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Iran-US War 2.0:  शुरू हो गया महायुद्ध 2.0! ईरान ने दिया अमेरिकी हमले का जवाब, मार गिराया MQ-9, F-35 को खदेड़ने का दावा…

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IRGC Shot Down MQ-9 Forces to leave F-35: ईरान-अमेरिका के युद्ध का दूसरा चरण लगभग शुरू हो गया है. भले ही सीजफायर को बढ़ाने का ऐलान हो चुका है लेकिन अमेरिका की दक्षिण ईरान पर की गई कार्रवाई के बाद अब आईआरजीसी ने बड़ा दावा किया है. ईरानी न्यूज एजेंसी तस्नीम के मुताबिक उसने अमेरिकी ड्रोन मार गिराया है और F-35 को अपने एयरस्पेस से खदेड़ दिया है.

खाड़ी में चल रहे बवाल के खत्म होने के आसार नजर आ ही रहे थे कि अचानक अमेरिका की ओर से हुए हमले ने एक बार फिर से खाड़ी में गोले-बारूद की आवाज गुंजा दी है. पहले अमेरिका ने दावा किया कि उसने अपनी रक्षा में दक्षिणी ईरान की नावों पर हमला किया है. इसके जवाब में अब ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड ने दावा किया है कि उसने अमेरिका के एक MQ-9 ड्रोन को मार गिराया है. IRGC ने ये भी दावा किया हैहा कि उसने अमेरिकी RQ-4 ड्रोन और F-35 लड़ाकू विमान को ईरानी हवाई क्षेत्र छोड़ने पर मजबूर कर दिया. तस्नीम न्यूज एजेंसी के मुताबिक, IRGC ने अमेरिका को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर युद्धविराम का उल्लंघन हुआ तो ईरान जवाबी कार्रवाई करने का अधिकार सुरक्षित रखता है.

इसी बीच ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने खाड़ी देशों और अमेरिका को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि अब खाड़ी क्षेत्र के देश अमेरिकी सैन्य ठिकानों के लिए ढाल का काम नहीं करेंगे. अल जजीरा के मुताबिक खामेनेई ने अपने टेलीग्राम चैनल पर कहा कि अब अमेरिका के लिए खाड़ी क्षेत्र सुरक्षित ठिकाना नहीं रहेगा. बकरीद के मौके पर जारी अपने संदेश में खामेनेई ने कहा कि समय को पीछे नहीं मोड़ा जा सकता और अब क्षेत्र के देश पहले जैसे हालात स्वीकार नहीं करेंगे. ईरानी सरकारी टीवी और AFP की रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका का प्रभाव पश्चिम एशिया में लगातार कमजोर हो रहा है और हर गुजरते दिन के साथ उसकी स्थिति पहले से कम होती जा रही है.

हमलों के साथ वार्ता भी है जारी

इसी बीच ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध रोकने को लेकर बातचीत भी आगे बढ़ती दिख रही है. रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि 14 बिंदुओं वाले संभावित समझौता ज्ञापन पर कई मुद्दों पर सहमति बन चुकी है, हालांकि अंतिम समझौता अभी दूर है. बताया जा रहा है कि बातचीत का मुख्य फोकस युद्ध रोकना और अमेरिका की नौसैनिक नाकेबंदी हटाना है. इसके बदले ईरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए कदम उठा सकता है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रस्तावित समझौते में 60 दिनों का युद्धविराम, होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलना और क्षेत्र में तनाव कम करने जैसे कदम शामिल हो सकते हैं.

दरअसल परमाणु मुद्दा अभी भी दोनों देशों के बीच सबसे बड़ा विवाद बना हुआ है. अमेरिका चाहता है कि ईरान अपने उच्च स्तर पर संवर्धित यूरेनियम के भंडार को खत्म करे, जबकि तेहरान इस पर पूरी तरह सहमत नहीं दिख रहा. इसके अलावा बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम, प्रतिबंधों में राहत और हिज्बुल्लाह जैसे ईरान समर्थित समूहों को लेकर भी मतभेद जारी हैं. रॉयटर्स के मुताबिक अगर ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल इस समझौते को मंजूरी देती है, तो इसे अंतिम स्वीकृति के लिए मोजतबा खामेनेई के पास भेजा जाएगा. वहीं अमेरिकी अधिकारियों का दावा है कि खामेनेई पहले ही इस समझौते की व्यापक रूपरेखा को समर्थन दे चुके हैं.

भारत के हाथ लग गई होर्मुज की चाबी, 1 जून से मिल सकता है नया रास्‍ता, खाड़ी देशों से अफ्रीका और यूरोप तक बेधड़क एंट्री!

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भारत और ओमान के बीच 1 जून से मुक्‍त व्‍यापार समझौता लागू होने जा रहा है. इस समझौता सिर्फ सामान की अदला-बदली का नहीं होगा, बल्कि यह भारत के लिए नया कॉरिडोर खोल सकता है. होर्मुज के मौजूदा संकट से निपटने के लिए यह काफी मददगार साबित हो सकता है.

भारत पिछले कुछ दशक के सबसे बड़े ऊर्जा संकट से गुजर रहा है. ईरान और अमेरिका के बीच जारी लंबे युद्ध ने तेल और गैस सहित तमाम सेक्‍टर पर जबरदस्‍त असर डाला है. चौतरफा मुश्किलों से घिरे भारत के लिए अगले महीने की शुरुआत से एक राहत भरी खबर आ रही है. भारत और खाड़ी देश ओमान के बीच मुक्‍त व्‍यापार समझौता 1 जून, 2026 से लागू हो जाएगा. इस समझौते की सबसे खास बात ये है कि ओमान होर्मुज के दायरे से बाहर है तो इस समझौते से भारतीय अर्थव्‍यवस्‍था को क्‍या फायदा मिलने वाला है.

भारत और ओमान के बीच 18 दिसंबर, 2025 को कॉम्प्रिहेंसिव इकनॉमिक पार्टनरशिप एग्रीमेंट (CEPA) हुआ था, जो 1 जून से प्रभावी हो जाएगा. भारत ने पिछले कुछ समय से ओमान के अलावा कई देशों के साथ मुक्‍त व्‍यापार समझौता किया है. जाहिर है कि इस समझौते से दोनों ही देशों को एक-दूसरे के बाजार में बिना टैरिफ चुकाए अपने सामान बेचने का मौका मिलेगा, लेकिन ओमान इस मामले में कुछ खास है. इसकी सबसे बड़ी वजह उसका होर्मुज के दायरे से बाहर होना. इसका मतलब है कि दोनों देशों के बीच बिना होर्मुज की बाधा के ही कारोबार किया जा सकता है.

एफटीए से क्या होगा फायदा
इस मुक्‍त व्‍यापार समझौते में ओमान ने भारत के 98.08 फीसदी सामानों पर टैरिफ खत्‍म कर दिया है. इससे भारत का ओमान को किया जाने वाला 99.38 फीसदी एक्‍सपोर्ट पूरी तरह टैरिफ फ्री हो जाएगा. इसका मतलब है कि भारत का लगभग पूरा ही निर्यात टैरिफ फ्री हो जाएगा. भारत ने भी ओमान से आने वाले 77.79 फीसदी सामानों पर टैरिफ खत्‍म कर दी है, जो कुल आयात का 94.81 फीसदी होता है. भारत ने कुछ संवेदनशील सेक्‍टर जैसे डेयरी प्रोडक्‍ट, चॉकलेट और ज्‍वैलरी सेक्‍टर को इस एफटीए से बाहर रखा है.

भारत के किस सेक्‍टर को होगा फायदा

  • टेक्सटाइल, गारमेंट्स, लेदर, फुटवेयर
  • जेम्स एंड ज्वेलरी
  • इंजीनियरिंग गुड्स, ऑटोमोबाइल्स, प्लास्टिक, फर्नीचर
  • फार्मास्यूटिकल्स, मेडिकल डिवाइसेज
  • एग्रीकल्चर प्रोडक्ट्स (चावल, अनाज आदि)
  • भारतीय प्रोफेशनल्स की मोबिलिटी आसान होगी और IT, हेल्थकेयर, एजुकेशन, लॉजिस्टिक्स आदि में बेहतर एक्सेस मिलेगा.
  • ओमान में 100% FDI की सुविधा कई सेक्टरों में मिलेगी.
  • दोनों देशों का द्विपक्षीय व्यापार अभी करीब 10.6 अरब डॉलर है, जबकि इस समझौते से यह बढ़कर 12.5 अरब डॉलर पहुंच सकता है.

होर्मुज संकट में कैसे मददगार
होर्मुज से आवाजाही पर असर की वजह से भारत का आयात काफी प्रभावित हो रहा है. अभी शिपिंग रूट बदलने पड़ रहे, जिससे इंश्‍योरेंस की कॉस्‍ट बढ़ रही है और आयात महंगा हो रहा है. ओमान के साथ समझौता होने से वहां के पोर्ट खासकर सलालाह और दुक्‍म को भारत अपने हब के रूप में इस्‍तेमाल कर सकता है. यह दोनों पोर्ट होर्मुज स्‍ट्रेट से बाहर हैं और हिंद महासागर के रास्‍ते सीधे जुड़े हुए हैं. भारत इन पोर्ट के जरिये खाड़ी देश, अफ्रीका और यूरोप को अपना सामान भेज भी सकता है और वहां से मंगवा भी सकता है.

कम हो जाएगी होर्मुज पर निर्भरता
ट्रेड मार्केट एक्‍सपर्ट तो इस समझौते को ओमान ट्रेड कॉरिडोर भी कहने लगे हैं. उनका कहना है कि पेट्रोकेमिकल्‍स सहित तमाम सामान को ओमान के रास्‍ते डायवर्ट करके निर्यात अथवा आयात किया जा सकता है. इससे होर्मुज पर निर्भरता कम हो जाएगी और भारत को व्‍यापार का नया रास्‍ता मिलेगा. ओमान हमेशा से न्‍यूट्रल और मीडिएटर की भूमिका निभाता है. इस समझौते से उसका भारत के साथ संबंध तो बेहतर होगा ही, सामान के साथ व्‍यापार के नए कॉरिडोर को खोलने में भी मदद मिलेगी.

अपनापन के विमोचन समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय…

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जुड़े अनुभवों और सार्वजनिक जीवन की आत्मीय यात्रा पर आधारित है केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान की पुस्तक’
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने दी शुभकामनाएं, कहाजनसेवा के अनुभव समाज के लिए प्रेरणा बनते हैं’

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज नई दिल्ली स्थित पूसा परिसर में आयोजित केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की पुस्तक ‘अपनापन’ के विमोचन समारोह में शामिल हुए। यह पुस्तक प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के साथ श्री चौहान के सार्वजनिक जीवन, आत्मीय संबंधों और कार्य अनुभवों पर आधारित है, जिसमें नेतृत्व, जनसेवा और व्यक्तिगत संवेदनाओं को प्रेरक एवं भावनात्मक शैली में प्रस्तुत किया गया है।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने श्री शिवराज सिंह चौहान को पुस्तक के प्रकाशन पर शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सार्वजनिक जीवन के अनुभवों को पुस्तक के माध्यम से समाज तक पहुँचाना एक प्रेरणादायी पहल है। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयास जनप्रतिनिधियों के अनुभवों, कार्यशैली और जनसेवा के मूल्यों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में जनसेवा, सुशासन और संवेदनशील नेतृत्व की नई कार्यसंस्कृति विकसित हुई है। इस पृष्ठभूमि में सार्वजनिक जीवन के अनुभवों पर आधारित यह पुस्तक निश्चित रूप से पाठकों को प्रेरित करेगी तथा नेतृत्व और समाजसेवा के विभिन्न आयामों को समझने का अवसर प्रदान करेगी। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्रीगण, देश के विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री, जनप्रतिनिधि और अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

‘सीएम हेल्पलाइन 1076Ó के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जिला स्तरीय प्रशिक्षण का आयोजन…

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– सीएम हेल्पलाइन शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन के फीडबैक के तौर पर उपयोगी एवं कारगर : कलेक्टर’
– कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक सहित जिला प्रशासन प्रशिक्षण में रहे मौजूद’
– संवेदनशीलता, तत्परता एवं सक्रियता से जनमानस की समस्याओं का करें निराकरण’
– जनमानस की सेवा की दिशा में एक अभिनव पहल’
– शासन-प्रशासन की सेवाएं बनेंगी अधिक सशक्त’

राजनांदगांव: शासकीय सेवाओं एवं योजनाओं से संबंधित जनमानस से प्राप्त शिकायतों के त्वरित, गुणवत्तापूर्ण एवं समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित किये जाने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ शासन द्वारा ‘सीएम हेल्पलाइन एवं शिकायत प्रबंधन प्रणालीÓ के रूप में ऐसी व्यवस्था विकसित की गई है, जहां जनता की आवाज सीधे शासन तक पहुंचेगी। इसी कड़ी में कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव की उपस्थिति में आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में ‘सीएम हेल्पलाइन 1076Ó के प्रभावी क्रियान्वयन, शिकायतों के समयबद्ध निराकरण तथा जमीनी स्तर पर सुचारू संचालन सुनिश्चित किये जाने के उद्देश्य से जिला स्तरीय प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। इस दौरान पुलिस अधीक्षक सुश्री अंकिता शर्मा, वनमंडलाधिकारी श्री आयुष जैन उपस्थित रहे। विकासखंड स्तरीय अधिकारी वीडियो कान्फ्रेसिंग के माध्यम से प्रशिक्षण कार्यक्रम से जुड़े रहे। कलेक्टर ने कहा कि सीएम हेल्पलाइन शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन के फीडबैक के तौर पर प्रक्रियाओं के पालन के लिए उपयोगी एवं कारगर साबित होगी। मुख्यत: जनमानस से प्राप्त विभिन्न प्रकार के शिकायतों के निराकरण की प्रणाली जिनमें सीएम जनदर्शन, जनदर्शन, पीजी पोर्टल, पीजीएन, जनसमस्या निवारण शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इन्हीं सभी शिकायतों के समेकित स्वरूप में सीएम हेल्पलाईन होगी। उन्होंने कहा कि जनमानस की सेवा की दिशा में यह एक अभिनव पहल है।

कलेक्टर ने कहा कि सुशासन सरकार में इसके लिए प्रतिक्रिया आधारित एक मजबूत और जवाबदेह फ्रेमवर्क तैयार किया जा रहा है, ताकि हर शिकायत का समयबद्ध और प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जा सके। लोगों को शासन तक सीधी पहुंच की सुविधा मिलेगी, पारदर्शिता बढ़ेगी और शासन-प्रशासन की सेवाएं अधिक सशक्त बनेंगी। सीएम हेल्पलाईन संजीवनी की तरह कार्य करेगा। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि संवेदनशीलता, तत्परता एवं सक्रियता से जनमानस की समस्याओं का निराकरण करें। इसमें जनसामान्य के शिकायतों के बाद मिले फीडबैक का भी रिकार्ड रखें। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि इस प्रशिक्षण में अपनी जिज्ञासाओं एवं प्रश्रों का अच्छी तरह समाधान करें। शिक्षा, पुलिस, पंचायत अन्य विभाग जहां स्टॉफ अधिक हैं, वहां सजगतापूर्वक शिकायतों के निराकरण के लिए प्रतिबद्ध टीम बनाएं। जिले में सीएम हेल्पलाईन के बेहतरीन क्रियान्वयन के लिए सभी अधिकारी अच्छा कार्य करेंगे। जिस तरह से सभी अधिकारियों ने ई-ऑफिस सीख लिया है, इसी तरह एक नए कार्यप्रणाली को अपनाएं और अच्छी तरह सीखें। देश के 14 राज्यों में यह व्यवस्था लागू है। कुछ चुनौतियां आएगी, लेकिन सीखते हुए उनका निराकरण करते हुए आगे बढ़ें।

सीएम हेल्पलाइन सुशासन अभिसरण विभाग के सलाहकार श्री आरएस शर्मा ने बताया कि सीएम हेल्पलाईन अंतर्गत शिकायतों के निराकरण के लिए समय-सीमा निर्धारित की गई है। इसके साथ ही शिकायतकर्ता का फीडबैक लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि नागरिकों का फीडबैक इस पूरी प्रणाली की सबसे बड़ी ताकत है। समाधान होने के बाद संबंधित नागरिक से सीधे संपर्क कर उसकी प्रतिक्रिया ली जाएगी, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि समस्या का वास्तव में समाधान हुआ है या नहीं। व्यक्ति अगर समाधान से संतुष्ट होता है, तभी शिकायत का पूर्ण निराकरण माना जाएगा। लेकिन यदि कोई असंतुष्ट है तो शिकायत स्वत: सक्रिय हो जाएगी। सीएम हेल्पलाइन के प्रावधान, संचालन एवं समस्याओं के निराकरण किये जाने हेतु प्रेजेन्टेशन के माध्यम से जिला स्तरीय अधिकारियों को विस्तार पूर्वक प्रशिक्षण दिया गया।

सूचना प्रौद्योगिकी विशेषज्ञ श्री सौरभ श्रीकांत ने बताया कि सीएम हेल्पलाइन एवं शिकायत प्रबंधन प्रणाली के तहत प्रदेश का कोई भी नागरिक टोल फ्री नंबर 1076 सहित वेब पोर्टल, मोबाइल ऐप और व्हाट्सएप जैसे आधुनिक मल्टी चैनल किसी भी माध्यम से कॉल करके, 24*7 अपनी शिकायत आसानी से दर्ज करा सकता है। शिकायत दर्ज होते ही उन्हें एक विशिष्ट पहचान संख्या मिलेगी। जिसके माध्यम से शिकायतकर्ता को अपनी शिकायत की पूरी स्थिति किस विभाग में, किस अधिकारी के पास लंबित है और कार्यवाही हुई या नहीं, इसके साथ ही समाधान में कितना समय लगेगा इसके बारे में विस्तृत जानकारी मिलेगी। शिकायत दर्ज होने के बाद उसे संबंधित विभाग और अधिकारी तक तुरंत पहुंचाया जाएगा। यह पूरी प्रक्रिया तकनीक आधारित मॉनिटरिंग सिस्टम से जुड़ी होगी। जिसमें हर स्तर पर अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी और शिकायतों के अनावश्यक लंबित रहने की संभावना नहीं होगी। इस पूरी व्यवस्था की निगरानी सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय और संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा की जाएगी। रियल टाइम मॉनिटरिंग की इस व्यवस्था से प्रशासन अधिक जवाबदेह, पारदर्शी और सक्रिय बनेगा। जिससे आम नागरिकों की समस्याओं का तेजी से निराकरण सुनिश्चित होगा। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ सुश्री सुरूचि सिंह, अपर कलेक्टर श्री सीएल मारकण्डेय, अपर कलेक्टर श्री प्रेम प्रकाश शर्मा, नगर निगम आयुक्त श्री अतुल विश्वकर्मा, एसडीएम श्री गौतम पाटिल सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।

भारत स्काउट्स एवं गाइड्स छत्तीसगढ़ तथा यूनिसेफ के संयुक्त तत्वावधान में मासिक धर्म स्वच्छता प्रबंधन विषय पर शिविर का हुआ आयोजन…

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राजनांदगांव: भारत स्काउट्स एवं गाइड्स छत्तीसगढ़ तथा यूनिसेफ के संयुक्त तत्वावधान में जिला स्काउट भवन स्टेट स्कूल परिसर राजनांदगांव में मासिक धर्म स्वच्छता प्रबंधन विषय पर शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में माहवारी नहीं कोई बीमारी, माहवारी की जानकारी महिला का है सम्मान सूत्र के माध्यम से किशोरियों को जागरूक कर उनकी झिझक शंका का समाधान किया गया। साथ ही महिला सम्मान एवं महिला स्वास्थ्य जागरूकता पीरियड्स पर खुलकर भ्रांतियां पर चर्चा कार्यक्रम आयोजित की गई। सभी ने अपने कार्य क्षेत्र सहित घर परिवार आस-पड़ोस से इस विषय पर खुलकर चर्चा करने का संकल्प लिया। जिससे महिला स्वास्थ्य के प्रति सजगता सहित सामाजिक भ्रांतियों को दूर किया जा सके।

कार्यशाला का संचालन एवं प्रशिक्षण जिला संगठन आयुक्त स्काउट, श्री मयूख श्रीवास्तव श्रीमती भारती रजक जिला संगठन आयुक्त गाइड श्रीमती पूजा शर्मा गाइडर द्वारा किया गया। कार्यक्रम में राज्य उपाध्यक्ष श्री राजेन्द्र गोलछा, जिला मुख्य आयुक्त श्री महेश खंडेलवाल, प्राचार्य शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला बघेरा श्रीमती सैमुअल मैडम, जिला सचिव श्री देवेंद्र अम्बादे, विकास खण्ड सचिव स्काउट गाइड श्री टोमन लाल पटेल, श्री रामलाल चंद्रवंशी, श्री रामनारायण साहू, श्री प्रवीण साव, विकासखण्ड सह सचिव श्रीमती सुनीता चंद्राकर, श्री मनीष कुमार सोनी सहित सभी विकासखंड राजनांदगांव, छुरिया, डोंगरगढ़, डोंगरगांव विभिन्न शालाओं से स्काउटर-गाइडर स्काउट, गाइड प्रभारी डॉ आंबेडकर ओपन रोवर क्रू सरोजनी ओपन रेंजर टीम के रोवर रेंजर ने प्रशिक्षण लिया।

जिला अस्पताल एवं स्वास्थ्य केन्द्रों में गर्मी के दृष्टिगत सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई…

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राजनांदगांव: मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नेतराम नवरतन ने बताया कि गर्मी के दृष्टिगत जिला अस्पताल राजनांदगांव के सभी वार्डों में एसी एवं कूलर की व्यवस्था की गयी है। साथ ही अस्पताल परिसर में पर्याप्त पंखों तथा शुद्ध व शीतल पेयजल व्यवस्था की गयी है। इसी क्रम में सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों व उप स्वास्थ्य केन्द्रों में भर्ती मरीजों तथा ओपीडी हेतु पंखे एवं कूलर की व्यवस्था की गयी है। साथ ही आवश्यकता अनुसार जीवनदीप समिति से पंखे एवं कूलर की पूर्ति की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा नागरिकों को लू से बचाव सहित अन्य स्वास्थ्य जागरूक किये जाने हेतु अलर्ट जारी किया गया है। सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में हीट स्ट्रोक संबंधी आईसी प्रदर्शित की गयी है। हीट स्ट्रोक संबंधी दैनिक रिपोर्टिंग आईएचआईपी पोर्टल के माध्यम से सभी संस्थानों से की जा रही है।

प्राक्चयन परीक्षा के मॉडल उत्तर के संबंध में दावा-आपत्ति 30 मई तक आमंत्रित…

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राजनांदगांव: मुख्यमंत्री बाल भविष्य सुरक्षा योजनांतर्गत प्रयास आवासीय विद्यालयों अंतर्गत सत्र 2026-27 के कक्षा 9वीं में प्रवेश हेतु आयोजित प्राक्चयन परीक्षा का मॉडल उत्तर विभागीय वेबसाईट https://eklavya.cg.nic.in पर प्रदर्शित किया गया है। जारी मॉडल उत्तर के संबंध में 30 मई 2026 तक कार्यालय सहायक आयुक्त आदिवासी विकास राजनांदगांव में स्वयं उपस्थित होकर दस्तावेजों (प्रमाण) सहित दावा आपत्ति प्रस्तुत कर सकते है। बिना प्रमाण के दावा-आपत्ति को पूर्णत: अमान्य किया जाएगा। प्राप्त दावा आपत्ति के परीक्षण पश्चात विशेषज्ञों द्वारा अंतिम निर्णय लिया जाएगा। दावा आपत्ति के संबंध में विषय विशेषज्ञों का अंतिम निर्णय ही अंतिम एवं सर्वमान्य होगा। डाक द्वारा दावा-आपत्ति स्वीकार नहीं किया जाएगा।

सुशासन तिहार 2026 – किसान के्रेडिट कार्ड अंतर्गत 72 हजार रूपए का ऋण मिलने पर खेती किसानी के लिए मिली मदद…

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– सुशासन तिहार रहा सुखद

राजनांदगांव: सुशासन तिहार ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक, सामाजिक परिवर्तन एवं जनजागरूकता की बयार है। सुशासन तिहार अंतर्गत डोंगरगांव विकासखंड के ग्राम कोपेडीह में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर ग्राम कोपेडीह निवासी किसान श्री धारसिंह साहू के लिए सुखद रहा।

शिविर में उन्हें किसान के्रेडिट कार्ड अंतर्गत 72 हजार रूपए ऋण का चेक प्राप्त हुआ। चेक मिलने पर उन्होंने खुशी जाहिर करते हुए बताया कि अब ऋण की राशि का उपयोग खेती-किसानी के कार्य में करेंगे। उनके पास 3.32 एकड़ जमीन है और वे धान और गेहूं की फसल लेते है। खेती किसानी का कार्य अच्छी तरह से कर रहे है।

उन्होंने बताया कि निंदाई, गुड़ाई, रोपा एवं अन्य कार्य समय पर होने से अच्छी फसल हो रही है। सरकार ने किसानों को लाभ दिया है। खेती किसानी से अच्छी आय मिलने पर अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा दिला रहे है। उन्होंने कहा कि सरकार की लोकहितकारी योजनाएं किसानों के लिए बहुतफायदे मंद हो रही है।

सरकार की कृषक उन्नति योजना अंतर्गत धान की खरीदी से लाभ मिला है। इसके साथ ही सरकार की अन्य योजनाओं का लाभ भी ले रहा हूं। उन्होंने बताया कि शिविर में आने से जनमानस को बहुत लाभ मिल रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में शासन की योजनाओं के प्रति जागरूकता आयी है और ग्रामीणों को आयुष्मान कार्ड, लर्निंग लाईसेंस, श्रम कार्ड, राशन कार्ड, आधार कार्ड, महतारी वंदन योजना के तहत ई-केवायसी सत्यापन, नि:शुल्क स्वास्थ्य जांच सहित अन्य लाभ मिल रहे हैं।

उन्होंने किसान के्रेडिट कार्ड योजना अंतर्गत फसलों की खेती के लिए छोटी-मोटी आवश्यकताओं के लिए ऋण मिल जाने से किसानों को राहत मिल रही है। किसान क्रेडिट कार्ड योजना अंतर्गत किसान परिवार की आवश्यकताओं, कृषि से संबंधित रखरखाव, निवेश के लिए ऋण मिलने पर किसानों को मदद मिल रही है। उन्होंने किसानों के लिए जनहितकारी योजनाओं हेतु प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को धन्यवाद दिया।

जिले में 4 जून को होगी डी.एड प्रवेश परीक्षा….

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– 22 परीक्षा केंद्रों में 6712 परीक्षार्थी होंगे शामिल’
– सुबह 9.30 बजे बंद हो जाएंगे परीक्षा केंद्रों के मुख्य द्वार’

राजनांदगांव: जिले में 4 जून 2026 को छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल द्वारा आयोजित डीएड प्रवेश परीक्षा का आयोजन किया जाएगा। परीक्षा के लिए जिले में कुल 22 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें 6712 परीक्षार्थी सम्मिलित होंगे। परीक्षा सुबह 10 बजे से अपरान्ह 1.15 बजे तक आयोजित होगी। परीक्षा केंद्रों के मुख्य द्वार सुबह 9.30 बजे बंद कर दिए जाएंगे, जिसके बाद किसी भी परीक्षार्थी को प्रवेश की अनुमति नहीं होगी।

व्यापम के निर्देशानुसार परीक्षार्थियों को प्रवेश पत्र एवं फोटोयुक्त पहचान पत्र अनिवार्य रूप से साथ लाना होगा। परीक्षा केंद्र में मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, बैग, कैलकुलेटर, इयरफोन, धात्विक वस्तुएं तथा किसी भी प्रकार की नकल सामग्री लाना पूर्णत: प्रतिबंधित रहेगा। परीक्षार्थियों को केवल नीले अथवा काले बॉल पेन की अनुमति होगी। साथ ही परीक्षार्थियों को आधी बाँह वाले सादे एवं हल्के रंग के कपड़े पहनकर परीक्षा केंद्र में उपस्थित होना होगा।

परीक्षा की सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए प्रत्येक केंद्र में हैंडहेल्ड मेटल डिटेक्टर से अनिवार्य फ्रिस्किंग, मैनुअल पैट-डाउन चेक एवं प्रवेश प्रक्रिया की वीडियोग्राफी कराई जाएगी। महिला परीक्षार्थियों की फ्रिस्किंग महिला पुलिस कर्मियों तथा पुरूष परीक्षार्थियों की फ्रिस्किंग पुरूष पुलिस कर्मियों द्वारा की जाएगी।

परीक्षा के सुचारू एवं निष्पक्ष संचालन के लिए सेक्टर मजिस्ट्रेट, उडऩदस्ता दल, नोडल अधिकारी, पुलिस नोडल अधिकारी एवं पर्यवेक्षक दल की नियुक्ति की गई है, जो परीक्षा अवधि के दौरान सतत निगरानी करेंगे। जिला प्रशासन ने सभी परीक्षार्थियों से अपील की है कि वे निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए समय से पूर्व परीक्षा केंद्र पहुंचे, आवश्यक दस्तावेज साथ रखें तथा शांतिपूर्ण एवं निष्पक्ष परीक्षा संचालन में सहयोग प्रदान करें।

प्रधानमंत्री आवास योजना से तोषण यादव के घर-परिवार में आई खुशियां…

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राजनांदगांव विकासखंड के ग्राम डिलापहरी की निवासी श्रीमती तोषण यादव के जीवन में प्रधानमंत्री आवास योजना ने नई उम्मीद और खुशियां लेकर आई है।

कभी जर्जर कच्चे मकान में रहने को मजबूर परिवार आज पक्के घर में सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन जी रहा है। श्रीमती तोषण यादव बताती हैं कि पहले उनका कच्चा मकान काफी जर्जर हो गया था। बरसात के दिनों में घर की स्थिति और खराब हो जाती थी तथा परिवार को कई परेशानियों का सामना करना पड़ता था। परिवार के सदस्यों को असुरक्षा की चिंता बनी रहती थी। ऐसे समय में प्रधानमंत्री आवास योजना उनके लिए सहारा बनी। योजना के तहत स्वीकृत आवास से अब उनका सुंदर और पक्का आशियाना बन गया है। उन्होंने बताया कि पक्के मकान से परिवार को सुरक्षा, सुविधा और सम्मान मिला है। अब परिवार के पांच सदस्य बेहतर वातावरण में रह रहे हैं। घर में बारिश, गर्मी और अन्य मौसम की परेशानियों से राहत मिली है। श्रीमती तोषण यादव ने कहा कि हर जरूरतमंद गरीब परिवार को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ उठाना चाहिए। यह योजना गरीब परिवारों के लिए बहुत मददगार है। पक्का मकान बनने से हमारे परिवार की जिंदगी बदल गई है। उन्होंने सुशासन तिहार 2026 के तहत लगाए जा रहे शिविरों की सराहना करते हुए कहा कि सुशासन तिहार शिविर लगने से लोगों को बहुत फायदा होता है। शासन की योजनाओं की जानकारी और लाभ एक ही जगह मिल जाता है। श्रीमती तोषण यादव ने प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए शासन-प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस योजना ने उनके परिवार को नई खुशियां और बेहतर जीवन का आधार दिया है।