Home Blog Page 891

युवाओं में राष्ट्रप्रेम एवं अनुशासन की भावना को जागृत करता है एनसीसी- मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय

0

मुख्यमंत्री 76वें एनसीसी दिवस समारोह में हुए शामिल

रायपुर 24 नवम्बर 2024/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज राजधानी रायपुर के पुलिस परेड ग्राउण्ड में आयोजित 76वें एनसीसी दिवस समारोह में शामिल हुए। एनसीसी दिवस समारोह को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि एनसीसी युवाओं में राष्ट्रप्रेम और अनुशासन की भावना को जगाता है और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करता है। मुख्यमंत्री ने एनसीसी कैडेट्स की परेड की सलामी ली। एनसीसी दिवस कार्यक्रम में एनसीसी के छात्र-छात्राओं द्वारा मार्च पास्ट, सांस्कृतिक कार्यक्रमों की मनोहारी प्रस्तुति के साथ ही हार्स राइडिंग, एरो मॉडलिंग, सेक्शन मूवमेंट, सीमा फोर जैसे प्रदर्शन किये गए। मुख्यमंत्री ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले केडेट्स को पुरस्कृत किया। साथ ही 76वें एनसीसी दिवस समारोह के मौके पर प्रकाशित पुस्तक का विमोचन किया।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने सभी को 76वें एनसीसी दिवस की बहुत-बहुत बधाई देते हुए कहा कि आज एक बार फिर मुझे आप लोगों के बीच आने का अवसर मिला है। आप लोगों के बीच जब भी आता हूं, नई ऊर्जा से भर जाता हूं। आज आप लोगों ने एनसीसी दिवस पर शानदार परेड मार्च किया, एरो मॉडलिंग प्रदर्शन किया, घुड़सवारी का प्रदर्शन किया और सेक्शन अटैक का प्रदर्शन किया। आप लोगों के प्रदर्शन से मैं भी जोश से भर गया हूं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि मुझे अच्छी तरह याद है कि नई दिल्ली में आयोजित गणतंत्र दिवस परेड में शामिल होकर जब हमारे कैडेट लौटे थे, तब भी आप लोगों से मुलाकात हुई थी। गणतंत्र दिवस के मौके पर नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर छत्तीसगढ़ के एनसीसी कैडेटों को परेड करते हुए देखना बड़ा ही सुखद होता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे कैडेट भारत के विभिन्न राज्यों से आए एनसीसी कैडेटों के साथ कदम से कदम मिलाते हुए जब तिरंगे को सलामी देते हैं तो प्रत्येक छत्तीसगढ़िया गर्व से भर उठता है। हमारे देश की यही खूबसूरती है। अलग-अलग भाषा और अलग-अलग क्षेत्रों के होने के बावजूद हम सभी में राष्ट्रप्रेम की भावना कूट कूट कर भरी हुई है। एनसीसी इसी राष्ट्र प्रेम को सींचता है, राष्ट्रीय एकता को मजबूत करता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि एनसीसी एक ऐसा संगठन है जो युवाओं को अनुशासन सिखाता है, उनके चरित्र का निर्माण करता है, उन्हें साहसी बनाता है और निःस्वार्थ सेवा के लिए प्रेरित करता है। एनसीसी का ध्येय वाक्य ही है- ‘एकता और अनुशासन’। एनसीसी हमारे युवाओं को सेना और अन्य सुरक्षा बलों में अपना कैरियर बनाने के लिए प्रेरित करता है।

युवाओं को सेना में कैरियर निर्माण के लिए प्रेरित करने के लिए आप लोगों ने अभी कुछ दिनों पहले राजधानी रायपुर में भव्य सैन्य प्रदर्शनी का आयोजन भी देखा होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि मुझे यह देखकर भी बहुत खुशी होती है कि एनसीसी में बालिकाओं की भागीदारी बढ़ रही है। प्रदेश में अनेक गर्ल्स बटालियन संचालित की जा रही है, यह बड़ी प्रसन्नता की बात है। हमारी बेटियों ने राष्ट्रीय से लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर तक एनसीसी का नेतृत्व कर छत्तीसगढ़ का गौरव बढ़ाया है। भारत दुनिया का सबसे युवा देश है। आज भारत की उपलब्धियों का गौरवगान पूरी दुनिया कर रही है। इन उपलब्धियों में निश्चित रूप से युवाओं की सबसे बड़ी भागीदारी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण का लक्ष्य देश के सामने रखा है। हमारे ऊर्जावान युवाओं के योगदान से हम सब अवश्य ही विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि इनमें से बहुत से कैडेट सेना में अपना कैरियर बनाएंगे। हमने अपनी नई औद्योगिक नीति में अग्नि वीरों के लिए विशेष प्रावधान किए हैं। नई शिक्षा नीति में शिक्षा को कौशल विकास से जोड़ा है। जिससे आप लोग विभिन्न क्षेत्रों के माध्यम से देश की सेवा कर सकें।

रायपुर के साथ बिलासपुर, अंबिकापुर, जगदलपुर, जशपुर की हवाई पट्टियों में एनसीसी कैडेटस को हवाई उड़ान का दिया जाना चाहिए प्रशिक्षण

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि वर्तमान में हमारे एनसीसी कैडेटों को हवाई उड़ान का अनुभव और प्रशिक्षण रायपुर में दिया जाता है, जिसका खर्च छत्तीसगढ़ शासन द्वारा वहन किया जाता है। प्रदेश में रायपुर के साथ-साथ बिलासपुर, अंबिकापुर, जगदलपुर, जशपुर में भी हवाई पट्टियां हैं, यह प्रशिक्षण वहां भी शुरू किया जा सकता है। इससे इन अंचलों के कैडेटों को भी लाभ होगा।

मेजर जनरल विकांत एम. धुमने ने कहा कि छत्तीसगढ़ के 900 एनसीसी कैडेट्स का चयन अग्निवीर में हुआ है, यह यहां के कैडेटों के उच्च कोटि के प्रशिक्षण को प्रतिबिंबित करता है।

कार्यक्रम में स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल परदेसी, ब्रिगेडियर वाय. एस. चौहान, एस. एम. एनसीसी ग्रुप समादेशक, मध्यप्रदेश एवं छत्तीसगढ़ के अतिरिक्त महानिदेशक मेजर जनरल विकांत एम. धुमने, प्रशासनिक अधिकारी लेफ्टिनेंट कर्नल प्रदीप कुमार, विभिन्न महाविद्यालयों, विद्यालयों के एनसीसी कैडेट्स के अलावा सैन्य अधिकारी, एनसीसी अधिकारी, पीआई स्टाफ, गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

47 वाँ राउत नाचा महोत्सव: गड़वा बाजा की धुन पर दिखा अस्त्र शस्त्र और श्रृंगार का अद्भुत संगम

0

राउत नाचा की पारंपरिक वेशभूषा में दिखे मुख्यमंत्री

राउत नाचा शौर्य, गौरव, और समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा का प्रतीक : मुख्यमंत्री

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यादव समाज के लोग भगवान कृष्ण के वंशज हैं। आज के इस पावन अवसर पर मै कामना करता हूं कि यादव समाज एकता के सूत्र में बंध कर उत्तरोत्तर विकास करें । हमारी सरकार छत्तीसगढ़ के विकास के लिए प्रतिबद्ध है। राउत नाचा पर्व इसी भव्यता के साथ हमेशा आयोजित होता रहे।मैं आप सभी को राउत नाचा पर्व की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देता हूं।

27000 डॉलर में खरीदी थी बिटकॉइन, 98 हजार डॉलर में भी क्‍यों बेचने को तैयार नहीं है यह दिग्‍गज निवेशक, आखिर क्‍यों

0

बिटकॉइन में पिछले कुछ समय से शानदार तेजी जारी है और अब एक बिटकॉइन का रेट एक लाख डॉलर के करीब हो गया है. आज बिटकॉइन $98,675.62 पर कारोबार कर रही है. पिछले सात दिनों में बिटकॉइन का रेट 7 फीसदी उछला है. अमेरिका में राष्‍ट्रपति चुनाव में डोनाल्‍ड ट्रंप के चुनाव जीतने के बाद से तेजी का जो दौर शुरू हुआ था, वो अभी भी जारी है. जेफरीज के वैश्विक प्रमुख (इक्विटी रणनीति) क्रिस्‍टोफर वुड ने भी बिटकॉइन में निवेश किया है. वो अभी इसे बेचना नहीं चाहते. उनका कहना है कि वो तब बिटकॉइन में मुनाफावसूली करेंगे जब बिटकॉइन का भाव 1.5 लाख डॉलर हो जाएगा. इससे साफ है कि इस दिग्‍गज निवेशक को बिटकॉइन में अभी और तेजी आने की संभावना दिख रही है.

क्रिस्टोफर वुड के पास अमेरिकी डॉलर वाले पेंशन फंड के वैश्विक पोर्टफोलियो में 10 फीसदी बिटकॉइन हैं. बिटकॉइन अभी क्रिस वुड के लक्ष्य से करीब 53 फीसदी नीचे कारोबार कर रही है. पेंशन फंड पोर्टफोलियो ने बिटकॉइन में दिसंबर 2020 में जब निवेश किया किया था तब उसकी कीमत 22,779 डॉलर थी. वुड के ग्लोबल लॉन्ग ओनली इक्विटी पोर्टफोलियो में बिटकॉइन एक्सचेंज ट्रेडेजड फंड का 5 फीसदी हिस्सा है.

क्‍या कहना है कि वुड का?
वुड ने अपने ‘ग्रीड ऐंड फियर’ नोट में कहा है कि बिटकॉइन में मुनाफावसूली शुरू करने के लिए 1.5 लाख डॉलर कीमत का अच्छा स्तर है. वुड अभी बिटकॉइन में लगाए पैसे को निकालना नहीं चाहता. वुड का मानना है कि आगे यह 1.5 लाख डॉलर के स्तर तक जाएगी, क्योंकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप ने सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन में क्रिप्टो के लिए नियामकीय बदलाव का संकेत दिया है. वुड ने लिखा है कि बदलाव होने जा रहा है. यह भी महत्वपूर्ण है कि ट्रंप की ट्रांजिशन टीम के उप-प्रमुख और वाणिज्य मंत्री के तौर पर ट्रंप की पसंद हावर्ड ल्युटनिक भी बिटकॉइन और क्रिप्टो समर्थक है.

सोने की कीमत में उछाल जारी, चांदी 93 हजार के पार, यहां जानें रायपुर में 24 कैरेट गोल्ड का रेट

0

सोना और चांदी एक बार फिर से भाव खाने लगे हैं. एक सप्ताह में सोने की कीमत में जहां 3700 रुपए का इजाफा हुआ है, वहीं चांदी की कीमत भी तीन हजार रुपए बढ़ी है. इसके पहले सोने और चांदी की कीमत ने इस बार दीपावली से पहले कीमत का रिकॉर्ड बनाया और इसके बाद कीमत ने कम होने का ऐसा गोता लगाया है कि पखवाड़े भर में सोना 5700 रुपए और चांदी की कीमत 11 हजार रुपए कम हो गई थी. ऐसा होने के बाद प्रदेशभर के सराफा बाजार में जहां निवेशक टूट पड़े, वहीं शादियों का सीजन होने के कारण शादियों के लिए भी जमकर खरीदारी हो रही है. जिनके यहां अगले साल शादी है, वो भी कम कीमत के कारण सोने और चांदी के जेवर ले रहे हैं.

कीमत वापस बढ़ने के बाद भी बाजार में जमकर खरीदारी हो रही है. शादियों का सीजन होने के कारण ग्राहक आ रहे हैं. सोने की कीमत ने इस साल लगातार रिकॉर्ड बनाने का काम किया है. इस साल के प्रारंभ में सोने की कीमत 65 हजार रुपए थी. इसके बाद कीमत लगातार कम ज्यादा होती रही. इस बार संभावना पहले से ही थी कि धनतेरस पर सोना 80 हजारी हो जाएगा, लेकिन यह जरूर किसी ने नहीं सोचा था कि कीमत 80 हजार के पार होकर 82 हजार तक जा सकती है. धनतेरस के दिन तो नहीं, लेकिन धनतेरस के बाद दूसरे दिन सोना 82 हजार के भी पार होकर 82200 हो गया. इसके पहले चांदी की कीमत एक लाख के पार जाकर एक लाख एक हजार पांच सौ रुपए हो गई थी.

कीमत बढ़ने के बाद भी खरीदारी
राजधानी रायपुर के सराफा एसोसिएशन अध्यक्ष सुनील भंसाली के मुताबिक सोने और चांदी की कीमत कम ज्यादा होने के बाद भी बाजार में बूम बना हुआ है. प्रदेश में रोज 50 करोड़ का कारोबार होता है. इसमें से करीब 25 करोड़ का कारोबार निवेशकों का होता है जो सोने और चांदी में निवेश करते हैं. बाकी का कारोबार जेवरों का होता है. अब रोज इससे ज्यादा का कारोबार हो रहा है. शादियों का सीजन होने के कारण बाजार में जमकर खरीदारी हो रही है. कीमत बढ़ने के बाद भी बाजार में इसका असर नहीं है.

सोने-चांदी के भाव
सोने और चांदी की कीमत दीपावली के पहले रिकॉर्ड बनाने के बाद इस माह नवंबर में लगातार कम हुई. एक सप्ताह पहले शुक्रवार को बाजार बंद होने के एक दिन पहले राजधानी रायपुर में 24 कैरेट सोने के दस ग्राम की कीमत जीएसटी के साथ 76500 रुपए थी. यानी रिकॉर्ड कीमत 82200 से कीमत 5700 रुपए कम हो गई थी. इसी तरह से चांदी की कीमत 90500 रुपए हो गई. यानी चांदी की कीमत में 11 हजार की कमी आई थी. इस सप्ताह जब सोमवार को बाजार खुला तो कीमत वापस बढ़ने लगी और अब एक सप्ताह बाद ठीक शुक्रवार को सोना जहां 80 हजार पार होकर 80200 रुपए हो गया है. वहीं चांदी की कीमत 93500 हो गई है.

अपने अभेद्य किले में BJP को बढ़त, सुनील सोनी आगे, हर राउंड में आकाश शर्मा पीछे

0

रायपुर दक्षिण उपचुनाव के लिए वोटों की गिनती जारी है. 8 राउंड की काउंटिंग पूरी हो चुकी है. अपने गढ़ में बीजेपी ने अपनी बढ़त बना रखी है. बीजेपी के सुनील सोनी 14376 वोटों से आगे चल रहे हैं. हालांकि इस सीट पर पहले राउंड से ही तस्वीर साफ होने लगी थी. सोनी सोनी ने यहां से निर्णायक बढ़त बना रही है. माना जा रहा था इस बार रायपुर दक्षिण सीट पर काटे की टक्कर हो सकती है. बिल्कुल भी ऐसी कोई स्थिति बनती नजर नहीं आ रही है. काउंटिंग के हर राउंट में यहां बीजेपी आगे है. वहीं कांग्रेस के आकाश शर्मा एक भी राउंड में लीड नहीं बना पाए.

न्यू 18 से चर्चा करते हुए सुनील सोनी ने कहा कि जनता का भरोसा भाजपा पर दिखा है, मुझ पर नजर आया है. विकास के नाम पर हमने चुनाव लड़ा है. हमें जनता का आशीर्वाद मिला है. कांग्रेस झूठ बोलकर, भ्रम फैलाकर राजनीति करती है, इसका जवाब जनता दे रही है. मैं विश्वास दिलाता हूं हमेशा जनता के साथ रहूंगा. दक्षिण विधानसभा को विकास की नई बुलंदियों पर पहुंचाएंगे.

कांग्रेस में पसरा सन्नाटा

रायपुर दक्षिण उपचुनाव के नतीजों से पहले ही कांग्रेस में सन्नाटा पसर गया है. शुरुआती रुझान के बाद प्रदेश कांग्रेस कार्यालय और जिला कांग्रेस कार्यालय में पूरी तरह से शांति छा गई है. जहां से कांग्रेस को उम्मीद थी वहां से भी आकाश शर्मा पिछड़ गए है. मालूम हो कि इस उपचुनाव के लिए कांग्रेस ने अपनी जबरदस्त ताकत झोंकी थी. सभी विधायक और पूर्व विधायक मैदान में मौजूद थे. इतना ही नहीं कांग्रेस ने युवा वर्सेस बुजुर्ग का नारा भी दिया था, जो चल नहीं पाया.

अडानी समूह की बढ़ेगी परेशानी, अब सेबी ने भी मांग लिया जवाब

0

अमेरिका में गौतम अडानी और अडानी समूह से जुड़े 7 अन्‍य व्‍यक्तियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल होने के बाद अब बाजार नियामक सेबी (SEBI) भी सक्रिय हो गया है. सेबी अब यह जानना चाहता है कि क्या अडानी समूह ने खुलासा मानदंडों (Disclosure Norms) का उल्लंघन किया. सेबी ने स्टॉक एक्सचेंजों को अडानी समूह की कंपनियों से अमेरिकी न्‍याय विभाग और सिक्‍योरिटी एंड एक्‍सचेंज कमीशन मामलों से संबंधित लिस्टिंग नियमों के उल्लंघन की जानकारी मांगने का निर्देश दिया है. गौरतलब है कि 21 नवंबर को अमेरिकी न्‍याय विभाग ने अडानी समूह के चेयरमैन गौतम अडानी और समूह से जुड़े सात अन्‍य लोगों पर भारत में कारोबार हासिल करने के लिए रिश्वतखोरी के गंभीर आरोप लगाए गए हैं. अडानी समूह ने इन आरोपों से इनकार करते हुए इन्हें निराधार बताया है. समूह ने कहा कि वह सभी कानूनी विकल्प का इस्‍तेमाल करेगा.

एक्सचेंजों ने अडानी समूह से पूछा है कि क्या अमेरिका में जांच के खुलासे में कोई चूक या देरी हुई थी, जिसके तहत समूह के चेयरमैन गौतम अडानी और उनके भतीजे सागर अडानी को 20 नवंबर को आरोपी बनाया गया है. सूत्रों ने कहा कि फिलहाल अधिकारियों या कंपनियों के खिलाफ कोई जांच शुरू नहीं हुई है. घटनाक्रम से अवगत एक शख्स ने कहा, “ऐसी किसी भी जांच या कार्रवाई में काफी देर होती है. फिलहाल में सभी प्रक्रियाएं हमारे निगरानी तंत्र के दायरे में हैं.”

जिंदा को दिखाया ‘मुर्दा’, कमा लिए 10 करोड़ रुपये, अब जांच में 3600 केस मिले फर्जी

0

हरियाणा में गजब का फर्जीवाड़ा सामने आया है. यहां पर जिंदा लोगों को मृत दिखाकर भी सरकार योजना का लाभ ले लिया गया. अब तक जांच में 3600 केस फर्जी मिले हैं और करीब 10 करोड़ रुपये का गबन किया गया है. हाईकोर्ट तक मामला पहुंचा है.

दरअसल, निर्माण कार्यों में लगे श्रमिकों के नाम पर फर्जी कार्ड बनाकर हरियाणा बिल्डिंग एंड अदर कंस्ट्रक्शन वर्कर्स वेलफेयर बोर्ड के फंड में गबन किया गया है. इस मामले में लंबी लड़ाई लड़कर केस दर्ज कराने वाले एडवोकेट सुभाष चंद्र पाटिल का दावा है कि 20 हजार से अधिक फर्जी कार्ड बनाए गए और इस गड़बड़झाले में नोटरी से लेकर श्रम विभाग के कर्मचारी और अधिकारी शामिल हैं.

एडवोकेट ने पहली बार फरवरी 2020 में सीएम विंडो पर शिकायत की थी. श्रम विभाग की 21 योजनाओं का श्रमिक लाभ ले सकते हैं. इनमें मातृत्व व पितृत्व लाभ, बच्चों की शिक्षा के लिए वित्तीय सहायता, कन्यादान योजना, मुख्यमंत्री महिला श्रमिक सम्मान योजना, सिलाई मशीन योजना से लेकर औजार खरीदने तक की योजना शामिल है. फर्जी श्रमिकों को खड़ा करके दलालों ने अफसरों से मिलीभगत करके बोर्ड से राशि निकलवाई. यहां तक कि मरने का झूठा प्रमाण पत्र भी बनवाकर 2 लाख रुपये की मदद ले ली. एक महिला पर केस भी दर्ज हो चुका है.

शिकायतकर्ता का आरोप है कि जितनी बड़ी राशि बोर्ड से ली जाती है, उतना ज्यादा कमीशन दलालों का रहता है। 30 से 50 फीसदी तक कमीशन लिया गया. इस मामले में पानीपत श्रम विभाग के तत्कालीन सहायक कल्याण अधिकारी नरेंद्र कुमार सिंघल और तत्कालीन सहायक निदेशक हरेंद्र मान पर केस दर्ज हो चुका है.

महाराष्ट्र के एग्जिट पोल में महायुति आगे, शेयर बाजार ने दिया जोरदार रिस्पॉन्स, कल अडानी विवाद पड़ा था भारी

0

महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव संपन्न हो गया है. राज्य की 288 सीटों पर वोटों की गिनती कल यानी 23 नवंबर को होगी. ज्यादातर सर्वे एजेंसियों ने एग्जिट पोल में बीजेपी के नेतृत्व वाली महायुति पर दांव खेला है. वहीं, आज शेयर बाजारों ने 7 हफ्तों की गिरावट के बाद जबरदस्त वापसी की. मार्केट एक्सपर्ट्स ने इस तेजी का श्रेय महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों में बीजेपी-नेतृत्व वाली महायुति की जीत की संभावना को दिया है.

एक्सपर्ट्स के मुताबिक, अडानी रिश्वतखोरी मामले ने कल (21 नवंबर) मार्केट सेंटीमेंट पर असर डाला, जिससे महायुति संभावित की जीत को नजरअंदाज कर गया. हालांकि, आज की तेजी से संकेत मिलता है कि बाजार अडानी मुद्दे को पीछे छोड़ चुका है और आगे की ओर देख रहा है.

एग्जिट पोल पर जरूरत से ज्यादा प्रतिक्रिया दे रहा है बाजार
इंडियाचार्ट्स के रोहित श्रीवास्तव ने कहा कि बाजार ने कल एग्जिट पोल के नतीजों पर प्रतिक्रिया नहीं दी थी क्योंकि अडानी की खबर ने उसे ढक लिया था. आज की तेजी दिखाती है कि बाजार एग्जिट पोल के फैसले पर प्रतिक्रिया दे रहा है और शायद जरूरत से ज्यादा प्रतिक्रिया दे रहा है”.

महायुति के सत्ता में बने रहने की संभावना
महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ महायुति के सत्ता में बने रहने की संभावना है. कम से कम पांच एग्जिट पोल बीजेपी-नेतृत्व वाले गठबंधन को बहुमत मिलने की भविष्यवाणी कर रहे हैं. हालांकि, दो पोल एक करीबी मुकाबले का संकेत दे रहे हैं, जिसमें विधानसभा के त्रिशंकु होने की संभावना है. अब तक के अनुमानों के अनुसार, महायुति को 151 सीटें, महा विकास अघाड़ी को 129 सीटें और अन्य को 8 सीटें मिल सकती हैं.

यूपीआई फ्रॉड से रहें सावधान, सेफ्टी के लिए इन बातों का रखें ध्यान

0

अगर आप भी यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (UPI) का इस्तेमाल करते हैं तो आपको इस खबर को जरूर पढ़ना चाहिए. लोग छोटी से लेकर बड़ी से बड़ी पेमेंट तक के लिए यूपीआई का इस्तेमाल कर रहे हैं. वहीं, स्कैमर्स ने भी लोगों को ठगने के लिए यूपीआई स्कैम (UPI Scam) करना शुरू कर दिया. आइए जानते हैं कि किस तरह से यूपीआई फ्रॉड से खुद को सुरक्षित रखा जा सकता है.

यूपीआई स्कैम से बचने के लिए इन बातों का रखें ध्यान

किसी भी अनजान मोबाइल नंबर और यूजर्स से सावधान रहें.
यूपीआई के जरिए पैसे हासिल करने के लालच लिए यूपीआई पिन न बताएं.
किसी भी अनजान पेमेंट रिक्वेस्ट को स्वीकार न करें.
फेक यूपीआई ऐप से सावधान रहें.
किसी को पैसे भेजने से पहले पहचान वेरीफाई करें.
किसी अजनबी के सामने अपना यूपीआई पिन न डालें और न बताएं.
QR कोड के जरिए पेमेंट करते वक्त डिटेल्स वेरीफाई कर लें.

क्या है यूपीआई
गौरतलब है कि यूपीआई एक रियल टाइम पेमेंट सिस्टम है. डिजिटल पेमेंट के लिए यूपीआई जैसी सुविधा आपको घर बैठे आसानी से पैसे ट्रांसफर करने की सुविधा देती है. इसके लिए आपको यूपीआई सपोर्ट करने वाले ऐप जैसे पेटीएम, फोनपे, भीम, गूगलपे आदि की जरूरत होती है. खास बात है कि यूपीआई आपको स्कैनर, मोबाइल नंबर, यूपीआई आईडी इनमें से सिर्फ एक जानकारी होने पर भी पैसे ट्रांसफर की सुविधा देता है.

भारत में साल 2016 में शुरू हुई थी UPI की सुविधा
साल 2016 में यूपीआई पेमेंट सिस्टम की शुरूआत हुई थी. यूपीआई सिस्टम को नेशनल पेमेंट कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ऑपरेट करती है.

ऑनलाइन डिलीवरी बनाम किराना स्टोर्स, वित्त मंत्री ने दोनों के बारे में क्या कुछ कहा

0

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने हाल ही में “क्विक कॉमर्स” को एक अनोखा इनोवेशन बताया है. उन्होंने कहा कि इनकी मदद से भारत को दुनिया के सामने इनोवेटिव सॉल्यूशन देने वाले देश के रूप में प्रचारित किया जा सकता है. उन्होंने 22 नवंबर को एक कार्यक्रम में इन प्लेटफॉर्म्स को पारंपरिक किराना दुकानों के लिए चुनौती भी बताया. हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि यह देश के लिए एक बड़ा अवसर हैं.

वित्त मंत्री ने स्वीकार किया कि मिनटों में उत्पादों की डिलीवरी करने वाले आधुनिक डिजिटल प्लेटफॉर्म्स जैसे Blinkit, Instamart, Zepto और BigBasket ने किराना दुकानों पर प्रभाव डाला है. एक हालिया सर्वे के अनुसार, 2024 में करीब $1.28 बिलियन की बिक्री पारंपरिक किराना दुकानों से क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर स्थानांतरित होने का अनुमान है. सर्वे में यह भी बताया गया कि 67 प्रतिशत किराना दुकानों ने इन प्लेटफार्मों के कारण अपनी बिक्री में गिरावट दर्ज की है.

सरकार की ओर से समर्थन की जरूरत
वित्त मंत्री ने यह भी कहा कि भारत में ई-कॉमर्स का विकास हो रहा है लेकिन सरकार को पारंपरिक खुदरा व्यापारियों की मदद करनी चाहिए और उन्हें सहारा देना चाहिए. साथ ही उन्होंने कहा कि क्विक कॉमर्स मॉडल को भारत को एक इनोवेटिव सॉल्यूशन प्रदान करने वाले देश के रूप में प्रस्तुत करने का एक अवसर है. दूसरी ओर, वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने भी हाल ही में ई-कॉमर्स कंपनियों से भारतीय कानून का सम्मान करने का आह्वान किया, खासकर एफडीआई के नियमों के संदर्भ में.

फेडरल रेगुलेशन और व्यापार संघों की चिंता
कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) ने एक व्हाइट पेपर जारी किया जिसमें क्विक कॉमर्स प्लेटफार्मों को किराना दुकानों के खिलाफ साजिश रचने का आरोप लगाया गया. व्यापार संघ ने इन प्लेटफार्मों पर विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (FDI) नियमों का दुरुपयोग करने और अपने संचालन घाटे को कवर करने के लिए गहरे डिस्काउंट्स देने का आरोप लगाया. कुल मिलाकर, सीतारमण के बयान से यह स्पष्ट है कि सरकार इन नवाचारों को बढ़ावा देना चाहती है, लेकिन पारंपरिक व्यापारियों के हितों का भी ख्याल रखा जाएगा.