार गिराया है. बुधवार शाम को जब सुरक्षाबल के जवान क्षेत्र में थे तभी नक्सलियों के साथ सुरक्षाबलों की मुठभेड़ शुरू हुई और सुरक्षाबलों ने दो महिला नक्सलियों को मार गिराने में सफलता पाई.
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नक्सलियों के शव, एक इंसास राइफल, एक 315 राइफल व अन्य सामान बरामद हुआ
अधिकारियों ने बताया कि माओवादियों के माड़ डिवीजन के नक्सलियों के होने की सूचना पर नारायणपुर और कोंडागांव जिले के जिला रिजर्व गार्ड (DRG) और STF के संयुक्त दल को नक्सल विरोधी अभियान में रवाना किया गया था. मुठभेड़ के बाद घटनास्थल से नक्सलियों के शव, एक इंसास राइफल, एक 315 राइफल और अन्य सामान बरामद किया गया.

नक्सलियों की गोलीबारी पर जवाबी कार्रवाई में दो महिला नक्सलियों को मार गिराया
अधिकारियों ने बताया कि यह मुठभेड़ अबूझमाड़ क्षेत्र में नक्सल विरोधी अभियान के तहत किया गया. उन्होंने बताया कि सुरक्षाबलों की टीम जब क्षेत्र में था तभी नक्सलियों ने सुरक्षाबलों पर गोलीबारी शुरू कर दी. इसके बाद सुरक्षाबलों ने भी जवाबी कार्रवाई की, जिसमें दो महिला नक्सली मारी गईं. उन्होने बताया कि क्षेत्र में मुठभेड़ अभी जारी है.

अधिकारियों ने बताया कि माओवादियों के माड़ डिवीजन के नक्सलियों के होने की सूचना पर नारायणपुर और कोंडागांव जिले के जिला रिजर्व गार्ड (DRG) और STF के संयुक्त दल को अभियान में रवाना किया गया था. घटनास्थल से नक्सलियों के शव और हथियार बरामद किया गया है.
केंद्र और राज्य सरकार सयुंक्त रूप से छत्तीसगढ़ में एंटी नक्सल ऑपरेशन चला रही है
उल्लेखनीय है देश से नक्सलवाद के सफाए के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मार्च, 2026 की तारीख तय की है. तय समय में नक्सलवादियों के उन्मूलन के लिए केंद्र और राज्य सरकार द्वारा सयुंक्त रूप से छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित जिलों में ऑपरेशन चलाया जा रहा है. मुहिम का व्यापक असर दिखा है, जिससे नक्सली लगातार सरेंडर कर रहे हैं.

अब साल में दो बार फरवरी और मई में होंगे CBSE 10वीं बोर्ड के एग्जाम

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केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने 2026 से कक्षा 10वीं की बोर्ड परीक्षा को लेकर बड़ा ऐलान किया है. अब छात्र साल में दो बार यानी फरवरी और मई महीने में परीक्षा में बैठ सकेंगे. यह बदलाव राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के तहत “हाई-स्टेक एग्जाम” के दबाव को कम करने की दिशा में उठाया गया कदम है.

फरवरी परीक्षा अनिवार्य, मई परीक्षा वैकल्पिक
CBSE परीक्षा नियंत्रक संयम भारद्वाज ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि 2026 में 10वीं की पहली बोर्ड परीक्षा फरवरी में और दूसरी मई में होगी. फरवरी की परीक्षा में शामिल होना सभी छात्रों के लिए अनिवार्य होगा. वहीं, मई की परीक्षा वैकल्पिक होगी. इस परीक्षा में छात्र सिर्फ उन्हीं विषयों में शामिल हो सकेंगे, जिनमें वे अपने अंक बेहतर करना चाहते हैं.

परीक्षा की तारीखें घोषित
बोर्ड के ड्राफ्ट शेड्यूल के अनुसार,पहली परीक्षा: 17 फरवरी से 6 मार्च 2026दूसरी परीक्षा: 5 मई से 20 मई 2026
अप्रैल और जून में जारी होंगे परिणाम
पहले चरण यानी फरवरी में होने वाली परीक्षा के छात्र-छात्राओं के परिणाम अप्रैल 2026 में आएगा, जबकि मई में होने वाली परीक्षा में शामिल होने वाले छात्र-छात्राओं के लिए रिजल्ट जून 2026 में घोषित किया जाएगा. बोर्ड की ओर से बताया गया है कि इससे छात्रों को कक्षा 11 के लिए स्ट्रीम चयन में अधिक स्पष्टता और आत्मविश्वास मिलेगा. वहीं, अच्छे नंबर लाकर रिजल्ट सुधारने का एक मौका भी मिलेगा.

इंटरनल असेसमेंट साल में एक ही बार
इसके साथ ही CBSE ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि इंटरनल असेसमेंट पूरे शैक्षणिक सत्र में केवल एक बार ही आयोजित किया जाएगा. चाहे छात्र एक चरण में परीक्षा दें या दोनों में. इससे मूल्यांकन प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहेगी और अतिरिक्त बोझ भी नहीं पड़ेगा.

भारत की असफलत हेल्थ सिस्टम पन्ना में तड़पती रही गर्भवती महिला; कई कॉल के बाद भी नहीं आयी एंबुलेंस, हेल्थ सिस्टम कहां गया?

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मध्य प्रदेश के पन्ना (Panna) जिले में एक बार फिर स्वास्थ्य सेवाओं की पोल खुल गई, जब एक गर्भवती महिला (Pregnant Woman) को समय पर एम्बुलेंस (Dial 108 Ambulance) न मिलने के कारण दर्द से तड़पते हुए देखा गया. यह हृदय विदारक घटना बृजपुर उप स्वास्थ्य केंद्र (Sub Health Centre) से पन्ना रेफर की गई एक महिला के साथ हुई, जिसके परिजनों और आशा कार्यकर्ता के बार-बार फोन करने के बावजूद एम्बुलेंस उपलब्ध नहीं हो पाई. आइए जानते हैं पूरा मामला.

क्या है घटना?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बुधवार 25 जून को सुबह धनोजा निवासी सोना आदिवासी को अचानक प्रसव पीड़ा हुई जिसके बाद परिजनों ने आशा कार्यकर्ता को जानकारी दी. सूचना मिलने के बाद आशा कार्यकर्ता मौके पर पहुंची और 108 एम्बुलेंस को फोन लगाया मगर एम्बुलेंस नहीं आई.

किसी तरह महिला को उप स्वास्थ्य केंद्र बृजपुर लाया गया. जहां महिला की हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उसे जिला अस्पताल पन्ना रेफर कर दिया. परिजनों ने तुरंत एम्बुलेंस के लिए संपर्क किया, लेकिन घंटों बीत जाने के बाद भी एम्बुलेंस मौके पर नहीं पहुंची.
महिला के परिजन और आशा कार्यकर्ता लगातार स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और एम्बुलेंस सेवा को फोन लगाते रहे, लेकिन उन्हें सिवाय आश्वासनों के कुछ नहीं मिला. इस दौरान एक एम्बुलेंस वहां से गुजर रही थी, उससे भी महिला को जिला अस्पताल ले जाने की गुहार परिजन लगाते रहे, मगर उन्होंने यह कहते हुए मना कर दिया कि उन्हें एक अन्य मरीज को रीवा लेकर जाना है. इस दौरान, दर्द से कराहती गर्भवती महिला उप स्वास्थ्य केंद्र में ही तड़पती रही. लाचार परिजन उसे किसी तरह पन्ना ले जाने का इंतजाम करने की कोशिश करते रहे.

मेरे कंधों पर मेरा तिरंगा… जय हिंद! Space से शुभांशु शुक्ला का पहला संदेश

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भारत ने अंतरिक्ष की ओर नई उड़ान भर दी है. भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन और अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला एक्सिओम-4 मिशन के तहत इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन के लिए रवाना हो चुके हैं. फ्लोरिडा में नासा के कैनेडी स्पेस सेंटर में कॉम्प्लेक्स 39ए से एक्सिओम-4 मिशन को लॉन्च किया गया. शुभांशु शुक्ला और तीन अन्य अंतरिक्ष यात्री एक्सिओम स्पेस के एक मिशन के हिस्से के रूप में अंतरिक्ष स्टेशन की यात्रा पर निकले हैं. इस दौरान ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने अंतरिक्ष से संदेश भी जारी किया. जानिए उन्होंने क्या कहा?

Axiom 4 Mission के पायलट, ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने कहा, “नमस्कार, मेरे प्यारे देशवासियों! क्या सफ़र है! हम 41 साल बाद वापस अंतरिक्ष में पहुंच गए हैं. यह एक अद्भुत सफ़र है. हम 7.5 किलोमीटर प्रति सेकंड की रफ़्तार से पृथ्वी की परिक्रमा कर रहे हैं. मेरे कंधों पर मेरा तिरंगा मुझे बताता है कि मैं आप सभी के साथ हूँ. यह मेरी यात्रा अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) की शुरुआत नहीं है, ये भारत के मानव अंतरिक्ष कार्यक्रम की शुरुआत है. मैं चाहता हूँ कि आप सभी इस सफ़र का हिस्सा बनें. आपका सीना भी गर्व से चौड़ा होना चाहिए… आइए हम सब मिलकर भारत के मानव अंतरिक्ष कार्यक्रम की शुरुआत करें. जय हिंद! जय भारत!”

क्या कुछ साथ लेकर गए हैं शुभांशु?
शुभांशु शुक्ला अपने साथ विशेष रूप से तैयार मिठाइयां ले जा रहे हैं. एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने बताया कि वे अंतरिक्ष में आम का रस, गाजर का हलवा और मूंग दाल का हलवा लेकर जाएंगे. उन्होंने कहा था कि वे इसे ISS पर मौजूद अपने साथी अंतरिक्ष यात्रियों के साथ शेयर करने की योजना बना रहे हैं. अंतरिक्ष में खाने के लिए बहुत सारा खाना होगा. लेकिन मैं अपने साथ आम का रस, गाजर का हलवा और मूंग दाल का हलवा ले जाऊंगा. इसके अलावा वे राकेश शर्मा के लिए एक सिक्रेट स्मारिका भी ले जा रहे हैं, जिन्हें वे अपना गुरु मानते हैं.

सफल लॉन्चिंग के बाद अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने सोशल मीडिया के जरिए अपडेट दिया. नासा ने ‘एक्स’ पर लिखा, “हमने एक्सिओम मिशन 4 की उड़ान भरी है. एक्स-4 मिशन 25 जून को सुबह 2:31 बजे (भारतीय समयानुसार, दोपहर 12:01 बजे) पर लॉन्च कॉम्प्लेक्स 39ए से उड़ान भर गया, जिसमें चार निजी अंतरिक्ष यात्री 14 दिनों तक के मिशन के लिए स्पेस स्टेशन पर गए.”

एक्सिओम स्पेस ने भी पोस्ट किया है, जिसने लिखा, “एएक्स-4 के लिए उड़ान. एएक्स-4 का चालक दल स्पेस स्टेशन की ओर बढ़ रहा है.”

इस मिशन में शामिल स्पेसएक्स ने जानकारी दी कि ड्रैगन फाल्कन 9 के दूसरे चरण से अलग हो गया है. नासा ने अंतरिक्ष यान के अलग होने की पुष्टि की. नासा ने लिखा, “अपने स्पेसएक्स ड्रैगन अंतरिक्ष यान में स्वतंत्र रूप से उड़ान भरते हुए एएक्स-4 के चालक दल स्पेस स्टेशन की अपनी यात्रा के एक कदम और करीब आ गए हैं.”

फाल्कन 9 रॉकेट पर लॉन्च होने के बाद क्रू नए स्पेसएक्स ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट पर ऑर्बिटिंग प्रयोगशाला की यात्रा करेगा. ये 14 दिन का मिशन है. शुभांशु शुक्ला अंतरिक्ष में जैव प्रौद्योगिकी विभाग (डीबीटी) और नासा के संयुक्त सहयोग से विकसित उन्नत खाद्य और पोषण संबंधी प्रयोगों का संचालन करेंगे.

EPFO ने बदला नियम एडवांस क्लेम के लिए ऑटो-सेटलमेंट लिमिट हुई 5 लाख रुपये, अब इतने घंटे में होगा निपटारा

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श्रम और रोजगार मंत्रालय द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने एडवांस क्लेम के लिए ऑटो-सेटलमेंट सीमा को मौजूदा 1 लाख रुपए से बढ़ाकर 5 लाख रुपए कर दिया है. अब 72 घंटों के भीतर फास्ट-ट्रैक वितरण किया जाएगा. मंत्रालय के अनुसार, यह कदम सदस्य सेवाओं को बढ़ाने के प्रयासों में महत्वपूर्ण है. इस कदम से लाखों ईपीएफओ सदस्यों को, खासकर तत्काल जरूरत के समय, जल्दी धन प्राप्त करने में मदद मिलेगी.

ऑटो-सेटलमेंट से इतने एडवांस क्लेम
केंद्रीय श्रम और रोजगार मंत्री मनसुख मांडविया ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में जानकारी दी कि वित्त वर्ष 2024-25 में, ईपीएफओ ने ऑटो-सेटलमेंट के माध्यम से रिकॉर्ड 2.32 करोड़ एडवांस क्लेम को सफलतापूर्वक प्रोसेस कर एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 161 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है.

वित्त वर्ष 2023-24 में, ईपीएफओ ने ऑटो-सेटलमेंट के माध्यम से 89.52 लाख एडवांस क्लेम को प्रोसेस किया था. 2024-25 में सभी एडवांस क्लेम में से 59 प्रतिशत का निपटान ऑटो मोड के माध्यम से किया गया.
इस वृद्धि को जारी रखते हुए, वित्त वर्ष 2025-26 के पहले ढाई महीनों में, ईपीएफओ ने पहले ही 76.52 लाख क्लेम का स्वतः निपटान कर दिया है, जो अब तक निपटाए गए सभी एडवांस क्लेम का लगभग 70 प्रतिशत है.

यह वृद्धि ईपीएफओ के स्वचालन पर मजबूत फोकस और अपने सदस्यों को तेज, अधिक कुशल सेवाएं प्रदान करने पर प्रकाश डालती है.

ईपीएफओ ने सदस्यों को त्वरित वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए कोरोना महामारी के दौरान एडवांस क्लेम का स्वतः निपटान शुरू किया था. तब से इस सुविधा को बीमारी, शिक्षा, विवाह और आवास उद्देश्यों के लिए एडवांस क्लेम को कवर करने के लिए बढ़ाया गया है. इन क्लेम को बिना किसी मानवीय हस्तक्षेप के सिस्टम द्वारा स्वचालित रूप से प्रोसेस किया जाता है, जिससे त्वरित बदलाव और पारदर्शिता सुनिश्चित होती है.