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Automobile Sector: वाहन बिक्री ने बनाया रिकॉर्ड, 2500 करोड़ के 71 हजार से ज्यादा वाहन बिके…

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Automobile Sector: छत्तीसगढ़ में पहली बार वित्तीय वर्ष समाप्त होने के महीनेभर पहले रेकॉर्ड 2500 करोड़ के रुपए की 71714 वाहनों की खरीदी हुई।

छत्तीसगढ़ में पहली बार वित्तीय वर्ष समाप्त होने के महीनेभर पहले रेकॉर्ड 2500 करोड़ के रुपए की 71714 वाहनों की खरीदी हुई। जबकि फरवरी 2025 में इसी अवधि के दौरान 57224 वाहनों की बिक्री हुई। इसमें चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान 10.18 फीसदी का ग्रोथ हुआ है। इसमें सबसे ज्यादा 44850 दोपहिया और 9712 कार शामिल है। ग्रीष्मकालीन रवि फसल को देखते हुए किसानों द्वारा 3808 ट्रैक्टर और कारोबारी गतिविधियों में इजाफा होने के कारण 3014 मालवाहक वाहन की खरीदी हुई। ऑटोमोबाइल डीलरों का कहना है कि दीपावली त्योहार के बाद राज्य सरकार द्वारा 3100 रुपए प्रति क्विंटल धान की खरीदी करने के साथ बोनस की राशि का भुगतान करने के कारण वाहनों की जमकर बिक्री हुई है। खरीदारों ने अपनी पसंद और जरूरत के अनुसार दोपहिया, तीनपहिया और कार से लेकर कर्मशियल वाहनों की खरीदा।

Automobile Sector: बजट का असर

केंद्र और राज्य सरकार के बजट में किए गए प्रावधानों से बाजार पर असर देखने को मिला। विभिन्न सेक्टरों में जीएसटी में छूट दिए जाने से कारोबारी गतिविधियों में इजाफा हुआ। वहीं ऑटोमोबाइल सहित अन्य सेक्टर में बूम की स्थिति रही। रायपुर ऑटोमोबाइल द्वारा 20 जनवरी से 5 फरवरी तक ऑटो एक्सपो के दौरान 3299.05 करोड़ रुपए 61074 वाहनों की बिक्री हुई। इसमें 50 फीसदी का कारोबार 1 से 5 फरवरी तक हुआ।

Automobile Sector: ईवी की डिमांड

इलेक्ट्रिक वाहनों में न्यूतम 10 फीसदी और अधिकतम 1 लाख रुपए की सब्सिडी छूट से वाहनों की डिमांड बढ़ी है। फरवरी में 15000 से ज्यादा दोपहिया, ऑटो और मालवाहक वाहनों की खरीदी हुई। फाडा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष मनीषराज सिंघानिया ने बताया कि राज्य की इकानॉमी ग्रोथ के चलते ही वाहनों की डिमांड लगातार बढ़ रही है। कृषि उपज, लोहा, कोयला, सीमेंट, बाक्साइड सहित अन्य खनिज मिनरल और अन्य डेवलपमेट के काम से लोगों का आय बढ़ी है

Automobile Sector: ग्रोथ हुई

प्रदेश अध्यक्ष राडा विवेक गर्ग ने कहा की ऑटोमोबाइल सेक्टर में 10.18 फीसदी की उल्लेखनीय ग्रोथ हुई है। राज्य सरकार द्वारा किसानों को कृषि उपज के बाद बोनस की रकम का भुगतान होने से दोपहिया से लेकर कार की जमकर खरीदी हुई। वहीं ग्रीष्मकालीन फसल को देखते हुए ट्रैक्टरों की बिक्री हुई।

CG Budget Session 2026: बजट सत्र में विभागवार अनुदान मांगों पर चर्चा, पूर्व सीएम और कांग्रेस विधायक को विपक्ष ने घेरा…

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पूर्व सीएम और कांग्रेस विधायक के सवालों पर घिरे मंत्री दयाल दास, इस मुद्दे को लेकर पूछे सवाल तो नहीं दे पाए जवाब

CG Budget Session 2026: पूर्व सीएम और कांग्रेस विधायक के सवालों पर घिरे मंत्री दयाल दास, इस मुद्दे को लेकर पूछे सवाल तो नहीं दे पाए जवाब

  • बजट सत्र में विभागवार अनुदान मांगों पर चर्चा हुई’
  • बस्तर संभाग के 44,612 किसान धान बेचने से वंचित रहे’

CG Budget Session 2026: होली की छुट्टी के बाद आज फिर से छत्तीसगढ़ विधानसभा का बजट सत्र शुरू हो गया है। सत्र के दौरान आज से बजट की अनुदान मांगों पर विभागवार चर्चा हुई। जिसमें कई महत्वपूर्ण विभागों के कामकाज और बजट को लेकर बहस हुई।

CG Budget Session 2026 LIVE: सदन में प्रश्नकाल के दौरान आज बस्तर संभाग में इस साल हुई धान खरीदी को लेकर मुद्दा गरमाया। विधानसभा के प्रश्नकाल के दौरान खाद्य मंत्री दयाल दास बघेल ने जानकारी दी कि इस साल बस्तर संभाग के 44,612 किसान धान बेचने से वंचित रह गए। इस मुद्दे पर कांग्रेस विधायक लखेश्वर बघेल ने सवाल किया कि इन किसानों में कितने वन अधिकार पट्टा धारक हैं, कितने किसान ऋणी हैं और कितने अऋणी किसान हैं।

उनके इस सवाल कर जवाब मंत्री दयाल दास बघेल नहीं दे पाए। इसके बाद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी सवाल उठाते हुए पूछा कि आखिर कितने किसानों से धान का समर्पण कराया गया है? इस सवाल का जवाब भी मंत्री दयाल दास बघेल नहीं दे पाए।

”CG Budget2026 LIVE: ‘बजट सत्र के छठे दिन धान खरीदी का मुद्दा गरमाया‘ कांग्रेस ने सरकार को घेरा”

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Budget Session 2026 LIVE: होली की छुट्टी के बाद आज फिर से छत्तीसगढ़ विधानसभा का बजट सत्र शुरू हो गया है। विधानसभा बजट सत्र का आज यानी सोमवार को छठवां दिन है। सदन की कार्यवाही सुबह 11 बजे शुरू हुई। कार्यवाही की शुरुआत प्रश्नकाल से हुई। इस दौरान कई महत्वपूर्ण विभागों के कामकाज और बजट को लेकर बहस हुई। प्रश्नकाल में आज कांग्रेस ने सरकार को घेरते हुए नजर आए। सदन में धान खरीदी के मुद्दे को लेकर जमकर हंगामा देखने को मिला। इस दौरान कांग्रेस ने सरकार पर किसानों के साथ छल करने का आरोप लगाया और सरकार के जवाब से असंतुष्ट होकर बहिर्गमन कर दिया।

कांग्रेस विधायक कवासी लखमा ने किया सवाल

Budget Session 2026: प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस विधायक कवासी लखमा ने बस्त के पांच जिलों का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि बस्तर के पांच जिलों में 32,200 किसानों से इस साल धान खरीदी नहीं हुई है। किसान कर्ज लिए ​थे, बेटी की शादी करनी थी। धान बेचने की उम्मीद में पंजीयन भी कराया था। उनकी गिरदावरी भी हुई, फिर भी उनसे धान क्यों नहीं खरीदा गया।

उन्होंने कहा कि अगर इन किसानों से धान खरीदी होती तो उन्हें करीब 206 करोड़ रुपए मिलते, जिससे वे अपना कर्ज चुका सकते थे। उन्होंने सरकार से पूछा कि क्या अब सरकार किसानों का कर्ज चुकाएगी।

मंत्री दयाल दास बघेल ने दिया जवाब

इस पर खाद्य मंत्री दयाल दास बघेल ने जवाब देते हुए कहा कि किसान धान बेचने नही आए तो कैसे धान खरीदी करें। बस्तर में पिछले कार्यकाल से दुगुना, तिगुना धान खरीदी हुई।

मंत्री के जवाब पर कवासी लखमा ने कहा, ये सदन में झूठ बोल रहे है। मंत्री ने कहा, जो किसान नहीं बेच पाए थे, उनके लिए दो दिन बढ़ाए थे। कवासी लखमा बोले, दो दिन में कितने धान लिए, उसका आंकड़ा बताएं। बीजापुर के किसानों ने कर्ज लिया है। या तो उनका कर्जा चुका दें, या धान खरीद लें।

CG: महतारी वंदन योजना से मातृशक्ति को मिला आर्थिक संबल,  महिलाओं के खातों में 25वीं किश्त के रूप में 641 करोड़ 58 लाख रुपये अंतरित…

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अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर 69 लाख 48 हजार महिलाओं के खातों में 25वीं किश्त के रूप में 641 करोड़ 58 लाख रुपये अंतरित’

बस्तर की धरती से मातृशक्ति को बड़ा संबल : महतारी वंदन योजना की 25वीं किश्त जारी’

महतारी वंदन योजना से मातृशक्ति को मिला आर्थिक संबल : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर बस्तर के लाल बहादुर शास्त्री मिनी स्टेडियम में आयोजित वृहद महतारी वंदन सम्मेलन–2026 में प्रदेश की माताओं-बहनों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की मातृशक्ति समाज की सबसे बड़ी शक्ति है। उन्होंने कहा कि महिलाओं का आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण ही विकसित छत्तीसगढ़ की मजबूत नींव है और राज्य सरकार का हर निर्णय महिलाओं के कल्याण, सम्मान और आत्मनिर्भरता को केंद्र में रखकर लिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर महतारी वंदन योजना की 25वीं किश्त जारी करते हुए प्रदेश की 69 लाख 48 हजार महिलाओं के खातों में 641 करोड़ 58 लाख रुपये अंतरित किए। इसके साथ ही इस योजना के अंतर्गत अब तक महिलाओं को 16 हजार 237 करोड़ रुपये की राशि प्रदान की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि यह योजना केवल आर्थिक सहायता का माध्यम नहीं, बल्कि माताओं-बहनों के आत्मविश्वास, सम्मान और आत्मनिर्भरता को मजबूत करने वाला जनकल्याणकारी अभियान बन चुकी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें 10 मार्च 2024 का वह दिन याद है, जब प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने महतारी वंदन योजना का शुभारंभ किया था। उसी समय यह संकल्प लिया गया था कि प्रदेश की प्रत्येक पात्र महिला के खाते में हर महीने निर्धारित तिथि पर एक हजार रुपये की राशि पहुंचेगी। पिछले 25 महीनों से यह संकल्प लगातार पूरा किया जा रहा है और इस किश्त के साथ अब तक प्रत्येक हितग्राही महिला को 25 हजार रुपये की राशि प्राप्त हो चुकी है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने जो वादा किया था, उसे पूरी प्रतिबद्धता के साथ निभाया है।

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर 69 लाख 48 हजार महिलाओं के खातों में 25वीं किश्त के रूप में 641 करोड़ 58 लाख रुपये अंतरित

मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि महतारी वंदन योजना को निर्बाध रूप से जारी रखने के लिए राज्य सरकार ने इस वर्ष के बजट में 8 हजार 200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। उन्होंने कहा कि यह राशि माताओं-बहनों के जीवन में प्रत्यक्ष बदलाव ला रही है। महिलाएं इस सहायता का उपयोग बच्चों की पढ़ाई, स्वास्थ्य, घरेलू जरूरतों, बचत और स्वरोजगार जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में कर रही हैं। इससे परिवारों में आर्थिक स्थिरता बढ़ रही है और समाज के समग्र विकास को नई दिशा मिल रही है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश की माताएं-बहनें केवल परिवार का संचालन ही नहीं करतीं, बल्कि वे उत्कृष्ट वित्तीय प्रबंधक भी होती हैं। उन्होंने कहा कि महतारी वंदन योजना से प्राप्त राशि का महिलाओं ने अत्यंत समझदारी से उपयोग किया है। किसी ने बेटियों के भविष्य के लिए बचत की, किसी ने स्वरोजगार शुरू किया, किसी ने परिवार के छोटे व्यवसाय को बढ़ाया, तो किसी ने बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य पर खर्च कर घर की स्थिति को मजबूत बनाया। यह इस योजना की सबसे बड़ी सफलता है कि महिलाओं ने इसे स्वयं और परिवार की उन्नति का माध्यम बनाया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के दृढ़ संकल्प तथा सुरक्षा बलों के अदम्य साहस से नक्सलवाद अब अंतिम चरण में पहुंच चुका है। नक्सल हिंसा से प्रभावित परिवारों और आत्मसमर्पित नक्सलियों के पुनर्वास के लिए राज्य सरकार ने 15 हजार आवास स्वीकृत किए हैं। उन्होंने कहा कि बस्तर सहित दूरस्थ अंचलों में शांति, विकास और विश्वास का नया वातावरण बन रहा है, जिसमें महिलाओं की भागीदारी विशेष रूप से महत्वपूर्ण है।

उन्होंने कहा कि महिलाओं के सम्मान और सामाजिक सशक्तिकरण के लिए राज्य सरकार अनेक स्तरों पर कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत पिछले दो वर्षों में 21 हजार 754 बेटियों के विवाह कराए गए हैं। महिलाओं को सुरक्षित, सुविधाजनक और गरिमापूर्ण कार्यस्थल उपलब्ध कराने के लिए प्रदेश में 368 महतारी सदन बनाने की स्वीकृति दी गई है, जिनमें से 137 महतारी सदन का निर्माण पूर्ण हो चुका है। ग्राम पंचायत स्तर पर इनका उपयोग महिलाओं की बैठकों, प्रशिक्षण, विपणन और सामुदायिक गतिविधियों के केंद्र के रूप में किया जाएगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि स्व-सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं की आय बढ़ाने के लिए राज्य सरकार लगातार पहल कर रही है। प्रदेश में अब तक 8 लाख महिलाओं को ‘लखपति दीदी’ बनाया जा चुका है और अब सरकार का लक्ष्य इसे बढ़ाकर 10 लाख लखपति दीदी बनाने का है। उन्होंने कहा कि महिलाएं अब केवल सहभागी नहीं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था की नई नेतृत्वकारी शक्ति बनकर उभर रही हैं। इसी दिशा में महिला स्वसहायता समूहों के माध्यम से  रेडी टू ईट फूड निर्माण का कार्य पुनः प्रारंभ कराया गया है और इसे चरणबद्ध रूप से प्रदेश के शेष जिलों में भी लागू किया जा रहा है, ताकि स्थानीय स्तर पर महिलाओं को व्यापक रोजगार के अवसर मिल सकें।

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर 69 लाख 48 हजार महिलाओं के खातों में 25वीं किश्त के रूप में 641 करोड़ 58 लाख रुपये अंतरित

मुख्यमंत्री ने बस्तर क्षेत्र के संदर्भ में कहा कि नियद नेल्ला नार योजना के माध्यम से नक्सल प्रभावित इलाकों में स्वास्थ्य सुविधाएं पुनः प्रारंभ की गई हैं, बंद पड़े स्कूलों को दोबारा शुरू कराया गया है, बिजली पहुंची है, मोबाइल टावर लगाए जा रहे हैं तथा स्वच्छ पेयजल और बेहतर सड़कों की सुविधा दूरस्थ बसाहटों तक पहुंच रही है। उन्होंने कहा कि केवल सड़कों का निर्माण ही नहीं, बल्कि मुख्यमंत्री बस सेवा योजना के माध्यम से बस्तर और सरगुजा अंचल के ग्रामीण क्षेत्रों में परिवहन सुविधा भी मजबूत की गई है, जिससे लोगों को शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के अवसरों तक पहुंचने में आसानी हो रही है।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से धमतरी की श्रीमती नीतू साहू, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी की श्रीमती मिथलेश चतुर्वेदी, जांजगीर-चांपा की श्रीमती सरस्वती केंवट, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही की श्रीमती अनीता साहू तथा सरगुजा की श्रीमती निधि जायसवाल से संवाद किया।

मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी की श्रीमती मिथलेश चतुर्वेदी ने बताया कि पति के निधन के बाद उनके सामने परिवार चलाने की बड़ी चुनौती थी। शासन से मिली सहायता राशि और महतारी वंदन योजना के संबल से उन्होंने ई-रिक्शा खरीदकर आजीविका का नया साधन शुरू किया, जिससे अब वे अपने परिवार का भरण-पोषण आत्मसम्मान के साथ कर पा रही हैं।

धमतरी की श्रीमती नीतू साहू ने बताया कि मजदूरी से होने वाली सीमित आय के कारण बेटियों के भविष्य के लिए बचत करना कठिन था, लेकिन महतारी वंदन योजना से मिलने वाली राशि से उन्होंने अपनी दोनों बेटियों के नाम सुकन्या समृद्धि योजना के खाते खुलवाकर हर महीने बचत शुरू की है।

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर 69 लाख 48 हजार महिलाओं के खातों में 25वीं किश्त के रूप में 641 करोड़ 58 लाख रुपये अंतरित

इसी तरह सरगुजा की श्रीमती निधि जायसवाल ने महतारी वंदन योजना से मिली राशि को बचाकर “निधि मेकओवर” नाम से ब्यूटी पार्लर शुरू किया, जबकि गौरेला-पेंड्रा-मरवाही की श्रीमती अनीता साहू ने सिलाई का कार्य प्रारंभ कर “अनीता सिलाई सेंटर” स्थापित किया। जांजगीर-चांपा की श्रीमती सरस्वती केंवट ने भी इस राशि को अपने परिवार के व्यवसाय में लगाकर आय बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह अनुभव अत्यंत सुखद है कि महतारी वंदन योजना की राशि महिलाओं के हाथों में पहुंचकर परिवारों की तरक्की का आधार बन रही है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की माताएं-बहनें दूरदर्शिता, परिश्रम और आत्मविश्वास की अद्भुत मिसाल हैं। जब महिलाओं को अवसर और संबल मिलता है, तो वे न केवल अपने परिवार, बल्कि पूरे समाज को आगे बढ़ाने की शक्ति बन जाती हैं।

इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से ‘लक्ष्मी सखी मिलेट कार्ट’ का शुभारंभ भी किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पहल से पुनर्वासित महिलाओं को जोड़ा गया है, जिन्हें कृषि महाविद्यालय के माध्यम से प्रशिक्षण दिया जा रहा है। ये महिलाएं मिलेट आधारित खाद्य सामग्री तैयार कर उसका विक्रय करेंगी, जिससे उन्हें सतत आजीविका और आर्थिक लाभ प्राप्त होगा। उन्होंने कहा कि महिलाओं को पशुपालन, सूक्ष्म उद्यम, प्रसंस्करण और स्थानीय विपणन से जोड़कर विशेष रूप से बस्तर और सरगुजा क्षेत्र में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए बजट में भी प्रावधान किए गए हैं।

कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सरकार गठन के तुरंत बाद प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की गारंटी को लागू करने की दिशा में गंभीरता से कार्य किया गया और उसी क्रम में महतारी वंदन योजना शुरू की गई। उन्होंने कहा कि इस योजना से राज्य की लगभग 70 लाख माताएं-बहनें लाभान्वित हो रही हैं। यह योजना महिलाओं को घरेलू जरूरतों की पूर्ति के साथ आर्थिक संबल भी प्रदान कर रही है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार छत्तीसगढ़ महिला कोष तथा सक्षम योजना के माध्यम से भी महिलाओं को स्वरोजगार स्थापित करने में सहयोग दे रही है।

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर 69 लाख 48 हजार महिलाओं के खातों में 25वीं किश्त के रूप में 641 करोड़ 58 लाख रुपये अंतरित

वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने  कहा कि महतारी वंदन योजना के अंतर्गत प्रत्येक माह नियमित रूप से सहायता राशि प्रदान किया जाना सरकार की वचनबद्धता का प्रमाण है।विधायक जगदलपुर श्री किरण देव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में संचालित योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से माताएं-बहनें आज घर-परिवार को खुशहाल बनाने के साथ प्रदेश के विकास में भी अहम योगदान दे रही हैं।

कार्यक्रम के आरंभ में महिला एवं बाल विकास विभाग की सचिव श्रीमती शम्मी आबिदी ने विभागीय योजनाओं की जानकारी दी ।

कार्यक्रम के दौरान महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की सफलता की कहानियों पर आधारित एक पुस्तिका का विमोचन भी किया गया। महतारी वंदन योजना की हितग्राही महिलाओं ने मुख्यमंत्री को फलों की टोकरी तथा धुरवा तुवाल भेंटकर योजना के लिए आभार व्यक्त किया।

इस अवसर पर दंतेवाड़ा विधायक श्री चैतराम आटामी, बेवरेज कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष श्री श्रीनिवास राव मद्दी, अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष श्री रूपसिंह मंडावी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती वेदवती कश्यप, महापौर श्री संजय पांडेय, राज्य लघु वनोपज संघ के अध्यक्ष श्री रूपसाय सलाम, राज्य बीज विकास निगम के अध्यक्ष श्री चंद्रहास चंद्राकर, मछुआ कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष श्री भरत मटियारा, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक बस्तर के अध्यक्ष श्री दिनेश कश्यप, बस्तर संभाग के कमिश्नर श्री डोमन सिंह, आईजी श्री सुंदरराज पी., महिला एवं बाल विकास विभाग की संचालक डॉ. रेणुका श्रीवास्तव  सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी कार्यक्रम में उपस्थित थे।

CG: टी20 विश्वकप में भारत की ऐतिहासिक जीत पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने दी बधाई…

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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने टी20 विश्वकप के फाइनल मुकाबले में शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत द्वारा विश्व कप का खिताब जीतने पर टीम इंडिया को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ दी हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि टी20 विश्वकप के फाइनल मुकाबले में शानदार प्रदर्शन करते हुए टीम इंडिया के हमारे धुरंधरों ने एक बार फिर विश्व कप का खिताब जीतकर हर भारतवासी को गौरवान्वित किया है। इस जीत के साथ ही भारत यह खिताब 3 बार जीतने वाला पहला देश बन गया है।

उन्होंने इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर पूरी टीम को हार्दिक बधाई देते हुए आशा व्यक्ति की कि भविष्य में भी हमारा तिरंगा यूँ ही विश्व मंच पर शान से लहराता रहे और भारत का गौरव निरंतर बढ़ता रहे।

सरकार बदल सकती है SIM बाइंडिंग का नियम? इन ऐप्स को मिल सकती है खास राहत…

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केंद्र सरकार द्वारा लागू किए जाने वाले SIM बाइंडिंग नियमों को लेकर अब नया मोड़ सामने आ रहा है. रिपोर्ट्स के मुताबिक सरकार इन नियमों में कुछ नरमी दिखाने पर विचार कर सकती है.

कई टेक कंपनियों और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स ने इन नियमों को लेकर चिंता जताई है जिसके बाद सरकार इस विषय पर दोबारा समीक्षा कर रही है.

क्या है SIM बाइंडिंग का नियम?

दिसंबर 2025 में Department of Telecommunications (DoT) ने नए नियम जारी किए थे. इनके अनुसार मैसेजिंग ऐप्स को यूजर के मोबाइल SIM से लगातार लिंक रहना जरूरी होगा. इसका मतलब यह है कि जिस SIM नंबर से अकाउंट बनाया गया है उसी SIM वाले डिवाइस से उस ऐप का इस्तेमाल किया जा सकेगा.

इसके अलावा नियमों में यह भी कहा गया था कि अगर कोई यूजर इन ऐप्स को वेब या डेस्कटॉप वर्जन पर इस्तेमाल करता है तो उसे हर छह घंटे में अपने आप लॉगआउट कर दिया जाएगा. इसका उद्देश्य सुरक्षा को मजबूत बनाना और गलत इस्तेमाल को रोकना बताया गया था.

टेक कंपनियों ने उठाई आपत्ति

इन नियमों को लेकर कई सोशल मीडिया और टेक कंपनियों ने अपनी आपत्ति दर्ज कराई है. कंपनियों का कहना है कि यह नियम केवल उन ऐप्स पर लागू होना चाहिए जो मुख्य रूप से मैसेजिंग के लिए बनाए गए हैं.

उनका तर्क है कि कई बड़े डिजिटल प्लेटफॉर्म्स में मैसेजिंग सिर्फ एक फीचर होता है जबकि उनकी मुख्य सेवाएं अलग होती हैं. ऐसे में उन पर भी यही नियम लागू करना व्यावहारिक नहीं होगा.

कुछ प्लेटफॉर्म्स को मिल सकती है छूट

रिपोर्ट्स के अनुसार सरकार अब ऐसे प्लेटफॉर्म्स को छूट देने की संभावना पर विचार कर रही है जिनका मुख्य काम एक-दूसरे को मैसेज भेजना नहीं है. सूत्रों के अनुसार कानून का उद्देश्य मुख्य रूप से कम्युनिकेशन ऐप्स को कवर करना था, इसलिए इस पर थोड़ी लचीलापन दिखाया जा सकता है. हालांकि अभी तक इस विषय पर अंतिम सहमति नहीं बनी है.

कुछ कंपनियों ने शुरू की तैयारी

नियमों के लागू होने की संभावना को देखते हुए कुछ मैसेजिंग प्लेटफॉर्म्स पहले ही बदलाव की तैयारी शुरू कर चुके हैं. उदाहरण के तौर पर

WhatsApp, JioChat और Arattai जैसे ऐप्स अपने यूजर अकाउंट को SIM से जोड़ने की तकनीकी व्यवस्था पर काम कर रहे हैं.

क्यों लाया गया था यह नियम?

SIM बाइंडिंग का प्रस्ताव Telecommunication Cybersecurity Amendment Rules, 2025 के तहत सामने आया था. इन नियमों के जरिए सरकार ने उन डिजिटल प्लेटफॉर्म्स को भी टेलीकॉम नियमों के दायरे में लाने की कोशिश की है जो मोबाइल नंबर के आधार पर यूजर की पहचान करते हैं.

नियमों के अनुसार कंपनियों को यह सुनिश्चित करना था कि यूजर उसी डिवाइस पर सेवा का इस्तेमाल कर सके जिसमें रजिस्ट्रेशन के समय इस्तेमाल किया गया SIM मौजूद हो. कंपनियों को तकनीकी बदलाव लागू करने के लिए 90 दिनों का समय दिया गया था.

साइबर धोखाधड़ी रोकने की कोशिश

सरकार का मानना है कि SIM से लिंक न होने वाले डिवाइसों का इस्तेमाल साइबर अपराधों में किया जा सकता है. खासकर विदेशों से बैठकर टेलीकॉम फ्रॉड करने की घटनाओं को रोकने के लिए इस तरह के नियम जरूरी बताए गए थे. इसी वजह से वेब या डेस्कटॉप लॉगिन को सीमित समय तक ही सक्रिय रखने का प्रावधान रखा गया.

उद्योग संगठनों ने जताई चिंता

टेक उद्योग से जुड़े कई संगठनों ने इन नियमों को लेकर चिंता भी व्यक्त की है. Broadband India Forum का कहना है कि इस तरह के नियम टेलीकॉम विभाग के अधिकार क्षेत्र से बाहर भी हो सकते हैं और इससे कुछ कानूनी सवाल खड़े हो सकते हैं.

उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि साइबर सुरक्षा के लिए SIM-KYC प्रक्रिया को और मजबूत किया जाए और टेलीकॉम कंपनियों, बैंकों तथा जांच एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय बनाया जाए.

‘सड़क पर कचरा, वॉशरूम में पानी नहीं’, राष्ट्रपति दौरे में हुई चूक पर केंद्र ने ममता सरकार से मांगा जवाब…

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बंगाल में राष्ट्रपति के कार्यक्रम को लेकर हुई कथित चूक को लेकर मामला अब थमने का नाम नहीं ले रहा है. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के पश्चिम बंगाल दौरे को लेकर आरोप प्रत्यारोप के दौर के बीच केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन ने राज्य की मुख्य सचिव नंदिनी चक्रवर्ती से रिपोर्ट मांगी है.

सूत्रों के मुताबिक, केंद्रीय गृह सचिव ने चार बातें बताई है. इनमें राष्ट्रपति को रिसीव करने और विदा करने के लिए मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक क्यों मौजूद नहीं थे? राष्ट्रपति के लिए बनाए गए वॉशरूम में पानी नहीं था. प्रशासन ने जो रास्ता चुना था, वह कचरे से भरा था. दार्जिलिंग के जिला मजिस्ट्रेट, सिलीगुड़ी के पुलिस कमिश्नर और एडिशनल जिला मजिस्ट्रेट इसके लिए जिम्मेदार हैं. उनके खिलाफ क्या कार्रवाई की गई है?

केंद्रीय गृह सचिव ने शाम 5 बजे तक मांगा जवाब

केंद्रीय गृह सचिव ने शाम 5 बजे तक इस पर जवाब मांगा है. केंद्र और टीएमसी सरकार के बीच यह टकराव राष्ट्रपति मुर्मू के दौरे को लेकर हुआ है. बीजेपी का आरोप है कि ममता बनर्जी की राज्य सरकार ने राष्ट्रपति की बेइज्जती की. बनर्जी ने बंगाल के मुख्य विपक्षी पार्टी बीजेपी पर देश के सबसे बड़े पद का गलत इस्तेमाल करने का आरोप लगाया.

राष्ट्रपति ने सीएम की गैरमौजूदगी पर जताई थी हैरानी

इससे पहले राष्ट्रपति मुर्मू ने बंगाल में हुए कार्यक्रम को लेकर नाराजगी जताई थी. उन्होंने हैरानी जताई थी कि उनके दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने उनसे क्यों मुलाकात नहीं की? इसके अलावा उन्होंने कहा था कि आम तौर पर राष्ट्रपति आ रहे होते हैं, तो मुख्यमंत्री को स्वागत करना चाहिए. दूसरे अन्य मंत्रियों को भी मौजूद रहना चाहिए. लेकिन वह नहीं आईं. गवर्नर बदल गए हैं. नहीं आ सके. लेकिन क्योंकि तारीख तय हो गई थी, इसलिए मैं आई हूं.

इसके अलावा राष्ट्रपति ने कार्यक्रम को जगह बदलने पर भी सवाल उठाया. उन्होंने कहा कि आज का प्रोग्राम ऐसी जगह हो रहा है, जहां लोगों का आना मुश्किल है. शायद राज्य सरकार आदिवासियों की भलाई नहीं चाहती. इसलिए उन्होंने यहां आने से रोका गया. ममता बनर्जी मेरी छोटी बहन जैसी हैं. मैं भी बंगाल की बेटी हूं. मुझे नहीं पता कि वह परेशान हैं, या नहीं. इसलिए जगह बदल गई. वैसे इससे कोई फर्क नहीं पड़ता. आप सब ठीक रहें.

क्यों छिड़ा है विवाद?

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू पश्चिम बंगाल में 9वें इंटरनेशनल संथाली कॉन्क्लेव में शामिल होने पहुंची थी. यहां कार्यक्रम की जगह बदलने को लेकर और बंगाल सरकार के किसी भी मंत्री के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए नाराजगी जताई. देखते ही देखते पूरे मामले ने राजनीतिक रंग ले लिया. पीएम मोदी और कई केंद्रीय मंत्रियों समेत बीजेपी नेताओं ने टीएमसी पर गंभीर आरोप लगाए.

टीएमसी और अपनी सरकार पर हो रहे इस हमले को लेकर सीएम ममता बनर्जी ने बीजेपी की कड़ी आलोचना की. उन्होंने पलटवार करते हुए इसे मोदी के नेतृत्व वाली बीजेपी के दो महीने में होने वाले राज्य चुनावों से पहले आक्रामक अभियान से जोड़ दिया.

Property Alert: अब रजिस्ट्री के लिए नहीं काटने होंगे चक्कर, इस राज्य में  1 अप्रैल से बदल जाएगा पूरा प्रोसेस, जानें क्या हैं नए नियम?

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Bihar Land Registry Rule : अगर आप बिहार में जमीन या मकान खरीदने की सोच रहे हैं तो यह खबर आपके लिए सबसे जरूरी है। राज्य सरकार आगामी 1 अप्रैल से रजिस्ट्री की प्रक्रिया में एक ऐतिहासिक बदलाव करने जा रही है।

अब आपको रजिस्ट्री के बाद नहीं बल्कि रजिस्ट्री से पहले ही यह पता चल जाएगा कि जमीन का असली मालिक कौन है और उस पर कोई विवाद तो नहीं है। मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग और राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने मिलकर इस ‘प्री-रजिस्ट्री वेरिफिकेशन’ सिस्टम को तैयार किया है।

क्या है नई व्यवस्था और कैसे काम करेगी?

अब तक लोग जमीन की रजिस्ट्री करा लेते थे और बाद में दाखिल-खारिज (Mutation) के समय उन्हें पता चलता था कि कागजात में गड़बड़ी है। अब इस सिरदर्द को खत्म करने के लिए ई-निबंधन पोर्टल पर एक नया विकल्प दिया जा रहा है। खरीदार और विक्रेता को सबसे पहले पोर्टल पर अपना अकाउंट बनाकर लॉगिन करना होगा। आवेदन के दौरान जमीन का खाता, खेसरा, जमाबंदी संख्या, रकबा (Area), थाना नंबर और चौहद्दी जैसी जानकारियां भरनी होंगी। जैसे ही आप भूमि की जानकारी का विकल्प चुनेंगे यह आवेदन सीधा आपके अंचल कार्यालय (CO Office) पहुंच जाएगा। राजस्व अधिकारियों को 10 दिनों के भीतर जमीन की जांच कर अपनी रिपोर्ट पोर्टल पर अपलोड करनी होगी।

विवादों पर लगेगी डिजिटल लगाम बिहार में जमीन से जुड़े विवाद अदालतों में सबसे ज्यादा हैं। सरकार का मानना है कि इस कदम से:

फर्जीवाड़ा रुकेगा: कोई भी व्यक्ति किसी दूसरे की जमीन या सरकारी जमीन को अपना बताकर नहीं बेच पाएगा।

पारदर्शिता आएगी: खरीदार को अंचल कार्यालय की रिपोर्ट मिलने के बाद ही पैसा देने का भरोसा मिलेगा।

दाखिल-खारिज आसान होगा: चूंकि जमीन की जांच पहले ही हो चुकी होगी, इसलिए रजिस्ट्री के बाद म्यूटेशन की प्रक्रिया में देरी नहीं होगी।

अंचल कार्यालयों के लिए बड़ी चुनौती

बिहार में रोजाना औसतन 6 से 8 हजार दस्तावेजों की रजिस्ट्री होती है। 1 अप्रैल के बाद अंचल कार्यालयों पर काम का बोझ काफी बढ़ जाएगा क्योंकि उन्हें हर आवेदन पर 10 दिनों के अंदर अपनी रिपोर्ट देनी होगी। अधिकारियों के लिए यह सुनिश्चित करना एक बड़ी चुनौती होगी कि रिपोर्ट समय पर और सटीक हो।

आवेदन के लिए जरूरी जानकारियां 

  • निबंधन कार्यालय और अंचल का नाम।
  • मौजा और थाना संख्या।
  • जमीन का खाता, खेसरा और जमाबंदी नंबर।
  • जमीन का प्रकार (कृषि, आवासीय या व्यावसायिक)।
  • खरीदार और विक्रेता का पूरा विवरण।

Ramadan 2026 Sehri Iftar Time: रमजान का 19वां रोजा 9 मार्च को, देखें शहर अनुसार सहरी-इफ्तार का समय…

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Ramadan 2026 19th Roza Sehri Iftar Time: रमजान के पाक महीने में मुसलमान हर रोज सूर्योदय से सूर्यास्त तक रोजा यानी उपवास रखते हैं. रमजान रोजा, इबादत, संयम, दान और आत्मशुद्धि का प्रतीक है.

रोजा रखने की शुरुआत सहरी से होती है और दिनभर भूखे-प्यासे रहने के बाद शाम में इफ्तार के साथ रोजा खोला जाता है.

सहरी और इफ्तार

सुबह फज्र की अजान से पहले मुसलमान सेहरी करते हैं और पूरे दिन भूखे-प्यासे रहकर नियमों का पालन करते हैं. सहरी में किए गए भोजन से रोजेदारों को पूरे दिन ऊर्जा मिलती है. आमतौर सहरी में लोग हल्का लेकिन पौष्टिक भोजन जैसे रोटी, चावल, फल, दही, दूध, खजूर और पानी आदि लेते हैं.

सूर्यास्त के समय जब रोजा खोला जाता है तो उसे इफ्तार कहा जाता है. परंपरा के अनुसार रोजा खजूर और पानी से खोला जाता है, इसके बाद नमाज अदा की जाती है. इफ्तार में फल, पकौड़े, चाट, खजूर, जूस और कई तरह के पकवान भी शामिल होते हैं.

रमजान में रोजा रखना हर मुसलमान पर फर्ज किया गया है. लेकिन रोजा तभी पूरा होता है जब सही समय पर सहरी और इफ्तार किया जाए.

LIC Bima Sakhi: पैसों की टेंशन खत्म! LIC की इस स्कीम से महिलाओं के खाते में हर महीने आएंगे 7000 रुपये…

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LIC Bima Sakhi: अगर आप रोजगार की तलाश में हैं और खुद के पैरों पर खड़ी होना चाहती हैं, तो एलआईसी की ‘बीमा सखी योजना’ आपके लिए एक शानदार अवसर साबित हो सकती है. इस योजना से जुड़कर महिलाएं न सिर्फ बीमा सेक्टर में अपना करियर बना सकती हैं, बल्कि शुरुआत से ही हर महीने 7,000 रुपये तक की निश्चित आमदनी भी प्राप्त कर सकती हैं.

What is LIC's Bima Sakhi Yojana? PM Modi's big initiative for women  empowerment

हर महीने होगी 7,000 रुपये की कमाई?

‘बीमा सखी योजना’ असल में महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की एक ठोस सरकारी पहल है. इस योजना के तहत चुनी गई महिलाओं को देशभर में एलआईसी एजेंट के तौर पर बाकायदा प्रशिक्षित किया जाता है. इस स्कीम की सबसे खास बात यह है कि आपकी आमदनी ट्रेनिंग के दौरान ही शुरू हो जाती है.

LIC's Bima Sakhi Yojana: Empower Delhi Women Agents

योजना के प्रावधानों के अनुसार, प्रशिक्षण लेने वाली महिलाओं को पहले साल 7,000 रुपये प्रतिमाह का पारिश्रमिक दिया जाता है. इसके बाद अनुभव बढ़ने के साथ दूसरे साल 6,000 रुपये और तीसरे साल 5,000 रुपये हर महीने मिलते हैं. जब यह ट्रेनिंग पूरी हो जाती है और महिला एक पूर्णकालिक एजेंट के रूप में अपना काम शुरू करती है, तो उसे तय लक्ष्य पूरा करने पर कमीशन आधारित शानदार इंसेंटिव भी दिया जाता है.

कौन उठा सकता है इस स्कीम का फायदा?

एलआईसी ने इस योजना को इस तरह डिजाइन किया है कि गांव से लेकर शहर तक की आम महिलाएं इसका आसानी से लाभ उठा सकें. इसके लिए किसी बहुत बड़ी डिग्री की दरकार नहीं है. अगर आपने किसी भी मान्यता प्राप्त बोर्ड से सिर्फ 10वीं कक्षा पास की है, तो आप इस योजना के लिए पूरी तरह से योग्य हैं.

Bima Sakhi Yojana 2025 Online Application at licindia.in - Check  Eligibility & Required Documents - सरकारी योजना

आयु सीमा को लेकर भी इसमें काफी छूट दी गई है. 18 वर्ष की युवा लड़की से लेकर 70 वर्ष तक की बुजुर्ग महिला भी इस स्कीम का हिस्सा बनकर अपनी कमाई शुरू कर सकती है. हालांकि, नियमों के मुताबिक जो लोग पहले से एलआईसी के कर्मचारी या एजेंट के पद पर कार्यरत हैं, वे इस योजना में आवेदन नहीं कर सकते हैं.

बस इन स्टेप्स को करें फॉलो

एलआईसी ने महिलाओं की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए आवेदन की प्रक्रिया को बेहद सरल रखा है. आप अपनी सुविधा के अनुसार ऑनलाइन या ऑफलाइन, दोनों में से कोई भी तरीका चुन सकती हैं. ऑफलाइन आवेदन के लिए आपको अपने नजदीकी एलआईसी ब्रांच में जाकर संपर्क करना होगा.

LIC Bima Sakhi Yojana Details: Check Eligibility, Application Process, List  of Documents and Others

वहीं, अगर आप घर बैठे ऑनलाइन अप्लाई करना चाहती हैं, तो आपको एलआईसी की वेबसाइट (https://licindia.in/test2) पर जाना होगा. होमपेज पर आपको ‘क्लिक फॉर बीमा सखी’ का विकल्प दिखाई देगा. इस पर ते ही एक फॉर्म खुलेगा. यहां आपको अपनी सही-सही जानकारी भरनी होगी.

इसके साथ ही 10वीं पास का अटेस्टेड सर्टिफिकेट, आयु प्रमाण पत्र और निवास प्रमाण पत्र की जानकारी देनी होगी. अंत में सभी दर्ज जानकारियों को एक बार दोबारा जांच लें, कैप्चा कोड भरें और फॉर्म सबमिट कर दें.