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क्षिण बस्तर में कांपी धरती, जानें कितनी जगह आया भूकंप, घरों से बाहर निकले लोग

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छत्तीसगढ़ के दक्षिणी बस्तर में भूकंप के झटके महसूस किए गए. ये झटके बीजापुर, सुकमा और दंतेवाड़ा में महसूस किए गए. इस भूकंप का केंद्र पड़ोसी राज्य तेलंगाना का मुलगु जिला था. रिक्टर स्केल पर इस भूकंप की तीव्रता 5.3 थी. भूकंप के झटके 4 दिसंबर को सुबह करीब 7.27 बजे महसूस किए गए. धरती के हिलते ही लोग घरों से बाहर निकल आए. गौरतलब है कि, बस्तर में पिछली बार भूकंप कोरोना काल में आया था. मार्च 2020 में सुकमा और जगदलपुर जिले में भूकंप के झटके महसूस किए गए थे. उस वक्त रिक्टर स्केल पर उसकी तीव्रता 4.2 थी. इन दो जिलों के अलावा छिंदगढ़, मलकानगिरी में भी लोगों ने भूकंप के झटके महसूस किए थे. ये झटके लगते ही लोग अपने घरों से बाहर निकल आए थे.

बता दें, साल 2020 में आए भूकंप में किसी भी तरह के जान-माल का नुकसान नहीं हुआ था. भूकंप के ये झटके सुबह करीब 11 बजकर 14 मिनट पर महसूस किए गए थे. लोगों ने बताया था कि जैसे ही भूकंप आया, वैसे ही उनकी दुकानों के काउंटर और कुर्सियां हिलने लगी थीं. दुकानों और घरों के शीशे भी हिलने लगे थे. इस भूकंप से अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया था. लोग झटके लगते ही तत्काल घरों से बाहर की ओर दौड़े.

क्यों आते हैं भूकंप
एक्सपर्ट बताते हैं कि हमारी धरती का निर्माण चार परतों से हुआ है. इन्हें इनर कोर, आउटर कोर, मैन्टल और क्रस्ट कहा जाता है. क्रस्ट और ऊपरी मैन्टल कोर को लिथोस्फेयर कहा जाता है. ये परत 50 किलोमीटर मोटी होती है. ये परत कई वर्गों में भी बंटी हुई है. इसके टैकटोनिक प्लेट्स कहा जाता है. ये टैकटोनिक प्लेट्स अपनी जगह पर हिलती रहती हैं. जब इन प्लेटों में बहुत ज्यादा हलचल होती है तो भूकंप आता है. धरती डोलने लगती है. ये प्लेटें क्षैतिज और ऊर्ध्वाधर दोनों तरह से हिल सकती हैं.

बघमार में पाँच दिसम्बर से तीन दिवसीय  कंगला मांझी महोत्सव अनेक विशिष्ट जनों का होगा सम्मान

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कंगला मांझी के नाम से लोकप्रिय छत्तीसगढ़ के आदिवासी जननायक हीरासिंहदेव  की स्मृति में पाँच दिसम्बर से 07 दिसम्बर  2024 तक  तीन दिवसीय महोत्सव का आयोजन गौरव ग्राम बघमार में किया जाएगा। बालोद जिले के अंतर्गत डौंडीलोहारा तहसील  के इस गांव में कंगला मांझी अपने जीवन के तीस वर्ष बिताकर यहीं की मिट्टी में मिल गए। वे मूल रूप से कांकेर जिले के ग्राम कुरूटोला  के थे। 

 इस आयोजन से जुड़े छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. परदेशीराम वर्मा ने आज बताया कि कंगला मांझी ब्रिटिश युग में  अंग्रेज अफसरों से गाँव  की खेती के लिए पहली लड़ाई मोल लेकर आदिवासी समाज के संघर्ष शील नेता के रूप में उभरे थे. कंगला मांझी  न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि देश के आठ प्रान्तों में जननायक के रूप में पूजे जाते हैं। उन्होंने आजाद हिन्द फौज के सैनिकों की तरह अपने आदिवासी सहयोगियों को गणवेश दिया। वे गायक और बड़े संगठनकर्ता थे। कंगला मांझी सरकार का गठन उन्होंने 1935 में कर दिया था। आज भी उनके सैनिक बड़ी संख्या में तीन दिन मांझी धाम में एकत्र होकर परेड करते हैं। उनके जाने के बाद उनके पुत्र कुंभदेव कांगे सैनिकों का नेतृत्व करते हैं।

   डॉ. परदेशी राम वर्मा ने बताया कि ग्राम बघमार में तीन दिवसीय महोत्सव के प्रथम दिवस पर पाँच  दिसंबर को आदिवासी सैनिकों को कंगला मांझी शौर्य सम्मान दिया जाएगा। नामदेव किरसान, सांसद गढ़चिरौली लोकसभा क्षेत्र (महाराष्ट्र) मुख्य अतिथि होंगे। राजमाता  फुलवादेवी अध्यक्षता करेंगी। यह कार्यक्रम 07 बजे शाम  को होगा। दूसरे दिन 06 दिसंबर को दोपहर दो बजे अगासदिया सम्मान समारोह होगा। छत्तीसगढ़ के छह सुप्रसिद्ध विशिष्ट जनों  को प्रदेश के पुरखों की स्मृति में सम्मानित किया जाएगा। इस आयोजन में आदिवासी शिक्षाविद चूड़ामणि पात्र को अगासदिया कंगला मांझी सम्मान दिया जाएगा। साहित्यकार डॉ. सोनाली चक्रवर्ती स्वयंसिध्दा की यशस्वी संगठनकर्ता एवं साहित्यकार हैं। उन्हें मिनी माता सम्मान दिया जाएगा। कमलेश चंद्राकर बाल कविताओं के उल्लेखनीय कवि हैं। उन्हें नारायणलाल परमार सम्मान दिया जाएगा। रामनाथ साहू उपन्यासकार, कथाकार तथा अनुवादक हैं। उन्हें छत्तीसगढ़ के सपूत हरि ठाकुर की स्मृति में सम्मान प्रदान किया जाएगा। चोवाराम बादल ने छत्तीसगढ़ी भाषा में रामायण लिखकर यश अर्जित किया है। उन्हें संत पवन दीवान सम्मान प्रदान किया जाएगा। बालोद जिले  के गांव कोहंगाटोला के  साहित्यकार,   किसान और चिकित्सक डॉ. अशोक आकाश को शहीद दुर्वाशालाल निषाद की स्मृति में सम्मानित किया जाएगा। कंगला मांझी पर केन्द्रित पुस्तक का विमोचन राजमाता फुलवादेवी एवं अतिथिगण करेंगे। इस अवसर पर आदिवासी समाज के प्रमुख  समाज सेवक अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। साथ ही इस मंच से जुड़े चिकित्सक और  शिक्षा शास़्त्री भी सम्मान-मंच पर उपस्थिति देकर लोगों को सम्बोधित करेंगे।

   डॉ. वर्मा ने बताया कि मत्स्य विभाग के निदेशक नारायणसिंह नाग, पशुपालन  विभाग के संयुक्त संचालक डॉ. कार्तिक ध्रुव, पूर्व लोकसेवा आयोग अध्यक्ष बी.एल. ठाकुर, आदिवासी समाज के प्रभावी जन सेवक बी.एल. ध्रुव, हलबा समाज के पूर्व अखिल भारतीय अध्यक्ष जी. आर. राना तथा,  पूर्व कमिश्नर श्री पैकरा जी सहित फ़िल्म अभिनेता डॉ. अजय सहाय, साहित्यकार बद्रीप्रसाद पारकर,भारतीय सेना के शहीद दुर्वाशा लाल निषाद के पिता मुनीलाल निषाद और  शिक्षाविद श्रीमती रजनी नेल्सन अतिथि के रूप में मंचासीन होंगे। कार्यक्रम संचालन महेश वर्मा एवं राजीव उइके करेंगे। 

             इस अवसर पर आदिवासी समाज के कलाकारों के साथ ही आदिवासी नृत्य में सिध्दि प्राप्त चर्चित दलों के कलाकार प्रदर्शन देंगे। सम्मान कार्यक्रम दोपहर दो बजे प्रारंभ होगा। महोत्सव के अंतर्गत 7दिसम्बर को मेला -मड़ाई का आयोजन किया जाएगा. इसमें विधायक और पूर्व मंत्री श्रीमती अनिला भेंडिया को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है. 

ट्रंप ने दामाद तो बाइडन ने बेटे को… ‘अंकल सैम’ के घर में खूब उड़ रहा संविधान का मजाक

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अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन के कार्यकाल के अब चंद दिन बचे हुए हैं. बचे चंद दिनों में बाइडन अब अपने लोगों के लिए खेल करने में जुट गए हैं. बाइडन ने रविवार को घोषणा की कि उन्होंने अपने बेटे हंटर बाइडन को माफ कर दिया है. हंटर को इस महीने बंदूक से क्राइम और टैक्स मामलों के लिए सजा का सामना करना पड़ा था. यह बाइडन के पद छोड़ने की तैयारी के दौरान एक बड़े उलटफेर का संकेत है. इससे पहले ट्रंप ने अपने दमामद के लिए भी कार्यकाल खत्म होने से पहले यही किया था. दोनों के इस फैसले से समझा जा सकता है कि दुनिया के दूसरे बड़े लोकतंत्र में खूब परिवारवाद हो रहा है. साथ ही अपनों के लिए संविधान का मजाक बनाया जा रहा है.

बाइडन ने एक बयान में कहा, “आज, मैंने अपने बेटे हंटर के लिए माफी वाले डॉक्यूमेंट पर साइन किए हैं.” माफी वाले डॉक्यूमेंट की एक कॉपी के अनुसार, यह “पूर्ण और बिना शर्त माफी” है. हैरान करने वाली बात यह है कि चुने गए नए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा इस आधिकारिक क्षमादान को रद्द नहीं किया जा सकता है.

अपने बेटे की खातिर वादे से मुकरे बाइडन
अपने बेटे को माफ करके, जो बाइडन ने उस सार्वजनिक वादे से मुकर गए हैं जो उन्होंने 2024 के राष्ट्रपति पद की दौड़ से बाहर होने से पहले और बाद में बार-बार किया था. राष्ट्रपति और उनके शीर्ष व्हाइट हाउस प्रवक्ता ने स्पष्ट रूप से कहा है, जिसमें ट्रंप के 2024 का चुनाव जीतने के बाद भी शामिल है, कि वे हंटर बाइडन को माफ़ नहीं करेंगे या उनकी सज़ा कम नहीं करेंगे.

माफी का मतलब क्या?
माफी का मतलब है कि हंटर बाइडन को उनके अपराधों के लिए सजा नहीं दी जाएगी, और इससे उनके जेल भेजे जाने की कोई संभावना नहीं रह जाती, जो एक संभावना थी. उनके मामलों की देखरेख करने वाले न्यायाधीश संभवतः सजा की सुनवाई को रद्द कर देंगे, जो बंदूक मामले में 12 दिसंबर और कर मामले में 16 दिसंबर को निर्धारित की गई थी.

फैसले के साथ ट्रंप की राह पर निकले बाइडन
बाइडन के इस फैसले से अब ट्रंप के पुराने फैसले को याद किया जा रहा है. दरअसल ट्रंप ने 2020 में अपने दामाद के लिए भी यही किया था. उन्होंने अपने दामाद के माफी वाले डॉक्यूमेंट पर साइन किए थे. कुशनर जेरेड ट्रंप की बेटी इवांका से विवाहित हैं. उन्हें 2005 में संघीय आरोपों में दोषी ठहराया गया था. उसके बाद ट्रंप ने उन्हें माफ कर दिया था.

किसान सम्मान निधि, फसल बीमा योजना या सस्ता लोन, एक कार्ड से होंगे पूरे सारे काम

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केंद्र सरकार डिजिटल कृषि मिशन के तहत देश के हर किसान की डिजिटल पहचान बनाने को किसान आईडी कार्ड (Farmer ID Card) बनाया जाएगा. सरकार का लक्ष्य 11 करोड़ किसानों को डिजिटल पहचान प्रदान करना है. इस एक कार्ड से ही किसान सम्‍मान निधि, किसान क्रेडिट कार्ड और फसल बिक्री जैसे काम हो जाएंगे. केंद्र सरकार ने अब किसान पहचान-पत्र बनाने के काम में तेजी लाने का निर्देश राज्‍यों को दिया है. कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय ने 28 नंवबर को राज्‍यों को पत्र भेजकर किसान पहचान-पत्र बनाने को शिविर आयोजित करने के आदेश दिए हैं.वित्तीय वर्ष 2024-25 में 6 करोड़, 2025-26 में 3 करोड़ और 2026-27 में 2 करोड़ किसानों को कवर किया जाएगा.

किसान पहचान पत्र एक आधार-लिंक्ड डिजिटल पहचान है, जिसे भूमि रिकॉर्ड से जोड़ा जा रहा है. इसमें किसानों के व्यक्तिगत विवरण, बोई गई फसलों और भूमि स्वामित्व की जानकारी शामिल होगी. इस कार्ड किसान की ज़मीन, मवेशियों और उसके द्वारा बोई गई फसल की जानकारी दर्ज होगी. इस कार्ड के ज़रिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) और किसान क्रेडिट कार्ड जैसी योजनाओं के लिए आवेदन करते समय सत्यापन की जटिलता को कम करने में मदद मिलेगी.

फार्मर आईडी से बनेगी किसान रजिस्‍ट्री
इंडियन एक्‍सप्रेस की एक रिपोर्ट के अनुसार, कृषि मंत्रालय किसान आईडी से “किसान रजिस्ट्री” बनाएगा, जो केंद्र सरकार के डिजिटल कृषि मिशन के तहत एग्री स्टैक का हिस्सा होगी. इस मिशन को इस साल की शुरुआत में केंद्रीय कैबिनेट से मंजूरी मिली थी. कृषि मंत्रालय के इन प्रयासों से किसानों को उनकी डिजिटल पहचान मिलने में तेजी आएगी और कृषि क्षेत्र में डिजिटल बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जा सकेगा.

किसान पहचान-पत्र बनाने में तेजी लाने के निर्देश
कृषि मंत्रालय ने किसान पहचान-पत्र बनाने के काम में तेजी लोन के लिए विशेष शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए हैं. साथ ही शिविर आधारित पद्धति को अपनाने के लिए केंद्र ने राज्यों को प्रोत्साहन देने की घोषणा की है. प्रत्येक शिविर के आयोजन के लिए 15,000 रुपये तक का अनुदान और प्रत्येक किसान आईडी पर 10 रुपये का अतिरिक्त प्रोत्साहन राज्‍य को केंद्र सरकार देगी. ये प्रोत्साहन प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-Kisan) योजना के बजट से दिए जाएंगे.

क्‍या आम आदमी और सरकार की बात सुनेगा आरबीआई, ब्‍याज दरें कम होने की कितनी उम्‍मीद

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भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास की अध्यक्षता वाली छह सदस्यीय मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की बैठक 4-6 दिसंबर, 2024 को होने वाली है. इस बैठक पर सभी की निगाहें लगी हुई हैं. दूसरी तिमाही (Q2) में सकल घरेलू उत्पाद (GDP) की वृद्धि दर उम्मीद से कम 5.4% रहने, आम लोगों के साथ ही वित्‍त मंत्री निर्मला सीतारमण और वाणिज्‍य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल के आरबीआई से ब्‍याज दरों में कटौती करने की अपील करने के बाद यह एमपीसी की पहली बैठक है. लेकिन, आरबीआई ब्‍याज दरों पर अपना रुख नरम करेगा और लोगों को राहत देगा, इसकी उम्‍मीद अभी भी कम ही है.

शुक्रवार को नरम मौद्रिक नीति की उम्मीद में बॉन्ड यील्ड में गिरावट दर्ज की गई. सरकार की ओर से भी ब्याज दरों में कटौती का दबाव बढ़ता जा रहा है. वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने सुझाव दिया कि खाद्य पदार्थों की कीमतों को नीतिगत निर्णय से अलग रखा जाना चाहिए, जबकि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने निवेश और विकास को बढ़ावा देने के लिए ब्याज दरों में कटौती की वकालत की है

ब्‍याज दरों में कटौती की उम्‍मीद नहीं
रिजर्व बैंक ने फरवरी 2023 से रेपो रेट को 6.5 फीसदी पर बरकरार रखा है. विशेषज्ञों का मानना है कि इसमें कुछ राहत फरवरी 2025 में ही मिल सकती है. बैंक ऑफ बड़ौदा के मुख्य अर्थशास्त्री मदन सबनवीस का कहना है कि वैश्विक माहौल में अनिश्चितता और महंगाई पर संभावित प्रभाव को देखते हुए रेपो दर में कोई बदलाव आगामी एमपीसी बैठक में तो नहीं होगा.

इक्रा की मुख्य अर्थशास्त्री अदिति नायर का कहना है कि अक्टूबर 2024 में उपभोक्ता कीमतों पर आधारित महंगाई छह प्रतिशत को पार कर गई है. ऐसे में उम्मीद है कि दिसंबर 2024 की बैठक में एमपीसी यथास्थिति बनाए रखेगी. मुद्रास्फीति की उच्च दर को देखते हुए फरवरी से पहले दरों में कटौती की उम्मीद नहीं की जा सकती. विशेषज्ञों का मानना है कि मौद्रिक नीति सीधे तौर पर टमाटर, प्याज या आलू जैसी आवश्यक वस्तुओं की कीमतों को नियंत्रित नहीं कर सकती. लेकिन यह मांग घटाकर समग्र कीमतों को कम कर सकती है, जिससे मुद्रास्फीति में कमी आ सकती है.

महंगाई रोकना आरबीआई की प्राथमिकता
टाइम्‍स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, बार्कलेज की अर्थशास्त्री श्रेया सोधानी के अनुसार, कमजोर आर्थिक विकास के बावजूद, आरबीआई इस सप्ताह ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं करेगा. उन्होंने कहा, “मूल्य स्थिरता को प्राथमिकता दी जा रही है. हालांकि, अगर तीसरी तिमाही में GDP और कमजोर होती है, तो MPC नीतिगत दरों में कटौती पर विचार कर सकती है, लेकिन इसका निर्णय विकास और मुद्रास्फीति के दृष्टिकोण पर निर्भर करेगा.”

बीजेपी को इतनी देर क्यों लग रही? CM पर लेटलतीफी से संघ हो गया नाराज! महायुति पर उठाए सवाल

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महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में महायुति के पास बहुमत होने के बावजूद बीजेपी अब भी भावी मुख्यमंत्री के नाम का ऐलान नहीं कर सकी है. चुनावी नतीजों के एक हफ्ते बाद सरकार के शपथ ग्रहण की तारीख का ऐलान कर दिया गया, लेकिन अब राज्य में सरकार बनने में हो रही देरी को लेकर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) बीजेपी से नाराज बताया जा रहा है. मुख्यमंत्री पद को लेकर जहां शिवसेना-बीजेपी में विवाद चल रहा था, वहीं उस वक्त के राजनीतिक घटनाक्रम पर भी तीखी चर्चा शुरू हो गई थी. माना जा रहा है कि संघ बीजेपी के पक्ष में है.

बहुमत होने पर भाजपा मुख्यमंत्री की घोषणा करने में देरी कर रही है. साथ ही संघ यह भी पूछ रहा है कि बीजेपी मुख्यमंत्री पद को लेकर इतना रहस्य क्यों बना रही है. जब इतना प्रचंड बहुमत था तो महायुति ने सरकार बनाने में गड़बड़ी क्यों की? संघ के हलकों में कहा जा रहा है कि मुख्यमंत्री पद के लिए अलग-अलग नामों पर चर्चा हुई है. भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुले ने शनिवार को सरकार के शपथग्रहण की तारीख घोषित कर महायुति सरकार के गठन का मुहूर्त तय कर दिया.

बीजेपी ने विधानसभा चुनाव में 132 सीटों पर हासिल की जीत
विधानसभा चुनाव के परिणामों की घोषणा के करीब एक हफ्ते के इंतजार के बाद यह तारीख तय की गई. इस दौरान राज्य में काफी राजनीतिक हलचल देखने को मिली, और कुछ कारणों से भाजपा को सरकार गठन में देरी हुई. भाजपा ने विधानसभा चुनाव में 288 सीटों में से 132 सीटों पर जीत हासिल की, जो बहुमत के करीब है. हालांकि, इस तरह के शानदार चुनावी प्रदर्शन के बावजूद, सरकार बनाने में इतनी देरी क्यों हुई? संघ इसी कारण से भाजपा से नाराज बताई जा रही है.

अब तक नहीं हुआ सीएम पद पर फैसला
विधानसभा चुनाव में भारी बहुमत मिलने के बावजूद बीजेपी ने अब तक विधानसभा नेता और मुख्यमंत्री पद के चयन पर कोई फैसला नहीं लिया है. इसके कारण पिछले एक हफ्ते से भाजपा और राज्य की राजनीति में संभावित मुख्यमंत्री को लेकर तरह-तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं. भाजपा नेतृत्व ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी किसे दी जाएगी, जिससे राजनीतिक गलियारों में गहमागहमी बनी हुई है.

सोने के खजाने की अब तक की सबसे बड़ी जब्ती, देख इनकम टैक्स अधिकारियों के उड़े होश.

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राजस्थान में आयकर विभाग को सोने का अब तक का सबसे बड़ा खजाना मिला है. यह खजाना उदयपुर के एक ट्रांसपोर्ट कारोबारी के पास मिला है. कारोबारी के करीब 2 दर्जन ठिकानों पर हुई छापामारी में आयकर विभाग को आधा क्विंटल सोना मिला है. कारोबारी के ठिकानों पर चार दिन तक चले सर्च ऑपरेशन में पांच करोड़ की नगदी मिली है. आयकर विभाग ने इनमें से 45 किलो सोना और 4 करोड़ कैश जब्त कर लिया है. इस छापामारी में कारोबारी के पास कुल करीब 137 करोड़ की अघोषित संपत्ति मिली है.

आयकर विभाग के सूत्रों के अनुसार उदयपुर गोल्डन ट्रांसपोर्ट लॉजिस्टिक्स प्राइवेट लिमिटेड के मालिक टीकम सिंह राव के 23 ठिकानों पर छापामारी की गई थी. 28 नवंबर से 1 दिसंबर तक चार दिन चला सर्च ऑपरेशन अब पूरा हो गया है. यह सर्च ऑपरेशन राव के उदयपुर सहित जयपुर, बांसवाड़ा, गुजरात और महाराष्ट्र के ठिकानों पर किया गया था. इस पूरी कार्रवाई में राव के ठिकानों से 50 किलो सोना, पांच करोड़ की नगदी और करीब 97 करोड़ रुपये से अधिक के नकद आय के दस्तावेज भी मिले हैं. उदयपुर में इस कार्रवाई को आयकर विभाग के संयुक्त निदेशक जेएस राव के निर्देशन में पूरा किया गया.

सर्च ऑपरेशन में ढाई सौ से ज्यादा कर्मचारी शामिल रहे
आयकर विभाग के सूत्रों का दावा है कि कारोबारी के ठिकाने से जो सोना जब्त किया गया है वह राजस्थान में विभाग इतिहास में अब तक की सबसे बड़ी जब्ती है. इस कार्रवाई को अंजाम देने के लिए ढाई सौ से ज्यादा कर्मचारी शामिल रहे. यह कार्रवाई राव के तीन घर, एक गोदाम और विभिन्न शहरों में स्थित कार्यालयों में की गई है. इनके अलावा राव के भाई के बांसवाड़ा स्थित तीन ठिकानों पर भी सर्च ऑपरेशन चलाया गया था. राव का यह भाई वहां उसका कारोबार देखता है.

लॉकर्स में भरा था 28 किलो सोना और सोने की जूलरी
राव के पास आठ लॉकर्स मिले थे. इन लॉकर्स से 28 किलो सोना और सोने की जूलरी बरामद की गई है. शेष 22 किलो सोना और जूलरी उनके घर तथा अन्य ठिकानों से बरामद की गई है. वहीं नगदी घर और अन्य ठिकानों पर दबाई हुई थी. इस कंपनी के खिलाफ बिना बिल और बिल्टी के नकद में सामान ट्रांसपोर्ट करने की सूचना थी. इसलिए वहां छापामारी की गई है. अब आईटी विभाग की टीमें जब्त किए गए कागजातों को खंगालने में जुटी है.

किसानों से 21 क्विंटल प्रति एकड़ के मान से ही हो रही है धान खरीदी : मुख्यमंत्री श्री साय

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किसानों में भ्रम फैलाने वालों के विरूद्ध की जाएगी सख्त कार्यवाही

रायपुर 24 नवंबर 2024/मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि मोदी जी की गारंटी के अनुरूप इस वर्ष भी किसानों से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान के मान से ही धान खरीदी की जा रही है। किसानों को इस मामले को लेकर किसी प्रकार का भ्रम नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस संबंध में भ्रम फैलाने वालों के विरूद्ध सख्त कार्यवाही की जाएगी।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि धान खरीदी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ प्रदेश के पंजीकृत किसानों से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी कर रही है। किसानों के हित को ध्यान में रखते हुए उपार्जन केन्द्रों के माईक्रोएटीएम से 2000 रूपए से लेकर 10 हजार रूपए तक की राशि निकालने की सुविधा भी दी गई है। इससे किसानों को धान बेचने परिवहन के लिए किराये पर लिए गए ट्रैक्टर, मेटाडोर आदि का भाड़ा और हमाली मजदूरी का भुगतान करने में सुविधा होगी।

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ में अनवरत धान खरीदी का सिलसिला जारी है। 14 नवंबर से शुरू हुई धान खरीदी अभियान 31 जनवरी 2025 तक चलेगा। खरीफ वर्ष के लिए 27.68 लाख किसानों द्वारा पंजीयन कराया गया है। इसमें 1.45 लाख नए किसान शामिल है। इस वर्ष 2739 उपार्जन केन्द्रों के माध्यम से 160 लाख मिट्रिक धान खरीदी अनुमानित है। सभी उपार्जन केन्द्रों में बायोमैट्रिक डिवाईस के माध्यम से धान उपार्जन की व्यवस्था की गई है। छोटे, सीमांत और बडे़ कृषकों के द्वारा उपजाये गए धान को निर्धारित समर्थन मूल्य में खरीदा जाएगा। उन्होंने कहा कि सभी खरीदी केन्द्रों में पर्याप्त बारदाने की व्यवस्था से लेकर छांव, पानी आदि की व्यवस्था सुनिश्चित कर ली गई है। धान उपार्जन केन्द्रों में शिकायत एवं निवारण के लिये हेल्प लाइन नंबर भी चस्पा कर दिये गये हैं।
राज्य के सीमावर्ती क्षेत्र में विशेष निगरानी की व्यवस्था की गई है एवं चेक पोस्ट की स्थापना की गई है। राज्य स्तर पर अलग अलग जिलों के लिए राज्य स्तरीय वरिष्ठ अधिकारियों की जांच टीम बनाई गई है, जो लगातार जिले में हो रही धान खरीदी की मानिटरिंग कर रहे हैं।

अनुसूचित जनजाति समाज हमारी सांस्कृतिक धरोहर और परंपराओं का संवाहक -मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

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मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ अनुसूचित जनजाति शासकीय सेवक विकास संघ के शपथ ग्रहण समारोह में हुए शामिल

रायपुर 24 नवम्बर 2024/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज राजधानी रायपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित छत्तीसगढ़ अनुसूचित जनजाति शासकीय सेवक विकास संघ के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में कहा छत्तीसगढ़ का अनुसूचित जनजाति समाज हमारी सांस्कृतिक धरोहर, परंपराओं और मूल्यों का संवाहक है। मुख्यमंत्री ने लोकसंस्कृति पर केंद्रित श्री डुमन लाल ध्रुव की किताब ‘‘लोक जीवन के बदलते संदर्भ‘‘ और छत्तीसगढ़ी कहानियों के संग्रह ‘‘मन के पाखी‘‘ का विमोचन किया।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ अनुसूचित जनजाति शासकीय सेवक विकास संघ के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि जनजाति समाज के विकास और उत्थान के लिए राज्य शासन के प्रयासों के साथ-साथ आप सभी की सहभागिता और समर्पण महत्वपूर्ण है। जनजातीय समाज के कल्याण के लिए यह स्वर्णिम समय है। राज्य और केन्द्र सरकार ने जनजातीय समाज के उत्थान को अपनी सर्वाेच्च प्राथमिकता में रखा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन की सरकार ने जनजातीय समाज के उत्थान के लिए जो योजनाएं, नीतियां और कार्यक्रम बनाए हैं, उन्हें सफ़ल करने का दायित्व आपका भी है। हम सभी का सौभाग्य है कि हमें यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी का मजबूत नेतृत्व मिला है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं एक बात आपसे विशेष रूप से कहना चाहता हूं कि हमारी-आपकी प्राथमिकता भले ही जनजातीय समाज है, लेकिन हम और आप प्रदेश के सभी नागरिकों के विकास के लिए जिम्मेदार हैं। सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास हमारा ध्येय होना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का यह शपथ समारोह यह बताता है कि आप सभी एकजुट होकर प्रदेश को एक नई दिशा देने के लिए तैयार हैं। प्रदेश के और खासकर जनजातीय समुदायों के विकास के लिए सरकार के प्रयासों के साथ-साथ आप जैसे कर्मठ सेवकों का योगदान बेहद महत्वपूर्ण है। शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और पर्यावरण संरक्षण जैसे क्षेत्रों में आपका कार्य समाज को प्रेरणा देता है। मुझे विश्वास है कि आपकी सेवाओं के माध्यम से हमारे प्रदेश का हर कोना विकास और समृद्धि की ओर अग्रसर होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं इस मंच से यह कहना चाहता हूँ कि हमारी सरकार आपकी हर सकारात्मक पहल में आपका साथ देगी। हम सब मिलकर छत्तीसगढ़ को एक सशक्त, आत्मनिर्भर और समावेशी प्रदेश बनाएंगे। आशा करता हूँ कि आपके प्रयास प्रदेश के हर नागरिक के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाएंगे।

छत्तीसगढ़ अनुसूचित जनजाति शासकीय सेवक विकास संघ के प्रांताध्यक्ष श्री आर. एन. ध्रुव ने अपने सम्बोधन में समाज की विभिन्न मांगों से अतिथियों को अवगत कराया। मुख्यमंत्री ने उनकी मांगों पर विचार कर उचित निर्णय का आश्वासन दिया।

इस अवसर पर राज्यसभा सांसद श्री देवेंद्र प्रताप सिंह, पूर्व संसदीय सचिव श्री शिशुपाल सोरी, समाज के पूर्व प्रांताध्यक्ष श्री सरजियस मिंज, प्रांताध्यक्ष श्री आर. एन. ध्रुव, श्री आर ठाकुर, श्री बी. एल. ध्रुव सहित छत्तीसगढ़ अनुसूचित जनजाति शासकीय सेवक विकास संघ के पदाधिकारी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने पुलिस जवानों के साथ सुनी मन की बात

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रायपुर 24 नवंबर 2024/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज पुलिस मैस रायपुर में पुलिस जवानों के साथ मन की बात में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का संबोधन सुना। प्रधानमंत्री जी ने मन की बात में बताया कि ओमन में भारतीय मूल के लोग किस तरह अपनी संस्कृति को सहेज कर रखे हैं। स्लोवाकिया में भारतीय उपनिषद का हिंदी में अनुवाद किया गया है। श्री मोदी ने यह भी बताया कि एक पेड़ मां के नाम अभियान का असर विदेशों में भी है। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से मोदी जी के एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत पेड़ लगाने और गौरैया के संरक्षण का आव्हान किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस कार्यक्रम में डिजिटल अरेस्ट के संबंध में भी प्रधानमंत्री जी ने लोगों को जागरूक किया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि मन की बात के माध्यम से प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी हर माह देशवासियों से रूबरू होते हैं और नई-नई जानकारियां साझा करते हैं। नवाचारों के बारे में भी बात करते हैं जिनका फायदा देश को होता है।