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मीलॉर्ड नोट जलाने दें… जब पुल‍िस ने भरे कोर्ट में दी ऐसी दलील, जज से लेकर वकील ने पकड़ ल‍िया माथा

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बेंगलुरु. पुल‍िस ने कोर्ट में याच‍िका दाख‍िल करके नोट जलने की मांग की. पुलिस ने भरे कोर्ट में यह दलील दी क‍ि उन्‍हें अब इन नोटों की जरूरत नहीं है इसल‍िए इन्‍हें जलाने की मंजूरी दी जाए. पुलिस की यह दलील सुनकर शुरू में कोर्टरूम में जज से लेकर वकीलों का माथा ठनका. फ‍िर जैसे-जैसे पुल‍िस दी आगे दलील दी क‍ि यह पूरा माजरा क्‍या है? यह मामला बेंगलुरु का बताया जा रहा है, जहां पर पुल‍िस ने शहर में नोटबंदी से पहले एक मामले में 500 और 1000 के पुराने नोट जब्‍त क‍िए थे.

पुलिस का कहना है क‍ि वह इन पुराने नोटों को भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) को सौंपा और उन्हें बदलने की कोशिश की. हालांकि, आरबीआई ने इन पुराने नोटों को स्वीकार करने से मना कर दिया है. पुलिस के पास 1,000 और 500 रुपये के पुराने नोट अब बेकार हो गए हैं. ये नोट अब सिर्फ कागज के टुकड़े हैं. अलग-अलग मामलों में ये पुराने नोट मिले थे. नोटबंदी के बाद इनकी कीमत खत्म हो गई. नोटबंदी के बाद पुराने नोट बदलने के लिए समय दिया गया था, जो अब खत्म हो चुका है. इसलिए आरबीआई ने कहा कि ये पुराने नोट स्वीकार नहीं किए जा सकते.

पुराने नोटों का क्या होगा?
अब पुलिस के पास एक तरफ पुराने नोटों को बैंक में जमा करने का विकल्प नहीं है. दूसरी तरफ आरबीआई भी इन्हें स्वीकार नहीं कर रहा है. इसलिए पुलिस ने पुराने नोटों को जलाने का फैसला किया है और इसके लिए कोर्ट से अनुमति मांगी है. अगर कोर्ट इजाजत दे तो पुलिस इन पुराने नोटों को नष्ट कर देगी.

क्‍या है पूरा मामला?
बेंगलुरु में टेलीग्राम ऐप पर पार्टटाइम नौकरी का झांसा देकर एक युवक से 2.58 लाख रुपये ठगे गए थे. परप्पा के अग्रहारा पुलिस स्टेशन में इस मामले की शिकायत दर्ज कराई गई थी. यह मामला नई सड़क निवासी ए.बी चरण कुमार ने दर्ज कराया था. उसका आरोप था क‍ि एक अज्ञात व्यक्ति ने उसे टेलीग्राम ऐप के जर‍िए नौकरी का मैसेज क‍िया. इस मामले में दिलचस्पी दिखाने वाले चरणकुमार ने शुरुआत में जालसाजों को कुछ पैसे दिए थे. बाद में उसने मुनाफे के साथ और पैसे लौटा दिए. पुलिस ने बताया कि जालसाजों ने उन्हें लालच दिया कि अगर वे ज्यादा पैसा लगाएंगे तो उन्हें ज्यादा फायदा होगा

कि उसके साथ धोखाधड़ी हुई है और उसने शिकायत दर्ज कराई. पुलिस ने बताया कि सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम और धोखाधड़ी के आरोप के तहत मामला दर्ज किया. इस मामले में ही पुल‍िस ने आरोप‍ियों को पकड़ने के बाद यह पैसे बरामद क‍िए थे.

बम-बम हुई कांग्रेस, लेकिन दिल्ली में केजरीवाल के खिल गए चेहरे

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हरियाणा और जम्मू-कश्मीर के एग्जिट पोल के नतीजों से आम आदमी पार्टी काफी उत्साहित नजर आ रही है. आम आदमी पार्टी के नेता खासकर अरविंद केजरीवाल काफी खुश नजर आ रहे हैं. केजरीवाल इतने उत्साह में आ गए हैं कि जनता के बीच हाथ मिलाते ही पूछते हैं कि कल टीवी देखा? भाषण शुरू करने के साथ ही लोगों से पूछते हैं कि कल टीवी देखा? जनता की तरफ से जवाब आता है हां देखा, तो केजरीवाल कहते हैं, ‘हां मैंने भी देखी. बीजेपी का डबल इंजन अब हर जगह फेल हो रहा है. हरियाणा में भी फेल, जम्मू- कश्मीर में भी फेल, झारखंड और महाराष्ट्र में भी फेल होगा और दिल्ली में तो…’ यानी अरविंद केजरीवाल की खुद की पार्टी की हरियाणा में डब्बो गोल हो गया फिर क्यों खुश हैं?

इसमें कोई दो राय नहीं है कि हरियाणा में कांग्रेस की जीत के बाद अरविंद केजरीवाल सहित पार्टी के सभी नेताओं के चेहरे पर रौनक लौट आई है. इसके राजनीतिक मायने भी हैं. क्योंकि, दिल्ली में इस साल के आखिर में या फिर मार्च 2025 तक चुनाव होने वाले हैं. हरियाणा के चुनाव परिणाम दिल्ली को इसलिए बाधित कर सकता है कि क्योंकि एक तो यह हरियाणा सट हुआ है. दूसरा, हरियाणा की तरह दिल्ली में जाट और दलित वोटरों की अच्छी खासी आबादी है. इसके बारे में कहा जाता है कि जाट और दलित का एक बड़ा तबका हरियाणा में बीजेपी से छिटकता जा रहा है.

केजरी पॉलिटिक्स का नया अवतार
आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल जेल से निकलने के बाद लगातार अपने उम्मीदवारों के लिए प्रचार करते नजर आए. शुरुआत में ये खबर आई कि राहुल गांधी चाहते हैं कि हरियाणा में आम आदमी पार्टी और कांग्रेस मिलकर चुनाव लड़े ताकि मध्य प्रदेश वाली स्थिति से बचा जाए. लेकिन, दोनों में बात नहीं बन पाई. कहा जा रहा है कि आम आदमी 5-7 सीट पर तैयार नहीं थी. आप की मांग थी कम से कम 12-15 सीटों पर चुनाव लड़ने की.

बीजेपी हारी इसकी ज्यादा खुशी-केजरीवाल
अगर चुनाव परिणाम एक्जिट पोल के हिसाब से आते हैं तो आम आदमी पार्टी के कम से कम 60-70 उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो सकती है. क्योंकि इस बार सीधा मुकाबला बीजेपी औऱ कांग्रेस के बीच हुई है. जो भी दलें इसके आलावा चुनाव लड़ी है, वह वोट कटवा साबित हुई हैं. आम आदमी पार्टी इस बार हरियाणा की सभी 90 सीटों पर अकेले अपने दम पर चुनाव लड़ी थी. पार्टी ने सभी सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे थे. हालांकि. साल 2019 में पार्टी ने 46 सीटों पर चुनाव लड़ी थी, लेकिन एक भी सीट हासिल कर नहीं सकी.

अंदर काम कर रहे थे मजदूर, और कर दिया धमाका…..बीरभूम कोयला खदान ब्‍लास्‍ट

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पश्चिम बंगाल. बीरभूम के लोकपुर में वदुलिया कोयला खदान में विस्फोट से 7 मजदूरों की मौत हो गई है. शुरुआती जानकारी के मुताबिक, अब तक खदान के अंदर से 5 शव निकाले गए. कई और मजदूरों के फंसे होने की संभावना है. घटनास्‍थल पर मौजूद लोगों के मुताबिक,  दो और लोगों की मौत की खबरें आईं. हालांक‍ि, अभी उनके शव नहीं निकाले जा सके हैं. ऐसी चिंताएं हैं कि खदान के अंदर बहुत सारे मजदूर फंसे हो सकते हैं.

बताया जा रहा है कि विस्फोट सुबह 10:30 से 11:00 बजे के बीच हुआ. मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल पहुंच गया. घायलों का रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू हो चुका है. इस घटना में जो लोग मरे हैं, वे कोयला खनिक ही थे, या फिर बाहर से आये थे, यह अभी तक स्पष्ट नहीं हो सका है. पुलिस सूत्रों के मुताबिक, विस्फोट की तीव्रता इतनी थी कि शरीर पूरी तरह से चकनाचूर हो गया. मृतकों की पहचान करने में पुलिस को थोड़ी दिक्कत हुई.

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि सोमवार सुबह गंगारामचक कोयला खदान से कोयला निकालने के लिए विस्फोट किया गया. लेकिन अंदर मजदूर काम कर रहे थे, इस पर किसी का ध्यान नहीं गया. इस लापरवाही की वजह से मजदूर फंस गए. बाद में 7 शव बरामद किए गए. आरोप है कि इस घटना के बाद खदान के अधिकारी वहां से भाग गये. अभी इलाके में काफी तनाव है. भारी संख्या में पुलिस बल तैनात है.

इस बीच पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज द‍िया है. बचाव अभियान चलाकर घायलों को जल्द अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की जा रही है. इसके अलावा पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि यह विस्फोट किस वजह से हुआ, क्या यह कोई केमिकल विस्फोट था या कोयला खनन के दौरान हुआ विस्फोट, इस भयानक घटना का नतीजा है.

अब सब्‍जी में आएगा स्‍वाद, सरकार बेचेगी सस्‍ते टमाटर, किस भाव और कहां मिलेगा

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टमाटर की आसमान छूती कीमतों पर लगाम लगाने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. आज यानी सोमवार से सरकार सस्‍ते दाम पर टमाटर बेचेगी. राष्ट्रीय सहकारी उपभोक्ता महासंघ (NCCF) और सफल के आउटलेट्स के जरिए दिल्ली और आसपास के शहरों में 65 रुपये प्रति किलो की दर से टमाटर बेचे जाएंगे. उपभोक्ता मामलों के विभाग के एक अधिकारी के मुताबिक दिल्ली-एनसीआर में थोक और खुदरा कीमतों में बड़ा अंतर देखा जा रहा है, क्योंकि कुछ व्यापारी त्योहारों के मौसम में बढ़ती मांग का फायदा उठा ऊंचे रेट पर टमाटर बेच रहे हैं. दिलचस्प बात यह है कि 65 रुपये प्रति किलो की दर पर टमाटर बेचने के बावजूद सरकार को किसी तरह का नुकसान नहीं होगा. यह थोक और खुदरा कीमतों के बीच भारी अंतर को उजागर करता है.

त्योहारी सीजन शुरू होने के बाद से ही सब्जियों के भाव में काफी उछाल आया है. सब्जियों के बढ़ते दामों ने रसोई का बजट बिगाड़ दिया है. देश के बहुत से शहरों में टमाटर 80 से 100 रुपये प्रति किलोग्राम और प्याज 70 से 80 रुपये प्रति किलोग्राम तक बिक रहा है. भिंडी, पालक, हरी मिर्च, लौकी के दाम भी आम लोगों की पहुंच से बाहर हो गए हैं. इस समय, प्रमुख शहरों में खुदरा टमाटर की कीमतें 80-90 रुपये प्रति किलो तक पहुंच चुकी हैं, जबकि दो हफ्ते पहले यह 40-50 रुपये प्रति किलो थी. इस उछाल की वजह कर्नाटक और महाराष्ट्र जैसे प्रमुख उत्पादक राज्यों में बारिश से आपूर्ति में आई रुकावट बताई जा रही है.

15 दिन में ही 25 से 70 रुपये किलो हुआ भाव
दिल्ली के आजादपुर मंडी के एक व्यापारी ने बताया कि दो हफ्ते पहले 25 रुपये प्रति किलो बिकने वाला टमाटर अब थोक में 70 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया है. रिटेल में भी भाव कई गुना बढ़ गए हैं. केंद्र सरकार ने खुदरा बाजार में टमाटर की कीमतों पर काबू पाने के लिए मूल्य स्थिरीकरण कोष के तहत यह हस्तक्षेप शुरू किया है. जुलाई में भी, खाद्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने इसी तरह का कदम उठाते हुए 60 रुपये प्रति किलो की दर से टमाटर बेचने का अभियान शुरू किया था.

यहां से खरीदें सस्‍ते टमाटर
राष्ट्रीय सहकारी उपभोक्ता महासंघ (NCCF) और सफल के आउलेट्स पर सस्‍ते टमाटर बेचे जाएंगे. सरकारी बयान के अनुसार, “NCCF थोक बाजारों से टमाटर खरीदकर उचित दरों पर बेच रहा है, ताकि बिचौलियों की मुनाफाखोरी पर लगाम लगाई जा सके और उपभोक्ताओं को राहत मिल सके.” गौरतलब है कि सितंबर में टमाटर की खुदरा कीमतों में सालाना आधार पर 47.91% की गिरावट देखी गई है.

सबसे बड़े सरकारी बैंक में नौकरी का मौका, 10000 कर्मचारियों की जरूरत, PO और क्लर्क के अलावा इन पदों पर भी भर्ती

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अगर आप सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे हैं, खासकर बैंक में जॉब पाना चाहते हैं तो देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक में आपको काम करने का मौका मिलने जा रहा है. दरअसल भारतीय स्टेट बैंक (SBI) चालू वित्त वर्ष 2024-25 में 10,000 नए कर्मचारियों को भर्ती करने की योजना बना रहा है. खास बात है कि पीओ और क्लर्क के अलावा कई अन्य पदों पर भी भर्ती होगी. बैंक यह नया रिक्रूटमेंट आम बैंकिंग जरूरतों और अपनी अपनी तकनीकी क्षमता को बढ़ावा देने के लिए करेगा. बैंक ने निर्बाध ग्राहक सेवा प्रदान करने के साथ-साथ अपने डिजिटल चैनल को मजबूत करने के लिए प्रौद्योगिकी में महत्वपूर्ण निवेश किया है.

एसबीआई के चेयरमैन सी एस शेट्टी ने पीटीआई-भाषा से बातचीत में कहा, “हम अपने कार्यबल को प्रौद्योगिकी पक्ष के साथ-साथ सामान्य बैंकिंग पक्ष पर भी मजबूत कर रहे हैं. हमने हाल ही में प्रवेश स्तर और थोड़े उच्चस्तर पर लगभग 1,500 प्रौद्योगिकी लोगों की भर्ती की घोषणा की है.”

इन पदों पर भी भर्ती की योजना

उन्होंने कहा, “हमारी टेक्नोलॉजी रिक्रूटमेंट, डेटा साइंटिस्ट, डेटा आर्किटेक्ट्स, नेटवर्क ऑपरेटर्स आदि जैसी विशेष नौकरियों पर भी है. हम उन्हें प्रौद्योगिकी पक्ष में विभिन्न प्रकार की नौकरियों के लिए भर्ती कर रहे हैं… इसलिए, कुल मिलाकर, हमारी वर्तमान वर्ष की आवश्यकता लगभग 8,000 से 10,000 लोगों की होगी। लोगों को विशेष और सामान्य दोनों पक्षों में जोड़ा जाएगा.”

मार्च, 2024 तक बैंक के कुल कर्मचारियों की संख्या 2,32,296 थी. इसमें से पिछले वित्त वर्ष के अंत में 1,10,116 अधिकारी बैंक में कार्यरत थे. क्षमता निर्माण के बारे में पूछे जाने पर शेट्टी ने कहा कि यह एक सतत प्रक्रिया है और बैंक ग्राहकों की उभरती जरूरतों को पूरा करने के लिए मौजूदा कर्मचारियों को पुनः प्रशिक्षित और उन्नत बनाता है.

जरूरतों के हिसाब से तकनीक पर काम करना होगा

उन्होंने कहा, “ग्राहकों की अपेक्षाएं बदल रही हैं, तकनीक बदल रही है, डिजिटलीकरण को व्यापक रूप से अपनाया जा रहा है इसलिए, हम सभी स्तर पर अपने कर्मचारियों को लगातार नया कौशल प्रदान कर रहे हैं.” उन्होंने कहा कि बैंक ग्राहकों की बढ़ती जरूरतों को पूरा करने और बेहतर बैंकिंग अनुभव प्रदान करने के लिए कुछ विशिष्ट क्षेत्रों में विशेष कौशल विकास प्रदान करता है.

जहां तक ​​नेटवर्क विस्तार की बात है, शेट्टी ने कहा कि एसबीआई चालू वित्त वर्ष में देशभर में 600 शाखाएं खोलने की योजना बना रहा है. मार्च, 2024 तक एसबीआई के पास देशभर में 22,542 शाखाओं का नेटवर्क है.

नक्सलवाद के खिलाफ छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की रणनीति की हुई सराहना

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छत्तीसगढ़ के सफल नक्सल ऑपरेशन पर केंद्रीय गृह मंत्री ने की तारीफ

देश के नक्सल प्रभावित राज्यों के मुख्यमंत्रियों की हुई बैठक

हथियार छोड़ मुख्यधारा से जुड़े युवा – केंद्रीय गृह मंत्री श्री शाह

नई दिल्ली, 7 अक्टूबर 2024- देश के नक्सल प्रभावित राज्यों में जारी नक्सलवाद के खिलाफ चल रहे अभियानों पर एक अहम बैठक आज नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने की, जिसमें छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और अन्य नक्सल प्रभावित राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने हिस्सा लिया।

इस महत्वपूर्ण बैठक का केंद्र बिंदु छत्तीसगढ़ का हाल ही में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ नक्सल विरोधी ऑपरेशन था, जिसमें राज्य की पुलिस ने 31 नक्सलियों को ढेर किया। इस ऑपरेशन में छत्तीसगढ़ पुलिस की कुशल रणनीति और राज्य सरकार की योजनाओं की सफलता पर विशेष चर्चा की गई। बैठक में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री जेपी नड्डा, केंद्रीय गृह राज्यमंत्री श्री नित्यानंद राय तथा छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा भी उपस्थित थे।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस ऑपरेशन में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और उनकी टीम के प्रयासों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि इस वर्ष जनवरी से लेकर अब तक छत्तीसगढ़ के सुरक्षा बलों ने लगभग 194 नक्सलियों को मुठभेड़ में मार गिराए हैं। वहीं 801 नक्सली गिरफ्तार हुए एवं 742 नक्सलियों ने आत्म समर्पण किया है। उन्होंने कहा आज भी जो युवा नक्सलवाद में लिप्त है उनसे आग्रह है कि हथियार छोड़ कर मुख्य धारा से जुड़े। सभी राज्यों ने आपके पुनर्वास के लिए बेहतर योजनाएं बनाई हैं उसका फायदा लीजिए।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बैठक में नक्सल ऑपरेशन की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कैसे राज्य पुलिस और खुफिया एजेंसियों ने महीनों की मेहनत और प्लानिंग के बाद इस ऑपरेशन को अंजाम दिया। ऑपरेशन में करीब 1000 जवान शामिल थे, जिन्होंने 15 किलोमीटर के दायरे में स्थित गवाड़ी पहाड़ को घेरकर 31 नक्सलियों को ढेर किया। इस ऑपरेशन में कई बड़े नक्सली नेता मारे गए, जिनमें 16 पर कुल 1 करोड़ 30 लाख का इनाम घोषित था। मुठभेड़ में 18 पुरुष और 13 महिला नक्सली मारे गए।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने प्रेजेंटेशन में बताया कि कैसे राज्य की पुलिस फोर्स ने सटीक खुफिया जानकारी के आधार पर इस ऑपरेशन को अंजाम दिया।

मुख्यमंत्री ने बैठक में केवल ऑपरेशन की सफलता पर ही नहीं, बल्कि राज्य में चल रहे विकास कार्यों पर भी विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि “नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास कार्यों की गति बढ़ाई गई है। हम निरंतर गाँवों तक बुनियादी सुविधाएँ पहुंचा रहे हैं, जिसमें शिक्षा, स्वास्थ्य, और महिला सशक्तिकरण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।” श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के लगातार मिल रहे मार्गदर्शन में हमने माओवादियों के कोर को तोड़ा। ऐसे एरिया में हमने 32 नये कैम्प स्थापित किये हैं, जिसे वो अपनी राजधानी तक कहते थे। उनकी बटालियन के कमांडर हिड़मा के गाँव में भी हमने कैंप स्थापित किया और उसकी माँ को भी स्वास्थ्य सुविधाएँ उपलब्ध कराई।

भविष्य की योजनाओं और लक्ष्य की दी जानकारी

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ सरकार की आगे की योजनाओं पर भी चर्चा की। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार का मुख्य लक्ष्य नक्सलियों के बचे हुए गढ़ों को समाप्त करना और इन इलाकों में स्थाई शांति और विकास सुनिश्चित करना है। निकट भविष्य में, दक्षिण बस्तर में 29 नए सुरक्षा कैंपों की स्थापना की जाएगी, ताकि नक्सलियों के प्रभाव को खत्म किया जा सके।

केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा केंद्र हरसंभव सहायता के लिए प्रतिबद्ध

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने छत्तीसगढ़ में हुए सफल ऑपरेशन की तारीफ करते हुए अन्य राज्यों के मुख्यमंत्रियों से आग्रह किया कि वे भी छत्तीसगढ़ की खुफिया तकनीकी और आपसी समन्वय के आधार पर अपने अपने राज्यों में ऑपरेशन को अंजाम दे सकते हैं। गृह मंत्री ने यह भी कहा कि केंद्र सरकार छत्तीसगढ़ सहित अन्य नक्सल प्रभावित राज्यों को हर संभव सहायता देने के लिए प्रतिबद्ध है और राज्य में विकास कार्यों में तेजी लाने के लिए पूरा समर्थन देगी।

हाफ मैराथन के ज़रिये , जल बचाने की क़वायद में लोग दिखा रहे उत्साह

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धमतरी ज़िले में जल जगार महा उत्सव के दौरान रविवार दूसरे दिन अल सुबह हाफ मैराथन में सैकड़ों की तादाद में लोग पहुँच गये और जल जागरूकता के लिए आयोजित इस विराट आयोजन का हिस्सा बने । रविशंकर जलाशय गंगरेल डैम के मुहाने से शुरू हुई इस हाफ मैराथन को तीन श्रेणियों में आयोजित किया गया । इसमें गंगरेल हाफ मैराथन, एन्डुरन्स रन और वॉकेथॉन शामिल है।
गौरतलब है कि गंगरेल हाफ मैराथन के तहत 21.1 किलोमीटर का मैराथन रन एन्डुरन्स रन के तहत 10 किलोमीटर का मैराथन और इसके साथ ही पारिवारिक मनोरंजन के लिए वॉकेथॉन के तहत 5 किलोमीटर का मैराथन में पुरुष और महिला दोनों श्रेणी में लोग हिस्सा लेते नज़र आये । ज्ञात हो यह पूरा आयोजन गंगरेल डैम के गेट से लेकर कुकरेल तक आयोजित किया गया और इससे पहले स्वस्थ तन मन के लिए ज़ुंबा करते विभिन्न धुनों पर लोग थिरकते भी नज़र आये।

जल जगार महा उत्सव में जल सभा

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लोगों को जल से जोड़ने एवं सामुदायिक सहभागिता के उद्देश्य गंगरेल जहां दो दिवसीय जल जगार महा उत्सव मनाया जा रहा है । वहाँ समुदाय का हर वर्ग इसका अंग बने यह भी कोशिश है । इसी कोशिश का एक हिस्सा है जल सभा । धमतरी शहर से लगभग 14 किलोमीटर की दूरी पर गंगरेल में स्थित रविशंकर जलाशय गंगरेल में जल(डैम) के निकट जल सभा का भी आयोजन हो रहा है ।
कल भी जल सभा का आयोजन गंगरेल रेस्ट हाउस के परिसर में किया गया ।इसमें स्कूली बच्चों ने बढ़चढ़कर सहभागिता निभाई थी । जब शाम के वक़्त प्रदेश के मुखिया श्री विष्णु देव साय पहुँचे तब बच्चों ने जीवंत ग्राम सभा का प्रदर्शन किया । बच्चों ने ग्राम सभा में आयोजित होने वाली विभिन्न कार्रवाही के साथ विभिन्न मुद्दों एवं जल संरक्षण के लिए पारित संकल्पों से अवगत कराया । यह भी बताया कि ग्राम सभा में गाँव में पेयजल और स्वच्छता समिति गठित की गई है और जल वाहिनी दीदियाँ नियुक्त की गयी हैं , जो जल और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं और सुझावों से अवगत कराती हैं । उनके गाँव में गंदे पानी के उपचार के लिए भी कार्रवाही होती है । फ्लोराइडयुक्त पानी वाले हैंडपंप को लाल और आयरन अधिकता वाले हैंडपंप को काले रंग से चिह्नित किया गया है । ग्राम सभा अध्यक्ष जोकि कक्षा बारहवीं की छात्रा फाल्गुनी साहू बनी थीं , उन्होंने बताया ग्राम सभा में नल मरम्मत का कार्य , स्वच्छता गाड़ी की व्यवस्था , तालाब गहरीकरण एवं वर्षा जल संचयन के लिए संयंत्र स्थापित करने का प्रस्ताव पारित किया गया है। स्कूली बच्चों द्वारा आयोजित ग्राम सभा की कार्रवाही देख मुख्यमंत्री श्री साय ने जल संरक्षण और साफ़ सफ़ाई के प्रति उनकी जागरूकता की सराहना भी की ।

मुख्यमंत्री को रास गरबा में शामिल होने मिला निमंत्रण

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मुख्यमंत्री साय से आज यहाँ नवा रायपुर सेक्टर 24 स्थित निवास में रायपुर रास 2024 के आयोजकों ने सौजन्य मुलाकात की। उन्होंने मुख्यमंत्री को 08 एवं 09 अक्टूबर को बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में आयोजित दो दिवसीय रास गरबा के लिए आमंत्रित किया। मुख्यमंत्री साय ने आयोजकों को आमंत्रण के लिए धन्यवाद दिया एवं आयोजन के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर सार्थक शर्मा, भावेश शर्मा एवं आयोजकगण भी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री ने ई बाल तकनीक को सराहा

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धमतरी में जल-जगार महा उत्सव के दौरान आयोजित अंतरास्ट्रीय जल सम्मेलन में छत्तीसगढ़ में बने जल शुद्धिकरण की जैविक तकनीक ई-बाल को मुख्यमंत्री साय ने सराहा। उन्होंने जल शुद्धिकरण की इस अभिनव तकनीक को आज की आवश्यकता बताया। साथ अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में आये विदेशी जल विशेषज्ञों को खूब पसंद आया, उन्होंने इस तकनीक को बारीकी से समझा और इस पर काम करने में दिलचस्पी दिखाई। जल जगार महोत्सव में पानी शुद्धिकरण की इस तकनीक का जीवंत प्रदर्शन महोत्सव स्थल पर किया गया था जहां पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री साय एवं अतिथियों ने भी इस तकनीक को समझा और सराहा।

क्या है ई-बाल तकनीक

ई-बाल बैक्टीरिया और फंगस का मिश्रण है जिसे लाभदायक सूक्ष्मजीवों के द्वारा कैलिशयम कार्बोनेट के कैरियर के माध्यम से जैव-प्रौद्योगिकी वैज्ञानिक डॉ प्रशान्त कुमार शर्मा के द्वारा 13 वर्षो के अनुसंधान के बाद बनाया गया है। ई-बाल 4.0 से 9.5 पीएच और 10 से 45 डिग्री सेल्शियस तापमान पर सक्रिय होकर काम करता है। ई-बाल में मौजूद लाभदायक सूक्ष्मजीव नाली या तालाब के प्रदूषित पानी में जाते ही वहां उपलब्ध ऑर्गेनिक अवशिष्ट से पोषण लेना चालू कर अपनी संख्या में तेजी से वृद्धि करते है तथा पानी को साफ करने लगते है। एक ई-बाल करीब 100 से 150 मीटर लंबी नाली को साफ कर देती है औसतन एक एकड़ तालाब के जल सुधार के लिए 800 ई-बाल की आवश्यकता होती है। खास बात यह है कि ई-बाल के प्रयोग से पानी मे रह रहे जलीय जीवों पर इसका कोई भी दुष्प्रभाव नही होता है, इसके प्रयोग से पानी के पीएच मान, टीडीएस और बीओडी स्तर में तेजी से सुधार होता है।