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भारत में AI कंटेंट के लिए नए नियम: जानें क्या हैं बदलाव…

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केंद्र सरकार ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से निर्मित कंटेंट के लिए नए नियम लागू किए हैं। ये नियम आज से प्रभावी हो गए हैं। यदि आप सोशल मीडिया या अन्य प्लेटफार्मों पर AI द्वारा बनाए गए कंटेंट को साझा करते हैं, तो आपको गंभीर परिणामों का सामना करना पड़ सकता है।

यह जानकारी आईटी मंत्रालय द्वारा 10 जनवरी को साझा की गई थी। सरकार ने स्पष्ट किया है कि यदि लोग इन दिशा-निर्देशों का पालन नहीं करते हैं, तो इसके क्या परिणाम हो सकते हैं। आइए, इन नए नियमों के बारे में विस्तार से जानते हैं।

डीपफेक के लिए नए दिशा-निर्देश

AI इम्पैक्ट समिट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने डीपफेक और फर्जी कंटेंट के खतरों पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि यह समाज के लिए कितना बड़ा खतरा बन सकता है। पीएम मोदी ने कंटेंट पर वॉटरमार्किंग और अधिक पारदर्शी स्रोत मानकों पर जोर दिया, साथ ही बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा के लिए अतिरिक्त सावधानी बरतने की आवश्यकता पर भी बल दिया।

उन्होंने उन कंटेंट पर भी चर्चा की जो सिंथेटिक तरीके से बनाए जाते हैं। नए नियमों के अनुसार, AI या कंप्यूटर द्वारा बनाए गए कंटेंट को SGI (सिंथेटिकली जेनरेटेड AI कंटेंट) कहा जाएगा। इस प्रकार के कंटेंट को सोशल मीडिया पर साझा करने से पहले लेबल या वॉटरमार्क करना अनिवार्य होगा, ताकि उपयोगकर्ताओं को यह पता चल सके कि यह AI द्वारा निर्मित है।

IT नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव

AI कंटेंट पर लेबलिंग अनिवार्य है। यदि आप AI द्वारा निर्मित कंटेंट साझा करते हैं, तो उस पर लेबल लगाना आवश्यक होगा। एक बार लेबल लगाने के बाद, इसे हटाया नहीं जा सकेगा।

सोशल मीडिया कंपनियों को ऐसे टूल्स विकसित करने होंगे, जो यह सुनिश्चित करें कि कंटेंट AI द्वारा निर्मित है या नहीं। बिना सत्यापन के ऐसा कंटेंट अपलोड नहीं किया जा सकेगा।

हर तीन महीने में, प्लेटफार्मों को उपयोगकर्ताओं को चेतावनी देनी होगी कि AI का गलत उपयोग करने पर उन पर जुर्माना या सजा हो सकती है।

नए IT नियमों के तहत प्रतिबंधित कंटेंट

चाइल्ड पोर्नोग्राफी

फर्जी दस्तावेज

इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड

हथियारों या गोला-बारूद से संबंधित सामग्री

डीपफेक इमेज या वीडियो

सोशल मीडिया प्लेटफार्मों की जिम्मेदारी बढ़ी है

नियमों का उल्लंघन करने पर परिणाम

यदि ये नियम नहीं माने जाते हैं, तो कानूनी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। SGI या AI कंटेंट के नियमों का उल्लंघन करने पर भारतीय दंड संहिता, भारतीय नागरिकता संरक्षण अधिनियम, या POCSO अधिनियम के तहत मामला चलाया जा सकता है। इसके अलावा, सरकार ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई प्लेटफॉर्म SGI तक पहुंच को ब्लॉक करने के लिए स्वचालित टूल्स का उपयोग करता है, तो इसे IT अधिनियम के सेक्शन 79 का उल्लंघन नहीं माना जाएगा।

AAP का भाजपा सरकार पर हमला: एक साल में केवल धोखे का सामना…

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आम आदमी पार्टी (AAP) ने दिल्ली में भाजपा सरकार के एक वर्ष पूरे होने पर तीखा हमला किया है। पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने पार्टी मुख्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में एक ‘रिपोर्ट कार्ड’ पेश किया, जिसमें उन्होंने सरकार को महिलाओं, युवाओं, मध्यम वर्ग, गरीबों और समग्र दिल्ली के साथ ‘फर्जीवाड़ा’ करने का आरोप लगाया।

सिसोदिया ने कहा कि इस एक साल में सरकार ने केवल वादों का धोखा दिया है, जबकि जनता के रोजमर्रा के मुद्दे और भी बिगड़ गए हैं।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज और वरिष्ठ नेता कुलदीप कुमार भी उपस्थित थे। सिसोदिया ने ‘एक साल, दिल्ली बेहाल, याद आ रहे केजरीवाल’ वाले पोस्टर दिखाते हुए कहा कि भाजपा ने 20 फरवरी 2025 को सत्ता में आने का दावा किया था, लेकिन इस पूरे वर्ष में दिल्लीवासियों के साथ छलावा ही रहा। उन्होंने सरकार की नाकामियों को 13 प्रमुख बिंदुओं में गिनाया और कहा कि लोग अब अरविंद केजरीवाल के ‘दिल्ली मॉडल’ को याद कर रहे हैं।

महिलाओं के साथ धोखा: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चुनाव में ‘मोदी की गारंटी’ के तहत दिल्ली की महिलाओं को हर महीने 2500 रुपये देने का वादा किया था। 8 मार्च 2025 से पैसे आने का ऐलान हुआ, लेकिन एक साल बीत जाने के बाद भी कोई राशि नहीं मिली। सिसोदिया ने पूछा कि मोदी जी की गारंटी अब कहां गई?

प्रदूषण में फर्जीवाड़ा: केजरीवाल सरकार में धूल, आग, वाहन नियंत्रण और ऑड-ईवन जैसे कदम उठाए जाते थे। भाजपा सरकार के दौरान दिल्ली ने दुनिया का सबसे खराब AQI रिकॉर्ड बनाया। सरकार ने AQI केंद्र बंद कर दिए और हरे इलाकों में शिफ्ट कर दिया, जबकि असलियत में हवा प्रदूषित बनी रही।

मिडिल क्लास को छुरा: प्राइवेट स्कूलों ने फीस में 30-300% तक की वृद्धि की, लेकिन सरकार ने कोई कार्रवाई नहीं की। फर्जी कानून बनाकर भी फीस नहीं रुकी। कई अभिभावकों के बच्चे परीक्षा से वंचित रह गए।

गरीबों की झुग्गियां तोड़ी गईं: ‘जहां झुग्गी वहीं मकान’ का वादा करके ‘जहां झुग्गी वहां मैदान’ कर दिया गया। अनधिकृत कॉलोनियों पर बुलडोजर चले, जिससे लाखों लोग बेघर हो गए।

नकली यमुना सफाई: छठ पूजा के दौरान यमुना को साफ करने का दावा किया गया, लेकिन असल में प्रदूषण बढ़ा। AAP ने इसे बेनकाब किया।

बेरोजगारी का सिलसिला: एक लाख से ज्यादा संविदा नौजवानों को निकाला गया। बस मार्शल, मोहल्ला क्लीनिक स्टाफ, डेटा एंट्री ऑपरेटर और DTC कंडक्टर बेरोजगार हो गए।

स्वास्थ्य व्यवस्था ठप: मुफ्त दवाइयां और टेस्ट बंद कर दिए गए, अस्पतालों के फंड रोके गए, और 24 नए अस्पताल प्राइवेट को सौंपे जा रहे हैं।

साफ-सफाई और सीवर संकट: कूड़े के पहाड़ बढ़ गए हैं, सीवर ओवरफ्लो हो रहे हैं, और गंदा पानी घरों में भर रहा है।

सड़कें गड्ढों से भरी: लोग गड्ढों में गिरकर जान गंवा रहे हैं, जबकि सरकार जश्न मना रही है।

राशन-पेंशन बंद: 8 लाख राशन कार्ड रद्द कर दिए गए हैं, और विधवाओं तथा बुजुर्गों की पेंशन बंद कर दी गई है।

सुरक्षा में नाकामी: जनवरी में 15 दिनों में 800 गुमशुदा मामले सामने आए, और रोज 6 हत्याएं हुईं, लेकिन मुख्यमंत्री पीड़ितों के घर नहीं गईं।

सिसोदिया ने कहा कि भाजपा सरकार जश्न मना रही है, जबकि दिल्ली की स्थिति गंभीर है। जनता के अनुभव से स्पष्ट है कि केजरीवाल का दौर याद आ रहा है, जहां काम पर ध्यान केंद्रित किया गया था। उन्होंने जनता से अपील की कि ऐसे फर्जीवाड़े को बर्दाश्त न करें।

प्रियंका गांधी ने असम के मुख्यमंत्री की आलोचना की, सकारात्मक राजनीति की आवश्यकता पर जोर दिया…

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गुवाहाटी में प्रियंका गांधी की प्रतिक्रिया

प्रियंका गांधी वाड्रा ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की आलोचना की है। उन्होंने कहा कि गौरव गोगोई और उनके परिवार पर हमले करना गलत राजनीति है।

वाड्रा ने यह भी कहा कि नेताओं को युवाओं की बेरोजगारी और भ्रष्टाचार जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। सिंगर जुबीन गर्ग को श्रद्धांजलि देते हुए, उन्होंने कहा कि उन्हें राजनीति से ऊपर रखा जाना चाहिए।

कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने शुक्रवार को गौरव गोगोई पर उनके कथित पाकिस्तान संबंधों को लेकर असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के हमलों की निंदा की। उन्होंने कहा कि उनके परिवार और बच्चों को इस विवाद में शामिल करना गलत है।

प्रियंका गांधी की और टिप्पणियाँ

प्रियंका गांधी ने आगे क्या कहा?

गुवाहाटी के बाहरी इलाके सोनापुर में जुबीन गर्ग के श्मशान घाट पर श्रद्धांजलि देने के बाद, वाड्रा ने कहा कि सिंगर ‘राजनीति से ऊपर’ थे और उन्होंने अपने जीवन में प्यार का संदेश फैलाया। असम कांग्रेस के अध्यक्ष पर पाकिस्तानी लिंक के आरोपों के बारे में पूछे जाने पर, उन्होंने कहा, ‘राजनीति में दो प्रकार के नेता होते हैं, एक जो सकारात्मक राजनीति करते हैं और दूसरे जो ध्रुवीकरण करते हैं। गौरव गोगोई प्यार की राजनीति कर रहे हैं।’

प्रियंका गांधी का आरोप

प्रियंका गांधी ने क्या आरोप लगाया?

वाड्रा ने कहा कि गोगोई एक सकारात्मक व्यक्ति हैं और राजनीति में सकारात्मकता लाना चाहते हैं। इसलिए उन पर इस तरह के हमले किए जा रहे हैं। असम के लोग इसे समझते हैं, लेकिन गौरव और उनके परिवार पर हमले गलत राजनीति हैं।

प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि किसी को भी किसी राजनीतिक नेता के परिवार और बच्चों पर हमला नहीं करना चाहिए। वायनाड के सांसद ने कहा कि असम के मुख्यमंत्री को उन युवाओं और महिलाओं के बारे में बात करनी चाहिए जो नौकरी की तलाश में हैं। उन्होंने रिपोर्टर्स से कहा, ‘आप देख रहे हैं कि कितना भ्रष्टाचार हो रहा है। यह राज्य के लोगों के साथ पूरी तरह से धोखा है।’

जुबीन एरिया के दौरे पर प्रियंका गांधी

जुबीन एरिया के अपने दौरे के बारे में क्या कहा?

जुबीन एरिया के अपने दौरे के बारे में बात करते हुए, वाड्रा ने कहा कि वह सिंगर को श्रद्धांजलि देने के लिए श्मशान घाट गई थीं, न कि राजनीति करने के लिए। उन्होंने कहा, ‘जुबीन गर्ग राजनीति से ऊपर थे। उनका श्मशान एक पवित्र स्थान होना चाहिए और इसका इस्तेमाल राजनीति के लिए नहीं किया जाना चाहिए।’

WhatsApp का नया ग्रुप मैसेज हिस्ट्री फीचर: जानें कैसे करेगा काम…

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मेटा स्वामित्व वाला WhatsApp अपने उपयोगकर्ताओं के लिए लगातार नए फीचर्स पेश कर रहा है। हाल ही में, WhatsApp ने ग्रुप मैसेज हिस्ट्री फीचर का रोलआउट शुरू किया है।

इस नए फीचर की मदद से, ग्रुप में नए शामिल होने वाले सदस्यों को पुरानी चैट्स देखने में आसानी होगी। यह फीचर ग्रुप के एडमिन और सदस्यों को नए यूजर्स के साथ पिछली कुछ चैट्स साझा करने का विकल्प प्रदान करता है।

फीचर की विशेषताएँ

इस सुविधा के अंतर्गत, उपयोगकर्ताओं को स्क्रीनशॉट लेने या हर संदेश को अलग-अलग भेजने की आवश्यकता नहीं होगी। WhatsApp ने यह स्पष्ट किया है कि यह फीचर पूरी तरह से एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन से सुरक्षित है, और यह व्यक्तिगत तथा समूह चैट की प्राइवेसी मानकों का पालन करता है।

कैसे काम करता है यह नया फीचर

जब भी आप किसी नए ग्रुप में जोड़े जाएंगे, तो एडमिन और ग्रुप के सदस्यों को हाल के संदेश साझा करने का विकल्प दिखाई देगा। इस सुविधा के माध्यम से, उपयोगकर्ता 25, 50, 75 या 100 तक संदेश साझा कर सकेंगे। हालांकि, यह फीचर केवल हाल के संदेशों को साझा करने की अनुमति देगा, और पूरी चैट हिस्ट्री साझा करने का विकल्प नहीं होगा।

स्पष्टता और ट्रांसपेरेंसी

कंपनी ने इस फीचर को स्पष्ट और पारदर्शी बनाने के लिए डिजाइन किया है। साझा की गई चैट ग्रुप में अलग से दिखाई देगी, जिसमें चैट का समय और भेजने वाले का नाम भी दिखेगा। सभी उपयोगकर्ताओं को चैट संदेश साझा करने की सूचना मिलेगी, जिससे सभी इसे देख सकेंगे।

एडमिन के विशेष अधिकार

यह सुविधा अपने आप सक्रिय नहीं होती है। जब भी कोई नया सदस्य समूह में जुड़ता है, तो इस फीचर का उपयोग मैन्युअल रूप से करना होगा। ग्रुप एडमिन के पास यह अधिकार होगा कि वे इस सुविधा को सभी सदस्यों के लिए बंद कर सकें, लेकिन वे चाहें तो किसी भी समय इस फीचर का उपयोग कर सकते हैं।

भारत मंडपम में छत्तीसगढ़ का जलवा! देश के पहले ‘AI डेटा सेंटर पार्क’ ने खींचा दुनिया भर के निवेशकों का ध्यान…

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भारत मंडपम, नई दिल्ली में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट में छत्तीसगढ़ द्वारा स्थापित स्टॉल देश-विदेश से आए निवेशकों, तकनीकी विशेषज्ञों, उद्योग प्रतिनिधियों और आगंतुकों के लिए प्रमुख आकर्षण का केंद्र बना हुआ है.

‘छत्तीसगढ़ ड्रिवन बाय इंटेलिजेंस’ थीम पर आधारित इस स्टॉल में राज्य की उभरती कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) क्षमता, अत्याधुनिक डिजिटल अधोसंरचना और निवेश संभावनाओं को प्रभावी ढंग से प्रदर्शित किया जा रहा है. स्टॉल में डिजिटल प्रस्तुति, सूचना पैनल और इंटरैक्टिव माध्यमों के जरिए छत्तीसगढ़ को उभरते टेक्नोलॉजी हब के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है, जिससे निवेशकों में विशेष उत्साह देखा जा रहा है.

1000 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित

स्टॉल में विशेष रूप से नवा रायपुर में स्थापित किए जा रहे देश के पहले एआई डाटा सेंटर पार्क की जानकारी प्रमुखता से दी जा रही है. इस महत्वाकांक्षी परियोजना में लगभग 1000 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है तथा इसमें एक लाख तक ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट (जीपीयू) स्थापित किए जाने की क्षमता विकसित की जाएगी.

यह परियोजना देश में एआई आधारित सेवाओं, उच्च क्षमता डाटा प्रोसेसिंग और डिजिटल नवाचार को नई गति प्रदान करते हुए छत्तीसगढ़ को भविष्य की अर्थव्यवस्था के महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में स्थापित करने में सहायक होगी.

छत्तीसगढ़ बनेगा एआई केंद्र- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर कहा कि एआई इम्पैक्ट समिट में छत्तीसगढ़ का स्टॉल देश-विदेश के निवेशकों और तकनीकी विशेषज्ञों के लिए आकर्षण का केंद्र बनना प्रदेश के लिए गर्व का विषय है. उन्होंने कहा कि नवा रायपुर में देश के पहले एआई डाटा सेंटर पार्क के माध्यम से राज्य को डिजिटल नवाचार, उच्च तकनीकी निवेश और भविष्य की अर्थव्यवस्था का अग्रणी केंद्र बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ा जा रहा है.

नवाचार, निवेश और तकनीकी अवसर- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल प्रदेश के युवाओं के सपनों को नई उड़ान देने, नवाचार और उद्यमिता को नई ऊर्जा प्रदान करने तथा छत्तीसगढ़ के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत आधारशिला तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है. उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि दृढ़ संकल्प और दूरदर्शी नीति के साथ छत्तीसगढ़ को नए भारत की डिजिटल क्रांति के अग्रणी राज्यों में स्थापित किया जाएगा.

स्टॉल पर औद्योगिक विकास नीति 2024-30 के अंतर्गत एआई, रोबोटिक्स और उन्नत प्रौद्योगिकी क्षेत्रों के लिए उपलब्ध विशेष प्रोत्साहनों, अनुदानों और निवेश-अनुकूल वातावरण की जानकारी भी निवेशकों को दी जा रही है.

राज्य में निर्बाध विद्युत आपूर्ति, विकसित हो रहा नवा रायपुर स्मार्ट सिटी, उत्कृष्ट कनेक्टिविटी और उद्योग-हितैषी नीतियों को प्रमुखता से प्रदर्शित किया गया है. स्टॉल पर मौजूद अधिकारियों द्वारा निवेशकों और आगंतुकों को राज्य में उपलब्ध अधोसंरचना, निवेश अवसरों और नीतिगत प्रोत्साहनों की विस्तृत जानकारी प्रदान की जा रही है.

इस दौरान कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कंपनियों तथा तकनीकी संस्थानों के प्रतिनिधियों ने छत्तीसगढ़ में एआई और डाटा सेंटर क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं में विशेष रुचि दिखाई तथा राज्य सरकार की दूरदर्शी पहल की सराहना की. यह सहभागिता न केवल निवेश संभावनाओं को सशक्त करने वाली है, बल्कि छत्तीसगढ़ को उभरते टेक्नोलॉजी और इनोवेशन इकोसिस्टम के रूप में स्थापित करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण साबित होगी.

8th Pay Commission: आखिर कब एरियर के साथ बढ़कर आएगी सैलरी? आठवें वेतन आयोग पर क्या है नया अपडेट…

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8th Pay Commission: केंद्र सरकार के लाखों कर्मचारियों और पेंशनर्स को आठवें वेतन आयोग (8th Pay Commission) का बेसब्री से इंतजार है. लोगों के मन में बड़ा सवाल है कि आठवां वेतन आयोग कब से लागू होगा, एरियर कब से मिलेगा वगैरह.

सरकार ने नवंबर 2025 में 8th Pay Commission के लिए टर्म्स ऑफ रेफरेंस (ToR) को पहले ही मंजूरी दे दी है. 18 महीने के भीतर आयोग केंद्र सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंपेगा.

आयोग की अध्यक्षता जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई कर रही हैं. फिलहाल आठवां वेतन आयोग कब से लागू होगा इस बारे में पुख्ता रूप से कुछ कहा नहीं जा सकता. सरकार ने अभी इसे लागू करने की कोई तारीख तय नहीं की है. हालांकि, ऐसा बताया जा रहा है कि आयोग दिसंबर 2026 तक एक अंतरिम रिपोर्ट पेश कर सकता है, जबकि फाइनल रिपोर्ट 2027 तक आने की उम्मीद है.

कब तक मिलेगा एरियर?

मान लेते अगर रिपोर्ट 18 महीने के अंदर जमा कर भी दी जाती है, तो भी इसे लागू करने में ज्यादा वक्त लग सकता है. हालांकि, जब भी सरकार सिफारिशों को मंजूरी देगी, तो एरियर 1 जनवरी, 2026 से कैलकुलेट होने की संभावना है.

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, GenZCFO के फाउंडर CA मनीष मिश्रा ने बताया, “एरियर 1 जनवरी 2026 से कैलकुलेट होने की संभावना है, जो 7वें पे कमीशन की आखिरी तारीख तय की गई है, भले ही पेमेंट कमीशन की सिफारिशें मंज़ूर होने के बाद ही किया जाए.”

कितनी बढ़कर आएगी सैलरी?

आठवें वेतन आयोग के तहत सैलरी में कितनी बढ़ोतरी होगी इस बारे में भी अभी कुछ कहा नहीं जा सकता. छठे वेतन आयोग में लगभग 40 परसेंट की औसत बढ़ोतरी हुई थी. 7वें वेतन आयोग के तहत 2.57 का एक समान फिटमेंट फैक्टर तय किया गया और सैलरी में औसत 20-35 परसेंट की बढ़ोतरी हुई. 8वें वेतन आयोग के तहत सैलरी में 20 से 35 परसेंट तक की बढ़ोतरी होने का अनुमान लगाया जा रहा है.

फिटमेंट फैक्टर 2.4 से 3.0 के हिसाब से न्यूनतम बेसिक सैलरी 18 हजार रुपये से बढ़कर करीब 30 से 32 हजार रुपये तक पहुंच सकती है. वहीं, अगर 3.25 फिटमेंट फैक्टर लागू किया गया, तो यही 18 हजार की सैलरी बढ़कर 58,500 रुपये तक पहुंच जाएगी. ज्यादातर कर्मचारी प्रतिनिधि 3.25 फिटमेंट फैक्टर की मांग कर रहे हैं.

ब्राजील-भारत के बीच होगा बड़ा समझौता? राष्ट्रपति लूला-पीएम मोदी की कल मुलाकात, जाने देश से कैसे रहे रिश्ते…

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ब्राजील के राष्ट्रपति लुईज इनासियो लूला दा सिल्वा 18 से 22 फरवरी 2026 तक भारत के राजकीय दौरे पर हैं. AI Impact Summit 2026 में हिस्सा लेने के बाद वो भारतीय नेतृत्व से द्विपक्षीय वार्ता करेंगे.

कल यानि शनिवार (21 फरवरी 2026) को सिल्वा सुबह 08:45 बजे होटल ताज पैलेस में विदेश मंत्री से शिष्टाचार भेंट करेंगे.

राष्ट्रपति भवन में सबुह 10:00 बजे लूला दा सिल्वा का औपचारिक स्वागत समारोह आयोजित होगा. उसके बाद सुबह 10:45 बजे ब्राजील के राष्ट्रपति राजघाट पर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि देंगे. हैदराबाद हाउस में फिर 11:05 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संग द्विपक्षीय वार्ता होगी. पीएम से बातचीत के बाद दोपहर 2:30 बजे संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजित होगी. राष्ट्रपति भवन में शाम 7 बजे राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से भेंट वार्ता होगी. सिल्वा 22 फरवरी को दिल्ली से ब्राजील के लिए रवाना होंगे.

भारत-ब्राज़ील द्विपक्षीय संबंध

भारत और ब्राज़ील के बीच राजनयिक संबंध 1948 में स्थापित हुए.

2006 में संबंधों को रणनीतिक साझेदारी का दर्जा मिला.

साझा लोकतांत्रिक मूल्य, समावेशी विकास और वैश्विक सहयोग इन संबंधों की आधारशिला है.

दोनों देश BRICS, IBSA, G20, G-4, ISA, GBA, UN, WTO, UNESCO और WIPO जैसे मंचों पर करीबी सहयोग करते हैं.

जुलाई 2025 में प्रधानमंत्री की ब्रासीलिया यात्रा के दौरान व्यापार मंत्रियों के स्तर पर रिव्यू मैकेनिज़्म और 2030 तक 20 अरब डॉलर का व्यापार लक्ष्य तय किया गया.

दोनों देशों के बीच हाई लेवल की बातचीत

22 जनवरी 2026: पीएम मोदी-राष्ट्रपति लूला टेलीफोन वार्ता

जुलाई 2025: पीएम मोदी का ऐतिहासिक ब्राज़ील दौरा

अक्टूबर 2025: ब्राज़ील के उपराष्ट्रपति की भारत यात्रा

नवंबर 2024: G20 शिखर सम्मेलन में द्विपक्षीय बैठक

रक्षा सहयोग 2003 में रक्षा सहयोग समझौता हुआ

अब तक 8 संयुक्त रक्षा समिति बैठकें

स्कॉर्पीन पनडुब्बियों के रखरखाव पर समझौता (दिसंबर 2025)

व्यापार और निवेश

2025 में द्विपक्षीय व्यापार: 15.21 अरब डॉलर

भारत का निर्यात: 8.35 अरब डॉलर

ब्राजील में भारतीय निवेश: 15 अरब डॉलर से अधिक

ऊर्जा, डिजिटल और तकनीकी सहयोग

कच्चे तेल का बड़ा स्रोत

बायोफ्यूल क्षेत्र में साझेदारी

AI, UPI-PIX भुगतान प्रणाली, सेमीकंडक्टर और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर में सहयोग

भारतीय प्रवासी

ब्राज़ील में लगभग 4,000 भारतीय

प्रमुख शहर: साओ पाउलो, रियो डी जनेरियो, मनाउस

‘टॉप लेस, ब्रेनलेस और शेमलेस’, AI समिट में कांग्रेस के शर्टलेस प्रदर्शन पर भड़की बीजेपी, कहा- राहुल गांधी के आवास पर…

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संबित पात्रा ने 20 फरवरी 2026 को प्रेस कॉन्फ्रेंस में युवा कांग्रेस के सदस्यों पर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026 में चार लोगों की गिरफ्तारी हुई है, जो यूथ कांग्रेस के नेता हैं और कांग्रेस के बड़े पदों पर कार्यकर्ता के रूप में काम करते हैं.

भारत की छवि खराब कर रही कांग्रेस: संबित

बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा, ‘आज जब मैं प्रेस कॉन्फ्रेंस के लिए आया तो मन में बहुत गुस्सा था, लेकिन मैंने खुद को बड़ी मुश्किल से संभाला. ये आक्रोश सिर्फ बीजेपी प्रवक्ता में नहीं, बल्कि पूरे भारत की GenZ में है. ये बीजेपी बनाम कांग्रेस की लड़ाई नहीं है, बल्कि भारत बनाम उन ताकतों के खिलाफ है जो भारत की छवि को खराब करना चाहती हैं.’

संबित पात्रा ने दावा किया कि ये चारों लोग समिट में रजिस्ट्रेशन कराकर बारकोड लेकर अंदर घुसे. उसके बाद उन्होंने अपने कपड़े उतार दिए और प्रदर्शन किया. उन्होंने आरोप लगाया कि ये पूरी प्लानिंग राहुल गांधी और सोनिया गांधी की मौजूदगी में राहुल गांधी के आवास पर बनी थी.

संबित पात्रा ने कांग्रेस को कहा शर्टलेस

संबित पात्रा ने कहा, ‘राहुल गांधी देश के सबसे बड़े गद्दार, रंग में भंग डालने वाले व्यक्ति हैं. ऑपरेशन सिंदूर हो या एयर स्ट्राइक सब पर सवाल उठाते हैं. कांग्रेस के लिए मेरे पास तीन शब्द हैं टॉप लेस, ब्रेनलेस और शेमलेस. ये बीजेपी की समिट या कार्यकारिणी नहीं है. ये भारत की AI समिट है. मैं सभी GenZ से कहूंगा कि मोबाइल पर नेहरू और एडमिना को सर्च करके देखिए वो भारत को सांपों का देश बता रहे थे और हंस रहे थे. जो नेहरू ने किया वही आज राहुल गांधी कर रहे हैं.’

इंडिया समिट में प्रदर्शन का मामला क्या है?

यह बयान उस घटना के बाद आया है, जब आज भारत मंडपम में चल रहे इंडिया AI इम्पैक्ट समिट के दौरान इंडियन यूथ कांग्रेस (IYC) के कुछ सदस्यों ने शर्टलेस प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत-अमेरिका ट्रेड डील के खिलाफ नारे लगाए. पुलिस ने कम से कम 4 से 10 लोगों को हिरासत में लिया और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की गई है.

इस समिट में PM मोदी, गूगल और OpenAI जैसे बड़े नाम शामिल हैं और ये भारत को ग्लोबल साउथ में AI लीडर के रूप में पेश करने का मंच है. लेकिन इस घटना से राजनीतिक विवाद बढ़ गया है. यूथ कांग्रेस की ओर से अभी तक इस आरोप पर कोई आधिकारिक जवाब नहीं आया है कि प्लानिंग राहुल गांधी के घर पर हुई. संभित पात्रा ने इसे देश की इमेज खराब करने की साजिश बताया और कहा कि GenZ इसे बर्दाश्त नहीं करेगा.

भारत-यूएस ने सभ्य समाज की सलाह को ठुकराकर अपने देश की किस्मत अपने हाथों में ली: जैकब हेलबर्ग…

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इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट में भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर, यूएस के आर्थिक मामलों के अवर सचिव जैकब हेलबर्ग और व्हाइट हाउस ऑफिस ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी पॉलिसी के डायरेक्टर माइकल क्रैट्सियोस शामिल हुए।

तीनों ने समिट में अपना संबोधन दिया।

अवर सचिव जैकब हेलबर्ग ने कहा, “आज हम पैक्स सिलिका डिक्लेरेशन पर हस्ताक्षर कर रहे हैं। यह एक ऐसा डॉक्यूमेंट है जो सिर्फ कागज पर लिखा एग्रीमेंट नहीं है, बल्कि एक साझा भविष्य के लिए एक रोडमैप है। पुराने जमाने की एक लाइन है जो एलेक्जेंडर महान से जुड़ी है, जिसमें मशहूर तौर पर कहा गया था कि एशिया के लोग गुलाम इसलिए थे क्योंकि उन्होंने अभी तक ‘नहीं’ शब्द बोलना नहीं सीखा था। एलेक्जेंडर खुद को एक विजेता के तौर पर देखता था जो दुनिया की प्रजा से बात कर रहा था और आठ साल तक 11,000 मील का सफर करने के बाद, भारत में ही एलेक्जेंडर को आखिरकार अपना मुकाबला मिला और उसने अपनी जगह बदल ली। वह इंडिया को नहीं जानता था और इंडिया ने ‘नहीं’ कहा। सच तो यह है कि हमारे दोनों देश इसी शब्द से बने हैं।”

हेलबर्ग ने आगे कहा, “हमारे दोनों देशों ने ‘नहीं’ कहना सीखकर अपनी आजादी का दावा किया। हम वो लोग हैं जिन्होंने समंदर पार के राजा को देखा और चुपचाप मानने से मना कर दिया। हमने सभ्य समाज की सलाह को ठुकरा दिया और सदियों के कॉलोनियल राज को तोड़कर अपनी किस्मत अपने हाथों में ले ली। विरोध की वह भावना, खुद के फैसले पर जोर देना ही वह आग है जो हमारे दोनों डेमोक्रेसी के दिल में जलती है। और आज हमसे एक बार फिर उस भावना को जगाने की अपील की जा रही है। बहुत लंबे समय से, हमने अपनी इकोनॉमिक सिक्योरिटी की नींव को हिलने दिया है।”

उन्होंने कहा कि हम खुद को एक ग्लोबल सप्लाई चेन से जूझते हुए पाते हैं जो बहुत ज्यादा एक जगह जमा है। हम देखते हैं कि हमारे दोस्त और साथी रोज आर्थिक दबाव और ब्लैकमेल की धमकियों का सामना कर रहे हैं। अपनी आजादी और खुशहाली के बीच चुनने के लिए मजबूर होकर, हमने बॉर्डर पार से एक कीस्ट्रोक से एक महान भारतीय शहर की रोशनी को बुझते देखा है।

डायरेक्टर माइकल क्रैट्सियोस ने कहा, “अमेरिका एआई की जन्मभूमि है और उन फ्रंटियर कंपनियों और हाइपरस्केलर्स का घर है जिन्होंने इस अहम पल की शुरुआत की है। यह कोई इत्तेफाक नहीं है। पिछले साल व्हाइट हाउस लौटने के कुछ ही दिनों के अंदर, राष्ट्रपति ट्रंप ने अमेरिका को एआई लीडरशिप के लिए फिर से कमिट किया। उन्होंने पिछली सरकार के तथाकथित डिफ्यूजन फ्रेमवर्क को रद्द कर दिया, जिसने एआई एक्सपोर्ट को रोका और भारत जैसे पार्टनर देशों को कथित तौर पर दूसरे दर्जे में रखा। पिछली गर्मियों में, ट्रंप एडमिनिस्ट्रेशन ने अमेरिका का एआई एक्शन प्लान जारी किया, जो तीन स्तंभों पर आधारित एआई रेस जीतने की एक स्ट्रैटेजी है: इनोवेशन, इंफ्रास्ट्रक्चर और इंटरनेशनल पार्टनरशिप।”

उन्होंने आगे कहा कि आज, अमेरिका की लीडिंग पोजीशन तेजी से बढ़ती यूएस एआई इंडस्ट्री में साफ तौर पर दिखाई देती है। हमारी सबसे बड़ी एआई और चिप कंपनियों के इंडिविजुअल मार्केट कैप पूरे एफटीएसई 100 से ज्यादा हैं। हमारी चार सबसे बड़ी एआई कंपनियां इस साल एआई इंफ्रास्ट्रक्चर पर लगभग 700 बिलियन डॉलर खर्च करने का प्लान बना रही हैं, जो चांद की सतह पर अमेरिकी कदम रखने की लागत से तीन गुना ज्यादा है।

भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने कहा, “पैक्स सिलिका में भारत की एंट्री सिर्फ सिंबॉलिक नहीं है। यह स्ट्रेटेजिक और जरूरी है। भारत एक ऐसा देश है जिसके पास बहुत टैलेंट है, इतना टैलेंट कि वह चैलेंजर्स को टक्कर दे सके। भारत की इंजीनियरिंग की गहराई इस जरूरी कोएलिशन के लिए जरूरी क्षमता देती है। टैलेंट के अलावा, भारत ने जरूरी मिनरल प्रोसेसिंग कैपेसिटी की दिशा में भी जरूरी कदम उठाए हैं और यह कुछ ऐसा है जिसमें हम भी पूरी तरह से लगे हुए हैं। ऐसी नीतियां जो अमेरिका-भारत तकनीकी सहयोग को मजबूत करेंगी, आने वाले सालों में एआई इनोवेशन और अपनाने को पावर देंगी। हम दुनिया के साथ, और खासकर भारत जैसे पार्टनर्स के साथ भरोसेमंद एआई टेक्नोलॉजी शेयर कर सकते हैं।”

‘कांग्रेस का घमंड और हताशा नजर आ रही है’ एआई समिट में हुए हंगामे पर बोले केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल…

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प्रगति मैदान स्थित भारत मंडपम में चल रहे एआई समिट में इंडियन नेशनल यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने टी-शर्ट उतारकर विरोध प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन को लेकर केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कांग्रेस पार्टी और सांसद राहुल गांधी पर जोरदार हमला बोला है।

उन्होंने कहा कि यह विरोध प्रदर्शन नहीं कांग्रेस का घमंड और हताशा को दिखा रहा है।

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने एक्स पोस्ट में लिखा कि यह कांग्रेस का घमंड और फ्रस्ट्रेशन दिख रहा है। राहुल गांधी, सरकार को टारगेट करने के लिए भारत को बेइज्जत करना ही आपका और विपक्ष का आइडिया है। एक तरफ आप हाल के ट्रेड डील्स के बारे में झूठ फैलाकर भारत के डेवलपमेंट को रोकना चाहते हैं, तो वहीं दूसरी तरफ आपके मातहत आने वाले (पीछे खड़े लोग) मशहूर एआई समिट में बिना शर्ट के मार्च कर रहे हैं, और दुनिया भर में 140 करोड़ भारतीयों को शर्मिंदा करने की कोशिश कर रहे हैं। यह रुकावट डालने की रणनीति सिर्फ आपके और आपकी पार्टी के भारत के लिए विजन की कमी को दिखाती है।

केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने एक्स पोस्ट में कहा कि देश के लिए शर्म की बात है कि ऐसे समय में जब भारत एक मशहूर ग्लोबल एआई समिट होस्ट कर रहा है और दुनिया को अपना इनोवेशन, विजन और टेक्नोलॉजिकल लीडरशिप दिखा रहा है, कांग्रेस पार्टी ने इज्जत के बजाय रुकावट को चुना। राहुल गांधी की लीडरशिप में, कांग्रेस वर्कर्स ने टॉपलेस होकर वेन्यू पर हंगामा किया। ऐसा लगा कि यह काम वैश्विक मंच पर भारत को शर्मिंदा करने के लिए किया गया था। जब देश खुद को एक लीडिंग टेक्नोलॉजी पावरहाउस के तौर पर बनाने की कोशिश कर रहा है, तो ऐसा बर्ताव उन लोगों को ही मजबूत करता है जो भारत को लड़खड़ाते हुए देखना चाहते हैं। पॉलिटिकल विरोध एक डेमोक्रेटिक हक है, लेकिन देश की ग्लोबल इमेज को कमजोर करना नहीं। भारत इससे बेहतर का हकदार है।

केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने एक्स पोस्ट में कहा कि राहुल गांधी के फॉलोअर्स एआई समिट में अपनी शर्ट उतारकर बदतमीजी से घूमते हैं। लीडरशिप स्टैंडर्ड तय करती है, और वे ठीक यही दिखाते हैं।

दिल्ली सरकार में मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि राहुल गांधी ने आज इंडियन नेशनल यूथ कांग्रेस से एआई समिट में जो प्रोटेस्ट करवाया, उसमें विदेशी मेहमानों के सामने कपड़े उतारकर किया गया यह ‘नंगा नाच’ बेहद शर्मनाक है। प्रोटेस्ट करना एक अलग बात है, मगर ऐसा प्रोटेस्ट जिसमें अपने देश को छोटा पेश किया जा रहा हो, अपने देश की छवि को ही धूमिल किया जा रहा हो? यह घटिया मानसिकता सिर्फ कांग्रेस के पास है। आज गांधी परिवार को जरूर सोचना चाहिए कि गिरते-गिरते कितना गिर गए कि आज वो ये भूल ही गए कि देश का मान-सम्मान विदेशी मेहमानों के सामने कैसा होना चाहिए। मैं ऐसी घटिया किस्म के प्रोटेस्ट की कड़े शब्दों में निंदा करता हूं।

भाजपा प्रवक्ता गौरव भाटिया ने कहा कि भारत मंडपम में शर्मनाक उपद्रव। ​आज कांग्रेस कार्यकर्ताओं की पार्टी नहीं, बल्कि भारत विरोधी गुंडों और अराजकतावादियों की जमात बन चुकी है। ​जहां एक ओर पूरी दुनिया भारत को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में एक उभरते हुए वैश्विक नेतृत्वकर्ता के रूप में देख रही है, वहीं दूसरी ओर कांग्रेस पार्टी ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश को बदनाम करने का रास्ता चुना है। ​आज ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट’ में यूथ कांग्रेस का ‘बिना शर्ट’ वाला यह भद्दा प्रदर्शन केवल एक विरोध नहीं, बल्कि वैश्विक नेताओं और टेक दिग्गजों के सामने भारत को शर्मिंदा करने की एक सोची-समझी साजिश है।