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किसने RCB को ‘विक्ट्री परेड’ की परमिशन दी? बेंगलुरु भगदड़ पर हाईकोर्ट सख्त, सरकार से पूछे ये 9 तीखे सवाल

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चिन्नास्वामी स्टेडियम में मची भगदड़ से लोगों की मौत पर कर्नाटक हाईकोर्ट ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है. अदालत ने बुधवार को सुनवाई के दौरान इस संबंध में राज्य की कांग्रेस सरकार से 1-2 नहीं, बल्कि कुल 9 सवाल पूछे हैं. गुरुवार को हाईकोर्ट ने जो प्रमुख सवाल पूछे और 10 जून तक उनके जवाब मांगे, उनमें से कुछ इस प्रकार हैं: जीत का जश्न मनाने का फैसला किसने लिया? किस तरीके से और कब? क्या इस कार्यक्रम को आयोजित करने के लिए कोई अनुमति मांगी गई थी? और क्या इस तरह के किसी भी खेल आयोजन और समारोह में 50,000 या उससे अधिक की भीड़ को मैनेज करने के लिए कोई एसओपी (मानक संचालन प्रक्रिया) तैयार की गई है?

कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश वी कामेश्वर राव और न्यायमूर्ति सी एम जोशी की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने बेंगलुरु में क्रिकेट स्टेडियम त्रासदी के संबंध में न्यायालय द्वारा ली गई स्वतः संज्ञान रिट याचिका के दौरान ये सवाल पूछे थे. इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) की जीत का जश्न मनाने के लिए आयोजित कार्यक्रम के दौरान चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर भगदड़ मच गई थी, जिसमें लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी.
कर्नाटक हाईकोर्ट द्वारा पूछे गए अन्य प्रश्न थे:
* ट्रैफिक को कंट्रोल करने के लिए क्या कदम उठाए गए?
* जनता/भीड़ को कंट्रोल करने के लिए क्या कदम उठाए गए?
* आयोजन स्थल पर क्या मेडिकल और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई गई थीं?
* समारोह के समय उपस्थित होने वाले लोगों की संख्या के बारे में पहले से कोई आकलन किया गया था?
* क्या घायल व्यक्तियों को आयोजन स्थल पर मेडिकल एक्सपर्ट्स द्वारा तुरंत मेडिकल सहायता दी गई थी? यदि नहीं, तो क्यों?
* घायलों को अस्पताल ले जाने में कितना समय लगा?

सूत्रों के अनुसार, हाईकोर्ट की स्वतः संज्ञान याचिका और उसके द्वारा पूछे गए प्रश्नों के कारण ही 6 जून को कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया द्वारा अपने कानूनी सलाहकार ए एस पोन्नाना और राज्य के महाधिवक्ता के एम शशिकिरण शेट्टी के साथ विचार-विमर्श के बाद बेंगलुरु के पुलिस कमिश्नर सहित पांच पुलिस अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया गया. इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के फाइनल मैच में आरसीबी की जीत के जश्न में भाग लेने के लिए 4 जून को चिन्नास्वामी स्टेडियम के पास बड़ी संख्या में क्रिकेट प्रेमियों के जुटने के बाद मची भगदड़ में लोगों की मौत हो गई और 56 अन्य लोग घायल हो गए थे.

पाकिस्तान के एक-एक झूठ को मिट्टी में मिलाकर लौटे 2 डेलिगेशन, जयशंकर ने किया स्‍वागत

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विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने सात मल्‍टी-पार्टी डेलिगेशन में से दो का स्‍वागत भारत लौटने पर किया. विदेशों में पाकिस्‍तान के झूठ की पोल खोलने के बाद लौटे इस डेलिगशन ने विदेश मंत्री से मुलाकात की. पहलगाम आतंकी हमले के बाद ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारत ने पाकिस्‍तान के आतंक परस्‍त सिस्‍टम को ध्‍वस्‍त कर दिया था. इसके बाद पाकिस्‍तान ने दुनिया भर में अपने झूठ का पिटारा खोल दिया था. ऑल पार्टी डेलिगेशन इस झूठ की पोल खोलने के लिए दुनिया भर में गया. हर डेलिगेशन में सात सांसद हैं. जो दो डेलिगेशन लौटे थे उनमें से एक का नेतृत्‍व श्रिकांत शिंदे और दूसरी का सुप्रिया सुले कर रही थी.
क्‍या बोले एस जयशंकर?
श्रिकांत शिंदे की अगुवाई वाला दल अफ्रीकी देशों—जैसे कि सिएरा लियोन, लाइबेरिया, और कांगो—का दौरा कर लौटा. वहीं, एनसीपी (एसपी) की सांसद सुप्रिया सुले के नेतृत्व वाला प्रतिनिधिमंडल दक्षिण अफ्रीका, इथियोपिया और मिस्र जैसे देशों में गया. डॉ. जयशंकर ने कहा कि ये देश भले ही वैश्विक राजनीति में बहुत प्रमुख न दिखें, लेकिन उनका महत्व भविष्य में बढ़ेगा. उन्होंने कहा, “आप जो संदेश वापस लाए हैं, वह देश के लिए बड़ी सेवा है.” दोनों दलों ने विदेश मंत्री को बताया कि किस तरह इन देशों में भारतीय प्रतिनिधियों का स्वागत हुआ और भारत के दृष्टिकोण को गंभीरता से सुना गया.
अफ्रीकी देशों ने दिया भारत का साथ
जयशंकर ने विशेष रूप से शिंदे के दल की प्रशंसा की, जिन्होंने वेस्‍ट अफ्रीकी देश सिएरा लियोन और लाइबेरिया में पुलवामा हमले के शहीदों की स्मृति में मौन रखवाया. यह एक प्रतीकात्मक और भावनात्मक संकेत था कि भारत की पीड़ा को विश्व स्तर पर साझा किया जा सकता है. कई देशों ने भारत से पाकिस्तान से बातचीत की मांग की, जिस पर दलों ने स्पष्ट किया कि पाकिस्तान की आतंकवाद-समर्थक नीतियों के कारण संवाद संभव नहीं. यह संदेश देना आवश्यक था कि भारत शांति चाहता है, लेकिन आत्मसम्मान और सुरक्षा से समझौता नहीं कर सकता. प्रतिनिधियों ने सुझाव दिया कि भारत को इन देशों के साथ व्यापार, संस्कृति, पर्यटन और मीडिया संवाद जैसे क्षेत्रों में भी सक्रियता दिखानी चाहिए. लाइबेरिया ने भारत में एक वाणिज्य दूतावास खोलने की इच्छा जताई है और व्यापार के लिए रबर व खनिज क्षेत्रों में संभावनाएं खोजने का सुझाव भी दिया गया.

SBI क्लर्क मेंस का रिजल्ट sbi.co.in पर जल्द होगा जारी, आसानी से ऐसे कर पाएंगे चेक

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भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के माध्यम से आयोजित क्लर्क भर्ती परीक्षा (जूनियर एसोसिएट्स) के मेंस का परिणाम अब लद्दाख यूटी के लिए घोषित किया जा चुका है. जल्द ही बैंक देश के शेष क्षेत्रों के लिए भी रिजल्ट जारी कर सकता है. परीक्षा में शामिल सभी उम्मीदवार अपने लॉगिन डिटेल्स का उपयोग करके SBI की आधिकारिक वेबसाइट sbi.co.in पर जाकर अपने परिणाम देख सकेंगे.
लद्दाख यूटी के लिए परिणाम जारी
लेह और कारगिल घाटी सहित लद्दाख केंद्र शासित प्रदेश के उम्मीदवारों के लिए मेंस रिजल्ट पहले ही उपलब्ध करा दिया गया है. चयनित उम्मीदवारों को अब स्थानीय भाषा दक्षता परीक्षा (LPT) में शामिल होना होगा, जो अंतिम चयन प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण चरण है.
अनुमानित SBI क्लर्क मेन्स 2025 कट-ऑफ (सामान्य वर्ग)
परीक्षा की कठिनाई, रिक्तियों की संख्या और पिछले वर्षों के रुझानों को ध्यान में रखते हुए विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए संभावित कट-ऑफ इस प्रकार अनुमानित की गई है.
दिल्ली: 87 – 92
महाराष्ट्र: 89 – 94
पश्चिम बंगाल: 92 – 97
केरल: 87 – 92
उत्तर प्रदेश: 86 – 91
हरियाणा: 85 – 90
हिमाचल प्रदेश: 86 – 91
जम्मू और कश्मीर: 87 – 92
बिहार: 81 – 86
गुजरात: 79 – 84
छत्तीसगढ़: 79 – 84
गोवा: 80 – 85
असम: 84 – 89
राजस्थान: 85 – 90
तमिलनाडु: 87 – 92
तेलंगाना: 82 – 87
मध्य प्रदेश: 81 – 86
उत्तराखंड: 86 – 91
आंध्र प्रदेश: 79 – 84
झारखंड: 79 – 84
कर्नाटक: 85 – 90
ओडिशा: 87 – 92
पंजाब: 84 – 89
त्रिपुरा: 80 – 85
लद्दाख यूटी: 75 – 80
13,000 से अधिक पदों पर होगी भर्ती

SBI की इस क्लर्क भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से कुल 13,732 जूनियर एसोसिएट पदों को भरा जा रहा है, जिनका कैटेगरी वाइज विवरण नीचे दिया गया है.
सामान्य वर्ग (UR): 5,870 पद
अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC): 3,001 पद
अनुसूचित जाति (SC): 2,118 पद
अनुसूचित जनजाति (ST): 1,385 पद
आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS): 1,361 पद

SBI की आधिकारिक वेबसाइट sbi.co.in पर जाएं.
होमपेज के शीर्ष दाएं कोने में मौजूद ‘Careers’ सेक्शन पर क्लिक करें.
‘Latest Announcements’ या ‘Recruitment Results’ अनुभाग में जाएं.
संबंधित पद और वर्ष चुनें और ‘Search’ पर क्लिक करें.
परिणाम लिंक स्क्रीन पर दिखाई होगा, उस पर क्लिक करें.
PDF डाउनलोड करें और अपना रोल नंबर या नाम सूची में देखें.

PNB समेत इन 5 बैंकों ने ग्राहकों को दी खुशखबरी, लोन पर घटाई ब्याज दरें, चेक करें रेट्स

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भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की एमपीसी ने शुक्रवार (6 जून) को रेपो रेट में 50 बेसिस प्वाइंट (0.50 फीसदी) की कटौती का ऐलान किया था. अब रेपो रेट घटकर 5.5 फीसदी पर आ गई है, जो पहले 6 फीसदी थी. वहीं आरबीआई के इस फैसले के बाद बैंकों ने भी लोन पर ब्‍याज करना शुरू कर दिया है.

आरबीआई की ओर से रेपो रेट में कटौती के बाद पंजाब नेशनल बैंक (PNB) समेत 5 बैंकों ने कर्ज की दरें घटाने का ऐलान किया है. रेपो रेट में बड़ी कटौती के कुछ घंटे बाद पब्लिक सेक्टर के पंजाब नेशनल बैंक (PNB) ने लेंडिंग दरों में 0.50 फीसदी की कमी का ऐलान कर दिया. इससे मौजूदा ग्राहकों की भी ईएमआई घटेगी और नए लोन लेने वालों के लिए भी ये अच्छा मौका है.
9 जून से लागू होंगी PNB की नई दरें
पीएनबी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर कहा, “हमारे मूल्यवान ग्राहकों के लिए बहुत अच्छी खबर है. पंजाब नेशनल बैंक ने आपकी ईएमआई को ज्यादा सस्ती बनाया. रेपो रेट में कटौती (6.00 फीसदी से 5.50 फीसदी) के बाद पंजाब नेशनल बैंक ने 9 जून, 2025 से प्रभावी, 0.50 प्रतिशत से रेपो लिंक्ड लेंडिंग रेट (RLLR) को कम कर दिया है.”

मुख्यमंत्री साय छत्तीसगढ़ स्टेट बेवरेजेस कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष निवास मद्दी के पदभार ग्रहण समारोह में हुए शामिल

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मुख्यमंत्री साय आज राजधानी रायपुर स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में छत्तीसगढ़ स्टेट बेवरेजेस कॉर्पोरेशन के नव नियुक्त अध्यक्ष श्रीनिवास मद्दी के पदभार ग्रहण एवं अभिनंदन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने श्री मद्दी को नई जिम्मेदारी के लिए हार्दिक शुभकामनाएं दीं।

मुख्यमंत्री साय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि श्री मद्दी सामाजिक रूप से लंबे समय से सक्रिय हैं और उनके पास विभिन्न पदों पर कार्य करने का गहरा अनुभव है। मुझे विश्वास है कि उनका यह अनुभव स्टेट बेवरेजेस कॉर्पोरेशन के कार्यों को सुदृढ़ करने में उपयोगी सिद्ध होगा। श्री साय ने कहा कि हमारी सरकार अनेक नवाचारों के माध्यम से शासकीय कार्यों में पारदर्शिता ला रही है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बस्तर में शांति स्थापना और विकास के लिए हमारी सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। नक्सल उन्मूलन के साथ-साथ हम बस्तर में अधोसंरचना और पर्यटन विकास के कार्यों को गति दे रहे हैं, ताकि स्थानीय लोगों को स्वरोजगार के नए अवसर प्राप्त हो सकें। हमने हाल ही में दुधारू पशु योजना के माध्यम से आदिवासी परिवार को दो अच्छी नस्ल की गाय प्रदान करने की शुरुआत की है, जिससे प्रदेश में दूध का उत्पादन बढ़ेगा और किसानों और पशुपालकों की आय में वृद्धि होगी।

मुख्यमंत्री साय ने अपने दिल्ली प्रवास के दौरान प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से हुई मुलाकात में प्रदेश के विकास को लेकर हुई महत्वपूर्ण चर्चाओं का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री से बस्तर में सिंचाई परियोजनाओं और इंद्रावती एवं महानदी को जोड़ने की महत्वाकांक्षी पहल के बारे में सार्थक चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि बस्तर के विकास के साथ-साथ यह विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में एक निर्णायक कदम सिद्ध होगा।

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि श्री श्रीनिवास के सामाजिक जीवन के लंबे अनुभव का लाभ निश्चित ही बेवरेजेस कॉर्पोरेशन को मिलेगा। उन्हें पहले भी वन विकास निगम के अध्यक्ष के रूप में कार्य करने का मौका मिला था और उन्होंने बेहतर ढंग से दायित्व का निर्वहन किया। इस अवसर पर नई जिम्मेदारियों के लिए उन्होंने श्री मद्दी को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर जगदलपुर विधायक श्री किरण देव ने भी संबोधित किया एवं शुभकामनाएं दीं।

कार्यक्रम में वन मंत्री कश्यप, स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा, सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी, सांसद श्री महेश कश्यप, सांसद श्री भोजराज नाग, विधायक राजेश मूणत, विधायक मोतीलाल साहू, विधायक श्री आशाराम नेताम, विधायक श्री चैतराम अटामी, विधायक विनायक गोयल, विधायक धरमलाल कौशिक, विभिन्न निगम-मंडलों के अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ स्टेट बेवरेजेस कॉर्पोरेशन के प्रबंध संचालक श्री श्याम धावड़े, आबकारी विभाग के अधिकारी-कर्मचारीगण एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक सहित जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

युक्तियुक्तकरण नीति से कबीरधाम जिले के 10 स्कूलों में हुई रसायन विषय विशेषज्ञ शिक्षकों की नियुक्ति

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राज्य शासन द्वारा शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़, संतुलित और परिणाममुखी बनाने के उद्देश्य से लागू की गई युक्तियुक्तकरण नीति का सकारात्मक प्रभाव अब ज़मीन पर दिखाई देने लगा है। यह नीति विशेष रूप से उन विद्यालयों में कारगर सिद्ध हो रही है जहाँ शिक्षकों की कमी या विषय-विशेषज्ञों का अभाव लंबे समय से छात्रों की पढ़ाई में बाधा बन रहा था।
युक्तियुक्तकरण के अंतर्गत कबीरधाम जिले के 10 शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में रसायन विज्ञान विषय के शिक्षकों की नियुक्ति कर दी गई है। इससे इन स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को अब बेहतर मार्गदर्शन प्राप्त होगा, जिससे उनकी विषय के प्रति समझ और रुचि दोनों में वृद्धि होगी। इसके तहत शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मरका, कापादाह, कोड़ापुरी, पोलमी, कुंडा, नेउर, राजानवागांव, जुनवानी जंगल, समनापुर और सिंघनगढ़ विद्यालयों में अब विशेषज्ञ शिक्षक छात्रों को प्रयोगात्मक और सैद्धांतिक दोनों स्तरों पर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करेंगे।
शिक्षकों की नई पदस्थापनाओं से विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों के छात्रों को सीधा लाभ मिलेगा। पहले जहां एकल शिक्षक या विषयविहीन विद्यालयों में बच्चों को सीमित शिक्षण सुविधा मिलती थी, वहीं अब विशेषज्ञ शिक्षकों की उपलब्धता से उनका शैक्षणिक स्तर और आत्मविश्वास दोनों बढ़ेगा। राज्य शासन की मंशा है कि हर विद्यार्थी को उसकी रुचि और आवश्यकता के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले, चाहे वह शहरी क्षेत्र में हो या सुदूर ग्रामीण अंचल में। युक्तियुक्तकरण इसी दिशा में एक क्रांतिकारी पहल है, जो शिक्षा व्यवस्था को नई ऊँचाईयों की ओर ले जा रही है।
विद्यालयों में विषय विशेषज्ञ शिक्षकों की नियुक्ति से अब शिक्षा केवल पाठ्यक्रम तक सीमित न रहकर अनुभव आधारित और व्यवहारिक बनेगी। इससे छात्रों में जिज्ञासा और रचनात्मकता को भी बल मिलेगा। राज्य सरकार का यह प्रयास है कि कोई भी बच्चा शिक्षा के अधिकार से वंचित न रहे और हर स्कूल और हर विषय में शिक्षक की पूर्ण उपलब्धता हो। युक्तियुक्तकरण योजना न केवल शिक्षकों के समुचित वितरण का माध्यम बन रही है, बल्कि यह गुणवत्ता, समानता और समावेशी शिक्षा की दिशा में एक ठोस कदम है, जो प्रदेश के लाखों विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला रख रही है।

युक्तियुक्तकरण से जशपुर के ग्रामीण अंचलों में शिक्षा की फिर से जली लौ

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छत्तीसगढ़ शासन द्वारा शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार और स्कूलों में शिक्षक उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से प्रदेश भर में चलाए जा रहे युक्तियुक्तकरण अभियान के सकारात्मक परिणाम अब स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगे हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में क्रियान्वित इस अभियान से खासकर आदिवासी बहुल और दूरस्थ ग्रामीण अंचलों में शिक्षा के क्षेत्र में नई उम्मीद जगी है।

फरसाबहार विकासखंड के दो ऐसे प्राथमिक विद्यालय रैगारमुंडा और मुण्डाडीह, जो वर्षों से शिक्षक विहीन थे, अब यहां युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया के तहत 2-2 नियमित शिक्षकों पदस्थ हो चुके हैं। रैगारमुंडा शाला, जो कि स्वयं मुख्यमंत्री साय के विधानसभा क्षेत्र कुनकुरी में स्थित है, में दो शिक्षकों की नियुक्ति से गांव में शिक्षा के प्रति वातावरण पूरी तरह से बदल गया है। पूर्व में विद्यालय केवल व्यवस्था अनुसार शिक्षकों के भरोसे चल रहा था, और बच्चों की उपस्थिति नगण्य थी। अब यहां के पालकों में नया विश्वास जगा है और वे पुनः अपने बच्चों का नामांकन स्थानीय शाला में कराने के लिए आगे आ रहे हैं।

इसी प्रकार मुण्डाडीह के प्राथमिक विद्यालय में लंबे समय से शिक्षक न होने के कारण शिक्षण कार्य लगभग ठप था। गांव के लोग आशंकित थे कि कहीं उनके बच्चों का भविष्य अंधकारमय न हो जाए। किंतु अब नियमित शिक्षकों की पदस्थापना से विद्यालय में फिर से पढ़ाई हो सकेगी। विद्यालय की शाला प्रबंधन समिति के अध्यक्ष और ग्रामवासियों ने शिक्षकों के आगमन पर उनका आत्मीय स्वागत किया और शासन के प्रति आभार व्यक्त किया।

ग्रामवासी शांति चौहान, जिनकी बेटी कक्षा पाँचवीं में पढ़ती है, भावुक होकर बताती हैं किअब हम निश्चिंत हैं कि हमारे बच्चे भी पढ़-लिखकर कुछ बन पाएंगे। शिक्षक आ गए हैं, ये हमारे लिए बहुत बड़ा तोहफा है।

इस सकारात्मक बदलाव पर माननीय मुख्यमंत्री साय ने कहा कि शिक्षा को सबसे बड़ी प्राथमिकता देना हमारी सरकार की प्रतिबद्धता है। मैं स्वयं देख रहा था कि कई विद्यालय शिक्षक विहीन स्थिति में थे, विशेष रूप से सुदूर अंचलों में। इसलिए हमने युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया को पूरी पारदर्शिता से लागू किया। यह सुनिश्चित किया गया कि जहां-जहां जरूरत है, वहां शिक्षकों की तैनाती हो। जशपुर के फरसाबहार क्षेत्र में जो सकारात्मक बदलाव आ रहा है, वह इस नीति की सफलता का प्रमाण है। यह केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि हमारे बच्चों के भविष्य को संवारने की दिशा में किया गया प्रयास है।

मुख्यमंत्री साय ने यह भी कहा कि सरकार की कोशिश है कि अगले शैक्षणिक सत्र तक प्रदेश के सभी प्राथमिक और माध्यमिक शालाओं में आवश्यक शिक्षक उपलब्ध हों।शिक्षकों की उपस्थिति से बच्चों को अब नियमित मार्गदर्शन मिलेगा, शैक्षणिक गतिविधियों को नया आयाम मिलेगा और समूचे अंचल में शिक्षा के प्रति जागरूकता की नई लहर दौड़ पड़ी है।

इस प्रकार, जशपुर जिले के रैगारमुंडा और मुण्डाडीह जैसे गांवों में युक्तियुक्तकरण की यह पहल न केवल शिक्षा को बल दे रही है, बल्कि ग्रामीण समाज में सरकार के प्रति विश्वास और सहभागिता का आधार भी मज़बूत कर रही है। यह छत्तीसगढ़ सरकार के संकल्प—“सब पढ़ें, सब बढ़ें” की दिशा में एक सार्थक कदम है।

दंतेवाड़ा के युवाओं को सशक्त बनाने की पहल

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शिक्षा और कौशल विकास के क्षेत्र में नवाचार की श्रृंखला को आगे बढ़ाते हुए, दंतेवाड़ा जिला प्रशासन ने एक और प्रभावशाली पहल की है। स्थानीय युवाओं को डिजिटल दुनिया से जोड़ने और उन्हें रोजगारोन्मुखी कौशल प्रदान करने के उद्देश्य से, जिला प्रशासन ने नवगुरुकुल संस्था के सहयोग से शैक्षणिक सत्र 2025,26 के लिए प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है। यह कार्यक्रम पूर्णतः निःशुल्क एवं आवासीय है, जिसमें छात्रों को कंप्यूटर प्रोग्रामिंग, व्यवसायिक और पेशेवर कौशलों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा।

नवगुरुकुल का यह कार्यक्रम विशेष रूप से उन युवाओं के लिए डिजाइन किया गया है जो सीमित आर्थिक संसाधनों के बावजूद आगे बढ़ना चाहते हैं। प्रशिक्षण की अवधि 18 से 24 महीने की होगी, जिसमें छात्रों को निःशुल्क हॉस्टल, लैपटॉप, इंटरनेट और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जाएगा। पाठ्यक्रम को इस प्रकार से तैयार किया गया है कि प्रतिभागी प्रशिक्षण पूर्ण करने के बाद आत्मविश्वास के साथ रोजगार की दुनिया में प्रवेश कर सकें।

उल्लेखनीय है कि अब तक दंतेवाड़ा जिले के 100 से अधिक छात्र इस कार्यक्रम में शामिल हो चुके हैं, जिनमें से 52 से अधिक छात्र देश की प्रतिष्ठित कंपनियों में सफलतापूर्वक चयनित हो चुके हैं। इन छात्रों को 12,000 से 25,000 रुपये मासिक वेतन प्राप्त हो रहा है, जिसमें औसत वेतन 15,000 से 20,000 रुपये के बीच है। विशेष बात यह है कि इस कार्यक्रम में भाषा को कोई बाधा नहीं माना जाता केवल मौलिक अंग्रेजी ज्ञान पर्याप्त है। कार्यक्रम सभी जेंडर के लिए खुला है, हालांकि महिलाओं को प्राथमिकता दी जाएगी, और अधिकतम आयु की कोई सीमा नहीं है।

मौजूदा सत्र हेतु नवगुरुकुल में प्रवेश परीक्षा हेतु तिथियां जारी

इस सत्र हेतु नवगुरुकुल में प्रवेश परीक्षा के लिए तिथियां जारी कर दी गई है। इस क्रम में विकासखंड, गीदम में 9 जून को (परीक्षा केंद्र स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिंदी माध्यम विद्यालय बारसूर,) विकासखंड, कुआकोंडा में 10 जून को (परीक्षा केंद्र पोटा केबिन स्कूल पालनार,) विकासखंड, कटेकल्याण में 12 जून को (परीक्षा केंद्र स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिंदी माध्यम विद्यालय कटेकल्याण,) विकासखंड, दंतेवाड़ा में 13 जून को (परीक्षा केंद्र स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिंदी माध्यम विद्यालय, बचेली) प्रवेष परीक्षा होगी।

नवगुरुकुल में प्रवेश हेतु आवेदक की न्यूनतम आयु 17 वर्ष निर्धारित की गई है। (अधिकतम आयु की कोई सीमा नहीं है)। इसके अलावा आवेदक के परिवार की वार्षिक आय 5 लाख रुपये से कम होनी चाहिए। चयनित सभी प्रतिभागियों को यह प्रशिक्षण एवं सुविधाएं पूर्णतः निःशुल्क प्रदान की जाएंगी, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित हो सके। इसके साथ ही अधिक जानकारी के लिए कॉल या व्हाट्सएप नंबर 8103248471,6265158142 संपर्क किया जा सकता है। इसके अलावा ऑनलाइन आवेदन लिंक https://admissions-navgurukul-org/partnerLanding/dantewada पर देखा जा सकता है।

केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने हाल ही में नक्सलवाद के विरुद्ध चलाए गए अभियानों में अहम भूमिका निभाने वाले बधाई दी

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केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने हाल ही में नक्सलवाद के विरुद्ध चलाए गए अभियानों में अहम भूमिका निभाने वाले अधिकारियों से आज नई दिल्ली में भेंट कर इन ऑपरेशंस की ऐतिहासिक सफलता पर उन्हें बधाई दी। उन्होंने कहा कि सरकार नक्सलवाद के दंश से भारत को मुक्त करने के लिए संकल्पित है। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा उपस्थित थे।

गृह मंत्री ने X पर किए गए एक पोस्ट में कहा, “हाल ही में नक्सलवाद के विरुद्ध चलाए गए अभियानों में अहम भूमिका निभाने वाले अधिकारियों से भेंट कर इन ऑपरेशंस की ऐतिहासिक सफलता पर उन्हें बधाई दी। इन अभियानों को अपनी बहादुरी से सफल बनाने वाले जवानों से भी मिलने के लिए उत्सुक हूँ और जल्द ही छत्तीसगढ़ आकर उनसे भेंट करूँगा। मोदी सरकार नक्सलवाद के दंश से भारत को मुक्त करने के लिए संकल्पित है।

उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ में सुरक्षा बलों द्वारा केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री के निर्देशन में माओवादी विरोधी अभियानों का संचालन किया जा रहा है। इसके तहत अबूझमाड़ के अंदरूनी क्षेत्रों में दिनांक 18.05.2025 से 21.05.2025 तक छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा (जिसमें जिला नारायणपुर, दंतेवाड़ा, कोण्डागांव एवं बीजापुर पुलिस के डीआरजी बल शामिल थे) संचालित अभियान में दिनांक 21.05.2025 को ग्राम बोटेर के जंगलों में हुए मुठभेड़ में भाकपा (माओवादी) के महासचिव व पोलित ब्यूरो सदस्य बसवाराजू उर्फ गगन्ना सहित 27 नक्सली मारे गये तथा भारी मात्रा में हथियार एवं गोला बारूद बरामद हुए।

इस अभियान में शामिल छत्तीसगढ़ के पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (नक्सल विरोधी अभियान/ एसआईबी/ एसटीएफ) विवेकानंद, बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज, नारायणपुर के पुलिस अधीक्षक श्री प्रभात कुमार, बीजापुर के पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र यादव और नक्सल मुक्त जिला बस्तर के पुलिस अधीक्षक शलभ सिंह को केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह द्वारा सम्मानित किया गया। इस अवसर पर केन्द्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन, आसूचना ब्यूरो के निदेशक तपन डेका सहित कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

अजीब शौक रखता है ये चोर, नोटों से भरा बैग चुराकर दोस्तों के साथ कर रहा था ऐसे मजे

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छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले की बगीचा पुलिस ने शौकीन चोर को गिरफ्तार किया है, जो महंगी शराब पीने के लिए चोरी किया करता था. पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 30 हजार रुपये जब्त किए हैं. आरोपी चोरी की रकम से दोस्तों के साथ महंगी शराब का सेवन करता था.

दरअसल, जशपुर के एसएसपी (SSP Jashpur) शशिमोहन सिंह ने बताया कि बगीचा थाना क्षेत्र के बूढ़ाडांड़ निवासी अविनाश कुमार गुप्ता ने थाने में शिकायत दर्ज कराई कि 27 मई की रात उनके घर मे संचालित कियोस्क शाखा सेंटर के अंदर बैग में रखे नगदी रकम एक लाख बीस हजार रूपये की चोरी हो गई.

दोस्तों के साथ पी रहा था शराब

रिपोर्ट पर पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया. इसी बीच मुखबिर से सूचना मिली कि बूढ़ाडांड़ गांव का एक साधारण सा शराबी युवक इन दिनों रोज महंगी-महंगी शराब अपने दोस्तों को पिला रहा है और अक्सर बाहर घूमने-फिरने जा रहा है. पैसे को शराब पार्टी में लुटा रहा है. पुलिस ने संदेह के आधार पर प्रमोद खेस्स को हिरासत में लेकर पूछताछ करने पर बताया कि किसी काम से पड़ोस के कियोस्क संचालक अविनाश गुप्ता के घर में गया था.

रुपयों से भरा बैग देख डोली नीयत

तब उसने अविनाश गुप्ता को कमरे में रखे बैग से पैसे निकालते देखा था, जिससे उसकी नीयत खराब हो गई और मौका देखकर घर में घुस गया. फिर पैसे निकालकर भाग गया और बैग बाहर फेंक दिया था.