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भूपेश कैबिनेट की अहम बैठक आज, इस बैठक में डिप्टी सीएम टी.एस. सिंहदेव समेत सभी मंत्री शामिल होंगे|

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Bhupesh Cabinet meeting : छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल (CM Bhupesh Baghel) ने कैबिनेट की बैठक बुलाई है. आज सुबह 11:15 बजे से मुख्यमंत्री आवास (CM house) में कैबिनेट की बैठक होगी.

इस बैठक में डिप्टी सीएम टी एस सिंहदेव (DCM TS Singh deo) समेत सभी मंत्री शामिल होंगे. कैबिनेट बैठक (Cabinet meeting) में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा हो सकती है. लिहाजा इस बैठक को आगामी स्वतंत्रता दिवस (independence day) को लेकर काफी अहम माना जा रहा है. हर साल मुख्यमंत्री भूपेश बघेल स्वतंत्रता दिवस पर बड़ी-बड़ी घोषणाएं करते हैं. कयास लगाए जा रहे हैं कि इस साल भी राज्य के लिए कई बड़ी घोषणा हो सकती है.

आज सीएम हाउस में कैबिनेट की बड़ी बैठक

दरअसल मुख्यमंत्री सचिवालय से मिली जानकारी के अनुसार आज सुबह 11:15 बजे कैबिनेट की बैठक शुरू होगी. ये बैठक केवल आधे घंटे चलेगी. इसके बाद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल दूसरे प्रोग्राम में चले जाएंगे. वहीं इस कैबिनेट बैठक पर पूरे छत्तीसगढ़ की निगाहें टिकी हुई हैं. एक ओर जहां खरीफ फसल की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं. वहीं हर साल की तरह खाद बीज के लिए किसानों को भटकना न पड़े इसको लेकर बैठक में चर्चा हो सकती है. इसके साथ-साथ बरसात के समय रोका छेका अभियान को लेकर भी जरूरी निर्देश दिए जा सकते हैं.

नियमितिकरण पर हो सकती है चर्चा

इसके अलावा राज्य के संविदा कर्मचारी लंबे समय से नियमितिकरण की मांग कर रहे है. पिछले महीने 45 हजार संविदा कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था. जिसके बाद आश्वासन के चलते कर्मचारियों ने हड़ताल स्थगित कर दी थी. ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि नियमितिकरण पर सरकार जल्द ही कोई बड़ा फैसला ले सकती है. हालांकि पिछली कैबिनेट बैठक में 37 हजार संविदा कर्मचारियों के 27 प्रतिशत वेतन वृद्धि पर फैसला हुआ था. इसके अलावा 48 हजार स्कूल सफाई कर्मियों ने हड़ताल की चेतावनी दी है.

15 अगस्त की तैयारियों को लेकर बैठक में हो सकता है फैसला

आपको ये भी बता दें कि स्वतंत्रता दिवस की तैयारियों को लेकर भी मुख्यमंत्री भूपेश बघेल कैबिनेट बैठक में चर्चा कर सकते है. मुख्यमंत्री भूपेश बघेल रायपुर पुलिस लाइन में ध्वजारोहण करेंगे. पिछले कुछ सालों से कोरोना के चलते स्वतंत्रता दिवस धूमधाम से नहीं मनाया जा रहा था. वहीं इस साल पूरे उत्साह से और भव्य समारोह आयोजित करने की तैयारी पर कैबिनेट बैठक में चर्चा हो सकती है. इसके अलावा 15 अगस्त को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल कई बड़ी घोषणा कर सकते हैं. इसको लेकर भी कैबिनेट बैठक जरूरी फैसले हो सकते है.

Chhattisgarh : चुनावी साल में सीएम बघेल ने की बड़ी घोषणा, नायब तहसीलदार को दिया गया यह दर्जा|

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Chhattisgarh : छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल चुनावी साल में लगातार कई घोषणाएं कर रहे हैं सीएम बघेल ने अब एक और बड़ी घोषणा की है सीएम बघेल ने कृषि और प्रदेश के किसानों के विकास में राजस्व विभाग का योगदान थीम पर आयोजित प्रांतीय सम्मेलन में घोषणा करते हुए कहा कि अब नायब तहसीलदार के पद को राजपत्रित पद का दर्जा दिया जाएगा.

मतलब अब नायब तहसीलदार राजपत्रित अधिकारी कहलाएंगे.

सीएम बघेल ने चुनावी साल में की बड़ी घोषणा

सीएम बघेल ने कार्यक्रम के दौरान लोगों को संबोधित करते हुए यह घोषणा की है कि अब नायब तहसीलदार को राजपत्रित अधिकारी का दर्जा दिया जाएगा. मुख्यमंत्री भुपेश बघेल ने सम्मेलन में “भुइंया के मितान” स्मारिका का भी विमोचन किया. सम्मेलन में कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ की प्रमोशन संबंधी मांग पर मुख्यमंत्री ने उन्हें विश्वास दिलाया है कि अधिकारियों का समय पर प्रमोशन जरूर होगा. मुख्यमंत्री ने कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों और कर्मचारियों की जिम्मेदारियों की बात करते हुए कहा कि आप सभी प्रशासन के महत्वपूर्ण अंग हैं और आपको बहुत सारे विविधतापूर्ण काम करने होते हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्व अधिकारियों ने कोविड आपदा के समय महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाने और लोगों को सहायता पहुंचाने का काम किया था, जिसकी वजह से पूरे देश में छत्तीसगढ़ की सराहना हुई.

काम के प्रति समर्पित हैं अधिकारी: सीएम बघेल

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि यह बहुत बड़ी उपलब्धि है कि बिना किसी शिकायत के पूरे प्रदेश में डेढ़ लाख एकड़ भूमि गौठानों के लिए आरक्षित की गई. यह काम कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों कर्मचारियों के कार्य के प्रति समर्पण को दिखाता है. मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासनिक कार्यों में कसावट और जनता की सेवा करने के जज्बे की वजह से आज सुकमा जिले के दूरस्थ क्षेत्रों में भी जाति प्रमाण पत्र, नामांतरण और बंटवारा प्रमाण पत्र लोगों को उनके घर जाकर दिया जा रहा है.

जानिए राजस्व मंत्री और सीएम सलाहकार ने क्या कहा

सम्मेलन में राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने अपने संबोधन में कहा कि मुख्यमंत्री के भेंट मुलाकात कार्यक्रम में स्थानीय लोगों ने नए तहसीलों और अनुविभाग की मांग की थी, जिसे मुख्यमंत्री ने पूरा किया. आम लोगों को सहूलियत हो और सरकार लोगों तक पहुंचे इसके लिए नए जिलों की स्थापना की गयी है. मुख्यमंत्री के सलाहकार प्रदीप शर्मा ने कहा कि पूरे देश में सिर्फ तहलीदार ही एक ऐसा पद है जो भारत ही नहीं बल्कि अन्य पड़ोसी देशों में भी इसी नाम से जाना जाता है. इसलिए जितना बड़ा इस पद का नाम है उसकी जिम्मेदारी भी उतनी ही बड़ी है जिसे अच्छी तरह से निभाना आप सभी की जिम्मेदारी है.

‘अमृत भारत स्टेशन योजना’ चंडीगढ़ समेत पंजाब के 22 रेलवे स्टेशनों का होगा कालाकल्प, PM Modi आज वर्चुअली देंगे बड़ी सौगात|

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देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज देशभर के 500 रेलवे स्टेशनों के नवीनीकरण के लिए ‘अमृत भारत स्टेशन योजना’ की शुरुआत करने वाले हैं. इस योजना के तहत चंडीगढ़ रेलवे सहित पंजाब के 22 रेलवे स्टेशनों का कायाकल्प किया जाएगा.

इन रेलवे स्टेशनों को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा. पीएम मोदी आज सुबह साढ़े 11 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से देश भर में 500 रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास की आधारशिला रखने वाले हैं.

500 करोड़ रुपये होंगे खर्च

इस योजना के तहत केंद्र सरकार ने 500 करोड़ रुपए का बजट चंडीगढ़ समेत पंजाब के रेलवे स्टेशनों के नवीनीकरण के लिए निर्धारित किया है. ताकि केंद्र सरकार और रेल विभाग देश की जनता को बेहतर रेल कनेक्टिविटी और स्टेशनों पर हाईटेक सुविधाएं दे सके. पंजाब के राज्यपाल और यूटी चंडीगढ़ के प्रशासक बनवारी लाल पुरोहित ने इस योजना के लिए पीएम मोदी का आभार जताया है. साथ ही पंजाब बीजेपी ने भी पीएम मोदी का आभार जताया है. वहीं केंद्रीय रेल मंत्री अश्वनी वैष्णव ने भी पंजाबवासियों की तरफ से पीएम मोदी का धन्यवाद किया है.

इन रेलवे स्टेशनों का होगा कायाकल्प

चंडीगढ़, कोटकपूरा, सरहिंद, फिरोजपुर कैंट, अबोहर, फाजिल्का, पठानकोट सिटी, गुरदासपुर, जालंधर कैंट, फिल्लौर, कपूरथला, लुधियाना, ढंढारी कलां, मानसा, पटियाला, आनंदपुर साहिब, रूपनगर, नंगल डैम, धूरी, संगरूर, मालेर कोटला, मुक्तसर रेलवे स्टेशनों का कायाकल्प किया जाएगा. इन रेलवे स्टेशनों पर सर्कुलेटिंग एरिया, वेटिंग हॉल, शौचालय, लिफ्ट, एस्केलेटर, स्वच्छता, मुफ्त वाई-फाई की व्यवस्था होगी. साथ ही रेलवे के बुनियादी ढांचे में महत्वपूर्ण बदलाव आएगा.

यूपी-राजस्थान के सबसे ज्यादा स्टेशन

आपको बता दें कि पंजाब के अलावा हरियाणा के 15, यूपी और राजस्थान के 55-55, बिहार के 49, महाराष्ट्र के 44, पश्चिम बंगाल के 37, एमपी के 34, असम के 32, ओडिशा के 25, गुजरात और तेलंगाना के 21-21, झारखंड के 20, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु के 18-18, कर्नाटक के 13 रेलवे स्टेशनों का नवीनीकरण किया जाएगा. रेलवे देशभर में लोगों का पसंदीदा परिवहन साधन है. ऐसे में में रेलवे स्टेशनों पर विश्व स्तर की सुविधाएं देने का प्रयास किया जा रहा है.

लाल अमरूद के 6 जबरदस्त फायदे जानकर हो जाएंगे हैरान|

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लाल अमरूद के सेवन से प्रोस्टेट कैंसर के खतरे को भी कम करने में मदद मिलती है.अमरूद ट्यूमर बनने की प्रक्रिया को रोकता है.

लाल अमरूद में पोटेशियम की काफी ज्यादा मात्रा पाई जाती है जो ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने में मदद करता है. बीपी के मरीजों के लिए लाल अमरूद फायदेमंद हो सकता है.

लाल अमरूद में खूब मात्रा में फाइबर पाया जाता है.इसमें पानी की भी मात्रा होती है.इससे कब्ज की समस्या दूर होती है, पाचन दुरुस्त होता है.

सफेद अमरूद की तुलना में लाल अमरूद में काफी ज्यादा मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं.जिसकी मदद से स्किन रोगों को दूर करने में मदद मिलती है.साथ ही स्किन कैंसर के खतरे को भी कम किया जा सकता है.

लाल अमरूद में विटामिन सी से भरपूर होता है.इसलिए अगर आप लाल अमरूद का सेवन करते हैं, तो इससे इम्यूनिटी मजबूत होती है.जिससे संक्रमण के चपेट में आने से बच सकते हैं.लाल अमरूद खाने से डायबिटीज में फायदा पहुंचता है.

दरअसल सफेद अमरूद की तुलना में लाल अमरूद में शुगर कम होता है जो ब्लड शुगर को कंट्रोल करने में मदद करता है.इसके अलावा इसे खाने से आयरन की भी कमी दूर होती है.

दूर रखें QR कोड को अब आसानी से आपका फोन कर लेगा स्कैन, पास जाने या Zoom-in की नहीं होगी जरूरत|

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Auto Zoom-in Feature for QR Scanner in Phones : आप सभी UPI पेमेंट जरूर करते होंगे. पेमेंट के दौरान आपको कई बार ये समस्या जरूर आई होगी कि जब आप दुकान से कोई सामान लेकर इसका भुगतान करने की कोशिश करते हैं तो मोबाइल दूर रखें QR कोड को स्कैन नहीं करता.

इसके लिए आपको या तो QR कोड को अपने पास मंगाना पड़ता है या फिर जूम इन का इस्तेमाल करना पड़ता है. लेकिन जल्द ये सब समस्या खत्म होने वाली है. दरअसल, गूगल एंड्रॉइड स्मार्टफोन में QR कोड स्कैनिंग को फास्ट और इजी बना रहा है ताकि लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े.

QR कोड स्कैनर को बेहतर बना रहा गूगल

कंपनी मशीन लर्निंग का इस्तेमाल करते हुए कैमरा फ्रेम में क्यूआर कोड का पता लगाने, ज़ूम इन करने और इसे स्वचालित रूप से पढ़ने के लिए नए फीचर पर काम कर रही है. फिलहाल ये अपडेट कुछ डेवेलपर्स के लिए उपलब्ध है जो लेटेस्ट API का हिस्सा है. एंड्रॉइड विशेषज्ञ मिशाल रहमान ने एक्स पोस्ट में बताया कि ऑटो-ज़ूम फ़ंक्शन नए बंडल किए गए एमएल किट बारकोड स्कैनिंग एपीआई लाइब्रेरी संस्करण 17.2.0 में उपलब्ध है जिसे ऐप्स में बनाया जा सकता है. साथ ही अनबंडल संस्करण 18.3.0 में भी इसे लाया जा सकता है जिसे Google Play Services डाउनलोड कर सकता है. एकऔर पोस्ट में उन्होंने लिखा कि ऐसा लगता है कि मेरी धारणा सही थी. Google पहले से ही इस नए ऑटो-ज़ूम फीचर के साथ एंड्रॉइड के क्यूआर कोड स्कैनर को अपग्रेड करने की तैयारी कर रहा है.

फिलहाल गूगल इस फीचर पर काम कर रहा है. हो सकता है कंपनी पहले इसे पिक्सल डिवाइसेस के लिए लॉन्च करे. इस विषय में सटीक जानकारी आने वाले समय में ही मिल पाएगी. फिलहाल यही अपडेट है कि कंपनी QR कोड स्कैनर को बेहतर बनाने पर काम कर रही है.

राजनांदगांव। जितेंद्र मुदलियार । जोन स्तरीय छत्तीसगढ़िया ओलंपिक खेलों के आयोजन में शामिल हुए युवा अध्यक्ष।

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मुख्‍यमंत्री भूपेश बघेल ने अपनी परंपरा पर गर्व का एक और अवसर दिया है –

जितेंद्र मुदलियार0 जोन स्‍तरीय छत्‍तीसगढि़या ओलंपिक खेलों के आयोजन में शामिल हुए युवा आयोग अध्‍यक्ष राजनांदगांव।

राजनांदगांव विधानसभा के ग्राम सिंघोला, सांकरा, भर्रेगांव और इंदामरा में अलग – अलग आयोजित जोन स्‍तरीय छत्‍तीसगढ़ ओलंपिक आयोजनों में छत्‍तीसगढ़ राज्‍य युवा आयोग अध्‍यक्ष जितेंद्र मुदलियार मुख्‍य अतिथि रहे। उन्‍होंने राजीव युवा मितान क्‍लब व खेल विभाग के तत्‍वावधान में संपन्‍न हो रही इन स्‍पर्धाओं की सराहना की। प्रदेश के पारंपरिक खेलों के लिए आयोजित छत्‍तीसगढि़या ओलंपिक के आयोजनों में शामिल होने पहुंचे युवा आयोग अध्‍यक्ष जितेंद्र मुदलियार का जगह – जगह युवाओं ने स्‍वागत किया। ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों ने भी उनका अभिवादन किया।

प्रतियोगिता का शुभारंभ करते हुए मुदलियार ने प्रतिभागियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि – मुख्‍यमंत्री भूपेश बघेल जी की मंशा रही है कि चहूं ओर हमारे प्रदेश की माटी, संस्‍कृति और परंपरा की खुशबू फैले। छत्‍तीसढि़या ओलंपिक का आयोजन भी इससे जुड़ी हुई एक कड़ी है। आज सियान, जवान से लेकर बच्‍चे तक इन प्रतियोगिताओं में हिस्‍सा ले रहे हैं और अपना हुनर साबित कर रहे हैं। आज से पहले ऐसा मौका उन्‍हें कभी मिला ही नहीं था। इस खेल ने लोगों को अपनी परंपरा पर गर्व का एक और अवसर दिया है जिसके लिए मैं मुख्‍यमंत्री का आभार व्‍यक्‍त करता हूं। इस दौरान युवा आयोग अध्‍यक्ष मुदलियार ने प्रतिभागियों के बीच पुरस्‍कार वितरण भी किया। खिलाडि़यों के प्रदर्शन देखने के बाद उन्‍होंने उनकी सरहाना की और प्रोत्‍साहित भी किया। उन्‍होंने खुद भी पारंपरिक खेलों में हाथ आजमाया। इस दौरान तुकज साहू, चेतन भानुशाली, राजिक सोलंकी, वीरेंद्र चंद्राकर, नरेश साहू, भगवान सोनकर, विक्‍की साहू, अमित कुशवाहा, आदित्‍या वैष्‍णव मौजूद थे। वहीं भर्रेगांव में आयोजन में सरपंच एकता चंद्राकर, बालू चंद्राकर, सत्‍यम चंद्राकर, चैतराम साहू, वीना साहू, गोपी चंद्राकर भी उपस्थित रहे।

इसी तरह सिंघोला में सरपंच डोमार साहू, मुक्‍कू, इंदामरा में सरपंच रेवती बाई वर्मा, महेश्‍वर वर्मा, डीहूदास, समारु साहू, ढालचंद साहू, पूनेंद्र साहू, योगेश्‍वर वर्मा, दिनेश वर्मा, ढालचंद साहू, घनश्‍याम दास साहू,अंगेश्‍वर वर्मा सहित अन्‍य ग्रामीणजन मौजूद रहे।

टमाटर ने फिर छलांग लगाई; दाल, आटा, जीरा व हल्दी के भाव बढ़े|

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आम आदमी पर महंगाई की मार लगातार पड़ रही है। टमाटर, जीरा के दाम बढ़ने से रसोई का जायका बिगड़ गया है। सब्जियों के बाद अब मसालों की कीमतों में तेजी आई है। तेल, हल्दी, दाल के रेट तेजी से बढ़ रहे हैं।

मसालों में सबसे अधिक जीरे की कीमत में तेजी आई है। एक माह की बात करें तो जीरा 250 रुपये महंगा हो गया है। एक माह पहले जीरा 500 रुपये किलो था, लेकिन अब 750 रुपये किलो पहुंच चुका है। वहीं, टमाटर 210 रुपये किलो बिक रहा है। बारिश के बाद महंगाई ने जो अंगड़ाई ली है उससे गरीब से मध्यम वर्ग के परिवारों का स्वाद और बजट बिगड़ चुका है।

शिमला मिर्च के रेट में सबसे अधिक बढ़ोतरी रही
सब्जी विक्रेता का कहना है कि बारिश व बाढ़ से फसलें खराब होने के कारण सब्जियों के रेट अचानक कई गुना तक बढ़े हैं। टमाटर, मटर, अदरक, शिमला मिर्च के रेट में सबसे अधिक बढ़ोतरी रही। प्याज 20 रुपये से अब 25 रुपये किलो बिक रहा है। दुकानदार बद्री ने बताया कि जगह-जगह पानी भरा होने के कारण दुकानों पर खाद्य सामग्री की सप्लाई नहीं पहुंच रही है। जीरा हर घर की आवश्यकता है। इसलिए जीरे और अन्य मसालों की मांग अधिक होने के कारण कीमतों में बढ़ोतरी हुई है। पिछले साल के मुकाबले दूध के रेट में भी 15 प्रतिशत तक वृद्धि हुई है। दही, मक्खन, पनीर, देसी घी के दाम में भी उछाल आया है।

खाद्य सामग्री की कीमत अब और पहले
खाद्य सामग्री पहले के दाम वर्तमान के दाम
जीरा 500 रुपये किलो 750 रुपये किलो
हल्दी 130 रुपये किलो 180 रुपये किलो
लाल मिर्च 250 रुपये किलो 300 रुपये किलो
चने की दाल 66 रुपये किलो 70 रुपये किलो
टमाटर 200 रुपये किलो 210 रुपये किलो
प्याज 20 रुपये किलो 25 रुपये किलो
शिमला मिर्च 150 रुपये किलो 100 रुपये किलो
दही 100 रुपये किलो 120 रुपये किलो
दूध 55 रुपये लीटर 70 रुपये लीटर
सरसों का तेल 120 रुपये लीटर 125 रुपये लीटर

शाहरुख खान की बेटी सुहाना गोवा में मना रही हैं वेकेशन, लेकिन दूसरी तस्वीर पर हो क्यों रही है चर्चा|

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Suhan Khan बॉलीवुड एक्टर शाहरुख खान की लाडली बेटी सुहाना खान हमेशा ही सुर्खियों में छाई रहती हैं। सुहाना जल्द ही बॉलीवुड में भी डेब्यू करने जा रही हैं। वह जोया अख्तर की फिल्म द आर्चीज में नजर आने वाली हैं।

इस फिल्म के साथ सुहाना सोशल मीडिया पर भी छाई रहती हैं। सुहाना को अगर पार्टी लवर कहा जाए तो ये गलत नहीं होगा। उन्हें अक्सर दोस्तों संग चिल करते देखा जाता है। ऐसे में अब एक बार फिर से उनकी कुछ तस्वीरें वायरल हो रही हैं। इन तस्वीरों में वह गर्ल गैंग संग वेकेशन एंजॉय करती नजर आ रही हैं, लेकिन दूसरी तस्वीर ने हर किसी की ध्यान खींचा। इस तस्वीर को देखने के बाद अब लोग जमकर रिएक्शन दे रहे हैं।

गोवा में इन दो खास के साथ छुट्टियां मना रही हैं सुहाना

सुहाना खान ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर अपनी लेटेस्ट फोटेज शेयर किए हैं। इन तस्वीरों में वह अपनी गर्ल गैंग के साथ नजर आ रही हैं। दरअसल, सुहाना इस वक्त गोवा में अपना वेकेशन मना रही हैं। सुहाना के साथ उनकी कजिन आलिया छिब्बर और फैशन स्टाइलिस्ट सुभी कुमार भी गोवा में हैं। तीनों लड़किया इस वक्त गोवा में फुल मस्ती करती दिख रही हैं। हर तस्वीर में उनका स्वैग देखने लायक है।

दूसरी तस्वीर ने खींचा लोगों का ध्यान

सुहाना खान ने एक साथ कई सारी फोटो पोस्ट की हैं। पहली तस्वीर में जहां सुहाना स्लीवलेस क्रॉप टॉप के साथ चश्मा लगाए नजर आ रही हैं। वहीं, दूसरी तस्वीर में एक स्ट्रीट डॉग की फोटो शेयर की है। तीसरी में सुहाना की स्माइल करती फोटो फैंस को दीवाना बनाने के लिए काफी है। वहीं आखिरी की दो तस्वीरों में वह अपने दोस्तों के साथ पोज देती नजर आ रही हैं। ऐसे में अब इन सभी फोटो को छोड़ फैंस दूसरी तस्वीर पर जमकर कमेंट्स कर रहे हैं।

टमाटर के बाद अब प्याज के भी बढ़ेंगे दाम, जानें कब और कितनी होगी बढ़ोतरी|

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मुंबईः तंग आपूर्ति के कारण प्याज की कीमत इस माह के अंत में खुदरा बाजार में बढ़ने की आशंका है और अगले महीने यह लगभग 60-70 रुपए प्रति किलो तक पहुंच सकती है। हालांकि, अक्टूबर से खरीफ की आवक शुरू होने पर प्याज की आपूर्ति बेहतर होगी, जिससे कीमतों में नरमी आने की उम्मीद है।

शुक्रवार को एक रिपोर्ट में यह कहा गया।  60-70 रुपए प्रति किलोग्राम तक पहुंच सकती हैं कीमतें क्रिसिल मार्केट इंटेलिजेंस एंड एनालिटिक्स की रिपोर्ट के अनुसार, ‘‘मांग-आपूर्ति में असंतुलन का असर अगस्त के अंत में प्याज की कीमतों पर दिखने की आशंका है। जमीनी स्तर पर बातचीत से जो जानकारी मिली है, उसके अनुसार खुदरा बाजार में सितंबर की शुरुआत से कीमतों में अच्छी-खासी वृद्धि होने की आशंका है और यह 60-70 रुपए प्रति किलोग्राम तक पहुंच सकती है। हालांकि, कीमत 2020 के उच्चतम स्तर से नीचे रहेगी।” त्योहारी महीनों में कीमतों में उतार-चढ़ाव दूर होने की उम्मीद रिपोर्ट में कहा गया है कि रबी प्याज के भंडारण और उपयोग की अवधि एक-दो महीने कम होने और इस साल फरवरी-मार्च में घबराहट के कारण बिकवाली से, खुले बाजार में रबी स्टॉक में सितंबर के बजाय अगस्त के अंत तक काफी गिरावट आने की आशंका है।

इससे प्याज की खपत में बढ़ोतरी होगी…।” रिपोर्ट में कहा गया है कि अक्टूबर से खरीफ की आवक शुरू होने पर प्याज की आपूर्ति बेहतर होगी, जिससे कीमतों में नरमी आने की उम्मीद है। इसमें कहा गया है कि त्योहारी महीनों (अक्टूबर-दिसंबर) में कीमतों में उतार-चढ़ाव दूर होने की उम्मीद है। इस साल जनवरी-मई के दौरान प्याज की कीमतों में गिरावट से उपभोक्ताओं को कुछ राहत मिली। हालांकि, इससे प्याज किसान खरीफ मौसम में बुवाई के लिये हतोत्साहित हुए।

वार्षिक उत्पादन 2.9 करोड़ टन होने की उम्मीद रिपोर्ट में कहा गया है, ‘‘इसको देखते हुए, हमारा मानना है कि इस साल रकबा आठ प्रतिशत घटेगा और प्याज का खरीफ उत्पादन सालाना आधार पर पांच प्रतिशत कम होगा। वार्षिक उत्पादन 2.9 करोड़ टन होने की उम्मीद है। यह पिछले पांच साल (2018-22) के औसत उत्पादन से सात प्रतिशत अधिक है।” इसलिए, कम खरीफ और रबी उत्पादन के बावजूद इस वर्ष आपूर्ति में बड़ी कमी की संभावना नहीं है। हालांकि, अगस्त और सितंबर में बारिश प्याज की फसल और उसके विकास को निर्धारित करेगी।

Meat And Fish Business Face Lose In Sawan: दो महीने के सावन से खतरे में पड़ी रोजी रोटी, कई दुकानें हुई बंद|

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Meat And Fish Business Face Lose In Sawan सावन का महीना शिव भक्ति का माह होता है. लेकिन इसकी वजह से कई लोगों की रोजी रोटी खतरे में पड़ रही है जिससे वे परेशान है. sawan 2023

 सावन में नॉनवेज मार्केट में नुकसान

बिलासपुर: इस बार दो महीने का सावन माह पड़ा है. चार जुलाई से शुरू हुआ सावन 30 अगस्त को खत्म होगा. इस दो महीने शिव भक्त भोले को याद कर उनकी पूजा पाठ में डूबे हुए हैं. व्रत और शाकाहार भोजन खाकर लोग शिव की पूजा अर्चना कर रहे हैं. इस दौरान कई ऐसे लोग है जिन्होंने सावन के महीने में मांसाहार खाना छोड़ दिया है. इससे मांस, मछली और अंडों की बिक्री में भारी कमी आई है. चिकन और मछली व्यापारियों को काफी नुकसान हो रहा है.

मांस मछली व्यवसायियों को 2 महीने का सावन पड़ा भारी: आमतौर पर सावन के महीने में मांस मटन का व्यवसाय मंदा होने लगता है. लेकिन इस साल पिछले साल की तुलना में ज्यादा फर्क पड़ा है. व्यवसायी बता रहे हैं कि इस बार बिक्री में 80 प्रतिशत की गिरावट आ गई है. लगभग हर साल सावन का महीना 30 दिनों का होता है. लेकिन इस बार 58 दिनों का सावन पड़ने के कारण ज्यादा नुकसान उठाना पड़ रहा है.

पिछले सावन और इस सावन में बिक्री में काफी अंतर: सावन से पहले बिलासपुर जिले में एक दिन में 50 से 55 टन चिकन की खपत होती थी, जबकि शहर में 22 से 25 टन चिकन बिकता था. लेकिन सावन में अब जिले में 15 टन और शहर में सिर्फ 5 टन चिकन बिक रहा है. मछली की बात करें तो पहले जिले में 12 से 15 टन मछली बिकती थी, शहर में 5 से 7 टन मछली लोग खा जाते थे लेकिन सावन में पूरे जिले में 5 टन और शहर में 15 से 20 क्विंटल मछली लोग खरीद रहे हैं. मटन की बिक्री में सामान्य अंतर आया है. मटन का रेट ज्यादा होने के कारण इसके लिमिटेड ग्राहक है जिनपर दाम बढ़ने का कोई खास असर नहीं पड़ रहा है.

क्या कहते है चिकन और मछली के व्यापारी: मछली और चिकन व्यापारी बताते हैं कि हर साल सावन के महीने में मांसाहार में 10 से 15 परसेंट की गिरावट आती थी, लेकिन इस बार 15 से 25 परसेंट की गिरावट आई हैं. आम दिनों के मुकाबले 20 प्रतिशत ही धंधा रह गया है.

पहले की अपेक्षा 25 प्रतिशत की कमी आ गई है. पहले पूरी एक गाड़ी चिकन की खपत होती थी. अब सिर्फ 8 से 10 जाली की बिक्री हो रही है. पहले 2 टन अब सिर्फ 8 से 10 क्विंटल की बिक्री होती है. मजहर खान, चिकन व्यापारी

सावन के कारण बिक्री में बहुत कमी हुई है. पहले जिले में हर रोज 40 से 50 टन चिकन की खपत होती थी, अब 15 से 20 टन की खपत हो रही है. डबल सावन के कारण बहुत नुकसान हो रहा है- मो.साहिल, चिकन व्यापारी

मछली व्यापारी भी परेशान: इसी तरह मछली के व्यवसाय से जुड़े व्यापारी भी परेशान है. ठीक से बिक्री नहीं होने के कारण मछली उत्पादन करने वाले किसान तालाबों से मछली नहीं निकाल रहे हैं. मछली उत्पादकों को नुकसान तो हो ही रहा है, साथ ही छोटे व्यापारियों को भी बड़ा नुकसान झेलना पड़ा रहा है.

धंधे में बहुत फर्क पड़ा है. सावन से पहले 100 पेटी या 4 टन मछली की खपत होती थी अब सिर्फ 1 से डेढ़ टन बिक रहा है. 80 प्रतिशत मार्केट खत्म है- अभी तो पूरा महीना बचा है- अजय कुमार, मछली व्यवसायी

सावन के कारण 80 प्रतिशत लोगों ने धंधा बंद कर दिया है. इस साल दो सावन है. पहला सावन किसी तरह गुजर गया. देखना होगा आगे क्या होगा- –सजल भद्र, मछली व्यवसायी

दो महीने के सावन में शिव भक्त भोले का उपासना करके खुश है तो मछली व्यापारियों को उम्मीद है कि कुछ लोग एक सावन मानते हुए दूसरे सावन में कुछ ढील देते हुए मछली जरूर खाएंगे. जिससे उनका व्यापार बढ़ेगा.