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भारत-पाकिस्तान तनाव के बीच नोएडा में रेड अलर्ट तो गाजियाबाद में धारा 163 लागू, पुलिस भी मुस्तैद

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नोएडा में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए जिला प्रशासन ने कई कदम उठाए हैं. पुलिस ने सीमाओं पर जांच तेज कर दी है और संवेदनशील इलाकों में गश्त बढ़ा दी गई है.

भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव को देखते हुए उत्तर प्रदेश में रेड अलर्ट घोषित कर दिया गया है. नोएडा में जिला प्रशासन, पुलिस और फायर विभाग ने आपात स्थिति से निपटने के लिए कमर कस ली है. शुक्रवार को जिला प्रशासन ने 50 बेड से अधिक क्षमता वाले 62 अस्पतालों के संचालकों के साथ एक अहम बैठक की, जिसमें विषम परिस्थितियों और आपदा के समय रणनीति पर चर्चा हुई.

जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में फायर, बिल्डिंग कोलैप्स और इवैक्यूएशन जैसे हालातों से निपटने की रणनीति बनाई गई. बैठक में ADM, ACP, CISF के अधिकारी, CMO और CFO मौजूद रहे. सभी अस्पतालों को निर्देश दिए गए कि वे किसी भी आपात स्थिति के लिए तैयार रहें और अपनी व्यवस्थाओं को अपडेट रखें. नोएडा में 50 बेड से अधिक क्षमता वाले कुल 62 अस्पताल हैं, और सभी को इस बैठक में शामिल किया गया.

नोएडा के चीफ फायर ऑफिसर (CFO) प्रदीप कुमार ने कहा, “हमें हर स्थिति के लिए तैयार रहना होगा. अस्पतालों के साथ समन्वय कर हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि किसी भी आपदा के दौरान त्वरित और प्रभावी प्रतिक्रिया दी जा सके.” उन्होंने बताया कि फायर, बिल्डिंग कोलैप्स और इवैक्यूएशन जैसे हालातों पर विस्तार से चर्चा हुई, ताकि मरीजों और आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके.

नोएडा में सुरक्षा के कड़े इंतजाम

नोएडा में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए जिला प्रशासन ने कई कदम उठाए हैं. पुलिस ने सीमाओं पर जांच तेज कर दी है, और संवेदनशील इलाकों में गश्त बढ़ा दी गई है. फायर विभाग को भी अलर्ट पर रखा गया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके. इसके अलावा, अस्पतालों को आपदा प्रबंधन के लिए ट्रेनिंग और संसाधन उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया जा रहा है.

गाजियाबाद में धारा 163 बीएनएसएस लागू

इसके साथ ही गाजियाबाद में धारा 163 बीएनएसएस लागू की गई है और कई इलाके में रेड जोन घोषित हुए हैं. गाजियाबाद पुलिस की तरफ से दी गई जानकारी के तहत वर्तमान में भारत और पाकिस्तान की सेना के मध्य सीमा पर चल रहे तनाव के परिदर्श में सुरक्षा कारणों से विभिन्न उग्रवादी, आतंकवादी, असामाजिक तत्वों के ड्रोन, पैराग्लाइडर, हॉट बैलून अन्य उड़ने वाली वस्तुओं से आशंकित खतरों से दृष्टिगत ऐसे तत्वों तथा उड़ने वाली वस्तुओं पर प्रभावी अंकुश लगाना आवश्यक है.

पुलिस उपयुक्त के अनुमति के बिना नहीं होगी फोटोग्राफी

कानून एवं शांति व्यवस्था की गंभीरता एवं तत्कालिकता के दृष्टिगत कमिश्नरेट गाजियाबाद में धारा 163 बीएनएसएस लगाई गई है. थाना क्षेत्र कोतवाली, कवि नगर, लिंक रोड, साहिबाबाद, टीला मोड़, ट्रॉनिका सिटी, लोनी, मुरादनगर मोदीनगर नो ड्रोन क्षेत्र और अस्थाई रेड जोन घोषित किया है. किसी भी राजकीय कार्यालय और अन्य स्थानों पर पुलिस उपयुक्त के अनुमति के बिना कोई फोटोग्राफी नहीं की जाएगी.

इंस्टाग्राम पर ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ लिखने वाली 19 साल की लड़की गिरफ्तार, पुणे में मचा बवाल

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पुणे में एक 19 साल की लड़की ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ लिखा एक पोस्ट शेयर किया, जिसके बाद पुलिस ने तुरंत एक्शन लेते हुए उसे अरेस्ट कर लिया है.

महाराष्ट्र के पुणे शहर के कोंढवा इलाके में एक 19 वर्षीय लड़की को इंस्टाग्राम पर ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ लिखने के आरोप में पुलिस ने गिरफ्तार किया है. यह छात्रा पुणे के एक कॉलेज में पढ़ाई कर रही है और कोंढवा के कौसरबाग इलाके में रहती है.

यह कार्रवाई शुक्रवार (9 मई) को पुलिस कांस्टेबल सुभाष जरांडे की शिकायत पर की गई. कोंढवा पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज की गई है. मामले की पुष्टि करते हुए पुलिस उपायुक्त राजकुमार शिंदे ने बताया कि आरोपी युवती को गिरफ्तार कर लिया गया है और आगे की जांच जारी है.

सोशल मीडिया पर पुलिस की नजर
एफआईआर के अनुसार, हाल ही में भारतीय सेना द्वारा पाकिस्तान के खिलाफ की जा रही कार्रवाई के दौरान पुलिस सोशल मीडिया पर निगरानी रख रही थी. इसी दौरान इंस्टाग्राम पर आरोपी लड़की का आपत्तिजनक पोस्ट सामने आया, जिसमें अंत में ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ लिखा गया था.

पुलिस ने आरोपी लड़की पर लगाईं कई धाराएं
पुलिस ने लड़की को भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत आरोपित किया है, जिनमें धारा 152 (भारत की अखंडता को खतरे में डालना), 196 (समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देना), 197 (राष्ट्रीय एकता के खिलाफ टिप्पणियां), 299 (धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला कृत्य), 352 (जानबूझकर अपमान), और 353 (जनता में अशांति फैलाने वाले बयान) शामिल हैं.

पुणे में विरोध प्रदर्शन
इस घटना के बाद ‘सकल हिंदू समाज’ के कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन करते हुए आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है. पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और सोशल मीडिया गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है.

India-Pakistan Tension: ‘हम जंग की दहलीज पर, हिसाब बराबर करेंगे’, पाकिस्तान के रक्षामंत्री ख्वाजा आसिफ ने फिर भारत को उकसाया

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पाक रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने भारत के खिलाफ पूर्ण युद्ध की चेतावनी दी. उन्होंने भारत को उकसाते हुए कहा कि हम जंग की दहलीज पर हैं और हिसाब बराबर करेंगे.

भारत-पाकिस्तान के बीच जारी मौजूदा तनाव के बीच पाक के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने उकसावे वाला बयान दिया है. उन्होंने पाकिस्तानी चैनल ‘365 न्यूज’ पर दिए इंटरव्यू में कहा कि भारत की तरफ से पिछले चार दिनों में की गई आक्रामक कार्रवाई के बाद हमारे पास युद्ध के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है.

पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ने कहा कि लोगों को इस बात में कोई संदेह नहीं होना चाहिए कि पाकिस्तान युद्ध की दहलीज पर खड़ा है. उन्होंने कहा, ‘पिछले चार दिनों में भारत द्वारा अपनाई गई आक्रामक कार्रवाइयों के कारण हमें इस विकल्प (युद्ध) के अलावा कोई अन्य उपलब्ध साधन नहीं दिखता है. हमने तनाव को कम करने की कोशिश की है, लेकिन अब ऐसा होने की संभावना बहुत कम बची है. हमें उन्हें उसी तरह से जवाब देना होगा.’

भारत ने मार गिराए पाकिस्तानी ड्रोन

ख्वाजा आसिफ का ये बयान उस समय आया है जब पाकिस्तान ने भारत के कम से कम 36 सैन्य ठिकानों को टारगेट करने की कोशिश की, जिसमें 300–400 मेड-इन-तुर्की सोंगर ड्रोन का उपयोग किया गया. भारत ने अधिकतर ड्रोन और मिसाइलों को हवा में ही निष्क्रिय कर दिया.

पाकिस्तान के रक्षा मंत्री का ये बयान अंतरराष्ट्रीय समुदाय पर दबाव बनाने की रणनीति भी हो सकता है. ये पाकिस्तानी जनता और सेना का ध्यान आंतरिक समस्याओं से हटाने का एक तरीका भी हो सकता है. बता दें कि ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारत ने 7 मई को PoK और पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों पर प्रहार किया. इसके बाद पाकिस्तान ने जम्मू-कश्मीर, पंजाब, राजस्थान और गुजरात में ड्रोन और मिसाइलों से हमला किया. भारत ने भी पाकिस्तान के कई ड्रोन को मार गिराया.

पाकिस्तानी सेना का रुख 

पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता अहमद शरीफ चौधरी ने सऊदी न्यूज चैनल अल अरेबिया को दिए एक इंटरव्यू में कहा कि हम तनाव कम नहीं करेंगे क्योंकि भारत ने जो नुकसान किया है उसका जवाब दिया जाएगा. यह बयान सऊदी अरब के उप विदेश मंत्री आदिल अल-जुबैर की मध्यस्थता पहल के ठीक बाद आया, जो दोनों देशों में शांति स्थापित करने की कोशिश कर रहे थे.

सऊदी अरब की शांति पहल असफल? 

सऊदी अरब के उप विदेश मंत्री आदिल अल-जुबैर ने भारत और पाकिस्तान दोनों का दौरा कर तनाव कम करने की अपील की थी, लेकिन पाकिस्तान की तरफ से सैन्य बयानबाजी और जवाबी हमला आया. इस बीच ख्वाजा आसिफ ने सीधे युद्ध की धमकी दी है.

 

 

हजारों की भीड़ में सब नाच-कूद रहे थे, अचानक एक ने चाकू निकाल घोंपना शुरू कर दिया, हर कोई रह गया हक्का-बक्का

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17-year-old boy stabbed to death near Kanniyakumari: यह घटना महा मरिअम्मन मंदिर के वार्षिक उत्सव के दौरान हुई, जो स्थानीय समुदाय के लिए एक महत्वपूर्ण धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन है. इस उत्सव में बड़ी संख्या में लोग हिस्सा लेते हैं. इस दौरान नृत्य और अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं

Kanniyakumari: तमिलनाडु के करूर जिले के कुलीथलाई में महा मरिअम्मन मंदिर में पूचोरीथल समारोह के दौरान 17 वर्षीय श्याम सुंदर की चाकू घोंपकर हत्या कर दी गई. यह घटना उस समय हुई, जब उत्सव में शामिल लोग नाच रहे थे और एक छोटी सी बात ने हिंसक रूप ले लिया. यह घटना तब हुई जब श्याम सुंदर पूचोरीथल समारोह के दौरान नाच रहा था और नागेंद्रन नामक एक व्यक्ति सहित लोगों का एक अन्य समूह गलती से उस पर गिर गया. जब श्याम सुंदर ने उन्हें दूर हटने के लिए कहा, तो नागेंद्रन ने उस पर चाकू से वार कर दिया.

मौके पर मौत
चाकू के गंभीर घावों की वजह से श्याम सुंदर की मौके पर ही मौत हो गई. घटना के बाद हमलावर मौके से फरार हो गए, जिससे उत्सव में अफरा-तफरी मच गई. प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि यह घटना इतनी तेजी से हुई कि किसी को हस्तक्षेप करने का मौका ही नहीं मिला. स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी और पुलिस की एक टीम मौके पर पहुंची. श्याम सुंदर के शव को पोस्टमार्टम के लिए नजदीकी सरकारी अस्पताल भेज दिया गया. पुलिस ने प्रारंभिक जांच शुरू कर दी है और हत्या का मामला दर्ज किया गया है. अपराधियों की तलाश में दो विशेष पुलिस टीमें गठित की गई हैं, जो नागेंद्रन और उसके साथियों की तलाश में छापेमारी कर रही हैं.

महा मरिअम्मन मंदिर में हुई
यह घटना महा मरिअम्मन मंदिर के वार्षिक उत्सव के दौरान हुई, जो स्थानीय समुदाय के लिए एक महत्वपूर्ण धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन है. इस उत्सव में बड़ी संख्या में लोग हिस्सा लेते हैं. इस दौरान नृत्य और अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं. हालांकि, इस बार एक छोटे से विवाद ने उत्सव को खून से रंग दिया. स्थानीय लोगों ने घटना पर दुख जताते हुए प्रशासन से कड़ी कार्रवाई की मांग की है.

शांति बनाए रखने की अपील
पुलिस महकमे के अधिकारियों ने बताया कि वे सीसीटीवी फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों के आधार पर मामले की जांच कर रहे हैं. प्रारंभिक जांच में यह भी पता चला है कि नागेंद्रन और श्याम सुंदर के बीच पहले से कोई विवाद नहीं था और यह घटना तात्कालिक गुस्से का नतीजा थी. पुलिस ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है और भरोसा दिया है कि दोषियों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा. इस घटना ने मंदिर उत्सवों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं.

भारतीय सेना का हीरो… Akash डिफेंस सिस्टम ने PAK के टारगेट को आसमान में ही बेदम किया

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PAK के सभी आसमानी हमले भारतीय आयरन डोम ने बेदम कर दिया है. ये है आकाश एयर डिफेंस सिस्टम. सेना ने पिछले साल ही इस मिसाइल की सटीकता और स्पीड का सफल प्रदर्शन किया था. आकाश ने आसमान में तेजी से उड़ रहे टारगेट पर सटीक निशाना लगाया.

10 मई 2025 को भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव चरम पर है, जब पाकिस्तान ने श्रीनगर से नालिया तक 26 स्थानों पर ड्रोन, मिसाइल और लड़ाकू जेट्स से हमले किए.इन हमलों में फतेह-1 मिसाइल, JF-17, F-16 और DJI सैन्य ड्रोन का उपयोग किया गया. भारतीय आकाश एयर डिफेंस सिस्टम ने इन हवाई खतरों को हवा में ही नष्ट कर दिया.

आकाश एयर डिफेंस सिस्टम

आकाश भारत की स्वदेशी मध्यम दूरी की सतह-से-हवा मिसाइल प्रणाली है, जिसे रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) ने विकसित किया है इसे भारतीय सेना और वायुसेना में 2014 से तैनात किया गया है. इसका उन्नत संस्करण आकाश-NG (नेक्स्ट जेनरेशन) 2021 में शामिल हुआ.

यह प्रणाली कम और मध्यम ऊंचाई पर हवाई खतरों, जैसे फाइटर जेट्स, ड्रोन और क्रूज मिसाइलों को नष्ट करने में सक्षम है.

विशेषताएं

रेंज: 45-70 किमी (आकाश-NG)
लक्ष्य: फाइटर जेट्स, ड्रोन, क्रूज मिसाइलें और बैलिस्टिक मिसाइलें
मार्गदर्शन: रडार-आधारित कमांड गाइडेंस और एक्टिव रडार होमिंग (आकाश-NG)
वॉरहेड: 60 किलोग्राम उच्च-विस्फोटक
सटीकता: 90-100% इंटरसेप्शन दर
तैनाती: मोबाइल लॉन्चर, टैंक और ट्रक पर तैनात, जो इसे गतिशीलता प्रदान करता है।
इलेक्ट्रॉनिक काउंटरमेजर्स (ECCM): दुश्मन के जैमिंग और इलेक्ट्रॉनिक हस्तक्षेप को नाकाम करने की क्षमता.
स्वदेशीकरण: 96% से अधिक स्वदेशी घटक, जो इसे “मेक इन इंडिया” का प्रतीक बनाता है.

आकाश मिसाइल से पिछले साल ही चार टारगेट को ध्वस्त किया गया था. इसके साथ ही भारत दुनिया का पहला ऐसा देश बन गया था, जो एक ही मिसाइल यूनिट से चार एरियल टारगेट बर्बाद कर सकता है. आकाश मिसाइल सिस्टम की सिंगल यूनिट में चार मिसाइलें होती हैं. जो अलग-अलग टारगेट्स को ध्वस्त कर सकती हैं.

पाकिस्तानी हमलों को नाकाम करना

पाकिस्तान द्वारा 7-10 मई 2025 को किए गए हवाई हमले ऑपरेशन सिंदूर के जवाब में थे, जिसमें भारत ने 7 मई को PoK और पाकिस्तान में नौ आतंकी ठिकानों को नष्ट किया. यह कार्रवाई 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में थी.  7-8 मई: 15 शहरों (श्रीनगर, जम्मू, पठानकोट, अमृतसर, चंडीगढ़, आदि) पर ड्रोन और मिसाइल हमले.

9 मई: तड़के 1:40 बजे, पंजाब के वायुसेना अड्डे पर फतेह-1 मिसाइल से हमला.

10 मई: श्रीनगर से नालिया तक 26 स्थानों (बारामूला, अवंतीपुरा, जम्मू, फिरोजपुर, जैसलमेर, भुज, आदि) पर JF-17, F-16, J-10, PL-15 AAM, AMRAAM, और DJI सैन्य ड्रोन से हमले.

आकाश की भूमिका

फतेह-1 का विनाश: 9 मई को पंजाब में दागी गई फतेह-1 मिसाइल को आकाश-NG ने हवा में ही नष्ट कर दिया. मिसाइल जैसे ही आकाश की रेंज

(70 किमी) में आई, उसे ट्रैक और इंटरसेप्ट कर लिया गया.

JF-17 और F-16: 10 मई को जम्मू और पठानकोट में तैनात आकाश प्रणालियों ने एक JF-17 जेट को नष्ट किया. एक F-16 भी क्षतिग्रस्त हुआ.

ड्रोन स्वार्म्स: आकाश ने DJI सैन्य ड्रोन और अन्य ड्रोन स्वार्म्स को निष्प्रभावी किया, जो श्रीनगर, बारामूला और भुज में हमले की कोशिश कर रहे थे. इसके आकाश की ECCM क्षमता और रडार सटीकता महत्वपूर्ण थी.

मिसाइल हमले: PL-15 और AMRAAM मिसाइलों को आकाश ने पंजाब और राजस्थान में नष्ट किया.

इस मिसाइल में कई चीजों को अपग्रेड किया गया

आकाश मिसाइल के ग्राउंड सिस्टम को अपग्रेड किया गया है. इसके अलावा राडार, EOTS और टेलीमेट्री स्टेशन, मिसाइल ट्रैजेक्टरी और फ्लाइट पैरामीटर्स को सुधारा गया है.इससे ज्यादा जानकारी अभी तक सेना, सरकार या डीआरडीओ की तरफ से दी नहीं गई है.

आकाश मिसाइल के तीन वैरिएंट्स मौजूद

देश में इसके 3 वैरिएंट मौजूद हैं- पहला आकाश एमके- इसकी रेंज 30KM है. दूसरा आकाश एमके-2 – रेंज 40KM है. तीसरा आकाश-

एनजी 20 km की ऊंचाई तक जाकर दुश्मन के विमान या मिसाइल को नष्ट कर सकती है.

गति ही इसकी सबसे बड़ी ताकत

इसकी गति 2.5 मैक यानी 3087 km/hr है. आकाश-एनजी यानी आकाश न्यू जेनरेशन मिसाइल जमीन से हवा में मार करने वाली मिसाइल है.  इसकी रेंज 40 से 80 km है. साथ ही इसमें एक्टिव इलेक्ट्रॉनिकली स्कैन्ड ऐरे मल्टी फंक्शन राडार लगा है जो एकसाथ कई दुश्मन मिसाइलों या विमानों को स्कैन कर सकता है.

आकाश-एनजी मिसाइल को मोबाइल प्लेटफॉर्म से लॉन्च कर सकते हैं. आकाश-एनजी का कुल वजन 720 kg है. इसकी लंबाई 19 फीट और व्यास 1.16 फीट है. ये अपने साथ 60 kg वजन का हथियार ले जा सकता है.

आकाश-एनजी मिसाइल के पुराने संस्करण को पिछले साल चीन के साथ हुए सीमा विवाद के दौरान लद्दाख स्थित लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (LAC) पर भी तैनात किया गया था इसके अलावा भारतीय वायुसेना ने आकाश मिसाइलों को ग्वालियर, जलपाईगुड़ी, तेजपुर, जोरहाट और पुणे बेस पर भी तैनात कर रखा है.

भारत ने ऐसे तोड़ी पाकिस्तानी सेना की रीढ़, इन 6 अहम सैन्य ठिकानों पर हमला कर घुटनों पर लाया!

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भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव अपने चरम पर है. सीमा पर हालात बेहद गंभीर बने हुए हैं. पाकिस्तान की ओर से भारत के कई शहरों पर हमले किए गए, जिनका  जवाब भारतीय सेना ने बेहद सटीक और प्रभावशाली तरीके से दिया है. जम्मू, श्रीनगर, पठानकोट और पोखरण जैसे संवेदनशील इलाकों में पाकिस्तानी ड्रोन हमलों की कोशिशें नाकाम कर दी गई हैं

भारतीय वायुसेना की जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तान के कई प्रमुख सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया. इनमें मुरीद चकवाल, शोरकोट, रहीम यार खान, चुनियां,नूर खान और सुक्कुर एयरबेस शामिल हैं. पाकिस्तान सेना के प्रवक्ता मेजर जनरल अहमद शरीफ चौधरी के अनुसार, इन ठिकानों पर भारत ने एयर-टू-सर्फेस मिसाइलें दागीं जिससे भारी नुकसान हुआ.

सेना की प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया गया कि भारत की इस कार्रवाई में तकनीकी संस्थापन (Technical Installations), कमांड और कंट्रोल सेंटर, रडार साइट्स और हथियार भंडारण को भारी नुकसान पहुंचा.

पाकिस्तान के वो इलाके जहां इंडियन आर्मी ने पाकिस्तानी सेना की ‘रीढ़’ तोड़ दी

मुरीद चकवाल एयरबेस (पंजाब): चकवाल ज़िले में स्थित यह एयरबेस इस्लामाबाद से करीब 120 किलोमीटर की दूरी पर है. यहां पाकिस्तान के उन्नत ड्रोन जैसे शाहपार-1 और बैराकटर TB2 तैनात हैं. भारत पर हुए कई ड्रोन हमलों की योजना यहीं से बनी थी. भारतीय हमले ने इस रणनीतिक ठिकाने को गंभीर नुकसान पहुंचाया.

सुक्कुर एयरबेस / पीएएफ भोलारी (सिंध):

कराची और हैदराबाद के बीच स्थित यह नया ऑपरेशनल एयरबेस है, जहां से F-16 A/B Block 15 ADF फाइटर जेट्स संचालित

जाते हैं. यह पाकिस्तान की साउदर्न एयर कमांड का महत्वपूर्ण हिस्सा है.

चुनियां एयरबेस (पंजाब):
लाहौर से करीब 70 किलोमीटर दूर स्थित यह एयरबेस पाकिस्तान

एयरफोर्स की वायु रक्षा प्रणाली का अहम हिस्सा है. यह भारत के नजदीक होने के कारण सैन्य दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील क्षेत्र में आता है.

नूर खान एयरबेस (रावलपिंडी):
पूर्व में चकला एयरबेस के नाम से जाना जाने वाला यह बेस वीआईपी मूवमेंट और सैन्य लॉजिस्टिक अभियानों का मुख्य केंद्र है. यह पाकिस्तान

वायुसेना की ‘लाइफलाइन’ माना जाता है.

रफीकी एयरबेस, शोरकोट (पंजाब):
झंग ज़िले के पास स्थित यह एयरबेस JF-17 थंडर और मिराज जैसे लड़ाकू विमानों का संचालन

करता है. यह सेंट्रल एयर कमांड के अंतर्गत आता है और इसकी लंबी रनवे और तकनीकी सुविधाएं इसे अत्यंत अहम बनाती हैं.

रहीम यार खान एयरबेस (पंजाब):
दक्षिणी पंजाब में स्थित यह एयरबेस भारत के नज़दीक है और यहां से पूर्वी सीमाओं पर तेजी से कार्रवाई की जा सकती है. 10 मई 2025 की रात यहां मिसाइल हमले के बाद एक

बड़ा गड्ढा देखा गया, जो इस पर हुए सैन्य हमले की पुष्टि करता है.

पाकिस्तान की ‘आंख, कान और दिमाग’ पर सीधा प्रहार
इन सैन्य अड्डों को निशाना बनाकर भारत ने पाकिस्तान की निगरानी प्रणाली (आंख), संचार व्यवस्था (कान) औरनिर्णय लेने की क्षमता (दिमाग) को गंभीर क्षति पहुंचाई है. यह कार्रवाई पाकिस्तानी सैन्य रणनीति के तीन प्रमुख स्तंभों को हिला देने वाली मानी जा रही है.

डिप्टी कलेक्टर की एक गलती पड़ी भारी, सुप्रीम कोर्ट ने डिमोशन करके बना दिया तहसीलदार

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आंध्र प्रदेश में सुप्रीम कोर्ट से जुड़ा एक अनोखा मामला सामने आया है. यहां सुप्रीम कोर्ट डिप्टी कलेक्टर के अड़ियल रवैये के कारण उसका डीमोशन करते हुए उसे सीधा तहसीलदार का पद दे दिया.

Andhra Pradesh news: आंध्र प्रदेश में सुप्रीम कोर्ट ने एक डिप्टी कलेक्टर का डिमोशन कर उसे वापस तहसलीदार के पद पर भेज दिया. ये कार्रवाई इसलिए की गई क्योंकि उसने हाईकोर्ट के एक आदेश की अवहेलना की थी. कलेक्टर ने प्रदेश के गुंटूर जिले में झुग्गी-झोपड़ियों को जबरदस्ती हटाया था, जिसके चलते कई लोग बेघर हो गए थे. अदालत ने कलेक्टर पर जुर्माना भी लगाया. यह निर्णय जस्टिस बीआर गवई और एजी मसीह की बेंच की ओर से सुनाया गया

कोर्ट ने डिप्टी कलेक्टर को लगाई फटकार 
दरअसल डिप्टी कलेक्टर ने हाईकोर्ट के एक आदेश के खिलाफ याचिका दायर की थी. हाईकोर्ट ने उन्हें कोर्ट की अवमानना का दोषी पाया गया था. उन्हें 2 महीने की जेल की सजा सुनाई गई थी. सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई करते हुए फैसला सुनाते हुए कहा कि डिप्टी कलेक्टर के इस अड़ियल रवैया की सजा उनके परिवार और बच्चों को नहीं भुगतना चाहिए. कोर्ट ने कहा कि अगर इन्हें नौकरी से निकाल दिया जाता है तो उन्हें नौकरी से हटा दिया जाएगा, जिससे उनके घर की रोजी-रोटी छिन जाएगी. ऐसे में कोर्ट उनकी सजा को कम करने का फैसला कर रहा है, हालांकि एक संदेश देने की जरूरत है इसलिए उन्हें डीमोट करके डिप्टी कलेक्टर से तहसीलदार बनाया जा रहा है.

डिप्टी कलेक्टर का किया डिमोशन 
अदालत ने यह भी कहा कि जब कोई संवैधानिक कोर्ट या कोई अन्य कोर्ट कोई आदेश जारी करता है तो हर प्राधिकारी चाहे वह कितना भी बड़ा हो उसे उसका पालन करना होगा. कोर्ट ने कहा कि उसके आदेश की अवहेलना कानून की नींव पर हमला है, जिसपर देश का लोकतंत्र आधारित है. बता दें कि डिप्टी कलेक्टर की ओर से पेश हुए वकील ने अदालत से मामले में नरमी बरतने की अपील की थी. उन्होंने कहा कि सजा से डिप्टी कलेक्टर का परिवार सड़क पर आ सकता है.

डिप्टी कलेक्टर का किया डिमोशन 
अदालत ने यह भी कहा कि जब कोई संवैधानिक कोर्ट या कोई अन्य कोर्ट कोई आदेश जारी करता है तो हर प्राधिकारी चाहे वह कितना भी बड़ा हो उसे उसका पालन करना होगा. कोर्ट ने कहा कि उसके आदेश की अवहेलना कानून की नींव पर हमला है, जिसपर देश का लोकतंत्र आधारित है. बता दें कि डिप्टी कलेक्टर की ओर से पेश हुए वकील ने अदालत से मामले में नरमी बरतने की अपील की थी. उन्होंने कहा कि सजा से डिप्टी कलेक्टर का परिवार सड़क पर आ सकता है.

एक राफेल जेट फाइटर की कितनी होती है टॉप स्पीड, प्रति घंटे जलाता है इतना ईंधन

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हम सभी जानते हैं की भारत-पाक सीमा पर हालात अभी के लिए कुछ सामान्य नहीं है. दोनों ही देशों की सेनाएं अपना पूरा जोर लगा रही हैं. ऐसे में आज हम आपको Rafale Jet Fighter की कुछ खास खूबियों के बारे में बताएंगे. आपको बता दें की भारतीय वायु सेना के पास 36 राफेल हैं.

भारत पाकिस्तान के बीच तनाव जारी है और ऐसे में दोनों ही देशों के पास कौन-कौन से हथियार हैं इस पर भी खूब चर्चा हो रही है. जिसका जिक्र सबसे ज्यादा हो रहा है वह है भारत का लड़ाकू विमान राफेल. 2020 में फ्रांस से पहला बैच मिलने के बाद यह भारतीय वायुसेना के लिए बहुत बड़ी ताकत बन चुका है.

इसके ईंधन की अगर बात करें तो इसमें इसकी बहुत ज्यादा जरूरत पड़ती है क्योंकि यह एक बड़ा और शक्तिशाली जेट फाइटर है. प्रति घंटे की बात करें तो राफेल क्रूजिंग फ्लाइट में 2500 लीटर ईंधन प्रति घंटे लगता है जो युद्धाभ्यास या आफ्टरबर्नर के साथ 9000 लीटर प्रति घंटे तक ईंधन की खपत कर सकता है.

हाईकोर्ट ने सरकार और शिक्षा विभाग को लगाई फटकार : प्राचार्य प्रमोशन की सभी प्रक्रिया पर 9 जून तक रोक, काउंसलिंग-ज्वाइनिंग भी नहीं

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बिलासपुर(अमर छत्तीसगढ) 8 मई। प्राचार्य प्रमोशन के मामले में किसी भी प्रक्रिया पर रोक 9 जून तक रहेगी। हाईकोर्ट ने काउंसलिंग और ज्वाइनिंग पर कोई भी प्रक्रिया नहीं करने का आदेश जारी किया है। मामले की अगली सुनवाई 9 जून को होगी।

हाईकोर्ट ने बुधवार को हुई सुनवाई के दौरान राज्य शासन और स्कूल शिक्षा विभाग को जमकर फटकार लगाई और कहा कि आदेश के बाद भी शिक्षकों को प्राचार्य पद पर ज्वाइन कराया गया। यह मामला हाईकोर्ट के आदेश के अवमानना का है। कोर्ट ने राज्य शासन से कितने शिक्षकों ने ज्वाइन किया, ज्वाइनिंग किसने दी और प्राचार्य प्रमोशन पर पूरी रिपोर्ट मांगी है। अगले आदेश तक सभी ज्वाइनिंग को भी हाईकोर्ट ने अमान्य किया है।

दरअसल प्राचार्य प्रमोशन को लेकर हाईकोर्ट में कई याचिकाएं लगी है। एक मामला 2019 से जुड़ा हुआ है, जबकि दूसरा प्रकरण 2025 और बीएड-डीएलएड से जुड़ा है। 28 मार्च 2025 को जब हाईकोर्ट की पिछली सुनवाई हुई थी, तो सरकार की ओर से कोर्ट को आश्वस्त किया गया था कि अगली सुनवाई तक प्राचार्य प्रमोशन का आदेश जारी नहीं किया जाएगा। इसके बाद भी 30 अप्रैल को प्रमोशन लिस्ट जारी कर दी गई।

अगले दिन एक मई को हाईकोर्ट ने इस पूरी प्रक्रिया पर रोक लगा दी थी। बुधवार 7 मई को हुई सुनवाई में याचिकाकर्ता के वकीलों ने इस मुद्दे को जोर से उठाया और कोर्ट के सामने बताया कि कई व्याख्याताओं को नियम विरुद्ध कार्यभार भी ग्रहण करा दिया गया है। कोर्ट ने इस पर शासन और शिक्षा विभाग को फटकार लगाई।

सुनवाई के दौरान शासन की ओर से कहा गया कि राज्य भर में प्राचार्यों के सैकड़ों पद खाली हैं। यह पद नहीं भरे गए तो नए शिक्षण सत्र में व्यवस्था और पढ़ाई पर असर पड़ सकता है। शासन ने प्राचार्य पद पर काउंसलिंग के साथ ही ज्वाइनिंग के आदेश देने की मांग की।

याचिकाकर्ताओं ने इसका विरोध किया और कहा कि नया सत्र 16 जून से शुरू हो रहा है। हाईकोर्ट में ग्रीष्मकालीन अवकाश भी खत्म होने के बाद नियमित सुनवाई 9 जून से शुरू हो जाएगी। हाईकोर्ट ने इसे स्वीकार किया और कहा कि 9 जून तक शासन पूरी रिपार्ट पेश करे। उसी दिन अंतिम सुनवाई के बाद ही मामले में अंतिम आदेश भी जारी कर दिया जाएगा।

हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान शिक्षकों की ज्वाइनिंग का मुद्दा भी याचिकाकर्ताओं ने उठाया। बताया गया कि व्याख्याता से प्राचार्य पद की पदोन्नति पर 7 मई तक रोक थी। इसके बाद भी कई जिलों में ज्वाइनिंग जारी रही।

बताया गया कि प्राचार्यों के प्रमोशन आदेश में स्पष्ट तौर पर उल्लेख किया गया था कि यह पदोन्नति हाईकोर्ट के आदेश के अधीन रहेगी। उसके बाद काउंसलिंग के जरिये डीपीआई पोस्टिंग करेंगे। इसके बाद भी कई जगहों पर प्राचार्य पद पर ज्वाइनिंग देकर पावती ले ली गई। इसमें डीईओ और व्याख्याताओं के मिलीभगत की ऐसे शिक्षकों की निलंबन की मांग भी की गई।

हाईकोर्ट ने रोक के बाद भी ज्वाइनिंग को गलत बताया और शासन से पूरी रिपोर्ट मांगी है। 30 अप्रैल को ही प्राचार्य प्रमोशन की सूची जारी की गई थी। छत्तीसगढ़ शासन स्कूल शिक्षा विभाग के ई संवर्ग के 1524 एवं टी संवर्ग के 1401 कुल 2925 प्राचार्य के पदों पर स्कूल शिक्षा एवं आदिम जाति कल्याण विभाग के व्याख्याता नियमित, व्याख्याता एल बी तथा प्रधान पाठक माध्यमिक विद्यालय को पदोन्नति प्रदान कर प्राचार्य बनाया था।

फिल्म निर्माता अनुराग कश्यप की मुश्किलें बढ़ी : कोर्ट ने गैर जमानती धाराओं के तहत केस दर्ज करने के दिए आदेश

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रायपुर(अमर छत्तीसगढ़) 8 मई। फिल्म निर्माता अनुराग कश्यप ने ब्राह्मण समाज के खिलाफ अभद्र टिप्पणी को लेकर कोर्ट ने गैर जमानती धाराओं के तहत केस दर्ज करने के आदेश दे दिए हैं। अनुराग कश्यप के विरुद्ध स्थानीय अदालत ने गैर जमानती धाराओं 196, 299 एवं 353 के अंतर्गत एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया है। इस प्रकरण में अधिवक्ता अंजिनेश शुक्ला, निमिष किरण शर्मा और संदीप थोरानी ने पैरवी की।

दरअसल, 18 अप्रैल को अनुराग कश्यप ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक आपत्तिजनक और अपमानजनक टिप्पणी करते हुए लिखा था कि मैं ब्राह्मणों पर मूतूंगा, कोई प्रॉब्लम? इस कथन से आहत होकर अधिवक्ता शुक्ला ने संबंधित थाना प्रभारी के समक्ष 20 अप्रैल को शिकायत दर्ज करवाई थी।

वकील श्री शुक्ला के आवेदन पर थाना प्रभारी और पुलिस अधीक्षक द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई। पुलिस की उदासीनता से क्षुब्ध होकर अंजिनेश अंजय शुक्ला ने रायपुर जिला न्यायालय में अनुराग कश्यप के विरुद्ध आपराधिक मामला दर्ज किए जाने की मांग करते हुए एक परिवाद प्रस्तुत किया था।

प्रकरण की सुनवाई के दौरान अधिवक्ता शुक्ला ने सर्वोच्च न्यायालय तथा विभिन्न उच्च न्यायालयों के प्रासंगिक निर्णयों का उल्लेख करते हुए न्यायालय के समक्ष यह तर्क प्रस्तुत किया कि उक्त टिप्पणी न केवल सामाजिक सौहार्द को भंग करने वाली है। बल्कि यह विशेष समुदाय की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने वाली और दंडनीय अपराध की श्रेणी में आती है।

न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी आकांशा बेक ने प्रस्तुत तर्कों और विधिक दृष्टांतों का संज्ञान लेते हुए उन्हें विधिसम्मत माना और फिल्म निर्माता अनुराग कश्यप के विरुद्ध संबंधित धाराओं में आपराधिक प्रकरण दर्ज करने हेतु संबंधित पुलिस थाने को निर्देशित किया है।

इस प्रकरण पर एडवोकेट अंजिनेश शुक्ला ने बताया कि शिकायत के अध्यार पर FIR न होने पर उन्होंने कोर्ट का रुख़ किया था। मद्रास हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के जजमेंट को आधार मानते हुए कोर्ट ने अनुराग कश्यप के ख़िलाफ़ हेट स्पीच के लिए भारतीय न्याय संहिता की धारा 196, 299 और 353 के तहत अपराध दर्ज करने का आदेश दिया है, जो कि नोन बैलेबल है।