सुशासन तिहार अंतर्गत ग्राम पदुमतरा में समाधान शिविर का हुआ आयोजन
शासन की विभिन्न योजना का लाभ लेने के लिए हितग्राहियों को किया गया प्रेरित
राजनांदगांव 23 मई 2025। राज्य शासन द्वारा चलाए जा रहे सुशासन तिहार अंतर्गत जनपद पंचायत राजनांदगांव के ग्राम पंचायत पदुमतरा में समाधान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में ग्राम पंचायत तिलई, पदुमतरा, खैरझीटी, कांकेतरा, जोरातराई ब, भेड़ीकला, बोरी, गठुला, भाठागांव, बोईरडीह, महरूमखुर्द, डुमरडीहखुर्द के ग्रामीणों द्वारा प्राप्त शिकायतों एवं मांगों के संबंध में प्राप्त आवेदनों का निराकरण किया गया। इसके साथ ही समाधान शिविर में प्राप्त आवेदनों का निराकरण भी किया गया। सभी विभागीय अधिकारियों ने निराकरणों का वाचन किया। शिविर में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा नन्हें शिशुओं के लिए अन्नप्राशन्न का आयोजन किया गया तथा गर्भवती माताओं की गोदभराई की गई। शिविर में पात्र हितग्राहियों को विभिन्न शासकीय योजनाओं से लाभान्वित किया गया। विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉल का जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों ने अवलोकन किया। स्टॉल में अधिकारियों द्वारा विभागीय योजनाओं एवं कार्यक्रमों की जानकारी दी गई एवं पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया गया। सुशासन तिहार अंतर्गत आयोजित समाधान शिविर में प्रस्तुत शिकायतों एवं मांगों के आवेदनों का निराकरण होने से ग्रामीणों के चेहरे पर खुशी और शासन-प्रशासन के प्रति विश्वास देखने को मिला।
शिविर में ग्रामवासियों ने बड़ी संख्या में रक्त परीक्षण, ब्लड प्रेशर, मधुमेह का परीक्षण कराया। स्वास्थ्य एवं आयुर्वेद विभाग के स्टॉल में जनसामान्य को मौसमी बीमारियों की रोकथाम के लिए दवाईयों का वितरण किया गया। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, कृषि विभाग, महिला एवं बाल विकास, राजस्व, मछली पालन, पशुधन विकास, लोक निर्माण, विद्युत विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, स्वास्थ्य विभाग, परिवहन विभाग, शिक्षा विभाग, जिला सहकारी, श्रम विभाग, आयुर्वेद विभाग, खाद्य विभाग सहित अन्य विभागों को प्राप्त आवेदनों के निराकरण की जानकारी दी गई। शिविर में जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती प्रतिमा चंद्राकर, जनपद पंचायत उपाध्यक्ष श्रीमती अनिता सिन्हा, जनपद पंचायत सभापति श्रीमती शिला सिन्हा, जनपद पंचायत सदस्य श्रीमती ललिता साहू, जनपद पंचायत सदस्य श्री मंजू चंदेल, श्री रमेश चन्द्राकर, एसडीएम राजनांदगांव श्री खेमलाल वर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधि, जिला स्तरीय अधिकारी, अन्य अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या ग्रामीणजन उपस्थित थे।
क्रमांक 170
सीजी प्री बीएड एग्जाम डेट 2025 जारी (CG Pre BEd Exam Date 2025 Out) – एडमिट कार्ड (जारी), एग्जाम
सीजी प्री बीएड एग्जाम डेट 2025 (CG Pre BEd Exam Date 2025) – छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल यानी सीजीपीईबी (CGPEB) द्वारा 22 मई, 2025 को ऑफ़लाइन मोड में सीजी प्री बीएड प्रवेश परीक्षा 2025 (CG Pre B.Ed admit card in hindi) जारी कर दिया गया है। प्राधिकरण द्वारा 28 मार्च 2025 को ऑनलाइन सीजी प्री ब(CG Pre BEd entrance test 2025 in hindi) आयोजित की जाएगी। परीक्षा में शामिल होने वाले उम्मीदवारों केके लिए 16 मई को सीजी प्री बीएड एडमिट कार्ड 2025 जारी कर दिया गया है। प्राधिकरण द्वारा 28 मार्च 2025 को ऑनलाइन सीजी प्री बीएड आवेदन पत्र (CG Pre BEd application form 2025 in hindi) जारी किया गयाथाा। सीजी प्रीबीएड आवेदन की अंतिम तिथि 26अप्रैल 2025 (विस्तारित) थी। सीजी प्री बीएड आवेदन पत्र लिंक आधिकारिक वेबसाइट vyapam.cgstate.gov.in पर जारी किया गया था।
सीजी प्री बीएड 2025 परीक्षा तिथि (CG Pre BEd 2025 exam dates in hindi) जारी कर दी है। छत्तीसगढ़ में कई बीएड पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए 22 मई 2025 को पेन और पेपर मोड में सीजी प्री बीएड प्रवेश परीक्ष(CG Pre BEd entrance test in hindi) आयोजित होगी। सीजी प्री बीएड प्रवेश परीक्षा (CG Pre BEd entrance test in hindi) एक राज्य स्तरीय परीक्षा है, जो हर साल आयोजित की जाती है। इसकीआधिकारिक वेबसाइट vyapam.cgstate.gov.in पर सीजी प्री बीएड 2025 (CG Pre BEd 2025 in hindi) आवेदन पत्र जारी होता है
सीजी प्री बीएड 2025 परीक्षा तिथि (CG Pre BEd 2025 exam dates in hindi) जारी कर दी है। छत्तीसगढ़ में कई बीएड पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए 22 मई 2025 को पेन और पेपर मोड में सीजी प्री बीएड प्रवेश परीक्षा (CG Pre BEd entrance test in hindi) एक राज्य स्तरीय परीक्षा है, जो हर साल आयोजित की जाती है।इसकीआधिकारिक वेबसाइट – vyapam.cgstate.gov.in पर सीजी प्री बीएड 2025 (CG Pre BEd 2025 in hindi) आवेदन पत्र जारी होता है जिसे ऑनलाइन कर जमा करना होता है।
सीजी पीपीटी आवेदन के बारे में जानें
सीजी प्री बीएड समय सारिणी 2025 (CG Pre BEd timetable 2025 in hindi) के बारे में जानने के लिए उम्मीदवारों को सीजी प्री बीएड परीक्षा (CG Pre BEd exam in hindi) की परीक्षा तिथियों की जांच करनीचाहिए। उम्मीदवारों को सीजी प्री बीएड परीक्षा, आवेदन, प्रवेश पत्र, आंसर की, रिजल्ट और अन्य महत्वपूर्णतिथियों के बारे में अधिक जानने के लिए पूरे लेख को पढ़ने की सलाह दी जाती है।
बिहार डीएलएड 2025 के बारमें जानें
सीजी प्री बीएड परीक्षा कार्यक्रम 2025 (CG Pre BEd Exam Schedule 2025 in hindi)
उम्मीदवार नीचे दी गई तालिका में सीजी प्री बीएड 2025 की तिथियों (CG Pre BEd 2025 dates in hindi) की जच कर सकते हैं, साथ ही आधिकारिक वेबसाइट – vyapam.cgstate.gov.in पर भी देख सकते हैं। सीजी प्री बीएड एकराज्य स्तरीय परीक्षा है, जो हर साल आयोजित की जाती है। इसकीआधिकारिक वेबसाइvyapam.cgstate.gov.in पर सीजी प्री बीएड 2025 (CG Pre BEd 2025 in hindi) आवेदन पत्र जारी होता है जिसेऑनलाइन कर जमा करना होता है।
सीजी पीपीटी आवेदन के बारे में जानेंसीजी प्री बीएड समय सारिणी 2025 (CG Pre BEd timetable 2025 in hindi) के बारे में जानने के लिए उम्मीदव को सीजी प्री बीएड परीक्षा (CG Pre BEd exam in hindi) की परीक्षा तिथियों की जांच करनी चाहिए। उम्मीदव. उम्मीदवारों को सीजी प्री बीएड परीक्षा, आवेदन, प्रवेश पत्र, आंसर की, रिजल्ट और अन्य महत्वपूर्ण तिथिय के बारे में अधिक जानने के लिए पूरे लेख को पढ़ने की सलाह दी जाती है।
बिहार डीएलएड 2025 के बारे में जजानें
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज रायपुर के सड्डू स्थित निजी हॉस्पिटल का उद्घाटन किया। उन्होंने चिकित्सकों और मेडिकल स्टाफ से चर्चा कर अस्पताल में उपलब्ध सुविधाओं और विभिन्न विषयों पर जानकारी ली।
इस अवसर पर उन्होंने नागरिकों और अस्पताल प्रबंधन को बधाई और शुभकामनाएं दी।
देश में अब इन लोगों का नहीं लगेगा टोल टैक्स, सरकार ने लिया बड़ा फैसला
Toll Tax: सरकार ने बड़ा फेसला लिया है, जिसके तहत अब देश के इन लोगों को अब कोई टैक्स नहीं देना पड़ेगा। इसको लेकर अब सरकार ने एक नई सूची भी जारी की है। देश में नेशनल हाईवे और एक्सप्रेसवे की संख्या लगातार बढ़ रही है। इन पर वाहन चलाने के लिए टोल टैक्स देना पड़ता है, हर वाहन चालक चाहता है कि वह बिना टोल चुकाए टोल प्लाजा पार कर जाए, लेकिन ऐसा संभव नहीं है।
टोल टैक्स
आइए जाने टोल टैक्स क्यों लिया जाता है? यह एक तरह का शुल्क है, जो वाहनों को सार्वजनिक सड़कों, पुलों या हाईवे पर यात्रा करने के लिए देना पड़ता है। यह सड़क निर्माण, मरम्मत और रखरखाव के लिए लिया जाता है। इसे अक्सर टोल प्लाजा पर लिया जाता है।
कौन वसूलता है
भारत में लगातार एक्सप्रेसवे और नेशनल हाईवे बनाए जा रहे हैं। बेहतर सड़कों की वजह से लोग अब अपने वाहनों से लंबी दूरी की यात्रा करने लगे हैं। इन सड़कों पर यात्रा करने के लिए टोल टैक्स (Toll Tax New Rules) लिया जाता है और इसे वसूलने का काम NHAI (National Highways Authority of India) करता है।
इन लोगों को टोल नहीं देना पड़ता
सरकार की ओर से देशभर में किसी भी हाईवे या एक्सप्रेसवे पर यात्रा करने के लिए कुछ खास श्रेणी के लोगों को टोल टैक्स में छूट दी गई है।
इसमें देश के राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मुख्य न्यायाधीश, राज्यपाल, उपराज्यपाल, केंद्रीय मंत्री, राज्यों के मुख्यमंत्री, उच्च न्यायालयों के न्यायाधीश, राज्यसभा के सभापति, लोकसभा के अध्यक्ष, राज्य विधान परिषद के अध्यक्ष, राज्य विधानसभा के अध्यक्ष, उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायाधीश और अन्य न्यायाधीश, राज्यों के मंत्री, संसद सदस्य, भारत सरकार के सचिव, राज्यसभा और लोकसभा के सचिव, राज्यों की विधानसभा और विधान परिषदों के सदस्य और आधिकारिक यात्राओं पर आए उच्च पदस्थ विदेशी गणमान्य व्यक्ति शामिल हैं
CBI ने पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक पर कसा शिकंजा:2200 करोड़ की गड़बड़ी में फंसे, चार्जशीट दाखिल; 5 अन्य लोगों के भी नाम
चार्जशीट दाखिल होने के बाद सत्यपाल मलिक ने सोशल मीडिया पर कहा कि वो अस्पताल में भर्ती हैं और किसी से बात करने की स्थिति में नहीं हैं। उन्होंने लिखा कि उन्हें शुभचिंतकों के फोन आ रहे हैं, लेकिन वो जवाब नहीं दे पा रहे।
पिछले साल CBI की रेड के बाद मलिक ने कहा था, “CBI ने मेरे घर छापा मारा, लेकिन जिन लोगों के खिलाफ मैंने भ्रष्टाचार की शिकायत की थी, उनकी जांच नहीं की गई। उन्हें मेरे पास 4-5 कुर्ता-पायजामा ही मिलेंगे। मैं किसान का बेटा हूं, डरूंगा नहीं।”
केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने गुरुवार को जम्मू-कश्मीर के पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक समेत 5 लोगों के खिलाफ जम्मू-कश्मीर के किरू हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट से जुड़े भ्रष्टाचार मामले में चार्जशीट दाखिल की है। यह मामला करीब 2,200 करोड़ रुपए के सिविल वर्क्स कॉन्ट्रैक्ट में गड़बड़ी को लेकर है।
CBI ने इसी मामले को लेकर 22 फरवरी 2024 को सत्यपाल मलिक के ठिकाने पर छापा मारा था। साथ ही दिल्ली में 29 अन्य ठिकानों पर भी रेड की थी।
दरअसल, सत्यपाल मलिक ने 17 अक्टूबर 2021 को कहा था कि उन्हें जम्मू-कश्मीर का राज्यपाल रहते 300 करोड़ की रिश्वत ऑफर हुई थी, लेकिन उन्होंने इसे ठुकरा दिया।
इसके बाद CBI ने अप्रैल 2022 में जम्मू-कश्मीर सरकार के कहने पर मामला दर्ज किया था। मलिक अगस्त 2018 से अक्टूबर 2019 तक जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल थे।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक के खिलाफ भ्रष्टाचार से जुड़े मामले में चार्जशीट दाखिल की गई है। ये चार्जशीट केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने किश्तवाड़ जिले के एक हाइड्रो इलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट के लिए टेंडर प्रोसेस से जुड़े भ्रष्टाचार मामले से संबंधित है
गुरुवार (22 मई) को दोपहर में मलिक के खिलाफ भ्रष्टाचार मामले में चार्जशीट दाखिल हुई और फिर शाम को सत्यपाल मलिक के अस्पताल में भर्ती होने और दोनों किडनी फेल होने की खबर सामने आई। जी हां, शाम 5 बजकर 52 मिनट पर, सत्यपाल मलिक ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर जानकारी दी कि उनकी हालत गंभीर है, 11 मई से राम मनोहर लोहिया अस्पताल में भर्ती हैं, पिछले तीन दिनों से किडनी डायलिसिस की जा रही है। उन्होंने साथ में एक तस्वीर भी शेयर की, जिसमें वो अस्पताल के बेड पर नजर आ रहे हैं।
कौन-कौन हैं जांच के दायरे में?
सीबीआई की जांच के दायरे में कई लोग आए, जिनमें सत्यपाल मलिक के अलावा सीवीपीपीपीएल के पूर्व अध्यक्ष नवीन कुमार चौधरी, पू…
पटेल इंजीनियरिंग लिमिटेड को मिला था ठेका
सीबीआई के अनुसार सीवीपीपीपीएल की 47वीं बोर्ड बैठक में रिवर्स नीलामी के साथ ई-टेंडरिंग के माध्यम से परियोजना …
मलिक ने 2021 में लगाया था भ्रष्टाचार का आरोप सत्यपाल मलिक ने 17 अक्टूबर 2021 को राजस्थान के झुंझुनू में एक कार्यक्रम में कहा था कि उन्हें जम्मू-कश्मीर का राज्यपाल रहते करोड़ों की रिश्वत ऑफर हुई थी। उस दौरान उनके पास दो फाइलें आई थीं। इनमें एक बड़े उद्योगपति और दूसरी महबूबा मुफ्ती और भाजपा की गठबंधन सरकार में मंत्री रहे एक व्यक्ति की थी। मलिक ने कहा था कि उनके सचिवों ने बताया कि इसमें घोटाला है, इसके बाद उन्होंने दोनों डील रद्द कर दी थीं।
मलिक ने ये भी कहा था कि उन्हें दोनों फाइलों के लिए 150-150 करोड़ रुपए देने का ऑफर दिया गया था। मलिक ने कहा, ‘मैंने कहा था कि मैं पांच कुर्ता-पायजामे के साथ आया हूं और सिर्फ उसी के साथ यहां से चला जाऊंगा। जब CBI पूछेगी तो मैं ऑफर देने वालों के नाम भी बता दूंगा।’
CBI ने दो अलग-अलग मामलों में दर्ज की FIR CBI ने इस मामले में 2 FIR दर्ज की थीं। पहली FIR लगभग 60 करोड़ रुपए के कॉन्ट्रैक्ट को जारी करने में कथित भ्रष्टाचार से संबंधित है। यह रकम 2017-18 में जम्मू-कश्मीर कर्मचारी स्वास्थ्य देखभाल बीमा योजना का ठेका देने के लिए एक इंश्योरेंस कंपनी से रिश्वत के तौर पर ली गई थी।
दूसरी FIR 2019 में एक निजी फर्म को कीरू हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट (एचईपी) के सिविल वर्क के लिए 2,200 करोड़ का कॉन्ट्रैक्ट देने में भ्रष्टाचार से जुड़ी है। CBI इन दोनों मामलों की जांच कर रही है।
दलील- वक्फ अल्लाह के लिए दान; CJI बोले- यह इस्लाम तक सीमित नहीं, हिंदुओं में भी मोक्ष की अवधारणा
वक्फ (संशोधन) अधिनियम 2025 की वैधता को चुनौती देनी वाली याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में गुरुवार को सुनवाई खत्म हुई। सुप्रीम कोर्ट ने फैसले को सुरक्षित रख लिया है।
याचिकाकर्ताओं ने कानून को मुसलमानों के अधिकारों के खिलाफ बताया और अंतरिम रोक लगाने की मांग की। उधर, केंद्र सरकार ने कानून के पक्ष में दलीलें रखीं।
आखिरी दिन बहस सरकार की उस दलील के आसपास रही, जिसमें कहा कि गया कि वक्फ एक इस्लामी अवधारणा है, लेकिन यह धर्म का अनिवार्य हिस्सा नहीं है। इसलिए यह मौलिक अधिकार नहीं है।
वक्फ को इस्लाम से अलग एक परोपकारी दान के रूप में देखा जाए या इसे धर्म का अभिन्न हिस्सा माना जाए। इस पर याचिकार्ताओं के वकील कपिल सिब्बल ने कहा, ‘ परलोक के लिए…. वक्फ ईश्वर को समर्पण है। अन्य धर्मों के विपरीत, वक्फ ईश्वर के लिए दान है।’
तभी CJI बीआर गवई ने कहा, धार्मिक दान केवल इस्लाम तक सीमित नहीं है। हिंदू धर्म में भी ‘मोक्ष’ की अवधारणा है। दान अन्य धर्मों का भी मूल सिद्धांत है। तभी जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह ने भी सहमति जताते हुए कहा, ‘ईसाई धर्म में भी स्वर्ग की चाह होती है।’
- SG तुषार मेहता ने सेक्शन 3E पर बात की। कहा कि सेक्शन 3E अनुसूचित क्षेत्रों के अंतर्गत आने वाली भूमि पर वक्फ के निर्माण पर रोक लगाता है। यह प्रोविजन अनुसूचित जनजाति के संरक्षण के लिए था।
- अनुसूचित क्षेत्रों में अनुसूचित जनजाति को संवैधानिक संरक्षण प्राप्त है। मान लीजिए कि मैं जमीन बेचता हूं और पता चलता है कि जमीन के लेन-देन में ST समुदाय के व्यक्ति के साथ धोखा हुआ है तो जमीन वापस दी जा सकती है, लेकिन वक्फ कहता है कि दान दी गई जमीन को वापस नहीं लिया जा सकता।
- चीफ जस्टिस गवई ने इसके पीछे का तर्क पूछा तो SG मेहता ने कहा कि वक्फ का निर्माण अपरिवर्तनीय है और इससे कमजोर आदिवासी आबादी के अधिकारों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। संयुक्त संसदीय समिति (JPC) का कहना है कि आदिवासी इस्लाम अपना सकते हैं, लेकिन उनकी अपनी अलग सांस्कृतिक पहचान है।
- इस पर जस्टिस मसीह ने कहा- यह सही नहीं लगता। इस्लाम तो इस्लाम है! धर्म एक ही है।
- SG मेहता ने कहा JPC का कहना है कि अनुसूचित क्षेत्रों के ST समुदाय के लोग इस्लाम का उस तरह से पालन नहीं करते हैं, जितना बाकी जगह होता है क्योंकि उनकी एक अलग सांस्कृतिक पहचान है। इस पर जस्टिस मसीह ने कहा कि आप यह कैसे कह सकते हैं, इस्लाम धर्म हर जगह एक जैसा ही रहता है। हालांकि सांस्कृतिक प्रथाएं अलग-अलग हो सकती हैं।
याचिकाकर्ता के तर्क
- कपिल सिब्बल ने कहा कि नए कानून में ऐतिहासिक और संवैधानिक सिद्धांतों को दरकिनार कर दिया गया है। सरकार गैर-न्यायिक प्रक्रिया से वक्फ को हथियाना चाहती है।
- याचिकाकर्ता की तरफ से पेश दूसरे सीनियर एडवोकेट अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि वही कानून कभी वक्फ को जमीन दे देता है कभी छीन लेता है। कानून भगवान नहीं बन सकता। कोई भी नियम या कानून वक्फ बॉय यूजर नहीं बनाता है, बल्कि इसे सिर्फ मान्यता देता है।
सुप्रीम कोर्ट में 5 याचिकाओं पर सुनवाई हो रही वक्फ (संशोधन) कानून के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट 5 मुख्य याचिकाओं पर ही सुनवाई कर रहा है। इसमें AIMIM सांसद असदुद्दीन ओवैसी की याचिका शामिल है। CJI बीआर गवई और जस्टिस एजी मसीह की बेंच सुनवाई कर रही है। केंद्र की तरफ से सॉलिसिटर जनरल (SG) तुषार मेहता और याचिकाकर्ताओं की तरफ से कपिल सिब्बल, अभिषेक मनु सिंघवी और राजीव धवन पैरवी कर रहे हैं।
पिछले दो दिनों की लगातार सुनवाई में क्या हुआ…
20 मई: कोर्ट ने मुस्लिम पक्ष से कहा- राहत के लिए मजबूत दलीलें लाइए 20 की सुनवाई में बेंच ने कहा था कि मुस्लिम पक्ष को अंतरिम राहत पाने के लिए मामले को मजबूत और दलीलों को स्पष्ट करना चाहिए। याचिकाकर्ताओं का कहना था कि कोई संपत्ति ASI (आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया) के संरक्षण में है तो वह वक्फ संपत्ति नहीं हो सकती।
सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि कुल तीन मुद्दे हैं, जिन पर रोक लगाने की मांग की गई है और उस पर मैंने जवाब दाखिल कर दिया है। इन मुद्दों पर सुनवाई को सीमित किया जाए। याचिकाकर्ताओं के वकील कपिल सिब्बल ने कहा कि सिर्फ तीन मुद्दे नहीं हैं। पूरे वक्फ पर अतिक्रमण का मुद्दा है। सरकार तय नहीं कर सकती कि कौन से मुद्दे उठाए जाएं।
सुप्रीम कोर्ट ने दूसरे दिन केंद्र सरकार की दलीलें सुनीं दूसरे दिन की सुनवाई में CJI गवई की अध्यक्षता वाली बेंच के सामने केंद्र सरकार की ओर से सॉलीसिटर जनरल तुषार मेहता ने दलीलें दीं। उन्होंने कहा, वक्फ बाय यूजर मौलिक अधिकार नहीं। यह विधायी नीति द्वारा 1954 में दिया गया था। संविधान के तहत इसे वापस लिया जा सकता है। सरकार ने यह अधिकार वापस ले लिया।
मेहता ने कहा, ‘वक्फ इस्लाम का अनिवार्य अंग नहीं, बल्कि एक अवधारणा और दान का तरीका है। झूठ फैलाया जा रहा है कि लोगों से वक्फ छीना जा रहा है। याचिका दायर करने वालों में कोई प्रभावित पक्ष नहीं है। झूठे तर्क देकर भ्रमित किया जा रहा है।’
भारतीय सेना ने की ऐसी जबरदस्त धुलाई, पाकिस्तान में बढ़ी रिकॉर्डतोड़ महंगाई
भारत के ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान में महंगाई की मार ने जनता की कमर तोड़ दी है। वहीं दूसरी तरफ भारत से करारी शिकस्त खाने के बावजूद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और आर्मी चीफ आसिम मुनीर झूठी जीत का जश्न मनाने में जुटे हैं और जनता की आंखों में धूल झोंक रहे हैं।
नई दिल्लीः भारत ने पहलगाम आतंकी हमले का बदला लेने के लिए पाकिस्तान के 9 आतंकी ठिकानों पर 6-7 मई की रात बड़ा मिसाइल हमला किया था। पाकिस्तान ने भी इसके जवाब में भारत के कई आर्मी बेस समेत दर्जनों शहरों पर मिसाइल, ड्रोन और फाइटर जेट से हमले करके अहम ठिकानों को नष्ट करने का प्रयास किया। मगर भारत ने उसके सभी हथियारों को हवा में ही ध्वस्त कर दिया था। इसके बाद भारत ने पाकिस्तान के 11 आर्मी बेस पर दोबारा मिसाइल अटैक कर दिया। इससे पाकिस्तान को 1 अरब डॉलर से भी ज्यादा का नुकसान हुआ है। लिहाजा पहले से ही कर्ज में डूबे पाकिस्तान में महंगाई ने हमला बोल दिया है।अब पाकिस्तान में महंगाई आउट ऑफ़ कंट्रोल हो गई है। 10 मई के बाद से कीमतों में ज़बरदस्त उछाल आया है। इसके चलते पाकिस्तान में आटा, दाल, चीनी, तेल और महंगा हो गया है। मौजूदा वक्त में पाकिस्तान में दूध 150 रुपये लीटर, आटा 120 रुपये किलो, सरसों का तेल 500 रुपये लीटर और घी 2800 रुपये किलो बिक रहा है। कई जगहों पर पाकिस्तान की जनता सड़क पर उतरकर महंगाई के खिलाफ विरोध प्रदर्शन भी कर रही है।
आम जनता महंगाई से त्रस्त, मुनीर जश्न में मस्त
पाकिस्तान की आम जनता जहां एक तरह महंगाई से त्रस्त है, वहीं दूसरी तरफ पाक आर्मी चीफ आसिम मुनीर भारत से पिटने के बाद फील्ड मार्शल की उपाधि पाकर का जश्न मना रहा है। उधर पाकिस्तान की जनता भूख से तड़प रही है।खाने-पीने के सामान के दाम आसमान छू रहे हैं। महंगाई बढ़ते ही पाकिस्तान की बाजारों में आटा, चीनी और दाल, चावल खरीदने को भीड़ उमड़ रही है।
कई जगहों पर खाने-पीने के सामान हुए खत्म
पाकिस्तान में कई स्टोरों पर आटा, दाल, चीनी जैसी रोजमर्रा की जरूरत वाली खाने-पीने की वस्तुएं खत्म हो गई हैं। झेलम के स्टोर पर बुनियादी जरूरत के सामान पिछले कई दिनों से खत्म हैं। घी, चीनी, कूकिंग ऑयल ना होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं असीम मुनीर दूसरी तरफ जलसों में जश्न मना रहा है।
महंगाई होने से ग्राहकों और दुकानदारों में हो रही झड़प
पाकिस्तान में महंगाई बढ़ने से दुकानदारों और खरीददारों के बीच बढ़ते दाम को लेकर झड़प की खबरें भी सामने आ रही हैं। कई जगहों पर मार-पीट की घटनाएं भी रिपोर्ट की गई हैं। पाकिस्तान में 5 किलो आटे के पैकेट की कीमत 560 रुपये से भी ज्यादा पहुंच चुकी है। वहीं
अच्छी क्वालिटी के चावल के दाम औसतन 275 पाकिस्तानी रुपये प्रति किलोग्राम हैं। इसी तरह 1 किलो चना की दाल 380 रुपये तो एक किलो बेसन 195 रुपये में मिल में रहा है।
सेब की कीमत हुई 500 रुपये किलो
पाकिस्तान में सिर्फ आटा, दाल, चीनी और घी ही नहीं महंगे हुए, बल्कि यहां एक किलो सेब की कीमत 500 रुपये से भी ज्यादा हो गई है। एक अंडे की कीमत 30 रुपये है। एक साथ छह अंडे के पैकेट लेने पर 145 रुपये अदा करने पड़ रहे हैं। बिजली भी पाकिस्तानियों मयस्सर नहीं हो रही है। पानी की भी भारी किल्लत हो गई है। फल और सब्जियों के दाम भी आसमान छू रहे हैं। पाकिस्तान में लोग भूखे मर रहे हैं। खाने के लिए न तो आटा है और ना ही चाय पीने के लिए चीनी… लेकिन मुनीर और शहबाज ऑपरेशन सिंदूर में भारत से मिली करारी चोट को छिपाने में जुट हैं। आवाम को जीत का झूठा चूरन बेचन में लगे हैं।
छत्तीसगढ़ में बदलेगा मौसम, आज इन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, तूफानी हवाएं भी चलेंगी
मध्य प्रदेश में लगातार हो रही बारिश का असर छत्तीसगढ़ पर भी दिखने लगा. यहां भी बादलों ने डेरा डाल लिया है. मौसम विभाग के अनुसार, आज से अगले दो दिन तक..
छत्तीसगढ़ में मौसम का मिजाज फिर बदलने वाला है. भोजापुर, दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा, बस्तर, नारायणपुर, कोंडागांव, उत्तर बस्तर कांकेर, धमतरी, गरियाबंद, में तेज हवाएं और गरज-चमक के साथ बारिश की चेतावनी दी गई है.
इसके अलावा सुकमा, बीजापुर, दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा, बस्तर, नारायणपुर, कोडागांव, उत्तर बस्तर कांकेर, धमतरी, बालोद, राजनांदगांव, गरियाबंद, रायगढ़, कोरया, जशपुर, गौरेला-पेडा-मरवाही, सुरगुजा, सूरजपुर, कोरिया, बलरामपुर, में 30-40 Km/h से तेज हवाएं और गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है.
22 मई से अगले दो दिन तक प्रदेश में बारिश, वज्रपात और तेज तूफान की संभावना है. मौसम विभाग के अनुसार, इन गतिविधियों के कारण उत्तर और मध्य छत्तीसगढ़ के तापमान में 2-3 डिग्री तक गिरावट हो सकती है. रायपुर समेत कई जिलों में तेज हवाएं और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की चेतावनी दी गई है.B
पुलिस और नक्सलियों के बीच भीषण मुठभेड़, एक और नक्सली ढेर
छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में पुलिस और नक्सलियों के बीच भीषण मुठभेड़ चल रही है. इस गोलीबारी में एक और नक्सली मारा गया है. ये मुठभेड़ सुकमा और बीजापुर जिले की सरहद पर चल रही है. बताया जा रहा है कि इस ऑपरेशन में और भी नक्सली मारे जा सकते हैं. कल भी इस इलाके में हुई मुठभेड़ में एक नक्सली मारा गया था.
नक्सलियों की सूचना पर निकली थी फोर्स
दरअसल सुकमा और बीजापुर जिले की सीमा पर पुलिस और नक्सलियों के बीच नक्सलियों के मौजूदगी की सूचना पुलिस को मिली थी. गुरुवार को जिला रिजर्व गार्ड (डीआरजी), एसटीएफ और सीआरपीएफ के कोबरा बटालियन के संयुक्त दल को वहां भेजा गया.उन्होंने बताया कि अभियान के दौरान गुरुवार की शाम छह बजे से सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच रुक-रुक कर मुठभेड़ जारी है.
पुलिस अफसरों ने बताया कि इस मुठभेड़ में अभी तक एक नक्सली के मारे जाने की जानकारी मिली है. मुठभेड़ स्थल और आस-पास के क्षेत्रों में तलाशी अभियान चलाया जा रहा है.
मारे जा सकते हैं नक्सली
इस इलाके में अभी भी मुठभेड़ जारी है. एसपी किरण चव्हाण व एएसपी उमेश गुप्ता मॉनिटरिंग कर रहे हैं. माना जा रहा है कि इस मुठभेड़ में और भी नक्सली ढेर हो सकते हैं. तुमरेल के जंगलों में मुठभेड़ के दौरान सीआरपीएफ के एक कोबरा कमांडो की भी शहादत हुई है.









