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सुशासन तिहार में त्वरित समाधान का उदाहरण: अभिषेक यादव का 10 मिनट में बना राशन कार्ड…

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मलगवां के हितग्राही को मिला खाद्य सुरक्षा का लाभ, मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति जताया आभार’

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में आयोजित ‘सुशासन तिहार’ आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित समाधान का प्रभावी माध्यम बनकर उभर रहा है। शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं को सीधे ग्रामीणों तक पहुंचाने और उन्हें अनावश्यक कार्यालयी प्रक्रियाओं से राहत दिलाने के उद्देश्य से लगाए जा रहे समाधान शिविरों में लोगों की समस्याओं का मौके पर ही निराकरण किया जा रहा है। सरगुजा जिले के अंबिकापुर विकासखंड के ग्राम मलगवां निवासी अभिषेक यादव इसका एक प्रेरणादायक उदाहरण हैं, जिनका राशन कार्ड मात्र 10 मिनट में बनाकर उन्हें सौंप दिया गया।

राशन कार्ड के अभाव में नहीं मिल पा रहा था योजना का लाभ

अभिषेक यादव लंबे समय से राशन कार्ड बनवाने के लिए प्रयासरत थे। राशन कार्ड नहीं होने के कारण उनका परिवार सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत मिलने वाले खाद्यान्न और अन्य सुविधाओं से वंचित था। कई बार प्रयास करने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा था, जिससे उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।

समाधान शिविर में मिली त्वरित राहत

गांव में आयोजित सुशासन तिहार के जनसमस्या निवारण शिविर में अभिषेक यादव ने अपनी समस्या अधिकारियों के समक्ष रखी। खाद्य विभाग के अधिकारियों ने तत्परता दिखाते हुए आवश्यक दस्तावेजों का परीक्षण किया और महज 10 मिनट के भीतर राशन कार्ड बनाने की प्रक्रिया पूर्ण कर दी। साथ ही उनके बच्चे का नाम भी राशन कार्ड में दर्ज कर दिया गया।

हितग्राही ने जताई खुशी और आभार

राशन कार्ड प्राप्त होने के बाद अभिषेक यादव ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि लंबे समय से लंबित उनकी समस्या का समाधान इतनी तेजी से होगा, इसकी उन्होंने कल्पना भी नहीं की थी। उन्होंने कहा कि अब उनके परिवार को नियमित रूप से खाद्यान्न का लाभ मिलेगा और राशन कार्ड से संबंधित किसी प्रकार की परेशानी नहीं रहेगी। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सुशासन तिहार के कारण आम लोगों को बिना भटके उनकी समस्याओं का समाधान मिल रहा है।

गांव-गांव तक पहुंच रहा सुशासन

राज्य सरकार की सुशासन तिहार पहल शासन और जनता के बीच की दूरी को कम करने का सशक्त माध्यम बन रही है। समाधान शिविरों के माध्यम से प्रशासन सीधे ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंचकर लोगों की समस्याओं का निराकरण कर रहा है तथा पात्र हितग्राहियों को विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ सुनिश्चित कर रहा है। अभिषेक यादव जैसे अनेक हितग्राहियों की संतुष्टि इस अभियान की सफलता को दर्शाती है।

सुशासन तिहार 2026: बेलदगी समाधान शिविर में 1210 आवेदन प्राप्त, 50 हितग्राहियों को मिला योजनाओं का लाभ….

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लुण्ड्रा विधायक श्री प्रबोध मिंज ने सुनी ग्रामीणों की समस्याएं, अधिकारियों को समयबद्ध निराकरण के दिए निर्देश’

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देशन में आयोजित ‘सुशासन तिहार 2026’ के अंतर्गत सरगुजा जिले के लखनपुर विकासखंड के ग्राम बेलदगी में जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में क्लस्टर की 20 ग्राम पंचायतों से बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए और शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी प्राप्त करते हुए अपनी मांगों एवं शिकायतों से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किए।

ग्रामीणों से सीधे संवाद कर सुनी समस्याएं

शिविर में लुण्ड्रा विधायक श्री प्रबोध मिंज ने सहभागिता करते हुए ग्रामीणों से सीधे संवाद किया। उन्होंने आमजन की मांगों, समस्याओं और शिकायतों को गंभीरता से सुना तथा संबंधित अधिकारियों को प्राप्त आवेदनों का समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित कर आवेदकों को सूचना देने के निर्देश दिए। विधायक श्री मिंज ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल पर आयोजित सुशासन तिहार का उद्देश्य शासन और जनता के बीच की दूरी को समाप्त करना है। उन्होंने ग्रामीणों से अपनी समस्याएं और आवश्यकताएं खुलकर रखने का आग्रह करते हुए कहा कि प्रशासन उनके समाधान के लिए प्रतिबद्ध है।

जनहित के मुद्दों पर दिया गया विशेष जोर

जिला पंचायत सीईओ श्री विनय कुमार अग्रवाल ने बताया कि सुशासन तिहार के अंतर्गत 15 से 25 गांवों के समूहों में समाधान शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि शिविरों में प्राप्त आवेदनों का त्वरित निराकरण किया जाएगा तथा आवश्यक प्रकरण शासन स्तर पर भेजे जाएंगे। उन्होंने राजस्व विभाग को शिकायतों के निराकरण में विशेष संवेदनशीलता बरतने के निर्देश दिए। स्वास्थ्य विभाग द्वारा एचपीवी टीकाकरण अभियान की जानकारी देते हुए पात्र बालिकाओं का टीकाकरण सुनिश्चित करने की अपील की गई। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर आयोजित होने वाली विशेष ग्राम सभाओं की जानकारी देते हुए उन्होंने जल संरक्षण, तालाब गहरीकरण, कुओं एवं अन्य जल संरचनाओं के संरक्षण तथा ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को बढ़ावा देने पर जोर दिया। साथ ही नल-जल योजनाओं के बेहतर संचालन एवं रखरखाव के लिए ग्राम पंचायतों को जलकर संग्रहण करने की सलाह दी।

1210 आवेदन प्राप्त, 50 हितग्राही लाभान्वित

शिविर में कुल 1210 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें 1151 मांग संबंधी तथा 59 शिकायत संबंधी आवेदन शामिल रहे। शिविर में लगभग 26 विभागों द्वारा स्टॉल लगाकर विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी गई तथा पात्र हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया। आधार कार्ड एवं आयुष्मान कार्ड निर्माण के लिए विशेष सुविधा उपलब्ध कराई गई। स्वास्थ्य विभाग द्वारा टीबी मुक्त सरगुजा अभियान के तहत स्वास्थ्य परीक्षण एवं टीबी स्क्रीनिंग की गई। वहीं, बिहान बाजार के माध्यम से स्व-सहायता समूहों द्वारा तैयार उत्पादों का प्रदर्शन कर ग्रामीण आजीविका गतिविधियों को प्रोत्साहित किया गया।

महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा गोदभराई एवं अन्नप्राशन कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। शिविर में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास की चाबी, किसान क्रेडिट कार्ड, मृदा स्वास्थ्य कार्ड, आयुष्मान कार्ड, स्वास्थ्य कार्ड, मनरेगा जॉब कार्ड तथा राशन कार्ड सहित विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत 50 हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया। इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य श्रीमती मोनिका पैकरा, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती शशिकला सिंह, उपाध्यक्ष श्री कामेश्वर राजवाड़े, जनपद सदस्यगण, सभी ग्राम पंचायतों के सरपंच, एसडीएम श्री रामराज सिंह, जनपद पंचायत सीईओ, जिला एवं विकासखंड स्तरीय अधिकारी-कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

सुशासन तिहार से मिली रोजगार की नई राह, ग्रामीणों को आत्मनिर्भर बना रहा सुशासन तिहार…

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ओम प्रकाश पैकरा को मिला जॉब कार्ड; अब मजदूरी के लिए नहीं करना पड़ेगा पलायन, गांव में ही मिलेगा रोजगार’

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में आयोजित ‘सुशासन तिहार’ ग्रामीण अंचलों में शासन की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का प्रभावी माध्यम बन रहा है। समाधान शिविरों के जरिए आम नागरिकों की समस्याओं का त्वरित निराकरण किया जा रहा है और पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ उनके गांव में ही उपलब्ध कराया जा रहा है। इसी क्रम में सरगुजा जिले के ग्राम पंचायत बलसेड़ी निवासी श्री ओम प्रकाश पैकरा को महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत जॉब कार्ड प्रदान किया गया, जिससे उनके लिए रोजगार के नए अवसरों के द्वार खुल गए हैं।

पलायन की मजबूरी से मिली राहत
श्री ओम प्रकाश पैकरा ने बताया कि जॉब कार्ड नहीं होने के कारण उन्हें रोजगार की तलाश में गांव छोड़कर बाहर जाना पड़ता था। इससे उन्हें आर्थिक और सामाजिक दोनों प्रकार की कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। परिवार से दूर रहना पड़ता था और घर की जिम्मेदारियों का निर्वहन भी प्रभावित होता था। उन्होंने बताया कि गांव में आयोजित सुशासन तिहार के समाधान शिविर में आवेदन देने के बाद उन्हें जॉब कार्ड उपलब्ध कराया गया। अब वे अपने गांव में ही मनरेगा के तहत रोजगार प्राप्त कर सकेंगे और परिवार के साथ रहकर उसकी देखभाल भी कर पाएंगे।

गांव में ही मिला समाधान
जॉब कार्ड प्राप्त होने पर श्री पैकरा ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि शासन की इस पहल से ग्रामीणों को अपनी छोटी-छोटी समस्याओं के समाधान के लिए कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि अब उन्हें रोजगार के लिए पलायन नहीं करना पड़ेगा और गांव में ही काम मिलने से परिवार की जिम्मेदारियों का बेहतर ढंग से निर्वहन कर सकेंगे।

मुख्यमंत्री के प्रति जताया आभार
श्री ओम प्रकाश पैकरा ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और जिला प्रशासन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सुशासन तिहार के माध्यम से शासन की योजनाओं का लाभ सीधे ग्रामीणों तक पहुंच रहा है। उन्होंने कहा कि यह पहल ग्रामीणों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला रही है और उन्हें आत्मनिर्भर बनने का अवसर प्रदान कर रही है।

ग्रामीणों को आत्मनिर्भर बना रहा सुशासन तिहार
उल्लेखनीय है कि सुशासन तिहार के माध्यम से शासन और जनता के बीच की दूरी कम हुई है। समाधान शिविरों में लोगों की समस्याओं का मौके पर निराकरण कर उन्हें विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से जोड़ा जा रहा है। ओम प्रकाश पैकरा जैसे अनेक हितग्राही आज इन योजनाओं का लाभ लेकर अपने गांव में ही रोजगार प्राप्त कर सम्मानजनक जीवन की ओर आगे बढ़ रहे हैं।

नैनो उर्वरकों से बढ़ी उपज, मिट्टी की गुणवत्ता और पर्यावरण के लिए भी लाभदायक…

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कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों और नवाचारों को अपनाकर प्रदेश के किसान बेहतर उत्पादन प्राप्त कर रहे हैं। इससे मिट्टी की गुणवत्ता बढ़ने के साथ ही पर्यावरण का संरक्षण में भी हो रहा है।

कांकेर जिले के चारामा विकासखंड के ग्राम तेलगरा के किसान श्री बाबूलाल साहू ने नैनो डीएपी और नैनो यूरिया के उपयोग से कम लागत में अधिक उत्पादन हासिल किया है।

श्री बाबूलाल साहू के पास लगभग 7 एकड़ कृषि भूमि है, जहां वे वर्षों से धान की खेती करते आ रहे हैं। वे पहले पारंपरिक रासायनिक उर्वरकों जैसे यूरिया और डीएपी का उपयोग करते थे। पिछले एक वर्ष से उन्होंने नैनो डीएपी और नैनो यूरिया का उपयोग शुरू किया, जिसके सकारात्मक परिणाम उन्हें देखने को मिले। उन्होंने बताया कि पहले उनकी फसल का औसत उत्पादन लगभग 18 क्विंटल प्रति एकड़ था, जबकि नैनो उर्वरकों के संतुलित उपयोग के बाद उत्पादन बढ़कर लगभग 20 क्विंटल प्रति एकड़ हो गया है। इससे न केवल उनकी आय में वृद्धि हुई है, बल्कि उर्वरकों की आवश्यकता भी कम हुई है।

श्री साहू ने बताया कि नैनो उर्वरकों के उपयोग से फसल उत्पादन में वृद्धि हुई है तथा मिट्टी की गुणवत्ता और उर्वरता बनाए रखने में भी मदद मिल रही है। कम मात्रा में अधिक प्रभाव देने वाले ये उर्वरक किसानों के लिए लाभकारी साबित हो रहे हैं। आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाकर उत्पादन और आय दोनों बढ़ाई जा सकती है। उन्होंने अन्य किसानों को भी नैनो डीएपी और नैनो यूरिया के उपयोग की सलाह दी है।

अंतर्राष्ट्रीय यात्रियों में इबोला वायरस के लक्षण नहीं, आइसोलेशन में रखे गए है…

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दुर्ग जिले में वर्तमान में कुल अंतर्राष्ट्रीय 03 यात्री आये हैं। जिसमें से 01 कांगो से दुर्ग 31 मई 2026 को आयी हैं तथा 02 अंतर्राष्ट्रीय यात्री भिलाई में 02 जून 2026 को आये हैं। जिनमें से 01 इथोपिया से एवं 01 युगांडा से आये हैं। नो सिम्टोमैटिक, नो हिस्ट्री ऑफ कॉनटैक्ट होने के कारण तीनों अंतर्राष्ट्रीय यात्रियों को होम आइसोलेशन में 21 दिन के लिए रखा गया हैं। जिनकी प्रतिदिवस सुबह एवं शाम टेलीफोन के माध्यम से स्वास्थ्य संबधित जानकारी ली जा रही हैं। वर्तमान में तीनों यात्री असिम्टमैटिक एवं पूर्णतः स्वस्थ हैं। एवं उन्हें किसी प्रकार की तकलीफ होने से ट्रेसिंग टीम/स्वास्थ्य विभाग/कंट्रोल रूम एवं कार्यालय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, दुर्ग को जानकारी देने हेतु बताया जा रहा है।

जिला स्तरीय रैपिड रिस्पांस टीम जिला दुर्ग’

डॉ. सी.बी.एस. बंजारे, (मो. नं. 8103692107)- जिला सर्विलेंस अधिकारी, कार्यालय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी दुर्ग’

डॉ. दिव्या श्रीवास्तव (मो. नं. 7224001424)- जिला टीकाकरण अधिकारी, कार्यालय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी दुर्ग ‘

डॉ. रश्मि ग्लैड (मो. नं. 9926111138)-  जिला मलेरिया अधिकारी, कार्यालय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी दुर्ग ‘

श्रीमति रितिका सोनवानी (मो. नं. 8815598585)- जिला महामारी अधिकारी, कार्यालय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी दुर्ग ‘

इबोला वायरस’

लक्षण – बुखार, उल्टी, पेट दर्द, जोड़ो में दर्द, अत्यधिक थकान, सिर दर्द अधिक वाटरी डायरिया के लक्षण पाये जाते हैं।

कैसे फैलते हैं – संक्रमित व्यक्ति के सीधे संपर्क से एवं बॉडी फ्लूइड से एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलता हैं।

जॉच – इसके लिए जॉच के लिए मुख्य रूप से आरटीपीसीआर जॉच किया जाता हैं।

आइसोलेशन –

इबोला वायरस से प्रभावित देशों (विशेषकर अफ्रिकी देश) से अंतर्राष्ट्रीय यात्रा कर दुर्ग आये अंतर्राष्ट्रीय यात्रियों को 21 दिन के लिए होम आइसोलेशन में रखा जाना हैं एवं 21 दिन तक प्रतिदिवस स्वास्थ्य निगरानी एवं स्वास्थ्य सलाह दिया जा रहा हैं।

अंतर्राष्ट्रीय यात्रियों को एयरपोर्ट पर क्लिनिकल स्क्रीनिंग किया जा रहा हैं। जिसमें रिस्क कैटेगरी के आधार पर कैटेगरी 01 से 03 में चिन्हांकित किया जा रहा हैं।

दुर्ग जिले में आये तीनों अंतर्राष्ट्रीय यात्रियों को नो सिम्टोमैटिक, नो हिस्ट्री ऑफ कॉनटैक्ट होने के कारण सेल्फ निगरानी अंतर्गत 21 दिन हेतु होम आइसोलेशन पर रखा गया हैं।

पर्यावरण संरक्षण के लिए जन जागरूकता बढ़ाएं- श्री डेका…

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राज्यपाल श्री रमेन डेका से आज लोकभवन में रायपुर वन वृत्त के संभागीय वन अधिकारी श्री मयंक पाण्डेय ने सौजन्य भेंट की। इस दौरान राज्यपाल ने 5 जून को आयोजित होने वाले विश्व पर्यावरण दिवस के लिए वन विभाग द्वारा की जा रही तैयारियों की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। राज्यपाल ने पर्यावरण संरक्षण के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाने तथा अधिकाधिक जनसहभागिता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल एक दिवस तक सीमित न रहकर सतत सामाजिक दायित्व के रूप में अपनाया जाना चाहिए।

जिला चिकित्सालय प्रदेश में बेहतरीन स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में रहे अग्रणी : विधानसभा अध्यक्ष…

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– विधानसभा अध्यक्ष ने जिला चिकित्सालय राजनांदगांव में 6 करोड़ 42 लाख 70 हजार रूपए की लागत से प्लिंथ अपग्रेडेशन एवं उन्नयन कार्य का किया लोकार्पण तथा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय का किया भूमिपूजन
– जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए विकसित की गई मजबूत अधोसंरचना
– मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के लिए किए जा रहे कार्य प्रशंसनीय

राजनांदगांव। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने आज 6 करोड़ 42 लाख 70 हजार रूपए की लागत से जिला चिकित्सालय के प्लिंथ अपग्रेडेशन एवं उन्नयन कार्य का लोकार्पण तथा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय का शिलान्यास किया। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि आज स्वास्थ्य क्षेत्र के बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने के लिए 3 करोड़ 56 लाख 70 हजार रूपए की लागत से निर्मित जिला चिकित्सालय भवन के ऊंचाई विस्तार कार्य का लोकार्पण किया गया है तथा 2 करोड़ 86 लाख रूपए की लागत से मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य कार्यालय के नवीन भवन निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया गया है। उन्होंने कहा कि शहर में स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए मजबूत अधोसंरचना है। राजनांदगांव जिला चिकित्सालय एवं शासकीय मेडिकल कालेज से स्वास्थ्य सेवाएं लेने वाले मरीजों की प्रतिक्रिया सकारात्मक रही है। जिला प्रशासन द्वारा इसके लिए सक्रियता एवं सजगता से कार्य किया जा रहा है। यह टीम के लिए उपलब्धि है। शिशु मृत्यु दर एवं मातृ मृत्यु दर सबसे बड़ी चुनौती है। जिसके खिलाफ राजनांदगांव जिले में लड़ाई लड़ी जा रही है। जिसके अच्छे परिणाम मिल रहे हैं। मातृ मृत्यु दर के आंकड़े राज्य के औसत से कम है, यह एक सुखद संकेत है। जिला चिकित्सालय को और भी स्वास्थ्य सुविधाओं से लैस किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बेहतरीन स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में राजनांदगांव का जिला चिकित्सालय अग्रणी रहे। उन्होंने कहा कि जिला चिकित्सालय में छत की मरम्मत कराने, लिफ्ट का सुधार कार्य कराने, डीएमएफ मद से 2 स्त्री रोग विशेषज्ञ, डेंटल एक्स-रे मशीन, सेपरेटर मशीन की व्यवस्था की जाएगी। राज्य के बजट से यहां की अन्य दिक्कतों को दूर करने का प्रयास किया जाएगा।

सांसद श्री संतोष पाण्डेय ने कहा कि जिला चिकित्सालय का आज एक नया स्वरूप देख रहे हैं और आज यह नये कलेवर के साथ जिलेवासियों को मिला है। जिला चिकित्सालय के डॉक्टर एवं नर्स तत्परता के साथ स्वास्थ्य सेवाएं दे रहे है। यहां जिला चिकित्सालय में ऊंचाई विस्तार एवं उन्नयन की आवश्यकता थी, जिसकी पूर्ति की गई है। जिला चिकित्सालय में सुविधाओं की निरंतर बढ़ोत्तरी की जा रही है। कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने कहा कि जिला चिकित्सालय की टीम का यह दायित्व है कि समय पर मेहनत करते हुए सही दिशा एवं आयामों में कार्य करें। जिला पंचायत सीइओ सुश्री सुरूचि सिंह ने जिला चिकित्सालय के प्रतिवेदन का वाचन किया। उन्होंने बताया कि जिले में हाई रिस्क प्रेगनेंसी वाली महिलाओं की निरंतर मानिटरिंग की जा रही है। मातृ मृत्यु दर में कमी आयी है। इस अवसर पर महापौर श्री मधुसूदन यादव, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती किरण वैष्णव, पूर्व सांसद श्री अभिषेक सिंह, समाजसेवी श्री कोमल सिंह राजपूत, समाजसेवी श्री गौतम पारख, जीवनदीप समिति से श्री गुरमुख दास, श्री राजेश श्यामकर, श्री भागचंद, श्री अरविंद, श्री कांति कुमार फुले, श्री आनंद साहू, श्री संदीप भट्टाचार्य, श्रीमती रेखा मेश्राम, श्रीमती खेमीन यादव, श्री अकरम कुरैशी, शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय के डीन डॉ. पंकज लुका, नगर निगम आयुक्त श्री अतुल विश्वकर्मा, संयुक्त कलेक्टर श्रीमती शीतल बंसल, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नेतराम नवरतन, सिविल सर्जन डॉ. महेन्द्र प्रसाद, एसडीएम श्री गौतम पाटिल सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं बड़ी संख्या नागरिक उपस्थित थे।

CGPSC: भिलाई, रायपुर, राजनांदगांव में ताबड़तोड़ कार्रवाई…

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2020 से 2022 के बीच आयोजित राज्य सेवा परीक्षाओं में बड़े पैमाने पर हुई धांधली और पेपर लीक से जुड़ा है।

राज्य के सीजीपीएससी (CGPSC) भर्ती घोटाले की जांच कर रही केंद्रीय एजेंसी ईडी की टीम ने बुधवार सुबह राज्य में कई ठिकानो पर दबिश दी। जांच टीम मामले से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही है।

छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (सीजीपीएससी) भर्ती घोटाले में अब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भी आधिकारिक तौर पर एंट्री ले ली है। केंद्रीय जांच एजेंसी सीबीआई (सीबीआई) द्वारा कोर्ट में फाइनल रिपोर्ट पेश किए जाने के बाद अब ईडी ने इस मामले में मनी लाड्रिंग के आरोपितों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। बुधवार तड़के ईडी की अलग-अलग टीमों ने रायपुर और भिलाई में एक साथ दबिश दी।

भिलाई, रायपुर, राजनांदगांव में ताबड़तोड़ कार्रवाई

ईडी की जांच टीम सीजीपीएससी के पूर्व सचिव जनक लाल ध्रुव के भिलाई स्थित आवास पर पहुंची। इसके साथ ही रायपुर में आयोग की पूर्व परीक्षा नियंत्रक आरती वासनिक के अलावा भिलाई के तालपुरी ए ब्लाक स्थित निवास में पूर्व आइएएस अधिकारी अमृत खलको,राजनांदगांव के शिक्षक नगर स्थित कृषि विभाग में ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी भास्कर गणवीर आवास पर दबिश दी। कुछ और अफसरों के ठिकानों पर भी जांच कार्रवाई की खबर सामने आ रही है। अधिकारियों ने पूर्व अफसरों के घरों को सुरक्षा घेरे में लेकर दस्तावेजों, बैंक खातों और डिजिटल सबूतों की पड़ताल शुरू कर दी है।

वर्ष 2026 में दर्ज इसीआइआर बनी कार्रवाई का आधार

सूत्रों के मुताबिक, ईडी ने इस मामले में हाल ही में (वर्ष 2026 में) एक प्रवर्तन मामला सूचना रिपोर्ट दर्ज की थी। ईडी की इस कार्रवाई का मुख्य आधार राज्य की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू-एसीबी) द्वारा दर्ज की गई एफआईआर और सीबीआई की हालिया जांच रिपोर्ट को बनाया गया है। जांच एजेंसी का मानना है कि भर्ती में हुए इस बड़े हेरफेर के पीछे करोड़ों रुपये के लेन-देन और मनी लाड्रिंग की प्रबल आशंका है।है।

आयोग के अध्यक्ष ने रची साजिश

मामला साल 2020 से 2022 के बीच आयोजित राज्य सेवा परीक्षाओं में बड़े पैमाने पर हुई धांधली और पेपर लीक से जुड़ा है।

सीबीआई (CBI) की जांच में सामने आया है कि तत्कालीन अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए अपने रिश्तेदारों को अनुचित लाभ पहुंचाया। आरोप है कि तत्कालीन परीक्षा नियंत्रक आरती वासनिक और डिप्टी परीक्षा नियंत्रक ललित गनवीर की मिलीभगत से प्रश्नपत्र लीक किए गए।

कोलकाता की प्रिंटिंग कंपनी से रायपुर आए प्रश्नपत्रों की गोपनीय कॉपियां बनाई गईं और रसूखदारों को बांटी गईं। इसके एवज में एक औद्योगिक समूह द्वारा सीएसआर (CSR) मद के तहत टामन सिंह की पत्नी के एनजीओ को 45 लाख रुपए ट्रांसफर किए जाने की बात भी सामने आई है। इस धांधली का असर यह हुआ कि CGPSC 2021 के टॉप-20 अभ्यर्थियों में से 13 से अधिक लोग अधिकारियों, नेताओं और करीबियों के रिश्तेदार पाए गए। हाईकोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपियों की जमानत याचिकाएं भी खारिज कर दी हैं।

घोटाले से जुड़ी टाइमलाइन

जनवरी 2021- कोलकाता की प्रिंटिंग कंपनी का कर्मचारी सात सेट प्रश्नपत्र लेकर रायपुर पहुंचा, जहां आंतरिक मिलीभगत से पेपर कॉपी किए गए।

13 फरवरी 2022- सीजीपीएससी 2021 के 171 पदों के लिए प्रारंभिक परीक्षा (Pre) आयोजित हुई, जिसमें 2,565 अभ्यर्थी सफल हुए।

26-29 मई 2022- मुख्य परीक्षा (Mains) का आयोजन किया गया, जिसमें से 509 अभ्यर्थियों ने इंटरव्यू के लिए क्वालीफाई किया।

11 मई 2023- अंतिम चयन सूची जारी हुई, जिसमें रसूखदारों के रिश्तेदारों के नाम टॉप पर आने के बाद भारी विवाद और विरोध शुरू हुआ।

वर्ष 2024 – 2025-मामले की जांच सीबीआई को सौंपी गई। छापेमारी में कई आपत्तिजनक साक्ष्य मिले और चार्जशीट दाखिल की गई।

अब तक हुई गिरफ्तारियां

छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग भर्ती घोटाले में सीबीआई ने आयोग के शीर्ष पदाधिकारियों से लेकर पेपर लीक का लाभ उठाने वाले अभ्यर्थियों और उनके मददगारों तक कुल 12 मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इन गिरफ्तारियों को मुख्यतः तीन चरणों में अंजाम दिया गया है।

प्रथम चरण की गिरफ्तारियां – (नवंबर 2024)

टामन सिंह सोनवानी- सीबीआई ने मामले की जांच हाथ में लेते ही सबसे पहले घोटाले के मुख्य साजिशकर्ताओं पर हाथ डाला। सीजीपीएससी के तत्कालीन अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी को गिरफ्तार किया गया। इन पर अपने पद का दुरुपयोग कर भतीजों और करीबियों को डिप्टी कलेक्टर व डीएसपी बनाने का मुख्य आरोप है।

श्रवण कुमार गोयल: बजरंग पावर एंड इस्पात लिमिटेड के डायरेक्टर। इन पर आरोप है कि इन्होंने मोटी रकम देकर अपने बेटे और बहू के लिए प्रश्नपत्र हासिल किए थे।

द्वितीय चरण की गिरफ्तारियां (जनवरी 2025)

इस चरण में उन अभ्यर्थियों और सहयोगी अधिकारियों को गिरफ्तार किया गया जिन्होंने अनुचित लाभ लिया या उसे प्रोसेस किया।

ललित गनवीर: तत्कालीन डिप्टी परीक्षा नियंत्रक, जिन पर पेपर लीक नेटवर्क में सक्रिय भूमिका निभाने का आरोप है।

नितेश सोनवानी: पूर्व चेयरमैन टामन सिंह सोनवानी के भतीजे (चयनित डिप्टी कलेक्टर)।

साहिल सोनवानी: पूर्व चेयरमैन के रिश्तेदार (चयनित डिप्टी एसपी)।

शशांक गोयल: उद्योगपति श्रवण गोयल के बेटे (चयनित डिप्टी कलेक्टर)।

भूमिका कटियार (गोयल): श्रवण गोयल की बहू (चयनित डिप्टी कलेक्टर)।

तृतीय चरण की गिरफ्तारियां (सितंबर 2025)

सीबीआई ने जांच का दायरा बढ़ाते हुए आयोग के प्रशासनिक तंत्र और अन्य रसूखदार लाभार्थियों पर कार्रवाई की।

जीवन किशोर ध्रुव (जेके ध्रुव): सीजीपीएससी के तत्कालीन सचिव और रिटायर्ड आईएएस अधिकारी।

आरती वासनिक: आयोग की तत्कालीन परीक्षा नियंत्रक, जिनकी प्रश्नपत्रों को गोपनीय रूप से लीक कराने में केंद्रीय भूमिका पाई गई।

सुमित ध्रुव: तत्कालीन सचिव जेके ध्रुव के बेटे (चयनित डिप्टी कलेक्टर)।

निशा कोसले: पूर्व चेयरमैन के भाई की बहू (चयनित डिप्टी कलेक्टर)।

दीपा आडिल: चयनित जिला अधिकारी

भिलाई में एक और बड़ी रेड: भारतमाला प्रोजेक्ट भी निशाने पर

पीएससी घोटाले के समानांतर ही ईडी ने भिलाई के नेहरू नगर निवासी कारोबारी अनिल अग्रवाल के ठिकानों पर भी छापा मारा है। अनिल अग्रवाल का संबंध भारतमाला प्रोजेक्ट में हुई वित्तीय अनियमितताओं से जुड़ा बताया जा रहा है। एक ही दिन में दो अलग-अलग बड़े मामलों में ईडी की इस चौतरफा कार्रवाई से पूरे प्रदेश के रसूखदारों, अफसरों और भूमाफियाओं में भारी दहशत का माहौल है।

मनी लॉन्ड्रिंग केस में जैकलीन फर्नांडिस और सुकेश पर आरोप तय, जल्द शुरू होगा ट्रायल….

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सुनवाई के दौरान सुकेश चंद्रशेखर ने ईडी के मनी लॉन्ड्रिंग केस में आरोपों पर हस्ताक्षर किए, लेकिन मकोका मामले में आरोपों पर हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया.

दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने 200 करोड़ रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बॉलीवुड अभिनेत्री Jacqueline Fernandez, आरोपी Sukesh Chandrasekhar और लीना मारिया पॉल समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ औपचारिक रूप से आरोप तय कर दिए हैं. अदालत ने जबरन वसूली से जुड़े मकोका (MCOCA) मामले में भी आरोप फ्रेम किए हैं.

हालांकि, सुनवाई के दौरान सुकेश चंद्रशेखर ने ईडी के मनी लॉन्ड्रिंग केस में आरोपों पर हस्ताक्षर किए, लेकिन मकोका मामले में आरोपों पर हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया. वहीं उनकी पत्नी लीना मारिया पॉल ने विरोध दर्ज कराते हुए मकोका मामले में आरोपों पर हस्ताक्षर किए.

सुकेश चंद्रशेखर के वकील एडवोकेट अनंत मलिक ने कहा कि अदालत ने सभी आरोपियों के खिलाफ औपचारिक आरोप तय कर दिए हैं और अब मामला ट्रायल के लिए आगे बढ़ेगा. उन्होंने बताया कि राज्य सरकार से जुड़े मामले की अगली सुनवाई 14 जुलाई को होगी, जबकि प्रवर्तन निदेशालय (ED) से जुड़े मामले की सुनवाई 16 जुलाई को की जाएगी.

वकील के मुताबिक, सुकेश ने पहले अदालत में एक आवेदन दाखिल कर मांग की थी कि हाल ही में गिरफ्तार किए गए एक अन्य आरोपी नवाज की चार्जशीट दाखिल होने तक आदेश न सुनाया जाए. अदालत ने यह मांग खारिज कर दी थी, जिसके बाद इस मुद्दे को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी गई. यह मामला फिलहाल हाईकोर्ट में लंबित है और 8 जुलाई को सूचीबद्ध है.

अनंत मलिक ने कहा कि सुकेश ने अदालत को बताया था कि जब तक हाईकोर्ट में लंबित याचिका पर फैसला नहीं आता, वह मकोका मामले में आरोपों पर हस्ताक्षर नहीं करेंगे. इसी वजह से उन्होंने केवल ईडी मामले में हस्ताक्षर किए, जबकि मकोका मामले में हस्ताक्षर से इनकार किया.

अब इस हाई-प्रोफाइल मामले में जल्द ट्रायल शुरू होने की संभावना है. ईडी का आरोप है कि सुकेश चंद्रशेखर ने कथित तौर पर करोड़ों रुपये की उगाही कर हवाला और मनी लॉन्ड्रिंग के जरिए धन का इस्तेमाल किया. मामले में जैकलीन फर्नांडिस का नाम भी कथित आर्थिक लेन-देन और महंगे उपहारों को लेकर सामने आया था.

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा कथित तौर पर सोना बेचे जाने की रिपोर्ट्स पर टिप्पणी…

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अखिलेश यादव ने उन रिपोर्ट्स पर टिप्पणी की है जिसमें यह दावा किया गया है कि मुद्रा भंडार बचाने हेतु आरबीआई ने सोना बेचा है. हालांकि भारत सरकार ने इन दावों का खंडन किया है.

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा कथित तौर पर सोना बेचे जाने की रिपोर्ट्स पर टिप्पणी की है. उनकी टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब केंद्रीय बैंक और भारत सरकार के पत्र सूचना कार्यालय ने दावों को खारिज कर दिया है.

सपा चीफ ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर लिखा- बीजेपी ने देश का स्वर्ण-मान बेच दिया है. अब देश की जनता को समझ में आया कि बीजेपी सरकार सोना खरीदने से मना क्यों कर रही थी क्योंकि अगर सोना जनता के पास चला जाता तो ये बेचते कैसे. 5 ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी के जुमले की सुनहरी परत अब उतर गयी है.

उन्होंने लिखा कि बीजेपी के दावों का Golden Curtain बेपर्दा हो गया है. जनता इस समाचार के बाद डरकर बैंक जाकर अपने लॉकर खोलकर देख रही है कि सब सही-सलामत है भी कि नहीं?  जनता को समझ में आ गया है कि भाजपाई भ्रष्टाचार ने देश की अर्थव्यवस्था को पूरी तरह खोखला कर दिया है और विदेशी सत्ताओं के आगे बीजेपी और उनके भ्रमणशील संगी-साथी अब साष्टांग नतमस्तक क्यों हैं.

RBI ने जारी किया बयान

उधर, RBI ने सोने की बिक्री की खबरों को बुधवार को खारिज करते हुए कहा कि भौतिक स्वर्ण भंडार में कोई बदलाव नहीं हुआ है और यह 880.52 टन पर स्थिर बना हुआ है. RBI ने उन खबरों के बाद यह स्पष्टीकरण जारी किया है जिनमें दावा किया गया था कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के प्रभाव से विदेशी मुद्रा भंडार की रक्षा के लिए केंद्रीय बैंक ने लगभग 12 अरब डॉलर मूल्य का सोना बेच दिया है.

केंद्रीय बैंक ने बयान में कहा, ‘ RBI जोर देकर कहता है कि ये खबरें सही नहीं हैं.’ उसने आम जनता को सलाह दी कि ऐसे मामलों में समय-समय पर RBI द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें.

पीआईबी ने क्या कहा?

इस बीच, भारत सरकार के पत्र सूचना कार्यालय (पीआईबी) ने भी इन खबरों पर तथ्य आधारित जांच (फैक्ट-चेक) रिपोर्ट जारी की. RBI के अनुसार, भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में सोने की हिस्सेदारी सितंबर, 2025 के अंत में 13.92 प्रतिशत से बढ़कर 31 मार्च, 2026 को 16.70 प्रतिशत और 22 मई, 2026 तक 16.85 प्रतिशत हो गई है.

भारतीय रिजर्व बैंक के पास 31 मार्च, 2026 तक कुल स्वर्ण भंडार 880.52 टन था, जो 31 मार्च, 2025 के 879.58 टन की तुलना में 0.94 टन अधिक है. RBI की नवीनतम वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, 880.52 टन में से 312.32 टन सोना निर्गम विभाग की परिसंपत्ति के रूप में रखा गया है जबकि 31 मार्च, 2025 को यह 311.38 टन था. शेष 568.20 टन (जो 31 मार्च 2025 के समान है) बैंकिंग विभाग की परिसंपत्ति के रूप में दर्ज है. रिपोर्ट में कहा गया, ‘ बैंकिंग विभाग की परिसंपत्ति के रूप में रखे गए सोने (स्वर्ण जमा सहित) का मूल्य 31 मार्च, 2025 के 4,31,624.80 करोड़ रुपये से बढ़कर 31 मार्च, 2026 को 7,06,162.36 करोड़ रुपये हो गया, जो 63.6 प्रतिशत की वृद्धि है.’ इस वृद्धि की मुख्य वजह सोने की कीमतों में बढ़ोतरी और अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये में गिरावट है.