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मुख्यमंत्री साय एवं केंद्रीय जल शक्ति मंत्री पाटिल ने प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट यूनिट का किया मुआयना

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मुख्यमंत्री साय, केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल ने आज राजनांदगांव जिले के अमलीडीह गांव के ग्रामीण औद्योगिक पार्क में महिला समूहों द्वारा संचालित प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट यूनिट का मुआयना किया। उन्होंने प्लास्टिक कचरे की रिसाइक्लिंग करके पर्यावरण संरक्षण की दिशा में किए जा रहे महिला समूहों के प्रयास की सराहना की। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा, पूर्व सांसद प्रदीप गांधी, जिला पंचायत के पूर्व अध्यक्ष श्री दिनेश गांधी सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री साय ने महिला समूह से चर्चा करते हुए कहा कि आप सबका यह प्रयास राज्य और देश में पर्यावरण संरक्षण एवं संवर्धन की दिशा में एक अनुकरणीय प्रयास है। उन्होंने कहा कि इसके माध्यम से हम प्लास्टिक कचरा को रिसाइकलिंग कर पर्यावरण को रहे नुकसान को कम कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि महिला समूह ने अपने विशेष प्रयासों से रोजगार और स्वावलंबन हासिल करने के साथ ही पर्यावरण संरक्षण के लिए उल्लेखनीय काम किया है।

इस अवसर केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल ने कहा कि महिलाएं आज अनेक क्षेत्रों में अपने हुनर व मेहनत से देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रहीं हैं। महिला समूह आत्मसम्मान के साथ रोजगार और स्वावलंबन की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि प्लास्टिक वेस्ट से मिट्टी, पानी और हवा प्रदूषित होती है। इससे जीव-जंतु का स्वास्थ्य प्रभावित हो रहा है। उन्होंने कहा कि महिला समूह ने जो प्लास्टिक कचरा को रिसाइक्लिंग करने का बीड़ा उठाया है, यह पर्यावरण संरक्षण की दिशा में कारगर साबित होगा।

उल्लेखनीय है कि डोंगरगांव के ग्राम पंचायत अमलीडीह में महात्मा गांधी ग्रामीण औद्योगिक पार्क संचालित है। यहां स्वच्छता दीदीओ के द्वारा अर्जुनी, कोनारी एवं अमलीडीह कलस्टर व आसपास के ग्राम पंचायत से निकलने वाले प्लास्टिक कचरा को संग्रहित किया जाता है। क्लस्टर की महिला समूहों द्वारा प्लास्टिक कचरे को यहां लाकर इसकी छटनी और फिर रिसाइक्लिंग कर प्लास्टिक गट्टा, प्लास्टिक दाना एवं प्लास्टिक पीपी बनाया जाता है। प्लास्टिक गट्टा को रायपुर भेजा जाता है। प्लास्टिक गट्टा से प्लास्टिक सुतली, गुड़ाखू डब्बा, प्लास्टिक कुर्सी, प्लास्टिक ड्रम एवं प्लास्टिक के अन्य उत्पाद बनाए जाते हैं। प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट यूनिट की स्थापना होने से क्षेत्र को प्लास्टिक मुक्त बनाने में काफी सहायता मिलेगी। साथ ही साथ महिला समूह को रोजगार प्राप्त करने में भी मदद मिलेगी। यह इकाई निश्चित रूप से प्लास्टिक मुक्त गांव की परिकल्पना को साकार करेगी। इस अवसर पर कलेक्टर संजय अग्रवाल, पुलिस अधिक्षक मोहित गर्ग सहित जिला प्रशासन के अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।

स्वच्छता अभियान ने लिया जनआंदोलन का रूप: मुख्यमंत्री साय

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मुख्यमंत्री साय एवं केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री श्री सीआर पाटिल आज राजनांदगांव विकासखंड के ग्राम बरगा में स्वच्छता ही सेवा कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, सांसद श्री संतोष पाण्डेय विशेष रूप से उपस्थित थे। इस अवसर पर 32 करोड़ 7 लाख 60 हजार रूपए की लागत वाले 35 कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण किया गया। इस अवसर पर शासन की विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित होने वाले हितग्राहियों को सामग्री वितरित की गई।

कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ शासन द्वारा स्वच्छ भारत मिशन पर वीडियो का प्रस्तुतीकरण दिया गया। इस अवसर पर सूची एप एवं जल प्रबंधन एप की लॉन्चिंग और एफएक्यू बुकलेट एवं एक कदम जल प्रबंधन की ओर बुकलेट का विमोचन किया गया। जिला प्रशासन राजनांदगांव द्वारा स्वच्छता ही सेवा पर वीडियो प्रस्तुतीकरण दिया गया। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एवं केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री श्री सीआर पाटिल द्वारा फिक्ल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट बघेरा का वीडियो के माध्यम से लोकार्पण किया गया। जिले के विभिन्न विकास कार्यों का वीडियो के माध्यम से भूमिपूजन एवं शिलान्यास किया गया। युवोदय वीडियो लॉन्च एवं कटआउट प्रदर्शन, युवोदय ओडीएफ प्लस पोस्टर लॉन्चिंग, युवोदय बच्चों द्वारा स्वच्छता पर नुक्कड़ नाटक, स्वच्छता में बेहतर प्रयास वाले राजनांदगांव, छुरिया विकासखंड का सम्मान किया गया। मुख्यमंत्री एवं केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री ने एक पेड़ माँ के नाम अभियान के तहत पौधरोपण किया। अतिथियों ने शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉल का अवलोकन किया।

मुख्यमंत्री साय ने अपना अनुभव साझा कर राजस्व अमले को दिया बड़ा संदेश

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मैं साल 1990 में नया-नया विधायक बना, तब साधु की तरह दिखने वाले लंबी कद काठी का एक व्यक्ति मेरे पास आवेदन लेकर आया। वे मेरे जन्म यानी साल 1964 से राजस्व के एक मामले को लेकर राजस्व कार्यालय के चक्कर लगा रहे थे। उन्हें अपने मामले की सारी जानकारियां याद थी और कागज पलटने तक की जरूरत नहीं पड़ती थी। मैं उन्हें अपनी गाड़ी से एसडीएम कार्यालय लेकर गया और मामले का निराकरण कराया। मुख्यमंत्री साय ने आज निवास कार्यालय में राजस्व विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान यह प्रसंग सुनाया और कहा कि हमें राजस्व अमले की पूरी व्यवस्था को दुरुस्त करना है। राजस्व विभाग सीधे आम आदमी से जुड़ा है और हमें इसकी छवि सुधारने के लिए काम करना है। बैठक में राजस्व मंत्री वर्मा भी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि लंबे समय से एक ही जगह पर पर जमे हुए पटवारियों को हटाया जाए और एक ऐसी व्यवस्था तैयार करें जिसमें नियत समय के बाद पटवारी का अनिवार्य रूप से उस हल्के और तहसील क्षेत्र से स्थानांतरण हो जाए। उन्होंने कहा कि आम जनों को दैनिक सरकारी कामकाज में पटवारी के सहयोग की जरूरत पड़ती है। साय ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि पटवारी अपने मुख्यालय में रहकर कार्य करें, यह सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री साय ने प्रदेश के विभिन्न शासकीय कार्यालयों की भूमि का शासन के पक्ष में नामांतरण का काम अभियान चलाकर पूर्ण करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि नगरीय क्षेत्रों में शहरी पट्टों के वितरण के लिए आवश्यक कार्यवाही शीघ्र पूर्ण कर ली जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि फौती नामांतरण, बंटवारा, अविवादित नामांतरण सहित राजस्व मामलों के निराकरण में तेजी लाई जाए और इसे समय सीमा में ही पूरा करें। उन्होंने कहा कि राजस्व विभाग नागरिक सुविधाओं को बढ़ाने के लिए डिजिटल नवाचारों पर भी तेजी के साथ काम करें।
राजस्व विभाग के सचिव अविनाश चंपावत ने मुख्यमंत्री को राजस्व विभाग की योजनाओं, गतिविधियों और विभागीय आवश्यकताओं से अवगत कराया। उन्होंने राजस्व विभाग के प्रशासनिक इकाई की मूलभूत जानकारी के साथ ही स्वामित्व योजना, राहत कार्यालय के कार्य, राजस्व न्यायालय, जिओ रिफ्रेंसिंग, डिजिटल क्रॉप सर्वे सहित अन्य महत्वपूर्ण बिंदुओं पर अद्यतन जानकारी साझा की।

बैठक में मुख्य सचिव अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के सचिव द्वय पी. दयानंद, श्री राहुल भगत और आयुक्त भू अभिलेख रमेश शर्मा सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री साय ने दुर्ग के भूमिपूजन कार्यक्रम के दौरान की अनेक घोषणाएं

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मुख्यमंत्री साय ने आज दुर्ग में आयोजित भूमिपूजन कार्यक्रम के दौरान अनेक विकास कार्यों की घोषणा की-

1 इंदिरा मार्केट दुर्ग में मल्टी लेवल पार्किंग निर्माण की घोषणा।
2 केनाल रोड निर्माण की घोषणा।
3 सड़क का होगा चौड़ीकरण।
दुर्ग एवं भिलाई में ऑडिटोरियम निर्माण की घोषणा।

मुख्यमंत्री साय ने दुर्ग नगर में किया 23 करोड़ रूपए की लागत के विभिन्न विकास कार्यों का भूमिपूजन

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मुख्यमंत्री साय ने आज दुर्ग नगर के वार्ड नंबर 03 में आयोजित भूमिपूजन कार्यक्रम में 22 करोड़ 97 लाख रूपए की लागत के विभिन्न विकास कार्यों का भूमिपूजन किया। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री अरूण साव, सांसद विजय बघेल, विधायक गजेंद्र यादव और रिकेश सेन, दुर्ग महापौर धीरज बाकलीवाल सहित अनेक जनप्रतिनिधि और प्रबुद्ध नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री साय ने जिन कार्यों का भूमिपूजन किया उनमें 1 करोड़ 98 लाख 39 हजार रूपए की लागत सेे उरला में खेल मैदान का विकास कार्य, 88 लाख 47 हजार रूपए लागत सेे सड़क सुरक्षा हेतु राजेन्द्र पार्क चौक में विकास कार्य, 1 करोड़ 66 लाख 02 हजार रूपए लागत से विभिन्न स्थानों में वृक्षारोपण कार्य, 1 करोड़ 35 लाख 41 हजार रूपए लागत से विभिन्न वार्डों में 8 स्थानों पर डामरीकरण व 1 स्थान पर पेवर ब्लॉक, 1 करोड़ 99 लाख 43 हजार रूपए लागत से गया नगर 33 के.वी. पावर स्टेशन के पास डॉ. बी.आर. अम्बेडकर सर्वसमाज मांगलिक भवन निर्माण कार्य, 49 लाख 98 हजार रूपए लागत से वार्ड क्रमांक 15 सतनाम भवन आयुर्वेदिक अस्पताल के पीछे सांस्कृतिक भवन निर्माण कार्य, 8 करोड़ 33 लाख रूपए लागत से शहर के विभिन्न वार्डों में कुल 59 कार्य (सड़क, नाली पुलिया निर्माण), 2 करोड़ 72 लाख 37 हजार रूपए लागत से वार्ड क्रमांक 32 शिक्षक नगर में वाटर सप्लाई पार्ट ए एवं बी, 25 लाख रूपए की लागत से राजेन्द्र पार्क चौक पर भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा स्थापना, 50 लाख रूपए की लागत से गोंडवाना भवन के प्रथम तल में अतिरिक्त हॉल निर्माण कार्य, 2 करोड़ 14 लाख रूपए लागत से विधायक निधि अंतर्गत विभिन्न विकास कार्य तथा 65 लाख रूपए लागत से प्रभारी मंत्री निधि अंतर्गत विभिन्न विकास कार्य का भूमिपूजन शामिल है।

राज्य सरकार गांवों के साथ-साथ शहरों के विकास के लिए दृढ़ संकल्पित : मुख्यमंत्री साय

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मुख्यमंत्री साय ने आज दुर्ग नगर के वार्ड नंबर-03 मठपारा में आयोजित विकास कार्यों के भूमिपूजन कार्यक्रम में दुर्ग के इंदिरा मार्केट में मल्टीलेवल पार्किंग निर्माण, साईंस कॉलेज से रेलवे स्टेशन केनाल रोड सड़क चौड़ीकरण, चण्डी मंदिर से नया पारा चौक तक सड़क चौड़ीकरण की घोषणा की। उन्होंने नगर के प्रमुख चौराहों में महिलाओं के लिए पिंक शौचालय के निर्माण की भी घोषणा की। सांसद एवं स्थानीय विधायक की मांग पर मुख्यमंत्री ने ये घोषणाएं की। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में दुर्ग नगर निगम क्षेत्र के अंतर्गत 22 करोड़ 97 लाख रूपए की लागत के विभिन्न विकास कार्यों का भूमिपूजन किया।

मुख्यमंत्री साय ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार गांवों के साथ-साथ शहरों के विकास के लिए दृढ़ संकल्पित है। आज दुर्ग नगर निगम क्षेत्र में एक साथ लगभग 23 करोड़ रूपए की लागत के कार्यों का एक साथ भूमिपूजन किया गया, यह विकास के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता की झलक है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की गारंटी पर विश्वास करके आम जनता ने हमें सरकार बनाने का मौका दिया। जनता ने हमें जो आशीर्वाद दिया है, मैं उनके प्रति धन्यवाद ज्ञापित करने के लिए आया हूं।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बीते 9 माह पर नजर डाले तो राज्य सरकार ने किसानों, महिलाओं और युवाओं के लिए कम समय में बहुत से उल्लेखनीय काम किए हैं। उन्होंने कहा कि जरूरमंद परिवारों के लिए प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के तहत 18 लाख घरों का निर्माण किया जाएगा। महिला सशक्तिकरण को ध्यान में रखते हुए महतारी वंदन योजना के तहत लगभग 70 लाख महिलाओं को प्रतिमाह 1000 हजार रूपए की दर से वार्षिक 12 हजार रूपए आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। तेंदूपत्ता संग्रहण दर को 4000 रुपए प्रति मानक बोरा से बढ़ाकर 5500 रूपए प्रति मानक बोरा किया गया है। प्रदेशवासियों को रामलला दर्शन योजना के तहत अयोध्या धाम यात्रा करायी जा रही है। जिसका लाभ छत्तीसगढ़ के श्रद्धालु उठा रहे हैं।

कार्यक्रम की अध्यक्षता उपमुख्यमंत्री अरूण साव ने की। सांसद विजय बघेल, विधायक श्री गजेन्द्र यादव एवं विधायक रिकेश सेन विशिष्ट अतिथि के रूप में कार्यक्रम में उपस्थित थे।

उपमुख्यमंत्री अरूण साव ने कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कहा कि आज का यह अवसर बहुत इन्तजार के बाद आया है। प्रदेश में नगरों के विकास के लिए पैसे की कोई कमी नहीं होगी। 43 करोड़ 67 लाख के 167 कार्य पहले ही स्वीकृत हो गये हैं। उन्होंने कहा कि आज दुर्ग वासियों को बहुत बड़ी सौगात मिली है। इसके लिए उन्होंने दुर्ग वासियों को बधाई और शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में सरकार बनी है, तब से सभी काम सांय-सांय हो रहा है। सरकार के नेतृत्व में नगरीय विकास कार्यों के लिए राशि जारी की जा रही है। सबका साथ, सबका विकास के ध्येय के साथ बिना भेदभाव से योजना बनाकर उनका क्रियान्वयन किया जा रहा है। हमारा प्रदेश स्वच्छ व सुंदर बने इस दिशा में लगातार कार्य किया जा रहा है।

सांसद विजय बघेल ने अपने संक्षिप्त उद्बोधन में कहा कि दुर्ग शहर के लिए यह सौभाग्य की बात है कि आज मुख्यमंत्री द्वारा लगभग 23 करोड़ रूपए की लागत के विभिन्न विकास कार्यो का भूमिपूजन किया गया। उन्होंने कहा कि यह हमारे लिए सौभाग्य का क्षण है। मुख्यमंत्री साय की सरकार छत्तीसगढ़ में लगातार विकास के कार्य कर रही है। उनकी सराहना करते हुए हम गदगद हो जाते हैं। इस अवसर पर उन्होंने दुर्ग एवं भिलाई नगर में ऑडिटोरियम निर्माण एवं महिलाआंे के लिए पिंक सुलभ शौचालय की मांग की। स्थानीय विधायक गजेन्द्र यादव ने अपने स्वागत उद्बोधन में नगर के विकास की रूपरेखा प्रस्तुत की। साथ ही इंदिरा मार्केट में मल्टीलेवल पार्किंग और र्साइंस कालेज के पीछे केनाल रोड निर्माण की ओर मुख्यमंत्री जी का ध्यान आकृष्ट किये। उन्होंने आज विकास कार्यों के भूमिपूजन के लिए नगरवासियों को बधाई और शुभकामनाएं दी।

मुख्यमंत्री द्वारा विकास कार्यों का भूमिपूजन

मुख्यमंत्री साय ने दुर्ग नगर क्षेत्र में लगभग 23 करोड़ रूपए की लागत के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण किया। इन कार्यों में 1 करोड़ 98 लाख 39 हजार रूपए लागत के उरला में खेल मैदान का विकास कार्य, 88 लाख 47 हजार रूपए लागत केेे सड़क सुरक्षा हेतु राजेन्द्र पार्क चौक में विकास कार्य, 1 करोड़ 66 लाख 02 हजार रूपए लागत के विभिन्न स्थानों में वृक्षारोपण कार्य, 1 करोड़ 35 लाख 41 हजार रूपए लागत के विभिन्न वार्डों में 8 स्थानों पर डामरीकरण व 1 स्थान पर पेवर ब्लॉक, 1 करोड़ 99 लाख 43 हजार रूपए लागत के गया नगर 33 के.वी. पावर स्टेशन के पास डॉ. बी.आर. अम्बेडकर सर्वसमाज मांगलिक भवन निर्माण कार्य, 49 लाख 98 हजार रूपए लागत के वार्ड क्रमांक 15 सतनाम भवन आयुर्वेदिक अस्पताल के पीछे सांस्कृतिक भवन निर्माण कार्य, 8 करोड़ 33 लाख रूपए लागत के शहर के विभिन्न वार्डों में कुल 59 कार्य (सड़क, नाली पुलिया निर्माण), 2 करोड़ 72 लाख 37 हजार रूपए लागत के वार्ड क्रमांक 32 शिक्षक नगर में वाटर सप्लाई पार्ट ए एवं बी, 25 लाख रूपए लागत के राजेन्द्र पार्क चौक पर भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा स्थापना, 50 लाख रूपए लागत के गोंडवाना भवन के प्रथम तल में अतिरिक्त हॉल निर्माण कार्य, 2 करोड़ 14 लाख रूपए लागत के विधायक निधि अंतर्गत विभिन्न विकास कार्य तथा 65 लाख रूपए लागत के प्रभारी मंत्री निधि अंतर्गत विभिन्न विकास कार्य का भूमिपूजन शामिल है।

इस अवसर पर पूर्व विधायक लाभचंद बाफना, नगर पालिक निगम दुर्ग के महापौर धीरज बाकलीवाल, सभापति राजेश यादव, पूर्व सभापति दिनेश देवांगन, वरिष्ठ समाजसेवी जितेन्द्र वर्मा, पार्षद दीपक साहू, सत्यवती वर्मा, सुश्री जमुना साहू, अजय वर्मा, नरेन्द्र बंजारे, लीना देवांगन, उषा ठाकुर एवं अन्य जनप्रतिनिधि तथा संभागायुक्त राठौर, आईजी गर्ग, कलेक्टर ऋचा प्रकाश चौधरी, एसपी जितेन्द्र शुक्ला, दुर्ग निगम आयुक्त लोकेश चन्द्राकर एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री साय का दुर्ग पहुंचने पर आत्मीय स्वागत

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मुख्यमंत्री साय और उपमुख्यमंत्री अरूण साव के दुर्ग आगमन पर पुलिस ग्राउण्ड हेलीपेड स्थल पर जनप्रतिनिधियों और जिला प्रशासन के अधिकारियों ने पुष्प गुच्छ भेंट कर आत्मीय स्वागत किया। दुर्ग शहर विधायक गजेन्द्र यादव, पूर्व मंत्री रमशीला साहू, पूर्व विधायक साहू एवं अन्य जनप्रतिनिधि तथा संभाग आयुक्त एस.एन. राठौर, आईजी आर.जी. गर्ग, कलेक्टर ऋचा प्रकाश चौधरी, पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र शुक्ला उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री के निर्देश पर विधि विभाग में 362 रिक्त पदों पर होगी भर्ती

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मुख्यमंत्री साय के निर्देश पर छत्तीसगढ़ में शासकीय विभागों में रिक्त पदों पर भर्ती के लिए वित्त विभाग की स्वीकृति एवं विभागों द्वारा भर्ती विज्ञापन का सिलसिला अनवरत रूप से जारी है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, कृषि विभाग, ग्रामीण आजीविका मिशन, नगर सैनिकों सहित अन्य विभागों में रिक्त पदों की भर्ती की वित्त विभाग द्वारा स्वीकृति एवं भर्ती की लंबित प्रक्रिया शुरू करने की सहमति के बाद विभाग भर्ती की प्रक्रिया को पूरा करने में जुटे हैं।

मुख्यमंत्री साय के निर्देश पर वित्त विभाग ने न्यायालयों में रिक्त पदों पर नई भर्ती की मंजूरी दे दी है। न्यायालयों में कुल 362 रिक्त पदों पर भर्ती की जाएगी, जिसका उद्देश्य कर्मचारियों की कमी को दूर कर न्यायपालिका के कार्यों को सुचारू बनाना है। उपमुख्यमंत्री श्री अरूण साव के निर्देशानुसार विधि विधायी विभाग द्वारा रिक्त पदों की पूर्ति के लिए वित्त विभाग को प्रस्ताव प्रेषित किया गया था। मुख्यमंत्री श्री साय के निर्देश पर विधि एवं विधायी विभाग की प्रस्ताव पर वित्त विभाग ने तत्काल स्वीकृति प्रदान की है।

वित्त विभाग से मंजूरी मिलने के बाद न्यायालयों में व्यवहार न्यायाधीश के 57, स्टेनोग्राफर के 46, सहायक ग्रेड-3 के 118, स्टेनोटायपिस्ट के 07, वाहन चालक के 08, प्रोसेस सर्वर के 05 और चौकीदार, गार्डनर, स्वीपर, वाटरमेन के 83 एवं एक सहायक प्रोग्रामर के रिक्त पदों की पूर्ति का रास्ता खुल गया है। राज्य के न्यायालयों में रिक्त पदों की भर्ती होने से न केवल न्यायालयों में कार्य दक्षता बढ़ेगी, बल्कि न्यायिक प्रक्रियाओं में तेजी लाने में भी मदद मिलेगी। न्यायालयों में कर्मचारियों की पर्याप्त संख्या होने से कामकाज का निष्पादन भी समय पर हो सकेगा।

यहां यह उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल पर राज्य में ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी 321 पदों पर बीते छह महीने से लंबित भर्ती की प्रक्रिया फिर से शुरू हो गई है। व्यापम द्वारा ली गई ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी की परीक्षा में सफल रहे अभ्यर्थियों के दस्तावेजों का सत्यापन आगामी 30 सितम्बर से 10 अक्टूबर तक पूरा करने के बाद नियुक्ति की प्रक्रिया को पूरा किया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग में विभिन्न संवर्ग के रिक्त 650 पदों, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने 181 पदों, ग्रामीण आजीविका मिशन में 237 पदों पर भर्ती के लिए वित्त विभाग द्वारा स्वीकृति ली जा चुकी है। बिलासपुर में 465 नगर सैनिकों की भर्ती की प्रक्रिया जारी है।

मुख्यमंत्री साय के हाथों मिला 100 कुंभकारों को इलेक्ट्रिक चाक

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मुख्यमंत्री साय ने आज जशपुर जिले के ग्राम बगिया में 100 कुंभकार शिल्पकारों को निःशुल्क इलेक्ट्रिक चाक वितरित कर उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दी। इस मौके पर शिल्पकारों ने मुख्यमंत्री को कलाकृति भी भेंट की।
अखिलभारतीय प्रजापति कुम्भकार महासंघ के प्रांत संरक्षक शम्भू नाथ चक्रवर्ती ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इलेक्ट्रिक चाक से कंुभकारों की कला में अधिक निखार आएगा और उनकी आय बढ़ाने में मदद मिलेगी। उन्होंने बताया कि जशपुर जिले में 195 ग्रामों में 2236 कुम्भकार परिवारों के 100 शिल्पकारों है। इन सभी को निःशुल्क इलेक्ट्रिक चॉक वितरित किया गया है।
गौरतलब है कि माटी कला बोर्ड की ओर से कुम्भकार टेराकोटा योजना के तहत 22 हज़ार 2 सौ लागत के इलेक्ट्रिक चाक कुंभकारों को निःशुल्क प्रदान किये जाते हैं।

मुख्यमंत्री अपने बचपन के स्कूली शिक्षक से मिलकर हुए भाव विभोर

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मुख्यमंत्री साय अपने बचपन के स्कूली शिक्षक राजेश्वर पाठक से मुलाकात कर भाव विभोर हो गए। उन्होंने अपने स्कूल के दिनों को याद किया और अपने शिक्षक का चरण स्पर्श कर अभिवादन किया। मुख्यमंत्री ने उन्हें शाल एवं श्रीफल भेंट कर सम्मानित भी किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि आशीर्वाद है कि मैं यहां तक पहुंच पाया हूँ ऐसा कहते हुए उन्होंने अपने शिक्षक से फिर से आशीर्वाद मांगा और उनके शिक्षक ने भी पूरे दिल से आशीर्वाद दिया।
मुख्यमंत्री साय को स्कूल पढ़ाने वाले 94 वर्षीय शिक्षक श्री राजेश्वर पाठक ने बताया कि जब वे लोयला उच्चतर माध्यमिक शाला कुनकुरी में पढ़ाया करते थे तब मुख्यमंत्री साय छात्र हुआ करते थे। वे बचपन से ही बहुत प्रतिभावान, आज्ञाकारी और विनम्र स्वाभाव के थे। सौम्यता और सरलता उनकी विशिष्ट पहचान थी। जब वे सांसद थे तब भी और मुख्यमंत्री बनने के बाद, जब भी वे मिले तो उनमें वही विनम्रता और वही सम्मान का भाव दिखा जो अद्भुत है।