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भ्रष्टाचार पर मुख्यमंत्री का जीरो टॉलरेंस, पाठ्य पुस्तक निगम के महाप्रबंधक को किया निलंबित

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छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री साय की सरकार भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति पर चल रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कलेक्टर कान्फ्रेंस में भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस को लेकर सख्त निर्देश अधिकारियों को दिए थे। मुख्यमंत्री की भ्रष्टाचार को लेकर कड़ाई जमीनी स्तर पर भी उतनी ही सख्त नजर आ रही है। इसकी बानगी एक बार फिर सरकार की त्वरित कार्रवाई से दिखती है। बीते दिनों छत्तीसगढ़ पाठ्य पुस्तक निगम द्वारा छापी गई शैक्षणिक सत्र 2024-25 की नई किताबों को कबाड़ में बेचे जाने का मामला सामने आया था।

मुख्यमंत्री साय ने सिलयारी स्थित रियल बोर्ड पेपर मिल में छत्तीसगढ़ पाठ्य पुस्तक निगम द्वारा छापी गई वर्ष 2024-25 सत्र की नई किताबें के कबाड़ में बेचे जाने की घटना के प्रकाश में आने पर तत्काल गंभीरतापूर्वक संज्ञान लेते हुए अपर मुख्य सचिव श्रीमती रेणु पिल्ले को इस घटना की जांच के निर्देश दिए थे। जांच के उपरांत छत्तीसगढ़ पाठ्य पुस्तक निगम के महाप्रबंधक राज्य प्रशासनिक सेवा के अफसर श्री प्रेम प्रकाश शर्मा की प्रथम दृष्टया लापरवाही परिलक्षित होने पर छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के तहत् तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

कलेक्टर एसपी कांफ्रेंस में कड़े तेवर दिखाने के बाद मुख्यमंत्री ने निलंबन की इस कार्यवाही से यह स्पष्ट कर दिया है कि प्रशासनिक लापरवाही उन्हें बिलकुल भी बर्दाश्त नहीं होगी।

छत्तीसगढ़ पाठ्य पुस्तक निगम का मामला सामने आने पर इस घटना की जाँच का दायित्व मुख्य सचिव के पश्चात सबसे वरिष्ठ अधिकारी को देना यह स्पष्ट करता है कि इस राज्य में अब प्रशासनिक ढिलाई के दिन बीत चुके हैं । यदि किसी ने लापरवाही या भ्रष्टाचार किया, तो उस पर कार्यवाही अवश्य होगी।

उल्लेखनीय है कि बीते दिनों सीएम के रौद्र रूप कई प्रशासनिक निर्णयों में दृष्टिगोचर हुए हैं। सीएम शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण विषयों में बिलकुल भी लापरवाही नहीं चाहते। मुख्यमंत्री श्री साय ने शासकीय दायित्वों के निर्वहन में उदासीनता बरतने वाले लापरवाह अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध कड़ी कारवाई करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि यह सुशासन की सरकार है और भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस है। किसी भी अधिकारी या कर्मचारी के द्वारा अपने शासकीय दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही बर्दाश्त नही की जाएगी तथा लापरवाह अधिकारियों पर तत्काल कड़ी कारवाई सुनिश्चित की जाएगी।

मंत्रिपरिषद की बैठक : दिनांक 20 सितम्बर 2024

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राज्य मंत्रिमण्डल ने राज्य में गठित पांचों विकास प्राधिकरणों के पुनर्गठन आदेश में आंशिक रूप से संशोधन की मंजूरी दी है। इस संशोधन से पांचों प्राधिकरणों में जनप्रतिनिधित्व का दायरा काफी विस्तृत किया गया है। पांचों प्राधिकरणों में अब राज्य मंत्रिमण्डल के सभी मंत्रीगणों को सदस्य के रूप में शामिल करने के साथ ही संबंधित क्षेत्र के राज्यसभा, लोकसभा के सांसद एवं प्राधिकरण क्षेत्रों के जिला पंचायत अध्यक्षों को अब इसका सदस्य बनाया गया है। पांचों प्राधिकरणों में प्रमुख सचिव/सचिव आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। शेष सभी सदस्य यथावत रहेंगे।

छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग विकास प्राधिकरण

छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग विकास प्राधिकरण के पुनर्गठन आदेश में प्रस्तावित संशोधन को मंत्रिमण्डल ने मंजूरी दी, जिसके तहत मुख्यमंत्री प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं क्षेत्र के विधायक उपाध्यक्ष होंगे। इस प्राधिकरण में सदस्य के रूप में शामिल पूर्व में मात्र तीन विभागों के मंत्री के स्थान पर अब राज्य मंत्रिमण्डल के समस्त माननीय मंत्रीगणों को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। प्राधिकरण क्षेत्र के राज्यसभा, लोकसभा के सांसद, प्राधिकरण क्षेत्र के जिला पंचायत अध्यक्ष प्राधिकरण के सदस्य होंगे। प्रमुख सचिव/सचिव आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग को प्राधिकरण के सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। प्राधिकरण के पुनर्गठन आदेश के अनुसार पूर्व में सदस्य के रूप में शामिल 35 विधायकगणों को और अन्य सदस्यों को यथावत रखा गया है।

सरगुजा क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण

सरगुजा क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण के पुनर्गठन आदेश में संशोधन किया गया है। माननीय मुख्यमंत्री इस प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं क्षेत्र के विधायक (अ.ज.जा. आरक्षित) उपाध्यक्ष होंगे। पूर्व में सदस्य के रूप में शामिल आदिम जाति कल्याण विभाग मंत्री एवं वित्त मंत्री के स्थान पर अब राज्य मंत्रिमण्डल के समस्त मंत्रीगण प्राधिकरण के सदस्य होंगे। प्राधिकरण क्षेत्र के राज्यसभा, लोकसभा के सांसद, प्राधिकरण क्षेत्र के जनजाति बाहुल्य जिलों के जिला पंचायत अध्यक्ष भी अब प्राधिकरण के सदस्य होंगे। आदिवासी विकास से जुड़े अधिकतम दो समाजसेवी व विशेषज्ञ (राज्य शासन द्वारा मनोनीत), मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव/सचिव आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग प्राधिकरण के सदस्य तथा मुख्यमंत्री जी के प्रमुख सचिव/सचिव प्राधिकरण के सदस्य सचिव होंगे। प्राधिकरण के पुनर्गठन आदेश के अनुसार इसमें सदस्य के रूप में शामिल 14 विधायकगणों को यथावत शामिल किया गया है।

अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण

माननीय मुख्यमंत्री इस प्राधिकरण के अध्यक्ष तथा विधायक (अ.जा. आरक्षित) प्राधिकरण के उपाध्यक्ष होंगे। राज्य मंत्रिमण्डल के दो मंत्रियों के स्थान पर अब राज्य मंत्रिमण्डल के सभी मंत्रीगणों, संबंधित क्षेत्र के राज्यसभा, लोकसभा के सांसद, प्राधिकरण के जिला पंचायत अध्यक्ष (अ.जा.), अनुसूचित जाति विकास से जुड़े अधिकतम दो समाजसेवी व विशेषज्ञ (राज्य शासन द्वारा मनोनीत), मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव/सचिव आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग प्राधिकरण के सदस्य तथा मुख्यमंत्री जी के प्रमुख सचिव/सचिव इस प्राधिकरण के सदस्य सचिव होंगे। अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण के पुनर्गठन आदेश के अनुरूप सदस्य के रूप में शामिल किए गए 10 विधायकों को यथावत रखा गया है।

मध्य क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण

माननीय मुख्यमंत्री इस प्राधिकरण के अध्यक्ष तथा क्षेत्र के विधायक (अ.ज.जा. आरक्षित) उपाध्यक्ष होंगे। प्राधिकरण के पुनर्गठन आदेश में किए गए संशोधन के अनुसार अब दो मंत्रीगणों के स्थान पर राज्य मंत्रिमण्डल के समस्त मंत्रीगणों तथा प्राधिकरण क्षेत्र के राज्यसभा, लोकसभा के सांसद एवं जिला पंचायत अध्यक्ष को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। इस प्राधिकरण में आदिवासी विकास से जुड़े अधिकतम दो समाजसेवी व विशेषज्ञ (राज्य शासन द्वारा मनोनीत), मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव/सचिव आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग को सदस्य के रूप मंे तथा मुख्यमंत्री जी के प्रमुख सचिव/सचिव इसके सदस्य सचिव होंगे। इस प्राधिकरण में पूर्व में सदस्य के रूप में शामिल 12 विधायकों को यथावत रखा गया है।

बस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण

माननीय मुख्यमंत्री जी इस प्राधिकरण के अध्यक्ष और प्राधिकरण क्षेत्र के निर्वाचित विधायक (अ.ज.जा. आरक्षित) इसके उपाध्यक्ष होंगे। पूर्व में सदस्य के रूप में शामिल मात्र दो मंत्रियों के स्थान पर अब राज्य मंत्रिमण्डल के समस्त मंत्रीगणों, प्राधिकरण क्षेत्र के राज्यसभा, लोकसभा के सांसद तथा प्राधिकरण क्षेत्र के जनजातीय बाहुल्य जिलों के जिला पंचायत अध्यक्ष को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। आदिवासी विकास से जुड़े अधिकतम दो समाजसेवी व विशेषज्ञ (राज्य शासन द्वारा मनोनीत), मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव/सचिव आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग इस प्राधिकरण के सदस्य तथा मुख्यमंत्री जी के प्रमुख सचिव/सचिव इसके सदस्य सचिव होंगे। प्राधिकरण में सदस्य के रूप में पूर्व में शामिल 12 विधायकगणों को यथावत सदस्य रखा गया है।

मुख्यमंत्री जी के स्वेच्छानुदान मद से 262 व्यक्ति एवं संस्थाओं को 4 करोड़ 56 लाख 72 हजार रूपये स्वीकृत राशि का अनुमोदन किया गया।
राज्य के शहरों के सुव्यवस्थित विकास और राज्य की विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए मंत्रिपरिषद द्वारा एक बड़ा निर्णय लिया गया। जिसके तहत भूखण्डों का पुनर्गठन और प्रदेश में स्वीकृत विकास योजना के क्रियान्वयन हेतु शहरी विकास नीति (टी.डी.एस.) का अनुमोदन किया गया। इस संबंध में दिशा-निर्देश जारी करने हेतु आवास एवं पर्यावरण विभाग को अधिकृत किया गया है।
प्रदेश में विकास योजनाओं में प्रस्तावित जनोपयोगी भूमि के समुचित रूप से विकास करने, अतिक्रमण तथा अवैध निर्माणों को हतोत्साहित करने एवं शहरी आबादी को आधुनिक नागरिक सुविधाओं के अभाव और असुविधाओं के निराकरण के लिए इस शहरी विकास नीति का निर्धारण किया गया है। नगर विकास योजना आवासीय, वाणिज्यिक, औद्योगिक अथवा अन्य प्रयोजन हेतु क्रियान्वित की जा सकेगी।

भ्रष्टाचार पर मुख्यमंत्री का जीरो टॉलरेंस, पाठ्य पुस्तक निगम के महाप्रबंधक को किया निलंबित

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मुख्यमंत्री ने अधिकारियों द्वारा पुस्तकों को लापरवाहीपूर्वक रद्दी बनाने की घटना का तत्काल लिया संज्ञान

जांच में दोषी पाए गए राज्य प्रशासनिक सेवा के अफसर को किया गया निलंबित

प्रशासनिक शिथिलता और लापरवाही बिलकुल नहीं होगी बर्दाश्त

मुख्यमंत्री साय का प्रशासनिक शिथिलता और भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस

सुशासन के ध्येय के लिए भ्रष्टाचार के सभी अवसरों को ख़त्म करना मुख्यमंत्री की प्राथमिकता

लापरवाह अधिकारियों के विरुद्ध होगी कड़ी कार्यवाही

कलेक्टर कान्फ्रेंस में अधिकारियों को दिए थे निर्देश भ्रष्टाचार बिल्कुल नहीं होगा बर्दाश्त

मुख्यमंत्री ने त्वरित कार्रवाई कर दिए जीरो टॉलरेंस के स्पष्ट संकेत

रायपुर 20 सितंबर/ छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की सरकार भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति पर चल रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कलेक्टर कान्फ्रेंस में भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस को लेकर सख्त निर्देश अधिकारियों को दिए थे। मुख्यमंत्री की भ्रष्टाचार को लेकर कड़ाई जमीनी स्तर पर भी उतनी ही सख्त नजर आ रही है। इसकी बानगी एक बार फिर सरकार की त्वरित कार्रवाई से दिखती है। बीते दिनों छत्तीसगढ़ पाठ्य पुस्तक निगम द्वारा छापी गई शैक्षणिक सत्र 2024-25 की नई किताबों को कबाड़ में बेचे जाने का मामला सामने आया था।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने सिलयारी स्थित रियल बोर्ड पेपर मिल में छत्तीसगढ़ पाठ्य पुस्तक निगम द्वारा छापी गई वर्ष 2024-25 सत्र की नई किताबें के कबाड़ में बेचे जाने की घटना के प्रकाश में आने पर तत्काल गंभीरतापूर्वक संज्ञान लेते हुए अपर मुख्य सचिव श्रीमती रेणु पिल्ले को इस घटना की जांच के निर्देश दिए थे। जांच के उपरांत छत्तीसगढ़ पाठ्य पुस्तक निगम के महाप्रबंधक राज्य प्रशासनिक सेवा के अफसर श्री प्रेम प्रकाश शर्मा की प्रथम दृष्टया लापरवाही परिलक्षित होने पर छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के तहत् तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

कलेक्टर एसपी कांफ्रेंस में कड़े तेवर दिखाने के बाद मुख्यमंत्री ने निलंबन की इस कार्यवाही से यह स्पष्ट कर दिया है कि प्रशासनिक लापरवाही उन्हें बिलकुल भी बर्दाश्त नहीं होगी।

छत्तीसगढ़ पाठ्य पुस्तक निगम का मामला सामने आने पर इस घटना की जाँच का दायित्व मुख्य सचिव के पश्चात सबसे वरिष्ठ अधिकारी को देना यह स्पष्ट करता है कि इस राज्य में अब प्रशासनिक ढिलाई के दिन बीत चुके हैं । यदि किसी ने लापरवाही या भ्रष्टाचार किया, तो उस पर कार्यवाही अवश्य होगी।

उल्लेखनीय है कि बीते दिनों सीएम के रौद्र रूप कई प्रशासनिक निर्णयों में दृष्टिगोचर हुए हैं। सीएम शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण विषयों में बिलकुल भी लापरवाही नहीं चाहते। मुख्यमंत्री श्री साय ने शासकीय दायित्वों के निर्वहन में उदासीनता बरतने वाले लापरवाह अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध कड़ी कारवाई करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि यह सुशासन की सरकार है और भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस है। किसी भी अधिकारी या कर्मचारी के द्वारा अपने शासकीय दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही बर्दाश्त नही की जाएगी तथा लापरवाह अधिकारियों पर तत्काल कड़ी कारवाई सुनिश्चित की जाएगी।

फर्जीवाड़ा से बचने की अपील : बैंक खाता और मोबाइल में आने वाले ओ.टी.पी. की जानकारी न दें

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जिला प्रशासन ने जिले वासियों को फर्जीवाड़ा से सावधान रहने की अपील की है। इस हेतु सभी विकासखण्ड के सभी सचिव एवं रोज़गार सहायक अपने-अपने ग्राम पंचायतों में मुनादी कराकर लोगों को जागरूक करें।

किसी भी अज्ञात व्यक्तियों को अपना बैंक खाता की जानकारी, मोबाईल में आने वाला ओ.टी.पी. और गोपनीय जानकारी ना दे।

स्टार्टअप्स से ज्यादा से ज्यादा रोजगार मिले – श्री रमेन डेका

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राज्यपाल रमेन डेका ने स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय दुर्ग अंतर्गत गठित ग्रामीण प्रौद्योगिक और उद्यमिता फाउंडेशन के तहत किये जा रहे स्टार्टअप्स का प्रस्तुतीकरण देखा। उन्होंने सभी स्टार्टअप्स की सराहना करते हुए इसे आम व्यक्ति के लिए सरल व सुलभ बनाने पर बल दिया।
राज्यपाल डेका ने सभी उद्यमियों द्वारा प्रस्तुत विभिन्न योजनाओं को प्रोत्साहित किया और कहा कि स्टार्टअप्स के माध्यम से ज्यादा से ज्यादा युवाओं को रोजगार से जोड़ सके ऐसी योजनाएं बनाई जायंे। इस संबंध में उन्होंने उद्यमियांे का मार्गदर्शन किया और उपयोगी सुझाव दिये।
राजभवन के कांफ्रेंस हॉल में आज उद्यमियों ने 6 स्टार्टअप्स योजनाओं का प्रस्तुतीकरण किया। विनिता पटेल ने ग्रामीण महिलाओं विशेषकर आदिवासी समुदाय की महिलाओं को ध्यान में रखते हुए पुनः उपयोग में आ सकने वाले सेनेटरी पैड निर्माण की योजना बताई। अपशिष्ट से कपड़ा, कप-प्लेट, ईट आदि उत्पादन की योजना बताई। राहुल बघेल ने सौर ऊर्जा के उपयोग से आत्मनिर्भर गांव एवं विभिन्न कुटीर उद्योगांे पर प्रस्तुतीकरण दिया। उद्यमी रविन्द्रकुमार धुरंधर ने कुपोषण से पीड़ित लोगांे के लिए इंस्टेट फूड उत्पाद की योजना पर अपना प्रस्तुतीकरण दिया। अंकेश बंजारे ने आदिवासी कलाकारों को डिजिटल प्लेटफॉर्म और वैश्विक बाजार उपलब्ध कराने की योजना बताई तथा पुरूषोतम, अजय कुमार, सिद्धार्थ सिंह ने उच्च क्षमता वाले ड्रोन के माध्यम से कृषि फसलो की निगरानी की योजना के संबंध में प्रस्तुतीकरण दिया।
इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष सहकार भारती (छ.ग.) डॉ.द्विवेदी ग्रामीण प्रौद्योगिकी और उद्यमिता फाउंडेशन के संचालक डॉ. आर. एन. पटेल, सीईओ अग्रांशु द्विवेदी तथा उद्यमी उपस्थित थे।

उप मुख्यमंत्री अरुण साव अमेरिका प्रवास के बाद 19 सितम्बर को लौटेंगे स्वदेश

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उप मुख्यमंत्री अरुण साव अमेरिका का अपना आठ दिवसीय अध्ययन प्रवास पूर्ण कर 19 सितम्बर को स्वदेश लौटेंगे। वे अमेरिकी समय के अनुसार 18 सितम्बर को सवेरे 09:05 बजे सेन फ्रांसिस्को से भारत के लिए रवाना होंगे। वे भारतीय समय के अनुसार 19 सितम्बर को दोपहर पौने तीन बजे नई दिल्ली पहुंचेंगे। उल्लेखनीय है कि उप मुख्यमंत्री श्री साव और लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह एशियन डेवलपमेंट बैंक के आमंत्रण पर विगत 10 सितम्बर से अमेरिका के अध्ययन प्रवास पर हैं।

उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री श्री अरुण साव ने अमेरिका में अपने आठ दिवसीय अध्ययन यात्रा के दौरान न्यूयॉर्क, वाशिंगटन और सेन फ्रांसिस्को में सड़क एवं भवन निर्माण परियोजनाओं का भ्रमण किया। उन्होंने निर्माण विशेषज्ञों के साथ बैठक कर बड़ी निर्माण परियोजनाओं (Construction Projects) की प्लानिंग, डिजाइनिंग, निर्माण सामग्रियों, निर्माण तकनीकों तथा चरणबद्ध ढंग से उठाए जाने वाले कदमों की जानकारी ली। उन्होंने विशेषज्ञों से कार्यस्थलों पर निर्माण कार्मिकों के स्वास्थ्य और सुरक्षा पर चर्चा की।

उप मुख्यमंत्री साव ने अमेरिका में निर्माण स्थलों के भ्रमण के दौरान वहां कार्यरत आर्किटेक्ट्स और इंजीनियरों से चर्चा कर प्रयुक्त सामग्री, धातु एवं मशीनरी की जानकारी ली। उन्होंने छत्तीसगढ़ में उन्नत सड़क परियोजनाओं और भवन निर्माण में आधुनिक तकनीकों व मशीनरी के उपयोग के संबंध में भी निर्माण विशेषज्ञों से चर्चा की। श्री साव ने कहा कि छत्तीसगढ़ में उच्च गुणवत्ता की टिकाऊ सड़कों और भवनों के निर्माण के लिए अमेरिका में प्रचलित नई तकनीकों और उपायों का विस्तृत अध्ययन कर लोक निर्माण विभाग में लागू करने पर विचार किया जाएगा। श्री साव अपने अध्ययन भ्रमण के दौरान न्यूयॉर्क, वाशिंगटन और सेन फ्रांसिस्को में भारतीय समुदायों और छत्तीसगढ़ मूल के लोगों से भी मिले।

मुख्यमंत्री निवास में जनदर्शन 19 सितंबर को

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मुख्यमंत्री निवास, रायपुर में 19 सितंबर को जनदर्शन आयोजित किया जाएगा। मुख्यमंत्री साय जनदर्शन में लोगों से सीधे रुबरु होकर उनकी समस्याएं सुनेंगे और उनके निराकरण के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित करेंगे। जनदर्शन का आयोजन 1:00 बजे तक किया जाएगा।

मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक 20 सितंबर को

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मुख्यमंत्री साय की अध्यक्षता में 20 सितंबर को पूर्वान्ह 11.30 बजे कैबिनेट की बैठक मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित की गई है।

मुख्यमंत्री निवास में जनदर्शन 19 सितंबर गुरुवार को

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रायपुर 18 सितम्बर 2024// मुख्यमंत्री निवास, रायपुर में 19 सितंबर को जनदर्शन आयोजित किया जाएगा। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय जनदर्शन में लोगों से सीधे रुबरु होकर उनकी समस्याएं सुनेंगे और उनके निराकरण के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित करेंगे। जनदर्शन का आयोजन सबेरे 11:00 बजे से 1:00 बजे तक किया जाएगा।

मोर आवास मोर अधिकार : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आवास हितग्राहियों का किया अभिनंदन

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पीएम आवास योजना ग्रामीण के तहत 8 लाख 46 हजार 932 और शहरी आवास योजना के 23 हजार 71 हितग्राहियों के आवास का सपना आज हो रहा है पूरा।

मुख्यमंत्री साय ने राजधानी के इंडोर स्टेडियम में दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम की शुरूआत की। विधानसभा अध्यक्ष श्री रमन सिंह, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, मंत्री लखन लाल देवांगन, मंत्री दयाल दस बघेल, मंत्री राजवाड़े भी उपस्थित हैं। मुख्यमंत्री ने पीएम आवास योजना की तकनीकी मार्गदर्शिका का विमोचन किया।