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विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह दिग्विजय स्टेडियम समिति के पदभार ग्रहण समारोह में हुए शामिल…

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– बास्केटबाल, क्रिकेट, टेनिस, स्नूकर, बिलियर्डस, शतरंज जैसे खेलों के लिए स्टेडियम का किया जा रहा अच्छा उपयोग’
–  दिग्विजय स्टेडियम को सक्रिय करने एवं खेल गतिविधियों को बढ़ाने के लिए कहा’
– राजनांदगांव जिला शतरंज खेल के हब के रूप में होगा विकसित’

राजनांदगांव: विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह आज दिग्विजय स्टेडियम समिति के पदभार ग्रहण समारोह में शामिल हुए। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने दिग्विजय स्टेडियम समिति के सचिव श्री रमेश पटेल एवं सहसचिव श्री योगेश बागड़ी को पदभार ग्रहण करने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी।

उन्होंने कहा कि दिग्विजय स्टेडियम में बास्केटबाल, क्रिकेट, टेनिस, स्नूकर, बिलियर्डस, शतरंज जैसे खेलों के लिए स्टेडियम का अच्छा उपयोग किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राजनांदगांव जिले को शतरंज के खेल के हब के रूप में विकसित किया जा सकता है।

दिग्विजय स्टेडियम के समतलीकरण एवं निर्माण के लिए 15 लाख रूपए तथा विभिन्न निर्माण कार्यों के लिए 14 लाख रूपए की स्वीकृति प्रदान की गई है। कुल 29 लाख रूपए के कार्यों की मांग की गई है, जो एक सप्ताह में स्वीकृत हो जाएगा।

उन्होंने कहा कि वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी वित्तीय मुद्दों को लेकर जिला स्तरीय व्यापारी महाअधिवेशन शामिल हुए। उन्होंने स्टेट कैपिटल रीजन में राजनांदगांव जिले को शामिल करने की एतिहासिक घोषणा की है। जिसमें जिले के भविष्य की रूपरेखा तैयार की जाएगी।

उन्होंने कहा कि विगत ढाई साल में जिले में विकास कार्य तेजी से हो रहे है। अब तक मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने ढाई हजार करोड़ रूपए की राशि राजनांदगांव के विकास कार्यों के लिए स्वीकृत की है। उन्होंने स्टेडियम को सक्रिय करने एवं खेल गतिविधियों को बढ़ाने के लिए कहा।

महापौर श्री मधुसूदन यादव ने दोनों पदाधिकारियों को शुभकामनाएं दी और कहा कि पदभार ग्रहण करने के बाद सक्रियता से खेल गतिविधियों को सुध ली है और आगे भी खेल गतिविधियां जारी रहेगी। इससे सभी खेल प्रेमियों को लाभ मिलेगा।

कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने कहा कि खेल, युवा एवं समाज हम सभी का भविष्य है। जिले में बहुत से बेहतरीन खिलाड़ी आगे आए हंै, जिन्होंने शहर का नाम रौशन किया है। एक खिलाड़ी शहरी के नाम की परिभाषा बदल सकते हैं।

उन्होंने कहा कि अभिभावक बच्चों में ऊर्जा लगाएं और उन्हें खेलों के लिए प्रोत्साहित करें ताकि वे नशे की ओर नहीं जाए। एक हॉबी के रूप में खेल गतिविधियों को बढ़ावा दें। उन्होंने बताया कि अंतर्राष्ट्रीय एस्टोटर्फ हॉकी स्टेडियम की टेंडर लगी हुई है।

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह की दूरदर्शिता से दिग्विजय स्टेडियम के निर्माण के साथ ही यह भी व्यवस्था की गई है कि स्टेडियम के मेंटेनेंस के लिए फंड जनरेट होता रहे। इसके लिए दुकाने किराए पर दी गई है। नवागांव में 8 करोड़ रूपए की लागत से एथलेटिक ट्रेक बनेगा। बैटमिंटन कोर्ट का भी अनुमोदन हो गया है।

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष श्री नीलू शर्मा, श्रम कल्याण बोर्ड अध्यक्ष श्री योगेश्वर दत्त मिश्रा, जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित के अध्यक्ष श्री सचिन बघेल, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री किरण वैष्णव, राजगामी संपदा अध्यक्ष श्रीमती पूर्णिमा साहू, राजगामी संपदा के उपाध्यक्ष श्री मनोज निर्वाणी, श्री खूबचंद पारख, श्री संतोष अग्रवाल, श्री कोमल राजपूत, श्री कोमल सिंह जंघेल, श्री सौरभ कोठारी, श्री नरेश डाकलिया, सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित थे।

सहायक कोषालय अधिकारी (वित्त) श्री राकेश कुमार हेड़ाउ लायजन अधिकारी नियुक्त….

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राजनांदगांव: नगरपालिकाओं के आम व उप निर्वाचन 2026 हेतु जिले के लिए नामनिर्दिष्ट व्यय पे्रक्षक संयुक्त संचालक (वित्त) संचालनालय कोष एवं लेखा श्री प्रेमलाल साहरा के व्यवस्था एवं समन्वय के लिए सहायक कोषालय अधिकारी (वित्त) जिला कोषालय राजनांदगांव व प्रभारी उप कोषालय अधिकारी डोंगरगढ़ श्री राकेश कुमार हेड़ाउ को लायजन अधिकारी नियुक्त किया गया है। व्यय प्रेक्षक श्री प्रेमलाल साहरा का मोबाईल नंबर 7470363030 एवं लायजन अधिकारी श्री राकेश कुमार हेड़ाउ का मोबाईल नंबर 7898961104 है।

प्राक्चयन परीक्षा के मॉडल उत्तर के संबंध में दावा-आपत्ति 30 मई तक आमंत्रित…

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राजनांदगांव: मुख्यमंत्री बाल भविष्य सुरक्षा योजनांतर्गत प्रयास आवासीय विद्यालयों अंतर्गत सत्र 2026-27 के कक्षा 9वीं में प्रवेश हेतु आयोजित प्राक्चयन परीक्षा का मॉडल उत्तर विभागीय वेबसाईट पर प्रदर्शित किया गया है। जारी मॉडल उत्तर के संबंध में 30 मई 2026 तक कार्यालय सहायक आयुक्त आदिवासी विकास राजनांदगांव में स्वयं उपस्थित होकर दस्तावेजों (प्रमाण) सहित दावा आपत्ति प्रस्तुत कर सकते है। बिना प्रमाण के दावा-आपत्ति को पूर्णत: अमान्य किया जाएगा। प्राप्त दावा आपत्ति के परीक्षण पश्चात विशेषज्ञों द्वारा अंतिम निर्णय लिया जाएगा। दावा आपत्ति के संबंध में विषय विशेषज्ञों का अंतिम निर्णय ही अंतिम एवं सर्वमान्य होगा। डाक द्वारा दावा-आपत्ति स्वीकार नहीं किया जाएगा।

India Italy Partnership: शिक्षा और रिसर्च सेक्टर में बढ़ेगा सहयोग, भारतीय छात्रों और प्रोफेशनल्स के लिए आसान होगी आवाजाही, मिलेंगे नए मौके…

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भारत और इटली ने हायर एजूकेशन और रिसर्च को लेकर नए रोडमैप तैयार किए हैं. दोनों देशों ने यूनिवर्सिटी एक्सचेंज प्रोग्राम, रिसर्च पार्टनरशिप और स्टूडेंट सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया.

पीएम नरेंद्र मोदी के इटली दौरे ने भारत और इटली के रिश्तों को नई दिशा दे दी है. रोम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के बीच हुई हाई लेवल बैठक के बाद दोनों देशों ने अपने संबंधों को स्पेशल स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप तक बढ़ाने पर सहमति जताई है.

इस दौरान व्यापार, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्वांटम टेक्नोलॉजी, डिफेंस स्पेस और एजुकेशन जैसे कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने का फैसला लिया गया है. खास बात यह है कि इस साझेदारी का बड़ा असर भारतीय छात्रों रिसर्चर्स और प्रोफेशनल्स पर देखने को मिल सकता है.

शिक्षा और रिसर्च सेक्टर में बढ़ेगा सहयोग 

भारत और इटली ने हायर एजूकेशन और रिसर्च को लेकर नए रोडमैप तैयार किए हैं. दोनों देशों ने यूनिवर्सिटी एक्सचेंज प्रोग्राम, रिसर्च पार्टनरशिप और स्टूडेंट सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया है. इससे भारतीय छात्रों के लिए इटली में पढ़ाई और रिसर्च के नए अवसर खुल सकते हैं. बताया जा रहा है कि दोनों देश शिक्षा संस्थानों के बीच सहयोग को बढ़ावा देंगे, जिससे टेक्नोलॉजी, साइंस, डिजाइन और इनोवेशन जैसे क्षेत्रों में संयुक्त रिसर्च प्रोजेक्ट शुरू किए जा सकते हैं. इससे भारतीय छात्रों को यूरोप के एडवांस्ड रिसर्च नेटवर्क तक पहुंच मिलने की संभावना बढ़ेगी.

भारतीय छात्रों और प्रोफेशनल्स के लिए आसान होगी आवाजाही 

भारत और इटली के बीच से माइग्रेशन एंड मोबिलिटी एग्रीमेंट को भी आगे बढ़ाया जा रहा है. इसके तहत छात्रों, प्रोफेशनल्स और स्किल्ड वर्कर्स के लिए आवाजाही को और आसान बनाने पर काम को हो रहा है. रिपोर्ट्स के अनुसार, फिलहाल इटली में 5100 से ज्यादा भारतीय छात्र पढ़ाई कर रहे हैं और आने वाले समय में यह संख्या और बढ़ सकती है. दोनों देशों ने भारतीय नर्सों और हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स की इटली में आसान एंट्री और रोजगार को लेकर भी सहयोग बढ़ाने का फैसला किया है. इससे भारतीय युवाओं के लिए यूरोप में नए करियर अवसर खुल सकते हैं.

एआई और क्वांटम टेक्नोलॉजी में मिलेंगे नए मौके 

बैठक के दौरान भारत और इटली में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और क्वांटम कंप्यूटिंग जैसी फ्यूचर की तकनीक में साथ काम करने पर सहमति जताई. दोनों देश रिसर्च, स्किल्स, डेवलपमेंट और टेक्नोलॉजी इनोवेशन पर फोकस करेंगे. एक्सपर्ट्स का मानना है कि इससे भारतीय स्टार्टअप, इंजीनियरिंग छात्रों, टेक प्रोफेशनल्स को यूरोप के टेक नेटवर्क से जुड़ने का मौका मिलेगा. दोनों देश मिलकर नए प्रोजेक्ट्स और रिसर्च इनिशिएटिव शुरू कर सकते हैं.

डिजाइन इन इटली, स्केल इन इंडिया मॉडल पर भी होगा काम 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि इटली डिजाइन और प्रिसीजन के लिए दुनिया में जाना जाता है, जबकि भारत स्केल, टैलेंट और सस्ती इनोवेशन का बड़ा केंद्र बन चुका हैं.

इसी सोच के साथ दोनों देश डिजाइन एंड डेवलपमेंट इन इंडिया एंड इटली, डिलीवर फॉर द वर्ल्ड मॉडल पर काम करेंगे. इसके तहत इंडिया-इटली इनोवेशन सेंटर स्थापित करने की भी योजना है, जहां दोनों देशों के स्टार्टअप और टेक कंपनियां साथ मिलकर काम कर सकेंगे.

ATF Tax Relief: दिल्ली और मुंबई ने ATF पर VAT घटाकर एयरलाइंस को बड़ी राहत…

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ATF Tax Relief: दिल्ली और मुंबई ने ATF पर VAT घटाकर एयरलाइंस को बड़ी राहत दी है. बढ़ती फ्यूल कीमतों और ऑपरेशनल खर्चों के बीच इस फैसले से एयरलाइंस की लागत कम होने की उम्मीद है.

भारत के दो सबसे बड़े एविएशन हब दिल्ली और मुंबई ने एविएशन टर्बाइन फ्यूल यानी ATF पर वैट (VAT) में बड़ी कटौती की है. इस फैसले से एयरलाइंस को बढ़ती लागत से राहत मिलने की उम्मीद है, खासकर ऐसे समय में जब वैश्विक ईंधन कीमतें, रुपये की कमजोरी और ऑपरेशनल खर्च तेजी से बढ़ रहे हैं.

दिल्ली और मुंबई में कितना टैक्स घटा?

अगर बात करें टैक्स की तो दिल्ली ने ATF पर VAT को 25 प्रतिशत से घटाकर 7 प्रतिशत कर दिया है. यह राहत छह महीने के लिए लागू की गई है. वहीं महाराष्ट्र ने मुंबई में घरेलू उड़ानों के लिए ATF पर VAT को 18 प्रतिशत से घटाकर 7 प्रतिशत कर दिया है. यह फैसला ऐसे समय आया है जब एयरलाइंस फ्यूल की बढ़ती कीमतों से जूझ रही थी और सरकार को लागत बढ़ाने की चेतावनी दे चुकी थी.

फ्यूल संकट ने बढ़ाई एयरलाइंस की मुश्किल

एविएशन सेक्टर इस समय भारी फ्यूल संकट से जूझ रहा है. फेडरेशन ऑफ इंडियन एयरलाइंस यानी FIA, जिसमें Air India, Indigo और SpiceJet जैसी कंपनियां शामिल हैं, ने सरकार को चेतावनी दी थी कि बढ़ती ईंधन लागत की वजह से कई रूट आर्थिक रूप से नुकसानदेह होते जा रहे हैं. FIA के मुताबिक, पहले फ्यूल लागत एयरलाइंस के टोटल खर्च का लगभग 30 से 40 प्रतिशत हुआ करती थी, लेकिन अब यह बढ़कर 55 से 60 प्रतिशत तक पहुंच गई है.

वैश्विक तनाव का असर

मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के आसपास सप्लाई में पैदा हुई दिक्कतों का असर जेट फ्यूल की कीमतों पर भी दिखाई दिया. दुनिया भर में तेल और LNG सप्लाई का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है. फरवरी 2026 के अंत में जेट फ्यूल की कीमत जहां लगभग 99 डॉलर प्रति बैरल थी, वहीं मई 2026 तक यह बढ़कर करीब 263 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गई.

दिल्ली और मुंबई क्यों हैं इतने अहम?

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के बताए गए आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली के Indira Gandhi International Airport 2024-25 में करीब 8 करोड़ यात्रियों को संभाला, जबकि मुंबई हवाई अड्डे ने 2025 में 5.55 करोड़ यात्रियों को संभाला और 3,31,000 से अधिक विमानों की आवाजाही दर्ज की. देश की सबसे ज्यादा घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानें इन्हीं दोनों शहरों से संचालित होती हैं. यही वजह है कि यहां ईंधन पर टैक्स में कमी का असर पूरे एविएशन सेक्टर पर दिखाई देगा.

ATF की बढ़ती खपत

भारत में ATF की मांग लगातार बढ़ रही है. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, फरवरी 2026 में देश में करीब 764 हजार मीट्रिक टन ATF की खपत हुई. वहीं 2025 में घरेलू एयरलाइंस ने लगभग 167 मिलियन यात्रियों को यात्रा कराई. इतनी बड़ी मांग के बीच ईंधन की कीमतों में थोड़ी राहत भी एयरलाइंस के लिए बड़ी बचत साबित हो सकती है.

एयरलाइंस पर बढ़ता वित्तीय दबाव

एयरलाइंस पहले से कई तरह की वित्तीय चुनौतियों का सामना कर रही हैं. बढ़ते लीज रेंटल, विमानों की कमी, इंजन में तकनीकी समस्याएं, मेंटेनेंस खर्च और डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी ने कंपनियों की मुश्किल बढ़ा दी हैं. इसका असर कंपनियों के प्रदर्शन पर भी दिखाई देने लगा है. Air India ने शिकागो, नेवार्क और शंघाई जैसी कुछ अंतरराष्ट्रीय उड़ानें बंद कर दी हैं, जबकि कई रूटों पर उड़ानों की संख्या घटाई गई है. दूसरी ओर इंडिगो का शुद्ध लाभ वित्त साल 2026 की तीसरी तिमाही में लगभग 77.6 प्रतिशत गिर गया.

फ्यूल टैंकरिंग में आ सकती है कमी

ATF टैक्स में कमी का असर एयरलाइंस की फ्यूल रणनीति पर भी पड़ सकता है. अब तक कई एयरलाइंस फ्यूल टैंकरिंग रणनीति अपनाती थी. यानी वे कम टैक्स वाले एयरपोर्ट से ज्यादा ईंधन भरवा लेती थी ताकि महंगे एयरपोर्ट पर दोबारा फ्यूल न लेना पड़े. हालांकि, इससे विमान का वजन बढ़ जाता था और फ्यूल एफिशिएंसी प्रभावित होती थी. एक्सपर्ट्स का मानना है कि दिल्ली और मुंबई में टैक्स कम होने से ऐसी रणनीतियों की जरूरत कम होगी.

क्या सस्ते होंगे हवाई टिकट?

टैक्स कटौती के बाद यात्रियों को तुरंत सस्ते टिकट मिलने की संभावना कम है. एविएशन सेक्टर में किराया सेक्टर में किराया सिर्फ लागत से तय नहीं होता, बल्कि मांग और सप्लाई भी इसमें बड़ी भूमिका निभाती है. फिलहाल यात्रियों की मांग मजबूत बनी हुई है, जबकि विमानों की कमी और तकनीकी दिक्कतों की वजह से उड़ानों की क्षमता सीमित है. ऐसे में एयरलाइंस पहले अपने वित्तीय दबाव को कम करने की कोशिश करेंगी.

राज्यों को होगा राजस्व नुकसान

इस फैसले से राज्य सरकारों को राजस्व का नुकसान भी होगा. दिल्ली सरकार के अनुमान VAT कटौती से उसे लगभग 985 करोड़ रुपये का नुकसान हो सकता है. वहीं महाराष्ट्र को सालाना 550 से 600 करोड़ रुपये तक का राजस्व नुकसान होने का अनुमान है. इसके बाद दोनों सरकारों का मानना है कि यह कदम उनके शहरों को मजबूत एविएशन हब बनाए रखने में मदद करेगा.

ATF को GST में लाने की मांग तेज

इस पूरे मुद्दे के बीच एविएशन इंडस्ट्री की पुरानी मांग एक बार फिर तेज हो गई है कि ATF को GST के दायरे में लाया जाए. फिलहाल ATF पर अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग VAT लागू है और एयरलाइंस इनपुट टैक्स क्रेडिट का फायदा नहीं उठा पाती. इंडस्ट्री का मानना है कि अगर ATF को GST में शामिल किया जाता है तो पूरे देश में ईंधन लागत को स्थिर किया जा सकता है.

Tamil Nadu : सरकार बनाने के कुछ दिन बाद CM विजय ने कैबिनेट में किया बड़ा फेरबदल, कांग्रेस को क्या दिया?

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राज्यपाल ने 23 नए मंत्रियों को विभाग आवंटन की मंजूरी दी है. मुख्यमंत्री विजय लोक प्रशासन, गृह, पुलिस, नगर प्रशासन और शहरी विकास जैसे प्रमुख विभाग अपने पास रखे हैं.

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री जोसेफ विजय ने राज्य मंत्रिमंडल में बड़े फेरबदल की सिफारिश की है. इस फेरबदल में कई वरिष्ठ मंत्रियों के विभागों में बदलाव किया गया है और 23 नए मंत्रियों को मंत्रिपरिषद में शामिल किया गया है. लोक भवन से जारी आधिकारिक बयान के अनुसार इन सिफारिशों को राज्यपाल ने मंजूरी दे दी है.

इस बदलाव के बाद मुख्यमंत्री ने लोक प्रशासन, गृह, पुलिस, विशेष कार्यक्रम क्रियान्वयन, नगर प्रशासन और शहरी विकास जैसे प्रमुख विभाग अपने पास रखे हैं. इसके साथ ही उन्होंने विशेष पहल, गरीबी उन्मूलन और ग्रामीण ऋण राहत जैसे विभागों की अतिरिक्त जिम्मेदारी भी संभाली है.

तमिलनाडु में मंत्रियों के विभाग बदले गए

मंत्रिमंडल में कई अन्य मंत्रियों के विभागों में भी बदलाव किया गया है. मंत्री एन. आनंद के कार्यक्षेत्र में अब ग्रामीण विकास, पंचायत, सिंचाई और लघु सिंचाई परियोजनाएं शामिल की गई हैं. वहीं मंत्री आर. निर्मलकुमार बिजली, गैर-पारंपरिक ऊर्जा, कानून, न्यायालय, जेल, चुनाव और पासपोर्ट से जुड़े विभागों का कार्यभार संभालते रहेंगे.

एक अन्य महत्वपूर्ण बदलाव में के. ए. सेंगोत्तैयन को राजस्व और आपदा प्रबंधन विभाग की जिम्मेदारी दी गई है. वे राजस्व प्रशासन, उप-कलेक्टर से जुड़े कार्य, आपदा प्रबंधन और विधानसभा मामलों की देखरेख करेंगे.

राज्यपाल ने 23 नए मंत्रियों को भी विभाग आवंटन की मंजूरी दी है. इनमें श्रीनाथ को मत्स्य पालन, कमाली एस. को पशुपालन, सी. विजयलक्ष्मी को दुग्ध और डेयरी विकास और आर. वी. रंजीतकुमार को वन विभाग सौंपा गया है. विनोद को कृषि और किसान कल्याण विभाग की जिम्मेदारी दी गई है, जबकि राजीव को पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन विभाग का प्रभार दिया गया है.

कांग्रेस के राजेश कुमार को मिला पर्यटन विभाग

अन्य मंत्रियों में बी. राजकुमार को आवास और शहरी विकास, वी. गांधीराज को सहकारिता, मथन राजा पी. को सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विभाग, जगदीश्वरी के. को समाज कल्याण और महिला सशक्तीकरण और राजेश कुमार एस. को पर्यटन विभाग सौंपा गया है. इसके अलावा एम. विजय बालाजी को हथकरघा और वस्त्र, लोगेश तमिलसेल्वन डी. को वाणिज्यिक कर और पंजीकरण, विजय तमिलन पार्थिबन ए. को परिवहन और रमेश को हिंदू धार्मिक और धर्मार्थ बंदोबस्ती विभाग का कार्यभार दिया गया है.

कांग्रेस विधायक पी विश्वनाथन शिक्षा विभाग संभालेंगे

उच्च शिक्षा विभाग पी. विश्वनाथन को सौंपा गया है, जबकि कुमार आर. को नवगठित कृत्रिम बुद्धिमत्ता, सूचना प्रौद्योगिकी और डिजिटल सेवा विभाग का नेतृत्व दिया गया है. थेन्नारासु के. को अनिवासी तमिल कल्याण, वी. संपत कुमार को पिछड़ा वर्ग कल्याण, मोहम्मद फरवास जे. को श्रम कल्याण और कौशल विकास और डी. सरथकुमार को मानव संसाधन प्रबंधन विभाग की जिम्मेदारी मिली है. वित्त, योजना और विकास विभाग एन. मैरी विल्सन को दिया गया है, जबकि विघ्नेश के. को निषेध और आबकारी विभाग सौंपा गया है.

पुलवामा हमले के मास्टरमाइंड हमजा बुरहान को PoK में अज्ञात हमलावरों ने मारी गोली…

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पाकिस्तान में पीओके के मुजफ्फराबाद से एक बड़ी खबर सामने आई है. यहां पुलवामा हमले के मास्टरमाइंड आतंकी हमजा बुरहान की अज्ञात लोगों ने गोली मारकर हत्या कर दी है.

पुलवामा आतंकी हमले से जुड़े बताए जा रहे आतंकी हमजा बुरहान की पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में गोली मारकर हत्या कर दी गई है. सूत्रों के मुताबिक हमजा बुरहान को मुजफ्फराबाद में अज्ञात हमलावरों ने निशाना बनाया, जहां मौके पर ही उसकी मौत हो गई.

बताया जा रहा है कि हमजा बुरहान पाकिस्तान आधारित आतंकी नेटवर्क से जुड़ा हुआ था और पुलवामा हमले की साजिश में उसकी अहम भूमिका मानी जाती थी.

सूत्रों के मुताबिक हमजा बुरहान लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों के निशाने पर था. उसकी हत्या ऐसे समय में हुई है, जब पाकिस्तान में आतंकी संगठनों और कट्टरपंथी नेटवर्क से जुड़े कई लोगों पर रहस्यमय हमलों की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं. हाल के सालों में कई आतंकियों की या तो गैंगवार में मौत हुई है या फिर अज्ञात हमलावरों ने उन्हें निशाना बनाया है.

मुजफ्फराबाद में हुई इस घटना के बाद इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है. जानकारी के मुताबिक आज दोपहर 1 बजे जब हमजा बुरहान उर्फ डॉक्टर इसी एम्स स्कूल के बाहर गाड़ी से निकला तो हमलावर ने हमजा बुरहान पर ताबड़तोड़ गोली चला दी जिससे मौके पर ही हमज़ा बुरहान की मौत हो गई. हमजा बुरहान को भारत सरकार ने साल 2022 में UAPA के तहत आतंकी घोषित कर रखा था और साल 2020 में पुलवामा में सीआरपीएफ पर हुए ग्रेनेड अटैक का प्रमुख मास्टरमाइंड था- अर्जुमंद गुलज़ार डार उर्फ हमज़ा बुरहान उर्फ डॉक्टर.

हमजा मुजफ्फाराबाद में प्रिंसिपल के पद पर था

अल बद्र के आतंकी हमजा बुरहान का पूरा नाम अर्जुमंद गुलजार डार है. साल 2020 में पुलवामा में सीआरपीएफ पर हुए ग्रेनेड अटैक का मास्टरमाइंड था. इस समय पर हमजा बुरहान मुजफ्फराबाद के अब्बास इंस्टिट्यूट ऑफ़ मेडिकल साइंस के प्रिंसिपल के पद पर तैनात था. साल 2022 में भारत सरकार ने अर्जुमंद गुलज़ार डार उर्फ हमज़ा बुरहान उर्फ डॉक्टर को UAPA के तहत आतंकी घोषित किया था.अर्जुमंद गुलज़ार डार उर्फ हमज़ा बुरहान साल 2015 से पाकिस्तान में रह रहा था. अल बद्र का कमांडर होने के साथ साथ आतंकियों की रिक्रूटमेंट करता था.

साथ ही आतंकी संगठन अल बद्र के छद्म नाम वाले आतंकी संगठन यूनाइटेड लिबरेशन फ्रंट का भी प्रमुख आतंकी हमज़ा बुरहान था. सूत्रों के मुताबिक आतंकी हमज़ा बुरहान की मौत आपसी रंजिश की वजह से हुई है. साथ ही हमज़ा बुरहान की हत्या के बाद हमलावर ने मौके पर खड़ा रहा है और ख़ुद को पुलिस के हवाले कर दिया.

Cockroach Janata Party: CJP ने इंस्टाग्राम फॉलोवर्स के मामले में कांग्रेस और BJP समेत सबको पीछे छोड़ दिया..

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Cockroach Janata Party: CJP ने इंस्टाग्राम फॉलोवर्स के मामले में कांग्रेस और BJP समेत सबको पीछे छोड़ दिया है. इंस्टाग्राम पर इसके फॉलोवर्स की संख्या 14 मिलियन से ज्यादा हो गई है.

खुद को आलसी और बेरोजगार लोगों की आवाज बताने वाली कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने इंटरनेट पर तहलका मचा दिया है. हालांकि, आज सुबह भारत में CJP के एक्स अकाउंट को बंद कर दिया गया, लेकिन इंस्टाग्राम पर इसके फॉलोवर्स तेजी से बढ़ रहे हैं. इंस्टाग्राम पर CJP के फॉलोवर्स की संख्या 14 मिलियन से भी पार हो गई है. 16 मई की रात को शुरू होने वाले इस कैंपेन ने 4-5 दिनों में ही इंस्टाग्राम फॉलोवर्स के मामले में दुनिया के सबसे बड़े राजनीतिक दल भारतीय जनता पार्टी (BJP) और कांग्रेस समेत कई पार्टियों को पीछे छोड़ दिया है. आइए जानते हैं कि इस कैंपेन की शुरुआत कैसे हुई और कैसे लोग इससे जुड़ते चले गए.

16 मई से हुई शुरुआत

सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने अपने एक बयान में बेरोजगारी युवाओं की तुलना कॉकरोच से की थी. हालांकि, बाद में उन्होंने इस पर सफाई भी दी, लेकिन यहीं से एक नए सोशल मीडिया कैंपेन की शुरुआत हो गई. 16 मई को बॉस्टन यूनिवर्सटी में पढ़ने वाले 30 वर्षीय अभिजीत दीपके ने एक्स पर लिखा कि वो कॉकरोच के लिए एक नए प्लेटफॉर्म की शुरुआत कर रहे हैं. इसी के साथ CJP की शुरुआत हुई और देखते ही देखते इसके साथ लोगों के जुड़ने का सफर भी शुरू हो गया.

कौन हैं अभिजीत दीपके?

CJP के फाउंडर 30 वर्षीय अभिजीत दीपके हैं और उन्होंने पुणे से पत्रकारिता में अपनी ग्रेजुएशन की डिग्री पूरी की है. इसके बाद वे हायर स्टडी के लिए अमेरिका चले गए, जहां उन्होंने मशहूर बोस्टन यूनिवर्सिटी से पब्लिक रिलेशंस में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई की है. दीपके पेशे से एक पॉलिटिकल कम्युनिकेशन स्ट्रैटजिस्ट हैं, जो राजनीतिक दलों के लिए डिजिटल स्ट्रैटजी तैयार करते हैं. वो आम आदमी पार्टी के साथ भी कुछ समय तक काम कर चुके हैं.

बड़ी-बड़ी पार्टियों को छोड़ा पीछे

CJP ने इंस्टाग्राम पर बड़ी-बड़ी पार्टियों को पीछे छोड़ दिया है. खबर लिखे जाने तक CJP के इंस्टाग्राम फॉलोवर्स की संख्या 14.2 मिलियन थी. BJP के 8.8 मिलियन, कांग्रेस के 13.3 मिलियन, आम आदमी पार्टी के 1.9 मिलियन और समाजवादी पार्टी के 870K फॉलोवर्स हैं. इस तरह CJP सबको पछाड़ते हुए आगे निकल चुकी है.

कैसे जुड़ते गए लोग?

इंटरनेट पर युवा लोग CJP के साथ जुड़ रहे हैं. इसके अलावा कई नेता और सेलिब्रिटी भी इस कैंपेन को फॉलो कर रहे हैं. इनमें अनुराग कश्यप, दीया मिर्जा, विशाल डडलानी, कोंकणा सेना, ईशा गुप्ता आदि शामिल हैं. इनके अलावा कई इंफ्लुएंसर्स भी फॉलोवर लिस्ट में शामिल हैं.

 

सुशासन तिहार बना भरोसे का आधार, जनसमस्या निवारण शिविर में उमड़ा ग्रामीणों का जनसैलाब…

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  • जनसमस्या निवारण शिविर में उमड़ा ग्रामीणों का जनसैलाब 20 ग्राम पंचायतों के ग्रामीणों ने रखीं अपनी समस्याएँ, 1,487 आवेदनों के निराकरण की प्रक्रिया शुरू
  • बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़: जिला और प्रदेश को बाल विवाह से मुक्त बनाने के लिए ग्रामीणों ने ली सामूहिक शपथ
  • हितग्राही मूलक लाभ: विधायक प्रणव कुमार मरपची के मुख्य आतिथ्य में लगभग 300 हितग्राहियों को सामग्री और सहायता राशि का वितरण

‘सुशासन तिहार’ अब आम जनता के लिए भरोसे, त्वरित समाधान और संवेदनशील प्रशासन का सशक्त माध्यम बनता जा रहा है। गाँव-गाँव तक पहुँच रही शासन की योजनाओं और समस्याओं के ऑन-स्पॉट निराकरण से ग्रामीणों का विश्वास लगातार बढ़ रहा है। इसी कड़ी में जीपीएम (गौरेला-पेंड्रा-मरवाही) जिले के गौरेला जनपद अंतर्गत ग्राम पंचायत नेवसा में एक विशाल जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें 20 ग्राम पंचायतों के ग्रामीण बड़ी संख्या में शामिल हुए।

शिविर में लालपुर, गिरवर, दौजरा, हर्राटोला, साल्हेघोरी, डाहीबहरा, पंडरीपानी, अंधियारखोह, हर्री, गांगपुर, धनौली, गोरखपुर, झगराखांड, कोरजा, अंजनी, तेंदूमूड़ा, चुकतीपानी, नेवसा, सारबहरा एवं सेमरा पंचायतों के ग्रामीणों ने अपनी मांगों व शिकायतों से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किए और विभिन्न विभागीय योजनाओं की जानकारी प्राप्त की। बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ का संकल्प और वृत्तचित्र का प्रदर्शनशिविर में विभिन्न मांगों एवं शिकायतों से संबंधित कुल 1,487 आवेदन प्राप्त हुए, जिनके समयबद्ध निराकरण की प्रक्रिया संबंधित विभागों द्वारा प्राथमिकता के आधार पर शुरू कर दी गई है।

विभिन्न योजनाओं के तहत हितग्राहियों को मिला सीधा लाभ

विधायक श्री प्रणव कुमार मरपची के मुख्य आतिथ्य में आयोजित इस शिविर में विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के अंतर्गत लगभग 300 हितग्राहियों को सामग्री एवं सहायता राशि वितरित की गई। राजस्व विभाग: 66 हितग्राहियों को फौती नामांतरण, 42 को किसान किताब, 17 को बंटवारा (बी-वन खसरा) तथा 12 हितग्राहियों को वन अधिकार पत्र एवं किसान किताब प्रदान किए गए।अन्य विभाग: श्रम, स्वास्थ्य, समाज कल्याण, पंचायत, मत्स्य पालन, महिला एवं बाल विकास, कृषि, परिवहन तथा शिक्षा विभाग द्वारा आयुष्मान कार्ड, सहायक उपकरण, आवास की चाबी, मछली पकड़ने के जाल व कैरेट, नियुक्ति पत्र, उन्नत बीज, शिक्षार्थी अनुज्ञा पत्र (लर्निंग लाइसेंस) तथा पाठ्य पुस्तकें वितरित की गईं।

सांस्कृतिक व सामाजिक सरोकार

शिविर में 12 गर्भवती महिलाओं की गोद भराई तथा 11 बच्चों का अन्नप्राशन संस्कार भी हर्षोल्लास के साथ संपन्न कराया गया।अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुँचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता: विधायकशिविर को संबोधित करते हुए विधायक श्री मरपची ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार अपनी घोषणाओं के अनुरूप लगातार कार्य कर रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में विकास एवं जनकल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। इन शिविरों का मुख्य उद्देश्य जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी और लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना तथा मौके पर ही उनकी शिकायतों का समाधान करना है।

कलेक्टर ने दिए निष्पक्ष जाँच के निर्देश

कलेक्टर डॉ. संतोष कुमार देवांगन के निर्देशानुसार सभी विभागों के अधिकारियों ने मंच के समक्ष उपस्थित होकर प्राप्त आवेदनों तथा उनके निराकरण की अद्यतन स्थिति से आवेदकों को सीधे अवगत कराया।शिविर के दौरान ग्राम पंचायत कोरजा में ग्रामीणों द्वारा बनाए जा रहे आवासों को ‘अतिक्रमण’ बताकर हटाए जाने संबंधी एक संवेदनशील शिकायत सामने आई। इस पर त्वरित संज्ञान लेते हुए कलेक्टर ने वन विभाग और राजस्व विभाग की एक संयुक्त टीम गठित कर स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जाँच कराने के निर्देश दिए। उन्होंने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि वास्तविक तथ्यों के आधार पर न्यायपूर्ण कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

इस अवसर पर जिला और पूरे छत्तीसगढ़ को बाल विवाह से मुक्त बनाने के लिए एक विशेष शपथ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। उपस्थित ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने 18 वर्ष से कम आयु की बालिका एवं 21 वर्ष से कम आयु के युवक का विवाह न करने और समाज में बाल विवाह को पूरी तरह रोकने का सामूहिक संकल्प लिया। इसके साथ ही, महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा ‘महतारी वंदन योजना’ से लाभान्वित महिलाओं के अनुभवों तथा ‘आदर्श आंगनबाड़ी केंद्र’ की गतिविधियों पर आधारित एक लघु वृत्तचित्र (Documentary) का प्रदर्शन भी किया गया, जिसे ग्रामीणों ने काफी रुचि के साथ देखा।

शिविर में जिला पंचायत अध्यक्ष समीरा पैकरा, जिला पंचायत सदस्य पवन पैकरा तथा पुलिस अधीक्षक मनोज खिलारी ने भी ग्रामीणों को संबोधित करते हुए शासन की योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने का आह्वान किया। मुख्य अतिथियों ने शिविर स्थल पर लगाए गए विभिन्न विभागीय प्रदर्शनी केंद्रों का अवलोकन कर योजनाओं की जमीनी प्रगति की समीक्षा की। इस कार्यक्रम में वनमंडलाधिकारी, जिला पंचायत उपाध्यक्ष राजा उपेन्द्र बहादुर सिंह, जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक और भारी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।

CBSE 12वीं रिजल्ट : पहली बार लागू हुआ ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम, पिछले सालों के मुकाबले क्यों गिरा रिजल्ट?

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CBSE 12वीं बोर्ड परीक्षा 2026 का रिजल्ट इस बार लाखों छात्रों के लिए खुशी के साथ-साथ चिंता की खबर भी लेकर आया. बोर्ड की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक इस साल कुल पास प्रतिशत 85.20% रहा, जो कोविड के बाद का सबसे कम आंकड़ा माना जा रहा है. पिछले साल जहां पास प्रतिशत 88.39% था, वहीं इस बार इसमें करीब 3 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई.

इस बार CBSE ने कॉपियां जांचने के तरीके में बड़ा बदलाव किया था. पहली बार 12वीं की उत्तर पुस्तिकाओं की जांच डिजिटल तरीके से यानी ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम के जरिए की गई. माना जा रहा है कि इसी वजह से इस बार नंबर देने में ज्यादा सख्ती और पारदर्शिता देखने को मिली.

पहली बार लागू हुआ ऑनस्क्रीन मार्किंग सिस्टम

CBSE ने इस साल लगभग 98 लाख से ज्यादा उत्तर पुस्तिकाओं की जांच कंप्यूटर स्क्रीन पर कराई. इसके लिए करीब 70 हजार शिक्षकों को लगाया गया. बोर्ड का कहना है कि इस नए सिस्टम से कॉपियों की जांच ज्यादा सही और निष्पक्ष तरीके से हो सकी.

पहले कॉपियों की मैन्युअल जांच में कई बार टोटलिंग या नंबर चढ़ाने में गलती हो जाती थी, लेकिन अब डिजिटल सिस्टम में ऐसी गलतियों की संभावना काफी कम हो गई है. बोर्ड के मुताबिक इस नई प्रक्रिया में शिक्षक सिर्फ तय मार्किंग स्कीम के अनुसार ही अंक दे सके.

पिछले सालों के मुकाबले क्यों गिरा रिजल्ट?

अगर पिछले कुछ सालों के आंकड़ों को देखें तो कोविड के दौरान और उसके बाद रिजल्ट काफी बेहतर रहे थे. साल 2021 में तो बोर्ड परीक्षाएं नहीं हुई थीं और छात्रों को इंटरनल असेसमेंट के आधार पर नंबर दिए गए थे. उस समय पास प्रतिशत 99% से भी ज्यादा पहुंच गया था.

इसके बाद 2022 में परीक्षा दो चरणों में हुई थी और सिलेबस भी कम किया गया था, जिससे पास प्रतिशत 92% से ऊपर चला गया. लेकिन अब CBSE धीरे-धीरे पुराने सख्त सिस्टम की ओर लौट रहा है. यही वजह है कि इस बार रिजल्ट ज्यादा वास्तविक माना जा रहा है.

बोर्ड ने पहले से की थी तैयारी

ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम लागू करने के लिए CBSE ने पहले से बड़ी तैयारी की थी. देशभर के शिक्षकों को ट्रेनिंग दी गई. उन्हें ऑनलाइन पोर्टल इस्तेमाल करने की जानकारी दी गई और मॉक टेस्ट भी कराए गए. इसके अलावा स्कूलों को कंप्यूटर लैब और बेहतर इंटरनेट व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए थे. पूरे देश में 88 हजार से ज्यादा कंप्यूटर और करीब 6 हजार मूल्यांकन केंद्र बनाए गए.