PCC अध्यक्ष दीपक बैज का कार्यकाल जुलाई में समाप्त होने वाला है, लेकिन उससे पहले ही नए अध्यक्ष को लेकर अटकलों का दौर शुरू हो चुका है. पार्टी के अंदर यह सवाल उठने लगा है कि क्या बैज को दोबारा मौका मिलेगा या आलाकमान किसी नए चेहरे को जिम्मेदारी सौंपेगा.
छत्तीसगढ़ कांग्रेस में नए प्रदेश अध्यक्ष पद को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं. दरअसल, वर्तमान PCC अध्यक्ष दीपक बैज का कार्यकाल जुलाई में समाप्त होने वाला है, लेकिन उससे पहले ही नए अध्यक्ष को लेकर अटकलों का दौर शुरू हो चुका है. पार्टी के अंदर यह सवाल उठने लगा है कि क्या बैज को दोबारा मौका मिलेगा या आलाकमान किसी नए चेहरे को जिम्मेदारी सौंपेगा.
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस बार PCC अध्यक्ष का चयन केवल संगठनात्मक कारणों से नहीं, बल्कि 2028 विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखकर किया जाएगा. कांग्रेस ऐसा नेता चाहती है, जो पूरे प्रदेश में सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन साध सके, साथ ही वह अलग-अलग वर्गों को जोड़ने की क्षमता रखता हो.
इन नामों की हो रही चर्चा
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष की दौड़ में कई दिग्गज नेताओं के नाम सामने आ रहे हैं. पार्टी सूत्रों के मुताबिक चार से पांच नामों पर गंभीर मंथन चल रहा है.
भूपेश बघेल (पूर्व मुख्यमंत्री)
ओबीसी वर्ग से आने वाले भूपेश बघेल को जमीनी नेता माना जाता है. उनकी आक्रामक शैली और संगठन पर पकड़ उन्हें मजबूत दावेदार बनाती है.
टीएस सिंह देव (पूर्व उप मुख्यमंत्री)
सरगुजा राजघराने से ताल्लुक रखने वाले सिंह देव की छवि शांत, संतुलित और सर्वमान्य नेता की है. उत्तर छत्तीसगढ़ की कई सीटों पर उनका प्रभाव माना जाता है.
शिव डहरिया (पूर्व मंत्री)
एसटी समुदाय से आने वाले डेहरिया को आदिवासी इलाकों में प्रभावशाली माना जाता है. प्रदेश में एसटी आबादी का बड़ा हिस्सा होने से उनका नाम समीकरण में फिट बैठता है.
उमेश पटेल (पूर्व मंत्री)
युवा चेहरे के रूप में देखे जाने वाले उमेश पटेल ओबीसी वर्ग से हैं. उनके पिता नंद कुमार पटेल झीरम नक्सली हमले में शहीद हुए थे, जिससे उनकी राजनीतिक पहचान और मजबूत मानी जाती है.
कांग्रेस की आधिकारिक प्रतिक्रिया
कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय ठाकुर ने कहा कि PCC अध्यक्ष के चयन का अंतिम फैसला पार्टी हाईकमान करेगा. उन्होंने कहा कि सभी नेता पार्टी के अनुशासन में रहकर निर्णय का सम्मान करेंगे और संगठन को मजबूत करने पर फोकस रहेगा.
बीजेपी का तंज
कांग्रेस में चल रही इस हलचल पर बीजेपी नेता अजय चंद्राकर ने कटाक्ष करते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी के भीतर नेतृत्व को लेकर खींचतान चल रही है. हालांकि, कांग्रेस नेताओं ने इसे आंतरिक लोकतांत्रिक प्रक्रिया बताया है.
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कौन बनेगा, इसका अंतिम निर्णय आलाकमान करेगा. लेकिन यह साफ है कि चुनावी रणनीति, जातीय संतुलन और संगठनात्मक मजबूती को ध्यान में रखकर ही नया चेहरा सामने लाया जाएगा. फिलहाल, छत्तीसगढ़ की राजनीति में इस मुद्दे पर सुगबुगाहट तेज है और नेताओं की सक्रियता भी बढ़ गई है.