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Dantewada; 77 साल बाद दंतेवाड़ा के इन गांवों में लहरा तिरंगा, नक्सलियों ने भी दी तिरंगे को सलामी…

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Dantewada; इस साल स्वंतत्रता दिवस के अवसर पर यानी 15 अगस्त को दंतेवाड़ा जिले के नक्सल प्रभावित गांवो बुरगुम, तुमरीगुंडा और बड़ेगादम में तिरंगा फहराया गया. सबसे अहम ये है कि ऐसा आजादी के 77 साल बाद मुमकिन हुआ.

15 अगस्त को जिला पुलिस, बस्तर फाइटर्स और ग्रामिणों की मौजूदगी में इन तीनों गांवों तिरंगा फहराया गया. इस अवसर पर सबसे खास बात ये रही कि जो नकस्ली कभी तिरंगे का विरोध करते थे, वो भी अब सरेंडर के बाद उसे सलामी देते नजर आए.

दरअसल दतेंवाड़ा जिले के ये तीनों गांव माओवादियों की हिंसा के कारण अतिसंवेदनशील श्रेणी में रखे गए हैं. इन तीनों गावों में नक्सलियों की ओर से हमेशा ही स्वतंत्रता दिवस का बहिष्कार किया जाता है. नक्सली स्वतंत्रता दिवस के दिन यहां के अंदुरनी इलाकों में काले झंडे फहराते हैं और इस दिन का विरोध करते हैं. तुमरीगुंडा इंद्रावती नदी के दूसरी ओर पर हैं. यहां घना जंगल है. पुलिस और बस्तर फाइटर्स के जवानों ने यहां पर आकर तिरंगा फहराया है.

दंतेवाड़ा एसपी गौरव राय ने क्या कहा
बता दें दंतेवाड़ा रेंज के डीआईजी कमललोचन कश्यप, जिले के एसपी गौरव राय ने इस बार नक्शल प्रभावित इन गावों में तिरंगा फहराने की रणनीति तैयार की. इसके बाद इन गावों में पुलिस फोर्स पहुंची और आजादी के पहली बार इन नक्सल प्रभावित गांवों में तिरंगा फहराया गया. यही नहीं नक्सलियों की दहशत के बाद भी ध्वजारोहण के दौरान ग्रामिण और बच्चे भी पहुंचे. वहीं दंतेवाड़ा एसपी गौरव राय ने कहा कि इस नक्सलगढ़ में अब नक्सलियों की जड़ कमजोर हो रही है.

उन्होंने कहा कि अब वो दिन दूर नहीं रह गया है जब ग्रामिण नक्सलवाद के डर से पूरी तरह आजाद हो जाएंगे ओर खुलकर स्वतंत्रता दिवस का जश्न मनाएंगे. इतना ही नहीं एसपी गौरव राय ने आगें कहा कि सरकार की नक्सल पुनर्वास नीति और लोन वर्राटू अभियान (घर वापस आइए) के तहत नक्सली हथियार डाल रहे हैं. अब तक 615 नक्सली नकस्लवाद का रास्ता छोड़ चुके हैं.

BJP Meeting : पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव के लिए बीजेपी ने पीएम मोदी की मौजूदगी में चुनाव समिति की बैठक!

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BJP Election Committee Meeting: आने वाले विधानसभा चुनावों के लिए तमाम पार्टियों ने तैयारियां शुरू कर दी हैं. बीजेपी भी पांच राज्यों में होने वाले चुनावों में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती, इसीलिए अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक बुलाई गई है.

चुनावी तैयारियों को लेकर होने वाली इस बैठक में पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा, गृहमंत्री अमित शाह और केंद्रीय चुनाव समिति के बाकी नेता मौजूद होंगे.

पहले से तैयार रहना चाहती है बीजेपी
बीजेपी की सेंट्रल इलेक्शन कमेटी (केंद्रीय चुनाव समिति) चुनावी रणनीति और फैसले लेने के लिए पार्टी की सबसे बड़ी कमेटी है. आमतौर पर चुनाव समिति की ये बैठक चुनाव की तारीखों के ऐलान के बाद होती है, लेकिन इस बार बीजेपी पहले से ही तैयारी के मूड में है. क्योंकि राजस्थान और छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकारें हैं, वहीं मध्य प्रदेश में भी पेंच फंस सकता है… ऐसे में पार्टी तैयारियों में कोई भी कसर नहीं छोड़ना चाहती. कर्नाटक में मिली हार के बाद पार्टी कोई भी जोखिम नहीं उठाना चाहती है.

कांग्रेस के वादों का तोड़ खोजने की कोशिश
एनडीटीवी ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि इस बैठक में पार्टी की चुनावी रणनीति के अलावा कांग्रेस के चुनावी वादों को लेकर भी मंथन हो सकता है. कांग्रेस ने कर्नाटक चुनाव में जनता को गारंटी देने का वादा किया था, जो काफी हद तक हिट साबित हुआ. अब बीजेपी इसी का तोड़ निकालने की कोशिश करेगी. साथ ही उन सीटों पर फोकस रहेगा, जहां बीजेपी काफी कमजोर है.

INDIA बनाम NDA की लड़ाई
कर्नाटक में बीजेपी को मात देने के बाद कांग्रेस राष्ट्रीय स्तर पर भी मजबूत नजर आई और विपक्षी गठबंधन में भी उसका कद बढ़ गया. इसके बाद विपक्षी दलों ने एक साथ मिलकर महागठबंधन INDIA बनाया, जो 2024 लोकसभा चुनाव में बीजेपी को टक्कर देगा. उससे पहले होने वाले पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव माहौल बनाने का काम कर सकते हैं, अगर विपक्षी दल बाजी मारने में सफल रहते हैं तो ये 2024 की लड़ाई के लिए बड़े बूस्ट के तौर पर काम कर सकता है. ऐसे में बीजेपी बिल्कुल भी ये नहीं चाहेगी कि विपक्षी गठंबधन किसी भी तरह उस पर हावी हो.

बता दें कि इस साल के अंत तक पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं. जिनमें राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, तेलंगाना और मिजोरम शामिल हैं. इनमें से तीन राज्यों (तेलंगाना, राजस्थान, छत्तीसगढ़) में विपक्षी दलों की सरकारें हैं.

Temples of Rajasthan: सबकी मनोकामनाएं पूरी करते हैं मनोकामनेश्वर महादेव, बड़े-बड़े राजनेता आते हैं दर्शन करने!

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Sawan 2023: राजस्थान का दूसरा बड़ा शहर जोधपुर अपने आप में कई खूबसूरत संस्कृतियों को समेटे हुए हैं. यहां के महलों, हवेलियों और दुर्ग सहित कई प्राचीन मंदिर भी मौजूद हैं. सावन का महीना चल रहा है.

बाबा भोलेनाथ के मंदिरों में भारी भीड़ भी नजर आ रही है. आज हम आपको एक ऐसे प्राचीन मंदिर के बारे में बताने जा रहे हैं. अगर आप जोधपुर आएं तो एक बार जरूर इस दुर्गम पहाड़ी पर स्थित डूंगरिया महादेव मनोकामनेश्वर महादेव मंदिर में दर्शन लाभ लेना ना भूलें. इस मंदिर की कई खूबियां हैं. देश के बड़े-बड़े राजनेता भी इस मंदिर में अपनी मनोकामना लेकर आते रहते हैं. लोकसभा स्पीकर ओम बिरला,मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे,केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, 0राज्यसभा सांसद नारायण पंचारिया, मौजूदा विधायक सूर्यकांता व्यास जैसे नेताओं की इस मंदिर के प्रति गहरी आस्था है.भक्तों का मानना है कि इस मंदिर में एक बार आकर अपनी मनोकामना भोलेनाथ को बताने से वह पूरी हो जाती है.

लोगों की आस्था का केंद्र

श्री मनोकामेश्वर डूंगरिया महादेव मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष सोहन जी भूतड़ा ने बताया कि डूंगरिया महादेव मंदिर बाबा भोलेनाथ का मंदिर है. इस मंदिर में प्रत्येक सावन के सोमवार को भव्य श्रृंगार के दर्शन और आरती का लाभ लेने के लिए सैकड़ो श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं.इस मंदिर के प्रति लोगों की गहरी आस्था है.बाबा भोलेनाथ के इस मंदिर का नाम भी मनोकामनेश्वर महादेव मंदिर है, भक्त की जो भी मनोकामना है यहां पर बाबा भोलेनाथ के सामने आकर प्रार्थना करने से पूरी हो जाती है.इस मंदिर को पहाड़ी को काट काट कर डेवलप किया गया है. यहां तीन कृत्रिम तालाब बनाए गए हैं.वाटर हार्वेस्टिंग सहित गौशाला के साथ इस मंदिर के परिसर में तीन गार्डन भी बनाए गए हैं.

ऐश्वर्य,धन-वैभव में बढ़ोतरी

दिलीप लाहोटी ने बताया कि मनोकामनाश्वेर महादेव अति प्राचीन मंदिर है. इस मंदिर को संस्था द्वारा डेवलप किया जा रहा है. मंदिर में प्रतिदिन श्रृंगार व आरती की जाती है. इसे देखने के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु आते हैं. यहां इस मंदिर के प्रति देश के बड़े-बड़े राजनेताओं की भी आस्था जुड़ी हुई है. इस मंदिर में दर्शन भर से ही लोगों के ऐश्वर्य,धन-वैभव में बढ़ोतरी होने शुरू हो जाती है.

Maharashtra ; अजित पवार और शरद पवार की सीक्रेट मीटिंग के बाद जनसभा को संबोधित करते हुए यह बात कही…

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NCP Swabhimaan Sabha: महाराष्ट्र की राजनीति में अजित पवार और शरद पवार की सीक्रेट मीटिंग को लेकर तरह-तरह के बयान सामने आ रहे हैं. एक तरफ उद्धव ठाकरे गुट के सांसाद संजय राउत ने इस मुलाकात की आलोचना की है तो वहीं दूसरी तरफ शरद पवार ने इस मीटिंग को पारिवारिक बताया है.

इस बीच शरद पवार ने अपने एक जनसभा से जुड़ी बड़ी जानकारी दी है.

बीड में शरद पवार की जनसभा
शरद पवार ने कहा, “देश पर आए हर संकट का बहादुरी से सामना करते हुए आगे बढ़ना ही महाराष्ट्र का इतिहास है. किसानों, मजदूरों, महिलाओं और युवाओं के साथ बहुत हुआ अन्याय, हर उपेक्षित तत्व को न्याय मिले! की लड़ाई से महाराष्ट्र के हितों को हासिल करना है.” विचारों और राष्ट्रीय अध्यक्ष ए.के.पवार साहब के समर्थन से दिल्ली की गद्दी पर. आइए निडर ताकत दिखाने के लिए गुरुवार 17 अगस्त 2023 को दोपहर 1 बजे पारस नगरी, माने कॉम्प्लेक्स, बीड के पास बड़ी संख्या में उपस्थित हों!”

शरद पवार ने क्लियर किया अपना स्टैंड
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के अध्यक्ष शरद पवार ने अपने भतीजे से मुलाकात पर अपना स्टैंड क्लियर कर दिया है. बीते सोमवार को उन्होंने कहा कि, पुणे में भतीजे और महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के साथ उनकी मुलाकात को लेकर विपक्षी महा विकास अघाड़ी (एमवीए) गठबंधन के भीतर कोई भ्रम नहीं है. शरद पवार ने बारामती में संवाददाताओं से कहा, “एमवीए एकजुट है और हम 31 अगस्त और 1 सितंबर को मुंबई में विपक्षी गुट इंडिया की अगली बैठक सफलतापूर्वक आयोजित करेंगे.”

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के पास उत्तर प्रदेश में अब एक नया शहर बसने जा रहा है. नए बसाए जाने शहर का नाम ‘न्यू नोएडा’…

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राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के पास उत्तर प्रदेश (UP) में अब एक नया शहर बसने जा रहा है. नए बसाए जाने शहर का नाम ‘न्यू नोएडा (New Noida).

‘ 21,000 हेक्टेयर भूमि पर बसने वाले इस शहर के लिए बुलंदशहर ,गौतमबुद्ध नगर और गाजियाबाद के करीब 86 गांवों की जमीन का अधिग्रहण होगा.

नया शहर सिर्फ गौतम बुद्ध नगर की जमीन पर ही नहीं बसेगा, बल्कि इसके लिए आसपास के जिलों के अन्‍य गांवों का भी अधिग्रहण किया जाएगा. बुलंदशहर और गाजियाबाद को भी मिलाकर करीब 86 गांवों की जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा. नोएडा अथॉरिटी ने अपने मास्‍टर प्‍लान को साल 2041 तक पूरा करने की योजना बनाई है.

मनीकंट्रोल की एक रिपोर्ट के अनुसार, नोएडा और ग्रेटर नोएडा में आबादी के साथ ही इंडस्ट्री के बढ़ते दबाव को देखते हुए अब उत्तर प्रदेश सरकार गौतमबुद्ध नगर और बुलंदशहर के बीच न्‍यू नोएडा शहर बसाएगी. नोएडा अथॉरिटी अधिकारियों का कहना है कि मास्टर प्लान 2041 का फोकस दादरी-नोएडा-गाजियाबाद निवेश क्षेत्र (DNGIR) में औद्योगिक विकास होगा, जहां न्यू नोएडा विकसित करने का प्रस्ताव है. प्रस्ताव के मुताबिक, न्यू नोएडा में बुलंदशहर के करीब 60 तो गौतमबुद्ध नगर के 20 गांव शामिल किए जाएंगे. गाजियाबाद के छह गांवों की जमीन भी इसके लिए ली जाएगी. न्‍यू नोएडा मुख्‍यत: एक औद्योगिक शहर होगा. न्यू नोएडा मास्टर प्लान के मुताबिक, कुल जमीन में से 40 फीसदी पर उद्योग लगेंगे. 13 फीसदी जमीन का इस्‍तेमाल आवासीय उद्देश्यों के लिए किया जाएगा, जबकि 18 प्रतिशत हरित बेल्ट और मनोरंजक उद्देश्यों के लिए आरक्षित रखी जाएगी.

क्‍यों पड़ी नए शहर की जरूरत?

नोएडा में पहले बड़े पैमाने पर कृषि लायक जमीन थी, जो अब आवासीय और औद्योगिक इमारतों में तब्दील हो गया है. नोएडा में इस वक्त तेजी से जगह की कमी हो रही है. अब नोएडा और ग्रेटर नोएडा पर बोझ कम करने के लिए न्यूज नोएडा बसाने की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही है.

बोर्ड ने दी मास्‍टर प्‍लान को मंजूरी

न्यू नोएडा के मास्टर प्लान को मंजूरी 13 अगस्त को नोएडा अथॉरिटी की 210वीं बोर्ड बैठक में दी गई. बैठक की अध्यक्षता उत्तर प्रदेश के अतिरिक्त मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह ने की. नोएडा अथॉरिटी के एक अधिकारी ने मनीकंट्रोल को बताया कि नोएडा में आगे के विकास के लिए शायद ही कोई जमीन बची है. बढ़ती जनसंख्या के कारण उद्योगों, वाणिज्यिक परियोजनाओं और अन्य विकास कार्यों के लिए जमीन की मांग बढ़ रही है. इसलिए, अब DNGIR में विकास की योजना बनाई गई है जिसे न्यू नोएडा के नाम से जाना जाएगा.

सबकुछ होगा नये शहर में?

स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर (SPA) द्वारा तैयार किए गए नए नोएडा मास्टर प्लान के तहत न्यू नोएडा में आवासीय, व्यावसायिक भूखंडों के अलावा विशेष औद्योगिक क्षेत्र (SEZ) स्थापित किए जाएंगे. नए शहर में लॉजिस्टिक हब, इंटीग्रेटेड टाउनशिप और स्किल डेवलपमेंट सेंटर के साथ ही नॉलेज सेंटर एवं यूनिवर्सिटी के लिए जमीन उपलब्ध कराई जाएगी. नोएडा अथॉरिटी बोर्ड की मंजूरी के बाद अब जल्दी ही जमीन अधिग्रहण का काम शुरू हो जाएगा.

Today’s Weather; फिर फ्रंटफुट पर खेलेगा मॉनसून, MP-UP में लौटेगी बारिश; जानें अन्य राज्यों के मौसम!

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Today’s Weather: मॉनसून का सामना कर रहे मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों को 17 अगस्त से राहत मिल सकती है। संभावनाएं जताई जा रही हैं कि आगामी कुछ दिनों में इन राज्यों में बारिश से जुड़ी गतिविधियां बढ़ सकती हैं।

हालांकि, पंजाब और दिल्ली समेत कुछ क्षेत्रों को कमजोर मॉनसून या कम बारिश का सामना करना पड़ सकता है। साथ ही बुधवार को भी पूर्वोत्तर से लेकर पश्चिम तक अच्छी बारिश की संभावनाएं हैं।

स्कायमेट वेदर के अनुसार, बुधवार को अरुणाचल प्रदेश, पूर्वी असम, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा और मेघालय में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। साथ ही कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश की भी संभावनाएं हैं। इधर, गंगीय पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, उत्तराखंड, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश और अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में हल्की से मध्यम बारिश के आसार हैं।

एजेंसी के पूर्वानुमान के मुताबिक, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, गुजरात के कुछ हिस्सों, महाराष्ट्र, तेलंगाना, तटीय आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और राजधानी दिल्ली के भी कुछ हिस्सों में बारिश होने की संभावनाएं हैं।

कहां-कहां बदलने वाला है मौसम
एजेंसी ने बताया है कि 17-18 अगस्त के आसपास उत्तर पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर कम दबाव का क्षेत्र बन सकता है, जिसके बाद यह प्रणाली पश्चिम उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ेगी। ऐसे में 17 से 21 अगस्त के बीच पश्चिम बंगाल, झारखंड, बिहार, उत्तर प्रदेश, ओडिशा, छत्तीसगढ़, विदर्भ और मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश से जुड़ी गतिविधियां बढ़ सकती हैं।

हालांकि, यह भी कहा जा रहा है कि राजस्थान, गुजरात, पंजाब, हरियाणा और दिल्ली में मॉनसून की स्थिति कमजोर बनी रह सकती है। पूर्वी उत्तर प्रदेश, पूर्वी मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के साथ बिहार के निचले इलाकों में कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है।

आइये जानते है! आज का राशिफल!

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ग्रहों की स्थिति: गुरु और राहु मेष राशि में, सूर्य, शुक्र और चंद्रमा कर्क राशि में, जहां शुक्र वक्री है। शाम के बाद चंद्रमा सिंह राशि में प्रवेश कर जाएंगे। सिंह राशि में बुध और मंगल, केतु तुला राशि में और वक्री शनि कुंभ राशि के गोचर में चल रहा है।

राशिफल देखते हैं-

मेष: कलह से बचें, भावुकता से बचें। कुछ दिनों की बाद है मन भी ठीक हो जाएगा। तन भी ठीक हो जाएगा। अभी थोड़ा मध्यम समय है। व्यापार आपका शनय शनय चलता रहेगा। सूर्य को जल दें और काली वस्तु का दान करें।

वृषभ: पराक्रम रंग लाएगा। रोजी-रोजगार में तरक्की करेंगे। व्यापारिक सफलता मिलने का योग बनने लगा है। स्वास्थ्य पर ध्यान दें। प्रेम-संतान अच्छा है। कालीजी को प्रणाम करें।

मिथुन:अपनों का साथ होगा। भाई-बहन साथ देंगे। ऊर्जा का संचार होगा। प्रेम-संतान अभी मध्यम रहेगा, लेकिन व्यापार अभी लगभग ठीक रहेगा। सफेद वस्तु पास रखें।

कर्क:स्वास्थ्य में सुधार होगा। प्रेम-संतान पहले से अच्छा चल रहा है। व्यापार भी सही चल रहा है। लाल वस्तु पास रखें।

सिंह: धीरे -धीरे आप अच्छे दिनों की तरफ जाएंगे। स्वास्थ्य में थोड़ा सुधार होता जाएगा। ऊर्जा का स्तर बढ़ेगा। प्रेम-संतान अभी भी मध्यम है। व्यापार लगभग ठीक होता जाएगा। सूर्य को जल दें।

कन्या: मन चिंतित रहेगा। खर्च की अधिकता मन को परेशान करेगी। स्वास्थ्य नरम-गरम, प्रेम-संतान ठीक-ठाक और व्यापार भी लगभग ठीक है। शनिदेव को प्राणाम करें।

तुला: आय में आशा से अधिक बढ़ोत्तरी होगी। रुका हुआ धन वापस मिलेगा। आय के नए स्त्रोत बनेंगे। यात्रा में लाभ होगा। स्वास्थ्य मध्यम है। प्रेम-संतान अच्छा और व्यापार भी अच्छा है। सफेद वस्तु पास रखें।

वृश्चिक: शासन-सत्ता पक्ष का सहयोग मिलेगा। उच्चाधिकारियों का आशीर्वाद मिलेगा। स्वास्थ्य ठीक है। प्रेम-संतान मध्यम है और व्यापार अच्छा है। सूर्य भगवान को जल दें।

धनु:धीरे-धीरे जोखिम से उभरेंगे। स्वास्थ्य में सुधार होगा। प्रेम-संतान ठीक है और व्यापार भी पहले से बेहतर हो जाएगा। लाल वस्तु पास रखें।

मकर: परिस्थितियां प्रतिकूल हो जाएंगी। थोड़ा बचकर पार करें। सायंकाल से पहले जो भी चाहते हैं, उसे निपटा लीजिए। प्रेम-संतान मध्यम और व्यापार भी मध्यम है। कालीजी को प्रणाम करते रहें।

कुंभ:जीवन में थोड़ा सा रस आ जाएगा। आनंददायक जीवन हो जाएगा। छुट्टी-सा महसूस करेंगे। नौकरी-चाकरी की स्थिति अच्छी होगी। स्वास्थ्य में सुधार और प्रेम-संतान अच्छा और व्यापार भी अच्छा है। हरी वस्तु पास रखें।

मीन:शत्रुओं पर भाड़ी पडे़ंगे । रुका हुआ काम चल पड़ेगा। बुजुर्गों का आशीर्वाद मिलेगा। स्वास्थ्य पर ध्यान दें। प्रेम-संतान मध्यम और व्यापार अच्छा रहेगा। तांबे की वस्तु पास रखना शुभ होगा।

महाराष्ट्र के पूर्व सीएम का दावा है कि शरद पवार को मिला मोदी कैबिनेट का ऑफर…

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कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और महाराष्ट्र के एक पूर्व सीएम का दावा है कि अजित पवार ने अपने चाचा को मोदी सरकार में मंत्री पद दिलाने का ऑफर दिया था। इस दावे के बाद से महाराष्ट्र की सियासत में कयासों का दौर फिर से तेज हो गया है।

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक पूर्व सीएम ने दावा किया कि शरद पवार को अजित पवार की ओर से दो ऑफर मिले थे। अजित पवार ने अपने चाचा को ऑफर दिया था कि यदि वह 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा के साथ आते हैं तो उन्हें केंद्र सरकार में कृषि मंत्री या फिर नीति आयोग के चेयरपर्सन का पद दिलाया जा सकता है।

वहीं उनकी बेटी सुप्रिया सुले और राज्य के अध्यक्ष जयंत पाटिल को भी केंद्र और राज्य सरकार में शामिल किया जा सकता है। पूर्व सीएम ने यह भी कहा कि शरद पवार ने इन दोनों ऑफर्स को खारिज कर दिया और किसी भी स्थिति में भाजपा के साथ न जाने की बात कही। पूर्व मुख्यमंत्री का दावा था कि यह ऑफर शरद पवार को शनिवार को पुणे में एक कारोबारी के घर पर हुई भतीजे के साथ मीटिंग में मिला था। इस बैठक में अजित पवार ने उन्हें एक बार फिर से भाजपा के साथ आने के लिए राजी करने की कोशिश की। भतीजे अजित पवार से दिग्गज नेता की एक बार फिर से सीक्रेट मीटिंग को लेकर महाविकास अघाड़ी में भी सवाल उठ रहे हैं।

कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष नाना पटोले, शिवसेना के नेता उद्धव ठाकरे और पूर्व सीएम पृथ्वीराज चव्हाण भी इस मीटिंग को लेकर आपत्ति जता चुके हैं। कांग्रेस और सेना दोनों ने ही कहा कि शरद पवार का भतीजे से लगातार गुपचुप मिलते रहना गलत है। इससे खराब संदेश जा रहा है। वहीं शरद पवार इन मुलाकातों को फैमिली मैटर से ज्यादा कुछ नहीं बता रहे। शनिवार की मीटिंग को लेकर भी सीनियर पवार ने कहा, ‘अजित पवार मेरे भतीजे हैं। चाचा और भतीजे के बीच आखिर एक मुलाकात को लेकर इतनी चर्चाएं क्यों हो रही हैं।’

पवार फैमिली के चाचा-भतीजे की इन मुलाकातों के बाद हलचल तेज है। यहां तक कि रविवार को उद्धव ठाकरे और नाना पटोले की भी मुलाकात हुई। कहा जा रहा है कि इस मीटिंग में यह चर्चा हुई कि अब क्या किया जाए। कहा यह भी जा रहा है कि अब शिवसेना और कांग्रेस इस संभावना पर भी विचार कर रहे हैं कि क्या बिना एनसीपी के ही चुनाव में उतरने की तैयारी की जाए? नाना पटोले ने यह भी कहा कि शरद पवार और अजित पवार के बीच बैठकों की जानकारी राहुल गांधी को भी दी जाएगी।

Uttarakhand; बागेश्वर उपचुनाव कांग्रेस उम्मीदवार को मंजूरी, मल्लिकार्जुन खरगे ने लगाई मुहर…

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Uttarakhand By-Election: कांग्रेस पार्टी ने बागेश्वर में होने वाले उपचुनाव के लिए उम्मीदवार के नाम पर मुहर लगा दी है. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने उत्तराखंड विधानसभा के 47-बागेश्वर-एससी निर्वाचन क्षेत्र से कांग्रेस उम्मीदवार के रूप में बसंत कुमार की उम्मीदवारी को मंजूरी दे दी है.

उत्तराखंड की बागेश्वर विधानसभा सीट पर 5 सितंबर को मतदान होने हैं और 8 सितंबर को नतीजे घोषित कर दिए जाएंगे. चंदनराम दास के निधन के बाद यह सीट खाली हुई थी. बीजेपी (BJP) ने पार्वती दास (Parvati Das) को अपना उम्मीदवार बनाया है. पार्वती दास, पूर्व विधायक चंदनराम दास (Chandan Ram Das) की पत्नी हैं.

लगातार चार बार चुनाव जीते थे चंदनराम दास

इस सीट पर बीजेपी और कांग्रेस के बीच एक बार फिर से जबरदस्त टक्कर देखने को मिलेगी. 665 वर्ग किलोमीटर में फैला ये निर्वाचन क्षेत्र अनुसूचित जाति के उम्मीदवारों के लिए आरक्षित सीट है, जहां 1 लाख 18 हजार 225 मतदाता हैं. बागेश्वर सीट से चंदनराम दास लगातार चार बार चुनाव जीते थे.

2022 विधानसभा चुनाव में जीत के बाद उन्हें प्रदेश सरकार में मंत्री बनाया गया था. 2022 में हुए बागेश्वर विधानसभा चुनाव में कुल 43.14 प्रतिशत वोट पड़े थे, जिसमें चंदन रामदास को 32,211 मत मिले थे, जबकि उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस प्रत्याशी रणजीत दास को 20,017 मत प्राप्त हुए थे.

कांग्रेस और बीजेपी में टक्कर

लोकसभा चुनाव 2024 से पहले बागेश्वर उपचुनाव भारतीय जनता पार्टी के लिए बेहद महत्वपूर्ण है. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी खुद बागेश्वर चुनाव को काफी महत्वपूर्ण मान रहे हैं. वहीं, कांग्रेस भी पूरी कोशिश में है कि किसी तरह से बागेश्वर उपचुनाव जीता जाए ताकि 2024 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस भी पूरी तैयारी के साथ उतर सके.

जानिए! भारत और पाकिस्तान में मिसाइल शक्ति विनाशक परमाणु बम?

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India Vs Pakistan Missile Power: भारत और पाकिस्तान के बीच सैन्य शक्ति की तुलना जियो पॉलिटिक्स के लिए हमेशा से लोगों के लिए बहस का पसंदीदा विषय रहा है। परमाणु क्षमता रखने वाले इन दोनों दक्षिण एशियाई देशों में राजनीतिक तनाव, संघर्ष और सैन्य गतिरोध का एक लंबा इतिहास रहा है।

हालांकि, भारत और पाकिस्तान के बीच चार जंग लड़े गये हैं, लेकिन हमेशा से मुंह की खाने वाले पाकिस्तान की, भारत को हराने की मंशा अभी तक खत्म नहीं हुई है। लिहाजा, भारत की देखादेखा पाकिस्तान ने भी भारी संख्या में मिसाइलों का निर्माण और प्रक्षेपण किया है। आइये जानते हैं, कि दोनों देशों में कौन मिसाइल शक्ति है?

भारत बनाम पाकिस्तान: मिसाइलें और परमाणु हथियार

भारत और पाकिस्तान दोनों के पास परमाणु हथियार और मिसाइल क्षमताएं हैं, और उनके परमाणु शस्त्रागार क्षेत्रीय सुरक्षा गतिशीलता को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

भारत के पास मिसाइल और परमाणु क्षमता

परमाणु हथियार- अनुमान है कि भारत के पास करीब 150-160 परमाणु हथियार हैं। वहीं, भारत मिनिमन डेटरेंस पॉलिसी का पालन करता है, यानि भारत की नीति ये है, कि भारत पहले परमाणु हथियार का इस्तेमाल किसी भी हाल में नहीं करेगा।

हालांकि, भारत की पॉलिसी ये भी है, कि परमाणु हमले की स्थिति में जवाबी हमला करने का अधिकार भारत रखता है, लिहाजा भारत ने अपनी जरूरत के हिसाब से अपने परमाणु भंडार को बनाए रखा है।

मिसाइल सिस्टम: भारत ने बैलिस्टिक और क्रूज़ मिसाइलों की एक सीरिज विकसित की है, जिनमें शामिल हैं…

बैलिस्टिक मिसाइलें- अग्नि सीरिज (अग्नि-1, अग्नि-2, अग्नि-3, अग्नि-4, अग्नि-5), पृथ्वी सीरिज (छोटी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलें), सूर्या (कथित तौर पर निर्माणाधीन)।

क्रूज़ मिसाइलें: ब्रह्मोस (रूस के साथ संयुक्त रूप से विकसित), निर्भय (सबसोनिक क्रूज़ मिसाइल)।

डिलीवरी सिस्टम: भारत के पास अपने परमाणु हथियारों को जमीन, वायु और समुद्र से फायर करने की क्षमता हासिल है, और ये शक्ति सिर्फ अमेरिका, रूस और चीन के पास ही है।

इसके अलावा भारत परमाणु बम, भूमि-आधारित बैलिस्टिक मिसाइलों और संभावित रूप से परमाणु-सशस्त्र पनडुब्बी-प्रक्षेपित बैलिस्टिक मिसाइल (एसएलबीएम) प्रणाली ले जाने में सक्षम लड़ाकू विमान भी संचालित करता है।

भारतीय वायुसेना के पास मौजूद राफेल और निर्माणाधीन तेजस मार्क-2 मिसाइलें परमाणु हमला करने में सक्षम फाइटर जेट्स हैं।

पाकिस्तान के पास मिसाइल और परमाणु क्षमता

परमाणु हथियार- अनुमान है कि पाकिस्तान के पास लगभग 165-175 परमाणु हथियार हैं। भारत के समान, पाकिस्तान की परमाणु रणनीति विश्वसनीय न्यूनतम प्रतिरोध बनाए रखने के इर्द-गिर्द घूमती है।

मिसाइल सिस्टम- पाकिस्तान ने विभिन्न बैलिस्टिक और क्रूज़ मिसाइल सिस्टम विकसित किए हैं, जिनमें शामिल हैं-

बैलिस्टिक मिसाइलें: गजनवी, शाहीन सीरिज (शाहीन-1, शाहीन-2), नस्र (छोटी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल)।

क्रूज मिसाइलें: बाबर (जमीन से प्रक्षेपित क्रूज मिसाइल), राद (हवा से प्रक्षेपित क्रूज मिसाइल)।

डिलीवरी सिस्टम: पाकिस्तान के पास भूमि आधारित बैलिस्टिक मिसाइल प्रणाली और हवा से प्रक्षेपित क्रूज मिसाइल क्षमताएं हैं। देश की वायु सेना विमान का उपयोग करके परमाणु हथियार पहुंचाने में सक्षम है। लेकिन, पाकिस्तान के पास पानी से बैलिस्टिक मिसाइल चलाने की क्षमता नहीं है।

दोनों ही देशों के पास परमाणु क्षमता ऐसी है, जिससे पूरी दुनिया तबाह हो सकती है। वहीं, घरेलू अस्थिरता की वजह से पाकिस्तान के पास मौजूद परमाणु बमों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठते रहते हैं। हालांकि, पाकिस्तान अपने परमाणु हथियारों को सुरक्षित बताता है। वहीं, पिछले साल नॉर्वे की एक रिपोर्ट में दावा किया गया था, पाकिस्तान अभी कई और परमाणु बमों का निर्माण कर रहा है।