Women Reservation Act : प्रधानमंत्री ने संसद के विशेष सत्र से पहले लोकसभा और राज्यसभा के सदन के नेताओं से कहा कि महिला आरक्षण अधिनियम को सही मायने में लागू करने का समय आ गया है. संसद में 16 अप्रैल से महिला आरक्षण अधिनियम से संबंधित एक ऐतिहासिक चर्चा होने जा रही है.
पीएम मोदी ने कहा कि कोई भी समाज तभी विकास करता है जब महिलाओं को प्रगति करने, निर्णय लेने और सबसे महत्वपूर्ण बात- नेतृत्व करने का अवसर मिले. भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने के सपने को साकार करने की यात्रा में महिलाओं की अधिक सक्रिय भूमिका आवश्यक है.
महिलाओं के लिए आरक्षण के साथ कराए जाएं 2029 के चुनाव
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह अनिवार्य है कि 2029 के लोकसभा और विधानसभा चुनाव महिलाओं के लिए आरक्षण के साथ कराए जाएं. मैं यह पत्र इसलिए लिख रहा हूं ताकि हम सभी एकजुट होकर महिला आरक्षण अधिनियम में संशोधन पारित करा सकें.
महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान
संसद के बजट सत्र की अवधि बढ़ा दी गई है. सदन का एक विशेष तीन दिवसीय सत्र 16 से 18 अप्रैल तक बुलाया गया है. महिला आरक्षण अधिनियम से लोकसभा में सीट की संख्या बढ़कर 816 हो जाएगी जिनमें से 273 सीट महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी. लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान 2023 में संविधान में संशोधन करके लाया गया था.
हालांकि महिला आरक्षण 2027 की जनगणना के आधार पर परिसीमन प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही लागू हो पाता. इसका मतलब यह था कि यदि वर्तमान कानून यथावत रहता है तो आरक्षण 2034 से पहले लागू नहीं हो पाता. इसे 2029 के लोकसभा चुनाव से लागू करने के लिए नारी शक्ति वंदन अधिनियम में बदलाव की आवश्यकता थी. इसलिए सरकार कानून में संशोधन पारित करने के लिए एक विशेष सत्र आयोजित कर रही है.



