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राजस्व मंडल के आदेशों में आवेदकों ने की कूटरचना, कलेक्टर ने संबंधितों पर एफआईआर कराने के दिए निर्देश

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फर्जी आदेशों के मामले संज्ञान में आने पर कलेक्टर विलास भोसकर ने बीते दिनों समय सीमा की बैठक में राजस्व अधिकारियों को सतर्क रहकर न्यायालयीन कार्यवाही करने के निर्देश दिए थे। इसी कड़ी में गत दिवस कलेक्टर ने विभिन्न प्रकरणों में आवेदकों द्वारा राजस्व मंडल के आदेशों में कूटरचना किए जाने की जानकारी दी है। कलेक्टर द्वारा तहसीलदार अंबिकापुर और नायब तहसीलदार अंबिकापुर -2 को पत्र जारी कर इन सभी प्रकरणों में एफआईआर कराने के निर्देश दिए हैं।

कलेक्टर सरगुजा द्वारा जारी पत्र में बताया गया है कि राजस्व मंडल छग बिलासपुर को आवेदकों द्वारा प्रस्तुत कूटराचित आदेशों की प्रमाणिकता जांचने प्रेषित किया गया था जिसकी जांच मंडल द्वारा की गई है। जांच उपरांत जानकारी प्राप्त हुई कि आवेदक द्वारा प्रस्तुत आदेशों तथा इस न्यायालय द्वारा पारित आदेशों में भिन्नता स्पष्ट रूप से पाई गई है, जिससे स्पष्ट है कि आवेदक द्वारा राजस्व मंडल छग बिलासपुर के आदेशों में कूटरचना कर प्रस्तुत किया गया है, जो गंभीर आपराधिक कृत्य है।

इसमें तहसीलदार अंबिकापुर के समक्ष आवेदक अशोक अग्रवाल निवासी राजपुर, बलरामपुर, आवेदक घनश्याम अग्रवाल निवासी प्रेमनगर, सूरजपुर, आवेदक फारूख निवासी मणिपुर, अंबिकापुर और आवेदक जैनुल हसन फिरदोसी निवासी नवागढ़, अंबिकापुर शामिल है। इसी तरह नायब तहसीलदार अंबिकापुर – 2 के समक्ष आवेदक बसीरुद्दीन सिदिकी निवासी मानिक प्रकाशपुर का प्रकरण शामिल है। सभी प्रकरणों में राजस्व मंडल द्वारा संबंधितों के विरुद्ध कठोर कार्यवाही के निर्देश दिए गए हैं।

कलेक्टर सरगुजा ने पत्र जारी कर निर्देशित किया है कि उक्त सभी आवेदकों, जिन्होंने तहसीलदार और नायब तहसीलदार न्यायालय में राजस्व मंडल छग बिलासपुर के कूटरचित आदेशों को प्रस्तुत कर इसका क्रियान्वयन कराने बाबत आवेदन प्रस्तुत किया है, उनके विरुद्ध संबंधित थाने में एफआईआर दर्ज करवाएं और सूचित भी करें।

जिला पंचायत के अधिसूचना प्रकाशन पर दावा आपत्ति

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छत्तीसगढ़ शासन पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग मंत्रालय महानदी भवन, नवा रायपुर अटल नगर 12 अगस्त 2024 के द्वारा जिला पंचायतों के पुनर्गठन अधिसूचना का प्रारंभिक प्रकाशन किया गया है। उक्त सूचना के संबंध में किसी प्रभाावित व्यक्ति को कोई आपत्ति या सुझाव हो तो विज्ञप्ति दिनाँक से 10 दिवस के भीतर प्रस्तुत कर सकता है। तद्पश्चात् प्राप्त अभ्यावेदनों पर कोई कार्यवाही नहीं की जायेगी।

कलेक्टर ने ली निर्माण एजेंसियों की बैठक

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कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने आज जिला पंचायत सभाकक्ष में निर्माण एजेंसियों की बैठक लेकर स्वीकृति, प्रगतिरत एवं अप्रारंभ कार्यों की विस्तार से समीक्षा की और संबंधित एजेंसियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक के दौरान कलेक्टर ने ग्रामीण यांत्रिकी सेवा, पीडब्ल्यूडी, पीएमजीएसवाई, जल संसाधन, आदिवासी विकास विभाग, शिक्षा विभाग, मुख्यमंत्री स्कूल जतन योजना, जिला खनिज न्यास से संपादित होने वाले पूर्व एवं वर्तमान वित्तीय वर्ष के समस्त स्वीकृत कार्यों के प्रगति के बारे में विस्तार से जानकारी ली। इस दौरान जिला पंचायत सीईओ एस. आलोक एवं निर्माण एजेंसियों के कार्यपालन अभियंता और उप अभियंता सहित जिला अधिकारी मौजूद थे।

कलेक्टर लंगेह ने कहा कि स्कूल जतन योजना के तहत विभिन्न मदों में स्वीकृत कार्यों को शीघ्र पूरा करें। उन्होंने समग्र शिक्षा के तहत स्वीकृत कार्यों को प्राथमिकता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए। कलेक्टर लंगेह ने कहा कि विद्यालयों में बच्चों को अध्ययन के लिए जितने बेहतर सुविधा हो सकती है, उन्हें उपलब्ध कराएं। इसके तहत छोटे-छोटे विभिन्न कार्य जैसे दीवार निर्माण, फर्श निर्माण और अन्य कार्य स्वीकृत किए गए हैं, उन्हें तत्काल पूरा करें, इन सभी निर्माण कार्यों को गुणवत्ता के साथ पूरा करें। इसके अलावा विद्यालयों में रिनोवेशन से संबंधित किसी भी प्रकार के कार्यों को उनके प्राक्कलन तत्काल तैयार कर जिला कार्यालय को प्रेषित करें। सभी निर्माण कार्यों का थर्ड पार्टी इंस्पेक्शन भी कराएं।

उन्होंने आरईएस विभाग की समीक्षा के दौरान कहा कि जो कार्य प्रारम्भ हो गए हैं, उसे समय सीमा में गुणवत्ता के साथ पूर्ण करें। जो ठेकेदार स्वीकृति पश्चात कार्य में रूचि नहीं ले रहे हैं उन्हें ब्लैक लिस्टेड करने की कार्रवाई प्रारम्भ करें। आरईएस के कार्यपालन अभियंता ने बताया कि विभाग द्वारा 273 कार्य स्वीकृत किए गए है जिसमें से 128 कार्य पूर्ण हो गए है। 18 कार्य अप्रारम्भ है। कलेक्टर ने समग्र शिक्षा और पीएम श्री के स्कूलों के उन्नयन कार्य भी शीघ्रता से पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं। जल संसाधन विभाग के समीक्षा के दौरान बताया गया कि 19 कार्य पूर्ण हो गए हैं। कलेक्टर ने कहा कि जिन विभागों में भूमि अर्जन के लिए अवार्ड पारित हो चुका है उसके रिकॉर्ड दुरुस्त करें यह संबंधित विभाग की जिम्मेदारी है। इसी तरह पीडब्ल्यूडी के समीक्षा के दौरान कहा कि कोई भी कार्य हैंडओवर करने से पहले यह आवश्यक रूप से चेक कर लेवे कि निर्माण कार्यां में किसी तरह की दरार और सिपेज न आए। जो ठेकेदार जिम्मेदारी पूर्वक कार्य पूर्ण नहीं कर रहे हैं या टेंडर स्वीकृति के पश्चात भी कार्य प्रारम्भ नहीं किए ऐसे ठेकेदारों को ब्लैक लिस्ट करने प्रस्ताव भेजें।

बैठक में समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने कहा कि मार्च 2023 तक जितने भी कार्य स्वीकृत किए गए हैं और प्रगतिरत है, उन्हें शीघ्र पूरा कर लिया जाए। इस दौरान लंगेह ने निर्माण एजेंसियों से कहा कि वे कार्यों के प्रस्ताव बनाकर भेजते समय मौके पर पहुंचकर उनके प्राक्कलन तैयार करें। इससे कार्यों को पूरा करने में आसानी होगी और कार्य समय पर पूर्ण हो सकेंगे। विभिन्न निर्माण एजेंसियों द्वारा अधोसंरचना, विधायक निधि, सांसद निधि, खनिज न्यास के तहत स्वीकृत कार्यों को शीघ्र पूरा करने के साथ उनके फोटोग्राफर्स एवं यूसीसी तत्काल भेजे।

मुख्यमंत्री के निर्देश पर राजनांदगांव जिला शिक्षा अधिकारी का किया गया तबादला

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मुख्यमंत्री साय के निर्देश पर स्कूल शिक्षा विभाग ने आज राजनांदगांव के प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी अभय जायसवाल को स्कूली बच्चों के साथ दुर्व्यवहार के आरोपों के कारण तत्काल प्रभाव से स्थानांतरित कर दिया है। उन्हें अस्थायी रूप से नवा रायपुर के इन्द्रावती भवन स्थित लोक शिक्षण संचालनालय में सहायक संचालक के पद पर पदस्थ किया गया है। इसके साथ ही, राजनांदगांव के सहायक संचालक, आदित्य खरे को जिला शिक्षा अधिकारी का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। वे अपने वर्तमान कर्तव्यों के साथ-साथ यह नई जिम्मेदारी भी संभालेंगे। इस आशय का आदेश स्कूल शिक्षा विभाग महानदी भवन मंत्रालय नवा रायपुर से जारी कर दिया गया है।

विद्यार्थियों को बड़ा सपना देखने प्रेरित करें शिक्षक : राज्यपाल रमेन डेका

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राज्यपाल रमेन डेका और मुख्यमंत्री साय ने आज शिक्षक दिवस के अवसर पर राजभवन गरिमामयी समारोह में वर्ष 2023-24 के उत्कृष्ट शिक्षकों को राज्य स्तरीय सम्मान प्रदान किया। राज्यपाल श्री डेका ने कहा शिक्षक विद्यार्थियों को बड़ा सपना देखने प्रेरित और पूरा करने प्रोत्साहित करें। उन्होंने कहा कि शिक्षक विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ-साथ नैतिक मूल्यों की भी शिक्षा देना सुनिश्चित करें।

राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने वर्ष 2023-2024 के लिए सभी सम्मानित शिक्षकों को बधाई और शुभकामनाएं दी। प्रदेश के तीन महान साहित्यकारों के नाम पर 03 शिक्षकों को राज्य शिक्षक सम्मान स्मृति पुरस्कार तथा 52 शिक्षकों को राज्य स्तरीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने राज्य शिक्षक सम्मान वर्ष 2024-25 के लिए चयनित 64 शिक्षकों के नामों की घोषणा की।

राजभवन के दरबार हॉल में आज आयोजित राज्यस्तरीय समारोह में तीन उत्कृष्ट शिक्षकों बिलासपुर जिले की डॉ. रश्मि सिंह धुर्वे को डॉ. पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी स्मृति पुरस्कार, कबीरधाम जिले के श्री राजर्षि पाण्डेय को डॉ. मुकुटधर पाण्डेय स्मृति पुरस्कार और दुर्ग जिले की डॉ. सरिता साहू को डॉ. बलदेव प्रसाद मिश्र स्मृति पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इस तरह प्रधान पाठक, व्याख्याता, व्याख्याता एल.बी., शिक्षक एल.बी., सहायक शिक्षक, सहायक शिक्षक एल.बी वर्ग के 52 शिक्षकों को राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान से सम्मानित किया गया।

इस गरिमामय कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्यपाल रमेन डेका ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण प्रतिभाआंे के विकास में शिक्षकों की भूमिका महत्वपूर्ण है। शिक्षक समाज के प्रमुख नागरिक हैं। राज्यपाल ने कहा कि आजादी के 75 वर्ष बाद लार्ड मैकाले की शिक्षा पद्धति में बड़ा परिवर्तन हो रहा हैै, जिसका परिणाम भी अच्छा होगा।

राज्यपाल डेका ने कहा कि आज हर क्षेत्र में क्रांति हो रही है और शिक्षा के क्षेत्र में भी क्रांति हो रही है। शिक्षक इस क्रांति का एक हिस्सा है। शिक्षकों के पढ़ाने का तरीका बदल गया है, लेकिन इस बदलाव के साथ-साथ शिक्षा के गुणवत्ता पर भी ध्यान देना होगा। बच्चों में नैतिक मूल्यांे का विकास करने की जवाबदारी भी शिक्षकों की है।

डेका ने कहा कि माता-पिता एक बच्चे को जन्म देते हैं जबकि शिक्षक उस बच्चे के व्यक्तित्व को गढ़ते हैं और उसे उज्ज्वल भविष्य प्रदान करते हैं। शिक्षा के अलावा, शिक्षक बेहतर इंसान बनने के लिए मार्गदर्शन, प्रोत्साहन और प्रेरणा देने के लिए हर कदम पर हमारे साथ खड़े रहते हैं। शिक्षक ज्ञान और बुद्धि का स्रोत हैं। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार एक देश उतना ही अच्छा होता है जितने उसके लोग, उसी प्रकार उसके नागरिक भी उतने ही अच्छे होते हैं जितने उसके शिक्षक। इसलिए बहुत कुछ शिक्षकों पर निर्भर करता है कि बच्चों को अच्छी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दें। मैं सभी शिक्षकों को उनके जुनून, समर्पण, प्रतिबद्धता और योगदान के लिए सलाम करता हूं।

राज्यपाल श्री डेका ने कहा कि शिक्षण सभी व्यवसायों की जननी है। शिक्षक दिवस हमें भविष्य की पीढ़ियों को और भी अधिक चुनौतियों का सामना करने और हमारे देश को मानव कल्याण के प्रति उच्च संवेदनशीलता के साथ एक उन्नत और विकसित राष्ट्र बनाने के लिए जिम्मेदारियों और प्रतिबद्धताओं की याद दिलाता है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि भारत में शिक्षक दिवस का जितना उत्साह और महत्व है वैसा शायद ही कहीं और देखने को नहीं मिलता। भूतपूर्व राष्ट्रपति भारत रत्न सर्वपल्ली डॉ. राधाकृष्णन की जयंती को हम सब शिक्षक दिवस के रूप में मनाते हैं। श्री साय ने कहा कि भारत देश उत्तम शिक्षा के मामले में हमेशा से समृद्ध रहा है। गणित के क्षेत्र में शून्य भारत ने ही विश्व को दिया, आर्यभट्ट जैसे वैज्ञानिक और भाष्कराचार्य जैसे गणितज्ञ भारत में ही पैदा हुए। नागार्जुन जैसे रसायनज्ञ यहाँ हुए। शिक्षकों ने देश को हमेशा नई दिशा दिखाई है। भले ही आज इंटरनेट की दुनिया में ज्ञान एक क्लिक पर उपलब्ध है लेकिन अनुभव भरा ज्ञान, संस्कारपूर्ण शिक्षा, जीवन जीने की कला, कौशल, उत्तम शैली की सीख केवल विद्यालयों में शिक्षकों के जरिए ही संभव है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति को हमने प्रदेश में भी लागू कर दिया है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत हमने प्रदेश में 9438 बालवाड़ियाँ आरंभ की हैं। हमने 18 स्थानीय भाषाओं में पढ़ाई की शुरुआत की है। इसके लिए किताबें बनाई हैं और शिक्षक इसे पढ़ा रहे हैं। यह बच्चों की नींव तैयार करने में काफी महत्वपूर्ण है। शिक्षा से नक्सलवाद का अँधियारा छँटने से बस्तर में अब शिक्षा की रोशनी भी तेजी से फैल रही है। बस्तर में वर्षों से बंद 29 स्कूलों को पुनः शुरू किया गया है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आधुनिक समय एआई तथा रोबोटिक्स का है। हमारे बच्चे भी इसमें पीछे नहीं रहेंगे। हमने आदिवासी क्षेत्र के बच्चों के लिए भी स्कूलों में रोबोटिक्स तथा एआई की शिक्षा आरंभ कर दी है। नक्सल प्रभावित जिलों के बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए हम बिना ब्याज के शिक्षा ऋण दे रहे हैं। हमारा सबसे ज्यादा ध्यान कौशल विकास पर है। छोटे-छोटे ट्रेड में बच्चों को थोड़ा भी प्रशिक्षित कर दें, तो उनके लिए बेहतर भविष्य की राह खुल जाती है। हम हाइटेक स्कूल तैयार कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री साय की पहल पर राज्य में मजबूत अधोसंरचना निर्माण हेतु विकास कार्यों की लगातार मिल रही स्वीकृति

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मुख्यमंत्री साय के मंशानुरूप राज्य में एक मजबूत अधोसंरचना निर्माण के लिए सड़कें, पुल-पुलिया के साथ ही स्कूल, छात्रावास सहित अन्य शासकीय भवनों के निर्माण आदि के लिए राज्य शासन द्वारा लगातार स्वीकृति दी जा रही है। किसी भी क्षेत्र में अगर एक बेहतर अधोसंरचना हैं। गांवों में अच्छी सड़क होने के साथ ही मुख्य मार्ग से जुड़ा हुआ हो तो वहां की अर्थव्यवस्था तेजी से आगे बढ़ती है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री साय की पहल पर ही जशपुर एवं पत्थलगांव क्षेत्र में सड़क निर्माण की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है।

लोक निर्माण विभाग से मिली जानकारी के अनुसार जशपुर क्षेत्र में चांदीडांड हात्ता हल्काटोली पहुंच मार्ग निर्माण लंबाई 2.36 किलोमीटर के लिए 3 करोड़ 39 लाख 79 हजार रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। इसी तरह पत्थलगांव क्षेत्र में बगिया-सूजीबहार मार्ग लंबाई 8.70 किमी में मजबूतीकरण निर्माण कार्य के लिए 7 करोड़ 98 लाख 86 हजार रूपए, बाबूसाजबहार से गोलीडीह नदी तक मार्ग निर्माण कार्य लंबाई 4 किमी तक के लिए 4 करोड़ 3 लाख 45 हजार रूपए और विकासखंड कांसाबेल के ग्राम करंजटोली रजौटी मार्ग लंबाई 1.20 किमी के लिए 3 करोड़ 36 हजार रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है।

मुख्यमंत्री की सरकार के बने अभी 9 महीने ही हुए हैं। इतने कम समय में ही जिले में राज्य सरकार ने विकास की एक रूपरेखा बना कर उस पर काम करना शुरू कर दिया है। स्कूल व छात्रावास भवनों के निर्माण, सिंचाई व्यवस्था के लिए एनीकट, व्यपवर्तन, जीर्णाेद्धार एवं लाईनिंग कार्य, जलाशय, सी.सी.लाईनिंग कार्य, मुख्य एवं शाखा नहर के मरम्मत, पुराने पक्के कार्याे का सुधार, तालाब निर्माण, सड़कों का निर्माण, अस्पतालों के निर्माण सहित डॉक्टरों एवं अन्य कर्मचारियों की नियुक्ति आदि कार्य प्राथमिकता के साथ किए जा रहे हैं।

महतारी वंदन योजना ने बढ़ा दी तीजा की खुशी

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महिलाएं जता रही है विष्णु भईया के स्नेह भरे तोहफे के लिए आभार

रायपुर, 5 सितंबर 2024/छत्तीसगढ़ में गांव-गांव मनाए जा रहे तीजा त्यौहार की खुशी महतारी वंदन योजना ने बढ़ा दी है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने पोला त्योहार के अवसर पर महतारी वंदन योजना की सातवीं किश्त की राशि महिलाओं के खातों में जमा की। इस योजना के तहत मिली सहायता राशि ने महिलाओं के लिए तीजा की तैयारियों को और भी खास बना दिया।

बलौदाबाजार के ग्राम सकरी में निवास करने वाली श्रीमती धारणा साहू और श्रीमती रांति साहू ने खुशी-खुशी बताया, “तीजा का यह त्यौहार हमारे लिए बेहद खास हो गया है। मुख्यमंत्री जी ने हमें महतारी वंदन योजना के माध्यम से जो राशि दी है उससे हम साड़ी और तीज के लिए श्रृंगार का सामान खरीदेंगी। यह भाई के स्नेह जैसा तोहफा है जिसके लिए हम मुख्यमंत्री जी का दिल से धन्यवाद करते हैं।

छत्तीसगढ़ में तीजा का त्यौहार महिलाओं के जीवन में एक विशेष स्थान रखता है। यह त्यौहार न केवल पारिवारिक प्यार और बंधनों को मजबूत करता है, अपितु पति के दीर्घायु के साथ ही पति और पत्नी में आपसी प्रेम व स्नेह को भी बढ़ाता है। इस बार तीजा के मौके पर बलौदाबाजार विकासखंड के ग्राम सकरी की दो महिलाएं श्रीमती धारणा साहू (भतीजी) और श्रीमती रांति साहू (बुआ) अपने मायके में त्यौहार की खुशियों को साझा करने आईं।

श्रीमती धारणा साहू की शादी दो साल पहले नंद किशोर साहू से हुई थी। उनके पति ग्राम जारा विकासखंड पलारी में किराना दुकान चलाते हैं। परिवार में ससुर, सास और एक देवर के साथ कुल पांच सदस्य हैं। वहीं, श्रीमती रांति साहू अपने जीवन में कठिनाइयों का सामना कर रही हैं। उनके पति महेंद्र साहू, का सात साल पहले बीमारी के कारण निधन हो गया था। रांति साहू खरोरा के एक निजी स्कूल में स्वीपर का काम करती हैं।श्रीमती रांती अपनी बेटी के साथ ससुराल, ग्राम मोहरेंगा (रायपुर जिला) में रहती हैं। उनकी बेटी कक्षा 5 वीं में पढ़ती है, जबकि बेटा अपने नाना के घर रहकर कक्षा 4थीं की पढ़ाई कर रहा है।

इस योजना के माध्यम से महिलाओं को अतिरिक्त आर्थिक सहायता मिलने से उनके चेहरे पर सुकून और खुशी साफ झलक रही थी। त्यौहार की रौनक के बीच,यह मदद उनके लिए एक नया उत्साह लेकर आई, जिससे वे अपने परिवार के साथ तीजा का पर्व और भी आनंद से मना सकेंगी।

छत्तीसगढ़ में अब तक 928.9 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज

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राज्य शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा बनाए गए राज्य स्तरीय नियंत्रण कक्ष द्वारा संकलित जानकारी के मुताबिक एक जून 2024 से अब तक राज्य में 928.9 मिमी औसत वर्षा दर्ज की जा चुकी है। राज्य के विभिन्न जिलों में 01 जून 2024 से आज 04 सितम्बर सवेरे तक रिकार्ड की गई वर्षा के अनुसार बीजापुर जिले में सर्वाधिक 1952.9 मिमी और बेमेतरा जिले में सबसे कम 500.4 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गयी है।
राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष से प्राप्त जानकारी के अनुसार एक जून से अब तक सरगुजा जिले में 509.4 सूरजपुर जिले में 921.5 मिमी, बलरामपुर में 1333.4 मिमी, जशपुर में 796.6 मिमी, कोरिया में 936.2 मिमी, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 936.5 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गयी।
इसी प्रकार, रायपुर जिले में 747.7 मिमी, बलौदाबाजार में 951.3 मिमी, गरियाबंद में 896.6 मिमी, महासमुंद में 727.9 मिमी, धमतरी में 802.0 मिमी, बिलासपुर में 847.2 मिमी, मुंगेली में 957.0 मिमी, रायगढ़ में 893.5 मिमी, सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 540.5 मिमी, जांजगीर-चांपा में 1002.7 मिमी, सक्ती 858.2 मिमी, कोरबा में 1228.4 मिमी, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही में 983.9 मिमी, दुर्ग में 547.5 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गयी। कबीरधाम जिले में 747.0 मिमी, राजनांदगांव में 894.4 मिमी, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में 998.6 मिमी, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 653.6 मिमी, बालोद में 929.4 मिमी, बस्तर में 991.4 मिमी, कोण्डागांव में 887.6 मिमी, कांकेर में 1088.0 मिमी, नारायणपुर में 1044.3 मिमी, दंतेवाड़ा में 1223.3 मिमी और सुकमा जिले में 1324.8 मिमी औसत वर्षा एक जून से अब तक रिकार्ड की गई।

छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, बिलासपुर द्वारा आयोजित अनुवादक (हिन्दी से अंग्रेजी) कौशल परीक्षा 18 सितंबर को

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छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, बिलासपुर द्वारा अनुवादक (हिन्दी से अंग्रेजी) के एक पद एवं वाहन चालक के एक पद के लिए 17 फरवरी 2024 को लिखित परीक्षा, स्क्रीनिंग परीक्षा आयोजित की गई थी। उक्त परीक्षा में अनुवादक (हिन्दी से अंग्रेजी) पद के अगले चरण की कौशल परीक्षा में शामिल होने हेतु अहर्ता/उत्तीर्ण अभ्यर्थियों के लिए कौशल परीक्षा का आयोजन 18 सितंबर 2024 को छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, बिलासपुर के सभागार में किया जाएगा।
वाहन चालक पद के अगले चरण की कौशल परीक्षा में शामिल होने हेतु अहर्ता/उत्तीर्ण अभ्यर्थियों की कौशल परीक्षा का आयोजन 23 सितंबर 2024 को आयोजित किया जाना प्रस्तावित किया गया है।
द्वितीय चरण की कौशल परीक्षा के आयोजन हेतु स्थान, समय संबंधी सूचना अहर्ता/उत्तीर्ण अभ्यर्थियों को पृथक से प्रवेश पत्र के माध्यम से प्रदाय किया जाएगा, जो कि छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, बिलासपुर की अधिकारिक वेबसाईट
https://cgslsa.gov.in/
में अपलोड किया जाएगा।
समस्त अहर्ता/उत्तीर्ण अभ्यर्थियों को सूचित किया गया है कि वे इस प्राधिकरण के अधिकारिक वेबसाईट का सतत् रूप से अवलोकन करते रहें, जिससे कौशल परीक्षा हेतु निर्धारित समय से अवगत हो सकें।

हाई स्कूल और हायर सेकेण्डरी स्कूल परीक्षा के लिए फार्म भरने की तिथि में वृद्धि

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छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मण्डल रायपुर द्वारा संचालित हाई स्कूल और हायर सेकेण्डरी स्कूल स्वाध्यायी परीक्षा 2025 के परीक्षा हेतु आवेदन प्रत्र की तिथि में वृद्धि की गई है। अब विलंब शुल्क के साथ परीक्षार्थी 9 सितम्बर 2024 से 25 सितम्बर 2024 तक अपना आवेदन फार्म भर सकते हैं।