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काशी में 10 हजार नागा गदा-तलवार लहराते निकले, बाबा विश्वनाथ का दूल्हे जैसा श्रृंगार…

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काशी विश्वनाथ मंदिर में महाशिवरात्रि पर भक्तों के साथ ही अखाड़ों के साधु-संतों का सैलाब उमड़ पड़ा। आज बुधवार की सुबह से गोदौलिया क्षेत्र हर- हर महादेव के जयकारे से गूंज रहा है। काशी विश्वनाथ धाम में पुष्पवर्षा के साथ नागा संन्यासियों का स्वागत किया गया। इस दौरान सभी अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे। महाशिवरात्रि पर बुधवार को काशी में प्रयागराज महाकुंभ जैसा नजारा दिखा। हनुमान घाट से बाबा के धाम तक श्रद्धालुओं ने दिव्य और भव्य नजारे का दर्शन किया। यह पहला मौका था, जब नागा साधु-संन्यासियों ने काशी विश्वनाथ धाम में गेट नंबर चार यानी ज्ञानवापी मार्ग से प्रवेश किया। हर-हर महादेव का जयकारा लगाते हुए नागा संन्यासियों की टोली धाम में पहुंची। इससे पहले नागा संन्यासियों को ढुंढिराज गणेश मार्ग से मंदिर परिसर में प्रवेश मिलता था। हाथ में गदा-त्रिशूल। हाथी-घोड़े की सवारी। शरीर पर भस्म और फूलों की माला। हर-हर महादेव का उद्घोष। काशी में कुछ इस अंदाज में 7 शैव अखाड़ों के करीब 10 हजार से ज्यादा नागा साधु बाबा विश्वनाथ का दर्शन करने के लिए पहुंच रहे हैं।
जूना अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि, निरंजनी अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर कैलाशानंद गिरि, आनंद अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर बालकानंद गिरि, महानिर्वाणी अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर विशोकानंद महाराज, सुमेरुपीठ के पीठाधीश्वर स्वामी नरेंद्रानंद सरस्वती और अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष रवींद्र पुरी महाराज राजसी यात्रा की अगुवाई में राजसी यात्रा (पेशवाई) निकाली गई।

मंदिर के बाहर आधी रात से ही भक्तों की लाइनें लगी हुई हैं। करीब 2 लाख भक्त 3km लंबी कतार में लगे हैं। तड़के 2:15 बजे बाबा विश्वनाथ की मंगला आरती हुई। बाबा विश्वनाथ का दूल्हे की तरह श्रृंगार किया गया।इसके बाद, मंदिर के कपाट भक्तों के लिए खोल दिए गए। महाकुंभ पर महाशिवरात्रि का यह संयोग 6 साल बाद बना है। इससे पहले, 2019 के कुंभ में ऐसा संयोग बना था, तब 15 लाख श्रद्धालु काशी पहुंचे थे। कुंभ के बाद महाशिवरात्रि की खास बात यह रहती है कि शैव अखाड़े के नागा साधु भी बाबा का दर्शन करने आते हैं।8 मार्च 2024, यानी पिछले साल शिवरात्रि पर 11 लाख श्रद्धालुओं ने बाबा के दर्शन किए थे। आज 25 लाख लोगों के पहुंचने का अनुमान है।

नोट कर लें महाशिवरात्रि पूजन सामग्री लिस्ट, इसके बिना अधूरी रहेगी शिवजी की पूजा

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महाशिवरात्रि, हिंदू धर्म का एक महत्वपूर्ण त्योहार है। इसी दिन माता पार्वती जी और भगवान शिव जी का विवाह हुआ था। महाशिवरात्रि हर वर्ष के फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाया जाता है। इस वर्ष यह दिन बुधवार, 26 फरवरी 2025 को आया है। इस दिन माता पार्वती और भगवान शिव गृहस्थ जीवन में बंधे थे।

मान्यता है कि जो व्यक्ति महाशिवरात्रि पर भगवान शिव की सच्चे मन से उपासना करता है उस व्यक्ति की सारी इच्छाएं पूरी हो जाती है।शिवपुराण के अनुसार, महाशिवरात्रि पर चार प्रहर की पूजा का विशेष महत्व है। पहला प्रहर स्वास्थ्य और दीर्घायु के लिए दूसरे प्रहर की पूजा धन समृद्धि के लिए तीसरे प्रहर की पूजा संतान सुख की कमाना या फिर कोई भी मनोकामना पूर्ति के लिए। चौथे प्रहर की पूजा मोक्ष और भगवान शिव की कृपा पाने के लिए। आइए जानते हैं महाशिवरात्रि पूजा में कौनसी सामग्री की जरुरत है।

1) मिट्टी के दीपक 5 या 11
2) बेलपत्र
3) धतूरा
4) भांग
5) शिव पार्वती की प्रतिमा और शिवलिंग
6) नारियल
7) रक्षासूत्र
8) कुमकुम
9) सिंदूर
10) भस्म
11) केसर
12) तिल
13) जौ
14) पीली सरसों
15) अक्षत (अखंड चावल)
16) केसर
17) लौंग
18) सुपारी
19) इलायची
20) आभूषण
21) पीला कपड़ा
22) जनेऊ
23) गुलाब जल
24) इत्र
25) सुपारी
26) वस्त्र (माता पार्वती के लिए, भगवान शिव के लिए भी। माता पार्वती के लिए लाल रंग की साड़ी, चुनरी, श्रृंगार क सामान, भगवान शिव के लिए वस्त्र, आभूषण आदि।
27) पीला कपड़ा
28) जनेऊ
29) पान के पत्ते
30) गुलाब जल
31) भोग के लिए मिठाई और फल
32) आम का पल्लव
33) हवन सामग्री
34) गाय का दूध (शिवलिंग के अभिषेक के लिए )

वन मंत्री श्री केदार कश्यप की अध्यक्षता में आईडीसी की बैठक सम्पन्न

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वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप की अध्यक्षता में आयोजित वनोपज राजकीय व्यापार अंतर्विभागीय समिति की बैठक में वर्ष 2025 तेन्दूपत्ता सीजन में संग्रहित होने वाले तेन्दूपत्ते के अग्रिम विक्रय हेतु द्वितीय चक्र के ऑनलाइन निविदा में प्राप्त दरों को स्वीकृत करने का निर्णय लिया गया।

राजधानी रायपुर स्थित राज्य वन अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान में हुई बैठक में अधिकारियों ने बताया कि निर्धारित समयावधि में कुल 80 निविदाएं प्राप्त हुई हैं। इसके साथ ही बैठक में तेन्दूपत्ता संग्रहण, बांस की बहुउद्देशीय उपयोगिता और वनवासियों की आय बढ़ाने जैसे मुद्दों पर भी चर्चा की गई।

इस अवसर पर प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्री वी. श्रीनिवास राव, राज्य लघु वनोपज संघ के प्रबंध संचालक श्री अनिल साहू, कार्यकारी संचालक श्री मनीवासगन, सचिव वन श्री अमरनाथ प्रसाद, श्रीमती सलमा फारूकी सहित अन्य विभागीय अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।

सिविल लाइन रायपुर में क्रिश्चियन समुदाय के साथ शांति समिति की बैठक आयोजित

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पुलिस उपमहानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रायपुर डॉ. लाल उमेद सिंह तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बलौदा बाजार श्री विजय अग्रवाल की अध्यक्षता में सिविल लाइन, रायपुर के सभागार में क्रिश्चियन समुदाय के पदाधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों के साथ शांति समिति की बैठक आयोजित की गई।

बैठक में छत्तीसगढ़ क्रिश्चियन फोरम के अध्यक्ष अरुण पन्नालाल, चर्च समिति के सदस्य विक्की पाल, अमित दास, ग्राम पंचायत विश्रामपुर की सरपंच श्रीमती अर्चना, ग्राम पंचायत गणेशपुर की सरपंच श्रीमती रेशू मसीह सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

01 मार्च को शांति एवं सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष चर्चा

बैठक में दिनांक 01 मार्च 2025 को ग्राम विश्रामपुर, गणेशपुर, झनकपुर एवं आसपास के क्रिश्चियन बाहुल्य क्षेत्रों में सामाजिक सौहार्द, शांति एवं सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रायपुर डॉ. लाल उमेद सिंह ने बताया कि हाल ही में उपरोक्त ग्रामों से संबंधित एक विवादित पोस्ट प्रसारित हुई है, जिसके संबंध में पुलिस द्वारा प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि यह पोस्ट फर्जी हो सकती है, किंतु अभी तक कोई प्रमाणित साक्ष्य प्राप्त नहीं हुए हैं। इस संबंध में पुलिस द्वारा गहन विवेचना की जा रही है और सभी तथ्यों को स्पष्ट किया जाएगा।

पुलिस प्रशासन द्वारा सभी नागरिकों से सामाजिक सौहार्द बनाए रखने, आपसी मतभेदों को दूर करने एवं कानून व्यवस्था में सहयोग करने की अपील की गई। साथ ही यह भी आश्वासन दिया गया कि शांति और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने हेतु उचित कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

पशु क्रूरता के विरुद्ध सख्त कार्रवाई

बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बलौदा बाजार श्री विजय अग्रवाल ने बताया कि ग्रामवासियों के सहयोग से पशु क्रूरता के विरुद्ध कठोर कार्यवाही की गई है। पशु क्रूरता अधिनियम के तहत अपराध पाए जाने पर दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी और ऐसे अपराधों को संरक्षण देने वालों पर भी कड़ी कार्यवाही होगी।

जनप्रतिनिधियों एवं पदाधिकारियों से अपील की गई कि वे ऐसे अपराधों पर सतर्कता रखें और सामाजिक स्तर पर जनजागरूकता अभियान चलाकर पशु क्रूरता को रोकने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं। इस पर उपस्थित सभी लोगों ने समाज स्तर पर आवश्यक पहल करने का आश्वासन दिया।

ग्रामों में पुलिस पेट्रोलिंग एवं सुरक्षा व्यवस्था की मांग

बैठक में उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों ने ग्रामों में नियमित पुलिस पेट्रोलिंग सुनिश्चित करने एवं सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की मांग की, ताकि लोग स्वयं को सुरक्षित महसूस करें।

इसके साथ ही, 01 मार्च 2025 से शुरू हो रही बोर्ड परीक्षाओं के दौरान किसी भी प्रकार का व्यवधान न हो, इस हेतु विशेष सुरक्षा व्यवस्था किए जाने का निवेदन किया गया।

पुलिस का आश्वासन: बोर्ड परीक्षा के दौरान कड़ी सुरक्षा व्यवस्था

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बलौदा बाजार श्री विजय अग्रवाल ने ग्रामवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु पुलिस पेट्रोलिंग बढ़ाने और क्षेत्र में लगातार फ्लैग मार्च जारी रखने का आश्वासन दिया।

उन्होंने कहा कि लोगों में किसी भी प्रकार का भय नहीं होना चाहिए और शांति, सौहार्द एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने हेतु हर संभव कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, 01 मार्च 2025 को होने वाली बोर्ड परीक्षाओं के दौरान विशेष सुरक्षा इंतजाम किए जाएंगे और परीक्षा में किसी भी प्रकार का व्यवधान उत्पन्न नहीं होने दिया जाएगा।

सामाजिक सौहार्द एवं शांति बनाए रखने की अपील

बैठक के अंत में सभी नागरिकों से शांति व्यवस्था बनाए रखने, अफवाहों से बचने एवं पुलिस प्रशासन का सहयोग करने की अपील की गई।

छत्तीसगढ़ को ‘प्रकृति परीक्षण अभियान’ में राष्ट्रीय सम्मान: मुख्यमंत्री श्री साय ने दी बधाई

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छत्तीसगढ़ ने भारतीय चिकित्सा पद्धति राष्ट्रीय आयोग, नई दिल्ली के तत्वावधान में आयोजित प्रकृति परीक्षण अभियान में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल कर राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान प्राप्त किया। राज्य ने स्ट्राइक रेट लक्ष्य में देशभर में तीसरा स्थान और कुल प्रकृति परीक्षण मानकों पर नौवां स्थान प्राप्त किया। इस उपलब्धि के लिए केन्द्रीय आयुष मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री प्रताप राव जाधव ने छत्तीसगढ़ को प्रशस्ति पत्र और ट्रॉफी प्रदान कर सम्मानित किया।यह सम्मान अभियान के राज्य समन्वयक डॉ. संजय शुक्ला ने ग्रहण किया। जहांगीर भाभा थियेटर, मुंबई में आयोजित अभियान के समापन समारोह में छत्तीसगढ़ को यह प्रतिष्ठित पुरस्कार प्रदान किया गया।

इस उपलब्धि पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आयुष विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह स्वास्थ्य और आयुर्वेद के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ की बढ़ती उत्कृष्टता का प्रमाण है, जिससे राज्य में आयुष आधारित स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सशक्त किया जाएगा।

स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने आयुष विभाग के अधिकारियों को बधाई देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार आयुष आधारित स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक व्यापक और प्रभावी बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। इस तरह की पहल न केवल नागरिकों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक बनाएगी, बल्कि प्राकृतिक चिकित्सा पद्धतियों को मुख्यधारा में लाने में भी सहायक होगी।

उल्लेखनीय है कि 26 नवंबर से 25 दिसंबर 2024 तक चले इस अभियान के तहत देशभर में 1.29 करोड़ से अधिक नागरिकों का परीक्षण किया गया, जिसमें छत्तीसगढ़ ने 4.45 लाख से अधिक नागरिकों का सफलतापूर्वक परीक्षण कर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई। इस अभियान में राज्य के 3551 वालंटियर्स ने योगदान दिया।

इसके अतिरिक्त अभियान की महत्ता को ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ में केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधीनस्थ केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) के 40,000 से अधिक अधिकारियों और जवानों का भी सफलतापूर्वक प्रकृति परीक्षण किया गया, जो आयुष चिकित्सा के प्रति बढ़ती जागरूकता और विश्वास को दर्शाता है।

नागरिकों के लिए निरंतर जारी रहेगा अभियान

आयुष विभाग के संचालक ने बताया कि मोबाइल एप्लीकेशन आधारित इस अभियान को नागरिकों से जबरदस्त समर्थन मिल रहा है। इसे देखते हुए छत्तीसगढ़ में इस अभियान को निरंतर जारी रखने का निर्णय लिया गया है। अब राज्य के नागरिक निकटतम आयुर्वेद महाविद्यालय, जिला आयुर्वेद चिकित्सालय, आयुष विंग, स्पेशलाइज्ड थैरेपी सेंटर, शासकीय आयुर्वेद औषधालयों एवं निजी आयुर्वेद चिकित्सकों से संपर्क कर अपना प्रकृति परीक्षण करवा सकते हैं।

शेयर बाजार की इस ‘डुबकी’ में डूबे निवेशक, 46 दिन में बह गए 33 लाख करोड़

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जिस दिन महाकुंभ की शुरुआत हुई थी, उसी दिन सैमको सिक्योरिटीज की एक रिपोर्ट आई थी. इस रिपोर्ट में एक दिलचस्प आंकलन किया गया था. रिपोर्ट में कहा गया था कि बीते 20 बरस में 6 बार कुंभ का आयोजन हुआ और उन तमाम आयोजनों के दौरान शेयर बाजार ने निवेशकों को काफी नुकसान कराया.

इस बार भी रिवायत में कोई बदलाव देखने को नहीं मिला है.

आंकड़ों को देखें तो शेयर बाजार में महाकुंभ के दौरान 3.50 फीसदी से ज्यादा की गिरावट देखने को मिल चुकी है. महाकुंभ के आखिरी दिन शेयर बाजार बंद है, लेकिन उससे पहले तक शेयर बाजार निवेशकों को 33 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा का नुकसान हो चुका है. आइए आपको भी आंकड़ों से समझाने कोशिश करते हैं कि आखिर सेंसेक्स और निफ्टी दोनों 13 जनवरी से पहले किस लेवल पर दिखाई दे रहे थे और मौजूदा लेवल समय में किस लेवल पर आ चुके हैं.

सेंसेक्स हुआ क्रैश

महाकुंभ के शुरुआत होने से पहले यानी 10 जनवरी के दिन जब शेयर बाजार बंद हुआ था तब बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 77,378.91 अंकों पर था. महाकुंभ के बाद से अब तक यानी आखिरी दिन तक सेंसेक्स 74,602.12 अंकों पर आ चुका है. इसका मतलब है कि सेंसेक्स में 2,776.79 अंकों की गिरावट देखने को मिल चुकी है. यानी सेंसेक्स निवेशकों को 3.59 फीसदी का नुकसान करा चुका है. ये लगातार 7वां ऐसा मौका है जब सेंसेक्स में गिरावट देखने को मिली है. साल 2021 के दौरान सेंसेक्स में 4 फीसदी से ज्यादा की गिरावट देखने को मिली थी

बागेश्वर धाम में ऐतिहासिक आयोजन : 251 निर्धन कन्याओं का विवाह बागेश्वर धाम द्वारा संपन्न होगा

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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आयोजन में हुए शामिल

मुख्यमंत्री श्री साय छत्तीसगढ़ की एक-एक जनता के हित के लिए कार्य कर रहे हैं – बाबा बागेश्वर

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज बागेश्वर धाम में चल रहे शिवरात्रि महोत्सव और 251 निर्धन कन्याओं के सामूहिक विवाह समारोह में शामिल हुए।
बागेश्वर धाम में धार्मिक भक्ति, सामाजिक समर्पण और राष्ट्रीय एकता का अनूठा संगम देखने को मिला।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ संत परंपरा और धर्मनिष्ठा की भूमि है। भगवान श्रीराम ने अपने वनवास का अधिकांश समय यहीं बिताया था। हमें गर्व है कि बागेश्वर धाम में इस दिव्य आयोजन में शामिल होने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि संस्कार और संस्कृति किसी भी व्यक्ति के जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा होते हैं।

नक्सलवाद मुक्त छत्तीसगढ़ का संकल्प

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार नक्सलवाद के खात्मे की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठा रही है। डबल इंजन सरकार के सहयोग से यह संकल्प लिया गया है कि 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद का पूरी तरह उन्मूलन किया जाएगा। प्रदेश के सुरक्षा बल मजबूती से इस अभियान में लगे हुए हैं, और गृह मंत्री श्री विजय शर्मा के नेतृत्व में यह मिशन सफलतापूर्वक आगे बढ़ रहा है।

धर्मांतरण पर रोक और घर वापसी अभियान

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ के धार्मिक और सांस्कृतिक संतुलन को बनाए रखने के लिए सरकार धर्मांतरण रोकथाम और घर वापसी अभियान को भी प्रोत्साहित कर रही है। मुख्यमंत्री श्री साय ने स्वर्गीय दिलीप सिंह जूदेव जी के योगदान को याद करते हुए कहा कि धर्मांतरण के विरुद्ध हमारी सरकार कठोर नीति अपनाएगी और समाज को उसकी मूल पहचान से जोड़ेगी।

समाज सेवा का नया अध्याय: 251 निर्धन कन्याओं का विवाह

बागेश्वर धाम द्वारा आयोजित 251 निर्धन कन्याओं के सामूहिक विवाह को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह है। इस आयोजन में वैदिक रीति-रिवाज से कन्याओं का विवाह संपन्न होगा, सभी नवविवाहित जोड़ों को गृहस्थी का संपूर्ण सामान प्रदान किया जाएगा।

 आध्यात्मिक ऊर्जा और सामाजिक समरसता का संगम

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बागेश्वर धाम का यह आयोजन सनातन धर्म की महिमा को पुनर्स्थापित करने, समाज में एकता और सद्भाव को बढ़ावा देने और गरीब कन्याओं के भविष्य को संवारने का ऐतिहासिक अवसर है।छत्तीसगढ़ सरकार इस आयोजन में भागीदारी कर स्वयं को गौरवान्वित महसूस कर रही है और भविष्य में भी ऐसे सामाजिक एवं धार्मिक कार्यों में योगदान देने के लिए संकल्पित है।

सरल स्वभाव के धनी हैं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय – पूज्य धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री जी महाराज

कार्यक्रम में बाबा बागेश्वर ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की सराहना करते हुए कहा कि इस पावन कार्य को संपूर्णता देने के लिए छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री स्वयं उपस्थित हैं। वे बहुत ही सरल स्वभाव के हैं और छत्तीसगढ़ की एक-एक जनता के हित के लिए कार्य कर रहे हैं। उनके नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार आज एक बड़ा अनूठा कार्य कर रही है, जो गौरव का विषय है। राज्य को अगले दो वर्षों के भीतर नक्सल प्रभावित क्षेत्र से पूरी तरह मुक्त करने का संकल्प लिया गया है। केंद्र सरकार और राज्य सरकार दोनों  इस दिशा में निरंतर कार्य कर रहे हैं, ताकि छत्तीसगढ़ समृद्ध और शांतिपूर्ण प्रदेश बन सके। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ को धान का कटोरा कहा जाता है, और जब हम छत्तीसगढ़ जाते हैं, तो एक बात हमेशा कहते है – छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया। यह प्रदेश धर्म और संस्कृति की भूमि है, और हम प्रार्थना करते हैं कि यह भूमि हमेशा खुशहाल और धन-धान्य से परिपूर्ण बनी रहे।

इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा सहित अन्य गणमान्य जनप्रतिनिधि और श्रद्धालुजन उपस्थित थे।

लाखों के वाटर एटीएम बदहाल : फंड न होने का हवाला देकर कमिश्नर ने झाड़ा पल्ला

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छत्तीसगढ़ प्रदेश में इस साल मौसम का मिजाज बदला हुआ नजर आ रहा है। सर्दी का मौसम अभी गया ही नहीं और फरवरी के महीने में भी तापमान रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गया है, जिससे लोग असामान्य गर्मी महसूस कर रहे हैं।

गर्मियों के दिनों में राहगीरों को पानी के लिए न भटकना पड़े इसके लिए शहर के प्रमुख स्थलों में लाखों की लागत से वाटर एटीएम लगवाए गए थे, लेकिन शहर में लगे सभी वाटर एटीएम ने देख-रेख के अभाव में दम तोड़ दिया है। वर्तमान में शहर का एक भी वाटर एटीएम संचालित नहीं हो रहा है। नगर निगम के अधिकारियों की लापरवाही और उदासीनता का खामियाजा राहगीरों को भुगतना पड़ेगा।

उल्लेखनीय है कि, लोगों को पेयजल की समस्या से राहत देने के लिए 1 रुपये में 1 लीटर पानी उपलब्ध कराया जा सके। इसके लिए वाटर एटीएम लगाने के लिए लाखों रुपए खर्च कर दिया गया। इसके बाद भी जरूरतमंदों को एक बूंद पानी नसीब नहीं हो रहा है शहर के 7 स्थानों में वाटर एटीएम लगाया गया है जो अब पूरी तरीके से कबाड़ में तब्दील हो गया है। शहर के कलेक्ट्रेट कार्यालय, नया बस स्टैंड, नगर निगम कार्यालय, चौपाटी, जिला अस्पताल, बजरंगपुर नवागांव और अन्य स्थानों पर वाटर एटीएम लगाया गया है लेकिन शहर में लगे सभी वाटर एटीएम बंद पड़े हुए हैं। एक वाटर एटीएम की कीमत लगभग 7 लाख रुपये से अधिक है।

लाखों रुपये के खर्चे के बाद भी नहीं मिल रहा शुद्ध पानी

नगर निगम ने लाखों रुपए खर्च करने के बाद भी वाटर एटीएम का संचालन नहीं कर पाने पर कई सवाल उठ रहे हैं निगम ने वाटर एटीएम लगाने पानी की तरह पैसा बहाया है इसके बाद भी लोगों को एक रुपए में शुद्ध आरओ का पानी नहीं मिल पा रहा है वही यह वाटर एटीएम अब विज्ञापन चिपकाने का काम कर रहा है लोग इसमें बैनर पोस्टर लगा रहे हैं। शहर के सभी वाटर एटीएम बंद पड़े हुए हैं। 7 लाख रुपये की लागत से बने ये वाटर एटीएम अब विज्ञापन चिपकाने के काम आ रहा है।

बॉयफ्रेंड के बाद गर्लफ्रेंड ने भी फांसी लगाकर दी जान, कमरे में लटका मिला शव; UPSC की कर रही थी तैयारी

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दूर्ग के बम्लेश्वरी कॉलोनी में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही 29 साल की एक युवती ने सोमवार को किराये के मकान में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। युवती मूलत: बालोद जिले की रहने वाली थी।

वह दुर्ग में किराये के मकान में रहकर यूपीएससी की तैयारी कर रही थी। पद्मनाभपुर थाना प्रभारी केशव कोसले ने बताया कि युवती के आत्महत्या के कारणों का पता नहीं चल पाया। उसने कोई सुसाइडल नोट नहीं छोड़ा है। फिलहाल उसके परिजनों को सूचना दे दी गई है। वहीं, युवती का मोबाइल जब्त किया गया है। बताया जा रहा है कि दानिटोला में एक युवक ने आत्महत्या कर ली। मृतक छात्रा उसी की गर्लफ्रेंड थी।

शादी से पहले युवक ने लगाई फांसी
बालोद जिले में दूल्हा बनने वाले युवक कोमल ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। उसकी पिछले महीने सगाई हुई थी। घर में शादी का कार्ड बांटने का काम चल रहा था। पांच साल की भतीजी ने उसे मुखाग्नि दी। पुलिस के अनुसार, मृतक की पहचान दानिटोला निवासी कोमल सिंह रावटे (30) के रूप में हुई है। सोमवार सुबह 8 से 9 बजे के बीच अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। उसकी भंवरमला की बेटी के साथ शादी तय हुई थी। 20, 21 और 22 अप्रैल को शादी होनी थी।

SECR की 12 ट्रेनें रद्द : फ़रवरी- मार्च में नॉन इंटरलॉकिंग काम के चलते अलग- अलग दिन रहेगी प्रभावित

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छत्तीसगढ़ से होकर गुजरने वाली SECR की 12 ट्रेनें रद्द हो गई है। ये सभी ट्रेनें पावर ब्लॉक के कारण फरवरी और मार्च में अलग- अलग दिन प्रभावित रहेगी। बैकुंठ-सिलयारी स्टेशन के मध्य गर्डर लांचिंग और बन्डामुन्डा स्टेशन में नॉन इंटरलॉकिंग का काम होगा।

दिनांक 26 फरवरी एवं 19 मार्च 2025 को बिलासपुर से चलने वाली 68719 बिलासपुर-रायपुर मेमू पैसेंजर रद्द रहेगी ।
दिनांक 26 फरवरी एवं 19 मार्च 2025 को रायपुर से चलने वाली 68728 रायपुर-बिलासपुर मेमू पैसेंजर रद्द रहेगी ।
दिनांक 26 फरवरी एवं 19 मार्च 2025 को बिलासपुर से चलने वाली 68734 बिलासपुर-गेवरारोड मेमू पैसेंजर रद्द रहेगी ।
दिनांक 26 फरवरी एवं 19 मार्च 2025 को गेवरारोड से चलने वाली 68733 गेवरारोड-बिलासपुर मेमू पैसेंजर रद्द रहेगी ।
दिनांक 28 फरवरी एवं 21 मार्च 2025 को बिलासपुर से चलने वाली 58201 बिलासपुर-रायपुर पैसेंजर रद्द रहेगी ।
दिनांक 28 फरवरी एवं 21 मार्च 2025 को रायपुर से चलने वाली 58207 रायपुर-जूनागढ़ पैसेंजर रद्द रहेगी।
दिनांक 01 मार्च एवं 22 मार्च 2025 को जूनागढ़ से चलने वाली 58208 जूनागढ़- रायपुर पैसेंजर रद्द रहेगी।
दिनांक 01 मार्च एवं 22 मार्च 2025 को रायपुर से चलने वाली 58204 रायपुर-कोरबा पैसेंजर रद्द रहेगी।
रद्द ट्रेनें