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CG: बस्तर हेरिटेज मैराथन का आयोजन 22 मार्च को…

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वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने चित्रकोट महोत्सव के दौरान किया बस्तर हेरिटेज मैराथन के लोगो का अनावरण’

बस्तर में खेल एवं स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित होने वाले बस्तर हेरिटेज मैराथन का आयोजन आगामी 22 मार्च को किया जाएगा। चित्रकोट महोत्सव के समापन अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने बस्तर हेरिटेज मैराथन के आधिकारिक लोगो का अनावरण किया।

कलेक्टर बस्तर ने बताया कि बस्तर हेरिटेज मैराथन का आयोजन 22 मार्च को किया जाएगा, जिसमें 5 किमी, 10 किमी, 21 किमी और 42 किमी की दौड़ प्रतियोगिता होगी। प्रतियोगिता चित्रकोट जलप्रपात से प्रारंभ होकर कुरुषपाल तक 21 किमी जाकर वापस चित्रकोट में समाप्त होगी। पाँच किलोमीटर की दौड़ चित्रकोट से मारडूम चौक तक, दस किमी की दौड़ एसटीएफ कैम्प से वापस चित्रकोट तक होगी।

वन मंत्री श्री कश्यप ने अपने संबोधन में कहा कि पहली बार बस्तर हेरिटेज मैराथन का आयोजन किया जा रहा है स यह केवल एक खेल आयोजन नहीं, बल्कि युवाओं में फिटनेस, अनुशासन एवं सकारात्मक जीवनशैली को प्रोत्साहित करने की पहल है। उन्होंने नागरिकों से अधिक से अधिक संख्या में भागीदारी का आह्वान किया।

इस अवसर पर बस्तर सांसद श्री महेश कश्यप, विधायक श्री विनायक गोयल, पूर्व विधायक श्री लच्छूराम कश्यप सहित अन्य जनप्रतिनिधि, पुलिस अधीक्षक सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

CG: रहस्यमयी विष्णु मंदिर, कलचुरी काल की अमर धरोहर; इतिहास, शिल्पकला और रहस्य का अद्भुत संगम…

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पत्थरों में दर्ज इतिहास: जहाँ हर पत्थर कहती है एक कहानी…

रहस्यमयी विष्णु मंदिर, कलचुरी काल की अमर धरोहर; इतिहास, शिल्पकला और रहस्य का अद्भुत संगम

छत्तीसगढ़ के जांजगीर नगर में स्थित विष्णु मंदिर, जिसे स्थानीय रूप से ‘नकटा मंदिर’ भी कहा जाता है, प्रदेश की महत्वपूर्ण पुरातात्विक एवं सांस्कृतिक धरोहरों में गिना जाता है। महानदी अंचल की ऐतिहासिक भूमि पर निर्मित यह मंदिर अपनी अधूरी संरचना के कारण सदियों से जिज्ञासा और आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।

कलचुरी काल की स्थापत्य विरासत

इतिहासकारों के अनुसार इस मंदिर का निर्माण 11वीं-12वीं शताब्दी में कलचुरी शासकों के काल में प्रारंभ हुआ था। उस समय छत्तीसगढ़ क्षेत्र कला, स्थापत्य और धार्मिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र था। मंदिर की संरचना नागर शैली में निर्मित है, जिसमें ऊँचा शिखर, अलंकृत गर्भगृह तथा सुसज्जित मंडप की परिकल्पना स्पष्ट रूप से दिखाई देती है। हालांकि निर्माण कार्य किसी अज्ञात कारण से अधूरा रह गया, किंतु जो संरचना आज विद्यमान है, वह उस युग की समृद्ध कला और स्थापत्य कौशल का जीवंत प्रमाण प्रस्तुत करती है।

अद्वितीय शिल्पकला और सूक्ष्म नक्काशी

मंदिर की दीवारों, स्तंभों और आधार भागों पर की गई बारीक नक्काशी अत्यंत आकर्षक है। इनमें विभिन्न पौराणिक प्रसंग, देवी-देवताओं की प्रतिमाएँ, गंधर्व, अप्सराएँ और अलंकारिक रूपांकन उकेरे गए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि मूर्तियों के अनुपात, भाव-भंगिमा और अलंकरण शैली से तत्कालीन शिल्पियों की उच्च कोटि की दक्षता का परिचय मिलता है। प्रत्येक आकृति मानो किसी कथा का दृश्य रूपांतरण हो, जो भारतीय धर्म और संस्कृति की गहराई को अभिव्यक्त करता है।

अधूरापन: रहस्य और किंवदंती

मंदिर के अधूरे रह जाने को लेकर कई मत प्रचलित हैं। कुछ इतिहासकार इसे राजनीतिक अस्थिरता या सत्ता परिवर्तन से जोड़ते हैं, जबकि स्थानीय लोककथाओं में इसे दैवीय संकेत या अलौकिक कारणों से संबंधित बताया जाता है। यद्यपि सटीक कारणों का स्पष्ट प्रमाण उपलब्ध नहीं है, किंतु यही अधूरापन इस मंदिर को विशिष्ट पहचान प्रदान करता है। यह अधूरी रचना भी पूर्ण सौंदर्य का अनुभव कराती है और दर्शकों को इतिहास के उस कालखंड में ले जाती है, जब कला और आस्था का अद्भुत संगम हुआ करता था।

आस्था और पर्यटन का प्रमुख केंद्र

आज यह मंदिर श्रद्धालुओं के लिए आस्था का स्थल होने के साथ-साथ पर्यटकों और शोधकर्ताओं के लिए भी आकर्षण का केंद्र है। छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान में इस मंदिर का विशेष स्थान है। पुरातात्विक महत्व के कारण इसे संरक्षित स्मारक के रूप में देखा जाता है और प्रदेश के पर्यटन मानचित्र पर भी यह महत्वपूर्ण पड़ाव है। मंदिर परिसर में खड़े होकर ऐसा प्रतीत होता है मानो समय ठहर गया हो और पत्थरों में इतिहास बोल रहा हो।

विरासत जो अधूरी होकर भी पूर्ण है

जांजगीर का विष्णु मंदिर यह संदेश देता है कि विरासत केवल पूर्ण संरचनाओं में ही नहीं, बल्कि अधूरी कहानियों में भी जीवित रहती है। इसकी भव्यता, शिल्प और रहस्य आने वाली पीढ़ियों को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ते रहेंगे। अधूरा होकर भी यह मंदिर छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक चेतना में पूर्ण रूप से प्रतिष्ठित है, और यही इसकी सबसे बड़ी विशेषता है।

CG: सकारात्मक सोच ही सफलता की कुंजी, युवा बदलेंगे भारत का भविष्य” वार्षिक स्नेह सम्मेलन हर्षोल्लास से सम्पन्न…

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– राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा –

बाबू छोटे लाल श्रीवास्तव स्नातकोत्तर महाविद्यालय में वार्षिक स्नेह सम्मेलन हर्षोल्लास से सम्पन्न’

धमतरी स्थित बाबू छोटे लाल श्रीवास्तव स्नातकोत्तर महाविद्यालय में आज वार्षिक स्नेह सम्मेलन उत्साह और उमंग के साथ आयोजित किया गया। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ शासन के राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री श्री वर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का जो संकल्प लिया गया है, उसमें शिक्षा और स्वास्थ्य की निर्णायक भूमिका होगी। उन्होंने कहा कि शिक्षा विकास की आधारशिला है और आज का युवा नई तकनीकों का कुशल उपयोग कर स्वयं को ऊँचाइयों तक पहुंचा रहा है। एक सकारात्मक विचार जीवन की दिशा बदल सकता है। विचार ही सामान्य व्यक्ति को असाधारण बनाते हैं।उन्होंने युवाओं से नकारात्मकता से दूर रहकर सकारात्मक सोच अपनाने और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि राज्य सरकार घोषणाओं से अधिक कार्यों में विश्वास रखती है।

इस अवसर पर मंत्री श्री वर्मा ने विद्यार्थियों के आग्रह पर छत्तीसगढ़ के सुप्रसिद्ध लोकगायक लक्ष्मण मस्तुरिया का लोकप्रिय गीत प्रस्तुत कर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने विभिन्न स्टॉलों का अवलोकन कर प्रतिभागियों को स्मृति चिन्ह भी प्रदान किए।

महापौर रामू रोहरा ने अपने संबोधन में कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश निरंतर विकास के नए आयाम गढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि धमतरी विधानसभा क्षेत्र में बीते दो वर्षों में लगभग 250 करोड़ रुपये के विकास कार्य स्वीकृत किए गए हैं। इनमें 500 सीटर नालंदा परिसर, विधि विभाग भवन, हाईटेक बस स्टैंड, प्रमुख मार्गों का उन्नयन, ऑडिटोरियम, इंडोर स्टेडियम, विद्युत स्टेशन तथा सिहावा चौक से कोलियरी और रत्नाबांधा चौक से मुजगहन तक सड़क चौड़ीकरण जैसे कार्य शामिल हैं।

प्राचार्य श्री विनोद पाठक ने वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए महाविद्यालय की शैक्षणिक एवं खेल उपलब्धियों की जानकारी दी। इस अवसर पर पूर्व विधायक रंजना साहू, जनपद पंचायत अध्यक्ष अंगिरा ध्रुव, नगर निगम सभापति कौशल्या देवांगन सहित अनेक जनप्रतिनिधि, प्राध्यापकगण एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।

CG: शतक’ फिल्म राष्ट्रसेवा जीवंत दस्तावेज: महिला बाल विकास मंत्री ने प्रथम दिवस देखी फिल्म, युवाओं से की प्रेरणा लेने की अपील…

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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की 100 वर्षों की प्रेरक यात्रा पर बनी फिल्म ‘शतक’ के रिलीज के पहले दिन महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने फिल्म देखी। इस फिल्म में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की शताब्दी यात्रा, संगठन की शक्ति, अनुशासन, सेवा और सांस्कृतिक मूल्यों की समृद्ध परंपरा का भावनात्मक एवं प्रभावशाली चित्रण किया गया है। यह फिल्म राष्ट्र जीवन में संघ के योगदान, त्याग और समर्पण की प्रेरक गाथा को दर्शाती है।

श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े

मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि रिलीज के पहले दिन ‘शतक’ फिल्म देखकर मुझे अत्यंत गर्व और आत्मिक संतोष का अनुभव हुआ। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने सेवा, समर्पण और राष्ट्रहित को सर्वाेपरि रखते हुए समाज को एक सूत्र में पिरोने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि ‘शतक’ केवल एक फिल्म नहीं, बल्कि राष्ट्रसेवा और संगठन की शक्ति का जीवंत दस्तावेज है। श्रीमती राजवाड़े ने प्रदेश के सभी नागरिकों, विशेषकर युवाओं से आग्रह किया है कि वे इस प्रेरणादायी फिल्म को अवश्य देखें और राष्ट्र निर्माण के इस महान विचार से प्रेरणा लें।

CG: दुर्घटनाग्रस्त पात्र व्यक्ति को दुर्घटना की तिथि से 7 दिनों तक 1.5 लाख तक का कैशलेस उपचार प्रदान किया जाएगा…

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पीएमराहत योजना का शुभारंभ 13 फरवरी 2026′

रायपुर: माननीय प्रधानमंत्री द्वारा 13 फरवरी 2026 को PM-RAHAT (Road Accident Victim Hospitalization and Assured Treatment) योजना का शुभारंभ किया गया। पूर्व में यह योजना CTRAV के नाम से जानी जाती थी। योजना के अंतर्गत किसी भी श्रेणी की सड़क पर दुर्घटनाग्रस्त पात्र व्यक्ति को दुर्घटना की तिथि से 7 दिनों तक ₹1.5 लाख तक का कैशलेस उपचार प्रदान किया जाएगा।

Ministry of Road Transport & Highways के अनुसार, सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली लगभग 50% मौतों को समय पर अस्पताल में भर्ती कराकर रोका जा सकता है। पीएम-राहत योजना का उद्देश्य ‘गोल्डन आवर’ के दौरान त्वरित और नि:शुल्क उपचार सुनिश्चित करना है।

योजना का क्रियान्वयन Ministry of Road Transport & Highways के eDAR प्लेटफॉर्म तथा National Health Authority के TMS 2.0 के एकीकृत डिजिटल तंत्र के माध्यम से किया जाएगा, जिससे दुर्घटना रिपोर्टिंग से लेकर क्लेम निपटान तक की प्रक्रिया पारदर्शी और समयबद्ध होगी।

अस्पतालों को भुगतान मोटर व्हीकल एक्सीडेंट फंड (MVAF) के माध्यम से किया जाएगा तथा स्वीकृत दावों का भुगतान 10 दिनों के भीतर सुनिश्चित किया जाएगा।

यह योजना सुनिश्चित करती है कि किसी भी सड़क दुर्घटना पीड़ित को आर्थिक अभाव के कारण जीवनरक्षक उपचार से वंचित न होना पड़े।

CG: स्व सहायता समूह और महतारी वंदन योजना बनी भरोसेमंद सहारा…

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आर्थिक सशक्तिकरण के साथ आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते कदम’

रायपुर: छत्तीसगढ़ शासन द्वारा संचालित महतारी वंदन योजना तथा स्व सहायता समूहों की सशक्त पहल से ग्रामीण महिलाओं के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन परिलक्षित हो रहा है। ये योजनाएं महिलाओं को आर्थिक संबल प्रदान करने के साथ-साथ उन्हें आत्मनिर्भरता की दिशा में प्रेरित कर रही हैं।

सक्ती जिले की ग्राम पंचायत अचानकपुर अंतर्गत ग्राम डड़ाई निवासी श्रीमती आराधना चौहान, जो पूर्व में एक साधारण गृहिणी थीं, आज शासन की योजनाओं के सहयोग एवं अपनी मेहनत से परिवार की आर्थिक मजबूती का आधार बनी हैं। वे “एकता” स्व सहायता समूह से जुड़ी हुई हैं। समूह से प्राप्त ऋण के माध्यम से उन्होंने अपने घर में एक राशन दुकान प्रारंभ की, जिसका संचालन वे स्वयं कर रही हैं।

श्रीमती चौहान को महतारी वंदन योजना के अंतर्गत प्रतिमाह 1,000 रुपये की आर्थिक सहायता प्राप्त हो रही है। राशन दुकान से होने वाली आय एवं योजना के अंतर्गत मिलने वाली राशि का उपयोग वे व्यवसाय को सुदृढ़ करने, बच्चे की शिक्षा तथा आवश्यक घरेलू व्यय की पूर्ति में कर रही हैं। जहां पूर्व में बचत संभव नहीं थी, वहीं अब वे प्रतिमाह कुछ राशि सुरक्षित रखकर अपने बच्चे के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव तैयार कर रही हैं।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए श्रीमती आराधना चौहान ने कहा कि स्व सहायता समूह एवं महतारी वंदन योजना ने उन्हें केवल आर्थिक सहायता ही नहीं, बल्कि आत्मसम्मान और आत्मविश्वास भी प्रदान किया है। आज वे परिवार की देखभाल के साथ-साथ उसकी प्रगति में सक्रिय भागीदारी निभा रही हैं।
उल्लेखनीय है कि इन योजनाओं के माध्यम से प्रदेश की हजारों-लाखों महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त होकर स्वरोजगार से जुड़ रही हैं। स्व-सहायता समूहों की सुदृढ़ व्यवस्था एवं महतारी वंदन योजना का समन्वित प्रभाव छत्तीसगढ़ की ग्रामीण महिलाओं को सशक्त एवं स्वावलंबी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

CG: बिलासपुर में टेलीफोन एक्सचेंज पहुंच मार्ग के लिए 5.11 करोड़ स्वीकृत : 3.29 किमी बनेगी सड़क…

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उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद राज्य शासन ने प्रमुख अभियंता को राशि स्वीकृति के संबंध में जारी किया परिपत्र’

रायपुर: राज्य शासन ने बिलासपुर में टेलीफोन एक्सचेंज पहुंच मार्ग के निर्माण के लिए 5 करोड़ 10 लाख 59 हजार रुपए स्वीकृत किए हैं। इस राशि से 3.29 किमी सड़क का निर्माण किया जाएगा। उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री श्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद राज्य शासन ने मंत्रालय से आज राशि स्वीकृति के संबंध में प्रमुख अभियंता को परिपत्र जारी कर दिया है।

उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कार्य में प्रयुक्त की जाने वाली सामग्रियों एवं संपूर्ण कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए हैं। किसी भी स्तर पर कार्य की गुणवत्ता में कमी पाये जाने पर उत्तरदायित्व का निर्धारण करते हुए नियमानुसार कार्यवाही की जायेगी।

लोक निर्माण विभाग ने प्रमुख अभियंता को कार्य की निविदा समय-सीमा में करने, निर्माण कार्य प्राक्कलन व कार्य संपादित करने में मितव्ययिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। विभाग ने निर्माण एजेंसी से अनुबंधित समय-सीमा में काम पूर्ण किया जाना सुनिश्चित कराने को कहा है।

कार्य पूर्ण किये जाने के लिए अनावश्यक समय-सीमा वृद्धि नहीं किए जाने के भी निर्देश विभाग ने दिए हैं। अपरिहार्य एवं नियंत्रण से बाहर मान्य कारणों के आधार पर ही सक्षम अधिकारी द्वारा समय-सीमा में वृद्धि की जा सकेगी।

CG: राज्यपाल श्री रमेन डेका ने किए महाप्रभु श्री जगन्नाथ भगवान के दर्शन…

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रायपुर: राज्यपाल श्री रमेन डेका ने आज रायपुर के गायत्री नगर स्थित जगन्नाथ मंदिर पहुंचकर भगवान जगन्नाथ के दर्शन एवं पूजन कर देश एवं प्रदेश वासियों की सुख समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। इस अवसर पर विधायक श्री पुरंदर मिश्रा उपस्थित थे।

CG: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने वरिष्ठ पत्रकार स्वर्गीय मधुकर खेर की जयंती पर किया स्मरण…

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रायपुर: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने वरिष्ठ पत्रकार स्वर्गीय मधुकर खेर की जयंती (21 फरवरी) पर उन्हें स्मरण करते हुए भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में हिन्दी एवं अंग्रेजी पत्रकारिता को सशक्त स्वरूप प्रदान करने में स्वर्गीय मधुकर खेर का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण और अविस्मरणीय है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि स्वर्गीय खेर ने अपनी निष्पक्ष, तथ्यपरक और जनोन्मुखी पत्रकारिता के माध्यम से समाज में जागरूकता का विस्तार किया। उन्होंने आमजन से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाकर शासन-प्रशासन का ध्यान जनहित के विषयों की ओर आकर्षित किया और सकारात्मक परिवर्तन की दिशा में प्रभावी भूमिका निभाई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वर्गीय मधुकर खेर की लेखनी सामाजिक सरोकारों से गहराई से जुड़ी रही। उन्होंने प्रदेश में जिम्मेदार, मूल्यनिष्ठ और स्वस्थ पत्रकारिता की मजबूत परंपरा स्थापित करने में उल्लेखनीय योगदान दिया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि स्वर्गीय खेर का समर्पण, उनकी कार्यशैली और उनके उच्च आदर्श आज भी प्रदेश के पत्रकारों तथा नई पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत हैं। उनके विचार और सिद्धांत हमें निष्पक्ष, सशक्त एवं समाजोन्मुखी पत्रकारिता की दिशा में निरंतर आगे बढ़ने की प्रेरणा देते रहेंगे।

CG: राज्य सरकार जल संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देने के लिए प्रतिबद्ध – मुख्यमंत्री श्री साय…

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जल संरक्षण को दिनचर्या का हिस्सा बनाने, जल संरचनाओं की रक्षा और जल के प्रति जिम्मेदार सोच अपनाने का मुख्यमंत्री ने किया आह्वान’

मुख्यमंत्री श्री साय और केंद्रीय जल शक्ति मंत्री श्री सी. आर. पाटिल की संयुक्त अध्यक्षता में “जल संचय-जन भागीदारी 2.0” अभियान के क्रियान्वयन की हुई गहन समीक्षा’

केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री ने छत्तीसगढ़ में जल संरक्षण के क्षेत्र में हो रहे कार्यों और नवाचारों की सराहना की’

31 मई तक 10 लाख जल संरचनाओं का लक्ष्य, जल सुरक्षा को मिलेगा नया आधार’

डबरी निर्माण से बढ़ेगा भू-जल स्तर, किसानों को मिलेगा अतिरिक्त लाभ’

रायपुर: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और केंद्रीय जल शक्ति मंत्री श्री सी. आर. पाटिल की संयुक्त अध्यक्षता में आज नवा रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में आयोजित बैठक में प्रदेश में “जल संचय-जन भागीदारी 2.0” अभियान के क्रियान्वयन की गहन समीक्षा की गई। केंद्रीय मंत्री श्री पाटिल इस बैठक में वर्चुअली शामिल हुए और बैठक को संबोधित किया। इस दौरान बिलासपुर, दुर्ग और सूरजपुर जिले के कलेक्टरों ने अपने-अपने जिलों में अभियान के अंतर्गत संचालित कार्यों और गतिविधियों की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जल संकट 21वीं सदी की केवल गंभीर पर्यावरणीय ही नहीं, बल्कि आर्थिक, सामाजिक और विकासात्मक चुनौती भी बन चुका है। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण को स्थायी और प्रभावी बनाने के लिए जनभागीदारी अनिवार्य है।उन्होंने देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के उस संदेश का उल्लेख किया, जिसमें पानी के उपयोग को प्रसाद के समान मानते हुए जल के प्रति संवेदनशील और जिम्मेदार दृष्टिकोण अपनाने पर जोर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन से प्रेरित होकर राज्य सरकार जल संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देने के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अभियान के पहले चरण में छत्तीसगढ़ ने देशभर में द्वितीय स्थान प्राप्त किया तथा विभिन्न जिलों को भी अलग-अलग श्रेणियों में पुरस्कार मिले। पहले चरण में सामुदायिक भागीदारी के मॉडल पर कार्य करते हुए बड़े पैमाने पर बोरवेल रिचार्ज, रूफटॉप रेनवॉटर हार्वेस्टिंग, रिचार्ज शाफ्ट, सोक पिट और ओपनवेल रिचार्ज जैसी संरचनाओं का निर्माण किया गया। श्री साय ने कहा कि प्रदेश में वर्तमान में 5 क्रिटिकल और 21 सेमी-क्रिटिकल भू-जल ब्लॉक चिन्हित हैं। वर्ष 2024 की तुलना में 2025 में इनमें से 5 ब्लॉकों में भू-जल निकासी में कमी और भू-जल स्तर में सुधार दर्ज किया गया है, जो जल संरक्षण प्रयासों के सकारात्मक परिणामों का संकेत है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अभियान के दूसरे चरण “जल संचय-जन भागीदारी 2.0” के अंतर्गत तकनीक आधारित और अधिक परिणाममूलक रणनीति अपनाई जा रही है। राज्य सरकार ने 31 मई 2026 तक 10 लाख जल संरक्षण संरचनाओं के निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया है। मुख्यमंत्री ने इसे जल सुरक्षा की दिशा में प्रदेश का ऐतिहासिक कदम बताया। उन्होंने कहा कि राज्य के रजत जयंती वर्ष के अवसर पर एक विशेष पहल के तहत 10 एकड़ से अधिक भूमि वाले चार लाख से अधिक किसानों को अपने खेतों में डबरी निर्माण के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। इस कार्य में जिला प्रशासन के साथ-साथ औद्योगिक समूहों का सहयोग भी लिया जा रहा है। इन डबरियों से भू-जल स्तर में वृद्धि के साथ किसानों को सिंचाई एवं मछली पालन जैसी अतिरिक्त सुविधाएँ मिलेंगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि दूसरे चरण में सभी जल संरचनाओं की जियोटैगिंग, ग्राम पंचायतों के वॉटर बजट तथा जल सुरक्षा योजनाओं के निर्माण पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। साथ ही गांवों के युवाओं को “जल मित्र” के रूप में प्रशिक्षित किया जाएगा, ताकि अभियान को गति मिल सके। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि क्रिटिकल और सेमी-क्रिटिकल ब्लॉकों पर विशेष फोकस रखते हुए सेमी-क्रिटिकल ब्लॉकों में 40 प्रतिशत तथा क्रिटिकल ब्लॉकों में 65 प्रतिशत जल संरक्षण कार्यों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने प्रदेशवासियों से जल संरक्षण को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने, जल संरचनाओं की रक्षा करने और जल के प्रति जिम्मेदार सोच अपनाने का आह्वान भी किया।

केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री श्री सी. आर. पाटिल ने छत्तीसगढ़ में जल संरक्षण के क्षेत्र में हो रहे कार्यों और नवाचारों की सराहना की। उन्होंने कहा कि गत वर्ष जल संरक्षण के प्रयासों में छत्तीसगढ़ देशभर में दूसरे स्थान पर रहा, जो राज्य के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने सितंबर 2024 को सूरत से ‘जल संचय जन भागीदारी अभियान’ की शुरुआत की थी और ‘कर्मभूमि से मातृभूमि के लिए जल संचयन में सहयोग’ का आह्वान किया था। इस अभियान का उद्देश्य जल संरक्षण को जनआंदोलन का रूप देना है।

केंद्रीय मंत्री श्री पाटिल ने प्रदेश के समस्त कलेक्टरों से मनरेगा के तहत जल संचय कार्यों के लिए प्राप्त राशि का पूर्ण और प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने राजनांदगांव प्रवास के दौरान एक महिला सरपंच द्वारा स्वयं के प्रयासों से जल संचयन के लिए किए गए उल्लेखनीय कार्यों की प्रशंसा की। इसके साथ ही उन्होंने जल संचय में व्यापक जनभागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया।

बैठक में मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, जल संसाधन विभाग के सचिव श्री राजेश सुकुमार टोप्पो तथा जल शक्ति मंत्रालय, भारत सरकार के सचिव श्री कांताराव और छत्तीसगढ़ के समस्त कलेक्टर वर्चुअली उपस्थित थे।