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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा शासकीय कार्यों में लापरवाही करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध हो रही कड़ी कार्रवाई

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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ने विकास  कार्यों में अनियमितता और लापरवाही करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों पर कड़ी कार्यवाही करते हुए जीरो टॉलरेंस का परिचय दिया है। राज्य शासन ने सड़क निर्माण और ओवरब्रिज मरम्मत कार्य में गड़बड़ी, लापरवाही, गुणवत्ताहीन कार्य और अनियमितता पर सख्ती बरतते हुए लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों के विरूद्ध बीजापुर से लेकर रायपुर तक कड़ी कार्रवाई की है। राज्य शासन ने बीजापुर में सड़क निर्माण में गड़बड़ी, भ्रष्टाचार, मिलीभगत, शासकीय राशि के अपव्यय और गुणवत्ताहीन कार्यों के दोषी अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर के साथ ही निलंबन की भी कार्रवाई की है। एक अधिकारी को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया है। वहीं रायपुर में मोवा ओवरब्रिज की मरम्मत में अमानक एवं गुणवत्ताहीन कार्य और अनियमितता पर पांच अधिकारियों को निलंबित किया गया है।

राज्य में भ्रष्टाचार और गडबड़ी पर जीरो टॉलरेंस पर अमल करते हुए सरकार ने आज कई अधिकारियों के विरूद्ध बड़ी कार्रवाई की है। बीजापुर में आर.आर.पी.-1 (एल.डब्ल्यू.ई.) योजना के अंतर्गत 54.40 किमी लंबाई के अति महत्वपूर्ण प्रगतिरत नेलसनार-कोडोली-मिरतुल-गंगालुर मार्ग के कार्य के संबंध में गठित जाँच दल से प्राप्त प्रतिवेदन में पाई गई गड़बड़ियों के गंभीर होने एवं संबंधित अधिकारियों के मिलीभगत होने के कारण सड़क निर्माण में शासकीय राशि के अपव्यय, गबन, त्रुटिपूर्ण मूल्यांकन प्रतिवेदन देने एवं ठेकेदार/निर्माण एजेंसी के साथ मिलकर भ्रष्टाचार करने के प्रथम दृष्टया साक्ष्य हैं। राज्य शासन ने कड़ी कार्रवाई करते हुए नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सड़क निर्माण कार्य में गड़बड़ियों, गंभीर भ्रष्टाचार, मिलीभगत कर शासकीय राशि के अपव्यय एवं जानबूझकर गुणवत्ताविहीन निर्माण कार्य किए जाने के कारण तत्कालीन कार्यपालन अभियंता श्री बी.एल. ध्रुव, अनुविभागीय अधिकारी श्री आर.के. सिन्हा और उप अभियंता श्री जी.एस. कोड़ोपी तथा अन्य संबंधित अधिकारियों के विरूद्ध प्रकरण में भारतीय न्याय संहिता, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम एवं अन्य सुसंगत धाराओं में एफआईआर दर्ज कराकर तत्काल लोक निर्माण विभाग को सूचित करने के निर्देश बस्तर परिक्षेत्र, जगदलपुर के मुख्य अभियंता को दिए हैं।

नेलसनार-कोडोली-मिरतुल-गंगालुर मार्ग के कार्य के संबंध में गठित जाँच दल द्वारा बस्तर परिक्षेत्र के मुख्य अभियंता एवं बस्तर मंडल के अधीक्षण अभियंता के साथ विगत 8 जनवरी और 9 जनवरी को कार्यस्थल का निरीक्षण किया गया। इस दौरान कई कमियां पाई गईं। मार्ग के निर्माण कार्य में 29.00 किमी से 32.00 किमी एवं 50/10 तक कुल 4.20 किमी बी.टी. (OGPC+SEAL COAT) कार्य में अधिकांश जगह सील कोट (SEAL COAT) उखड़ गए हैं, जो डी.एल.पी. 06/2025 तक में है। किमी 41/2 से 50/10 मार्ग के विभिन्न फर्लांग (Furlong) में 41/10, 42/2, 42/6, 42/8, 42/10, 43/2, 43/4, 43/8, 44/6, 44/8, 45/4, 45/6, 45/8, 45/10, 46/6, 47/2, 47/10 एवं 50/8 सड़क सतह सिंक पोथोल्स (SINK POTHOLES) उत्पन्न हो गए हैं, जो डी.एल.पी. 06/2025 तक में है। किमी 28/4, 30/6 एवं 40/2 में पुल के एप्रोच स्लैब अपर्याप्त मोटाई (Inadequate Thickness) एवं बिना रिइनफोर्समेंट (Reinforcement) के बैक फीलिंग मटेरियल (Back filling material) के कमजोर कॉम्पेक्शन (Poor compaction) होने से सेटल्ड (Settled) हो गया है। इस प्रकार निर्धारित मानक एवं मापदण्ड का पालन किए बिना ही कार्य कराया जाकर अनुविभागीय अधिकारी एवं उप अभियंता द्वारा अधिकार का दुरूपयोग कर अपने पदीय कर्तव्य के निर्वहन में अनियमितता बरती गई है। इस पर कठोर कार्रवाई करते हुए विभाग ने अनुविभागीय अधिकारी श्री आर.के. सिन्हा, और उप अभियंता श्री जी.एस. कोड़ोपी को तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए उनका मुख्यालय नवा रायपुर स्थित लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता कार्यालय निर्धारित किया गया है। निलंबन अवधि में दोनों को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी।

लोक निर्माण विभाग ने नेलसनार-कोडोली-मिरतुल-गंगालुर मार्ग के कार्य में निर्धारित मानक एवं मापदण्ड का पालन किए बिना ही कार्य कराए जाने को कर्तव्य के प्रति घोर लापरवाही, उदासीनता एवं स्वेच्छाचारिता को गंभीर कदाचार मानते हुए बीजापुर के सेवानिवृत्त प्रभारी कार्यपालन अभियंता श्री बी.एल. ध्रुव को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। उन्हें जारी नोटिस में विभाग ने कहा है कि क्यों न उक्त कृत्य के लिए आपके विरूद्ध कठोर अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाए। उन्हें इस संबंध में अपना लिखित प्रतिवाद नोटिस प्राप्ति के 15 दिवस की समयावधि में प्रस्तुत करने को कहा गया है। लिखित प्रतिवाद निर्धारित समयावधि में प्राप्त नहीं होने पर संबंधित के विरूद्ध नियमानुसार एकपक्षीय कार्यवाही की जाएगी।

मोवा ओवरब्रिज मरम्मत कार्य में गडबड़ी पर पांच अधिकारी निलंबित, उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कार्य का निरीक्षण कर जांच के दिए थे आदेश

लोक निर्माण विभाग ने रायपुर के मोवा रेलवे ओवरब्रिज की मरम्मत में अमानक एवं गुणवत्ताहीन कार्य तथा अनियमितता पर भी बड़ी कार्रवाई की है। जांच के बाद विभाग ने पांच अधिकारियों को निलंबित कर दिया है।

ओवरब्रिज में डामरीकरण कार्य में शिकायतों का संज्ञान लेकर उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री श्री अरुण साव ने कार्य का औचक निरीक्षण किया था। उन्होंने निरीक्षण के दौरान कार्यस्थल पर गुणवत्ताहीन कार्य/खराबी पाई थी। इस संबंध में लोक निर्माण विभाग के सेतु परिक्षेत्र, रायपुर के मुख्य अभियंता द्वारा केन्द्रीय गुणवत्ता एवं अनुसंधान प्रयोगशाला, लोक निर्माण विभाग, रायपुर से जांच प्रतिवेदन प्राप्त की गई, जिसमें औसत बिटुमिन कंटेंट, कंबाईन्ड डेन्सिटी, मटेरियल के ग्रेडेशन मानक स्तर से कम पाया गया। इस प्रकार अमानक स्तर एवं गुणवत्ता के मापदण्डों का पालन किए बिना ही डामरीकरण का कार्य कराया जाकर कार्यपालन अभियंता, अनुविभागीय अधिकारी एवं उप अभियंताओं द्वारा अधिकार का दुरूपयोग कर अपने पदीय कर्तव्य के निर्वहन में अनियमितता बरती गई है। इस पर कड़ी कार्रवाई करते हुए विभाग ने कार्यपालन अभियंता श्री विवेक शुक्ला, अनुविभागीय अधिकारी श्री रोशन कुमार साहू तथा उप अभियंता श्री राजीव मिश्रा, श्री देवव्रत यमराज और श्री तन्मय गुप्ता को निलंबित किया है। निलंबन अवधि में इन सभी का मुख्यालय नवा रायपुर स्थित लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता कार्यालय निर्धारित किया गया है। निलंबन अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी।

वनमंत्री श्री कश्यप ने छत्तीसगढ़ की जैव विविधता पर आधारित फैदर फ्रेंड्स कॉफी टेबल बुक का किया विमोचन

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वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप ने छत्तीसगढ़ की जैव विविधता पर आधारित फैदर फ्रेंड्स कॉफी टेबल बुक का आज अपने निवास कार्यालय में विमोचन किया। यह कॉफी टेबल बुक छत्तीसगढ़ राज्य की जैव विविधता और पक्षियों की प्रजातियों पर केंद्रित है। जिसका प्रकाशन टीआरपी न्यूज रायपुर द्वारा किया गया।

इस पुस्तक में 50 से अधिक प्रजातियों के स्थानीय और प्रवासी पक्षियों की खूबसूरत तस्वीरें और उनके बारे में विस्तृत जानकारी शामिल है। छत्तीसगढ़ के वाइल्डलाइफ फोटोग्राफर श्री सत्यप्रकाश पांडेय ने राज्य के विभिन्न हिस्सों से पक्षियों की तस्वीरें खींचकर राज्य की जैव विविधता को इस कॉफी टेबल बुक के माध्यम से प्रदर्शित करने का प्रयास किया है। पुस्तक में अलास्का, मंगोलिया और साइबेरिया से आने वाले प्रवासी पक्षियों, जैसे बार हेडेड गूज, के बारे में जानकारी दी गई है, जो छत्तीसगढ़ के विभिन्न क्षेत्रों में शीतकाल बिताते हैं।

वन मंत्री श्री कश्यप ने प्रकाशक श्री उचित शर्मा, उनकी टीम, और श्री सत्यप्रकाश पांडेय को इस उत्कृष्ट प्रयास के लिए बधाई दी। उन्होंने राज्य सरकार और जलवायु परिवर्तन विभाग द्वारा पक्षियों और वन्यजीवों के संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयासों को भी रेखांकित किया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य जैव विविधता बोर्ड के अध्यक्ष श्री राकेश चतुर्वेदी एवं सचिव श्री राजेश चंदेल, पीसीसीएफ श्री श्रीनिवास राव, एपीसीसीएफ श्री अरूण पाण्डेय उपस्थित थे।

नगरीय निकायों के पेंशनर्स के महंगाई राहत में वृद्धि, 1 अक्टूबर 2024 की तिथि से मिलेगा लाभ

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राज्य शासन ने नगरीय निकायों के पेंशनर्स और परिवार पेंशनर्स के महंगाई राहत में वृद्धि की है। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने सातवें वेतनमान के अनुसार पेंशन प्राप्त करने वालों की महंगाई राहत में चार प्रतिशत और छटवें वेतनमान के अनुसार पेंशन प्राप्त करने वाले पेंशनर्स के महंगाई राहत में नौ प्रतिशत की बढ़ोतरी की है। दोनों वेतनमानों के पेंशनर्स और परिवार पेंशनर्स को 1 अक्टूबर 2024 से इस वृद्धि का लाभ दिया जाएगा।

उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद आज विभाग ने मंत्रालय से इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं। राज्य शासन द्वारा महंगाई राहत में बढ़ोतरी के बाद सातवें वेतनमान और छटवें वेतनमान के पेंशनर्स का महंगाई राहत क्रमशः 50 प्रतिशत और 239 प्रतिशत हो जाएगा। वर्तमान में सातवें वेतनमान के पेंशनर्स को 46 प्रतिशत और छटवें वेतनमान के पेंशनर्स को 230 प्रतिशत महंगाई राहत दी जा रही है।

उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने घायल जवानों से की मुलाकात, उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की

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बीजापुर के पुतकेल में हुए माओवादी हमले में घायल हुए दो बहादुर जवानों से आज उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने रायपुर के निजी अस्पताल में मुलाकात की। उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने संबंधित डॉक्टरों और अधिकारियों से जवानों के इलाज की प्रगति की जानकारी ली और यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि उनके इलाज में किसी भी प्रकार की कमी न हो। इस दौरान उन्होंने जवानों का कुशलक्षेम जाना, उनसे बातचीत की और उनका हौसला बढ़ाया। उन्होंने कहा कि इन जवानों के शौर्य और साहस के कारण नक्सल मोर्चे पर हमें निरंतर सफलता मिल रही है।
उपमुख्यमंत्री ने जवानों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति और सुरक्षा स्थापित करने के लिए दृढ़संकल्पित है। जवानों के बलिदान और समर्पण को कभी भुलाया नहीं जाएगा। उनके साहस ने पूरे प्रदेश को गौरवान्वित किया है।

उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने विकास कार्यों का किया भूमिपूजन, निर्माण कार्यों का औचक निरीक्षण कर लोगों की समस्याएं सुनीं

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उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव लगातार फील्ड में उतरकर विकास कार्यों के जमीनी हालात का निरीक्षण कर रहे हैं। उन्होंने गुरूवार को मुंगेली जिले के लोरमी नगर पालिका के तुलसाघाट वार्ड में निर्मित सीसी रोड का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने सड़क की गुणवत्ता को लेकर लोगों से चर्चा कर उनकी समस्याएं भी सुनीं। श्री साव ने वार्ड में 14 लाख रुपए की लागत से बनने वाले सड़क का भूमिपूजन भी किया। वहां 80 लाख रुपए के विभिन्न विकास कार्य स्वीकृत किए गए हैं। उन्होंने तुलसाघाटवासियों की मांग पर मनियारी नदी पर पुल बनाने का आश्वासन दिया। उन्होंने लोरमी नगर पालिका के वार्ड-15 में निर्माणाधीन सतनाम भवन का जायजा लेकर अधिकारियों को समय पर कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।

उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने लोरमी हाईस्कूल मैदान में 44 लाख रुपए के विभिन्न विकास कार्यों का भूमिपूजन किया। उन्होंने कहा कि स्कूल में 25 लाख रुपए से अधिक की लागत से बाउंड्रीवाल का निर्माण किया जाएगा। शहर के खिलाड़ियों की सुविधा के लिए 19 लाख रुपए की लागत से अच्छी रोशनी की व्यवस्था की जाएगी। लाइट लगने से मैदान में रात में भी विविध धार्मिक एवं सामाजिक आयोजन हो सकेंगे। उन्होंने बताया कि राज्य शासन ने लोरमी शहर के विकास के लिए पिछले एक साल में ही 53 करोड़ रुपए मंजूर किए हैं।

उप मुख्यमंत्री श्री साव अपने लोरमी प्रवास के दौरान सरस्वती शिशु मंदिर पूर्व माध्यमिक शाला झाफल के वार्षिकोत्सव में शामिल हुए। उन्होंने वहां सांस्कृतिक मंच का लोकार्पण भी किया। उन्होंने सरस्वती शिशु मंदिर स्कूल के लिए दस लाख रुपए और झाफल गंगा नगर में नवधा रामायण मंच निर्माण के लिए पांच लाख रुपए देने की घोषणा की। श्री साव दशरथलाल अमरीका बाई आदर्श उच्च माध्यमिक विद्यालय बंधवा में युवा सम्मान एवं वार्षिकोत्सव में भी शामिल हुए। उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं में चयनित प्रतिभाशाली युवाओं को सम्मानित कर बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कार्यक्रम में एकलव्य स्कूल से दशरथलाल स्कूल तक सीसी रोड निर्माण एवं स्वेच्छानुदान से राशि देने की घोषणा की।

मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक 19 जनवरी को

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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में रविवार 19 जनवरी, 2025 को पूर्वान्ह् 11.30 बजे से कैबिनेट की बैठक मंत्रालय, महानदी भवन, नवा रायपुर, अटल नगर में आयोजित की गई है।

छत्तीसगढ़ ने स्वच्छ पर्यावरण और नेट जीरो एमिशन के लक्ष्य को पाने की दिशा में की है बड़ी पहल : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

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छत्तीसगढ़ ने स्वच्छ पर्यावरण और नेट जीरो एमिशन के लक्ष्य को पाने की दिशा में बड़ी पहल की है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में नगरीय ठोस अपशिष्ट से कंप्रेस्ड बायोगैस उत्पादन के लिए छत्तीसगढ़ बायोफ्यूल विकास प्राधिकरण, गेल इंडिया लिमिटेड, भारत पेट्रोलियम और प्रदेश के 6 नगर निगमों के बीच ऐतिहासिक त्रिपक्षीय एमओयू संपन्न होने के अवसर पर यह बात कही। मुख्यमंत्री ने सभी संस्थाओं को इस विशेष एमओयू के लिए शुभकामनाएं दी और कहा कि यह कदम स्वच्छता, ऊर्जा उत्पादन और सतत विकास के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ को एक नई पहचान दिलाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ के विकास में आज एक और महत्वपूर्ण कड़ी जुड़ रही है। छत्तीसगढ़ में सतत योजना के अंतर्गत नगरीय ठोस अपशिष्ट से कम्प्रेस्ड बायोगैस उत्पादन की दिशा में हम तेजी से आगे बढ़ रहे है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने स्वच्छ भारत मिशन की शुरुआत की थी और इसी पहल के माध्यम से देशवासियों में अपने परिवेश की स्वच्छता को लेकर व्यापक चेतना आई थी। उन्होंने कहा कि अब प्रदेश में स्वच्छता को लेकर बेहतर काम हो रहे हैं। नगरीय निकायों में इन संयंत्रो की स्थापना से शहरों को स्वच्छ-सुंदर बनाने का हमारा संकल्प पूरा होगा। जैव ईंधन के रूप में बायोगैस के उत्पादन से हमारी ऊर्जा की आवश्यकता भी पूरी होगी और वेस्ट टू एनर्जी की परिकल्पना भी साकार होगी। उन्होंने एमओयू में शामिल सभी संस्थाओं से संयंत्र की स्थापना के कार्य को समयबद्ध रूप से पूर्ण करने का करने को कहा।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इस एमओयू से पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता जैसे बड़े उद्देश्य की पूर्ति के साथ-साथ रोजगार भी सृजित होंगे। भारत सरकार के प्रतिष्ठित संस्थाओं के सहयोग से यह कार्य पूरा होगा और इस क्षेत्र में उनकी विशेषज्ञता का लाभ भी हमें मिलेगा।
उप मुख्यमंत्री श्री अरूण साव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता और वेस्ट टू वेल्थ की दिशा में बड़े निर्णय लिए गए हैं। प्रदेश में स्वच्छता को लेकर लगातार अभियान चलाया जा रहा है और शहरों के लिए आज यह बहुत महत्वपूर्ण विषय हो गया है। हमारा लक्ष्य है कि नगर स्वच्छ, सुंदर और सुविधापूर्ण बने और भारत सरकार के प्रतिष्ठित संस्थाओं के साथ एमओयू से यह कार्य गुणवत्ता के साथ पूर्ण होगा।
एमओयू के दौरान मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी. दयानंद मुख्यमंत्री के सचिव डॉ. बसवराजु एस, गेल इंडिया, बीपीसीएल, छत्तीसगढ़ बायोफ्यूल विकास प्राधिकरण और 06 नगरीय निकायों के अधिकारी मौजूद रहे।

उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ में सतत् योजना(Sustainable Alternative Towards Affordable Transportation) के अंतर्गत नगरीय ठोस अपशिष्ट से जैव ईंधन जैसे कि कम्प्रेस्ड बायोगैस (CBG) उत्पादन की अपार संभावनाएं हैं। इसी क्रम में छत्तीसगढ़ बायोफ्यूल विकास प्राधिकरण (सीबीडीए) के निरंतर प्रयास से नगर पालिक निगम अंबिकापुर, रायगढ़, कोरबा,  बिलासपुर, राजनांदगांव और धमतरी में नगरीय ठोस अपशिष्ट से कम्प्रेस्ड बायोगैस संयंत्र की स्थापना हेतु सीबीडीए, गेल एवं बीपीसीएल के साथ आज त्रिपक्षीय एमओयू पर हस्ताक्षर किया गया। इनमें नगर पालिक निगम अंबिकापुर, रायगढ़, कोरबा और सीबीडीए एवं गेल इंडिया लिमिटेड के बीच तथा नगर पालिक निगम बिलासपुर, धमतरी, राजनांदगांव और सीबीडीए एवं भारत पेट्रोलियम कार्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) के बीच समझौता हुआ।

   परियोजना की प्रमुख विशेषताएं

इस एमओयू के माध्यम से  6 नगर पालिक निगमों के लगभग 350 मीट्रिक टन प्रतिदिन नगरीय ठोस अपशिष्ट एवं लगभग 500 मीट्रिक टन अधिशेष बायोमास का उपयोग जैव ईंधन उत्पादन के लिये किया जावेगा। इन 06 संयंत्रों से प्रतिदिन लगभग 70 मीट्रिक टन कंप्रेस्ड बायोगैस का उत्पादन होगा। इन परियोजनाओं में लगभग 600 करोड़ रुपये का निवेश पूर्ण रूप से GAIL और BPCL द्वारा किया जाएगा। इसी प्रकार संयंत्रों से होने वाले उत्पादन और बिक्री से राज्य को प्रतिवर्ष लगभग 6 करोड़ रुपये का जीएसटी प्राप्त होगा।

स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, जैविक खेती और नेट जीरो एमिशन की दिशा में अग्रसर होगा प्रदेश

एमओयू के फलस्वरूप संयंत्रों की स्थापना से उत्पन्न सह-उत्पाद से जैविक खेती को बढ़ावा मिलेगा। कचरे के प्रभावी निपटान से ग्रीनहाउस गैस के उत्सर्जन में कमी आएगी और छत्तीसगढ़ नेट जीरो एमिशन प्राप्ति की दिशा में अग्रसर होगा।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय 18 जनवरी को सक्ती जिले को देंगे 168 करोड़ रूपए के विकास कार्यों की सौगात

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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय शनिवार 18 जनवरी को सक्ती जिले के प्रवास पर रहेंगें। मुख्यमंत्री श्री साय कलेक्ट्रेट कार्यालय परिसर जेठा के सामने मैदान में आयोजित विभिन्न विकास कार्यों के लोकार्पण-भूमिपूजन एवं हितग्राही सम्मान समारोह में शामिल होंगे। समारोह में मुख्यमंत्री श्री साय सक्ती जिले को 168.25 करोड़ रुपए की लागत राशि के कुल 173 विकास कार्यों का सौगात देंगे, जिसमें 105 करोड़ 78 लाख रुपए से अधिक की लागत वाले 82 कार्यों का भूमिपूजन और 62 करोड़ 47 लाख से अधिक की लागत से  निर्मित 91 निर्माण एवं विकास कार्यों का लोकार्पण शामिल है।

महासमुंद जिले में 272 कट्टा अवैध धान जब्त

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महासमुंद जिले के बागबाहरा तहसील के ग्राम पंचायत कोमा और बरबसपुर में राजस्व एवं खाद्य विभाग की संयुक्त टीम ने मंडी अधिनियम का उल्लंघन का मामला पकड़ में आने पर कार्रवाई करते हुए कुल 272 कट्टा अवैध धान जब्त किया गया।

संयुक्त दल ने ग्राम पंचायत कोमा के मुंशीलाल सोनी के गोदाम और निवास स्थल पर दबिश देकर वहां अवैध रूप से भण्डारित 172 कट्टा धान जब्त किया गया। टीम ने बताया कि यह धान मंडी अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन करते हुए संग्रहित किया गया था। दूसरी कार्रवाई ग्राम पंचायत बरबसपुर के पद्मिनी सोनी समिति गबौद परिसर में की गई, जहां से 100 कट्टा अवैध धान जब्त किया गया।

वरिष्ठ सहकारी निरीक्षक एवं प्रभारी सहकारिता विस्तार अधिकारी पिथौरा निलंबित

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राज्य शासन के समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन कार्य के अंतर्गत उपार्जन केंद्रों के निरीक्षण और पर्यवेक्षण में लापरवाही और कदाचरण के आरोप में श्री एस.के. डे, वरिष्ठ सहकारी निरीक्षक एवं प्रभारी सहकारिता विस्तार अधिकारी, विकासखंड पिथौरा, जिला महासमुंद को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

कार्यालय कलेक्टर खाद्य शाखा के माध्यम से प्रेषित प्रतिवेदन के अनुसार संयुक्त आयुक्त सहकारिता एवं पंजीयक सहकारी संस्थाएं, रायपुर छत्तीसगढ़ द्वारा यह कार्रवाई छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम-3 और छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1966 के नियम-9 के तहत की गई है। श्री एस.के. डे पर जानबूझकर लापरवाही और मनमानी करने का आरोप है, जिससे राज्य शासन के महत्वपूर्ण कार्य में बाधा उत्पन्न हुई। यह आचरण सेवा नियमों के प्रतिकूल पाया गया। निलंबन के दौरान श्री एस.के. डे का मुख्यालय उपायुक्त सहकारिता एवं उप पंजीयक, सहकारी संस्थाएं, जिला बलौदाबाजार-भाटापारा में निर्धारित किया गया है। इस अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता पाने की पात्रता होगी।

उल्लेखनीय है कि विगत शुक्रवार को कलेक्टर विनय कुमार लंगेह द्वारा विकासखण्ड पिथौरा के पथरला, जाड़मुड़ा, आरंगी और नरसैयापालम धान खरीदी केन्द्रों का औचक निरीक्षण किया गया था। जिसमें श्री एस.के.डे. द्वारा विकासखण्ड पिथौरा में संचालित धान उपार्जन केन्द्रों में समुचित रूप से निरीक्षण एवं पर्यवेक्षण नहीं किया जाना पाया था। इसके अलावा धान के बोरे फड़ में बिना स्टैकिंग के रखा गया था जो भौतिक सत्यापन के योग्य नहीं था। उनके द्वारा शासन के महत्वपूर्ण कार्य धान खरीदी में अपने पदीय दायित्वों के निर्वहन में जानबूझकर लापरवाही किया जाना पाया गया था। फलस्वरूप उन्हें कारण बताओं नोटिस जारी किया गया था।