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छत्तीसगढ़ : नाबालिक लड़की को शादी के लिए बहला फुसला कर भगा ले जाने वाला आरोपी गिरफ्तार…

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थाना घुमका पुलिस द्वारा गुजरात जाकर आरोपी के कब्जे से नाबालिक लड़की को किया बरामद” नाबालिक लड़की को शादी के लिए बहला फुसला कर भगा ले जाने वाला आरोपी गिरफ्तार”

कौशिक वर्मा पिता गजानंद वर्मा उम्र 18 साल साकिन ग्राम गहिराटोला थाना खैरागढ़ जिला केसीजी

दिनांक घटना 28.07.2023 को घुमका थाना अंतर्गत ग्राम की एक 16 वर्षीय नाबालिक लड़की को किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा बहला फुसला कर भगा ले जाने के संबंध मे पीड़िता के पिता शिकायत पर थाना घुमका मे नाबालिक लड़की की गुमशुदगी दर्ज कर तत्काल अज्ञात व्यक्ति के विरुद्ध धारा 363 भादवि के तहत अपराध पंजीबद्ध कर नाबालिक पीड़िता और आरोपी की पतासाजी की जा रही थी |

विवेचना के दौरान संदेही कौशिक वर्मा के संबंध मे जानकारी प्राप्त हुई थी संदेही कौशिक वर्मा के द्वारा नाबालिक को अपने साथ रखकर मोबाइल बंद कर छत्तीसगढ़ से बाहर रहकर अपना लोकेशन लगातार बदल रहा था

श्रीमान पुलिस अधीक्षक महोदय श्री मोहित गर्ग के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महोदय श्री राहुल देव शर्मा , अनुविभागीय पुलिस अधिकारी डोंगरगाव श्री दिलीप सिसोदिया के मार्गदर्शन में थाना घुमका पुलिस द्वारा प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए संदेही कौशिक वर्मा के बारे में लगातार जानकारी एकत्र किया जाकर उसका लोकेशन गुजरात के हजीरा, सूरत में होने की पुष्टि होने पर अविलम्ब दिनांक 30.11.2023 के  रात्रि थाना घुमका से निरीक्षक विनय कुमार पम्मार के नेतृत्व में पुलिस टीम सूरत, गुजरात  राज्य के लिए रवाना हुए थे जहाँ पहुंचकर संदेही कौशिक वर्मा के कब्जे से नाबालिक पीड़िता को बरामद कर  आज दिनांक 03.12.23 को संदेही और नाबालिक को थाना घुमका लाया गया महिला पुलिस अधिकारी से पूछताछ कराये जाने पर संदेही कौशिक वर्मा के द्वारा पीड़िता के साथ शादी का झांसा देकर लगातार शारीरिक संबंध बनाने आदि नए तथ्य आने पर विवेचना के दौरान आरोपी कौशिक वर्मा के विरुद्ध 366, 376(2)n भादवि व  धारा 4,6 पोस्को एक्ट की धारा जोड़कर आरोपी को आज दिनांक 03.12.23 को विधिवत गिरफ्तार किया जाकर माननीय न्यायालय के समक्ष पेश कर न्यायिक रिमांड मे जेल दाखिल किया गया है

उक्त सम्पूर्ण कार्यवाही मे थाना घुमका से थाना प्रभारी विनय कुमार पम्मार, उप निरीक्षक दया शंकर मिश्रा ,आर गौतम सिंह, यशवंत साहू अशोक यादव,सी पी साहू, महिला आरक्षक  राजश्री मरकाम एवं साइबर सेल राजनांदगाव से हेमंत साहू की भूमिका सराहनीय रही.

संसद का शीतकालीन सत्र आज से शुरू प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद परिसर में मीडिया से बात…

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संसद का शीतकालीन सत्र आज से शुरू हो गया है. इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद परिसर में मीडिया से बात की. पीएम मोदी ने कहा कि ठंड शायद विलंब से चल रही है और धीमी गति से आ रही है, लेकिन राजनीतिक गर्मी तेजी से बढ़ रही है.

पीएम ने चार राज्यों के विधानसभा चुनाव को उत्साह वर्धक बताया. इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि पूरे देश ने नकारात्मकता को सिरे से नकार दिया है. इसलिए वो विपक्ष से अनुरोध करते हैं कि वो नकारात्मकता को छोड़कर सकारात्मकता के साथ सदन में आए और सदन की कार्यवाही को सुचारू रूप से चलने दें.

विधानसभा चुनाव में शानदार जीत से उत्साहित पीएम ने कहा कि संसद के पहले विपक्ष के नेताओं से बात होती है इस बार भी हुई है. पीएम ने कहा कि लोकतंत्र का ये मंदिर जनाकांक्षाओं और विकसित भारत बनाने का मंच है. ऐसे में सभी लोग यहां तैयारी के साथ आए और उत्तम सुझाव दें. पीएम ने कहा कि विपक्ष में बैठे साथियों के लिए ये गोल्डन अवसर है, ऐसे में वो हार का गुस्सा निकालने की बजाए उससे कुछ सीख लें, पीएण ने कहा कि बाहर का गुस्सा सदन के अंदर नहीं निकालना चाहिए.

वहीं लोकसभा में बीजेपी सांसदों ने पीएम मोदी के समर्थन में जमकर नारेबाजी की. प्रधानमंत्री के सदन में आने के बाद बीजेपी के सदस्य और कुछ मंत्री अपने स्थान पर खड़े हो गए और बार-बार मोदी सरकार, तीसरी बार मोदी सरकार, एक गारंटी, मोदी की गारंटी जैसे नारे लगाने लगे.

17वीं लोकसभा का आखिरी शीतकालीन सत्र

आपको बता दें कि 17वीं लोकसभा का आखिरी शीतकालीन सत्र आज से शुरू हो गया है जो 22 दिसंबर तक चलेगा. इस सत्र में सरकार 21 महत्वपूर्ण बिल पेश करेगी. हालांकि इस दौरान सदन में हंगामा होने के भी पूरे आसार हैं. क्योंकि TMC सांसद महुआ मोइत्रा के निष्कासन की सिफारिश करने वाली एथिक्स कमेटी की रिपोर्ट निचले सदन में पेश की जाएगी. जिसको लेकर टीएमसी समेत अन्य विपक्षी दल और बीजेपी के बीच हंगामा हो सकता है.

आज की ताजा खबर: हमारी प्राथमिकता मोदी गारंटी ही होगी: रमन सिंह

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छत्तीसगढ़ में भाजपा ने आदिवासी बहुल सरगुजा, बस्तर संभागों को कांग्रेस से वापस जीता. ”छत्तीसगढ़ में भूपेश बघेल ने राज्यपाल विश्वभूषण हरिचंदन को इस्तीफा सौंपा. छत्तीसगढ़ में रिकाउंटिंग के बाद 95 वोटों से हारे टीएस सिंह देव, चुनाव आयोग ने किया ऐलान. सरकार ने एडवाइजरी जारी की. इसमें कहा गया है कि कम से कम लोग घरों से निकलें, वर्क फ्रॉम होम करें.

राजस्थान से मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना तक, 44 मंत्री हारे चुनाव…

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राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना के चुनाव परिणाम 3 दिसंबर, रविवार को आ गए. राजस्थान में भाजपा को 115 सीटें जबकि कांग्रेस को 69 सीटें मिली हैं. वहीं, मध्य प्रदेश में बीजेपी 163 सीट तो कांग्रेस 66 सीट जीतने में सफल हुई है.

छत्तीसगढ़ में बीजेपी को 54 सीटें नसीब हुईं जबकि कांग्रेस 35 सीटों पर सिमट गई. दक्षिण भारत के राज्य तेलंगाना की अगर बात करें तो कांग्रेस 64, बीआरएस 39 जबकि भाजपा 8 सीट जीतने में कामयाब हुई है.

सबसे दिलचस्प है लेकिन यह जानना कि इन चार राज्यों में कितने मंत्री हार गए. मध्य प्रदेश में शिवराज सरकार में 12 मंत्री हार गए. वहीं, गहलोत सरकार के 17 मंत्री अपनी सीट नहीं बचा सके. छत्तीसगढ़ में भूपेश बघेल के 9 मंत्री हार गए जबकि तेलंगाना के मुख्यमंत्री भी एक सीट से चुनाव हार गए. साथ ही उनके 6 मंत्री चुनाव नहीं जीत सके. इस तरह इन चार राज्यों में कुल 44 मंत्री चुनाव हारे हैं.

मध्य प्रदेश में शिवराज सरकार के 12 मंत्री हारे

मध्य प्रदेश में बीजेपी की प्रचंड जीत के बावजूद एक सिरे से शिवराज सरकार के मंत्री चुनाव हार गए. सबसे ज्यादा चर्चा कल ग्वालियर संभाग के दतिया सीट की रही. देर रात तक यहां काउंटिंग चलती रही लेकिन आखिरकार कांग्रेस के भारती राजेंद्र 7,742 ने भारतीय जनता पार्टी के फायर ब्रांड नेता और शिवराज सरकार में मंत्री नरोत्तम मिश्रा को हरा दिया.

इसके अलावा हरदा से कमल पटेल, बमोरी से महेंद्र सिंह सिसौदिया, बड़वानी से प्रेम सिंह पटेल, अटेर से अरविंद सिंह भदौरिया, बदनावर से राजवर्धन सिंह दत्तीगांव, बालाघाट से गौरीशंकर बिसेन, ग्वालियर ग्रामीण से भारत सिंह कुशवाहा, अमरपाटन से रामखेलावन पटेल, पारसवाड़ा से राम किशारे नानो कांवरे, पोहरी से सुरेश धाकड़ और खरगापुर से राहुल सिंह लोधी अपनी सीट नहीं बना सके.

गहलोत के ये 17 मंत्री अपनी सीट नहीं बचा सके

कांग्रेस के अशोक गहलोत सरकार में मंत्री रहे 25 में से कुल 17 कांग्रेस के दिग्गज चुनाव हार गए. जो मंत्री चुनाव हारे हैं, उनमें कैबिनेट मंत्री विश्वेंद्र सिंह, परसादी लाल मीणा, रमेश मीणा, गोविंद राम मेघवाल, प्रताप सिंह खाचरियावास, मंत्री भंवर सिंह भाटी कोलायत अपनी सीट नहीं बचा सके. इनके अलावा सहाकारिता मंत्री उदयलाल आंजना, उद्योग मंत्री शकुंतला रावत, महिला एवं बाल विकास मंत्री ममता भूपेश हार गईं.

साथ ही सालेह मोहम्मद, बीडी कल्ला, प्रमोद जैन भाया, रामलाल जाट, राजेंद्र यादव, जाहिदा खान, भजन लाल जाटव और सुखराम बिश्नोई जैसे मंत्री भी चुनाव हार गए. भाजपा की ऐसी हवा चली कि विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी और सीएम के सलाहकार पांच विधायकों को भी जीत नसीब नहीं हुई. बाबूलाल नागर, संयम लोढ़ा, दानिश अबरार, राजकुमार शर्मा, जितेंद्र सिंह, रामकेश मीणा जैसे विधायक जो सीएम के सलाहकार थे, वह भी चुनाव हार गए.

छत्तीसगढ़ में भूपेश बघेल के 9 मंत्री हारे

पहले तो कयास लगने लगे कि मुख्यमंत्री और पाटन से विधायक भूपेश बघेल भी अपनी सीट बचा पाएंगे क्या लेकिन वह आखिरकार जीत गए. बावजूद इसके वह अपने 9 मंत्रियों की नैया डूबने से नहीं बचा सके. भूपेश सरकार में मंत्री और अंबिकापुर से विधायक उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव, दुर्ग ग्रामीण का प्रतिनिधित्व करने वाले और सूबे में गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू, साजा से पंचायत मंत्री रविंद्र चौबे, कवर्धा से वन मंत्री मोहम्मद अकबर चुनाव हार गए.

इनके आलावा नवागढ़ से विधायक और पीएचई मंत्री गुरु रुद्र कुमार, सीतापुर से विधायक और खाद्य मंत्री अमरजीत भगत, आरंग से नगरीय प्रशासन मंत्री शिव कुमार डहरिया, कोरबा से राजस्व मंत्री जय सिंह अग्रवाल और कोंडागांव से आदिम जाति कल्याण मंत्री मोहन मरकाम अपनी सीट नहीं बचा सके.

तेलंगाना: मंत्री तो मंत्री मुख्यमंत्री भी चुनाव हार गए

मुख्यमंत्री और भारत राष्ट्र समिति के मुखिया के चंद्रशेखर चुनाव हार गए. वह अपनी कामारेड्डी सीट नहीं बचा सके. केसीआर के अलावा छह मंत्रियों को भी हार का सामना करना पड़ा है. एर्राबेली दयाकर राव, पुव्वाडा अजय कुमार, इंद्रकरण रेड्डी , श्रीनिवास गौड, कोप्पुला ईश्वर और एस निरंजन रेड्डी जैसी मंत्री इस चुनाव में विधायक नहीं बन सके.

छत्‍तीसगढ़ में बघेल सरकार पर संकट

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राजस्‍थान और छत्‍तीसगढ़ के शुरुआती रुझानों के पहले घंटे में कांग्रेस के ल‍िए अच्‍छी खबर नहीं आ रही है. वहीं बीजेपी को दोनों राज्‍यों में फायदा होता द‍िख रहा है. राजस्‍थान के शुरुआती रुझानों में मुख्‍यमंत्री अशोक गहलोत की व‍िदाई होती द‍िख रही है.

वहीं राजस्‍थान में बीजेपी को बहुमत म‍िल गया है. वहीं छत्‍तसीगढ़ में बघेल सरकार पर संकट द‍िख रहा है और बीजेपी कड़ी टक्‍कर दे रही है.

9 बजकर 15 म‍िनट तक के रुझानों

राजस्‍थान के 199 में से 196 सीटों पर रुझान आ चुके हैं
बीजेपी – 103
कांग्रेस – 86
अन्‍य – 7

छत्‍तीसगढ़ के 90 में से 87 सीटों पर रुझान
बीजेपी – 47
कांग्रेस – 41
अन्‍य – 1

राजस्थान में विधानसभा की 199 सीटों के लिए हुए चुनाव में मतों की गिनती रविवार सुबह आठ बजे कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शुरू हुई. निर्वाचन अधिकारी ने कहा क‍ि मतों की गिनती शुरू हो गई है. उन्होंने बताया कि सबसे पहले डाक मतपत्रों की गिनती की जा रही है. डाक मतपत्रों की गणना के आधे घंटे बाद सुबह साढ़े आठ बजे ईवीएम से मतगणना शुरू होगी. राज्य के 199 विधानसभा क्षेत्रों में हुए चुनाव के लिए मतगणना 33 जिला मुख्यालयों के 36 केन्द्रों पर त्रिस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था के बीच हो रही है जहां 2552 टेबल पर कुल 4180 दौर में मतों की गिनती होगी.

उन्होंने कहा कि जयपुर, जोधपुर एवं नागौर में दो-दो केंद्रों पर और शेष 30 निर्वाचन जिलों में एक-एक केंद्र पर मतों की गिनती की जाएगी. राज्य की 200 में से 199 सीटों के लिए मतदान 25 नवंबर को हुआ था। करणपुर सीट पर कांग्रेस प्रत्याशी के निधन के कारण चुनाव स्थगित कर दिया गया। इन 199 सीटों पर 1862 उम्मीदवार मैदान में हैं.

गुप्ता ने बताया कि राज्य में मतों की गिनती के लिए 2552 टेबल लगाए गए हैं। ईवीएम मतगणना के लिए कुल 4180 दौर की गिनती होगी। सबसे अधिक 34 दौर की गिनती शिव विधानसभा क्षेत्र में तथा सबसे कम 14 दौर की गिनती अजमेर दक्षिण विधानसभा क्षेत्र में होगी. राज्य में मुख्य मुकाबला सत्तारूढ़ कांग्रेस व मुख्य विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में माना जा रहा है.

‘एग्जिट पोल’ के पूर्वानुमानों के बाद सत्तारूढ़ कांग्रेस व भाजपा दोनों को सरकार बनाने की उम्मीद है. अधिकांश ‘एग्जिट पोल’ ने राज्य में भाजपा को बढ़त मिलने का अनुमान जताया है, लेकिन तीन ‘एग्जिट पोल’ ने कांग्रेस की जीत का अनुमान जताया है.

छत्तीसगढ़ : CM समेत 11 मंत्री हार की कगार पर…

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छत्तीसगढ़ की 90 विधानसभा सीटों की मतगणना जारी है. शुरुआती तौर पर जो रुझान आया वह टक्‍कर वाला था लेक‍िन समय के साथ बीजेपी बढ़त बनाती गई और कांग्रेस की जीत की उम्‍मीद खत्‍म होती गई. 12 बजे तक के रुझानों में 90 सीटों में से 55 पर बीजेपी आगे चल रही है.

वहीं 33 पर कांग्रेस आगे चल रही है वहीं अन्‍य 2 सीटों पर आगे चल रहे हैं. छत्‍तीसगढ़ में कांग्रेस हार तो रही है पर जनता इतनी परेशान हो गई है क‍ि सरकार के 11 मंत्री भी पीछे चल रहे हैं. बस कवासी लखमा एक लौते मंत्री है जो अपनी सीट पर आगे चल रहे हैं. छत्तीसगढ़ में विधानसभा की 90 सीटें हैं और यहां मतदान दो चरणों में सात और 17 नवंबर को मतदान हुआ था.

कौन-कौन से मंत्री चल रहे पीछे

1- कवर्धा से विजय शर्मा आगे मंत्री मोहम्मद अकबर पीछे

2- अबिकापुर से टीएस सिंहदेव पीछे

3- साजा से ईश्वर साहू आगे मंत्री रविंद्र चौबे पीछे

4- पाटन से सीएम भूपेश बघेल पीछे विजय बघेल आगे

5- कोंडागांव से लता उसेण्डी मिनिस्टर मोहन मरकाम पीछे

6- मंत्री ताम्रध्वज साहू पीछे

7- मंत्री कवासी लखमा पीछे

8- मंत्री अमरजीत भगत पीछे

9- मंत्री रुद्र गुरु पीछे

10- मंत्री अनिला भेड़िया पीछे

छत्‍तीसगढ़ में एक करोड़ 55 लाख से ज्यादा मतदाताओं ने अपने मताधिकार का उपयोग किया और राज्य की कमान अपने प्रतिनिधि को सौंपने का फैसला कर दिया जो ईवीएम में कैद है. शुरुआती तौर पर जो रुझान आए, उनमें कांग्रेस आगे थी, मगर स्थिति अब बदल गई है. अभी तक 90 सीटों का जो रुझान सामने आया है, उसमें बीजेपी 55 सीटों पर आगे है, वहीं कांग्रेस को 31 सीटों पर बढ़त है.

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, मतगणना आठ बजे 33 जिला मुख्यालयों में शुरू हुई. पहले पोस्टल बैलेट की गणना हुई और उसके बाद ईवीएम मशीन खोली गई. राज्य के नक्सल प्रभावित इलाकों में मतगणना को लेकर सुरक्षा के खास इंतजाम किए गए हैं.

छत्तीसगढ़ : भाजपा लगातार 50 से अधिक सीटों पर अपनी बढ़त बरकरार…

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छत्तीसगढ़ : भाजपा बड़ी जीत की ओर बढ़ रही है. पार्टी लगातार 50 से अधिक सीटों पर अपनी बढ़त बरकरार रखे हुए है और कई सीटों पर जीत भी दर्ज कर चुकी है. राजनांदगांव से पूर्व सीएम डॉ. रमन सिंह 37 हजार वोटों से चुनाव जीत गए हैं, तो वहीं कोंटा से कांग्रेस के मंत्री कवासी लखमा ने भी जीत हासिल कर ली है.

सरगुजा के लुंड्रा विधानसभा सीट से बीजेपी के प्रत्याशी प्रबोध मिंज ने भी जीत हासिल कर ली है. रायपुर के अभनपुर सीट से बीजेपी प्रत्याशी इंद्रकुमार साहू ने 14 हजार से ज्यादा वोटों से जीत हासिल कर ली है.

कांग्रेस के कई मंत्री अभी भी अपनी सीट से पीछे चल रहे हैं. बड़ी बात यह है कि प्रदेश के उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव अंबिकापुर से पीछे चल रहे हैं, तो वहीं रायपुर के ओपी चौधरी 36 हजार वोटों से आगे चल रहे हैं. फिलहाल बीजेपी ने 52 तो वहीं कांग्रेस ने 34 सीटों पर बढ़त बना रखी है. तो वहीं एक सीट पर अन्य आगे है. इधर बिलासपुर से अमर अग्रवाल, रायपुर दक्षिण से बृजमोहन अग्रवाल, राजेश मूणत आगे चल रहे हैं. गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू दुर्ग ग्रामीण से पीछे चल रहे हैं, तो वहीं कोंटा से कवासी लखमा भी पीछे चल रहे हैं. बात दुर्ग की करें तो अरुण वोरा यहां से पीछे चल रहे हैं.

रायगढ़ की बात करें तो यहां कुल 21 राउंड की मतगणना होगी. कलेक्ट्रेड से कड़ी सुरक्षा के बीच पोस्टल बैलेट लेकर स्ट्रॉन्ग रूम पहुंचे हैं. रायगढ़ के चारों विधानसभा रायगढ़, खरसिया, धर्मजयगढ़, लैलूंगा में मतगणना होगी. तो वहीं कांकेर की भानुप्रतापुर और अंतागढ़ सीट के 36 उम्मीदवारों के तकदीर का फैसला आज होगा. पॉलिटेक्निक कॉलेज में मतगणना हो रही है. खात बात यह है कि जिले में पहली बार महिलाओं को मतगणना का कमान सौंपा गया है. अल्फा बेट के आधार पर महिला कर्मचारियों को ड्रेस कोड भी दिया गया है. तीनों विधानसभाओं की मतगणना 14 राउंड में होगी.

नतीजों से पहले राजनीतिक दलों के प्रत्याशियों की धड़कने बढ़ गई हैं. एक ओर जहां कांग्रेस ने सत्ता में वापसी का दावा किया है तो वहीं दूसरी और बीजेपी ने भी बड़ी जीत की बात कही है. हालांकि एग्जिट पोल में बीजेपी और कांग्रेस के बीच कड़ी टक्कर बताया गया है. बता दें कि प्रदेश की 90 सीटों में 2 चरणों में विधानसभा चुनाव हुए थे. पहले चरण की वोटिंग 20 सीटों पर तो वहीं दूसरी चरण की वोटिंग 70 सीटों पर हुई थी. इस बार का वोट प्रतिशत 76.31 फीसदी रहा. एग्जिट पोल की मानें तो सूबे में कांग्रेस और बीजेपी के बीच कड़ा मुकाबला है. अब सभी की निगाहें नतीजों पर टिकी हुई है. मतगणना के लिए निर्वाचन आयोग ने अपनी तैयारी पूरी कर ली है. काउंटिंग के लिए प्रदेश की 90 विधानसभा सीटों के लिए 33 जिलों में मतगणना केंद्र बनाए गए है. इतना ही नहीं मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने सभी जिला कलेक्टर और एसपी को आयोग की तरफ से जारी किए निर्देशों को सख्ती से पालन करने को कहा है. वोटों की गिनती सुबह 8 बजे से शुरू की जाएगी.

मतगणना के लिए सभी विधानसभा क्षेत्र के लिए 14 टेबल लगाए गए हैं. प्रदेश की 90 विधानसभा सीटों में से कवर्धा में सबसे अधिक 30 चक्रों में मतगणना होगी. इसके बाद कसडोल में 29 राउंड होंगे. वहीं सबसे कम मनेंद्रगढ़ और भिलाई नगर में 12 चक्रों में मतगणना होगी.

90 सीटों वाले छत्तीसगढ़ में दो चरणों में विधानसभा चुनाव हुए. अधिकतर एग्जिट पोल में कांग्रेस की सत्ता में वापसी बताई जा रही है, तो कुछ पोल्स कांग्रेस और बीजेपी में कड़ी टक्कर बता रही है. हालांकि छत्तीसगढ़ के कुछ सीट ऐसे भी हैं जहां दिलचस्प मुकाबला देखने को मिल सकता है. छत्तीसगढ़ के पाटन, राजनांदगांव, अंबिकापुर, रायपुर शहर दक्षिण, सक्ती, कोंटा, कोंडागांव, खरसिया, लोरमी और भरतपुर-सोनहत सीट पर कड़ी टक्कर होगी.

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी रीना बाबासाहेब कंगाले ने बताया कि वोटों की गिनती सुबह 8 बजे से शुरू होगी. इसमेंं सबसे पहले सेवा मतदाताओं के मतों की गणना होगी. सबसे पहले ईटीपीबीएस (इलेक्ट्रानिकली ट्रांसमिटेड पोस्टल बैलैट सिस्टम) से मिले मतों के क्यूआर कोड की स्कैनिंग की जाएगी. उसके बाद डाक मतपत्रों की गिनती शुरू होगी. साढ़े 8 बजे के बाद सभी टेबलों पर एक साथ मतगणना शुरू होगी.

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी रीना बाबासाहेब कंगाले ने बताया कि कड़ी सुरक्षा के बीच मतगणना केन्द्रों में होने वाली मतों की गिनती के दौरान बिना प्राधिकार पत्र के किसी भी व्यक्ति को मतगणना कक्ष में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी. मतगणना के दौरान अभ्यर्थी किसी भी टेबल पर जाकर मतगणना को देख सकेंगे जबकि अभ्यर्थी के अभिकर्ता सिर्फ निर्धारित टेबल पर ही मतगणना का निरीक्षण करेंगे. मतगणना की पूरी कार्रवाई मतगणना प्रेक्षक और सामान्य प्रेक्षक की उपस्थिति और निगरानी में होगी. इस दौरान हर एक राउंड की खत्म होने पर अभ्यर्थी या उनके अभिकर्ता की उपस्थिति और प्रेक्षक की निगरानी में रैंडम आधार पर किसी दो कंट्रोल यूनिट की जांच की जाएगी.

Mythology: इस कल्युगी दुनिया में आज भी जिंदा है यें 5 पौराणिक पात्र, जानें कौन हैं?

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हिंदू पौराणिक कथाएं उतार-चढ़ाव और रहस्यों से भरी हैं. इसने हमें सर्वशक्तिमान देवी-देवताओं के साथ-साथ इतने क्रूर राक्षस भी दिए हैं कि उनके नाम से ही मनुष्य कांपने लगते थे. हमारी पौराणिक कथाएं भी ऐसे चरित्रों से भरी पड़ी हैं जो इतने पवित्र और धर्मात्मा थे कि उन्हें हमेशा जीवित रहने का वरदान दिया गया था और कुछ भूरे चरित्र भी थे जिन्हें मोक्ष नहीं दिया गया और उन्हें शाप के रूप में अमरता दे दी गई.

हनुमान

हनुमान जी भगवान राम के प्रति अपनी निष्ठा और उनके प्रति अटूट समर्पण के लिए जाने जाते हैं. वह पहले व्यक्ति थे जिन्होंने अशोक वाटिका में माता सीता को खोजा और उन्हें भगवान राम की अंगूठी दी. माना जाता है कि अंगूठी पाकर माता सीता ने उन्हें अमरता का आशीर्वाद दिया था. अधिक मान्यताओं के अनुसार, जब भगवान राम ने रावण को हराया था, तब हनुमान जी ने राम और सीता को अपने सीने में प्रकट करके अपनी भक्ति प्रदर्शित की थी. इस भाव से प्रभावित होकर, भगवान राम ने उन्हें अमरता प्रदान की. जब देवता स्वर्ग वापस जा रहे थे, तो उन्होंने हनुमान जी से पृथ्वी पर रहने के लिए कहा, क्योंकि वह अमर थे, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि यहां सब कुछ ठीक से काम कर रहा है और सभी जीवन सुरक्षित हैं.

भगवान परशुराम

भगवान परशुराम भगवान विष्णु के छठे अवतार हैं, जिनका जन्म एक ब्राह्मण परिवार में हुआ था, लेकिन उनमें एक योद्धा के गुण विकसित हुए. वह कुल्हाड़ी चलाते थे और एक कुशल योद्धा थे. ऐसा कहा जाता है कि भगवान परशुराम का उदय दुनिया को क्षत्रियों से छुटकारा दिलाने के लिए हुआ था, जो सुरक्षात्मक होने के बजाय दमनकारी बन गए थे. भगवान परशुराम ने कई दुष्ट राजाओं को हराया. उन्हें भगवान विष्णु के अगले अवतार को हथियार चलाने और बुराई के खिलाफ जीत के बारे में सिखाने के लिए अमरता प्रदान की गई.

विभीषण

विभीषण राक्षस राजा रावण का छोटा भाई था. जब भगवान ब्रह्मा ने उनसे उनकी इच्छाओं के बारे में पूछा, तो विभीषण ने सच्चाई और ईमानदारी के प्रति अटूट समर्पण मांगना चुना. माना जाता है कि लंका युद्ध के दौरान और उससे पहले, जब रावण ने माता सीता का अपहरण कर लिया था, तब विभीषण ने अपने भाई की गलती को पहचाना और भगवान राम का पक्ष लिया, क्योंकि वह हमेशा सच्चाई के साथ खड़े थे. आखिरकार, वह लंका युद्ध के दौरान भगवान राम की सेना में शामिल हो गए और एक असुर होने के बावजूद, उनकी वफादारी और न्याय के लिए लड़ाई ने उन्हें अमरता दिला दी.

वेद व्यास

कई मान्यताओं के अनुसार महाकाव्य ग्रंथों के रचयिता वेद व्यास अमरों में से एक हैं. ऋषि पराशर और सत्यवती के पुत्र के रूप में जन्मे, कुछ ग्रंथों के अनुसार वह ऋषि वशिष्ठ के परपोते हैं. वेद व्यास का जन्म त्रेता युग के अंत तक, द्वापर युग से लेकर कलियुग की शुरुआत तक हुआ. उन्हें हिंदू परंपराओं और परिवारों में एक महान संत के रूप में पूजा जाता है, जिन्होंने सभी को महाकाव्यों का ज्ञान प्रदान किया. ऐसा कहा जाता है कि वेद व्यास अमर हैं क्योंकि वे कलियुग में लोगों की मदद के लिए सही आचरण और व्यवहार का ज्ञान फैलाना चाहते थे.

अश्वत्थामा

द्रोणाचार्य के पुत्र अश्वत्थामा महाभारत के एक महत्वपूर्ण पात्र थे. दुर्योधन के प्रति अपनी वफादारी के कारण उन्होंने पांडवों के खिलाफ लड़ाई लड़ी और उन्हें युद्ध और हथियार दोनों में असाधारण कौशल और प्रशिक्षण दिया गया. उनके माथे पर एक मणि भी थी जो उन्हें बीमारी और मृत्यु से बचाती थी, लेकिन उनकी एक गलती के कारण उन्हें भगवान कृष्ण का क्रोध झेलना पड़ा. मान्यताओं के अनुसार, अश्वत्थामा ने अपने पिता की मृत्यु व दुर्योधन की हार का बदला लेने के लिए, उसने पांच पांडव के बच्चों को मार डाला, इतना ही नहीं उसने उत्तरा के गर्भ के पल रहे अजन्मे बच्चे पर ब्रह्मास्त्र से वार किया. जिससे भगवान कृष्ण क्रोधित हो गए और उन्होंने अश्वत्थामा के सिर से मणि हटा दी और उसे अमरता का श्राप दिया, ताकि वह पीड़ा के रूप में अपनी सजा भुगते

2024 चुनाव से पहले सस्ता होगा पेट्रोल-डीजल? भारत ने उठाया ये बड़ा कदम

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देश में 5 राज्यों के विधानसभा चुनाव निपटने के बाद अब सबकी निगाहें 2024 के आम चुनाव पर लगी हैं. इस बीच बड़ी खबर ये है कि देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतें नीचे आ सकती हैं. इसकी वजह भारत का करीब 3 साल बाद एक बड़ा कदम उठाना है, जिससे देश को कच्चा तेल सस्ता मिलेगा.

वैसे इस मामले में रिलायंस इंडस्ट्रीज डायरेक्ट डील की उम्मीद में है.

दरअसल भारत की पेट्रोलियम रिफाइनरियों ने वेनेजुएला से कच्चे तेल की खरीद दोबारा शुरू कर दी है. वहीं चीन को भी इसका फायदा होने वाला है. वहां की अधिकतर कंपनियों ने मध्यस्थों की मदद से कच्चे तेल की खरीद शुरू की है. अमेरिका द्वारा वेनेजुएला पर लगाए प्रतिबंधों में ढील देने की वजह से ये मुमकिन हो पाया है.

रिलायंस इंडस्ट्रीज को डायरेक्ट डील की उम्मीद

रॉयटर्स की खबर के मुताबिक दुनिया की सबसे बड़ी पेट्रोलियम रिफाइनरी की मालिक रिलायंस इंडस्ट्रीज को इस संबंध में वेनेजुएला के साथ डायरेक्ट डील होने की उम्मीद है. इस संबंध में कंपनी के अधिकारी अगले हफ्ते वेनेजुएला की सरकारी कंपनी के अधिकारियों के साथ मुलाकात करने वाले हैं. अभी कंपनी ने वेनेजुएला से कच्चे तेल के 3 टैंकर बुक किए हैं. ये दिसंबर 2023 और जनवरी 2024 में वहां से भारत के लिए रवाना होंगे.

अमेरिका के 2019 में वेनेजुएला पर प्रतिबंध लगाने से पहले भी रिलायंस इंडस्ट्रीज और नयारा एनर्जी लिमिटेड नियमित तौर पर वेनेजुएला से कच्चे तेल का आयात करते थे. कमोडिटी मार्केट एनालिटिक्स फर्म Kapler के मुताबिक वेनेजुएला से कच्चा तेल आखिरी बार नवंबर 2020 में भारत पहुंचा था.

अगले 6 महीने तक आएगा सस्ता तेल

भारत को कच्चा तेल निर्यात करने वाला वेनेजुएला पांचवा सबसे बड़ा देश हुआ करता था. उसके पास दुनिया का सबसे बड़ा कच्चा तेल भंडार है. इसलिए वहां से तेल आयात करना भारत को सस्ता पड़ता है. अमेरिका ने वेनेजुएला को जो राहत दी है, उसकी बदौलत वह अगले 6 महीने तक बेधड़क और बिना लिमिट कच्चा तेल निर्यात कर सकेगा.

वेनेजुएला कच्चा तेल निर्यात करने वाले देशों के संगठन OPEC का सदस्य है. अब प्रतिबंध हटने की वजह से मार्केट में तेल की आपूर्ति बढ़ जाएगी, जिससे कीमतें नीचे आएंगी. इससे भारत की अन्य रिफाइनरी कंपनियों को भी सस्ता तेल मिलेगा और इसका असर घरेलू बाजार में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में गिरावट के तौर पर दिख सकता है. प्रतिबंध लगने से पहले भारत वेनेजुएला से 1.6 करोड़ टन कच्चा तेल आयात करता था. भारत अपनी जरूरत का 85% कच्चा तेल आयात करता है.

छत्तीसगढ़ : पीड़िता के साथ बलात्कार करने वाले आरोपी को गिरफ्तार कर भेजा गया जेल…

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पीड़िता के साथ बलात्कार करने वाले आरोपी को गिरफ्तार कर भेजा गया जेल।

पुलिस चौकी तुमड़ीबोड के अपराध क्रमांक- 485/2023 धारा 350, 376,506  भादवि के प्रकरण की पीड़िता ने चौकी तुमड़ीबोड आकर लिखित आवेदन पेश कर रिपोर्ट दर्ज़ कराई कि दिनांक 14/10/2023 को आरोपी लोकू राम वर्मा पिता हिरामन वर्मा निवासी संगीनकच्छार द्वारा लगभग 11:00 बजे पीड़िता के घर मे घुस कर उसके साथ जबरजस्ती बल पूर्वक बलात्कार किया है एवं उसके बाद लगातार और संबंध बनाने के लिए दबाव डालता रहा लेकिन पीड़िता द्वारा मना करने पर दिनांक 27/11/23 को 04:00 बजे शाम को आरोपी द्वारा पीड़िता के घर पर घुसकर टंगिया और राड लेकर जान से मारने की धमकी दिया कि रिपोर्ट पर दिनांक 30/11/23 को अपराध कायम कर विवेचना मे लिया गया।

श्रीमान पुलिस अधीक्षक महोदय राजनांदगांव श्री मोहित गर्ग सर के मार्गदर्शन , अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महोदय राजनांदगांव श्री राहुल देव शर्मा सर एवं नगर पुलिस अधीक्षक राजनांदगांव श्री अमित पटेल सर के निर्देशन में  पुलिस चौकी तुमडीबोड  द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुए आरोपी की गिरफ्तारी हेतु दिनांक 01/12/2023 को टीम रवाना कर आरोपी को उसके सकूनत में जाकर पता तलाश किया जो सकुनत से बाहर होने से मुखबीर की सूचना से ग्राम दीवानभेडी से अभिरक्षा मे लेकर चौकी तुमड़ीबोड लाकर पुछताछ करने पर आरोपी द्वारा जुर्म कारित करना स्वीकार करने पर विधिवत् गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया। न्यायालय के आदेश पर आरोपी को जेल दाखिल किया गया।

उक्त कार्यवाही में पुलिस चौकी तुमडीबोड चौकी प्रभारी कैलाश चंद्र मरई, प्रधान आरक्षक 602  देवसत रामटेक,आरक्षक 1388 महेन्द्र साहू, आरक्षक 521 राकेश वर्मा का विशेष योगदान रहा।