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दिन के साथ अब रात की बढ़ती गर्मी, बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों के लिए “रात की लू” बड़ा खतरा…

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दिन के साथ अब रात की बढ़ती गर्मी भी लोगों की सेहत पर भारी पड़ रही है. खासकर बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों के लिए “रात की लू” बड़ा खतरा बनती जा रही है. यहां जानें पूरी जानकारी’

इस साल गर्मी ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है. पहले सिर्फ दिन में तेज धूप और गर्म हवाओं से लोग परेशान होते थे, लेकिन अब रात में भी गर्मी कम नहीं हो रही है. कई राज्यों में रात का तापमान इतना बढ़ गया है कि लोगों को सोने तक में दिक्कत हो रही है. खास बात ये है कि मध्य प्रदेश में पहली बार “रात की लू” का अलर्ट जारी किया गया है. मौसम विभाग के मुताबिक जब रात में भी तापमान बहुत ज्यादा बना रहता है और शरीर को ठंडक नहीं मिलती, तब इसे “गर्म रात” कहा जाता है.

तेज गर्मी को देखते हुए कई जगहों पर तो दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक हाई अलर्ट जारी कर दी गया है. इस दौरान लोगों को बहुत जरूरी काम न हो तो घर से बाहर न निकलने की सलाह दी गई है. मौसम विभाग और डॉक्टरों का कहना है कि इसी समय लू का असर सबसे ज्यादा होता है. साथ ही बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को खास तौर पर घर में रहने की सलाह दी गई है. स्कूल से आने वाले बच्चों को सीधे धूप में खेलने से रोकने को भी कहा गया है.

आमतौर पर लोग लू को दिन की तेज गर्म हवा मानते हैं, लेकिन रात की लू थोड़ी अलग होती है. इसमें हवा जरूरी नहीं कि गर्म चले, बल्कि रात का तापमान इतना ज्यादा रहता है कि घर की दीवारें, जमीन और कमरे तक ठंडे नहीं हो पाते. पंखा और कूलर भी कई बार राहत नहीं दे पाते. शरीर दिनभर की गर्मी से थका होता है और रात में उसे आराम नहीं मिल पाता. यही वजह है कि डॉक्टर इसे ज्यादा खतरनाक मान रहे हैं. लगातार गर्म रातें शरीर को कमजोर बना देती हैं और इंसान अंदर ही अंदर थकने लगता है.

बच्चों का शरीर बड़ों की तुलना में जल्दी गर्म हो जाता है. वे ज्यादा देर तक गर्मी सहन नहीं कर पाते. रात में अगर सही नींद न मिले तो बच्चे चिड़चिड़े हो जाते हैं, कमजोरी महसूस करते हैं और कई बार बुखार या उल्टी जैसी परेशानी भी शुरू हो जाती है. छोटे बच्चे खुद से ज्यादा पानी भी नहीं पीते, जिससे शरीर में पानी की कमी होने लगती है. डॉक्टरों का कहना है कि बच्चों को रात में हल्के कपड़े पहनाने चाहिए और समय-समय पर पानी या घर का बना ठंडा पेय देते रहना चाहिए.

महिलाओं, खासकर गर्भवती महिलाओं के लिए रात की लू ज्यादा परेशानी पैदा कर सकती है. ज्यादा गर्मी की वजह से शरीर में पानी की कमी हो जाती है, जिससे कमजोरी, चक्कर और सिरदर्द होने लगता है. जो महिलाएं दिनभर घर का काम करती हैं, उन्हें रात में भी आराम नहीं मिल पाता. लगातार पसीना आने से शरीर थक जाता है. गर्भवती महिलाओं में ज्यादा गर्मी बच्चे की सेहत पर भी असर डाल सकती है. इसलिए डॉक्टर सलाह दे रहे हैं कि महिलाएं दिनभर पानी पीती रहें और ज्यादा भारी काम करने से बचें.

मौसम विभाग ने लोगों को दिन के सबसे गर्म समय में घर के अंदर रहने की सलाह दी है. अगर बाहर जाना बहुत जरूरी हो तो सिर ढककर निकलें और साथ में पानी जरूर रखें. घर में नींबू पानी, छाछ और नारियल पानी जैसी चीजें पीते रहने की सलाह दी गई है. रात में भी खूब पानी पीना जरूरी बताया गया है ताकि शरीर में पानी की कमी न हो. बच्चों और बुजुर्गों को अकेला न छोड़ने और कमरे को जितना हो सके ठंडा रखने की बात कही गई है.

मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले दिनों में उत्तर और मध्य भारत के कई हिस्सों में गर्मी और बढ़ सकती है. अगर बारिश नहीं हुई तो रात की लू का असर लंबे समय तक रह सकता है. सबसे बड़ी चिंता ये है कि लोग दिन की गर्मी को तो समझते हैं, लेकिन रात की गर्मी को अक्सर हल्के में ले लेते हैं. जबकि असली खतरा वहीं छिपा होता है. इसलिए जरूरी है कि लोग सतर्क रहें और बच्चों, महिलाओं व बुजुर्गों का खास ध्यान रखें.

PM Modi Tour: 5 देशों की यात्रा से क्या लेकर लौटे PM मोदी? , भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत….

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यह दौरा भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने, उच्च तकनीक निर्माण में आत्मनिर्भरता बढ़ाने और वैश्विक व्यापार-रणनीतिक साझेदारियों को नई ऊंचाई पर ले जाने वाली कामयाब कोशिश साबित हुई है.

15 मई से 20 मई 2026 के बीच PM मोदी महज छह दिन में पांच देशों का दौरा करके लौटे हैं. ये यात्रा सिर्फ विदेशी मेहमान नवाजी या फोटो सेशन तक सीमित नहीं रही, बल्कि भारत हर पड़ाव से कुछ ऐसा लेकर लौटा है जो सीधे देश की ऊर्जा सुरक्षा, चिप निर्माण, ग्रीन एनर्जी और कारोबारी ताकत को नया आयाम देगा. UAE से लेकर इटली तक, हर मुलाकात में ऐसे समझौते हुए जिनका असर आने वाले दशकों तक हमारी जेब, हमारी नौकरियों और हमारी सुरक्षा पर पड़ने वाला है. आइए जानते हैं कि PM मोदी इन पांचों जगहों से असल में क्या-क्या लेकर लौटे?

पहला पड़ाव- संयुक्त अरब अमीरात (UAE): ऊर्जा सुरक्षा का नया अध्याय

PM मोदी 15 मई की सुबह सबसे पहले अबू धाबी पहुंचे. करीब 3 घंटे के इस छोटे से प्रवास में ही दोनों देशों के बीच 7 समझौतों पर हस्ताक्षर हुए, जिनमें सबसे अहम रहा ‘स्ट्रैटजिक पेट्रोलियम रिजर्व एग्रीमेंट’. यह रणनीतिक तेल भंडार पर बड़ी डील:

UAE की राष्ट्रीय तेल कंपनी ADNOC अब भारत के रणनीतिक तेल भंडारों में 3 करोड़ बैरल कच्चा तेल स्टोर करेगी. युद्ध या आपूर्ति में रुकावट की स्थिति में इस रिजर्व पर पहला अधिकार भारत का होगा. UAE इस भंडारण के लिए भारत को किराया भी देगा.

अभी भारत के पास कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में तीन रणनीतिक तेल भंडार हैं, जिनकी क्षमता 53.3 लाख मीट्रिक टन (करीब 4 करोड़ बैरल) है, लेकिन वे केवल 65% भरे हुए हैं. इस डील के बाद भारत का रणनीतिक तेल भंडार मौजूदा 9 दिनों की खपत से बढ़कर 14-15 दिनों के बराबर हो जाएगा.

इस डील की सबसे खास बात यह है कि UAE का यह तेल स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से न गुजरकर, हशबान ऑयल फील्ड से एक विशेष पाइपलाइन के जरिए सीधे फुजैराह बंदरगाह पहुंचेगा, जहां से जहाज भारत आ सकते हैं. इससे भारत को एक सुरक्षित और भरोसेमंद आपूर्ति मार्ग मिलेगा.

इसके अलावा UAE गुजरात के वडिनार बंदरगाह पर एक बड़ा जहाज मरम्मत केंद्र और नाविकों का ट्रेनिंग सेंटर बनाएगा. साथ ही, बुनियादी ढांचे, बैंकिंग और वित्तीय क्षेत्र में 3 बिलियन डॉलर (लगभग 48,000 करोड़ रुपये) का निवेश करने पर भी सहमति बनी.

दूसरा पड़ाव- नीदरलैंड: सेमीकंडक्टर क्रांति और महत्वपूर्ण खनिज

15 मई की रात करीब 9 बजे PM मोदी एम्स्टर्डम पहुंचे और करीब डेढ़ दिन रुके. इस दौरान उन्होंने राजपरिवार और प्रधानमंत्री से मुलाकात की और कुल 17 समझौतों पर हस्ताक्षर हुए. इनमें दो समझौते बेहद अहम हैं:

चिप-मेकिंग में ऐतिहासिक डील: नीदरलैंड की दिग्गज कंपनी ASML ने टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स के साथ चिप मैन्युफैक्चरिंग में पार्टनरशिप की है. टाटा गुजरात के धोलेरा में 91,000 करोड़ रुपये की लागत से भारत का पहला सेमीकंडक्टर प्लांट लगा रही है. ASML अपनी एकाधिकार वाली लिथोग्राफी तकनीक से वहां चिप उत्पादन शुरू करने में मदद करेगी. इससे भारत की चिप आयात पर निर्भरता कम होगी, जो अभी 90% है. 2023-24 में 1.05 लाख करोड़ रुपये की चिप्स आयात की गई थीं.

महत्वपूर्ण खनिजों के लिए समर्थन: नीदरलैंड भारत को कोबाल्ट, लीथियम, ग्रेफाइट और निकल जैसे 30 महत्वपूर्ण खनिजों की खोज और खनन के लिए आधुनिक तकनीक देगा. अभी भारत अपनी जरूरत का 70% से 100% तक ये खनिज चीन जैसे देशों से आयात करता है.

इसके अलावा:

कल्पसार परियोजना: गुजरात में खंभात की खाड़ी पर बनने वाले 30 किलोमीटर लंबे बांध की डिजाइन और इंजीनियरिंग में वॉटर मैनेजमेंट एक्सपर्ट नीदरलैंड मदद करेगा.

सांस्कृतिक धरोहर की वापसी: नीदरलैंड ने 11वीं सदी के चोल राजवंश की 21 बड़ी और 3 छोटी ताम्रपत्र (तांबे की प्लेटें) भारत को लौटा दीं. 18वीं सदी में डच मिशनरी इन्हें यूरोप ले गए थे और भारत 2012 से इन्हें वापस लाने की कोशिश कर रहा था.

तीसरा पड़ाव- स्वीडन: रणनीतिक साझेदारी और मुक्त व्यापार की राह

17 मई को PM मोदी स्टॉकहोम पहुंचे. यहां उन्हें स्वीडन के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘रॉयल ऑर्डर ऑफ द पोलर स्टार’ से सम्मानित किया गया. स्वीडन में:रणनीतिक साझेदारी बढ़ी: भारत और स्वीडन के बीच संबंधों को ‘रणनीतिक साझेदारी’ के स्तर तक बढ़ाया गया और अगले 5 सालों में द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने का लक्ष्य रखा गया.

यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने PM मोदी से मुलाकात में वादा किया कि वे साल के अंत तक इस समझौते पर हस्ताक्षर कर देंगी. इस डील के तहत यूरोप से भारत आने वाली 96.6% वस्तुओं पर से टैरिफ पूरी तरह हटा दिया जाएगा या बहुत कम कर दिया जाएगा. यूरोप भी भारत से आने वाले 99.5% सामान पर ऐसा ही करेगा.

चौथा पड़ाव- नॉर्वे: 43 साल बाद ऐतिहासिक यात्रा और हरित ऊर्जा

18 मई को PM मोदी ओस्लो पहुंचे. यह 43 सालों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की नॉर्वे की पहली यात्रा थी, इससे पहले 1983 में इंदिरा गांधी वहां गई थीं. यहां दोनों देशों के बीच कई अहम समझौते हुए:

हरित रणनीतिक साझेदारी: दोनों देशों के बीच 12 मुद्दों पर समझौते हुए, जिनमें सबसे अहम है ‘ग्रीन स्ट्रैटजिक पार्टनरशिप’. इसके तहत नॉर्वे भारत के स्वच्छ ऊर्जा (सौर, पवन, जलविद्युत, परमाणु) परियोजनाओं में बड़ा निवेश करेगा. गौरतलब है कि नॉर्वे की 98% बिजली आपूर्ति स्वच्छ ऊर्जा से होती है, जबकि भारत का 2030 तक 500 गीगावाट स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन का लक्ष्य है, जिसके मुकाबले अप्रैल 2026 तक सिर्फ 283.46 गीगावाट क्षमता ही स्थापित हो पाई है.

LPG खरीद पर बात: नॉर्वे यूरोप का सबसे बड़ा तेल उत्पादक है और रोजाना लगभग 2 मिलियन बैरल कच्चे तेल का उत्पादन करता है. ईरान युद्ध के बाद से भारत ने नॉर्वे से LPG की खरीद बढ़ाई है और भविष्य में वहां से और तेल खरीदने के विकल्प तलाश रहा है.

पांचवां पड़ाव- इटली: व्यापार, IMEC और ‘मेलोडी’ की दोस्ती

यूरोपीय दौरे के आखिरी पड़ाव पर PM मोदी 19 मई को रोम पहुंचे और प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी से मुलाकात की. दोनों नेता एक ही कार में घूमे और 2,000 साल पुराने कोलोजियम में सेल्फी भी ली. इसके बाद Melodi सोशल मीडिया पर ट्रेंड करने लगा. भारत और इटली के बीच 2 बड़े समझौते हुए:

IMEC को आगे बढ़ाने पर सहमति: भारत और इटली ने भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारे (IMEC) को आगे बढ़ाने का फैसला किया. यह परियोजना भारत को रेलवे, बंदरगाह और शिपिंग नेटवर्क के जरिए मिडिल ईस्ट और यूरोप से जोड़ेगी, जिससे भारत से यूरोप तक सामान पहुंचाने का समय और लागत 30-40% तक कम हो सकती है.

AI और साइबर सुरक्षा में सहयोग: दोनों देशों ने अपने संबंधों को ‘विशेष रणनीतिक साझेदारी’ का दर्जा देने का फैसला किया और 2029 तक द्विपक्षीय व्यापार को 20 अरब यूरो से ज्यादा तक ले जाने का टारगेट रखा. फिलहाल दोनों देशों के बीच 14 अरब यूरो (लगभग 1.60 लाख करोड़ रुपये) का व्यापार होता है.

 

Public Health Emergency:कितना खतरनाक है अफ्रीका में फैला ‘Ebola Virus’ इबोला वायरस. जानें इस बीमारी के लक्षण और इलाज का तरीका…

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इबोला वायरस ने एक बार फिर दुनिया की चिंता बढ़ा दी है. इस बार जो स्ट्रेन सामने आया है, उसका फिलहाल कोई प्रभावी वैक्सीन या विशेष इलाज उपलब्ध नहीं है.

How Ebola Virus Spreads Among Humans: अफ्रीका के कुछ हिस्सों में फैले इबोला वायरस ने एक बार फिर दुनिया की चिंता बढ़ा दी है. हाल ही में वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन ने कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य और युगांडा में फैल रहे इबोला इंफेक्शन  को इंटरनेशनल लेवल पर सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल घोषित किया है. रिपोर्ट के मुताबिक, 16 मई तक डीआरसी के इटुरी प्रांत में 246 संदिग्ध मामले और 80 संदिग्ध मौतें दर्ज की गईं, जबकि कुछ मामलों की लैब में पुष्टि भी हो चुकी है.

क्या एक नई महामारी की हो चुकी शुरुआत?

डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक डॉ. टेड्रोस अधानोम घेब्रेयसस ने कहा है कि मौजूदा स्थिति अभी महामारी के स्तर तक नहीं पहुंची है, लेकिन इंफेक्शन की गंभीरता को देखते हुए अंतरराष्ट्रीय सहयोग बेहद जरूरी है. डीआरसी के स्वास्थ्य मंत्री सैमुअल-रोजर काम्बा ने बताया कि इस बार जो स्ट्रेन सामने आया है, उसका फिलहाल कोई प्रभावी वैक्सीन या विशेष इलाज उपलब्ध नहीं है और इसकी मृत्यु दर 50 प्रतिशत तक पहुंच सकती है.

क्या है इबोला बीमारी?

इबोला एक बेहद खतरनाक और जानलेवा बीमारी है, जो ऑर्थोइबोलावायरस परिवार के वायरस से होती है. अब तक इसके छह अलग-अलग प्रकार पहचाने जा चुके हैं, लेकिन इनमें से तीन स्ट्रेन बड़े प्रकोप की वजह बने हैं, जो इंसानों में गंभीर इंफेक्शन फैलाती है। यह वायरस आमतौर पर जानवरों से इंसानों में पहुंचता है. एक्सपर्ट के मुताबिक, फल खाने वाले चमगादड़ों को इसका नेचुरल फैलने का तरीका माना जाता है. इंफेक्शन जानवरों के खून, शरीर के तरल पदार्थ या इंफेक्टेड व्यक्ति के सीधे संपर्क में आने से यह वायरस तेजी से फैल सकता है. यही वजह है कि अस्पतालों में इलाज के दौरान स्वास्थ्यकर्मियों के इंफेक्टेड होने का खतरा भी काफी अधिक रहता है. यहां तक कि इंफेक्टेड व्यक्ति के अंतिम संस्कार के दौरान सीधे संपर्क में आने से भी वायरस फैलने का खतरा रहता है.

कैसे होते हैं इसके लक्षण

वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन के मुताबिक, इबोला के शुरुआती लक्षण सामान्य वायरल बुखार जैसे लगते हैं, जिससे इसकी पहचान मुश्किल हो जाती है. इंफेक्शन के दो से 21 दिनों के भीतर अचानक तेज बुखार, अत्यधिक थकान, शरीर दर्द, सिरदर्द और गले में खराश शुरू हो सकती है. इसके बाद मरीज को उल्टी, दस्त, पेट दर्द, त्वचा पर चकत्ते और किडनी-लिवर से जुड़ी समस्याएं होने लगती हैं. कई मामलों में मरीज मानसिक भ्रम, चिड़चिड़ापन और आक्रामक व्यवहार भी दिखाने लगता है. हालांकि आम लोगों के बीच यह धारणा है कि इबोला में हमेशा खून बहता है, लेकिन एक्सपर्ट का कहना है कि ब्लीडिंग हर मरीज में नहीं होती और यह बीमारी के बाद के चरणों में दिखाई देती है.

इसके अलावा इबोला की पहचान करना भी आसान नहीं होता, क्योंकि इसके शुरुआती लक्षण कई दूसरी इंफेक्शन बीमारियों जैसे मलेरिया, टाइफाइड, मेनिनजाइटिस और सामान्य वायरल बुखार से काफी मिलते-जुलते हैं. यही वजह है कि कई बार शुरुआती चरण में मरीज की बीमारी पकड़ में नहीं आ पाती. डॉक्टरों के मुताबिक, अगर समय रहते सही जांच और पहचान न हो, तो इंफेक्शन तेजी से गंभीर रूप ले सकता है.

कबकब दिखा इसका प्रकोप?

इबोला का इतिहास भी बेहद डरावना रहा है. इसका पहला बड़ा प्रकोप साल 1976 में सामने आया था, जब सूडान और कांगो में लगातार दो बड़े इंफेक्शन दर्ज किए गए. इसके बाद 2000-01 में युगांडा में वायरस तेजी से फैला. लेकिन सबसे भयावह प्रकोप 2013 से 2016 के बीच पश्चिम अफ्रीका में देखने को मिला. उस दौरान गिनी, लाइबेरिया और सिएरा लियोन जैसे देशों में 28 हजार से ज्यादा मामले सामने आए और 11 हजार से अधिक लोगों की मौत हो गई. यह अब तक का सबसे घातक इबोला प्रकोप माना जाता है. इंफेक्शन बाद में अमेरिका और यूरोप तक भी पहुंचा, जहां कुछ मामले अफ्रीका से लौटे यात्रियों और स्वास्थ्यकर्मियों में पाए गए. इसके बाद 2018 से 2020 के बीच डीआरसी और युगांडा में फिर बड़े स्तर पर इंफेक्शन फैला और हाल ही में 2025 में युगांडा में नए मामले सामने आए.

क्या है इसका इलाज?

रिसर्चर्स का कहना है कि इबोला का इलाज अब भी बड़ी चुनौती बना हुआ है. लंदन के इम्पीरियल कॉलेज के मेडिकल एक्सपर्ट के मुताबिक, फिलहाल जो इलाज उपलब्ध हैं, वे केवल जायर स्ट्रेन पर असर करते हैं. वहीं मौजूदा बंडीबुग्यो स्ट्रेन के लिए न तो कोई स्वीकृत वैक्सीन है और न ही प्रभावी एंटीवायरल दवा. ऐसे में इलाज मुख्य रूप से शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट संतुलन बनाए रखने, ऑक्सीजन स्तर स्थिर रखने और मरीज की हालत संभालने पर आधारित है.

RJD MLA Bhai Virendra: PM Modi की विदेश यात्रा पर RJD विधायक भाई वीरेंद्र का तंज…

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आरजेडी विधायक भाई वीरेंद्र ने पीएम मोदी से कहा कि दूसरे देश में जब जाते हैं तो क्या लाते हैं ये देश की जनता जानना चाहती है. कथनी और करनी में सामंजस्य होना चाहिए.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने कुछ दिनों पहले देशहित में कई अपील की थी. अपील के बाद अब जब वे विदेश दौरे पर हैं तो विपक्ष सवाल उठा रहा है. आरजेडी के विधायक भाई वीरेंद्र (RJD MLA Bhai Virendra) ने पटना में मीडिया से बातचीत में कहा कि कथनी और करनी में सामंजस्य होना चाहिए.

भाई वीरेंद्र ने कहा, “आपने बयान दिया… देश की जनता को संबोधित किया… और दूसरे ही दिन आप प्लेन से उड़ जा रहे हैं अडानी और अंबानी के लिए… दूसरे देश में जब जाते हैं तो क्या लाते हैं ये देश की जनता जानना चाहती है. आप तो अडानी और अंबानी को मालामाल करने के लिए विदेश का दौरा करते हैं… देहात में कहावत है कि बाल न बच्चा नींद पड़े अच्छा…”

देश के साथ फिरंगी जैसा काम करें

प्रधानमंत्री को निशाने पर लेते हुए भाई वीरेंद्र ने आगे कहा, “ट्रंप ने इस विश्व के साथ कितना धोखा किया है और रंगदारी की है… आपके उसके साथ हैं. ये जनता भी जान रही है. देश के प्रधानमंत्री से कहना चाहूंगा कि फिरंगी जैसा काम न करें. मैं विनम्र आग्रह करूंगा कि भारत माता का सम्मान कीजिए. देशहित में काम करें. देश किस दिशा में जा रहा है, महंगाई बढ़ रही है और आप विदेश की यात्रा कर रहे हैं?”

आरजेडी भले पीएम मोदी के विदेश दौरे पर सवाल उठा रही है लेकिन बीजेपी का कहना है कि प्रधानमंत्री बिना मतलब के नहीं जाते हैं. बीजेपी नेता मनन कुमार मिश्रा ने पीएम मोदी की विदेश यात्रा के खर्च पर आ रहे बयानों पर कहा है, “… प्रधानमंत्री जहां भी जाते हैं वहां से कुछ ना कुछ डील करके, कुछ लेकर आते हैं. प्रधानमंत्री जी का एक भी दौरा बेकार नहीं होता है. घूमने फिरने के लिए नहीं होता है, बिना मतलब के किसी देश का भ्रमण नहीं करते हैं…”

‘Vande Mataram In Madrasas: बंगाल के मदरसों में वंदे मातरम गाना अनिवार्य’ CM शुभेंदु अधिकारी का बड़ा फैसला’

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पश्चिम बंगाल में सभी सरकारी स्कूलों के साथ-साथ अब सभी सरकारी, सहायता प्राप्त और मान्यता प्राप्त मदरसों में भी क्लास शुरू होने से पहले ‘वंदे मातरम्’ गाना अनिवार्य कर दिया है.

पश्चिम बंगाल में शुभेंदु अधिकारी की सरकार ने एक बड़ा फैसला लेते हुए राज्य के सभी सरकारी स्कूलों के साथ-साथ अब सभी सरकारी, सहायता प्राप्त और मान्यता प्राप्त मदरसों में भी क्लास शुरू होने से पहले ‘वंदे मातरम्’ गाना अनिवार्य कर दिया है. सरकार के इस आदेश के मुताबिक अब हर मदरसे में प्रार्थना सभा (असेंबली) के दौरान राष्ट्रगीत गाना जरूरी होगा.

राज्य के अल्पसंख्यक मामलों और मदरसा शिक्षा मंत्री खुदीराम टुडू ने इस फैसले की पुष्टि की है. उन्होंने कहा कि जब राज्य के अन्य सरकारी स्कूलों और संथाली भाषा में पढ़ाई कराने वाले स्कूलों में भी ‘वंदे मातरम्’ अनिवार्य है तो मान्यता प्राप्त मदरसों में इसे अनिवार्य क्यों नहीं किया जा सकता?

मदरसा शिक्षा निदेशालय ने जारी किया आदेश

पश्चिम बंगाल मदरसा शिक्षा निदेशालय ने इसको लेकर आदेश जारी किया है. आधिकारिक आदेश में साफ कहा गया है कि पुराने सभी नियमों और प्रथाओं को रद्द करते हुए यह नया नियम तत्काल प्रभाव से लागू किया जा रहा है. इसके दायरे में अल्पसंख्यक मामलों और मदरसा शिक्षा विभाग के तहत आने वाले सभी सरकारी मॉडल मदरसे (अंग्रेजी माध्यम), मान्यता प्राप्त सहायता प्राप्त मदरसे, स्वीकृत मदरसा शिक्षा केंद्र, शिशु शिक्षा केंद्र और मान्यता प्राप्त गैर-सहायता प्राप्त मदरसे शामिल होंगे.

सरकारी स्कूलों में ‘वंदे मातरम्’ गाने का पहले ही जारी हो चुका आदेश

इससे पहले 13 मई की शाम को पश्चिम बंगाल शिक्षा विभाग ने भी राज्य के सभी सरकारी स्कूलों में ‘वंदे मातरम्’ गाना अनिवार्य करने संबंधी अधिसूचना जारी की थी.राज्य के नए और नौवें मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने 14 मई को अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर शिक्षा विभाग की अधिसूचना शेयर की थी.

अतिरिक्त मुख्य सचिव की ओर जारी अधिसूचना में कहा गया था कि पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य के स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत आने वाले सभी स्कूलों में कक्षाएं शुरू होने से पहले प्रार्थना सभा के दौरान राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ गाना तत्काल प्रभाव से अनिवार्य कर दिया है.

60 साल बाद तमिलनाडु कैबिनेट का हिस्सा बनेगी कांग्रेस, तमिलनाडु में एक महत्वपूर्ण राजनीतिक बदलाव…

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तमिलनाडु कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष के. सेल्वपेरुंथगाई ने बताया कि यह शपथ ग्रहण समारोह पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय राजीव गांधी की पुण्यतिथि के अवसर पर हो रहा है.

लगभग छह दशकों में पहली बार कांग्रेस पार्टी तमिलनाडु कैबिनेट का हिस्सा बनने जा रही है. गुरुवार (22 मई, 2026) को तमिलनाडु वेट्री कझगम (TVK) के नेतृत्व वाली सरकार में पार्टी के दो विधायक मंत्री पद की शपथ लेंगे. यह घोषणा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की ओर से मुख्यमंत्री जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली राज्य कैबिनेट में पार्टी विधायकों एस. राजेश कुमार और पी. विश्वनाथन को शामिल करने की मंजूरी दिए जाने के बाद की गई.

इस घटनाक्रम को तमिलनाडु में एक महत्वपूर्ण राजनीतिक बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है. पर्यवेक्षकों के अनुसार, यह टीवीके सरकार का समर्थन करने वाले सत्ताधारी गठबंधन के भीतर सत्ता-साझेदारी के एक नए दौर की शुरुआत है. आईएएनएस से ​​बात करते हुए, कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने कहा कि इतने लंबे अंतराल के बाद पार्टी के लिए यह एक ऐतिहासिक क्षण है.

उन्होंने कहा, ‘कांग्रेस के लिए यह एक बहुत ही महत्वपूर्ण दिन है और हम सभी महसूस करते हैं कि 59 साल का समय बहुत लंबा होता है. कांग्रेस पार्टी हमेशा लोगों के लिए खड़ी रही है. हमने दूसरों के साथ सत्ता साझा की है, हमने दूसरों को सत्ता सौंपी है और तमिलनाडु में सत्ता में आने के लिए हमें इतने वर्षों तक इंतजार करना पड़ा. हमारे लिए यह एक बहुत ही महत्वपूर्ण दिन है.’

तमिलनाडु कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष के. सेल्वपेरुंथगाई ने आईएएनएस को बताया कि यह शपथ ग्रहण समारोह पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय राजीव गांधी की पुण्यतिथि के अवसर पर हो रहा है. उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि नए शामिल किए गए मंत्री राजीव गांधी के आदर्शों के अनुरूप ही कार्य करेंगे.

उन्होंने कहा, ‘आज स्वर्गीय राजीव गांधी की पुण्यतिथि है. राजीव गांधी के दिखाए मार्ग पर चलते हुए हमारे मंत्री निश्चित रूप से लोगों के साथ-साथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं के लिए भी कड़ी मेहनत करेंगे.’ तमिलनाडु के कांग्रेस प्रभारी गिरीश चोडनकर ने कहा कि पार्टी कार्यकर्ता इस घटनाक्रम को लेकर बेहद उत्साहित हैं. उन्होंने इसे शासन-प्रशासन में प्रतिनिधित्व की लंबे समय से चली आ रही मांग का परिणाम बताया.

उन्होंने आईएएनएस से ​​कहा, ‘हमारे कार्यकर्ता बहुत खुश और उत्साहित हैं, क्योंकि वे लंबे समय से सरकार में सत्ता-साझेदारी और सम्मान की इच्छा रखते थे और अब उन्हें यह हासिल हो गया है. हम ये दोनों मंत्रालय अपने पार्टी कार्यकर्ताओं को समर्पित करते हैं, क्योंकि उन्होंने अच्छे और बुरे, दोनों ही समय में हमारी विचारधारा और हमारी पार्टी के साथ मजबूती से खड़े रहे. यहां तक ​​कि जब सत्ता में आने की हमारी कोई उम्मीद नहीं थी, तब भी वे अपने संकल्प पर अडिग रहे.’

कांग्रेस नेता थिरुनावुक्करासर ने आईएएनएस से ​​बात करते हुए इस फैसले का स्वागत किया और टीवीके नेतृत्व को कैबिनेट में पार्टी को शामिल करने के लिए धन्यवाद दिया. उन्होंने कहा, ‘यह अच्छा है, यह एक स्वागत योग्य कदम है. मैं टीवीके के अध्यक्ष और मौजूदा सीएम विजय की सराहना करता हूं. मैं उन्हें धन्यवाद देता हूं कि उन्होंने यह प्रस्ताव दिया और कांग्रेस को अपनी कैबिनेट में शामिल किया. यह उनकी तरफ से एक अच्छा कदम है. मैं कांग्रेस और उसके कार्यकर्ताओं की ओर से उन्हें धन्यवाद देता हूं.’

इसी बीच, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता केवी थंगाबालू ने कहा, ‘हम बहुत खुश हैं कि कांग्रेस 59 साल बाद मंत्रालय में शामिल हो रही है. असल में, 2009 में, हमने सत्ता-साझाकरण की व्यवस्था की मांग की थी, और उस समय श्री करुणानिधि सहमत भी हो गए थे, लेकिन ऐसा हो नहीं पाया.’ बता दें कि तमिलनाडु में जोसेफ विजय की पार्टी टीवीके को पूर्व बहुमत न मिलने की स्थिति में कांग्रेस ने समर्थन दिया है.

PM मोदी आज करेंगे बड़ी मीटिंग, मौजूदा संकट पर नजर रखने और इससे बचने के उपायों को लेकर एक ग्रुप का भी गठन…

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पीएम मोदी आज सभी मंत्रियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक करेंगे. सरकार ने मौजूदा संकट पर नजर रखने और इससे बचने के उपायों को लेकर एक ग्रुप का भी गठन किया है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार (21 मई) को शाम 4 बजे दिल्ली के सेवा तीर्थ में मंत्रियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक करेंगे. सरकार के भीतर चल रही राजनीतिक और आर्थिक चर्चाओं के मद्देनजर सभी केंद्रीय मंत्रियों को इस दौरान दिल्ली में ही रहने के लिए कहा गया है. प्रधानमंत्री मोदी के विदेश दौरे से लौटने के तुरंत बाद यह बैठक हो रही है, जिसमें सभी केंद्रीय मंत्रियों, स्वतंत्र प्रभार वाले राज्य मंत्रियों और राज्य मंत्रियों के शामिल होने की उम्मीद है.

रिपोर्ट के मुताबिक पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष और भारत पर इसके संभावित आर्थिक प्रभाव पर चर्चा होने की संभावना है. क्षेत्रीय तनाव बढ़ने के बीच मोदी सरकार तेल की कीमतों, ईंधन आपूर्ति श्रृंखलाओं और मुद्रास्फीति से जुड़ी चिंताओं पर कड़ी नजर रख रही है.

राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में बनाया गया एक ग्रुप
सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री मोदी विदेश यात्रा से लौटने के बाद मौजूदा स्थिति की समीक्षा करेंगे. सरकार ने संकट पर नजर रखने और भारत को इस मुश्किल घड़ी में भी मजबूत बनाए रखने के लिए उपायों का सुझाव देने हेतु रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में मंत्रियों का एक उच्चस्तरीय अनौपचारिक ग्रुप बनाया है. केंद्रीय मंत्री अमित शाह, निर्मला सीतारमण और हरदीप सिंह पुरी इस ग्रुप का हिस्सा हैं.

कब है मोदी 3.0 सरकार की पहली वर्षगांठ
राजनाथ सिंह ने हाल ही में कहा था कि सरकार स्थिति पर चौबीसों घंटे नजर रख रही है. उन्होंने कहा था, “चाहे कच्चा तेल हो, ऊर्जा हो या एलपीजी, आज भी हमारे पास पर्याप्त भंडार हैं. कोई खास समस्या नहीं है.” 10 जून को मोदी 3.0 सरकार की पहली वर्षगांठ से पहले मंत्रिमंडल विस्तार और फेरबदल की अटकलों के बीच इस बैठक के कई सियासी मायने निकाले जा रहे हैं.

पिछले सप्ताह, आधिकारिक सूत्रों ने संकेत दिया था कि फेरबदल और विस्तार को लेकर चर्चाएं तेज हो रही हैं और केंद्रीय मंत्रिपरिषद में बदलाव जून के दूसरे सप्ताह में हो सकते हैं. सूत्रों के मुताबिक सरकार का नेतृत्व किसी भी संभावित फेरबदल से पहले मंत्रालयों के कामकाज और संगठनात्मक कार्यप्रणाली की भी समीक्षा कर रहा है.

समुद्री उत्पाद निर्यात विकास: एक दिवसीय चिंतन शिविर का आयोजन…

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समुद्री उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण भारत सरकार के मत्स्य पालन विभाग और राष्ट्रीय मत्स्य विकास बोर्ड के संयुक्त तत्वावधान में 21 मई को राजधानी रायपुर के व्हीआईपी रोड स्थित होटल बेबीलॉन में 10 बजे से एक दिवसीय चिंतन शिविर का आयोजन किया जा रहा है। शिविर का उद्घाटन कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री श्री रामविचार नेताम द्वारा किया जाएगा। गिफ्ट तिलापिया की वैज्ञानिक खेती विषय पर केंद्रित इस शिविर में राज्य के अंतर्देशीय जल संसाधनों को निर्यात की वैश्विक श्रृंखला से जोड़ने पर विस्तृत विचार-विमर्श किया जाएगा।

छत्तीसगढ़ के लिए यह गौरव का विषय है कि प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत केंद्र सरकार द्वारा अधिसूचित 34 कलस्टर्स में से छत्तीसगढ़ को देश के एकमात्र तिलापिया कलस्टर के रूप में पहचान मिली है। वर्ष 2025-26 में भारत का समुद्री उत्पाद निर्यात 72 हजार 325.82 करोड़ रुपये के ऐतिहासिक रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है, जिसे और गति देने के लिए अब तिलापिया जैसी प्रजातियों की वैज्ञानिक खेती पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। कार्यक्रम में कृषि  उत्पादन आयुक्त एवं सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल परदेशी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी और विशेषज्ञ उपस्थित रहकर राज्य में मछली पालन की उत्पादन क्षमता और निर्यात की संभावनाओं पर मार्गदर्शन प्रदान करेंगे।

सौर सुजला योजना किसानों के लिए मददगार…

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– सौर सुजला योजना अंतर्गत सोलर पंप लग जाने से अब खेत में पानी की पर्याप्त सुविधा उपलब्ध’
– सोलर पंप लगवाने पर बिजली बिल से मिली मुक्ति’

राजनांदगांव: सौर सुजला योजना किसानों के लिए मददगार साबित हो रही है। राजनांदगांव विकासखंड के ग्राम मोखला के किसान श्री डोमार साहू ने अपने खेत में सिंचाई सुविधा के लिए क्रेडा विभाग की ओर से सोलर पंप की स्थापना की है। किसान श्री डोमार सिंह ने बताया कि सौर सुजला योजना अंतर्गत सोलर पंप लग जाने से अब खेत में पानी की पर्याप्त सुविधा उपलब्ध है।

पहले दो फसल नहीं ले पा रहे थे और फसल की सिंचाई के लिए दिक्कत हो रही थी। उन्होंने बताया कि शासन की ओर से इस योजना के तहत 2 लाख 73 हजार रूपए की सब्सिडी मिली है तथा 15 हजार रूपए की राशि देनी पड़ी। उनके पास पौने 3 एकड़ कृषि भूमि है और वे संयुक्त परिवार में रहते है। बिजली विभाग से पंप के लिए विद्युत लेने पर 9 से 10 विद्युत पोल लगते और खर्च होता।

उन्होंने सोलर पंप की जानकारी मिलने पर क्रेडा विभाग से संपर्क कर अपने खेत में सोलर पंप लगवा लिया है। उन्होंने कहा कि सौर ऊर्जा का लाभ लेते हुए सिंचाई की यह योजना वरदान से कम नहीं है। उन्होंने कहा कि बिजली के माध्यम से पंप लगवाने के लिए कई दिनों से प्रयास कर रहे थे। सौर सुजला योजना से सोलर पंप लगवाने पर बचत हो रही है।

अब उन्हें बिजली का बिल नहीं देना पड़ता। उन्होंने कहा कि अब वे सिंचाई के लिए बिजली के बिल से मुक्त हो गए हैं। सौर सुजला योजना अंतर्गत भू-जल का दोहन 8 घंटे तक होता है। वहीं बिजली से चलने वाले पंप से 24 घंटे भू-जल का दोहन होता है। इस योजना के लिए उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को धन्यवाद दिया।

सुशासन तिहार 2026: ग्राम तुमड़ीबोड़ में जन समस्या निवारण शिविर का हुआ आयोजन…

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– विभिन्न शासकीय योजनाओं से हितग्राहियों को किया गया लाभान्वित’

राजनांदगांव: सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत आज डोंगरगांव विकासखंड के ग्राम तुमड़ीबोड़ में जन समस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया।

ग्राम तुमड़ीबोड़ क्लस्टर अंतर्गत ग्राम पंचायत नाथूनवागांव, बोदेला, कोहका, ढाबा, ओड़ारबांध, जारवाही, बीजाभांठा, दीवानभेड़ी, पेण्डरवानी, मचानपार, धौराभांठा, बनभेड़ी, किरगी (ब), आरगांव, बांकल, खपरीकला, हरदी, कन्हारडबरी एवं तुमड़ीबोड़ सहित 19 ग्राम पंचायतों के लिए संयुक्त रूप से शिविर आयोजित किया गया।

शिविर में आमजनों की समस्याओं के निराकरण के साथ विभिन्न विभागों द्वारा जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। शिविर में कुल 1292 आवेदन प्राप्त हुए।

विभागीय अधिकारियों द्वारा तत्काल निराकरण योग्य आवेदनों का मौके पर ही समाधान किया गया। शिविर में पंचायत एवं ग्रामीण विकास, कृषि, महिला एवं बाल विकास, राजस्व, खाद्य, स्वास्थ्य, शिक्षा, विद्युत, वन, श्रम तथा पशुपालन सहित विभिन्न विभागों ने स्टॉल लगाकर शासकीय योजनाओं की जानकारी दी।

कार्यक्रम में अतिथियों द्वारा महिला एवं बाल विकास विभाग अंतर्गत नन्हे बच्चों का अन्नप्राशन कराया गया तथा गर्भवती माताओं की गोदभराई कर पोषण किट प्रदान की गई। अतिथियों ने शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन किया।

शिविर में कक्षा 10वीं एवं 12वीं में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले ग्राम तुमड़ीबोड़, बीजाभांठा, धौराभांठा एवं कोहका के 25 मेधावी विद्यार्थियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।

इसके साथ ही 04 स्वच्छताग्राही दीदियों को भी सम्मानित किया गया। सामाजिक सहायता पेंशन योजना के अंतर्गत 13 हितग्राहियों को पेंशन स्वीकृति पत्र वितरित किए गए। प्रधानमंत्री आवास योजना के 5 हितग्राहियों को प्रतीकात्मक रूप से आवास की चाबी सौंपते हुए प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।

इसी प्रकार 18 हितग्राहियों को राशन कार्ड तथा 3 हितग्राहियों को जॉब कार्ड वितरित किए गए। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन अंतर्गत बैंक लिंकेज योजना के तहत सत्य कबीर स्वयं सहायता समूह कोहका, मां कर्मा समूह नाथूनवागांव एवं चंचल स्वयं सहायता समूह कोपेडीह को 4-4 लाख रूपए, मां गायत्री स्वयं सहायता समूह मचानपार को 1 लाख 50 हजार रूपए तथा किरण स्वयं सहायता समूह बांकल को 2 लाख रूपए का चेक प्रदान किया गया। साथ ही 5 लखपति दीदियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।

कृषि विभाग द्वारा 5 कृषकों को मूंग बीज वितरित किए गए। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा 3 गर्भवती माताओं की गोदभराई संस्कार संपन्न कराया गया तथा 3 बच्चों को सुपोषण किट प्रदान की गई। वहीं 3 दिव्यांगजनों को ट्रायसायकल वितरित किए गए। प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के 2 हितग्राहियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। शिविर में उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने आमजनों से शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का अधिकाधिक लाभ उठाने की अपील करते हुए विभिन्न योजनाओं से जुड़कर शासन की सुविधाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया।

शिविर में जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक राजनांदगांव के उपाध्यक्ष श्री भरत वर्मा, जिला पंचायत राजनांदगांव की उपाध्यक्ष श्रीमती किरण साहू, जनपद पंचायत डोंगरगांव की अध्यक्ष श्रीमती रंजीता पडौती, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती जागृति चुन्नी यदु,  सभापति सदस्य जनपद पंचायत श्रीमती जया साहू एवं श्रीमती ममता पटेल, जनपद पंचायत सदस्य श्रीमती सरिता साहू, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष श्री दिनेश गांधी, ग्राम पंचायत तुमड़ीबोड़ की सरपंच श्रीमती भुनेश्वरी साहू, श्री जागेश्वर यादव, श्री तिमेश साहू, श्री यश पारख, श्री वेदराम ताम्रकार, श्री कमल साहू, श्री रामकुमार गुप्ता, अपर कलेक्टर श्री प्रेमप्रकाश शर्मा, एसडीएम श्रीकांत कोराम, सीईओ जनपद पंचायत डोंगरगांव श्रीमती रोशनी भगत टोप्पो, तहसीलदार श्री कमलकिशोर साहू सहित 19 ग्राम पंचायतों के सरपंच एवं पंचायत प्रतिनिधि, बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।