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मुख्यमंत्री साय ने हिन्दी दिवस पर की बड़ी घोषणा

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मुख्यमंत्री  साय ने हिन्दी दिवस पर बड़ी घोषणा करते हुए राज्य के सभी चिकित्सा महाविद्यालयों में हिन्दी में भी पढ़ाई शुरू करने की बात कही है। मुख्यमंत्री ने राजधानी स्थित अपने निवास कार्यालय में स्वास्थ्य मंत्री बिहारी जायसवाल की उपस्थिति में पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि हमारी सरकार ने यह निर्णय लिया है कि एमबीबीएस की पढ़ाई की व्यवस्था भी हम हिंदी में करेंगे। इस साल के प्रथम सत्र 2024-25 में एमबीबीएस की पढ़ाई की सुविधा हिंदी में भी उपलब्ध होगी। इसके लिए छात्र छात्राओं की संख्या अनुरूप आवश्यक पुस्तक उपलब्ध कराने के निर्देश स्वास्थ्य विभाग को दिए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने हिंदी दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हिंदी दिवस की सार्थकता इस बात में है कि हम शासन प्रशासन और शिक्षा के हर स्तर पर हिंदी को लागू करें, हिंदी को बढ़ावा दें। उन्होंने कहा हमें इस बात की खुशी है कि हमारे यशस्वी  प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने फरवरी 2022 को उत्तरप्रदेश के उन्नाव की रैली में हिंदी में चिकित्सा शिक्षा उपलब्ध कराने की मंशा जाहिर की थी, हम उसका क्रियान्वयन करने जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में राज्य में 10 शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय हैं। हिंदी में चिकित्सा शिक्षा उपलब्ध कराने का सबसे अधिक लाभ हमारे ग्रामीण पृष्ठभूमि के छात्रों को होगा जो अधिकतर हिंदी मीडियम से होते हैं जो प्रतिभाशाली होते हैं लेकिन अंग्रेजी की वजह से उन्हें चिकित्सा पाठ्यक्रम में कुछ दिक्कत आती है। अब यह दिक्कत दूर हो जाएगी। इससे चिकित्सा छात्र छात्राओं का आधार भी मजबूत होगा और अच्छे चिकित्सक तैयार करने में इससे अधिक मदद मिलेगी। मातृभाषा में शिक्षा दिए जाने का यह सबसे बड़ा लाभ यह होता है कि इससे विषय की बारीक समझ  बनती है। इसे हम छत्तीसगढ़ में हर स्तर पर कार्यान्वित करने के लिए कृत संकल्पित हैं।

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने वाशिंगटन में सड़क और भवन निर्माण कार्यों को देखा

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अध्ययन प्रवास पर अमेरिका गए उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री श्री अरुण साव ने शुक्रवार को वाशिंगटन में सड़क एवं भवन निर्माण स्थलों का दौरा कर कार्यों का अवलोकन किया। उन्होंने निर्माण स्थलों पर आर्किटेक्ट्स और इंजीनियरों से चर्चा कर निर्माण में प्रयुक्त होने वाली सामग्री, धातु (Metal) एवं मशीनरी की जानकारी ली। उन्होंने वहां विशेषज्ञों के साथ बैठक कर सड़क एवं भवन निर्माण की नई तकनीकों तथा निर्माण परियोजनाओं के विभिन्न चरणों का अध्ययन किया। लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह भी इस दौरान उनके साथ थे।

उप मुख्यमंत्री  साव ने वाशिंगटन में निर्माण कार्यों के विशेषज्ञों के साथ बैठक कर नई निर्माण तकनीकों तथा यू.एस.ए. (USA) में सड़क एवं भवन निर्माण परियोजनाओं की प्लानिंग से लेकर निर्माण तक चरणबद्ध रूप से उठाए जाने वाले कदमों की जानकारी ली। वहां बिम (BIM) कम्प्यूटर सिस्टम से भवन एवं अधोसंरचना का कम्प्यूटर में संपूर्ण डिज़ाइन तैयार किया जाता है जिससे न केवल उनके निर्माण में लगने वाली सामग्री (Material) एवं लागत का सटीक आंकलन होता है, बल्कि बाद में होने वाले मेन्टेनेन्स (Maintenance) के काम में भी मदद मिलती है।

श्री साव ने कहा कि छत्तीसगढ़ में अच्छी गुणवत्ता की टिकाऊ सड़कों और भवनों के निर्माण के लिए अमेरिका में प्रचलित नई तकनीकों एवं उपायों का विस्तृत अध्ययन कर लोक निर्माण विभाग में लागू करने पर विचार किया जाएगा। उन्होंने वाशिंगटन में विशेषज्ञों से कार्यस्थलों पर निर्माण श्रमिकों के स्वास्थ्य एवं सुरक्षा उपायों की जानकारी ली। उन्होंने सड़कों के पास स्थित रिहायशी इलाकों को ध्वनि प्रदूषण से बचाने के लिए किए जाने उपायों का भी अध्ययन किया। यू.एस.ए. में सड़क निर्माण एवं भवन निर्माण परियोजनाओं में प्रारंभिक डीपीआर स्तर पर काफी विस्तृत अध्ययन किया जाता है, ताकि बाद में आने वाली समस्याओं एवं होने वाले विलंब व लागत में वृद्धि से बचा जा सके।

राज्यपाल डेका से महावीर सेवा संगठन के महासचिव ने की भेंट

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राज्यपाल  रमेन डेका से आज यहां राजभवन में महावीर सेवा संगठन के महासचिव श्री वीर लोकेश कावड़िया ने सौजन्य भेंट की।

मुख्यमंत्री जनदर्शन का मिला सीधा लाभ, किसानों को मिली बड़ी राहत

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मुख्यमंत्री  साय के निवास में आयोजित होने वाले मुख्यमंत्री जनदर्शन का सीधा लाभ आमजनों को मिल रहा है। जनदर्शन में  प्राप्त निर्देशों के अनुरूप बलोदाबाजार जिला प्रशासन ओला वृष्टि से प्रभावित फसल क्षति हेतु सोनाखान क्षेत्र अंतर्गत 7 गावों के 772 किसानों के लिए 98 लाख 38 हजार 528 रूपये जारी किया है। जिसमें ग्राम सुखरी के 79, छतवन 174, देवगांव 44, गनौद 59, कुशगढ़ के 156 एवं कुशभाटा के 174 प्रभावित किसान शामिल है। उक्त सभी किसानों के खाते में आरटीजीएस के माध्यम राशि तहसीलदार सोनाखान के द्वारा जमा करा दिया गया है। उक्त राशि मिलने से किसानों को बड़ी राहत मिलेगी।

गौरतलब है की 2023 में ग्राम नगेड़ा के आसपास ग्रीष्मकालीन धान का फसल लगा हुआ था जो पूरी तरह से पक चुका था। मई माह में जोरदार ओलावृष्टि हुआ जिससे धान का फसल पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया था। ओलावृष्टि से नुकसान हुए फसल के मुआवजा हेतु मुख्यमंत्री सहित कलेक्टर को भी आवेदन बड़ी संख्या में किसानों द्वारा दिया गया था। उसी समय ओलावृष्टि हुए आस पास के गांवों में कलमीदादर, बानीखार, देवरी, नगेड़ी, सहित कुल 33 गांवों को मुआवजा मिल चुका था। पर अन्य गांवों का मुआवजा बचा हुआ था जिसे अब जारी किया गया  है।  आवेदको में शामिल नगेड़ा निवासी डीगेश पटेल ने कहा फसल क्षति से प्रभावित मेरे दादी एवं पिता जी के खाते में मुआवजा राशि प्राप्त हुई है। उन्होंने इसके लिए मुख्यमंत्री के प्रति आभार   व्यक्त किया हैं।

मुख्यमंत्री ने अभियंता दिवस की दी शुभकामनाएं

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मुख्यमंत्री  साय ने सभी इंजीनियरों को अभियंता दिवस की बधाई और शुभकामनाएं दी है। अपने शुभकामना संदेश में उन्होंनेे कहा कि भारत के महान इंजीनियर भारत रत्न सर मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया के सम्मान में उनके जन्मदिन 15 सितम्बर को अभियंता दिवस के रूप में मनाया जाता है। विश्वेश्वरैया जी ने अपनी असाधारण दृष्टि और प्रतिभा से भारत को इंजीनियरिंग के क्षेत्र में नई ऊँचाई पर ले गए। उन्हें आधुनिक भारत के विश्वकर्मा के रूप में याद किया जाता है। उनके इंजीनियरिंग के असाधारण कार्यों में से एक मैसूर का कृष्णराज सागर बांध है। इस बांध के बनने से सिंचाई क्षमता में विस्तार के साथ अनेक उद्योग विकसित हुए, जिसने कर्नाटक राज्य के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी राष्ट्र और राज्य के निर्माण में इंजीनियरों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। इंजीनियर्स अपनी दूरदृष्टि और कौशल से किसी राज्य के विकास को नए आयाम दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि सर विश्वेश्वरैया जी की निष्ठा और समर्पण सबके लिए प्रेरणादायक और अनुकरणीय है।

24वीं राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता 23 से 26 सितम्बर तक

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24वीं राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता का आयोजन जिले में 23 सितम्बर से 26 सितम्बर तक किया जा रहा है। यह प्रतियोगिता विभिन्न आयु वर्गों के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को अपने कौशल का प्रदर्शन करने और राज्य स्तरीय स्तर पर अपनी प्रतिभा को निखारने का अवसर प्रदान करती है। जिसमें कबड्डी में 19 वर्ष बालक/बालिका, हैण्डबॉल 17 वर्ष बालक/बालिका, खो-खो 14 वर्ष बालक/बालिका, रग्बी 17 वर्ष बालक/बालिका एवं शतरंज में 14,17 व 19 वर्ष के बालक/बालिका हिस्सा लेंगे।

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र संघ मुख्यालय का किया भ्रमण

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छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने अमेरिका के अपने अध्ययन प्रवास के दौरान गुरुवार को न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र संघ के मुख्यालय का भ्रमण किया। उन्होंने वहां संयुक्त राष्ट्र संघ के सामान्य सभा कक्ष, सुरक्षा समिति कक्ष इत्यादि जगहों का भ्रमण कर संघ की कार्यप्रणाली को समझा। अध्ययन दौरे पर साथ गए लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह भी इस दौरान उनके साथ थे। श्री साव संयुक्त राष्ट्र संघ मुख्यालय में मुख्य वित्त अधिकारी श्री आनंद पाण्डेय के आमंत्रण पर वहां गए थे। श्री पाण्डेय मूलतः बिलासपुर जिले के बेलसरी (तखतपुर) के निवासी हैं। साव ने संयुक्त राष्ट्र संघ मुख्यालय के भ्रमण के बाद कहा कि दुनिया के इतने महत्वपूर्ण कार्यालय में बिलासपुर के बेलसरी का बेटा मुख्य वित्त अधिकारी के गरिमामय पद पर कार्यरत हैं। यह पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गौरव की बात है।

उप मुख्यमंत्री साव न्यूजर्सी के रॉयल एल्बर्ट्स पैलेस में भारतीय मूल के लोगों द्वारा अपने सम्मान में आयोजित कार्यक्रम में भी शामिल हुए। उन्होंने कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ और देश के विकास के लिए किए जा रहे कार्यों के साथ ही छत्तीसगढ़ की संस्कृति, पर्यटन, पौराणिक मान्यताओं, संसाधनों और यहां के सीधे-सरल लोगों के बारे में बताया। उन्होंने विकसित छत्तीसगढ़ के बारे में अपने विचार भी रखे। साव ने अमेरिका में बसे भारतीयों को छत्तीसगढ़ आने और यहां की अनुपम छटा व प्राकृतिक सुंदरता को देखने आमंत्रित किया। साव ने वहां रह रहे छत्तीसगढ़ के लोगों के बारे में भी पूछा। उन्होंने कार्यक्रम के आयोजकों को लोरमी में अपने द्वारा बनवाई गई भगवान श्रीराम की बेर से बनी कलाकृति का छायाचित्र भेंट किया।

उप मुख्यमंत्री साव ने न्यूजर्सी में भारतीय मूल के लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि भारत के लोग दुनिया के जिस देश में भी गए हैं, वहां उस देश के विकास में योगदान दे रहे हैं। वे समरस होकर भारत का मान और सम्मान बढ़ा रहे हैं।

मुख्यमंत्री साय के निर्देश पर टीबी मुक्त ग्राम पंचायत घोषित करने अभियान शुरू

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मुख्यमंत्री साय के निर्देश पर राज्य के ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त घोषित करने के लिए अभियान प्रारंभ किया गया है। इसी परिप्रेक्ष्य में जशपुर जिले के समस्त ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त पंचायतें घोषित होने के लिए 6 मुख्य मापदंड निर्धारित किए गए हैं। एक व्यापक सर्वे के दौरान 6 मानदंडों को पूरा करने वाली पंचायतें की टीबी मुक्त घोषित की जाएगी।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.जी.एस.जात्रा ने बताया कि पहले मापदण्डों के अनुसार टीबी मुक्त अभियान के तहत् प्रत्येक पंचायत में 1000 की आबादी में कम से कम 30 टीबी टेस्ट होने चाहिए। यदि उस पंचायत में टीबी की आशंका वाले लोगों की संख्या अधिक है तो टेस्टों की संख्या भी बढ़ाई जा सकती है। यानि किसी व्यक्ति में अगर टीबी जैसे लक्षण हैं तो उसका तुरंत टेस्ट होना चाहिए। दूसरे मानदंडों के अनुसार पंचायत की 1000 की जनसंख्या पर टीबी के मामलों की संख्या शून्य या अधिकतम एक होनी चाहिए तथा इसकी सूचना तुरंत निक्षय पोर्टल पर दर्ज होनी चाहिए। तीसरे मापदण्डों के अनुसार निक्षय पोषण योजना के तहत् सभी टीबी मरीजों को दवाइयों के साथ-साथ पोषण के लिए 500-500 रूपये की राशि दी गई हो या कम से कम पहली किश्त जारी हो चुकी हो। इसके अलावा पीएमटीबीएमबीए के तहत निक्षय मित्रों से पोषण सहायता लेने की सहमति देने वाले सभी उपचाराधीन टीबी रोगियों को निक्षय मित्रों से पोषण सहायता मिल रही हो। पंचायत में टीबी रोगियों का उपचार सफलतापूर्वक पूर्ण होने की दर 90 प्रतिशत से अधिक होने की शर्त को भी मानदंण्डों में शामिल कया गया है इसके अलावा टीबी रोगियों में टीबी की दवाईयां बेअसर होने संबंधी जांच करने की प्रतिशत कम से कम 70 प्रतिषत और पॉजिटिव मरीज का यू.डी.एस.टी. जांच 100 प्रतिशत निर्धारित की गई है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि इन सभी 6 मुख्य मापदण्डों पर आधारित सर्वे के दौरान जिला की सभी 444 पंचायतों में कम से कम 30-30 लोगों के टीबी टेस्ट किए जाएंगे। इन मापदण्डों को पूरा करने वाली ग्राम पंचायतें आगामी 30 नवंबर 2024 तक पूरा करने का लक्ष्य दिया गया है। लक्ष्य पूरा करने के उपरांत ही टीबी मुक्त पंचायत पुरस्कार के लिए आवेदन कर सकेंगी और 24 मार्च को विष्व टीबी दिवस के उपलक्ष्य पर टीबी मुक्त पंचायतों की घोषणा की जाएगी।
जिला क्षय उन्मूलन अधिकारी डॉ. उदय प्रकाश भगत ने बताया कि इन पंचायतों को पुरस्कार के रूप में प्रशस्ति पत्र एवं महात्मा गांधी की रजत प्रतिमा तथा तीसरे वर्ष भी प्रशस्ति पत्र एवं स्वर्णिम प्रतिमा दी जाएगी। वर्ष 2023 में जिले के 43 पंचायत टीबी मुक्त पंचायत की सभी मापदण्ड को पुरा किए और उन्हें टीबी मुक्त पंचाय घोषित किया जा चूका है। वर्ष 2024 हेतु लक्ष्य 200 से अधिक पंचायतों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उपरोक्त समस्त गतिविधि को परिवार, पंचायत, स्तर पर क्रियान्वयन हेतु मितानिन, सी.एच.ओ. पंचायती राज के प्रतिनिधि, जनप्रतिनिधियों की संयुक्त प्रयासों से किया जा रहा है।
जिले के 444 पंचायतों की टीबी मुक्त कर टीबी मुक्त जशपुर कि परिकल्पना को साकार करने जिला स्वास्थ्य विभाग के साथ पिरामल फाउण्डेशन का पूर्ण सहयोग व योगदान प्राप्त हो रहा है। जिला कार्यक्रम समन्वयक जिला क्षय उन्मूलन केन्द्र श्री रूस्तम अंसारी एवं पिरामल फाउण्डेषन श्री संतोष सोन की संयुक्त कार्ययोजना से लक्ष्य प्राप्ति की ओर अग्रसर है।

छत्तीसगढ़ हायर सेकेंडरी द्वितीय मुख्य परीक्षा 2024 में 32.59 प्रतिशत परीक्षार्थी उत्तीर्ण

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छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल ने हायर सेकेंडरी द्वितीय मुख्य/अवसर परीक्षा वर्ष 2024 के परिणाम घोषित कर दिए हैं। इसमें कुल 37 हजार 578 परीक्षार्थियों ने पंजीकरण कराया था, जिनमें से 35 हजार 616 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी। घोषित परीक्षा परिणाम में कुल उत्तीर्ण परीक्षार्थी 11 हजार 609 है इस प्रकार 32.59 प्रतिशत परीक्षार्थी उत्तीर्ण हुए।

जारी परीक्षा परिणाम के अनुसार, बालकों का उत्तीर्ण प्रतिशत 33.47 प्रतिशत जबकि बालिकाओं का उत्तीर्ण प्रतिशत 31.75 प्रतिशत रहा। मंडल द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, प्रथम श्रेणी में 3,033 (8.52 प्रतिशत) विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए, जबकि द्वितीय श्रेणी में 7,823 (21.96 प्रतिशत) और तृतीय श्रेणी में 752 (2.11 प्रतिशत) विद्यार्थी सफल रहे। परीक्षा परिणाम छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल की आधिकारिक वेबसाइट (
https://www.cgbse.nic.in
) पर उपलब्ध हैं, जहां छात्र अपने परिणाम देख सकते हैं।

पहली बार फील्ड में डिजीटल क्रॉप सर्वे हुआ प्रारंभ, राज्य में बलौदाबाजार तहसील का हुआ है चयन

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लौदाबाजार भाटापारा जिले के बलौदाबाज़ार तहसील में डिजीटल क्रॉप सर्वे प्रारंभ कर दिया गया है। जिसके तहत पटवारी सहित अन्य राजस्व अधिकारी खेतों में जाकर सर्वे का कार्य पूर्ण करेंगे। इसके पूर्व जनपद पंचायत सभाकक्ष बलौदाबाजार में फील्ड में गिरदावरी अंतर्गत डिजिटल रूप से फसल का सर्वे करने वाले निजी सर्वेयर का प्रशिक्षण आयोजित किया जा चुका है। जिसमे बताया गया कि डिजिटल क्रॉप सर्वे में निजी सर्वेयर की भूमिका जियो फ्रेंस के रूप में होगी, जो डिजिटल रूप से फसल का सर्वे सभी खेतों में जाकर करेंगे। निजी सर्वेयर को प्रतिदिन 30 से 50 खसरों का टास्क दिया जायेगा। जिसे सर्वेयर खेत में जाकर लॉगिन करेंगे।

उनसे तहसीलदार पूछेंगे क्या आप अवलेबल हैं और हां में जवाब आएगा। वैसे ही एप में प्लॉट की स्थिति, खसरा नंबर, एरिया ऑनर का नाम अपने आप फीड हो जायेगा। जो क्रॉप लगी है उसका तीन फोटो लॉन्गिट्यूट लैटिट्यूट के साथ अपलोड करना है। इस प्रकार एक नंबर का कार्य पूर्ण होगा। जिसमें पटवारी की भूमिका पर्यवेक्षक और राजस्व निरीक्षक की भूमिका सत्यापनकर्ता तथा तहसीलदार व नायब तहसीलदार की भूमिका जांचकर्ता अधिकारी के रूप में की गई है।

सर्वेक्षकों द्वारा संपादित सभी खसरे आरआई के पास नहीं आयेंगे। सर्वेक्षकों द्वारा सर्वे किये गए खसरे पटवारी के पास आयेंगे। पटवारी या अनुमोदन करेगा या रिसेंड करेगा। पटवारी द्वारा दो बार रिजेक्ट होने की स्थिति में आरआई के आईडी में आयेगा। ऐसे खसरों की संख्या बहुत कम होगी, जहां मौके में जाकर आवश्यकतानुसार सत्यापन किया जाएगा। उक्त प्रशिक्षण में बताया गया है कि फील्ड में क्या बोया गया है फसल की जींस का नाम, मिश्रित फसल की स्थिति में सभी फसलों का अनुमानित रकबा, सिंचित- असिंचित फसल, एकवर्षीय या बहुवर्षीय, सीजनल फसल की जानकारी आदि भरी जायेगी। सर्वेयर द्वारा साफ्टवेयर में बोये गये जींस व एकल व मिश्रित फसल की स्थिति में बोये गये फसल या पड़त रकबा की अनुमानित प्रविष्टि करेगा।

जब तक साफ्टवेयर में जियोरिफ्रेंस्ड रकबा के अनुसार सर्वे किए गए रकबा का योग एक समान नहीं आयेगा, तब तक डेटा सेव नहीं होगा। सर्वेयर किसी भी खसरा नंबर की भूमि के मेड़ में खड़े होकर फोटो कैप्चर नहीं करेगा। यदि ऐसा वे करते हैं तो आसपास के खसरा नंबर के लैटलांग मिस्डमैच होगा। इसलिए सर्वेयर प्रत्येक खसरा नंबर की भूमि के अंदर कम से कम मेड़ से 10 मीटर की दूरी पर जाकर प्रयोग संपादित करेगा। यदि पिक्चर में गेहूं फसल दिख रहा पर सर्वेक्षक ने धान प्रविष्ट किया हो अथवा प्लाट खाली है और फोटो गन्ना का अपलोड किया है, तो वही डेटा को पटवारी रिसेंड करेगा। सर्वेक्षक सुधार कर फिर से पटवारी को भेजेगा। यदि पटवारी पुन: रिजेक्ट करता है तब आरआई के आईडी में आयेगा। पटवारी द्वारा परंपरागत ढंग से की जाने वाली गिरदावरी से यह फिलहाल अलग है। धान खरीदी पटवारी द्वारा की गई गिरदावरी के आधार पर की जाएगी।

डिजिटल क्राप सर्वे उन्हीं ग्रामों में की जायेगी, जहां जियोरिफ्रेंसिंग का सेकेंड लेवल कार्य का संपादन हो गया है। सभी ग्रामों के खसरा नंबरों में नहीं की जाएगी। यह शासन की बहुआयामी योजना है। सकारात्मक ढंग से इस कार्य का संपादन करना है। साफ्टवेयर बहुत ही आसान बनाया गया है। किसी भी वर्जन के एंड्रॉयड मोबाईल में प्रयोग किया जा सकता है, जिसमें ये सपोर्ट करें। इसके लिए जिले में पटवारी,आरआई को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। गौरतलब है की राज्य में डिजीटल क्रॉप सर्वे हेतु बलौदाबाजार तहसील का चयन किया गया है।