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ED Raid: छत्तीसगढ़ PsC भर्ती घोटाले में ईडी की कार्रवाई, रिटायर्ड IAS के घर छापा…

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छत्तीसगढ़ के चर्चित पीएससी भर्ती घोटाले से जुड़े मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है। आज सुबह रिटायर्ड आईएएस अधिकारी जीवन किशोर ध्रुव के भिलाई स्थित निवास पर ईडी ने छापेमार कार्रवाई की। ईडी की टीम दो गाड़ियों में उनके सेक्टर-10 स्थित निवास पहुंची है और दस्तावेजों की जांच कर रही है।

इन अधिकारियों पर पेपर लीक करने और चयन प्रक्रिया में धांधली करने के गंभीर आरोप लगे हैं। यह आरोप अपने रिश्तेदारों और रसूखदारों के करीबियों को अनुचित लाभ पहुंचाने से संबंधित हैं। इस मामले की सीबीआई जांच भी पहले से चल रही है।

सीबीआई ने बताया कि साल 2020 से 2022 के बीच आयोजित राज्य सेवा परीक्षा में बड़े स्तर पर अनियमितताएं की गईं।

आरोप है कि तत्कालीन अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी ने अपने पद का दुरुपयोग किया। उन्होंने अपने रिश्तेदारों और करीबी लोगों को अनुचित लाभ पहुंचाया। जांच में सामने आया कि एक निजी कंपनी से सीएसआर मद के तहत 45 लाख रुपये एक एनजीओ को दिए गए। इस एनजीओ की अध्यक्ष सोनवानी की पत्नी थीं। इन पैसों के बदले प्रश्नपत्र लीक किए गए थे।

प्रश्नपत्र लीक और धांधली
सीबीआई का यह भी आरोप है कि परीक्षा नियंत्रक आरती वासनिक इसमें शामिल थीं। डिप्टी परीक्षा नियंत्रक ललित गनवीर ने भी इसमें भूमिका निभाई। उन्होंने अध्यक्ष के निर्देश पर उद्योगपति श्रवण गोयल को प्रश्नपत्र उपलब्ध कराए। श्रवण गोयल ने आगे यह प्रश्नपत्र अपने रिश्तेदारों को दिए।

चयनित पदों पर रिश्तेदार
घोटाले के तहत टामन सिंह सोनवानी के भतीजों का चयन हुआ। उनका चयन डिप्टी कलेक्टर जैसे महत्वपूर्ण पद पर हुआ। कुछ का चयन डिप्टी पुलिस अधीक्षक पद पर भी हुआ। यह सब चयन प्रक्रिया में हुई धांधली का हिस्सा माना जा रहा है।

CGBSE छत्तीसगढ़ बोर्ड 10वीं 12वीं द्वितीय एग्जाम टाइम टेबल जारी…

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छत्तीसगढ़ बोर्ड द्वारा हाई स्कूल एवं इंटरमीडिएट द्वितीय बोर्ड एग्जाम के लिए टाइम टेबल जारी कर दिया गया है। डेटशीट के मुताबिक 8 जुलाई से लेकर 22 जुलाई तक परीक्षाओं का आयोजन करवाया जायेगा।

छत्तीसगढ़ बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (CGBSE) की ओर से हाई स्कूल एवं हायर सेकेंडरी द्वितीय मुख्य परीक्षा 2026 के लिए डेटशीट जारी कर दी गई है। जिन भी छात्रों ने रिजल्ट में सुधार या सप्लीमेंट्री एग्जाम के लिए लिए आवेदन किया था उनके लिए 10वीं बोर्ड परीक्षाओं का आयोजन 9 जुलाई से 21 जुलाई 2026 तक एवं 12th बोर्ड एग्जाम का आयोजन 8 जुलाई से 22 जुलाई 2026 तक करवाया जायेगा।

परीक्षा शिफ्ट

छात्रों की जानकारी के लिए बता दें कि दोनों ही कक्षाओं की बोर्ड परीक्षाओं का आयोजन एक शिफ्ट में करवाया जायेगा जिसके लिए टाइमिंग सुबह 9 बजे से लेकर 12 बजकर 15 मिनट तक रहेगी। छात्रों को 9 बजे कक्षा में स्थान ग्रहण करना होगा, 9:5 तक उत्तर पुस्तिका का वितरण किया जायेगा। इसके बाद छात्रों को 9:10 पर प्रश्न पत्र का वितरण किया जायेगा। छात्रों को 9:15 से लेकर 12:15 तक उत्तर दर्ज करने का समय मिलेगा।

CG Board 2nd Time Table 2026 Class 10 

परीक्षा की तिथि विषय
9 जुलाई 2026 गणित (100)
11 जुलाई 2026 प्रथम भाषा- हिन्दी (070)
14 जुलाई 2026 द्वितीय भाषा- अंग्रेजी (080)
15 जुलाई 2026 व्यावसायिक पाठ्यक्रम- आर्गनॉइज्ड रिटेलिंग (901), इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (902), आटोमोबाईल सर्विस टेक्नीशियन (903),हेल्थ केयर (904), एग्रीकल्चर (905), मिडिया एण्ड इंटरटेनमेंट (906), टेली कम्यूनिकेशन (907), बैंकिंग फाइनेंसियल सर्विसेस एण्ड इन्शुरेंस [BFSI] (908),ब्यूटी एण्ड वेलनेस (909), इलेक्ट्रॉनिक्स एण्ड हार्डवेयर (910), परिधान, मेड-अप और होम फर्निशिंग (911), कंस्ट्रक्शन (912), प्लंबिंग (913), पॉवर (914), पर्यटन और अतिथि सत्कार (915)
16 जुलाई 2026 विज्ञान (200)
18 जुलाई 2026 सामाजिक विज्ञान (300)
20 जुलाई 2026 तृतीय भाषा- संस्कृत (090), मराठी (071), उर्दू (072), पंजाबी (073), सिंधी (074), बंगाली (075), गुजराती (076), तेलगू (077), तमिल (078), मलयालम (079), कन्नड (081), उड़िया (082)
21 जुलाई 2026 केवल दृष्टिहीन छात्रों के लिए संगीत (161), केवल मूक तथा बधिर छात्रों के लिए ड्राईग एंड पेंटिंग (162)

CG Board Time Table 2026 Class 12

परीक्षा की तिथि विषय/कोड
8 जुलाई 2026 हिन्दी (010/810)
10 जुलाई 2026 अंग्रेजी (020/820)
11 जुलाई 2026 संस्कृत (030/830)
13 जुलाई 2026 इतिहास (101), व्यवसाय अध्ययन (302), कृषि विज्ञान के तत्व एवं गणित (410), ड्राईग एंड पेंटिंग (510), आहार एवं पोषण (फूड एण्ड न्यूट्रीशन) (610)
14 जुलाई 2026 मराठी (031/831), उर्दू (032/832), पंजाबी (033/833),सिंधी (034/834), बंगाली (035/835), गुजराती (036/836), तेलगू (037/837), तमिल (038/838), मलयालम (039/839), कन्नड़ (041/841), उड़िया (042/842)
15 जुलाई 2026 भूगोल (102), भौतिक शास्त्र (201)
16 जुलाई 2026 समाज शास्त्र (104)
17 जुलाई 2026 राजनीति विज्ञान (103), रसायन शास्त्र (202), लेखा शास्त्र (301), फसल उत्पादन एवं उद्यान शास्त्र (420),वस्तु चित्रण एवं आलेखन (520), शरीर क्रिया विज्ञान एवं प्राथमिक चिकित्सा (फिजियोलॉजी एंड फर्स्ट एड) (620)
18 जुलाई 2026 मनोविज्ञान (105)
20 जुलाई 2026 रिटेल मार्केटिंग मैनेजमेंट (951), इनफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (952), आटोमोबाईल सर्विस टेक्निशियन (953),हेल्थ केयर (954), एग्रीकल्चर (955),मीडिया एण्ड इंटरटेनमेंट (956), टेलीकम्यूनिकेशन (957), बैंकिंग फाइनेंसियल सर्विसेस एण्ड इन्श्युरेंस (BFSI) (958), ब्यूटी एण्ड वेलनेस (959), इलेक्ट्रानिक्स एण्ड हार्डवेयर (960)
21 जुलाई 2026 गणित (204/804), कम्प्यूटर एप्लीकेशन (कला एवं वाणिज्य) (151), भारतीय संगीत (161), चित्रकला (162), नृत्य कला (163), स्टेनो टायपिंग (164), कृषि (कला) (165), गृह विज्ञान (कला) (168), वाणिज्यिक गणित (169/869), औद्योगिक संगठन के मूल तत्व (332)
22 जुलाई 2026 जीव विज्ञान (203/803) अर्थशास्त्र (303) पशुपालन, दुग्ध प्रौद्योगिकी मतस्य एवं कुक्कुट पालन (430),भारतीय कला का इतिहास (530), विज्ञान के तत्व (631)

प्रायोगिक परीक्षाएं परीक्षा केंद्र पर ही होंगी संपन्न

सभी छात्रों की जानकारी के लिए बता दें कि स्वाध्यायी परीक्षार्थियों की प्रैक्टिकल परीक्षा केन्द्र पर ही संचालित की जाएंगी। आवश्यकता पड़ने प्रायोगिक परीक्षाएं अवकाश के दिनों में भी ली जा सकेंगी। इसकी तिथि और समय ज्ञात करने के लिये केन्द्राध्यक्ष से छात्र संपर्क करते रहें।

छत्तीसगढ़ की राजस्व ई-कोर्ट परियोजना बनी डिजिटल सुशासन की नई मिसाल…

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डिजिटल क्रांति से बदल रही है राजस्व न्याय व्यवस्था

भारत तेजी से डिजिटल प्रशासन की ओर बढ़ रहा है और इसी दिशा में छत्तीसगढ़ ने राजस्व प्रशासन को आधुनिक, पारदर्शी और आमजन के लिए सहज बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल की है। राज्य सरकार द्वारा लागू की गई “राजस्व ई-कोर्ट परियोजना” अब केवल एक तकनीकी व्यवस्था नहीं रह गई है, बल्कि यह ग्रामीण और शहरी नागरिकों के लिए न्याय प्राप्ति की प्रक्रिया को सरल, त्वरित और भरोसेमंद बनाने वाला प्रभावशाली माध्यम बन चुकी है।

वर्षों तक राजस्व मामलों में आम लोगों को तहसील, एसडीएम कार्यालय और कलेक्टर कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते थे। नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन, फौती प्रकरण, खाता सुधार या भूमि विवाद जैसे मामलों में पेशी की तारीख जानने, आदेश की प्रति लेने या केस की स्थिति समझने में समय, धन और ऊर्जा तीनों की भारी खपत होती थी। कई बार बिचौलियों और भ्रष्टाचार का सामना भी करना पड़ता था। लेकिन अब वही पूरी प्रक्रिया डिजिटल प्लेटफॉर्म पर आ चुकी है।

छत्तीसगढ़ की ई-कोर्ट परियोजना ने राजस्व न्यायालयों की पारंपरिक कार्यप्रणाली को बदलकर उसे “पेपरलेस”, “स्मार्ट” और “जनकेंद्रित” बना दिया है। नायब तहसीलदार से लेकर कलेक्टर और राजस्व मंडल तक की न्यायिक प्रक्रिया अब ऑनलाइन संचालित हो रही है। इससे न केवल प्रशासनिक पारदर्शिता बढ़ी है, बल्कि आम नागरिकों का भरोसा भी मजबूत हुआ है।

कोर्ट व्यवस्था एक प्रभावी समाधानमुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

मुख्यमंत्री ने राजस्व ई-कोर्ट परियोजना को सुशासन और डिजिटल प्रशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताते हुए कहा है कि राज्य सरकार का उद्देश्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल, पारदर्शी और जनता के लिए सुलभ बनाना है। उन्होंने कहा कि तकनीक का उपयोग तभी सार्थक माना जाएगा, जब उसका सीधा लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।

राजस्व मामलों में वर्षों से चली आ रही जटिलताओं को समाप्त करने के लिए ई-कोर्ट व्यवस्था एक प्रभावी समाधान बनकर सामने आई है। अब नागरिकों को छोटी-छोटी जानकारियों के लिए कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। सरकार न्याय प्रक्रिया को लोगों के मोबाइल तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।

उन्होंने यह भी कहा कि डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से पारदर्शिता बढ़ने से भ्रष्टाचार और बिचौलियों की भूमिका स्वतः समाप्त होगी तथा आम लोगों का शासन-प्रशासन पर विश्वास और मजबूत होगा। मुख्यमंत्री के अनुसार, “ई-गवर्नेंस केवल तकनीक नहीं, बल्कि जनता को सम्मानपूर्वक और समयबद्ध सेवाएं देने का माध्यम है।

पारदर्शिता और जवाबदेही की नई व्यवस्था

ई-कोर्ट प्रणाली की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें आवेदन प्राप्त होते ही उसका ऑनलाइन पंजीकरण किया जाता है और तत्काल डिजिटल पावती जारी होती है। इससे आवेदक को यह भरोसा मिल जाता है कि उसका आवेदन रिकॉर्ड में दर्ज हो चुका है और अब उसे किसी कर्मचारी या दलाल के भरोसे नहीं रहना पड़ेगा।

इसके बाद की पूरी प्रक्रियाकृजैसे नोटिस जारी करना, इश्तहार प्रकाशित करना, पक्षकारों को सूचना भेजना, सुनवाई की तारीख तय करना और अंतिम आदेश पारित करना सभी ऑनलाइन दर्ज होते हैं।प्रत्येक कार्रवाई डिजिटल रिकॉर्ड में सुरक्षित रहती है, जिससे किसी भी स्तर पर हेरफेर की संभावना लगभग समाप्त हो जाती है।

ई-कोर्ट पोर्टल के माध्यम से नागरिक अपने मोबाइल या कंप्यूटर से घर बैठे यह देख सकते हैं कि उनके मामले में पिछली तारीख पर क्या कार्यवाही हुई, अगली पेशी कब है और आदेश जारी हुआ है या नहीं। इससे न्यायालयों के बाहर लगने वाली भीड़ और अनावश्यक भागदौड़ में उल्लेखनीय कमी आई है।

किसानों और ग्रामीण नागरिकों के लिए बड़ी राहत

राजस्व मामलों का सबसे अधिक प्रभाव ग्रामीण क्षेत्रों के किसानों और भू-स्वामियों पर पड़ता है। पहले किसानों को एक छोटी सी जानकारी के लिए भी पूरे दिन का समय निकालकर तहसील मुख्यालय जाना पड़ता था। कई बार केवल अगली तारीख जानने में ही मजदूरी और किराए का नुकसान हो जाता था।

अब ई-कोर्ट व्यवस्था ने यह परेशानी काफी हद तक समाप्त कर दी है। किसान अपने गांव के लोक सेवा केंद्र, चॉइस सेंटर या मोबाइल फोन के माध्यम से ही अपने प्रकरण की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। इससे समय और धन दोनों की बचत हो रही है तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को अप्रत्यक्ष रूप से मजबूती मिल रही है।

डिजिटल न्याय व्यवस्था ने ग्रामीण क्षेत्रों में प्रशासन के प्रति विश्वास को भी बढ़ाया है। जब लोगों को अपने आवेदन की ऑनलाइन पावती और हर कार्रवाई की जानकारी समय पर मिलने लगती है, तो पारदर्शिता स्वतः स्थापित होती है।

विवादित जमीनों की जानकारी अब सार्वजनिक

ई-कोर्ट परियोजना का एक अत्यंत महत्वपूर्ण पक्ष यह भी है कि विचाराधीन भूमि विवादों की जानकारी अब ऑनलाइन उपलब्ध रहती है। इससे जमीन खरीदने वाले लोग पहले ही जांच कर सकते हैं कि संबंधित खसरा नंबर पर कोई विवाद या न्यायालयीन प्रकरण लंबित तो नहीं है।

यह व्यवस्था फर्जीवाड़े, अवैध बिक्री और धोखाधड़ी रोकने में अत्यंत प्रभावी साबित हो रही है। पहले कई लोग विवादित भूमि खरीदकर वर्षों तक न्यायालयों के चक्कर काटते रहते थे, लेकिन अब पारदर्शी ऑनलाइन रिकॉर्ड के कारण ऐसी घटनाओं में कमी आई है।

तकनीक के सहारे मजबूत हुआ प्रशासन

राजस्व ई-कोर्ट प्रणाली के सफल संचालन के लिए प्रदेश के राजस्व न्यायालयों में कंप्यूटर, डिजिटल रिकॉर्ड प्रणाली और हाई-स्पीड इंटरनेट की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। इससे न्यायालयों के कार्य निष्पादन की गति बढ़ी है और अधिकारियों की जवाबदेही भी तय हुई है।

डिजिटल रिकॉर्ड सुरक्षित सर्वर में संग्रहीत होने से अब फाइलों के गुम होने, फटने या रिकॉर्ड में छेड़छाड़ जैसी समस्याएं लगभग समाप्त हो चुकी हैं। प्रशासनिक निगरानी भी आसान हुई है क्योंकि उच्च अधिकारी किसी भी न्यायालय की कार्यवाही ऑनलाइन मॉनिटर कर सकते हैं।

मोबाइल में कोर्टकी दिशा में बड़ा कदम

छत्तीसगढ़ की यह पहल वास्तव में “मोबाइल में कोर्ट” की अवधारणा को साकार करती दिखाई देती है। अब नागरिकों को केवल जानकारी लेने के लिए कार्यालयों के चक्कर नहीं काटने पड़ते। आदेश की कॉपी डाउनलोड करने से लेकर केस की स्थिति जानने तक अधिकांश सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध हैं।

ई-कोर्ट व्यवस्था ने यह साबित किया है कि यदि प्रशासनिक इच्छाशक्ति और तकनीक का सही समन्वय हो, तो शासन को वास्तव में जनसुलभ बनाया जा सकता है। यह पहल “ई-गवर्नेंस” को “स्मार्ट गवर्नेंस” में बदलने का उत्कृष्ट उदाहरण बनकर उभरी है।

सुशासन की दिशा में प्रभावी पहल

छत्तीसगढ़ सरकार की राजस्व ई-कोर्ट परियोजना केवल तकनीकी सुधार नहीं, बल्कि आम जनता को न्याय व्यवस्था से सीधे जोड़ने का अभिनव प्रयास है। इसने प्रशासन और नागरिकों के बीच की दूरी कम की है तथा न्यायिक प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, त्वरित और भरोसेमंद बनाया है।

डिजिटल इंडिया के इस दौर में छत्तीसगढ़ की यह पहल अन्य राज्यों के लिए भी प्रेरणा बन सकती है। यह परियोजना दर्शाती है कि तकनीक का उपयोग केवल सुविधाएं बढ़ाने के लिए नहीं, बल्कि शासन को अधिक उत्तरदायी और नागरिक-केंद्रित बनाने के लिए भी किया जा सकता है।

राजस्व न्यायालयों की यह डिजिटल यात्रा वास्तव में “गढ़बो नवा छत्तीसगढ़” के सपने को मजबूत आधार प्रदान कर रही है।जहां न्याय, पारदर्शिता और सुविधा अब लोगों की उंगलियों पर उपलब्ध है।

सुशासन तिहार 2026 : 13 गांवों के ग्रामीण हुए शामिल, आयुष्मान कार्ड, किसान क्रेडिट कार्ड और मृदा स्वास्थ्य कार्ड का किया गया वितरण…

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खारीबहार शिविर में 679 आवेदन प्राप्त, हितग्राहियों को मिला योजनाओं का लाभ’

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेशभर में संचालित सुशासन तिहार 2026 के तहत आमजन की समस्याओं के त्वरित निराकरण और शासकीय योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का अभियान निरंतर जारी है। इसी क्रम में जशपुर जिले के फरसाबहार विकासखंड अंतर्गत ग्राम खारीबहार क्लस्टर में जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें 13 ग्राम पंचायतों के ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई तथा पात्र हितग्राहियों को योजनाओं से लाभान्वित किया गया। शिविर के दौरान ग्रामीणों से कुल 679 आवेदन प्राप्त हुए, जिनके निराकरण के लिए विभागीय अधिकारियों द्वारा आवश्यक कार्रवाई की गई।

शिविर में जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों की उपस्थिति में विभिन्न योजनाओं के तहत हितग्राहियों को सामग्री एवं प्रमाण-पत्र वितरित किए गए। स्वास्थ्य विभाग द्वारा 15 हितग्राहियों को आयुष्मान कार्ड प्रदान किए गए, जिससे उन्हें गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिल सकेगा। वहीं कृषि विभाग द्वारा 10 किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड तथा 15 किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड वितरित किए गए। इससे किसानों को कृषि कार्यों के लिए आवश्यक ऋण सुविधा एवं मिट्टी की गुणवत्ता के अनुरूप वैज्ञानिक खेती करने में सहायता मिलेगी।

इसी प्रकार प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत 5 हितग्राहियों को आवास पूर्णता प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। साथ ही 24 हितग्राहियों को आधार कार्ड वितरित कर उन्हें विभिन्न शासकीय योजनाओं से जुड़ने की सुविधा उपलब्ध कराई गई।

सुशासन तिहार के तहत आयोजित शिविरों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में शासन की योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा रहा है। इससे लोगों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए दूरस्थ कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ रहे हैं, बल्कि प्रशासन स्वयं गांव स्तर पर पहुंचकर सेवाएं उपलब्ध करा रहा है। ग्रामीणों ने इस पहल की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त किया।

’मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराने के लिए सरकार सतर्क’

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प्रदेश में उर्वरकों का पर्याप्त भंडारण, वितरण व्यवस्था पर सतत निगरानी
वैश्विक परिस्थितियों के बीच खाद उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए बहुस्तरीय रणनीति पर काम
नैनो डीएपी एवं नैनो यूरिया के उपयोग के लिए किसानों को किया जा रहा जागरूक

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रदेश के किसानों को समय पर खाद एवं कृषि आदान उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। आगामी खरीफ सीजन को ध्यान में रखते हुए कृषि विभाग, सहकारिता विभाग, मार्कफेड तथा जिला प्रशासन के समन्वय से पूरे प्रदेश में उर्वरकों की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।

राज्य सरकार ने वैश्विक परिस्थितियों के कारण रासायनिक उर्वरकों की आपूर्ति प्रभावित होने की संभावनाओं को देखते हुए अग्रिम तैयारी की है। उर्वरकों के पर्याप्त भंडारण, समयबद्ध परिवहन और किसानों तक सुगम वितरण सुनिश्चित करने के लिए सभी जिलों के कलेक्टरों, कृषि अधिकारियों, सहकारिता विभाग तथा मार्कफेड को विशेष निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही उर्वरकों की कालाबाजारी, जमाखोरी और अनियमित वितरण पर रोक लगाने के लिए सतत निगरानी की जा रही है।

कृषि विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रदेश के विभिन्न जिलों में उर्वरकों का पर्याप्त भंडारण उपलब्ध है। पश्चिम एशिया में तनाव के कारण आयातित उर्वरकों की आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार उर्वरक आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए व्यापक रणनीति तैयार कर रही है। वर्तमान में राज्य में 9.29 लाख मीट्रिक टन विभिन्न प्रकार के रासायनिक खाद का स्टॉक गोदामों और सोसायटियों में उपलब्ध है। जबकि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रयास से केन्द्र सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ को इस खरीफ सीजन के लिए 15.55 लाख मीट्रिक टन उर्वरक का लक्ष्य  आबंटित हुआ हजिसमें यूरिया 7.25 लाख, डीएपी 3 लाख, एमओपी 80 हजार, एनपीके 2.5 लाख तथा एसएसपी 2 लाख मीट्रिक टन शामिल हैं। वर्तमान में प्रदेश के गोदामों एवं समितियों में लगभग 9.29 लाख मीट्रिक टन खाद उपलब्ध है।

कृषि विभाग के संचालक श्री राहुल देव ने बताया कि किसानों को पर्याप्त खाद्य मिले इसके लिए लगातार प्रयासरत है। उन्होंने बताया कि जून 2026 अंतर्गत 1 जून 2026 की स्थिति में रेक प्वाइंट तिल्दा, जिला रायपुर में 1319 मीट्रिक टन यूरिया, रेक प्वाइंट बेलसोंडा महासमुंद 1316 मीट्रिक टन यूरिया इसी प्रकार रेक प्वाइंट खरसिया, जिला रायगढ़ 2646 मीट्रिक टन यूरिया और रेक प्वाइंट जिला बालोद में 1319 मीट्रिक टन यूरिया, इस तरह कुल 6600 मीट्रिक टन यूरिया की खेप आने वाली हैं। इससे किसानों को काफी राहत मिलेगी।

कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि गरियाबंद जिले में वर्तमान में 17,818 मीट्रिक टन रासायनिक उर्वरक तथा नैनो यूरिया एवं नैनो डीएपी का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। इसी प्रकार खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले की मुकुरमुडा समिति में खरीफ सीजन के लिए 362 मीट्रिक टन उर्वरकों का अग्रिम भंडारण किया गया है। किसानों को गांवों के निकट ही खाद उपलब्ध कराने के लिए अतिरिक्त गोदामों की व्यवस्था भी की गई है। वहीं मुंगेली जिले में यूरिया वितरण के दौरान तकनीकी प्रक्रिया के कारण उत्पन्न हुई अस्थायी स्थिति का तत्काल समाधान कर प्रशासन एवं कृषि विभाग की निगरानी में किसानों को व्यवस्थित रूप से खाद उपलब्ध कराया गया। बस्तर जिले में खरीफ 2026 हेतु उर्वरक भंडारण एवं वितरण का कुल लक्ष्य 46,050 मीट्रिक टन निर्धारित है, जिसके विरुद्ध वर्तमान में सहकारी समितियों एवं निजी विक्रेताओं के पास 18,341 मीट्रिक टन तथा मार्कफेड एवं थोक विक्रेताओं के पास 11,378 मीट्रिक टन उर्वरक उपलब्ध है। इस प्रकार जिले में कुल 29,719 मीट्रिक टन उर्वरक उपलब्ध है, जो निर्धारित लक्ष्य का लगभग 64 प्रतिशत है।

रायपुर जिले में यूरिया की समितियों में वर्तमान उपलब्धता 9,102 मीट्रिक टन है, जबकि संग्रहण केंद्रों से कुल 10,732 मीट्रिक टन यूरिया भंडारित किया गया है। इसी प्रकार डी.ए.पी. की समितियों में वर्तमान उपलब्धता 3,092 मीट्रिक टन है, जबकि कुल भंडारित मात्रा 3,927 मीट्रिक टन है।  किसानों की सुविधा और सुचारू वितरण व्यवस्था के लिए भूमि की उपलब्धता के आधार पर यूरिया के वितरण की किश्तें भी निर्धारित की गई हैं। इसके तहत ढाई एकड़ तक की भूमि वाले सीमांत कृषकों को निर्धारित यूरिया की मात्रा एकमुश्त प्रदाय की जाएगी। ढाई एकड़ से पांच एकड़ तक की भूमि वाले लघु कृषकों को उर्वरक का उठाव दो किश्तों में करने की सुविधा होगी, जबकि पांच एकड़ से अधिक भूमि वाले बड़े कृषकों को यूरिया का प्रदाय तीन किश्तों में सुगमतापूर्वक सुनिश्चित किया जाएगा।

राजनांदगांव जिले में खरीफ वर्ष 2026 हेतु 68690 मेट्रीक टन का लक्ष्य रखा गया है, जिले में अद्यतन सहकारी एवं निजी क्षेत्र को मिलाकर 42997 मेट्रीक टन खाद उपलब्ध है, जिसमें 17559 मेट्रिक टन यूरिया, 4271 मेट्रिक टन डीएपी, 10578 मेट्रिक टन एनपीके, 3471 मेट्रिक टन एमओपी एवं 7119 मेट्रिक टन सिंगल सुपर फास्फेट खाद उपलब्ध हैं, जो गतवर्ष इसी अवधि की तुलना से 43ः अधिक हैं। सेवा सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों को लगातार खाद वितरण किया जा रहा है, जिले में 10874 किसानों को खाद प्रदाय किया जा चुका हैं, जिसमें 7193 मेट्रिक टन यूरिया, 1807 मेट्रिक टन डीएपी, 4669 मेट्रिक टन एनपीके, 1322 मेट्रिक टन एमओपी एवं 2214 मेट्रिक टन सिंगल सुपर फास्फेट खाद किसानों को खरीफ फसलों हेतु वितरण किया जा चुका है तथा जिले में उर्वरकों की कमी नहीं हैं।

कोरिया जिले में सभी उर्वरकों को मिलाकर कुल 12,150 मीट्रिक टन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसके विरुद्ध अब तक 6,196 मीट्रिक टन उर्वरक का वितरण किया जा चुका है। लक्ष्य की तुलना में लगभग 5,530 मीट्रिक टन उर्वरक का वितरण शेष है। उन्होंने बताया कि जिले की सभी समितियों में खाद भंडारण एवं वितरण की नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है। खरीफ 2026 के लिए बिलासपुरं जले को 68,950 टन रासायनिक उर्वरकों का लक्ष्य प्राप्त हुआ है। सके विरुद्ध अब तक 46,780 टन से अधिक उर्वरकों का भंडारण किया जा चुका है, जो लक्ष्य का लगभग 60.28 प्रतिशत है। वहीं किसानों को अब तक 19,912 टन से अधिक उर्वरकों का वितरण किया जा चुका है।जिले में वर्तमान में कुल 41,560 टन उर्वरक का भंडार उपलब्ध है। इनमें यूरिया 22,996 टन, डीएपी 5,621 टन, एनपीके 6,808 टन, एसएसपी 4,981 टन तथा एमओपी 1,155 टन शामिल है। कृषि विभाग द्वारा लगातार उर्वरक कंपनियों से अतिरिक्त रैक प्राप्त कर भंडारण बढ़ाया जा रहा है ताकि खरीफ सीजन के दौरान किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।

जिला कोरबा में 1 अप्रैल से 31 मई 2026 तक कुल 2101.85 मीट्रिक टन उर्वरकों का वितरण किसानों को किया गया है। कृषि विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार उक्त अवधि में सर्वाधिक 1165.85 मीट्रिक टन यूरिया का वितरण किया गया। इसके अलावा 310.85 मीट्रिक टन डीएपी, 67.75 मीट्रिक टन एमओपी, 437.70 मीट्रिक टन एसएसपी तथा 119.70 मीट्रिक टन एनपीके उर्वरक किसानों को उपलब्ध कराया गया। अप्रैल माह में कुल 191.51 मीट्रिक टन उर्वरक वितरित किया गया, जबकि मई माह में वितरण बढ़कर 1910.34 मीट्रिक टन तक पहुंच गया।

धमतरी जिले में वर्तमान स्थिति के अनुसार कुल 19,358 मीट्रिक टन उर्वरकों का भण्डारण किया गया है, जिसमें से 4,318 मीट्रिक टन उर्वरकों का किसानों को वितरण किया जा चुका है। वितरण उपरांत विभिन्न उर्वरकों का कुल 15,040 मीट्रिक टन भण्डार उपलब्ध है, जिससे किसानों की आवश्यकता की पूर्ति सुनिश्चित की जा सकेगी। उपलब्ध भण्डारण में यूरिया 8,017 मीट्रिक टन, सिंगल सुपर फास्फेट (एसएसपी) 3,005 मीट्रिक टन, पोटाश 1,084 मीट्रिक टन, डीएपी 2,169 मीट्रिक टन तथा एनपीके 5,083 मीट्रिक टन शामिल है। वर्तमान तक यूरिया 1,902 मीट्रिक टन, एसएसपी 588 मीट्रिक टन, पोटाश 216 मीट्रिक टन, डीएपी 572 मीट्रिक टन एवं एनपीके 1,040 मीट्रिक टन का वितरण किसानों को किया जा चुका है।

उल्लेखनीय है कि प्रदेश के सभी जिलों में सहकारी समितियों के माध्यम से यूरिया, डीएपी, एनपीके, एसएसपी और एमओपी उर्वरकों का पर्याप्त भंडारण कर किसानों को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार वितरण किया जा रहा है। राज्य सरकार किसानों को संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन अपनाने के लिए भी प्रोत्साहित कर रही है। इसी कड़ी में नैनो डीएपी और नैनो यूरिया जैसे आधुनिक एवं प्रभावी उर्वरकों के उपयोग के प्रति किसानों को जागरूक किया जा रहा है। कृषि वैज्ञानिकों एवं विभागीय अधिकारियों द्वारा किसानों को इनके लाभों की जानकारी दी जा रही है, ताकि पारंपरिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करते हुए कृषि लागत में कमी और पोषक तत्वों के बेहतर उपयोग को बढ़ावा दिया जा सके।

कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि नैनो उर्वरकों का उपयोग पूरी तरह वैकल्पिक है तथा किसानों को उनकी आवश्यकता और सहमति के आधार पर ही उपलब्ध कराया जा रहा है। राज्य सरकार का उद्देश्य किसानों को अधिक विकल्प उपलब्ध कराना और भविष्य की संभावित आपूर्ति चुनौतियों से निपटने के लिए कृषि क्षेत्र को तैयार करना है।
कृषि मंत्री श्री राम विचार नेताम ने कहा कि किसानों के हितों से जुड़े मामलों में सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। इसी कड़ी में कोरिया जिले की जिल्दा सहकारी समिति में उर्वरक वितरण एवं भंडारण में अनियमितता पाए जाने पर त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित समिति प्रबंधक के विरुद्ध एफआईआर दर्ज की गई है तथा विभागीय जांच भी प्रारंभ की गई है। उन्होंने कहा कि किसानों के अधिकारों से समझौता करने वाले किसी भी व्यक्ति या संस्था के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि खरीफ सीजन के दौरान किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। इसके लिए उर्वरकों की उपलब्धता, परिवहन, भंडारण और वितरण की नियमित समीक्षा की जा रही है। राज्य सरकार की प्राथमिकता है कि प्रत्येक किसान को समय पर आवश्यक खाद एवं कृषि आदान उपलब्ध हो और खेती-किसानी का कार्य निर्बाध रूप से संचालित हो सके। प्रदेश में उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने, वितरण व्यवस्था को पारदर्शी बनाने तथा कालाबाजारी पर प्रभावी नियंत्रण के लिए शासन स्तर पर लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है।

CG: हम सभी समाज संगठन में अपनी भूमिका निभाएं, शहीद कर्नल विप्लव त्रिपाठी स्टेडियम में संघ के तरुण व्यवसायी वर्ग का समापन…

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हम सभी समाज संगठन में अपनी भूमिका निभाएं

 राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्य विस्तार का एक महत्वपूर्ण आधार प्रतिवर्ष ग्रीष्मकल में आयोजित होने वाले संघ शिक्षा वर्ग-कार्यकर्ता विकास वर्ग हैं. इस वर्ष छत्तीसगढ़ प्रांत का संघ शिक्षा वर्ग सामान्य विद्यार्थी एवं महाविद्यायालिन 16 मई दोपहर से साधु राम विद्या मंदिर सूरजपुर में प्रारंभ होकर 31 मई को समापन हुआ.

1 जून को दीक्षांत समारोह के साथ स्वयंसेवक राष्ट्र सेवा का संकल्प लेकर कार्यक्षेत्र की ओर बढ़े.

छत्तीसगढ़ के 33 जिलों से आए कुल 196 शिक्षार्थियों ने सहभागी लिया.

समापन अवसर पर भारी बारिश के बीच भी सभी कार्यक्रम यथावत जारी रहे. भारी बारिश के बीच 45 मिनट तक गणसमता पदविन्यास दंड संचालन, खेल, योगआसन एवं सामाजिक समरसता का सामूहिक प्रदर्शन देखने योग्य रहा.

समापन अवसर पर मुख्य अतिथि श्री बाल भगवान राम जी श्री योगेश्वर सिंह जी माननीय जिला संघचालक दुर्गा चरण सिंह जी माननीय प्रांत संचालक श्री टोप लाल वर्मा जी मुख्य वक्ता सह प्रांत प्रचारक श्री नारायण नामदेव जी मंच पर उपस्थित थे.  मुख्य अतिथि श्री बाल भगवान राम जी  ने कहा कि मैं रविदास समाज से हूं संत महात्मा  किसी एक समाज के नहीं होते. संत सभी समाज के होते हैं. उनका संदेश सभी मानव जाति के कल्याण के लिए होता है, इसलिए हम सबको याद रखना है कि देश सर्वोपरि है.  देश के सेवा के लिए हम सबको सेवा संकल्प और समर्पण के साथ काम करना होगा.

मुख्य वक्ता सह प्रांत प्रचारक नारायण नामदेव ने कहा कि जल बृष्टि करके सर्व शक्तिमान का आशीर्वाद हमको मिला है. संघ शिक्षा वर्ग का प्रकट समारोह चल रहा है जलवृष्टि के बावजूद भी आपने शारीरिक शिक्षण का प्रदर्शन पूर्ण मनोयोग से किया है. इसी कड़ी में डॉक्टर केशव बलिराम हेडगेवार का जीवन देश की दूरदर्शिता उच्च उद्देश्य की पूर्ति के लिए 1925 में नागपुर में शाखा के रूप में व्यक्ति निर्माण का कार्य प्रारंभ किया. इस देश को अपना मानकर जीने मरने वाला बनाया. संघ की शाखा एक बड़ी अनूठी पद्धति  है. हिंदू समाज के संगठन के लिए स्वयंसेवक लगे हुए हैं.  समाज के जिस क्षेत्र में आवश्यकता होती है संघ के स्वयंसेवक कार्य करते हैं.

माननीय प्रांत संचालक टोपलाल वर्मा जी ने दीक्षांत समारोह के अवसर पर अपने उद्बोधन में कहा स्वयंसेवक समर्पणभाव लेकर घर जा रहे हैं. 15 दिन वर्ग में एक साथ रहने के कारण एक भाव बन गया है. प्रशिक्षण के बाद हम सभी संघ के विभिन्न  कार्य पद्धति को और भी स्पष्टता से देखा जाना इसका कार्य क्षेत्र में लाभ होगा.

शहीद कर्नल विप्लव त्रिपाठी स्टेडियम में संघ के तरुण व्यवसायी वर्ग का समापन

15 दिवसीय प्रशिक्षण वर्ग में युवाओं को मिला राष्ट्र निर्माण का संदेश

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा आयोजित 15 दिवसीय तरुण व्यवसायिक वर्ग का समापन रविवार सायं स्थानीय शहीद कर्नल विप्लव त्रिपाठी स्टेडियम में भव्य एवं गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। 16 मई से 1 जून तक वैदिक इंटरनेशनल स्कूल में आयोजित इस वर्ग के समापन समारोह में रायगढ़ एवं आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में नागरिक, व्यवसायी, प्रबुद्धजन,मातृशक्ति उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ सिख समाज के जिला अध्यक्ष सरदार प्रीतपाल सिंह टुटेजा तथा मुख्य वक्ता अखिल भारतीय सह संगठन मंत्री (विद्या भारती) श्रीराम अरावकर रहे, कार्यक्रम में सर्वाधिकारी संजय पाण्डेय एवं जिला संघचालक डॉ. प्रकाश मिश्रा भी मंचासीन रहे।

कार्यक्रम में स्वयंसेवकों ने समता, नियुद्ध, दंड संचालन तथा संघ घोष के साथ आकर्षक शारीरिक प्रदर्शन प्रस्तुत किए। अनुशासित एवं प्रभावशाली प्रस्तुतियों ने उपस्थित दर्शकों का मन मोह लिया, वर्ग कार्यवाह दिलेश्वर उमरे ने प्रतिवेदन में वर्ग के 15 दिनों की सम्पन्न रूपरेखा रखी. कुल 107 व्यवसायी शिक्षार्थि,36 शिक्षक, प्रबंधक सहित 200 संख्या का आवासीय प्रशिक्षण सम्पन्न हुआ भरत साहू व्यवस्था प्रमुख द्वारा आभार व्यक्त किया गया.

अपने संबोधन में श्रीराम अरावकर ने कहा कि तरुण व्यवसायिक वर्ग का उद्देश्य युवा वर्ग में राष्ट्र प्रथम की भावना विकसित करना तथा उन्हें समाज जीवन में सकारात्मक भूमिका निभाने के लिए तैयार करना है. उन्होंने कहा कि युवा देश की आर्थिक एवं सामाजिक प्रगति का महत्वपूर्ण आधार है तथा संघ के संस्कारों से प्रेरित युवा समाज में सेवा एवं संगठन के कार्यों को आगे बढ़ा सकते हैं. उन्होंने पंच परिवर्तन के संदेश के साथ आज के समय की आवश्यकता पर प्रकाश डाला. उन्होंने बताया कि भीषण गर्मी के बावजूद शिक्षार्थियों ने अपना व्यय स्वयं वहन कर प्रशिक्षण प्राप्त किया तथा 15 दिनों तक मोबाइल से दूर रहकर अनुशासन, आत्मसंयम एवं राष्ट्रभक्ति के संस्कार अर्जित किए. उन्होंने संघ संस्थापक परम पूजनीय डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार के जीवन प्रसंगों का उल्लेख करते हुए उनके राष्ट्र समर्पित जीवन से प्रेरणा लेने का आह्वान किया.

2 हज़ार से अधिक संख्या में समाजजनों की उपस्थिति से भी वातावरण बन रहा था.
पूरे कार्यक्रम प्रधानमंत्री जी के आह्वान का दृश्य भी दिखा अधिकांश लोग कार में संयुक्त रूप से यात्रा कर वर्ग स्थान पर पहुंचे.

मोदी सरकार का बड़ा एक्शन, CBSE के चेयरमैन राहुल सिंह और सचिव हिमांशु गुप्ता का तबादला….

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मोदी सरकार का बड़ा एक्शन, CBSE के चेयरमैन राहुल सिंह और सचिव हिमांशु गुप्ता का तबादला….

मोदी सरकार का बड़ा एक्शन, सीबीएसई के अध्यक्ष राहुल सिंह और सचिव हिमांशु गुप्ता का तबादला’

सीबीएसई (CBSE) से जुड़े मुद्दों को लेकर केंद्र की मोदी सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. CBSE के चेयरमैन राहुल सिंह और सचिव हिमांशु गुप्ता का तबादला कर दिया गया है.

केंद्र की मोदी सरकार ने केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) जुड़े मुद्दों को लेकर बड़ा कदम उठाया है. CBSE के चेयरमैन राहुल सिंह और सचिव हिमांशु गुप्ता का तबादला कर दिया गया है. सीबीएसई की ‘ऑन- स्क्रीन मार्किंग’ (OSM) प्रणाली में बड़े पैमाने पर हुईं कथित अनियमितताओं के बाद ये कदम उठाया गया है.

ऑन- स्क्रीन मार्किंग को लेकर इंक्वायरी कमेटी का भी गठन

CBSE की ओर से ऑन-स्क्रीन मार्किंग की प्रक्रिया में गड़बड़ी की जांच के लिए एक इंक्वायरी कमेटी का भी गठन किया गया है. यह समिति पूरे मामले की गहराई से जांच करेगी. इस समिति की कमान कैपेसिटी बिल्डिंग कमिशन (CBC) की अध्यक्ष एस. राधा चौहान को सौंपी गई है. वह जरूरत पड़ने पर दूसरे विभागों के अधिकारियों की मदद ले सकती हैं.

इसके अलावा, समिति को कामकाज में मदद देने की जिम्मेदारी भी कैपेसिटी बिल्डिंग कमिशन को ही सौंपी गई है. इस समिति को अपनी जांच पूरी करके एक महीने के भीतर कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) को अपनी रिपोर्ट सौंपनी होगी. ऑन-स्क्रीन मार्किंग के तहत छात्रों की कॉपियों को स्कैन करके कंप्यूटर स्क्रीन पर जांचा जाता है. सीबीएसई का दावा है कि इससे कॉपियां जल्दी और बिना किसी भेदभाव के जांची जाती हैं, लेकिन इस व्यवस्था के लागू होने के बाद छात्रों और अभिभावकों ने कई तरह की शिकायतें की हैं.

छात्रों और अभिभावकों का क्या है आरोप ?

छात्रों और अभिभावकों का आरोप है कि डिजिटल तरीके से कॉपियां जांचने के बाद जब रिजल्ट आया तो नंबरों के दोबारा मिलान (री-इवैल्युएशन) की प्रक्रिया में उन्हें सही और साफ जानकारी नहीं मिली. कुछ छात्रों का कहना है कि उन्होंने जितना अच्छा लिखा था, उन्हें उससे बहुत कम नंबर मिले, जबकि कुछ का तो यह भी दावा है कि उनके रिजल्ट में जो कॉपी जांची गई, वह उनकी थी ही नहीं. इसके अलावा कॉपियों के खराब स्कैन होने, कंप्यूटर पर जांच के दौरान तकनीकी खराबी आने, नंबर चढ़ाने में गलती होने और डिजिटल तरीके में कमियां ढूंढना मुश्किल होने जैसी शिकायतें भी सामने आई हैं.

Train Cancelled: रेल यात्रियों की बढ़ेगी मुसीबत, 6 जून तक इस रूट की दर्जनों ट्रेनें रद्द और डायवर्ट, देखें लिस्ट…

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Train Cancelled: अगर आप आने वाले दिनों में ट्रेन से सफर करने की सोच रहे हैं तो यह खबर आपके लिए जरूरी है. रेलवे ने दिल्ली-अंबाला रूट पर ब्लॉक के कारण कई ट्रेनों को रद्द और डायवर्ट किया है.

Train Cancelled List in June: अगर आप भी हाल फिलहाल में ट्रेन से सफर करने वाले हैं तो ये खबर आपके लिए है. अंबाला रेल मंडल के शाहबाद मारकंडा और मोहरी स्टेशनों के बीच लूप लाइनों के विस्तार और नए इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग (EI) सिस्टम को चालू करने के लिए रेलवे ने ब्लॉक लिया है.

ये ब्लॉक 30 मई से 6 जून 2026 तक चलेगा, जिसकी कारण दिल्ली-चंडीगढ़ रूट पर यात्रा करने वाले यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. बता दें कि इस काम के चलते टोटल 22 ट्रेनें पूरी तरह रद्द कर दी गई हैं, 29 ट्रेनों के रूट बदल दिए गए हैं और साथ ही कई ट्रेनों को रीशेड्यूल भी किया गया है.

प्रमुख प्रभावित ट्रेनें कौन सी है?

  • 6 जून को वंदे भारत और शताब्दी एक्सप्रेस रद्द है.
  • वहीं 6 जून को नई दिल्ली-चंडीगढ़ शताब्दी एक्सप्रेस (12045/12046)
  • और अजमेर-चंडीगढ़ वंदे भारत एक्सप्रेस (20977/20978) रद्द है.

गरीब रथ एक्सप्रेस

  • अजमेर-चंडीगढ़ गरीब रथ एक्सप्रेस (12983) 31 मई और 2 जून को रद्द
  • चंडीगढ़-अजमेर गरीब रथ एक्सप्रेस (12984) 1 जून और 3 जून को रद्द

डायवर्ट की गई ट्रेनें कौन सी है?

डायवर्ट ट्रेनों की बात करें तो चंडीगढ़-यशवंतपुर कर्नाटक संपर्क क्रांति एक्सप्रेस ( 22686) को 2 जून को अंबाला-सहारनपुर-मेरठ-गाजियाबाद रूट से चलाया गया. वहीं चंडीगढ़-मडगांव गोवा संपर्क क्रांति एक्सप्रेस (12450) को 1 जून को बदले हुए रास्ते से चलाया गया. रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा से पहले NTES या हेल्पलाइन 139 पर अपनी ट्रेन की स्थिति जरूर चेक करें, ताकि उन्हें किसी भी तरह की दिक्कत का सामना न करना पड़े.

TMC में टूट पर रिजू दत्ता का बड़ा दावा…

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रिजू दत्ता ने कहा कि TMC के दो MLA रितब्रता बनर्जी और संदीपन साहा ने स्पीकर को चिट्ठी लिखकर दावा किया कि उनके हस्ताक्षर जाली हैं. यह सुनकर तृणमूल कांग्रेस ने इन दोनों विधायकों को निष्कासित कर दिया.

पश्चिम बंगाल में टीएमसी की टूट को लेकर निष्कासित नेता रिजू दत्ता ने बड़ा दावा किया है. उन्होंने कहा कि टीएमसी के 50 विधायकों ने बैठक की है और ये विधायक चुनाव चिह्न पर कब्जा करना चाहते हैं.

रिजू दत्ता ने कहा कि टीएमसी के दो विधायकों रितब्रता बनर्जी और संदीपन साहा ने विधानसभा स्पीकर को चिट्ठी लिखकर दावा किया कि उनके हस्ताक्षर जाली हैं. यह सुनकर तृणमूल कांग्रेस ने इन दोनों विधायकों को निष्कासित कर दिया. उन्होंने दावा किया, ‘मैंने कई सालों तक तृणमूल कांग्रेस में काम किया है, इसलिए मुझे खबर मिली और कुणाल घोष ने भी प्रेस में बताया कि रितब्रता बनर्जी के नेतृत्व में करीब 50 टीएमसी विधायक एक होटल में मिले. उन्होंने फोन पर भी बात की और शाम को विधायक छात्रावास में कई विधायकों के साथ बैठक की. आज दोपहर करीब दो बजे वे एकजुट होकर विधानसभा अध्यक्ष से मिलेंगे और तीन मुख्य मुद्दे उठाएंगे.’

टीएमसी के निष्कासित प्रवक्ता ने कहा, ‘पहला, हमारे पास दो-तिहाई बहुमत है. करीब 50 विधायक हमारे साथ हैं. हम असली तृणमूल कांग्रेस हैं. दूसरा, चूंकि हम असली तृणमूल कांग्रेस हैं, इसलिए विपक्ष के नेता रितब्रता बनर्जी होंगे न कि शोभनदेब चट्टोपाध्याय. तीसरा, हमारे पास दो-तिहाई बहुमत है, इसलिए यह चिन्ह हमारा होना चाहिए.’

अभिषेकममता बनर्जी को लेनी होगी जिम्मेदारी: दत्ता

रिजू दत्ता ने कहा कि मैं दो बहुत महत्वपूर्ण बातें कहना चाहता हूं. पहली- अभिषेक बनर्जी को जिम्मेदारी लेनी होगी. जिन लोगों को अभिषेक बनर्जी ने हाथ पकड़कर इस पार्टी में लाया, उन्होंने पार्टी को धोखा दिया है. तृणमूल कांग्रेस की नेता ममता बनर्जी को भी जिम्मेदारी लेनी होगी. जो मैंने 8 और 9 तारीख को कहा था, आज वे वही बात कह रहे हैं. वे I-PAC से नाराज हैं. वे अभिषेक बनर्जी से नाराज हैं.’

बंगाल में TMC के दो विधायक सस्पेंड

बंगाल में टीएमसी की टूट की खबरों ने जोर इसलिए पकड़ा क्योंकि ममता बनर्जी ने सोमवार को दो विधायक रितब्रता बनर्जी और संदीपन को निष्कासित कर दिया. कल ही एक होटल में छह विधायक मिले थे, जहां दो बागी विधायक भी मौजूद थे. बागी विधायक रितब्रता बनर्जी को ही विधानसभा में नेता विपक्ष बनाना चाहते हैं, जबकि ममता बनर्जी ने अपने करीबी शोभनदेब चट्टोपाध्याय को एलओपी बनाया है.

13 विधायकों के हुए चिट्ठी पर जाली हस्ताक्षर

स्पीकर को जो चिट्टी दी गई थी उसमें 13 विधायकों के हस्ताक्षर किसी और ने किए हैं. स्पीकर को कंप्लेन मिली थी जिसकी जांच अब CID कर रही है. इसी सिलसिले में कल अभिषेक बनर्जी को CID ने बुलाया था, लेकिन वो नहीं गए, समय मांगा. CID ने आठ जून को फिर समन किया है.विधायक दल का नेता, मुख्य सचेतक वाली चिट्टी, अभिषेक बनर्जी ने स्पीकर को लिखी थी. विधायक के हस्ताक्षर वाला पन्ना उसके साथ लगाया था. तीन विधायकों ने CID को बताया कि ये उनके हस्ताक्षर नहीं है.

ऐसे में बागी विधायकों का खेमा इस तैयारी में है कि अगर 40 से ऊपर विधायक उनके साथ आ जाएं तो बैठक बुला कर, TMC विधायक दल का नेता चुन लिया जाए. किसी और को नेता विरोधी दल का स्पीकर के पास जाकर दावा पेश करें.

IPL 2026 में चमके 5 विदेशी दिग्गज, इन खिलाड़ियों ने धमाकेदार प्रदर्शन से लूटी महफिल…

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IPL 2026 5 Best Foreign Players: आईपीएल 2026 में कई बड़े खिलाड़ी उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सके, लेकिन कई ऐसे भी खिलाड़ी रहे, जिन्होंने शानदार प्रदर्शन किया.

आईपीएल 2026 कई खिलाड़ियों के लिए किसी बुरे सपने से कम नहीं रहा तो कई ऐसे भी खिलाड़ी रहे, जिन्होंने इस सीजन को यादगार बना दिया. राजस्थान रॉयल्स के वैभव सूर्यवंशी ने सबसे ज्यादा रन बनाकर ऑरेंज कैप अपने नाम की तो गुजरात टाइटंस के लिए खेले कगिसो रबाडा ने सबसे ज्यादा विकेट लेकर पर्पल कैप जीती. इस सीजन कई विदेशी खिलाड़ी भी दमदार प्रदर्शन करने में नाकाम रहे. वहीं कई ऐसे विदेशी प्लेयर्स रहे, जिन्होंने उम्मीद से अच्छा किया. यहां हम आपको आईपीएल 2026 में शानदार प्रदर्शन करने वाले पांच विदेशी खिलाड़ियों के बार में बताएंगे.

1- हेनरिक क्लासेन 

सनराइजर्स हैदराबाद के हेनरिक क्लासेन का प्रदर्शन आईपीएल 2026 में लाजवाब रहा. क्लासेन ने 15 मैचों में 160 के स्ट्राइक रेट से 624 रन बनाए. वह सीजन में सर्वाधिक रन बनाने वाले टॉप 5 बल्लेबाजों में शामिल रहे. इस विकेटकीपर बल्लेबाज ने आईपीएल 2026 में कुल 6 अर्धशतक लगाए . आईपीएल 2026 क्लासेन के करियर का सबसे बेस्ट सीजन रहा.

2- जोफ्रा आर्चर 

राजस्थान रॉयल्स के जोफ्रा आर्चर ने आईपीएल 2026 में अपनी गेंदबाजी से हर किसी को प्रभावित किया. आर्चर ने 16 मैचों में 25 विकेट चटकाए. वह इस सीजन सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले तीसरे गेंदबाज रहे. आर्चर ने राजस्थान रॉयल्स को दूसरे क्वालीफायर तक पहुंचने में गेंद से अहम भूमिका निभाई.

3- कगिसो रबाडा

गुजरात टाइटंस की ओर से खेलते हुए तेज गेंदबाज कगिसो रबाडा का प्रदर्शन लाजवाब रहा. रबाडा इस सीजन में सर्वाधिक विकेट लेने वाले गेंदबाज रहे और उन्होंने 17 मुकाबलों में 29 विकेट चटकाए. रबाडा की धारदार गेंदबाजी के बूते गुजरात टाइटंस आईपीएल 2026 में फाइनल तक का सफर तय करने में सफल रही.

4- कूपर कोनोली

आईपीएल के अपने पहले ही सीजन में कूपर कोनोली ने पंजाब किंग्स की तरफ से खेलते हुए खासा प्रभावित किया. भले ही पंजाब किंग्स प्लेऑफ में पहुंचने से नाकाम रही, लेकिन कोनोली ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 14 मुकाबलों में 163 के स्ट्राइक रेट से 491 रन बनाए. उन्होंने इस सीजन एक शतक और 2 अर्धशतक लगाए.

5- मिचेल मार्श

लखनऊ सुपर जायंट्स (एलएसजी) के लिए मिचेल मार्श ने बल्ले से दमदार प्रदर्शन किया. मार्श आईपीएल 2026 में एलएसजी की तरफ से अकेले ही लड़ाई लड़ते हुए नजर आए. बाकी बल्लेबाजों के लचर प्रदर्शन के बावजूद मार्श ने 13 मुकाबलों में 163 के स्ट्राइक रेट से 563 रन बनाए. इस दौरान उन्होंने एक शतक और 3 अर्धशतक लगाए.