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छत्तीसगढ़ : बाजार में अब बारिश के सीजन की सबसे महंगी सब्जी ‘सरई बोड़ा’ इसकी कीमत सुनकर आप भी हो जायेंगे हैरान। 

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छत्तीसगढ़ : बाजार में अब बारिश के सीजन की सबसे महंगी सब्जी ‘सरई बोड़ा’ इसकी कीमत सुनकर आप भी हो जायेंगे हैरान। 

छत्तीसगढ़ के गरियाबंद के बाजार में अब बारिश के सीजन की सबसे महंगी सब्जी सरई बोड़ा बिकने आ गई है। बाजार में इसकी कीमत इस बार 300 रुपये पाव यानी 1200 रुपये प्रतिकिलो है।

हालांकि साथ लगते गांवों में सब्जी 500 रुपये प्रतिकिलो तक आसानी से मिल जाती है। अगर आप राजधानी में इसका स्वाद चखना चाहेंगे तो आपको 2000 रुपये प्रतिकिलो के हिसाब से दाम चुकाने पड़ेंगे।

अब जानिए इसकी फसल कैसे लगती है? सब्जी विक्रेता भूरी बाई के अनुसार ये सब्जी पूरी तरह से प्राकृतिक होती है। वन ग्राम क्षेत्र में पाए जाने वाले साल के पेड़ के नीचे यह छोटी-छोटी गोलियों के आकार में मिट्टी के नीचे दबी मिलती है।

बारिश के दिनों में बड़े हो जाते हैं फंगस

साल पेड़ के अवशेष से बनने वाले फंगस बारिश के दिनों में आकार ले लेते हैं। गरियाबंद के बाजार में सब्जी खरीदने आए विक्की ध्रुव के अनुसार स्थानीय भाषा में इसे बोड़ा कहा जाता है। इस सब्जी की खोज पूरी तरह से जंगलों में रहने वाले आदिवासियों ने की थी। इस फंगस का वैज्ञानिक नाम शोरिया रोबुस्टा है।

छत्तीसगढ़ के काला सोना के नाम से प्रसिद्ध इस कीमती सब्जी में प्रोटीन, कार्बोहाईड्रेट और खनिज तत्वों की मात्रा भरपूर होती है। सावन के माह में इसे मांसाहार के विकल्प के रूप में बड़े चाव से खाया जाता है।

लोग कई बार इस सब्जी के बारे में सवाल करते हैं कि यह इतनी महंगी क्यों है? बता दें कि बोड़ा पूरी तरह से प्राकृतिक उत्पाद माना जाता है। इसे पैदा नहीं किया जा सकता है। न ही इसकी खेती हो सकती है। यह पूरी तरह से नेचर पर डिपेंड करता है। माना जाए तो सिर्फ आदिवासियों को ही फ्री मिलता है। यह सिर्फ जंगल में ही पैदा हो सकता है। गांवों के करीबी शहरों में इसकी कीमत 600 रुपये प्रतिकिलो तक हो सकती है।

छत्तीसगढ़ : सड़क निर्माण के अलग-अलग प्रोजेक्ट में चार स्टील कंपनियों ने गुणवत्ताहीन उत्पादों की सप्लाई, NHAI ने कंपनियों को थमाया नोटिस…

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छत्तीसगढ़ : सड़क निर्माण के अलग-अलग प्रोजेक्ट में चार स्टील कंपनियों ने गुणवत्ताहीन उत्पादों की सप्लाई, NHAI ने कंपनियों को थमाया नोटिस…

सड़क निर्माण के अलग-अलग प्रोजेक्ट में छत्‍तीसगढ़ की चार स्टील कंपनियों ने गुणवत्ताहीन उत्पादों की सप्लाई की है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने इन कंपनियों को नोटिस थमाया है। एनएचएआइ ने जब एक्रीडिटेशन बोर्ड फार टेस्टिंग एंड कैलिब्रेशन लेबोरेटरीज (NABL) लैब से स्टील उत्पादों की टेस्टिंग कराई तो उत्पाद टेस्ट में खरे नहीं उतरे।

एनएचएआइ ने गुणवत्ताहीन उत्पाद पर मांगा जवाब, देशभर की 11 कंपनियों में छत्तीसगढ़ की चार कंपनी, उत्पादों की टेस्टिंग कराई तो उत्पाद टेस्ट में खरे नहीं उतरे

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने छत्तीसगढ़ की चार स्टील कंपनियों को नोटिस थमाया है। वजह यह है कि सड़क निर्माण के अलग-अलग प्रोजेक्ट में इन कंपनियों ने गुणवत्ताहीन उत्पादों की सप्लाई की है।

एनएचएआइ ने जब एक्रीडिटेशन बोर्ड फार टेस्टिंग एंड कैलिब्रेशन लेबोरेटरीज (एनएबीएल) लैब से स्टील उत्पादों की टेस्टिंग कराई तो उत्पाद टेस्ट में खरे नहीं उतरे। इस रिपोर्ट के आधार पर एनएचएआइ ने कंपनियों को नोटिस जारी किया है। देशभर में ऐसी 11 कंपनियों को नोटिस जारी करते हुए 15 दिन के भीतर जवाब मांगा गया है।

नोटिस में प्राधिकरण ने साफ लिखा है कि गुणवत्ताहीन उत्पाद सप्लाई करने पर क्‍यों न आपके फर्म की सप्लाई के अनुबंध को समाप्त कर दिया जाए। अन्य कंपनियों में आंध्रप्रदेश, गुजरात, मध्यप्रदेश, तमिलनाडु व पश्चिम बंगाल की कंपनियां शामिल हैं। राष्ट्रीय स्तर पर एनएचआइ द्वारा जारी टेंडर में इन कंपनियों ने हिस्सा लिया था, जिसके बाद उन्हें वर्क आर्डर जारी किया गया था। कंपनियों को एनएचएआइ के नईदिल्ली स्थित मुख्यालय से 19 जून को नोटिस जारी किया गया है।

छत्तीसगढ़ की कंपनियों को महाराष्ट्र में सिक्स लेन रोड एनएच-53 के काम में टीएमटी सप्लाई का कार्य मिला है। यहां कंपनी को वेनगंगा ब्रिज व भंडारा बाइपास में स्टील उत्पादों के लिए अनुबंध हुआ है। एक अन्य कंपनी को मध्यप्रदेश के भोपाल-सागर के बीच एनएच-146 में टीएमटी सप्लाई करने के लिए, वहीं तमिलनाडु के एनएच-45 के निर्माण के लिए टीएमटी बार सप्लाई व रायगढ़ की एक कंपनी को कर्नाटक में एनएच-169 के तहत भारतमाला प्रोजेक्ट के लिए टीएमटी सप्लाई का कार्य मिला था।

एनएचएआइ के अधिकारियों के मुताबिक नोटिस के बाद कंपनी को अपना पक्ष प्रस्तुत करना होगा। इस पर एनएचएआइ निर्णय देगा। दोबारा गुणवत्ता की जांच करने फिर से एनएबीएल लैब में स्टील उत्पादों का परीक्षण होगा। इस परीक्षण में सफल होने के बाद ही कंपनियों को अनुबंध के आधार पर काम मिल पाएगा। दूसरे टेस्ट के पहले कंपनियों को स्टील उत्पादों की गुणवत्ता सुधारना ही होगा।

रायपुर क्षेत्रीय कार्यालय एनएचएआइ प्रोजेक्ट मैनेजेर सुब्रत नाग ने कहा, नोटिस नईदिल्ली मुख्यालय से जारी हुआ है। नोटिस के मुताबिक 15 दिन के भीतर कंपनियों को जवाब प्रस्तुत करना है।

छत्तीसगढ़ : सौम्या चौरसिया की ओर से ईओडब्ल्यू कोर्ट में जमानत के लिए दाखिल याचिका पर सुनवाई खत्‍म, कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया है।

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छत्तीसगढ़ : सौम्या चौरसिया की ओर से ईओडब्ल्यू कोर्ट में जमानत के लिए दाखिल याचिका पर सुनवाई खत्‍म, कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया है।

ईओडब्ल्यू कोर्ट में सौम्या चौरसिया की जमानत पर दोनों पक्षों में घंटेभर हुई बहस, वकील ने EOW के पत्र का हवाला देकर सौम्‍या के जमानत के लिए लगाया आवेदन, ईडी और EOW के FIR में कही भी सौम्‍या के पद का दुरुपयोग का जिक्र नहीं.

कोयला घोटाला केस में जेल में बंद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की निलंबित उपसचिव सौम्या चौरसिया की ओर से ईओडब्ल्यू कोर्ट में जमानत के लिए दाखिल याचिका पर सुनवाई खत्‍म हो गई है। सौम्या चौरसिया की जमानत याचिका पर कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया है।

सौम्‍या के वकील ने कोर्ट के लिए जमानत के दलील रखी और बताया कि पिछली न्यायिक रिमांड डेट पर ईओडब्ल्यू के पत्र का हवाला देते हुए कहा कि जांच एजेंसी ने खुद अपने प्रस्तुत पत्र में अभियुक्ता को न्यायिक रिमांड में रखने की आवश्यकता नहीं बताई थी। साथ ही ईडी के एफआइआर और ईओडब्ल्यू की एफआइआर में कही भी पद का दुरुपयोग करने का सुबूत नहीं है।

एसीबी की तरफ से डॉ. सौरभ कुमार पांडे और बचाव पक्ष से बिलासपुर हाईकोर्ट के वकील हर्षवर्धन परघनिया, फैसल रिजवी के बीच करीब एक घंटे तक बहस चली। कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलील को सुनने के बाद सौम्‍या चौरसिया की जमानत याचिका पर फैसला सुरक्षित रखा है।

महादेव एप सट्टेबाजी केस में नीतीश दीवान को न्यायिक हिरासत में भेजा

वहीं महादेव एप सट्टेबाजी केस में ईओडब्ल्यू की दो दिन की रिमांड पर चल रहे नीतीश दीवान को बुधवार विशेष कोर्ट में पेश किया गया, जहां दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद कोर्ट ने 14 दिन यानि 10 जुलाई तक नीतीश को न्यायिक हिरासत में जेल भेजने का आदेश सुनाया।

एसीबी के अधिवक्ता मिथलेश वर्मा ने बताया कि दो दिन की पूछताछ के बाद नीतीश को कोर्ट में पेश किया गया था।ईओडब्ल्यू की ओर से और रिमांड की मांग नहीं की गई लिहाजा उसे कोर्ट ने न्यायिक रिमांड पर जेल भेजने का आदेश सुनाया।

नीतीश दीवान से ईडी की टीम पहले भी पूछताछ कर चुकी है। महादेव सट्टा से जुड़े लोग जब गिरफ्त में आए थे और उनसे पूछताछ की गई तो हर पूछताछ में नीतीश दीवान का भी नाम सामने आया था।दीवान ने आनलाइन सट्टेबाजी से जुड़े कई राज खोले थे।उसने स्वीकार किया था कि वह एप के प्रमोटर सौरभ चंद्राकर के साथ रहकर पैनल आपरेटर का काम किया करता था।

छत्‍तीसगढ़ : साय मंत्रिमंडल के विस्तार की चर्चा के बीच CM दोबारा जाएंगे दिल्ली…

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छत्‍तीसगढ़ : साय मंत्रिमंडल के विस्तार की चर्चा के बीच CM दोबारा जाएंगे दिल्ली…

छत्‍तीसगढ़ की विष्णुदेव साय कैबिनेट में जिन दो नए मंत्रियों की जगह मिलेगी उनमें एक नया और एक पुराना चेहरा हो सकता है। इसमें पार्टी जातिगत समीकरण साध सकती है। फिलहाल साय सरकार में 11 मंत्रियों में छह मंत्री अन्य पिछड़ा वर्ग यानी ओबीसी वर्ग से आते हैं।

साय मंत्रिमंडल के विस्तार की चर्चा के बीच CM दोबारा जाएंगे दिल्ली, बृजमोहन के साय कैबिनेट से इस्तीफा के बाद रिक्‍त हुआ मंत्री पद, दुर्ग के भाजपा विधायक गजेंद्र यादव को बनाया जा सकता है मंत्री.

छत्तीसगढ़ में मंत्रिमंडल की विस्तार की चर्चा के बीच मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय शुक्रवार को फिर दिल्ली जा रहे हैं। कयास लगाए जा रहे हैं कि दिल्ली में पार्टी के शीर्ष नेताओं के साथ मंथन करके मंत्रिमंडल में दो अन्य विधायकों के नामों पर अंतिम सहमति ली जा सकती है। इसके बाद मंत्रिमंडल के नए सदस्यों का ऐलान हो सकता है। भाजपा के क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल और संगठन मंत्री पवन साय अभी दिल्ली में हैं। प्रदेश प्रभारी नितिन नबीन भी दिल्ली की बैठक में शामिल हो सकते हैं। रात में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से उनकी मुलाकात होगी।

माना जा रहा है कि इस मुलाकात में राज्य कैबिनेट में बदलाव को फाइनल किया जाएगा। दिल्ली रवाना होने से यहां यूनिफाइड कमांड की बैठक में शामिल होंगे। इस बैठक में राज्य पुलिस और गृह विभाग के आला अफसर, नक्सल मोर्चे पर तैनात केंद्रीय अर्द्धसैनिक बल के अफसरों के पड़ोसी राज्यों महाराष्ट्र, ओडिशा, तेलंगाना और आंध प्रदेश के अधिकारी भी शामिल होंगे।

यूनिफाइड कमांड की बैठक के बाद सीएम दोपहर दो बजे मुख्यमंत्री निवास से एयरपोर्ट के लिए रवाना होंगे और दोपहर दो बजकर 55 मिनट पर नियमित विमान से दिल्ली रवाना हो जाएंगे। वहां शाम सवा पांच बजे छत्तीसगढ़ सदन पहुंचेंगे।

गौरतलब है कि इसके पहले 25 जून को सीएम दिल्ली पहुंचे थे तब उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की थी। अब केवल राष्ट्रीय अध्यक्ष नड्डा की अंमित मुहर बाकी है। बतादें कि 21 जुलाई से विधानसभा का मानसून सत्र शुरू हो रहा है। ऐसे में सत्र से पहले ही सरकार कैबिनेट का विस्तार कर लेना चाह रही है।

सांसद बनने के बाद 17 जून को शिक्षा मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने साय कैबिनेट से इस्तीफा दिया था, उसके बाद प्रदेश दो मंत्रियों का पद रिक्त है। अभी मुख्यमंत्री समेत 11 मंत्री कार्यरत हैं। राज्यपाल द्वारा बृजमोहन अग्रवाल का 20 जून 2024 को मंत्री पद से इस्तीफा मंजूर करने के बाद बृजमोहन के तमाम स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा, संसदीय कार्य, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व, पर्यटन एवं संस्कृति विभाग का प्रभार फिलहाल मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ही संभाल रहे हैं।

पार्टी सूत्रों के अनुसार साय कैबिनेट में जिन दो नए मंत्रियों की जगह मिलेगी उनमें एक नया और एक पुराना चेहरा हो सकता है। इसमें पार्टी जातिगत समीकरण साध सकती है। वर्तमान में कार्यरत 11 मंत्रियों में छह मंत्री अन्य पिछड़ा वर्ग यानी ओबीसी वर्ग से आते हैं। इनमें उप मुख्यमंत्री अरुण साव, वित्त मंत्री ओपी चौधरी, उद्याेग मंत्री लखनलाल देवांगन, राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल और महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े शामिल हैं।

पार्टी सूत्रों के अनुसार दुर्ग से आने वाले भाजपा विधायक गजेंद्र यादव को मंत्री बनाया जा सकता है। वह भी ओबीसी वर्ग से आते हैं। ऐसे में अगर उनकी एंट्री हुई तो एक ओबीसी मंत्री को हटाया जा सकता है। इसी तरह सामान्य वर्ग से अभी तक केवल एक उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा हैं। जबकि अनुसूचित जनजाति वर्ग यानी आदिवासी समाज से तीन मंत्री हैं। इनमें मुख्यमंत्री विष्णुदेव समेत कृषि मंत्री रामविचार नेताम और वन मंत्री केदार कश्यप शामिल हैं। अनुसूचित जाति वर्ग से भी केवल एक मंत्री दयालदास बघेल हैं।

जातिगत समीकरण के उधेड़बुन में उलझी भाजपा के बीच मंत्रियों के बीच सामाजिक व जातिगत समीकरण का संतुलन बनाना बड़ी चुनौती है। रायपुर से राजेश मूणत, कुरूद विधायक अजय चंद्राकर, बिलासपुर से अमर अग्रवाल, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष धरमलाल कौशिक, बस्तर से लता उसेंडी का नाम चर्चा में है। इसी तरह नए चेहरे में रायपुर से पुरंदर मिश्रा, दुर्ग से गजेंद्र यादव, पंडरिया विधायक भावना बोहरा,केशकाल विधायक नीलकंठ टेकाम, सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो का नाम शामिल है।

छत्तीसगढ़ : ओम बिरला लगातार दूसरी बार लोकसभा के अध्यक्ष, बधाई एवं शुभकामनाएं, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय…

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छत्तीसगढ़ : ओम बिरला लगातार दूसरी बार लोकसभा के अध्यक्ष, बधाई एवं शुभकामनाएं, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय…

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि ओम बिरला लगातार दूसरी बार लोकसभा के अध्यक्ष चुने गए हैं। उन्होंने बिरला को बधाई एवं शुभकामनाएं दी है। उन्होंने कहा कि उनका पिछला पांच साल का कार्यकाल भी बहुत अच्छा रहा है। सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चली। अब उनको दोबारा मौका मिला है। उन्होंने कहा कि मुझे विश्वास है कि उनकी अध्यक्षता में लोकसभा अच्छे से चलेगी। छत्तीसगढ़ में साय कैबिनेट की दो मंत्री पद खाली होने पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव ने कहा कि जल्द ही इसका विस्तार होगा।

छत्‍तीसगढ़ : विधानसभा चुनाव की आचार संहिता के दौरान नारायणपुर के भाजपा नेता रतन दुबे की हत्या और टेरर फंडिंग की जांच…

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छत्‍तीसगढ़ : विधानसभा चुनाव की आचार संहिता के दौरान नारायणपुर के भाजपा नेता रतन दुबे की हत्या और टेरर फंडिंग की जांच…

राष्ट्रीय अन्वेषण एजेंसी ने विधानसभा चुनाव की आचार संहिता के दौरान नारायणपुर के भाजपा नेता रतन दुबे की हत्या और टेरर फंडिंग की जांच शुरू करते हुए बुधवार को बस्तर में तकरीबन 10 जगह छापेमारी की है।

राष्ट्रीय अन्वेषण एजेंसी ने विधानसभा चुनाव की आचार संहिता के दौरान नारायणपुर के भाजपा नेता रतन दुबे की हत्या और टेरर फंडिंग की जांच शुरू करते हुए बुधवार को बस्तर में तकरीबन 10 जगह छापेमारी की है।
सूत्रों के अनुसार एक और टीम ने गरियाबंद में पोलिंग पार्टी पर नक्सली हमले की जांच के सिलसिले में तीन-चार परिसरों पर छापे मारे हैं। ज्यादातर छापे उन परिसरों पर पड़े हैं, जिनके नाम नक्सलियों से नजदीकियों को लेकर उठते रहे हैं। एनआइए ने आधा दर्जन से ज्यादा मोबाइल फोन जब्त किए हैं। इसके अलावा बस्तर छापे में लगभग 10 लाख रुपये और गरियाबंद केस से जुड़े छापे में लगभग तीन लाख रुपये जब्त करने की जानकारी है।

एनआइ ने छापे की जानकारी अपनी अधिकृत वेबसाइट पर शेयर की है। जिसके मुताबिक एनआइए ने बस्तर में बुधवार को नारायणपुर जिले के तोयनार, कौशलनार, धौड़ाई, कोंगेरा और बड़े नहोद गांवों पर 10 से ज्यादा जगह छापे मारे हैं। सभी गांव नक्सल प्रभावित हैं। यहां से एनआइए ने कई मोबाइल फोन, एक टैबलेट, 9.90 लाख रुपये तथा नक्सली पर्चे भी बरामद किए हैं। छापे में एनआइए को कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिली हैं।

सूत्रों के अनुसार एनआइए की टीम ने 2023 के विधानसभा चुनाव के दौरान पोलिंग पार्टी पर हमले की जांच भी शुरू कर दी है। इस हमले में नक्सली कनेक्शन की आशंका जताई गई थी। हमले में आइटीबीपी का एक जवान घायल हुआ था। जानकारी के मुताबिक एनआइए ने बड़े गोबरा इलाके के कुछ परिसरों को जांच के दायरे में लिया है। यहां से भी कुछ मोबाइल फोन और करीब तीन लाख रुपये जब्त करने की सूचना है।

छत्‍तीसगढ़ : आयुष्मान योजना के नाम बदलने पर सियासत, भाजपा-कांग्रेस ने नाम बदलने पर लगाए एक-दूसरे पर आरोप…

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छत्‍तीसगढ़ : आयुष्मान योजना के नाम बदलने पर सियासत, भाजपा-कांग्रेस ने नाम बदलने पर लगाए एक-दूसरे पर आरोप…

छत्‍तीसगढ़ में योजना का नाम बदलने पर सियासत शुरू हो गई है। छत्‍तीसगढ़ सरकार ने डाक्टर खूबचंद बघेल स्वास्थ्य सहायता योजना का नाम बदलकर शहीद वीरनारायण सिंह आयुष्मान स्वास्थ्य योजना कर दिया है। इसका आदेश लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने जारी किया है।

भाजपा-कांग्रेस ने नाम बदलने पर लगाए एक-दूसरे पर आरोप, पूर्व स्वास्थ्य मंत्री ने कहा, यह लोकतंत्र के लिए स्वस्थ परंपरा नहीं, इससे पहले कांग्रेस ने बदला था आयुष्मान योजना का नाम.

छत्‍तीसगढ़ सरकार ने डाक्टर खूबचंद बघेल स्वास्थ्य सहायता योजना का नाम बदलकर शहीद वीरनारायण सिंह आयुष्मान स्वास्थ्य योजना कर दिया है। इसका आदेश लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने जारी किया है। प्रदेश में योजना का नाम बदलने पर सियासत शुरू हो गई है। कांग्रेस ने इसे खूबचंद बघेल का अनादर बताया है। वहीं, भाजपा का कहना है कि नाम बदलने की परिपाटी कांग्रेस की रही है। आयुष्मान योजना का नाम कांगेस ने बदला था।

पूर्व स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव का कहना है कि यह लोकतंत्र के लिए स्वस्थ परंपरा नहीं है। यदि सरकार नए सिरे से कुछ योजना चालू करती हैं तो उसे अपने हिसाब से नाम रखें। पहले से संचालित कार्यक्रम योजना का नाम बदलना सही नहीं है। यह परंपरा अच्छी नहीं है। ऐसे में यह एक परिपाटी बन जाएगी कि आज मैं हूं सत्ता में तो अपने हिसाब से नाम रखा, कल कोई और आया तो वह अपने हिसाब से नाम रखेगा। योजना का नाम रखने पर सवाल नहीं उठा रहे हैं।

यह सवाल नाम बदलने को लेकर है। सरकार नई योजना, नया कार्यक्रम शुरू कर उसका नाम रख तो कोई सवाल नहीं उठाएगा। बताते चलें कि पूर्व कांग्रेस सरकार में आयुष्मान योजना, मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना, संजीवनी सहायता कोष, मुख्यमंत्री बाल ह्रदय योजना, मुख्यमंत्री बाल श्रवण योजना व राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम को मिलाकर एक योजना संचालित की गई थी, जिसमें डा. खूबचंद बघेल स्वास्थ्य सहायता योजना (डीकेबीएसएसवाय) नाम दिया गया था।

संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएं में पदस्थ वित्त नियंत्रक, संयुक्त संचालक, उप संचालक, राज्य कार्यक्रम अधिकारी, राज्य नोडल तथा अन्य अधिकारियों के कार्यों आवंंटन किया गया है। शहीद वीरनारायण सिंह आयुष्मान स्वास्थ्य योजना की जिम्मेदारी नोडल अधिकारी डा. खेमराज सोनवानी की जगह प्रभारी उप संचालक डा. धर्मेन्द्र गहवई को दिया गया है। डा. खेमराज सोनवानी को राज्य क्षय अधिकारी, अतिरक्त परियोजना संचालक (एड्स), प्रशिक्षण संबंधी समस्त कार्य दिए गए हैं।

दीन दयाल उपाध्याय स्वावलंबन योजना – राजीव गांधी स्वावलंबन योजना

पं. दीनदयाल उपाध्याय सर्वसमाज मांगलिक भवन योजना – डा. बीआर आंबेडकर सर्वसमाज मांगलिक भवन योजना

पं. दीनदयाल उपाध्याय एलईडी पथ प्रकाश योजना- इंदिरा प्रियदर्शिनी एलईडी पथ प्रकाश योजना

पं दीनदयाल उपाध्याय आजीविका केंद्र योजना- राजीव गांधी आजीविका केंद्र योजना

पं. दीनदयाल उपाध्याय शुद्ध पेयजल योजना – इंदिरा प्रियदर्शिनी शुद्ध पेयजल योजना

राजमाता विजयाराजे कन्या विवाह योजना – मिनीमाता कन्या विवाह योजना

पं. दीनदयाल उपाध्याय अन्न श्रम सहायता योजना- शहीद वीर नारायण सिंह श्रम सहायता योजना

छत्तीसगढ़ : महादेव एप सट्टेबाजी केस में ईओडब्ल्यू की दो दिन की रिमांड पर चल रहे नीतीश दीवान को 14 दिन तक न्यायिक हिरासत में जेल भेजने का आदेश…

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छत्तीसगढ़ : महादेव एप सट्टेबाजी केस में ईओडब्ल्यू की दो दिन की रिमांड पर चल रहे नीतीश दीवान को 14 दिन तक न्यायिक हिरासत में जेल भेजने का आदेश…

महादेव एप सट्टेबाजी केस में ईओडब्ल्यू की दो दिन की रिमांड पर चल रहे नीतीश दीवान को बुधवार विशेष कोर्ट में पेश किया गया, जहां दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद कोर्ट ने 14 दिन यानि 10 जुलाई तक नीतीश को न्यायिक हिरासत में जेल भेजने का आदेश सुनाया।

एसीबी के अधिवक्ता मिथलेश वर्मा ने बताया कि दो दिन की पूछताछ के बाद नीतीश को कोर्ट में पेश किया गया था। ईओडब्ल्यू की ओर से और रिमांड की मांग नहीं की गई लिहाजा उसे कोर्ट ने न्यायिक रिमांड पर जेल भेजने का आदेश सुनाया।

नीतीश दीवान से ईडी की टीम पहले भी पूछताछ कर चुकी है। महादेव सट्टा से जुड़े लोग जब गिरफ्त में आए थे और उनसे पूछताछ की गई तो हर पूछताछ में नीतीश दीवान का भी नाम सामने आया था।दीवान ने आनलाइन सट्टेबाजी से जुड़े कई राज खोले थे।उसने स्वीकार किया था कि वह एप के प्रमोटर सौरभ चंद्राकर के साथ रहकर पैनल आपरेटर का काम किया करता था।

छत्तीसगढ़ :  कोयला घोटाला केस में जेल में बंद सौम्या चौरसिया की ओर से ईओडब्ल्यू कोर्ट में जमानत के लिए 27 जून को सुनवाई…

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छत्तीसगढ़ :  कोयला घोटाला केस में जेल में बंद सौम्या चौरसिया की ओर से ईओडब्ल्यू कोर्ट में जमानत के लिए 27 जून को सुनवाई…

कोयला घोटाला केस में जेल में बंद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की निलंबित उपसचिव सौम्या चौरसिया की ओर से ईओडब्ल्यू कोर्ट में जमानत के लिए आवेदन लगाया है। इस पर गुरूवार 27 जून को सुनवाई होगी। कोयला घोटाला केस में जेल में बंद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की निलंबित उपसचिव सौम्या चौरसिया की ओर से ईओडब्ल्यू कोर्ट में जमानत के लिए आवेदन लगाया है। इस पर गुरूवार 27 जून को सुनवाई होगी।

छत्तीसगढ़ : रायपुर दक्षिण विधानसभा का उपचुनाव अगले छह महीनों के भीतर होना है। इसके लिए भाजपा और कांग्रेस दोनों ही पार्टियों ने अपनी-अपनी कवायद…

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छत्तीसगढ़ : रायपुर दक्षिण विधानसभा का उपचुनाव अगले छह महीनों के भीतर होना है। इसके लिए भाजपा और कांग्रेस दोनों ही पार्टियों ने अपनी-अपनी कवायद…

रायपुर दक्षिण विधानसभा का उपचुनाव अगले छह महीनों के भीतर होना है। इसके लिए भाजपा और कांग्रेस दोनों ही पार्टियों ने अपनी-अपनी कवायद शुरू कर दी है। भाजपा के शीर्ष नेताओं की दिल्ली की दौड़ शुरू हो गई है। वहीं, संगठन की मानें तो, भाजपा दक्षिण से बृजमोहन अग्रवाल की तरह ही ऐसे प्रत्याशी की तलाश में जुटी है, जो कि अगले 20 से 25 वर्षों तक दक्षिण की कमान संभाल सके और भाजपा का गढ़ वहां बना रहे। इसके लिए भाजपा संगठन में चर्चाओं का दौर भी लगभग अपने अंतिम चरण पर है।

सूत्रों के अनुसार भाजपा इस बार किसी युवा चेहरे पर दांव खेल सकती है। इसके लिए संगठन के पदाधिकारियों की टेलीफोनिक चर्चा भी की जा चुकी है। हालांकि, नाम पर अंतिम मुहर केंद्रीय नेतृत्व की ओर से ही तय किया जाएगा। इसके लिए भाजपा के राज्य के शीर्ष नेतृत्व ने दिल्ली में इनकी चर्चा भी की जा रही है, जिस पर चुनावी अधिसूचना जारी होने के बाद कभी भी मुहर लग सकती है।

इसी बीच शहर में दक्षिण विधानसभा के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों में वाल पेंटिंग से लेकर होर्डिंग लगवाने का दौर भी शुरू हो चुका है। इसके अलावा टिकट की आस लगाए बैठे नेताओं ने जनसंपर्क भी शुरू कर दिया है, ताकि संगठन की नजर उन पर पड़े और टिकट मिले।

भाजपा की ओर से संगठन में रहे केदार गुप्ता, संजय श्रीवास्तव, अवधेश जैन और नंदन जैन के नाम लोगों के अलावा संगठन के बीच चर्चा में चल रहे हैं। इसके अलावा पार्षदों में भी दावेदारी की होड़ सी मची हुई है। जिसमें मीनल चौबे, मृत्युंजय दुबे, मनोज वर्मा सहित आधा दर्जन से ज्यादा पार्षद शामिल हैं।

भाजपा में दावेदारों के नाम सामने आ रहे हैं, उस हिसाब से दक्षिण का रण काफी रोचक होता दिखाई दे रहा है। चूंकि भाजपा की सरकार है और दक्षिण पहले से ही भाजपा का गढ़ है। ऐसे में टिकट नहीं मिलने पर भितरघात का भी सामना भाजपा को करना पड़ सकता है।

भाजपा से टिकट में संगठन के अलावा संघ के करीबी पर भी जोर दिया जा रहा है, ताकि किसी भी प्रकार के भितरघात का खतरा न रहे। वहीं, कांग्रेस से इस बार पुराने प्रत्याशी भी अपनी-अपनी दावेदारी ठोंक रहे हैं, लेकिन पुराने चेहरों की हार को देखते हुए कांग्रेस भी इस बार किसी युवा चेहरे को मौका दे सकती है।