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प्रशांत किशोर की जनसुराज ने बिगाड़ा ‘खेल’, कहीं एनडीए तो कहीं इंडिया अलायंस को झटका

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बिहार में विधानसभा उपचुनाव की चारों सीटों-बेलागंज, इमामगंज, तरारी और रामगढ़ के रुझान आने शुरू हो गए हैं. शुरूआती रुझानों में 2 सीटों पर एनडीए, एक पर आरजेडी और एक पर बीएसपी आगे चल रही है. वहीं, इन रुझानों के बीच एक बड़ा ट्रेंड नजर आ रहा है जिसमें प्रशांत किशोर की जान सुराज पार्टी विभिन्न दलों का गेम बिगाड़ती हुई दिख रही है.

चौंकाने वाला रूझान गया की इमामगंज सीट से है जहां चार राउंड की काउंटिंग खत्म होने के बाद RJD के रोशन मांझी आगे हैं. रोशन मांझी को 17204 वोट, जन सुराज के जितेंद्र पासवान को 12697, वहीं NDA की दीपा मांझी को 16236 मत मिले हैं. दीपा मांझी जीतन राम मांझी की बहू हैं और उनके लिये जन सुराज ने मुश्किल खड़ी कर दी है.

वहीं, आरजेडी के गढ़ बेलागंज से NDA के मनोरमा देवी दूसरे राउंड में आगे रहीं. JDU की मनोरमा देवी को 12903 मत मिले तो RJD के विश्वनाथ यादव को 10160 वोट मिले. वहीं, जन सुराज के मोहम्मद अमजद को 2639 मत मिले हैं. जाहिर तौर पर आरजेडी की परंपरागत सीट पर जनसुराज ने आरजेडी के लिए मुश्किल खड़ी कर दी है.

जबकि, कैमूर रामगढ़ विधानसभा उपचुनाव की दूसरे राउंड की गिनती में बसपा के सतीश कुमार यादव 3500 वोटों से आगे रहे. बीएसपी के सतीश कुमार यादव को 13844 मत मिले. वहीं, बीजेपी के अशोक कुमार सिंह को 10344 वो तो आरजेडी के अजीत कुमार सिंह को 5723 मत मिले हैं. वहीं, जनसुराज के सुशील कुमार कुशवाहा को 971 मत मिले हैं. यहां जनसुराज का अधिक प्रभाव नहीं है, लेकिन अगर एनडीए और बीएसपी की लड़ाई में कुछ और वोट झटक ले जाती है तो एनडीए को नुकसान संभव है.

भाजपा ने EVM पर उठाया सवाल, संजय राउत बोले- कुछ तो गड़बड़ है, नतीजे कबूल नहीं

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महाराष्ट्र और झारखंड के विधानसभा चुनावों के नतीजों के दिन आज भाजपा ने ईवीएम को लेकर विपक्ष से सवाल किया है. वहीं शिवसेना उद्धव गुट के नेता संजय राउत ने महाराष्ट्र चुनाव के शुरुआती रूझानों पर आश्चर्य चताया है और कहा है कि यह जनता का मत नहीं है, कुछ तो गड़बड़ हुआ है. महाराष्ट्र विधान सभा चुनाव के रुझानों में भाजपा नेतृत्व वाली महायुति को स्पष्ट बहुमत मिल गया है. सुबह 11 बजकर 20 मिनट तक महायुति 207 सीटों पर आगे चल रही है, वहीं विपक्ष की महा विकास अघाड़ी 70 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है.

‘पिच, बैट और बॉल ठीक नहीं है’
भाजपा के वरिष्ठ नेता सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि झारखंड में शुरूआती रूझानों में इंडी गठबंधन आगे दिख रहा है. तो वे इंडी गठबंधन से पूछते हैं कि आप लोगों को ईवीएम पर भरोसा है कि नहीं? क्योंकि यहां पर बहुत बड़ी समस्या हो जाती है. जो गली मोहल्ले के बच्चे होते हैं, वे कहते हैं कि जब वे मैच जीत गए तो ठीक है, जब हारते हैं तो कहने लगते हैं कि पिच ठीक नहीं है, बैट ठीक नहीं है और बॉल ठीक नहीं थी.

कुछ तो गड़बड़ है, नतीजे कबूल नहीं: संजय राउत
शिवसेना नेता संजय राउत ने महाराष्ट्र के रूझानों पर हैरानी जताई है. उन्होंने कहा कि मोदी जी हार गए हैं, महाराष्ट्र हो या अन्य राज्य वहां पर कुछ तो गड़बड़ की है. महाराष्ट्र के नतीजे भी उससे ज्यादा आने वाले थे आज. हमारी 4 या 5 सीटें उन्होंने चोरी की हैं.

उन्होंने कहा कि पिछले 2014 और 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने यही किया था कि विपक्ष में कोई नेता न रहे. वही चाल इन लोगों ने महाराष्ट्र में चला है कि विधान सभा में कोई विपक्ष का नेता न रहे.

इस चुनाव में गड़बड़ है. हर विधान सभा में नोटों की मशीन लगाई थी. उन्होंने कहा कि शिंदे ने कहा था कि इस चुनाव में उनका कोई भी वर्तमान विधायक चुनाव नहीं हारेगा. भाई यह कैसा विश्वास है कि कोई हारेगा नहीं. 200 से अधिक सीटें किसी को चुनाव में मिलते हैं क्या? इस राज्य में सबसे बड़ी बेईमानी हो गई है. जनता बेईमान नहीं है. आपने इस तरह के नतीजे ​दिलाए कि जनता को बेईमान दिखाया. इस राज्य की जनता बेईमान नहीं है.

ईवीएम से नहीं हो सकता निष्पक्ष चुनाव: कांग्रेस
कांग्रेस नेता उदित राज ने ईवीएम पर सवाल उठाया है. उन्होंने कहा है कि महाराष्ट्र के नतीजे को स्वीकार नहीं करना चाहिए. ईवीएम हटाना चाहिए. इससे निष्पक्ष चुनाव नहीं हो सकता. वे ईवीएम का जीत के लिए इस्तेमाल बड़ी चतुराई से करते हैं. हर जगह नहीं करते क्योंकि जनता को शक हो जाएगा. महाराष्ट्र में ईवीएम का दुरुपयोग किया, झारखंड में नहीं किया.

उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र के नतीजे को स्वीकार नहीं करना चाहिए, मैं अपनी पार्टी से भी कहूंगा. सड़क पर उतरने और आंदोलन का वक्त है. ईवीएम हटाना चाहिए. संजय राउत ठीक कह रहे हैं, ईवीएम का नतीजा है, जनता का नहीं. इसे स्वीकार नहीं करना चाहिए.

ओडिशा के रास्ते एंट्री, बड़ी वारदात की प्लानिंग, जवानों ने ऐसे नक्सलियों के मंसूबों पर फेरा पानी

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केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के किए गए वादे धीरे-धीरे पूरे हो रहे हैं. मार्च 2026 तक बस्तर और छत्तीसगढ़ से नक्सलवाद का सफाया करने की प्लानिंग सरकार ने बनाई है. शुक्रवार को इसी कड़ी में जवानों ने नक्सलियों के कोर इलाके में घुसकर ऑपरेशन चलाई हैं. आज सुबह सुकमा जिले के भेज्जी थाना क्षेत्र में नक्सलियों और डीआरजी जवानों के बीच जबरदस्त मुठभेड़ हुई है. इस मुठभेड़ में 10 नक्सलियों को जवानों ने ढेर कर दिया है. सर्चिंग के बाद मौके से जवानों ने भारी मात्रा में ऑटोमेटिक हथियार भी बरामद किए है. बस्तर आईजी सुंदर राज पी ने बताया कि ओडिशा के रास्ते ये नक्सली दूसरे जगह शिफ्ट होने की प्लानिंग कर रहे थे. नक्सलियों की टीम छत्तीसगढ़ में एंटर करने की कोशिश में थी.

बस्तर आईजी ने बताया कि नक्सलियों के मूवमेंट की जानकारी सुरक्षाबलों को मिली. इसके बाद डीआरजी और सीआरपीएफ के जवानों ने नक्सलियों की घेराबंदी शुरू की. इसके बाद जवानों ने टीम ने नक्सलियों को घेर लिया. दोनों ओर से लगातार फायरिंग भी हुई. मुठभेड़ में जवानों ने 10 नक्सलियों को मार गिराया.

कोंटा और किस्टाराम एरिया कमेटी से हुई मुठभेड़

बस्तर आईजी ने बताया कि कोंटा एरिया कमेटी और किस्टाराम एरिया कमेटी के साथ जवानों की मुठभेड़ हुई है. ये नक्सली बटालियन की टुकड़ी थी जो किसी वारदात को अंजाम देने की फिराक में थी. फिलहाल घटनास्थल में लगातार जवान सर्चिंग कर रहे हैं. मुठभेड़ में मारे गए नक्सलियों की शिनख्त अभी भी जारी है. मुठभेड़ में जो नक्सली मारे गए हैं और कौन से केडर्स के है, इसकी फिलहाल अभी जांच की जा रही है. बता दें कि अब तक सुरक्षाबलों ने 200 से अधिक नक्सलियों को मुठभेड़ में ढेर कर दिया है.

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जवानों का बढ़ाया हौसला

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि सरकार नक्सलवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है. उन्होंने कहा कि बस्तर में विकास, शांति और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना उनकी सरकार की सबसे पहली प्राथमिकता है. बस्तर में शांति, विकास और प्रगति का दौर लौट आया है. सुरक्षा बलों को उनके साहस और समर्पण के लिए बधाई देते हुए उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ से नक्सलियों का सफाया निश्चित है. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मार्च 2026 तक छत्तीसगढ़ से नक्सलियों के सफाया करने का लक्ष्य रखा है. इस दिशा में हम लगातार आगे बढ़ रहे हैं.

फंस गई बुलेट ट्रेन! भारत के ‘हाई-स्पीड सपने’ के रास्ते में आया एक बड़ा रोड़ा

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क्या भारत का बुलेट ट्रेन का सपना पूरा होने में अभी और देर होगी? जिस तरह की खबर आ रही है उससे तो ऐसा ही लगता है. मनीकंट्रोल की एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत अब बुलेट ट्रेन (शिंकानसेन) का आयात जापान से नहीं करेगा. इस खबर की अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है लेकिन मामले से जुड़े विश्वसनीय सूत्र ने यह जानकारी दी है. उनका कहना है कि अभी बात पूरी तरह बंद नहीं हुई है लेकिन बहुत धीमी हो गई है.

सूत्रों के अनुसार, जापानी सरकार से ट्रेन के आयात को लेकर वार्ता अब भी जारी है लेकिन पिछले 6 महीने में इसमें काफी सुस्ती आ गई है. इसके पीछे ट्रेन से जुड़ी कॉस्ट को वजह माना जा रहा है. ट्रेन और उसकी मेंटेनेंस से जुड़ी कीमत पर सहमति नहीं बन पा रही है. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और रेलवे के कई अधिकारी इस पर चर्चा के लिए सितंबर में जापान भी गए थे लेकिन बात नहीं बनी.

बहुत महंगा सौदा
मामले से जुड़े एक अन्य अधिकारी ने मनीकंट्रोल से कहा है, “शिंकानसेन का आयात अपने आप में बहुत महंगा सौदा है. वहीं, इसका आजीवन रख-रखाव भी जापानी कंपनी को ही करना है. मेंटेनेंस की वजह से ओवरऑल कॉस्ट में बहुत बड़ा अंतर पैदा हो रहा है.”

पैसों के अलावा भी परेशानी
खबरों की मानें तो बुलेट ट्रेन को लेकर बातचीत ठीक चल रही थी लेकिन प्राइस के साथ 2 और चीजें रास्ते में अड़चन पैदा करने लगीं. एक तो सरकार द्वारा जमीन अधिग्रहण में देरी और दूसरा जॉइंट वेंचर की शर्तों में तकनीकी बदलाव. जापान का मानना है कि भारत सरकार ने जमीन अधिग्रहण की कीमतों को घटाने के लिए ट्रैक में मोडिफिकेशन किया. रेलवे के एक पूर्व मेंबर ने बताया कि जापानी सरकार ने ट्रैक के एलिवेटेड सेक्शन को और न बढ़ाने की मांग की थी लेकिन भारत सरकार ने इसे नहीं सुना. पहले केवल 28 परसेंट ट्रैक की हवा में बनना था लेकिन बदलाव के बाद 90 फीसदी ट्रैक एलिवेटेड कर दिया गया.

शिक्षा विभाग में 2000 से अधिक पदों पर होगी भर्तियां, सृजित किए गए नए पद, जानें यहां तमाम डिटेल

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शिक्षा विभाग में नौकरी (Sarkari Naukri) पाने का मन बना रहे उम्मीदवारों के लिए जल्द ही खुशखबरी आने वाली है. इसके लिए उत्तर प्रदेश सरकार की कैबिनेट बैठक के बाद वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने मीडिया को जानकारी दी है कि कुल 24 में से 23 प्रस्ताव पास किए गए. उच्च शिक्षा और विश्वविद्यालयों से जुड़े महत्वपूर्ण फैसले लिए गए है. इसके तहत उच्च शिक्षा विभाग में 2000 से अधिक पदों पर भर्तियां की जाएगी.

71 महाविद्यालय बनेंगे राजकीय कॉलेज
उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने बताया कि प्रदेश के 71 महाविद्यालयों को राजकीय कॉलेज के रूप में संचालित किया जाएगा. इस निर्णय के तहत बड़े पैमाने पर नई भर्तियां होंगी.

नए पद सृजित किए जाएंगे
प्राचार्य- 71 पद
असिस्टेंट प्रोफेसर- 1136 पद
तृतीय श्रेणी कर्मचारी- 639 पद
चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी- 710

बिजनौर में खुलेगी नई निजी विश्वविद्यालय
बिजनौर में एक और निजी विश्वविद्यालय के रूप में विवेक यूनिवर्सिटी की स्थापना को मंजूरी दी गई है. यह शिक्षा के क्षेत्र में निजी निवेश को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा कदम है. सरकार के इन फैसलों से प्रदेश में उच्च शिक्षा का स्तर बेहतर होगा. नए कॉलेज और विश्वविद्यालयों के साथ रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे.

महाराष्ट्र में आखिर क्यों दिन में ही जलने लगा ‘टॉर्च’, क्या महायुति और MVA में ही है कोई ‘विभीषण

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महाराष्ट्र चुनाव के नतीजे कल आने वाले हैं. हालांकि, एग्जिट पोल के नतीजे में महायुति की सरकार बनती दिख रही है, लेकिन मामला अगर थोड़ा भी इधर-उधर हुआ तो बाजी महाविकास अघाड़ी भी मार सकता है. ऐसे में शुक्रवार से ही राजनीतिक बयानबाजियों का दौर शुरू हो गया है. कहा तो ये भी जा रहा है कि महाराष्ट्र में अगर किसी भी गठबंधन को क्लियर मेजोरिटी नहीं मिलती है तो पाला बदलने का खेल भी शुरू हो सकता है. इसलिए दोनों गठबंधनों में अभी से ही ‘विभीषण’ की तलाश तेज हो गई है. सभी दलों के बड़े नेताओं अपने प्रत्याशियों को ‘तौलना’ शुरू कर दिया है.

महाराष्ट्र चुनाव में बीजेपी और कांग्रेस आखिरी दम तक हार मानने को तैयार नहीं है. एग्जिट पोल में बेशक बीजेपी नेतृत्व वाली महायुति सत्ता में वापसी करती हुई दिख रही है, लेकिन कांग्रेस, एनसीपी शरद पवार और शिवसेना उद्धव गुट भी हार मानने को तैयार नहीं है. दोनों गठबंधन में ये भी प्लान बनाया जा रहा है कि अगर 10-15 सीटें कम आती हैं तो किस दल को तोड़कर अपने साथ लाया जाए.

महाराष्ट्र में ‘विभीषण’ की तलाश हुई तेज
महायुति या महाविकास अघाड़ी में अगर किसी भी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिलता है तो दूसरे छोटे-छोटे गठबंधन या दलों को निश्चित रूप से सीट आएंगे. ऐसे में राज ठाकरे की महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मानसे), असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम, बीएसपी, प्रकाश आंबेडर की वंचित बहुजन आघाड़ी सहित कई निर्दलीय भी महाविकास अघाड़ी और महायुति के निशाने पर होंगे.

इन पार्टियों के नेताओं पर रहेगी नजर
आपको बता दें कि महाराष्ट्र में बीजेपी 149, शिवसेना एकनाथ शिंदे, 81, एनसीपी अजित पवार 59 सीटों पर चुनाव लड़ रही है. वहीं, कांग्रेस 101 सीट, एनसीपी शरद पवार गुट 86 सीटें और शिवसेना उद्धव गुट 95 सीटों पर चुनाव लड़ रही है. मनसे 125 सीटें, वंचित बहुजन आघाड़ी 200, बहुजन समाजवादी पार्टी 237 सीटें, एआईएमआईएम 17 सीटें और आजाद समाज पार्टी 26 सीटों पर चुनाव लड़ रही है.

क्या विचारधार की जीत होगी या फिर लालच आएगा काम?
ऐसे में कहा जा रहा है कि अगर इन पार्टियों के प्रत्याशी जीतते हैं तो इनमें से कई विचारधारा को ध्यान में रखकर महायुति और महाविकास अघाड़ी को समर्थन दे सकती है. इसमें मनसे, असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी और कुछ निर्दलीय कैंडिडेट की भूमिका अहम होगी. इसलिए अभी से ही दोनों गठबंधन में विभीषण की तलाश शुरू हो गई है. कांग्रेस के महाराष्ट्र अध्यक्ष नाना पटोले के बयान से साफ जाहिर हो गया है कि महाराष्ट्र में जोड़-तोड़ की राजनीति शुरू हो सकती है.

कुल मिलाकर, महाराष्ट्र चुनाव में कल का दिन काफी अहम साबित होने वाला है. अगर किसी गठबंधन को बहुमत हासिल नहीं होता है तो कल से ही नेता दिन में टॉर्च लेकर विधायकों की खोज तेज कर देंगे. लेकिन, अगर महायुति या महाविकास अघाड़ी को स्पष्ट बहुमत आ जाता है तो फिर विभीषण की तलाश करने वाले नेता बेरोजगार हो जाएंगे और वह अगले महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव का इंतजार करेंगे.

चीन की चौखट पर यमराज, अमेरिका-जापान के याराना ने बढ़ाई बेचैनी, क्‍या होने वाला है थर्ड वर्ल्‍ड वॉर?

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दुनिया के कुछ हिस्‍से इस समय भीषण संघर्ष से झुलस रहे हैं. वेस्‍ट एशिया से लेकर रूस-यूक्रेन तक में आग लगी हुई है. इसका शिकार बच्‍चे-बूढ़े से लेकर औरतें और युव पीढ़ी तक हो रही है. रूस-यूक्रेन और इजरायल हमास युद्ध के समाप्‍त होने की कोई संभावना फिलहाल नहीं दिख रही है, लेकिन दुनिया के नक्‍शे पर एक और क्षेत्र में सैन्‍य तनाव चरम पर पहुंच गया है. पूर्वी एशियाई क्षेत्र में चीन की विस्‍तारवादी सोच और नीतियों की वजह से जापान सागर से लेकर येलो सी और साउथ चाइना सी तक में तनव है. चीन इस क्षेत्र के अधिकांश हिस्‍सों पर अपना दावा ठोकता है. इस वजह से जापान, फ‍िलिपींस, ताइवान, दक्षिण कोरिया जैसे देशों में असुरक्षा की भावना घर कर गई है. ताइवान के अधिकार वाले क्षेत्र में चीन की आक्रामकता ने सशस्‍त्र संघर्ष की आशंका को और बढ़ा दिया है. अब चीन के तट से महज 3000 किलोमीटर की दूरी पर अमेरिका ने अपना अल्‍ट्रा मॉडर्न एयरक्राफ्ट कैरियर तैनात कर दिया है.

अमेरिका ने चीनी तट से कुछ ही दूरी पर न्‍यूक्लियर वेपन से लैस अत्‍याधुनिक USS जॉर्ज वॉशिंगटन एयरक्राफ्ट कैरियर को तैनात कर दिया है. इस एयरक्राफ्ट कैरियर में न्‍यूक्लियर रिफ्यूलिंग सिस्‍टम भी लगा हुआ है. इसका मतलब यह हुआ कि इसे पारंपरिक ईंधन की जरूरत उतनी नहीं होगी. साथ ही मॉडर्न फाइटर जेट और कार्गो एयरक्राफ्ट भी इस कैरियर पर तैनात है. USS जॉर्ज वॉशिंगटन एयरक्राफ्ट कैरियर पर तैनात कार्गो जेट वर्टिकल लैंडिंग के साथ ही शॉर्ट लैंड‍िंग करने में सक्षम है. इस जेट के जरिये जरूरी सामग्रियों को काफी कम समय में एक जगह से दूसरी जगह तक पहुंचाया जा सकता है. मतलब यह कि आपात परिस्थितियों में यह विमान काफी कारगर साबित हो सकता है. यह सब चीन के लिए कतई शुभ समाचार नहीं है.

छिड़ जाएगा थर्ड वर्ल्‍ड वॉर?
इंटरनेशनल लेवल पर चीन वॉशिंगटन के सबसे पुराने और निडर दुश्‍मन रूस का साथी है. अनेक मसलों पर बीजिंग और मॉस्‍को के सहयोग को दुनिया देख चुकी है. इसके अलावा ईरान को भी चीन का करीबी माना जाता है. वहीं, पूर्वी एशिया में चीन ने एक साथ जापान, ताइवान, फिलिपींस जैसे देशों के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है. इन सबके बीच अमेरिका के एयरक्राफ्ट कैरियर की जापान के योकोसुका सैन्‍य बेस पर वापस लौटना चीन के लिए चिंता का विषय है. यूएसएस जॉर्ज वॉशिंगटन एयरक्राफ्ट कैरियर पहले के मुकाबले और आधुनिक होकर वापस लौटा है. इसमें कई ऐसी टेक्‍नोलॉजी को शामिल किया गया है, जिससे दुश्‍मनों का पता लगाकर उन्‍हें तबाह करने में सक्षम है. ऐसे में यदि इस इलाके में थोड़ी सी चूक मिलिट्री क्‍लैश को जन्‍म दे सकता है.

कांकेर-बस्तर-गरियाबंद में जवानों की नक्सलियों से मुठभेड़, 6 माओवादी ढेर, हथियार बरामद

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छत्तीसगढ़ के दक्षिण बस्तर, गरियाबंद और कांकेर में नक्सलियों की जवानों से मुठभेड़ हुई. कांकेर में हुई मुठभेड़ के बाद जवानों का स्वागत भी किया गया. इसका वीडीयो भी सामने आया है. कांकेर के टेकामेटा में जवानों-नक्सलियों के बीच 4 दिनों तक मुठभेड़ चली. इसमें जवानों ने 5 नक्सलियों को मार गिराया. इस नक्सल ऑपरेशन की खास बात यह है कि अबूझमाड़ के जंगल में अब तक हुईं मुठभेड़ में यह सबसे लंबा चलने वाला एनकाउंटर था. इस मुठभेड़ में डीआरजी, बीएसएफ की संयुक्त टीम ने हिस्सा लिया.

दूसरी ओर, दक्षिण बस्तर में भी जवान नक्सलियों के खिलाफ ऑपेरेशन चला रहे हैं. यहां भी 21 नवंबर को तड़के 3 बजे छत्तीसगढ़-ओडीशा सीमा पर डीवीएफ (डिस्ट्रीक वालिन्टियर फोर्स ) के जवानों की नक्सलियों के साथ मुठभेड़ हो गई. दोनों तरफ से अत्याधुनिक हथियारों से फायरिंग हुई. इसमें एक जवान घायल हो गया, जबकि, एक नक्सली मारा गया. जवानों ने मौके से दो बंदूकें भी बरामद कीं. सूत्रों के मुताबिक, नक्सली छत्तीसगढ़ की और से सुरक्षित ठिकाने की तलाश में शबरी नदी पार कर जा रहे थे. इस बात की जानकारी जवानों को हो गई. इसके बाद उन्होंने मुठभेड़ की तैयारी की. टीम ने तड़के 3 बजे नक्सलियों पर हमला कर दिया. इस मुठभेड़ की पुष्टि ओडीशा पुलिस के डीजी वाईबी खुरानिया ने भी की.

नक्सलियों ने कर दिया हमला
छत्तीसगढ़ के गरियाबंद में भी पुलिस की नक्सलियों के साथ मुठभेड़ हुई. यह मुठभेड़ जुगाड़ थाना क्षेत्र के अमाढ़ के जंगलों में हुई. इस मुठभेड़ में सुरक्षाबलों को बड़ी कामयाबी मिली. बता दें, यहां डीआरजी, कोबरा, ओडिशा एसओजी और सीआरपीएफ की संयुक्त टीम सर्च ऑपरेशन चला रही थी. इस बीच घात लगाए नक्सलियों ने जवानों पर फायरिंग शुरू कर दी. इसके जवाब में पुलिस ने भी फायरिंग की. पुलिस को भारी पड़ते देख नक्सली डेरा छोड़ कर भाग खड़े हुए. पुलिस को मौके से सिंगल शॉट राइफल, नक्सल साहित्य और अन्य सामग्री मिली है. गरियाबंद एसपी निखिल राखेचा ने भी इस मुठभेड़ की पुष्टि की है.

ऑटो चालकों पर महंगाई की मार! गैस कंपनी सेऑटो चालकों पर महंगाई की मार! गैस कंपनी से सुबह-सुबह आई बुरी खबर, 2 रुपये बढ़ गए सीएनजी के दाम सुबह-सुबह आई बुरी खबर, 2 रुपये बढ़ गए सीएनजी के दाम

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महानगर गैस लिमिटेड (MGL) ने सीएनजी (CNG) की कीमतों में 2 रुपये प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी का ऐलान किया है. नई दरें 22 नवंबर से लागू हो गई हैं, जिसके बाद मुंबई और आसपास के क्षेत्रों में सीएनजी का रेट (CNG Rate) 77 रुपये प्रति किलोग्राम हो गया है. इस वृद्धि से सीएनजी से चलने वाले वाहनों का खर्च बढ़ गया है.

इस घोषणा का सीधा असर महानगर गैस लिमिटेड के शेयर पर भी देखने को मिला. MGL के शेयर में करीब 3% की तेजी दर्ज की गई और यह 1,160 रुपये के आसपास कारोबार कर रहा है. यह उछाल सरकार द्वारा हाल ही में घरेलू गैस आवंटन (डोमेस्टिक गैस एलोकेशन) में कटौती के फैसले के बाद आया है, जिसकी वजह से कंपनी ने सीएनजी की कीमत बढ़ाने का निर्णय लिया.

सरकार के फैसले के बाद बढ़ी कीमतें
सरकार ने सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियों के लिए एडमिनिस्ट्रेटिव प्राइस मैकेनिज्म (APM) गैस आवंटन में 20% की कटौती की है. यह कटौती लगातार दूसरे महीने की गई है. जानकारों का मानना है कि यह कदम MGL और IGL जैसी कंपनियों की लाभप्रदता (प्रॉफिटेबिलिटी) पर असर डालेगा.

आने वाले समय में और बढ़ सकते हैं दाम
वर्तमान में सीएनजी की कीमत में 2 रुपये की वृद्धि करीब 2.6% की बढ़ोतरी है. विशेषज्ञों के मुताबिक, APM गैस आवंटन में कमी को पूरा करने के लिए सीएनजी की कीमतों में 8-10% तक की बढ़ोतरी करनी पड़ सकती है. संभावना है कि जल्द ही इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (IGL) भी कीमतों में इजाफा कर सकती है.

महंगाई से लड़ाई अभी नहीं हुई खत्म, क्या दिसंबर में कम होंगी ब्याज दरें? आरबीआई गवर्नर ने दिए संकेत

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भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) रेपो दरों में कटौती करे, फिलहाल इसकी कोई संभावना नहीं दिख रही है. आरबीआई के गवर्नर शक्तिकांत दास ने दोहराया है कि मुद्रास्फीति के खिलाफ केंद्रीय बैंक की लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है. उन्होंने संकेत दिया कि ब्याज दरें लंबे समय तक ऊंची बनी रह सकती हैं. दास ने ग्लोबल साउथ के केंद्रीय बैंकों के सम्मेलन में अपने भाषण में कहा कि हमारे द्वारा मुद्रास्फीति को लक्ष्य के अनुरूप लाने की प्रतिबद्धता पर जोर देने के साथ ही हम यह भी स्पष्ट रूप से कहते हैं कि केवल सहनशीलता सीमा के भीतर रहना पर्याप्त नहीं है. हमारा काम तब तक पूरा नहीं होता जब तक हम 4% के लक्ष्य को स्थायी रूप से प्राप्त नहीं कर लेते.

उन्होंने कहा, “मजबूत विकास ने हमें मुद्रास्फीति पर ध्यान केंद्रित करने की जगह दी है ताकि इसे 4% के लक्ष्य तक स्थायी रूप से लाया जा सके. स्थिर मुद्रास्फीति या मूल्य स्थिरता जनता और अर्थव्यवस्था के लिए सर्वोत्तम हित में है. यह सतत विकास की आधारशिला के रूप में कार्य करती है, लोगों की क्रय शक्ति को बढ़ाती है और निवेश के लिए एक स्थिर वातावरण प्रदान करती है.”

वित्त मंत्री ने दरों को कम करने पर दिया जोर
गवर्नर का यह भाषण ऐसे समय आया है जब केंद्रीय वाणिज्य मंत्री और वित्त मंत्री दोनों ने हाल ही में कम मुद्रास्फीति के लिए जोर दिया है. वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने कहा था कि आरबीआई को खाद्य मूल्य मुद्रास्फीति को नजरअंदाज करना चाहिए क्योंकि यह मांग और आपूर्ति का मुद्दा है, जबकि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने निजी निवेश को बढ़ावा देने के लिए बैंकों से ब्याज दरों में कमी की मांग की थी.

क्या दिसंबर में कम होगी लोन EMI?
आरबीआई ने फरवरी 2023 से रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया है. मई 2023 से ब्याज दरों में कोई कटौती देखने को नहीं मिली है. महंगाई की दर आरबीआई के टॉलरेंस लेवल से ऊपर यानी 6 फीसदी से ज्यादा हो गई है. ऐसे में दिसंबर के महीने में आरबीआई माॅनिटरी पाॅलिसी कमिटी (एमपीसी) द्वारा रेपो रेट में कटौती करने की संभावना न के बराबर है. ऐसे में लोन पर ब्याज दर कम नहीं होने वालें हैं और ईएमआई दरों पर भी आम आदमी को राहत मिलने की उम्मीद कम है.