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‘दीदी-भैया’ पर भ‍िड़े इंडिया अलायंस के नेता, लेकिन अख‍िलेश यादव-तेजस्‍वी का क‍िसको सपोर्ट? शरद पवार भी कर गए खेल

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महाराष्‍ट्र-हर‍ियाणा चुनाव हारने के बाद विपक्ष में मतभेद खुलकर सामने आ गए हैं. पश्चि‍म बंगाल की मुख्‍यमंत्री ममता बनर्जी (दीदी) ने दावा क‍िया क‍ि अगर उन्‍हें इंडिया अलायंस की कमान दी जाती है तो वो संभालने के ल‍िए तैयार हैं. इसके बाद एक के बाद एक नेताओं के बयान आने लगे. कांग्रेस ने इसका विरोध करते हुए कहा क‍ि राहुल गांधी (भैया) के अलावा कोई और विपक्ष का नेता नहीं हो सकता. लेकिन सपा प्रमुख अख‍िलेश यादव और राजद के नेता तेजस्‍वी यादव की बात सुनकर कांग्रेस को झटका जरूर लगेगा. शरद पवार की पार्टी भी विरोध पर उतरी.

सपा के राष्‍ट्रीय प्रवक्‍त उदयवीर सिंह ने सुझाव द‍िया क‍ि अगर ममता कमान संभालने के ल‍िए तैयार हैं, उनकी बातों पर विचार करना चाहिए. उन्‍होंने टीएमसी को 100 फीसदी सपोर्ट देने की बात कही. उदयवीर‍ सिंह ने कहा, अगर ममता बनर्जी ने को इच्‍छा जताई है तो इस पर इंडिया अलायंस के दलों को विचार करना चाहिए और उन्‍हें समर्थन देना चाहिए. इससे अलायंस मजबूत होगा. ममता बनर्जी बंगाल में भाजपा को रोकने में कामयाब रही हैं. हमें उनसे सहानुभूत‍ि है. उनसे हमारा भावनात्‍मक रिश्ता पहले से है. सपा नेता ने कांग्रेस पर कटाक्ष करते हुए कहा, चाहे हर‍ियाणा हो या महाराष्‍ट्र, जहां भी सरकार नहीं बन पाई, वहां कांग्रेस ही सबसे बड़ी पार्टी थी. अगर कामयाबी नहीं मिली, तो यह विफलता उन्‍हीं की है.

आरजेडी के नेता क्‍या दे गए संकेत
तेजस्‍वी यादव की पार्टी आरजेडी ने अलग ही राग अलापा. आरजेडी के प्रवक्‍त मृत्‍युंजय त‍िवारी ने कहा, लालू यादव की पहल पर विपक्षी गठबंधन की पहली बैठक हुई थी. बीजेपी के ख‍िलाफ गठबंधन के असली सूत्रधार लालू यादव हैं. सभी अपने-अपने राज्‍यों में भाजपा के खिलाफ लड़ रहे हैं. ममता बजर्नी पश्च‍िम बंगाल में बीजेपी के ख‍िलाफ मजबूती से खड़ी हैं. अब 2025 में बिहार की बारी है. आरजेडी के नेता का साफ संकेत है क‍ि कमान बिहार के नेता को मिलनी चा‍ह‍िए.

सीपीआई का क्‍या रुख
सीपीआई महासच‍िव डी राजा ने कहा, कांग्रेस को आत्‍मच‍िंंतन करने की जरूरत है. उसने हर‍ियाणा और महाराष्‍ट्र चुनावों में इंडिया अलायंस के दलों को साथ नहीं ल‍िया. कांग्रेस ने अगर गठबंधन सहयोग‍ियों की बात सुनी होती तो महाराष्‍ट्र और हर‍ियाणा में वो नतीजे नहीं होते, जो आज देखने को मिले हैं.

चोरी हुआ फोन आख‍िर जाता कहां है? क्‍यों कभी नहीं मिल पाता, जान‍िए एक-एक बात

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द‍िल्‍ली-एनसीआर हो या फ‍िर कोई और शहर, फोन छीनने की घटनाएं खूब होती हैं. सिर्फ भारत में ही नहीं, लंदन से लेकर न्‍यूयार्क तक पूरी दुन‍िया में लोग इससे परेशान हैं. चोर इन्‍हें बेच तो नहीं सकते, क्‍योंक‍ि कई तरीके हैं, जिनसे इनके बारे में पता चल जाएगा और वे पकड़े जाएंगे. तो फ‍िर चोरी हुआ फोन जाता कहां है? आप जानकर हैरान होंगे क‍ि जो फोन आपके हाथ से छीना जाता है, वह चंद दिनों में चीन पहुंच जाता है. चौंक‍िए मत, यह सच है. पूरा मामला जानकर आप जरूर हैरान रह जाएंगे.

डेली मेल की रिपोर्ट के मुताबिक, चीन में इसका बड़ा कारोबार है. उनके ब्रोकर पूरी दुन‍िया में फैले हुए हैं. जैसे ही फोन चोरी होता है. उसे ऑफ करके रख द‍िया जाता है. फ‍िर चंद घंटों में उसे ब्रोकर के पास पहुंचाया जाता है. जब ब्रोकर के पास 100 के आसपास फोन हो जाते हैं, तो उन्‍हें समुद्री रास्‍तों से चीन भेजा जाता है.

क‍िस रास्‍ते पहुंचता चीन
लंदन में चोरी हुआ फोन स्‍वेज नहर के रास्‍ते चीन पहुंचता है. लंदन पुल‍िस ने 4000 से अध‍िक एप्पल आईफोन पर रिसर्च के बाद इसका खुलासा क‍िया. खास बात, इनमें 70 फीसदी फोन ऐसे थे, जिनमें स्‍क्रीन लॉक लगा हुआ था. जब एप्‍पल को पता चला तो उन्‍होंने इसे नेटवर्क से जोड़ने की कोश‍िश की. पता चला क‍ि चोरी हुए फोन में से 80 फीसदी विदेशों में भेजे जा चुके थे. इनमें से 28% फोन अल्जीरिया में, 20 प्रतिशत चीन में, 7 प्रतिशत हांगकांग में पाए गए. 3 फीसदी फोन पाक‍िस्‍तान में भी कनेक्‍ट हुए.

वो शहर जहां, बिकते चोरी के फोन
चीन का शेन्‍जेन शहर, जो कभी हांगकांग के ठीक उत्तर में एक मछली पकड़ने वाला गांव था. आजकल यह चोरी फोन का अड्डा है. चीन इसे स‍िल‍िकॉन वैली के नाम से पुकारता है, लेकिन यह सेकेंड हैंड फोन का दुन‍िया का सबसे बड़ा मार्केट है. यहां कोई कानून नहीं.

भारत में हर महीने बन रहे 3 नए अरबपति! हमारा नंबर 3, पहले और दूसरे नंबर पर कौन?

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क्या आप जानते हैं कि भारत हर महीने तीन नए अरबपतियों को जन्म दे रहा है? जी हां, जब पूरी दुनिया आर्थिक चुनौतियों से जूझ रही है, भारत की नई आर्थिक ऊंचाईयों ने इसे ग्लोबल अरबपतियों की सूची में तीसरे स्थान पर पहुंचा दिया है. इस बदलाव के पीछे वे परिवार और बिज़नेस आइकॉन हैं, जिन्होंने पारंपरिक बिजनेस से लेकर नए क्षेत्रों में सफलता के झंडे गाड़े हैं. सबसे ज्यादा अरबपतियों वाली लिस्ट में भारत का नंबर 3 है, मगर नंबर एक और दो पर कौन-कौन से देश हैं?

UBS की ताजा बिलेनियर अंबिशन्स रिपोर्ट (Billionaire Ambitions Report) के अनुसार, 2024 में भारत में अरबपतियों की कुल संख्या 185 हो गई है. अमेरिका (835 अरबपति) और चीन (427 अरबपति) के बाद भारत तीसरे स्थान पर है.

पिछले 12 महीनों में बने 32 नए अरबपति
पिछले 12 महीनों में भारत ने 32 नए अरबपति जोड़े हैं, जो लगभग 21 फईसदी की वृद्धि है. यह 2015 से अब तक 123 फीसदी का उछाल दर्शाता है. इसके साथ ही भारतीय अरबपतियों की कुल संपत्ति 75.34 लाख करोड़ रुपये हो गई है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 42.1 फीसदी अधिक है

अमेरिका में 84 नए अरबपति जुड़े और उनकी कुल संपत्ति 479 लाख करोड़ रुपये ($5.8 ट्रिलियन) हो गई. जबकि चीन में 93 अरबपतियों की कमी आई, कुल संपत्ति 115 लाख करोड़ रुपये ($1.4 ट्रिलियन) पर सिमट गई. वैश्विक स्तर पर, 2015 से 2024 के बीच अरबपतियों की संपत्ति 14 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच गई है, जो 121 की वृद्धि है.

रिपोर्ट के मुताबिक, अगले दशक में भारत में अरबपति उद्यमियों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि होने की उम्मीद है. यह चीन की चार साल पहले की ग्रोथ स्टोरी से मेल खाता है.

108 लिस्टेड फैमिली बिजनेस
भारत में 108 पब्लिकली लिस्टेड पारिवारिक बिजनेस हैं, जो इस श्रेणी में भारत को तीसरा स्थान देते हैं. रिपोर्ट के अनुसार, “फैमिली बिजनेस भारत के आर्थिक परिवर्तन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहे हैं. यह पारंपरिक उद्योगों से लेकर फार्मास्युटिकल्स, एजटेक, फिनटेक और फूड डिलीवरी जैसे उभरते क्षेत्रों तक फैले हुए हैं.”

चाय नाश्ता खत्म होते-होते पहुंच जाएंगे मुंबई से पुणे, इस गाड़ी के आगे फेल है ट्रेन क्या हवाई जहाज भी

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मुंबई-पुणे के बीच का सफर हाइपरलूप तकनीक से जल्द ही महज 25 मिनट में पूरा किया जा सकेगा. फिलहाल इस यात्रा में तीन से चार घंटे का समय लगता है. हाइपरलूप प्रोजेक्ट को केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मंजूरी की जानकारी देते हुए इसका वीडियो साझा किया. यह प्रोजेक्ट महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का ड्रीम प्रोजेक्ट है, जिसे केंद्र सरकार की स्वीकृति मिलने के बाद तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है.

हाइपरलूप तकनीक में ट्रेन एक विशेष ट्यूब के भीतर बिना किसी अवरोध के चुंबकीय शक्ति के सहारे चलती है. इसमें 1200 किमी/घंटा की अधिकतम रफ्तार हासिल करने की क्षमता है, हालांकि मुंबई-पुणे मार्ग पर इसे 600 किमी/घंटा की गति से चलाया जाएगा. इस ट्रेन का किराया हवाई जहाज के समान होने की संभावना है, जिससे यह यात्रियों के लिए तेज और प्रीमियम विकल्प बनेगी.

एलन मस्क की सुझाई तकनीक
यह प्रोजेक्ट 2013 में एलन मस्क द्वारा सुझाई गई हाइपरलूप तकनीक का उपयोग करता है. यह तकनीक पहली बार अमेरिका में लॉस एंजेलिस और सैन फ्रांसिस्को के बीच यात्रा के समय को कम करने के लिए प्रस्तावित की गई थी. भारत में, IIT मद्रास और रेलवे ने मिलकर इसके लिए 410 किमी लंबा ट्रैक तैयार किया है, जहां ट्रेन की टेस्टिंग की जाएगी. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अपने पिछले कार्यकाल में इस प्रोजेक्ट को शुरू करने का प्रयास किया था. उनकी नेतृत्व क्षमता और केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद यह प्रोजेक्ट तेजी से आगे बढ़ा है. यह देश का पहला हाइपरलूप रूट होगा, जिससे न केवल समय की बचत होगी बल्कि यात्रा का अनुभव भी पूरी तरह बदल जाएगा.

करप्‍शन भूले अरविंद केजरीवाल, अब क‍िस मुद्दे पर लगा रहे दांव? वजह कहीं खुद तो नहीं, समझ‍िए मायने

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अरविंद केजरीवाल जब राजनीत‍ि में आए थे, तब उनकी जुबां पर सिर्फ करप्‍शन और डेवलपमेंट का मुद्दा हुआ करता था. करप्‍शन के पेपर्स लेकर घूमते थे. करप्‍ट नेताओं के नाम ग‍िनाते थे. लेकिन आजकल वे जहां भी जाते हैं या तो डेवलपमेंट की बात करते हैं या फ‍िर द‍िल्‍ली में क्राइम की. शन‍िवार को गोविंदपुरी में मामूली बात पर दो पर‍िवारों में झगड़ा हो गया. इसमें एक शख्‍स की चाकू मारकर हत्‍या कर दी गई. इसे केजरीवाल ने गृहमंत्री अमित शाह की विफलता से जोड़ द‍िया. मुख्‍यमंत्री आत‍िशी एम्‍स उस शख्‍स से मिलने पहुंच गईं, जो हमले में घायल हुआ है. पहले भी, जब भी क्राइम की घटनाएं हुईं, तो आम आदमी पार्टी के नेता पीड़‍ितों के घरों तक पहुंचे. इसे बड़ा मुद्दा बनाने की कोश‍िश की. केजरीवाल ने विधानसभा के स्‍पेशल सेशन में गैंगस्‍टर लॉरेंस बिश्नोई तक का जिक्र कर डाला. तो क्‍या केजरीवाल ने एजेंडा क्लियर कर दिया है? क्‍या क्राइम पर ही द‍िल्‍ली का विधानसभा चुनाव जीतना चाहते हैं? कहीं इसकी वजह वे खुद तो नहीं?

गोविंदपुरी की घटना पर अरविंद केजरीवाल ने कहा, रोजाना जिस तरह से अपराध की घटनाएं सामने आ रही हैं, हर घटना दिल्ली के लोगों के अंदर और ज्यादा दहशत पैदा कर रही है. लोग बहुत ज्यादा डरे हुए हैं. हम ऐसे लोगों से मिल रहे हैं, जिनके साथ ऐसी घटनाएं घटी हैं. वह लोग बहुत ज्यादा खौफ में हैं. आज सुबह जैसे विश्वास नगर में सुनील नाम के व्यापारी मॉर्निंग वॉक से घर लौट रहे थे. भरी सड़क पर उनको गोली मार दी गई. इसी तरह गोविंदपुरी में चाकू मार कर मर्डर कर दिया गया. ना व्यापारी सुरक्षित हैं, न आम लोग. खुलेआम गैंगस्टर फिरौती के लिए फोन करते हैं. गृहमंत्री अमित शाह उन्हें पकड़ते क्यों नहीं. सड़क पर निकले तो आपके साथ स्नैचिंग हो रही है. दिल्ली में कोने-कोने में नशा बिक रहा है. रोज 17 बच्चे मिस हो रहे हैं. केंद्र सरकार के पास टाइम ही नहीं.

गृहमंत्री केजरीवाल के निशाने पर
अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सराकर से सवाल पूछा, दो सरकारें दिल्ली के अंदर हैं. स्कूल ठीक करने की जिम्मेदारी हमारे पास है. दिल्ली में अस्पताल और बिजली ठीक करने की जिम्मेदारी हमारी है. कानून व्यवस्था की जिम्मेदारी केंद्र सरकार के अधीन है. उनको एक ही जिम्मेदारी दी गई थी. केंद्र में भी गृहमंत्री अमित शाह की जिम्मेदारी है, वह कोई ठोस काम नहीं कर रहे हैं. बीजेपी के लोग कह रहे हैं, लॉ एंड ऑर्डर कोई मुद्दा नहीं है. दिल्ली के लोग मर रहे हैं. वह कहते हैं खुद लॉ एंड ऑर्डर कोई मुद्दा नहीं है.

बीजेपी भ्रष्‍टाचार-रोह‍िंग्‍या पर खींच रही
-केजरीवाल जहां करप्‍शन की बात नहीं करते, वहीं बीजेपी उन्‍हें इसी मुद्दे पर खींच रही है. बीजेपी के द‍िल्‍ली प्रदेश अध्‍यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने कहा, ‘अब नहीं तो सहेंगे, बादल के रहेंगे’ यह द‍िल्‍ली के लोगों का नारा है. वे भष्‍ट द‍िल्‍ली सरकार को हटाना चाहते हैं. दिल्ली की जनता टूटी सड़कों, गंदे पानी, भ्रष्टाचार से तंग आ चुकी है. केजरीवाल इन मुद्दों पर बात नहीं करते.

जब भारतीय मिसाइल बोटों ने कराची पर बरसाई आग… कर दिया था बांग्लादेश की आजादी का रास्ता साफ

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भारतीय नौसेना दिवस हर साल चार दिसंबर को मनाया जाता है. इस बार ये ओडिशा के पुरी में आयोजित हो रहा है. लेकिन अगर हम ये कहें कि ये दिवस हर साल पाकिस्तान की वजह से मनाते हैं, तो आश्चर्य नहीं होना चाहिए. इसे जानने के लिए 1971 की जंग में जाना होगा, जब भारत और पाकिस्तान के बीच भीषण युद्ध हुआ और उसके बाद कई चीजें एक साथ हुईं. एक देश के दो टुकड़े, एक नया देश बना और भारतीय नौसेना को उनका दिवस मिला.

1971 के युद्ध में कराची के नेवल बेस पर एक के बाद कई मिसाइल दाग कर पूरे बेस को ही तहस नहस कर दिया गया. ये दिन था 4 दिसंबर 1971 जब भारतीय नौसेना ने ऑफेंसिव ऑपरेशन लॉन्च किया, जिसको नाम दिया गया ऑपरेशन ‘ट्राइडेंट’. इस ऑपरेशन में भारतीय नौसेना ने पाकिस्तान के एक डेस्टड्रॉयर, एक माईन स्वीपर, एम्युनेशन से भरे कार्गो वेसल और कराची पोर्ट पर फ़्यूल स्टोरेज को तबाह कर दिया. ये एक टर्निंग प्वाइंट था 1971 की जंग का. ईस्ट पाकिस्तान तक जाने के दो रास्ते थे एक तो भारत की पूरी एयर स्पेस को पार करते हुए जाना, जो कि जंग के दौरान तो पाकिस्तान के लिए संभव नहीं था. दूसरा रास्ता था समुद्र के रास्ते वहां तक पहुंचना. लेकिन भारतीय नौसेना ने पाकिस्तानी नौसेना को अरब सागर में ही चोक कर दिया. तीन मिसाइल बोट ने ही एसा ग़दर मचाया दिया. पाकिस्तान के होश फ़ाख्ता हो गए.

धुआं धुआं कर दिया था कराची को
दिल्ली और वेस्टर्न नेवल कमांड ने कराची पोर्ट सिटी को निशाना बनाने का प्लान बनाया. इसके लिए चुना गया तीन विद्युत क्लास मिसाइल बोट को. इनके नाम INS वीर, INS निर्घत और INS निपट. मिसाइल बोट एक छोटे आकार का फास्ट अटैक वॉरशिप होता है जो कि एंटी शिप मिसाइल से लैस होते हैं. इन तीनों बोट को गुजरात के ओखा के पास पाकिस्तान में इमरजेंसी लागू होने बाद तैनात किया गया था. इसके अलावा एंटी सबमरीन कोर्वेट INS किल्तन और INS कटछल और टैंकर INS पोषक को तैनात किया गया. भारतीय नौसेना के इन 6 वॉरशिप ने कराची के पाकिस्तानी नौसेना के मुख्यालय के बारह बजा दिए.

ताबड़तोड़ हमले
इस ऑपरेशन को चेस के खेल की तरह अंजाम दिया गया. एक एक मोहरा सोच समझ कर चला गया. पहले बोट ने अपनी पोजिशन को कराची से 450 किलोमीटर दूर रखा, लेकिन जैसे ही रात हुई इनकी पोजिशन को बदला गया और पहला टार्गेट बना पाकिस्तानी बैटल क्लास डेस्ट्रॉयर PNS खैबर. INS निर्घत ने दो मिसाइल लॉन्च कर इसे डुबो दिया. वहीं INS निपट ने एक डेस्ट्रॉयर PNS शाहजहां और हथियारों गोलाबारूदों से भरे मर्चेंट वेसल वीनस चैलेंजर्स को निशाना बनाया.

इसी बीच INS वीर ने पाकिस्तानी माइन स्वीपर PNS मुहाफिज को स्ट्राइक किया और वो तुरंत डूब गया. तब तक INS निपट बड़ी तेजी से कराची तट की तरफ बढ़ा और फिर जो हुआ वो लोगों ने सात दिन तक पूरे कराची ने देखा. पूरा का पूरा फ़्यूल डिपो ही धुआं धुआं कर दिया और ये धुंआ 7 दिन तक उठता रहा. कराची पोर्ट के ख़त्म होते ही ईस्ट पाकिस्तान में लड़ रहे पाकिस्तानियों की सप्लाई लाईन ही कट गई और वहीं से ईस्ट पाकिस्तान में उनका दम घुटने लगा क्योंकि बाकी कोर कसर भारतीय थल सेना और वायुसेना ने पूरी कर दी और पाकिस्तान को हथियार डालने पड़े. 1972 से भारतीय नौसेना ने 4 दिसंबर को अपने जांबाजों की शान में नौसेना दिवस मनाना शुरू किया.

अगले साल डिमांड में रहेंगी ये 10 नौकरियां, खूब बरसेगा पैसा, बन जाएंगे करोड़पति

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जॉब ट्रेंड बहुत तेजी से बदलता जा रहा है. बीते कुछ सालों में कई ट्रडिशनल जॉब्स खत्म हो गई हैं और उनकी जगह पर नई नौकरियों की बहार आ गई है. अगले साल भी यह ट्रेंड जारी रहेगा. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, साइबर सिक्योरिटी समेत कई सेक्टर्स में एक्सपर्ट की डिमांड बढ़ेगी. साल 2025 में कई पुरानी नौकरियों की कोई वैल्यू नहीं रहेगी. इसीलिए उनमें समय इन्वेस्ट करने की भूल न करें.

टेक्नीक में बदलाव के साथ जॉब सेक्टर भी बदल जाता है. अब मैन पावर वाली कई नौकरियों को एआई और मशीनों ने टेकओवर कर लिया है. बीटेक की पढ़ाई करने वाले स्टूडेंट्स भी अब ट्रडिशनल स्ट्रीम्स के बजाय एआई एंड एमएल, साइबर सिक्योरिटी जैसी ब्रांचेस को वरीयता दे रहे हैं. आर्टिफिशियिल इंटेलिजेंस की पढ़ाई अब स्कूल लेवल से ही शुरू हो गई है. साल 2025 में नई नौकरी ढूंढने या पहली नौकरी करने का मन बना रहे हैं तो जानिए, किन सेक्टर्स में बरसेगा पैसा.

2025 में डिमांड में रहेंगी ये नौकरियां
1- डेटा साइंटिस्ट
डेटा साइंटिस्ट की मांग बढ़ रही है क्योंकि बिजनेस डेटा के आधार पर लिए जाने वाले फैसलों की आवश्यकता को समझने लगे हैं.

2- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग इंजीनियर
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग इंजीनियर्स की डिमांड बढ़ रही है क्योंकि हर कंपनी और बिजनेस अपने संचालन में लेटेस्ट टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करना चाहता है.

3- साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट
साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट किसी कंपनी या बिजनेस को साइबर अटैक से डेटा को सिक्योर रखने में मदद करते हैं.

4- क्लाउड कंप्यूटिंग प्रोफेशनल
क्लाउड कंप्यूटिंग प्रोफेशनल्स कंपनी के डेटा और एप्लिकेशंस को क्लाउड में ट्रांसफर और स्टोर करने में असिस्ट करते हैं.

5- डिजिटल मार्केटिंग एक्सपर्ट
डिजिटल मार्केटिंग एक्सपर्ट की मदद से कंपनियां अपने प्रोडक्ट्स और सर्विसेस को ऑनलाइन मोड में प्रमोट करती हैं.

6- हेल्थ सर्विस प्रोफेशनल
हेल्थ सर्विस सेक्टर एवरग्रीन है. यहां प्रोफेशनल्स की डिमांड हमेशा रहती है. हेल्थ सर्विस से जुड़ा डिप्लोमा, डिग्री या सर्टिफिकेट कोर्स करके इसमें करियर बना सकते हैं.

7- बिजनेस एनालिस्ट
बीते कुछ सालों में बिजनेस एनालिस्ट की डिमांड काफी बढ़ी है. इनकी मदद से कंपनियां अपने बिजनेस और फाइनेंस को बेहतर तरीके से एनालाइज करती हैं.

8- ह्यूमन रिसोर्स प्रोफेशनल
ह्यूमन रिसोर्स प्रोफेशनल्स की डिमांड में अगले साल भी कोई कमी नहीं आएगी. कंपनियों के काम को ठीक तरह से मैनेज करने के लिए इनकी जरूरत पड़ती है.

9- पर्यावरण विशेषज्ञ
इन दिनों लोग क्लाइमेट चेंज, ग्लोबल वॉर्मिंग और सस्टेनेबिलिटी जैसे मुद्दों को लेकर काफी सजग हो गए हैं. ऐसे में इन सेक्टर्स में भी एक्सपर्ट की डिमांड बढ़ रही है.

10- सोशल मीडिया मैनेजर
सोशल मीडिया पर इंफ्लुएंसर्स की भरमार है. इन्हें अपने अकाउंट्स और काम को मैनेज करने के लिए सोशल मीडिया मैनेजर की जरूरत पड़ती है. अगले साल भी इस क्षेत्र में नौकरियों की डिमांड रहेगी.

बढ़ती महंगाई, लड़खड़ाती अर्थव्यवस्था और ब्याज दर, 3 बड़े दर्द की RBI के पास सिर्फ एक दवा, जानिए क्या है CRR

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महंगाई नियंत्रण से बाहर है और अर्थव्यवस्था में मंदी की आहट है, ऊपर से ब्याज दर घटाने का दबाव. इन 3 चुनौतियों के बीच आज से भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मॉनेटरी पॉलिसी की बैठक शुरू होने जा रही है. ऐसे में इन दोनों चुनौतियों से निपटने को लेकर आरबीआई का क्या रुख होगा, इस पर सबकी निगाहें हैं. रिजर्व बैंक की 3 दिवसीय बैठक के बाद 6 दिसंबर को मौद्रिक नीति का ऐलान करेगी. ज्यादातर जानकारों का मानना है कि रिजर्व बैंक ब्याज दरों में कोई कटौती नहीं करेगा, क्योंकि महंगाई के आंकड़े सेंट्रल बैंक की तय सीमा से बाहर है. हालांकि, सरकार और अन्य पक्षों का मानना है कि आरबीआई को अब रेट कट का सिलसिला शुरू करना चाहिए. वहीं, ज्यादातर विशेषज्ञों का मानना ​​है कि गवर्नर शक्तिकांत दास फरवरी की बैठक में ब्याज दर में कटौती से पहले इस सप्ताह कैश रिजर्व रेशियो (CRR) में कटौती कर सकते हैं.

एक्सपर्ट्स भी CRR को लेकर एकमत

आरबीआई की मॉनेटरी पॉलिसी को लेकर अलग-अलग एक्सपर्ट्स ने अपनी राय रखी है. ईटी की रिपोर्ट के अनुसार, बैंक ऑफ अमेरिका सिक्योरिटीज में भारत और आसियान इकोनॉमिक रिसर्च के प्रमुख राहुल बाजोरिया ने कहा, “महंगाई और अर्थव्यवस्था की मौजूदा स्थिति को देखते हुए आरबीआई नकद आरक्षित अनुपात (CRR) में मौजूदा स्तर 4.50% से कटौती कर सकती है. उन्होंने कहा कि रिजर्व बैंक मौजूदा गाइडेंस में भी बदलाव कर सकता है. हालांकि, ब्याज दरों में कटौती की संभावना फरवरी में होने वाली एमपीसी की बैठक में है. क्योंकि सीपीआई इंफ्लेशन (6.2% पर) आरबीआई के टॉलरेंस बैंड से ऊपर है.

क्या होता है CRR

कैश रिजर्व रेशियो (CRR) वह धनराशि है जिसे बैंकों को हर समय भारतीय रिजर्व बैंक के पास रखना होता है. आरबीआई जब बैंकिंग सिस्टम में लिक्विडिटी बढ़ाना चाहता है और लोन को बढ़ावा देना चाहता है तो वह सीआरआर में कटौती करता है. सीआरआर में कटौती बैंकों के लिए लाभदायक होती है. जब सेंट्रल बैंक CRR को कम करता है, तो कमर्शियल बैंक अपने डिपॉज़िट का सीमित हिस्सा रिज़र्व के रूप में रख सकते हैं, जिससे पैसे की आपूर्ति में बढ़ोत्तरी होती है. वहीं, CRR के बढ़ने से बैंक की उधार देने की क्षमता घट जाती है, जिसके परिणामस्वरूप अर्थव्यवस्था में पैसों की आपूर्ति में कमी आती है.

ब्याज दरें तो फरवरी में ही कम होगी

आईसीआईसीआई बैंक के बी प्रसन्ना ने कहा कि सीआरआर में कटौती रेपो दर में कटौती की तुलना में कहीं अधिक महत्वपूर्ण कदम होगा, जिससे बैंकों को विशेष रूप से छोटे और मध्यम व्यवसायों को ऋण देना शुरू करने में मदद मिलेगी. उन्होंने कहा, “आरबीआई का सीआरआर 4% के पूर्व-कोविड स्तर से अधिक है. फिलहाल यह 4.5% है, इसमें अतिरिक्त आधा प्रतिशत की बढ़ोतरी कोरोना काल की सख्ती के दौरान की गई थी. ऐसे में निश्चित रूप से सीआरआर में 50 आधार अंकों की कटौती करेंगे. यह कटौती अगले दो या तीन पखवाड़े में 25 बेसिस प्वाइंट की दो किस्तों में हो सकती है.
बी प्रसन्ना ने भी दोहराया कि ब्याज दरों में कटौती की संभावना फरवरी में होने की संभावना है, खासकर अगर हम उम्मीद करते हैं कि खाद्य मुद्रास्फीति में कमी आएगी और मुख्य मुद्रास्फीति कम से कम 5% के भीतर आएगी.

बैंकिंग अमेंडमेट बिल पास, बैंक खाते में अब एक की जगह जोड़ सकेंगे 4 नॉमिनी, अनक्‍लेम्‍ड शेयर, बॉन्‍ड भी जाएंगे IEPF में

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लोकसभा में बैंकिंग लॉ अमेंडमेंट बिल 2024 पास हो गया है. इस बिल के जरिए भारतीय रिजर्व बैंक अधिनियम 1934, बैंकिंग विनियमन अधिनियम 1949, भारतीय स्टेट बैंक अधिनियम 1955 और में कुल 19 संसोधन प्रस्‍तावित हैं. यह बिल पास हो जाने के बाद अब बैंक खाते में खाताधारक एक की जगह चार नॉमिनी बना सकेगा. 7 साल तक दावा न किए गए डिविडेंड, शेयर, इंटरेस्ट और मैच्योर बॉन्ड की रकम को इन्वेस्टर एजुकेशन एंड प्रोटेक्शन फंड यानी IEPF में ट्रांसफर किया जा सकेगा. इससे निवेशक IEPF के जरिए अपनी रकम का दावा कर सकेंगे. बैंकिंग अमेंडमेंट बिल 2024 में प्रस्तावित संशोधन न केवल बैंकों की कार्यप्रणाली में सुधार लाएंगे, बल्कि निवेशकों और खाताधारकों के हितों को भी सुरक्षित करेंगे.

बैंकिंग अमेंडमेंट बिल पास होने के बाद अब बैंक अकाउंट के नॉमिनी को हिस्‍सेदारी देने के भी दो विकल्‍प खाताधारक के पास होंगे. एक तो सभी नॉमिनी को एक साथ तय हिस्सेदारी वह दे सकेगा. दूसरा, नॉमिनी को एक क्रम में रखना, जिससे एक के बाद एक को पैसा मिलेगा. यह बदलाव अनक्लेम्ड अमाउंट को सही उत्तराधिकारी तक पहुंचाने के लिए किया जा रहा है. मार्च 2024 तक बैंकों में लगभग 78,000 करोड़ रुपए की ऐसी राशि है, जिस पर कोई दावा नहीं किया गया है.

सरकारी बैंकों के निदेशकों के संबंध में अहम बदलाव
बैंकिंग अमेंडमेंट विधेयक के पारित हो जाने के बाद सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक के डायरेक्टर्स अब स्टेट को-ऑपरेटिव बैंक में भी काम करने का रास्‍ता साफ हो गया है. को-ऑपरेटिव बैंकों के डायरेक्टर्स का कार्यकाल मौजूदा 8 साल से बढ़ाकर 10 साल किया जाएगा. हालांकि, यह नियम चेयरमैन और पूर्णकालिक डायरेक्टर्स पर लागू नहीं होगा. बैंकिंग संशोधन विधेयक में सरकारी बैंकों को ऑडिटर्स की फीस तय करने और टॉप लेवल टैलेंट को हायर करने का अधिकार मिलेगा। इससे बैंक की ऑडिट क्वालिटी में सुधार होगा.

रिपोर्ट देने की समय सीमा में बदलाव
बैंकिंग अमेंडमेंट बिल 2024 के नए कानून के तहत बैंकों को भारतीय रिजर्व बैंक को रिपोर्ट देने की समय सीमा में बदलाव करने की अनुमति होगी. अब ये रिपोर्ट 15 दिन, एक महीने और तिमाही के आखिरी में दी जा सकेगी. इससे पहले बैंकों को हर शुक्रवार को RBI को रिपोर्ट देनी होती थी.

‘बाप ऑफ चार्ट’ पर चला सेबी का चाबुक, 1 साल के लिए हुए बैन, लौटाने होंगे ₹17 करोड़

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सेबी ने एक बड़ी कार्रवाई में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए निवेशकों को गुमराह कर मोटा मुनाफा कमाने का दावा करने वाले फिनफ्लुएंसर मोहम्मद नसिरुद्दीन अंसारी और उनके सहयोगियों को 17.2 करोड़ रुपये लौटाने का आदेश दिया है. ‘Baap of Chart’ नाम से मशहूर अंसारी और उनकी कंपनी Golden Syndicate Ventures (GSVPL) को इसमें से 16.89 करोड़ रुपये वापस करने को कहा गया है. साथ ही, अन्य चार व्यक्तियों को भी बकाया राशि लौटानी होगी.

सेबी ने अंसारी पर सिक्योरिटी मार्केट में एक साल तक कारोबार करने पर प्रतिबंध लगाया है, जबकि बाकी सहयोगियों पर छह महीने तक का प्रतिबंध लगाया गया है. सेबी का कहना है कि अंसारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर निवेशकों को भ्रमित करने वाले स्टॉक टिप्स और मार्केट कोर्स के माध्यम से झूठे दावे किए. ‘Baap of Chart’ नामक यूट्यूब चैनल और वेबसाइट के जरिए उन्होंने निवेशकों को 95% तक सही रिटर्न का दावा किया, लेकिन हकीकत में जनवरी 2021 से जुलाई 2023 तक उन्हें खुद 2.89 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ.
सेबी की जांच में क्या खुलासा हुआ?
सेबी ने इन झूठे वादे करने और जानकारी छिपाने का आरोप लगाया है. सेबी के अनुसार, अंसारी ने “सुनिश्चित रिटर्न” का दावा किया और अपने वास्तविक व्यापारिक घाटे की जानकारी निवेशकों से छुपाई. वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के जरिए स्टॉक मार्केट कोर्स और ट्रेडिंग कॉल्स के लिए झूठे रिटर्न का दावा किया गया, जबकि उनके व्यापारिक रिकॉर्ड विपरीत थे.

अंसारी की ओर से क्या आया जवाब
अंसारी ने अपने घाटे को “व्यक्तिगत चुनौतियों” और “बिजनेस पर ध्यान देने” का कारण बताया, लेकिन सेबी ने इसे ग्राहकों को धोखा देने का प्रयास माना. सेबी ने अंतिम आदेश में कहा कि अंसारी और उनके सहयोगियों ने निवेशकों को गुमराह कर बड़ी रकम कमाई और उचित दिशानिर्देशों का पालन नहीं किया. इस आदेश के तहत, सभी दोषियों को रकम लौटानी होगी और आगे की गतिविधियों के लिए प्रतिबंधों का पालन करना होगा.