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जनसम्पर्क की छायाचित्र प्रदर्शनी बनी आकर्षण का केन्द्र

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78वें स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में राजधानी रायपुर के कचहरी चौक स्थित टाउन हॉल में जनसंपर्क विभाग द्वारा आयोजित 7 दिवसीय छायाचित्र प्रदर्शनी को बेहतर प्रतिसाद मिल रहा है। इस प्रदर्शनी को देखने के लिए प्रतिदिन बड़ी संख्या में स्कूली विद्यार्थी और विभिन्न वर्ग समुदाय के लोग टाउन हॉल पहुंच रहे हैं। यहां प्रदेश सरकार की उपलब्धियों एवं देश के स्वतंत्रता आंदोलन में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले छत्तीसगढ़ के महान क्रांतिकारियों की स्मृतियों को बड़े ही आकर्षक ढंग से प्रदर्शित किया गया है। यह प्रदर्शनी में स्कूली विद्यार्थियों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले प्रतिभागियों के लिए ज्ञानवर्धक है।
प्रदर्शनी देखने के लिए यहां प्रतिदिन आने वाले स्कूली विद्यार्थियों के मध्य क्विज प्रतियोगिता एवं वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन तथा विजयी प्रतिभागियों को तत्काल मिलने वाले पुरस्कार से प्रदर्शनी को लेकर स्कूली विद्यार्थियों और युवाओं में रूझान बढ़ा है। क्विज प्रतियोगिता एवं वाद-विवाद प्रतियोगिता के सुव्यवस्थित आयोजन के लिए इस क्षेत्र के अनुभवी श्री अनंत विकास अपनी सेवाएं दे रहे हैं। स्कूली विद्यार्थियों के मध्य आयोजित उक्त दोनों प्रतियोगिताओं में छत्तीसगढ़ के इतिहास, भूगोल, पुरातत्व पर्यटन, संस्कृति, लोक कला, खेती-किसानी सहित अन्य विषय पर आधारित प्रश्न पूछे जाते हैं और सही उत्तर देने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया जाता है।
भिलाई की रहने वाली नर्सिंग की छात्रा सुश्री चेतना साहू आज टाउन हॉल पहुंची प्रदर्शनी के अवलोकन के बाद उन्होंने कहा कि ऐसी रोचक और ज्ञानवर्धक प्रदर्शनी पहली बार देखी है, जिसमें छत्तीसगढ़ के वीर क्रांतिकारियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई है। यह लोगों और विशेष कर युवाओं के लिए ज्ञानवर्धक व उपयोगी है। उन्होंने बताया कि शासन की योजनाओं की जानकारी सिर्फ राज्योत्सव के स्टाल में देखने को मिलती थी। छायाचित्र प्रदर्शनी के माध्यम से लोगों में जागरूकता लाने का यह प्रयास सराहनीय है। अधिवक्ता श्री सुरेंद्र वर्मन ने बताया कि छत्तीसगढ़ के वीर सपूतों और पुरोधाओं के बारे में रोचक और ज्ञानवर्धक जानकारियां छायाचित्र में प्रदर्शित की गई है, जो नई पीढ़ी और युवाओं के लिए प्रेरक है।
यहां यह उल्लेखनीय है कि इस प्रदर्शनी का शुभारंभ मुख्यमंत्री साय ने बीते 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस के मौके पर किया था। सात दिवसीय यह प्रदर्शनी 21 अगस्त तक चलेगी। छायाचित्र प्रदर्शनी में आजादी की लड़ाई में छत्तीसगढ़ के क्रांतिकारियों का योगदान और उनके महत्वपूर्ण दस्तावेज, स्वतंत्रता आन्दोलन के दौरान उनकी जीवन यात्रा, जंगल सत्याग्रह, भारत छोड़ो आन्दोलन एवं स्वतन्त्रता आंदोलन से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों में उनके योगदानों को प्रदर्शित किया गया है। इसके अलावा राज्य सरकार द्वारा संचालित की गई है। मुख्य योजनाओं महतारी वंदन योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, रामलला दर्शन योजना, कृषक उन्नति योजना, महिला सशक्तीकरण, पीएम जनमन योजना, मुख्यमंत्री जनदर्शन आदि प्रमुख रूप से शामिल है। प्रदर्शनी में अयोध्या के भव्य राम मंदिर में विराजित रामलला की प्रतिमूर्ति रखी गई है। प्रदर्शनी स्थल पर प्रदेश सरकार की उपलब्धियों पर आधारित डाक्यूमेंट्री फिल्म का प्रदर्शन किया जा रहा है।

छत्तीसगढ़ में अब तक 793.4 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज

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राज्य शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा बनाए गए राज्य स्तरीय नियंत्रण कक्ष द्वारा संकलित जानकारी के मुताबिक एक जून 2024 से अब तक राज्य में 793.4 मिमी औसत वर्षा दर्ज की जा चुकी है। राज्य के विभिन्न जिलों में 01 जून 2024 से आज 18 अगस्त सवेरे तक रिकार्ड की गई वर्षा के अनुसार बीजापुर जिले में सर्वाधिक 1720.6 मिमी और सरगुजा जिले में सबसे कम 436.0 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गयी है।

राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष से प्राप्त जानकारी के अनुसार एक जून से अब तक सूरजपुर जिले में 772.5 मिमी, जशपुर में 625.0 मिमी, कोरिया में 781.6 मिमी, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 795.9 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गयी।

इसी प्रकार, रायपुर जिले में 677.1 मिमी, बलौदाबाजार में 821.1 मिमी, गरियाबंद में 755.8 मिमी, महासमुंद में 568.7 मिमी, धमतरी में 728.3 मिमी, बिलासपुर में 708.7 मिमी, मुंगेली में 788.3 मिमी, रायगढ़ में 698.4 मिमी, सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 445.3 मिमी, जांजगीर-चांपा में 780.7 मिमी, सक्ती 656.0 मिमी, कोरबा में 999.4 मिमी, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही में 752.8 मिमी, दुर्ग में 509.0 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गयी। कबीरधाम जिले में 630.1 मिमी, राजनांदगांव में 835.5 मिमी, मोहला-मानपुर-अंबागढ़चौकी में 924.0 मिमी, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 586.8 मिमी, बालोद में 856.0 मिमी, बेमेतरा में 459.3 ममी, बस्तर में 872.2 मिमी, कोण्डागांव में 795.2 मिमी, कांकेर में 1036.7 मिमी, दंतेवाड़ा में 1007.1 मिमी और सुकमा जिले में 1092.3 मिमी औसत वर्षा एक जून से अब तक रिकार्ड की गई।

जिला खनिज संस्थान न्यास की शासी परिषद की बैठक संपन्न

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जिला खनिज संस्थान न्यास की शासी परिषद की बैठक आज संयुक्त जिला कार्यालय के सभाकक्ष में कलेक्टर डी.राहुल वेंकट की अध्यक्षता एवं कैबिनेट मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल की उपस्थिति में आयोजित की गई। बैठक में उच्च प्राथमिकता के 103 कार्य तथा अन्य प्राथमिकता के 22 कार्य कुल 125 कार्यों जिनमे से उच्च प्राथमिकता के 93 कार्य तथा अन्य प्राथमिकता के 22 कार्य जिसमें प्रशासकीय स्वीकृति अनुमोदन किया गया जिनमे से 10 कार्यों को निरस्त व प्रशासकीय स्वीकृति आदेश जारी नहीं किया गया हैं।पेयजल आपूर्ति कार्य के लिए मनेन्द्रगढ़ के कुल 12 कार्याे के लिए कुल अनुमानित राशि 23.87 , शिक्षा के कार्य मनेन्द्रगढ़ 11 व भरतपुर 9, स्वास्थ्य देखभाल के लिए 10 कार्याे के लिए स्वीकृत, कृषि एवं संबंधता 1,स्वछता कार्य 1,सतत जीविकोपार्जन कार्य 1,भरतपुर- खड़गवा-मनेन्द्रगढ़ में जनकल्याण के कुल 68 कार्य, पर्यावरण संरक्षण और प्रदूषण नियंत्रण उपाय के कुल 5 कार्य , कौशल विकास एवं रोजगार के 1 कार्य, प्रशासनिक व्यय के 1 कार्य, ऊर्जा एवं जल विभाग विकास के कुल 6 कार्य, भौतिक अधोसंरचना 9 कार्य वित्तीय वर्ष 2024-25 हेतु वार्षिक कार्ययोजना का स्वीकृत किया गया । बैठक में जिला खनिज संस्थान न्यास के सदस्यों ने राशि का उपयोग शिक्षा, स्वास्थ्य एवं सिंचाई के लिए अधिक से अधिक उपयोग करने पर जोर दिया।

बैठक में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने जिले में बारिश के बाद जल संसाधन विभाग को जलाशयों में जल प्रबंधन के व्यापक उपाय करने के निर्देश दिये। जिले के बाधांे में पर्याप्त जल जमाव के लिए कार्ययोजना तैयार करें। जिससे बारिश के बाद भी फसलों के लिए पानी उपलब्ध बनी रहे। उन्होंने शिक्षा विभाग के माध्यम से स्कूलों का युक्तियुकरण होना है उसे बड़ी निष्पक्षता एवं पारदर्शिता के करें। उन्होंने विद्युत विभाग को जिले के कॉलरी क्षेत्र में सीएसपीडीसीएल के माध्यम से विद्युत विस्तार के निर्देश दिये। विभाग के द्वारा विद्युत का विस्तार होगा तो लोग धीरे-धीरे सब कनेक्शन लेना चालू करेंगे। उन्होंने जिले के एसईसील क्षेत्र के समस्त सड़कों को मरम्मत करने के निर्देश दिये। उन्होंने अर्बन क्षेत्र को अर्बन विभाग के द्वारा तथा एसईसीएल क्षेत्र एसईसीएल के माध्यम से कार्य करने के निर्देश दिये। सरकार बनने के बाद भी जिले में अंधेरा रहता है। संबंधित नगरीय निकायों में पर्याप्त प्रकाश की व्यवस्था हो। ग्रामीण क्षेत्र के कार्यों को भी प्राथमिकता से करने के निर्देश दिये। उन्होंने आंगनबाड़ी, शिक्षा विभाग के भवनों का भौतिक सत्यापन कर कार्यों की गुणवक्तायुक्त कार्य कराने कहा। इसके साथ उन्होंने जिला अधिकारियों को जिला भ्रमण करने के निर्देश दिये। उन्होंने अधिकारियों को जनता से सेवक के रूप में मिलने कहा।बैठक में उपस्थित जिला खनिज संस्थान न्यास के सदस्यों ने भी आवश्यक सुझाव दिए। कलेक्टर डी. राहुल वेंकट ने कहा कि बैठक में उपस्थित जनप्रतिनिधियों के सुझाव को अमल में लाते हुए जिला खनिज संस्थान न्यास की राशि का उपयोग नियमानुसार जिले के विकास के लिए किया जायेगा। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष कोरिया रेणुका सिंह, जनपद अध्यक्ष सोनमती उर्रे, जिला पंचायत सदस्य दृगपाल सिंह, वनमण्डलाधिकारी, मनीष कश्यप, जिला पंचायत सीईओ आशुतोष चतुर्वेदी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अशोक वडेकरगाव,

सरकार की योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने के लिए पूरी इच्छाशक्ति से कार्य करें: उद्योग मंत्री देवांगन

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छत्तीसगढ़ के उद्योग वाणिज्य एवं श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन ने अधिकारियों एवं कर्मचारियों से कहा है कि वे केन्द्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने हेतु पूरी निष्ठा व दृढ़ इच्छाशक्ति के साथ कार्य करें। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने दर्जनों जनहितैषी योजनाओं का क्रियान्वयन किया है, इन योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचे, लोग योजनाओं से लाभांवित हो, यह हम सबका दायित्व है।
उक्त बातें उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन ने नगर निगम आवासीय परिसर कोरबा में आयोजित एक भूमिपूजन कार्यक्रम के दौरान कही। नगर पालिक निगम कोरबा द्वारा वार्ड क्र. 22 अंतर्गत नगर निगम आवासीय परिसर के पास प्रभारी मंत्री मद से स्वीकृत एवं 05 लाख 50 हजार रूपये की लागत से निर्मित होने जा रहे सामुदायिक भवन के निर्माण कार्य का भूमिपूजन प्रदेश के उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन ने बतौर मुख्य अतिथि के रूप में किया। उन्होंने विधिवत पूजा-अर्चना की तथा शिलान्यास पट्टिका का अनावरण कर निर्माण कार्य का शुभारंभ कराया।
उद्योग मंत्री देवांगन ने आगे कहा कि मेरा लगातार प्रयास है कि कोरबा का समग्र विकास हो तथा हमारा कोरबा एक पूर्ण विकसित शहर बनें। उन्होने कहा कि मुझे जनसेवा का सर्वप्रथम अवसर नगर निगम कोरबा के माध्यम से ही मिला था, एक पार्षद के रूप में और एक महापौर के रूप में मैंने कोरबा की जनता की सेवा की, उस दौरान निगम के सभी अधिकारी-कर्मचारियों ने मेरे साथ मिलकर एक परिवार की तरह कार्य किया तथा कोरबा का ऐतिहासिक विकास किया गया।
उद्योग मंत्री देवांगन ने आगे कहा कि कई बड़ी योजनाओं के साथ-साथ लगभग 200 करोड़ रूपये के विकास कार्य वर्तमान में स्वीकृत कराए गए हैं, उन्होने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि इन कार्याे की निविदा आदि की कार्यवाही शीघ्र से शीघ्र संपादित कराएं, ताकि विकास कार्य प्रारंभ किए जा सकें तथा इनका लाभ आमजनता को प्राप्त हो सके।
सार्वजनिक पण्डाल निर्माण की घोषणा
इस अवसर पर नगर निगम कोरबा के अधिकारी कर्मचारियों द्वारा निगम आवासीय परिसर में सार्वजनिक पण्डाल निर्माण कराए जाने का आग्रह उद्योग मंत्री श्री देवांगन से किया, जिसे सहर्ष स्वीकार करते हुए मंत्री श्री देवांगन ने नगर निगम आवासीय परिसर में विधायक निधि से 07 लाख रूपये की लागत से सार्वजनिक पण्डाल का निर्माण कराए जाने की घोषणा की।
कार्यक्रम में डॉ. राजीव सिंह, पार्षद नरेन्द्र देवांगन, चन्द्रलोक सिंह, वरिष्ठ नेत्री उमाभारती सराफ, अजय विश्वकर्मा, अधिवक्ता निखिल शर्मा, नरेन्द्र पाटनवार, आकाश श्रीवास्तव, राखी तिवारी सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में नागरिकगण उपस्थित थे।

पैराटैक्सोनॉमी एवं बायोडायवर्सिटी संरक्षण ट्रेनिंग कोर्स का सफलतापूर्वक समापन

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जैवविविधता से समृद्ध छत्तीसगढ़ राज्य में पाए जाने वाले जीव-जंतु एवं पौध, वनस्पति की प्रजातियों की पहचान करना, उनके औषधीय उपयोग एवं आर्थिक महत्व को जानने के उद्देश्य से पैराटैक्सोनामी एवं जैवविविधता संरक्षण के लिए आयोजित 30 दिवसीय कोर्स का समापन गत दिवस 17 अगस्त को हुआ। उक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम मुख्यमंत्री साय के मंशानुरूप वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप के दिशा निर्देशन में छत्तीसगढ राज्य जैवविविधता बोर्ड एवं राज्य वन अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान के संयुक्त तत्वाधान में बॉटनिकल सर्वे ऑफ इंडिया (BSI) कोलकाता के सहयोग से संपन्न कराया गया।

प्रशिक्षण में बॉटनिकल सर्वे ऑफ इंडिया के विशेषज्ञ प्रशिक्षकों के द्वारा राज्य वन अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान के कैम्पस में दिया गया। यह प्रशिक्षण कांकेर, कोंडागांव, केशकाल, पूर्व भानुप्रतापपुर, पश्चिम भानुप्रतापपुर एवं नारायणपुर वनमंडलों के अंतर्गत गठित बी.एम.सी. के तहत आने वाले जीवविज्ञान में स्नातक/ 12वी. पास छात्र/छात्राओं को चयनित कर दिया गया। प्रशिक्षण में उक्त वनमंडलों से 40 तथा बी.एस.आई. से आए 13 प्रशिक्षणार्थियों कुल 53 प्रशिक्षणार्थी के द्वारा कोर्स में सहभागिता की गई। प्रशिक्षण का मुख्य बिंदु उनके क्षेत्र में पाए जाने वाले जीव जंतु एवं पौध, वनस्पति प्रजातियों की पहचान करना, उनके औषधीय उपयोग को जानना, उनके उत्पादन की मात्रा को जानना था। प्रशिक्षण के दौरान छात्र-छात्राओं को जंगल सफारी, मोहरेंगा, सिरपुर, अर्जुनी, बारनवापारा आदि स्थलों का भ्रमण कराते हुए समृद्ध पौध प्रजातियों के पहचान, उनकी उपयोगिता एवं आर्थिक महत्व की जानकारी दी गई। इस दौरान प्रशिक्षणार्थियों के द्वारा राज्य वन अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान के कैम्पस एवं अन्य स्थानों पर 93 फंगस की प्रजातियां, फ्लोरा की 153 प्रजातियां, औषधीय पौधों की 47 प्रजातियां एवं बीज की 187 प्रजातियों को चिन्हित कर सूचीबद्ध किया गया।

कार्यक्रम के समापन अवसर पर प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख व्ही.श्रीनिवास राव,वैज्ञानिक, बॉटनिकल सर्वे ऑफ इंडिया डॉ. एस.एस. दास उपस्थित थे।
प्रधान मुख्य वन संरक्षक राव ने कहा कि वन विभाग एवं छत्तीसगढ़ राज्य जैवविविधता बोर्ड द्वारा पहली बार इस कोर्स का आयोजन किया गया है तथा पौधों की उपयोगिता एवं आर्थिक महत्व को जानने से ही इन पौधों के महत्व का पता चलता है। इस पैराटैक्सोनामी कोर्स के प्रशिक्षण उपरांत छात्र/छात्राओं को इसे पर्यटन (होमस्टे, नेचर ट्रेल, जंगल गाईड) से जोड़ने तथा इन युवाओं का उपयोग बी.एम.सी. ट्रेनिंग, पी.बी.आर. के अपग्रेडेशन कार्य में उपयोग किए जाने का सुझाव भी दिया गया। श्री राव द्वारा प्रशिक्षण उपरांत 4-5 ग्रामों के बीच एक प्रशिक्षित युवा को रखकर विभागीय कार्यों के साथ समन्वय किये जाने का भी सुझाव दिया गया। साथ ही भविष्य में पुनः इस पैराटैक्सोनामी कोर्स का आयोजन बस्तर वृत्त एवं सरगुजा वृत्त के छात्र/छात्राओं को प्रदान किए जाने हेतु योजना तैयार करने के निर्देश छत्तीसगढ़ राज्य जैवविविधता बोर्ड को दिए।
उक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम छत्तीसगढ़ राज्य जैवविविधता बोर्ड के अध्यक्ष श्री राकेश चतुर्वेदी के कुशल मार्गदर्शन में सफलता पूर्वक संपन्न हुआ।

मोबाइल बेस्ड एप्लीकेशन ’सुगम’ का वाणिज्य मंत्री ने किया लोकार्पण

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वाणिज्यिक कर एवं वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने आज मोबाईल बेस्ड एप्लीकेशन सुगम का लोकार्पण किया। इस एप्लीकेशन में कोई भी व्यक्ति अपनी रजिस्ट्रीकृत दस्तावेज के संपत्ति स्थल पर जाकर स्थल का 03 साईड से फोटो तथा अक्षांश एवं देशांतर भौगोलिक स्थिति को रजिस्ट्री सॉफ्टवेयर में प्रविष्ट कर सकेगा। इससे संपत्ति संबंधी धोखाधड़ी एवं कर अपवंचन को रोकने में सार्थक मदद मिलेगी।
साथ ही श्री चौधरी ने पंजीयन विभाग के कार्यों की समीक्षा की। समीक्षा बैठक मंत्रालय महानदी भवन, अटल नगर नवा रायपुर में आयोजित किया गया था। मंत्री चौधरी ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया कि पंजीयन विभाग जनता से सीधे तौर पर जुड़ा हुआ विभाग है। ऐसा कार्य संस्कृति बनाए कि जनता को किसी प्रकार का कोई असुविधा न हो। पंजीयन के इच्छुक पक्षकारों को किसी भी प्रकार की परेशानियों का सामना न करना पड़े। पंजीयन विभाग में बिचौलियों के प्रवेश को रोकें तथा जनता बिना बिचौलियों के किसी भी दस्तावेज की रजिस्ट्री करा सके, यह सुनिश्चित करें। समीक्षा के दौरान स्टाम्प प्रकरण तथा पंजीयन में अनावश्यक विलंब के तथ्य प्रकाश में आने पर उन्होंने संबंधित जिला पंजीयक एवं उप पंजीयक को समयबद्ध निराकरण के निर्देश दिये।
मंत्री श्री चौधरी ने उपस्थित अधिकारियों को कहा कि लोक सेवक के रूप में उन्हें जनता की सेवा का मौका मिला है। देश अभी विकासशील से विकसित अर्थव्यवस्था की ओर अग्रसर हो रहा है तथा इस यात्रा में अधिकारी और कर्मचारी का योगदान महत्वपूर्ण होता है। अतः सभी अधिकारी और कर्मचारी सकारात्मक सोंच के साथ काम करें, ईमानदारी बरतें तथा पारदर्शिता दिखायें, जिससे वे विकसित भारत के निर्माण के भागीदार बन सकें।
मंत्री चौधरी ने समीक्षा के दौरान राजस्व प्राप्तियों, दस्तावेजों, आर.आर.सी. प्रकरण, स्टाम्प प्रकरण आदि के तुलनात्मक आंकड़ों की गहन समीक्षा की। इस दौरान विभागीय अधिकारियों ने बताया कि पुराने दस्तावेजों के स्कैनिंग का कार्य लगभग पूरा हो चुका है तथा कुछ ही दिनों में पंजीयन विभाग के सर्च एवं नकल मॉड्यूल को पूरी तरह से ऑनलाईन कर दिया जायेगा। इससे कोई भी व्यक्ति ऑफिस में आए बिना निर्धारित शुल्क ऑनलाईन जमा कर पूराने दस्तावेजों की सर्च कर सकेगा तथा नकल ऑनलाईन डाउनलोड कर सकेगा।
अधिकारियों ने समीक्षा के दौरान बताया कि पंजीयन विभाग के कार्यों को कैशलेस, पेपर लेस एवं फेस लेस बनाने की दिशा में तेजी से काम चल रहा है। पंजीयन शुल्क भुगतान के लिए नेट बैंकिंग तथा पी.ओ.एस. से भुगतान चालू कर दिया गया है। मॉडल डीड जनरेशन का काम सॉफ्टवेयर के माध्यम से तेजी से जारी है। इससे कोई भी व्यक्ति वांछित इनपुट भरकर मॉडल रजिस्ट्री के कागजात स्वतः तैयार कर सकता है, जिससे रजिस्ट्री प्रक्रिया को पेपर लेस किया जा सकेगा। पेन कार्ड का इंटीग्रेशन किया जा चुका है। इसके अगले चरण में आधार के इंटिग्रेशन का कार्य भी जारी है। आधार इंटीग्रेशन होने के बाद गवाहों के रजिस्ट्री ऑफिस में आने की प्रथा समाप्त हो जायेगी एवं छद्म एवं फर्जी व्यक्ति के द्वारा रजिस्ट्री जैसी घटनाओं को रोका जा सकेगा। विभाग का लक्ष्य है कि अगले 01 महीने में फेस लेस के प्रथम चरण में हाउसिंग बोर्ड, आर.डी.ए. तथा कॉलोनाइजर्स को यह सुविधा प्राप्त हो जाये। इसके लिए ट्रायल जल्दी ही पूरा कर लिया जायेगा। इससे पक्षकारों को रजिस्ट्री ऑफिस में आये बिना रजिस्ट्री कराने की सुविधा प्राप्त होगी।
मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि विभाग से बिचौलियों को पूरी तरह समाप्त करें। उन्होंने निर्देश दिये कि जिला पंजीयक 10 प्रतिशत की निर्धारित सीमा तक सभी बड़े दस्तावेजों को अनिवार्य रूप से निरीक्षण करें। उन्होंने कहा कि पंजीयन अधिकारियों के मदद से कर अपवंचन को किसी भी तरीके से बर्दाश्त नहीं किया जायेगा।
मंत्री चौधरी ने निर्देश दिया कि छत्तीसगढ़ में वैसे भी गाईड लाइन दर अन्य राज्यों की तुलना में कम है। ऐसी स्थिति में जिला पंजीयक और उप पंजीयक सुनिश्चित करेंगे कि गाईड लाईन से कम दर पर बाजार मूल्य निर्धारण किसी भी प्रकार से न करें। 01 महीने के भीतर दर्ज स्टाम्प प्रकरणों का निराकरण सुनिश्चित करेंगे। 01 सप्ताह के भीतर स्टाम्प रिफंड की कार्यवाही सुनिश्चित करेंगे। अभियान चलाकर बकाया राजस्व की वसूली करेंगे। सभी बड़े दस्तावेजों का अनिवार्य रूप से स्थल निरीक्षण करेंगे लेकिन स्थल निरीक्षण के लिए कोई दस्तावेज मनमाने समय तक पेंडिंग नहीं रखेंगे।
मंत्री श्री चौधरी ने निर्देश दिया कि जनता का कार्य शीघ्रता और परिशुध्दता के साथ संपन्न हो इसके लिए पंजीयन विभाग के सेटअप को रिवाईज्ड किया जाये। रायपुर, दुर्ग तथा बिलासपुर जिले जहां राज्य के कुल राजस्व का 60 प्रतिशत हिस्सा आता है वहां पंजीयन अधिकारियों की संख्या को 04 गुना तक बढ़ाया जाये। विभाग में 505 स्वीकृत अधिकारियों एवं कर्मचारियों के पद के विरूद्ध 260 पद रिक्त हैं। उन्होंने रिक्त पदों पर तत्काल भर्ती करने के निर्देश दिये। उन्होंने भवन विहीन उप पंजीयक कार्यालयों में भवन निर्माण का प्रस्ताव तत्काल भेजने का निर्देश दिया। मंत्री चौधरी ने सभी कार्यालयों में सी.सी.टी.वी. कैमरा एवं बायोमैट्रिक लगाने का भी निर्देश दिया।

छत्तीसगढ़ में अब तक 788.3 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज

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राज्य शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा बनाए गए राज्य स्तरीय नियंत्रण कक्ष द्वारा संकलित जानकारी के मुताबिक एक जून 2024 से अब तक राज्य में 788.3 मिमी औसत वर्षा दर्ज की जा चुकी है। राज्य के विभिन्न जिलों में 01 जून 2024 से आज 17 अगस्त सवेरे तक रिकार्ड की गई वर्षा के अनुसार बीजापुर जिले में सर्वाधिक 1711.6 मिमी और सरगुजा जिले में सबसे कम 424.5 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गयी है।

राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष से प्राप्त जानकारी के अनुसार एक जून से अब तक सूरजपुर जिले में 751.4 मिमी, बलरामपुर में 1128.3 मिमी, जशपुर में 613.4 मिमी, कोरिया में 777.4 मिमी, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 788.7 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गयी।

इसी प्रकार, रायपुर जिले में 677.0 मिमी, बलौदाबाजार में 821.1 मिमी, गरियाबंद में 755.8 मिमी, महासमुंद में 567.9 मिमी, धमतरी में 726.3 मिमी, बिलासपुर में 708.1 मिमी, मुंगेली में 779.7 मिमी, रायगढ़ में 686.1 मिमी, सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 444.3 मिमी, जांजगीर-चांपा में 779.5 मिमी, सक्ती 653.3 मिमी, कोरबा में 985.7 मिमी, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही में 749.5 मिमी, दुर्ग में 502.6 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गयी। कबीरधाम जिले में 626.7 मिमी, राजनांदगांव में 831.6 मिमी, मोहला-मानपुर-अंबागढ़चौकी में 924.0 मिमी, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 585.2 मिमी, बालोद में 848.3 मिमी, बेमेतरा में 456.2 मिमी, बस्तर में 865.1 मिमी, कोण्डागांव में 795.2 मिमी, कांकेर में 1036.5 मिमी, दंतेवाड़ा में 1004.2 मिमी और सुकमा जिले में 1089.5 मिमी औसत वर्षा एक जून से अब तक रिकार्ड की गई।

फोटो प्रदर्शनी के माध्यम से मिल रही ज्ञानवर्धक जानकारी

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राजधानी रायपुर के कचहरी चौक स्थित टाउन हॉल में जनसंपर्क विभाग द्वारा आजादी की 78 वीं वर्षगांठ पर छायाचित्र प्रदर्शनी लगाई गई है। प्रदर्शनी का अवलोकन आम नागरिक महाविद्यालय के विद्यार्थियों और स्कूली बच्चें उत्साह पूर्वक कर रहे हैं। रायपुर के बी.पी. पुजारी स्वामी आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम स्कूल, पी.जी.उमाठे स्वामी आत्मानंद शासकीय स्कूल रायपुर एवं अन्य स्कूलों के विद्यार्थियों के लिए क्विज प्रतियोगिता भी रखी गई थी। जिसमें लगभग 100 बच्चों ने बढ़ चढ़कर कर भाग लिया। बच्चों को प्रदर्शनी के माध्यम से ज्ञानवर्धक बातें भी बताई जा रही है। ताकि बच्चों को आगे प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने में आसानी हो क्विज के माध्यम से इतिहास, संस्कृति, अंग्रेजी, कृषि और रायपुर के प्रसिद्ध जगह और अन्य महत्वपूर्ण विषय के संबंध में प्रतियोगिता में प्रश्न पूछे गए और सही जवाब देने वाले बच्चों को तुरंत इनाम देकर पुरस्कृत भी किया गया।

छाया चित्र का अवलोकन कक्षा 12वीं की प्रिया मसीह, शेख सानिया, नोसिन, यश साहू, सेजल चंद्राकर, राखी साहू,  प्रतिभा, यश साहू, जतिन आदि छात्र एवं छात्राओं ने बताया की आज उनको प्रर्दशनी देखर बहुत अच्छा लगा। जिसमें भारत के छत्तीसगढ़ के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का परिचय सहित फोटो प्रदर्शनी देखकर छत्तीसगढ़ शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की भी जानकारी मिली।

विद्यार्थियों ने बताया कि छायाचित्र प्रदर्शनी के माध्यम से बहुत सारी ज्ञानवर्धक जानकारी मिल रही है। अन्य साथियों को भी इसकी जानकारी देंगे ताकि वे भी इसका लाभ उठा सकें। कक्षा 12वीं की शेख सानिया, राखी साहू,  जतिन एवं अन्य विद्यार्थियों ने क्विज प्रतियोगिता के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम में बढ़चढ़ कर भाग लिया। प्रर्दशनी का श्रीमती आशा राठौर, श्री अरविंद अग्रवाल एवं अन्य शिक्षकों के साथ विद्यार्थियों ने भी अवलोकन किया।

मुख्य सचिव ने संभागायुक्त और कलेक्टरों से की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से बैठक

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मुख्य सचिव अमिताभ जैन ने आज यहां मंत्रालय महानदी भवन से वीडियो कान्फ्रेंस के जरिये राज्य के संभागायुक्तों और कलेक्टर्स की बैठक ली। बैठक में राज्य शासन की महत्वपूर्ण योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में सॉलिड एवं लिक्विड वेस्ट मैनेजमेंट, भू-अर्जन, राजस्व अभिलेखों में त्रुटि सुधार, एक पेड़ मां के नाम, नारी शक्ति से जल शक्ति, जल जीवन मिशन, श्रम पोर्टल में दर्ज श्रमिकों के राशन कार्ड बनाने और बच्चों के अधिकारों का संरक्षण और अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर कलेक्टरों से जिलेवार जानकारी ली।
मुख्य सचिव ने राज्य के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में सॉलिड एवं लिक्विड वेस्ट मैनेजमेंट के लिए ग्रामीण इलाकों में एक कारगर व्यवस्था बनाने पर जोर दिया है। उन्होंने स्वच्छ भारत अभियान के तहत ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों को लगातार मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए हैं। इसी तरह जिलों में जनदर्शन कार्यक्रम के तहत निराकृत प्रकरणों के ऑंकड़े रखने के भी निर्देश दिए हैं। बैठक में राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के अधिकारियों से राजस्व अभिलेखों में त्रुटि सुधार कर प्रकरणों के निराकरण की जिलेवार जानकारी ली गई। भू-अर्जन के बटांकन में आने वाली समस्याओं के निराकरण के लिए लोक निर्माण विभाग, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग, पंजीयन विभाग और सुशासन एवं अभिसरण विभाग के अधिकारियों को आपसी समन्वय से कार्य करने के लिए कहा।
जल संसाधन विभाग के अधिकारियों को नारी शक्ति से जल शक्ति अभियान के तहत महत्वपूर्ण ऑकड़ों को पोर्टल में अपलोड करने और जल जीवन मिशन के तहत शत-प्रतिशत एफएचटीसी प्राप्त करने वाली पंचायतों और ग्रामों में हुई प्रगति की जानकारी ली गई। मुख्य सचिव ने खाद्य विभाग और श्रम विभाग के अधिकारियों को श्रम पोर्टल में दर्ज सभी श्रमिकों के राशन कार्ड अनिवार्य रूप से बनाने के निर्देश दिए हैं। महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों से बाल अधिकारों के संरक्षण के संबंध में जिलेवार की गई कार्यवाही की समीक्षा की। महिला बाल विकास विभाग के अधिकारियों से पोषण ट्रेकर एप में पोषण संबंधी जानकारी की प्रविष्टि की प्रगति की जानकारी ली।
मुख्य सचिव ने नगरीय क्षेत्रों में शासकीय भूमि के आबंटन, व्यवस्थापन और फ्री होल्ड के संबंध में शासन द्वारा जारी परिपत्रों और निर्देशों के तहत जिलेवार की गई कार्यवाही के संबंध में राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के अधिकारियों से विस्तार से जानकारी ली। इसी तरह स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अधिकारियों से विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों के तहत किए गए कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। इस संबंध में जांजगीर-चांपा जिले द्वारा जिले में स्वास्थ्य के क्षेत्र में बेस्ट प्रेक्टिस पर प्रस्तुतिकरण भी दिया। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित इस बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारिक सिंह, महिला एवं बाल विकास विभाग के सचिव श्रीमती शम्मी आबिदी, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के सचिव श्री अविनाश चंपावत, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के विशेष सचिव श्री चंदन कुमार सहित अन्य विभागों के अधिकारी, संभागायुक्त और जिले के कलेक्टर मौजूद थे।

मुख्यमंत्री साय की पहल पर राज्य में मजबूत अधोसंरचना निर्माण के लिए विकास कार्यों की लगातार मिल रही स्वीकृति

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मुख्यमंत्री  साय की मंशानुसार राज्य में मजबूत अधोसंरचना निर्माण के लिए सड़कें, पुल-पुलिया के साथ ही स्कूल, छात्रावास सहित अन्य शासकीय भवनों के निर्माण आदि के लिए राज्य शासन द्वारा लगातार स्वीकृति दी जा रही है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री श्री साय की पहल पर ही जशपुर क्षेत्र के लिए 15 विभिन्न सड़कों के निर्माण की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है।

लोक निर्माण विभाग से मिली जानकारी के अनुसार जशपुर क्षेत्र में भुड़केला से लवानदी तक 2.10 किमी की लंबी सड़क निर्माण कार्य हेतु 2 करोड़ 38 लाख 77 हजार रूपए, बालाछापर-आरा-सकरडेगा मार्ग से छोटा बनई पहुंच मार्ग 2.40 किमी निर्माण कार्य हेतु 2 करोड़ 57 लाख 84 हजार रूपए, बघियाकानी से शिवमंदिर तक मार्ग लंबाई 0.60 किमी निर्माण कार्य हेतु 87 लाख 21 हजार रूपए, ठेठेटांगर से बरंगजोर मार्ग 1.18 किमी निर्माण कार्य हेतु 1 करोड़ 44 लाख 89 हजार रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति मिली है। इसी प्रकार एस.एच.17 में 15/10 से घुईडांड मार्ग 1.70 किमी लंबी सड़क निर्माण कार्य हेतु 01 करोड़ 93 लाख 06 हजार रूपए, गड़ाकटा-दुलदुला मार्ग के किमी 10/4 से ग्राम रजौटी पहुंच मार्ग लंबाई 1.68 किमी. निर्माण कार्य हेतु 1 करोड़ 87 लाख 33 हजार रूपए, कंदाडोड़हा से घुमरा पहुंच मार्ग लंबाई 0.80 किमी निर्माण कार्य हेतु 78 लाख रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है।

इसी तरह मयाली रिसोर्ट से देवबोरा बस्ती पहुंच मार्ग 1.26 किमी लंबी सड़क निर्माण कार्य हेतु 1 करोड़ 27 लाख 41 हजार, बालाछापर-आरा-सकरडेगा मार्ग से कारीताला 2.00 किमी लंबी सड़क निर्माण कार्य हेतु 2 करोड़ 25 लाख 71 हजार रूपए, खरवाटोली से बांधाटोली 2.00 किमी लंबी सड़क निर्माण कार्य हेतु 2 करोड़ 33 लाख 99 हजार रूपए, बेलसोंगा से रनपुर पहुंच मार्ग लंबाई 1.38 किमी निर्माण हेतु 01 करोड़ 70 लाख 95 हजार रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। इसी प्रकार मुख्यमार्ग सिंगीबहार से रघराटोली 1.12 किमी लंबी सड़क निर्माण कार्य हेतु 01 करोड़ 88 लाख 36 हजार रूपए, डिपाटोली (सिंगीबहार) से धवईटोली तक 1.36 किमी लंबी सड़क निर्माण हेतु 02 करोड़ 03 लाख 95 हजार रूपए, बहराखैर से जुड़वाईन लंबाई 1.63 किमी निर्माण कार्य हेतु 2 करोड़ 29 लाख 96 हजार रूपए एवं जशपुर के एन.एच. 73 खड़सा से कोमड़ो तक 1.94 किमी लंबी सड़क निर्माण कार्य हेतु 2 करोड़ 45 लाख 68 हजार रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है।