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कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट, जानें देश में कहां-कितने बदले पेट्रोल के दाम

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अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आज गिरावट दिख रही है. गुरुवार सुबह करीब 6 बजे WTI क्रूड हल्का गिरकर 74.06 डॉलर प्रति बैरल पर बिक रहा है. वहीं, ब्रेंट क्रू़ड 1.42 डॉलर गिरकर 79.65 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया है. देश में तेल मार्केटिंग कंपनियों ने पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट जारी कर दिए हैं. भारत में हर सुबह 6 बजे ईंधन के दामों में संशोधन किया जाता है. जून 2017 से पहले कीमतों में संशोधन हर 15 दिन के बाद किया जाता था.

आज राज्य स्तर पर पेट्रोल-डीजल की कीमतों में काफी कम बदलाव दिख रहा है. उत्तराखंड, गोवा, झारखण्ड में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बेहद मामूली उतार-चढ़ाव है. अन्य राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में पेट्रोल-डीजल की कीमत में कोई चेंज नहीं है.

चारों महानगरों में पेट्रोल-डीजल के दाम
– दिल्ली में पेट्रोल 96.72 रुपये और डीजल 90.08 रुपये प्रति लीटर
– मुंबई में पेट्रोल 106.31 रुपये और डीजल 94.27 रुपये प्रति लीटर
– कोलकाता में पेट्रोल 106.03 रुपये और डीजल 92.76 रुपये प्रति लीटर
– चेन्नई में पेट्रोल 102.63 रुपये और डीजल 94.24 रुपये प्रति लीटर

इन शहरों में कितने बदले दाम
– नोएडा में पेट्रोल 97 रुपये और डीजल 90.14 रुपये प्रति लीटर हो गया है.
– गाजियाबाद में 96.58 रुपये और डीजल 89.75 रुपये प्रति लीटर हो गया है.
– लखनऊ में पेट्रोल 96.62 रुपये और डीजल 89.81 रुपये प्रति लीटर हो गया है.
– पटना में पेट्रोल 107.24 रुपये और डीजल 94.04 रुपये प्रति लीटर हो गया है.
– पोर्टब्‍लेयर में पेट्रोल 84.10 रुपये और डीजल 79.74 रुपये प्रति लीटर हो गया है.

पासपोर्ट आवेदन के समय होने वाली गलतियों से इस तरह बचें, झटपट घर पहुंचेगा आपका पासपोर्ट

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पासपोर्ट के लिए आवेदन के नाम पर तमाम लोगों की परेशानी शुरू हो जाती है. उन्‍हें लगता है कि यह काम बड़ा मुश्किल है. और इसी वजह से आवेदन में छोटी-मोटी गलती कर बैठते हैं, इसके बाद उन्‍हें पासपोर्ट कार्यालय के चक्‍कर लगाने पड़ते हैं. पासपोर्ट आवेदन करते समय होने वाली गलतियों के कैसे बचा जाए, यह बात स्‍वयं क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी अनुज स्‍वरूप बता रहे हैं. उनका कहना है कि अगर आवेदक बताए गए निर्देशों का पालन करें तो पासपोर्ट तय समय के अंदर घर पहुंच जाएगा.

. आवेदक अपने ‘वर्तमान निवास’ (जहां पर आवेदक वर्तमान में रह रहा हो) को ही पते में दर्ज करे, न कि स्थायी पता. किराए में रहने वाले ज्‍यादातर लोग इस तरह की गलती करते हैं, जिससे परेशानी होती है.

. पासपोर्ट आवेदन के समय यदि आवेदक के पास पुराना पासपोर्ट हो तो आवेदक ‘री-ईशू’ की श्रेणी में ही आवेदन करें. पहली बार पासपोर्ट हेतु आवेदन करने वाले आवेदक ‘फ़्रेश’ श्रेणी में आवेदन करना सुनिश्चित करे.

. यदि आवेदक द्वारा पूर्व में पासपोर्ट के लिए आवेदन किया गया हो लेकिन किन्हीं कारणों से पासपोर्ट न प्राप्त हुआ हो तो पुन: आवेदन करते समय पुराने पासपोर्ट आवेदन की फाइल नंबर का उल्‍लेख जरूर करना चाहिए. यदि कोई पुरानी फाइल लंबित हो, तो संबन्धित कार्यालय में संपर्क कर उस फाइल को बंद करवाकर ही नया आवेदन करें.

ISRO लॉन्च करेगा चंद्रयान-4! यहां होगा लैंड, गड्ढा खोदकर लाएगा सैंपल, AI की नजर से देखें नजारे

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भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने चंद्रयान-3 को सफलतापूर्वक चांद के दक्षिणी ध्रुव पर सॉफ्ट लैंड करवाकर इतिहास रच दिया. अब ISRO चंद्रयान-4 मिशन पर काम कर रहा है. AI ने तस्वीरों में चंद्रयान-4 के मिशन को दिखाया है.

Chandrayaan-4 मिशन को LUPEX के रुप में भी जाना जाता है. लूपेक्स यानी लूनर पोलर एक्सप्लोरेशन मिशन, जो एक अंतरराष्ट्रीय मिशन है. इसे मुख्य रूप से ISRO और जापानी स्पेस एजेंसी JAXA मिलकर कर रहे हैं.

चंद्रयान-4 मिशन में चांद से धरती पर सैंपल लाए जाएंगे. इस मिशन में भारत और जापान साथ में मिलकर काम कर रहे हैं. यह भी लैंडर उपकरण के साथ चंद्रमा पर उतरेगा. इसका लैंडिग साइट शिव शक्ति पॉवइंट होगा, जहां चंद्रयान-3 ने सफलतापूर्वक लैंडिग की थी.

हो जाएं सावधान…..कोरोना ने फिर डराया, देश में आज आए 702 नए केस, 24 घंटे में 6 मरीजों की मौत से हाहाकार

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बढ़ते सर्दी के सितम के साथ ही भारत में कोरोना वायरस और भी विकराल होता जा रहा है. देश में जैसे-जैसे ठंड बढ़ रही है, उससे भी तेज रफ्तार में कोरोना वायरस के नए मामले सामने आ रहे हैं. देश में पिछले 24 घंटे में कोरोना वायरस के 702 नए मामले सामने आए हैं, जिससे चिंता और बढ़ती ही जा रही है. क्योंकि इससे एक दिन पहले देश में कोविड के 529 नए मामले दर्ज किए गए थे. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने यह जानकारी दी.

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी लेटेस्ट आंकड़ों के मुताबिक, देश में पिछले 24 घंटे में कोरोना वायरस के 702 नए मामले दर्ज किए गए हैं, जिससे देश में एक्टिव मामलों की संख्या 4097 हो गई है. इसी दौरान देश में अलग-अलग राज्यों में कोविड-19 से कुल 6 लोगों की मौतें हुई हैं. कोरोना वायरस से महाराष्ट्र में 2 लोगों की मौत हुई है, जबकि दिल्ली, कर्नाटक, केरल और पश्चिम बंगाल में एक मरीज की मौत हुई है.

फ्लाइट या ट्रेन के देरी या कैंसिल होने पर क्‍या रिफंड लिया जा सकता है….जानें नियम

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कोहरे का असर ट्रेन और फ्लाइट पर पड़ रहा है. ट्रेनें कई-कई घंटे देरी से चल रहीं हैं, तमाम फ्लाइट भी देरी से उड़ रही हैं और कुछ को डायवर्ट तक करना पड़ रहा है. ऐसे में अगर आपकी कनेक्टिंग फ्लाइट छूट रही है या देरी की वजह से आप फ्लाइट कैंसिल करना चाह रहे हैं तो आपको रिफंड मिल सकता है क्‍या? इसी तरह ट्रेन काफी देरी से चल रही है और आप जिस उद्देश्‍य से जाना चाह रहे हैं वो पूरा नहीं हो रहा है तो टिकट कैंसिल कराने में पूरा रिफंड मिल सकता है क्‍या? आइए जानें क्‍या हैं नियम?

कोहरे या अन्‍य कारणों से अगर एयरलाइंस कंपनी फ्लाइट कैंसिल करती हैं तो कंपनी स्‍वयं ही मुआवजा देगी. इस मामले में आपको कहीं शिकायत करने की जरूरत नहीं होगी. डीजीसीए के अनुसार यदि आपने कैश में भुगतान किया है तो एयरलाइन को तुरंत रिफंड करना होगा. इसके अलावा क्रेडिट कार्ड से भुगतान करने पर पैसों को 7 दिनों के भीतर लौटाना होगा. रिफंड में पैसेंजर सर्विस फीस, एयरपोर्ट डेवलपमेंट फीस और सर्विस टैक्स शामिल होते हैं. आपके पास विकल्प है कि आप पैसे रिफंड करा लें या दूसरी तारीख पर यात्रा कर लें.

रुपये का चल गया ‘सिक्‍का’, भारतीय करेंसी में खरीदा जाएगा क्रूड, इकनॉमी और आम आदमी को होगा बड़ा फायदा

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भारत को ग्‍लोबल मार्केट में बड़ी सफलता मिल गई है. लंबे समय से जारी कोशिश ने आखिर रंग दिखाना शुरू कर दिया और संयुक्‍त अरब अमीरात (UAE) रुपये में लेनदेन करने वाला पहला देश बन गया है. भारत ने यूएई से कच्‍चा तेल खरीदकर उसे भारतीय मुद्रा में भुगतान किया है. यह भारतीय अर्थव्‍यवस्‍था और आम आदमी के लिए काफी राहत भरी खबर है. इसके साथ ही भारत ने अपनी मुद्रा को ग्‍लोबल लेवल पर ले जाने की दिशा में भी कदब बढ़ा दिया है.

मामले से जुड़े अधिकारियों ने कहा है कि भारत अन्य तेल आपूर्तिकर्ता देशों के साथ भी इसी तरह के रुपया भुगतान सौदों की कोशिश में लगा हुआ है. लेकिन इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लागू करना एक प्रक्रिया है और इसके लिए कोई लक्ष्य नहीं रखा गया है. फिलहाल हमें एक शुरुआत मिल गई है और यह काफी बेहतर है. हम यूएई से बड़ी मात्रा में कच्‍चा तेल खरीदते हैं और रुपये में उसे भुगतान करने से बड़ी बचत होगी.

क्‍यों माना जा रहा बड़ा कदम
गौरतलब है कि अपनी 85 प्रतिशत से अधिक तेल जरूरतों को पूरा करने के लिए भारत आयात पर निर्भर है. इसके लिए उसे बड़े पैमाने पर डॉलर में भुगतान करना होता है. लेकिन, पिछले साल से भारत ने तेल की खरीद का भुगतान डॉलर के बजाय रुपये में करने की व्यवस्था शुरू की है और इस दिशा में रिजर्व बैंक ने भी जरूरी कदम उठाए हैं. डॉलर में भुगतान करने पर भारत को मुद्रा विनिमय शुल्‍क यानी फॉरेक्‍स फीस चुकानी पड़ती है, जिससे यह सौदा काफी महंगा पड़ता है.

टर्म इंश्योरेंस क्या समय से पहले खत्म कर सकते हैं? पैसा मिलेगा वापस या रह जाएंगे खाली हाथ, क्या है नियम

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 क्या आप टर्म इंश्योरेंस को समय से पहले से सरेंडर कर सकते हैं? यह सवाल कई लोगों के मन में आता है. एक आम धारणा यह है कि टर्म इंश्योरेंस को मैच्योरिटी से पहले सरेंडर नहीं किया जा सकता. ऐसा है भी और नहीं भी. टर्म इंश्योरेंस को आप समय से पहले खत्म कर सकते हैं. लेकिन ऐसा करने के बाद आपको कुछ मिलेगा या नहीं यह इस बात पर निर्भर करेगा कि वह प्योर टर्म इंश्योरेंस या फिर रिटर्न ऑन प्रीमियम वाला टर्म इंश्योरेंस.

इंश्योरेंस एक्सपर्ट स्वीटी मनोज जैन बताते हैं कि अधिकांश कंपनियां टर्म इंश्योरेंस पर कोई रिटर्न ऑफर नहीं करती हैं. बकौल जैन, यह प्योर टर्म इंश्योरेंस होता है, इसमें बीमाधारक के परिवार को पैसा तब ही मिलता है जब बीमाधारक का इंश्योरेंस पीरियड के अंदर निधन हो जाए. उन्होंने बताया कि इंश्योरेंस पीरियड अगर 30 साल का है और उसके अंदर बीमाधारक की मौत होती है तो उसके परिवार को बीमा की राशि मिलेगी. अगर व्यक्ति की मृत्यु बीमा पीरियड के बाहर होती तो एक पैसा भी नहीं मिलेगा.

किस पॉलिसी में मिलता है रिटर्न
ऐसी टर्म इंश्योरेंस पॉलिसी जिसमें रिटर्न की बात पहले से की गई हो. ऐसी पॉलिसी जिससे कोई इन्वेस्टमेंट कॉम्पोनेन्ट जुड़ा हो. मसनल, यूलिप, एंडाउमेंट या एन्युटी प्लान्स. इनमें एक बीमाधारक को समय से पहले पॉलिसी बंद करने पर सरेंडर वैल्यू मिलती है. सरेंडर वैल्यू 2 तरह की होती है. गारंटीड औ स्पेशल. पॉलिसी लेते वक्त आप इसके बारे में विस्तार से अपने पॉलिसी प्रोवाइडर से पूछ सकते हैं. स्पेशल सरेंडर वैल्यू में बोनस जुड़ जाता है. इन दोनों वैल्यू का कैलकुलेशन अलग-अलग होता है. आइए देखते हैं कि इन्हें कैसे कैलकुलेट किया जाता है.

कैलकुलेशन
पॉलिसी बाजार की वेबसाइट के अनुसार, गारंटीड सरेंडर वैल्यू को कैलकुलेट करने का तरीका बेहद आसान है. मसलन, एलआईसी जीवन बीमा के पॉलिसीधारक ने जो प्रीमियम दिया है उसका 30 परसेंट गारंटीड सरेंडर वैल्यू होगी. उदाहरण के लिए, मान लीजिए कि आपने 5 साल में 10,000 रुपये प्रति वर्ष के हिसाब से 50,000 का प्रीमियम दिया है. इसका 30 परसेंट यानी 50,000*30/100= 15000 रुपये आपको गारंटीड सरेंडर वैल्यू मिलेगी. गौरतलब है कि यहां जो 30 परसेंट है वह सरेंडर वैल्यू फैक्टर है और यह बीमा प्रोवाइडर द्वारा कम या ज्यादा किया जा सकता है. यह फिक्स नहीं है.

चांद-सूरज के बाद अब सुलझेगी अंतरिक्ष की गुत्थी! ISRO 1 जनवरी को करने वाला है बड़ा कमाल

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भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) चांद -सूरज की गुत्थियां सुलझाने के बाद अपने नए मिशन पर लग गया है. दरअसल ISRO की नए साल 2024 में बड़ा धमाका करने की प्लानिंग है. ISRO चांद और सूरज के बाद अंतरितक्ष की गुत्थियां सुलझाने की तैयारी कर रहा है. ISRO अंतरिक्ष में एक्स-रे स्रोतों के तीव्र ध्रुवीकरण की जांच करने के लिए अपने पहले एक्स-रे पोलारिमीटर सैटेलाइट (XPoSat) के लॉन्च के साथ नए साल की शुरुआत करने के लिए पूरी तरह तैयार है.

प्राप्त जानकारी के अनुसार XPoSat 1 जनवरी 2014 को लॉन्च होगा. यह भारत का पहला मर्पित पोलारिमेट्री मिशन है. ISRO ने घोषणा की है कि XPoSat मिशन पोलर सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल (PSLV) का उपयोग करके सुबह 9:10 बजे लॉन्च होगा. यह भारत की अंतरिक्ष की यात्रा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होने वाला है.

खगोलीय स्रोतों द्वारा एक्स-रे के पोलारिमेट्री ने खगोलविदों के बीच विशेष रूप से नासा के पोलारिमेट्री मिशन – IXPE द्वारा किए गए हालिया खुलासे के मद्देनजर बहुत रुचि पैदा की है. सबसे बड़ी बात यह है कि यह मिशन न केवल भारत का पहला समर्पित पोलारिमेट्री मिशन है, बल्कि 2021 में लॉन्च किए गए नासा के इमेजिंग एक्स-रे पोलारिमेट्री एक्सप्लोरर (IXPE) के बाद दुनिया का दूसरा मिशन भी है.

एक बार लगभग 650 किलोमीटर की निचली पृथ्वी कक्षा (LEO) में स्थापित होने के बाद, यह अगले पांच सालों के लिए डेटा प्रदान करेगा. सैटेलाइट में दो मुख्य पेलोड होंगे जो बेंगलुरु स्थित रमन रिसर्च इंस्टीट्यूट (RRI) द्वारा विकसित किए गए हैं और दूसरा इसरो के यू आर राव सैटेलाइट सेंटर (URSC), इसरो द्वारा विकसित किया गया है.

आम यात्रियों को पीएम मोदी की बड़ी सौगात, वंदे भारत की सुविधाओं के साथ प्रीमियम सुविधाओं का लाभ उठा सकते हैं आम यात्री

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पहल पर भारतीय रेलवे आम यात्रियों के लिए प्रीमियम सुविधाऔ से लेस अमृत भारत एक्सप्रेस की शुरुआती करने वाली है. ये ट्रेन वंदे भारत एक्सप्रेस के तर्ज पर होंगी. इस ट्रेन को आम जनता की जरूरत को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है. पीएम मोदी 30 दिसंबर को अमृत भारत ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे. देश की ये पहली अमृत भारत ट्रेन 30 दिसंबर को अयोध्या से दिल्ली के लिए रवाना होगी. अमृत भारत देश के कामगार और श्रमिकों को ध्यान में रखकर बनाई गयी है. इसमें स्लीपर व जनरल श्रेणी के कोच होंगे. पुल-पुश तकनीक होने के कारण अमृत भारत ट्रेन तेजी से पिकअप ले सकेगी और रफ्तार बढ़ जाएगी.

पिछले दिनों इस बात पर चर्चा जोरो पर थी की केंद्र सरकार वन्दे भारत ट्रेन ले कर जरूरी आई है, लेकिन इसका किराया आम यात्रियों के जेब पर भारी है. विपक्षी पार्टियों ने तो ये भी कहा की केंद्र सरकार जान बूझकर सुविधा के नाम पर लोगो के जेब काटने में लगी हुई है. लेकिन आम जनता के सरोकार के लिए काम करने वाली मोदी सरकार ने सभी का मुंह बंद करते हुए बता दिया कि इस सरकार को सभी की फ़िक्र है. और आम यात्रियों को भी प्रीमियम सुविधा से वंचित नहीं रखी जाएगी और आम यात्रियों सस्ती टिकट पर इस सुविधा का लाभ उठा सकते है. पीएम मोदी ने एक बार कहा था कि चप्पल वाले प्लेन में सफर करेंगे, इसका सपना साकार हुआ है, अब गरीब और आम यात्रियों को ट्रेन में प्रीमियम सुविधाएं मिले इसके लिए सरकार अपनी प्रतिबद्धता दिखा रही है.

अमृत भारत एक्सप्रेस की सुविधाएं

वंदे भारत ट्रेन की तर्ज पर डिजाइन अमृत भारत एक्सप्रेस
देश की पहली पुल-पुश ट्रेन है, जिसमें दो इंजन है. इसमें दूसरा इंजन ट्रेन के आखिरी कोच के बाद होगा. गाड़ी जल्दी से स्पीड पकड़ेगी और जल्दी से रुकेगी. पुशपुल टेक्नोलॉजी का मतलब ये है की इस ट्रेन में दो इंजन हैं. एक आगे दूसरा पीछे. आगे वाला इंजन गाड़ी की पुल करने का काम करेगा तो वहीं दूसरा इंजन उसको पुश करेगा. ट्रेन 130 किमी की रफ्तार से दौड़ेगी. रेल मंत्री अश्वनी वैष्णव के मुताबिक देश के सभी रूटों पर इस तरीके की ट्रेन चलाई जाएंगी. हर माह 20 से 30 अमृत भारत ट्रेनें बनाई जाएंगी. अश्विनी वैष्णव के मुताबिक इस ट्रेन से आपको झटको से निजात मिलेगा. यानी ट्रेन आधुनिक टेक्नोलॉजी से लेस होगा। जब आप ट्रेन में सफर करते हैं तो ट्रेन चलने और रुकने के समय झटके लगते हैं. इन झटकों से बचने के लिए इस ट्रेन में सेमीपरमानेंट कपलर लगे हैं. इससे ट्रेन में झटकों का स्कोप नहीं रहता है. इसमें आपको झटके नही लगेंगे.साथ ही फुली कवर वेस्टिब्यूल रखा गया है. पहले जब गाड़ी तेज स्पीड में होती है उससे उसकी स्टेबिलिटी कम होती है. लेकिन अब फुली कवर वेस्टिब्यूल लगने से गाड़ी पूरी तरह से स्टेबल रहेगी सेफ रहेगी.

दुनिया भर में दो तरह की तकनीक रेलवे में लगती हैं. पहली डिस्ट्रीब्युटेड पावर, जिसमें हर दूसरे और तीसरे कोच में मोटर लगी होती है और ऊपर से बिजली आती है. वंदे भारत ट्रेन इसी तकनीक पर बनी है. दूसरी तकनीक पुल और पुश होता है जिसपर अमृत भारत ट्रेन बनी है.

भारत जोड़ो के बाद नई यात्रा पर निकलेंगे राहुल गांधी, नाम होगा ‘भारत न्‍याय यात्रा’, जानें कहां-कहां से गुजरेगी

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भारत जोड़ो यात्रा के बाद कांग्रेस सांसद राहुल गांधी (Rahul Gandhi) एक नई यात्रा की शुरुआत करने वाले हैं. इस यात्रा का नाम होगा भारत न्याय यात्रा (Bharat Nyay Yatra). राहुल की भारत न्‍याय यात्रा मणिपुर से मुंबई तक होगी, जोकि 14 जनवरी 14 से 20 मार्च तक चलेगी. संगठन महासचिव के सी वेणुगोपाल ने कहा कि कांग्रेस का स्थापना दिवस कल है और रैली का शंखनाद होगा. सभी नेता और कार्यकर्ता इसमें शामिल होंगे.

उनके अनुसार, यह यात्रा 6200 किलोमीटर की होगी. यह यात्रा मणिपुर, नागालैंड, असम, मेघालय, बंगाल, बिहार, झारखंड, ओडिशा, छत्तीसगढ़, यूपी, मध्यप्रदेश, राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र से होकर गुजरेगी. भारत न्‍याय यात्रा 14 राज्यों और 85 ज़िलों से गुजरेगी.

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने पार्टी की शीर्ष नीति निर्धारण इकाई कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) की बैठक में बीते गुरुवार को अगले लोकसभा चुनाव के लिए ठोस रणनीति बनाने पर जोर दिया गया और यह प्रस्ताव रखा गया कि राहुल गांधी पूर्व से पश्चिम की ओर दूसरे चरण की ‘भारत जोड़ो यात्रा’ निकालें, क्योंकि पार्टी के नेता एवं कार्यकर्ता लंबे समय से यह मांग कर रहे हैं.

खरगे की अध्यक्षता में हुई बैठक में कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी, पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और कार्य समिति के विभिन्न सदस्यों ने शिरकत की.