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भारत की प्राण शक्ति स्वदेशी है : डॉ रमन सिंह

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राजनांदगांव। भारतीय विपणन संघ द्वारा स्टेट हाई स्कूल में आयोजित स्वदेशी मेले में गणतंत्र दिवस के अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह मेले में पहुंचे और मेले का निरीक्षण किया । तत्पश्चात चर्चा में उन्होंने बताया कि देश को आजाद कराने मे वीर शहीदों ने वंदे मातरम गीत का जयघोष गाकर ऊर्जा प्राप्त की थी। उसी तरह से आज हम दैनिक जीवन मे स्वदेशी अपना कर विदेशी शक्तियों से लड़ सकते हैं ।उन्होंने कहा कि भारत को पुनः विश्व गुरु बनाने के लिए आर्थिक व्यवस्था को मजबूत करना और पारंपरिक स्रोतो के स्वालंबी प्रयास से ही हम भारत को विकसित देश की श्रेणी में ला सकते हैं ।डॉ रमन सिंह ने कहा कि स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देकर स्वदेशी मेले का यह आयोजन अपने लक्ष्य की ओर अग्रसर है ।आत्मनिर्भर भारत की ओर हम तेजी से बढ़ रहे हैं ।साथ ही इस मेले के माध्यम से भारतीय संस्कृति और विचारधारा को सशक्त मंच भी प्रदान किया जा रहा है । मेले की संपूर्णता पर उन्होंने संतोष व्यक्त किया।
इस दौरान मेले के संयोजक विनोद डढडा, जिला भाजपा अध्यक्ष कोमल सिंह राजपूत, प्रबंधक सुब्रोत चॉकी, चेंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष कमलेश बैद, किसुन यदु, मनोज निर्वाणी, उज्जवल कसेर, गोलछा जी, एवं सुधा पवार उपस्थित थी ।

वर्तमान परिवेश में स्वदेशी स्वावलंबन पर गोष्ठी का आयोजन

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राजनांदगांव। स्वदेशी मेले के पांचवें दिन आज मंच के माध्यम से स्वदेशी जागरण मंच द्वारा स्वदेशी मेला परिसर में वर्तमान परिवेश में स्वदेशी स्वलंबन विषय पर गोष्ठी आयोजित की गई।
जिसमें जिला संयोजक श्री राजकुमार शर्मा ने उधमिता विषय पर ‌जानकारी दी.और नये उद्योग लगाने में माननीय प्रधानमंत्री द्वारा लाभकारी योजनाएं की जानकारी दी .प्रोफेसर श्री कृष्णकांत द्विवेद्वी ने आम जनता में स्वदेशी वस्तुओं की प्रभावशीलता पर प्रकाश डाला एवं तुलनात्मक व्याख्या की
.सामाजिक वरिष्ठ कार्यकर्ता श्री अशोक लोहिया ने आदिकाल से स्वदेशी प्रचार प्रसार पर अपने वक्तव्य में जानकारी दी और लोहिया जी ने बताया कि स्वदेशी से स्वावलंबन तक’ का अर्थ है देश में बनी वस्तुओं और संसाधनों का उपयोग करके, अपने देश को आर्थिक और सामाजिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना, जिससे राष्ट्र में समृद्धि,आत्मसम्मान और सशक्तिकरण आए, जैसा कि महात्मा गांधी के स्वतंत्रता आंदोलन से लेकर आत्मनिर्भर भारत अभियान तक देखा गया है, जहाँ स्थानीय उद्योगों और कारीगरों को बढ़ावा मिलता है और भारत वैश्विक स्तर पर मजबूत बनता है। विकसित राष्ट्र की कल्पना भी स्वदेशी अभियान से साकार होगी । भारत आज तेजी से प्रगति करते हुए चौथी अर्थ व्यवस्था के साथ तीसरी अर्थ व्यवस्था की ओर अग्रसर है ।
स्वदेशी और स्वावलंबन के बीच संबंध को विस्तार से बताते हुए श्री लोहिया ने कहा कि स्वदेशी अपने देश (भारत) में निर्मित उत्पादों, सेवाओं और संसाधनों को प्राथमिकता देना, विदेशी वस्तुओं का बहिष्कार करना।

विचार गोष्ठी के माध्यम से प्रो० कृष्ण कुमार द्विवेदी ने गोष्ठी मे ऐतिहासिक और समकालीन प्रासंगिकता पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम 1905 के बंग-भंग आंदोलन के दौरान स्वदेशी आंदोलन भारतीय स्वतंत्रता के लिए एक हथियार बना, जिसने खादी और चरखे के माध्यम से आत्मनिर्भरता का संदेश दिया। वर्तमान समय में प्रधानमंत्री द्वारा ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘Vocal For Local’ के आह्वान ने इस भावना को पुनर्जीवित किया है, जिससे स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा मिल रहा है। आर्थिक विकास स्थानीय उद्योगों, रोजगार और निर्यात में वृद्धि हुई है । सामाजिक पहचान के रूप में सांस्कृतिक विरासत और गौरव की रक्षा होगी , इससे राष्ट्र निर्माण , सशक्तिकरण, सुरक्षा और वैश्विक मंच पर भारत की स्थिति मजबूत करना शामिल है। स्वदेशी केवल आर्थिक स्वावलंबन ही नहीं, बल्कि राष्ट्रप्रेम की जीवंत भावना है।

गोष्ठी मे वरिष्ठ नेता अशोक चौधरी ने स्वतंत्रता के पूर्व से इस दिशा में गांधी जी द्वारा भी स्वयं चरखा से बने कपड़े को पहनकर स्वदेशी का भाव जगाने की बात बताई एवं अन्य वक्ताओं के द्वारा अपने विचार रखे जिनमें में डा साधना तिवारी, सुषमा सिंह , छाया तिवारी ने अपने विचार रखे। उक्त कार्यक्रम का संचालन श्री अनिमेष रॉय ने किया इस कार्यक्रमb में बाबा जी, कांति मोर्य, अशोक जोशी,मनोज शुक्ला, सौरभ खंडेलवाल, नियामत हुड्डा, राकेश दुबे,सुनील बाजपेयी, फातिमा कांति मौर्य, सुहासनी क्षिरसागर, मंजू साहू शोभा चोपडा भी उपस्थिति रहे।

वरिष्ठजनों के लिए जीवन सहायक उपकरण मापन व चिन्हांकन शिविरों का आयोजन

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राजनांदगांव। कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव के मार्गदर्शन में समाज कल्याण विभाग राजनांदगांव एवं एलिम्को के संयुक्त तत्वावधान में जिले के समस्त विकासखण्डों में वरिष्ठजनों के लिए जीवन सहायक उपकरण मापन व चिन्हांकन शिविरों का आयोजन किया गया। इस शिविर का प्रमुख आयोजन नगर निगम राजनांदगांव और जनपद पंचायत राजनांदगांव के वरिष्ठ नागरिकों के लिए गांधी सभा गृह में हुआ।

कार्यक्रम की मुख्य अतिथि अध्यक्ष जिला पंचायत श्रीमती किरण वैष्णव ने समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित विभिन्न लोककल्याणकारी योजनाओं की सराहना की और कहा कि यह आंकलन शिविर वृद्धजनों के लिए एक वरदान के समान है। उन्होंने यह भी कहा कि जिले में समाज कल्याण विभाग के नेतृत्व में योजनाओं का सफल क्रियान्वयन हो रहा है।

कार्यक्रम में नशामुक्ति भारत अभियान के तहत उपस्थित नागरिकों को नशामुक्ति का संकल्प भी दिलवाया गया। इस अवसर पर अध्यक्ष जनपद पंचायत श्रीमती प्रतिमा चंद्राकर, उपाध्यक्ष जिला पंचायत श्रीमती किरण साहू, और समाजसेवी श्री कोमल सिंह राजपूत ने भी संबोधित किया।

उप संचालक समाज कल्याण श्रीमती वैशाली मरडवार ने जानकारी दी कि जिले के सभी विकासखण्डों में चिन्हांकन एवं मापने शिविर आयोजित किए गए हैं। उन्होंने बताया कि एलिम्को की तकनीकी टीम द्वारा पात्र वरिष्ठ नागरिकों को उनकी आवश्यकता के अनुसार सहायक उपकरण जैसे व्हील चेयर, वाकर, श्रवण यंत्र, वाकिंग स्टिक, स्पाइनल सपोर्ट, एलएस बेल्ट, सर्वाइकल कॉलर आदि प्रदान किए जाएंगे।

इस मौके पर जनप्रतिनिधि श्री पारस वर्मा, श्री शिव वर्मा, श्री शैकी बग्गा, श्री अरविंद वैद, श्री हर्षदेव चौधरी, श्री रवि सिन्हा, श्री पप्पू चंद्राकर, श्री रोहित चंद्राकर, सरपंच श्रीमती निलिमा साहू, संयुक्त कलेक्टर श्रीमती शीतल बंसल समेत अन्य जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ नागरिक मौजूद थे।

यह शिविर वृद्ध नागरिकों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रहा है, जिससे उन्हें अपने जीवन को अधिक सशक्त और आरामदायक बनाने का अवसर मिल रहा है। साथ ही, नशामुक्ति का संकल्प समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में एक अहम पहल है।

किसान हितैषी सरकार का वादा पूरा, खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में किसानों को मिला 29,597 करोड़ का भुगतान

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राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ की किसान हितैषी सरकार ने एक बार फिर किसानों से किया गया अपना वादा निभाया है। खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में अब तक 23.48 लाख किसानों ने धान की बिक्री की है और 29,597 करोड़ रुपये का भुगतान किसानों के खातों में किया जा चुका है।

कृषक उन्नति योजना के तहत राज्य में धान की खरीदी 3100 रुपये प्रति क्विंटल के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर की जा रही है। साथ ही, प्रति एकड़ 21 क्विंटल तक धान खरीदी का प्रावधान रखा गया है।

48 घंटे के भीतर किसानों के खातों में धान का भुगतान हो रहा है, जिससे किसानों में खुशी और संतोष का माहौल है।

अगले तीन दिनों में 70,000 से अधिक टोकन जारी किए जाएंगे और आगामी 1.5 लाख किसानों से धान खरीदी की जाएगी। इस दौरान 22,000 टोकन प्रतिदिन जारी किए जाएंगे। राज्य में प्रतिदिन 3 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी हो रही है, जो इस साल के खरीफ विपणन सत्र को सफल बना रही है।

किसानों के लिए यह एक बड़ी राहत है, क्योंकि वे अपनी मेहनत का सही मूल्य प्राप्त कर रहे हैं। सरकार का यह कदम किसानों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है और धान खरीदी की प्रक्रिया में पारदर्शिता और त्वरित भुगतान सुनिश्चित कर रहा है।

केन्द्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान को कलेक्टर एवं एसपी ने छत्तीसगढ़ पर आधारित किताब की भेंट

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राजनांदगांव। केन्द्रीय कृषि एवं कृषक कल्याण, ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान आज चन्द्रगिरि तीर्थक्षेत्र डोंगरगढ़ के विद्यासागरोदय समाधि स्थल में संत शिरोमणि आचार्य श्री 108 विद्यासागर जी महामुनिराज के द्वितीय समाधि स्मृति महामहोत्सव कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने छत्तीसगढ़ का इतिहास तथा पुलिस अधीक्षक श्रीमती अंकिता शर्मा ने छत्तीसगढ़ पर्यटन किताब उन्हें भेंट की।

केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मां बम्लेश्वरी मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना की

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राजनांदगांव। केन्द्रीय कृषि एवं कृषक कल्याण, ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने डोंगरगढ़ प्रवास के दौरान मां बम्लेश्वरी मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना की। केन्द्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मां बम्लेश्वरी से देश एवं प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। इस अवसर पर स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव और सांसद संतोष पाण्डेय ने भी पूजा-अर्चना की। इस दौरान पूर्व विधायक रामजी भारती, समाजसेवी कोमल सिंह राजपूत, भावेश बैद, मां बम्लेश्वरी ट्रस्ट समिति के अध्यक्ष मनोज अग्रवाल, कलेक्टर जितेन्द्र यादव, पुलिस अधीक्षक श्रीमती अंकिता शर्मा, सीईओ जिला पंचायत सुश्री सुरूचि सिंह सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और मां बम्लेश्वरी ट्रस्ट समिति के पदाधिकारी उपस्थित थे।

आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के दिखाए हुए मार्ग का करें अनुसरण : शिवराज सिंह चौहान

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राजनांदगांव। केन्द्रीय कृषि एवं कृषक कल्याण, ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान आज चन्द्रगिरि तीर्थक्षेत्र डोंगरगढ़ के विद्यासागरोदय समाधि स्थल में संत शिरोमणि आचार्य श्री 108 विद्यासागर जी महामुनिराज के द्वितीय समाधि स्मृति महामहोत्सव कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने समाधि स्थल पर पहुंचकर पूजा-अर्चना की। इस अवसर पर उन्होंने आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के नाम से 210 डाक लिफाफे का विमोचन, भारत सरकार द्वारा चांदी के सिक्के का विमोचन किया। उन्होंने आचार्य विद्यासागर संग्रहालय का शिलान्यास एवं भूमिपूजन किया तथा पौधरोपण किया।
केन्द्रीय कृषि एवं कृषक कल्याण, ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि संत शिरोमणि आचार्य श्री 108 विद्यासागर जी महामुनिराज का स्मरण करने पर करूणा से भरा हृदय और मुस्कुराते हाथों से उनका आशीष देना याद आ जाता है। उन्होंने कहा कि डोंगरगढ़ की धरा पर आकर मैं धन्य हो गया। आज यहां आकर मन में दो भाव आ रहे हंै कि काश यहां आकर मुझे बोलने का नहीं बल्कि उनको सुनने का अवसर मिलता। आज यहां डोंगरगढ़ में उनके बिना सूना महसूस हो रहा है, लेकिन दूसरी तरफ यह भाव भी महसूस हो रहा है कि आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज की उपस्थिति का अहसास हर जगह हो रहा है। उन्होंने कहा कि हम सभी जन्म का उत्सव मनाते हैं, लेकिन मृत्यु का उत्सव मनाने वाले मौत को जीत जाते है। जैन परंपरा में समाधि की परंपरा को आत्मसात किया गया है। उन्होंने कहा कि आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज वर्तमान में होकर भी वर्धमान थे, देह में होकर भी विदेह थे, लोक में होकर भी अलौकिक थे। शिष्यों के लिए साध्य होकर भी साधन थे। जागृति और मोक्ष का मार्ग भी थे। उन्होंने कहा कि वह जहां भी जाकर चर्तुमास करते वह स्थल तीर्थ हो जाता। जिस शिला पर उनके चरण पड़ते वह पूज्य हो जाता और जिस पर कृपा की दृष्टि होती वह कृतार्थ हो जाता। हमारे देश में हजारों वर्षों का इतिहास रहा है, जिनमें वेद, ऋचाओं की रचना हुई है। सत्य एक है लेकिन विद्वानों ने अलग-अलग तरीके से इसकी व्याख्या की है।
केन्द्रीय कृषि एवं कृषक कल्याण, ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज की वाणी में सत्यता, तेज और ओज था और उनकी बुद्धि में सरस्वती विराजती थी। उन्होंने हिन्दी, संस्कृत एवं कन्नड़ में विभिन्न ग्रंथ लिखे। उनके द्वारा रचित मूक माटी ग्रंथ प्रेरक है। वे एक चलते-फिरते तीर्थ स्थान रहे और सैकड़ों ऋषि-मुनियों ने उनसे शिक्षा ली। उनके त्याग की यह पराकाष्ठा थी कि भौतिक साधनों का त्याग किया। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के दिखाए हुए मार्ग पर चले। उन्होंने कहा कि जिसने स्वयं को जीता वह वीर है और जिसने दूसरों को जीता वह महावीर है। हमें जैनत्व को अपने जीवन में उतारने की कोशिश करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सृष्टि की वेदना को दृष्टि की ओर मोड़ना जैनत्व है। उन्होंने कहा कि अपनी भारतीय संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन, स्वदेशी को अपनाने, राजभाषा हिन्दी के सम्मान के संवर्धन की जरूरत है। हमारे देश की प्रतिभाओं का विदेशों में पलायन नहीं होना चाहिए। जैन समाज ने राष्ट्र के विकास में अपना योगदान दिया है। केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि डोंगरगढ़ अद्भूत स्थान है। यहां एक ओर चंद्रगिरि जैन तीर्थ स्थल है तो दूसरी ओर माँ बम्लेश्वरी का मंदिर है, तो वहीं प्रज्ञागिरि में बौद्ध तीर्थ स्थल है। यहां तीन मार्गों का संगम है।
स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने कहा कि संत शिरोमणि आचार्य श्री 108 विद्यासागर जी महामुनिराज के द्वितीय समाधि स्मृति महामहोत्सव के अवसर पर यहां आने का सौभाग्य मिला है। उनका एक पल यदि हम अपने जीवन में उतार लें तो हमारा जीवन सार्थक हो जाएगा। आने वाले समय में यह स्थान जैनियों के लिए तीर्थ स्थान के रूप में विकसित होगा। आचार्य विद्यासागर जी महाराज की सोच के अनुरूप यहां सेवा एवं ज्ञान के लिए कार्य किया जा रहा है। यहां पढ़ाने वाले शिक्षक वेतन नहीं लेते जो एक अनुपम उदाहरण है। इस अवसर पर सांसद संतोष पाण्डे, विधायक डोंगरगांव दलेश्वर साहू, कोमल सिंह राजपूत, पूर्व विधायक रामजी भारती, संजय बड़जात्या, मनीष जैन, अशोक जैन एवं जनप्रतिनिधि तथा जैन समाज के प्रबुद्धजन, स्कूली बच्चे व नागरिक उपस्थित थे। इस अवसर पर कलेक्टर जितेन्द्र यादव ने छत्तीसगढ़ का इतिहास तथा पुलिस अधीक्षक श्रीमती अंकिता शर्मा ने छत्तीसगढ़ पर्यटन किताब उन्हें भेंट की। भारत सरकार द्वारा विद्यासागर जी महाराज जी के प्रारंभ किए गए मूक माटी ट्रेन को प्रतीक स्वरूप प्रदर्शित किया गया। प्रतिभास्थली ज्ञानोदय विद्यापीठ डोंगरगढ़ के बच्चों ने आत्मनिर्भर भारत प्राचीन गौरव… गीत पर मनमोहक सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी। पूज्य मुनि द्वारा रचित सचित्र पुस्तक संस्कृति शासनचार्य एवं लोकोत्तर महापुरूष का अलौकिक दर्शन तथा सांसद गिरिधर गमांग तथा डॉ. कर्नल दस द्वारा रचित लॉस्ट जैन ट्राईब्स ऑफ ट्रीकलिंगा का अनावरण किया गया।

राजनांदगांव की पत्रकार कालोनी पत्रकारों की एकजुटता का एक अच्छा उदाहरण : डॉ. रमन सिंह

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राजनांदगांव। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह आज 10 एकड़ में निर्मित पत्रकार आवासीय परिसर के लोकार्पण एवं भूमिपूजन कार्यक्रम में शामिल हुए। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने 3 करोड़ 79 लाख 91 हजार रूपए की लागत से पत्रकार आवासीय परिसर का लोकार्पण किया तथा परिसर में 49 लाख रूपए की लागत से पानी टंकी सम्पवेल एवं पाईप लाईन विस्तार कार्य के लिए भूमिपूजन किया। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि संस्कारधानी राजनांदगांव का गौरवशाली इतिहास रहा है और आज उसी में क्रम एक नया नाम जुड़ रहा है। गणतंत्र दिवस के अवसर पर पत्रकार कॉलोनी में लोकर्पण एवं भूमिपूजन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राजनांदगांव संस्कारधानी से उन्हें बहुत सारी जिम्मेदारियां और ताकत मिली है। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सिंह ने कहा कि राजनांदगांव के पत्रकारों की मेहनत, परिश्रम और एकजुटता से पत्रकार कॉलोनी का निर्माण किया गया है। उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश के लिए राजनांदगांव के पत्रकारों की एकजुटता एक अच्छा उदाहरण है। उन्होंने कहा कि व्यक्ति के जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धि उसका मकान होता है। 141 पत्रकारों को अपना आवास मिलेगा। पत्रकार गणतंत्र को पोषित, पल्लिवत करने वाले कलम के जादूगर होते हंै। यहां रानी सूर्यमुखी देवी के नाम से आवासीय परिसर होगा। उन्होंने सभी को पत्रकार कालोनी के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने दो हाई मास्ट लाईट एवं एक सड़क के निर्माण कराने की बात कही।
वरिष्ठ पत्रकार हिमांशु द्विवेदी ने कहा कि पत्रकार बिरादरी के सामूहिक प्रयासों और शासकीय सहयोग से आवास का सपना पूरा हुआ। संस्कारधानी राजनांदगांव के पत्रकारों ने एकजुटता का परिचय देते हुए छत्तीसगढ़ में एक उदाहरण प्रस्तुत किया है कि एक साथ रहकर जीवन संवार सकते है। यहां पानी, बिजली सहित अन्य सुविधाएं बहुत अच्छी है। औद्योगिक प्रतिष्ठान एबीस के प्रमुख एवं समाजसेवी बहादुर अली ने कहा कि आज का दिन खुशी का दिन है, जहां 141 पत्रकार एक साथ रहने वाले है। उन्होंने कहा कि ऐसे पत्रकार जिनका आवास तीन वर्ष में पूर्ण होगा, उनके घर में एबीस की ओर से एयर कंडिशनर की सुविधा प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि अब पत्रकारिता के संबंध पारिवारिक संबंधों में बदल जाएंगे।
प्रेस क्लब के अध्यक्ष सचिन अग्रहरि ने आवासीय परिसर के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि आपसी समन्वय, समझ के साथ सकारात्मकता से यह कार्य संभव हो सका है। साहित्य, संस्कृति एवं कला की त्रिवेणी संस्कारधानी में एक नया अध्याय जुड़ा है। जहां सभी के सहयोग से कलम के पुजारियों को एक ही परिसर में अपने एवं अपने परिवार के लिए जीवन भर के सपने को साकार करने का सौभाग्य प्राप्त हो रहा है। प्रेस क्लब हाऊसिंग सोसायटी के अध्यक्ष मिथलेश देवांगन ने कहा कि पत्रकार आवासीय परिसर लोकार्पण एवं भूमिपूजन कार्यक्रम के अविस्मरणीय पलों के सभी साक्षी बने है। पानी, बिजली एवं अन्य सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए तेजी से कार्य किया जा रहा है और छह महीने में कालोनी पूरी तरह से विकसित हो जाएगी। इस अवसर पर अध्यक्ष छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल नीलू शर्मा, पूर्व सांसद अभिषेक सिंह, पूर्व सांसद प्रदीप गांधी, कोमल सिंह राजपूत, सुरेश एच लाल, जितेन्द्र मुदलियार, पुरूषोत्तम गांधी, प्रेस क्लब के संरक्षक जितेन्द्र मिश्रा, अशोक पाण्डेय, सुशील कोठारी, राजेन्द्र व्यास, प्रेस क्लब हाऊसिंग सोसायटी के पूर्व अध्यक्ष अतुल श्रीवास्तव, प्रेस क्लब के सचिव अनिल त्रिपाठी, कोषाध्यक्ष बसंत शर्मा, कमलेश स्वर्णकार, संदीप साहू, अंकित व्यास सहित पत्रकारगण और परिवारजन उपस्थित थे। आभार प्रदर्शन विरेन्द्र बहादुर ने किया।

कलेक्टर जितेन्द्र यादव ने जिला कार्यालय में किया ध्वजारोहण

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जितेन्द्र यादव कलेक्टर जितेन्द्र यादव ने गणतंत्र दिवस के अवसर पर कलेक्टोरेट परिसर में राष्ट्रीय ध्वज फहराया। इस अवसर पर सामूहिक राष्ट्रगान किया गया। गणतंत्र दिवस के इस ध्वजारोहण कार्यक्रम में सभी विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे। कलेक्टर जितेन्द्र यादव ने कलेक्टोरेट परिसर में स्थापित छत्तीसगढ़ महतारी की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। साथ ही कलेक्टर ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं संविधान निर्माता बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। कलेक्टर ने अधिकारियों एवं कर्मचारियों को गणतंत्र दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी।
कलेक्टर जितेन्द्र यादव ने कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आयोजित कार्यक्रम में कहा कि 26 जनवरी 1950 को हमारे देश का संविधान लागू हुआ है। उसे समझने के लिए हमें संविधान की प्रस्तावना को समझना चाहिए। देश के संविधान निर्माता जो नागरिकों के लिए करना चाहते थे तथा समाज से अपेक्षाएं, देश के सामाजिक आर्थिक न्याय के लिए संविधान में जो प्रावधान किए गए है, वह प्रस्तावना में निहित है। उन्होंने कहा कि हमारा देश विविधताओं से परिपूर्ण है और हम सभी को देश की एकता एवं अखंडता को बनाए रखने के लिए एकजुट होकर रहना है। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों से अपेक्षा है कि कलेक्टोरेट पहुंचने वाले जरूरतमंद व्यक्तियों की मदद करें तथा उनके प्रति संवेदनशील व्यवहार रखें। जो कार्य आसानी से हो सकता है, उसे शीघ्र करें। यथासंभव दूसरों के हित के लिए कार्य करें तथा अपने कर्तव्यों का निर्वहन करें। देश को आगे बढ़ाने के लिए एक सशक्त स्तंभ की तरह खड़े रहे और राष्ट्र के विकास में अपना योगदान दें। मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सुश्री सुरूचि सिंह ने सभी को गणतंत्र दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि हमारा देश विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है और देश को आगे बढ़ाने के लिए सभी अपने दायित्वों का निर्वहन करें। इस अवसर पर अपर कलेक्टर सीएल मारकण्डेय सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।

जनसंपर्क विभाग के प्रवीण रंगारी एवं भूपेन्द्र साहू को उत्कृष्ट कार्य के लिए किया गया सम्मानित

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राजनांदगांव। गणतंत्र दिवस के अवसर पर दिग्विजय स्टेडियम राजनांदगांव में आयोजित जिला स्तरीय मुख्य समारोह में मुख्य अतिथि विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने उत्कृष्ट कार्य के लिए जनसंपर्क विभाग के सहायक सूचना अधिकारी प्रवीण रंगारी एवं भृत्य भूपेन्द्र साहू को प्रतीक चिन्ह एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। उल्लेखनीय है कि जनसंपर्क विभाग के सहायक सूचना अधिकारी प्रवीण रंगारी को शासन की योजनाओं का प्रचार-प्रसार एवं समाचार कव्हरेज सहित अन्य उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित किया गया। इस तरह जनसंपर्क विभाग के भृत्य भूपेन्द्र साहू को कार्यालयीन कार्य में तत्परता एवं सक्रियता से कार्य करने के लिए सम्मानित किया गया।