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पुलिस और नक्सलियों के बीच भीषण मुठभेड़, एक और नक्सली ढेर

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छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में पुलिस और नक्सलियों के बीच भीषण मुठभेड़ चल रही है. इस गोलीबारी में एक और नक्सली मारा गया है. ये मुठभेड़ सुकमा और बीजापुर जिले की सरहद पर चल रही है. बताया जा रहा है कि इस ऑपरेशन में और भी नक्सली मारे जा सकते हैं. कल भी इस इलाके में हुई मुठभेड़ में एक नक्सली मारा गया था.

नक्सलियों की सूचना पर निकली थी फोर्स

दरअसल सुकमा और बीजापुर जिले की सीमा पर पुलिस और नक्सलियों के बीच नक्सलियों के मौजूदगी की सूचना पुलिस को मिली थी. गुरुवार को जिला रिजर्व गार्ड (डीआरजी), एसटीएफ और सीआरपीएफ के कोबरा बटालियन के संयुक्त दल को वहां भेजा गया.उन्होंने बताया कि अभियान के दौरान गुरुवार की शाम छह बजे से सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच रुक-रुक कर मुठभेड़ जारी है.

पुलिस अफसरों ने बताया कि इस मुठभेड़ में अभी तक एक नक्सली के मारे जाने की जानकारी मिली है. मुठभेड़ स्थल और आस-पास के क्षेत्रों में तलाशी अभियान चलाया जा रहा है.

मारे जा सकते हैं नक्सली

इस इलाके में अभी भी मुठभेड़ जारी है. एसपी किरण चव्हाण व एएसपी उमेश गुप्ता मॉनिटरिंग कर रहे हैं. माना जा रहा है कि इस मुठभेड़ में और भी नक्सली ढेर हो सकते हैं. तुमरेल के जंगलों में मुठभेड़ के दौरान सीआरपीएफ के एक कोबरा कमांडो की भी शहादत हुई है.

पूर्व डीजीपी का दावा, मार्च 2026 से पहले हो सकता है नक्सलवाद का सफाया

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के खिलाफ सुरक्षाबलों को लगातार मिल रही बड़ी सफलता से पूरे देश में आशा जगी है कि देश से नक्सलवाद के सफाए का दिन नजदीक है. यह उम्मीद बुधवार को सुरक्षाबलों के हाथों मार गिराए गए डेढ़ करोड़ के इनामी नंबाला केशव राव उर्फ बसवराजू समेत 27 नक्सलियों की मौत से और बढ़ गई है.

सुरक्षाबलों ने नारायणपुर के अबूझमाड़ के घने जंगलों में 27 नक्सलियों को ढेर कर दिया

गौरतलब है बुधवार 21 मई को नक्सलवाद पर बड़ी चोट करते हुए सुरक्षाबलों ने नारायणपुर के अबूझमाड़ के घने जंगलों में 27 नक्सलियों को ढेर कर दिया. DRG जवानों और नक्सलियों के बीच चले मुठभेड़ में डेढ़ करोड़ रुपए के इनामी नक्सली बसवराजू समेत 26 नक्सिलयों को ढेर कर दिया गया. जारी सर्च ऑपरेशन भारी मात्रा में हथियार बरामद हुए हैं.

‘आज तक के इतिहास में कभी भी महासचिव स्तर का नक्सली एनकाउंटर में नहीं मारा गया’

नारायणपुर में सुरक्षाबलों को मिले बड़ी सफलता पर प्रतिक्रिया देते हुए छत्तीसगढ़ के पूर्व डीजीपी ने कहा कि, नारायणपुर ऑपरेशन को इतिहास का सर्वाधिक सफल ऑपरेशन मानना चाहिए. नारायणपुर ऑपरेशन को मील का पत्थर बताते हुए उन्होने कहा कि आज तक के इतिहास में कभी भी महासचिव स्तर का नक्सली एनकाउंटर में नहीं मारा गया है.

मुठभेड़ में मारे गए नक्सलियों पर कितने करोड़ का था इनाम? अधिकारी ने बताया पूरा हिसाब

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छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले में सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में मारे गए सभी 27 नक्सलियों की पहचान राज्य में खूंखार नक्सलियों के रूप में की गई है, जिन पर कुल 3.33 करोड़ रुपये का इनाम था. वरिष्ठ अधिकारियों ने गुरुवार को यह जानकारी दी.

छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के खिलाफ सबसे बड़े अभियान में से एक में, सुरक्षाबलों ने बुधवार को बीजापुर-नारायणपुर जिले की सीमा पर अबूझमाड़ के जंगल में मुठभेड़ के दौरान भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के महासचिव नंबाला केशव राव उर्फ बसवराजू समेत 27 नक्सलियों को मार गिराया. इस मुठभेड़ में 12 महिला नक्सली भी मारी गई.

अधिकारियों ने बताया कि अभियान के दौरान राज्य पुलिस के जिला रिजर्व गार्ड (डीआरजी) के दो जवानों की भी मौत हो गई.
उन्होंने बताया कि नारायणपुर, दंतेवाड़ा, बीजापुर और कोंडागांव जिलों के डीआरजी कर्मियों के साथ अभियान 18 मई को शुरू किया गया था. पुलिस को जानकारी मिली थी कि माओवादियों की केंद्रीय समिति, पोलित ब्यूरो के सदस्य तथा माड़ डिवीजन के वरिष्ठ कैडर और पीएलजीए (पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी) के सदस्य वहां मौजूद हैं. तीन दिन की तलाश के बाद बुधवार सुबह मुठभेड़ हुई.

किस पर कितना इनाम?

बस्तर क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पी ने बताया कि मारे गए नक्सलियों में से एक की पहचान बुधवार को छत्तीसगढ़ में एक करोड़ रुपये के इनामी बसवराजू (70) के रूप में हुई, जबकि अन्य की पहचान बृहस्पतिवार को हुई.
सुंदरराज ने बताया कि मारे गए नक्सलियों में माओवादियों के दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी का सदस्य जंगू नवीन पर 25 लाख रुपये का इनाम था. वहीं चार माओवादियों कंपनी पार्टी समिति सदस्य (सीवाईपीसीएम) संगीता (35), भूमिका (35), सोमली (30) और रोशन उर्फ टीपू (35) पर 10-10 लाख रुपये का इनाम था.

किश्तवाड़ एनकाउंटर, टोटल आतंकी 4, स्नाइपर शॉट्स की चाल…अब नहीं बच पाएंगे मुनीर के चेले

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जम्मू-कश्मीर के किश्तवार में अब आतंकियों की खैर नहीं. किश्तवाड़ के जंगलों में चार आतंकी छिपे हैं. इनमें से दो जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी हैं. छतरू के शिंगपुरा इलाके में छिपे ये आतंकी अब स्नाइपर शॉट वाली चाल चल रहे हैं. मगर सेना ने भी उनका तोड़ निकाल लिया है. इलाके को पूरी तरह से घेर लिया गया है. आतंकियों पर ड्रोन से नजर रखी जा रही है. किस भी वक्त सुरक्षाबल के जवान उन आतंकियों को खल्लास कर सकते हैं. इस तह अब मुल्ला आसिम मुनीर के चेले नहीं बचेंगे. किश्तवाड़ में आतंकी और सुरक्षाबलों के बीच लगातार गोलीबारी हो रही है.

दरअसल, किश्तरवाड़ एनकाउंटर का आज दूसरा दिन है. दूसरे दिन भी आतंकियों और सुरक्षाबलों के बीच एनकाउंटर जारी है. सुरक्षाबलों के घेरे में जैश के दो कमांडर समेत चार आतंकी हैं. सुरक्षाबलों ने उन आतंकियों को चारों तरफ से घेर लिया है. अब मुनीर के चेलों का बचना मुश्किल है. हां कुछ देर तक लुका-छिपी का खेल जरूर खेल सकते हैं. मगर उनकी मौत अब निश्चित है. सुरक्षाबलों ने उन्हें मारने का अचूक प्लान बना लिया है. ड्रोन से उन पर नजर रखी रही है. सेना के जवानों ने भी स्नाइपर वाली चाल चल दी है. जैसे ही दिखेंगे, आतंकियों का खात्मा तय है.

टॉप अफसर एनकाउंटर स्थल पर

किश्तवाड़ में जम्मू-कश्मीर के एडीजी भीम सैन टूटी और डीआईजी डोडा किश्तवाड़ रेंज श्रीधर पाटिल और सेना के अधिकारी एनकाउंटर वाी जगह पर पहुंच चुके हैं. सेना और पुलिस के टॉप अफसर खुद पल-पल की खबर ले रहे हैं. सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और सीआरपीएफ की संयुक्त टीम इस ऑपेरशन को अंजाम दे रही है. किश्तवाड़ के जंगलों और ऊपरी क्षेत्रों में तलाशी अभियान जारी है. ऑपरेशन के दौरान संदिग्ध हलचल के बाद सुरक्षा बलों ने इलाके को पूरी तरह से सील कर दिया है. आतंकी घने जंगलों में छिपे हुए हैं और लगातार फायरिंग कर रहे हैं.

सेना का डर या नहीं संभल रहा बांग्लादेश…कुर्सी छोड़कर क्यों भाग रहे मोहम्मद यूनुस? जानिए अंदर की बात

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मोहम्मद यूनुस बहुत शातिर हैं. बांग्लादेश संभल नहीं रहा तो अब इमोशनल ब्लैकमेल करने लगे हैं. बांग्लादेश को पाकिस्तान बनाना चाहते हैं. अशांत, अव्यवस्थित और तंगहाल. वह बांग्लादेश में अपना एकछत्र राज चाहते हैं. किसी की नहीं सुनते. केवल अपनी चलाते हैं. जब उनसे सही से सरकार चलाने और चुनाव कराने के लिए कहा गया तो वह माइंड गेम खेलने लगे हैं. ऐसा इमोशनल ब्लैकमेल वाला गेम, जिससे बांग्लादेशियों को ठगा जाए, जैसा वो करते आए हैं. जब से मोहम्मद यूनुस ने बांग्लादेश की कमान संभाली है, तब से बांग्लादेश का बेड़ा गर्क ही हो रहा है. अब बांग्लादेश के आर्मी चीफ ने मोहम्मद यूनुस को औकात दिखाई है. दिसंबर तक बांग्लादेश में चुनाव कराने की बात कही है. अब जैसे ही कुर्सी पर खतरा मंडराया यूनुस इमोशनल ब्लैकमेल करने में जुट गए हैं. जी हां, मोहम्मद यूनुस अब वह इस्तीफा देना चाहते हैं.

मोहम्मद यूनुस इस्तीफे पर विचार कर रहे हैं. उनका कहना है कि राजनीतिक दलों के बीच आम सहमति न बन पाने की वजह से उन्हें काम करने में दिक्कत आ रही है. मोहम्मद यूनुस के मुताबिक, ‘मैं ऐसी स्थिति में काम नहीं कर सकता, जहां मुझे बंधक बनाया जा रहा हो. सभी राजनीतिक दलों को एकजुट होकर कोई रास्ता निकालना चाहिए.’

यूनुस के मन में क्या

बांग्लादेश में छात्रों के नेतृत्व वाले नेशनल सिटीजन पार्टी (एनसीपी) के चीफ निहिद इस्लाम ने यूनुस से मुलाकात के बाद कहा कि बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख मुहम्मद यूनुस ने इस्तीफे के बारे में सोचा है. उन्होंने कहा, ‘हम यूनुस के इस्तीफे की खबर सुन रहे हैं. इसलिए मैं उनसे इस मुद्दे पर चर्चा करने के लिए मिलने गया था. उन्होंने कहा कि वह इस बारे में सोच रहे हैं. उन्हें लगता है कि स्थिति ऐसी है कि वह काम नहीं कर सकते.’

अच्छा प्रदर्शन करने वाले जिलों को मिलेगा पुरस्कार: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज सुशासन तिहार के अंतर्गत अम्बिकापुर में सरगुजा, बलरामपुर-रामानुजगंज और जशपुर जिलों में योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि जनहितकारी शासकीय योजनाओं को बेहतर तरीके से अमलीजामा पहनाने वाले जिलों को पुरस्कृत किया जाएगा।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अधिकारियों से टीम भावना से कार्य करते हुए वर्ष 2047 तक विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में योगदान देने की अपील की। उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार के पहले चरण में प्रदेशभर से लगभग 40 लाख आवेदन प्राप्त हुए, जिनका समाधान दूसरे चरण में किया गया। अब तीसरे चरण में वे स्वयं जिलों का दौरा कर आम जनता से सीधा संवाद कर रहे हैं।

जनता के प्रति जवाबदेह बनें अधिकारी

मुख्यमंत्री ने तीनों जिलों के कलेक्टरों, पुलिस अधीक्षकों और अन्य अधिकारियों से कहा कि वे जनता के सेवक हैं, उनकी जिम्मेदारी है कि समस्याओं का समयबद्ध तरीके से समाधान सुनिश्चित करें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे नियमित रूप से फील्ड का दौरा करें, जनता के सुख-दुख में शामिल हों और शिकायतों के निपटारे में पेशियों की अनावश्यक तारीखें देना बंद करें। उन्होंने कहा कि राजस्व से संबंधित प्रकरणों का समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित किया जाए। साथ ही अवैध रेत खनन के मामलों में कड़ी कार्रवाई की जाए।

बुनियादी जरूरतों पर विशेष ध्यान

मुख्यमंत्री ने कहा कि पीने के पानी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। यदि कहीं पेयजल संकट की स्थिति बनती है, तो इसका तत्काल समाधान किया जाए। उन्होंने कहा कि तालाबों को सूखने से बचाने और ग्रामीण क्षेत्रों में जलस्रोतों की सुरक्षा की व्यवस्था की जाए। साथ ही उन्होंने कहा कि बारिश शुरू होने से पहले किसानों को खाद-बीज की कमी न हो, इसके लिए विशेष निगरानी रखी जाए। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत बनने वाली सड़कों, पीएम आवासों तथा जिलों में चल रहे विभिन्न निर्माण कार्यो की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने और उनकी नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए।

स्वास्थ्य सेवाओं की तैयारियों के निर्देश

गर्मी और बरसात के मौसम में मौसमी बीमारियों और सांप काटने की घटनाओं की संभावना को देखते हुए मुख्यमंत्री ने सभी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में दवाइयों और एंटी-स्नेक वेनम की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा।

वनाधिकार और अतिक्रमण के मामलों में सख्त कार्रवाई के निर्देश

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि वनाधिकार पट्टों की समीक्षा राजस्व, आदिवासी विकास और वन विभाग संयुक्त रूप से करें और केवल पात्र हितग्राहियों को ही पट्टा प्रदान किया जाए। उन्होंने अवैध पट्टा धारकों और अतिक्रमणकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। साथ ही सीमावर्ती जिलों में अवैध रूप से निवास कर रहे लोगों की पहचान कर उनके विरुद्ध कार्रवाई करने को कहा।

समीक्षा बैठक में कृषि मंत्री श्री राम विचार नेताम, वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, सरगुज़ा सांसद श्री चिंतामणि महाराज, विधायक श्री राजेश अग्रवाल, श्री प्रबोध मिंज, श्री राम कुमार टोप्पो, श्री भैयालाल राजवाड़े, मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह, सरगुजा कमिश्नर श्री नरेंद्र दुग्गा, सरगुजा आईजी श्री दीपक झा सहित सरगुज़ा, बलरामपुर-रामानुजगंज एवं जशपुर जिले के अधिकारीगण उपस्थित रहे।

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने अम्बिकापुर सहित देशभर के 103 पुनर्विकसित रेलवे स्टेशनों किया लोकार्पण

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प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत आज देशभर के 103 स्टेशनों का वर्चुअल उद्घाटन किया। इनमें छत्तीसगढ़ के अम्बिकापुर सहित 5 रेल्वे स्टेशन शामिल हैं। इन रेल्वे स्टेशनों को विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस किया गया है। यह भारतीय रेलवे के विकास की नई संस्कृति है, जिसमें चुनिंदा रेल्वे स्टेशनों को पुनर्विकसित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय इस वर्चुअल कार्यक्रम में अम्बिकापुर रेल्वे स्टेशन से जुड़े।

गौरतलब है कि भारतीय रेल और देश के प्रधानमंत्री श्री मोदी की दूरदृष्टि का परिणाम रहा है कि इन विकास कार्यों से स्थानीय यात्रियों को आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी और क्षेत्र में पर्यटन एवं आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी। भारतीय रेलवे द्वारा 1337 स्टेशनों के कायाकल्प की शुरुआत की है, इनमें 103 स्टेशनों के पुनर्विकास का कार्य पूर्ण हो चुका है। उनमें छत्तीसगढ़ राज्य के पांच स्टेशन बिलासपुर मंडल का अम्बिकापुर, रायपुर मंडल का उरकुरा, भिलाई, भानुप्रतापपुर तथा नागपुर मंडल का डोंगरगढ़ रेलवे स्टेशन शामिल हैं।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर कहा कि सम्माननीय लरंग साय जी के प्रयासों के कारण ही अम्बिकापुर में रेलवे स्टेशन की स्थापना हुई है। देश के प्रधानमंत्री श्री मोदी 140 करोड़ देशवासियों को अपना परिवार मानते हुए काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले 2047 तक छत्तीसगढ़ को विकसित राज्य बनाना है। अमृत काल के तहत रेलवे स्टेशन का लगातार विकास किया जा रहा है। आज प्रदेश के जिन पांच स्थानों का लोकार्पण हुआ है, वह विकसित हो रहे भारत की झलक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब जशपुर जिले को भी रेल कनेक्टिविटी से जोड़ने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

कार्यक्रम में कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, वित्तमंत्री श्री ओ.पी. चौधरी, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, सांसद श्री चिंतामणि महाराज, विधायक श्री राजेश अग्रवाल, श्रीमती शकुंतला पोर्ते, श्रीमती उद्देश्वरी पैकरा, श्री राम कुमार टोप्पो, श्री प्रबोध मिंज, छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष श्री विश्व विजय सिंह तोमर, महापौर श्री मंजूषा भगत मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, सहित अनेक जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में सरगुजा अंचल के नागरिक शामिल हुए।

अम्बिकापुर रेलवे स्टेशन
छत्तीसगढ़ की आदिवासी सांस्कृतिक विरासत का केंद्र रहा अम्बिकापुर का रेलवे स्टेशन देश की जीवनरेखा भारतीय रेल का एक अभिन्न अंग है। इस रेलवे स्टेशन को अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया गया है। यात्रियों को पूरी तरह से सुविधा प्रदान करने के उद्देश्य से इस नए स्टेशन भवन में कई नए प्रावधान भी किए गए हैं। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत अम्बिकापुर रेलवे स्टेशन में 6 करोड़ 29 लाख रुपए की लागत से उन्नयन तथा आधुनिकीकरण के कार्य किए गये हैं, जिसमें सर्कुलेटिंग क्षेत्र को बेहतर बनाते हुए रोड का चौड़ीकरण, यात्रियों के स्वागत के लिए सुसज्जित प्रवेशद्वार, 3900 वर्गमीटर सड़क, 3677 वर्गमीटर पर दोपहिया, तिपहिया एवं चारपहिया वाहनों के लिए पार्किंग व्यवस्था भी की गई है।

अम्बिकापुर रेलवे स्टेशन में उन्नत व आधुनिक सुविधाओं से युक्त द्वितीय श्रेणी, उच्च श्रेणी प्रतीक्षालय एवं वीआईपी कक्ष, 6 नए आधुनिक छायादार प्लेटफार्म शेड, महिलाओं, पुरुषों और दिव्यांगजनों हेतु आधुनिक शौचालय, वॉटर फाउंटेन, ट्रेन/कोच डिस्प्ले बोर्ड, सीसीटीवी कैमरे, रैम्प एवं टैक्टाइल टाइल्स, 300 मीटर स्टेनलेस स्टील रेलिंग, 58 स्ट्रीट लाइट्स, बेहतर प्रकाश व्यवस्था हेतु हाई मास्ट लाइट, नवीनतम पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम का लाभ यहाँ के यात्रियों को मिलेगा।

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ के 05 अमृत स्टेशनों का किया उद्घाटन

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प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने आज वर्चुअल माध्यम से अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत छत्तीसगढ़ के पांच अमृत स्टेशन सहित देशभर के 103 पुनर्विकसित रेलवे स्टेशनों का उद्घाटन किया। इन स्टेशनों का उन्नयन यात्रियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से किया गया है। इस महत्वपूर्ण अवसर पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय अम्बिकापुर रेलवे स्टेशन में आयोजित उद्घाटन कार्यक्रम में शामिल हुए। छत्तीसगढ़ के जिन अमृत स्टेशनों का उद्घाटन हुआ उनमें बिलासपुर मंडल का अम्बिकापुर स्टेशन, रायपुर मंडल का उरकुरा, भिलाई एवं भानुप्रतापपुर स्टेशन तथा नागपुर मंडल का डोंगरगढ़ स्टेशन शामिल हैं।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि आदिवासी बहुल सरगुजा जिले का मुख्यालय अंबिकापुर सहित छत्तीसगढ़ के 05 रेल्वे स्टेशन अब रेल्वे मानचित्र में प्रमुख स्टेशन के रूप में शामिल हो गए हैं। उन्होंने छत्तीसगढ़ में अमृत स्टेशनों के सौगात के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का आभार जताया है। अंबिकापुर में आयोजित कार्यक्रम में कृषि मंत्री श्री राम विचार नेताम, वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, लोकसभा सांसद श्री चिंतामणि महाराज, विधायक श्री राजेश अग्रवाल, श्रीमती उद्धेश्वरी पेकरा, श्रीमती शंकुतला र्पोते, मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन संभागायुक्त श्री नरेंद्र कुमार दुग्गा, आई.जी. श्री दीपक झा सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे।
गौरतलब है कि अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत देशभर में कुल 1337 स्टेशनों का आधुनिकीकरण किया जा रहा है, जिनमें से पूर्ण हुए 103 अमृत स्टेशनों का आज लोकार्पण किया गया हैं। इन स्टेशनों को आधुनिक स्वरूप दिया गया है। साथ ही स्थानीय लोक कला, संस्कृति और परंपराओं को भी स्टेशन डिज़ाइन में स्थान दिया गया है। इन अमृत स्टेशनो में उपलब्ध सुविधाओं में भव्य प्रवेश द्वार, आकर्षक साज-सज्जा, हाई मास्ट लाइटिंग, आधुनिक प्रतीक्षालय, टिकट काउंटर, मॉर्डन टॉयलेट, दिव्यांगजन के लिए सुगम रैंप, प्लेटफॉर्म शेल्टर, कोच इंडिकेशन सिस्टम और डिजिटल डिस्प्ले आदि शामिल हैं।

मुख्यमंत्री ने दोकड़ा में पीएम आवास योजना के हितग्राही संतु चक्रेस को चाबी देकर गृह प्रवेश कराया

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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने बुधवार को कांसाबेल विकास खंड के ग्राम दोकड़ा में प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत हितग्राही श्री संतु चक्रेस को उनके नए आवास की चाबी देकर गृह प्रवेश कराया।

संतु चक्रेश ने मुख्यमंत्री को बताया कि पहले कच्चा मकान होने के कारण बरसात और गर्मी के मौसम में बहुत परेशानी होती थी। उन्होंने मुख्यमंत्री को धन्यवाद देते हुए कहा कि अब उन्हें चिंता से मुक्ति मिल गई।

मुख्यमंत्री ग्राम दोकड़ा में भगवान जगन्नाथ मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में शामिल हुए

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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और उनकी धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय बुधवार को कांसाबेल विकास खंड के ग्राम दोकड़ा के प्राचीन श्री जगन्नाथ मंदिर के जीर्णाेद्धार पश्चात प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने भगवान जगन्नाथ की पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख समृद्धि और खुशहाली की कामना की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने दोकड़ा में 24 लाख 74 हजार की लागत से बनने वाले महतारी सदन का भूमि पूजन किया। मुख्यमंत्री ने दोकड़ा के श्री जगन्नाथ मंदिर समिति के सदस्यों को धन्यवाद देते हुए उनके कार्यों की सराहना की।

उल्लेखनीय है कि दोकड़ा में भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा 1942 से निकाली जा रही है। रथ यात्रा की शुरुआत दोकड़ा गांव के पंडित स्व सुदर्शन सतपथी और उनकी धर्मपत्नी श्री सुशीला सतपथी के द्वारा शुरू किया गया था। मंदिर का निर्माण 1968 में किया गया था। मंदिर के जर्जर होने के कारण मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और उनकी धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय ने मंदिर का जीर्णाेद्धार करने का संकल्प लिया था। उन्होंने इस कार्य में सहयोग के लिए ग्रामवासियों का धन्यवाद भी दिया है।