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BSNL लाया 84 दिनों वाला सस्ता रिचार्ज प्लान, Jio और Airtel की उड़ सकती है रातों की नींद

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देश की प्रसिद्ध प्राइवेट टेलीकॉम कंपनी- रिलायंस जियो और एयरटेल को टक्कर देने के लिए सरकारी टेलीकॉम कंपनी बीएसएनएल का सस्ता प्लान पेश हो चुका है। आमतौर पर यूजर्स द्वारा सबसे ज्यादा पसंद किया जाने वाला 84 दिनों का रिचार्ज प्लान बीएसएनएल ने काफी कम कीमत में पेश कर दिया है। ऐसे में जियो और एयरटेल के लिए  मुश्किलें बढ़ सकती है।

जी हां, 700 रुपये से भी कम कीमत का 84 दिनों वाला रिचार्ज प्लान लॉन्च हो चुका है। भारत संचार निगम लिमिटेड (BSNL) की ओर से ग्राहकों के लिए सस्ता प्लान पेश कर दिया गया है। 84 दिनों वाले रिचार्ज प्लान के साथ मिलने वाली सुविधाओं को जानकर आप भी हैरान हो सकते हैं और इस प्लान को अपनाने की सोच सकते हैं।

84 दिनों का सस्ता रिचार्ज प्लान

अगर आप एक सस्ते और अच्छे रिचार्ज प्लान की तलाश में हैं तो बीएसएनएल के नए प्लान को अपना सकते हैं। सिर्फ 599 रुपये में 84 दिनों तक कॉलिंग, एसएमएस और डेटा का फायदा दिया जा रहा है। इस प्लान के बारे में BSNL ने अपने एक्स अकाउंट के जरिए बताया है।

एयरटेल और जियो का 84 दिनों वाला प्लान

बीएसएनएल की तुलना में एयरटेल और जियो का 84 दिनों वाला प्लान महंगा है। एयरटेल का हर दिन 3 जीबी डेटा वाला 84 दिनों का रिचार्ज प्लान 1798 रुपये का आता है। इसमें अनलिमिटेड कॉल्स और डेली 100 एसएमएस बेनिफिट शामिल है। जबकि, जियो की ओर से इस बेनिफिट्स के साथ 1199 और 1799 रुपये का प्लान ऑफर किया जाता है।

हर दिन 3GB डेटा वाला सस्ता रिचार्ज

जियो और एयरटेल की नींद उड़ाने वाला रिचार्ज प्लान सिर्फ 599 रुपये में बीएसएनएल ने पेश किया हैं। इसमें यूजर्स को 84 दिनों के लिए अनलिमिटेड कॉलिंग की सुविधा दी जा रही है। हर दिन 3GB डेटा बेनिफिट भी दिया जा रहा है जिससे यूजर्स के लिए सस्ते में इंटरनेट का मजा उठाना मुमकिन हो सकेगा। प्लान के साथ हर दिन 100 SMS की सुविधा मिलती है। अगर आप 84 दिनों वाला रिचार्ज अपनाते हैं तो ये एक अच्छा और किफायती प्लान हो सकता है।

नौतपा में फीके पड़ रहे सूर्य के तेवर.. आने वाला है चक्रवात! 29 मई तक देश के इन हिस्सों में होगी झमाझम बारिश, पढ़ें ताजा अपडेट

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25 मई से नौतपे की शुरुआत हो चुकी है। नौ दिनों तक मौसम में होने वाली भारी गर्मी को बरसात के मौसम की आधारशिला माना जाता है। इन 9 दिनों में सूरज जितना आग उगलता है उतना ही मानसून का मौसम अच्छा रहता है, लेकिन इस साल नौतपा के मौसम पर चक्रवाती सिस्टम का साया पड़ता दिखाई दे रहा है। IMD ने 29 मई से देश के कई हिस्सों में चक्रवाती संचरण की संभावना जताई है। बात करें मध्यप्रदेश की तो नौतपे में फिलहाल भीषण गर्मी का असर कम रहेगा।

मौसम विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक, अगले 3 दिन पूरे प्रदेश में बारिश का ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया किया गया है। प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश और ते हवा चलने की संभावना है। बता दें कि, प्री-मानसून एक्टिव होने के चलते प्रदेश में तापमान 40 डिग्री से कम दर्ज हुआ है। सिर्फ खजुराहो में तापमान 40 डिग्री पार दर्ज किया गया। IMD ने  28 मई तक 40 जिलों में आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया है। बता दें कि, रविवार को इंदौर, उज्जैन, जबलपुर और ग्वालियर सहित कई जिलों में तेज हवाएं चली।

मध्यप्रदेश के किन जिलों में सबसे ज्यादा खतरे की संभावना है?

भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने 40 जिलों में बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया है। विशेष रूप से इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, ग्वालियर और खजुराहो में तेज हवाएं और बारिश की संभावना ज्यादा है।

यह अलर्ट कब तक प्रभावी रहेगा?

मौसम विभाग के अनुसार, यह अलर्ट 28 मई तक जारी रहेगा। इस दौरान बारिश, आंधी और तेज हवाओं की स्थिति बनी रह सकती है।

ऑरेंज और येलो अलर्ट का क्या मतलब होता है?

येलो अलर्ट में मौसम की स्थिति सामान्य से अलग हो सकती है, सतर्क रहने की जरूरत है। वहीं, ऑरेंज अलर्ट में संभावित खतरनाक मौसम, तैयारी जरूरी होती है, जैसे तेज़ आंधी-तूफ़ान या भारी बारिश।

ड़े राज्यों को पीछे छोड़ टॉप 5 में पहुंचा छत्तीसगढ़, फ्री इलाज के लिए बन रहा है कार्ड, जानें क्या है प्रोसेस

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अक्टूबर 2024 से देश में प्रारंभ वय-वंदना कार्ड पंजीयन में राज्य में नवंबर के बाद तेजी से किया जा राह है कार्य। राज्य के 3 लाख 60 हजार से अधिक वरिष्ठ नागरिकों को मिला पीएम आयुष्मान वय-वंदना कार्ड।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वरिष्ठ नागरिकों के लिए पीएम आयुष्मान वय-वंदना योजना की शुरुआत की थी। इस योजना के तहत 70 साल से अधिक आयु के नागरिकों को फ्री इलाज मिल रहा है। छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की सरकार में राज्य के 3 लाख 60 हजार से अधिक 70 वर्ष व अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों के आयुष्मान वय-वंदना कार्ड बन चुके हैं। इसकी वजह से छत्तीसगढ़ पूरे देश में वय वंदना कार्ड बनाने के मामले में पांचवें स्थान पर पहुंच गया है।

बड़े राज्यों को छोड़ा पीछे

कार्ड बनवाने के मामले में राज्य ने राजस्थान, महाराष्ट्र , ओडिशा और बिहार जैसे राज्यों से आगे निकलकर कीर्तिमान रच दिया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर राज्य के सभी जिलों में विशेष अभियान चलाकर लगातार आयुष्मान वय-वंदना कार्ड बनाए जा रहे हैं। जिससे कि कोई भी पात्र वरिष्ठ नागरिक योजनांतर्गत फ्री इलाज लाभ पाने से वंचित नहीं रह जाए। जिलों में आयुष्मान वय-वंदना पंजीयन हेतु विभिन्न शासकीय विभागों के अतिरिक्त, सामाजिक संस्थाओं, पेंशनर संथाओं, शियान-सदन, वरिष्ठ-जन कल्याण संघों, वृद्धाश्रमों, निजी आवासीय सोसायटियों, इत्यादि से लगातार संपर्क कर शिविर लगाए जा रहे हैं।

अक्टूबर 2024 से देश में प्रारंभ वय-वंदना कार्ड पंजीयन में राज्य में नवंबर के बाद तेजी से कार्य किया जा सका है। राज्य शासन द्वारा 6 जिलों जहां 60 प्रतिशत से अधिक आयुष्मान वय-वंदना कार्ड पंजीयन कवरेज कर लिया गया है, को “वय-मित्र” जिलों के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिसके तहत् इन जिलों में वरिष्ठ नागरिकों को जिला अस्पताल व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में ‘वय-मित्र स्वास्थ्य परीक्षण शिविर’ का आयोजन, ‘मोबाइल मेडिकल यूनिट’ के माध्यम से दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य परीक्षण शिविर का आयोजन, आयुष्मान-आरोग्य मंदिर में टेली-मेडिसीन व मानसिक स्वास्थ्य काउंसलिंग व प्रत्येक गुरुवार ‘सियान-जतन शिविर’ का आयोजन, आयुष पद्धति से इलाज की सुविधा, मोतियाबिंद जांच, इत्यादि विशेष स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जा रही हैं।

थाना बसंतपुर पुलिस व साइबर सेल की सयुक्त कार्यवाही से अज्ञात आरोपी को गिरफ्तार करने में मिली सफलता ।

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अपने ही साथी को जान से मारने का प्रयास करने वाले आरोपी को पुलिस ने किया गिरफ्तार। मामूली विवाद बना घटना का मुख्य कारण।आरोपी को जिला सतारा महाराष्ट्र से हिरासत में लेकर लाया गया। आरोपी के कब्जे से घटना में प्रयुक्त धारदार हथियार एवं कपडे को किया जप्त । आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजा गया।
नाम आरोपी –
01 प्रतीक जगदल्ले पिता प्रकाश बाबू राव जगदल्ले उम्र 32 साल निवासी ग्राम मासुर , जिला सतारा महाराष्ट्र
–00–

विवरण:- इस प्रकार है कि प्रार्थी ने रिपोर्ट दर्ज कराया कि रात्रि दिनांक 21.05.2025 के 02ः45 बजे के लगभग पुलिस लाइन स्थित आइटीबीपी कैंप में बचाओ-बचाओ की अवाज सुनकर गया तो देखा कि प्र0आर0 किशन कुमार साहू खून से लतपथ जी0डी0 रूम के बाहर खडा था। जिसे पूछताछ करने पर बताया कि अज्ञात व्यक्ति के द्वारा जान से मारने की नियत से धारदार हथियार से इसके गर्दन , हाथ ,सिर पर वार कर भाग गया कि रिपोर्ट पर थाना बसंतपुर में अपराध क्रमांक 215/25 धारा 109 ,331बी एन एस का अपराध अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ पंजीबद्व कर विवेचना में लिया गया।

मामले की गंभीरता को देखते हुए राजनांदगांव पुलिस अधीक्षक श्री मोहित गर्ग के मार्गदर्शन व अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राहुल देव शर्मा तथा नगर पुलिस अधीक्षक पुष्पेन्द्र नायक के दिशा निर्देश पर थाना प्रभारी बसंतपुर एमन साहू एवं सायबर प्रभारी विनय परमार के नेतृत्व में अज्ञात आरोपी के जल्द से जल्द गिरफ्तारी हेतु अलग अलग टीम तैयार किया गया। गठित टीम द्वारा अज्ञात आरोपी की पतासाजी हेतु घटना स्थल एवं आसपास तथा शहर के अलग अलग चौक चौराहे में लगे 100 से भी अधिक सीसीटीव्ही फुटेज को खंगाले जाने पर जानकारी प्राप्त हुआ कि आहत् किशन कुमार साहू का साथी ही उसे जान से मारने की नियत से धारदार हथियार से प्राणघातक हमला कर फरार हो गया है। आरोपी की पतासाजी हेतु थाना बसंतपुर पुलिस एवं सायबर टीम को आरोपी प्रतीक जगदल्ले के सकुनत ग्राम मामुर जिला सतारा (महाराष्ट्र) रवाना किया गया। उपरोक्त गठित टीम द्वारा आरोपी प्रतीक जगदल्ले को हिरासत में लेकर पूछताछ किया तो बताया कि किशन कुमार साहू जो की खाना खाने व मेस कटिग का पैसा देने के नाम पर हमेशा किसी भी जग़ह टोका, टोकी करते रहता था, इसी बात को लेकर रंजिश वंश शराब पीने के बाद मारने की नीयत से नारियल काटने के धारदार हथियार से आहत किशन साहू पर वार कर घटना कारित करना व उसके बाद माँ गम्भीर रूप से बीमार है बोलकर छुट्टी लेकर अपने घर सातारा महाराष्ट्र चले जाना बताया।
आरोपी के कब्जे से घटना में प्रयुक्त नरियल कांटने का धारदार हथियार, खून से सने कपडे जप्त कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है जिसे अभिरक्षा में माननीय न्यायालय पेश किया गया , जहाँ आरोपी का जेल वारंट प्राप्त होने पर जिला जेल राजनांदगांव दाखिल किया गया।
उपरोक्त कार्यवाही में निरीक्षक एमन साहू, विनय परमार ,उनि देवादास भारती, कैलाश मरई सउनि. गोवर्धन देशमुख, सउनि. जीवराज रावटे, प्रधान आरक्षक बसंत राव, आरक्षक प्रवीण मेश्राम, कुश बघेल, प्रख्यात जैन , मोसीन खान ,आशीष मानिकपुरी एवं सायबर टीम की विशेष भूमिका रही।

छत्तीसगढ़ के रायपुर में मिला कोराना पॉजिटिव मरीज, सभी जिलों में जारी किया अलर्ट

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 छत्तीसगढ़ के रायपुर में एक व्यापारी में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई है। उसका एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने सभी जिलों को अलर्ट जारी किया है और दिशा-निर्देश दिए हैं। मरीज के संपर्क में आए लोगों की स्क्रीनिंग शुरू कर दी गई है।

श में कोरोना एक बार फिर पैर पसार रहा है। देश के अलग-अलग शहरों से कोरोना के मामले आने की खबरें आ रही हैं। इसी बीच रायपुर के पचपेड़ी नाका के पास रहने वाले एक व्यापारी के कोरोना पॉजिटिव पाए जाने की पुष्टि हुई है। उसका एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है। मरीज की ट्रू नाट से जांच की गई है, जिसमें वह कोरोना

इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने बैठक ली, जिसमें प्रदेश के सभी जिलों को दिशा निर्देश जारी किए गए हैं। दरअसल शुक्रवार को सर्दी–खांसी की शिकायत लेकर 41 वर्षीय मरीज निजी अस्पताल पहुंचा। उसका ट्रू नाट टेस्ट किया गया, जिसमें वह कोविड पाजिटिव निकला। मरीज पचपेड़ी नाके के पास लक्ष्मीनगर का रहने वाला है। उसे प्राइवेट आइसोलेशन वार्ड में रखा गया है।

रीज के संपर्क में आए लोगों की स्क्रीनिंग शुरू

मरीज की रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने उनके स्वजन के सैंपल लेना शुरू कर दिया है। इसके साथ ही मरीज के संपर्क में आए लोगों की ट्रैकिंग और स्क्रीनिंग की जा रही है।

मरीज की ट्रैवल हिस्ट्री नहीं

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के पास मरीज की ट्रैवल हिस्ट्री नहीं है। इस वजह से संक्रमण फैलने की सटीक जानकारी जुटाने में समस्या आ रही है। वहीं ट्रैवल हिस्ट्री नहीं होने की वजह से मरीज के संपर्क में रहने वाले लोगों की पुष्टि भी मुश्किल है। इसकी वजह से संक्रमण अन्य लोगों में फैलने का खतरा बढ़ जाता है।

प्रशासन ने की अपील- लक्षण मिले तो जांच कराएं

राज्य सरकार और स्वास्थ्य विभाग ने आम जनता से अपील की है कि वे सावधानी बरतें, भीड़भाड़ से बचें और कोई लक्षण दिखने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराएं।

सभी जिलों को जारी हुए दिशा निर्देश

अस्पतालों में आने वाले ऐसे मरीज, जिन्हें सर्दी खांसी, बुखार अथवा गले में खराश हो, उनकी समुचित देखभाल की जाए। एकीकृत रोग निगरानी के दिशा निर्देश अनुसार एसएआरआई (सीवियर एक्यूट रेस्पिरेटरी इंफेक्शन) मरीजों को चिकित्सक की सलाह पर भर्ती किया जाए। जिलों में सामान्य इन्फ्लूएंजा वाले लक्षणों के मरीजों के इलाज के लिए जरूरी दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।

मंत्री ने दिए सतत निगरानी के निर्देश

स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने विभाग के सभी अधिकारियों को इन्फ्लुएंजा जैसे लक्षणों की सतत निगरानी करने के निर्देश दिए हैं। मंत्री ने कहा कि राज्य के स्वास्थ्य विभाग की सभी तैयारियां पूरी हैं। कोविड केसेस के आने पर बेड भी आरक्षित हैं, इसके लिए दवाइयां और मैन पावर भी पर्याप्त हैं। सभी लोगों से अपील की जाती है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और घबराने की जरूरत नही है।

तीन दिन पहले उड़ी थी कोविड पॉजिटिव मिलने की खबर

तीन दिन पहले कोविड पॉजिटिव मिलने की खबर मिली थी, जिसे जांच के बाद स्वास्थ्य विभाग ने खारिज कर दिया था।

ट्रेन में ये सामान ले जाना है गैरकानूनी, रेलवे के नियम तोड़े तो 3 साल की जेल और भारी जुर्माना

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भारतीय रेल में सफर करना देश के करोड़ों लोगों के लिए सबसे सुविधाजनक विकल्प है. लोग अपने परिवार के साथ यात्रा करते समय खाने-पीने और निजी सामान लेकर चलते हैं. लेकिन हर यात्री को यह जानना बेहद जरूरी है कि भारतीय रेलवे ने यात्रियों की सुरक्षा के लिए कुछ कड़े नियम बनाए हैं, जिनका पालन अनिवार्य है. यदि आप इन नियमों की अनदेखी करते हैं, तो आपके खिलाफ कानूनी कार्रवाई, भारी जुर्माना, यहां तक कि जेल तक की सजा हो सकती है.

ट्रेन में नारियल ले जाना है पूरी तरह से प्रतिबंधित

रेलवे ने यात्रा के दौरान कुछ चीजों को साथ ले जाने पर प्रतिबंध लगाया है. इसमें सबसे चौंकाने वाला नाम है – नारियल. चाहे वह सूखा नारियल हो या पानी वाला, छिला हो या बिना छिला, उसे ट्रेन में लेकर जाना पूरी तरह से मना है. हालांकि अन्य फलों को आप अपने साथ खाने के लिए रख सकते हैं.

प्रतिबंधित सामान के साथ पकड़े गए तो क्या होगी सजा?

रेलवे नियमों के मुताबिक, अगर कोई यात्री ट्रेन में प्रतिबंधित सामान के साथ पकड़ा जाता है. तो उसे ₹1000 का जुर्माना, तीन साल तक की जेल या दोनों सजा हो सकती है. यदि प्रतिबंधित वस्तु की वजह से रेलवे संपत्ति को नुकसान पहुंचता है, तो उसकी भरपाई भी उसी यात्री को करनी पड़ेगी.

शराब पीकर ट्रेन में चढ़े तो टिकट होगा रद्द

भारतीय रेलवे ने नशा करके यात्रा करने पर भी सख्त नियम बनाए हैं. कोई भी यात्री शराब पीकर या नशे की हालत में ट्रेन में सफर नहीं कर सकता. 1989 के रेलवे एक्ट की धारा 165 के तहत इसे दंडनीय अपराध माना गया है. इस स्थिति में यात्री का टिकट रद्द कर दिया जाता है और उसे छह महीने तक की जेल या ₹500 का जुर्माना हो सकता है.

पटाखे ले जाना भी भारी पड़ सकता है

त्योहारों के समय, खासकर दिवाली पर, कई यात्री पटाखे अपने साथ ट्रेन में लेकर यात्रा करते हैं, जो पूरी तरह गैरकानूनी है. पटाखों में विस्फोटक तत्व होते हैं और यह ट्रेन के यात्रियों की जान को खतरे में डाल सकते हैं. रेलवे ने स्पष्ट रूप से कहा है कि ऐसा करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी और जेल तक की सजा संभव है.

कुछ लोग ट्रेन में छोटा स्टोव या गैस सिलेंडर भी ले जाने की कोशिश करते हैं, जो कि नियमों के विरुद्ध है. रेलवे के अनुसार यह वस्तुएं सफर के दौरान साथ लेकर जाना सख्त मना है. अगर कोई यात्री इन्हें छुपाकर लेकर जाता है और पकड़ा जाता है, तो उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जा सकती है और उसे जेल जाना पड़ सकता है.

क्या गैस सिलेंडर कभी ट्रेन में ले जा सकते हैं?

अगर आपको खाली गैस सिलेंडर ले जाना है, तो रेलवे आपको इसकी अनुमति देता है लेकिन एक शर्त के साथ. आपको इसे ब्रेकयान के जरिए बुकिंग करवानी होगी. तभी आप इसे लेकर जा सकते हैं. यदि आप बिना बुकिंग के इसे साथ लाते हैं और पकड़े जाते हैं, तो कानून के तहत आप पर सख्त कार्रवाई की जाएगी.

रेल टिकट बुकिंग में सीनियर सिटीजन्स को जबरदस्त छूट – अब हर टिकट पर मिलेगा सीधा 50% ऑफ

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सीनियर सिटीजन्स के लिए रेल टिकट छूट: भारत सरकार ने वरिष्ठ नागरिकों के लिए रेल यात्रा को और आसान बनाने के लिए एक शानदार योजना की शुरुआत की है। इस योजना के तहत, वरिष्ठ नागरिकों को रेल टिकट पर 50% तक की सीधी छूट मिल सकती है। यह छूट भारतीय रेलवे के विभिन्न ट्रेनों में उपलब्ध है, जिससे बुजुर्ग यात्री अधिक किफायती और सुविधाजनक यात्रा का लाभ उठा सकते हैं।

रेल टिकट पर छूट का लाभ उठाने के लिए, वरिष्ठ नागरिकों को कुछ आवश्यक प्रक्रियाओं का पालन करना होगा। सबसे पहले, आपको यह सुनिश्चित करना होगा कि आपकी उम्र 60 वर्ष या उससे अधिक है। इसके अलावा, टिकट बुकिंग के समय पहचान पत्र प्रस्तुत करना आवश्यक है।

सीनियर सिटीजन्स को इस छूट का लाभ उठाने के लिए ऑनलाइन या ऑफलाइन माध्यम से टिकट बुक करना होगा। ऑनलाइन बुकिंग के लिए, IRCTC की वेबसाइट या मोबाइल ऐप का उपयोग किया जा सकता है।

  • उम्र 60 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए।
  • बुकिंग के समय सही पहचान पत्र प्रस्तुत करें।
  • IRCTC की वेबसाइट या ऐप से बुकिंग करें।
  • ऑफलाइन बुकिंग के लिए नजदीकी रेलवे स्टेशन पर संपर्क करें।

विशेष छूट और लाभ

रेल टिकट पर छूट का लाभ उठाने के लिए, वरिष्ठ नागरिकों को कुछ आवश्यक प्रक्रियाओं का पालन करना होगा। सबसे पहले, आपको यह सुनिश्चित करना होगा कि आपकी उम्र 60 वर्ष या उससे अधिक है। इसके अलावा, टिकट बुकिंग के समय पहचान पत्र प्रस्तुत करना आवश्यक है।

सीनियर सिटीजन्स को इस छूट का लाभ उठाने के लिए ऑनलाइन या ऑफलाइन माध्यम से टिकट बुक करना होगा। ऑनलाइन बुकिंग के लिए, IRCTC की वेबसाइट या मोबाइल ऐप का उपयोग किया जा सकता है।

  • उम्र 60 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए।
  • बुकिंग के समय सही पहचान पत्र प्रस्तुत करें।
  • IRCTC की वेबसाइट या ऐप से बुकिंग करें।
  • ऑफलाइन बुकिंग के लिए नजदीकी रेलवे स्टेशन पर संपर्क करें।

विशेष छूट और लाभ

रेल टिकट पर छूट का लाभ उठाने के लिए, वरिष्ठ नागरिकों को कुछ आवश्यक प्रक्रियाओं का पालन करना होगा। सबसे पहले, आपको यह सुनिश्चित करना होगा कि आपकी उम्र 60 वर्ष या उससे अधिक है। इसके अलावा, टिकट बुकिंग के समय पहचान पत्र प्रस्तुत करना आवश्यक है।

सीनियर सिटीजन्स को इस छूट का लाभ उठाने के लिए ऑनलाइन या ऑफलाइन माध्यम से टिकट बुक करना होगा। ऑनलाइन बुकिंग के लिए, IRCTC की वेबसाइट या मोबाइल ऐप का उपयोग किया जा सकता है।

  • उम्र 60 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए।
  • बुकिंग के समय सही पहचान पत्र प्रस्तुत करें।
  • IRCTC की वेबसाइट या ऐप से बुकिंग करें।
  • ऑफलाइन बुकिंग के लिए नजदीकी रेलवे स्टेशन पर संपर्क करें।

विशेष छूट और लाभ

रेल टिकट पर छूट का लाभ उठाने के लिए, वरिष्ठ नागरिकों को कुछ आवश्यक प्रक्रियाओं का पालन करना होगा। सबसे पहले, आपको यह सुनिश्चित करना होगा कि आपकी उम्र 60 वर्ष या उससे अधिक है। इसके अलावा, टिकट बुकिंग के समय पहचान पत्र प्रस्तुत करना आवश्यक है।

सीनियर सिटीजन्स को इस छूट का लाभ उठाने के लिए ऑनलाइन या ऑफलाइन माध्यम से टिकट बुक करना होगा। ऑनलाइन बुकिंग के लिए, IRCTC की वेबसाइट या मोबाइल ऐप का उपयोग किया जा सकता है।

  • उम्र 60 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए।
  • बुकिंग के समय सही पहचान पत्र प्रस्तुत करें।
  • IRCTC की वेबसाइट या ऐप से बुकिंग करें।
  • ऑफलाइन बुकिंग के लिए नजदीकी रेलवे स्टेशन पर संपर्क करें।
  • वरिष्ठ नागरिकों के लिए यह योजना न केवल उन्हें आर्थिक रूप से लाभान्वित करती है, बल्कि यह उनकी यात्रा को भी सरल बनाती है। छूट के अलावा, बुजुर्ग यात्रियों के लिए विशेष कोच और सीट की व्यवस्था भी की जाती है।

    इसके अलावा, वरिष्ठ नागरिकों को प्राथमिकता के आधार पर बर्थ आवंटन भी किया जाता है। यह सुविधाएं उनकी यात्रा को और भी आरामदायक बनाती हैं।

    • विशेष कोच की सुविधा।
    • प्राथमिकता के आधार पर बर्थ आवंटन।
    • आर्थिक छूट के अलावा, अतिरिक्त सेवाएं।
    • यात्रा को अधिक सुविधाजनक बनाने के लिए विशेष व्यवस्थाएं।
    • विशेष सहायता और गाइडेंस।
    • जब सीनियर सिटीजन्स यात्रा करते हैं, तो कुछ विशेष सलाह का पालन करना उनके लिए लाभदायक होता है। यात्रा से पहले, हमेशा अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखें और आवश्यक दवाएं साथ में रखें।
      • स्वास्थ्य की जांच:
        • यात्रा से पहले डॉक्टर से परामर्श करें।
        • जरूरी दवाएं साथ रखें।
        • स्वास्थ्य बीमा की जांच करें।
        • पहले से ही आवश्यक मेडिकल डिवाइस रखें।
      • यात्रा के दस्तावेज:
        • पहचान पत्र और टिकट की फोटोकॉपी रखें।
        • आपातकालीन संपर्क नंबर साथ रखें।
        • यात्रा बीमा दस्तावेज साथ रखें।
        • मेडिकल प्रिस्क्रिप्शन की कॉपी साथ रखें।
      सीनियर सिटीजन्स के लिए यात्रा के टिप्स
      • आरामदायक कपड़े पहनें।
      • हल्का सामान पैक करें।
      • खुद को हाइड्रेटेड रखें।

      रेलवे की अन्य छूट योजनाएं

      भारतीय रेलवे अन्य यात्रियों के लिए भी कई छूट योजनाएं प्रदान करता है।

  • छात्रों के लिए विशेष छूट।
  • महिलाओं के लिए रियायती दरें।
  • दिव्यांग यात्रियों के लिए विशेष सुविधाएं।
  • समूह यात्रा के लिए डिस्काउंट।
  • अंतर्राष्ट्रीय पर्यटकों के लिए विशेष पास।

कैसे पाएं अधिक जानकारी?

  • IRCTC की वेबसाइट पर जाएं।
  • रेलवे हेल्पलाइन से संपर्क करें।
  • नजदीकी रेलवे स्टेशन से जानकारी प्राप्त करें।
  • सीनियर सिटीजन्स के लिए रेल टिकट छूट का लाभ उठाने के लिए ये सभी जानकारी आपके लिए उपयोगी साबित होगी।
    • योजना के बारे में अधिक जानकारी के लिए, IRCTC की वेबसाइट पर विजिट करें।
    • अपने नजदीकी रेलवे स्टेशन से संपर्क करें।
    • रेलवे हेल्पलाइन से सहायता प्राप्त करें।
    यात्रा के दौरान ध्यान देने योग्य बातें

    यात्रा के दौरान कुछ बातों का ध्यान रखना आवश्यक है, जैसे कि सुरक्षा, सामान की देखभाल और समय पर स्टेशन पहुंचना।

    • सुरक्षित यात्रा के लिए आवश्यक सामान की सूची बनाएं।
    • समय पर स्टेशन पहुंचें।
    • दूसरे यात्रियों के साथ सहयोग करें।
    • ट्रेन में चढ़ने और उतरने के समय सावधानी बरतें।
    • यात्रा के दौरान किसी भी समस्या के लिए रेलवे कर्मचारियों से मदद लें।

    उम्मीद है कि यह जानकारी आपके लिए सहायक होगी और आप इस योजना का पूरी तरह से लाभ उठा सकेंगे।

नौकरी तलाश रहे युवाओं के लिए सुनहरा मौका, 26 मई को प्लेसमेंट कैंप का आयोजन, इतने पदों पर होगी भर्ती

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नौकरी की तलाश कर रहे छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के युवाओं के लिए खुशखबरी है. दरअसल, बलौदा बाजार (Baloda Bazar) में 26 मई 2025 को निजी क्षेत्र के नियोजकों द्वारा प्लेसमेंट कैंप का आयोजन (Organization of placement camp) किया जा रहा है. इस प्लेसमेंट कैंप में कुल 493 पदों पर नौकरी प्रदान की जाएगी. प्लेसमेंट कैंप लाइवलीहुड कॉलेज सकरी में सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक आयोजित होगा.

कलेक्टर दीपक सोनी ने बताया कि प्लेसमेंट कैंप में निजी क्षेत्र के नियोक्ताओं को बुलाया गया है, जिससे जिले के जरूरतमंद युवाओं को रोजगार का अवसर मिल सके.

प्लेसमेंट कैंप में ये कंपनियां लेंगी हिस्सा

इस रोजगार मेले में निजी क्षेत्र की कई नियोक्ता कंपनियां भाग लेंगी, जो कुल 493 पदों पर सीधी भर्ती करेगी. यह कैंप न केवल शैक्षणिक रूप से योग्य युवाओं के लिए है, बल्कि उन लोगों के लिए भी है जो केवल 5वीं, 8वीं, 10वीं या ITI जैसी बेसिक योग्यता रखते हैं. बता दें कि ये इंजीनियर, नर्स, डिलीवरी एग्जिक्यूटिव, सेक्यूरिटी गार्ड, केयर टेकर, मशीन ऑपरेटर, ड्राइवर जैसे पदों पर युवाओं को रोजगार देंगी.

इन पदों पर होगी भर्ती

न्यू विस्टा लिमिटेड, रिसदा (बलौदाबाजार)– सीनियर इंजीनियर के 3 पदों पर भर्ती होगी. इसे लिए B.Tech (Chemical)
की डिग्री होनी चाहिए. वहीं अनुभव 7 से 9 वर्ष और उम्र-20 से 35 वर्ष है.

चंदा देवी तिवारी हॉस्पिटल, बलौदाबाजार– पद- नर्स (06), डायलिसिस टेक्नीशियन (01), योग्यता- ANM / GNM / B.Sc Nursing, अनुभव- 0 से 5 वर्ष, उम्र: 18 से 40 वर्ष

Alert Security Services, रायपुर– इस कंपनी में वर्किंग पार्टनर (25 पद) , एजेंट (20 पद), सिक्योरिटी गार्ड (60 पद) मार्केटिंग (15 पद), कंप्यूटर ऑपरेटर- (02 पद), सर्वेयर (25 पद) के पदों पर भर्ती होगी. इसके लिए योग्यता- 8वीं से लेकर स्नातकोत्तर और अनुभव: 0 से 10 वर्ष है. वेतन:10,000 -30,000 रुपये

Finova Medorga Pvt. Ltd. रायपुर– मदर केयर (50 पद), बेबी केयर (50 पद), केयर टेकर (50 पद), ANM नर्स (10 पद) के पदों पर भर्ती की जाएगी.

योग्यता- 5वीं से लेकर नर्सिंग तक, अनुभव- 0 से 2 वर्ष, वेतन- 13,000-15,000 रुपये

Shanta Techno Pvt. Ltd. रायपुर- मेकैनिकल इंजीनियर (10 पद), फिटर (10 पद), वेल्डर (10 पद), इलेक्ट्रिशियन (05) पद, हेल्पर (10 पद), मार्केटिंग (05 पद), मशीन ऑपरेटर (10 पद), ड्राइवर (15 पद) के पदों के लिए नियुक्तियां की जाएगी.

सपना शर्मा बन गई सनाया नूर! दुर्ग से अवैध बांग्लादेशी दो महिलाएं गिरफ्तार

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छत्तीसगढ़ राज्य में अवैध रूप से निवास कर रहे विदेशी नागरिकों के खिलाफ चल रही सघन जांच एवं कार्रवाई के तहत दुर्ग पुलिस (Durg Police) ने दो बांग्लादेशी महिलाओं (Illegal Bangladeshi Women) को गिरफ्तार किया है. ये महिलाएं मोहन नगर क्षेत्र में सपना शर्मा और रानी पासवान के नाम से कई सालों से रह रही थीं. जांच के दौरान इनकी असली पहचान सनाया नूर और खुशबू बेगम के रूप में हुई, जो बांग्लादेश के दिनाजपुर जिले की निवासी हैं.

क्या है पूरा मामला?

24 मई को एसटीएफ ने कार्रवाई करते हुए दोनों महिलाओं को हिरासत में लिया. पूछताछ में उन्होंने स्वीकार किया कि वे लगभग 15 वर्ष पहले भारत – बांग्लादेश सीमा को अवैध रूप से पार कर बिना वैध दस्तावेजों के भारत में दाखिल हुई थीं. सनाया नूर ने सपना शर्मा उर्फ सपना मंडल के नाम से रायपुर के चंगोराभाठा क्षेत्र में पिछले आठ वर्षों से निवास किया.

फर्जी दस्तावेज तैयार करवाएं

साल 2019 में उसने अभय शर्मा नामक व्यक्ति को पति दर्शाकर फर्जी आधार कार्ड, पैन कार्ड, मतदाता पहचान पत्र और बैंक पासबुक बनवाए. जांच में यह भी सामने आया कि वह इंटरनेट के माध्यम से बांग्लादेश के कई नंबरों से लगातार संपर्क में थी.

वहीं, खुशबू बेगम ने रानी पासवान उर्फ खुशबू के नाम से पश्चिम बंगाल के उत्तरी दिनाजपुर और आसनसोल क्षेत्रों में फर्जी जन्मतिथि और पते के आधार पर फर्जी दस्तावेज तैयार करवाए थे.

जज्बे को सलाम: प्रशासन ने नहीं सुनी, तो गांव वालों ने चंदा कर खुद ही बनानी शुरू कर दी 5 KM लंबी सड़क

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छत्तीसगढ़ में चंदे से 5 KM की सड़क बनाने का ग्रामीणों ने फैसला लिया है. हालांकि, सरकार से कई बार मांग कर चुके लेकिन मांग जब सालों बाद सिर्फ मांग ही रह गई, तो ग्रामीणों ने एक कदम आगे बढ़ाया. समाज के लिए नजीर पेश की. अब ग्रामीणों की इस पहल की तारीफ हो रही है.

वर्षों से सरकारी तंत्र को ग्रामीणों की समस्या सुनाई नहीं देती. यही वजह है कि फरियादी, फरियाद लगाते थक चुका है. अब हाथों में फावड़ा है. गांव के बुजुर्ग, युवा, महिला इस समस्या को दूर करने 5 किलोमीटर की सड़क बना रहे हैं. बच्चों को अपने माता, पिता और भाई का दर्द दिखाई दिया. वह भी कंधे से कंधा मिला रहे है.

पुसाझर गांव पहुंचा किसी चुनौती से कम नहीं

कांकेर जिला मुख्यालय से लगभग 30 से 35 किलोमीटर की दूरी पर बसा गांव है पुसाझर. गांव की जनसंख्या 200 के आसपास है. इस गांव में पहुंचना किसी चुनौती से कम नहीं है. गांव तक पहुंचने सड़क नहीं है. ग्रामीण सड़क की मांग को लेकर लंबे समय से शासन प्रशासन को अवगत कराते आए हैं.

आवास योजना का लाभ लेना चाहते हैं तो सड़क की वजह से कोई चार पहिया गाड़ी नहीं आ पाती. किसी के बीमार होने पर बीमार व्यक्ति को लकड़ी के सहारे कांवर में उठा कर 5 किलोमीटर दूर लाना पड़ता है. तब कहीं जाकर एम्बुलेंस की सुविधा मिल पाती है. सड़क नहीं होने के कारण बच्चों को 5 वीं कक्षा के बाद आगे पढ़ने के लिए लंबी दूरी पैदल तय करनी पड़ती है. इसलिए बच्चे भी कक्षा 5 वीं के बाद पढ़ाई छोड़ रहे हैं.