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India tour of New Zealand 2026 Schedule: भारत बनाम न्यूजीलैंड तीन फॉर्मेट की सीरीज, BCCI ने जीरा किया शेड्यूल…

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India tour of New Zealand 2026 Schedule:

बीसीसीआई ने न्यूजीलैंड दौरे पर होने वाली तीनों फॉर्मेट की सीरीज के लिए शेड्यूल का एलान कर दिया है. यह दौरा 22 अक्टूबर से 01 दिसंबर के बीच होगा.

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने बुधवार (03 जून) को न्यूजीलैंड दौरे पर होने वाली टेस्ट, वनडे और टी20 सीरीज के शेड्यूल का एलान कर दिया है. तीनों फॉर्मेट की सीरीज 3 महीनों के भीतर खेली जाएगी. सीरीज की शुरुआत 22 अक्टूबर से टी20 मुकाबलों के साथ होगी. टी20 सीरीज में 5 मैच खेले जाएंगे. इसके बाद 5 वनडे और फिर 2 टेस्ट होंगे. दौरे पर टीम इंडिया तीनों फॉर्मेट मिलाकर कुल 12 मैच खेलेगी.

अक्टूबर से शुरू होने वाली सीरीज शेड्यूल के मुताबिक दिसंबर तक खेली जाएगी. अगर आखिरी टेस्ट पूरे 5 दिन तक चलता है, तो फिर दौरे का समापन दिसंबर में होगा. दो मैचों की टेस्ट सीरीज का आखिरी मुकाबला 27 नवंबर से 01 दिसंबर के बीच खेला जाएगा.

तीनों फॉर्मेट की सीरीज की टाइमिंग

सबसे पहले होने वाली टी20 सीरीज के मुकाबलों की शुरुआत भारतीय समय के अनुसार (IST), दोपहर में 1:30 बजे से होगी. टी20 सीरीज के मैच क्राइस्टचर्च, वेलिंगटन, ऑकलैंड और हैमिलटन में होंगे.

वनडे मुकाबले भारतीय समय के अनुसार (IST), सुबह 8:30 बजे से शुरू होंगे. इस सीरीज के मैच ऑकलैंड, वेलिंगटन, हैमिल्टन और माउंट माउंगानुई में होंगे.

वहीं टेस्ट सीरीज के मैच भारतीय समय के अनुसार (IST), सुबह 4:30 बजे से शुरू होंगे. टेस्ट सीरीज देखने के लिए भारतीय फैंस को अपनी नींद कुर्बान करनी होगी. रेड बॉल सीरीज के दोनों मुकाबले क्रमश: वेलिंगटन और क्राइस्टचर्च में होंगे.

भारत बनाम न्यूजीलैंड टी20 सीरीज शेड्यूल 2026

पहला टी20 – 22 अक्टूबर, दोपहर 1:30 बजे, क्राइस्टचर्च (हेगले ओवल)
दूसरा टी20 – 24 अक्टूबर, दोपहर 1:30 बजे, क्राइस्टचर्च (हेगले ओवल)
तीसरा टी20 – 27 अक्टूबर, दोपहर 1:30  वेलिंगटन (एचएनआरवाई स्टेडियम)
चौथा टी20 – 30 अक्टूबर, दोपहर 1:30 बजे ऑकलैंड (ईडन पार्क)
पांचवां टी20 – 01 नवंबर, दोपहर 1:30 बजे  हैमिल्टन (सेडन पार्क)

भारत बनाम न्यूजीलैंड वनडे सीरीज शेड्यूल 2026

पहला वनडे 4 नवंबर, सुबह 8:30 बजे  ऑकलैंड (ईडन पार्क)
दूसरा वनडे 7 नवंबर, सुबह 8:30 बजे  वेलिंगटन (एचएनआरवाई स्टेडियम)
तीसरा वनडे 10 नवंबर, सुबह 8:30 बजे  हैमिल्टन (सेडन पार्क)
चौथा वनडे 13 नवंबर, सुबह 8:30 बजे  माउंट माउंगानुई (बे ओवल)
पांचवां वनडे 15 नवंबर, सुबह 8:30 बजे  माउंट माउंगानुई (बे ओवल)

भारत बनाम न्यूजीलैंड टेस्ट सीरीज शेड्यूल 2026

पहला टेस्ट 19 से 23 नवंबर, सुबह 4:30 बजे, वेल‍िंगटन (बेस‍िन रिजर्व)
दूसरा टेस्ट 27 से 1 दिसंबर, सुबह 4:30 बजे, क्राइस्टचर्च (हेगले ओवल.

पंजाब BJP के नए चीफ केवल सिंह ढिल्लों का बड़ा बयान…

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पंजाब बीजेपी अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने कैप्टन अमरिंदर सिंह की कथित नाराजगी पर कहा कि मुझे पंजाब का प्रधान बनाया लेकिन पार्टी ने मुझसे भी नहीं पूछा. बीजेपी की नीतियां अलग हैं.”

पंजाब में अगले साल होने वाले विधानसभा के चुनाव को लेकर सियासी गहमागहमी तेज है. बीजेपी ने चुनाव से पहले केवल सिंह ढिल्लों को पंजाब का अध्यक्ष नियुक्त किया. इसको लेकर बीजेपी नेता और पूर्व सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि नए अध्यक्ष की नियुक्ति को लेकर उनकी राय नहीं ली गई. पूर्व सीएम के बयान पर नए अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों की प्रतिक्रिया आई है. उन्होंने दावा किया कि कैप्टन अमरिंदर सिंह बड़े भाई के समान हैं और सबकुछ ठीक है.

बीजेपी की नीतियां अलग हैं- केवल सिंह ढिल्लोंं

पंजाब बीजेपी अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों  ने मीडिया से बातचीत में कहा, “कैप्टन अमरिंदर सिंह मेरे बड़े भाई हैं. सब ठीक है. उन्होंने ने ही सबसे पहले पोस्ट करके मुझे बधाई दी थी. उनसे जब पूछा गया कि आपसे राय ली गई थी? उन्होंने कहा कि मेरे से किसी ने नहीं पूछा. मुझे पंजाब का प्रधान बनाया लेकिन पार्टी ने मुझसे भी नहीं पूछा. भारतीय जनता पार्टी की नीतियां अलग हैं.”

AAP की सरकार ने जनता को धोखा दिया- केवल सिंह ढिल्लों

केवल सिंह ढिल्लों ने पंजाब में भगवंत मान के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी की सरकार को भी घेरा. उन्होंने कहा, “बीजेपी कार्यकर्ताओं में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है. आम आदमी पार्टी की सरकार ने जनता को धोखा दिया है. लोगों को लग रहा है कि उन्हें लूटा गया है. हमारी पार्टी पीएम मोदी के ‘सबका साथ सबका विकास’ के दृष्टिकोण के साथ चल रही है.”

पंजाब को बचाना बीजेपी का लक्ष्य- सुनील जाखड़

उन्होंने आगे कहा, ”पंजाब बीजेपी के नवनियुक्त अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों को लेकर पंजाब भाजपा के पूर्व अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने कहा, “जिम्मेदारियां बदलती रहती हैं, लेकिन बीजेपी का लक्ष्य एक ही है कि पंजाब को बचाना है. पंजाब में भ्रष्टाचार और आतंक के माहौल को खत्म करना जरूरी है.”

TMC में विधायकों की टूट की अटकलें, अब ममता बनर्जी ने लिया बड़ा फैसला…

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तृणमूल कांग्रेस ने पश्चिम बंगाल में अपनी सभी कमेटियों और फ्रंटल संगठनों को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया है. पार्टी अब संगठन की समीक्षा, आत्मनिरीक्षण और पुनर्गठन की प्रक्रिया शुरू करेगी.

पश्चिम बंगाल में हार के बाद तृणमूल कांग्रेस में विधायकों की टूट की अटकलें लगाई जा रही हैं. विधानसभा में नेता विपक्ष को लेकर मचे बवाल के बीच ममता बनर्जी ने बड़ा फैसला किया है. टीएमसी सुप्रीमो ने तत्काल प्रभाव से TMC के सभी यूनिटों को भंग कर दिया है. पार्टी की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि गहन विचार-विमर्श के बाद यह फैसला लिया गया है. इसके तहत पश्चिम बंगाल में पार्टी की हर स्तर की संगठनात्मक इकाइयों को समाप्त कर दिया गया है. साथ ही पार्टी से जुड़े सभी फ्रंटल संगठनों पर भी यह फैसला लागू होगा.

तृणमूल कांग्रेस ने कहा है कि अब पूरे संगठन का व्यापक स्तर पर मूल्यांकन किया जाएगा. इसके तहत आत्मनिरीक्षण, कार्य प्रदर्शन की समीक्षा और संगठनात्मक ढांचे का आकलन किया जाएगा. पार्टी यह जांच करेगी कि विभिन्न स्तरों पर संगठन का कामकाज कैसा रहा है और भविष्य में इसे और मजबूत बनाने के लिए किन बदलावों की जरूरत है. पार्टी के अनुसार, इस समीक्षा प्रक्रिया के नतीजों के आधार पर नए सिरे से संगठन का गठन किया जाएगा. केवल मुख्य संगठन ही नहीं, बल्कि सभी फ्रंटल संगठनों की संरचना भी दोबारा तैयार की जाएगी. नई संगठनात्मक व्यवस्था की घोषणा उचित समय पर की जाएगी.

तृणमूल कांग्रेस का क्या है मकसद?

पार्टी की तरफ से बयान में कहा गया है कि पार्टी अपने संगठन को और मजबूत बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है. तृणमूल कांग्रेस का मकसद संगठन में नई ऊर्जा और नया उत्साह लाना है, ताकि आने वाले समय की राजनीतिक और संगठनात्मक चुनौतियों का बेहतर तरीके से सामना किया जा सके. पार्टी का मानना है कि संगठन में सुधार और पुनर्गठन की यह प्रक्रिया उसे भविष्य के लिए अधिक मजबूत और प्रभावी बनाएगी. इसी उद्देश्य के साथ संगठनात्मक ढांचे में बड़े बदलाव की तैयारी शुरू कर दी गई है.

दिल्ली के मालवीय नगर में रेस्टोरेंट में लगी भीषण आग में 21 लोगों की मौत और कई लोगों के घायल होने की घटना पर राहुल गांधी ने गहरा दुख व्यक्त किया….

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दिल्ली के मालवीय नगर में रेस्टोरेंट में लगी भीषण आग में 21 लोगों की मौत और कई लोगों के घायल होने की घटना पर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने गहरा दुख व्यक्त किया है. राहुल गांधी ने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताते हुए कांग्रेस कार्यकर्ताओं से राहत और बचाव कार्य में हर संभव मदद करने की अपील की है.

राहुल गांधी ने क्या कहा?
राहुल गांधी ने एक्स पर लिखा, ‘दिल्ली के मालवीय नगर में आग लगने से कई लोगों की मृत्यु का समाचार अत्यंत दुखद है. सभी शोकाकुल परिजनों को मैं अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त करता हूं. सभी कांग्रेस कार्यकर्ताओं से आग्रह है कि वे राहत और बचाव कार्य में हर संभव योगदान दें. घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की आशा करता हूं.’

रेस्टोरेंट में लगी थी भीषण आग
बुधवार सुबह मालवीय नगर स्थित एक रेस्टोरेंट में भीषण आग लग गई थी. आग लगने के समय कई लोग इमारत के अंदर फंस गए थे. घटना के बाद दिल्ली फायर सर्विस, दिल्ली पुलिस और अन्य आपातकालीन एजेंसियों ने बड़े पैमाने पर बचाव अभियान चलाया.

40 से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाला गया
दक्षिणी दिल्ली के डीसीपी अनंत मित्तल के अनुसार, राहत और बचाव अभियान के दौरान 40 से अधिक लोगों को सुरक्षित बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया. आग पर अब पूरी तरह काबू पा लिया गया है.

पीएम मोदी ने किया मुआवजे का ऐलान
इस हादसे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी शोक व्यक्त किया है. प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से प्रत्येक मृतक के परिजन को 2 लाख रुपये और प्रत्येक घायल को 50 हजार रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की गई है.

अमित शाह और रेखा गुप्ता ने भी जताया दुख
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने घटना को हृदयविदारक बताते हुए मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की. वहीं दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि सरकार स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और सभी प्रभावितों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जा रही है.

TMC में टूट की वजह अभिषेक बनर्जी, रिजू दत्ता का बड़ा बयान…

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ममता बनर्जी की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. बंगाल चुनाव में मिली हार के बाद अब उनको पार्टी के भीतर ही बगावत का सामना करना पड़ रहा है. ममता बनर्जी की पार्टी में बड़ी टूट होने की आशंका के बीच सूत्रों के मुताबिक बागी विधायकों ने स्पीकर से मिलकर टीएमसी पर दावा ठोका है. टीएमसी में टूट की चर्चा तब तेज हुई, जब शुभेंदु सरकार में मंत्री तपस रॉय ने सोशल मीडिया पोस्ट पर दावा किया कि तृणमूल कांग्रेस (TMC) में बड़ी टूट हो सकती है और स्थिति महाराष्ट्र जैसी बन सकती है.

तपस रॉय ने मंगलवार (2 जून) को दावा किया कि विपक्षी पार्टी तृणमूल कांग्रेस में महाराष्ट्र जैसी टूट होने के संकेत दिखाई दे रहे हैं. विधानसभा के बाहर पत्रकारों से बातचीत में रॉय ने दावा किया कि तृणमूल ने कई ऐसे लोगों को शामिल किया, जिनका राजनीति से ज्यादा सरोकार नहीं था.उन्होंने दावा किया कि अब पार्टी के अंदरूनी मतभेद और अंतर्विरोध सतह पर दिखाई देने लगे हैं.

उधर टीएमसी के सीनियर विधायक शोभनदेब चट्टोपाध्याय ने कहा था कि पार्टी के ज्यादातर विधायक ममता बनर्जी के साथ बने रहेंगे और संगठन की कमान वरिष्ठ नेताओं के हाथों में ही रहेगी. उन्होंने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ पार्टी द्वारा विपक्ष को अस्थिर करने और दल-बदल को बढ़ावा देने की कोशिशें की जा रही हैं, लेकिन तृणमूल कांग्रेस पूरी तरह एकजुट है.

बागी गुट के नेता माने जाने वाले निष्कासित टीएमसी विधायक रीताब्रता बनर्जी ने आरोप लगाया कि पार्टी का नियंत्रण अब ‘आई-पैक’ के हाथों में चला गया है और इसका संचालन ममता बनर्जी नहीं कर रही हैं. रीताब्रता बनर्जी ने विधानसभा परिसर के बाहर यह टिप्पणी की. सदन की कार्यवाही नहीं होने के बावजूद उनके विधानसभा पहुंचने से राजनीतिक अटकलों को और बल मिला.

महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव: महायुति ने जारी की उम्मीदवारों की लिस्ट, बागियों से की ये अपील…

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महाराष्ट्र में विधान परिषद के चुनाव के लिए महायुति की ओर से उम्मीदवारों के नाम की आधिकारिक घोषणा कर दी गई है. साथ ही बागियों से नाम वापस लेने की भी अपील की.

महाराष्ट्र में विधान परिषद के चुनाव के लिए महायुति की ओर से उम्मीदवारों के नाम की आधिकारिक घोषणा कर दी गई है. साथ ही बागियों से नाम वापस लेने की भी अपील की है. महायुति में बीजेपी, एनसीपी और एकनाथ शिंदे की शिवसेना की ओर से प्रेस कॉन्फ्रेंस की गई थी. इसके बाद प्रत्याशियों के नाम की घोषणा की है.

महाराष्ट्र में स्थानीय स्वराज्य संस्था विधान परिषद चुनाव 2026 के लिए महायुति (भाजपा-शिवसेना-राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी-अजित पवार गुट) ने अपने अधिकृत उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है. 3 जून को जारी सूची में राज्य की 17 सीटों के लिए प्रत्याशियों के नाम घोषित किए गए हैं.

नागपुर से डॉ. राजीव पोटदार, भंडारा-गोंदिया से अविनाश ब्राह्मणकर, अमरावती से प्रवीण पोटे, अहमदनगर से प्राजक्त तनपुरे, ठाणे से रविंद्र फाटक, नासिक से नरेंद्र दराडे और पुणे से विक्रम काकडे को उम्मीदवार बनाया गया है.

महायुति ने की उम्मीदवारों की आधिकारिक घोषणा

स्थानीय स्वराज्य संस्था (विधान परिषद) चुनाव 2026 के लिए महायुति ने इन उम्मीदवारों को अधिकृत प्रत्याशी घोषित किया है. मतदान के दौरान मतदाताओं से महायुति के उम्मीदवारों को प्रथम वरीयता का वोट देने की अपील की गई है. महायुति ने मतदाताओं से अपील की है कि 18 जून को होने वाले मतदान में उसके उम्मीदवारों को प्रथम वरीयता का वोट दें.

उम्मीदवारों की सूची पर भाजपा महाराष्ट्र अध्यक्ष रविंद्र चव्हाण, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (अजित पवार) के प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे और शिवसेना के सचिव राहुल शेवाले के हस्ताक्षर हैं. बता दें कि तीनों नेताओं ने चुनाव के बीच प्रेस कॉन्फ्रेंस भी की है. उसके बाद यह सूची जारी की गई है.

एनसीपी को मिलीं दो सीटें

एनसीपी अपनी मुख्य मांगों पर डटी रही और 2 सीटें हासिल कीं. खास बात यह है कि पार्टी ने स्थानीय शिवसेना नेताओं के साथ तनातनी के बावजूद रायगढ़-रत्नागिरी-सिंधुदुर्ग सीट (कोंकण स्थानीय निकाय) हासिल कर ली. संभवतः यह विवाद रायगढ़ के पालक मंत्री का पद शिवसेना के लिए छोड़कर सुलझाया गया.

ये दो सीटें पुणे और रायगढ़-रत्नागिरी-सिंधुदुर्ग (कोंकण) हैं. पुणे से संजय काकडे के बेटे विक्रम काकडे को मैदान में उतारा गया है, जबकि रायगढ़-रत्नागिरी-सिंधुदुर्ग से पार्टी ने पूर्व विधायक अनिकेत तटकरे को उम्मीदवार बनाया है.बता दें कि महाराष्ट्र में एमएलसी चुनाव के लिए 18 जून को मतदान होना है.

CBSE बोर्ड ने री-वैल्यूएशन और वेरिफिकेशन प्रक्रिया को लेकर बड़ा अपडेट जारी…

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CBSE बोर्ड ने री-वैल्यूएशन और वेरिफिकेशन प्रक्रिया को लेकर बड़ा अपडेट जारी किया है. अब तक 40 हजार छात्र आवेदन कर चुके हैं.जानिए लास्ट डेट और जरूरी नियम.

CBSE बोर्ड की ओर से शुरू की गई री-वैल्यूएशन और उत्तर पुस्तिका वेरिफिकेशन प्रक्रिया में छात्रों की अच्छी भागीदारी देखने को मिल रही है. बोर्ड के मुताबिक 3 जून की सुबह तक करीब 40 हजार छात्र बिना किसी बड़ी दिक्कत के ऑनलाइन आवेदन कर चुके हैं. CBSE का कहना है कि पोर्टल सुचारू रूप से काम कर रहा है और छात्रों की सुविधा के लिए लगातार निगरानी रखी जा रही है.

40 हजार छात्रों ने कराया आवेदन

CBSE के अनुसार री-वैल्यूएशन और उत्तर पुस्तिका में संभावित त्रुटियों की जांच के लिए बड़ी संख्या में छात्र आवेदन कर रहे हैं. बोर्ड ने बताया कि अब तक लगभग 40 हजार छात्रों ने आवेदन प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी कर ली है. इससे पता चलता है कि छात्रों में अपने परिणामों को लेकर पारदर्शिता की मांग लगातार बढ़ रही है.

भुगतान के लिए कई विकल्प उपलब्ध

बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि आवेदन शुल्क जमा करने के लिए छात्रों को किसी खास बैंक में खाता खोलने की जरूरत नहीं है.भुगतान UPI, नेट बैंकिंग, डेबिट कार्ड और क्रेडिट कार्ड के जरिए किया जा सकता है. अलग-अलग बैंकों के पेमेंट गेटवे छात्रों के लिए उपलब्ध कराए गए हैं ताकि भुगतान प्रक्रिया आसान बनी रहे.

6 जून तक खुला रहेगा पोर्टल

CBSE ने री-वैल्यूएशन और वेरिफिकेशन के लिए ऑनलाइन पोर्टल 2 जून से शुरू किया है. छात्र 6 जून 2026 की रात तक आवेदन कर सकते हैं.बोर्ड ने साफ किया है कि लास्ट डेट के बाद किसी भी तरह का आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा और ऑफलाइन आवेदन की सुविधा भी उपलब्ध नहीं है.

किन समस्याओं की शिकायत कर सकते हैं छात्र

अगर किसी छात्र को अपनी स्कैन की गई उत्तर पुस्तिका में कोई गड़बड़ी दिखाई देती है तो वह इसकी शिकायत दर्ज करा सकता है. इसमें पन्ने गायब होना, सप्लीमेंट्री शीट का न होना, ग्राफ या मैप का छूट जाना, धुंधली स्कैन कॉपी या गलत उत्तर पुस्तिका अपलोड होने जैसी समस्याएं शामिल हैं.

कितना लगेगा शुल्क

आंसर शीट में तकनीकी या अन्य गलतियों की जांच के लिए 100 रुपये प्रति उत्तर पुस्तिका शुल्क निर्धारित किया गया है. वहीं किसी प्रश्न के री-वैल्यूएशन के लिए छात्रों को 25 रुपये प्रति प्रश्न के हिसाब से शुल्क देना होगा.

छात्र इन बातों का रखें विशेष ध्यान

CBSE ने छात्रों को सलाह दी है कि आवेदन जमा करने से पहले सभी जानकारी अच्छी तरह जांच लें.एक बार आवेदन फ्रीज करके भुगतान करने के बाद उसमें किसी तरह का बदलाव नहीं किया जा सकेगा. आवेदन तभी सफल माना जाएगा जब ऑनलाइन भुगतान पूरा हो जाएगा.

आधार वेरीफिकेशन जरूरी

सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बोर्ड ने आधार आधारित लॉगिन और सत्यापन प्रक्रिया लागू की है. छात्रों को आवेदन करने के लिए आधार नंबर के जरिए पोर्टल पर लॉगिन करना होगा. बोर्ड का मानना है कि इससे फर्जी गतिविधियों पर रोक लगाने में मदद मिलेगी.

CBSE ने बताया कि हाल के दिनों में पोर्टल को प्रभावित करने की कोशिश की गई थी, लेकिन तकनीकी टीमों ने स्थिति को संभालते हुए सेवाओं को सामान्य बनाए रखा. साथ ही छात्रों की सुविधा के लिए कई तकनीकी सुधार भी किए गए हैं.

मानसून को कमजोर कर सकता है अल-नीनो, जानें कौन सी फसलों पर सबसे ज्यादा रहेगा असर?

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मौसम में हो रहे बड़े बदलावों के बीच अल-नीनो भारतीय मानसून की रफ्तार को धीमा कर सकता है. इस मौसमी उथल-पुथल से कुछ खास फसलों के उत्पादन पर गहरा असर पड़ सकता है.

देश के कई हिस्सों में इन दिनों अल-नीनो नाम का खौफ तेजी से बढ़ रहा है. प्रशांत महासागर में होने वाले इस मौसमी बदलाव के कारण समुद्र की सतह का तापमान अचानक बढ़ जाता है. जिसका सीधा और घातक असर हमारे भारतीय मानसून पर पड़ता है. इसकी वजह से मानसूनी हवाएं काफी कमजोर हो जाती हैं और देश के कई हिस्सों में बारिश की भारी किल्लत देखने को मिलती है.

इस साल भी लगातार बढ़ती हीटवेव और प्री-मानसून के बिगड़े हालातों को देखकर कृषि विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है. अल-नीनो की वजह से सबसे बड़ा खतरा खरीफ सीजन की फसलों की बुआई में देरी और मिट्टी की नमी पूरी तरह खत्म होने का रहता है. चलिए आपको बताते हैं कि इस सूखे के साये का किन फसलों पर सबसे तगड़ा प्रहार होने वाला है.

इन फसलों पर पड़ेगा अल नीनो का असर

अल-नीनो का सबसे पहला और घातक हमला खरीफ सीजन की सबसे मुख्य फसल यानी धान (चावल) पर देखने को मिलता है. धान के पौधों को शुरुआती दौर में खड़े पानी की जरूरत होती है और मानसून कमजोर होने से इसकी रोपाई और पैदावार दोनों बुरी तरह प्रभावित होती है. धान के अलावा कपास (कॉटन) की खेती भी इसकी मार से बच नहीं पाती.

क्योंकि पानी की कमी और बढ़ते तापमान के कारण इसमें चूसने वाले कीटों जैसे एफिड्स और सफेद मक्खी का हमला अचानक बढ़ जाता है. गन्ने जैसी लंबी अवधि वाली नगदी फसल जिसे लगातार भारी सिंचाई की जरूरत होती है वह भी पानी के संकट के चलते सूखने की कगार पर आ जाती है. इन बड़ी फसलों के साथ-साथ अरहर, मूंग और उड़द जैसी दलहनी फसलों की ग्रोथ भी मिट्टी की नमी गायब होने से बिल्कुल थम जाती है.

इन उपायों से किसान बचा सकते हैं अपनी मेहनत

इस बड़े मौसमी संकट से निपटने के लिए किसानों को अपनी पुरानी पारंपरिक खेती के तरीकों में थोड़ा सा मॉडर्न बदलाव करना बेहद जरूरी है. सबसे पहला कदम यह होना चाहिए कि किसान भाई कम पानी में तैयार होने वाली और सूखे को बर्दाश्त करने वाली क्लाइमेट-रेजिलिएंट यानी जलवायु-अनुकूल बीजों की वैरायटी को चुनें. पानी की हर एक बूंद का सही इस्तेमाल करने के लिए ड्रिप इरिगेशन और स्प्रिंकलर जैसी माइक्रो-इरिगेशन तकनीकों को तुरंत अपनाना चाहिए.

मौसम विभाग के पूर्वानुमानों पर रखें नजर

इसके साथ ही मौसम विभाग के पूर्वानुमानों पर लगातार नजर बनाए रखें और बारिश के पैटर्न के हिसाब से ही अपनी बुआई के समय में थोड़ा बदलाव या देरी करें. मिट्टी की नमी को बचाकर रखने के लिए मल्चिंग का इस्तेमाल करें और एक ही फसल पर निर्भर रहने के बजाय मल्टी-क्रॉपिंग करें जिससे अगर एक फसल खराब भी हो तो दूसरी से नुकसान की भरपाई हो सके.

मालवीय नगर हादसे में 21 की मौत पर PM मोदी दुखी, किया मुआवजे का ऐलान…

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मालवीय नगर आग की घटना में मारे गए लोगों के परिजनों को 2 लाख और घायलों को 50 हज़ार का मुआवजा दिया जाएगा.

pm नरेंद्र मोदी ने दिल्ली के मालवीय नगर स्थित रेस्टोरेंट में आग लगने की घटना पर दुख जताया और मृतक के परिजनों को 2-2 लाख रुपए देने की घोषणा की.  पीएम नरेंद्र मोदी ने अपने बयान में कहा, ‘दिल्ली के मालवीय नगर में आग लगने की घटना में लोगों की जान जाना बेहद दुखद है. जिन लोगों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उनके प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं. मैं घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना करता हूं. प्रशासन प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता प्रदान कर रहा है.’

पीएम ऑफिस के मुताबिक, उन्होंने आगे कहा, ‘प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष की ओर से मृतकों के परिजनों को 2 लाख रुपये और घायलों को 50,000 रुपये दिए जाएंगे.’

स्पीकर ने भी जताया हादसे पर दुख

लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, ‘दिल्ली के मालवीय नगर में भीषण अग्निजनित दुर्घटना में हुई जनहानि बेहद दुखद है. इस हादसे में असमय अपनों को खोने वाले परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं. ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्माओं को शांति तथा घायलों को शीघ्र स्वास्थ्य लाभ प्रदान करें.’

हादसे से मन व्यथितराजनाथ सिंह

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मालवीय नगर के रेस्तरां में लगी आग में अपनों को खोने वाले लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त की है और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है. एक्स पर पोस्ट में उन्होंने लिखा, ‘दिल्ली के मालवीयनगर में आग लगने से हुआ हादसा मन को व्यथित करने वाला है.  जिन्होंने इस घटना में अपने प्रियजनों को खोया है, उनके प्रति मेरी गहरी शोक-संवेदनाएं. ईश्वर से प्रार्थना है कि उन्हें इस अपार दुख को सहने की शक्ति प्रदान करे. साथ ही मैं घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं.’

मालवीय नगर में एक रेस्टोरेंट के अंदर बुधवार सुबह आग लगी थी। इस घटना में अब तक कम से कम 20 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि लगभग 37 लोगों को बचाया जा चुका.

डीके शिवकुमार के हाथ अब कर्नाटक की कमान, 14 कैबिनेट मंत्रियों का शपथ ग्रहण…

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डीके शिवकुमार के शपथ ग्रहण से पहले सिद्दारमैया ने गुलदस्ता से उनका स्वागत किया. इस मौके पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी भी मौजूद हैं.

कर्नाटक में अब डीके शिवकुमार युग शुरू हो गया है. बुधवार का आयोजित समारोह में डीके शिवकुमार के राज्य के नए सीएम पद की शपथ दिलाई गई. इसके साथ ही, उनकी कैबिनेट में जी. परमेश्वर को डिप्टी सीएम बनाा जाएगा. डीके के बाद उन्हें उप-मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई गई. डीके शिवकुमार की नई कैबिनेट में 13 नए मंत्रियों को भी शपथ दिलाई जा रही है. डीके शिवकुमार के शपथ ग्रहण से पहले सिद्दारमैया ने गुलदस्ता से उनका स्वागत किया. इस मौके पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी भी मौजूद हैं.

14 कैबिनेट मंत्रियों का शपथ ग्रहण

के. एच मुनियप्पा को मंत्री पद की शपथ दिलाई गई है. वे अनुभवी कांग्रेस के दलित चेहरा है. 78 वर्षीय मुनियप्पा एससी समुदाय से आते हैं. कोलार लोकसभा सीट से वे सात बार सांसद रहे. वे पूर्व खाद्य और आपूर्ति मंत्री रहे हैं. वे देवनहल्ली से पहली बार विधायक बने हैं.

इसके अलावा, केजी जॉर्ज, एमबी पाटिल, रामलिंगा रेड्डी, सतीश जखोली, कृष्ण बायरेगौड़ा, प्रियांक खड़गे, यूटी खेदार, ईश्वर खांद्रे, यतीन्द सिद्धारमैया, बैराथी सुरेश और शरण प्रकाश पाटिल को मंत्री पद की शपथ दिलाई गई है.