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‘चारों तरफ धुआं था, मैं चीख भी नहीं पाया’ मौत की फ्लाइट में अकेले जिंदा बचे विश्वास

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“जब आंख खुली, तो चारों ओर लाशें ही लाशें थीं… मैं डर गया. खड़ा हुआ और बस दौड़ने लगा…” ये शब्द हैं 40 वर्षीय विश्वाश कुमार रमेश के हैं. रमेश अहमदाबाद में गुरुवार को हुए भीषण एयर इंडिया विमान हादसे में चमत्कारिक रूप से जिंदा बच गए हैं. लंदन जाने वाली फ्लाइट में सवार 242 लोगों में वे इकलौते हैं जो इस समय अस्पताल में जीवित पाए गए हैं.

विश्वाश ने बताया, “टेकऑफ के करीब 30 सेकंड बाद जोरदार आवाज आई और फिर विमान ज़मीन से टकरा गया. सब कुछ इतना तेज़ हुआ कि समझने का मौका ही नहीं मिला.” उनके सीने, आंखों और पैरों में गंभीर चोटें हैं. लेकिन वे होश में हैं और बात कर पा रहे हैं. अहमदाबाद के सिविल अस्पताल, असारवा के जनरल वार्ड में जब पत्रकारों ने उनसे बात की तो वे कांपते शब्दों में हादसे का मंजर बयां कर रहे थे.

भाई साथ थे, अब नहीं मिल रहे
रमेश कुमार विश्वाश ब्रिटिश नागरिक हैं और पिछले कुछ दिनों से भारत में अपने परिवार से मिलने आए थे. वे अपने भाई अजय कुमार रमेश (45) के साथ लंदन लौट रहे थे. लेकिन अब अजय का कोई पता नहीं चल पा रहा है. रमेश कुमार विश्वाश ने कहा-

हादसे की कहानी
यह फ्लाइट लंदन जा रही थी और गुरुवार दोपहर 1:38 बजे टेकऑफ के कुछ ही मिनटों बाद अहमदाबाद में क्रैश हो गई. विमान में सवार 230 यात्रियों में से 169 भारतीय नागरिक, 53 ब्रिटिश, 7 पुर्तगाली और 1 कनाडाई यात्री थे. हादसे के बाद जब विश्वाश कुमार रमेश को होश आया तो आसपास विमान के टुकड़े और बिखरे शव पड़े थे. किसी ने उन्हें उठाकर एंबुलेंस में डाला और अस्पताल पहुंचाया. उनके पास अब भी अपना बोर्डिंग पास मौजूद है. वे एकमात्र गवाह हैं उस भयावह हादसे के.

अंतर्राष्ट्रीय बाल श्रम निषेध दिवस पर पूरे प्रदेश में चला बाल श्रम विरोधी अभियान, कलेक्टरों ने दिए सख्त निर्देश

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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ शासन द्वारा बाल श्रम की रोकथाम के लिए चलाए जा रहे प्रयासों को प्रदेश स्तर पर सख्ती के साथ क्रियान्वयन किया जा रहा है। प्रशासनिक प्रतिबद्धता, जन-जागरूकता और कड़ी निगरानी के माध्यम से बच्चों को शिक्षा, सुरक्षा और गरिमामय जीवन की ओर अग्रसर करने का संकल्प लिया गया है।

अंतर्राष्ट्रीय बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ में बाल श्रम उन्मूलन के लिए जिलेवार अभियान चलाया गया। महासमुंद और कोण्डागांव सहित विभिन्न जिलों में प्रशासन, श्रम विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, शिक्षा विभाग, पुलिस तथा बाल संरक्षण इकाई के संयुक्त प्रयासों से बाल श्रमिकों की पहचान, पुनर्वास और जन-जागरूकता की दिशा में व्यापक गतिविधियाँ आयोजित की गईं।

महासमुंद में कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह ने कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में विभागीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक लेते हुए निर्देश दिए कि जिले में बाल श्रम की किसी भी गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने संयुक्त जांच दल को होटल, ढाबा, निर्माण स्थल, दुकानों एवं अन्य संभावित स्थलों पर निरीक्षण करने कहा। साथ ही विकासखंड स्तर पर बाल श्रम विरोधी रैली, पोस्टर प्रदर्शनी और स्कूलों में विशेष सत्र आयोजित करने के निर्देश दिए। बाल श्रमिकों के पहचान हेतु 15 जून से 30 जून तक जिले में विशेष अभियान चलाया जाएगा। कलेक्टर ने बाल संरक्षण समिति की मासिक बैठक आयोजित कर सतत समीक्षा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्कूल से बाहर रह रहे बच्चों को पुनः स्कूल में लाया जाएगा और उनके परिवारों को शासकीय योजनाओं से जोड़ा जाएगा। बाल श्रम की रोकथाम हेतु बाल अधिकार संरक्षण अधिनियम 2005 की धारा 13, 14 व 15 के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

श्रम पदाधिकारी श्री डी.एन. पात्र ने बताया कि वर्ष 2024 में 92 संस्थानों का निरीक्षण किया गया, जिनमें से 14 के विरुद्ध श्रम न्यायालय में अभियोजन दायर किया गया। न्यायालय ने 9 संस्थानों को 5-5 हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया। वहीं 2025 में अब तक 52 संस्थानों का निरीक्षण हुआ, जिसमें 12 संस्थानों पर सूचना बोर्ड न लगाने पर अभियोजन दायर किया गया है।

14 वर्ष से कम आयु के बच्चों का नियोजन पूर्ण रूप से प्रतिबंधित है। वहीं 14 से 18 वर्ष के किशोरों को खतरनाक और अधिसूचित व्यवसायों में कार्य कराना दंडनीय अपराध है। इनमें होटल, ढाबा, ईंट-भट्ठा, पत्थर खदान, बीड़ी उद्योग, ऑटो गैरेज, घरेलू काम, आदि शामिल हैं। दोषी पाए जाने पर 6 माह से 2 वर्ष तक की सजा या 20 हजार से 50 हजार रुपए तक का जुर्माना या दोनों का प्रावधान है। बाल श्रम की शिकायत के लिए टोल फ्री हेल्पलाइन 1098 और 1800-2332-197 पर संपर्क किया जा सकता है।

कोण्डागांव में चला विशेष निरीक्षण अभियान, दो बच्चों का रेस्क्यू कर पुनर्वास
कोण्डागांव जिले में कलेक्टर श्रीमती नुपूर राशि पन्ना के मार्गदर्शन में श्रम विभाग, जिला बाल संरक्षण इकाई, पुलिस व चाइल्ड हेल्पलाइन की टीम द्वारा बाल श्रमिकों और भिक्षावृत्ति में लिप्त बच्चों के चिन्हांकन और पुनर्वास के लिए अभियान चलाया गया। ढाबों, होटल, मोटर गैरेज, दुकानों में निरीक्षण कर संचालकों को समझाइश दी गई। दो बच्चों को रेस्क्यू कर बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जिन्हें परिवार के पास सुरक्षित पुनर्वासित किया गया तथा शिक्षा विभाग के माध्यम से स्कूल से जोड़ा जाएगा।

छत्तीसगढ़ में सतत विकास की ओर एक बड़ा कदम

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छत्तीसगढ़ सरकार ने सतत और पर्यावरण हितैषी नीति को गति देते हुए एक महत्वपूर्ण पहल की है। इस दिशा में आज बिलासपुर नगर पालिक निगम, छत्तीसगढ़ बायोफ्यूल विकास प्राधिकरण (सीबीडीए) एवं भारत पेट्रोलियम कॉर्पाेरेशन लिमिटेड (BPCL) के मध्य त्रिपक्षीय समझौते पर हस्ताक्षर किए गए। यह एग्रीमेंट सतत योजना (SATAT & Sustainable Alternative Towards Affordable Transportation) के तहत नगरीय ठोस अपशिष्ट से कम्प्रेस्ड बायोगैस उत्पादन हेतु किया गया है।

यह एग्रीमेंट छत्तीसगढ़ राज्य में सतत ऊर्जा उत्पादन एवं पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार स्वच्छ ऊर्जा, स्वच्छ पर्यावरण और सतत विकास को प्राथमिकता दे रही है। सतत योजना के तहत कम्प्रेस्ड बायोगैस संयंत्र की स्थापना न केवल अपशिष्ट प्रबंधन में सहायक होगी, बल्कि रोजगार और हरित अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा देगी।

ग्राम कछार, बिलासपुर में प्रस्तावित संयंत्र 100.150 टन प्रतिदिन MSW संसाधित कर बायोगैस का उत्पादन करेगा। इसमें शत-प्रतिशत निवेश भारत पेट्रोलियम कॉर्पाेरेशन लिमिटेड द्वारा किया जाएगा, जिसकी लागत लगभग 100 करोड़ रुपए की होगी। संयंत्र के माध्यम से बिलासपुर सहित आसपास के नगरीय निकायों से लगभग 150 टन प्रतिदिन ठोस अपशिष्ट का उपयोग किया जाएगा।

इस संयंत्र से जुड़ी प्रमुख विशेषताएं

रोजगार सृजन: संयंत्र के संचालन से प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से लगभग 30,000 मानव दिवस प्रति वर्ष रोजगार सृजित होंगे। पर्यावरणीय लाभ संयंत्र के संचालन से ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन में कमी आएगी तथा राज्य Net Zero Emission लक्ष्य की दिशा में एक कदम और आगे बढ़ेगा। आय और राजस्व पूर्ण क्षमता पर कार्यरत संयंत्र से राज्य को प्रतिवर्ष लगभग 1 करोड़ रुपए का जीएसटी प्राप्त होगा। जैविक खेती को बढ़ावा संयंत्र से सह-उत्पाद के रूप में प्राप्त जैविक खाद का उपयोग जैविक कृषि को प्रोत्साहन देगा। इससे पूर्व अक्टूबर 2024 में भिलाई नगर पालिक निगम के साथ त्रिपक्षीय समझौता हो चुका है, और जनवरी 2025 में अंबिकापुर, रायगढ़, कोरबा, राजनांदगांव एवं धमतरी में कम्प्रेस्ड बायोगैस संयंत्र हेतु एमओयू निष्पादित किया गया था।

आज हुए एग्रीमेंट हस्ताक्षर कार्यक्रम में अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री मनोज पिंगुआ, बिलासपुर कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल, सीबीडीए के सीईओ श्री सुमित सरकार, बीपीसीएल बायोफ्यूल्स प्रमुख श्री अनिल कुमार पी, नगर निगम बिलासपुर कमिश्नर श्री अमित कुमार समेत भारत पेट्रोलियम कॉर्पाेरेशन लिमिटेड और सीबीडीए के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

एकीकृत आदिवासी विकास परियोजना सलाहकार मंडल में अध्यक्ष पद पर मनोनित हुए जनप्रतिनिधि

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राज्य शासन द्वारा एकीकृत आदिवासी विकास परियोजना सलाहकार मंडल के अध्यक्ष पद पर सांसदों, विधायकों एवं जिला पंचायत तथा जनपद पंचायत के जनप्रतिनिधियों का मनोनयन किया गया है। इस आशय का आदेश मंत्रालय महानदी भवन स्थित आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा द्वारा जारी कर दिया गया है।

वित्त मंत्री ओपी चौधरी के मुख्य आतिथ्य में रामगढ़ महोत्सव का भव्य समापन

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दो दिवसीय रामगढ़ महोत्सव का भव्य समापन गुरुवार को वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी के मुख्य आतिथ्य में सम्पन्न हुआ। सरगुजा और बस्तर जैसे अंचलों को सरकार की प्राथमिकता बताते हुए उन्होंने कहा अपने पहले बजट में मैंने इन क्षेत्रों के विकास के लिए विशेष प्रावधान किए हैं और भविष्य में भी इन क्षेत्रों को हरसंभव सहायता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि रामगढ़ की ऐतिहासिकता और सांस्कृतिक महत्व को देखते हुए इस महोत्सव को बजट में शामिल कर एक नियमित वार्षिक आयोजन के रूप में स्थापित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि महाकवि कालिदास द्वारा यहीं ‘मेघदूतम’ की रचना की गई थी, यह स्थल हमारी सांस्कृतिक धरोहर है।

अपने उद्बोधन की शुरुआत मंत्री श्री चौधरी ने भारत माता, छत्तीसगढ़ महतारी, रामगढ़ और महाकवि कालिदास के जयकारों के साथ की। उन्होंने कहा, यह मेरे लिए सौभाग्य की बात है कि मैं रामगढ़ महोत्सव में सम्मिलित हुआ। सोलह वर्ष पूर्व जब मैं सरगुजा जिला पंचायत में सीईओ था, तब रामगढ़ आना हुआ था। आज फिर वही आत्मीयता और अपनापन अनुभव हो रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में बनी सरकार ने बीते डेढ़ वर्षों में जनहित के कई ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं। सरकार ने 18 लाख गरीब परिवारों को प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत किए हैं, 70 लाख बहनों को महतारी वंदन योजना के अंतर्गत हर माह 1000 रूपए की सहायता राशि दी जा रही है और किसानों से 3100 रूपए प्रति क्विंटल की दर से 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान खरीदा जा रहा है।

विभागीय स्टॉलों का अवलोकन, हितग्राहियों को मिला लाभ

इस अवसर पर अतिथियों ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन किया। उद्यानिकी विभाग ने 5 हितग्राहियों को लीची पौधे वितरण, कृषि विभाग ने 10 हितग्राहियों को कोदो की मिनी किट बीज व 10 को मिट्टी परीक्षण कार्ड, मछली पालन विभाग ने 5 मछुआरों को जाल एवं 1 हितग्राही को आइस बॉक्स प्रदान किया। अन्य विभागों द्वारा भी लाभकारी सामग्रियों का वितरण किया गया। साथ ही आमजनों को योजनाओं की जानकारी दी गई।

सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने मोहा मन

रामगढ़ महोत्सव के समापन अवसर पर रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। स्कूली छात्र-छात्राओं एवं कलाकारों ने लोकनृत्य, नाटक व गीत-संगीत की शानदार प्रस्तुतियाँ दीं। खैरागढ़ संगीत विद्यालय के मोक्षम ग्रुप ने श्रीराम स्तुति पर मंत्रमुग्ध कर देने वाली प्रस्तुति दी। श्रीराम और केवट संवाद पर आधारित नाट्य प्रस्तुति ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया। देर शाम तक चले इन कार्यक्रमों ने दर्शकों को उत्सव स्थल पर बांधे रखा।

समारोह में सरगुजा सांसद श्री चिंतामणि महाराज, अंबिकापुर विधायक श्री राजेश अग्रवाल, लुंड्रा विधायक श्री प्रबोध मिंज, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती निरुपा सिंह, नगर निगम महापौर श्रीमती मंजूषा भगत सहित जनप्रतिनिधि और कलेक्टर श्री विलास भोसकर, पुलिस अधीक्षक श्री राजेश अग्रवाल सहित जिले के वरिष्ठ अधिकारी और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में ई-गवर्नेंस की ओर बड़ा कदम: अब कर्मचारियों की ‘कुंडली’ मोबाइल एप पर

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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ शासन ई-गवर्नेंस के माध्यम से सुशासन को सशक्त और सहज बनाने की दिशा में लगातार कार्य कर रहा है। “डिजिटल प्रशासन – पारदर्शी समाधान” की नीति को आगे बढ़ाते हुए, प्रदेश सरकार ने अब कर्मचारियों की सेवा जानकारी को मोबाइल एप के माध्यम से अद्यतन करने की अभिनव पहल की है। यह प्रयास मुख्यमंत्री श्री साय की उस सोच को दर्शाता है जिसमें प्रत्येक कर्मचारी की सुविधा, सम्मान और अधिकार सुरक्षित हों — तेज़, सरल और भरोसेमंद प्रणाली के माध्यम से। इसी कड़ी में प्रदेश के लगभग 4 लाख सरकारी कर्मचारियों की सीआर के लिए अब फाइलें पलटने का झंझट समाप्त हो गया है।कर्मचारियों की प्रोफाइल अब एम्प्लाई कॉर्नर मोबाइल एप पर अद्यतन (अपडेट) की जाएगी। इससे सेवानिवृत्ति, पदोन्नति, वेतन विसंगति आदि के समय किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी।

नई व्यवस्था के अनुसार अब कर्मचारियों की प्रोफाइल को कार्मिक संपदा पोर्टल पर लोड और अपडेट करना अनिवार्य होगा। इसके लिए एम्प्लाई कॉर्नर मोबाइल एप और वेब पोर्टल विकसित किए गए हैं।संचालनालय कोष एवं लेखा की इस नई व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है। कर्मचारियों की सेवा संबंधी “कुंडली” को अद्यतन रखने में यह व्यवस्था अत्यंत सहायक सिद्ध होगी। हालाँकि 2019 से कार्मिक संपदा मॉड्यूल का उपयोग किया जा रहा है, किंतु यह नवीन डिजिटल प्लेटफॉर्म कर्मचारियों को उनकी व्यक्तिगत एवं सेवा संबंधी जानकारी त्वरित व सुविधाजनक रूप से उपलब्ध कराएगा।

संचालक कोष एवं लेखा श्री रितेश अग्रवाल ने कहा कि यह पाया गया है कि कार्मिक संपदा पोर्टल पर अधिकांश कर्मचारी अपनी जानकारी अपडेट नहीं करते हैं, जिसके कारण सेवानिवृत्ति के समय उन्हें अनेक प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। कार्मिक संपदा मॉड्यूल में व्यक्तिगत जानकारी अपडेट करने की जिम्मेदारी कार्यालय प्रमुख की होती है, लेकिन इसमें समय लगने के कारण असुविधाएँ उत्पन्न होती हैं। इन समस्याओं के समाधान हेतु एम्प्लाई कॉर्नर मोबाइल एप विकसित किया गया है, जो कर्मचारियों को स्वयं लॉगिन कर अपनी जानकारी अपडेट करने की सुविधा देता है।

अब सेवा संबंधी जानकारी, नामिनी परिवर्तन, बैंक खाता परिवर्तन आदि के लिए कार्यालय प्रमुख पर निर्भरता नहीं रहेगी, जिससे अनावश्यक विलंब की स्थिति में भी कमी आएगी। स्थानांतरण, वेतन निर्धारण, पदोन्नति और अन्य प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता और प्रगति सुनिश्चित होगी। साथ ही सेवा के दौरान और सेवानिवृत्ति उपरांत मिलने वाले लाभ जैसे पेंशन, जीपीएफ, उपादान, अवकाश नगदीकरण आदि प्रकरणों का शीघ्र निराकरण संभव होगा, क्योंकि संबंधित डेटा अद्यतन रहेगा।

कार्मिक संपदा एप से मिलेंगे ये प्रमुख लाभ

कर्मचारियों से प्राप्त सेवा संबंधी आवेदनों का निपटारा सक्षम अधिकारी समयबद्ध तरीके से कर सकेंगे। मॉड्यूल के अद्यतन होने से वेतन विसंगति से जुड़ी समस्याएँ कम होंगी। कर्मचारी एम्प्लाई कॉर्नर मोबाइल एप या वेब एप्लिकेशन पर लॉगइन कर जानकारी स्वयं अपडेट कर सकते हैं। प्रोफाइल अद्यतन की प्रक्रिया को सरल और सुगम बनाने के उद्देश्य से यह एप और पोर्टल तैयार किया गया है। इसके उपयोग के लिए एसओपी (Standard Operating Procedure) की जानकारी
https://ekoshonline.cg.gov.in/Advertisement/sop_karmik_website_merged.pdf
में दी गई है।

साथ ही, शासकीय कर्मचारियों के सेवानिवृत्ति उपरांत महालेखाकार कार्यालय में अंतिम जीपीएफ दावा को पूर्णतः ऑनलाइन माध्यम से प्रस्तुत करने की व्यवस्था भी तैयार की गई है। इससे दावे के निराकरण में लगने वाला समय काफी कम हो जाएगा।

इसके अतिरिक्त, ऑनलाइन जीपीएफ क्रेडिट मिसिंग मॉड्यूल भी विकसित किया गया है, जिससे कार्यालय प्रमुख और कर्मचारी सेवा काल के दौरान मिसिंग जीपीएफ एंट्री का ऑनलाइन सुधार कर सकेंगे।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का यह स्पष्ट दृष्टिकोण है कि राज्य शासन का प्रत्येक निर्णय आम जन और कर्मचारियों के हित में हो। यह डिजिटल पहल कर्मचारियों की सेवा सुरक्षा, प्रक्रिया में पारदर्शिता और त्वरित निपटान की दिशा में एक सशक्त कदम है, जो छत्तीसगढ़ को ई-गवर्नेंस की अग्रणी श्रेणी में स्थापित करता है।

हम सभी की साझी भागीदारी से ही पर्यावरण संरक्षण का संकल्प होगा पूरा : मुख्यमंत्री साय

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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक सभागार में आयोजित फाइट अगेंस्ट ग्लोबल वार्मिंग कैंपेन कार्यक्रम में शामिल हुए।

मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षा, विकास का मूलमंत्र है और यह राष्ट्र के समग्र विकास की प्रारंभिक तथा अत्यंत महत्वपूर्ण कड़ी है। उन्होंने कहा कि निजी शिक्षण संस्थानों ने भी शिक्षा के विस्तार में अपनी महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई है। श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने देश को वर्ष 2047 तक विकसित भारत बनाने का जो लक्ष्य निर्धारित किया है, उसे प्राप्त करने में हम सभी की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। राज्य सरकार ने इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए विकसित छत्तीसगढ़ का विज़न डॉक्यूमेंट तैयार किया है और इस दिशा में निरंतर प्रयासों को गति प्रदान की जा रही है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि 25 वर्ष का छत्तीसगढ़ आज अपनी रजत जयंती मना रहा है और इस यात्रा में राज्य ने चहुंमुखी विकास की दिशा में ऐतिहासिक उपलब्धियाँ हासिल की हैं। उन्होंने कहा कि आज छत्तीसगढ़ में आईआईटी, आईआईएम, एम्स जैसे प्रतिष्ठित केंद्रीय संस्थान कार्यरत हैं, जो राज्य के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज पूरी दुनिया जलवायु परिवर्तन और ग्लोबल वार्मिंग की गंभीर चुनौती से जूझ रही है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार ने वर्ष 2070 तक नेट ज़ीरो कार्बन उत्सर्जन का लक्ष्य तय किया है, जिसकी दिशा में देश ने तीव्र गति से कदम बढ़ाए हैं। छत्तीसगढ़ ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देने की दिशा में अग्रसर है। राज्य की आकर्षक नई औद्योगिक नीति के तहत केवल ऊर्जा क्षेत्र में ही तीन लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्राप्त हुए हैं। मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि राज्य में वृक्षारोपण का विशेष अभियान चलाया जा रहा है और विगत वर्ष चार करोड़ पौधे रोपे गए थे। राज्य सरकार “एक पेड़ माँ के नाम” और “पीपल फॉर पीपुल” जैसे नवाचार कार्यक्रमों को निरंतर जारी रखेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें नौनिहालों में पर्यावरण चेतना का विकास करना चाहिए, जिससे वे स्वच्छ, सुंदर और सुरक्षित भविष्य की नींव रख सकें। उन्होंने इस अभियान में भाग ले रहे सभी शिक्षकों और आयोजकों की सराहना की और कहा कि सामाजिक भागीदारी से ही हम शुद्ध हवा, निर्मल जल और स्वस्थ वातावरण सुनिश्चित कर सकते हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने संघ द्वारा आने वाले वर्षों में 11 लाख पीपल के वृक्षारोपण के संकल्प की सराहना की।

कार्यक्रम में इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल, अशासकीय विद्यालय संचालक संघ के प्रदेश अध्यक्ष श्री सुबोध राठी, सचिव श्री मनोज पाण्डेय तथा अन्य प्रतिनिधिगण उपस्थित थे। उल्लेखनीय है कि यह कार्यक्रम छत्तीसगढ़ राज्य अशासकीय विद्यालय संचालक संघ एवं छत्तीसगढ़ राज्य गौ संरक्षण एवं संवर्धन समिति के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया था।9

एयर इंडिया का प्‍लेन क्‍यों हुआ क्रैश, सामने आई वजह, 238 लोग थे सवार, एयरपोर्ट के पास धुएं का गुबार

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अहमदाबाद में बाड़ा हादसा हुआ है. एयरपोर्ट से टेकऑफ के दौरान एयर इंडिया का प्‍लेन क्रैश हो गया है. प्रारंभिक जांच में विमान के दुर्घटनाग्रस्‍त होने की वजह सामने आई है. बताया जा रहा है कि प्‍लेन का पिछला हिस्‍सा यानी टेल के टकराने से यह हादसा हुआ है. कुछ रिपोर्ट में बताया जा रहा है कि विमान के इंजन में अचानक खराबी आ गई, जिस वजह से यह हादसा हुआ. प्‍लेन में 238 लोग सवार थे. एयर इंडिया का यह प्‍लेन अहमदाबाद से टेकऑफ करने के बाद लंदन के लिए रवाना हुआ था. दुर्घटनास्‍थल पर धुएं के गुबार को देखा जा सकता है. हादसे के बाद केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने गुजरात के मुख्‍यमंत्री, राज्‍य के गृह मंत्री और अहमदाबाद के पुलिस कमिश्‍नर से फोन पर बात कर हालात के बारे में जानकारी हासिल की है. अमित शाह ने हर तरह की मदद का भरोसा दिलाया है.

आगजनी, हिंसा और विरोध… ट्रंप ने इराक-सीरिया से अधिक अमेरिकी सैनिक लॉस एंजिल्स में उतारे

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कथित तौर पर अपनी कठोर इमिग्रेशन नीतियों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन को रोकने के लिए कैलिफोर्निया के लॉस एंजिल्स शहर (LA) में वाशिंगटन द्वारा इराक और सीरिया में तैनात किए गए सैनिकों की तुलना में अधिक अमेरिकी सैनिकों को भेजा है. रिपब्लिकन नेता ने देश में अवैध रूप से रहने वाले प्रवासियों को पकड़ने के प्रयासों में अचानक वृद्धि की है जिसके कारण हिंसक विरोध प्रदर्शन भड़क गए हैं और अब उनका मुकाबला करने के लिए LA में लगभग 4,000 नेशनल गार्ड कर्मियों और 700 से अधिक सक्रिय ड्यूटी मरीन को तैनात किया है.

एबीसी न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, “इराक में 2,500 और सीरिया में 1,500 सैनिकों की तुलना में लॉस एंजिल्स शहर में 4,800 सक्रिय गार्ड और मरीन हैं.” पेंटागन के अनुसार, लॉस एंजिल्स शहर में सेना की तैनाती पर अमेरिका की टैक्स देने वाली जनता को 60 दिनों में 134 मिलियन डॉलर का खर्च आएगा.

लॉस एंजिल्स में विरोध प्रदर्शन
लॉस एंजिल्स में अशांति 6 जून को शुरू हुई जब अमेरिका के इमिग्रेशन और सीमा शुल्क प्रवर्तन (ICE) ने अवैध प्रवासियों (जिनके पास डॉक्यूमेंट नहीं है) को बड़े पैमाने पर हिरासत में लेना शुरू कर दिया. 7 जून की शाम तक, अधिकारियों ने कथित तौर पर कम से कम 44 लोगों को गिरफ्तार किया था.

जवाब में, शहर के निवासी सड़कों पर उतर आए और विरोध प्रदर्शन बाद में दंगों में बदल गया. राष्ट्रपति ट्रंप ने कैलिफोर्निया के गवर्नर गेविन न्यूसोम से परामर्श किए बिना अशांति के जवाब में शहर में सैनिकों की तैनाती का आदेश दिया. यह शहर लगभग 39 लाख लोगों का घर है. गवर्नर ने बाद में इस कदम के लिए ट्रंप प्रशासन पर मुकदमा दायर किया. डेमोक्रेट गवर्नर न्यूसोम ने आरोप लगाया है कि ट्रंप राजनीतिक लाभ के लिए टकराव को बढ़ाना चाहते हैं.

अवैध प्रवासियों को निकालने पर ट्रंप का जोर
ट्रंप ने पिछले साल आंशिक रूप से गैर-दस्तावेजी प्रवासियों द्वारा किए गए “आक्रमण” का मुकाबला करने के वादे पर चुनाव जीता था. वह अब राजनीतिक लाभ कमाने के अवसर का लाभ उठा रहे हैं और गवर्नर गेविन न्यूसोम की आपत्तियों के बावजूद कैलिफोर्निया नेशनल गार्ड को तैनात करने का आदेश दे रहे हैं. दशकों में पहली बार किसी अमेरिकी राष्ट्रपति ने इस तरह की कार्रवाई की है.

इस बीच, लॉस एंजिल्स में सैन्य समर्थित कार्रवाई और कट्टर-दक्षिणपंथी रिपब्लिकन राष्ट्रपति द्वारा “भारी बल” का उपयोग करने की धमकी के बावजूद, ट्रंप के इमिग्रेशन छापों के खिलाफ प्रदर्शन बुधवार को पूरे अमेरिका भर में फैल गया.

मिडिल ईस्ट में सेना कम कर रहे ट्रंप
घरेलू अशांति के बीच, ट्रंप अमेरिकी सैनिकों को मिडिल ईस्ट से बाह निकालने की योजना बना रहे हैं, जिसे उन्होंने “खतरनाक जगह” बताया है. बुधवार को, अमेरिकी नेता ने कहा कि कर्मियों को मिडिल ईस्ट से बाहर ले जाया जा रहा है क्योंकि “यह एक खतरनाक जगह हो सकती है,” उन्होंने कहा कि संयुक्त राज्य अमेरिका ईरान को परमाणु हथियार रखने की अनुमति नहीं देगा.

भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने तेलंगाना में सिंचाई विभाग के कार्यकारी अभियंता नुने श्रीधर से जुड़े 13 ठिकानों पर छापे मारे.

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तेलंगाना के सिंचाई विभाग के कार्यकारी इंजीनियर नूने श्रीधर के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने बड़ा खुलासा किया है. श्रीधर पर आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप है, जिसके तहत उनकी अरबों की संपत्ति जब्त की गई है. मंगलवार को ACB ने श्रीधर और उनके रिश्तेदारों से जुड़े 13 ठिकानों पर छापेमारी की, जिसमें एक शानदार विला, 19 प्राइम रिहायशी प्लॉट, तीन स्वतंत्र इमारतें, 16 एकड़ कृषि भूमि, दो लग्जरी गाड़ियां, सोने के आभूषण और भारी बैंक जमा राशि बरामद हुई.

नूने श्रीधर, जो करीमनगर के चोप्पडांडी में SRSP कैंप के डिवीजन नंबर 8 में तैनात थे, कथित तौर पर अवैध तरीकों और संदिग्ध साधनों से यह संपत्ति जमा करने में शामिल थे. ACB के अनुसार, इन संपत्तियों का बाजार मूल्य उनके रजिस्टर्ड मूल्य से कहीं अधिक है. जांच में यह भी पता चला कि श्रीधर ने अपने बेटे की शादी के लिए थाईलैंड में करोड़ों रुपये खर्च किए. इस शाही शादी ने ACB का ध्यान खींचा, जिसके बाद छापेमारी शुरू हुई.

श्रीधर का नाम विवादास्पद कालेश्वरम लिफ्ट इरिगेशन प्रोजेक्ट से भी जुड़ा है, जिसे दुनिया का सबसे बड़ा मल्टी-स्टेज लिफ्ट इरिगेशन प्रोजेक्ट कहा जाता है. इस परियोजना में वित्तीय अनियमितताओं की जांच चल रही है, और श्रीधर की भूमिका भी सवालों के घेरे में है. ACB ने उनके मलकपेट (हैदराबाद) स्थित आवास, करीमनगर में कार्यालय, और वारंगल व सिद्दीपेट में रिश्तेदारों के घरों पर तलाशी ली. इस दौरान वित्तीय दस्तावेज, संपत्ति के कागजात और लेनदेन के रिकॉर्ड जब्त किए गए, जिनकी जांच से सिंचाई विभाग के ठेकों में भ्रष्टाचार के संभावित लिंक की पड़ताल हो रही है.

ACB ने श्रीधर को करीमनगर से गिरफ्तार कर हैदराबाद लाया, जहां उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया. उन्हें बुधवार को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया. अधिकारियों का कहना है कि श्रीधर के पास हैदराबाद के शेखपेट में 4,500 वर्ग फुट का एक प्रीमियम फ्लैट, तेल्लापुर में एक लग्जरी विला, अमीरपेट में कमर्शियल स्पेस, और करीमनगर में होटल व्यवसाय में हिस्सेदारी भी है.