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किसानों की समृद्धि हमारी सरकार की प्राथमिकता: मंत्री दयाल दास बघेल

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खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री दयाल बघेल ने बुधवार को बेमेतरा जिले के नवागढ़ विकासखंड अंतर्गत ग्राम बदनारा में आयोजित भूमि पूजन कार्यक्रम शामिल हुए। उन्होंने इस मौके पर ग्राम बदनारा में औषधालय सहित आस-पास के उपार्जन केन्द्रों में फड़ सीमेंटीकरण के लिए 2.36 करोड़ रूपए के विकास कार्योें का भूमिपूजन किया।
मंत्री बघेल ने भूमिपूजन कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में हमारी सरकार किसानों को प्राथमिकता में रखकर काम कर रही हैं। किसानों, गरीबों, महिलाओं और युवाओं के हित में बेहतर नीतिगत् फैसले लेकर प्रदेश को आगे बढ़ाने की दिशा में निरन्तर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार समर्थन मूल्य एवं कृषि उन्नति योजना के तहत किसानों से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान 3100 रूपए की भाव से खरीदने के वादे को पूरा किया है। वहीं प्रदेश के लगभग 70 लाख महिलाओं को महतारी वंदन योजना के तहत 1000 रूपए प्रति माह उनके खाते में अंतरित किए जा रहे हैं।
मंत्री बघेल ने कहा कि जिन कार्यों का भूमिपूजन हुआ इनमें आयुर्वेदिक औषधालय बदनारा के लिए 16 लाख रूपए और सेवा सहकारी समिति बदनारा में फड़ सीमेंटीकरण के लिए 20 लाख रूपए का भूमिपूजन शामिल हैं। इसी प्रकार मंत्री बघेल ने सेवा सहकारी समिति सम्बलपुर, कुवरा, पुटपुरा, गोढ़ीकला, बुंदेला, बोरतरा, झाल, रनबोड, नेवसा और मजगांव में भी बीस-बीस लाख रूपए के फड़ सीमेंटीकरण कार्य का भूमिपूजन किया।
इस अवसर पर बेमेतरा जिला पंचायत के सदस्य अंजू बघेल, वरिष्ठ सामजिक कार्यकर्ता सर्व टार्जन साहू, परश वर्मा, इन्द्रा राजपूत, मनीष जायसवाल, अजय साहू, वल्लभ ठाकुर, चंद्रपाल साहू और लालन यादव सहित बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित थे।

रायपुर शहर एवं नवा रायपुर में 02 सितम्बर को पोला पर स्थानीय अवकाश

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राज्य शासन के सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा रायपुर शहर एवं अटल नगर, नवा रायपुर स्थित सभी शासकीय कार्यालयों के लिए सोमवार 02 सितम्बर को पोला पर्व पर स्थानीय अवकाश घोषित किया गया है। यह स्थानीय अवकाश बैंक, कोषालय और उप कोषालय के लिए लागू नहीं होगा।

कलेक्टर ने ली शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक

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कलेक्ट्रोरेट सभाकक्ष में आज कलेक्टर चंदन त्रिपाठी ने स्कूल शिक्षा विभाग की बैठक में विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी, संकुल प्राचार्याे को स्कूलों के बेहतर प्रबंधन एवं दसवी-बारहवी की पढ़ाई गुणवत्तापूर्ण कराने के निर्देश ताकि बोर्ड परीक्षा में विद्यार्थियों के शतप्रतिशत परिणाम आ सके।

बैठक में कलेक्टर त्रिपाठी ने संकुल प्राचार्याे से पिछले वर्ष के दसवी एवं बाहरवी के परीक्षा परिणाम तथा उनके द्वारा की गई तैयारी के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने बताया कि जिले में बोर्ड परीक्षा की तैयारी हेतु परीक्षा विशेष पर जो बिन्दु तैयारी की जायेगी उस पर अमल करते हुए बच्चों को परीक्षा की तैयारी कराई जायेगी। इस वर्ष तिमाही व छमाही की परीक्षा हेतु जिला स्तर पर प्रश्न पत्र तैयार किया जायेगा। साथ ही उत्तर पुस्तिका की मूल्यांकन भी की जायेगी तथा जो कमियों की समीक्षा कर बच्चों को उचित मार्गदर्शन दिया जायेगा।

कलेक्टर ने सभी स्कूलों में यूनिट-यूनिट टेस्ट कराने के निर्देश दिये। साथ ही संकुल प्रभारियों को संकुल के अंतर्गत आने वाले सभी स्कूलों का नियमित निरीक्षण कर प्रतिवेदन जिला शिक्षा अधिकारी को उपलब्ध कराने के निर्देश दिये।

कलेक्टर त्रिपाठी ने कहा संकुल प्राचार्य एवं शैक्षिक समन्वयक अपने संकुल अंतर्गत आने वाली शालाओं को नियमित अवलोकन करे। छात्र-छात्राओं की पढ़ाई की समीक्षा करें, पढ़ाई में कोताही न बरतें। अधोसरंचना, साफ-सफाई, किचन शेड, खाद्य सामग्री को सुरक्षित रखने, मध्यान्ह भोजन, शिक्षा गुणवत्ता, आदि पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिये, साथ ही शौचालय को साफ-सुथरा रखने के निर्देश दिए।उन्होनें स्कूल में पढ़ाई के साथ-साथ अन्य गतिविधियां, खेलकूद, वाद-विवाद, सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन करने के निर्देश दिये ताकि बच्चों को मंच मिले तथा उनमें आत्मविश्वास जागृत हो।

कलेक्टर त्रिपाठी ने स्कूली छात्र-छात्राओं के आय, जाति, निवास-प्रमाण पत्र तथा आधार कार्ड शत-प्रतिशत बनाने के निर्देश दिये। कलेक्टर ने बैठक में सभी शिक्षकों की समय पर एवं नियमित रूप से उपस्थिति सुनिश्चित करने तथा अध्यापन कार्य ईमानदारी पूर्वक करने को कहा। उन्होंने कहा कि यह जिला आदिवासी बाहुल्य जिला है तथा अधिकतर बच्चों के पालक कृषि एवं अन्य कार्य में व्यस्त रहते है अतः शिक्षक बच्चों के पालकों से भी नियमित संवाद करें और बच्चों की शिक्षा से उन्हें अवगत कराते रहे। कलेक्टर ने विकासखण्ड शिक्षा अधिकारियों से एकल शिक्षकीय एवं शिक्षक विहीन स्कूल की जानकारी ली। उन्होंने संकुल प्राचार्यों से बारहवीं में अध्ययनरत जो मेडिकल एवं इंजीनियरिंग में प्रवेश हेतु तैयारी करना चाहते ऐसे बच्चों की सूची उपलब्ध कराने के निर्देश दिये।

जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. आशुतोष चतुर्वेदी ने दसवी-बारहवी में बोर्ड परीक्षा में अच्छे परिणाम हेतु आवश्यक दिशा निर्देश दिये। उन्होंने संकुल प्राचार्यों को अपने अधीनस्थ स्कूलों का नियमित निरीक्षण करने तथा सभी स्कूलों का भली-भांति जानकारी रखने, अपनी जिम्मेदारी को ईमानदारी पूर्वक निभाने को कहा।
बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी श्री जितेन्द्र गुप्ता, विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी सहित संकुल प्राचार्य उपस्थित थे।

29 अगस्त को होने वाला जनदर्शन स्थगित

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मुख्यमंत्री देव साय का हर सप्ताह गुरुवार को होने वाला जनदर्शन इस गुरूवार 29 अगस्त को अपरिहार्य कारणों से स्थगित कर दिया गया है।

छत्तीसगढ़ में सुशासन के 8 माह – विष्णु के सुशासन से सँवर रहा है छत्तीसगढ़

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छत्तीसगढ़ में नई सरकार की कमान संभालते ही मुख्यमंत्री साय ने राज्य के अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के साथ ही वंनाचलों में विकास की रोशनी पहुंचाने, प्रशासन में पारदर्शिता और सुशासन लाने के लिए पहल शुरू की है। बस्तर अंचल के अंदरूनी क्षेत्रों में नए कैम्पों का विस्तार किया जा रहा है। ’नियद नेल्लानार’ योजना शुरू की गई है। इस शब्द का आशय ’आपका अच्छा गांव’। विशेष पिछड़ी जनजातियों के हितग्राहियों के लिए आरंभ की गई। ’पीएम जनमन योजना’ की तरह इस योजना से कैम्पों के निकट पांच किलोमीटर की परिधि के गांवों में 17 विभागों की 53 हितग्राही मूलक योजनाएं एवं 28 सामुदायिक सुविधाओं का लाभ वनांचल क्षेत्र में रहने वाले लोगों को दिया जा रहा है।

इस पहल का ही परिणाम है कि राज्य की जनता को प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा दी गारंटी का तेजी से क्रियान्वयन हो रहा है।मोदी के तीसरी बार प्रधानमंत्री बनने पर प्रदेश में डबल इंजन की सरकार काम कर रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राज्य की बागडोर संभालते ही राज्य में फिर से विकास के लिए नया वातावरण बना है। श्री साय का मानना है कि लोकतंत्र का मूलमंत्र सुशासन है। सुशासन के बिना सच्चे लोकतंत्र की कल्पना नहीं की जा सकती।

प्रदेश सरकार ने भूमिहीन किसानों को दीनदयाल उपाध्याय कृषि मजदूर कल्याण योजना के अंतर्गत 10 हजार रूपए वार्षिक सहायता राशि देने का निर्णय लिया है। अंत्योदय एवं प्राथमिकता राशनकार्डधारी 68 लाख परिवारों को अगले 05 सालों तक निःशुल्क खाद्यान्न वितरण का निर्णय प्रदेश सरकार द्वारा लिया गया है। प्रदेश सरकार ने अपने वायदों को पूरा करते हुए किसानों से 3100 रूपए प्रति क्विंटल की दर से और 21 क्विंटल प्रति एकड़ की मान से धान खरीदी की। प्रदेश में रिकार्ड 145 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी की गई। प्रदेश में कृषि हितैषी नीतियों की वजह से खेती-किसानी में रौनक लौट आई है और किसानों के चेहरों पर मुस्कान नजर आ रही है।

सौम्य सरल व्यक्तित्व के धनी मुख्यमंत्री श्री साय ने राज्य की बागडोर संभालते ही उन्होंने छत्तीसगढ़ की जनता को प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा दी गई गारंटी पर काम करना शुरू किया और मात्र 8 माह में ही अधिकांश गारंटियों को पूरा कर दिखाया। इतने कम समय में जनता को दी गई गारंटी को पूरा करने के लिए यह उनकी प्रशासनिक कुशलता और सफल नेतृत्व का द्योतक है। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में 8 माह की अल्पावधि में कई जन हितकारी फैसलों को समाज के हर वर्ग की तरक्की और खुशहाली अनेक कदम उठाए गए हैैं। सरकार की लोकप्रियता का ग्राफ तेजी से बढ़ रहा है। प्रदेश सरकार सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास ध्येय वाक्य को लेकर जनता की दिन-रात सेवा कर रही है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सरकार ने एक और गारंटी को पूरा करने के लिए महतारी वंदन योजना की शुरूआत की। छत्तीसगढ़ को गढ़ने और संवारने में मातृशक्ति की अहम भूमिका है। महतारी वंदन योजना से प्रदेश की लगभग 70 लाख महिलाओं को लाभ मिल रहा है। पूर्व प्रधानमंत्री भारतरत्न स्वर्गीय श्री अटल बिहारी के जन्म दिवस सुशासन दिवस 25 दिसम्बर को राज्य के लगभग 13 लाख किसानों के बैंक खातें में 2 साल के धान का बकाया बोनस 3 हजार 716 करोड़ रूपए की अंतर राशि अंतरित की गई।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा था कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले बख्शे नहीं जाएंगे। मुख्यमंत्री ने मोदी की इस गारंटी पर त्वरित अमल करते हुए पिछले सरकार के कार्यकाल में राज्य सिविल सेवा परीक्षा (पीएससी) 2021 में हुई गडबड़ी और अनियमितता की जांच का काम सीबीआई को सौंप दिया है। राज्य सरकार ने जनहित को देखते हुए महादेव सट्टा एप केस भी सीबीआई को सौंपा। इसके अलावा बेमेतरा जिले के बिरनपुर प्रकरण की भी सीबीआई जांच कराने का भी निर्णय लिया है। विष्णु देव सरकार ने मोदी की गारंटी के अनुरूप श्री रामलला दर्शन योजना शुरूआत की है। भारत में अपने आप में यह एक अनूठी और अनुकरणीय योजना है। इस योजना में श्रद्धालुओं को सरकारी खर्च में अयोध्या धाम का दर्शन कराया जा रहा है। प्रभु श्री राम का ननिहाल छत्तीसगढ़ माना गया है। इस कारण वे हमारे लिए और अधिक पूजनीय है। अपने भांचा राम के दर्शन के लिए छत्तीसगढ़ का हर नागरिक उत्सुक है।

मुख्यमंत्री साय ने शपथ के कुछ ही घंटो के भीतर 18 लाख परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत पक्के आवास दिए जाने का निर्णय लिया। सबको आवास के साथ ही सबको शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने प्रधानमंत्री श्री मोदी ने जल जीवन मिशन प्रारंभ किया है। प्रदेश में इसके क्रियान्वयन के लिए 4 हजार 500 करोड़ रूपए का बजट रखा है। छत्तीसगढ़ में 50 लाख ग्रामीण परिवारों को नल कनेक्शन प्रदान करने का लक्ष्य रखा गया था। इसमें से 39 लाख 31 हजार परिवारों को नल कनेक्शन उपलब्ध कराया गया है। प्रदेश में आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के साथ ही शहीद वीरनारायण सिंह स्वास्थ्य योजना लागु करने का निर्णय लिया गया है। इन दोनों योजनाओं से छत्तीसगढ़ के 77 लाख 20 हजार परिवारों को 5 लाख रूपए तक निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिल रहा है। प्रदेश सरकार ने राज्य में तेंदूपत्ता संग्राहकों की पारिश्रमिक दर को 4000 रूपए प्रतिमानक बोरा से बढ़ाकर 5500 रूपए कर दिया है। इस साल 13 लाख 5 हजार तेंदूपत्ता संग्राहकों को 855 करोड़ 80 लाख रूपए का भुगतान किया गया है।

आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति विभाग द्वारा नई दिल्ली में संचालित यूथ हॉस्टल में यूपीएससी की तैयारी के लिए अभ्यर्थियों को लिए सीटों की संख्या 50 से बढ़ाकर 185 कर दी गइ है। राजधानी रायपुर के नालंदा परिसर की तरह प्रदेश के 13 और नगरीय निकायों में सर्व सुविधा युक्त लाईब्रेरी का निर्माण किया जाएगा। प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने मेडिकल शिक्षा का लगातार विस्तार किया जा रहा है। संभाग स्तर पर एम्स की तर्ज पर छत्तीसगढ़ इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस (सीआईएमएस) आरंभ करने का निर्णय लिया गया है। युवाओं को बड़े पैमाने पर रोजगार प्रदान करने और अर्थव्यवस्था को तेज रफ्तार देने प्रदेश की नई औद्योगिक नीति 1 नवंबर 2024 को लागू की जाएगी। प्रदेश सरकार द्वारा नवा रायपुर को आईटी हब तथा इनोवेशन हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। नेशनल केपिटल रीजन (एनसीआर) की तरह राज्य सरकार भी स्टेट केपिटल रीजन विकसित करने जा रही हैं। उद्यमी युवाओं को छत्तीसगढ़ उद्यम क्रांति योजना के माध्यम से 50 प्रतिशत सब्सिडी के साथ ब्याज मुक्त ऋण प्रदान करने का निर्णय राज्य सरकार ने लिया है, जिससे युवाओं को अधिक से अधिक अवसर मिल सकेगा।

छत्तीसगढ़ के माओवादी आतंक प्रभावित जिलों के विद्यार्थियों को तकनीकी एवं व्यावसायिक शिक्षा के लिए मिलेगा ब्याज रहित ऋण : मुख्यमंत्री

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छत्तीसगढ़ के माओवादी आतंक से प्रभावित जिलों में कमजोर आर्थिक स्थिति वाले परिवारों के बच्चों को तकनीकी एवं व्यावसायिक उच्च शिक्षा के बेहतर अवसर दिलाने के लिए ब्याज मुक्त ऋण दिया जाएगा। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इन जिलों में अधिक से अधिक विद्यार्थियों को ’मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा ऋण ब्याज अनुदान योजना’ के तहत लाभान्वित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने इसके लिए विशेष अभियान चलाने कहा है।
मुख्यमंत्री साय ने राज्य के अन्य जिलों के कलेक्टरों को भी कमजोर आर्थिक स्थिति वाले परिवारों के बच्चों को भी तकनीकी एवं व्यावसायिक उच्च शिक्षा के लिए एक प्रतिशत के ब्याज दर पर दी जा रही ऋण सुविधा का लाभ दिलाने के निर्देश भी दिए हैं।
उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने बताया कि मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा ऋण ब्याज अनुदान योजना के संचालन के लिए तकनीकी शिक्षा विभाग को नोडल विभाग बनाया गया है। इस योजना के अंतर्गत डिप्लोमा, स्नातक और स्नातकोत्तर स्तर के 35 तकनीकी एवं अन्य व्यावसायिक पाठ्यक्रमों को शामिल किया गया है। योजना में ब्याज अनुदान के लिए शिक्षा ऋण की अधिकतम सीमा रूपये 4 लाख निर्धारित है।
मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा ऋण ब्याज अनुदान योजना के तहत तकनीकी शिक्षा एवं अन्य व्यावसायिक शिक्षा पाठ्यक्रमों में प्रवेशित ऐसे छात्रों को, जिनके परिवारों की वार्षिक आय 2 लाख से कम है, उनको मोेरेटोरियम अवधि के पश्चात ऋण किश्तों के नियमित भुगतान की स्थिति में केवल एक प्रतिशत की दर से ब्याज देय होगा। शेष ब्याज की राशि का भुगतान राज्य शासन द्वारा सीधे संबंधित बैंक को किया जायेगा।
राज्य के माओवादी आतंक प्रभावित जिले बस्तर, बीजापुर, दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा, जशपुर, उत्तर बस्तर कांकेर, कोरिया, नारायणपुर, राजनांदगांव, सरगुजा, धमतरी, महासमुंद, गरियाबंद, बालोद, सुकमा, कोण्डागांव एवं बलरामपुर जिले के छात्रों को ब्याज मुक्त ऋण मिलेगा।
इस योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए निर्धारित शर्ताें में छात्र को छत्तीसगढ़ का मूल निवासी होना चाहिए। छत्तीसगढ़ राज्य में स्थापित तथा सक्षम प्राधिकारी (यथा एआईसीटीई, यूजीसी) मान्यता प्राप्त पाठ्यक्रम प्रवेशित हो। अधिकतम पारिवारिक आय रूपये 2 लाख होनी चाहिए, जो कि सक्षम अधिकारी द्वारा जारी आय प्रमाण-पत्र द्वारा प्रमाणित होनी चाहिए।
योजना के अंतर्गत ब्याज अनुदान के लिए शिक्षा ऋण की अधिकतम सीमा रूपये 4 लाख है। ब्याज अनुदान का लाभ लेने के लिए नियमित रूप से ऋण किश्तों का भुगतान अनिवार्य है। ड्राप ऑउट एवं निष्कासित छात्र इस योजना के लाभार्थी नहीं बने रहेंगे किन्तु चिकित्सीय कारणों से एक वर्ष की अधिकतम सीमा तक अध्ययन में रूकावट होने की दशा में पात्रता बनी रहेगी।
इन पाठ्यक्रमों में मिलेगा लाभ
योजना के अंतर्गत बीई/बीटेक, एमई, एम टेक, डी आर्क, एग्रीकल्चर इंजीनियरिंग, एमसीए, एम.बी.ए, डीई, बी.पी.एड, एमपीएड, पी.जी.डी.सी.ए., बी.एच.एम.एस., बी.ए.एम.एस, बी.एन.वाई.एस, बी.एन.एस., बी.यू.एम.एस, वी.एफ.एस.सी., बी.टेक डेयरी, बी.एग्री, बी.डी.एस, एमडीएस, एमबीबीएस, बीव्हीएससी, बीएससी नर्सिंग बेसिक तथा पोस्ट बेसिक, बी. फार्मा, एम फार्मा, डी फार्मा, डिप्लोमा इन मॉर्डन आफिस मेनेजमेंट, डिप्लोमा इन इंटीरियर डेकोरेशन एण्ड डिजाइन, डिप्लोमा इस कास्टयूम डिजाईन एण्ड ड्रेस मेकिंग, बीएड, डीएड, एमएड, के पाठ्यक्रमों में अध्ययन के लिए योजना का लाभ लिया जा सकता है। अधिक जानकारी के लिए दूरभाष नंबर 0771-2331231 सम्पर्क तथा वेबसाइट
http://www.cgdteraipur.cgstate.gov.in
पर अवलोकन किया जा सकता है।

मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय खेल दिवस की दी शुभकामनाएं

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मुख्यमंत्री साय ने राष्ट्रीय खेल दिवस 29 अगस्त पर प्रदेशवासियों, खिलाड़ियों और खेल-प्रेमियों को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। श्री साय ने कहा कि हॉकी के जादूगर माने जाने वाले मेजर ध्यानचंद के सम्मान और याद में उनके जन्मदिन को हम हर साल खेल दिवस के रूप में मनाते हैं। श्री साय ने मेजर ध्यानचंद के खेल के क्षेत्र में योगदान को याद करते हुए कहा कि ध्यानचंद जी ने हॉकी में अपनी अद्भुत खेल प्रतिभा का प्रदर्शन कर भारत को ओलंपिक में तीन बार गोल्ड मेडल दिलाया। उन्होंने अपने खेल से भारतवासियों का सिर गर्व से ऊंचा किया है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि खेलों का जीवन में बहुत महत्व होता है। खेल से व्यक्तित्व में नेतृत्व, समर्पण, अनुशासन जैसे गुण विकसित होते हैं जो जीवन के हर क्षेत्र में सफल होने के लिए मदद करते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार राज्य की खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने और आगे बढ़ाने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि युवाओं के लिए खेल के क्षेत्र में असीम संभावनाएं हैं। छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर खिलाड़ियों को उभारने के लिए खेल विकास प्राधिकरण का गठन सहित अंतर्राष्ट्रीय स्तर की खेल अधोसंरचनाओं का निर्माण किया गया है।

सिंगल विंडो सिस्टम 2.0 हेतु कार्यशाला 30 अगस्त को

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मुख्यमंत्री साय द्वारा राज्य के उद्योगों को 16 विभागों के माध्यम से मिलने वाली 90 सेवाओं को सिंगल विंडो सिस्टम 2.0 के माध्यम से उपलब्ध कराने हेतु की गई पहल के क्रियान्वयन हेतु जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र जशपुर के द्वारा जिला कार्यालय जशपुर के मंत्रणा सभा कक्ष में समय 12.00 बजे से कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें सिंगल विण्डो सिस्टम 2.0 के संबंध में मिलने वाली सुविधाएं प्राप्त करने हेतु विस्तृत जानकारी दी जाएगी। इस कार्यशाला में सभी इच्छुक नव उद्यमी, उद्यमी, उद्योग प्रतिनिधि, औद्योगिक संगठन, व्यापारिक संगठन शामिल हो सकते हैं।

कलेक्टर ने ली समय-सीमा की बैठक

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कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने आज सुबह 10 बजे से समय सीमा की बैठक लेकर विभिन्न विभागीय योजनाओं और कार्यक्रमां के बेहतर क्रियान्वयन की समीक्षा की। उन्होंने मुख्यमंत्री जनदर्शन, कलेक्टर जन चौपाल, जन शिकायत और अन्य प्राप्त पत्रों की निराकरण के लिए संबंधित विभाग के अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। साथ ही लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत प्राप्त आवेदनों का निराकरण समय सीमा में करने के निर्देश दिए। बैठक में अपर कलेक्टर श्री रवि कुमार साहू, एसडीएम श्री उमेश साहू व डिप्टी कलेक्टर श्री आशीष कर्मा सहित जिला अधिकारी मौजूद थे।

बैठक में कलेक्टर लंगेह ने आगामी 30 अगस्त को राज्यपाल प्रवास के संबंध में अधिकारियों से विभागीय जानकारी ली एवं आवश्यक तैयारी के लिए निर्देश दिए। बैठक में उन्होंने बताया कि 30 अगस्त को प्रदेश के राज्यपाल रमन डेका महासमुंद जिले के प्रवास पर रहेंगे। कलेक्टर लंगेह ने बैठक में कहा कि सड़कों पर मवेशी के जमावड़ा पर विशेष निगरानी रखें और नियमित तौर पर कार्रवाई करते रहें। बार-बार पशुओं की सड़क में आने पर पशु मालिकों पर पेनाल्टी लगाएं। उन्होंने सभी जनपद के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों एवं नगरीय निकायों के मुख्य नगरपालिका अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। कलेक्टर ने मुख्यमंत्री स्कूल जतन योजना के तहत स्कूलों में किए गए मरम्मत कार्यों का मूल्यांकन रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि जिन एजेंसियों ने कार्य किए हैं वे सभी नियुक्त थर्ड पार्टी से मूल्यांकन कराकर रिपोर्ट सौंपे व शेष कार्यों को पूर्ण करें। इसी तरह प्रधानमंत्री आवास योजना के लंबित और अपूर्ण कार्यां को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं। जिन स्वीकृत कार्यां का पंजीयन नहीं हुआ है उनका पंजीयन करने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने पीएम आवास की प्रगति की जानकारी प्रत्येक सप्ताह देने के निर्देश दिए हैं। खरीफ फसल गिरदावरी के कार्यां में भी तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि समय सीमा के पूर्व राजस्व और कृषि विभाग की टीम खेतों में पहुंचकर वास्तविक गिरदावरी का कार्य पूर्ण करें और उसकी ऑनलाईन एंट्री भी सुनिश्चित करें।
कलेक्टर लंगेह बैठक में कहा कि नशा मुक्ति अभियान के तहत प्रत्येक स्कूल और शैक्षणिक संस्थानों के आसपास लगने वाले ठेला और दुकानों में नियमित रूप से जांच की कार्रवाई जारी रखें। प्रतिबंधित नशीली दवाईयों अथवा अन्य प्रचलित दवाइयों जिसका उपयोग नशे के रूप में किया जाता है, पर रोक लगाने और प्रतिबंधित कार्रवाई के निर्देश फूड और ड्रग्स ऑफिसर को दिए गए। कलेक्टर ने कहा कि ग्राम पंचायतों और नगरीय निकायों में मुसाफिरों के लिए पंजी को अद्यतन करें और घर-घर सर्वे कर इसकी जानकारी पुलिस थाना में भी देवें। उन्होंने कहा कि कई मुसाफिर लम्बे समय से बिना जानकारी दिए निवास कर रहें हैं इनकी जानकारी मुसाफिर पंजी में दर्ज किया जाए। बैठक में उन्होंने कहा कि बरसात के सीजन में डायरिया, उल्टी दस्त और अन्य मौसमी संक्रामक बीमारियां फैलने का अंदेशा रहता है, जिसे स्वास्थ्य विभाग पहले से ही पूर्व तैयारी कर लें। प्रारम्भिक जानकारी के पश्चात ही गांव में शिविर लगाएं। उन्होंने पीएचई विभाग को पानी टंकियों की साफ-सफाई एवं क्लोरिनेशन भी करने के निर्देश दिए हैं।
कलेक्टर ने कहा कि प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत निर्धारित शिविर लगाकर उन्हें लाभान्वित करें यह शासन की महत्वाकांक्षी योजना है। लंगेह ने कहा कि वर्तमान में खेती किसानी जोरों पर है ऐसे में किसानों को खाद की किसी भी तरह की दिक्कत न हो इसके लिए आवश्यक भण्डारण और उपलब्धता सुनिश्चित करें। कलेक्टर ने कहा कि इसी तरह सभी पटवारी गांवों में अतिक्रमण पंजी का अद्यतन करें। ताकि अवैध अतिक्रमण पर आवश्यक कार्रवाई किया जा सके। उन्होंने सभी अनुविभागीय अधिकारियों को व्हीकल माउंटेन डीजे पर भी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।

बैठक में जानकारी दी गई कि जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर अब 31 अगस्त को अपने पूर्व निर्धारित स्थल सरायपाली विकासखण्ड के ग्राम बलौदा में ही आयोजित होगा। पहले यह शिविर 30 अगस्त को आयोजित होना था। जिसे अपरिहार्य कारणों से स्थगित करते हुए 31 अगस्त शनिवार को आयोजित किया जाएगा।

कलेक्टर जन चौपाल में मिले 30 आवेदन

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जिला कलेक्ट्रेट में आयोजित होने वाले जन चौपाल में आज कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने जिले के आमजनों की मांगों एवं समस्याओं को गंभीरतापूर्वक सुनी और संबंधित विभाग के अधिकारियों को नियमानुसार निराकरण के लिए निर्देश दिए। जनदर्शन में आज ग्रामीण और शहरी क्षेत्र के 30 आवेदकों ने आवेदन प्रस्तुत किए। कलेक्टर ने सभी आवेदकों की समस्याएं बारी-बारी सुनी और संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर आवेदकों की समस्याओं का निराकरण सुनिश्चित करने कहा।
आज जन चौपाल में आवेदकों ने जाति प्रमाण पत्र, नक्शा त्रुटि सुधार, अतिक्रमण हटाने तथा अन्य समस्याओं व मांगो को लेकर आवेदन सौंपे। इनमें महासमुंद विकासण्ड से ग्राम चोरभट्ठी के श्री हरेन्द्र लाल मिरी व राजकुमारी ने वन भूमि अधिकार पट्टा प्रदाय करने, ग्राम भलेसर ज्योति बाई ने सीमांकन हेतु आवेदन दिए तथा ग्राम बरबसपुर के श्री घनश्याम साहू, ित्रभुवन धीवर व कृषकगणों ने रागी फसल का राशि प्रदाय करने आवेदन सौंपे। कलेक्टर ने कृषि विभाग एवं बीज निगम के अधिकारियों को शीघ्र राशि प्रदान करने के निर्देश दिए। इसी प्रकार बागबाहरा विकासखण्ड के ग्राम कमरौद की सुखवंती पटेल ने विधवा पेंशन के लिए आवेदन दिए। कलेक्टर ने जनपद सीईओ को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। महासमुंद के वार्ड क्रमांक 04 के रहवासी श्रीमती हेमलता राजपूत, लता देवांगन, उर्मिला ठाकुर आदि ने बताया कि शारदा मंदिर के सामने से नए नाली निर्माण करने से नाली का गंदा पानी रिसकर घर के कुआं में सिपेज कर रहा है जिससे पानी न तो पीने योग्य और न ही निस्तारी योग्य है। इस संबंध में कलेक्टर ने नगरपालिका इंजीनियर को जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। जन चौपाल में अपर कलेक्टर रवि कुमार साहू, डिप्टी कलेक्टर आशीष कर्मा सहित संबंधित विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।