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छत्तीसगढ़ में टैक्स फ्री हुई द साबरमती रिपोर्ट, सीएम साय बोले- सच्चाई को उजागर करती है फिल्म

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मध्य प्रदेश के बाद छत्तीसगढ़ सरकार ने भी गुजरात के गोधरा कांड पर बनी फिल्म द साबरमती रिपोर्ट (The Sabarmati Report) को राज्य में टैक्स-फ्री कर दिया है. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि हमारी सरकार ने ‘द साबरमती रिपोर्ट’ फिल्म को छत्तीसगढ़ में टैक्स फ्री करने का निर्णय लिया है. यह फिल्म इतिहास के उस भयावह सत्य को उजागर करने का अत्यंत सराहनीय और प्रभावशाली प्रयास है जिसे निहित स्वार्थ के लिए छुपाने का प्रयास किया गया था. यह फिल्म तात्कालिक सिस्टम की उस सच्चाई को उजागर करती है, जो झूठे नरेटिव फैलाकर सत्य को दबाने का निंदित प्रयास करती थी.

सीएम विष्णु देव साय ने कहा कि फिल्म दर्दनाक घटना को संवेदनशीलता के साथ प्रस्तुत करती है. यह फिल्म इसलिए भी देखी जानी चाहिए क्योंकि अतीत का अध्ययन ही हमें वर्तमान और भविष्य के बारे में बेहतर मार्गदर्शन दे सकता है. द साबरमती रिपोर्ट फिल्म को टैक्स-फ्री करने से पहले सीएम साय एक दिवसीय दौरे पर दंतेवाड़ा भी पहुंचे. उन्होंने यहां माता दंतेश्वरी का दर्शन किया और देश प्रदेश की खुश हाली की कामना की. इसके पश्चात उन्होंने सर्किट हाउस में मीडिया से चर्चा की.

सरकार नक्सलवाद छोड़ने वालों के साथ न्याय करेगी- सीएम साय
इस मौके पर सीएम साय ने कहा कि नक्सलवाद के खिलाफ हमारी सरकार और जवान जिस मजबूती के साथ 11 माह से लड़ रहे हैं उसकी तारीफ पूरे देश में हो रही है. 11 महीने में 200 नक्सली मारे भी गए और 1500 के करीब आत्म समर्पण और गिरफ्तारियां भी हुईं. हम लोग नक्सलियों से आह्वान भी कर रहे हैं कि वे सब गोली बारूद की भाषा को छोड़कर विकास की मुख्य धारा से जुड़ें. सरकार उनके साथ न्याय करेगी.

फिल्म से इतिहास नहीं बदला जा सकता- दीपक बैज
दूसरी ओर, द साबरमती रिपोर्ट फिल्म को टैक्स फ्री करने पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि इतिहास को फिल्म देखकर बदला नहीं जा सकता. उसे कर्म करके बदला जा सकता है. इसलिए हमें कर्म के रास्ते पर चलना चाहिए. सरकार फिल्म के आधार पर इतिहास बदलना चाहती है, यह दुर्भाग्यपूर्ण है.

क्‍या निर्मला सीतारमण और पीयूष गोयल की बात सुनेगा आरबीआई

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भारत में रेपो रेट लंबे समय से 6.5 फीसदी पर बना हुआ है. इस वजह से होम लोन, कार लोन सहित लगभग सभी ऋणों पर लोगों को ज्‍यादा ब्‍याज भरना पड़ रहा है. ब्‍याज दरें ऊंची हैं और ये कम होनी चाहिए, ऐसा अब वित्‍त मंत्री निर्मला सीतारमण का भी मानना है. केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल भी ब्‍याज दरों में कटौती की मांग कर चुके हैं. ऐसे में सबके मन में यह सवाल है कि क्‍या अगली मौद्रिक नीति समिति (MPC) में भारतीय रिजर्व बैंक रेपो रेट में कटौती करेगा?

दो प्रभावशाली केंद्रीय मंत्रियों के ब्‍याज दरों में कटौती करने की वकालत करने के बाद भले ही ब्‍याज दरें घटाने का दबाव आरबीआई पर बना हो, पर वह अभी आम आदमी को कोई राहत देगा, ऐसा विशेषज्ञों को नहीं लगता है. उनका कहना है कि पहले महंगाई दर के ताजा आंकड़े केंद्रीय बैंक की सहनशीलता सीमा से बाहर हो गए हैं. ऐसे में आरबीआई ब्याज दरें कम नहीं करेगा क्‍योंकि उसकी प्राथमिकता महंगाई को काबू में रखना है.

सरकार-आरबीआई के अपने-अपने लक्ष्‍य
टाइम्‍स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक, बैंक ऑफ बड़ौदा के मुख्य अर्थशास्त्री मदन सबनवीस का कहना है कि सरकार और भारतीय रिजर्व बैंक अपने-अपने लक्ष्यों पर काम कर रहे हैं. सरकार मानती है कि कम ब्याज दरें निवेश और खपत को बढ़ावा दे सकती हैं, जबकि आरबीआई की प्राथमिकता महंगाई पर नियंत्रण रखना है. महंगाई दर मौजूदा समय में केंद्रीय बैंक की सहनशीलता सीमा से बाहर है और मौद्रिक नीति समिति इस पहलू को अपने दर निर्धारण में प्रमुखता देगी.

सबनवीस ने यह भी कहा कि कम ब्याज दरें सैद्धांतिक रूप से खपत और निवेश को प्रोत्साहित करती हैं, लेकिन वास्तविकता में यह हमेशा सच नहीं होता. उन्होंने कहा, “खपत खर्च मुख्य रूप से आय स्तर पर निर्भर करता है, और उधारी इसका केवल मामूली समर्थन करती है. इसी तरह, निवेश निर्णय मुख्य रूप से क्षमता उपयोग और बाजार स्थितियों से प्रेरित होते हैं.”

अगले साल ब्‍याज दरों में कटौती की संभव
डीबीएस बैंक की वरिष्ठ अर्थशास्त्री राधिका राव का कहना है कि महंगाई में बढ़ोतरी के पीछे कई कारण हैं. आपूर्ति में बाधाओं के कम होने से महंगाई लक्ष्यों के करीब आ सकती है. इसके चलते 2025 की शुरुआत में दर कटौती के लिए सीमित मौका हो सकता है. उन्होंने कहा, “हम उम्मीद करते हैं कि फरवरी 2025 से दर कटौती शुरू होगी, लेकिन 2025 के अंत तक कटौती की कुल मात्रा 75 बेसिस प्वाइंट तक ही हो सकती है.”

राव ने कहा कि असमय भारी बारिश और ऑयल सीड पर आयात कर में वृद्धि ने भी कीमतें बढ़ाई हैं. इसके परिणामस्वरूप Q3FY25 की तिमाही में महंगाई दर आरबीआई के अनुमान 4.8% की तुलना में 5% तक पहुंच सकती है.

PM मोदी इस देश की यात्रा पर पहुंचे, स्‍वागत करने राष्‍ट्रपति से लेकर पूरी कैबिनेट एयरपोर्ट पर उतर आई

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को कैरेबिया देश गुयाना पहुंचे. जैसे ही उनका विमान गुयाना के अंतरराष्‍ट्रीय अवाई अड्डे पर उतरा, वहां के राष्‍ट्रपति से लेकर पूरी कैबिनेट तक पीएम मोदी के स्‍वागत के लिए तैयार खड़ी नजर आई. पीएम मोदी भी इस तरह का आदर और सत्कार देखकर गदगद नजर आए. गुयाना पीएम मोदी को अपना सर्वोच्‍च नागरिक सम्‍मान भी देने जा रहा है. अबतक पीएम मोदी को कुल 19 देश अंतरराष्‍ट्रीय स्‍तर पर इस तरह का सम्‍मान दे चुके हैं.

पीएम मोदी 56 साल में गुयाना की यात्रा करने वाले पहले भारतीय पीएम हैं. जिसके चलते एक अभूतपूर्व कदम उठाते हुए, राष्ट्रपति इरफान अली और एक दर्जन से ज्‍यादा कैबिनेट मंत्रियों ने एयरपोर्ट पर उनका स्वागत किया। पीएम मोदी का गुयाना के राष्ट्रपति, ग्रेनेडा के पीएम, बारबाडोस के पीएम ने होटल में भी स्वागत किया. पीएम ने एक्‍स पर लिखा, ‘कुछ समय पहले ही गुयाना पहुंचा हूं. राष्ट्रपति डॉ. इरफान अली, प्रधानमंत्री मार्क एंथनी फिलिप्स, वरिष्ठ मंत्रियों और अन्य गणमान्य व्यक्तियों का हवाई अड्डे पर स्वागत करने के लिए आभार. मुझे विश्वास है कि यह यात्रा हमारे देशों के बीच मित्रता को और मजबूत करेगी.’

गुयाना के अलावा बारबाडोस भी प्रधानमंत्री मोदी को अपना सर्वोच्च नागरिक अवॉर्ड प्रदान करेंगे. इससे पहले डोमिनिका ने भी कुछ दिन पहले प्रधानमंत्री मोदी के लिए अपने सर्वोच्च अवॉर्ड की घोषणा की थी. गुयाना के प्रधानमंत्री पीएम नरेन्द्र मोदी को अपना सर्वोच्च राष्ट्रीय अवॉर्ड, “द ऑर्डर ऑफ एक्सीलेंस” प्रदान करेंगे. इसी तर्ज पर बारबाडोस भी पीएम नरेन्द्र मोदी को बारबाडोस के प्रतिष्ठित ऑर्डर ऑफ फ्रीडम से सम्मानित करेगा.

आपका वोटर ID कार्ड कौन चेक कर सकता है, क्या पुलिसवाले बुर्का हटाकर कर सकते हैं चेकिंग? जान लीजिए नियम

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उत्तर प्रदेश उपचुनाव में 9 विधानसभा सीटों पर आज यानी 20 नवंबर को वोटिंग हो रही है. मगर बुर्का-हिजाब, नकाब और घूंघट को लेकर वोटिंग से पहले बवाल मच गया है. अखिलेश यादव की समाजवादी पार्टी और भाजपा आमने-सामने हो गई है. एक ओर समाजवादी पार्टी ने मुस्लिम महिलाओं की बुर्का हटाकर चेकिंग न किए जाने की मांग की है तो वहीं दूसरी ओर भाजपा के गिरिराज सिंह ने कहा कि वोटिंग करने वाले हर मतदाता की पहचान होनी ही चाहिए. अब यह मामला चुनाव आयोग के पास पहुंच चुका है. यहां ध्यान देने वाली बात है कि राज्य की 9 विधानसभा सीटों पर सुबह सात बजे से ही वोटिंग जारी है.

दरअसल, अखिलेश यादव की समाजवादी पार्टी चुनाव आयोग के द्वार पहुंच गई है. समाजवादी पार्टी ने चुनाव आयोग को चिट्ठी लिख मांग की है कि बुर्का हटाकर मुस्लिम महिलाओं की चेकिंग न की जाए. इसमें कहा गया है कि अगर मुस्लिम महिलाएं बुर्का पहनकर वोटिंग करने जाती हैं तो पुलिसकर्मी उनकी बुर्का हटाकर चेकिंग न करे. समाजवादी पार्टी का कहना है कि वोटिंग के दौरान पुलिस के पास वोटर का पहचान पत्र जांच करने का अधिकार न हो. ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर एक वोटर का आईडी कार्ड कौन चेक कर सकता है? क्या महिलाओं के बुर्का पुलिसवाले हटवा सकते हैं? इसे लेकर चुनाव आयोग का नियम क्या कहता है?

क्या कहता है चुनाव आयोग का नियम
चुनाव आयोग के नियम के मुताबिक, वोटिंग से पहले हर मतदाता का वेरिफिकेशन जरूरी है. फर्जी वोटिंग से बचने के लिए हर वोटर की पक्की पहचान सुनिश्चित होने के बाद ही उसे वोट डालने दिया जाता है. चुनाव आयोग की ओर से नियुक्त निर्वाचन अधिकारी वोटर का आईडी कार्ड देखकर पहचान सुनिश्चित करते हैं. चुनाव आयोग का नियम यही है कि आपके वोटर आईडी कार्ड केवल निर्वाचन अधिकारी या पीठासीन अधिकारी ही चेक कर सकते हैं. हालांकि, संदिग्ध परिस्थितियों में पुलिस या फिर सुरक्षाकर्मी भी वोटर का आईडी कार्ड चेक कर सकता है.

पोलिंग एजेंट कर सकते हैं चेक?
बूथ पर मौजूद अलग-अलग राजनीतिक पार्टियों के पोलिंग एजेंट भी किसी वोटर का आईडी कार्ड नहीं चेक कर सकते हैं. हालांकि, यह जरूर है कि शक होने पर वह निर्वाचन अधिकारी से कहकर या सवाल उठाकर वोटर आईडी कार्ड चेक जरूर करवा सकता है. पोलिंग एजेंट मतदान में फर्जीवाड़े को रोकने या अलर्ट करने के लिए ही होते हैं. पुलिस या सुरक्षाकर्मी भी वोटर का आईडी कार्ड नहीं चेक कर सकते हैं. वे भी केवल संदेह होने पर ही सुरक्षा के लिहाज से चेक कर सकते हैं.

पुलिसवाले नहीं कर सकते है वोटर कार्ड चेक
हालांकि, चुनाव आयोग ने दिशानिर्देश जारी कर स्थिति साफ कर दी है. यूपी निर्वाचन आयोग के अफसरों ने साफ-साफ कहा है कि पुलिसकर्मी या सुरक्षाकर्मी का काम केवल सुरक्षा-व्यवस्था और शांति व्यवस्था देखना होता है. वे किसी भी वोटर का आईडी कार्ड चेक नहीं कर सकते हैं. पुलिसवाले किसी महिला का बुर्का हटाकर भी चेहरे का वोटर आईडी कार्ड से मिलान नहीं कर सकते हैं. पुलिसवाले या सुरक्षाकर्मी पहचान पत्र भी चेक नहीं कर सकते हैं. किसी भी वोटर के पहचान पत्र की चेकिंग का अधिकार केवल पोलिंग अफसर के पास ही होता है. पोलिंग स्टाफ या पीठासीन अधिकारी ही वोटर कार्ड चेक कर सकते हैं.

बुर्का हटाकर महिला वोटर की हो सकती है चेकिंग?
अब सवाल है कि क्या बुर्का हटाकर मुस्लिम महिला की चेकिंग हो सकती है? तो इसका सीधा जवाब है कि हां. किसी भी फर्जीवाड़े को रोकने के लिए या संदेह की स्थिति में पोलिंग अफसर बुर्का हटाकर भी चेहरा चेक कर सकते हैं. हालांकि, इसके लिए महिला पोलिंग स्टाफ का होना अनिवार्य है. साथ ही धार्मिक संवेदनशीलता और गोपनीयता का भी ख्याल रखना होता है. मगर यह बात तो तय है कि पुलिसवाले या कोई सुरक्षाकर्मी किसी भी कीमत पर बुर्का हटाकर महिलाओं का चेहरा चेक नहीं कर सकते हैं.

जिला स्तरीय जन समस्या निवारण शिविर का ग्राम पंचायत तोयलंका में हुआ आयोजन’

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जिले के दूरस्थ अंतर्गत ग्रामीण अंचल ग्राम पंचायत तोयलंका में जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का शुभारंभ ग्राम पंचायत सरपंच, उपसरपंच, पंचगण एवं जनप्रतिनिधि सहित जिला स्तरीय अधिकारी व कर्मचारियों की उपस्थिति में हुआ। शिविर में जिला स्तरीय विभिन्न विभाग जैसे पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, कृषि विभाग, उद्यानिकी विभाग, महिला में बाल विकास विभाग, क्रेडा विभाग, शिक्षा विभाग, आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विभाग, खाद्य विभाग, श्रम विभाग, जिला सहकारी समिति समाज कल्याण विभाग, राजस्व विभाग, खनिज विभाग, रेशम विभाग, अग्रणी बैंक एवं स्वास्थ्य विभाग के द्वारा अपना-अपना स्टॉल लगाकर शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के बारे में शिविर स्थल में आए ग्रामीण को अवगत कराया।
शिविर स्थल में लगभग 200 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए, जिसका कुछ प्रकरणों का तुरंत निदान किया गया और बाकी प्रकरणों को संबंधित विभाग के माध्यम से निराकरण हेतु संबंधित विभाग को दिया गया है। शिविर दूरस्थ एवं पहुंच विहीन अंचल में होने के कारण ग्रामीण जनों के लिए काफी फायदेमंद रहा, ग्रामीण जन इस जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर का लाभ लेकर विभिन्न विभाग के योजनाओ का लाभ लिए। जिला प्रशासन का यह अभिनव पहल ग्राम के हर एक व्यक्ति के लिए लाभप्रद साबित हो रहा है। शिविर में जनपद पंचायत सीईओ श्री पंकज अंगारे जी एवं जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।

जिला विकास समन्वय एवं मूल्यांकन समिति की बैठक 21 नवम्बर को

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जिला विकास समन्वय एवं मूल्यांकन समिति (दिशा) की बैठक आगामी 21 नवंबर 2024 को आयोजित होगी। बैठक सांसद, लोकसभा क्षेत्र महासमुंद रूपकुमारी चौधरी की अध्यक्षता में संपन्न होगी। बैठक का आयोजन जिला पंचायत के सभाकक्ष में किया जाएगा। कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने सभी संबंधित सदस्यों को बैठक में उपस्थित रहने का आग्रह किया है।

छत्तीसगढ़ पंचायत निर्वाचन निर्वाचक नामावली तैयार करने संशोधित कार्यक्रम जारी

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छत्तीसगढ़ पंचायत निर्वाचन नियम 1995 में हुए संशोधनों के परिपेक्ष्य में 01 अक्टूबर 2024 की अर्हता तिथि के आधार पर ग्राम पंचायतों के फोटोयुक्त निर्वाचक नामावली तैयार करने के लिए संशोधित कार्यक्रम जारी किया गया है, जिसके अनुसार जनपद पंचायत बेमेतरा, साजा, बेरला एवं नवागढ़ अंतर्गत सभी ग्राम पंचायतों में 14 नवम्बर से 20 नवम्बर 2024 तक पुनः दावा आपत्ति ली जायेगी।

संशोधित कार्यक्रम अनुसार जिले के जनपद पंचायत बेमेतरा ,साजा, बेरला एवं नवागढ़ के सभी ग्राम पंचायतों में 01 अक्टूबर 2024 की अर्हता तिथि के आधार पर निर्धारित प्रपत्र में दावा आपत्ति प्राप्त करने का कार्य विहित स्थानों में नियुक्त प्राधिकृत कर्मचारियों द्वारा 14 नवम्बर से 20 नवम्बर 2024 अपरान्ह 03.00 बजे तक किया जायेगा। दावा आपत्तियों के निपटारे की अंतिम तिथि 25 नवम्बर 2024 तथा प्रारूप क-1 में रजिस्ट्रीकरण अधिकारी/सहायक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी को दावा प्रस्तुत 27 नवम्बर 2024 निर्धारित की गई है। निर्वाचक नामावली का अंतिम प्रकाशन 13 दिसम्बर 2024 को किया जायेगा।

बस्तर ओलंपिक 2024, खेलेगा बस्तर-बढ़ेगा बस्तर

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बस्तर संभाग जनजातीय बाहुल्य एवं नक्सल प्रभावित क्षेत्र है,यहां खेल क्षेत्र में अपार नैसर्गिक क्षमता विद्यमान है। इस क्षेत्र में शासन एवं जनता के मध्य मजबूत संबंध स्थापित कर यहां के युवाओं को मुख्य धारा से जोड़ने सहित उनके रचनात्मक एवं खेल प्रतिभा को पहचानकर खिलाड़ी के रूप में तैयार करने हेतु बस्तर ओलम्पिक 2024 आयोजन किया जा रहा है।

किसी भी खिलाडी को अपनी प्रतिभा को निखारने के लिए एक बेहतर मंच की हमेशा तलाश रहती है। मुख्यमंत्रीसाय सरकार ने बस्तर संभाग के अंदरूनी इलाकों के प्रतिभावान खिलाड़ियों को बस्तर ओलंपिक 2024 के रूप में एक अवसर दिया है जिसमें खिलाड़ी अपनी खेल प्रतिभा को निखारते हुए बड़े अवसर की ओर बढ़ सकते हैं। बस्तर ओलंपिक में अपनी खेल विधा में सहभागिता के लिए लगभग एक लाख 70 हजार से अधिक खिलाड़ियों ने पंजीयन करवाया है। ओलंपिक के पहला चरण विकासखंड स्तरीय खेल प्रतियोगिता का आयोजन संभाग के सभी जिलों में आयोजित किया जा रहा है। बस्तर ओलंपिक के खेल विधाएं में एथलेटिक्स,लंबी कूद, ऊंची कूद,शॉटपूट, डिस्कस थ्रो, जैवेलिन थ्रो, रिलेरेस, तीरंदाजी, कबड्डी, बैडमिन्टन, खो-खो, फुटबॉल, वालीबॉल, रस्साकसी, कराटे जैसी विधा शामिल हैं। वहीं सुविधाओं की उपलब्धता के दृष्टिकोण से केवल जिला स्तर पर हॉकी एवं वेटलिफ्टिंग की स्पर्धा हो रही है। बस्तर ओलंपिक का आयोजन विकासखण्ड स्तर, जिला स्तर और संभाग स्तर पर किया जाएगा।

मतदाता फोटो पहचान पत्र के अतिरिक्त वैकल्पिक फोटोयुक्त दस्तावेज दिखाकर भी कर सकते हैं मतदान

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मतदान के लिए वोटर मतदाता फोटो पहचान पत्र के अतिरिक्त वैकल्पिक फोटोयुक्त दस्तावेज दिखाकर भी मतदान कर सकते हैं। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा सभी मतदाताओं को निर्वाचक फोटो पहचान पत्र जारी किए गए हैं। आयोग सभी मतदाताओं से अपेक्षा करता है कि वे मतदान स्थल पर अपना मत देने से पहले अपनी पहचान सुनिश्चित करने के लिए आयोग की ओर से जारी निर्वाचक फोटो पहचान पत्र दिखाएंगे।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि यदि कोई निर्वाचक फोटो पहचान पत्र नहीं दिखा पाता है तो भारत निर्वाचन आयोग द्वारा उनके लिए वैकल्पिक दस्तावेज भी अनुमत किए गए हैं। ऐसे निर्वाचक जो अपना निर्वाचक फोटो पहचान पत्र प्रस्तुत नहीं कर पाते हैं, उन्हें अपनी पहचान स्थापित करने के लिए वैकल्पिक फोटो पहचान दस्तावेजों यथा आधार कार्ड, मनरेगा जॉब कार्ड, बैंकों/डाकघरों द्वारा जारी फोटोयुक्त पासबुक, श्रम मंत्रालय द्वारा स्वास्थ्य बीमा स्कीम के तहत जारी स्मार्ट कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड, रजिस्टार जनरल ऑफ इंडिया (RGI) द्वारा नेशनल पापुलेशन रजिस्टर (NPR) के अंतर्गत जारी स्मार्ट कार्ड, भारतीय पासपोर्ट, फोटोयुक्त पेंशन दस्तावेज, केंद्र/राज्य सरकार/लोक उपक्रम/पब्लिक लिमिटेड कंपनियों द्वारा अपने कर्मचारियों को जारी किया गया फोटोयुक्त सेवा पहचान पत्र, सांसदों/विधायकों/विधान परिषद सदस्यों को जारी किया गया सरकारी पहचान पत्र तथा भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा दिव्यांगजनों को जारी यूनिक डिसएबिलिटी आईडी (यूडीआईडी) कार्ड दिखाकर मतदान कर सकते हैं।

अक्टूबर 2024 की अर्हता तिथि के आधार पर फोटोयुक्त निर्वाचक नामावली की जाएगी तैयार

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छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा पूर्व में जारी आदेश में संशोधन किया गया है जिसके तहत् अर्हता तिथि अनुसार मतदाता सूची में नाम शामिल करने, हटाने तथा अद्यतन करने का कार्य किया जा सकेगा। नगरीय निकाय हेतु मतदाता सूची का प्रारंभिक प्रकाशन 16 अक्टूबर 2024 को किया जा चुका हैं। अब नवीन संशोधित जारी कार्यक्रम अनुसार दावे तथा आपत्तियां प्राप्त करना बुधवार 13 नवम्बर 2024 से तथा दावा/आपत्तियां प्राप्त करने की अंतिम तारीख व समय बुधवार 20 नवम्बर 2024 को दोपहर 3 बजे तक एवं दावा/आपत्तियों को निपटारे की अंतिम तारीख बुधवार 24 नवम्बर 2024 निर्धारित किया गया है।

इसी प्रकार प्ररूप क-1 में रजिस्ट्रीकरण अधिकारी/सहायक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी को दावा प्रस्तुत करने की अंतिम तिथि बुधवार 27 नवम्बर 2024, प्ररूप क-1 में प्राप्त दावा का निराकरण करने की अंतिम तिथि शनिवार 30 नवम्बर 2024 तथा दावे/आपत्तियों के निराकरण आदेश के विरूद्ध अपील करने की अंतिम तारीख निराकरण आदेश पारित होने के 05 दिवस के भीतर निर्धारित किया गया है।

छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव ने बताया कि यदि किसी मतदाता के नाम, फोटो या अन्य विवरण में कोई त्रुटि हो तो उसे समय रहते सुधरवा सकते हैं। उन्होंने बताया कि अब नवीन अर्हता तिथि अनुसार हर योग्य व्यक्ति को मतदान का अधिकार मिल सकेगा तथा चुनाव निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संपन्न होगा।