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जगदलपुर में नवीन मुख्य अभियंता कार्यालय के लिए 35 पदों के सृजन की स्वीकृति

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राज्य शासन द्वारा जल संसधान विभाग अंतर्गत जगदलपुर में नवीन मुख्य अभियंता कार्यालय के लिए 35 पदों के सृजन की स्वीकृति प्रदान की गई है। इस आशय का आदेश जल संसाधन विभाग मंत्रालय महानदी भवन से जारी किया गया है जारी आदेश के तहत अधीक्षण कार्यालय जगदलपुर में अधीक्षण अभियंता (सिविल) एवं यांत्रिकी प्रशासकीय अधिकारी के एक-एक पद, कार्यपालन अभियंता (सिविल) के दो पद शामिल हैं। इसी प्रकार सहायक अभियंता (सिविल) के तीन पद, वरिष्ठ लेखा अधिकारी, मुख्य मानचित्रकार (सिविल) एवं मानचित्रकार (सिविल) के एक-एक पद, सहायक ग्रेड-1 के दो पद, सहायक मानचित्रकार (सिविल) के एक पद, सहायक ग्रेड-2 के 4 पद, सहायक ग्रेड-3 के पांच पद, स्टेनो टायपिस्ट के दो पद, वाहन चालक के तीन पद, भृत्य लेवल-1 के छह पद और चौकीदार एवं फर्राश के लिए एक-एक पद की स्वीकृति प्रदान की गई है।

कलेक्टर दर पर नियुक्त डाटा एन्ट्री ऑपरेटरों की मजदूरी दर स्वीकृत

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जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी  हरेश मंडावी ने जानकारी दी है कि प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के प्रशासनिक मद से कलेक्टर दर पर नियुक्त डाटा एन्ट्री ऑपरेटरों की मजदूरी कलेक्टर दर के आधार पर अक्टूबर एवं नवम्बर का एरियर्स तथा माह दिसम्बर का वेतन की राशि 51 हजार 824 रूपए स्वीकृत की गई है। उक्त राशि जिला पंचायत कांकेर, जनपद पंचायत अंतागढ़, चारामा और कोयलीबेड़ा हेतु प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) अंतर्गत प्रशासनिक मद से वित्तीय वर्ष 2024-25 में विकलनीय होगी।

कलेक्टर दर पर नियुक्त डाटा एन्ट्री ऑपरेटरों की मजदूरी दर स्वीकृत

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जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी  हरेश मंडावी ने जानकारी दी है कि प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के प्रशासनिक मद से कलेक्टर दर पर नियुक्त डाटा एन्ट्री ऑपरेटरों की मजदूरी कलेक्टर दर के आधार पर अक्टूबर एवं नवम्बर का एरियर्स तथा माह दिसम्बर का वेतन की राशि 51 हजार 824 रूपए स्वीकृत की गई है। उक्त राशि जिला पंचायत कांकेर, जनपद पंचायत अंतागढ़, चारामा और कोयलीबेड़ा हेतु प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) अंतर्गत प्रशासनिक मद से वित्तीय वर्ष 2024-25 में विकलनीय होगी।

तकनीकी शिक्षा और सीएसआरबॉक्स फाउंडेशन, सीआईआई यंग इंडियंस और अपनाटेक प्राइवेट लिमिटेड के मध्य हुआ एमओयू

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छत्तीसगढ़ में युवाओं को रोजगार और कौशल विकास के क्षेत्र में नई संभावनाएं प्रदान करने के उद्देश्य से आज शहीद स्मारक ऑडिटोरियम, रायपुर में उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा और वन एवं कौशल विकास मंत्री श्री केदार कश्यप के मुख्य आतिथ्य में कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा और रोजगार विभाग के सचिव श्री एस भारतीदासन ने सीएसआरबॉक्स फाउंडेशन, सीआईआई यंग इंडियंस और अपनाटेक प्राइवेट लिमिटेड के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर संचालक तकनीकी शिक्षा और रोजगार श्री ऋतुराज रघुवंशी, अपनाटेक प्राइवेट लिमिटेड के वाइस प्रेसिडेंट डॉ प्रीतसिंह, सीएसआरबॉक्स फाउंडेशन के वाइस प्रेसिडेंट श्री मनो विराज सिंह, वाईस प्रेजिडेंट और सीआईआई यंग इंडियंस के चेयर पर्सन श्री गौरव अग्रवाल के अलावा अन्य अधिकारी कर्मचारी और विभिन्न संस्थान के छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।

अनुबंध निष्पादन समारोह के अवसर पर उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार युवाओं के कौशल विकास और उन्हें रोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि आज का यह अनुबंध छत्तीसगढ़ के युवाओं के भविष्य को संवारने में मील का पत्थर साबित होगा। हमारा उद्देश्य केवल युवाओं को नौकरी देना नहीं है, बल्कि उन्हें ऐसा कौशल प्रदान करना है, जिससे वे आत्मनिर्भर बन सकें और अपने क्षेत्र में नई ऊंचाइयां हासिल कर सकें। सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि हर छात्र चाहे वह आईटीआई से हो इंजीनियरिंग कॉलेज से हो या पॉलीटेक्निक से उसके पास रोजगार का उचित अवसर हो। उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने यह भी स्पष्ट किया कि रोजगार के लिए पंजीकृत छात्रों का डेटा पूरी तरह सुरक्षित रहेगा और यह केवल राज्य के हित में उपयोग किया जाएगा। उन्होंने यह भरोसा दिलाया कि अनुबंध के तहत जो भी सेवाएं प्रदान की जाएंगी, वे पूर्ण पारदर्शिता और गुणवत्ता के साथ सुनिश्चित की जाएंगी।

उपमुख्यमंत्री शर्मा ने युवाओं से सीजी रोजगार पोर्टल पर पंजीकरण करने की अपील करते हुए कहा कि हमारा लक्ष्य है कि हर युवा को उसकी क्षमता और योग्यता के अनुरूप एक सही दिशा मिले। युवाओं के सपनों को साकार करने के लिए यह सरकार हर संभव प्रयास करेगी। अपनाटेक प्राइवेट लिमिटेड, सीएसआरबॉक्स और सीआईआई यंग इंडियंस जैसे साझेदारों के साथ मिलकर राज्य में रोजगार और कौशल विकास का एक नया युग शुरू हो रहा है। आईबीएम द्वारा फ्री ऑफ कॉस्ट सर्टिफिकेशन कोर्स करवाया जाएगा जो राज्य के आईटीआई, इंजीनियरिंग और पॉलीटेक्निक कॉलेजों में उपलब्ध होगा। इस कोर्स से छात्रों को वैश्विक मानकों के अनुसार प्रशिक्षित किया जाएगा और कम से कम 10% छात्रों को रोजगार सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है। उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि युवा अगर चाहे तो बड़े से बड़ा बदलाव ला सकते हैं। उन्होंने कहा कि नवाचार केवल एक विचार से शुरू होता है। हमें अपने युवाओं को प्रेरित करना होगा कि वे केवल वही न बनाएं जो पहले से बाजार में है, बल्कि ऐसे नए उत्पाद और समाधान तैयार करें, जो समाज के लिए उपयोगी हों। एक छोटी सोच को बड़ा लक्ष्य बनाकर ही सफलता पाई जा सकती है। इस अनुबंध के साथ सरकार ने कौशल विकास और रोजगार के क्षेत्र में एक नई शुरुआत की है, जो राज्य के युवाओं को एक उज्जवल भविष्य की ओर ले जाएगी।

वन एवं कौशल विकास मंत्री कश्यप ने इस अवसर पर कहा कि छत्तीसगढ़ के युवाओं में अपार क्षमता है, लेकिन उन्हें सही मार्गदर्शन और अवसरों की आवश्यकता है। यह अनुबंध सुनिश्चित करेगा कि ग्रामीण और सुदूर क्षेत्रों के युवा भी मुख्यधारा में शामिल हो सकें और अपनी क्षमताओं का प्रदर्शन कर सकें। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार युवाओं को सशक्त बनाकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना चाहती है।

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तकनीकी शिक्षा और सीएसआरबॉक्स फाउंडेशन, सीआईआई यंग इंडियंस और अपनाटेक प्राइवेट लिमिटेड के मध्य हुआ एमओयू

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छत्तीसगढ़ में युवाओं को रोजगार और कौशल विकास के क्षेत्र में नई संभावनाएं प्रदान करने के उद्देश्य से आज शहीद स्मारक ऑडिटोरियम, रायपुर में उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा और वन एवं कौशल विकास मंत्री श्री केदार कश्यप के मुख्य आतिथ्य में कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा और रोजगार विभाग के सचिव श्री एस भारतीदासन ने सीएसआरबॉक्स फाउंडेशन, सीआईआई यंग इंडियंस और अपनाटेक प्राइवेट लिमिटेड के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर संचालक तकनीकी शिक्षा और रोजगार श्री ऋतुराज रघुवंशी, अपनाटेक प्राइवेट लिमिटेड के वाइस प्रेसिडेंट डॉ प्रीतसिंह, सीएसआरबॉक्स फाउंडेशन के वाइस प्रेसिडेंट श्री मनो विराज सिंह, वाईस प्रेजिडेंट और सीआईआई यंग इंडियंस के चेयर पर्सन श्री गौरव अग्रवाल के अलावा अन्य अधिकारी कर्मचारी और विभिन्न संस्थान के छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।

अनुबंध निष्पादन समारोह के अवसर पर उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार युवाओं के कौशल विकास और उन्हें रोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि आज का यह अनुबंध छत्तीसगढ़ के युवाओं के भविष्य को संवारने में मील का पत्थर साबित होगा। हमारा उद्देश्य केवल युवाओं को नौकरी देना नहीं है, बल्कि उन्हें ऐसा कौशल प्रदान करना है, जिससे वे आत्मनिर्भर बन सकें और अपने क्षेत्र में नई ऊंचाइयां हासिल कर सकें। सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि हर छात्र चाहे वह आईटीआई से हो इंजीनियरिंग कॉलेज से हो या पॉलीटेक्निक से उसके पास रोजगार का उचित अवसर हो। उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने यह भी स्पष्ट किया कि रोजगार के लिए पंजीकृत छात्रों का डेटा पूरी तरह सुरक्षित रहेगा और यह केवल राज्य के हित में उपयोग किया जाएगा। उन्होंने यह भरोसा दिलाया कि अनुबंध के तहत जो भी सेवाएं प्रदान की जाएंगी, वे पूर्ण पारदर्शिता और गुणवत्ता के साथ सुनिश्चित की जाएंगी।

उपमुख्यमंत्री शर्मा ने युवाओं से सीजी रोजगार पोर्टल पर पंजीकरण करने की अपील करते हुए कहा कि हमारा लक्ष्य है कि हर युवा को उसकी क्षमता और योग्यता के अनुरूप एक सही दिशा मिले। युवाओं के सपनों को साकार करने के लिए यह सरकार हर संभव प्रयास करेगी। अपनाटेक प्राइवेट लिमिटेड, सीएसआरबॉक्स और सीआईआई यंग इंडियंस जैसे साझेदारों के साथ मिलकर राज्य में रोजगार और कौशल विकास का एक नया युग शुरू हो रहा है। आईबीएम द्वारा फ्री ऑफ कॉस्ट सर्टिफिकेशन कोर्स करवाया जाएगा जो राज्य के आईटीआई, इंजीनियरिंग और पॉलीटेक्निक कॉलेजों में उपलब्ध होगा। इस कोर्स से छात्रों को वैश्विक मानकों के अनुसार प्रशिक्षित किया जाएगा और कम से कम 10% छात्रों को रोजगार सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है। उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि युवा अगर चाहे तो बड़े से बड़ा बदलाव ला सकते हैं। उन्होंने कहा कि नवाचार केवल एक विचार से शुरू होता है। हमें अपने युवाओं को प्रेरित करना होगा कि वे केवल वही न बनाएं जो पहले से बाजार में है, बल्कि ऐसे नए उत्पाद और समाधान तैयार करें, जो समाज के लिए उपयोगी हों। एक छोटी सोच को बड़ा लक्ष्य बनाकर ही सफलता पाई जा सकती है। इस अनुबंध के साथ सरकार ने कौशल विकास और रोजगार के क्षेत्र में एक नई शुरुआत की है, जो राज्य के युवाओं को एक उज्जवल भविष्य की ओर ले जाएगी।

वन एवं कौशल विकास मंत्री कश्यप ने इस अवसर पर कहा कि छत्तीसगढ़ के युवाओं में अपार क्षमता है, लेकिन उन्हें सही मार्गदर्शन और अवसरों की आवश्यकता है। यह अनुबंध सुनिश्चित करेगा कि ग्रामीण और सुदूर क्षेत्रों के युवा भी मुख्यधारा में शामिल हो सकें और अपनी क्षमताओं का प्रदर्शन कर सकें। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार युवाओं को सशक्त बनाकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना चाहती है।

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मुख्यमंत्री साय के महासमुंद आगमन पर जनप्रतिनिधियों ने किया आत्मीय स्वागत

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मुख्यमंत्री साय आज महासमुंद के शासकीय महाप्रभु वल्लभाचार्य स्नातकोत्तर महाविद्यालय मचेवा में आयोजित स्वामित्व कार्ड वितरण कार्यक्रम में पहुंचे। मुख्यमंत्री के आगमन पर मचेवा स्थित हेलीपैड पर सांसद रूपकुमारी चौधरी, महासमुंद विधायक  योगेश्वर राजू सिन्हा, बसना विधायक  संपत अग्रवाल,  संयुक्ता सिंह, श्री येतराम साहू सहित अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने उनका आत्मीय स्वागत किया। इस अवसर पर कलेक्टर  विनय कुमार लंगेह और पुलिस अधीक्षक श्री आशुतोष सिंह ने मुख्यमंत्री का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया।

मुख्यमंत्री साय के महासमुंद आगमन पर जनप्रतिनिधियों ने किया आत्मीय स्वागत

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मुख्यमंत्री साय आज महासमुंद के शासकीय महाप्रभु वल्लभाचार्य स्नातकोत्तर महाविद्यालय मचेवा में आयोजित स्वामित्व कार्ड वितरण कार्यक्रम में पहुंचे। मुख्यमंत्री के आगमन पर मचेवा स्थित हेलीपैड पर सांसद रूपकुमारी चौधरी, महासमुंद विधायक  योगेश्वर राजू सिन्हा, बसना विधायक  संपत अग्रवाल,  संयुक्ता सिंह, श्री येतराम साहू सहित अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने उनका आत्मीय स्वागत किया। इस अवसर पर कलेक्टर  विनय कुमार लंगेह और पुलिस अधीक्षक श्री आशुतोष सिंह ने मुख्यमंत्री का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया।

स्वामित्व योजना ग्रामीण भारत को सशक्त बनाने की प्रभावी पहल- मुख्यमंत्री साय

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स्वामित्व योजना ग्रामीण भारत को सशक्त बनाने की प्रभावी पहल है। संपत्ति का अधिकार केवल भूमि और अन्य संसाधनों के कानूनी स्वामित्व तक ही सीमित नहीं हैं,  बल्कि यह व्यक्तियों और समुदायों को आत्मनिर्भरता, स्थिरता और सम्मानित जीवन जीने का आधार प्रदान करता है। यह अधिकार विशेष रूप से हमारे समाज के कमजोर और वंचित वर्गों के लिए आर्थिक, सामाजिक और व्यक्तिगत स्वतंत्रता सुनिश्चित करता है,  इसलिए भू-अभिलेखों को पारदर्शी और प्रभावी बनाना हमारी प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री  साय ने आज महासमुंद में आयोजित स्वामित्व कार्ड वितरण सामरोह को संबोधित करते हुए यह बात कही।

मुख्यमंत्री   साय ने सभी स्वामित्व कार्ड के लाभार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि आज महासमुंद जिले के 128 गांवों के 10 हजार 850 लाभार्थियों को स्वामित्व कार्ड वितरण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि स्वामित्व योजना से भूमि का मालिकाना हक सीमाओं का न सिर्फ स्पष्ट निर्धारण होगा, इससे भू-संबंधी विवादों में कमी भी आएगी।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हम भूमि संबंधित मामलों में अत्याधुनिक डिजिटल तकनीकों का उपयोग कर रहे हैं, जिससे ग्राम पंचायतों को उच्च-रिज़ॉल्यूशन डिजिटल मानचित्र उपलब्ध कराए जा सकें। यह बेहतर सड़कें, स्वास्थ्य केंद्र, स्कूल और अन्य बुनियादी ढांचे के निर्माण में मदद करेगा, जिससे विकास की गति तेज होगी।  उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने रजिस्ट्री प्रक्रियाओं को पारदर्शी बनाने के लिए “सुगम एप“ विकसित किया है और दस्तावेजों के डिजिटलीकरण पर कार्य किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ को अभी 3 लाख 88 हजार नवीन प्रधानमंत्री आवास की स्वीकृति और मिली है। साथ ही भविष्य में भी 4 लाख नये आवासों की स्वीकृति भी मिलेगी। हमारी सरकार बनते ही 18 लाख आवासों की स्वीकृति दी गई थी। राज्य में अभी आवास प्लस 2024 में सर्वे का कार्य प्रारम्भ हो गया है। उन्होंने कहा कि मुझे बताते हुए खुशी हो रही है कि अब ढाई एकड़ सिंचित या 5 एकड़ असिंचित जमीन तथा जिनके पास टू व्हीलर होगा, उन्हें भी इसका लाभ मिलेगा।

मुख्यमंत्री साय ने कार्यक्रम में प्रदेशवासियों को प्रयागराज महाकुंभ का सहभागी बनने के लिए निमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि  राज्य सरकार द्वारा प्रयागराज सेक्टर 6 अंतर्गत साढ़े 4 एकड़ क्षेत्र में भव्य पंडाल छत्तीसगढ़ वासियों के लिए निर्मित किया गया है। यहां उनके ठहरने और भोजन की निःशुल्क व्यवस्था की गई है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इस वर्ष 31 जनवरी तक धान खरीदी होगी। अभी तक 132 लाख मीट्रिक टन से अधिक धान खरीदी हो चुकी है तथा 23 लाख से अधिक किसान धान बेच चुके है। उन्होंने कहा कि धान खरीदी के पश्चात शीघ्र ही अंतर की राशि प्रदान की जाएगी।

इस अवसर पर राजस्व एवं युवा कल्याण मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने सभी लाभार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि डबल इंजन की सरकार पूरी ईमानदारी और निष्ठा के साथ कार्य कर ही है। सबका साथ और सबका विकास एक नारा ही नहीं एक भाव है, जिसको सार्थक करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि स्वामित्व कार्ड केवल एक दस्तावेज नहीं है, बल्कि आपके अधिकार, आत्मनिर्भरता और सशक्तिकरण का प्रमाण है।

कार्यक्रम में सांसद  रूपकुमारी चौधरी ने कहा कि छत्तीसगढ़ में केंद्र और राज्य सरकार के समन्वय से जनहित के कामों में तेजी आयी है। कार्यक्रम को विधायक श्री योगेश्वर राजू सिन्हा, श्री संपत अग्रवाल ने भी सम्बोधित किया। कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह ने कहा कि ड्रोन सर्वे के माध्यम से 1073 गांव में सर्वे पूर्ण कर लिया गया है। जिसके माध्यम से 128 गांवों के 10850 लाभार्थियों का स्वामित्व कार्ड तैयार कर वितरण की शुरूआत की गई है।

कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष उषा पटेल, महिला आयोग की सदस्य  सरला कोसरिया,  संयुक्ता सिंह, पूर्व सांसद श्री चुन्नीलाल साहू, पूर्व संसदीय सचिव  पूनम चंद्राकर, पूर्व विधायक परेश बागबाहरा एवं अन्य जनप्रतिनिधिगण सहित  गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

स्वामित्व योजना ग्रामीण भारत को सशक्त बनाने की प्रभावी पहल- मुख्यमंत्री साय

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स्वामित्व योजना ग्रामीण भारत को सशक्त बनाने की प्रभावी पहल है। संपत्ति का अधिकार केवल भूमि और अन्य संसाधनों के कानूनी स्वामित्व तक ही सीमित नहीं हैं,  बल्कि यह व्यक्तियों और समुदायों को आत्मनिर्भरता, स्थिरता और सम्मानित जीवन जीने का आधार प्रदान करता है। यह अधिकार विशेष रूप से हमारे समाज के कमजोर और वंचित वर्गों के लिए आर्थिक, सामाजिक और व्यक्तिगत स्वतंत्रता सुनिश्चित करता है,  इसलिए भू-अभिलेखों को पारदर्शी और प्रभावी बनाना हमारी प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री  साय ने आज महासमुंद में आयोजित स्वामित्व कार्ड वितरण सामरोह को संबोधित करते हुए यह बात कही।

मुख्यमंत्री   साय ने सभी स्वामित्व कार्ड के लाभार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि आज महासमुंद जिले के 128 गांवों के 10 हजार 850 लाभार्थियों को स्वामित्व कार्ड वितरण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि स्वामित्व योजना से भूमि का मालिकाना हक सीमाओं का न सिर्फ स्पष्ट निर्धारण होगा, इससे भू-संबंधी विवादों में कमी भी आएगी।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हम भूमि संबंधित मामलों में अत्याधुनिक डिजिटल तकनीकों का उपयोग कर रहे हैं, जिससे ग्राम पंचायतों को उच्च-रिज़ॉल्यूशन डिजिटल मानचित्र उपलब्ध कराए जा सकें। यह बेहतर सड़कें, स्वास्थ्य केंद्र, स्कूल और अन्य बुनियादी ढांचे के निर्माण में मदद करेगा, जिससे विकास की गति तेज होगी।  उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने रजिस्ट्री प्रक्रियाओं को पारदर्शी बनाने के लिए “सुगम एप“ विकसित किया है और दस्तावेजों के डिजिटलीकरण पर कार्य किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ को अभी 3 लाख 88 हजार नवीन प्रधानमंत्री आवास की स्वीकृति और मिली है। साथ ही भविष्य में भी 4 लाख नये आवासों की स्वीकृति भी मिलेगी। हमारी सरकार बनते ही 18 लाख आवासों की स्वीकृति दी गई थी। राज्य में अभी आवास प्लस 2024 में सर्वे का कार्य प्रारम्भ हो गया है। उन्होंने कहा कि मुझे बताते हुए खुशी हो रही है कि अब ढाई एकड़ सिंचित या 5 एकड़ असिंचित जमीन तथा जिनके पास टू व्हीलर होगा, उन्हें भी इसका लाभ मिलेगा।

मुख्यमंत्री साय ने कार्यक्रम में प्रदेशवासियों को प्रयागराज महाकुंभ का सहभागी बनने के लिए निमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि  राज्य सरकार द्वारा प्रयागराज सेक्टर 6 अंतर्गत साढ़े 4 एकड़ क्षेत्र में भव्य पंडाल छत्तीसगढ़ वासियों के लिए निर्मित किया गया है। यहां उनके ठहरने और भोजन की निःशुल्क व्यवस्था की गई है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इस वर्ष 31 जनवरी तक धान खरीदी होगी। अभी तक 132 लाख मीट्रिक टन से अधिक धान खरीदी हो चुकी है तथा 23 लाख से अधिक किसान धान बेच चुके है। उन्होंने कहा कि धान खरीदी के पश्चात शीघ्र ही अंतर की राशि प्रदान की जाएगी।

इस अवसर पर राजस्व एवं युवा कल्याण मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने सभी लाभार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि डबल इंजन की सरकार पूरी ईमानदारी और निष्ठा के साथ कार्य कर ही है। सबका साथ और सबका विकास एक नारा ही नहीं एक भाव है, जिसको सार्थक करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि स्वामित्व कार्ड केवल एक दस्तावेज नहीं है, बल्कि आपके अधिकार, आत्मनिर्भरता और सशक्तिकरण का प्रमाण है।

कार्यक्रम में सांसद  रूपकुमारी चौधरी ने कहा कि छत्तीसगढ़ में केंद्र और राज्य सरकार के समन्वय से जनहित के कामों में तेजी आयी है। कार्यक्रम को विधायक श्री योगेश्वर राजू सिन्हा, श्री संपत अग्रवाल ने भी सम्बोधित किया। कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह ने कहा कि ड्रोन सर्वे के माध्यम से 1073 गांव में सर्वे पूर्ण कर लिया गया है। जिसके माध्यम से 128 गांवों के 10850 लाभार्थियों का स्वामित्व कार्ड तैयार कर वितरण की शुरूआत की गई है।

कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष उषा पटेल, महिला आयोग की सदस्य  सरला कोसरिया,  संयुक्ता सिंह, पूर्व सांसद श्री चुन्नीलाल साहू, पूर्व संसदीय सचिव  पूनम चंद्राकर, पूर्व विधायक परेश बागबाहरा एवं अन्य जनप्रतिनिधिगण सहित  गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा शासकीय कार्यों में लापरवाही करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध हो रही कड़ी कार्रवाई

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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ने विकास  कार्यों में अनियमितता और लापरवाही करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों पर कड़ी कार्यवाही करते हुए जीरो टॉलरेंस का परिचय दिया है। राज्य शासन ने सड़क निर्माण और ओवरब्रिज मरम्मत कार्य में गड़बड़ी, लापरवाही, गुणवत्ताहीन कार्य और अनियमितता पर सख्ती बरतते हुए लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों के विरूद्ध बीजापुर से लेकर रायपुर तक कड़ी कार्रवाई की है। राज्य शासन ने बीजापुर में सड़क निर्माण में गड़बड़ी, भ्रष्टाचार, मिलीभगत, शासकीय राशि के अपव्यय और गुणवत्ताहीन कार्यों के दोषी अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर के साथ ही निलंबन की भी कार्रवाई की है। एक अधिकारी को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया है। वहीं रायपुर में मोवा ओवरब्रिज की मरम्मत में अमानक एवं गुणवत्ताहीन कार्य और अनियमितता पर पांच अधिकारियों को निलंबित किया गया है।

राज्य में भ्रष्टाचार और गडबड़ी पर जीरो टॉलरेंस पर अमल करते हुए सरकार ने आज कई अधिकारियों के विरूद्ध बड़ी कार्रवाई की है। बीजापुर में आर.आर.पी.-1 (एल.डब्ल्यू.ई.) योजना के अंतर्गत 54.40 किमी लंबाई के अति महत्वपूर्ण प्रगतिरत नेलसनार-कोडोली-मिरतुल-गंगालुर मार्ग के कार्य के संबंध में गठित जाँच दल से प्राप्त प्रतिवेदन में पाई गई गड़बड़ियों के गंभीर होने एवं संबंधित अधिकारियों के मिलीभगत होने के कारण सड़क निर्माण में शासकीय राशि के अपव्यय, गबन, त्रुटिपूर्ण मूल्यांकन प्रतिवेदन देने एवं ठेकेदार/निर्माण एजेंसी के साथ मिलकर भ्रष्टाचार करने के प्रथम दृष्टया साक्ष्य हैं। राज्य शासन ने कड़ी कार्रवाई करते हुए नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सड़क निर्माण कार्य में गड़बड़ियों, गंभीर भ्रष्टाचार, मिलीभगत कर शासकीय राशि के अपव्यय एवं जानबूझकर गुणवत्ताविहीन निर्माण कार्य किए जाने के कारण तत्कालीन कार्यपालन अभियंता श्री बी.एल. ध्रुव, अनुविभागीय अधिकारी श्री आर.के. सिन्हा और उप अभियंता श्री जी.एस. कोड़ोपी तथा अन्य संबंधित अधिकारियों के विरूद्ध प्रकरण में भारतीय न्याय संहिता, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम एवं अन्य सुसंगत धाराओं में एफआईआर दर्ज कराकर तत्काल लोक निर्माण विभाग को सूचित करने के निर्देश बस्तर परिक्षेत्र, जगदलपुर के मुख्य अभियंता को दिए हैं।

नेलसनार-कोडोली-मिरतुल-गंगालुर मार्ग के कार्य के संबंध में गठित जाँच दल द्वारा बस्तर परिक्षेत्र के मुख्य अभियंता एवं बस्तर मंडल के अधीक्षण अभियंता के साथ विगत 8 जनवरी और 9 जनवरी को कार्यस्थल का निरीक्षण किया गया। इस दौरान कई कमियां पाई गईं। मार्ग के निर्माण कार्य में 29.00 किमी से 32.00 किमी एवं 50/10 तक कुल 4.20 किमी बी.टी. (OGPC+SEAL COAT) कार्य में अधिकांश जगह सील कोट (SEAL COAT) उखड़ गए हैं, जो डी.एल.पी. 06/2025 तक में है। किमी 41/2 से 50/10 मार्ग के विभिन्न फर्लांग (Furlong) में 41/10, 42/2, 42/6, 42/8, 42/10, 43/2, 43/4, 43/8, 44/6, 44/8, 45/4, 45/6, 45/8, 45/10, 46/6, 47/2, 47/10 एवं 50/8 सड़क सतह सिंक पोथोल्स (SINK POTHOLES) उत्पन्न हो गए हैं, जो डी.एल.पी. 06/2025 तक में है। किमी 28/4, 30/6 एवं 40/2 में पुल के एप्रोच स्लैब अपर्याप्त मोटाई (Inadequate Thickness) एवं बिना रिइनफोर्समेंट (Reinforcement) के बैक फीलिंग मटेरियल (Back filling material) के कमजोर कॉम्पेक्शन (Poor compaction) होने से सेटल्ड (Settled) हो गया है। इस प्रकार निर्धारित मानक एवं मापदण्ड का पालन किए बिना ही कार्य कराया जाकर अनुविभागीय अधिकारी एवं उप अभियंता द्वारा अधिकार का दुरूपयोग कर अपने पदीय कर्तव्य के निर्वहन में अनियमितता बरती गई है। इस पर कठोर कार्रवाई करते हुए विभाग ने अनुविभागीय अधिकारी श्री आर.के. सिन्हा, और उप अभियंता श्री जी.एस. कोड़ोपी को तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए उनका मुख्यालय नवा रायपुर स्थित लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता कार्यालय निर्धारित किया गया है। निलंबन अवधि में दोनों को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी।

लोक निर्माण विभाग ने नेलसनार-कोडोली-मिरतुल-गंगालुर मार्ग के कार्य में निर्धारित मानक एवं मापदण्ड का पालन किए बिना ही कार्य कराए जाने को कर्तव्य के प्रति घोर लापरवाही, उदासीनता एवं स्वेच्छाचारिता को गंभीर कदाचार मानते हुए बीजापुर के सेवानिवृत्त प्रभारी कार्यपालन अभियंता श्री बी.एल. ध्रुव को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। उन्हें जारी नोटिस में विभाग ने कहा है कि क्यों न उक्त कृत्य के लिए आपके विरूद्ध कठोर अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाए। उन्हें इस संबंध में अपना लिखित प्रतिवाद नोटिस प्राप्ति के 15 दिवस की समयावधि में प्रस्तुत करने को कहा गया है। लिखित प्रतिवाद निर्धारित समयावधि में प्राप्त नहीं होने पर संबंधित के विरूद्ध नियमानुसार एकपक्षीय कार्यवाही की जाएगी।

मोवा ओवरब्रिज मरम्मत कार्य में गडबड़ी पर पांच अधिकारी निलंबित, उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कार्य का निरीक्षण कर जांच के दिए थे आदेश

लोक निर्माण विभाग ने रायपुर के मोवा रेलवे ओवरब्रिज की मरम्मत में अमानक एवं गुणवत्ताहीन कार्य तथा अनियमितता पर भी बड़ी कार्रवाई की है। जांच के बाद विभाग ने पांच अधिकारियों को निलंबित कर दिया है।

ओवरब्रिज में डामरीकरण कार्य में शिकायतों का संज्ञान लेकर उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री श्री अरुण साव ने कार्य का औचक निरीक्षण किया था। उन्होंने निरीक्षण के दौरान कार्यस्थल पर गुणवत्ताहीन कार्य/खराबी पाई थी। इस संबंध में लोक निर्माण विभाग के सेतु परिक्षेत्र, रायपुर के मुख्य अभियंता द्वारा केन्द्रीय गुणवत्ता एवं अनुसंधान प्रयोगशाला, लोक निर्माण विभाग, रायपुर से जांच प्रतिवेदन प्राप्त की गई, जिसमें औसत बिटुमिन कंटेंट, कंबाईन्ड डेन्सिटी, मटेरियल के ग्रेडेशन मानक स्तर से कम पाया गया। इस प्रकार अमानक स्तर एवं गुणवत्ता के मापदण्डों का पालन किए बिना ही डामरीकरण का कार्य कराया जाकर कार्यपालन अभियंता, अनुविभागीय अधिकारी एवं उप अभियंताओं द्वारा अधिकार का दुरूपयोग कर अपने पदीय कर्तव्य के निर्वहन में अनियमितता बरती गई है। इस पर कड़ी कार्रवाई करते हुए विभाग ने कार्यपालन अभियंता श्री विवेक शुक्ला, अनुविभागीय अधिकारी श्री रोशन कुमार साहू तथा उप अभियंता श्री राजीव मिश्रा, श्री देवव्रत यमराज और श्री तन्मय गुप्ता को निलंबित किया है। निलंबन अवधि में इन सभी का मुख्यालय नवा रायपुर स्थित लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता कार्यालय निर्धारित किया गया है। निलंबन अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी।