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हिमाचल में कांग्रेस के 6 बागी विधायकों को अयोग्य घोषित कर दिया गया है। व्हिप के उल्लंघन पर एक्शन लिया गया है।

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हिमाचल में कांग्रेस के 6 बागी विधायकों को अयोग्य घोषित कर दिया गया है। व्हिप के उल्लंघन पर एक्शन लिया गया है।

बता दें कि इससे पहले कांग्रेस पार्टी ने मंगलवार को क्रॉस वोटिंग करने वाले छह बागी विधायकों को अयोग्य ठहराने की मांग करते हुए हिमाचल प्रदेश स्पीकर का रुख किया था।

दलबदल विरोधी कानून के तहत कांग्रेस विधायक और संसदीय कार्य मंत्री हर्ष वर्धन चौहान ने याचिका दायर की थी. तीन निर्दलीय विधायकों के अलावा इन छह विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की थी और 27 फरवरी को पहाड़ी राज्य से भाजपा उम्मीदवार हर्ष महाजन को राज्यसभा सीट जीतने में मदद की थी। विधायकों की क्रॉस वोटिंग से राज्य सरकार संकट में पड़ गई है और विपक्षी भाजपा ने दावा किया है कि कांग्रेस सरकार ने सदन में बहुमत खो दिया है।

बता दें कि हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस सत्ता में है और 68 सदस्यीय सदन में उसके पास 40 विधायकों के अलावा तीन निर्दलीय विधायकों का समर्थन है। संख्या बल के बावजूद कांग्रेस उम्मीदवार अभिषेक मनु सिंघवी राज्यसभा सीट हार गए।

परिणाम प्रत्येक 34 वोटों पर बराबर थे। विजेता हर्ष महाजन की घोषणा ड्रॉ के बाद की गई जिससे पहाड़ी राज्य में कांग्रेस की मुश्किलें बढ़ गई हैं क्योंकि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू सरकार को कांग्रेस सरकार के गिरने की संभावना दिख रही है। हिमाचल प्रदेश में मंत्रिपरिषद से विक्रमादित्य सिंह के इस्तीफे से बुधवार को संकट गहरा गया। बाद में सिंह ने कहा कि वह अभी इस्तीफे के लिए दबाव नहीं डाल रहे हैं।

मध्य प्रदेश : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 17,500 करोड़ रुपए से अधिक की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास या उद्घाटन करेंगे…

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मध्य प्रदेश : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 17,500 करोड़ रुपए से अधिक की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास या उद्घाटन करेंगे…

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 17,500 करोड़ रुपए से अधिक की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास या उद्घाटन करेंगे। ‘विकसित भारत, विकसित मध्य प्रदेश’ कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री डिजिटल तरीके से सिंचाई, बिजली, सड़क, रेल, जलापूर्ति, कोयला और उद्योग जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों की कई परियोजनाओं का शिलान्यास करेंगे या राष्ट्र को समर्पित करेंगे।

मोदी इस मौके पर मध्य प्रदेश में साइबर तहसील परियोजना भी शुरू करेंगे।

प्रधानमंत्री 5,500 करोड़ रुपये से अधिक की सिंचाई परियोजनाओं की आधारिशला रखेंगे जिनमें ऊपरी नर्मदा परियोजना, राघवपुर बहुद्देश्यीय परियोजना और बासनिया बहुद्देश्यीय परियोजना शामिल हैं।

प्रधानमंत्री मोदी उज्जैन शहर में भारतीय पंचांग या समय गणना प्रणाली पर आधारित विक्रमादित्य वैदिक घड़ी का भी वर्चुअल तौर पर उद्घाटन करेंगे। आधिकारिक विज्ञप्ति में बताया गया कि यह अपनी तरह की विश्व की पहली घड़ी है।

विज्ञप्ति में कहा गया, “समय गणना की भारतीय प्रणाली दुनिया की सबसे पुरानी, ​​सूक्ष्म, शुद्ध, त्रुटि रहित, प्रामाणिक और विश्वसनीय प्रणाली है। इस सबसे विश्वसनीय प्रणाली को विक्रमादित्य वैदिक घड़ी के रूप में उज्जैन में पुनः स्थापित किया जा रहा है।”

राजीव गांधी के हत्या के मामले में दोषी पाए गए टी सुथेंद्रराजा उर्फ संथान की तमिलनाडु के एक सरकारी अस्पताल में मौत…

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राजीव गांधी के हत्या के मामले में दोषी पाए गए टी सुथेंद्रराजा उर्फ संथान की तमिलनाडु के एक सरकारी अस्पताल में मौत…

”राजीव गांधी के हत्या के मामले में दोषी पाए गए टी सुथेंद्रराजा उर्फ संथान की बुधवार को तमिलनाडु के एक सरकारी अस्पताल में मौत हो गई।”

बताया गया है कि उसे चेन्नई स्थित राजीव गांधी जनरल अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अस्पताल के डीन ई. थेरानीराजन ने बताया कि संथान का यहां लिवर फेल होने का इलाज जारी था। उसका सुबह 7.50 बजे निधन हो गया। उसे सुबह करीब 4 बजे कार्डिएक अरेस्ट हुआ। हालांकि, सीपीआर के जरिए उसे बचा लिया गया। उसे वेंटिलेटर पर ऑक्सीजन सप्लाई में रखा गया था। हालांकि, उसका शरीर इलाज पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दे रहा था।

अधिकारियों के मुताबिक, संथान का पोस्टमार्टम कराया जाएगा। इसके बाद उसके शव को श्रीलंका भेजा जाएगा. गौरतलब है कि सजा काटने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने संथान की रिहाई के आदेश दिए थे। हालांकि, श्रीलंका निर्वासित करने के लिए उसे अन्य रिहा दोषियों के साथ त्रिची स्पेशल कैंप में रखा गया था।

बीते हफ्ते ही विदेश मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले फॉरेनर्स रीजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर (FRRO) ने 56 वर्षीय संथान के श्रीलंका निर्वासन के लिए आपात यात्रा दस्तावेजों को मंजूरी दी थी। इससे पहले नवंबर में एमटी संथान ने भी त्रिची स्पेशल कैंप से रिहा करने की मांग की थी। संथान का आरोप था कि स्पेशल कैंप के कमरे में खिड़की भी बंद है और उन्हें अन्य लोगों से मिलने की भी आजादी नहीं है। संथान ने कहा था कि इस स्पेशल कैंप के मुकाबले उनके लिए जेल ज्यादा ठीक थी।

राजीव गांधी की हत्या के मामले में काट चुके थे सजा
राजीव गांधी की साल 1991 में लिट्टे के आत्मघाती दस्ते द्वारा हत्या कर दी गई थी। पूर्व पीएम की हत्या में सात लोग जिनमें मुरुगन, नलिनी, एजी पेरारिवालन, संथान, जयकुमार, रॉबर्ट पायस और पी रविचंद्रन को दोषी ठहराया गया था। इन सभी को मौत की सजा दी गई थी,

जिसमें बाद में उम्रकैद में बदल दिया गया था। दोषियों में संथान और मुरुगन के अलावा दो और रॉबर्ट पायस और जयकुमार श्रीलंका के निवासी हैं। सुप्रीम कोर्ट ने बीते साल ही इन्हें रिहा करने का आदेश दिया था। हालांकि वैध दस्तावेजों के अभाव में इन्हें निर्वासित नहीं किया जा सका। दूसरी तरफ पेरारिवालन, नलिनी और रविचंद्रन भारतीय हैं और चारों को रिहा किया जा चुका है।

भारतीय नौसेना ने पोरबंदर में ‘चरस’, ‘मॉर्फिन’ समेत 3,300 किलोग्राम जब्त किया ड्रग्स, अमित शाह ने दिया ये रिएक्शन

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नई दिल्ली। भारतीय नौसेना और स्वापक नियंत्रण ब्यूरो (एनसीबी) ने एक संयुक्त अभियान में गुजरात तट के पास से एक ईरानी नौका से पांच विदेशियों को गिरफ्तार कर उनके पास से 3,300 किलोग्राम मादक पदार्थ जब्त किया है।

एनसीबी ने बुधवार को कहा।

नौसेना, गुजरात आतंकवाद रोधी दस्ते और एनसीबी का यह संयुक्त अभियान अंतरराष्ट्रीय समुद्री सीमा रेखा (आईएमबीएल) से सटे अरब सागर में चलाया गया था। जब्त की गयी खेप में चरस, मेथामफेटामाइन और मॉर्फिन शामिल है, जो भारत में प्रतिबंधित हैं। अधिकारियों ने बताया कि जब्त किये गये मादक पदार्थों में 3,089 किलोग्राम चरस, 158 किलोग्राम ‘मेथामफेटामाइन’ और 25 किलोग्राम ‘मॉर्फिन’ शामिल हैं।

नौसेना ने चालक दल के सदस्यों को पकड़ा

उन्होंने बताया कि नौसेना ने चालक दल के सदस्यों को मंगलवार को पकड़ा गया, जिन्हें कानून प्रवर्तन एजेंसियों को सौंप दिया गया। नौसेना के एक प्रवक्ता ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा, ” भारतीय नौसेना ने स्वापक नियंत्रण ब्यूरो के साथ एक संयुक्त अभियान में लगभग 3300 किलोग्राम प्रतिबंधित सामग्री (3089 किलोग्राम चरस, 158 किलोग्राम ‘मेथामफेटामाइन’ और 25 किलोग्राम मॉर्फीन) ले जा रही एक संदिग्ध नौका को पकड़ा। हाल के दिनों में जब्त की गई मादक पदार्थों की यह सबसे बड़ी खेप है।”

पोस्ट में कहा गया, ”निगरानी मिशन पर तैनात पी81 एलआरएमआर विमान की ओर से इस बारे में सूचना मिली और एनसीबी ने भी इसकी पुष्टि की, जिसके बाद भारतीय नौसेना के मिशन तैनात युद्धपोत को संदिग्ध नौका रोकने और पकड़ने के लिए मोड़ दिया गया।”

पांच विदेशी नागरिक गिरफ्तार

नौका से गिरफ्तार किए गए पांचों लोगों के या तो ईरानी या पाकिस्तानी नागरिक होने का संदेह है। एनसीबी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि उनके पास से राष्ट्रीयता का कोई दस्तावेज बरामद नहीं हुआ है।

अधिकारी ने प्रतिबंधित सामग्री की कीमत नहीं बताई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में एक किलो चरस की कीमत सात करोड़ रुपये है। गुजरात आतंकवाद निरोधी दस्ते (एटीएस) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने मंगलवार को बताया कि राज्य तट के पास समुद्र में अभियान के दौरान एक नौका से बड़ी मात्रा में चरस (हशीश) सहित कई तरह के मादक पदार्थ जब्त किये गये।

3300 किलो ड्रग्स की जब्ती पर बोले अमित शाह

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को कहा कि स्वापक नियंत्रण ब्यूरो (एनसीबी), नौसेना और गुजरात पुलिस ने एक संयुक्त अभियान में 3,132 किलोग्राम मादक पदार्थ की एक बड़ी खेप को जब्त करने में सफलता प्राप्त की।.

शाह ने कहा कि यह ऐतिहासिक सफलता देश को मादक पदार्थ मुक्त बनाने की दिशा में मोदी सरकार की अटूट प्रतिबद्धता का प्रमाण है। गृह मंत्री ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘मादक पदार्थ मुक्त भारत’ के दृष्टिकोण के अनुरूप एजेंसियों ने मादक पदार्थ की बड़ी खेप को जब्त करने में सफलता प्राप्त की है।

शाह ने कहा, “एनसीबी, नौसेना और गुजरात पुलिस ने एक संयुक्त अभियान में 3,132 किलोग्राम मादक पदार्थ की एक बड़ी खेप जब्त की है। यह ऐतिहासिक सफलता हमारे देश को मादक पदार्थ मुक्त बनाने के दिशा में हमारी सरकार की अटूट प्रतिबद्धता का एक प्रमाण है। इस अवसर पर मैं एनसीबी, नौसेना और गुजरात पुलिस को बधाई देता हूं।”

छत्तीसगढ़ : मुख्यमंत्री आवास में एक शख्स पिस्टल लेकर पंहुचा, मौके पर पुलिसकर्मियों ने पिस्टल जब्त कर आरोपी के खिलाफ कार्यवाही…

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त्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सुरक्षा में बड़ी चूक लेकर खबर सामने आई है। मुख्यमंत्री आवास में एक शख्स पिस्टल लेकर घुस गया। शख्स सीएम कक्ष तक पहुंचने वाला ही था, उससे पहले पुलिसकर्मियों की नजर उस शख्स के पास रखे पिस्टल पर पड़ी। मौके पर घेराबंदी कर उससे पकड़ा गया। इसके साथ ही पिस्टल जब्त कर ली गई है। मामले में अब पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है। चर्चा है कि शख्स सीएम विष्णुदेव साय से मुलाकात करने राज्य अतिथि गृह पहुना आया था। बता दें कि राज्य अतिथि गृह पहुना को ही अभी मुख्यमंत्री आवास बनाया गया है। पिस्टल धारी शख्स वीआइपी गाड़ी से आया था। इसकी वजह से सुरक्षाकर्मियों शख्स की चेकिंग नहीं की। गाड़ी से उतरकर जैसे ही सीएम कक्ष की ओर बढ़ने लगा इस दौरान पुलिसकर्मियों की नजर पड़ी और उसे पकड़ा।

छत्तीसगढ़ : संस्कृति मंत्री बृजमोहन अग्रवाल की मां पिस्तादेवी का निधन…

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त्तीसगढ़ : संस्कृति मंत्री बृजमोहन अग्रवाल की मां पिस्तादेवी का कल मंगलवार को निधन हो गया। आज बुधवार को निवास स्थान मौलश्री विहार से उनकी अंतिम यात्रा निकली। मां की पार्थीव शरीर को मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने कांधा दिया।
इस दौरान उनके परिजन मौजूद थे। मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने जानकारी देते हुए कहा कि उनकी की मां का पार्थिव शरीर निवास स्थान “रामजी वाटिका” मौलश्री विहार, रायपुर से मारवाड़ी शमशान घाट के लिए प्रस्थान करेगी। वहीं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, मंत्रीगण, विधायकगण और सांसदों ने श्रद्धांजलि अर्पित की।

छत्तीसगढ़ : राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवकों ने दुर्ग के रविशंकर स्टेडियम में गुणवत्ता पथ संचलन का आयोजन किया…

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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवकों ने दुर्ग के रविशंकर स्टेडियम में गुणवत्ता पथ संचलन का आयोजन किया. स्वयंसेवकों ने करीब 4 किलोमीटर तक पदयात्रा की.

इस दौरान छत्तीसगढ़ प्रांत के प्रथम सम्पर्क संजय दुबे उपस्थित थे। उन्होंने कहा कि छोटे रूप में शुरू हुआ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ न केवल देश में बल्कि विदेशों में भी तेजी से फैला है.

इसका कारण राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का समाज के प्रति समर्पण, देश सेवा और व्यक्तित्व विकास है। उन्होंने आगे कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ जाति, धर्म और छोटे-बड़े का भेदभाव नहीं करता. समाज के सभी लोगों को एकजुट रहकर ही समाज और देश का निर्माण करना होगा।

उन्होंने एकल परिवारों पर भी चिंता व्यक्त की और कहा कि तभी समाज समृद्ध हो सकता है. जब परिवार भी एकजुट और समूह में रहते थे। इससे पहले कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे उद्योगपति स्वामीनाथन ने भी संघ के सामाजिक कार्यों पर प्रकाश डाला और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से अपने जुड़ाव की चर्चा की. इस अवसर पर गंगाधर जाधव, दिलेश्वर उमरे, सुनील पटेल, हेमन्त नाग, विजय अग्रवाल, चेलाराम, वीरेन्द्र देवांगन, दुष्यन्त उपस्थित थे।

सुप्रीम कोर्ट ने पतंजलि आयुर्वेद को लगाई फटकार, दवाइयों के विज्ञापन पर प्रतिबंध…

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सुप्रीम कोर्ट ने पतंजलि आयुर्वेद को रोगों के उपचार के लिए अपने उत्पादों का विज्ञापन करने से अगले आदेश तक रोकते हुए मंगलवार को कहा कि ”पूरे देश के साथ छल किया गया है।” पतंजलि आयुर्वेद के सह-संस्थापक योग गुरु रामदेव हैं।

शीर्ष अदालत ने पतंजलि आयुर्वेद और इसके प्रबंध निदेशक आचार्य बालकृष्ण को नोटिस जारी करते हुए पूछा कि अपने उत्पादों के विज्ञापन और उनकी औषधीय प्रभावकारिता के बारे में न्यायालय में दिए गए कंपनी के शपथपत्र का प्रथम दृष्टया उल्लंघन करने को लेकर उनके खिलाफ अवमानना ​​कार्यवाही क्यों नहीं शुरू की जानी चाहिए।

न्यायमूर्ति हिमा कोहली और न्यायमूर्ति ए. अमानुल्लाह की पीठ ने पतंजलि आयुर्वेद और इसके अधिकारियों को उपचार की किसी भी पद्धति के खिलाफ प्रिंट या इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में किसी भी तरह का कोई बयान देने के खिलाफ आगाह भी किया, जैसा कि उनकी ओर से पिछले साल 21 नवंबर को न्यायालय में दाखिल किए गए हलफनामे में वचन दिया गया था।

पूरे देश के साथ छल किया गया हैः सुप्रीम कोर्ट न्यायालय ने कहा, ‘‘पूरे देश के साथ छल किया गया है।” पीठ ने केंद्र से पूछा कि कई बीमारियों के उपचार में पतंजलि आयुर्वेद की दवाइयों के प्रभावकारी होने संबंधी कंपनी के विज्ञापनों में कथित तौर पर गलत और भ्रामक दावे किये जाने को लेकर उसने उसके खिलाफ क्या कार्रवाई की है।

न्यायालय इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) की एक याचिका पर सुनवाई कर रहा है जिसमें आरोप लगाया गया है कि टीकाकरण और आधुनिक दवाइयों के खिलाफ रामदेव द्वारा एक दुष्प्रचार अभियान चलाया जा रहा है।

कंपनी का प्रतिनिधित्व कर रहे वकील ने पिछले साल 21 नवंबर को शीर्ष अदालत को आश्वस्त किया था कि अब से कानून का किसी तरह से भी उल्लंघन नहीं किया जाएगा, खासतौर पर विज्ञापन जारी करने या उत्पादों की ‘ब्रांडिंग’ करने में। साथ ही, पतंजलि के उत्पादों के औषधीय प्रभाव का दावा करने वाला कोई बयान नहीं दिया जाएगा, ना ही इलाज की किसी भी पद्धति के खिलाफ तथ्य रहित बयान किसी भी रूप में मीडिया में जारी किया जाएगा।

इसके बाद, शीर्ष अदालत ने कंपनी को कई रोगों के उपचार के लिए अपनी दवाइयों के बारे में विज्ञापनों में ‘झूठे’ और ‘गुमराह करने वाले’ दावे करने के खिलाफ आगाह किया था।

मंगलवार को सुनवाई के दौरान, शीर्ष अदालत ने कहा कि अगले आदेश तक, पतंजलि आयुर्वेद को उन उत्पादों के विज्ञापन या ‘ब्रांडिंग’ से रोका जाए जो औषधि एवं चमत्कारिक उपचार (आपत्तिजनक विज्ञापन) अधिनियम, 1954 में बीमारियों, विकारों या शर्तों के रूप में निर्दिष्ट हैं। पीठ ने केंद्र की ओर से पेश हुए अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (एएसजी) के.एम. नटराज से पूछा कि उन्होंने क्या कार्रवाई की है। न्यायालय ने कहा, ‘‘दो साल तक आप इसका इंतजार करते हैं जबकि कानून खुद कहता है कि यह निषिद्ध है।” अधिनियम के तहत कार्रवाई करना राज्य सरकारों का कामः एएसजी उन्होंने कहा कि केंद्र को तत्काल कुछ करना होगा।

एएसजी ने कहा कि अधिनियम के तहत कार्रवाई करना राज्य सरकारों का काम है। पीठ ने शीर्ष अदालत के पिछले साल नवंबर के आदेश के बाद पतंजलि द्वारा प्रकाशित एक विज्ञापन पर भी आपत्ति जताई। न्यायालय ने कहा,‘‘आपने (पतंजलि) इस आदेश (नवंबर 2023) का उल्लंघन किया है। आपमें इतनी हिम्मत और साहस है कि उच्चतम न्यायालय के आदेश के बाद भी यह विज्ञापन जारी किया…

हम एक बहुत कड़ा आदेश पारित करने जा रहे हैं।” पीठ ने कहा, ‘‘प्रथम दृष्टया, इस अदालत की यह राय है कि प्रतिवादी संख्या 5 (पतंजलि आयुर्वेद) 21 नवंबर, 2023 को पारित आदेश में दिए गए शपथपत्र का उल्लंघन कर रहा है।” न्यायालय ने कहा, ‘‘नोटिस जारी करें कि प्रतिवादी संख्या 5, इसके प्रबंध निदेशक के खिलाफ अदालत की अवमानना ​​की कार्यवाही क्यों नहीं शुरू की जानी चाहिए।” पतंजलि की ओर से पेश हुए वकील ने नोटिस का जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा। पीठ ने जवाब दाखिल करने के लिए समय देते हुए विषय की सुनवाई 19 मार्च के लिए तय की। पतंजलि के वकील ने पीठ को सूचित किया कि उन्होंने लगभग 40 करोड़ रुपये की लागत से एक अनुसंधान प्रयोगशाला स्थापित की है। पीठ ने कहा,‘‘आपने अनुसंधान किया है, यह अच्छा है। एक प्रणाली है। हम सभी प्रणालियों का सम्मान करते हैं लेकिन हम दूसरों से अपेक्षा करते हैं कि वे भी दूसरों का सम्मान करें, जो एक विशेष प्रणाली का पालन कर रहे हैं।”

छत्तीसगढ़ : साल में दो बार होंगी बोर्ड परीक्षाएं, जल्द लागू होगा नियम, जानें डिटेल

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त्तीसगढ़ : साल में दो बार बोर्ड परीक्षाओं का आयोजन किया जाएगा. ”छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीजीबीएसई), रायपुर ने आज, 27 फरवरी को इसकी घोषणा की है. बोर्ड ने कहा कि कक्षा 10वीं और 12वीं के लिए राज्य बोर्ड परीक्षाएं जल्द ही साल में दो बार आयोजित की जाएंगी.”

सीजीबीएसई ने राज्य सरकार के साथ विस्तृत बैठक के बाद यह आदेश जारी किया.

हालांकि विभाग ने अभी तक यह घोषणा नहीं की है कि बोर्ड परीक्षा पैटर्न में बदलाव आगामी शैक्षणिक वर्ष से लागू होगा या अगले शैक्षणिक वर्ष से. इस पर फैसला होना अभी बाकी है. इंडियन एक्सप्रेस रिपोर्ट के अनुसार आधिकारिक दिशा निर्देशों के मुताबिक पहली परीक्षा मार्च में और दूसरी परीक्षा जून-जुलाई में आयोजित की जाएगी. हालांकि केवल पहली परीक्षा में पंजीकृत छात्र ही दूसरी परीक्षा के लिए आवेदन फाॅर्म भर सकते है, लेकिन विषय में परिवर्तन नहीं कर सकते हैं.

ये छात्र दें सकेंगे दो बार बोर्ड परीक्षा

ऐसे छात्र, जो सभी विषयों में अनुत्तीर्ण हैं, पूरक प्राप्त करते हैं या अनुपस्थित हैं और जो छात्र अपने ग्रेड (सभी विषयों में) में सुधार करना चाहते हैं. वह दूसरी परीक्षा में बैठने के योग्य होंगे. वहीं जो छात्र सभी विषयों में उत्तीर्ण हुए हैं वह दूसरी परीक्षा में एक या अधिक विषयों में अंक सुधार के लिए आवेदन कर सकते हैं.

बता दें कि हाॅल ही में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की घोषणा की थी कि छात्रों को शैक्षणिक सत्र 2025-26 से वर्ष में दो बार कक्षा 10 और कक्षा 12 की बोर्ड परीक्षा में बैठने का विकल्प मिलेगा. उन्होंने यह घोषणा छत्तीसगढ़ में पीएम श्री (प्राइम मिनिस्टर स्कूल फॉर राइजिंग इंडिया) योजना शुरू करते समय की थी. योजना के तहत राज्य के 211 स्कूलों को अपग्रेड किया जाएगा.

छत्तीसगढ़ बोर्ड 10वीं की परीक्षा 2 मार्च से 21 मार्च तक और 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं 1 मार्च से 23 मार्च तक आयोजित की जाएगी. बोर्ड एग्जाम के लिए डेटशीट पहले ही जारी की जा चुकी है.

हमास-इजरायल युद्ध: अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडन का दावा 4 मार्च तक सीज़फ़ायर, अमेरिका के प्रतिनिधि मंडलों ने सीज़फ़ायर की शर्तों को लेकर पेरिस में चर्चा की…

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मेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने एक बड़ा दावा किया है. उन्होंने कहा है कि उनको उम्मीद है कि इज़रायल और हमास के बीच अगले सोमवार तक यानि 4 मार्च तक सीज़फ़ायर हो सकता है. साथ ही उन्होंने ये भी जोड़ा कि उनके सुरक्षा सलाहकार जेक सुलिवान ने बताया है कि इस तरह का समझौता बेहद क़रीब है, लेकिन अभी ये पूरी तरह हुआ नहीं है.

अमेरिकी राष्ट्रपति ने ये बयान न्यूयार्क में एक आइसक्रीम पार्लर के बाहर एक पत्रकार से बात करते हुए कहा… ”उनके इस बयान के कई मायने हैं.”

एक दिन पहले ही जो बाइडन के सुरक्षा सलाहकार जेक सुलिवान ने बयान दिया था कि इज़रायल, इज़िप्ट, क़तर और अमेरिका के प्रतिनिधि मंडलों ने सीज़फ़ायर की शर्तों को लेकर पेरिस में चर्चा की. इसमें हमास के प्रतिनिधि शामिल नहीं थे.

सवाल है कि क्या वाकई में ग़ाज़ा में युद्ध रुकने जा रहा है. अगर हां तो कितने दिनों के लिए? क्या ये पूर्ण युद्धविराम होगा या फिर कुछ हफ़्तों का होगा? ये किन-किन शर्तों पर होगा?

राष्ट्रपति बाइडन ने इन बातों का ख़ुलासा तो नहीं किया, लेकिन जो जानकारी मिल रही है, उसके मुताबिक़ 6 हफ़्तों के सीज़फ़ायर के प्रस्ताव पर सहमति बनाने की कोशिश की जा रही है. पेरिस में जो फॉर्मूला तय हुआ है, उसे लेकर क़तर में बातचीत की जा रही है, जिसमें इज़रायल और हमास के प्रतिनिधि भी शामिल हो रहे हैं.अब तक इज़रायल और हमास दोनों अपनी-अपनी शर्तों पर अड़े रहे हैं. इज़रायल जहां पूर्ण युद्ध विराम करने से एकदम से इनकार करता रहा है वहीं हमास का ज़ोर पूर्ण युद्धविराम और ग़ाज़ा से इज़रायली सैनिकों की वापसी पर रहा है. इज़रायल जहां बंधकों की रिहाई को पहली शर्त बताता है, वहीं हमास बंधकों की रिहाई तब तक करने को तैयार नहीं, जब तक कि युद्ध पूरी तरह से ख़त्म न किया जाए. हमास इज़रायल की जेलों में बंद क़रीब हज़ारों फिलिस्तीनियों की रिहाई और ग़ाज़ा में भारी मात्रा में मदद सामग्री भी चाहता है.

”संभावित समझौते की जो जानकारी सामने आ रही है, उसके मुताबिक़ इज़रायल एक महीने के युद्धविराम के लिए तैयार है.” इज़रायली वार्ताकारों ने ये भी संकेत दिए हैं कि इज़रायल की जेलों में बंद कई हाईप्रोफ़ाइल फिलिस्तीनी क़ैदियों को छोड़ा जा सकता है जिन पर आतंकवाद के आरोप लगाए गए हैं.”

”ऐसा इज़रायली बंधकों की रिहाई के बदले किया जाएगा. कितने बंधकों के बदले कितने फिलिस्तानी क़ैदी छोड़े जाएंगे, ये अभी साफ़ नहीं है, लेकिन इज़राइल की तरफ़ से भी धमकी दी गई है कि अगर 10 मार्च तक बंधकों को रिहा नहीं किया गया तो वो दक्षिणी ग़ाज़ा के राफ़ा में अपनी कार्रवाई तेज़ कर देगा.”

”ग़ौरतलब है कि 10 मार्च से रमजान का महीना शुरू हो रहा है. इज़रायल राफा में सैन्य कार्रवाई आगे बढ़ा रहा और अब तक के हमलों में कई फिलिस्तीनियों की मौत हुई है.”

नेतन्याहू ने कहा कि राफ़ा में ऑपरेशन पूरा हुए बग़ैर हमास पर जीत दर्ज नहीं की जा सकती है. राफ़ाह में क़रीब 14 लाख शरणार्थी हैं और जिनको खान यूनुस जैसे इलाक़े में भेजे जाने की बात पीएम नेतन्याहू ने की है, यानि कि युद्ध से तबाह हो चुके ग़ाज़ा में लाखों शरणार्थी दरबदर होने को मजबूर हैं. हमास पर इसका भी दबाव है.वैसे बाइडन के सीज़फ़ायर के बयान को मिशीगन में होने वाले प्राइमरीज़ से भी जोड़ कर देखा जा रहा है. यहां क़रीब 3 लाख अरब और मुस्लिम अमेरिकी रहते हैं. अमेरिका जिस तरह से इज़राइल के समर्थन में रहा है उसे लेकर यहां ज़बरदस्त गुस्सा है और यहां के डेमोक्रेट्स भी बाइडन के ख़िलाफ़ हो गए हैं. नवंबर में राष्ट्रपति चुनाव में बाइडन को बड़ी दिक्कत आ सकती है.

हमास और इज़रायल के बीच युद्ध रोके जाने की बात पहले भी कई बार हुई है, लेकिन पिछले नवंबर में एक हफ़्ते के युद्ध विराम के बाद इज़राइल का हमला बदस्तूर जारी है. अब देखना है कि बाइडन के दावे में कितना दम है और सोमवार तक कोई सीज़फ़ायर होता है तो असल में किन शर्तों के साथ होता है.