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अदाणी फाउंडेशन ने बच्चों संग मनाया ‘हरियाली का उत्सव’,पर्यावरण संरक्षण का लिया गया संकल्प

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विश्व पर्यावरण दिवस (World Environment Day) के मौके पर छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के रायपुर में भी कई पर्यावरण पर आधारित कार्यक्रम आयोजित किए गए. इस खास मौके पर अदाणी फाउंडेशन द्वारा अदाणी पावर लिमिटेड (एपीएल), रायखेड़ा परिसर में ‘हरियाली का उत्सव’ नामक एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस आयोजन में रायखेड़ा और आसपास के ग्रामों से आए 227 बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया.

कार्यक्रम की शुरुआत चित्रकला प्रतियोगिता से हुई, जिसमें बच्चों ने पर्यावरण संरक्षण, जलवायु परिवर्तन और भूमि सुरक्षा जैसे विषयों पर अपनी रचनात्मकता प्रस्तुत की. विजेताओं को सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन किया गया.

इस अवसर पर अदाणी फाउंडेशन की अध्यक्ष डॉ. प्रीति अदाणी ने अपने संदेश में कहा, “बच्चों में पर्यावरण के प्रति जागरूकता एक स्थायी भविष्य की नींव है. मुझे गर्व है कि अदाणी फाउंडेशन के प्रयासों से बच्चे आज प्रकृति के संरक्षण की दिशा में कदम बढ़ा रहे हैं. यही हमारी ‘ग्राम से वैश्विक’ सोच की सच्ची मिसाल है.”

कार्यक्रम के दौरान बच्चों द्वारा प्रस्तुत छत्तीसगढ़ी लोकनृत्य ने सांस्कृतिक समरसता को जीवंत किया और पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया. सभी बच्चों ने वृक्षारोपण करने और प्लास्टिक के कम उपयोग का संकल्प लिया.

छत्तीसगढ़ में नया फरमान! गौ तस्करी करने वालों की प्रॉपर्टी होगी सीज; यहां डिप्टी सीएम ने दिया सख्त निर्देश

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छत्तीसगढ़ में गाय व अन्य गोवंश की तस्करी करने वालों पर सख्ती करने के निर्देश दे दिए गए हैं. नवा रायपुर स्थित मंत्रालय में गोवंश की तस्करी व प्रताड़ना मामलों की रोकथाम को लेकर पुलिस की समीक्षा बैठक हुई. इस समीक्षा बैठक की अध्यक्षता खुद उपमुख्यमंत्री और गृह मंत्री विजय शर्मा ने की. बैठक में कई महत्वपूर्ण दिशा निर्देश जारी किए गए.

‘किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं’
उपमुख्यमंत्री शर्मा ने बताया कि अब प्रदेश में गोवंश की तस्करी में उपयोग वाहनों को हर हाल में राजसात करने के निर्देश दिए गए हैं. इसके अलावा इस तरह की वारदात में बार-बार संलिप्त रहने वाले अपराधी की प्रॉपर्टी भी सीज करने के निर्देश दे दिए गए हैं. वाहनों और प्रॉपर्टी को निलाम कर, उससे मिलने वाली राशि को गोसेवा के लिए काम कर रहे लोगों को मदद के तौर पर देने कहा गया. इस मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. इसके संबंध में और कड़े कानून बनाने के लिए पशु विभाग से जुड़े कुछ जरूरी बदलाव करने का अनुरोध भी मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से किया गया.

समुद्र में धाक जमा रहा भारत, अमेर‍िका-यूरोप भी रह गए पीछे, चीन-नीदरलैंड के बाद तीसरा नंबर हमारा

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भारत अब समुद्र में धाक जमा रहा रहा है. वह अपने ल‍िए ही नहीं, दुनिया के ल‍िए जहाज बनाने लगा है. इस मामले में उसने अमेरिका-यूरोप जैसे बड़े-बड़े देशों को भी पीछे छोड़ दिया है. सरकार की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, भारत अब ड्राई कार्गो जहाज बनाने में दुनिया में तीसरे नंबर पर पहुंच गया है, जो खास तौर पर यूरोप के छोटे समुद्री रास्तों के लिए बनाए जाते हैं. इस लिस्ट में पहले नंबर पर चीन है, फिर नीदरलैंड, और अब तीसरे नंबर पर हमारा भारत है. पोर्ट शिपिंग और वाटरवेज मिन‍िस्‍टर सर्वानंद सोनोवाल ने खुद यह जानकारी शेयर की है.
भारत ने 381 जहाजों में से 14 जहाज बनाए हैं, जिनका वजन 73,200 टन है. ये जहाज यूरोप में छोटे समुद्री रास्तों के लिए इस्तेमाल होते हैं. तुलना करें तो चीन ने 33 जहाज बनाए, जिनका वजन 2,35,050 टन है और नीदरलैंड ने 63 जहाज बनाए. भारत का तीसरे नंबर पर आना दिखाता है कि हम अब इस फील्ड में कितने सिरियस प्‍लेयर हो गए हैं. भारत का जहाज निर्माण उद्योग तेजी से बढ़ रहा है और इसे बड़ा सपोर्ट मिल रहा है. 2024 में इस इंडस्ट्री की वैल्यू 1.12 बिलियन डॉलर थी. 2033 तक इसके 8 बिलियन डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है. सरकार की शिपबिल्डिंग फाइनेंशियल असिस्टेंस पॉलिसी और आत्मनिर्भर भारत जैसी स्कीम्स ने इसे बड़ा बूस्ट दिया है. इसका मकसद है कि भारत दुनिया के कार्गो वॉल्यूम में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाए।

ये इतनी बड़ी बात क्यों है?
भारत हिंद महासागर के ठीक बीच में है. समुद्र के रास्ते से दुनिया का ज्यादातर व्यापार होता है और भारत की ये पोजीशन उसे बहुत ताकत देती है. जहाज बनाने की ताकत बढ़ने से भारत अब न सिर्फ अपने लिए जहाज बना सकता है, बल्कि दुनिया को बेच भी सकता है. खास बात ये है कि दुनिया के बड़े जहाज बनाने वाले देशों में अब जगह की कमी हो रही है, और भारत इस मौके को भुनाने की कोशिश कर रहा है. इससे न सिर्फ पैसा आएगा, बल्कि समुद्र में हमारी ताकत भी बढ़ेगी. कल को हमें अपनी नेवी के लिए भी जहाज बनाने हों, तो हम किसी और पर निर्भर नहीं रहेंगे.

ट्रंप की टैरिफ धमकी बेअसर, Apple ने Tata के हाथों में थमाई iPhone की जान!

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हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आईफोन मेकर ऐपल (Apple) को चेतावनी दी थी कि अमेरिका में बिकने वाले आईफोन अमेरिका में ही बनाए जाएं, वरना भारत या दूसरे देशों में बनाए गए आईफोन पर 25 फीसदी टैरिफ लगेगा. ट्रंप की धमकी के बावजूद ऐपल (Apple) ने बड़ा फैसला लिया है. दरअसल, कंपनी ने भारतीय बाजार में आईफोन और मैकबुक डिवाइसेज के रिपेयर का काम संभालने के लिए टाटा ग्रुप (Tata Group) से हाथ मिलाया है.
न्यूज एजेंसी रायटर्स के मुताबिक, ऐपल मैन्युफैक्चरिंग के लिए चीन के अलावा दूसरे ऑप्शन भी देख रहा है. इधर टाटा इसके बड़ा सप्लायर के रूप में उभरा है. टाटा ग्रुप पहले से ही दक्षिण भारत में 3 फैक्ट्री में लोकल और फॉरेन मार्केट के लिए आईफोन को असेंबल कर रहा है, जिनमें से एक में आईफोन के कुछ कंपोनेंट भी बनाए जा रहे हैं.
आईफोन असेंबली कैंपस से होगा रिपेयर का काम
नए पार्टनरशिप विस्तार में टाटा ताइवान की विस्ट्रॉन की भारतीय यूनिट- आईसीटी सर्विस मैनेजमेंट सॉल्यूशंस (ICT Service Management Solutions) से मेंडेट ले रहा है. दुनिया के दूसरे सबसे बड़े स्मार्टफोन मार्केट भारत में रिपेयर का बाजार तेजी से बढ़ने वाला है क्योंकि आईफोन की भारत में बंपर बिक्री हो रही है. काउंटरपॉइंट रिसर्च का अनुमान है कि पिछले साल भारत में करीब 1.1 करोड़ आईफोन बिके, जिससे ऐपल को बाजार में 7 फीसदी हिस्सेदारी मिली, जबकि साल 2020 में यह सिर्फ 1 फीसदी थी.

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय स्वर्गीय श्री रामजीलाल अग्रवाल के शांति मिलन कार्यक्रम में शामिल हुए

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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज शाम सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल के पिताजी स्वर्गीय श्री रामजीलाल अग्रवाल के शांति मिलन कार्यक्रम में शामिल हुए। मुख्यमंत्री श्री साय ने स्वर्गीय श्री रामजीलाल अग्रवाल के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। उन्होंने सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल और उनके परिवारजनों से मिलकर शोक संवेदना प्रकट की।

मुख्यमंत्री के साथ स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल भी कार्यक्रम में पहुंचे थे। उन्होंने भी स्वर्गीय श्री रामजीलाल अग्रवाल को श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम का आयोजन रायपुर के बेबीलोन इंटरनेशनल होटल में किया गया। सांसद श्री अग्रवाल ने अपने पिता जी स्वर्गीय श्री रामजीलाल अग्रवाल के व्यक्तित्व और कृतित्व तथा प्रेरणादायक जीवन पर प्रकाशित पुस्तक ‘हमर सियान’ की प्रति मुख्यमंत्री श्री साय को भेंट की।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय स्वर्गीय श्री रामजीलाल अग्रवाल के शांति मिलन कार्यक्रम में शामिल हुए

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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज शाम सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल के पिताजी स्वर्गीय श्री रामजीलाल अग्रवाल के शांति मिलन कार्यक्रम में शामिल हुए। मुख्यमंत्री श्री साय ने स्वर्गीय श्री रामजीलाल अग्रवाल के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। उन्होंने सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल और उनके परिवारजनों से मिलकर शोक संवेदना प्रकट की।

मुख्यमंत्री के साथ स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल भी कार्यक्रम में पहुंचे थे। उन्होंने भी स्वर्गीय श्री रामजीलाल अग्रवाल को श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम का आयोजन रायपुर के बेबीलोन इंटरनेशनल होटल में किया गया। सांसद श्री अग्रवाल ने अपने पिता जी स्वर्गीय श्री रामजीलाल अग्रवाल के व्यक्तित्व और कृतित्व तथा प्रेरणादायक जीवन पर प्रकाशित पुस्तक ‘हमर सियान’ की प्रति मुख्यमंत्री श्री साय को भेंट की।

नवा रायपुर में पुरखौती मुक्तांगन के सामने स्थापित होगा भव्य एवं आकर्षक कलाग्राम

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नवा रायपुर अटल नगर में पुरखौती मुक्तांगन के सामने भव्य एवं आकर्षक कलाग्राम की स्थापना होगी। इसके लिए छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा 10 एकड़ भूमि निःशुल्क दी जाएगी। यह निर्णय 4 जून को मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के अध्यक्षता में नवा रायपुर स्थित महानदी मंत्रालय भवन में मंत्रिपरिषद की बैठक में लिया गया। इसक उद्देश्य छत्तीसगढ़ में कला, संस्कृति और शिल्प को प्रोत्साहन देना है। संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार की मांग पर कलाग्राम हेतु नवा रायपुर के सेक्टर-24, ग्राम उपरवारा में लगभग 10 एकड़ भूमि निःशुल्क आबंटित किए जाने की मंजूरी दी है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का कहना है कि कलाग्राम की स्थापना छत्तीसगढ़ की पारंपरिक कला, संस्कृति और शिल्प को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। यह सिर्फ एक संरचना नहीं, बल्कि हमारे कलाकारों के सपनों का मंच होगा, जो उन्हें अपनी प्रतिभा को प्रदर्शित करने और जीविका के अवसर प्राप्त करने में सहयोग करेगा। हमारी सरकार लोककला और हस्तशिल्प को आत्मनिर्भर भारत की भावना से जोड़कर उन्हें वैश्विक मंच देना चाहती है।

यह कलाग्राम शिल्पकारों, लोक कलाकारों और परंपरागत कारीगरों के लिए एक समर्पित केंद्र होगा, जो सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देगा और रचनात्मक अर्थव्यवस्था के केन्द्र के रूप में कार्य करते हुए कला, संस्कृति एवं छत्तीसगढ़ की समृद्ध विरासत का प्रदर्शन करेगा। यह केंद्र निर्माण, संचालन एवं संरक्षण कार्यों सहित सभी खर्च भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय द्वारा वहन किया जाएगा।

उल्लेखनीय है कि नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण द्वारा चिन्हांकित यह भूमि पुरखौती मुक्तांगन के सामने स्थित है, जो दो ओर से मुख्य मार्ग से जुड़ी हुई है तथा कलाग्राम के लिए उपयुक्त मानी गई है। चूंकि नवा रायपुर विकास प्राधिकरण एक स्ववित्त पोषित संस्था है, इसलिए राज्य शासन उक्त भूमि के प्रीमियम एवं भू-भाटक की प्रतिपूर्ति की राशि प्राधिकरण को भुगतान करेगा। यह निर्णय न केवल छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक समृद्धि को सुदृढ़ करेगा, बल्कि स्थानीय कारीगरों एवं शिल्पकारों के लिए राष्ट्रीय स्तर पर अपनी कला को प्रदर्शित करने का एक स्थायी मंच भी प्रदान करेगा।

नवा रायपुर में पुरखौती मुक्तांगन के सामने स्थापित होगा भव्य एवं आकर्षक कलाग्राम

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नवा रायपुर अटल नगर में पुरखौती मुक्तांगन के सामने भव्य एवं आकर्षक कलाग्राम की स्थापना होगी। इसके लिए छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा 10 एकड़ भूमि निःशुल्क दी जाएगी। यह निर्णय 4 जून को मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के अध्यक्षता में नवा रायपुर स्थित महानदी मंत्रालय भवन में मंत्रिपरिषद की बैठक में लिया गया। इसक उद्देश्य छत्तीसगढ़ में कला, संस्कृति और शिल्प को प्रोत्साहन देना है। संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार की मांग पर कलाग्राम हेतु नवा रायपुर के सेक्टर-24, ग्राम उपरवारा में लगभग 10 एकड़ भूमि निःशुल्क आबंटित किए जाने की मंजूरी दी है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का कहना है कि कलाग्राम की स्थापना छत्तीसगढ़ की पारंपरिक कला, संस्कृति और शिल्प को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। यह सिर्फ एक संरचना नहीं, बल्कि हमारे कलाकारों के सपनों का मंच होगा, जो उन्हें अपनी प्रतिभा को प्रदर्शित करने और जीविका के अवसर प्राप्त करने में सहयोग करेगा। हमारी सरकार लोककला और हस्तशिल्प को आत्मनिर्भर भारत की भावना से जोड़कर उन्हें वैश्विक मंच देना चाहती है।

यह कलाग्राम शिल्पकारों, लोक कलाकारों और परंपरागत कारीगरों के लिए एक समर्पित केंद्र होगा, जो सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देगा और रचनात्मक अर्थव्यवस्था के केन्द्र के रूप में कार्य करते हुए कला, संस्कृति एवं छत्तीसगढ़ की समृद्ध विरासत का प्रदर्शन करेगा। यह केंद्र निर्माण, संचालन एवं संरक्षण कार्यों सहित सभी खर्च भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय द्वारा वहन किया जाएगा।

उल्लेखनीय है कि नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण द्वारा चिन्हांकित यह भूमि पुरखौती मुक्तांगन के सामने स्थित है, जो दो ओर से मुख्य मार्ग से जुड़ी हुई है तथा कलाग्राम के लिए उपयुक्त मानी गई है। चूंकि नवा रायपुर विकास प्राधिकरण एक स्ववित्त पोषित संस्था है, इसलिए राज्य शासन उक्त भूमि के प्रीमियम एवं भू-भाटक की प्रतिपूर्ति की राशि प्राधिकरण को भुगतान करेगा। यह निर्णय न केवल छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक समृद्धि को सुदृढ़ करेगा, बल्कि स्थानीय कारीगरों एवं शिल्पकारों के लिए राष्ट्रीय स्तर पर अपनी कला को प्रदर्शित करने का एक स्थायी मंच भी प्रदान करेगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने बादाम का पौधा लगाया

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विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज कांकेर जिले के संबलपुर स्थित हाई स्कूल मैदान परिसर में ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत बादाम का पौधा रोपित किया। यह कार्यक्रम राज्य में पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाने की दिशा में एक सशक्त पहल है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के साथ कांकेर सांसद श्री भोजराज नाग, अंतागढ़ विधायक श्री विक्रमदेव उसेंडी, विधायक श्री आशाराम नेताम सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं आम नागरिकों ने भी उत्साहपूर्वक वृक्षारोपण किया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि एक पेड़ मां के नाम अभियान केवल वृक्षारोपण तक सीमित नहीं है, यह माता के प्रति श्रद्धा, प्रकृति के प्रति कृतज्ञता और भावी पीढ़ियों के लिए सुरक्षित भविष्य की संकल्पना है। जब हम अपनी मां के नाम पर एक पेड़ लगाते हैं, तो उसमें भावनात्मक जुड़ाव आता है और हम उसकी देखभाल भी पूरे मन से करते हैं। उन्होंने आम नागरिकों से अपील की कि वे इस अभियान में सहभागी बनें और अपनी माता, आराध्य देवी-देव के नाम पर कम से कम एक पेड़ अवश्य लगाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल छत्तीसगढ़ को हरित प्रदेश बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी। एक पेड़ मां के नाम अभियान एक अभिनव पहल है, जिसका उद्देश्य पर्यावरणीय जागरूकता के साथ सामाजिक और भावनात्मक सरोकार को जोड़ना है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने बादाम का पौधा लगाया

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विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज कांकेर जिले के संबलपुर स्थित हाई स्कूल मैदान परिसर में ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत बादाम का पौधा रोपित किया। यह कार्यक्रम राज्य में पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाने की दिशा में एक सशक्त पहल है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के साथ कांकेर सांसद श्री भोजराज नाग, अंतागढ़ विधायक श्री विक्रमदेव उसेंडी, विधायक श्री आशाराम नेताम सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं आम नागरिकों ने भी उत्साहपूर्वक वृक्षारोपण किया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि एक पेड़ मां के नाम अभियान केवल वृक्षारोपण तक सीमित नहीं है, यह माता के प्रति श्रद्धा, प्रकृति के प्रति कृतज्ञता और भावी पीढ़ियों के लिए सुरक्षित भविष्य की संकल्पना है। जब हम अपनी मां के नाम पर एक पेड़ लगाते हैं, तो उसमें भावनात्मक जुड़ाव आता है और हम उसकी देखभाल भी पूरे मन से करते हैं। उन्होंने आम नागरिकों से अपील की कि वे इस अभियान में सहभागी बनें और अपनी माता, आराध्य देवी-देव के नाम पर कम से कम एक पेड़ अवश्य लगाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल छत्तीसगढ़ को हरित प्रदेश बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी। एक पेड़ मां के नाम अभियान एक अभिनव पहल है, जिसका उद्देश्य पर्यावरणीय जागरूकता के साथ सामाजिक और भावनात्मक सरोकार को जोड़ना है।