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‘भारत जोड़ो यात्रा’ की एनिवर्सरी मनाएगी कांग्रेस, 7 सितंबर को देशभर में निकाली जाएगी यात्रा!

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कांग्रेस द्वारा पिछले वर्ष सात सितंबर को कन्याकुमारी से कश्मीर तक निकाली गई ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के एक वर्ष पूरा होने के मौके पर पार्टी की जिला स्तर पर यात्राएं निकालने की योजना है।

पार्टी नेता राहुल गांधी ने पार्टी के कई नेताओं के साथ 3500 किलोमीटर से अधिक की यात्रा की थी और इस दौराऩ उन्होंने समाज के विभिन्न वर्ग के लोगों से बातचीत की थी। यात्रा के एक वर्ष पूरे होने पर पार्टी इस उपलब्धि को बड़े स्तर पर मनाने की योजना बना रही है। उन्होंने बताया कि यात्रा कितनी लंबी होगी तथा यात्रा के संबंध में अन्य तैयारियों पर काम चल रहा है।  राहुल ने सात सितंबर 2022 को कन्याकुमारी से यात्रा की शुरुआत की थी, जो इस वर्ष 30 जनवरी को श्रीनगर में समाप्त हुई थी। यह यात्रा 145 दिन चली थी।

उन्होंने श्रीनगर में शेर-ए-कश्मीर क्रिकेट स्टेडियम में अपने संबोधन में कहा था,‘‘ मैंने ये (यात्रा) अपने लिए या कांग्रेस के लिए नहीं की, बल्कि देश के लोगों के लिए की है। हमारा मकसद उस विचारधारा के खिलाफ खड़ा होना है, जो देश की बुनियाद को नष्ट करना चाहती है। ”  यात्रा के दौरान राहुल गांधी ने 12 जन सभाओं, 100 से अधिक नुक्कड़ सभाओं और 13 संवाददाता सम्मेलन को संबोधित किया था। उन्होंने 275 से अधिक बार बातचीत पैदल चलते हुए और 100 से अधिक बातचीत बैठकर की थी।

कई विशेषज्ञों ने कहा था कि कांग्रेस के लिए इस यात्रा की बड़ी उपलब्धि गांधी की छवि में बदलाव के तौर पर रही। इस यात्रा से उनकी छवि एक अनिच्छुक और अंशकालिक राजनेता से एक ऐसे व्यक्ति की बनी, जो परिपक्व है और विरोधियों द्वारा गंभीरता से लिया जाता है।  कहा जाता है कि यात्रा का विचार कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश तथा पार्टी नेता दिग्विजय सिंह का था। रमेश ने तब कहा था कि यात्रा का मकसद गांधी की छवि में बदलाव लाना नहीं है, बल्कि यह उसका परिणाम है। रमेश ने कहा था कि कांग्रेस को यात्रा से काफी लाभ हुआ। साथ ही उन्होंने कहा था कि पार्टी यात्रा के संदेशों — आर्थिक असमानता, सामाजिक ध्रुवीकरण और राजनीतिक तानाशाही से गणतंत्र को खतरे– को लोगों तक पहुंचाने में सफल रही।

Bageshwar Bypoll: बागेश्वर उपचुनाव के लिए थम गया प्रचार, कल जनता तय करेगी प्रत्याशियों का भविष्य

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Bageshwar Bypoll 2023: उत्तराखंड के बागेश्वर में पूर्व कैबिनेट मंत्री चंदन रामदास के स्वर्गवास के बाद खाली हुई विधानसभा सीट पर अब उपचुनाव होना है. जिसके लिए चुनाव प्रचार समाप्त हो गया है, अब प्रत्याशी घर-घर जाकर लोगों से वोट करने की अपील कर रहे हैं.

बागेश्वर विधानसभा सीट पर चंदन रामदास की पत्नी पार्वती दास को भारतीय जनता पार्टी ने अपना उम्मीदवार बनाया है. वहीं आम आदमी पार्टी से पूर्व में चुनाव लड़े बसंत कुमार कांग्रेस पार्टी में शामिल होने के बाद कांग्रेस की ओर से प्रत्याशी बनाए गए हैं.

फिलहाल मतदान से पूर्व बागेश्वर जिले की सीमाएं तीन दिन के लिए सील कर दी गई हैं, ताकि चुनाव में कोई गड़बड़ न हो सके. बागेश्वर में 5 सितंबर मंगलवार के दिन वोट डाले जाएंगे और आठ सितंबर को मतगणना होगी. इसके लिए प्रशासन ने सभी इंतजाम कर लिए हैं. सोमवार को सभी 188 मतदान स्थलों के लिए पोलिंग पार्टियां रवाना कर दी गई हैं.

20 साल से चंदन रामदास का रहा दबदबा

बागेश्वर उपचुनाव में 1,18,311 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे. इनमें 60,028 पुरुष और 58,283 महिला वोटर शामिल हैं. जो की बीजेपी और कांग्रेस प्रत्याशियों की किस्मत का फैसला करेंगे. बागेश्वर विधानसभा सीट पर चंदन रामदास परिवार का कब्जा पिछले 20 सालों से रहा है. चंदन रामदास पिछले 4 बार से बागेश्वर से विधायक रहे हैं.

चंदन रामदास की पत्नी को बीजेपी ने बनाया प्रत्याशी

बीजेपी विधायक चंदन रामदास की मृत्यु के बाद बीजेपी ने एक बार फिर से उन्हीं के परिवार पर भरोसा जताते हुए चंदन रामदास की पत्नी पार्वती दास को अपना उम्मीदवार बनाया है. फिलहाल उपचुनाव में 5 प्रत्याशी मैदान में है, जिसमें बीजेपी और कांग्रेस के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिल सकती है. जिसमें दोनों ही पार्टी जीत का दावा कर रही हैं.

Russia Ukraine War : यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंक्सी ने रक्षा मंत्री को किया बर्खास्त, युद्ध में किस गलती की मिली ‘सजा’?

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Russia Ukraine War: यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने देश के रक्षा मंत्री को बर्खास्त कर दिया है. फरवरी 2022 में रूस के यूक्रेन पर हमले के बाद देश में होने वाला ये सबसे बड़ा फेरबदल है.

देश को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने कहा कि वह रक्षा मंत्री ओलेक्सी रेज्निकोव को बर्खास्त कर रहे हैं. इस हफ्ते संसद से उनकी जगह प्राइवेटाइजेशन फंड के प्रमुख रुस्तम उमेरोव को रक्षा मंत्री बनाए जाने के लिए गुजारिश की जाएगी.

ओलेक्सी रेज्निकोव नवंबर 2021 से ही रक्षा मंत्री का पद संभाल रहे हैं. उन्होंने युद्ध के लिए पश्चिमी मुल्कों से अरबों डॉलर का हथियार हासिल करने में भी बड़ी भूमिका निभाई है. जेलेंस्की ने कहा, ‘मैंने यूक्रेन के रक्षा मंत्री को बदलने का फैसला किया है. ओलेक्सी रेज्निकोव 550 दिनों से ज्यादा वक्त से युद्ध के मैदान में डटे हुए थे. मुझे लगता है कि मंत्रालय को नए अप्रोच की जरूरत है.’ हालांकि, ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर युद्ध के बीच रक्षा मंत्री को क्यों हटाया गया है.

क्यों पद से हटाए गए ओलेक्सी रेज्निकोव?

रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, पूर्वी यूरोप के अधिकतर देशों की तरह यूक्रेन में भी बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार फैला हुआ है. युद्ध के समय इस भ्रष्टाचार के बारे में बहुत ज्यादा चर्चा होने लगी थी. भले ही यूक्रेनी रक्षा मंत्री रेज्निकोव ने बड़े पैमाने पर हथियारों को हासिल करने में मदद की. लेकिन उनके ऊपर भ्रष्टाचार के आरोप लग रहे थे. रेज्निकोव के ऊपर घूस लेने और भ्रष्टाचार लेने का आरोप है.

डेली मेल की रिपोर्ट के मुताबिक, रेज्निकोव के तहत रक्षा मंत्रालय ने सर्दियों में सैनिकों के लिए खरीदे जाने वाले यूनिफॉर्म के लिए तुर्की की एक कंपनी से सौदा किया. इस सौदे के तहत कंपनी से यूनिफॉर्म को मार्केट रेट से तीन गुना ज्यादा कीमत पर खरीदे गए. कहा गया कि इस खरीददारी में रेज्निकोव ने बड़ी भूमिका निभाई और इसके लिए उन्हें पैसा भी मिला. हालांकि, उन्होंने इसे खुद को बदनाम करने की साजिश करार दिया है.

राष्ट्रपति जेलेंस्की ने भ्रष्टाचार के आरोपों के बाद ही रेज्निकोव को पद से हटाने का फैसला सुनाया. ये दिखाता है कि यूक्रेन में भ्रष्टाचार को लेकर जेलेंस्की किस तरह की नीति पर चल रहे हैं. हर कोई ये देखकर हैरान था कि जिस व्यक्ति ने युद्ध में इतने बड़े पैमाने पर अपनी भूमिका को साबित किया है, उसे किस तरह से बाहर का रास्ता दिखा दिया है. जेलेंस्की ने साफ कर दिया है कि युद्ध के समय भ्रष्टाचार को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा.

यूक्रेन में भ्रष्टाचार पर वार

राष्ट्रपति जेलेंस्की ने यूक्रेन में भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान छेड़ रखा है. वह देश से भ्रष्टाचार को किसी भी कीमत पर खत्म करना चाहते हैं. वह चाहते हैं कि देश की पहचान एक समृद्ध और भ्रष्टाचार मुक्त मुल्क की हो. यूक्रेन की तरफ से यूरोपियन यूनियन में शामिल होने के लिए भी अप्लाई किया गया है. देश में फैले भ्रष्टाचार की वजह से यूरोपियन यूनियन में शामिल होना मुश्किल हो सकता है. इस वजह से लोग भी अब घूस देने से बच रहे हैं और भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान में राष्ट्रपति के साथ खड़े नजर आ रहे हैं.

One Nation One Election: पहली बार 1983, फिर 1999, 2015, 2017, 2018 में भी उठी मांग, जानें कब क्या-क्या दिए गए सुझाव

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One Nation One Election: केंद्र सरकार ने ‘एक देश एक चुनाव’ के लिए पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन किया है. इस कमेटी में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी, पूर्व केंद्रीय मंत्री गुलाम नबी आजाद, वरिष्ठ अधिवक्ता हरीश साल्वे समेत 8 लोगों को कमेटी में शामिल किया गया है.

हालांकि अधीर रंजन चौधरी ने कमेटी में शामिल होने से इनकार कर दिया है.

सरकार की ओर से जारी अधिसूचना में एक साथ चुनाव कराना राष्ट्रीय हित में करार दिया गया. अधिसूचना में लिखा गया है कि 1951-52 से 1967 तक लोकसभा और राज्यविधान सभाओं के चुनाव अधिकांशतः एक साथ कराए गए थे. इसके बाद ये चक्र टूट गया. अब, लगभग हर साल अलग-अलग जगह चुनाव होते रहते हैं. इस कारण सरकार और चुनाव आयोग का बहुत ज्यादा खर्च होता है. नियम यह होना चाहिए कि लोकसभा और सभी विधानसभाओं के लिए पांच साल में एक बार में एक साथ चुनाव कराया जाए.

1983 में चुनाव आयोग ने फिर एक साथ चुनाव की उठाई मांग
भारत में एक साथ चुनाव कोई नई बात नहीं है. साल 1967 तक लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ कराए गए. लोकसभा और राज्य विधानसभाओं के लिए 1951-52, 1957, 1962 और 1967 के दौरान एक साथ आयोजित किए गए थे. हालांकि 1968 और 1969 में कुछ विधानसभाओं और फिर 1970 में लोकसभा भंग हो जाने के कारण एक साथ चुनाव कराए जाने का चक्र बाधित हो गया.

इसके बाद चुनाव आयोग (ECI) ने 1983 में फिर एक साथ चुनाव कराने का विचार रखा था. आयोग ने अपनी पहली वार्षिक रिपोर्ट में सात प्रमुख कारण बताते हुए हुए लोकसभा और विधानसभाओं के लिए एक साथ चुनाव कराने की सिफारिश की थी. एक साथ चुनाव कराए जाने का सबसे मुख्य कारण खर्चों में काफी कमी को बताया गया था. हालांकि इस रिपोर्ट पर कार्रवाई नहीं की गई न ही इसे आगे की चर्चा के लिए नहीं रखा गया.

1999 में लॉ कमीशन की रिपोर्ट
साल 1999 में भारत के लॉ कमीशन ने अपनी 170वीं रिपोर्ट में चुनावी कानूनों में सुधार की बात कही. न्यायमूर्ति बीपी जीवन रेड्डी की अध्यक्षता वाले लॉ कमीशन ने कहा था, “हर साल किसी न किसी राज्य में चुनाव कराए जाने के सिस्टम को खत्म किया जाना चाहिए. 1967 के बाद लोकसभा और विधानसभाओं में एक साथ चुनाव कराए जाने का सिस्टम कई वजह से बाधित हुआ. हमें उस स्थिति में वापस जाना चाहिए. लोकसभा और सभी विधानसभाओं के लिए पांच साल में एक बार एक चुनाव का होना चाहिए.”

2015 में संसदीय स्थायी समिति की 79वीं रिपोर्ट
दिसंबर 2015 में संसद की स्थायी समिति ने अपनी 79वीं रिपोर्ट में लोकसभा और विधानसभाओं में एक साथ चुनाव कराने की सिफारिश की थी. कांग्रेस सांसद ईएम सुदर्शन नचियप्पन की अध्यक्षता में समिति ने रिपोर्ट में कहा था कि एक साथ चुनाव कराने से हर साल भारी खर्च कम हो जाएगा. साथ ही चुनाव के दौरान आदर्श आचार संहिता (एमसीसी) लागू होने से सामान्य शासन और विकास कार्यों पर गंभीर असर पड़ता है.

संसदीय स्थायी समिति की सिफारिश थी कि चुनाव दो चरणों में कराए जाए. इसमें कहा गया है कि जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 चुनाव आयोग को लोकसभा और राज्य विधानसभाओं का कार्यकाल खत्म होने से छह महीने पहले आम चुनाव को अधिसूचित करने की अनुमति देता है. उस समय समिति ने सुझाव दिया था कि विधानसभा चुनाव का प्रस्तावित पहला चरण नवंबर 2016 में आयोजित किया जा सकता है. जिन राज्य विधानसभाओं का कार्यकाल निर्धारित चुनाव तारीख से पहले या बाद में छह महीने से एक साल के भीतर खत्म हो रहा है, वहां एक साथ चुनाव कराया जा सकता है.

2017 में नीति आयोग का वर्किंग पेपर
नीति आयोग ने जनवरी 2017 में ‘एक साथ चुनाव का विश्लेषण: क्या, क्यों और कैसे’ नाम से एक वर्किंग पेपर तैयार किया. रिपोर्ट में एक साथ चुनाव कराए जाने का विश्लेषण किया गया और एक रूपरेखा तैयार की गई. नीति आयोग के मेंबर बिबेक देबरॉय और किशोर देसाई ने रिपोर्ट में बताया, 2009 चुनाव में सरकारी खजाने से लगभग 1115 करोड़ और 2014 चुनाव में लगभग 3870 करोड़ का खर्च हुआ. पार्टियों और उम्मीदवारों का खर्चा भी जोड़ा जाए तो कुल खर्च कई गुना ज्यादा हो जाएगा.

वर्किंग पेपर की रिपोर्ट में कहा गया कि बार-बार चुनाव का एक बड़ा अमूर्त प्रभाव यह है कि सरकारें और राजनीतिक दल लगातार ‘प्रचार’ मोड में रहते हैं. पार्टियों का चुनाव मोड से बाहर निकलना बहुत जरूरी है. पांच साल बाद चुनाव होने से मानसिकता में बड़ा परिवर्तन आ सकता है. इससे संभावित रूप से सरकारें अगले चुनाव की चिंता किए बिना विकास पर ध्यान केंद्रित कर सकती हैं.

2018 लॉ कमीशन ड्राफ्ट रिपोर्ट
अप्रैल 2018 में कानूनी मामलों का विभाग (The Department of Legal Affairs) ने लॉ कमीशन से एक साथ चुनाव कराए जाने के मुद्द पर जांच कर रिपोर्ट पेश करने के लिए कहा. सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश बीएस चौहान की अध्यक्षता में कमीशन ने इस विषय पर एक ड्रॉफ्ट रिपोर्ट पेश की. कमीशन ने एक साथ चुनाव कराने के पक्ष में अपनी रिपोर्ट दी. साथ ही इस संबंध में पहले राजनीतिक दलों से विचार विमर्श करने के लिए भी कहा.

रिपोर्ट में ये भी सुझाव दिया कि संविधान के मौजूदा फ्रेमवर्क के साथ एक साथ चुनाव नहीं कराया जा सकता है. इसके लिए संविधान में संशोधन की आवश्यकता है. साथ ही कम से कम 50 फीसदी राज्यों को संवैधानिक संशोधनों की पुष्टि करनी होगी. लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 और लोकसभा राज्य विधानसभाओं की प्रक्रिया के नियमों में भी संशोधन करने की बात कही.

लॉ कमीशन ने एक साथ चुनाव कराए जाने के तीन ऑप्शन दिए. पहला ऑप्शन- कुछ राज्यों में चुनाव का समय आगे बढ़ाकर या स्थगित करके 2019 में लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ करा दिए जाए. दूसरा ऑप्शन- पांच साल में दो बार चुनाव कराए जा सकते हैं. पहले 2019 में लोकसभा चुनाव के साथ 13 राज्यों में चुनाव करा दिए जाए. फिर 2021 में बाकी बचे 13 राज्यों में एक साथ विधानसभा चुनाव आयोजित किए जा सकते हैं. तीसरा ऑप्शन- हर साल होने वाले सभी विधानसभा चुनावों को एक साथ कराया जा सकता है.

किसान एक ही खेत में लगाएं कई सब्जियां, हर महीने होगी शानदार कमाई!

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Vegetable Farming Tips: जैसे-जैसे तकनीक विकसित हुई है वैसे-वैसे खेती में भी नए-नए उपकरण और तकनीकों का इस्तेमाल बढ़ा है. यदि आप भी खेती करते हैं तो यहां दी जा रही जानकारी आपके लिए लाभकारी हो सकती है.

हमारे देश में एक बड़ी आबादी कृषि पर निर्भर है. इसलिए भारत को कृषि प्रधान देश भी कहा जाता है. वक्त के साथ हुए बदलावों ने खेती को भी एडवांस बना दिया है. अगर किसान भाई चाहें तो वह एक ही फसल में बढ़िया मुनाफा कमा सकते हैं. बहुत सारी ऐसी सब्जियां हैं जो कम समय में शानदार मुनाफा देकर जाती हैं. जिनमें मुख्य रूप से धनिया, टमाटर, पालक आदि शामिल हैं.

आम दिनों की बात करें तो टमाटर का रेट बाजार में 250 से 350 रुपये प्रति कैरेट होता है. टमाटर बेचकर ही किसान साल भर में लाखों रुपये कमा सकते हैं. साथ ही आप धनिया, पालक, मिर्च की फसल करेंगे और बेचेंगे तो ये भी काफी शानदार मुनाफा आपको देकर जाएंगी.

धनिया-पालक भी देता है लाभ

किसान भाई इस सभी सब्जियों की बुवाई एक ही खेत में कर सकते हैं. इन सब्जियों को ज्यादा जगह की जरूरत नहीं होती है. इन सब्जियों से अच्छी कमाई करने के लिए किसान भाई खेत की मेड़ों पर धनिया, पालक लगा सकते हैं. जबकि मेड़ की दूसरी ओर किसान टमाटर व मिर्च की खेती भी कर सकते हैं.

उगा सकते हैं ये सब्जियां

अच्छी कमाई करने के लिए किसान भाई मेड़ों के अलावा भी खेतों के बीच में भी कई फसल लगा सकते हैं. किसान यहां करेला, भिंडी,आलू और फूलगोभी उगा सकते हैं. ये सभी सब्जियां बाजार में अच्छे दामों में बिकती रहती हैं. यदि किसान यहां बताई गई सभी बातों को फॉलो करते हैं तो वह शानदार कमाई कर सकते हैं.

MP Election 2023: एमपी में कांग्रेस पर जमकर बरसे जेपी नड्डा, कमलनाथ को बताया ‘करप्टनाथ’

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MP Assembly Election 2023: बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने रविवार को चित्रकूट में बीजेपी की जन आशीर्वाद यात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. इस दौरान उन्होंने सीएम शिवराज सिंह चौहान की जमकर तारीफ की.

उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश सालों पहले बीमारू राज्य की श्रेणी में आता था. इसके बाद प्रदेश में बीजेपी की सरकार बनी. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज 2023 में इसे उत्तम राज्य बना दिया

जेपी नड्डा ने आगे कहा कि हमारे कार्यों को जन-जन तक पहुंचाना जन आशीर्वाद यात्रा का लक्ष्य है. विश्वास है कि मध्य प्रदेश की जनता का आशीर्वाद हमें मिलेगा. हम फिर कमल खिलाएंगे. बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि कुछ दिन पहले गृहमंत्री अमित शाह ने एक रिपोर्ट कार्ड आपके सामने रखा. हम जनता को बताएंगे कि कैसे 20 साल पहले का मध्य प्रदेश था.

‘हमने छिंदवाड़ा में भी खुलवाया मेडिकल कॉलेज’
बीजेपी अध्यक्ष नड्डा ने ये भी कहा कि हमने तो छिंदवाड़ा में भी मेडिकल कॉलेज खुलवाया है. कमल नाथ की करप्ट नाथ की सरकार को याद कीजिए, वह भ्रष्टाचार से युक्त सरकार थी. कमल नाथ ने पीएम आवास योजना को डिरेल करने में कोई कसर नहीं छोड़ी. योजना की लिस्ट दिल्ली पहुंचने नहीं दी. इसके बाद भी तीन साल में शिवराज सिंह ने मेहनत कर आवास योजना को नंबर 1 पर पहुंचाया. बीमारू राज्य में शामिल मध्य प्रदेश आज विकसित प्रदेश के रूप में खड़ा हो गया है.

मध्य प्रदेश के विकास के बारे में बात करते हुए नड्डा ने कहा कि मध्य प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय 2002 में 11 हजार 171 रुपए थी. यह आज साल की 1 लाख 40 हजार रुपए हो गई है. 2002 में 60 हजार किलोमीटर की सड़कें बनी थी. आज 5 लाख किलोमीटर से ज्यादा सड़कें हैं. 2002 में मेडिकल कॉलेज में सिर्फ 620 सीट थीं, आज 4 हजार से ज्यादा प्रति वर्ष हो रही है. 310 कॉलेज थे, आज 536 हैं. इंडस्ट्रियल एरिया 23 से बढ़कर 112 हुए हैं. 0.6% उद्योगीकरण बढ़कर 24% तक पहुंचा है.

‘मिलेगा जनता का आशीर्वाद’
जगत प्रकाश नड्डा ने कहा कि 2003 में 2008 में और 2013 में विंध्य की जनता ने मध्य प्रदेश बीजेपी को आशीर्वाद दिया था. 2018 में भी विंध्य ने सबसे ज्यादा आशीर्वाद दिया था, इस बार की विधानसभा चुनाव में भी आपका आशीर्वाद मिलेगा. मजगवां में 227करोड़ की लागत से दौरी सागर बांध बन रहा है. अब यहां की सूखी जमीन भी संचित हो जाएगी. अब नागौद की तरफ से नर्मदा जल भी आपके क्षेत्र में आएगा. नर्मदा जी का और मंदाकिनी नदी का संगम होगा इससे इस क्षेत्र की सारी भूमि सिंचित हो जाएगी.

‘कांग्रेस ने बंद की हमारी योजनाएं’
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सभा को संबोधित करते हुए कहा, “कांग्रेस के मायावी वादों में मत आना. पहले 900 वादे किए थे, लेकिन एक भी पूरे नहीं किए, वह सिर्फ कहते हैं हम करके दे देते हैं. कमल के फूल की बटन दबाइये, एक बार फिर बीजेपी को जिताइए, ताकि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में हम आपकी फिर बेहतर सेवा कर सकें.” मुख्यमंत्री ने आगे कहा, “बेईमान कांग्रेस ने बीजेपी सरकार की कई योजनाओं को बंद कर दिया था. बेटियों की शादी की योजना तीर्थ दर्शन योजना, बच्चों को लैपटॉप देने की योजना, छात्रवृत्ति योजना सब बंद कर दी थी. कांग्रेस के लोग कर्ज माफी का झूठा वादा करते रहे, इस कांग्रेस ने मध्य प्रदेश के किसानों को डिफाल्टर कर दिया, अब उन किसानों का ब्याज हमारी बीजेपी सरकार भर रही है.”

सीएम शिवराज ने कहा, “मध्य प्रदेश के किसानों का उद्धार बीजेपी सरकार कर रही है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी साल में छह हजार और मध्य प्रदेश की हमारी सरकार छह हजार दे रही है. इस तरह साल भर में बारह हजार किसानों के खाते में आ रहे हैं. कांग्रेस ने 50 साल राज किया, बताइए कांग्रेस ने क्या दिया था? अब बीजेपी गरीब कल्याण का महाअभियान चला रही है. हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गरीबों को मकान दे रहे हैं, उन्हें फ्री अनाज दे रहे हैं.”

‘सबको पक्का मकान देगी सरकार’
सीएम शिवराज ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत सतना जिले में एक लाख से अधिक मकान बनाए गए हैं, जिनके नाम अभी छूट गए हैं, उन्हें भी पट्टा दिया जाएगा और पक्का मकान बनाकर दिया जाएगा.

‘किसान चिंता न करें’
मुख्यमंत्री ने कहा कि अभी पानी नहीं गिर रहा है, किसानों के सिर पर संकट के बादल छाए हुए हैं, लेकिन हमारी सरकार किसानों को हर संकट से उबार लेगी किसान भाइयों चिंता मत करना.

पहली जन आशीर्वाद यात्रा रवाना
आपको बता दें कि मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी द्वारा निकाली जा रही जन आशीर्वाद यात्रा रविवार को आगाज हो गया. बीजेपी की राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रताप नड्डा ने सतना जिले की चित्रकूट विधानसभा क्षेत्र के मझगवां के पास मिचकुरिन गांव से पहले जन आशीर्वाद रथ को हरी झंडी दिखाई. यात्रा को हरी झंडी दिखाने से पहले जेपी नड्डा मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान सहित कई नेताओं ने सभा को संबोधित किया.

CG Weather ; छत्‍तीसगढ़ में फिर बदला मौसम, दो दिनों तक भारी बारिश की चेतावनी, जानें ताजा अपडेट!

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रायपुर। मानसून बीते कुछ दिनों से लगातार बढ़ रही उमस से रविवार को राहत मिली। रायपुर सहित छत्तीसगढ़ के कई क्षेत्रों में मौसम का मिजाज बदला और तेज बारिश हुई।

तेज बारिश के चलते शहरो के मुख्य मार्गों के साथ ही गली मुहल्लों में भी जलभराव हुआ। बारिश के चलते मौसम भी खुशनुमा हो गया।

मौसम विभाग का कहना है कि मानसूनी तंत्र के प्रभाव से अब प्रदेश में बारिश का दायरा बढ़ेगा। साथ ही प्रदेश के कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश के आसार है। बारिश न होने से बीते कुछ दिनों से लगातार अधिकतम व न्यूनतम तापमान में वृद्धि हो रही है। इसके चलते उमस भी बढ़ रही है। उमस से लोग हलाकान रहे, हालांकि दोपहर मौसम का मिजाज बदला और बारिश हुई।

प्रदेश में अब तक 736.2 मिमी बारिश

एक जून से लेकर 29 अगस्त तक प्रदेश में 736.2 मिमी बारिश हुई है, जबकि सामान्य रूप से अब तक 913.5 मिमी बारिश होनी चाहिए थी। इस प्रकार प्रदेश में सामान्य की तुलना में 19 फीसद बारिश कम हुई है। प्रदेश के एक जिले में ज्यादा बारिश, 11 जिले में सामान्य बारिश और 14 जिले में कम बारिश हुई है। साथ ही एक जिले में अति कम बारिश हुई है। संभावना जताई जा रही है कि इस वर्ष बारिश की स्थिति कम ही रहेगी।

यह बन रहा सिस्टम

मौसम विज्ञानी एचपी चंद्रा ने बताया कि मानसून द्रोणिका मध्य समुद्र तल पर हिमालय की तराई में स्थित है। एक द्वितीयक द्रोणिका मध्य समुद्र तल पर उत्तर पूर्व बिहार से उत्तर पूर्व बंगाल की खाड़ी तक है। इसके प्रभाव से गुरुवार को प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश के आसार है।

इसके साथ ही अब बारिश का दायरा भी बढ़ेगा। रायपुर की सड़कें हुईं लबालब शाम करीब 4.15 बजे से शुरू होकर लगभग डेढ़ घंटे तक चली तेज बारिश से शहर के मुख्य मार्ग भी जलमग्न हो गए। नालियां जाम होने के कारण सड़कों पर नाली का पानी आ गया। प्रोफेसर कालोनी, लालगंगा शापिंग माल के सामने, पचपेड़ीनाका क्षेत्र आदि में जलभराव रहा।

छत्तीसगढ़ के VIP जिले में बिना लाइसेंस चल रहे थे 4 अस्पताल, फिर DM ने लिया बड़ा एक्शन

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छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के डीएम पुष्पेंद्र मीणा ने चार ऐसे अस्पतालों को ऊपर कार्यवाही की है जो कई सालों से बिना लाइसेंस के संचालित हो रहा था. डीएम ने कार्रवाई करते हुए अस्पतालों को सील कर दिया है.

साथ ही सभी अस्पतालों पर 20-20 हजार रुपए का अर्थ दंड लगाया है. इसके साथ ही डीएम ने निर्देश दिए हैं कि जब तक अस्पताल का लाइसेंस नहीं बन जाता तब तक अस्पताल ना खोला जाए.

दुर्ग डीएम पुष्पेंद्र कुमार मीणा ने चार अस्पतालों पर बड़ी कार्रवाई करते हुए इन अस्पतालों को सील कर दिया है जिसमें गंगोत्री हॉस्पिटल एंड डायग्नोस्टिक सेंटर धमधा, सीतादेवी क्लीनिक श्याम प्लाजा ग्राउंड फ्लोर अहिवारा रोड कुम्हारी, नंदिनी नर्सिंग होम वार्ड नं. 7 अहिवारा एवं लैब केयर डायग्नोस्टिक, वार्ड नं. 6 अहिवारा अस्पताल शामिल है. इन चारो संस्था के संचालकों को नर्सिंग होम एक्ट लायसेंस के बिना संस्था का संचालन करते पाये जाने पर नर्सिंग होम एक्ट की धारा 12 (क) (1) के तहत 20-20 हजार रूपये के जुर्माने से दण्डित किया है. साथ ही उन्होंने लाइसेंस प्राप्त होने तक उक्त चारों संस्थाओं का संचालन बंद रखना निर्देशित किया है.

अस्पताल पर लगाया गया जुर्माना
आपको बता दे कि नर्सिंग होम एक्ट लायसेंस के बिना चिकित्सकीय संस्था का संचालन नर्सिंग होम एक्ट 2010 व 2013 का उल्लंघन है. दण्डित जुर्माना राशि नोटिस जारी होने के 5 दिन के भीतर ’’सुपरवाईजरी अथॉरिटी सी.जी. नर्सिंग होम एक्ट डिस्ट्रिक्ट दुर्ग’’ नाम पर बैंक ड्रॉफ्ट बनवाकर कार्यालय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी दुर्ग में जमा करने निर्देशित किया गया है. डीएम पुष्पेंद्र कुमार मीणा ने सूचना के अधिकार के तहत मरीज के उपचार संबंधी असंतोषप्रद जानकारी उपलब्ध कराने पर हॉस्पिटल के संचालक को 20 हजार रूपए के जुर्माने से दण्डित किया है. दण्डित जुर्माना राशि नोटिस जारी हाने के 5 दिन के भीतर ’’सुपरवाईजरी अथॉरिटी सी.जी. नर्सिंग होम एक्ट डिस्ट्रिक्ट दुर्ग’’ नाम पर बैंक ड्रॉफ्ट बनवाकर कार्यालय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी दुर्ग में जमा करने निर्देशित किया गया है.

अस्पतालों को मरीजों का यह रिकॉर्ड रखना है जरूरी
मिली जानकारी के अनुसार व्ही. वाय. हॉस्पिटल पद्मनाभपुर दुर्ग के संचालक को बार-बार प़त्र भेजा गया उसके बावजूद भी मरीज के चिकित्सकीय उपचार संबंधी अभिलेख उपलब्ध नहीं कराए गए, जबकि छत्तीसगढ़ राज्य उपर्चायगृह एवं रोगोपचार संबंधी स्थापनाएं अनुज्ञापन अधिनियम 2010 व 2013 के अनुसूची 7, नियम 14 (2)(3) अंतर्गत प्रत्येक नर्सिंग होम, क्लीनिक एवं अस्पताल में मरीज के आने, उसका उपचार शुरू होने की तारीख से 5 वर्ष की अवधि के लिए मेडिकल रिकार्डों का अनुरक्षण करना व सुरक्षित रखने का प्रावधान है. व्ही. वाय. हॉस्पिटल द्वारा मरीज के उपचार संबंधी असंतोषप्रद जानकारी उपलब्ध कराया जाना नर्सिंग होम एक्ट 2010 व 2013 का उल्लंघन है.

गुड न्यूज!​​​ आदित्य-L1 ने सफलतापूर्वक लगाया पृथ्वी का पहला चक्कर, ISRO ने दी जानकारी

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Aditya L1 Surya Mission: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने रविवार (03 सितंबर 2023) को कहा कि देश का पहला सौर मिशन आदित्य-एल1 स्वस्थ है और संचालन कर रहा है। इसरो ने ट्वीट किया कि पहला अर्थ-बाउंड मैन्युवर (EBN#1) ISTRAC बेंगलुरु से सफलतापूर्वक पर्फॉम किया गया है।

प्राप्त की गई नई ऑरबिट 245 किमी x 22459 किमी है। अगला मैन्युवर (EBN#2) 5 सितंबर 2023 को भारतीय समयनुसार करीब 03:00 बजे के लिए निर्धारित है। इसरो ने एक्स (ट्विटर) पर पोस्ट करके यह जानकारी दी। भारत का पहला सौर मिशन आदित्य-एल1 शनिवार को श्रीहरिकोटा से सफलतापूर्वक लॉन्च किया गया। इसरो ने कहा कि आदित्य-एल1 सूर्य का अध्ययन करने वाली पहली अंतरिक्ष-आधारित वेधशाला है। 125 दिनों में पृथ्वी से करीब 15 लाख किलोमीटर की यात्रा करने के बाद अंतरिक्ष यान को सूर्य के सबसे निकट माने जाने वाले लैग्रेंज पॉइंट L1 के चारों ओर एक प्रभामंडल कक्षा में स्थापित किया जाएगा।

इसरो ने कुछ दिन पहले चंद्रमा पर सफल ‘सॉफ्ट लैंडिंग’ करने के बाद एक बार फिर इतिहास रचने के उद्देश्य से शनिवार को देश के पहले सूर्य मिशन ‘आदित्य एल1’ का यहां स्थित अंतरिक्ष केंद्र से सफल प्रक्षेपण किया। इसरो ने बताया कि आदित्य-एल1 यान पीएसएलवी रॉकेट से सफलतापूर्वक अलग हो गया है। भारत का यह मिशन सूर्य से संबंधित रहस्यों से पर्दा हटाने में मदद करेगा। इसरो के अनुसार, ‘आदित्य-एल1’ सूर्य का अध्ययन करने वाली पहली अंतरिक्ष-आधारित वेधशाला है। यह अंतरिक्ष यान 125 दिन में पृथ्वी से लगभग 15 लाख किलोमीटर लंबी यात्रा करने के बाद लैग्रेंजियन बिंदु ‘एल1’ के आसपास एक प्रभामंडल कक्षा में स्थापित होगा, जिसे सूर्य के सबसे करीब माना जाता है। यह वहीं से सूर्य पर होने वाली विभिन्न घटनाओं का अध्ययन करेगा।

कोलकाता स्थित भारतीय अंतरिक्ष भौतिकी केंद्र के निदेशक ने बताया कि आदित्य की संकल्पना 15 साल से भी पहले की गई थी, शुरू में यह सौर कोरोना के आधार पर प्लाज्मा वेग का अध्ययन करने के लिए था। बाउ में यह यह आदित्य-एल1 और फिर आदित्य एल1+ के तौर पर विकसित हुआ, अंततः उपकरणों के साथ आदित्य-एल1 में वापस आ गया। मिशन के उपकरणों और क्षमताओं के बारे में भी जानकारी दी। उनके अनुसार, पेलोड “थोड़ा निराशाजनक रहा है और उपग्रह निश्चित रूप से खोज श्रेणी एक का नहीं है। उन्होंने कहा कि लगभग सभी उपकरण लगभग 50 साल पहले नासा द्वारा भेजे गए थे, उदाहरण के लिए 1970 के दशक की शुरुआत में पायनियर 10, 11 आदि में। साथ ही सुरक्षित रहने के लिए, ताकि सूर्य के प्रकाश के सीधे संपर्क में आने से उपकरण क्षतिग्रस्त न हों, ब्लॉकिंग डिस्क का आकार बहुत बड़ा है, जो सौर डिस्क से लगभग पांच प्रतिशत बड़ा है। इसलिए यह सौर सतह से केवल 35,000 किलोमीटर की दूरी पर ही वेग माप सकता है। इन चुनौतियों के बावजूद वैज्ञानिक ने कहा कि आदित्य-एल1 मिशन में अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि विज्ञान के मामले में नासा की बराबरी करने के लिए भारत को अभी लंबा रास्ता तय करना है। वैज्ञानिकों को आदित्य-एल1 को क्रियाशील देखने और मिशन की समग्र सफलता का आकलन करने के लिए लगभग चार महीने इंतजार करना होगा।

आज की ताजा खबर LIVE:’एक राष्ट्र-एक चुनाव’ का विचार देश और राज्यों पर हमला, राहुल का बड़ा बयान

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मोदी सरकार ‘एक देश-एक चुनाव’ को लेकर कमर कस चुकी है. इसको लेकर पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की अध्यक्षता में कमेटी का गठन भी कर दिया गया है. साथ ही कल इसको लेकर अधिसूचना भी जारी कर दी गई. अब ‘एक देश-एक चुनाव’ को लेकर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने पहली प्रतिक्रिया दी है.

राहुल ने ‘एक राष्ट्र-एक चुनाव’ को देश और सभी राज्यों पर हमला बताया है.

कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने एक्स (पहले ट्विटर) पर लिखा है, ‘इंडिया यानि भारत, राज्यों का एक संघ है. ‘एक देश-एक चुनाव’ का विचार संघ और उसके सभी राज्यों पर हमला है.’

एक राष्ट्र-एक चुनाव पर कांग्रेस हमलावर

इससे पहले पूर्व वित्त मंत्री और कांग्रेस के दिग्गज नेता पी चिदंबरम ने एक राष्ट्र, एक चुनाव को लेकर बीजेपी पर हमला बोला. चिदंबरम ने कहा कि बीजेपी की ओर से प्रायोजित हर दूसरे मुद्दे की तरह यह विचार भी पहले से निर्धारित और पूर्व नियोजित लगता है. उन्होंने कहा कि एक राष्ट्र-एक चुनाव एक राजनीतिक-कानूनी प्रश्न है. यह कानून से ज्यादा राजनीतिक है.

एक देश-एक चुनाव पर बनी कमेटी के सदस्यों को लेकर भी चिदंबरम ने सरकार को घेरा. उन्होंने कहा कि 8 सदस्यों वाली कमेटी में प्रमुख विपक्षी दल से सिर्फ एक सदस्य है.इसके अलावा कमेटी में मैं केवल एक स्वीकृत संवैधानिक मामलों के जानकार वकील को ही पहचानता हूं.

संसदीय लोकतंत्र को नष्ट करने की कोशिश- कांग्रेस

वहीं, कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा कि एक राष्ट्र-एक देश की संभावना पर सरकार की ओर से बनाई गई कमेटी संसदीय लोकतंत्र को नष्ट करने की कोशिश है. उन्होंने कहा कि कमेटी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को सदस्य नहीं बनाना हमारी समझ से परे है. केसी वेणुगोपाल ने आरोप लगाया कि खरगे को इसलिए कमेटी में नहीं रखा गया, क्योंकि उनको रखना बीजेपी और आरएसएस के लिए सुविधाजनक नहीं होता.