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मुद्रण कार्य हेतु 20 नवम्बर तक निविदा आमंत्रित

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छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से जिला बस्तर में वर्ष 2024-25 में होने वाले नगरीय निकाय (नगरपालिका) एवं पंचायत चुनावों के लिए मतपत्रों के मुद्रण हेतु मुहरबंद निविदाएं 20 नवम्बर तक आमंत्रित किए गए हैं।

कार्यालय कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी (स्थानीय निर्वाचन शाखा) से प्राप्त जानकारी अनुसार निविदा फार्म जिसका कि मूल्य 100 रूपए है कलेक्टर कार्यालय स्थानीय निर्वाचन शाखा जगदलपुर से प्राप्त किया जा सकता है। निर्धारित फार्म में भरी निविदाएं कलेक्टर कार्यालय में 20 नवम्बर 2024 को अपरान्ह 3 बजे तक प्राप्त की जाएगी और उसी दिन अपरान्ह 4 बजे उपस्थित निविदाकारों या उनके प्राधिकृत प्रतिनिधियों के समक्ष खोली जाएगी। मुद्रण के लिए कागज कलेक्टर द्वारा उपलब्ध कराए जाएंगे। निविदा से संबंधित विस्तृत जानकारी कलेक्टर कार्यालय में उप-जिला निर्वाचन अधिकारी (स्थानीय निर्वाचन नगरपालिका) जगदलपुर से सम्पर्क कर प्राप्त की जा सकती है।

अवैध रेत उत्खनन एवं परिवहन पर प्रशासन की कार्रवाई जारी, 4 हाइवा सहित 8 वाहन जब्त

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कलेक्टर दीपक सोनी के निर्देश पर अवैध रेत उत्खनन एवं परिवहन के मामलों में जिला प्रशासन की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी कड़ी में बुधवार को राजस्व एवं खनिज विभाग की टीम द्वारा अवैध रेत परिवहन करते 4 हाइवा सहित 8 वाहन ज़ब्त किया गया है।

जिला खनिज अधिकारी के. के. बंजारे ने बताया कि अनुभाग कसडोल अंतर्गत अनुविभागीय अधिकारी राजस्व आर. आर. दुबे के नेतृत्व में राजस्व की टीम ने बुधवार शाम को कसडोल क्षेत्र में अवैध रेत उत्खनन, परिवहन की जांच की गई।जांच के दौरान महानदी क्षेत्र में हो रहे अवैध उत्खनन में संलिप्त 4 हाइवा और 2 ट्रेक्टर जब्त किया गया। तहसील पलारी अंतर्गत ग्राम गिधपुरी क्षेत्र में खनिज विभाग की टीम की जाँच में अवैध रेत उत्खनन में संलिप्त 2 ट्रेक्टर जब्त कर वाहन नजदीकी थाना के सुपुर्दगी में रखा गया है। यह सभी कार्रवाई छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियम 2015 एवं एमएमडीआर एक्ट 1957 की धारा 21 से 23 के अंतर्गत किया गया है। इन वाहन मालिकों पर नियमानुसार जुर्माने की कार्रवाई की जा रही है।

ज्ञातव्य है कि राज्य शासन की मंशानुरूप अवैध रेत उत्खनन, परिवहन एवं भण्डारण पर जिला प्रशासन द्वारा कड़ी निगरानी की जा रही है। राजस्व एवं खनिज विभाग की टीम द्वारा अवैध रेत उत्खनन की जाँच की जा रही है।

रेरा द्वारा अधिनियम के प्रावधानों का पालन में चूक करने वाले 412 बिल्डर्स को नोटिस जारी

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छत्तीसगढ़ भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण (रेरा) द्वारा अधिनियम के प्रावधानों का पालन में चूक करने वाले 412 बिल्डर्स को नोटिस जारी किया गया है। संबंधित बिल्डर्स द्वारा समय पर त्रैमासिक रिपोर्ट, वार्षिक लेखा परीक्षण रिपोर्ट, प्रस्तुत नहीं किया गया है। कुछ प्रोजेक्ट्स निर्धारित समयावधि के बाद भी पूर्ण नहीं हुए है उन्हें भी नोटिस दिया गया है। 15 दिवस के भीतर ऑनलाइन जानकारी अपडेट करने तथा प्रोजेक्ट अपूर्ण होने की स्थिति में कारण बताते हुए समय विस्तारण हेतु आवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश जारी किये गये हैं। 15 दिवस के भीतर निर्देशों का पालन नहीं करने की स्थिति में रेरा द्वारा संबंधित बिल्डर्स/प्रमोटर के विरूद्ध प्रकरण दर्ज करते हुए कार्यवाही की जाएगी।

मुख्यमंत्री साय की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ खनिज विकास निधि सलाहकार समिति की 20 वीं बैठक सम्पन्न

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मुख्यमंत्री साय की अध्यक्षता में आज उनके निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़ खनिज विकास निधि सलाहकार समिति की 20वीं बैठक आयोजित हुई। बैठक में विभिन्न खनिज परियोजनाओं एवं अधोसंरचना हेतु राशि स्वीकृत की गई। बैठक में मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के सचिव द्वय श्री पी. दयानंद, श्री राहुल भगत, सचिव वित्त श्रीमती शारदा वर्मा, संचालक खनिज श्री सुनील जैन, संयुक्त संचालक खनिज श्री अनुराग दीवान एवं खनिज संचालनालय के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री साय ने बैठक में अधिकारियों से खनिज विकास निधि सलाहकार समिति के पूर्व निर्णय सहित राशि के उपयोग के संबंध में जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने निधि में उपलब्ध राशि को दृष्टिगत रखते हुए प्रदेश में वृहद अधोसंरचना निर्माण की परिकल्पना पर विचार किए जाने के निर्देश दिए।

बैठक में चर्चा उपरांत छत्तीसगढ़ रेलवे कॉरपोरेशन को डोंगरगढ़-कबीरधाम-मुंगेली-कटघोरा रेलमार्ग हेतु भू-अर्जन एवं प्रारंभिक निर्माण कार्य के लिए 300 करोड़ रुपए की राशि दिए जाने की स्वीकृति प्रदान की गई। संचालनालय भौमिकी एवं खनिकर्म के खनिज अन्वेषण, खनिज ब्लॉक नीलामी, खानों के आईटी आधारित नियमन हेतु 83 करोड़ रुपए राशि की स्वीकृति प्रदान की गई।

बैठक में राज्य में खनिज राजस्व में और वृद्धि की संभावनाओं के अध्ययन कार्यवाही तथा खनन क्षेत्र में सुधार हेतु विशेषज्ञ संस्थाओं की सेवाएं लेने हेतु 20 करोड़ रुपए के अतिरिक्त राशि दिए जाने का निर्णय लिया गया।

गौरतलब है कि खनिज विभाग द्वारा प्रतिवर्ष प्राप्त होने वाले कुल खनिज राजस्व की 5% राशि खनिज विकास निधि मद अंतर्गत आरक्षित रहती है। उक्त निधि से सलाहकार समिति के अनुशंसा अनुसार संचालनालय भौमिकी एवं खनिकर्म, सीएमडीसी, रेल एवं सड़क परिवहन तथा खनन क्षेत्र में आवश्यक अधोसंरचना निर्माण के लिए राशि प्रदान की जाती है।

भरतपुर लिंक कोर्ट में अपर कलेक्टर द्वारा प्रकरणों को सुना गया

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न्यायालय अपर कलेक्टर जिला एमसीबी के द्वारा लिंक कोर्ट भरतपुर के न्यायालयीन प्रकरणों व पुनरीक्षण प्रकरणों को सुना गया तथा आरबीसी 6-4 के तीन प्रकरणों को स्वीकृति दी गई। जिसमें आवेदक श्रीमती प्रेमवती पति सीधन सिंह, अयोध्या सिंह पिता जयनाथ सिंह तथा रामप्रसाद बैगा मृतिका रामवति के पति आ. मदौरे को स्वीकृति दी गई, इसके साथ आगामी माह से जिले में धान खरीदी के तैयारियों के संबंध में समीक्षा बैठक की गई। भरतपुर क्षेत्रांतर्गत आम जनताओं के द्वारा प्रस्तुत शिकायत तथा आवेदन पत्रों को सुना गया।

संपत्ति संबंधी धोखाधड़ी रोकने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम

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मुख्यमंत्री साय के पहल पर छत्तीसगढ़ शासन द्वारा जनता को ज्यादा से ज्यादा सहूलियतें देने तथा उन्हें लाभान्वित करने के लिए कई सुधार कार्य किये जा रहे हैं। इसी कड़ी में वित्त एवं पंजीयन मंत्री 963.*- ओपी चौधरी के निर्देश में रजिस्ट्री प्रक्रिया को पारदर्शी और जनता के लिए अधिक सुविधाजनक बनाने के उद्देश्य से ’सुगम ऐप’ का शुभारंभ किया गया है। इस ऐप को 21 अक्टूबर से लागू किया गया, जिसके बाद से राज्य में 1200 से अधिक रजिस्ट्री की जा चुकी हैं।
वित्त मंत्री ओ पी चौधरी ने बताया कि सरकार नागरिक सशक्तीकरण के लिए आगे भी रजिस्ट्री कार्य में अधिकाधिक टेक्नॉलाजिकल अनुप्रयोग तथा प्रक्रियागत सुधार की दिशा में प्रतिबद्ध है। सुगम ऐप संपत्ति संबंधी धोखाधड़ी रोकने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। प्रायः ऐसी शिकायतें आती है कि रजिस्ट्री के पश्चात एक सामान्य आदमी कई प्रकार से फर्जीवाड़ा का शिकार हो जाता है। रजिस्ट्री दस्तावेज में दिया गया सम्पत्ति विवरण तथा मौके की स्थिति में अंतर होता है। एक सम्पत्ति कई लोगों को बेच दी जाती है। जिस जमीन का रजिस्ट्री किया जाता है, वह जमीन वास्तव में अस्तित्व में नहीं होती। ऐसी घटनाएं भी प्रकाश में आती रहती है कि रोड, रास्ता, उद्यान आदि की जमीन बेच दिया गया है। मौके में जितनी जमीन उपलब्ध है, उससे अधिक रकबा बेच दिये जाने की घटनाएं भी होती रहती है। ऐसी घटनाओं से आपसी लड़ाई-झगड़े तथा कोर्ट-कचहरी के मुकदमेबाजी में वृद्धि होती है।
सुगम ऐप में पक्षकार को रजिस्ट्री के प्रकिया के दौरान अपना मोबाईल लेकर उस जगह में जाना होगा, जिस स्थान की रजिस्ट्री किया जा रहा है। उस स्थान में जाकर सुगम ऐप खोलकर ऐप में निर्देशित तीन कोणों अर्थात् सम्पत्ति के सामने, दाएं और बाएं से उस स्थान का फोटो लेना होगा। वह फोटो स्वतः ही रजिस्ट्रार के माड्यूल में ट्रांसफर हो जाएगा। उस स्थान की भौगोलिक स्थिति अर्थात् अक्षांश व देशांतर की स्थिति रजिस्ट्री पेपर में फोटो के साथ दर्ज हो जाएगी। इस प्रकार संपत्ति की वास्तविक भौगोलिक स्थिति का निर्देशांक रजिस्ट्री पेपर में स्थायी रूप से अंकित रहेगा, जिससे पक्षकार कभी भी उस स्थान पर जाकर संपत्ति की पहचान कर सकता है।
’सुगम ऐप’ के माध्यम से सरकार को राजस्व नुकसान पहुँचाने की घटनाओं को भी नियंत्रित किया जाएगा। सुगम ऐप के द्वारा इस प्रकार की घटनाओं पर विराम लगेगा। सुगम ऐप से संपत्ति की वास्तविक संरचना के संबंध में ज्ञात हो सकेगा, जिससे भवन, रोड, फैक्ट्री आदि संरचनाओं को छुपाया नहीं जा सकेगा तथा इसके कारण सरकार को होने वाले राजस्व अपवंचन को रोका जा सकेगा। इससे ऐसी घटनाओं के पता चलने के बाद पक्षकार रजिस्ट्री के बाद होने वाले परेशानियों से मुक्त हो सकेंगे।
क्रमांक-3511/सुनील त्रिपाठी

रायपुर नगर (दक्षिण) उप निर्वाचन-2024 : अब तक 16 अभ्यर्थियों ने जमा किए अपने नामांकन

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रायपुर नगर (दक्षिण) उप निर्वाचन-2024 अंतर्गत अभी तक सोलह उम्मीदवारों ने अपने नामांकन पत्र दाखिल किए हैं। आज 23 अक्टूबर को भारतीय जनता पार्टी से सुनील कुमार सोनी, इंडियन नेशनल कांग्रेस से आकाश शर्मा, शक्ति सेना (भारत देश) से सविता बंजारे, निर्दलीय शेख जैनब बेगम, हैदर भाटी, राधेश्वरी गायकवाड़ ने अपना नामनिर्देशन पत्र जमा किया।

उल्लेखनीय है कि रायपुर नगर (दक्षिण) उपनिर्वाचन 2024 के लिए उम्मीदवार 25 अक्टूबर 2024 तक अपना नामांकन दाखिल कर सकते हैं। शासकीय अवकाश दिवसों को छोड़कर कार्यालयीन दिवसों में प्रातः 11 बजे से दोपहर तीन बजे तक नामांकन दाखिल किया जा सकता है। प्राप्त नामांकन पत्रों की संवीक्षा 28 अक्टूबर को की जाएगी। उम्मीदवार 30 अक्टूबर तक अपना नामाकंन वापस ले सकेंगे।

मुख्यमंत्री साय इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर पहुंचे

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मुख्यमंत्री साय इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर पहुंचे

‘‘राष्ट्रीय किसान मेला एवं कृषि प्रदर्शनी’’ का करेंगे शुभारंभ

इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर द्वारा चार दिवसीय एग्री कार्नीवाल-2024 ‘‘राष्ट्रीय किसान मेला एवं कृषि प्रदर्शनी’’ का आयोजन 22 अक्टूबर से 25 अक्टूबर तक किया जा रहा है
उद्घाटन समारोह की अध्यक्षता प्रदेश के कृषि विकास एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी मंत्री rtfgvbरामविचार नेताम कर रहे हैं

विकसित भारत बनाने में किसानों का योगदान महत्वपूर्ण: मुख्यमंत्री साय

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मुख्यमंत्री साय ने कहा कि विकसित भारत बनाने में किसानों का महत्वपूर्ण योगदान है। खेती-किसानी को आधुनिक बनाने के साथ ही किसानों की आमदनी बढ़ाना छत्तीसगढ़ सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने किसानों से धान की खेती के साथ-साथ आमदनी बढ़ाने के लिए मत्स्य पालन, पशुपालन एवं उद्यानिकी फसलों के उत्पादन से जुड़ने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री साय आज राजधानी के इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित राष्ट्रीय कृषि मेले एवं प्रदर्शनी के शुभारंभ समारोह को सम्बोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में हमारी सरकार बनते ही हमने 13 लाख किसानों को धान के बकाये बोनस की राशि 3716 करोड़ रुपए अंतरित कर दी। हमने अपने वादे के अनुरूप 3100 रुपए प्रति क्विंटल धान का मूल्य दिया और 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान की खरीदी की। पिछले साल 145 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी की। समर्थन मूल्य पर धान खरीदी और राज्य सरकार द्वारा घोषित उपार्जन मूल्य तथा दो साल का बकाया बोनस के माध्यम से किसानों के खाते में लगभग 49 हजार करोड़ रुपए अंतरित किये हैं। उन्होंने कहा कि चालू खरीफ मौसम में अच्छी फसल को देखते हुए समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के लिए राज्य में बेहतर से बेहतर व्यवस्था की जाएगी। इस वर्ष 14 नवम्बर से धान खरीदी का काम शुरू होगा। इस साल भी रिकार्ड धान खरीदी का अनुमान है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि खेती-किसानी में युवाओं को जोड़कर इसे आधुनिक खेती की ओर आगे बढ़ाने के लिए आज कृषि मेले एवं उन्नत कृषि उपकरणों की प्रदर्शनी का आयोजन किया जा रहा है। कृषि क्षेत्र में नवीन तकनीकों के विकास एवं इसे किसानों तक पहुंचाने की दिशा में भी इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय का महत्वपूर्ण योगदान है। एग्रीकल्चर की पढ़ाई की सुविधा अधिकाधिक युवकों को मिले और प्रदेश की खेती और संवर सकें, इसके लिए हम लगातार काम कर रहे हैं।

कृषि मंत्री नेताम बताया कि कृषि में स्वरोजगार के लिए उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ फसल चक्र परिवर्तन, कृषि उत्पाद की पैकेजिंग एवं मार्केटिंग के लिए विशेष प्रयास की आवश्यकता है। बृजमोहन अग्रवाल, सांसद रायपुर ने बताया कि हमारे मुख्यमंत्री एवं कृषि मंत्री जी स्वयं कृषक हैं इसलिए छत्तीसगढ़ में कृषि के क्षेत्र में निरंतर उन्नति हो रही है। छत्तीसगढ़ शासन की योजनाओं के कारण वर्तमान में धान की खेती फायदे का सौदा है और फसल चक्र अपनाकर उद्यानिकी फसलों को शामिल कर कृषकों को आय बढ़ाने का सुझाव दिया।
कार्यक्रम में विधायक धरसींवा श्री अनुज शर्मा, विधायक दुर्ग गजेन्द्र यादव सहित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल, प्रबंध मण्डल के सदस्यगण, श्री विमल चावड़ा, श्री रामसुमन उइके एवं श्रीमती जानकी सत्यनारायण चन्द्रा उपस्थित थे।
उद्घाटन कार्यक्रम में 6 किसानों को मसूर की नई किस्म के मिनी किट प्रदान किये गये। एग्री कार्नीवाल में जॉब फेयर से चयनित 6 कृषि स्नातक विद्यार्थियों को भी विभिन्न कम्पनियों द्वारा आफर लेटर प्रदान किया गया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय की कॉफी टेबलबुक ‘‘अग्रसर’’ सहित अन्य कृषक उपयोगी प्रकाशनों का अतिथियों द्वारा विमोचन भी किया गया। कृषि स्टार्टअप के युवा उद्यमियों को अनुदान राशि का चेक भी प्रदान किया गया। एग्री कार्नीवाल में प्रदेश के विभिन्न जिलों से लगभग 4 हजार किसान भाई-बहनों एवं लगभग 1 हजार विद्यार्थियों ने प्रक्षेत्र भ्रमण एवं प्रदर्शनी द्वारा कृषि तकनीकों की जानकारी प्राप्त की।
इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में आयोजित चार दिवसीय एग्री कार्नीवाल-2024 ‘‘राष्ट्रीय किसान मेला एवं कृषि प्रदर्शनी’’ में दूसरे दिन आज 23 अक्टूबर को ‘‘छत्तीसगढ़ से कृषि उत्पादों के निर्यात’’ पर संगोष्ठी एवं ‘‘आधुनिक पादप प्रजनन तकनीक एवं डाटा एनालिसिस’’ पर कार्यशाला तथा ‘‘जैव विविधता पर प्रदर्शनी’’ एवं कार्यशाला का आयोजन किया गया।
‘‘आधुनिक पादप प्रजनन तकनीक एवं डाटा एनालिसिस’’ पर दो दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल द्वारा किया गया। इस कार्यशाला में विशिष्ट अतिथि के रूप में ईस्ट अफ्रीका अंतर्राष्ट्रीय राइस ब्रीडिंग प्रोगाम के कार्यक्रम प्रमुख डॉ. एस.के. कटियार, उपस्थित हैं। इसमें छत्तीसगढ़ एवं अन्य राज्यों के 211 वैज्ञानिकों एवं अनुसंधान कर्ताओं को मॉर्डन राइस ब्रीडिंग, स्पीड ब्रीडिंग, डेटा एनालिसिस पर जीवन्त प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है, जिससे भविष्य की आवश्यकतानुसार नयी फसलों, किस्मों का विकास संभव हो सकेगा। इस कार्यशाला में इंटरनेशनल राइस रिसर्च इंस्टीट्यूट, मनीला, फिलीपींस, घाना, ईस्ट अफ्रीका के अन्तर्राष्ट्रीय विशेषज्ञों द्वारा नवीन तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। एग्री कार्नीवाल-2024 ‘‘राष्ट्रीय किसान मेला एवं कृषि प्रदर्शनी’’ में ‘‘छत्तीसगढ़ से कृषि उत्पादों के निर्यात’’ पर एक दिवसीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें लगभग 400 उन्नतशील किसानों, युवा उद्यमियों, अनुसंधानकर्ताओं एवं विद्यार्थियों ने भाग लिया।
क्रमांक: 3510/ओम

नगरीय निकायों के निर्वाचन हेतु निर्वाचक नामावली तैयार करने संशोधित कार्यक्रम जारी

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छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयुक्त श्री अजय सिंह ने बताया कि आयोग द्वारा पूर्व में जारी नगर पालिका निर्वाचन नामावली पुनरीक्षण कार्यक्रम की तिथि में आंशिक संशोधन किया गया है। उन्होंने बताया कि कुछ जिलों द्वारा निर्वाचक नामावली के संबंध में दावा आपत्ति प्राप्ति की अंतिम तिथि बढ़ाने का अनुरोध किया गया था। जिलों से प्राप्त अनुरोध पर आयोग द्वारा विचार उपरांत पूर्व में दावा आपत्ति प्राप्त करने की निर्धारित अंतिम तिथि 23 अक्टूबर में 1 सप्ताह की वृद्धि की गई है।

राज्य निर्वाचन आयुक्त श्री अजय सिंह ने बताया कि जारी संशोधित कार्यक्रम के अनुसार अब दावे/आपत्तियां प्राप्त करने की अंतिम तारीख व समय 30 अक्टूबर 2024 बुधवार अपरान्ह 3 बजे तक तथा दावे/आपत्तियों के निपटारे की अंतिम तारीख शुक्रवार 8 नवंबर 2024 निर्धारित की गई है।

इसी तरह प्ररूप क-1 में रजिस्ट्रीकरण अधिकारी/सहायक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी को दावा प्रस्तुत करने की अंतिम तिथि शुक्रवार 08 नवम्बर 2024 तक तथा प्ररूप क-1 में प्राप्त दावा का निराक़रण करने की अंतिम तिथि मंगलवार 12 नवम्बर 2024 तक निर्धारित की गई है।

इसी तरह दावे/आपत्तियों के निराकरण आदेश के विरूद्ध अपील करने की अंतिम तारीख निराकरण आदेश पारित होने के 05 दिवस के भीतर तथा परिवर्धन, संशोधन, विलोपन के प्रकरणों की प्रविष्टि सॉफ्टवेयर में करना बुधवार 20 नवम्बर 2024 तक, चेकलिस्ट का निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारी द्वारा जांच करवाना तथा पी.डी.एफ. मुद्रण हेतु जिला कार्यालय को सौंपना शुक्रवार 22 नवम्बर 2024 तक एवं अनुपूरक सूची का मुद्रण कराना और अनुपूरक सूची को मूल सूची के साथ संलग्न करना सोमवार 25 नवम्बर 2024 तक निर्धारित किया गया है तथा निर्वाचक नामावली का अंतिम प्रकाशन बुधवार 27 नवम्बर 2024 को किया जाएगा।