सोने की कीमतें $5200 के पार, वैश्विक तनाव से बढ़ी मांग…
आज बुधवार को सोने की कीमतों ने एक नया रिकॉर्ड स्थापित किया है। वैश्विक बाजार में सोने का भाव $5,200 प्रति औंस के स्तर को पार कर गया है, जो अब तक का सबसे ऊंचा स्तर है।
यह वृद्धि मुख्यतः बढ़ते जियोपॉलिटिकल तनाव, व्यापार युद्ध की चिंताओं, अमेरिकी नीतियों में अनिश्चितता और सुरक्षित निवेश की बढ़ती मांग के कारण हुई है।
ट्रेडिंग इकोनॉमिक्स और अन्य प्रमुख प्लेटफॉर्म्स के अनुसार, सोने का स्पॉट प्राइस आज $5,232.87 प्रति औंस तक पहुंच गया, जो पिछले दिन की तुलना में लगभग 1% की वृद्धि दर्शाता है। इस वर्ष अब तक सोने की कीमत में लगभग 20% की वृद्धि हुई है, जबकि पिछले वर्ष की तुलना में यह 89% से अधिक बढ़ा है।
फरवरी 2026 के लिए गोल्ड फ्यूचर्स भी $5,200 के स्तर को पार कर चुके हैं।
सोने की कीमतों में वृद्धि के कारण
जियोपॉलिटिकल और व्यापार तनाव: अमेरिका द्वारा कुछ देशों पर नए टैरिफ लगाने की खबरों और वैश्विक संघर्षों ने निवेशकों को डॉलर और बॉंड्स से दूर कर सोने की ओर आकर्षित किया है।
नीतिगत अनिश्चितता: अमेरिकी सरकार के शटडाउन की आशंका, फेडरल रिजर्व की ब्याज दर नीति और वित्तीय चिंताओं ने सुरक्षित संपत्तियों की मांग को बढ़ावा दिया है।
केंद्रीय बैंकों की खरीदारी: कई केंद्रीय बैंक लगातार सोना खरीद रहे हैं, जिससे डिमांड मजबूत बनी हुई है। इसके साथ ही ETF में निवेश और प्राइवेट सेक्टर की मांग भी रिकॉर्ड स्तर पर है।
डॉलर की कमजोरी: अमेरिकी डॉलर में गिरावट ने सोने को और अधिक आकर्षक बना दिया है।
भारत में सोने की कीमतें
भारत में भी सोने के दाम वैश्विक तेजी के साथ ऊंचे स्तर पर हैं। हालांकि, घरेलू बाजार में आज मामूली गिरावट देखी गई है, जहां दिल्ली में 24 कैरेट सोना 1,62,090 रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास ट्रेड कर रहा है। मुंबई में यह 1,61,940 रुपये पर है। चांदी की कीमतें भी तेजी से बढ़ रही हैं, जो 1 किलो पर 3.70 लाख रुपये के पार पहुंच गई हैं।
विशेषज्ञों की भविष्यवाणी
एक्सपर्ट्स की राय: प्रमुख बैंकों जैसे ड्यूश बैंक, गोल्डमैन सैक्स और सोसाइटी जनरल ने 2026 के अंत तक सोने की कीमत $6,000 प्रति औंस तक पहुंचने का अनुमान लगाया है। कुछ विश्लेषकों का मानना है कि यह रैली जारी रहेगी, क्योंकि निवेशक मुद्रा अवमूल्यन और मैक्रो रिस्क्स से बचाव के लिए सोने को प्राथमिकता दे रहे हैं।









