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भारत-यूएस में कब होगी ट्रेड डील, अमेरिका में आमने-सामने बैठकर मंत्रियों में हुई बातचीत, आया ये बड़ा अपडेट

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भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील को लेकर बातचीत का दौर जारी है. इसी कड़ी में केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने वॉशिंगटन में अपने अमेरिकी समकक्ष हावर्ड लुटनिक के साथ दोनों देशों के बीच प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते के पहले चरण पर बातचीत में तेजी लाने के लिए चर्चा की. दरअसल, पीयूष गोयल व्यापार समझौते की वार्ता की प्रगति की समीक्षा के लिए मंत्री स्तरीय बैठक के लिए वॉशिंगटन में हैं. पीयूष गोयल ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘ भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौते के पहले चरण में तेजी लाने की दिशा में मंत्री हावर्ड लुटनिक के साथ सार्थक चर्चा हुई.’’ गोयल व्यापार वार्ता पर चर्चा के लिए मार्च में भी वॉशिंगटन गए थे.

मंत्री स्तरीय बैठक के बाद दोनों देशों के मुख्य वार्ताकारों के बीच विचार-विमर्श होगा, जो 22 मई तक जारी रहेगा. यह बैठक ऐसे समय में हो रही है, जब दोनों देश इस वर्ष शरद ऋतु (सितंबर-अक्टूबर) तक व्यापार समझौते के पहले चरण को अंतिम रूप देने से पहले ‘‘शीघ्र पारस्परिक लाभ’’ सुनिश्चित करने के लिए वस्तुओं में अंतरिम व्यापार व्यवस्था की संभावना तलाश रहे हैं.

वार्ता में जिन मुख्य मुद्दों पर चर्चा होगी, उनमें बाजार पहुंच, उत्पत्ति के नियम और गैर-शुल्क बाधाएं शामिल हैं. भारत और अमेरिका के अधिकारियों का लक्ष्य वार्ता को आगे बढ़ाने के लिए 90-दिवसीय शुल्क विराम अवधि का लाभ उठाना है.

अमेरिका ने भारत पर अतिरिक्त 26 प्रतिशत शुल्क को 9 जुलाई तक के लिए निलंबित कर दिया है. बढ़ते व्यापार घाटे को पाटने के लिए दो अप्रैल को शुल्क दरों में बढ़ोतरी की घोषणा की गई थी. हालांकि, 10 प्रतिशत का मूल शुल्क सभी देशों पर लागू है. इसके अलावा इस्पात, एल्युमीनियम और मोटर वाहन घटकों पर 25 प्रतिशत शुल्क भी लगा है.

LoC पर T-72 टैंकों ने कैसे PAK सेना की चौकियों को तबाह कर दिया, ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की वो कहानी जो आपने नहीं सुनी

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ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय सैन्य शक्ति को पूरी दुनिया ने देखा. इसकी अगुवाई भारतीय वायुसेना और एडवांस एयर डिफेंस सिस्टम्स ने किया, जिसने पाकिस्तान के ड्रोन और मिसाइलों को उनके लक्ष्य से पहले ही मार गिराया, और दुश्मन के इलाके में अंदर तक हमला किया. हालांकि, भारतीय सेना ने नियंत्रण रेखा (एलओसी) के दूसरी तरफ से किसी भी सीजफायर उल्लंघन की स्थिति में पाकिस्तानी सेना की चौकियों को नष्ट करने में अहम भूमिका निभाई.

अधिकारियों के अनुसार, भारतीय सेना की बख्तरबंद यूनिट्स ने सीजफायर तोड़ने की कोशिश से निपटने के लिए एलओसी के करीब टी-72 मुख्य युद्धक टैंकों को तैनात किया. इन टैंकों ने 7 से 10 मई की लड़ाई के दौरान कई पाकिस्तानी चौकियों को पूरी तरह से नष्ट कर दिया, जिसके वीडियो भी ऑनलाइन सामने आए. अधिकारियों ने कहा कि टैंकों के साथ-साथ मैकेनाइज्ड इन्फेंट्री यूनिट्स ने भी किसी भी तरह की बढ़त से निपटने के लिए अपने प्लेटफॉर्म और सैनिकों को तैनात किया और इजाजत मिलने पर हमला किया.

पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में भारतीय सशस्त्र बलों ने 7 मई को ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया और पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में नौ आतंकी शिविरों को नष्ट कर दिया. जब पाकिस्तान ने भारतीय शहरों और सैन्य प्रतिष्ठानों पर हमला करने के लिए अपने ड्रोन और मिसाइलों को भेजने की हिम्मत की, तो भारत की एयर डिफेंस सिस्टम्स ने दुश्मन के प्रोजेक्टाइल को उनके निर्धारित लक्ष्यों को भेदने से पहले ही हवा में मार गिराया.

पहलगाम अटैक के बाद नई टेंशन, आतंकियों की चाल देख सब हैरान, दिल्ली तक हड़कंप

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जम्मू-कश्मीर में पहलगाम अटैक के बाद एक नई टेंशन सामने आई है. इस टेंशन ने दिल्ली तक हलचल मचा दी है. दरअसल, जम्मू-कश्मीर में एक चिंताजनक ट्रेंड देखने को मिल रहा है. कम से कम तीन आतंकवादी घटनाओं में आतंकी भारतीय सुरक्षा बलों जैसी वर्दी में दिखाई दिए हैं. इससे आम लोगों और सुरक्षाकर्मियों दोनों के लिए खतरे की पहचान करना मुश्किल हो गया है.

इन हमलों में सबसे भयावाह 22 अप्रैल को पहलगाम में हुआ था. पहलगाम में आतंकी संगठन द रेजिस्टेंस फ्रंट के भारी हथियारों से लैस आतंकियों ने बैसरन घाटी में पर्यटकों पर अंधाधुंध गोलियां चलाई थीं. इस अटैक के वक्त भी आतंकी इंडियन आर्मी के जवानों जैसी ही वर्दी में थे. भारतीय सुरक्षा बलों जैसी वर्दी पहने पाकिस्तानी आतंकियों ने 26 टूरिस्टों की जान ले ली थी. इनमें एक नेपाली नागरिक भी था. पहलगाम अटैक 26/11 के मुंबई हमलों के बाद से भारत में सबसे घातक आतंकी हमला माना जा रहा है.

पहलगाम के आतंकी कहां

पहलगाम अटैक के बाद ही भारत ने एक्शन लिया था. भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान और पीओके में मौजूद ठिकानों को मिसाइल से तबाह किया था. 2019 में बालाकोट एयर स्ट्राइक के बाद से यह सबसे आक्रामक सैन्य कार्रवाई मानी जा रही है. जांचकर्ताओं का मानना है कि पहलगाम हमले में शामिल कुछ आतंकवादी अभी भी दक्षिण कश्मीर में छिपे हो सकते हैं.

मंदिर से लेकर सियासी दलों के विदेशी चंदे पर सरकार की नजर, देनी होगी और ज्यादा जानकारी, नया ITR-7 फॉर्म जारी

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सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्स (CBDT) ने एसेसमेंट ईयर 2025-26 के लिए आयकर रिटर्न फॉर्म 7 (ITR-7) नोटिफाई कर दिया है. यह अपडेटेड ITR फॉर्म फाइनेंस एक्ट, 2024 में पेश किए गए आयकर-संबंधी संशोधनों के मद्देनजर बदलावों के साथ पेश किया गया है. खास बात है कि राजनीतिक दलों, धर्मार्थ ट्रस्टों, यूनिवर्सिटी और रिसर्च इंस्टीट्यूशन को अब विदेशी से मिलने वाली मदद, स्वैच्छिक दान, अर्जित आय और फंड्स के उपयोग से होने वाली इनकम के बारे में ज्यादा जानकारी देनी होगी. इसके साथ ही इनकम टैक्स विभाग ने एसेसटमेंट ईयर 2025-26 के लिए सभी सात आयकर रिटर्न फॉर्म नोटिफाई कर दिए हैं. स्मॉल और मिडल टैक्सपेयर्स के लिए आईटीआर फॉर्म 1 और 4 को 29 अप्रैल को अधिसूचित किया गया था.

आइये आपको बताते हैं कि आईटीआर फॉर्म 7 आखिर किन टैक्सपेयर्स के लिए अहम बदलावों के साथ पेश किया गया है.

आईटीआर-7 फॉर्म, मुख्य रूप से धर्मार्थ या धार्मिक ट्रस्ट, राजनीतिक दल, वैज्ञानिक अनुसंधान संस्थान, यूनिवर्सिटी, कॉलेज और अन्य संस्थानों के लिए है, जिन्हें आयकर अधिनियम की धारा 139(4ए), 139(4बी), 139(4सी) या 139(4डी) के तहत रिटर्न प्रस्तुत करना आवश्यक है.

-सेक्शन 11 के तहत टैक्स का दावा करने वाले धर्मार्थ और धार्मिक ट्रस्ट के लिए

-धारा 139(4B) के तहत राजनीतिक दलों के लिए

-वैज्ञानिक अनुसंधान संस्थान, समाचार एजेंसियां, विश्वविद्यालय, कॉलेज और अन्य संस्थान

-धारा 10(23C), 10(21), आदि के तहत छूट का दावा करने वाली संस्थाओं के लिए

AY 2025-26 के लिए ITR-7 में मुख्य बदलाव

कैपिटल गेन्स में आपको 23 जुलाई 2024 से पहले और बाद में हुए ट्रांजेक्शन को अलग-अलग दिखाना होगा. दरअसल, इस तारीख के बाद कैपिटल गेन्स के टैक्स और इंडेक्सेशन के नियम चेंज हो गए हैं.

नए बदलावों के तहत अब टैक्सपेयर्स को बायबैक पर डबल टैक्स की मार नहीं झेलनी पड़ेगी. चूंकि, 1 अक्टूबर 2024 से शेयर बायबैक पर नया नियम लागू हो चुका है, इसलिए अगर कोई शेयरधारक डिविडेंड इनकम को ‘अन्य स्रोतों से आय’ के तौर पर दिखाता है, तो अब वो बायबैक पर हुए कैपिटल लॉस को दावा कर सकता है.

सरकारी डिफेंस कंपनी ने कमाया 2,127 करोड़ का मुनाफा, डिविडेंड का किया ऐलान, कब है रिकॉर्ड डेट

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देश की प्रमुख सरकारी डिफेंस कंपनी भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) ने वित्त वर्ष 2024-25 की चौथी तिमाही में मजबूत कमाई दर्ज की है. जनवरी से मार्च तिमाही में कंपनी का शुद्ध लाभ सालाना आधार पर 18.4% बढ़कर 2,127 करोड़ रुपये पहुंच गया है. पिछले साल इसी तिमाही में यह लाभ 1,797 करोड़ रुपये था. कंपनी के नतीजे मार्केट की उम्मीद से बेहतर रहे हैं, क्योंकि ब्लूमबर्ग का अनुमान 1,752 करोड़ रुपये का था.

सिर्फ तिमाही ही नहीं, पूरे वित्त वर्ष 2024-25 में भी BEL ने जबरदस्त प्रदर्शन किया है. पूरे साल का शुद्ध लाभ 34% की बढ़त के साथ 5,321 करोड़ रुपये रहा, जबकि पिछले साल यानी FY24 में यह 3,984 करोड़ रुपये था. BEL एक ‘नवरत्न’ कंपनी है और डिफेंस सेक्टर में भारत सरकार की बड़ी हिस्सेदारी वाली संस्था है.

तिमाही के दौरान कंपनी की ऑपरेटिंग कमाई यानी EBITDA भी 23% बढ़कर 2,815.5 करोड़ रुपये हो गई, जबकि पिछले साल यही आंकड़ा 2,287.5 करोड़ रुपये था. EBITDA मार्जिन में भी सुधार हुआ है जो 30.8% पर पहुंच गया, जबकि एक साल पहले यह 26.7% था.

जनवरी-मार्च तिमाही में BEL की कुल आय 6.8% बढ़कर 9,149 करोड़ रुपये हो गई, जबकि पिछले साल यह 8,564 करोड़ रुपये थी. कंपनी की ऑर्डर बुक यानी लंबित ऑर्डरों की कुल कीमत मार्च 2025 के अंत तक 71,650 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है, जो भविष्य के लिए मजबूत ग्रोथ का संकेत है.

डिविडेंड और शेयर प्रदर्शन

कंपनी ने FY25 के लिए 0.90 रुपये प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड घोषित किया है, जिसे अगले AGM में शेयरधारकों की मंज़ूरी मिलने के बाद दिया जाएगा. डिविडेंड की रिकॉर्ड डेट और भुगतान की तारीख बाद में घोषित की जाएगी. स्टॉक मार्केट में BEL का प्रदर्शन भी अच्छा रहा है. कंपनी के शेयर 0.1% की हल्की गिरावट के साथ 363.55 रुपये पर बंद हुए, जबकि सेंसेक्स में 0.33% की गिरावट दर्ज की गई. बीते 12 महीनों में BEL के शेयरों में 32% की बढ़ोतरी हुई है और साल 2025 की शुरुआत से अब तक यह 23% ऊपर जा चुके हैं. ब्लूमबर्ग के डेटा के अनुसार, BEL को ट्रैक कर रहे 28 एनालिस्ट्स में से 24 ने इस स्टॉक को ‘बाय’ की रेटिंग दी है. वहीं, 2 ने ‘होल्ड’ और 2 ने ‘सेल’ की सलाह दी है. हालांकि, मौजूदा भाव को देखते हुए औसत 12 महीने का टारगेट प्राइस 342 रुपये है, जो 6% की संभावित गिरावट दिखाता है.

जिसे ‘भाई’ समझ रहा था पाकिस्तान, उसने ही छुरा भोंका, शहबाज और मुनीर के लिए नई आफत

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पाकिस्तान की शहबाज शरीफ सरकार और जनरल असीम मुनीर की फौज के लिए अब एक और बड़ी मुसीबत सामने आ गई है. इस बार धोखा उसे उस बांग्लादेश से मिला है, जिससे वह दोस्ती की उम्मीद लगाए बैठा था. एक रिपोर्ट के मुताबिक, बांग्लादेशी नागरिक बड़ी संख्या में पाकिस्तान के सबसे बड़े आतंकी संगठन तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) में शामिल हो रहे हैं. हाल ही में उत्तरी वजीरिस्तान में पाकिस्तान के सुरक्षा बलों के हाथों मारे गए 54 आतंकियों में से एक बांग्लादेशी नागरिक अहमद जोबेर भी था. रिपोर्ट के मुताबिक वह पहले सऊदी अरब गया और फिर वहां से अफगानिस्तान पहुंचा और TTP से जुड़ गया.

बांग्लादेशी डिजिटल पोर्टल ‘द डिसेंट’ की रिपोर्ट के अनुसार, जोबेर के अलावा कम से कम आठ बांग्लादेशी नागरिक इस वक्त अफगानिस्तान में TTP के लिए सक्रिय हैं. इतना ही नहीं, सोशल मीडिया के जरिए आतंकवाद को बढ़ावा देने वाले कुछ बांग्लादेशी अफगानिस्तान से ही TTP के लिए डिजिटल प्रोपेगेंडा चला रहे हैं. इस रिपोर्ट में जोबेर के एक साथी सैफुल्लाह से भी बात की गई है, जो TTP के बांग्लादेश चैप्टर के लिए सोशल मीडिया का काम देखता है. हैरानी की बात यह है कि बांग्लादेशी सुरक्षा एजेंसियों को इन गतिविधियों की भनक तक नहीं है. यहां तक कि बांग्लादेश के आंतरिक नेटवर्क के बारे में भी उन्हें कोई खास जानकारी नहीं है.

पुराना है बांग्लादेश का आतंक से नाता
ये कोई पहली बार नहीं है जब बांग्लादेश से जुड़े नाम अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद से जोड़े जा रहे हैं. साल 2005 में जमात-उल-मुजाहिदीन बांग्लादेश (JMB) के सदस्यों ने देश में पहले आत्मघाती हमले किए थे. इसके अलावा ISIS से भी दर्जनों बांग्लादेशी नागरिक जुड़ चुके हैं, जिनमें से कई सीरिया में मारे गए या वापस लौटकर अब कानूनी कार्रवाई का सामना कर रहे हैं. यह भी सामने आया है कि साल 2016 में सिंगापुर में आठ बांग्लादेशियों को गिरफ्तार किया गया, जो देश में इस्लामिक स्टेट के बैनर तले एक कट्टरपंथी इस्लामिक राज्य बनाना चाहते थे.

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने किया मुंगेली में नवनिर्मित जिला परिवहन कार्यालय का लोकार्पण

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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज मुंगेली जिले के पथरिया विकासखंड के ग्राम बछेरा में 1 करोड़ 72 लाख रुपये की लागत से नवनिर्मित जिला परिवहन कार्यालय भवन का लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि लंबे समय से जिले में स्थायी परिवहन कार्यालय भवन की सुविधा का अभाव था, जिससे आम नागरिकों को लाइसेंस, वाहन पंजीयन और अन्य कार्यों में कठिनाई होती थी। अब नए भवन के साथ यह सुविधा स्थानीय स्तर पर ही उपलब्ध हो सकेगी, जिससे जनता को काफी राहत मिलेगी।

लोकार्पण अवसर पर मुख्यमंत्री ने पांच आवेदकों को प्रतीक स्वरूप लर्निंग लाइसेंस प्रदान किए, जिससे उनके चेहरे पर खुशी झलक उठी। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की प्राथमिकता जनता को समयबद्ध और सुगम सेवाएँ उपलब्ध कराना है। नये कार्यालय भवन के माध्यम से वाहन पंजीयन, ड्राइविंग लाइसेंस सहित सभी प्रमुख सेवाएं एक ही परिसर में उपलब्ध होंगी।

छह एकड़ भूमि में निर्मित इस परिसर में एक एकड़ में कार्यालय भवन तथा पाँच एकड़ क्षेत्र ड्राइविंग टेस्ट और फिटनेस टेस्टिंग सेंटर के लिए आरक्षित रखा गया है। भवन में 18 कक्ष, 6 हॉल, अटैच लेट-बाथ तथा सामान्य शौचालय जैसी आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। कार्यालय को पूर्णतः सुविधायुक्त रूप में डिजाइन किया गया है, जिससे विभागीय कार्यों की दक्षता भी बढ़ेगी।

उल्लेखनीय है कि वर्ष 2021-22 से अब तक जिले में 11,721 ड्राइविंग लाइसेंस बनाए जा चुके हैं और 49,000 से अधिक वाहनों का पंजीयन हो चुका है। यह आंकड़ा दर्शाता है कि लोगों में परिवहन सेवाओं की बड़ी मांग है, जिसे यह नया कार्यालय सुगमता से पूरा करेगा। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश में विकास को गति देने के साथ-साथ प्रशासनिक दक्षता और सेवा-सुलभता को बढ़ाना हमारी सरकार का सतत प्रयास है।

इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू, उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव, विधायक श्री पुन्नूलाल मोहले, श्री धरमलाल कौशिक, मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी दयानंद सहित अन्य अधिकारीगण तथा जनप्रतिनिधि उपस्थित थे ।

मुंगेली जिले के दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र में बसे ग्राम बिजराकछार में पहुँचे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, सुशासन तिहार के समाधान शिविर में उमड़ा जनसैलाब

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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय सुशासन तिहार के तीसरे चरण में आज मुंगेली जिले के लोरमी विकासखंड के सुदूर और दुर्गम ग्राम बिजराकछार में आयोजित समाधान शिविर में पहुँचे। घने जंगलों और पहाड़ियों के बीच बसे इस इलाके में पहली बार मुख्यमंत्री का आगमन होते ही ग्रामीणों में जबरदस्त उत्साह दिखा। यह इलाका आदिवासी और बैगा विशेष पिछड़ी जनजाति बहुल है और छत्तीसगढ़ की सीमा पर स्थित है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने छत्तीसगढ़ महतारी एवं सरस्वती माता के समक्ष दीप प्रज्वलित कर सुशासन तिहार के अंतर्गत आयोजित समाधान शिविर का विधिवत शुभारंभ किया। इस दौरान ग्रामीण महिलाओं और किसानों ने पारंपरिक खुमरी के साथ मुख्यमंत्री का गजमाला से अभिनंदन किया। समाधान शिविर में मुख्यमंत्री के साथ केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू, उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव और जनप्रतिनिधि भी उपस्थित थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने समाधान शिविर में आत्मीयता के साथ ग्रामीणों से मुलाकात की और जनसमस्याओं को सुना। उन्होंने डिंडोरी में नए कॉलेज की स्थापना, खुड़िया में पीएचसी का उन्नयन एवं लोरमी में छात्रावास के निर्माण की ऐतिहासिक घोषणाएँ कीं।

सुशासन तिहार के तृतीय चरण अंतर्गत आयोजित समाधान शिविर में क्षेत्र की ग्राम पंचायत बिजराकछार, बोईरहा, खुड़िया, महामाई, निवासखार, सुरही, कटामी, लमनी, छपरवा, अचानकमार, दरवाजा, कारीडोंगरी, डोंगरीगढ़, झिरिया क्लस्टर के रूप में शामिल की गई थीं। मुख्यमंत्री ने क्लस्टर की 14 ग्राम पंचायतों के हितग्राहियों से सीधा संवाद कर शासन की योजनाओं की जानकारी ली और उनकी समस्याएं सुनीं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने समाधान शिविर में हितग्राहियों को सामग्री वितरण कर लाभान्वित किया। उन्होंने 5 हितग्राहियों को आयुष्मान कार्ड, 5 को राशन कार्ड, नोनी सुरक्षा योजना के 20 हितग्राहियों को बॉन्ड पत्र, सहकारिता विभाग के अंतर्गत 6 हितग्राहियों को 5 लाख 55 हजार रुपये का चेक, 33 हितग्राहियों को पीएम आवास की चाबी और स्वीकृत पत्र, महिला स्व सहायता समूहों को चक्रीय निधि और 3 हितग्राहियों को लखपति दीदी प्रमाण पत्र, मनरेगा के तहत 23 हितग्राहियों को जॉब कार्ड, तेंदूपत्ता संग्रहण परिवार की मेधावी विद्यार्थी को प्रोत्साहन राशि प्रदान की। इस अवसर पर वन विभाग की ओर से अचानकमार जंगल सफारी के लिए गांव की महिला स्व-सहायता समूह को सफारी गाड़ी की चाबी भी प्रदान की गई।

मुख्यमंत्री श्री साय ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान सरकार को लगभग डेढ़ वर्ष हो गए हैं और प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा दी गई अधिकांश गारंटियों को पूरा किया गया है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारी सरकार बनते ही 13 दिसंबर को हुई पहली कैबिनेट बैठक में 18 लाख परिवारों को आवास की स्वीकृति दी गई। उन्होंने कहा कि 15 मई तक चल रहे आवास सर्वे में जिन लोगों को अभी तक आवास नहीं मिला है, उन्हें भी इसका लाभ दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी की जा रही है और एकमुश्त राशि उनके खातों में स्थानांतरित की जा रही है। महतारी वंदन योजना के अंतर्गत जिन माताओं के नाम अभी तक शामिल नहीं हो पाए हैं, उन्हें भी जल्द ही जोड़ा जाएगा। इस योजना से लाभ प्राप्त कर माताएं सुकन्या योजना में धनराशि जमा कर रही हैं। उन्होंने कहा कि तेंदूपत्ता की खरीदी 5500 रुपए प्रति मानक बोरा की दर से की जा रही है। मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना के अंतर्गत वरिष्ठ नागरिकों को तीर्थ दर्शन कराया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मोदी की गारंटी को धरातल पर उतारते हुए योजनाओं को तेजी से लागू किया जा रहा है। 5 लाख 60 हजार से अधिक भूमिहीन मजदूरों को किसान सम्मान योजना का लाभ दिया गया है। सरकार भ्रष्टाचार की संभावनाओं को नवाचार और तकनीक के माध्यम से समाप्त कर रही है तथा सभी कार्यों को ऑनलाइन किया जा रहा है। भ्रष्टाचार करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जा रही है।

केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की एक-एक गारंटी को धरातल पर उतारने का कार्य पूरी निष्ठा और प्रतिबद्धता से कर रहे हैं। हमारी सरकार जनता से किए गए हर वादे को गंभीरता से लेते हुए उसे पूरा करने में जुटी है। आज मुझे एक सांसद के रूप में आप सभी की सेवा करने का गौरव प्राप्त हो रहा है। विधानसभा चुनाव से पहले हमने वादा किया था कि सबसे पहले प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत आवासहीन परिवारों को घर उपलब्ध कराएंगे। हमारी सरकार ने इस वादे को प्राथमिकता दी और सरकार बनते ही मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सबसे पहले प्रधानमंत्री आवासों की स्वीकृति दी। हमारा संकल्प है कि प्रदेश का कोई भी गरीब भूखा न रहे। इसी दिशा में हर ज़रूरतमंद को नियमित रूप से चावल उपलब्ध कराया जा रहा है, चाहे वह वनांचल में हो या दूरस्थ अंचलों में। आज हर घर में शौचालय की सुविधा उपलब्ध है, और सभी को स्वच्छ पीने का जल सुनिश्चित कराया जा रहा है। महतारी वंदन योजना के माध्यम से हम माताओं और बहनों का सम्मान कर रहे हैं। इस योजना के अंतर्गत उन्हें हर माह एक-एक हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है, जिससे उनका आत्मबल और आर्थिक स्वतंत्रता दोनों में वृद्धि हो रही है।

उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने संबोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज इस सुदूर वनांचल क्षेत्र बिजराकछार में पधारे हैं। वे सभी महातारियों को 1,000 रुपये की सहायता राशि प्रदान कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज का बेटा, आदिवासी समाज के बीच स्नेह और दुलार लेकर स्वयं आप सभी से मिलने आया है। उन्होंने कहा कि अचानकमार क्षेत्र बैगा आदिवासी समाज का क्षेत्र है। इस क्षेत्र में पहले कई समस्याएँ रही हैं, लेकिन नई सरकार के गठन के बाद से यहाँ की जनता को मूलभूत सुविधाएँ मिल रही हैं। समाधान शिविरों के माध्यम से लोगों की समस्याओं का समाधान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की एक-एक गारंटी को साय सरकार पूर्ण रूप से क्रियान्वित कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ राज्य निरंतर विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

इस अवसर पर मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह और मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी दयानंद सहित अन्य अधिकारीगण एवं ग्रामीण उपस्थित थे।

उल्लेखनीय है कि राज्य में समाधान शिविरों के माध्यम से आमजनों की मांगों एवं समस्याओं का निराकरण लगातार जारी है। शासन की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम छोर के व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए शासन-प्रशासन पूरी तरह प्रतिबद्ध है। मुंगेली जिले में कुल 1 लाख 29 हजार 573 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 1 लाख 29 हजार 565 आवेदनों का निराकरण किया जा चुका है। समाधान शिविर बिजराकछार क्लस्टर अंतर्गत 7 हजार 917 मांगों व 53 शिकायतों सहित कुल 7 हजार 970 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 7 हजार 964 आवेदनों का गुणवत्तापूर्ण निराकरण किया जा चुका है। सबसे अधिक पीएम आवास के 1 हजार 977 आवेदन प्राप्त हुए हैं। आवास प्लस 2.0 अंतर्गत सर्वे कर 1 हजार 469 हितग्राहियों का नया नाम जोड़ा गया है। इसके साथ ही 110 भूमि सुधार कार्य, 20 डबरी निर्माण की स्वीकृति और 25 नवीन जॉब कार्ड बनाए गए हैं। 116 नवीन राशन कार्ड प्रदान करने के साथ 61 नाम जोड़ने व काटने, 2 श्रम कार्ड, 142 महतारी वंदन योजना का नया पंजीयन, 31 पेंशन हेतु पंजीयन और पीएम किसान सम्मान निधि के तहत 23 नया पंजीयन किया गया है।

जो सरकार अच्छा काम करती है वह आम जनता के बीच जाने से नहीं कतराती :मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

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सुशासन तिहार के अंतर्गत आज मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का उड़न खटोला बिलासपुर जिले के कोटा ब्लॉक अंतर्गत ग्राम आमागोहन में उतरा। वनांचल के आदिवासी ग्राम में मुख्यमंत्री श्री साय को अपने बीच पाकर ग्रामीणों में उत्साह और खुशी का माहौल था। वे चिलचिलाती धूप की परवाह किए बगैर अपने राज्य के मुखिया को एक झलक देखने और उन्हें सुनने के लिए घण्टो डटे रहे। मुख्यमंत्री श्री साय ने समाधान शिविर में जहाँ ग्रामीणों से संवाद किया वहीं मुख्यमंत्री ने समाधान पेटी में डाले गए आवेदनों की निराकरण की स्थिति भी जानी। उन्होंने सुशासन तिहार की सार्थकता को बताते हुए कहा कि आज सुशासन तिहार के माध्यम से छत्तीसगढ़ की सरकार आपके गाँव में आई है। हमने बीते डेढ़ वर्षों में राज्य के लोगों के हित में कार्य किया है। जो सरकार अच्छा काम करती है उनकी ही हिम्मत होती है जनता के बीच जाने की। सुशासन तिहार एक तरह से हमारा रिपोर्ट कार्ड भी है और हमारी सरकार के द्वारा किए गए कार्यों का आंकलन करने का अवसर भी। इसके माध्यम से सरकार योजनाओं का धरातल पर क्रियान्वयन की स्थिति भी जान रही है।
सुशासन तिहार के तीसरे चरण के तहत बिलासपुर जिले के कोटा ब्लॉक के अंतर्गत दूरस्थ आदिवासी ग्राम आमागोहन के समाधान शिविर में मुख्यमंत्री श्री साय शामिल हुए। मुख्यमंत्री श्री साय ने ग्रामीणों को सम्बोधित करते हुए कहा कि आप सभी के आशीर्वाद से राज्य में हमारी सरकार बनी और डेढ़ वर्ष पूरे कर लिए हैं। इस अवधि में लोकसभा,नगरीय निकाय,नगर पंचायत में हमारी सरकार बनी। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारी सरकार ने मोदी की गारंटी के तहत किए गए सभी वादों को पूरा किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने शपथ लेते ही अगले दिन से 18 लाख प्रधानमंत्री आवास की स्वीकृति दी। उन्होंने कहा कि केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह ने दुर्ग और अम्बिकापुर में भी राज्यवासियों को 3-3 लाख पीएम आवास दिये। इसके अलावा पीएम जनमन आवास और नक्सल क्षेत्रों में आत्म समर्पित परिवारों को आवास दिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आवास प्लस में जिनका नाम है उनको भी आवास दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने किसानों का वादा पूरा कर 31 सौ रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान की खरीदी और 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान खरीदी का निर्णय लिया। दो वर्ष से बकाया धान बोनस राशि भी दी। उन्होंने कहा कि 70 लाख से अधिक महिलाओं को महतारी वन्दन योजना की राशि उनके खाते में देकर आर्थिक समृद्धि और महिला सशक्तिकरण का द्वार खोला। जिनका नाम छूट गया है उन्हें चिंता करने की जरूरत नहीं है,आने वाले दिनों में छूटे हुए हितग्राहियों का नाम भी जोड़ा जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि तेंदूपत्ता संग्रहण करने वाले हितग्राहियों के हित में निर्णय लेते हुए प्रति मानक बोरा की राशि 4 हजार से 5500 रुपये किया गया। उन्होंने कहा कि इसके साथ ही रामलला दर्शन योजना प्रारंभ कर हितग्राहियों को रामलला का दर्शन कराया है। उन्होंने बताया कि हमारी सरकार ने बड़े-बुजुर्गों की इच्छाओं को पूरा करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री तीर्थ योजना को प्रारंभ किया है। इस योजना से तीर्थ यात्रा के इच्छुक परिवार अन्य तीर्थ स्थल का लाभ उठा पाएंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने 24 अप्रैल से ग्राम पंचायतों में अटल डिजिटल सेवा केंद्र प्रारंभ की है। इस योजना से सभी ग्राम पंचायत जुड़ेंगे और ग्रामीणों को गाँव में ही बैंक जैसी सुविधाएं उपलब्ध होगी। उन्होंने कहा कि अटल डिजिटल सेवा केंद्र में किसी भी योजना के हितग्राहियों को राशि निकालने में सुविधा होगी। वही जाति, निवास सहित अन्य दस्तावेज भी मिल पाएंगे। अभी 1460 पंचायत में यह प्रारंभ की गई है। इससे ग्रामीणों को बैंक तक दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारी सरकार भ्रष्टाचार पर रोक लगाने के साथ कार्यवाही भी कर रही है। उन्होंने बताया कि जमीन की रजिस्ट्री के साथ सरकार ने नामांतरण की प्रक्रिया प्रारंभ की है। इससे कोई अधिकारी नामान्तरण के नाम पर किसी को घुमा नहीं पायेगा। एक घण्टे से कम समय में नामांतरण हो जाएगा। उन्होंने कहा कि मोदी की गारंटी को पूरा करने वाली यह सरकार सुशासन की दिशा में कार्य कर रही है। इस अवसर पर मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी दयानन्द, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री राजेश सुर्यवंशी,कलेक्टर, एसपी आदि उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने बेलगहना में कॉलेज,आमागोहन में विद्युत सब स्टेशन और सामुदायिक भवन की घोषणा की

मुख्यमंत्री श्री साय ने आमागोहन के समाधान शिविर में आई मांग को ध्यान रखकर बेलगहना में उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए कॉलेज खोलने की घोषणा की। उन्होंने आमागोहन सहित आसपास के ग्रामों में लो वोल्टेज की समस्या को दूर करने के लिए 33 केव्ही का विद्युत सब स्टेशन और विभिन्न कार्यक्रमों के आयोजन के लिए सामुदायिक भवन बनाने की घोषणा की।

समाधान शिविर में पहुँचे बिलासपुर सांसद व केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन लाल साहू ने कहा कि सुशासन तिहार के माध्यम से प्रदेश के कोने-कोने में शिविर का आयोजन कर आवेदन लिए गए। मुख्यमंत्री जी हर छोटे छोटे गाँव में जा रहे हैं। गाँव की समस्याओं का निराकरण भी हो रहा है। यह सौभाग्य है कि सुशासन तिहार के अंतर्गत वे बिलासपुर जिले के अंतिम छोर के आदिवासी क्षेत्र के गाँव आमागोहन आये। इसके लिए मुख्यमंत्री जी को धन्यवाद। उन्होंने आगे कहा कि मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में सरकार बनने के कुछ दिनों के भीतर ही मोदी की गारंटी को पूरा किया गया है। अब वे योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी लेने गाँव-गांव जा रहे हैं। उन्होंने बेलगहना में उच्च शिक्षा के लिए कॉलेज,आमागोहन में विद्युत सब स्टेशन सहित अन्य मांग भी रखी।
शासन की योजनाओं से जीवन में आया बदलाव

समाधान शिविर में पीएम आवास, महतारी वंदन योजना, पीएम सम्मान निधि के किसानों ने योजना का लाभ उठाकर जीवन में आए बदलाव को बयां किया। पीएम आवास की हितग्राही छोटे लाल ने बताया कि पहले वे खपरैल वाले मिट्टी के घर में रहते थे। इससे साँप,बिच्छु का खतरा बना रहता था। अब पक्का मकान बनने से बारिश के दिनों में होने वाली समस्या दूर हो गई है। महतारी वंदन योजना की हितग्राही श्रीमती विमला बाई पुरी ने बताया कि उन्हें मार्च 2024 से महतारी वन्दन योजना से हर महीने एक हजार रुपये मिलते हैं। इस राशि का उपयोग उन्होंने अपनी नतनी वामिका पुरी के नाम पर सुकन्या समृद्धि योजना में किया है ताकि भविष्य में इस राशि का उपयोग पढ़ाई के लिए हो सके। पीएम जनमन अंतर्गत लाभान्वित हितग्राही दिलेशरी खुसरो ने मुख्यमंत्री को बताया कि उनका आयुषमान कार्ड बना है। इससे 5 लाख तक का उपचार हो पायेगा।

दसवीं-बारहवीं के मेधावी बच्चों को सम्मानित कर किया प्रोत्साहित, दी शुभकामनाएं

आमागोहन के समाधान शिविर में मुख्यमंत्री ने 10वी-12वी बोर्ड परीक्षा में उत्कृष्ट अंक हासिल करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री ने दसवीं में 90 प्रतिशत अंक हासिल करने वाली महिमा पटेल, स्नेहा सेन, बारहवीं की वर्षा पाण्डेय को सम्मानित कर उन्हें भविष्य की शुभकामनाएं दी।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने पीएम आवास के हितग्राही छतौनी लाल,नरबदिया बाई,समरीत बाई को आवास की चाबी सौंपी। उन्होंने बिहान के महिला समूहों, सहकारिता, उद्यान,राजस्व और स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत हितग्राहियों को सामग्री और राशि का वितरण भी किया। मुख्यमंत्री को छात्र दीपिका और देवी सिंह खुसरो ने हाथ से बनाई मुख्यमंत्री की पोट्रेट भी भेंट की।

2265 में 2212 आवेदन का किया गया निराकरण

समाधान शिविर आमागोहन क्लस्टर में कुल 2265 आवेदन प्राप्त हुए,जिसमे से 2212 का निराकरण कर दिया गया है। इस क्लस्टर में 11 गाँव आमागोहन, सोनपुरी, तुलुप,नगोई, नवगांव सोनसाय,मोहली, खोंगसरा, डाँड़बछाली, टांटीधार, बिटकुली शामिल है।

महुआ पेड़ की छांव में सुशासन की चौपाल: चुकतीपानी में मुख्यमंत्री का अचानक दौरा, बैगा समुदाय ने जताया आत्मीय स्वागत

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सुशासन तिहार के अंतर्गत मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज बिना पूर्व सूचना के हेलीकॉप्टर से गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के बैगा बाहुल्य ग्राम चुकतीपानी पहुंचे। ग्रामीण अपने बीच मुख्यमंत्री श्री साय को यूं अचानक पाकर आश्चर्यचकित हो गए, लेकिन कुछ ही क्षणों में यह हैरानी स्वागत में बदल गई। ग्रामीणों ने गुलमोहर की माला, तेंदू फल की टोकरी और स्थानीय फूल-पत्तियों से बना गुलदस्ता भेंट कर मुख्यमंत्री श्री साय का आत्मीय अभिनंदन किया।
गांव के मिडिल स्कूल परिसर में महुआ पेड़ के नीचे लगी चौपाल में मुख्यमंत्री श्री साय ने ग्रामीणों से करते हुए कहा कि सरकार कैसे काम कर रही है, यह जानने मैं स्वयं आपके घर आया हूं। जो भी परेशानी है, निःसंकोच बताइए।
चौपाल के दौरान जब मुख्यमंत्री की नजर ओवरफ्लो हो रही पानी टंकी पर पड़ी, तो उन्होंने पानी की बर्बादी पर गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने ग्रामीणों की शिकायत पर पीएचई विभाग के सब इंजीनियर को फटकारते हुए कहा कि या तो काम करो, या सस्पेंड होने के लिए तैयार रहो।
जनसंवाद के दौरान महिलाओं ने बताया कि वे महतारी वंदन योजना से प्राप्त राशि से स्व-सहायता समूह बनाकर जैविक खेती कर रही हैं और स्थानीय मंडियों में सब्जियाँ बेचकर आय अर्जित कर रही हैं। उन्होंने वर्मी कम्पोस्ट से उगाई गई लाल भाजी भी मुख्यमंत्री को भेंट की।
मुख्यमंत्री श्री साय ने ग्रामीणों की मांग पर मिडिल स्कूल भवन के मरम्मत की घोषणा की, साथ ही स्कूल मैदान को मिनी स्टेडियम के रूप में विकसित करने की भी घोषणा की। उल्लेखनीय है कि गांव के लिए 179 प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत किए गए हैं, ताकि हर जरूरतमंद को छत मिल सके।
चुकतीपानी में मुख्यमंत्री का यह अप्रत्याशित दौरा न सिर्फ जनता से सीधा संवाद था, बल्कि यह स्पष्ट संदेश भी था कि सरकार सिर्फ फाइलों में नहीं, गांव की मिट्टी में उतरकर सुशासन को परखती है।
इस अवसर पर मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री श्री सुबोध सिंह और मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी. दयानंद सहित अन्य अधिकारीगण तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।