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राज्यपाल ने डॉ. रवि रत्न सक्सेना को किया उद्यानिकी विश्वविद्यालय का कुलपति नियुक्त

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राज्यपाल एवं कुलाधिपति श्री रमेन डेका ने डॉ. रवि रत्न सक्सेना को महात्मा गांधी उद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय पाटन जिला दुर्ग का कुलपति नियुक्त किया है। राज्यपाल एवं कुलाधिपति श्री डेका ने विश्वविद्यालय अधिनियम 2019 की धारा 14(1) में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए डॉ. रवि रत्न सक्सेना प्रोफेसर और एसोसिएट निदेशक (अनुसंधान), अनुसंधान सेवा निदेशालय इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर को महात्मा गांधी उद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय पाटन जिला दुर्ग का कुलपति नियुक्त किया  है।

नगरीय निकाय आम निर्वाचन 2024-25

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छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा आगामी नगरीय निकाय आम निर्वाचन 2024-25 के लिए निर्वाचन नामावली तैयार करने के संबंध में संशोधित कार्यक्रम जारी की गई है। राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, निर्वाचन नामावली का अंतिम प्रकाशन 18 जनवरी 2025 शनिवार को किया जाएगा।

गणतंत्र दिवस के अवसर पर राजभवन में होगा स्वागत समारोह : तैयारी के लिए राजभवन में हुई बैठक

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गणतंत्र दिवस के अवसर पर 26 जनवरी 2025 को राज्यपाल  रमेन डेका की गरिमामय उपस्थिति में राजभवन में शाम 5:15 बजे से ‘‘स्वागत समारोह‘‘ का  आयोजन किया जाएगा। जिसमे स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों, पद्मश्री, पद्मभूषण से सम्मानित राज्य के नागरिकों, जनप्रतिनिधियोें सहित गणमान्य नागरिकों को आमंत्रित किया जाएगा।
राजभवन में गणतंत्र दिवस के अवसर पर संध्याकाल में ‘एट होम फंक्शन‘ कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम की तैयारी के लिए आज राज्यपाल के सचिव यशवंत कुमार ने विभिन्न विभागों की बैठक ली। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये।
गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान राजभवन परिसर एवं आस-पास की साफ-सफाई, स्वच्छ पेयजल, रोशनी एवं झालर व्यवस्था, ट्रैफिक, सुरक्षा एवं कानून व्यवस्था, पार्किग व्यवस्था, विद्युत व्यवस्था, आमंत्रण पत्रों का मुद्रण एवं वितरण एवं अन्य व्यवस्था के संबंध में सभी आवश्यक निर्देश दिये गये।
बैठक में रायपुर जिले के प्रशासन एवं पुलिस के अधिकारी, राजभवन के अधिकारी, नगर निगम, लोकनिर्माण, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, बिजली, उद्यानिकी, आयुष विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में बन रही विकास की नई सड़क

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मुख्यमंत्री साय के कुशल और  संवेदनशीलता नेतृत्व में गरियाबंद जिले के मैनपुर विकासखंड के नक्सल प्रभावित दुर्गम वनांचल क्षेत्रों में पक्की सड़क निर्माण का कार्य प्रारंभ हो चुका है। नेशनल हाईवे 130सी के डुमरपड़ाव से जागड़ा तक 4.7 किमी लंबी सड़क के निर्माण के लिए 3.02 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। दशकों से सड़क की मांग कर रहे ग्रामीणों ने इस ऐतिहासिक पहल के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार प्रकट किया है। क्षेत्र के दर्जनभर गांवों के हजारों लोग इस सड़क के अभाव में आवागमन और स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित थे। अब इस सड़क के निर्माण से उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव की उम्मीद जगी है।

ग्रामीणों का कहना है कि आजादी के 75 वर्षों बाद यह पहली बार है जब उनकी सड़क निर्माण की मांग पर गंभीरता से ध्यान दिया गया है। ग्राम पंचायत जागड़ा के सरपंच मिथुला बाई नेताम, उपसरपंच भानु प्रताप सिन्हा और अन्य ग्रामीणों ने कहा कि मुख्यमंत्री  साय ने उनकी वर्षों पुरानी मांग को पूरा करके ग्रामीणों के हित के लिए बहुत बड़ा कार्य किया है। ग्रामीणों ने कहा कि  मुख्यमंत्री  साय ने हमारी समस्या के प्रति संवेदनशीलता का परिचय देते  इसे हल करने की तत्काल पहल की है।

उल्लेखनीय है कि गरियाबंद जिले के  मैनपुर विकास खंड मुख्यालय से 40 किमी दूर पयलीखंड और जांगड़ा जैसे गांव अब पक्की सड़क से जुड़ने जा रहे हैं। मुख्यमंत्री साय की सरकार ने स्पेशल केंद्रीय सहायता फंड से इस सड़क निर्माण कार्य को मंजूरी दी है। सड़क बन जान से न केवल आवागमन सुगम होगा, बल्कि स्वास्थ्य, शिक्षा और बिजली जैसी सुविधाओं का लाभ भी ग्रामीणों को मिल सकेगा। यह सड़क प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बन रही है।  3.02 करोड़ रुपये की लागत से निर्माणाधीन सड़क निर्माण कार्य शीघ्र ही पूरा होने की उम्मीद है।

पक्की सड़क निर्माण कार्य शुरू होने से क्षेत्र के ग्रामीणों में भारी उत्साह है। जागड़ा और आसपास के गांवों के लोगों ने इस पहल को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह मुख्यमंत्री  साय के सुशासन और दूरदर्शी नेतृत्व का परिणाम है। ग्रामीणों ने कहा कि यह सड़क उनके लिए विकास और उन्नति का मार्ग प्रशस्त करेगी। ग्रामीणों ने कहा कि मुख्यमंत्री  साय के सुशासन और संवेदनशीलता ने दुर्गम क्षेत्रों तक विकास की पहुंच सुनिश्चित की है। इस सड़क निर्माण के जरिए न केवल ग्रामीणों को राहत मिली है, बल्कि उनके जीवन स्तर को सुधारने का मार्ग भी प्रशस्त हुआ है।

मुख्यमंत्री साय ने उपराष्ट्रपति धनखड़ का किया आत्मीय स्वागत

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उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ गुरूघासीदास केन्द्रीय विश्वविद्यालय बिलासपुर के दीक्षांत समारोह में शामिल होने आज बिलासपुर पहुंचे। मुख्यमंत्री साय ने बिलासपुर में निर्मित हेलीपेड पर उपराष्ट्रपति  जगदीप धनखड़ का आत्मीय स्वागत किया।

माताओं एवं बच्चों का उत्तम स्वास्थ्य बनेगा प्रदेश की समृद्धि का आधार – मुख्यमंत्री साय

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माताओं एवं बच्चों का उत्तम स्वास्थ्य प्रदेश की उन्नति और समृद्धि का आधार बनेगा। माताओं एवं बच्चों का उत्तम स्वास्थ्य छत्तीसगढ़ के लोककल्याणकारी राज्य की सबसे महत्वपूर्ण प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री साय ने आज जशपुर जिले के बगिया स्थित मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में आईआईटी बॉम्बे के सहयोग से आईआईटी बॉम्बे-जशपुर पोषण मिशन अंतर्गत  ‘स्वस्थ माता- तंदुरुस्त बच्चा’ अभियान का शुभारंभ करते हुए यह बात कही।

मुख्यमंत्री  साय ने गर्भवती माताओं और बच्चों के पोषण स्तर को बेहतर बनाने जशपुर जिले में ‘स्वस्थ माता-तंदुरुस्त बच्चा’ अभियान का शुभारंभ किया।

स्वास्थ्य विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संयुक्त रूप से संचालित इस अभियान के तहत 9500 से अधिक स्वास्थ्य और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता आईआईटी बॉम्बे के माध्यम से पोषण संबंधी ऑनलाइन प्रशिक्षण प्राप्त करने के उपरांत माताओं और बच्चों के पोषण और स्वास्थ्य का ख्याल रखने के लिए पूरी तरह से तैयार है। अभियान के तहत 300 से अधिक मास्टर ट्रेनर  जिले में स्वास्थ्य विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग के मैदानी कार्यकर्ताओं को सतत प्रशिक्षण प्रदान करेंगे। इस पहल का मुख्य उद्देश्य जशपुर जिले में कुपोषण को पूरी तरह समाप्त करना और माताओं एवं बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार लाना है। अभियान के तहत् गर्भवती माताओं, शिशुवती माताओं और 6 वर्ष तक के बच्चों को कुपोषण से मुक्त करने का लक्ष्य है। इसमें विशेष रूप से स्तनपान, पोषण आहार और पूरक आहार पर ध्यान केंद्रित किया गया है। इस पहल के जरिए गर्भवती माताओं को सही पोषण की जानकारी दी जाएगी, जिससे बच्चे शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ बन सके।

मुख्यमंत्री  साय ने ‘स्वस्थ माता- तंदुरुस्त बच्चा’ अभियान की सराहना करते हुए कहा कि यह पहल जिले में स्वास्थ्य और पोषण के प्रति जागरूकता को बढ़ाएगी, साथ ही कुपोषण को खत्म करने और गर्भवती माताओं, शिशुवती माताओं तथा 6 वर्ष तक के बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार लाने में सहायक होगी।

राज्यपाल श्री डेका से पैरा एशिया कप के गोल्ड मेडल विजेता श्री झा ने सौजन्य भेंट की

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राज्यपाल श्री रमेन डेका से आज राजभवन में पंजा कुश्ती में पैरा एशिया कप के गोल्ड मेडल विजेता श्री श्रीमंत झा ने सौजन्य भेंट की। श्री झा ने गत नवम्बर माह में मुबंई में आयोजित प्रतियोगिता में यह उपलब्धि हासिल की। श्री झा का यह 49 वां अंतर्राष्ट्रीय मेडल है। वे आगामी माह नार्वे में होने वाले पैरा विश्व कप प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए चयनित हो चुके हैं। राज्यपाल श्री डेका ने श्री झा की उपलब्धियों की सराहना की और भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी। उन्होंने श्री झा को प्रोत्साहन स्वरूप 10 हजार रूपए का चेक भी प्रदान किया।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की प्राथमिकता में आदिवासी समाज का उत्थान सर्वाेपरि : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

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प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की सर्वाेच्च प्राथमिकता में आदिवासी समाज का उत्थान  शामिल है। उन्होंने देश के सर्वाेच्च पद राष्ट्रपति के लिए आदिवासी महिला को अवसर दिया। आज देश की राष्ट्रपति एक आदिवासी है, छत्तीसगढ़ का मुख्यमंत्री एक आदिवासी है, यह प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की सोच का ही परिणाम है। सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास हमारी सरकार का ध्येय वाक्य है। इसके माध्यम से हम विजन-2047 के अंतर्गत छत्तीसगढ़ को विकसित राज्य बनाने में आप सबके सहयोग से सफल होंगे। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने जशपुर जिले के पमशाला में आयोजित अखिल भारतीय कंवर समाज के वार्षिक सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए यह बात कही।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में डबल इंजन की सरकार है। इससे लोगों को राज्य सरकार और केंद्र सरकार दोनों की योजनाओं का भरपूर लाभ मिल रहा है। हमने पिछले एक साल में मोदी जी की अधिकांश गारंटियों को पूरा कर दिया है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आदिवासी समुदाय के समग्र विकास और उन्हें मुख्य धारा से जोड़ने के लिए पीएम जनमन, धरती आबा जनजाति ग्राम उत्कर्ष योजना जैसी महत्वाकांक्षी योजना शुरू की है। उन्होंने इन योजनाओं में आदिवासियों की शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण आहार, रोजगार और मकान से लेकर हर जरूरत का ध्यान रखा है। छत्तीसगढ़ सरकार इन योजनाओं में तेजी से आदिवासी समुदाय को लाभान्वित कर रही है। हमारी सरकार आदिवासी समुदाय के साथ ही सभी वर्गों के जीवन में खुशहाली लाने और उनके उत्थान के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर फरसाबहार में स्नेक पार्क और तपकरा को तहसील बनाने और पमशाला के स्टेडियम के समतलीकरण के लिए 20 लाख रूपए की घोषणा की।  कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री साय ने 87 करोड़ 31 लाख 98 हजार रूपए लागत् के 507 विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। इनमें 85.08 करोड़ रूपए की लागत के 483 कार्यों का भूमिपूजन एवं 2.23 करोड़ की लागत से निर्मित 24 कार्यों का लोकार्पण शामिल हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमने शपथ-ग्रहण के दूसरे ही दिन कैबिनेट की पहली बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना से प्रदेश के 18 लाख परिवारों को लाभान्वित करने तत्काल निर्णय ले लिया था। हमने तेंदूपत्ता संग्रहण दर को चार हजार रूपये से बढ़ाकर साढ़े 5 हजार रुपए प्रति मानक बोरा कर दिया है। इससे वनवासी भाईयों के जीवन स्तर में बदलाव आया है। उन्होंने कहा कि हम 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से और 21 क्विंटल प्रति एकड़ के मान से धान खरीदी की गारंटी के अनुरूप प्रदेश में धान की खरीदी कर रहे हैं। हम किसानों को समर्थन मूल्य का भुगतान तत्काल कर रहे हैं। धान खरीदी समाप्त होते ही अंतर की राशि भी उनके बैंक खातों में जमा करा दी जाएगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यक्रम में कहा कि आदिवासी कंवर समाज तेजी से विकास पथ पर अग्रसर है। उन्होंने कहा कि जो समाज अपनी दिशा और दशा पर लगातार चिंतन करता है, आपस में विचार-विमर्श करता है, कुरीतियों को दूर करता है, विकास के अवरोधों को चिन्हित करते हुए उन्हें दूर करने का जतन करता है, उस समाज को आगे बढ़ने से कोई नहीं रोक सकता है। उन्होंने कहा कि यह अवसर अपनी उपलब्धियों को साझा करने और एक दूसरे के अनुभवों से सीखने और एक दूसरे को प्रेरित करने का भी अवसर है।

कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए सरगुजा आदिवासी विकास प्राधिकरण की श्रीमती गोमती साय ने कंवर समाज को विकास कार्यों के लिए 20 लाख रूपए देने की घोषणा की। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री साय ने सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी श्री महेश्वर साय द्वारा लिखित पुस्तक श्कंवर जनजाति के सामाजिक एवं आर्थिक विकासश् तथा श्बदलता अबूझमाड़ एवं अन्य कहानियांश् का विमोचन किया। कार्यक्रम में पूर्व सांसद श्री नंदकुमार साय, मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय, कंवर समाज के अध्यक्ष श्री भरत साय सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक  उपस्थित थे।

छत्तीसगढ़ ही एक ऐसा राज्य, जहां भांजे को माना जाता है भगवान का स्वरूप : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

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प्रभु श्री राम छत्तीसगढ़ के कण-कण में बसे हुए हैं, जन-जन में बसे हुए हैं। भगवान श्रीराम हमारे भांचा राम हैं। पूरी दुनिया में छत्तीसगढ़ ही एक ऐसा राज्य है, जहां भांजे को भगवान स्वरूप में पूजते हैं, उनका चरण पखारते हैं। उन्हें दंडवत होकर प्रणाम करते हैं। हमारी सरकार की श्रीराम लला दर्शन योजना से राज्य के 20 हजार से अधिक लोग अयोध्या में भगवान श्रीराम का दर्शन कर चुके हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के तीन दिवसीय तातापानी महोत्सव के शुभारंभ अवसर पर उक्त बाते कही।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हम लोग तातापानी संक्रांति परब में हर साल यहां आते हैं। पिछले साल जब हम लोग यहां आए थे, तब इस पावन स्थल को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की घोषणा की थी। परिणाम आप सबके सामने है, आज तस्वीर बहुत कुछ बदली-बदली सी नजर आ रही है। यहां विकास के काम तेजी से हुए हैं और लगातार हो ही रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में पर्यटन के क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं। खासकर सरगुजा और बस्तर जिले में अनेक ऐसे सुंदर स्थान हैं, जो पूरी दुनिया के आकर्षण का केंद्र बन सकते हैं। ऐसे स्थलों को चिन्हित कर पर्यटन स्थलों का विकास तेजी से कराया जा रहा है। तातापानी भी ऐसी ही जगहों में से एक है। हम इन सभी दर्शनीय स्थलों को पर्यटन स्थलों के रूप में विकसित करेंगे। इससे रोजगार और आय के अवसर बढ़ेंगे। अभी हम लोगों ने 177 करोड़ रुपये के 198 विकास कार्यों का लोकार्पण-भूमिपूजन किया है। इनमें करीब 134 करोड़ रुपये की लागत के 140 कार्यों का भूमिपूजन और 43 करोड़ रुपये के 58 कार्यों का लोकार्पण शामिल है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नालंदा परिसर के निर्माण के लिए हम लोगों ने आज भूमिपूजन किया है, जिसके निर्माण से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं को विशेष लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर बलरामपुर कॉलेज में ऑडिटोरियम निर्माण की घोषणा की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आज मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना अंतर्गत 300 बेटियों के हाथ पीले हुए हैं। उन्होंने सभी नवदंपतियों को आशीर्वाद देते हुए सभी के सुखमय गृहस्थ जीवन की मंगल कामना की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि तातापानी संक्रांति परब बलरामपुर-रामानुजगंज जिले का गौरव है। तातापानी दुनिया के उन चुनिंदा स्थानों में से एक है, जहां गर्म-पानी के कुंड के रूप में प्रकृति की शक्ति को प्रत्यक्ष देखा जा सकता है। उन्होंने कहा कि तातापानी संक्रांति परब का यह आयोजन समाज में एकता और सौहार्द का संदेश भी देता है। इस महोत्सव में लोक कलाकारों की प्रस्तुतियों के साथ ही पतंगबाजी और आरागाही हवाई पट्टी पर पैरासेलिंग का आनंद भी आप लोग उठा पाएंगे। यहां किसान संगोष्ठी और पंच-सरपंच सम्मेलन भी होगा। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने विकसित भारत के निर्माण का लक्ष्य सामने रखा है। इसी के अनुरूप हम भी विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लक्ष्य को लेकर आगे बढ़ा रहे है। पिछले एक साल में हमारी सरकार ने मोदी की अधिकांश गारंटियों को पूरा किया है। इस साल छत्तीसगढ़ में धान की फसल अच्छी हुई है। 3100 रुपए क्विंटल के दाम से प्रति एकड़ 21 क्विंटल के मान से धान की खरीदी हो रही है। इस साल किसान भाइयों के घरों में रिकॉर्ड पैसा आने वाला है। अभी किसान भाइयों को धान के समर्थन मूल्य का भुगतान हो रहा है, शीघ्र ही उनके खातों में अंतर की राशि भी भेज दी जाएगी। हमारी सरकार राज्य के गरीब परिवारों को पांच साल तक निःशुल्क राशन उपलब्ध कराने का निर्णय भी लिया है। तेंदूपत्ता संग्रहण दर को हमने चार हजार रूपये से बढ़ाकर साढ़े 5 हजार रुपए प्रति मानक बोरा कर दिया है।

मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना से 300 बेटियां परिणय सूत्र में बंधीर : मुख्यमंत्री श्री साय ने दिया आशीर्वाद

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मकर संक्रांति के शुभ अवसर पर छत्तीसगढ़ के तातापानी महोत्सव में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की उपस्थिति में 300 बेटियों का सामूहिक विवाह छत्तीसगढ़ सरकार  की मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत धार्मिक रीति रिवाजों के साथ विधि विधान से संपन्न हुआ।

मुख्यमंत्री श्री साय ने नवदम्पतियों को आशीर्वाद देते हुए कहा कि  मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना अंतर्गत सामूहिक विवाह के आयोजन से गरीब और जरूरतमंद परिवारों को बेटियों के विवाह के लिए आर्थिक सहारा मिल रहा है। कुसमी विकासखंड की दिव्यांग कन्या सुश्री कुंती नगेशिया ने अपने विवाह पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि मेरी आर्थिक स्थिति और दिव्यांगता के कारण विवाह संभव नहीं हो पा रहा था। मुख्यमंत्री के आशीर्वाद और योजना की मदद से आज मेरा सपना साकार हुआ। अन्य नव दम्पत्तियों और उनके परिजनों ने भी इस आयोजन की सराहना की।
इस अवसर पर कृषि मंत्री श्री श्री रामविचार नेताम, अन्य जनप्रतिनिधि और हजारों नागरिक इस ऐतिहासिक कार्यक्रम के साक्षी बने। मुख्यमंत्री ने नवदम्पतियों को आपसी सम्मान और जिम्मेदारी से वैवाहिक जीवन को सुखमय बनाने की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि तातापानी महोत्सव ने आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों का दामन नई उम्मीदों और खुशियों से भर दिया है।